Dainik Jagran
Bihar Politics: 'ब्लैक होल में चला गया है महागठबंधन', पटना पहुंचे मंत्री भूपेंद्र यादव ने कसा तंज
राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव सोमवार को पटना पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बीआईए सभागार में सोमवार को मोदी सरकार के 2025-26 के बजट पर पत्रकारों से बातचीत की।
उन्होंने बजट में बिहार के लिए मखाना बोर्ड के गठन, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट एवं अन्य उपलब्धियां को लेकर खुशी व्यक्त की और सरकार की उपलब्धियां गिनाई।
महागठबंधन को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि महागठबंधन अब ब्लैक होल में चला गया है। यादव ने कहा कि बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव में फिर से राजग की सरकार बनेगी।
ब्लैक होल में चला गया महागठबंधनराजद सुप्रीमो लालू यादव के बयान पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब महागठबंधन ब्लैक होल में चला गया है। पहले वे हमारे खिलाफ थे। अब हम एक दूसरे के खिलाफ हो गए हैं।
सोमवार को बीआईए में आयोजित बजट परिचर्चा और बाद में पत्रकार वार्ता में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बार मोदी सरकार ने ऐतिहासिक बजट पेश किया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत और उन्नत बिहार का सपना बजट से साकार होगा। विपक्ष को अगर बजट में बिहार नहीं दिख रहा है तो ये उनका नजरिया है। अगर उन्हें नहीं दिख रहा है तो जनता भी उन्हें नहीं देखेगी।
यह भी पढ़ें-
Land For Job Scam: जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में सुनवाई टली, CBI ने मांगा समय
राज्य ब्यूरो, पटना। लालू प्रसाद के रेल मंत्री होते हुए जमीन के बदले नौकरी मामले में सोमवार को सीबीआइ ने अदालत मांगे गए कुछ स्पष्टीकरण पर जवाब देने के लिए कुछ अतिरिक्त समय की मांग की।
इसके बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज की कार्रवाई 21 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी। मामले की अगली सुनवाई 21 को होगी।
दो अधिकारियों के खिलाफ केस चलाने की मिली थी अनुमति- बता दें कि इससे पूर्व सात फरवरी को यह सुनवाई स्थगित कर दी गई थी। जबकि इससे पहले 30 जनवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई को दो अधिकारियों के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दी थी।
- इनमें एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी आरके महाजन भी शामिल हैं। महाजन उस समय रेलवे बोर्ड में थे जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे।
- जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू परिवार के पांच सदस्य आरोपी हैं। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव,पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद की पुत्री मीसा भारती, हेमा यादव के नाम हैं।
यह है मामला
दरअसल, बात वर्ष 2004 से 2009 के बीच की है। तब राजद प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे।
आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते बगैर किसी विज्ञापन के कई लोगों को रेलवे में नौकरियां दी गईं।
इसके साथ यह भी आरोप है कि नौकरी देने के बदले उनसे या उनके परिवार के सदस्यों से लालू प्रसाद ने उनकी जमीनें अपने परिवार के नाम पर लिखवा ली। इस मामले की जांच बाद में सीबीआई ने शुरू की थी।
इससे पहले, जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में 16 जनवरी, 2025 को सुनवाई हुई थी। तब भी सुनवाई को 30 जनवरी 2025 तक के लिए टाल दी गई थी।
तब अदालत ने इस केस में संलिप्त अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति के लिए दो सप्ताह का समय दिया।
अदालत ने कहा कि अगर 30 जनवरी तक मंजूरी नहीं ली जाती है, तो सक्षम अधिकारी अगली सुनवाई की तारीख तक लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करेंगे।
इन आरोपियों पर मुकदमा चलाने की मिली थी अनुमतिमामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि अभी मामले में आरोपित आर के महाजन के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी लेने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इससे पहले अदालत ने इस घोटाले से जुड़े दस्तावेज को रिकॉर्ड पर लिया था। सीबीआई ने अदालत को सूचित किया था कि मामले में 30 आरोपितों पर मुकदमा चलाने के लिए संबंधित अधिकारियों से प्राप्त आवश्यक मंजूरी प्राप्त कर ली गई थी।
यह भी पढ़ें-
बिहार में SLBC की बैठक आज, सीडी रेशियो और किसान क्रेडिट कार्ड सहित कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
राज्य ब्यूरो, पटना। बैंकों के सहयोग के बिना कोई अर्थव्यवस्था मजबूत हो ही नहीं सकती। आर्थिक संभावनाओं का आकलन करने के साथ बैंक ऋण आदि के रूप में जो सहयोग करते हैं, उसका लेखा-जोखा राज्य-स्तरीय बैंकर्स समिति रखती है। इस समिति की बैठक प्रति तिमाही होती है।
एक साथ होंगी तीन तिमाही बैठकसोमवार को एक साथ तीन तिमाही (90वीं से 92वीं) की बैठक होनी है। नाबार्ड के राज्य फोकस पेपर को लांच करते हुए उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा बैंकों के प्रति जताए गए क्षोभ से स्पष्ट होता है कि बिहार में साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) सरकार की अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।
अभी यह 60 प्रतिशत से कम ही है, जबकि सरकार को बैंकों से इससे अधिक की अपेक्षा थी। एसएलबीसी राज्य में बैंकरों की सर्वोच्च संस्था है। प्रति तिमाही इसकी बैठक की परंपरा रही है।
संस्थागत ऋण की समीक्षा के अलावा तिमाही बैठकों में राज्य के आर्थिक विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती है। वित्त विभाग के नेतृत्व में संबंधित विभागों के साथ होने वाली उस चर्चा में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
डिप्टी सीएम ने बैंकों को दी चेतावनी- वर्ष 2023-24 के अंतिम तिमाही की बैठक 2024 के जून में हुई थी। वह 88वीं और 89वीं एसएलबीसी की संयुक्त बैठक थी।
- उसमें वर्ष 2023-24 के दिसंबर और मार्च तिमाही के लक्ष्य और लक्ष्य प्राप्ति पर चर्चा हुई थी। सम्राट चौधरी ने तब भी बैंकों को लक्ष्य के अनुरूप प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।
बैंकों ने भरसक प्रयास भी किया, लेकिन एनपीए की आशंका में वे कई अवसरों पर संकोच कर गए। व्यावसायिक बैंकों द्वारा ऋण देने में आनाकानी के कारण ही राज्य में एनबीएफसी और एमएफआइ लेंडिंग बढ़ रही है। कृषि व सहवर्ती क्षेत्र में बैंकों का ऋण कम हो रहा है और एनबीएफसी और एमएफआइ की उपस्थिति बढ़ रही है।
प्रदेश में केवल 13 लाख किसान क्रेडिट कार्ड धारक- उनका खाता भी एनपीए नहीं हो रहा। ऐसे में बैंकों को यह विचार करने की सलाह दी जाएगी कि उनके प्रयास में कहां और क्या कमी रह जा रही।
- इस कमी का एक उदाहरण किसान क्रेडिट कार्ड है। बिहार में 1.61 करोड़ किसान हैं, लेकिन सक्रिय रूप से किसान क्रेडिट कार्ड धारकों की संख्या मात्र 13 लाख है।
- चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक 5.50 लाख किसान ही केसीसी से लेन-देन किए। यह स्थिति तब है, जबकि केंद्र सरकार ने केसीसी की अधिसीमा को तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दी है।
ये भी पढ़ें
Bihar Weather: बिहार में 24 घंटे में फिर बदलेगा मौसम, IMD ने जारी किया अलर्ट; बढ़ेंगी लोगों की मुश्किलें
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather: प्रदेश का मौसम पछुआ के कारण शुष्क बना हुआ है। न्यूनतम व अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर है। तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) पर्वतीय इलाकों को प्रभावित करेगा।
पहाड़ी इलाकों में बूंदाबांदी की संभावनाएक चक्रवातीय परिसंचरण का क्षेत्र हरियाणा व इसके आसपास बना हुआ है। इनके प्रभाव पर्वतीय इलाकों पर बर्फबारी व मैदानी इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।
पर्वतीय इलाकों से आने वाली सर्द पछुआ हवा का प्रवाह प्रदेश में होने से 24 घंटे बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में गिरावट आने से सुबह-शाम के दौरान ठंड में हल्की वृद्धि की संभावना है।
सामान्य से 99 फीसदी कम बारिशमौसम विज्ञानी एसके पटेल के अनुसार, इस बार प्रदेश में व्यापक रूप से ठंड में कमी रहने का कारण पश्चिमी विक्षोभ का मजबूत नहीं होना और वर्षा की कमी रही।
एक जनवरी से 16 फरवरी तक प्रदेश में सामान्य से 99 फीसदी कम बारिश हुई है। इसके कारण तापमान अपने सामान्य से ऊपर बने होने के साथ मौसम में बदलाव की स्थिति जारी है।
किसानों को सलाहमौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए किसान भाईयों को सलाह दी गई है कि गेहूं फसल के लिए पटवन का सही समय है।
बांका में दर्ज हुआ सबसे कम तापमानबीते 24 घंटों के दौरान पटना सहित 27 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री वृद्धि के साथ 14.6 डिग्री सेल्सियस रविवार को दर्ज किया गया। 8.8 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
औरंगाबाद और भोजपुर रहा सबसे गर्मप्रदेश का न्यूनतम तापमान 10-16 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा, जबकि पटना सहित अधिसंख्य शहरों के अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा। पटना का अधिकतम तापमान 1.3 डिग्री वृद्धि के साथ 28.4 डिग्री सेल्सियस व 29.6 डिग्री सेल्सियस के साथ औरंगाबाद व भोजपुर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
प्रमुख शहरों का तापमान शहरअधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में )
न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) पटना 28.4 14.6 गया 28.9 11.6 भागलपुर 27.7 12.4 मुजफ्फरपुर 25.8 14.7 अरवल : तापमान में अस्थिरता से फसल को नुकसान
जिले में दो हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है। इस साल विपरीत मौसम और अधिक तापमान रहने से गेहूं के पिछात पौधे का विकास नहीं हो सका है, जिससे हल्के और छोटे दाने बनने की आशंका है।
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार के अनुसार गेहूं की बुआई के लिए उपयुक्त समय 25 दिसंबर तक होता है। इस अवधि में की गई बुआई से आमतौर पर पौधों की लंबाई 2 से 4 फुट तक होती है, लेकिन इस बार 15 दिसंबर के बाद बोए गए गेहूं के पौधे अपेक्षाकृत छोटे रह गए हैं।
गेहूं की फसल को नुकसान।
इनकी लंबाई दो फुट से भी कम हो गई है। गेहूं की अच्छी वृद्धि के लिए रात में ओस और दिन में चमकदार धूप आवश्यक होती है। इससे पौधों में भरपूर कल्ले निकलते हैं। फसल के विभिन्न चरणों में अलग-अलग तापमान की आवश्यकता होती है।
इस बार तापमान में अस्थिरता ने फसल को नुकसान पहुंचाया है। गेहूं की अच्छी उपज के लिए अधिकतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस से कम नहीं होना चाहिए। जनवरी माह में जिले में अधिकतम तापमान 27 डिग्री तक पहुंच गया था। न्यूनतम तापमान भी 13 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था।
फरवरी में भी अधिकतम तापमान 28 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया जा रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 से 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है
Bihar Board 10th Exam: मैट्रिक की परीक्षा आज से, एक दिन पहले जारी हुई नई गाइडलाइन; ध्यान से पढ़ लें छात्र
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) द्वारा आयोजित मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा सोमवार से शुरू होगी।
परीक्षा में राज्य भर से 15.85 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा संचालन के पूरे बिहार में 1,677 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
पटना में यह परीक्षा 73 केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें जिले से 71,669 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। परीक्षार्थियों को परीक्षा हाल में जूता-मोजा पहनकर आने पर रोक लगा दी गई है।
सभी परीक्षा केंद्रों के पास धारा 144 लागूसभी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की दो स्तर पर जांच की जाएगी। तीन स्तर पर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले तक परीक्षा भवन में प्रवेश कर लेना होगा।
इसके बाद आने वाले परीक्षार्थी को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा समिति ने जिला पदाधिकारी व वरीय पुलिस पदाधिकारी निर्देशित किया है कि परीक्षा संचालन से संबंधित सभी निर्देशों को पूरे परीक्षा के दौरान कड़ाई से पालन किया जाए। परीक्षा केंद्र के दो सौ मीटर की परिधि में धारा 144 लागू रहेगी।
नेत्रहीन परीक्षार्थी को लेखक रखने की अनुमतिदृष्टिबाधित एवं वैसे दिव्यांग परीक्षार्थी जो स्वयं लिखने में असमर्थ हैं उन्हें लेखक रखने की अनुमति दी गई है। ऐसे परीक्षार्थी को परीक्षा के लिए निर्धारित समय में 20 मिनट प्रति घंटा अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
आज दोनों पालियों में मातृभाषा की होगी परीक्षा- मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन 17 फरवरी को दोनों पालियों में मातृभाषा यथा-हिंदी, बंगला, उर्दू और मैथिली विषय की परीक्षा होगी।
- प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9.30 से दोपहर 12.45 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो से 5.15 बजे तक संचालित होगी।
- प्रत्येक पाली में परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्रों को पढ़ने एवं समझने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि पहली पाली की परीक्षा पूर्व निर्धारित समय पर शुरू होगी। प्रथम पाली की परीक्षा 9.30 से 12.45 बजे तक चलेगी।
इसके लिए परीक्षार्थियों को नौ बजे सुबह तक केंद्र के अंदर प्रवेश कर लेना होगा। वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 5.15 बजे तक चलेगी।
इसके लिए परीक्षार्थियों को दोपहर 1.30 बजे तक परीक्षा भवन में प्रवेश कर लेना होगा। विलंब होने पर केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
परीक्षा केंद्र पर यदि निर्धारित प्रवेश के समय के बाद विलंब से आने वाले कोई परीक्षार्थी अवैध रूप से चारदीवारी से कूदकर अथवा गेट पर जबरदस्ती एवं अवैध रूप से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करता हुआ पाया जाएगा।
ऐसे मामले को क्राइम मानते हुए परीक्षार्थी से दो वर्ष के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा तथा उसके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी।
साथ ही ऐसे परीक्षार्थी को केंद्राधीक्षक द्वारा यदि परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है, तो केंद्राधीक्षक एवं अन्य चिह्नित व्यक्ति के विरुद्ध निलंबन एवं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष ने परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से आग्रह किया है वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे।
यह भी पढ़ें-
राज्य के 1677 परीक्षा केंद्रों पर इंटर परीक्षा आज, सेंटर पर जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
Patna News: फेसबुक पर लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, छह साइबर अपराधी गिरफ्तार
जागरण संवाददाता, पटना। फेसबुक पर धनी एप से लोन लेने के लिए फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन के साथ संपर्क के लिए मोबाइल नंबर प्रसारित कर ठगी करने वाले गिरोह के छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इन सभी को रामकृष्णानगर के न्यू जगनपुरा स्थित एक तीन मंजिला मकान के कमरे से दबोचा गया। इनके पास से 17 मोबाइल, दो लैपटाप और पांच अलग अलग बैंकों के एटीएम कार्ड को बरामद किया गया है।
इसमें पांच कर्नाटक के अगल अलग शहर के निवासी है, जिनकी पहचान राजेंद्र कुमार, मनोहर केएन, एस महेश, मुनीर के रूप में हुई। वहीं नालंदा के बिहारशरीफ स्थित बनौलिया हाट पर निवासी गोलू कुमार गिरोह का सरगना है।
कमरे में कॉल सेंटर, पास रखे थे 17 मोबाइललोन के दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में कुछ संदिग्ध नंबर साइबर थाना पुलिस के हाथ लगे। पुलिस नंबर नंबरों का लोकेशन पता कर रही थी।
शनिवार की रात एक नंबर का लोकेशन रामकृष्णा नगर में मिला। पुलिस उस ठिकाने पर छापेमारी की तो गोलू और कर्नाटक के पांचों आरोपित कमरे में बैठकर अलग अलग मोबाइल से फोन पर व्यस्त थे। सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ और कमरे की तलाशी ली गई। तब पता चला कि सभी साइबर ठगी में संलिप्त है।
नौकरी के नाम पर बुलाया, देते 40 प्रतिशत कमीशन- पूछताछ में पता चला कि सभी को ठगी की रकम का 40 प्रतिशत दिया जा रहा था। कर्नाटक से छह लोगों को नौकरी के नाम पर बुलाया गया था।
- इनके रहने के लिए गोलू ने ही कमरा उपलब्ध कराया था और वहीं पर खाने की व्यवस्था की गई थी। बाद में इन्हें बताया कि उन्हें सिम और मोबाइल मिलेगा।
- लोन के लिए फोन करने वाले लोगों को कैसे झांसा देना है? उन्हें भरोसे में लेने के लिए कौन सा फर्जी पेपर भेजना है?
- इसके बारे में बताने के बाद लोन प्रोसेस करने के लिए लोन की रकम के आधार पर रकम को दिए गए खाते में भेजवाना है।
- इसके बाद बोलना है कि तीन दिन के बाद आपका लोन पास हो जाएगा। तीन दिन के बाद यदि कोई दुबारा फोन करता था, उनका नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था।
इनके पास से बरामद मोबाइल और लैपटाप में कई फर्जी पेपर मिले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह गिरोह बिहार सहित अन्य राज्यों के तीन सौ से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है। पैसा किसी खाते में ट्रांसफर किया जा रहा था? एटीएम कार्ड किस बैंक का है? पुलिस इसके बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
यह भी पढ़ें-
Bihar News: बिहार में इन दो दिनों हड़ताल पर रहेंगे ट्रक मालिक; जानें क्या है उनकी मांगें
Bihar News: बिहार में इन दो दिनों हड़ताल पर रहेंगे ट्रक मालिक; जानें क्या है उनकी मांगें
जागरण संवाददाता, पटना। राज्य भर के ट्रक ड्राइवर दो दिवसीय हड़ताल पर जाने वाले हैं। ट्रक ड्राइवर दो और तीन मार्च को बालू, गिट्टी, मिट्टी और पत्थर का उठाव नहीं करेंगे। अपनी मांगों को लेकर दो दिनों तक ट्रक ड्राइवर चक्का जाम करेंगे।
उनका कहना है कि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर हो जाएंगे। बिहार ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भानू शेखर प्रसाद सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी दे दी है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि पुलिस ट्रकों के जांच के नाम पर आर्थिक शोषण कर रही है। मुख्यमंत्री से मांग किया गया है कि क्षमतानुसार माइनिंग चालान के साथ परिचालित ट्रकों को आर्थिक दंड एवं मुकदमा से मुक्त किया जाए।
पुलिस से वापस लिया जाए अधिकारएसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि बालू एवं पत्थर लदे ट्रकों को दक्षिण बिहार से उत्तर बिहार जाने के लिए समुचित आवागमन के लिए पुल की व्यवस्था की जाए। पटना उच्च न्यायालय के आदेशनुसार पुलिस को बालू, पत्थर एवं मिट्टी जांचने का अधिकार वापस लिया जाए।
उनका कहना है कि बिहार ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के प्रदेश एवं जिला स्तर पर प्रति माह खनन और परिवहन विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक कराई जाए। उन्होंने बताया कि क्षमतानुसार माइनिंग चालान के साथ परिचालित ट्रकों को आर्थिक दंड, चालक को जेल एवं मालिकों पर मुकदमा हो रहा है।
अध्यक्ष ने कहा कि यह मुकदमा और आर्थिक दंड खनन एवं पुलिस के सांठगांठ से अपने अवैध कमाई के लिए किया जा रहा है।
प्रोन्नति होने तक सरकारी डॉक्टर नहीं मनाएंगे होली समेत अन्य पर्ववहीं दूसरी ओर बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ की बैठक में 10 वर्षों से प्रोन्नति नहीं होने को नए डॉक्टरों की नियुक्ति में सबसे बड़ी बाधा करार दिया गया।
अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार सिंह ने कहा कि बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग में प्रोन्नति का रास्ता सरकार ने 18 माह पहले खोल दिया था, लेकिन 5 प्रतिशत पद पर प्रोन्नति के बाद तकनीकी भूल बताते हुए इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारियों के 2000 एवं उप निदेशक 1000 से अधिक पद प्रोन्नति नहीं होने से रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त अपर निदेशक, निदेशक, निदेशक प्रमुख व कंसलटेंट के 80 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इसके कारण बेसिक ग्रेड के चिकित्सक रिक्त नहीं होने से नई नियुक्ति नहीं हो पा रही है।
प्रोन्नति नहीं होने से सरकारी डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। उन्होंने निर्णय लिया है कि इसके विरोध में डॉक्टर होली नहीं मनाएंगे। इसके अलावा जबतक प्रोन्नति नहीं होगी तबतक डॉक्टर कोई भी पर्व नहीं मनाएंगे। संघ की अगली बैठक 23 मार्च को होगी।
यह भी पढ़ें-
Patna News: NMCH में ट्रेनी डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, अधीक्षक के आश्वासन के बाद काम पर लौटे
Patna News: पटना में 21 जगहों पर बन रहा फाइव स्टार होटल जैसा शौचालय, यहां जानिए क्या-क्या मिलेगी सुविधा
जागरण संवाददाता, पटना। फाइव स्टार होटल की तरह नगर निगम शहर के विभिन्न स्थानों पर शौचालय का निर्माण करा रहा है। इसमें बच्चों के लिए फीडिंग रूम की भी सुविधा होगी। संजय गांधी जैविक उद्यान के पास बना शौचालय यूनीक होगा।
आसपास में हरियाली रहेगी। नेहरूपथ के डिवाइडर के बीच में पौधरोपण कर हरा-भरा बनाया जा रहा है। आसपास हरित आवरण हो जाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा के दौरान फाइव स्टार कटेगरी के बना चिड़ियाघर और हाइकोर्ट शौचालय सहित कई का लोकार्पण करेंगे।
चिड़ियाघर के पास बने शौचालय में पुरुषों के लिए सात सेट तथा महिलाओं के लिए पांच सेट के शौचालय का निर्माण कराया गया है। बच्चों को दूध पिलाने के लिए एक फीडिंग रूम का निर्माण किया गया है।
इसके साथ उच्च तकनीक के यूरिनल का निर्माण किया गया है। सेंसरयुक्त हाइटेक बेसिन है। एक तरफ से महिला तथा दूसरी तरफ से पुरुष को शौचालय में जाने की व्यवस्था है।
निर्माण एजेंसी को तीन वर्षों तक संचालन के साथ रखरखाव करना है। शौचालय की दीवार पर आइ लव यू पटना लिखा हुआ है। ग्लास भी उच्च गुणवत्ता के लगे हैं। चिड़ियाघर शौचालय के निर्माण को अंतिम रूप देने में एजेंसी लगी है।
50 में 21 स्थानों पर निर्माण कार्य में तेज- नगर निगम 21 स्थानों पर शौचालय निर्माण को अंतिम रूप दे रहा है। 50 से अधिक स्थान चयन हुए हैं। कई स्थानों पर एनओसी लेने की प्रक्रिया चल रही है।
- पटना उच्च न्यायालय, चिड़ियाघर गेट संख्या एक के पास शौचालय लोकार्पण के लिए तैयार है। आयकर गोलंबर, राजापुरपुल, कदमकुआं सब्जीबाग मंडी, वार्ड 47 में रामपुर नहर में निर्माण कार्य चल रहा है।
- वहीं, वार्ड 46 में प्रेमचंद गोलंबर, वार्ड 21 में बुद्ध मार्ग, वार्ड नौ में विकास भवन, वार्ड नौ में एयरपोर्ट रोड, वार्ड 27 में बिस्कोमान भवन, वार्ड 23 में हरिलाल अपार्टमेंट, वार्ड 29 में मीठापुर फ्लाईओवर, वार्ड 34 में कंकड़बाग टेंपो स्टैंड में भी निर्माण कार्य जारी है।
- भूतनाथ रोड में पानी टंकी, मालसलामी सब्जी मंडी, गायघाट फ्लोई ओवर, वार्ड 57 में महावीर घाट सहित कई स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है।
पटना जिले के मसौढ़ी के बाेधी बिगहा में बिजली चोरी पकड़े जाने पर सहायक अभियंता मसौढ़ी को पिटाई करने वाला मुख्य अभियुक्त संटू कुमार को रविवार को पुलिस गिरफ्तार कर ली।
बिजली कंपनी के अभियंताओं के अनुरोध पर जिलाधिकारी डा. चंद्रशेखर सिंह ने हस्तक्षेप किया। मसौढ़ी अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सक्रिय हुए।
पांच अभियुक्त में से एक की गिरफ्तारी कर ली गई। पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने सहायक अभियंता केे पिटाई करने वाले की गिरफ्ताररी पर खुशी प्रकट किया है।
साथ ही पटना जिलाधिकारी को धन्यवाद दिया है। राज्य के सभी जिलाधिकारियों से अनुरोध किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ छापामारी के बाद मारपीट होने पर सख्त कदम उठाएं। कोई अभियंताओं के साथ मारपीट नहीं कर पाएगा।
यह भी पढ़ें-
Delhi Stampede: दिल्ली हादसे के बाद आ गया एक और आदेश, बिहार के सभी स्टेशनों पर RPF अलर्ट
राज्य ब्यूरो, पटना। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ के बाद बिहार के सभी प्रमुख स्टेशनों को पूरी तरह से चौकस कर दिया गया है। महाकुम्भ को लेकर ट्रेनों में लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए विधि-व्यवस्था पर हर तरह से नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है। डीजीपी विनय कुमार ने इसे लेकर समुचित निर्देश जारी किया है।
डीजीपी ने एडीजी (रेलवे) को सभी प्रमुख या अधिक भीड़भाड़ वाले स्टेशनों की स्थिति पर निरंतर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी विनय कुमार ने सभी स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों को 24 घंटे चालू रखते हुए इनके माध्यम से हर स्थिति पर नजर बनाए रखने को कहा है।
जिसके बाद एडीजी (रेलवे) ने सभी स्टेशनों पर मौजूद रेल जीआरपी थानों को हमेशा चौकस रहने के आदेश दिए हैं। आरपीएफ को पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहने के लिए कहा गया है। ट्रेनों के आने और जाने के दौरान पुलिस को खासतौर से विशेष सावधानी बरतने को भी कहा गया है।
सीसीटीवी से रखी जाएगी नजरइसके साथ ही सीसीटीवी के जरिए उपद्रव करने वालों पर भी नजर बनाए रखने, ट्रेनों के शीशे तोड़ने और हंगामा करने वालों की पहचान कर तुरंत गिरफ्तार करने, स्टेशन परिसर में लोगों की अधिक भीड़ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर खासतौर से ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी स्टेशनों पर भीड़ के दौरान निरंतर एनाउंसमेंट के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित करने, लोगों को एहतियात बरतने और शांति बनाए रखने से संबंधित सूचना निरंतर प्रसारित करने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस कर्मियों को सभी ट्रेनों में लाइन लगाकर लोगों को चढ़ने और उतरने का प्रबंध करने, किसी स्टेशन या इसके परिसर में किसी तरह का हंगामा बढ़ने पर संबंधित स्थानीय थानों से भी मदद मांगने के लिए कहा गया है।
आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय थानों को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के लिए कहा गया है।
लालू यादव के रेल मंत्री रहते रेल दुर्घटनाओं में 1159 लोगों की हुई थी मौतवहीं दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने पूर्व रेल मंत्री लालू यादव द्वारा रेलवे पर दिए गए बयान पर उनपर निशाना साधा है। मनोज शर्मा ने कहा कि लालू यादव जब रेल मंत्री थे तो उनके कार्यकाल में 1034 रेल दुर्घटनाएं हुई थी। तब लालू यादव ने कितनी बार इस्तीफा दिया था?
उनके रेलवे मंत्री रहते हुए रेल हादसों में 1159 लोगों की जान गई थी, उन्होंने कितनी बार इस्तीफा दिया था? लालू यादव जब रेलमंत्री थे 550 बार रेल डिरेल हुई थी, लालू कितनी बार इस्तीफा दिए थे? 51 तो बड़ी रेल दुर्घटना हुई थी, तब लालू ने इस्तीफा तो नहीं दिया था? लालू को तब रेलवे की अव्यवस्था नहीं दिखी रही थी?
उनके कार्यकाल में जब दुर्घटनाएं होती थी तो घायलों के इलाज की व्यवस्था भी नहीं होती थी। लोगों के लिए कोई सुविधा नहीं होती थी? उनको अपना मीठा-मीठा लगता है, दूसरे का तीखा-तीखा लगता है।
यह भी पढ़ें-
Nawada News: नई दिल्ली हादसे के बाद हरकत में रेल प्रशासन, अलर्ट मोड पर GRP और RPF के जवान
Railway News: महाकुंभ के चलते छूट गई ट्रेन तो न हों परेशान, रेलवे विभाग ने यात्रियों को दे दी बड़ी खुशखबरी
जागरण संवाददाता, पटना। कुंभ के कारण आजकल ट्रेनों में भारी भीड़ हो रही है। ऐसे में जो यात्री टिकट रहते हुए भी ट्रेन में नहीं चढ़ पा रहे हैं तो घबराएं नहीं, अब उनका पूरा पैसा वापस किया जाएगा।
रविवार को दिल्ली जाने के लिए कई यात्री मगध एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों पर सवार हो गए। वहीं, पहले से आरक्षण कराने वाले यात्री ट्रेनों में नहीं चढ़ पाए। इन यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने पैसा वापस करने को आश्वस्त किया।
अधिकारी ने कहा कि टिकट रहते हुए यात्रा से वंचित यात्रियों के पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे यात्रियों को सिर्फ एक फार्म भरना होगा। ऐसी समस्या के समाधान के लिए स्टेशन अधीक्षक से भी संपर्क कर सकते हैं।
एक बार कोच में चढ़ने के बाद निकलना मुश्किलरेलवे अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कोच में आजकल एक बार यात्रियों को चढ़ने के बाद खाली कराना काफी मुश्किल हो गया है। अधिकांश यात्री प्रयागराज कुंभ स्नान के लिए जा रहे हैं। आस्था के समक्ष सारी परेशानी लोग भूल गए हैं।
गुरारु में प्रयागराज जाने के लिए प्रतिदिन बिक रहे 300 टिकटवहीं दूसरी ओर प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान के लिए प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु ट्रेन से प्रयागराज जाने के लिए गुरारु रेलवे स्टेशन पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालु यहां घंटों बैठकर महाकुंभ स्पेशल ट्रेन आने की प्रतीक्षा करते हैं। इससे रेलवे की टिकट बिक्री भी बढ़ी है। यहां के टिकट काउंटर से प्रतिदिन लगभग तीन सौ रेल यात्री प्रयागराज जंक्शन का टिकट खरीद रहे हैं।
रविवार को भी श्रद्धालुओं की भीड़ स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बनी रही। यहां रविवार को दो शिफ्ट में नौ महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों का ठहराव हुआ।
स्टेशन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार रात 12 बजे से सुबह 8 बजे और सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे के बीच आठ-आठ घंटे की दो शिफ्ट में प्रयागराज जाने के लिए महाकुंभ स्पेशल ट्रेन संख्या 00297 रात 12:01 बजे, ट्रेन संख्या 00202 रात 12:20 बजे गुरारु स्टेशन पर ठहराव हुआ।
वहीं ट्रेन संख्या 00205 सुबह 4:08 बजे, ट्रेन संख्या 00207 सुबह 7:47 बजे, ट्रेन 00424 सुबह 8:13 बजे, ट्रेन संख्या 00209 सुबह 9:26 बजे, ट्रेन संख्या 00211 सुबह 10:07 बजे, ट्रेन संख्या 00430 12:50 बजे, ट्रेन संख्या 00214 का 14:36 बजे गुरारु रेलवे स्टेशन पर ठहराव हुआ।
यह भी पढ़ें-
Nawada News: नई दिल्ली हादसे के बाद हरकत में रेल प्रशासन, अलर्ट मोड पर GRP और RPF के जवान
रेल मंत्री का त्याग-पत्र मांगते हुए महाकुंभ पर फिसली लालू की जुबान, बिहार चुनाव से पहले तेज हुई सियासत
राज्य ब्यूरो, पटना। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के त्याग-पत्र की मांग करते राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की जुबान गुरुवार को महाकुंभ पर फिसल गई। ऐसा एक वीडियो में सुना जा रहा है।
दूसरे वीडियो में वे महाकुंभ को आस्था का प्रतीक बता रहे। दैनिक जागरण इन दोनों वीडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन उनके प्रसारण के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं में लालू को लताड़ लगाने की होड़-सी लग गई।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग- बीमारी के कारण लालू के चेहरे पर थकान साफ दिख रही। वे पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास से बाहर निकल रहे। मीडियाकर्मी उनसे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ के संदर्भ में पूछ रहे।
- लालू उसे रेलवे की लापरवाही का परिणाम बताते हैं और उसका उत्तरदायित्व लेते हुए रेल मंत्री के अविलंब त्याग-पत्र की मांग करते हैं।
- सरकार से मृतकों के स्वजनों के लिए उचित मुआवजा और घायलों की समुचित चिकित्सा के साथ दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का आग्रह करते हैं।
- महाकुंभ के बारे मेंं पूछे जाने पर वे फालतू बोल जाते हैं। हालांकि, राजद प्रवक्ता एजाज अहमद का दावा है कि वीडियो की एडिटिंग हुई है। लालू सनातन के प्रति आस्थावान हैं। दूसरा वीडियो लालू को इसी अंदाज में प्रस्तुत कर रहा है।
इस बीच रविवार को बयान जारी कर राजद नेताओं ने कहा कि सरकारी ताम-झाम के बावजूद महाकुंभ के श्रद्धालुओं की आए दिन मृत्यु हो रही, जबकि डबल इंजन सरकार अपने प्रचार-प्रसार में व्यस्त है।
व्यवस्था वीआइपी लोगों की सुविधा देने तक ही सीमित है। राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, जगदानंद सिंह, उदय नारायण चौधरी, अब्दुल बारी सिद्दीकी, भोला यादव, रणविजय साहू, शक्ति सिंह यादव, चित्तरंजन गगन, एजाज अहमद ने संवेदना जताई है।
राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन का आरोप है कि सरकार मृतकों की वास्तविक संख्या छुपा रही। महाकुंभ के श्रद्धालुओं से भरी बसों व अन्य वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरेंं आए दिन मिल रहीं।
भारी जाम व कुव्यवस्था के कारण ड्राइवर थक जा रहे। उनकी नींद पूरी नहीं हो रही। वे अर्द्ध-निद्रा में वाहन चलाने के लिए विवश हैं।
राजद चाहता है कि सभी श्रद्धालुओं को एक समान मानकर मुआवजा दिया जाए। दुर्घटना में समस्तीपुर जिला के कुछ लोगों की जान गई है।
उनके स्वजनों से मिलकर राजद के प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने ढांढस बंधाई है। राज्य सरकार से उचित मुआवजा के साथ पीड़ित परिवार के किसी एक स्वजन के लिए सरकारी नौकरी की मांग की है।
यह भी पढ़ें-
'5 किलो अनाज लेकर देते रहे...', भरी सभा में अचानक क्या बोले सहनी? तेज हुई सियासी हलचल
बिहार के 4 शहरों में मेट्रो चलने का रास्ता साफ! दूर हो गईं सारी अड़चने, नीतीश सरकार तक पहुंची नई सर्वे रिपोर्ट
राज्य ब्यूरो, पटना। पटना के बाद अन्य राज्य के अन्य चार शहरों मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और भागलपुर में मेट्रो परिचालन से जुड़ी सर्वे रिपोर्ट राइट्स ने नगर विकास विभाग को सौंप दी है।
रिपोर्ट के अध्ययन के बाद अब विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) बनाने का काम शुरू होगा। रिपोर्ट में चारों शहरों में मेट्रो रूट की लंबाई, स्टेशन आदि की जानकारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विस्तृत कार्य योजना में किन बिंदुओं को शामिल किया जाएगा इसका निर्णय राज्य सरकार के स्तर से होगा। फिलहाल पटना में मेट्रो निर्माण का कार्य जारी है।
फिलहाल मेट्रो परिचालन के लिए ट्रैक बिछाने का काम जारी है। पटना की तर्ज पर चार अन्य शहरों में मेट्रो परिचालन की संभाव्यता तलाशने के लिए सरकार ने इसके सर्वे की जिम्मेवारी राइट्स को दी थी।
राइट्स ने सात माह बाद रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में बढ़ती आबादी के हिसाब से इन शहरों को मेट्रो की जरूत पर जोर दिया गया है। नगर विकास विभाग अब आगे की कार्यवाही के लिए सरकार की हरी झंडी का इंतजार कर रहा है।
अब 7.02 करोड़ रुपये किया जाएगा भुगतान- उल्लेखनीय है कि राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने राइट्स लिमिटेड को जुलाई 2024 में इन चार शहरों में मेट्रो रेल की विस्तृत परिचालन योजना और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
- सर्वे के एवज में राइट्स लिमिटेड को करीब 7.02 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है। यह सर्वे रिपोर्ट नवंबर 2024 तक ही सौंपी जानी थी, परंतु एजेंसी के आग्रह पर सरकार ने इस कार्य के लिए तीन अतिरिक्त महीने दिए थे।
- विभागीय सूत्रों के मुताबिक एजेंसी ने मुजफ्फरपुर, गया और भागलपुर की सर्वे रिपोर्ट विभाग को काफी पहले ही सौंप दी थी, लेकिन दरभंगा की रिपोर्ट फाइनल होने में वक्त लग गया।
बिहार विधानसभा चुनाव तैयारियों को लक्ष्य बनाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 24 फरवरी की यात्रा को देखते हुए भाजपा ने किसानों के महाजुटान में ताकत झोंक दी है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में पूर्वी बिहार को साधने के लिए संभव है कि मोदी भागलपुर हवाई अड्डा मैदान में बिहार के सबसे लंबे मेट्रो लाइन भागलपुर से बिहपुर की घोषणा कर सकते हैं।
इसी तरह विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय, सबसे लंबे बाइपास के साथ ही ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, ग्रीनफील्ड टाउनशिप के साथ ही अन्य कई उपहार की विस्तृत घोषणा कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें-
Patna Metro: क्या अटक जाएगा पटना मेट्रो स्टेशन का निर्माण? राजभवन ने जमीन देने से किया इनकार
पूर्णिया में दुष्कर्म के बाद लड़की की हत्या को लेकर राजद ने उठाया बड़ा कदम, नेताओं को मिल गया नया टास्क
राज्य ब्यूरो, पटना। पूर्णिया जिला में रघुवंश नगर के महिखंड नवटोलिया गांव में दुष्कर्म के बाद एक लड़की की हत्या कर दी गई है।
उस मामले की जांच के लिए राजद ने सात सदस्यीय दल का गठन किया है। जांच दल को निर्देश है कि वह 18 फरवरी तक अपनी सम्यक रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंप दे।
पीड़ित परिवार का पक्ष जानेगा दल- पूर्व मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के नेतृत्व में गठित जांच दल घटनास्थल पर जाकर मामले की वस्तुस्थिति से अवगत होगा और पीड़ित परिवार का पक्ष जानेगा।
- पार्टी के प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने इसकी अधिसूचना जारी की है। प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
- राजद इससे क्षुब्ध है। राज्य के नागरिकों और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के संदर्भ में चिंताजनक स्थिति बनी हुई है।
- पूर्व मंत्री बीमा भारती, मो. शाहनवाज, विधायक भरत भूषण मंडल, चंद्रहास चौपाल, पूर्व विधायक दिलीप यादव, ईं नवीन कुमार निषाद जांच दल के सदस्य बनाए गए हैं।
मखदुमपुर (जहानाबाद) थाना क्षेत्र के सागरपुर गांव में सरकारी भवन के निर्माण में लगी एक महिला मजदूर के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।
महिला मजदूर ने मखदुमपुर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। सागरपुर हाई स्कूल के समीप पंचायत सरकार भवन का निर्माण चल रहा है।
इसमें मजदूरी करने के लिए पटना जिले के पुरुष एवं महिला मजदूर आएं हैं, जो टेंट लगाकर निर्माण स्थल पर ही रहते हैं।
उसी में काम कर रही एक महिला के साथ साथ काम कर रहे कुछ मजदूरों ने घटना को अंजाम दिया। महिला के अनुसार शुक्रवार की रात वह अपने टेंट में सोई हुई थी, तभी रंजय राय, मनोज कुमार, गुड्डू राय एवं अनिल यादव टेंट में अचानक घुस गए और जोर जबरदस्ती करने लगे।
विरोध किया तो अनिल यादव ने अपने हाथ से उसका मुंह बंद कर दिया और बारी बारी कर सभी ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
घटना की सूचना पर एसपी अरविंद प्रताप सिंह, एसडीपीओ-2 संजीव कुमार , मखदुमपुर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश दल बल के साथ घटनास्थल पहुंचे।
एसपी ने बताया कि सभी नामजद आरोपितों को हिरासत में लेकर मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। जांच उपरांत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी से पूछताछ की जा रही है।
यह भी पढ़ें-
'5 किलो अनाज लेकर देते रहे...', भरी सभा में अचानक क्या बोले सहनी? तेज हुई सियासी हलचल
Bihar News: स्वास्थ्य विभाग से जारी हुआ नया फरमान, सभी अफसरों को मिल गया यह टास्क
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की राज्यस्तरीय बैठक में प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों और जिला कार्यक्रम प्रबंधकों को जहां विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में बेड आक्यूपेंसी रेट बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, स्वास्थ्य पदाधिकारियों को ताकीद की गई है कि वे भव्या एप (बिहार स्वास्थ्य विजनरी योजना फार आल) पर कम से कम 95 से 99 प्रतिशत तक आनलाइन कंसल्टेंसी जरूर की जाए।
27 प्रकार के कार्यो की जिम्मेदारी सौंपी गईइस बैठक में सिविल सर्जनों के साथ ही जिला कार्यक्रम प्रबंधकों को 27 प्रकार के कार्यो की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बापू सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने की।
बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के साथ ही दूसरे कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान सिविल सर्जनों और जिला कार्यक्रम प्रबंधकों से कहा कि जिले के अंदर जितने भी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं।
वहां तीन दिनों के अंदर आयुष्मान आरोग्य मंदिर के बोर्ड निश्चित रूप से लगा दिए जाएं। आनलाइन कंसलटेंसी सुविधा को बढ़ावा देने के लिए सभी स्वास्थ्य पदाधिकारियों को अधिक से अधिक ऑनलाइन कंसलटेंसी के निर्देश दिए गए।
विभाग से मिला यह भी निर्देशसाथ ही यह भी कहा गया कि जो डॉक्टर, एएनएम-जीएनएम भव्या एप पर शत प्रतिशत कार्य नहीं कर रहे हैं, वैसों को चिह्नित कर उन्हें निलंबित करने की अनुशंसा विभाग से की जाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में कहा कि एसएनसीयू में बेड ऑक्यूपेंसी रिच बढ़ाने के लिए आउटरिच में एंबुलेंस से कमजोर बच्चों को रेफर करते हुए एसएनसीयू में भर्ती कराया जाए।
उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रखंड या पंचायत टीकाकरण में 95 प्रतिशत से कम न हो।
बैठक में सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आबादी के अनुसार टीवी स्क्रीनिंग पर जोर दिया गया। इसी प्रकार फाइलेरिया से बचाव के लिए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन का कवरेज कम से कम 95 प्रतिशत रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही सिविल सर्जनों को और भी कई प्रकार के कार्य सौंपे गए हैं।
14057 किसानों को मिला मृदा स्वास्थ्य कार्डसिवान जिले में अच्छी व गुणवत्तापूर्ण उपज के लिए मिट्टी की सेहत का ख्याल किसानों को रखना जरूरी है। इसको लेकर विभाग उन्हें सहयोग भी कर रहा है।
संयुक्त कृषि भवन में मिट्टी जांच प्रयोगशाला में किसानों की मिट्टी जांच मुफ्त की जा रही है। मिट्टी के स्वास्थ्य जांच के बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिले में इस वित्तीय वर्ष में 17 हजार 800 किसानों के मिट्टी मिट्टी नमूने की जांच की गई है। जबकि जिले में 14057 किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड भी उपलब्ध कराया गया है।
बता दें कि जिले में इस वित्तीय वर्ष में 17 हजार 800 मिट्टी नमूने की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला कृषि विभाग कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार खेतों की मिट्टी में पोषक तत्व की कमीं को किसान दूर कर सकते हैं।
प्रयोगशाला में की जाती है 12 पैरामीटर पर मिट्टी की जांचजिले में प्राप्त लक्ष्य के तहत शत-प्रतिशत मिट्टी के नमूनों की जांच करने के साथ ही किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया गया है।
किसानों के खेतों की मिट्टी के नमूनों को एकत्रित कर प्रयोगशाला में मुफ्त जांच की जाती है। यह जांच 12 पैरामीटर पर की जाती है।
इसमें पीएच, ईसी, जैविक कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटास, सल्फर, जिंक, बोरोन, आयरन, मैगजीन, कापर की जांच कर यह पता लगाया जाता है कि मिट्टी में इनमें से कौन सा तत्व है और किसकी कमीं है।
मिट्टी जांच के दौरान यह भी देखा जताा है कि मृदा अम्लीय है या क्षारीय। इसके बाद मिट्टी की उर्वरता में किस तत्व की कमीं है, किसानों को उसी के अनुसार पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए सलाह दी जाती है।
अगर मिट्टी अम्लीय है तो उसमें चूना डालने की सलाह दी जाती है और अगर मिट्टी क्षारीय है तो जिप्सम डालने की सलाह दी जाती है। ताकि मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे।
यह भी पढ़ें-
कम उम्र में ही शरीर का इंजन जाम कर देता है मोटापा, अच्छी सेहत के लिए रखें इन खास बातों का ख्याल
New Delhi Stampede: राजद ने दुर्घटना का कारण बताया लापरवाही, त्याग-पत्र और मुआवजा के साथ कार्रवाई की कर दी मांग
राज्य ब्यूरो, पटना। सुप्रीमो लालू प्रसाद सहित राजद के तमाम नेताओं ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में यात्रियों की हुई असामयिक मृत्यु पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की है।
सरकार से मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा और घायलों की समुचित चिकित्सा की मांग की है। रविवार को बयान जारी कर इन नेताओं ने कहा कि इस दुर्घटना का कारण रेलवे की लापरवाही है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को तत्काल पद छोड़ देना चाहिए- राजद- इसका दायित्व लेते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को तत्काल पद छोड़ देना चाहिए। इसके साथ ही भगदड़ की उच्च-स्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।
- सरकारी ताम-झाम के बावजूद महाकुंभ के श्रद्धालुओं की आए दिन मृत्यु हो रही और डबल इंजन सरकार इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की लीपापोती करने के साथ अपने प्रचार-प्रसार करने में व्यस्त है।
- सरकार की व्यवस्था वीआइपी लोगों की सुविधा देने तक ही सीमित है। राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, जगदानंद सिंह, उदय नारायण चौधरी, अब्दुल बारी सिद्दीकी, भोला यादव, रणविजय साहू, शक्ति सिंह यादव, चित्तरंजन गगन, एजाज अहमद ने संवेदना जताई है।
राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन का आरोप है कि सरकार मृतकों की वास्तविक संख्या छुपा रहीं। महाकुंभ के श्रद्धालुओं से भरी बसों व अन्य वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरेंं आए दिन मिल रहीं।
भारी जाम व कुव्यवस्था के कारण ड्राइवर थक जा रहे। उनकी नींद पूरी नहीं हो रही। वे अर्द्ध-निद्रा में वाहन चलाने के लिए विवश हैं। राजद की मांग है कि सभी श्रद्धालुओं को एक समान मानकर मुआवजा दिया जाए।
अभी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मृतकों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है, जो अपर्याप्त है। इसे कम से कम 20 लाख रुपये किया जाए। दुर्घटना में समस्तीपुर जिला के कुछ लोगों की जान गई है।
उनके स्वजनों से मिलकर राजद के प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने ढांढस बंधाई है। राज्य सरकार से उचित मुआवजा के साथ पीड़ित परिवार के किसी एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की मांग की।
कुर्था विस से राजद के स्थानीय नेता को टिकट देने की उठी मांगकरपी (अरवल) प्रखंड मुख्यालय स्थित सहदेव प्रसाद यादव महाविद्यालय के प्रांगण में रविवार को यादव विकास मंच की बैठक की गई , जिसकी अध्यक्षता पुरैनिया पंचायत के पूर्व पैक्स अध्यक्ष उदय यादव ने की।
मंच के संयोजक वैद्यनाथ यादव ने कहा कि इस समाज को चिंतन करने की आवश्यकता है। हर दृष्टिकोण से यह समाज पिछड़ता चला जा रहा है।
यादव समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। इस समाज ने हमेशा समाज में रहने वाले सभी वर्गों की भलाई के लिए कार्य किया है।
वक्ताओं ने कहा कि कुर्था विधानसभा क्षेत्र से प्रत्येक विधानसभा चुनाव में बाहरी लोगों को प्रत्याशी बनाया जाता है। इससे स्थानीय लोगों में निराशा की भावना बढ़ती चली जा रही है।
वक्ताओं ने मांग की कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कुर्था विधानसभा क्षेत्र के निवासी कोई राष्ट्रीय जनता दल के नेता को टिकट मिलना चाहिए, जिससे कि कुर्था विधानसभा क्षेत्र का सम्यक विकास हो सके।
बैठक में अनूप यादव, शंभू यादव, रामाज्ञा यादव, विनोद कुमार राय, मृत्युंजय यादव, उदय यादव, सुक्खू यादव, सुनिल यादव अशोक यादव, बिगन यादव ,मथुरा यादव आदि मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें-
'5 किलो अनाज लेकर देते रहे...', भरी सभा में अचानक क्या बोले सहनी? तेज हुई सियासी हलचल
पुलिस के एक्शन से माफियाओं में मचा हड़कंप, जब्त होगी संपत्ति; सामने आए 25 नाम'5 किलो अनाज लेकर देते रहे...', भरी सभा में अचानक क्या बोले सहनी? तेज हुई सियासी हलचल
राज्य ब्यूरो, पटना। विकासशील इंसान पार्टी प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने केंद्र की पांच किलो मुफ्त अनाज नीति का विरोध किया है।
रविवार को खगडिय़ा के अलौली के गरैयाघाट में कमला मेला महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद स्थानीय लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आपकी ताकत मिलती रहे तो हम भी आपके हक और अधिकार की लड़ाई लड़ते रहेंगे। मुकेश सहनी ने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि 2025 में विधानसभा चुनाव है और इस बार महागठबंधन की सरकार बनानी है।
महागठबंधन की सरकार बनने के बाद न केवल सबकी समस्याओं का समाधान होगा बल्कि आपके हक और अधिकार भी मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि हम लोग लालू यादव, कर्पूरी ठाकुर, भीमराव आंबेडकर की विचारधारा को मानने वाले लोग हैं। जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है और यह फायदा तब ही मिल सकता है, जब अपनी सरकार हो।
सहनी ने लोगों से की यह अपील- सहनी ने लोगों से पार्टी और समाज को एकजुट कर मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि हमलोग मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे।
- यहां के लोग पांच किलो अनाज देकर वोट ले रहे हैं, जबकि हमें यह नहीं चाहिए। हमारे बच्चों के लिए स्कूल, अस्पताल और नौकरी चाहिए, यह हमारी लड़ाई है।
- व्यवस्था परिवर्तन का आह्वान करते हुए बोले कि अभी पांच किलो अनाज लेकर वोट देते रहे तो मानिए आपकी आने वाली पीढ़ी भी पांच किलो अनाज लेती रहेगी। उन्होंने लोगों से बच्चों को पढ़ाने-लिखाने और समझदार बनाने की भी अपील की।
बिहार कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी कृष्णा अलावरु प्रभारी बनने के बाद पहली बार 20 फरवरी को बिहार आएंगे। इसके पहले वे अमूमन युवा कांग्रेस के कार्यक्रम में लगातार बिहार आते रहे हैं।
प्रभारी बनने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। पटना प्रवास के दौरान कृष्णा तीन दिनों तक बिहार में रहेंगे। इस दौरान वें प्रदेश में प्रस्तावित विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे।
प्रभारी के बिहार आने की सूचना के बाद कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में उनके भव्य स्वागत की तैयारी शुरू हो गई है।
पार्टी मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि पटना प्रवास के दौरान वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे, आगामी विधानसभा चुनावी की तैयारियों के संबंध में इस दौरान बातें होंगी।
बता दें कि शुक्रवार की देर शाम कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने कृष्णा अलावरु को बिहार का प्रभारी बनाने की अधिसूचना जारी की है।
इसके पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन प्रकाश बिहार के कांग्रेस प्रभारी थे। बतौर प्रभारी मोहन प्रकाश यहां लगातार सक्रिय रहे है और कांग्रेस द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करते रहे हैं।
यह भी पढ़ें-
Bihar Politics: 'पिता लालू भैंस पर बैठते थे और बेटा तेजस्वी...', RJD के पोस्टर पर BJP नेता का पलटवार
Bihar Politics: PK ने तेजस्वी के वादों पर उठाया सवाल, भड़के राजद नेता; कहा- भाजपा की B टीम...
Expressway: पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे बदलेगा बिहार के इन जिलों की तस्वीर, जल्द शुरू होगा जमीन अधिग्रहण
राज्य ब्यूरो,पटना। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को हाल ही में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अपनी मंजूरी प्रदान की थी। इस एलाइनमेंट में अभी पटना का हिस्सा शामिल नहीं है। वैशाली के मीरनगर से पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को पूर्णिया पहुंचाया जा रहा।
पटना से संपर्कताइस एक्सप्रेस वे को पटना की संपर्कता दिए जाने को लेकर वैशाली के मीरनगर से पटना रिंग रोड के उत्तरी हिस्से को जोड़ा जाएगा। यह दिघवारा-शेरपुर पुल के माध्यम से रिंग रोड में जुड़ेगा।
18,042 करोड़ रुपये होंगे खर्च- पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे एलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई हैं। इस 282 किमी लंबे एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 18,042 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे वैशाली के मीरनगर शुरू होगा। वहां से यह समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा तथा मधेपुरा होते हुए एनएच-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर पूर्णिया के चांद भट्ठी तक जाएगा।
- पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे के लिए वैशाली के मीरनगर से सारण के दिघवारा तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए अलग से एलाइनमेंट बनेगा।
- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार दिघवारा से पटना की संपर्कता को लेकर कोई परेशानी नहीं है।
दिघवारा से शेरपुर के बीच पुल का निर्माण पहले से हो रहा। वहां से इसे पटना रिंग रोड से जोड़ने का भी निर्णय भी है। इस लिहाज से पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे को दानापुर से भी सीधी संपर्कता मिल रही है।
जमीन अधिग्रहण का हो रहा आकलनसड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संबंधित अधिकारी ने बताया कि जिस एलाइनमेंट को मंजूरी मिली है उसके लिए जमीन अधिग्रहण किस तरह से कितने रकबे में होना है इसका अब आकलन किया जा रहा।
जिन जिलों से यह सड़क गुजर रही उन सभी जगहों पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया एक साथ आरंभ होगी। इसमें सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा व पूर्णिया जिला शामिल है।
एक्सप्रेस वे का निर्माण छह लेन में कराया जाना है इसलिए अधिक जमीन अधिग्रहण की जरूरत होगी। जिन जिलो से एक्सप्रेसवे होकर गुजरेगा जल्द ही वहां जमीन का अधिग्रहण शुरू किया जाएगा।
हाजीपुर-छपरा फोरलेन से जुड़ा है मीरनगरवैशाली के जिस मीरनगर से पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे आरंभ होना है वह हाजीपुर-छपरा फोरलेन से जुड़ा है। यह सराय के समीप है।
इस एलाइनमेंट की परिधि में 11 आरओबी आ रहे तथा साथ में 21 मेगा ब्रिज का भी निर्माण कराया जाना है। एक्सप्रेस वे की कुल लंबाई 281 किमी है।
जिन इलाकों से एक्सप्रेसवे होकर गुजरेगा उन्हें इससे काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। साथ ही जमीन की कीमतों में भी इजाफा होगा।
ये भी पढ़ें
भोजपुर जिले को सीएम नीतीश कुमार की सौगात, 400 करोड़ की योजनाओं का किया उद्घाटन और शिलान्यास
Bhagalpur News: भागलपुर वालों के लिए खुशखबरी, बनेगा एक नया ओवर ब्रिज; खर्च होंगे 122 करोड़ रुपये
Delhi Railway Station Stampede: CM नीतीश कुमार ने किया मुआवजे का एलान, मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 2-2 लाख रुपये
राज्य ब्यूरो, पटना। देश की राजधानी दिल्ली के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में मरने वाले लोगों में बिहार के भी 9 लोग शामिल हैं। वहीं अब भी कई लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी नई दिल्ली स्टेशन पर हुए हादसे पर दुख जताया है। इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिवारवालों और घायलों के लिए मुआवजे का भी एलान किया है।
सोशल मीडिया पर किया पोस्टनई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में लोगों की मृत्यु अत्यंत दुःखद। मृतकों के परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना है। इस घटना में बिहार के रहने वाले मृतकों के आश्रितों को 02 लाख रू॰ अनुग्रह अनुदान एवं घायलों को…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) February 16, 2025सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 'नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में लोगों की मृत्यु अत्यंत दुःखद।
मृतकों के परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना है। इस घटना में बिहार के रहने वाले मृतकों के आश्रितों को 02 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान एवं घायलों को 50 हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का निर्देश दिया है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है।'
मृतकों के परिवारवालों के मिलेगा 2 लाख रुपये मुआवजानई दिल्ली स्टेशन में हुए हादसे में मारे गए बिहार के लोगों के परिवारवालों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं घायलों को भी 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
रेलवे ने भी किया मुआवजे का एलानदिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना के बाद रेलवे ने मुआवजे का एलान किया है। रेलवे ने भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
वहीं, भगदड़ में गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। मामूली रूप से घायलों को 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद रेलवे की ओर से दी जाएगी।
नई दिल्ली स्टेशन में मची भगदड़ में बिहार के इन 9 लोगों की मौत- सुरुचि (11) पुत्री मनोज शाह निवासी मुजफ्फरपुर
- कृष्णा देवी (40) पत्नी विजय शाह निवासी समस्तीपुर
- विजय साह (15) पुत्र राम सरूप साह निवासी समस्तीपुर
- आहा देवी (79) पत्नी रविन्दी नाथ निवासी बक्सर
- पूनम देवी (40) पत्नी मेघनाथ निवासी सारण
- ललिता देवी (35) पत्नी संतोष निवासी परना
- नीरज (12) पुत्र इंद्रजीत पासवान निवासी वैशाली
- शांति देवी (40) पत्नी राजकुमार मांझी निवासी नवादा
- पूजा कुमार (8) पुत्री राजकुमार मांझी निवासी नवादा
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में नवादा सदर प्रखंड के पटवा सराय के रहने वाले राजकुमार मांझी की पत्नी शांति देवी और बेटी की मौत हो गई। हादसे के बाद से राजकुमार का 5 साल का बेटा लापता है, जिसका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
ये भी पढ़ें
'कोई मतलब नहीं, फालतू है कुंभ', लालू यादव का विवादित बयान; मचा सियासी घमासान
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ से कोहराम, चाचा-चाची के साथ महाकुंभ जा रहे किशोर की मौत
भगदड़ ने दिए गहरे जख्म, आंखों के सामने पत्नी-बेटी की मौत; बेटे की तलाश में पिता
जागरण संवाददाता, नवादा। देश की राजधानी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में नवादा सदर प्रखंड के पटवा सराय के रहने वाले राजकुमार मांझी की पत्नी शांति देवी और बेटी की मौत हो गई। वहीं हादसे के बाद से राजकुमार का 5 साल का बेटा भी लापता है, राजकुमार द्वारा लगातार बेटे को खोजने की कोशिश की जा रही है।
प्रयागराज महाकुंभ जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा होने की वजह स्टेशन में भगदड़ मच गई। इसमें 18 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में बिहार के 9 लोग शामिल हैं।
पत्नी और बेटी की मौतभगदड़ में राजकुमार मांझी की पत्नी शांति देवी उम्र 40 वर्षीय, पुत्री पूजा कुमारी 8 वर्षीय की मौत हुई है। वहीं 5 साल का बेटा अविनाश कुमार लापता है। हादसे की जानकारी मिलते ही गांव में मातम पसर गया है।
मृतका शांति देवी (फाइल फोटो)।
राजकुमार मांझी ने बताया कि उनका भाई और परिवार हरियाणा राज्य के झज्जर में ईंट भट्ठा पर काम करता है। वहां से वह दिल्ली से ट्रेन पड़कर नवादा लौट रहा था। इसी बीच प्लेटफार्म पर हादसा हो गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने आ रहा था परिवारस्वजन के अनुसार अभी जिला में चल रहे प्रधानमंत्री आवास योजना का सर्वे और जॉब कार्ड बनाया जा रहा है। इसको लेकर राजकुमार मांझी अपने परिवार के साथ नवादा आ रहा था। स्टेशन पर इस घटना में राजकुमार मांझी की पत्नी और बेटी के निधन से पूरा परिवार दुखी है।
इस घटना से संबंधित राजकुमार मांझी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे हादसे की पूरी कहानी बताते नजर आ रहे हैं।
बेटे की तलाशभगदड़ में पत्नी और बेटी को खो चुके राजकुमार का बेटा हादसे के कई घंटे बीत जाने के बाद भी लापता है। वे लगातार अपने बेटे की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, अब तक उन्हें बेटे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
दिल्ली हादसे में बिहार के इन 9 लोगों की गई जान- आहा देवी (79) पत्नी रविन्दी नाथ निवासी बक्सर
- पूनम देवी (40) पत्नी मेघनाथ निवासी सारण
- ललिता देवी (35) पत्नी संतोष निवासी परना
- सुरुचि (11) पुत्री मनोज शाह निवासी मुजफ्फरपुर
- कृष्णा देवी (40) पत्नी विजय शाह निवासी समस्तीपुर
- विजय साह (15) पुत्र राम सरूप साह निवासी समस्तीपुर
- नीरज (12) पुत्र इंद्रजीत पासवान निवासी वैशाली
- शांति देवी (40) पत्नी राजकुमार मांझी निवासी नवादा
- पूजा कुमार (8) पुत्री राजकुमार मांझी निवासी नवादा
ये भी पढ़ें
'कोई मतलब नहीं, फालतू है कुंभ', लालू यादव का विवादित बयान; मचा सियासी घमासान
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ से कोहराम, चाचा-चाची के साथ महाकुंभ जा रहे किशोर की मौत
Patna Metro: क्या अटक जाएगा पटना मेट्रो स्टेशन का निर्माण? राजभवन ने जमीन देने से किया इनकार
राज्य ब्यूरो, पटना। राजभवन ने पटना मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए जमीन देने से इनकार कर दिया है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने राजभवन से स्टेशन निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण के लिए एनओसी मांगी थी। इसको लेकर राज्यपाल के प्रधान सचिव राबर्ट एल चोंग्थू ने पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक को जवाबी पत्र लिखा है।
जू परिसर में कराया जाए निर्माण : राबर्ट एल चोंग्थूराबर्ट एल चोंग्थू द्वारा लिखे गए जवाबी पत्र में कहा गया है कि पटना जू परिसर के निर्माण में पहले भी राजभवन की ओर से करीब 34 एकड़ जमीन दी जा चुकी है।
अब राजभवन परिसर की भूमि का हस्तांतरण मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए नहीं किया जाएगा। ऐसे में पटना मेट्रो के लिए अस्थायी और स्थायी निर्माण को पटना जू के परिसर में ही कराया जाए।
शाहपुर: जवइनिया के पांच कटाव पीड़ितों को मुख्यमंत्री देंगे जमीन का पर्चामुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा के दौरान गंगा नदी के तट पर बसे जवइनिया गांव के कटाव पीड़ित पांच भूमिहीन परिवारों को जमीन का पर्चा देंगे।
सभी पांच परिवार की महिलाओं गीता देवी, सोनी देवी, अहिल्या देवी, दुखनी देवी व रेखा देवी को सभास्थल पर आने का आमंत्रण मिला है।
वहीं, पीड़ित कुल 64 परिवारों को सरकार द्वारा जमीन व मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
लंबे समय से हो रही मुआवजा और जमीन की मांग- कटाव पीड़ितों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार गंगा नदी के कटाव के कारण अपना आशियाना खो चुके लोगों को जमीन और मुआवजा देने की मांग की जा रही थी।
- स्थिति यह है कि कटाव में घर खो चुके करीब आधा दर्जन परिवार गांव के विद्यालय में पिछले छह महीने से शरण लिए हुए हैं।
स्थानीय विधायक राहुल तिवारी द्वारा भी इसको लेकर विधानसभा सत्र के दौरान प्रश्न किया गया था, जिसका संज्ञान लेते हुए सरकार द्वारा इसके लिए सर्वे कराया गया।
इसके पश्चात वैसे लोग जिन्होंने अपना घर को दिया है, उन्हें सरकार द्वारा प्रति परिवार को 5 डिसमिल जमीन एवं मकान बनाने के लिए राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके साथ-साथ ऐसे परिवार जिनके पास मकान बनाने लायक जमीन है, उन्हें प्रति परिवार एक-एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। पिछले वर्ष सितंबर में आई बाढ़ के दौरान जवइनिया गांव के 64 परिवारों के घर गंगा नदी के कटाव में विलीन हो गए थे।
सरकार द्वारा बहोरनपुर उत्तरवार मौजा में करीब 9 एकड़ जमीन को अंचल अमीन से पैमाइश करवा कर प्लाटिंग करा दी गई है, जिसमें कुल 29 कटाव पीड़ितों को 5 डिसमिल भूमि का पर्चा दिया जाएगा।
विश्वजीत नीलांबर, प्रभारी सीओ
ये भी पढ़ें
Railway News: महाकुंभ को लेकर चल रही स्पेशल ट्रेनें भी फुल, कोई बर्थ खाली नहीं; यात्री हो रहे परेशान