Dainik Jagran
NEET UG 2025 के लिए पटना सहित 35 शहरों में होगा परीक्षा केंद्र, NTA ने जारी की लिस्ट; 4 मई को एग्जाम
जागरण संवाददाता, पटना। देश व राज्य के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में स्नातक स्तरीय कोर्स में नामांकन के लिए एनटीए नीट यूजी 2025 (NTA NEET UG 2025) के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आवेदन के लिए सात मार्च तक https://neet.nta.nic.in/ पर लिंक उपलब्ध होगा। नीट यूजी 2025 का आयोजन चार मई को होना है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा केंद्र वाले शहरों की सूची जारी कर दी है। बिहार में पटना सहित 35 शहरों में परीक्षा के लिए केंद्र बनाए जाएंगे।
कहां-कहां होगी परीक्षा?इसमें पटना के साथ-साथ अररिया, आरा, अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, पश्चिमी चंपारण (बेतिया), कैमूर (भभूआ), भागलपुर, बक्सर, दरभंगा, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णिया, समस्तीपुर, रोहतास (सासाराम), शेखपुरा, सीवान, सुपौल, गया, वैशाली (हाजीपुर), मधुबनी, नालंदा, सीतामढ़ी व वैशाली शामिल हैं। आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को इन्हीं शहरों को केंद्र के लिए चयन करना होगा।
प्रश्न पत्र की भाषा का चयन आवेदन में करना होगा:नीट यूजी का आयोजन देश के 552 शहरों में होगा। देश के बाहर भी 14 शहरों में केंद्र बनाए जाएंगे। परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी। 13 भाषाओं में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
अभ्यर्थी आवेदन के दौरान जिस भाषा में प्रश्न पत्र का विकल्प देंगे, उन्हें उसी भाषा में उपलब्ध होगा। अंग्रेजी में प्रश्न पत्र सभी अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराया जाएगा। क्षेत्रीय भाषा के प्रश्न पत्र संबंधित राज्यों में ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
पटना साइंस कॉलेज में सहायक प्राध्यापक डॉ. अशोक कुमार झा ने बताया कि फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी से 180 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। फिजिक्स व केमिस्ट्री से 45-45 तथा बॉटनी व जूलॉजी से 45-45 प्रश्न होंगे।एनटीएन ने स्पष्ट किया है कि एक अभ्यर्थी सिर्फ एक आवेदन करेंगे। सूचना बुलेटिन में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र से नियमित अभ्यास जरूरी:प्रो. संतोष कुमार ने बताया कि परीक्षा में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए अब प्रतिदिन एक सेट को हल करना श्रेयस्कर होगा। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों से अभ्यास करें। प्रश्न हल करते समय परीक्षा में बरते जाने वाले सभी एहतियात का पालन करें।
एनटीए की वेबसाइट पर भी प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए जाते हैं। खुद को सकारात्मक रखते हुए प्रैक्टिस करें। एनसीईआरटी पुस्तकों में उपलब्ध कंटेंट को आधार बनाकर फॉर्मूला की सूची के साथ नियमित अभ्यास करें।
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Bihar News: सीएम नीतीश का चुनावी साल में 'मास्टर स्ट्रोक', कई जिलों में बनेंगे नए पुल और आरओबी
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के खाते में नए प्रोजेक्टों की भरमार कर दी है। आने वाले बजट में बिहार में नए पुलों के लिए बड़ी राशि का प्रविधान संभव है। अब तक जिन पुलों के निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई है वह डेढ़ हजार करोड़ रुपए है।
पूर्वी चंपारण जिले के लालबकेया नदी पर बलुआ गुआबारी के समीप 72.34 करोड़ रुपए की लागत से आरसीसी पुल का निर्माण कराए जाने को अनुमति मिली है। आरसीसी पुल के अतिरिक्त कई जगहों पर आरओबी के निर्माण के लिए भी प्रगति यात्रा के दौरान राशि की मंजूरी दी गयी है।
167 करोड़ रुपये से होगा आरओबी का निर्माणमुजफ्फरपुर के गोबरसही चौक के पास लेबल क्रॉसिंग संख्या 4 ए बदले आरओबी निर्माण को अनुमति दी गयी है। इस पर 167 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नाबार्ड ऋण परियोजना के तहत मुजफ्फपुर में बूढ़ी गंडक नदी पर सोडा गोदाम चौक से अहियापुर के बीच पहुंच पथ सहित आरसीसी पुल का निर्माण कराया जाएगा। इस पर 98.72 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
मुजफ्फरपुर में इसके अतिरिक्त 120 करोड़ रुपए की लागत से एक और पुल का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की देखरेख में किया जाएगा।
सारण में भी होगा आरओबी और फुट ओवर ब्रिज का निर्माणछपरा शहर में भिखारी ठाकुर ढाला पर नए आरओबी का निर्माण की घोषणा प्रगति यात्रा के दौरान की गयी है पर अभी यह तय नहीं हुआ है कि इस प्रोजेक्ट की राशि क्या होगी।
सारण मे ही गड़खा ढाला पर आरओबी सहित फुट ओवर ब्रिज निर्माण को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है। रामवगगर ढाला पर भी आरओबी सहित फुट ओवर ब्रिज बनाने को प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है। इन दाेनों प्रोजेक्ट का निर्माण भी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा कराया जाएगा।
मधुबनी में खजौली रेलवे स्टेशन से जयनगर रेलवे स्टेशन के बीच एक आरओबी का निर्माण कराया जाएगा। इस पर 178 करोड़ रुपए खर्च आएंगे। वहीं, समस्तीपुर के शिवाजी नगर प्रखंड में करेह नदी पर शंकरपुर घाट पर आरसीसी पुल बनाया जाएगा। इस पर 62 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
गंडक पर बनेगा आरसीसी पुल- खगड़िया जिले में बूढ़ी गंडक नदी पर रहीमपुर एवं खगड़िया बाईपास पथ के बीच आरसीसी पुल बनेगा। इसकी लागत 99 करोड़ रुपए है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को ही इसकी जिम्मेवारी दी गयी है।
- खगड़िया के अलौली प्रखंड में ही 63 करोड़ रुपए की लागत से एक आरसीसी पुल निर्माण को स्वीकृति है। सुपौल के सिमराही बाजार में एक फ्लौईओवर का निर्माण होना है। इसकी लागत 188 करोड़ रुपए है।
- प्रगति यात्रा के दौरान सीमांचल में भी कई जिलाें में पुल निर्माण को स्वीकृति दी गयी है। किशनगंज में कनकई नदी पर असुराघाट एवं निसंदरा घाट के बीच 48 करोड़ रुपए की लागत से पुल बनेगा।
- अररिया में 115 करोड़ रुपए के खर्च पर फारबिसगंज बथनाहा स्टेशन के बीच आरओबी बनेगा। कटिहार में 193 करोड़ की लागत से आरओबी बनेगा।
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Bihar Politics: बिहार की सियासी 'महाभारत' में किसे मिलेगा कृष्ण और अर्जुन का साथ? कांग्रेस नेता ने बताया
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिससे पहले सियासी गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत से उत्साहित NDA नेता बिहार में भी जीत का दावा कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी NDA नेताओं पर हमलावर है। हाल ही में बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने एनडीए को पांच पांडव बताया था, जिस पर कांग्रेस नेता की प्रतिक्रिया सामने आई है।
कृष्ण और अर्जुन महागठबंधन के साथकांग्रेस ने कहा है कि एनडीए के जो नेता स्वयं को पांडव बता रहे, उन्हें यह पता होना चाहिए कि कृष्ण और अर्जुन महागठबंधन के साथ खड़े हैं।
बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता और रिसर्च विभाग के अध्यक्ष आनंद माधव ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि बिहार रूपी द्रौपदी का चीरहरण करने वाले स्वयं को पांडव कह रहे। पहले पांचों एक साथ उठना-बैठना तो सीख लें।
अकेले लड़े तो विपक्ष के लायक भी नहीं रहेंगे : आनंद माधव- आनंद माधव ने कहा कि एक अकेला सब पर भारी और 400 पार का नारा लगा कर छाती ठोकने वाले लोग अब पांडव बन रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि बिहार में उनका चेहरा नहीं चलेगा।
- अकेले लड़ें तो शायद विपक्ष के लायक भी नहीं रहेंगे। आनंद माधव ने कहा कि इन्होंने बहुत दिनों तक जनता को छला पर अब बिहार की जनता और मूर्ख नहीं बनने वाली।
रविवार को दरभंगा के कर्पूरी चौक स्थित मेडिकल मैदान में एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन की अध्यक्षता जदयू के जिलाध्यक्ष गोपाल मंडल ने की। संचालन भाजपा उत्तरी के जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी मन्ना ने किया।
बीजेपी अध्यक्ष ने NDA को बताया पांडवएनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राजस्व और भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने एनडीए की तुलना पांडवों से की थी।
उन्होंने कहा कि एनडीए पांच पांडव है। उधर कौरव की सेना खड़ी है। जीत अंतत: पांडव की होगी, जिस पर अब कांग्रेस नेता की प्रतिक्रिया सामने आई है।
प्रदेश प्रवक्ता ने तेजस्वी यादव पर साधा निशानाभाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के जीत का क्रम थमने वाला नहीं है। बिहार विधानसभा चुनाव में भी एनडीए की प्रचंड जीत होगी।
अब भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने का समय आ गया है। बिहार सहित पूरे देश की जनता अब भ्रष्टाचारियों को सत्ता सौंपने को तैयार नहीं है।
भ्रष्टाचार को लेकर साधा निशानाराजनीति अब बदल चुकी है, जो विकास नहीं करेगा, उसके राजनीतिक भविष्य का नाश हो जाएगा। प्रभाकर ने कहा कि तेजस्वी यादव कहते हैं कि यह बिहार है, यहां दिल्ली की तरह नहीं चलेगा।
नेता प्रतिपक्ष के इस बयान का क्या निहितार्थ है, क्या बिहार के लोग भ्रष्टाचारियों को माफ कर देंगे? क्या बिहार के लोग विकास नहीं चाहते?
बिहार के लोग राजनीति चेतना से समृद्ध हैं। यहां के लोगों ने 2005 के पहले की बदहाली भी देखी है और एनडीए के शासनकाल में बिहार की खुशहाली भी देख रहे हैं। इसलिए तेजस्वी यादव किसी मुगालते में न रहें, यहां भी भ्रष्टाचारियों की करारी होगी।
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Bihar News: मिनटों में तय होगा दीघा से दीदारगंज का सफर, इस महीने से सड़कों पर दौड़ेंगी गाड़ियां
राज्य ब्यूरो, पटना। उप मुख्यमंत्री व पथ निर्माण मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि दीघा से दीदारगंज तक जेपी गंगा पथ को अगले महीने पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जेपी गंगा पथ के दीघा से कंगन घाट तक पूरा होने पर पटना के पूर्वी तथा पश्चिमी भाग के बीच आवागमन में सुगमता आई है।
अगले महीने तक काम पूरा करने का लक्ष्य- डिप्टी सीएम ने कहा कि जेपी गंगा पथ के कंगन घाट से आगे के पथांश में काफी तेजी से कार्य हो रहा है। इसे अगले महीने तक पूर्ण करने का लक्ष्य है, जिससे राष्ट्रीय उच्च पथ -30 से इसकी संपर्कता हो जाएगी।
- इससे पटना शहर में एक छोर से दूसरे छोर तक निर्बाध एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा। जेपी गंगा पथ के दोनों ओर हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिससे पटना शहर के पर्यावरण की स्थिति में भी सुधार होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी आगामी प्रगति यात्रा के तहत बक्सर जिले में आने वाले हैं। इसको लेकर नगर में व्यापक तैयारियां चल रही हैं, जिसमें रंग-रोगन और निर्माण कार्य जोर-शोर से किए जा रहे हैं।
रामरेखा घाट के समीप पर्यटन विभाग द्वारा 13 करोड़ रुपये की लागत से कैफेटेरिया, थियेटर और अन्य पर्यटकीय सुविधाओं का केंद्र बनाए जाने की योजना है, यह संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री इसका शिलान्यास करेंगे।
इस कारण यहां निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। घाट के रास्तों पर कंक्रीट की ढलाई का कार्य चल रहा है, जबकि दोनों रास्तों पर बालू और गिट्टी डालकर रास्ता बंद कर दिया गया है।
सोमवार को उमड़ी लोगों की भीड़सोमवार को मुंडन संस्कार का मुहूर्त था और इसके लिए श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ी थी। छोटे बच्चों से लेकर वृद्धों तक का आना-जाना लगा हुआ था, लेकिन मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया।
इससे पहले बालू और गिट्टी का ढेर रखा गया था। राजकीय पुस्तकालय के सामने से गंगा नदी के घाट पर जाने वाले दूसरे मार्ग की स्थिति भी कुछ वैसी ही थी। यहां पर बैरिकेडिंग तो नहीं की गई है, लेकिन कंक्रीट की ढलाई रात में की गई थी।
बाकी बचे स्थानों पर ढलाई का सामान रास्ते में रखा गया था। रात को हुई ढलाई और सुबह के समय रामरेखा घाट पर मुंडन संस्कार का आयोजन होने से लोग इस निर्माण कार्य पर चलते रहे।
घाट से बाहर निकलने के लिए बने तीसरे मार्ग लाइट एंड साउंड के पास में भी निर्माण कार्य जारी है, जहां सीढ़ियों पर लाल रंग की टाइल्स लगाई जा रही हैं।
वाहनों के प्रवेश पर रोकयहां भी रास्ते को बांस लगाकर बंद कर दिया गया है। इस दौरान, दूर-दराज से मुंडन संस्कार के लिए आए लोग पैदल चलकर रामरेखा घाट पहुंच रहे थे। वाहनों को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया गया था, जिससे घाट तक आने-जाने में गंभीर समस्याएं पैदा हो रही थीं।
महिलाएं बैरिकेडिंग के नीचे से घुसकर निकल रही थीं, जबकि पुरुष किसी तरह से बैरिकेडिंग के ऊपर से कूदकर चल रहे थे।
रामरेखा घाट में बनेगा मुख्य द्वाररामरेखा घाट मार्ग पर बन रहा है नया प्रवेश द्वार रामरेखा घाट जाने वाले मार्ग में नगर परिषद द्वारा लाल पत्थर से मुख्य द्वार बनाने की योजना है। इसके साथ ही सड़क को चौड़ा कर पक्की नाली के साथ कंक्रीट की ढलाई की जा रही है। पहले बना द्वार तोड़ दिया गया है और अब नए सिरे से एक नया गेट बनाने की तैयारी है।
फिलहाल, रामरेखा घाट तक जाने के लिए तीन मार्ग बनाए गए हैं, जिनमें से सभी मार्गों पर निर्माण कार्य जारी है। पीएचईडी कार्यालय के सामने से जाने वाले रास्ते पर पक्की नाली का निर्माण तेज गति से हो रहा है, जबकि राजकीय पुस्तकालय होते हुए घाट तक जाने वाले रास्ते पर कंक्रीट की ढलाई का कार्य चल रहा है।
मुख्य मार्ग पर कुछ समय पहले नाली बनाई गई थी, और अब यहां कंक्रीट की ढलाई हो रही है। मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाई गई है।
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Patna News: दानापुर में अचानक क्यों चला बुलडोजर? अधिकारियों को देखते ही मच गया हड़कंप; लोगों की एक न चली
संवाद सहयोगी, दानापुर। पटना जिले के दानापुर में अचानक नगर परिषद का बुलडोजर चलने लगा। सोमवार को नगर परिषद अतिक्रमण के विरुद्ध सगुना मोड़ से खगौल रोड में अभियान चलाया गया। दंडाधिकारी त्रिलोकीनाथ के साथ नगर प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह व कर्मी व अतिक्रमण हटाओ दस्ता पर सगुनामोड़ पहुंची।
वहां से खगौल रोड में अतिक्रमण हटाओ दस्ता उतरी और अतिक्रमण हटाने में जुटी रही। टीम को देख अतिक्रमण करने वालो में अफरातफरी मच गई। लोग सामान समेटने लगे। इस दौरान करीब 10 हजार रुपये आर्थिक दंड स्वरूप राशि वसूले गये।
अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जारी रहेगा एक्शनकार्यपालक पदाधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध जारी रहेगा अभियान नगर परिषद का हथौड़ा चलता रहेगा। आवश्यकतानुसार कार्रवाई तेज की जायेगी। नही सुधरने पर उनके विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी।
उन्होंने बताया कि इलाके में अतिक्रमण के कारण लोगो को जाम की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। कार्रवाई के बाद भी लोग अतिक्रमण करने से नहीं मान रहे। ऐसे लोगो को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
सासाराम में अतिक्रमण की सुस्त पड़ी कार्रवाई, नया ठिकाना ढूंढ़ ले रहे अतिक्रमणकारीरोहतास नगर निगम द्वारा गत एक पखवाड़ा से अतिक्रमण हटाने के लिए की जा रही कार्रवाई अब सुस्त पड़ने लगी है। अतिक्रमणकारी आए दिन नया ठिकाना ढूंढ निकाल ले रहे हैं। रौजा रोड में मछली मंडी मोड़ के समीप सड़क किनारे बांस बल्ला लगाकर व बैनर टांग वहां सब्जी की दुकान खोल दी गई है। सूचना के बाद भी नगर प्रशासन अबतक कोई कार्रवाई नहीं किया है।
वहीं नगर निगम द्वारा पुराना बस पड़ाव में बना वेंडिंग जोन में एक भी फुटपाथी व ठेले पर दुकानें नहीं लग रही हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों पर की जा रही कार्रवाई में आई सुस्ती के बाद रौजा रोड से लेकर धर्मशाला रोड में दोनों तरफ ठेला वालों से लेकर सड़क पर सामान पसार कर अतिक्रमण किए जाने से फिर यहां जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
कमोबेश यही आलम पुरानी जीटी रोड के दोनों तरफ धर्मशाला चौक व गौरक्षणी, बेदा नहर पुल तक का है। स्थानीय लोग बताते हैं कि प्रशासन एक दो दिन सुरक्षा कर्मियों के साथ हल्ला हंगामा कर अतिक्रमण हटवाता है, वहीं एक दो घंटे बाद स्थिति यथावत हो जा रही है।
शेरशाह सूरी गेट से लेकर सदर अस्पताल के मुख्य द्वार व मछली मंडी से लेकर सदर अस्पताल का पुराना गेट तक जाम की स्थिति बनी हुई है।
लोगों की मानें तो मोड़ पर बांस बल्ला लगाकर सड़क पर सब्जी की दुकान लगा प्रशासन को चुनौती दी गई है, बावजूद प्रशासन मौन है। स्थानीय कई दुकानदार बताते हैं कि अतिक्रमण से उनके व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है।
डीएम उदिता सिंह बताती हैं कि रौजा रोड व अन्य महत्वपूर्ण सड़कों की फुटपाथ को अतिक्रमणमुक्त रखने का निर्देश नगर निगम के अधिकारियों के साथ एसडीएम को भी दिया गया है। इसका हर हाल में अधिकारियों को अनुपालन करना होगा।
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Bihar News: बिहार में सभी DEO की पावर घटी, शिक्षा विभाग के एक्शन से मचा हड़कंप; इस वजह से लिया फैसला
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: बिहार में कुछ जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) द्वारा निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की संलिप्ता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा महत्वपूर्ण फैसला लिया है। विभाग ने विद्यालयों अथवा अन्य शैक्षणिक भवनों आदि किसी भी तरह के निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी से जिला शिक्षा पदाधिकारियों मुक्त कर दिया है।
हालांकि, यह आदेश इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद एक अप्रैल के प्रभाव से लागू होगा। अब सभी तरह के निर्माण कार्य बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम के माध्यम से ही कराया जाएगा।
स्कूली बच्चों के पठन-पाठन को दुरुस्त करने में डीईओ देंगे समयशिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक विभागीय स्तर पर जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में किसी भी तरह के निर्माण कार्य से सभी डीईओ को मुक्त किए जाने संबंधी दिशा-निर्देश दिया गया है। विभाग के इस फैसले से अब डीईओ द्वारा पूरा समय स्कूली बच्चों के पठन-पाठन को दुरुस्त कराने में दिया जाएगा।
50 लाख से नीचे का निर्माण कार्य डीईओ के हाथ में होता थावर्तमान में 50 लाख रुपये से अधिक की लागत के निर्माण बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम के माध्यम से कराया जाता है। वहीं, 50 लाख रुपये से कम के निर्माण कार्य जिला स्तर पर कराए जाते हैं। इसके लिए डीईओ के स्तर से विभिन्न एजेंसियों को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दी जाती है।
वहीं, छोटे-मोटे निर्माण कार्य, जिनमें अतिरिक्त कमरों, शौचालयों आदि का निर्माण शामिल हैं, उसे विद्यालय स्तर पर कराया जाता है।
इसके लिए विद्यालय शिक्षा समिति गठित है, जो इस पर निर्णय लेती है और निर्माण कार्य कराती है। अब, विद्यालय शिक्षा समिति द्वारा किया जाने वाला निर्माण भी बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम के माध्यम से होगा।
आउटसोर्सिंग से कार्यरत कर्मियों की होगी छुट्टीशिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिला और प्रखंड स्तर पर आउटसोर्सिंग पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को 31 मार्च, 2025 के बाद से हटाया जाएगा। विद्यालयों के निरीक्षण कार्य के लिए नियोजित किए गए कर्मचारियों को लेकर पदाधिकारियों की बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई है।
बैठक में कहा गया है कि एक महीने का नोटिस देकर 31 मार्च के प्रभाव से इन्हें हटाया जाएगा। हालांकि, इस संबंध में विभाग के स्तर से अभी आदेश जारी नहीं हुआ है।
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Bihar Weather Today: बिहार में अगले 48 घंटे में मौसम बिगड़ने का अलर्ट, पटना समेत इन जिलों में रहेगा प्रभाव
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार में उत्तर पछुआ हवा से मौसम में परिवर्तन जारी है। उत्तरी भागों में कोहरे का प्रभाव तो पटना सहित दक्षिणी भागों का मौसम शुष्क बना हुआ है। आने वाले समय में एक सप्ताह और लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती है। इस दौरान लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है।
अगले 48 घंटे में बढ़ सकती है ठंडमौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, अगले 48 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान में वृद्धि जबकि इसके बाद तापमान में गिरावट की संभावना है। चक्रवातीय परिसंचरण पूर्वोत्तर बांग्लादेश के आसपास बना हुआ है।
पटना समेत इन जिलों में दिख सकता है असरपटना, गया, बेगूसराय, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा में इस ठंड का असर दिख सकता है। बच्चों और बुजुर्गों सो सावधान रहने की सलाह दी गई है। क्योंकि, तापमान में अप-डाउन होने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
उत्तरी भागों में कोहरे का प्रभाव बना रहेगाइनके प्रभाव से उत्तरी भागों में कोहरे का प्रभाव बना रहेगा। पछुआ की गति में कमी आने के कारण सोमवार को पटना सहित अधिसंख्य शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस, जबकि 7.6 डिग्री सेल्सियस के साथ डेहरी रोहतास सबसे ठंडा रहा।
पटना का अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि 30.3 डिग्री सेल्सियस के साथ औरंगाबाद सबसे गर्म रहा। पटना व आसपास इलाकों में सुबह के समय पछुआ हवा के कारण हल्के ठंड का प्रभाव बना रहा। दिन में धूप निकलने के कारण मौसम सामान्य बना रहा।
भागलपुर में ठंड से जल्द मिलेगी राहतभागलपुर में 14 फरवरी के बाद ठंड खत्म होने की संभावना जताई जा रही है। पश्चिमी हवा की वजह से बीच में जाते ठंड पर विराम लग गया था। हालांकि, अभी अगले 48 घंटे में ठंड महसूस होगी। अब 14 फरवरी के बाद पूर्ण रूप से ठंड विदा हो जाने की संभावना बताई जा रही है। दिन में अब हल्की गर्मी महसूस होने लगी है।
हालांकि, शाम होते ही ठंड अभी है ऐसा महसूस होता है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डा. नेहा पारीक ने बताया कि अब धीरे धीरे ठंड समाप्त हो जायेगा। सुबह में हल्का कोहरा रह सकता है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 86 प्रतिशत आद्रता के साथ 4.5 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पश्चिमी हवा चल रही है। मौसम गर्म होता जाने का पूर्वानुमान है।
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Bihar Budget: 28 फरवरी से होगी बजट सत्र की शुरूआत, इस तारीख को सम्राट चौधरी पेश करेंगे बजट; जानें सब कुछ
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधान सभा का बजट सत्र 28 फरवरी से प्रारंभ होगा और 28 मार्च तक चलेगा। इस दौरान सरकार जहां आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेगी वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 का वार्षिक बजट भी पेश होगा।
सत्र के दौरान कुल 20 बैठकें होगी। मंत्रिमंडल से विधानमंडल के बजट सत्र की स्वीकृति के बाद इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
आदेश के मुताबिक सत्र के पहले दिन 28 फरवरी को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां दोनों सदनों को एक साथ संबोधित करेंगे। एनडीए सरकार की भावी योजनाओं और अब तक राज्य में किये गये विकास कार्यों के साथ चल रही योजनाओं की विस्तार से जानकारी देंगे। इसके अलावा पहले दिन ही राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेशों को सदन में पेश किया जाएगा।
28 फरवरी को ही सरकार सदन में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश करेगी। एक और दो मार्च को बैठक नहीं होगी। तीन मार्च को सदन में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया जाएगा। साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद और वाद-विवाद प्रस्तावित है।
एक नजर में अन्य दिनों की गतिविधियां- 4 मार्च - राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद एवं सरकार का उत्तर
- 5 मार्च - बजट पर सामान्य विमर्श
- 6 मार्च - बजट पर सामान्य विमर्श और सरकार का उत्तर व तृतीय अनुपूरक बजट का उपस्थापन
- 7 मार्च - बजट की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद तथा मतदान
- 10 मार्च - तृतीय अनुपूरक पर वाद-विवाद व सरकार का उत्तर, विनियोग विधेयक
- 11-13 मार्च - वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक के अनुदान मांगों पर वाद-विवाद तथा मतदान
- 14-16 मार्च- होली की वजह से बैठकें नहीं होंगी
- 17-21 मार्च- वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक के अनुदान मांगों पर वाद-विवाद तथा मतदान
- 24 मार्च - विनियोग विधेयक पर वाद-विवाद तथा सरकार का उत्तर
- 25 मार्च - राजकीय विधेयक व अन्य राजकीय कार्य
- 26 मार्च - गैर सरकारी सदस्यों के कार्य
- 27 मार्च - राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य
- 28 मार्च - गैर सरकारी सदस्यों के कार्य (गैर सरकारी संकल्प)
वहीं दूसरी ओर पटना में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा है कि 2025-26 के केंद्रीय बजट में बिहार को कुछ नहीं मिला। बजट में बिहार को बीमारू राज्य से बाहर निकालने की कोई योजना नहीं है।
वे सोमवार को राज्यसभा में केंद्रीय बजट पर वाद-विवाद के क्रम में अपना पक्ष रख रहे थे। डॉ. सिंह ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट को मीडिया में ऐसे प्रचारित किया गया जैसे बिहार को ही बजट में सब सौगात मिल गई। पर मिला क्या इस पर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने बिहार को हरियाणा और पंजाब बनाने की बात कही थी। बिहार को 1.80 हजार करोड़ रुपए के पैकेज की बात कही थी, जो आज तक नहीं मिला। देश के कुल जीडीपी में बिहार का योगदान आठ प्रतिशत था, जो आज मोदी सरकार के कार्यकाल में चार प्रतिशत रह गया है।
बिहार में सड़कों पर खर्च की दर 44 रुपया है, लेकिन राष्ट्रीय औसत 117 रुपए है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ने खुद अपने रिपोर्ट में स्वीकारा है कि बिहार में बाकी राज्य के अपेक्षा कृषि ऋण का भुगतान बेहद कम है।
नीति आयोग के रिपोर्ट को देखा जाए तो स्वास्थ्य, शिक्षा, औद्योगिकीकरण में हम या तो निचले पायदान पर हैं या अंतिम हैं। बिहार ने आपको लोकसभा में क्रमश: तीन चुनावों में 32, 39 और 30 सांसद दिए लेकिन बिहार के साथ सिर्फ छलावा किया गया।
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भारत-नेपाल सीमांकन की गड़बड़ी दूर करने के लिए होगा सर्वे, फिर से लगाए जाएंगे बॉर्डर पिलर
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में भारत-नेपाल के सीमांकन से जुड़ीं गड़बड़ियों को जल्द दूर किया जाएगा। इसके लिए सर्वे कर भारत-नेपाल की सीमा से जगह-जगह गायब हुए बॉर्डर पिलर फिर से लगाए जाएंगे। इसके अलावा सीमांकन के आसपास नो मेंस लैंड में अतिक्रमण पर भी प्रभावी कार्रवाई होगी। बिहार में भारत-नेपाल सीमा की लंबाई लगभग 633 किमी है।
दरअसल, पिछले दिनों भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर लखनऊ में उच्च अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें नेपाल सीमा पर बन रही सड़क और सीमा सुरक्षा को लेकर कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसमें बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, डीजीपी विनय कुमार के साथ ही एसएसबी के पटना सीमांत के महानिरीक्षक नैयर हसनैन खान भी शामिल हुए थे।
इसमें बताया गया कि पिछले कुछ सालों में गंडक समेत अधवारा समूह की नदियों की धारा में बदलाव, आपदा व अन्य कारणों से कई इलाकों का सीमांकन बदल गया है या अस्पष्ट हो गया है। इसमें बगहा के सुस्ता और नरसही इलाके की बात भी उठी जो कई साल पहले धारा बदलने के कारण नेपाल में चले गए थे और अब वहां नेपाल ने सड़क-पुल आदि का निर्माण भी शुरू कर दिया है।
इसके अतिरिक्त कुछ अन्य छोटे स्थान भी हैं, जिनका सीमांकन बदल गया है। इन दोनों इलाकों के सीमांकन को लेकर दोनों देशों के विदेश मंत्रालय के स्तर पर वार्ता किए जाने की बात कही गई है। उच्च अधिकारियों ने इसको देखते हुए ऐहतियातन भारत-नेपाल सीमा को तय करने वाले बॉर्डर पिलर को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया है, ताकि दोनों देशों की सीमा का अंतर पूरी तरह से स्पष्ट हो सके।
इस काम में स्थानीय जिला प्रशासन के साथ एसएसबी की टीम भी होगी। पूरी सीमा पर समुचित चौकसी के लिए एसएसबी के 13 बटालियन की तैनाती भी की गई है।
भारत-नेपाल सीमा पर सड़क लगभग तैयार:बैठक में जानकारी दी गई है कि भारत-नेपाल सीमा पर बनने वाली सड़क का काम लगभग 90 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व और कुछ पहाड़ी इलाकों को छोड़ दें तो यह सड़क भारत-नेपाल सीमा के करीब से गुजर रही है। बिहार में करीब 600 किमी लंबी सड़क बननी है, जिसमें बमुश्कित 70 से 80 किमी सड़क निर्माण बचा है। सड़क बनने के बाद इन इलाकों में आवागमन और बढ़ेगा, इसके लिए भी सीमांकन तय कर चौकसी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
सीसीटीवी-ड्रोन से निगरानी, 1150 अतिक्रमण हटाए गए:भारत-नेपाल की सीमा पर लगे बार्डर पिलर पर दोनों देशों की संयुक्त टीम गश्ती करती है। भारत की ओर से एसएसबी और नेपाल की ओर से नेपाल सशस्त्र पुलिस पेट्रोलिंग करती है। इसी तरह बार्डर पर लगे पिलर की देखरेख भी सम और विषम संख्या के आधार पर होती है।
सम संख्या यानी 2, 4, 6 वाले बॉर्डर पिलर के देखरेख की जिम्मेदारी भारत की है, जबकि 1,3,5 जैसे विषम संख्या वाले पिलर की जिम्मेदारी नेपाल की। एसएसबी के अनुसार, पिछले एक साल में भारत-नेपाल की सीमा पर करीब 1253 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से 1150 को हटाया जा चुका है। बाकी की प्रक्रिया जारी है।
भारत-नेपाल की सीमा पर पूरी चौकसी बरती जा रही है। इसके लिए सीसीटीवी और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जिन इलाकों में सीमांकन या अतिक्रमण की परेशानी है, वहां सर्वे कर गड़बड़ी दूर कराई जाएगी। - नैय्यर हसनैन खान, आईजी, एसएसबी, पटना सीमांत मुख्यालय
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Bihar Politics: 'कॉरपोरेट लॉबी के लिए नया राजनीतिक मॉडल ला रहे प्रशांत किशोर', JDU का पीके पर तंज
राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता एवं विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने कहा है कि जन सुराज के संरक्षक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) कॉरपोरेट लॉबी के लिए नया राजनीतिक मॉडल ला रहे हैं। जन सुराज पहली ऐसी राजनीतिक पार्टी है, जिसे एक एनजीओ के माध्यम से आर्थिक सहायता मिल रही है।
उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट घराना से उसी एनजीओ को चंदा मिलता है। फिर उस धन का उपयोग जन सुराज की राजनीतिक गतिविधियों के लिए किया जाता है।
'पीके को सबसे पहले जन सुराज को मिलने वाले धन...'नीरज कुमार ने सोमवार को यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पीके को सबसे पहले जन सुराज को मिलने वाले धन के बारे में बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि जन सुराज इस लिहाज से भी पहली पार्टी है, जिसके बैनर पोस्टर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम और फोटो नहीं रहता है।
उन्होंने कहा, रिकॉर्ड में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष सरत कुमार मिश्र हैं। वे नई दिल्ली में रहते हैं। महासचिव विजय साहू भी दिल्ली में रहते हैं। कोषाध्यक्ष अजीत सिंह सारण जिले के बनियापुर के निवासी हैं। यानी पार्टी के असली चेहरे से जन सुराज के लोग भी परिचित नहीं हैं।
डोनेशन पर जदयू प्रवक्ता का चौंकाने वाला दावाउन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में जन सुराज को धन देने वाले एनजीओ को 48 करोड़ से अधिक का चंदा मिला। इसमें अधिक 14 करोड़ रुपये देने वाली हैदराबाद की कंपनी की कुल संपत्ति छह करोड़ के करीब है। चंदा देने वाली अधिसंख्या कंपनियां आंध्र प्रदेश की हैं।
'ईस्ट इंडिया कंपनी के तौर तरीके...'जदयू के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि प्रशांत किशोर ईस्ट इंडिया कंपनी के तौर तरीके से काम कर रहे हैं। वह कारोबार के जरिए राजनीतिक सत्ता हासिल करना चाहते हैं। अगर वह बिहार का भला चाहते हैं तो उन्हें जन सुराज की आय का स्रोत सार्वजनिक करना चाहिए। संवाददाता सम्मेलन में जदयू नेता अजीत पटेल भी उपस्थित थे।
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रमण शुक्ला, पटना। दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Vidhan Sabha Chunav) में परचम लहराने के बाद अब भाजपा की नजर बिहार पर टिक गई है। पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार बिहार में सूक्ष्म प्रबंधन के साथ बिहार को साधने की जुगत में जुट गए हैं। संगठन को सुदृढ़ करके बिहार में सत्ता प्राप्त करने के लिए भाजपा आने वाले दिनों में कई नवाचार करने की तैयारी में है।
इसकी शुरुआत पहली बार 50 प्रतिशत से अधिक संगठनात्मक जिलों में जिलाध्यक्ष का दायित्व पिछड़ा-अतिपिछड़ा समाज के कार्यकर्ताओं को नेतृत्व देकर कर दी है। भाजपा के 52 संगठनात्मक जिलों में से 46 जिलों में अध्यक्ष का निर्वाचन पूरा कर लिया गया है। इसमें 25 से अधिक जिलों में भाजपा ने पहली बार पिछड़ा-अतिपिछड़ा समाज के कार्यकर्ताओं को जिलाध्यक्ष बनाया है।
225 सीटों का टारगेटपार्टी की आगे की रणनीति भी पिछड़ी जातियों की सोशल इंजीनियरिंग को आगे करके 2025 के विधानसभा चुनाव में 225 सीटों पर विजय का मार्ग प्रशस्त करने की है। इसी तरह का समीकण पार्टी ने बूथ से लेकर मंडल एवं जिला संगठन के अन्य पदों पर वंचित समाज के कार्यकर्ताओं को आगे करने की तैयार की है।
वहीं, संभव है कि अब गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ भी भाजपा नेतृत्व बढ़े हुए मनोबल के साथ सीटों के बंटवारे पर मोलभाव करेगी।
दरअसल, पार्टी स्थापना के 45 वर्ष में भाजपा हिंदी पट्टी की सभी राज्यों में अपने दमपर सत्ता प्राप्त कर चुकी, लेकिन एक मात्र बिहार ही ऐसा राज्य हैं जहां अभी तक कांग्रेस छोड दूसरे कई दलों को कंधे पर बैठाकर मुख्यमंत्री बनाती रही। इस लंबे कालखंड में भाजपा ने लालू यादव एवं नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए समर्थन दिया। अगर 1980 से पहले के दशक की बात करें तो जनसंघ (वर्तमान में भाजपा) काल में लोकनायक कर्पूरी ठाकुर एवं राम सुंदर दास को समर्थन देकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया।
मोदी-शाह युग स्वर्णिमप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पिछले एक दशक की बात करें तो बिहार के सत्ता में हनक और हस्सेदारी जरूरी बढ़ी है। विधानसभा अध्यक्ष एवं विधान परिषद सभापति की कुर्सी के साथ दो दो उपमुख्यमंत्री बनाने में भाजपा सफल रही। हालांकि इस दौरान कई प्रयोग एवं उतार चढ़ाव से भाजपा नेतृत्व जूझना पड़ा।
अब भाजपा के लिए अरसे बाद अनुकूल स्थिति बनती दिख रही है। दिल्ली की जीत में बिहार के मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जा रही है। इससे बिहार भाजपा के पक्ष में माहौल बनने की संभवना भी प्रबल हो गई है। इससे पहले केंद्रीय बजट में भी मोदी सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता में बिहार को रखा है। अब 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहार के सर्वाधिक संख्या वाले मतदाता वर्ग को किसानों को उपहार देने स्वयं आ रहे हैं।
इससे पहले भाजपा 12 फरवरी को संत रविदास जयंती पर पटना में बड़ा आयोजन करने जा रही है। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि वृहद स्तर मनाने की तैयारी है। लक्ष्य जाति आधार गणना के आंकड़ों को आधार बनाकर अति-पिछड़ा वर्ग के 36 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति के लगभग 20 प्रतिशत एक मुश्त मतदाताओं को साधने की है।
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Bihar News: बिहार के CBSE स्कूलों में दिखेगा बड़ा बदलाव, एक कक्षा में अब बैठेंगे सिर्फ इतने स्टूडेंट
जागरण संवाददाता, पटना। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एक क्लास के एक सेक्शन में छात्रों की संख्या निर्धारित कर दी है। अब कक्षा 1 से 12 वीं की प्रति सेक्शन में 40 विद्यार्थी ही पढ़ सकेंगे।
यह बदलाव आने वाले नए सत्रों से लागू किया जाएगा। सीबीएसई की ओर से जारी नियमावली में कहा गया है कि अब तीन वर्षों तक अनिवार्य रूप से कक्षा 1 के एक सेक्शन में 40 विद्यार्थियों का ही दाखिला होगा।
बोर्ड की ओर से जल्द ही स्कूल एफिलिएशन री-इंजीनियर्ड ऑटोमेशन सिस्टम (सारस) का नया वर्जन लांच किया जाएगा। इसके माध्यम से सत्र 2026-27 के लिए स्कूलों को एफिलिएशन विभिन्न कैटेगरी में दिया जाएगा। बोर्ड के सचिव हिमांशु गुप्ता ने कहा कि सारस के नए वर्जन के माध्यम से स्कूल सेक्शन बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
एप से पढ़ाई कर बेहतर कर रहे जिले के 34 स्कूलों के बच्चेवहीं जिले के सरकारी स्कूलों में ऐप से पढ़ाई कर रहे कक्षा चार से आठ तक बच्चों में काफी सुधार हुआ है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के पहल पर वर्तमान में जिले के 34 स्कूलों में वर्ग के अतिरिक्त एजुकेशन ऐप से पढ़ाई कराई जा रही है।
जिला शिक्षा कार्यालय के रिपोर्ट के अनुसार एजुकेशन ऐप से पढ़ाई करने पर विद्यार्थियों की हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय के पाठ्यक्रम को समझने और सवालों को हल करने में 60 प्रतिशत तक प्रगति हुई है।
इसमें जूनियर वर्ग के बच्चों में अक्षरों को पहचानने, रीडिंग और सही शब्द लिखने की क्षमता में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, कक्षा पांचवीं से आठवीं के बच्चों में गणित विषय में भी जोड़, घटाना, डिवाइड, मल्टिप्लाई के सही जवाब लिखने में भी 70 प्रतिशत तक प्रगति दर्ज की गई है।
इसके अलावा गणित के पाठ्यक्रम के सवालों को हल करने में भी 40 प्रतिशत बच्चों की रिपोर्ट बेहतर दर्ज की गई है। 34 स्कूलों की ओर से जिला शिक्षा कार्यालय को मिले रिपोर्ट के अनुसार ऐप और इंटरैक्टिव पढ़ाई से विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि भी बढ़ी है। इंटरैक्टिव क्लॉस में बच्चों की उपस्थिति 90 प्रतिशत तक दर्ज की गई है।
प्रोग्रेस रिपोर्ट बेहतर होने पर 65 स्कूलों में शुरू होगी ऐप से पढ़ाईविद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन और फीडबैक लेने के बाद 65 नए स्कूलों का चयन किया गया है। फिलहाल वैसे स्कूलों का चयन एजुकेशन ऐप से पढ़ाने के लिए किया गया है, जहां आईसीटी लैब की व्यवस्था है।
इन 65 स्कूलों के बच्चों को एजुकेशनल इनिशिएटिव्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से ऐप के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। माइंड स्पार्क नामक एप के माध्यम से 30 से 40 मिनट का शैक्षणिक सेशन प्रतिदिन आयोजित कराया जाएगा। इसमें विषय के शिक्षक और कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर भी मौजूद रहेंगे।
प्रत्येक स्कूलों को मिलेगा 8 से 10 टैबलेटएजुकेशन ऐप से पढ़ाई में सहूलियत को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को एजुकेशनल इनिशिएटिव्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से प्रत्येक स्कूलों में आठ से 10 टैबलेट भी मुहैया कराई जाएगी। चयनित स्कूलों की ओर से एजेंसी को स्कूलों के सभी शिक्षकों की सूची और विषय और नाम के साथ उपलब्ध कराई जाएगी।
सभी शिक्षकों का माइंड स्पार्क एप पर अपना लॉगिन आईडी और पासवार्ड होगा। बच्चों को पढ़ाने के साथ ही माइंड स्पार्क की टीम शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करेगी। एजुकेशनल ऐप से पढ़ाई से होने वाले फायदे और बच्चों की प्रगति की रिपोर्ट प्रतिदिन स्कूल प्रबंधकों को जिला शिक्षा कार्यालय में मुहैया कराना होगा।
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NEET UG 2025: नीट यूजी टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया में फिर बदलाव, NTA ने जारी किया इंफॉर्मेशन बुलेटिन
जागरण संवाददाता, पटना। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी 2025 के लिए टाई-ब्रेकिंग पद्धति में एक बार फिर बदलाव किया है। इसको लेकर एनटीए ने इंफॉर्मेशन बुलेटिन जारी कर दिया है। इसके तहत एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति परीक्षा में समान अंक प्राप्त करने वाले दो या दो से अधिक उम्मीदवारों के बीच टाई को ‘यादृच्छिक प्रक्रिया’ (रेंडम प्रक्रिया) के माध्यम से हल करेगी।
नीट यूजी परीक्षा में यदि दो या अधिक अभ्यर्थी समान अंक या प्रतिशत अंक प्राप्त करते हैं, तो एनटीए टाई को हल करने के लिए जीव विज्ञान-वनस्पति विज्ञान और प्राणि विज्ञान में उच्च अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को पहले रखेगी। इसके बाद भी अगर अंक एक ही रहा तो रसायन विज्ञान में उच्च अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता मिलेगा।
इससे भी हल नहीं निकलता है तो भौतिकी में उच्च अंक प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को आगे रखा जाएगा। इसके बाद परीक्षा में सभी विषयों में गलत उत्तरों और सही उत्तरों की संख्या का कम अनुपात वाला उम्मीदवार को रैंक में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद जीव विज्ञान में गलत उत्तरों और सही उत्तरों की संख्या के कम अनुपात वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।
- रसायन विज्ञान में गलत उत्तरों और सही उत्तरों की संख्या के कम अनुपात वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।
- भौतिकी में गलत उत्तरों और सही उत्तरों की संख्या के कम अनुपात वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।
- अगर इन सभी मामले के बाद भी हल नहीं निकलता है तो एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के मार्गदर्शन में रेंडम प्रक्रिया के माध्यम से हल किया जाएगा।
पिछले साल एनटीए ने टाइ-ब्रेकिंग विधि से आवेदन संख्या और आयु मानदंड हटा दिए थे, इसके तहत नीट अखिल भारतीय रैंक का फैसला उन मामलों में किया जाता था, जहां उम्मीदवारों ने सभी वर्गों में समान अंक प्राप्त किये थे। एनटीए ने टाई को हल करने के लिए सात-चरणीय विधि का उपयोग किया था।
इस साल, एनटीए ने मौजूदा मानदंड समाप्त होने पर टाई को हल करने के लिए एक अतिरिक्त नियम जोड़ा है। एनटीए ने कहा कि एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति (रेंडम प्रक्रिया) के माध्यम से टाई को हल करेगी।
चार मई को आयोजित होगी परीक्षा:परीक्षा चार मई को पेन और पेपर फॉर्मेट में आयोजित की जाएगी। पात्रता मानदंड पूरा करने वाले छात्रों को सात मार्च तक आवेदन करना होगा।
संशोधित नीट यूजी परीक्षा पैटर्न 2025 के अनुसार, प्रश्न पत्र में तीन भाग होंगे- भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान. प्रश्न पत्र में 180 अनिवार्य प्रश्न होंगे जिन्हें उम्मीदवारों को तीन घंटे में हल करना होगा। परीक्षा कुल 720 अंकों के लिए आयोजित की जाएगी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य सरकार ने प्रदेश में संचालित सरकारी फार्मेसी मेडिकल कॉलेज और संस्थानों के अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने फार्मेसी कॉलेजों के अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव सौंपा था। मानदेय बढने के बाद शिक्षकों को प्रति क्लास एक हजार रुपये के स्थान पर डेढ़ हजार रुपये मानदेय मिलेंगे।
राज्य सरकार विकसित बिहार के सात निश्चयों में शामिल 'अवसर बढ़े, आगे बढ़े' निश्चय के अंतर्गत प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के संसाधन मुहैया कराने के इरादे से काम कर रही है।
5 जिलों में फार्मेसी कॉलेज की स्थापनाइसके तहत प्रदेश क पांच जिलों सिवान, सासाराम, बांका, नालंदा एवं समस्तीपुर में एक-एक फार्मेसी कॉलेज की स्थापना की है। इन सभी फार्मेसी कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र भी प्रारंभ हो चुके हैं। फिलहाल इन संस्थानों में नियमित नियुक्ति नहीं हो पाई है।
नियमित नियुक्ति के लिए बन रही नियमावलीविभाग के अनुसार नियमित नियुक्ति की नियमावली का गठन किया जा रहा है, लेकिन संस्थानों में पठन-पाठन बाधित न हो और यहां पढने वाले छात्रों की कक्षाएं नियमित हो इसके लिए विभाग ने पठन-पाठन का जिम्मा वैकल्पिक रूप से अतिथि शिक्षकों को सौंपा है।
सरकार ने बढ़ाया मानदेयअतिथि शिक्षकों को फिलहाल सरकार की ओर से मानदेय के रूप में प्रति कक्षा एक हजार रुपये दिए जा रहे थे। यह राशि महीने में अधिकतम 35 हजार रुपये निर्धारित थी, जिसमें अब वृद्धि कर दी गई है।
मानदेय में वृद्धि के बाद अतिथि शिक्षकों को प्रति कक्षा 1500 रुपये दिए जाएंगे। यह राशि महीने में अधिकतम 50 हजार रुपये निर्धारित कर दी गई है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है।
बेगूसराय : टीएलएम मेला में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षक हुए पुरस्कृतपूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नौला एवं पर्रा संकुल में संकुल स्तरीय टीएलएम मेला का आयोजन किया गया। नौला संकुल का राजकीयकृत गांधी स्मारक प्लस टू विद्यालय नौलागढ़ में टीएलएम मेला का आयोजन किया गया। इसमें संकुलाधीन कुल आठ विद्यालयों ने हिस्सा लिया।
इसकी अध्यक्षता एचएम सह संकुल संचालक रोहित कुमार ने की और संचालन शिक्षक पुष्कर कुमार ने किया। इसमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय संस्कृत नौलागढ़ की शिक्षिका गौरी कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
शिक्षकों को किया गया सम्मानित।
वहीं दूसरे स्थान पर मध्य विद्यालय नौलागढ़ की शिक्षिका वर्षा कुमारी रहीं, जबकि तीसरे स्थान पर नवीन प्राथमिक विद्यालय, रामनगर नौला की शिक्षिका जिज्ञासा भारती रहीं।
कार्यक्रम के अंत में बीडीओ पंकज कुमार शक्तिधर, बीपीआरओ विभा रानी, बीआरपी रामानंद सिंह सहित अन्य अतिथियों ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया
पर्रा संकुल का उत्क्रमित हाईस्कूल पर्रा में एचएम सह संकुल संचालक मनोज कुमार झा की देखरेख में टीएलएम मेला का आयोजन किया गया। इसमें संकुल के विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी शिक्षकों के बीच बीईओ स्नेहलता वर्मा ने शील्ड, प्रशस्ति पत्र एवं कलम प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।
इसमें प्रथम पुरस्कार उत्क्रमित हाईस्कूल पर्रा के राजीव कुमार को, द्वितीय पुरस्कार मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर की सेजल सिंह को, जबकि तृतीय पुरस्कार एनपीएस सरौंजा दशईतर के मो. इरशाद अंसारी को मिला।
मौके पर बीआरपी खुशदिल कुमार, मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर के एचएम शंकर महतो, शिक्षक नीरज कुमार, शशि कुमार सहित कई शिक्षक मौजूद थे।
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जागरण संवाददाता, पटना। प्रदेश का मौसम पछुआ के प्रभाव से शुष्क बना हुआ है। उत्तरी भागों में हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाए रहने की संभावना है। जबकि पटना सहित शेष जिलों का मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार 72 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस वृद्धि होने के साथ धीरे-धीरे ठंड का प्रभाव कम हो जाएगा।
बांका रहा सबसे ठंडापछुआ की गति में कमी आने के कारण मौसम सामान्य बने रहने की संभावना है। रविवार को पटना सहित 21 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 6.8 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका सबसे ठंडा रहा।
वहीं पटना का अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस व 28.3 डिग्री सेल्सियस के साथ औरंगाबाद में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
इन जिलों में गिरा पाराछपरा, पुपरी व पूर्णिया को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। उत्तरी भागों में हल्के कोहरे का प्रभाव बना रहा, जबकि पटना सहित अन्य जिलों के मौसम शुष्क बना रहा।
वर्षा में कमी सामान्य से अधिक तापमान
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि इस माह में सामान्य से कम वर्षा की संभावना है। वहीं, अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बने होने के कारण ठंड में कमी आने के साथ गर्मी में वृद्धि की संभावना है।
मौसम में असामान्य बदलाव के कारण मुख्य तौर पर रबी फसलों पर इसका असर पड़ने की संभावना है। फरवरी के अंत तक तापमान में काफी होने पर जन जीवन के साथ कृषि पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
प्रमुख शहरों के तापमान में वृद्धि
औरंगाबाद के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री, डेहरी के अधिकतम तापमान में 2.2 डिग्री, बक्सर के अधिकतम तापमान में 3.7 डिग्री, अरवल के अधिकतम तापमान में 2.1 डिग्री, नालंदा के अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री।
गया के अधिकतम तापमान में 1.9 डिग्री, मधुबनी के अधिकतम तापमान में 3.2 डिग्री, किशनगंज के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री, भागलपुर के अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री, जमुई के अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री, पूसा के अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों का तापमान
- पटना- पटना में आज का अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- मुजफ्फरपुर- मुजफ्फरपुर में आज का अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- भागलपुर- भागलपुर में आज का अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- गया- गया में आज का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने को लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सुविधा आमजन को सहजता और सुलभता से मिल सके इसके लिए राज्य सरकार के आदेश पर राज्य में नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 794 स्वास्थ्य उप केंद्रों का निर्माण चल रहा है।
इनमें से बड़ी संख्या में निर्माण कार्य हो भी चुके हैं। शेष काम जल्द से जल्द पूरा हो सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक अरब से ज्यादा की राशि स्वीकृत की है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पूर्व स्वास्थ्य समिति की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और 15वें वित्त आयोग से मिली राशि के साथ ही राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली अंतर राशि से 123 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 130 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 794 स्वास्थ्य उप केंद्र के निर्माण का निर्णय लिया गया था।
इन योजनाओं की कुल लागत 1754.99 करोड़ थी। इसमें राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली अंतर राशि भी शामिल थी। अब सरकार ने इन अस्पतालों के लिए अंतर राशि 1 अरब 5 करोड़ रुपये के आसपास स्वीकृत कर दी है।
बता दें कि उक्त योजनाओं के निर्माण कार्य की निविदा बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम ने की थी। योजनाओं के निर्माण का काम आधारभूत संरचना निगम एवं भवन निर्माण विभाग के स्तर पर किया जा रहा है। सभी परियोजनाओं में चार दीवार, वर्षा जल संचय तथा सौर उर्जा का प्रविधान किया गया है।
निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 500 से अधिक जरूरतमंदों का किया गया चिकित्सीय परीक्षणदूसरी ओर सारण नगर पंचायत के जयगोविन्द उच्च विद्यालय परिसर में रविवार को स्वर्गीय केदार महाराज के पुण्यस्मृति में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन रोटरी क्लब ऑफ पटना शक्ति एवं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के सौजन्य से किया गया।
इसका उद्घाटन रोटरी की अध्यक्षा वंदना सिन्हा, इंडियन ऑयल के सेल्स मैनजर राहुल काल सहित रोटरी सदस्य जय प्रकाश टोडी, रवि खयाल सहित उपस्थित चिकित्सकों द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया।
इस अवसर पर जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पटना एवं आईजीआईएमएस पटना तथा पीएमसीएच पटना के प्रसिद्ध चिकित्सकों द्वारा 500 से अधिक मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
उक्त आयोजन में जनरल फिजिसियन एचओडी मेडिसिन डॉ. अखिलेश कुमार, नेत्र चिकित्सक डॉ. रामानुज सिंह, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. जुनैद आलम सहित कई विभागों के वरीय चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों को निःशुल्क परामर्श और दवा दी।
स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में प्रह्लाद महाराज, अतुल कौशिक उर्फ विकास महाराज, प्रो. कन्हैया सिंह एवं विधान पार्षद प्रतिनिधि तनुज सौरभ कृष्णा सिंह, संजय मालाकार ने महती भूमिका निभाई।
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Bihar News: अब बिहार में बेबी कॉर्न से किसान हो जाएंगे मालामाल, कृषि विशेषज्ञों ने बनाया धांसू प्लान
जागरण संवाददाता, पटना। किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के तत्वावधान में उन्हें बेबी कॉर्न उत्पादन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कृषि विशेषज्ञों की राय है कि रबी की फसलों को काटने के बाद किसान खेतों को खाली न छोड़ें। उसमें तत्काल बेबी कॉर्न की फसल लगा दें। जहां बेबी कॉर्न लगाना संभव नहीं हो वहां पर मक्का या मूंग की फसल लगाई जा सकती है।
किसानों की आय बढ़ाने का हो रहा प्रयासआत्मा के उप परियोजना निदेशक वृजेन्द्र मणि का कहना है कि आत्मा की ओर से किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।
इसके लिए जरूरी है कि किसान फसल चक्र अपनाएं। ऐसे में खेतों को खाली रखने से किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान होगा।
अगर किसान फसल चक्र अपनाएं तो उनकी आय में तीस से चालीस प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। गर्मी के दिनों में प्राय: किसान रबी की फसल काटने के बाद खेतों को खाली छाेड़ देते हैं।
इस तरह से भी बढ़ सकती है आय- अगर किसान उस समय मूंग की फसल खेतों में लगा दे तो उससे कम लागत में अच्छी पैदावार हो सकती है। फसलों की पैदावार बढ़ने से किसानों की आय बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।
- विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के दिनों में सब्जी की मांग काफी बढ़ जाती है। अगर सिंचाई की सुविधा हो तो किसान गर्मी के दिनों में सब्जी की फसल आसानी से लगा सकते हैं।
भभुआ में कृषि विभाग किसानों के खेतों की मिट्टी के स्वास्थ्य की जांच प्रयोगशाला में निशुल्क कर रहा है। मिट्टी के स्वास्थ्य जांच के उपरांत मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार अब तक 6671 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया गया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 में सभी प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत 10300 मिट्टी के नमूनों की जांच करने का लक्ष्य मिला हुआ है।
प्रयोगशाला में 9934 खेतों की मिट्टी का नमूना प्राप्त हुआ है। प्राप्त लक्ष्य के अनुसार अभी तक 6671 खेतों के मिट्टी के नमूनों की जांच का कार्य पूरा कर लिया गया है।
साथ ही किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी उपलब्ध करा दिया गया है। सहायक निदेशक रसायन नईम नोमानी ने बताया कि किसानों के खेतों की मिट्टी के नमूनों को एकत्रित कर प्रयोगशाला में नि:शुल्क जांच की जाती है।
यह जांच 12 पैरामीटर की होती है। इससे खेतों की मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी है इसके बारे में जानकारी मिल जाती है। जिसे किसानों को बताया जाता है। कमी को दूर करने के लिए भी किसानों को उपाय बताए जाते हैं।
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Bihar Crime News: संपत्ति विवाद के चलते चलते खून संघर्ष, वैशाली में बड़े भाई तो कैमूर में छोटे भाई की हत्या
जागरण टीम, पटना। बिहार में लगातार कई दिनों हत्या जैसी वारदात रुकने का नाम नहीं ले रही है। संपत्ति विवाद में भी आए दिन मर्डर की जानकारी मिलती है।
अब आलम यह है कि सगे भाई भी संपत्ति को लेकर हत्या करने से हिचक नहीं रहे। गत शनिवार की रात से लेकर रविवार की सुबह तक क्रमश: वैशाली के लालगंज के जलालपुर एवं कैमूर जिले के के सोनहन के तरहनी में ऐसी ही दो घटनाएं हुईं।
बड़े भाई व भाभी की जमकर पिटाई कर दीजलालपुर में एक मंदबुद्धि भाई को संपत्ति का हिस्सा हड़पने पर तुले युवक संजीत शुक्ला ने इसका विरोध करने पर बड़े भाई व भाभी की जमकर पिटाई कर दी।
इससे बड़े भाई सुभाष शुक्ला की मौत हो गई और भाभी प्रियंका देवी का पैर टूट गया। चीख पुकार सुनकर जुटे पड़ोसियों ने लालगंज थाने को सूचित किया और घटना के बाद फरार आरोपित की पत्नी चंचल देवी को पुलिस के हवाले कर दिया।
सदर एसडीपीओ गोपाल मंडल ने बताया कि स्वर्गीय बंगाली शुक्ला के तीन पुत्र हैं। इनमें एक मंदबुद्धि है, उसी के हिस्से की संपत्ति के विवाद में हत्या हुई है। पुलिस उसकी पत्नी से पूछताछ कर उसका ठिकाना पता कर रही है, शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
छोटे भाई को मार दी गोली- इधर, कैमूर जिले के सोनहन थाना क्षेत्र के तरहनी गांव में रविवार की सुबह मकान बनाने को मिट्टी खोदाई करा रहे युवक को उसके बड़े भाई ने रोका।
- वह नहीं माना तो उसने राइफल से छोटे भाई 45 वर्षीय संजय सिंह व भतीजे जयप्रकाश सिंह को गोली मार दी। जिससे छोटे भाई की मौत हो गई। भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया।
- एसपी हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि स्व. भज्जुराम सिंह के बड़े पुत्र आरोपित दिलीप सिंह, उसकी पत्नी मीना देवी और उसके दो पुत्र आनंद प्रकाश व राजा बाबू को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना में प्रयुक्त राइफल, 15 कारतूस व दो खोखा बरामद किया गया है। मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। घायल की पीठ में गोली लगी है, सदर अस्पताल से उसे बाहर रेफर किया गया है।
झगड़े की शुरुआत में आरोपित दिलीप सिंह का पुत्र हाथ में पिस्टल लेकर चाचा व चचेरे भाई को गोली मारने की धमकी दे रहा था। पिस्टल भी जब्त किया जाएगा। घटना के बाद पहुंची स्थानीय पुलिस के सामने भी आरोपितों ने फायरिंग की है।
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GST Amnesty Scheme: कारोबारियों को मिल रही बड़ी राहत, 31 मार्च 2025 तक कर सकते हैं आवेदन; यहां पढ़ें सब कुछ
राज्य ब्यूरो, पटना। Gst Amnesty Scheme 2025: वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के दौरान नोटिस प्राप्त कारोबारियों के लिए जीएसटी विभाग द्वारा संचालित एमनेस्टी योजना बड़ी राहत लेकर आई है।
इस योजना के अंतर्गत कारोबारियों को केवल बकाया टैक्स जमा करना होगा, जबकि ब्याज और जुर्माने से पूरी तरह छूट मिलेगी।
जीएसटी माफी स्कीम के लिए पंजीकृत कारोबारी अब 31 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि जीएसटी की शुरुआत से लेकर अभी तक के विवादों के समाधान के लिए यह योजना लाई गई है।
इसके अंतर्गत 2017-18 से 2019-20 के बीच के कर विवाद में कर की राशि का भुगतान करने से ब्याज और पेनाल्टी से छूट दी जा रही है।
वाणिज्य-कर विभाग को आशा है कि इस स्कीम से कर विवाद का समाधान होगा और सरकार को लगभग एक हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं कारोबारियों को भी ब्याज और पेनाल्टी से मुक्ति मिल जाएगी।
नए सत्र से पॉलिटेक्निक संस्थानों में नवाचार और उद्यमिता की होगी पढ़ाईवहीं दूसरी ओर राज्य के सभी 48 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में नये शैक्षणिक सत्र से नवाचार और उद्यमिता के बारे में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाएगा। इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है। इससे करीब 42 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने नवाचार और उद्यमिता की पढ़ाई के साथ-साथ ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल को भी उद्योग सेक्टर से जोड़े जाने का निर्देश प्राचार्यों को दिया है। उद्यमिता एवं नवाचार को बढ़ावा देने हेतु राज्य के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों को भी निर्देश दिया गया है।
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आईआईटी, पटना एवं बीएचयू, वाराणसी के प्राध्यापकों एवं औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की मदद से पॉलिटेक्निक संस्थानों के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
इसके लिए प्रत्येक पॉलिटेक्निक संस्थान में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल को औद्योगिक सेक्टर से जोड़ने की कार्यवाही शुरू की जा रही है।
इन विशेषज्ञों द्वारा छात्र-छात्राओं को संवाद कौशल, साक्षात्कार कौशल और प्रजेंटेशन कौशल के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा लागू बिहार स्टार्टअप पॉलिसी के तहत नये उद्यम लगाने के आइडिया पर काम किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं को स्वतंत्र उद्यम लगाने की प्रेरणा मिल सके।
प्रत्येक पॉलिटेक्निक में होगा स्टार्टअप सेलविभाग द्वारा सभी पॉलिटेक्निक संस्थान और इंजीनियरिंग कॉलेज को स्टार्टअप सेल बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके माध्यम से निरंतर छात्र-छात्राओं को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसमें उद्योग विभाग से भी मदद ली जाएगी। छात्र-छात्राओं को उनके स्टार्टअप को लेकर आइडिया स्टेज और बिजनेस मॉडल के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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Bihar Politics: छोटी-छोटी कड़ियों को जोड़ने में जुटा राजद, 2025 के चुनाव को लेकर ऐसी है पार्टी की रणनीति
जागरण संवाददाता, पटना। पिछड़ा व अति-पिछड़ा वर्ग पर केंद्रित हो चुकी बिहार की राजनीति मेंं इन दिनों कम जनसंख्या वाली जातियों को साधने का उपक्रम चल रहा है।
लोकसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ यह उपक्रम विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत रैलियों-सभाओं के माध्यम से आगे बढ़ रहा। ऐसी ही एक रैली (तेली हुंकार रैली) रविवार को राजद विधायक रणविजय साहू के नेतृत्व में हुई।
यहां हुआ राजद को नुकासन- तैलिक समाज के बीच कभी राजद की गहरी पैठ हुआ करती थी। बाद में यह समाज बहुलता में भाजपा का पक्षधर हो गया।
- ऐसी ही कई दूसरी जातियां भी हैं, जिनकी प्रतिबद्धता स्थायी रूप से किसी एक दल के साथ नहीं रही है। समय और संयोग के आधार पर इनका रुख बदलता रहा है, लेकिन जीत-हार में भूमिका निर्णायक होती है।
कभी माय (मुसलमान-यादव) समीकरण के साथ जुड़कर ये जातियां राजद को दमदार बनाए हुए थीं। इनके बिदकने-बिखरने से उसका वर्चस्व कमजोर पड़ गया। अब एक बार फिर इन्हें जोड़ने की पहल हो रही।
बिहार में कुछ जातियों की दलीय प्रतिबद्धता है तो कई तटस्थ हैं। चुनावी काल में इन तटस्थ जातियों को जोड़ने-तोड़ने के उपक्रम का बढ़ जाना स्वाभाविक है।
लोकसभा चुनाव मेंं राजद को मिली सफलता में यह प्रयोग महत्वपूर्ण कारक रहा है। पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित कुशवाहा समाज उसके लिए प्रतिबद्ध नहीं माना जाता, लेकिन टिकट के बंटवारे में महत्व मिला।
बदले में राजद को एक सीट मिल गई। उसके चार सांसदों मेंं से एक अभय कुशवाहा इसी समाज से हैं। राजद ने इस उपकार का बदला लोकसभा में अभय को पार्टी का नेता बनाकर चुकाया और अंदरखाने तय किया कि विधानसभा चुनाव में यह क्रम आगे बढ़ेगा।
सरकार की गणना के अनुसार, बिहार में अति-पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या 36 प्रतिशत है। इसमें तैलिक समाज की हिस्सेदारी सर्वाधिक (2.81 प्रतिशत) है।
रविवार की रैली वस्तुत: समाज की थी, इसीलिए दलीय बाध्यता को दरकिनार कर जुटान हुआ। इसके बावजूद मुख्य वक्ता विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहे, जो पूरे भाषण के दौरान एक-दूसरे (राजद और तैलिक समाज) के सहयोग से आगे बढ़ने का आह्वान करते रहे।
पांच-छह प्रतिशत अतिरिक्त मत जुटाने के फिराक में राजदपुराने दिनों के साथ-संबंध की दुहाई देते हुए कुछ ऐसा ही आह्वान उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती समारोह मेंं भी किया था। जननायक इसी समाज के प्रतिनिधि चेहरा थे।
जनसंख्या में डेढ़ प्रतिशत से कुछ अधिक की हिस्सेदारी वाला नाई समाज उस पचपनिया का अंश है, जो मिथिलांचल और पूर्वी भाग में विधानसभा की तीन दर्जन से अधिक सीटों के समीकरण को प्रभावित करता है।
इस बार राजद की मंशा पिछले चुनाव की तुलना में पांच-छह प्रतिशत अतिरिक्त मत जुटाने का है, ताकि तटस्थ मतदाताओं के रुख से प्रभावित होने वाली सीटों पर जीत की संभावना प्रबल हो।
2020 में महागठबंधन को राजग के बराबर ही वोट मिले थे, लेकिन सीटों में 15 का अंतर हो गया। 37.26 प्रतिशत वोट के बूते राजग 125 सीटें पा गया, जबकि 37.23 प्रतिशत वोट और 110 सीटें लेकर महागठबंधन सत्ता से दूर रह गया।
आगे अतिरिक्त मतों को जोड़कर सत्ता से इस दूरी को पाटा जा सकता है। बड़ी जनसंख्या वाली जातियों की राजनीतिक प्रतिबद्धताएं हैं, लिहाजा संभावना छोटे समूहों के बीच ही बची है।
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