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Updated: 9 hours 44 min ago

Bihar Property Seize: बिहार में इन लोगों की संपत्ति होगी जब्त, नीतीश सरकार ने लिया बड़ा फैसला

February 19, 2025 - 6:00am

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में लघु खनिजों का इस्तेमाल कर समय पर टैक्स नहीं देने वाले अब खान एवं भू-तत्व विभाग के निशाने पर हैं। सरकार ने एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया है कि बालू, ईट, पत्थर जैसे लघु खनिजों का इस्तेमाल कर समय पर जो कारोबारी टैक्स नहीं चुका रहे और जिनके खिलाफ नीलामवाद की प्रक्रिया चल रही है उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी।

राज्य में बड़ी संख्या में लघु खनिजों के कारोबारी समय पर सरकार को टैक्स नहीं चुकाते हैं। इनसे बकाया राशि प्राप्त करने के लिए विभाग के स्तर पर लगातार प्रयास होता है।

बकाया प्राप्त करने के लिए जब सारी कोशिशें बेकार हो जाती हैं तो वैसे कारोबारियों के खिलाफ नीलाम वाद की कार्रवाई संचालित की जाती है। राज्य में बड़े खनिज टैक्स बकायेदारों की संख्या सैकड़ों में हैं।

मुख्य सचिव ने जिलों के पदाधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

पिछले दिनों प्रदेश के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा के स्तर पर राज्य में उपलब्ध खनिजों की खोज, खनिज ब्लॉकों की यथाशीघ्र नीलामी एवं संचालन, जिन बालू घाटों की अब तक नीलामी नहीं हुई है उनकी नीलामी समेत अन्य बिंदुओं पर महत्वपूर्ण बैठक हुई और इस दौरान जिलों के पदाधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए गए।

खान एवं भू-तत्व विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक के दौरान मुख्य सचिव के संज्ञान में यह बात लाई गई की राज्य में खनिज संपदा का टैक्स न चुकाने वाले बड़े बकायेदार हैं। जो बार-बार नोटिस के बाद भी टैक्स की राशि नहीं चुकाते। इनके खिलाफ नीलाम पत्र वाद की कार्रवाई प्रारंभ की गई है।

सख्ती से निपटने के दिए निर्देश

सूत्रों की माने तो मुख्य सचिव ने ऐसे मामलों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए और कहा कि नीलाम पत्रवाद में जिन बड़े बकायेदारों से राशि वसूली जानी है उन मामलों में जिला स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए बकायेदारों की जमीन, संपत्ति का आकलन कर संबंधित संपत्तियों का जब्त किया जाए और बकाया राशि वसूल की जाए।

मुख्य सचिव के निर्देश के बाद विभाग के स्तर पर इस संबंध में जिलों से समन्वय की प्रक्रिया और बड़े बकायेदारों को सूचीबद्ध करने का काम प्रारंभ कर दिया गया है।

सर्टिफिकेट केस में फंसे राजस्व की वसूली का तरीका सुझाएगी समिति

दूसरी ओर, वित्त विभाग में भी हलचल देखने को मिल रही है। वित्त विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन हुआ है, जो सर्टिफिकेट केस में फंसे हुए राजस्व की वसूली का तरीका सुझाएगी। राजस्व परिषद के अध्यक्ष-सह-सदस्य केके पाठक की अनुशंसा पर यह समिति बनाई गई है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव, राजस्व से संबंधित विभाग जैसे कि स्टांप व निबंधन, वाणिज्य-कर, भू-तत्व एवं खनन, परिवहन के साथ-साथ एसएलबीसी समन्वयक इस समिति के सदस्य बनाए गए हैं। राजस्व पर्षद के सचिव को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य में लगभग 3.66 लाख सर्टिफिकेट केस में 4263 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं।

राजस्व पर्षद है नोडल एजेंसी:
  • सरकार के निर्देश के बाद सर्टिफिकेट केस के निस्तारण में राजस्व पर्षद नोडल एजेंसी बनाई गई है। यह दायित्व मिलते ही राजस्व पर्षद के अध्यक्ष-सह-सदस्य केके पाठक सक्रिय हो गए।
  • चयनित बैंकों, विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों और अन्य अधिकारियों संग बैठक कर उन्होंने सर्टिफिकेट केस का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया।
  • फंसे हुए राजस्व की वसूली का तरीका सुझाने के लिए वित्त विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समिति बनाने की अनुशंसा की।
ओटीएस का सुझाव:

केके पाठक ने राजस्व से संबंधित विभागों को सर्टिफिकेट केस में फंसे मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लाने का भी सुझाव दिया है। उल्लेखनीय है कि वाणिज्य-कर विभाग पहले से ही ओटीएस लांच कर चुका है।

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Mahakumbh: यात्री और चालक के बीच हुई हाथापाई, पटना में अनियंत्रित होकर पलटी महाकुंभ से लौट रही बस; 6 घायल

February 18, 2025 - 10:20pm

जागरण संवाददाता, पटना सिटी। पटना में अगमकुआं थाना क्षेत्र के जीरो माइल एनआरएल पेट्रोल पंप के समीप एनएच पर मंगलवार की शाम प्रयागराज से सिलीगुड़ी जा रही यात्रियों से भरी बस कृष्णा रथ अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गई। दुर्घटना के बाद एनएच पर लगभग एक घंटा तक अफरा-तफरी मचने से वाहनों का परिचालन बाधित हो गया।

नागरिकों की मदद से यात्रियों को बस से सकुशल निकाला गया
  • दुर्घटना में बस पर सवार लगभग आधा दर्जन यात्री घायल व एक दर्जन यात्री चोटिल हुए। दुर्घटना के बाद पहुंची पुलिस स्थानीय नागरिकों की मदद से यात्रियों को बस से सकुशल निकाला।
  • जीरो माइल के पास शाम में बस पलटने से सवार यात्री चिल्लाने लगे। यात्री जान बचाने के लिए किसी तरह से निकलने का प्रयास करने लगे।
  • गुजरते नागरिक व सड़क के आसपास के लोग सवार यात्रियों को बस से सुरक्षित बाहर निकाला। दुर्घटना में बस का अगला भाग क्षतिग्रस्त हो गया।
  • सवार यात्रियों के सिर,पैर, हाथ व शरीर के अन्य भागों में चोट लगी है। जीरो माइल थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि सभी घायल व चोटिल यात्री खतरे से बाहर हैं।
बिजली पोल में धक्का मारते हुए पलटी बस  

एक चोटिल ने बताया कि बस में सवार एक यात्री व उसके समर्थकों का चालक जगदीश के साथ हाथापाई के दौरान बस का चालक संतुलन खो दिया।

बस डिवाइडर से टकराते हुए बिजली पोल में धक्का मारते हुए पलट गयी। घायल राजू ने बताया कि वो 15 फरवरी को महाकुंभ स्नान के लिए स्वजनों के साथ गये थे।

17 फरवरी को बस से पटना आने के दौरान दुर्घटना हुयी। बस दुर्घटना में घायल मुजफ्फरपुर तुर्की निवासी 60 वर्षीय राजू कुमार श्रीवास्तव, 54 वर्षीया संध्या श्रीवास्तव व 70 सावित्री देवी एक ही परिवार के हैं।

दुर्घटना में नालंदा निवासी अश्विनी गुप्ता की पत्नी नेहा कुमारी और एक वर्षीया पुत्री राधिका भी घायल हुई। घायलों को नजदीक के निजी क्लिनिक में इलाज कराकर छुट्टी दी गई। यातायात पुलिस ने क्रेन से दुर्घटनाग्रस्त बस को सीधा कर किनारे कर वाहनों का परिचालन सामान्य कराया।

प्रयागराज से पटना आ रही बस पलटी, 7 घायल

इसके अलावा, पटना में एक और बस पलटने की सूचना मिली है। प्रयागराज से पटना आ रही बस बाईपास के नंदलाल छपरा के पास अनियंत्रित होकर पलट गई।

दुर्घटना में बस सवार सात यात्रियों को चोट आई है। बस में दो दर्जन यात्री सवार थे। घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां से उपचार के बाद सभी घर रवाना हो गए। मौके पर पहुंची यातायात पुलिस ने बस को बाईपास मुख्य मार्ग से हटाया।

इस दौरान बाईपास पर जाम लग गया। बैरिया बस स्टैंड से प्रयागराज के लिए चलने वाली श्री कृष्ण रथ बस यात्रियों को लेकर प्रयागराज से वापस बैरिया बस स्टैंड जा रही थी।

जहां से यात्रियों को उतार कर बस को फिर से प्रयागराज जाना था लेकिन नंदलाल छपरा के पास चालक ने संतुलन खो दिया। बस अनियंत्रित होकर बाईपास मुख्य मार्ग पर पलट गई।

बस के पलटने से उसमें सवार यात्री घायल हो गए। जो प्रयागराज से कुंभ स्नान कर वापस आ रहे थे। बस के पलटने के साथ ही बचाव के लिए आस पास के लोग दौड़े और यात्रियों की मदद में जुट गए। यात्रियों को गंभीर चोट नहीं आने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद सभी की अस्पताल से छूटी कर दी गई।

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Bihar Police: पश्चिम चंपारण के SP पर कार्रवाई करने का आदेश, एक लापरवाही पड़ गई भारी; ये है मामला

February 18, 2025 - 8:05pm

विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश से पश्चिम चंपारण के एसपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश बिहार के डीजीपी को दिया है।

न्यायाधीश बिबेक चौधरी की एकलपीठ ने सुरेश यादव की आपराधिक रीट याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पुलिस का उद्देश्य किसी व्यक्ति को झूठे केस में फंसाना नहीं बल्कि सच्चाई सामने लाना होना चाहिए।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बेतिया के एसपी ने अपने कर्तव्यों का सही निर्वहन नहीं किया और इस वजह से सीसीटीवी फुटेज नष्ट हो गया।

क्या है मामला

सुरेश यादव को 19 अप्रैल 2024 को बेतिया मुफस्सिल थाना कांड संख्या 180/2024 के तहत गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, उनके पास से चार किलो चरस बरामद हुआ था।

इस मामले में दो अन्य लोग भी गिरफ्तार किए गए थे, जिन्होंने पूछताछ में सुरेश यादव का नाम लिया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता धनंजय कुमार ने कोर्ट को बताया कि सुरेश यादव की पत्नी ने तीन मई 2024 को एक आवेदन देकर मांग की थी कि घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखा जाए।

उसकी पत्नी ने दावा किया था कि उनके पति को झूठे आरोप में फंसाया गया है और सीसीटीवी फुटेज से सच्चाई सामने आ सकती है।

तथ्यों का अवलोकन कर पटना हाई कोर्ट ने पाया कि सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के लिए याचिका दायर की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

पुलिस ने दिया था ये तर्क
  • पुलिस ने यह तर्क दिया कि फुटेज को एक निजी कंपनी द्वारा 20 दिनों तक ही संरक्षित रखा जाता है और इसके बाद आटोमेटिक डिलीट हो जाता है और इसे पुनः प्राप्त करना संभव नहीं था।
  • इस पर हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस अधीक्षक, बेतिया ने अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया। पुलिस की यह निष्क्रियता जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है।
  • हालांकि, कोर्ट ने आरोपी सुरेश यादव के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार कर दिया, लेकिन अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
521 मद्यनिषेध सिपाहियों को वेतनमान सहित मिला उच्चतर प्रभार

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने एक साथ 521 मद्य निषेध सिपाहियों को सहायक अवर निरीक्षक (एसएसआइ) मद्यनिषेध के पद पर वेतनमान सहित उच्चतर प्रभार दिया है।

मंगलवार को विभाग ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है। उच्चतर प्रभार पाने वाले सभी सहायक अवर निरीक्षकों की जल्द ही पदस्थापना की जाएगी।

उच्चतर प्रभार पाने वाले ऐसे मद्य निषेध सिपाही हैं, जिनकी सेवा के सात साल पूरे हो चुके हैं और विहित योग्यता धारी हैं।

उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित स्क्रीनिंग समिति ने उच्चतर प्रभार देने पर मुहर लगाई है, इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के प्रतिनिधि समेत अन्य लोग शामिल थे।

विभागीय जानकारी के अनुसार, मद्य निषेध सिपाहियों को उच्चतर प्रभार दिए जाने से रिक्त हुए पदों को भरने के लिए जल्द ही सामान्य प्रशासन विभाग को रोस्टर क्लीयर कर अधियाचना भेजी जाएगी।

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Bihar Politics: 'जदयू के साथ भाजपा को भी...', PK के नए दावे से बिहार में तेज हुई सियासी हलचल

February 18, 2025 - 7:54pm

राज्य ब्यूरो, पटना। जन सुराज पार्टी (जसुपा) के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) का दावा है कि विधानसभा चुनाव में जनता जदयू और भाजपा, दोनों को, सबक सिखाएगी।

मंगलवार को बयान जारी कर पीके ने कहा कि अगर साहस है तो भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनाव लड़े। आज अगर बिहार की जनता किसी से सर्वाधिक नाराज है तो वे नीतीश कुमार हैं।

नीतीश के अफसर-राज से जनता परेशान है। भाजपा भी बोझ ही समझ रही, लेकिन नियति के कारण वह मजबूर है। उसे अगला चुनाव नीतीश के नेतृत्व में ही लड़ना होगा।

प्रशांत किशोर ने कहा कि जसुपा के लिए इससे अच्छी बात और कुछ नहीं हो सकती। अगर ऐसा हुआ तो जो 2020 में जो जदयू के साथ हुआ, वही इस बार जदयू के साथ भाजपा का भी होगा।

ऐसा इसलिए, क्योंकि बिहार के बच्चों की चिंता करने के बजाय भाजपा ने दिल्ली में चंद सांसदों के लालच में बिहार को नीतीश के हवाले कर दिया। भाजपा भी जानती है कि नीतीश कुछ नहीं कर रहे।

जनसुराज पार्टी ने चलाया सदस्यता अभियान
  • जनसुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड के सोलहंडा पंचायत में सदस्यता अभियान की शुरूआत किया। नेताओं ने दर्जनों लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई।
  • कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष कुणाल रंजन, जिला सचिव राहुल कुमार, अंशु कुमार, सुजीत कुमार, कुंदन कुमार, नवीन कुमार समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
  • नेताओ ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनसुराज को मजबूत करें। बिहार के समग्र विकास को लेकर जनसुराज ही मात्र एक विकल्प है।
बड़हरा से सारण रवाना हुई जनसुराज की युवा संघर्ष यात्रा

जन सुराज के प्रदेश युवा अध्यक्ष व पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा के नेतृत्व में चल रही जन सुराज युवा संघर्ष यात्रा सोमवार को आरा के बड़हरा प्रखंड में पहुंची।

जहां से युवा संघर्ष यात्रा सारण जिला में प्रवेश कर रही हैं। प्रेस को संबोधित करते हुए युवा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जन सुराज युवा संघर्ष बाईक यात्रा पटना के मरीन ड्राइव स्थित गांधी आश्रम से शुरुआत हुई थी।

यह यात्रा पूरे बिहार में करीब बीस हजार किलोमीटर चलने के लिए प्रस्तावित है, इसमें भोजपुर 9वां जिला है। उन्होंने कहा कि अब तक टीम ने बाइक से करीब 53 विधानसभा क्षेत्र के डेढ़ हजार किलोमीटर का सफर तय किया है।

उन्होंने कहा कि हमारे साथ बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं, इस दौरान संगठन का भी विस्तार किया रहा है। आज हम सारण जिले में पहुंच रहे हैं। दो मार्च को हमारी यात्रा का पहला चरण पूरा होगा।

जिसमें हमने 13 जिला पूरा कर लेंगे। बाद में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर हमारी यात्रा को दूसरे चरण की यात्रा में प्रवेश कराएंगे। 

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Patna: होली पर हवाई सफर हुआ महंगा, अभी बुकिंग कराएं और पैसे बचाएं; चेक करें Ticket Price

February 18, 2025 - 7:19pm

जागरण संवाददाता, पटना। 14 मार्च को होली है। होली पर हवाई सफर महंगा साबित होगा। प्रयागराज में महाकुंभ को लेकर विमानों के किराये में कई गुना बढ़ोतरी पहले ही हो गई है। ऐसे में होली को लेकर भी विमानन कंपनियों ने टिकटों के दाम बढ़ा दिए हैं।

अब भी मौका है। अभी से टिकटों की बुकिंग कराने पर थोड़ी राहत मिल सकती है। जैसे-जैसे समय नजदीक आएगा, पटना आने वाले विमानों के टिकटों में बेतहाशा वृद्धि होते जाएगी।

यही हाल होली के तीन दिनों बाद तक का है। यात्रियों के लाैटने को लेकर होने वाली संभावित भीड़ का विमानन कंपनियां लाभ उठाने से नहीं चूकने वाली हैं।

दिल्ली से पटना आने का किराया: तिथि किराया (रुपये में) 7 मार्च 6,163 8 मार्च 8,263 9 मार्च 7,423 10 मार्च 6,793 11 मार्च 6,862 12 मार्च 7,571 13 मार्च 7,430 मुंबई से पटना आने का किराया तिथि किराया (रुपये में) 7 मार्च 9,063 8 मार्च 10,553 9 मार्च 9,063 10 मार्च 8,099 11 मार्च 8,297 12 मार्च 10,553 13 मार्च 8,763 पुणे से पटना आने का किराया तिथि किराया (रुपये में) 7 मार्च 9,980 8 मार्च 10,101 9 मार्च 9,980 10 मार्च 9,301 11 मार्च 9,156 12 मार्च 9,301 13 मार्च 8,600 कोलकाता से पटना आने का किराया तिथि किराया (रुपये में) 7 मार्च 3,917 8 मार्च 3,917 9 मार्च 3,917 10 मार्च 3,415 11 मार्च 3,415 12 मार्च 3,415 13 मार्च 3,415 हैदराबाद से पटना आने का किराया तिथि किराया (रुपये में) 7 मार्च 8,524 8 मार्च 9,302 9 मार्च 8,944 10 मार्च 8,401 11 मार्च 8,377 12 मार्च 9,345 13 मार्च 7,953 चेन्नई से पटना आने का किराया तिथि किराया (रुपये में) 7 मार्च 9,943 8 मार्च 10,108 9 मार्च 9,675 10 मार्च 8,421 11 मार्च 8,735 12 मार्च 8,735 13 मार्च 8,304 बेंगलुरु से पटना आने का किराया तिथि किराया (रुपये में) 7 मार्च 9,599 8 मार्च 9,854 9 मार्च 9,705 10 मार्च 8,418 11 मार्च 7,653 12 मार्च 9,097 13 मार्च 8,462

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ऐप बता देगा योगासन और डांस के स्टेप सही हैं या गलत, स्मार्ट TV और लैपटॉप में भी हो जाएगा इंस्टॉल

February 18, 2025 - 6:34pm

जयशंकर बिहारी, पटना। योग करते समय कोई आसन सही प्रकार से किया जा रहा है या नहीं इस पर ही निर्भर करता है कि योग करने से लाभ होगा या नहीं। यही बात नृत्य (डांस) में भी लागू होती है। कोई नृत्य के दौरान ठीक प्रकार से स्टेप किए जाते हैं तो नृत्य बेहद अच्छा हो जाता है। इन दोनों ही चीजों के लिए विशेषज्ञ योग गुरू और डांस टीचर होते हैं।

वहीं, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), पटना के विद्यार्थियों ने एक ऐसा मोबाइल ऐप तैयार किया है जो बता देगा कि सामने वाला शख्स सही प्रकार से योगासन कर रहा है या नहीं। फिजियोथेरेपी और नृत्य से जुड़े स्टेप्स का भी ऐप विश्लेषण करके सही स्टेप कैसे लिया जाए इस बारे में बता देगा।

इस ऐप की टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई है,जिसमें 95 प्रतिशत तक की सटीकता मिली है। अब इस ऐप का पेटेंट हासिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

आईआईटी पटना के बीटेक मैकेनिकल ब्रांच के चतुर्थ वर्ष के छात्र निशांत और बीएस मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग अंतिम वर्ष की छात्रा रिद्धि ने इस ऐप को संस्थान के इंक्यूबेशन सेंटर फिस्ट के सहयोग से तैयार किया है। यह ऐप योगासन, फिजियोथेरेपी व नृत्य करने वालों को बता देगा कि सही स्टेप के लिए क्या करना है, कितने डिग्री का कोण बनाना है, इसके साथ गलत स्टेप के कारण होने वाले नुकसान की भी जानकारी उपलब्ध करा देगा।

फिस्ट, आईआईटी पटना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि योगासन को लेकर वैश्विक सक्रियता है। वर्तमान में अधिसंख्य लोग वीडियो या ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर योगासन करते हैं। इसके साथ सैकड़ों की संख्या में प्रशिक्षण सत्र में शामिल होते हैं। इन सभी को एक-एक कर मानीटर करना किसी भी प्रशिक्षक के लिए संभव नहीं होता है। यह ऐप इसका निदान प्रदान करेगा।

उन्होंने बताया क आसन के गलत स्टेप से कई बार नुकसान की भी संभावना बनी रहती है। यह प्रशिक्षक व प्रशिक्षुओं के लिए वरदान साबित होगा। ऐप पूरी तरह से तैयार है और विभिन्न चरणों के परीक्षण में शत् प्रतिशत कसौटी पर खरा उतरा है।

इसे कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल, स्मार्ट टीवी आदि किसी में भी इंस्टॉल किया जा सकेगा। योगासन का ऐप सबसे पहले उपलब्ध होगा। इसके बाद फिजियोथेरिपी, नृत्य, जुंबा, कार्डिओ आदि के लिए भी बारी-बारी से ऐप लांच किए जाएंगे। गूगल प्ले स्टोर से भी ऐप को डाउनलोड कर सकेंगे।

ऐसे काम करेगा ऐप

छात्र निशांत व रिद्धि ने बताया कि योगासन व नृत्य के स्टेप सही हैं या गलत इसकी सटीकता को पुख्ता करने के लिए इस ऐप को दर्जनों योग और नृत्य के प्रतिष्ठित प्रशिक्षुओं को दिया गया है जोकि इसकी मानीटरिंग कर रहे हैं। उनके फीडबैक के आधार पर इसमें सुधार करने का काम भी लगभग पूरा हो गया है। वर्तमान में यह 95 प्रतिशत तक सटीक हो गया है। यह प्रशिक्षुओं के वीडियो को स्कैन कर उसके सही स्टेप से तुलना करता है, जहां त्रुटि दिखती है बता देता है। इससे प्रशिक्षुओं को सही स्टेप की जानकारी प्राप्त करने में सहूलियत होगी।

गूगल प्ले स्टोर पर मई से ऐप उपलब्ध कराने तथा पेटेंट की प्रक्रिया प्रारंभ है। निशांत ने बताया कि यह ऐप प्रशिक्षक की तरह व्यवहार करेगा। इसे तैयार करने में आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस (एआई) का भी सहयोग लिया गया है। यह एक साथ सैकड़ों लोगों पर नजर रखने में सक्षम है। यदि किसी प्रशिक्षण स्थल पर सैकड़ों की संख्या में प्रशिक्षु हैं तो सभी को स्कैन कर बता देगा कौन सही और कौन गलत स्टेप कर रहे हैं।

मोटापा, डायबिटीज, बीपी, हृदय रोग सहित कई गंभीर बीमारियों की रोकथाम में योगासन सक्षम है। स्वतंत्र एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक योग बाजार 2024 में 116 बिलियन यूएस डालर से अधिक का रहा। बड़ी आबादी को योगासन के सही तरीके से परिचित कराने में यह मील का पत्थर साबित होगा। यह नृत्य और फिजियोथरेपी के स्टेप को भी सही और गलत बताने में सक्षम है। पहले चरण में योगासन व नृत्य का ऐप लांच होगा। - डॉ. प्रवीण कुमार, सीईओ, फिस्ट आईआईटी पटना

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Bihar Jamin Rate 2025: बिहार में महंगी हो सकती है जमीन, रजिस्ट्री डिपार्टमेंट में तेज हुई हलचल

February 18, 2025 - 5:20pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में फ्लैट और जमीन के निबंधन (रजिस्ट्र) को लेकर निर्धारित किए जाने वाले जमीन की न्यूनतम मूल्य दर (एमवीआर) की समीक्षा शुरू हो गई है। इस बाबत जिलास्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके बाद निबंधन विभाग के स्तर पर समीक्षा कर राज्य सरकार को इसका प्रस्ताव भेजा जाएगा।

अगर राज्य सरकार की स्वीकृति मिलती है, तो नया दर अप्रैल 2025 से लागू हो सकता है। राज्य में आखिरी बार वर्ष 2016 में शहरी क्षेत्र में एमवीआर बढ़ाया गया था।

जमीन का रेट क्यों बढ़ सकता है?

विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिलों में गठित मूल्यांकन समितियां बीते करीब एक दशक के आधार पर जमीन की प्रकृति में आए बदलाव को देखते हुए उसका एमवीआर तय करने में जुटी है। इसके लिए इस अवधि में उस क्षेत्र में हुई निबंधन की संख्या को भी आधार बनाया जा रहा है।

जिन इलाकों में निबंधन की संख्या अधिक बढ़ी है, उन क्षेत्रों के बाजार मूल्य और एमवीआर का अंतर देखा जाएगा। विकसित व विकासशील श्रेणियों में मुख्य सड़क, प्रधान सड़क, शाखा सड़क के बाजार मूल्य की अलग-अलग समीक्षा करते हुए एमवीआर तय किया जाएगा।

  • दरअसल, पिछले आठ-नौ सालों में जमीन की बाजार कीमतों में दोगुनी-तिगुनी वृद्धि हुई है, मगर एमवीआर यानी सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है। इस बीच शहरी निकायों की संख्या दोगुनी हो गई है।
  • इसके अलावा, राज्य के सभी प्रमुख जिला मुख्यालयों वाले शहरों में आयोजना क्षेत्र यानी प्लानिंग एरिया भी बनाया गया है, जिसमें कई ग्रामीण इलाके शहरी क्षेत्र में शामिल हए हैं। ऐसे में इन इलाकों में जमीन की मांग और कीमतें दोनों में वृद्धि हुई हैं।

मूल्यांकन समितियों का मानना है कि वर्तमान में कई इलाकों में एमवीआर से कई गुणा अधिक कीमत पर जमीन की खरीद-बिक्री हो रही है, जिससे राजस्व की हानि हो रही है। 

नहीं बढ़ा एमवीआर, फिर भी रिकॉर्ड राजस्व:

राज्य में एमवीआर न बढ़ाने के बावजूद जमीन-फ्लैट आदि के निबंधन से राज्य सरकार को इस साल रिकॉर्ड राजस्व की प्राप्ति हुई है। पिछले साल मध्य फरवरी तक करीब 5600 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ था। इस साल अभी तक 6700 करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हो चुका है।

यह अब तक निबंधन से मिला सर्वाधिक राजस्व है। इस वित्तीय वर्ष 2024-25 का लक्ष्य 7500 करोड़ निर्धारित किया गया है। अभी इसमें करीब डेढ़ माह का समय शेष है। विभाग का दावा है कि 31 मार्च तक आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।

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Patna News: दिनदहाड़े पुलिस पर फायरिंग कर मकान में घुसे अपराधी, हथियार समेत चार दबोचे गए

February 18, 2025 - 3:58pm

जागरण संवाददाता, पटना। विवादित भूमि पर असलहे चमका लौट रहे अपराधियों ने मंगलवार को दिनदहाड़े पुलिस पर फायरिंग कर दी और मकान में जाकर छिप गए। 

यहां हुई वारदात

वारदात कंकड़बाग थाना क्षेत्र में बाइपास से सटे रामलखन पथ में हुई। जिस चार मंजिले मकान में अपराधी घुसे थे, उसमें सभी तल पर व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। 

हथियारबंद अपराधियों को देखते ही भवन में अफरातफरी मच गई। पुलिस भी उनका पीछा करते हुए वहां पहुंची, जिसके बाद अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। 

किसी तरह पुलिस ने मकान के मुख्य द्वार का ग्रिल बंद कर दिया, जिससे अपराधियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। भवन में रहे प्रतिष्ठानों के मालिकों, कर्मियों और ग्राहकों को मिलाकर 30-40 लोग भी बंधक बने रहे।

पुलिस ने चारों तरफ से मकान को घेर लिया। लिहाजा, ढाई घंटे बाद अपराधियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। मौके से तीन खोखे भी बरामद किए गए। हथियार के साथ चार युवकों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उनके नाम और पते का सत्यापन कर रही है।

#WATCH | Bihar: The firing took place in Patna's Kankarbagh area today around 2 pm. Four criminals opened fire outside a house. After the firing, all the criminals went into hiding inside a house nearby. STF has reached the spot along with the Police. The force has surrounded the… pic.twitter.com/jofQaZERtY

— ANI (@ANI) February 18, 2025 धर्मेंद्र और युवराज के बीच में था भूमि विवाद

बताया जाता है कि जिस मकान में अपराधी छिपे थे, वह कुख्यात अपराधी धर्मेंद्र यादव का ही था। रामकृष्ण नगर इलाके के एक भूखंड को लेकर धर्मेंद्र और युवराज के बीच विवाद चल रहा था।

धर्मेंद्र ने उस भूखंड पर कब्जा करने के लिए अपराधियों को इकट्ठा किया था। सभी विवादित भूखंड पर गए थे। रामकृष्ण नगर थाने की पुलिस को भनक लग गई।

जैसे ही पुलिस वहां के लिए रवाना हुई कि अपराधी बुलेट बाइक से बाइपास की तरफ लौट गए। इस बीच रामकृष्ण नगर थाने की पुलिस ने रामलखन पथ के उस पर वाहन जांच शुरू कर दी।

पुलिस को देखते ही अपराधी हड़बड़ा गए और अंडरपास पार कर कंकड़बाग थाना क्षेत्र में घुस कर रामलखन पथ स्थित धर्मेंद्र के मार्केट में चले गए।

संदेह होने पर पुलिस भी उनके पीछे मार्केट तक आई कि अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। रामकृष्ण नगर थाने के एक सिपाही ने साहस का परिचय देते हुए गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच ग्रिल बंद कर दिया।

धर्मेंद्र और युवराज के अलावा भूमि विवाद में रिशु व दयानंद के नाम भी सामने आए हैं। सभी का आपराधिक इतिहास रहा है। 

ऑपरेशन में एसटीएफ का भी लिया गया सहयोग

जब अपराधी फायरिंग कर रहे थे, उस समय एक पदाधिकारी के अलावा दो सिपाही थे। दोनों सिपाहियों ने थ्री नाट थ्री राइफल ग्रिल के सामने तान दी।

फायरिंग की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 अभिनव कुमार के नेतृत्व रामकृष्ण नगर थानेदार अवध किशोर सिंह, जक्कनपुर थानेदार ऋतुराज सिंह, कंकड़बाग थानेदार नीरज ठाकुर, कदमकुआं थानेदार राजीव कुमार, गांधी मैदान थानेदार सीताराम प्रसाद समेत कई थानों के थानाध्यक्ष और जवानों ने पहुंच कर मकान को घेर लिया।

सिटी एसपी पूर्वी के रामदास और एसएसपी अवकाश कुमार भी ऑपरेशन का जायजा लेने आए। हालात पर काबू पाने के लिए एके-47 समेत अन्य अत्याधुनिक हथियारों से लैस एसटीएफ (विशेष कार्य बल) के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के इंस्पेक्टर विनय प्रकाश के नेतृत्व में कमांडो पहुंचे।

पुलिस ने अपराधियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कई बार कहा, जिसके बाद वे तैयार हो गए।

तो इसलिए नहीं चलाई गोली

अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए पुलिस की ओर से भी फायरिंग की जा सकती थी, मगर सड़क पर काफी भीड़ हो गई। लोग वीडियो बना रहे थे।

पुलिस के बार-बार समझाने पर भी नहीं हट रहे थे। मकान में भी 30-40 लोग बंधक बने थे। नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस की ओर से फायरिंग नहीं की गई।

माना जा रहा है कि यदि पुलिस जवाबी फायरिंग करती तो अपराधी उग्र हो जाते और बंधक बने लोगों को नुकसान पहुंचा सकते थे।

इसके अलावा वह सड़क की तरफ भी फायरिंग करते तो भीड़ गोली का निशान बन सकती थी। यही कारण रहा कि अपराधियों के घुटने टेकने तक पुलिसकर्मियों ने आपा नहीं खोया।

भूमि विवाद को लेकर अपराधी एकत्र हुए थे। इसमें धर्मेंद्र यादव का नाम सामने आया है, जो पूर्व में भी भूमि पर अवैध कब्जा करने में आरोपित रहा है। मकान में कई लोग फंसे थे। उनकी सुरक्षा सर्वोपरी थी। इस कारण पुलिस ने गोली नहीं चलाई और अपराधियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया। चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।- अवकाश कुमार, एसएसपी।

टाइम लाइन
  • दोपहर 1 बजे : रामकृष्ण नगर में भूमि कब्जा करने गए थे अपराधी
  • दोपहर 1:40 बजे : पुलिस के खदेड़ने पर रामलखन पथ की तरफ भागे
  • दोपहर 2 बजे : पुलिस पर अपराधियों ने चलाई पहली गोली
  • दोपहर 2:15 बजे : कई थानों की पुलिस ने भवन को घेर लिया, जिसमें छिपे थे अपराधी
  • दोपहर 2:30 बजे : एसटीएफ के कमांडो ने मौके पर पहुंच कर कमान लिया हाथ में
  • दोपहर 2:42 बजे : एसएसपी दलबल के साथ पहुंचे
  • दोपहर 2:45 बजे : ग्रिल खोल कर मकान की तलाशी लेने लगी पुलिस
  • शाम 4 बजे : अपराधियों को हिरासत में लेकर गई पुलिस

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New Expressway: बिहार को 3 राज्यों से जोड़ने वाले 2 एक्सप्रेस-वे के निर्माण में अड़चन, कहां फंसा है पेच?

February 18, 2025 - 1:52pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार को तीन राज्यों से जोड़ने वाले दो एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट में पेच फंस गया है। यूपी व पश्चिम बंगाल सरकार की अनुमति नहीं मिल पाने की वजह से रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे (Raxaul Haldia Expressway) और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे का मार्गरेखन अभी तक फाइनल नहीं हो पाया है, जबकि मार्गरेखन का मामला सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एलाइनमेंट कमेटी के पास पहुंच चुका है।

यूपी सरकार से मिलनी है गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे की अनुमति

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे का बड़ा हिस्सा बिहार में है। एनएचएआई ने इस एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट को तैयार कर लिया है। इसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया।

एनएचएआई की एलाइनमेंट कमेटी ने इस पर यूपी सरकार के संबंधित मंत्रालय को भेजा है, मगर अभी यह तय नहीं हो सका है कि गोरखपुर में किस एलाइनमेंट से यह सड़क बिहार में प्रवेश करेगी।

प्रोजेक्ट की लंबाई कितनी है?

इस प्रोजेक्ट की लंबाई 519 किमी है। यह सड़क एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड सड़क के रूप में बनेगी। यूपी सरकार से अभी तक सहमति नहीं मिल पाने की वजह से इस एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट पर अभी तक मुहर नहीं लग पाई है।

पूर्व में यह तय था कि फरवरी में ही एनएचएआई के एलाइनमेंट कमेटी पर निर्णय लेगी पर बात नहीं बन सकी है। इस सड़क का निर्माण 'भारतमाला' योजना के तहत किया जाना है।

पश्चिम बंगाल सरकार की वजह से अटका है रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे का एलाइनमेंट
  • रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे एक साथ तीन राज्यों से होकर गुजर रही है। पटना से झारखंड के रास्ते इसे पश्चिम बंगाल के पोर्ट सिटी हल्दिया तक जाना है।
  • एनएचएआई ने इस सड़क के एलाइनमेंट का प्रस्ताव तैयार कर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ते एलायनमेंट कमेटी को भेज दिया है, मगर पश्चिम बंगाल सरकार ने अभी इस एलाइनमेंट पर अपनी सहमति नहीं दी है।
  • पश्चिम बंगाल सरकार की अनुमति के बगैर एलाइनमेंट काे फाइनल किए जाने में परेशानी है।
  • रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट ग्रीन फील्ड परियोजना के रूप में है। इसकी संभावित लंबाई 650 किमी है।
जमीन की किस्म को लेकर विवाद से प्रभावित हो रही भारत माला परियोजना

एनएचएआई की महत्वपूर्ण भारत माला परियोजना (वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे) के निर्माण में आ रही बाधाओं को जल्द दूर करने का निर्णय लिया गया। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई बैठक में अधिकारियों को कहा गया कि वे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करें। इस परियोजना के लिए औरंगाबाद, गया, कैमूर, एवं रोहतास जिलों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है।

औरंगाबाद जिले के बारे में बताया गया कि कुछ रैयत मध्यस्थता वाद में चले गए हैं। विवाद सुलझाने के लिए कैंप आयोजित करने की सलाह दी गई है। गया जिला में इस परियोजना का कुछ हिस्सा जंगल में पड़ता है। इसके कारण थ्री जी प्राक्कलन नहीं तैयार हुआ हुआ है। 28 मौजों का दखल कब्जा एनएचएआई को सौंप दिया गया है, लेकिन रैयतों के बीच आपसी विवाद के अलावा जमीन की किस्म को लेकर भी अधिग्रहण में बाधा आ रही है।

बैठक में बताया गया कि कैमूर जिले में इस परियोजना के लिए कुल 73 में से 57 मौजे के रैयतों को मुआवजा लेने के लिए सूचना दी गई है। यहां भी जमीन की किस्म को लेकर रैयतों में नाराजगी है। वे मुआवजा प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं दे रहे हैं। एक कठिनाई जमीन के दस्तावेज को लेकर भी आ रही है। सचिव ने निर्देश दिया कि रैयतों के साथ बातचीत कर इस विवाद को सुलझाएं।

रोहतास जिले में भी इस परियोजना के लिए पैकेज तीन, चार और पांच पर काम हो रहा है। पैकेज तीन में चार करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। सलाह दी गई कि मुआवजा भुगतान की गति को तेज किया जाए। पैकेज चार में कोई समस्या नहीं है। पैकेज पांच के लिए दौ मौजों का पंचाट तैयार कर अधियाची विभाग को भेज दिया गया है। इसे जल्द मंजूर करने का आश्वासन दिया गया है।

क्यों होता है कि विवाद?

जमीन की किस्म को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की कई परियोजनाओं पर संकट है। असल में सरकार और अधियाची विभाग सौ साल पुराने खतियान के आधार पर जमीन की किस्म तय करते हैं। पुराने खतियान में जो जमीन कृषि कार्य के लिए दर्ज है, उस पर आज आवास या व्यवसायिक प्रतिष्ठान बन गए हैं। हालांकि राज्य सरकार इस विवाद को सुलझाने का उपाय कर रही है। लेकिन, ठोस परिणाम आना बाकी है।

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Bihar Weather Today: बिहार में अगले 48 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, IMD ने दिया खुश कर देने वाला अपडेट

February 18, 2025 - 7:33am

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार में अगले 48 घंटे में मौसम का मिजाज बदलेगा। लोगों को ठंड से पूरी तरह से राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम व अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री की वृद्धि की संभावना है।

तापमान में वृद्धि से ठंड का प्रभाव कम रहेगा

तापमान में वृद्धि होने से ठंड का प्रभाव कम होगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार पश्चिम भारत के पर्वतीय इलाकों पर पश्चिम विक्षोभ का प्रभाव बना हुआ है।

19 फरवरी को मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी के आसार

इसके प्रभाव से पश्चिम राजस्थान के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है। इसके कारण 19-20 फरवरी के आसपास पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी व मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी की संभावना है।

इसके कारण तराई वाले इलाकों में सर्द हवा का प्रभाव बना रहेगा जबकि राजधानी समेत दक्षिणी भागों का मौसम आमतौर पर शुष्क बने रहने की संभावना है।

पटना के न्यूनतम तापमान में उछाल

सोमवार को पटना समेत सभी जिलों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना के न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की वृद्धि के साथ 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि 10.5 डिग्री सेल्सियस सहरसा (अगवानपुर) में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

पटना का अधिकतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ 28.5 डिग्री सेल्सियस व 30.2 डिग्री सेल्सियस के साथ बक्सर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञानी एसके पटेल ने बताया कि फरवरी में तापमान में अपने सामान्य से ऊपर बने रहने के आसार है। पश्चिमी विक्षोभ की मजबूत स्थिति प्रदेश पर नहीं होने व वर्षा में कमी आने के कारण तापमान बढ़ने से मौसम शुष्क बना रहेगा।

मौसम में हो रहे बदलाव को देखते खेती-किसानी करने वाले किसान भाईयों को गेहूं की फसलों का पटवन करने की सलाह दी गई है। यह समय पटवन के लिए सही होगा।

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Matric Exam: दूसरे की जगह पर परीक्षा देते पकड़े गए 7 फर्जी छात्र, 5 निष्कासित; बिहार भर के सेंटरों पर रहा ऐसा हाल

February 17, 2025 - 11:48pm

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Board 10th Exam: मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन विभिन्न जिलों से पांच परीक्षार्थियों को कदाचार के आरोप में निष्कासित किया गया। वहीं, सात परीक्षार्थियों को दूसरे के बदले परीक्षा देते पकड़ा गया है।

रोहतास और वैशाली से एक-एक और सारण जिले से तीन परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया है। वहीं जमुई से तीन, सुपौल से दो, नालंदा और बांका से एक परीक्षार्थी को दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया।

मैट्रिक परीक्षा में मढ़ौरा के पीपी इंटर कॉलेज केंद्र पर एक छात्रा निष्कासित

वहीं दूसरी ओर सारण जिले में मैट्रिक परीक्षा सोमवार को प्रशासनिक निगरानी में शांतिपूर्ण तरीके से हुई। इस दौरान मढ़ौरा के पीपी इंटर कॉलेज केंद्र पर एसडीओ ने एक छात्रा को कदाचार के आरोप में निष्कासित कर दिया।

मौके पर केंद्राधीक्षक को एसडीओ ने बेहतर व्यवस्था करने एवं नकल पर लगाम लगाने का निर्देश दिया। परीक्षार्थियों ने प्रथम और द्वितीय पाली में हिन्दी की परीक्षा दी। मढ़ौरा के छह परीक्षा केंद्रों पर सघन तलाशी के बीच छात्राओं को परीक्षा कक्ष में प्रवेश कराया जा रहा था।

एसडीओ प्रेरणा सिंह और एसडीपीओ नरेश पासवान ने संयुक्त रुप से सभी परीक्षा केंद्रों का भ्रमण किया। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार दलबल के साथ मढ़ौरा बाजार की यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने में लगे थे।

एसडीओ ने बताया कि नकल करने के आरोप में हाई स्कूल पैगा की छात्रा रजिया सुल्तान को निष्कासित किया गया।

रोहतास महिला कॉलेज से कॉपी लेकर भागने के आरोप में एक परीक्षार्थी निष्कासित

वहीं सासाराम जिले के 61 केंद्रों पर सोमवार से मैट्रिक बोर्ड की परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में शुरू हुई, जिसमें 50990 परीक्षार्थी शामिल हुए। कॉपी लेकर भागने के आरोप में एक परीक्षार्थी को निष्कासित किया गया।

नौ बजे के बाद केंद्र पर पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। पहले दिन की परीक्षा में 51330 परीक्षार्थियों को उपस्थित होना था, जिसमें से 50990 उपस्थित और 910 अनुपस्थित रहे।

पहली पाली में 25710 परीक्षार्थियों में से 25274 उपस्थित और 436 अनुपस्थित जबकि दूसरी पाली में 25590 में से 25116 उपस्थित और 474 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में रोहतास महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र से एक परीक्षार्थी को उत्तरपुस्तिका लेकर भागने के आरोप में निष्कासित किया गया है।

महनार में मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन 222 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित

वहीं दूसरी ओर वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2025 के अंतर्गत महनार अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत 11 परीक्षा केंद्रों पर प्रथम दिन की परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई। प्रथम दिन 222 परीक्षार्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे।

मिली जानकारी के अनुसार महनार अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत सहदेई बुजुर्ग प्रखंड में पांच परीक्षा केंद्रों संत मेरी पब्लिक स्कूल झुरुखिया, मिडिल स्कूल सुल्तानपुर, जेआरसी कॉलेज नयागांव, आरएनजी इंटरनेशनल स्कूल झुरुखिया एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय नयागांव सोनार टोली को परीक्षा केंद्र बनाया गया।

वहीं महनार प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत मिडिल स्कूल चमरहरा, जगदीश उच्च विद्यालय चमरहरा, आरपीएस कॉलेज चकेयाज, बिंदेश्वर प्रसाद सिंह आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल हसनपुर एवं महनार नगर क्षेत्र के अंतर्गत हाईस्कूल महनार बालक एवं गर्ल्स हाईस्कूल महनार में परीक्षा केंद्र बनाया गया है।

इन परीक्षा केंद्रों पर प्रथम दिन 10 हजार 498 परीक्षार्थियों दोनों पालियों में शामिल होना था। इनमें से 10 हजार 276 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। यहां कुल 222 परीक्षार्थी परीक्षा से उपस्थित रहे।

एसडीओ महनार ने बताया कि प्रथम पाली में 5204 परीक्षार्थियों में से 5100 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। जबकि 104 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में 5294 परीक्षार्थियों में से 5176 परीक्षार्थी परीक्षा में उपस्थित हुए।

वहीं 118 परीक्षार्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान एसडीओ नीरज कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर चल रही परीक्षा का जायजा लिया और मौके पर उपस्थित केंद्राधीक्षक एवं परीक्षा केंद्र पर तैनात में मजिस्ट्रेट को कदाचारमुक्त परीक्षा संपन्न कराने को लेकर कई आवश्यक निर्देश भी दिया।

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अब कैंसर के इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर, नीतीश सरकार ने दे दी खुशखबरी; 3 जिलों में होने जा रहा बड़ा काम

February 17, 2025 - 10:02pm

राज्य ब्यूरो, पटना। अगले तीन वर्ष के अंदर प्रदेश के सभी जिलों में कैंसर रोगियों के इलाज के लिए डे-केयर सेंटर खुलेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में काम प्रारंभ कर दिया है।

वर्तमान में राज्य के 17 जिलों में कैंसर डे-केयर सेंटर संचालित हैं। 12 जिलों में डे-केयर की सेवाएं बहाल की जा चुकी हैं। पांच जिलों में सेवाएं बहाल होने का काम अंतिम चरण में है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने पूरे देश में इस वर्ष 200 जिलों में डे-केयर की स्थापना की स्वीकृति दी है।

अब तक डे-केयर स्थापित नहीं किए जा सके

केंद्र के आदेश के राज्यों को आवंटित डे-केयर की संख्या स्पष्ट हो पाएगी। विभाग का दावा है कि राज्य में 21 जिले ऐसे हैं, जहां अब तक डे-केयर स्थापित नहीं किए जा सकें हैं। उम्मीद है सरकार की घोषणा के आलोक में 21 जिलों में ऐसे सेंटर खुलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

होमी भाभा कैंसर अनुसंधान केंद्र के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डा (मेजर) केएन सहाय ने बताया कि राज्य में गैर संचारी रोग के तहत वर्तमान में 17 डे केयर सेंटरों की स्वीकृति मिली है।

इन जगहों पर बन रहा डे-केयर
  • एनएमसीएच, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, बेतिया, मधेपुरा, अरवल, कैमूर, भोजपुर व बिम्स,पावापुरी शामिल हैं।
  • यहां पर डे केयर की सुविधा दी जा रही है. इसके अलावा बेगूसराय, समस्तीपुर, मोतिहारी, सिवान और किशनगंज में कैंसर मरीजों के लिए डे केयर की स्थापना अंतिम चरण में हैं।
  • बता दें कि डे-केयर में कैंसर मरीजों को ओपीडी की सेवाएं दी जाती है। इमसें उनके शरीर के अंदर जहां पर भी गांठ है उसकी जांच, जांच करने के बाद अगर मरीज में लक्षण पाए जाते हैं, तो उसे ट्यूमर बोर्ड के पास निर्णय लेने के लिए भेजना, बोर्ड द्वारा कैंसर के स्टेज जैसे कार्य संपादित किए जाते हैं।
  • इसके बाद उनके इलाज की लाइन निर्धारित की जाती है। डे-केयर में मरीजों को कीमोथिरेपी की सुविधा भी उपलब्ध होती है।
बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का बढ़ा भरोसा : मंगल पांडेय

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार हुआ है।

लोगों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर लगातार बढ़ रहा है। 2006 से पहले प्रत्येक महीने औसतन 39 मरीज सरकारी स्वास्थ्य केंद्रो में उपचार के लिए आते थे। परंतु निरंतर हुए सुधारों के बाद यह संख्या अब प्रतिमाह औसतन 11,000 तक पहुंच गई है।

यह परिवर्तन राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी और आम जन में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। पांडेय ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जनवरी 2024 में ओपीडी की औसतन प्रतीक्षा समय 72 मिनट थी, जो अब घटकर जनवरी 2025 में 36 मिनट तक हो गई है।

जनवरी 2025 में ओपीडी में 23,93,177 मरीज आए और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया। दवाओं के वितरित का प्रतिशत भी बढ़ा है। मई 2024 में जहां 69 प्रतिशत दवाइयां वितरित हुई थीं।

वहीं, जनवरी 2025 में ये आंकड़ा बढ़कर 83 प्रतिशत हो गया है। पैथोलाजी के जनवरी 2025 में 5,92,173 परीक्षण हुए हैं। पैथोलाजी परीक्षणों का ओपीडी दौरे के हिसाब से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।

मंत्री पांडेय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सभी नागरिकों को सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

इसी दिशा में राज्य सरकार ने चिकित्सा संसाधनों का विस्तार, अत्याधुनिक उपकरणों की आपूर्ति, डाक्टरों की संख्या में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अनेक पहल की हैं।

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Bihar Politics: तेजस्वी को लेकर ललन सिंह ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी, CM नीतीश कुमार का भी लिया नाम

February 17, 2025 - 8:56pm

राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार सोमवार को अचानक जदयू कार्यालय पहुंचे। यहां कुछ देर रुके। उपस्थित नेताओं-कार्यकर्ताओं से हालचाल पूछा और वापस लौट गए। उनके साथ केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह भी थे।

संवाददाताओं से बातचीत के दौरान ललन सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव स्थायी रूप से विपक्ष में ही रहेंगे। 2025 के विधानसभा चुनाव में भी मुख्यमंत्री बनने का उनका सपना पूरा नहीं होगा, क्योंकि राज्य के लोगों की यादाश्त ठीक है। लोग 2005 से पहले के बिहार को भूल नहीं गए हैं।

लालू के बयान को बताया हास्यास्पद

ललन सिंह सोमवार को यहां जदयू के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने लालू प्रसाद के इस दावे को हास्यास्पद करार दिया कि इस साल राज्य में एनडीए की सरकार नहीं बनेगी।

'20 साल से नीतीश ही मुख्यमंत्री हैं'

ललन ने कहा कि लालू प्रसाद तो 20 साल से सरकार बनने से रोकने के प्रयास में हैं, लेकिन पिछले 20 साल से नीतीश कुमार ही इस राज्य के मुख्यमंत्री हैं। नीतीश ने राज्य का विकास किया है। आज भी वे प्रगति यात्रा के माध्यम से जिलों का भ्रमण कर रहे हैं। विकास योजनाओं को लागू कर रहे हैं।

'किस बात के लिए भारत रत्न दिया जाए?'

एक प्रश्न था- कुछ लोग लालू प्रसाद को भारत रत्न देने की मांग कर रहे हैं। सिंह ने प्रति प्रश्न किया- उन्हें किस बात के लिए भारत रत्न दिया जाए। राज्य में जंगलराज कायम करना ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लालू प्रसाद के किसी वक्तव्य को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

फ्रस्ट्रेशन में हैं तेजस्वी: प्रभाकर मिश्र

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि तेजस्वी वहम की दुनिया के सरताज हैं। हर समय इन्हें कोई न कोई गलत वहम हो जाता है। असल में तेजस्वी यादव अपनी तय करारी हार की वजह से फ्रस्ट्रेशन में हैं। ज्यादा फ्रस्ट्रेशन उनके सियासी कैरियर में डिप्रेशन की वजह बन सकता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दिल्ली यात्रा को लेकर भी इनके मन में बैचेनी है। जिसके पास कम बुद्धि होती है, वह ऐसे ही वहम का शिकार रहता है। कम सुनने वाले लोग जब किसी को बातचीत करते देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि उसकी शिकायत हो रही है।

मुख्यमंत्री दिल्ली शादी समारोह में सम्मिलित होने गए थे और तेजस्वी यादव को लगता है कि कोई डील करने गए थे। मुख्यमंत्री चाहे प्रगति यात्रा पर हों, नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में हों, या दिल्ली यात्रा पर, नेता प्रतिपक्ष की नींद उड़ जाती है।

बिहार सरकार खर्च नहीं कर पाती बजट का पूरा पैसा : डॉ. अखिलेश

एक तरफ ललन सिंह और बीजेपी नेता प्रभाकर मिश्र ने तेजस्वी पर निशाना साधा है तो दूसरी तरफ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने एनडीए सरकार को आड़े हाथों लिया। डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा है कि बिहार सरकार अपने बजट का पूरा पैसा खर्च नहीं कर पाती। लिहाजा आवंटित राशि सरेंडर हो जाती है, परंतु हर साल अनुपूरक बजट जारी करने का दिखावा किया जाता है।

'नीतीश कुमार और भाजपा के नेता केवर ख्याली पुलाव...'

डॉ. सिंह ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि 2018 से 2023 तक के बजट के आंकड़ों का अध्ययन करने पर साफ दिखता है कि बजट आवंटन का पूरा पैसा खर्च नहीं होता। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के नेता केवल ख्याली पुलाव पकाकर दिवास्वप्न दिखाते हैं। 2022-23 में 66509.62 करोड़ रुपए वापस गए, जबकि कुल आवंटित राशि 301686.46 करोड़ ही थे, परंतु इनका पूरा उपयोग भी बिहार सरकार नहीं कर सकी थी।

उन्होंने कहा कि बिहार का विकास करने का दावा करने वाली ये डबल इंजन की एनडीए सरकार बिहार के लोगों की मासूमियत का बेजा फायदा उठा रही है।

बिहार को विशेष पैकेज और स्टेटस की बात करने वाले ये समझ जाएं कि उनकी नीति आम बिहारी समझ चुके हैं और इनके कथनी करनी का फर्क भी ये आंकड़े बता रहे हैं। ऐसे में बिहार के लोगों को छलने और ठगने का काम अविलंब नीतीश भाजपा की सरकार को बंद कर देना चाहिए।

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Bihar News: NH-SH पर होने जा रहा ये काम, सड़क सुरक्षा को लेकर लिया गया बड़ा फैसला

February 17, 2025 - 8:42pm

राज्य ब्यूरो, पटना। सड़क हादसों में घायलों को त्वरित इलाज मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और राजकीय राजमार्ग (एसएच) के पांच से सात किलोमीटर के दायरे में ट्रामा सेंटर बनाए जाएंगे।

यातायात नियमों के सख्ती से अनुपालन के लिए सभी शहरों में कैमरे से नजर रखी जाएगी। यह बातें सोमवार को अधिवेशन भवन में आयोजित सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान निकलकर सामने आईं।

परिवहन मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी-निजी अस्पताल दुर्घटना में घायलों का पहले इलाज करें, उसके बाद घायल के स्वजनों को खबर दें। किसी के इंतजार में इलाज में देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के साथ आम लोग भी इंसानियत को प्राथमिकता देंगे, तो सड़क पर होने वाली मौत का आंकड़ा खुद ही कम हो जाएगा। बच्चों के पाठ्यक्रम में भी सुरक्षा विषय को जोड़ने पर काम हो रहा है।

यातायात व्यवस्था की जाएगी दुरुस्त

मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने कहा कि सभी शहरों में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कैमरा लगाया जा रहा है। इसके बाद पंचायत स्तर पर भी सभी चौक-चौराहे पर कैमरा लगाए जाने की योजना है।

सचिव ने बताया कि परिवहन, यातायात आदि विभाग मिलकर एक नई तकनीक विकसित कर रहे हैं, जिसके तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर उसका संदेश सभी जगहों पर पहुंचेगा और ऑनलाइन जुर्माना लगाया जाएगा।

इससे डाटा संग्रह करने में भी आसानी होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए शपथ दिलाई जाए।

मोबाइल नंबर अपडेट नहीं तो जाएगा नोटिस

डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि हत्या से अधिक मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है। एक साल में औसत 2500 हत्याएं होती है, जबकि सड़क हादसों में करीब नौ हजार लोगों की मौत होती है। सड़क सुरक्षा से ही इस आंकड़े को कम किया जा सकता है।

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि एक अप्रैल के बाद वैसे सभी वाहन चालकों को नोटिस भेजी जाएगी, जिनका मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होगा।

मौके पर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष यूसी मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक यातायात सुधांशु कुमार और राज्य परिवहन आयुक्त नवीन कुमार सहित सभी डीटीओ, एडीटीओ, एमवीआई मौजूद थे।

वैशाली-बक्सर के डीएम और अरवल, वैशाली, जहानाबाद के एसपी सम्मानित 

सड़क दुर्घटना पीड़ित और उनके आश्रितों को मुआवजा देने में बेहतर कार्य करने के लिए वैशाली के डीएम यशपाल मीणा, बक्सर के डीएम अंशुल अग्रवाल और शेरघाटी के एसडीओ सारा अशरफ को सम्मानित किया गया।

वहीं सड़क सुरक्षा एवं यातायात के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए अरवल एसपी डॉ. इनामुलहक, वैशाली एसपी ललित मोहन शर्मा और जहानाबाद एसपी अरविंद प्रताप सिंह को भी सम्मानित किया गया।

इसके अलावा बेहतर कार्य करने वाले डीटीओ, एडीटीओ, एमवीआई एवं अन्य मददगार गुड सेमेरिटन को सम्मानित किया गया।

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Bihar New Highway: बिहार को मिल सकता है नया हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

February 17, 2025 - 7:50pm

जागरण टीम, पटना/गया। उपमुख्यमंत्री सह पथ निर्माण मंत्री विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) ने साेमवार को कहा कि राज्य सरकार द्वारा केंद्र को नारायणी-गंगा कॉरिडोर का प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

इस कॉरिडोर से राज्य के उत्तर-दक्षिण हिस्से को संपर्कता मिलेगी। यह नए हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (High Speed Greenfield Corridor) के रूप में विकसित होगा। इसमें गंडक नदी पर एक नए पुल का प्रस्ताव भी शामिल है।

इन जिलों को मिलेगा लाभ

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर से राज्य के उत्तर-पश्चिम कोने की सीधी संपर्कता दक्षिण-पश्चिम कोने से हो जाएगी। इससे भोजपुर, सारण, सीवान, गोपालगंज और पश्चिम चंपारण जिले को त्वरित संपर्कता हासिल होगी।

पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर से होगा कनेक्ट

प्रस्तावित कॉरिडोर बगहा से आरा के पातर के बीच बनेगा। यह कॉरिडोर पटना-आरा-सासाराम हाईस्पीड कॉरिडोर (Patna Ara Sasaram Corridor) से जुड़ जाएगा।

अभी आरा व छपरा के बीच गंगा पर जो पुल है, उस पर वाहनों का अधिक दवाब है। इस वजह से गंगा नदी पर रिविलगंज में एक और पुल के निर्माण पर विचार किया जा रहा।

विजय सिन्हा ने बताया कि यह प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लक्ष्य के अनुरूप त्वरित संपर्कता उपलब्ध कराने की दिशा मे भी यह कॉरिडोर निर्णायक साबित होगा।

प्रगति यात्रा के गुजरते ही आरा-पटना मार्ग फिर हुआ जाम

एक तरफ राज्य को आए दिन नए हाईवे व एक्सप्रेस-वे की सौगात मिल रही है। वहीं दूसरी तरफ, अभी भी कई जिलों में हाईवे पर जाम की स्थिति बनी हुई है। गया जिले के कोईलवर का नाम आते ही हाईवे से गुजरने वाले लोगों के जेहन में जाम का भय सताने लगता है। रविवार को जिले में 'प्रगति यात्रा' के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आगमन हुआ। तैयारी पहले से हो रही थी।

इसे लेकर कोईलवर में सभी हाईवे पर जाम ऐसा खत्म हुआ कि चार दिनों से पटना-बक्सर फोरलेन पर वाहन सरपट दौड़ने लगे। बिहटा से कोईलवर मनभावन मोड़ तक दस किलोमीटर हाईवे पर एक भी बालू लदे ट्रक या भारी वाहन नहीं दिखे। जिससे बीस किलोमीटर लंबे आरा-छपरा हाईवे पर भी नो ट्रैफिक रहा। हालांकि, सोमवार से सड़क फिर पुरानी स्थिति में लौट गई और जाम लगना शुरू हो गया।

चार दिनों से बालू अनलोड और लोड ट्रकों की रोक के कारण सकड्डी-नासरीगंज स्टेट हाईवे और खदान जाने वाली लिंक सड़क पर भी कोई ट्रक नहीं चला। जिससे लोगों की यात्रा काफी सुगम रही। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर चार दिन पहले से ही खनन विभाग ने बालू चालान बंद कर दिया था। जिससे भोजपुर जिले के 34 बालू घाट से बालू का चालान नहीं कटा, न ही कोई ट्रक खदान गया।

अनुमान है कि चार दिनों में लगभग 15 से 16 हजार बालू लदे ट्रक खदान से नहीं निकले। जिससे बालू संवेदकों को क्षति हुई है। हालांकि, राजस्व पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। वहीं, रविवार की रात से फिर से बालू लोड करने के ट्रकों का खदान में जाना शुरू हो गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बालू खनन से सरकार का खजाना तो भरता है, लेकिन उसके परिवहन की फिलहाल सरकार के पास कोई योजना नहीं है। ऐसे में खनन शुरू होते ही कोईलवर से चांदी और आरा-छपरा मार्ग जाम की गिरफ्त में आ जाता है।

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Bihar Smart Meter: मार्च तक बदले जाएंगे खराब स्मार्ट प्रीपेड मीटर, BSPHCL ने एजेंसियों को दिया निर्देश

February 17, 2025 - 7:08pm

जागरण टीम, पटना/गया। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के सीएमडी पंकज कुमार पाल ने सोमवार को प्रदेश मे स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा रही एजेंसियों के कार्यों व अन्य विषयों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने एजेंसियों को यह निर्देश दिया कि खराब स्मार्ट प्रीपेड मीटर को मार्च तक बदल दिया जाए। नॉन कम्यूनिकेटिंग मीटरों को शीघ्र ठीक किया जाए।

बिजली कंपनी के सीएमडी ने यह कहा कि डोर टू डोर उपभोक्ता संपर्क को बढ़ाया जाए। बड़े बकायदारों की सूची बनाकर उनके परिसर में जाकर राजस्व संग्रह किया जाए। राजस्व संग्रहण में तेजी लाने को ले प्रत्येक शुक्रवार खराब प्रदर्शन करने वाले पांच डिवीजनों की समीक्षा की जाए।

मीटर लगाने वाली एजेंसियों को चेतावनी

मीटर लगा रही एजेंसियों को यह चेतावनी दी गयी कि यदि वे लंबित कार्यों को तय समय में पूरा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एजेंसियों को टाइमलाइन के हिसाब से पूरा करने का निर्देश दिया गया। ट्रांसफार्मर मीटरिंग की योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया।

'हर शुक्रवार को होगी रिव्यू मीटिंग'

बिजली कंपनी के सीएमडी ने कहा कि दोनों वितरण कंपनियां हर जगह नया स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिए उचित आधारभूत संरचना उपलब्ध कराएं। हर शुक्रवार को प्रत्येक एजेंसी व फील्ड के अधिकारी रिव्यू मीटिंग करें।

बैठक में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे व साउथ बिहार पावर डिस्ट्री ब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार सहित दोनों वितरण कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

सभी अंचलों के अधीक्षण अभियंता व प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

गया: बिजली बिल में सुधार के लिए पंचायतों में लगेगा शिविर

दूसरी ओर, बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को आगाह किया है कि बकाया राशि समय से जमा करें। बिजली कनेक्शन कटने से बचें। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के द्वारा विद्युत आपूर्ति प्रशाखा की पंचायतों में बिजली बिल में सुधार के लिए शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर 10 फरवरी से शुरू किया गया है, जो आगामी 30 मार्च 2025 तक चलेगा।

बिल सुधार एवं राजस्व वसूली को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। फतेहपुर जेई जितेंद्र कुमार ने प्रखंड के सभी उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि जिसके पास बिजली बिल बकाया है। उसे जमा करें। अन्यथा बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा।

जेई ने आगे बताया कि शिविरों का उद्देश्य बिल सुधार, राजस्व वसूली, उपभोक्ता शिकायत निवारण एवं बिजली चोरी की जांच करना है। शिविर में उपभोक्ताओं को बिल सुधार, प्रीपेड मीटर से जुड़ी समस्या, मीटर खराबी, नए कनेक्शन में देरी आदि का समाधान किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 10 हजार से उपर बकाया राशि रहने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा। जेई ने बताया कि राजस्व वसूली को सुचारू बनाने के लिए बिलिंग एजेंसी की मोबाइल पैन, ई-वॉलेट एवं ऑन-साइट भुगतान सुविधा उपलब्ध की गई है।

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Khan Sir: 'सरकार और BPSC ने माना धांधली हुई', रीएग्जाम को लेकर खान सर बोले- कॉलेजों के नाम हाईकोर्ट को बताएंगे

February 17, 2025 - 7:00pm

डिजिटल डेस्क, पटना। बीपीएससी 70वीं परीक्षा को दोबारा कराने की मांग फिर से उठ गई है। पटना में इस मांग को लेकर फिर से खान सर सड़क पर उतर गए।

वह पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठे। उनके साथ कई छात्र भी मौजूद थे। खान सर ने शुरू में कहा कि छात्रों की री-एग्जाम की मांग एकदम जायज है।

खान सर ने धरना प्रदर्शन के दौरान कुछ ऐसी बातें भी कही, जिनसे बिहार भर में हड़कंप मच सकता है। खान सर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने लड़ाई जीत ली है, अब यह तैयारी चल रही है कि कब केक काटा जाएगा।

अपनी मंजिल तक पहुंच चुके हैं- खान सर 
  • उन्होंने कहा कि सरकार अब मान चुकी है कि उनके पास दोबारा परीक्षा कराने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।
  • सबके प्रयासों से हम अपनी मंजिल पर पहुंच चुके हैं। अब मजिस्ट्रेट हो, प्रशासन हो या BPSC, सबने मान लिया है कि दोबारा परीक्षा होगी। 
  • खान सर ने आगे कहा कि कभी कभी ऐसा होता है कि कुछ लोग नाराज होते हैं, जिनको ईगो की वजह से मानने में समय लगता है।
  • उन्होंने कहा कि खैर, हमारे पास सबूत हैं कई जगहों पर प्रश्नपत्र बदले गए, खास तौर पर खगड़िया और भागलपुर में। नवादा और गया में कोषागार से प्रश्नपत्र चोरी हुए। हम सभी कॉलेजों के नाम हाईकोर्ट को बताएंगे।

#WATCH | Patna, Bihar | Educator and YouTuber Khan Sir says, "...We have won the fight...The government has now understood that they have no other option than to conduct the re-exams...we have reached our destination. Now, whether it is the magistrate, the administration, or the… pic.twitter.com/htVS0rskYP

— ANI (@ANI) February 17, 2025 परीक्षा में बड़ी धांधली हुई- खान सर 

खान सर ने कहा कि कुछ कॉलेजों में अभ्यर्थी बदल गए, परीक्षा देने कोई और बैठा, लेकिन थोड़ी देर बाद उसकी जगह पर कोई और नजर आया। 22 केंद्रों को परीक्षा लेकर नॉर्मलाइजेशन कराया गया, जबकि सख्त निर्देश था कि नॉर्मलाइजेशन नहीं होगा।

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खान सर ने कहा कि 13 दिसंबर को जो परीक्षा हुई, उसमें 6 प्रतिशत रिजल्ट, इसके बाद 4 जनवरी को जो परीक्षा हुई, उसमें 19 प्रतिशत रिजल्ट आया। क्या बाद में जो परीक्षा हुई, उनमें छात्रों को परीक्षा का पैटर्न पता था? बड़ी धांधली हुई है, कोर्ट हमारे में फेवर फैसला देगा। 

VIDEO | Faisal Khan, popularly known as Khan Sir leads a protest in support of BPSC students in Patna, Bihar. Here's what he said:

"Government will benefit the most from re-exam. The demand for re-exam is not wrong."

(Full video available on PTI Videos-… pic.twitter.com/W8zkwyC8Dm

— Press Trust of India (@PTI_News) February 17, 2025

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Bihar News: अब पुराने ब्लॉक में नहीं होगा दरभंगा के इन तीन गांवों का काम, जारी हुआ नया नोटिफिकेशन

February 17, 2025 - 6:03pm

राज्य ब्यूरो, पटना। दरभंगा जिले के तीन राजस्व ग्रामों का अंचल बदल गया है। ये गांव पहले अलीनगर अंचल में थे। अब ये गांव बेनीपुर अंचल से संबद्ध होंगे।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह की ओर से साेमवार को इसको लेकर एक अधिसूचना जारी की गई है। इस अधिसूचना के अनुसार अलीनगर अंचल के राजस्व ग्राम श्रीपुरजगत, मुहम्मदपुर एवं सीमा बलहा अब बेनीपुर अंचल से संबद्ध होंगे।

चार फरवरी को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। इससे पहले इन राजस्व ग्रामों को जनवरी 2012 में बेनीपुर से अलग कर अलीनगर अंचल से जोड़ा गया था।

तरैया अंचल कार्यालय के कब्जे में है पंचायत सरकार भवन

वहीं दूसरी तरफ सारण जिले में पंचायत सरकार भवन का कार्य धीमी गति से चल रहा है। पंचायत सरकार भवन ग्रामीणों की जरूरतों को आसान बनाने की परियोजना है, लेकिन इसका क्रियान्वयन इतनी धीमी गति से हो रहा है कि ग्रामीण इस योजना के लाभ मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

तरैया प्रखंड में कुल 13 पंचायत है। इनमें तरैया, पचौड़र व डुमरी पंचायत को छोड़ शेष नारायणपुर व भागवतपुर में भूमि विवाद तो भटगाई, माधोपुर, डेवढ़ी, पोखड़ेरा, पचभिंडा व चंचलिया पंचायत में 02 करोड़ 98 लाख की लागत से पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य योजना प्रक्रिया में है।

पंचायत सरकार भवन अर्थात गांव का सचिवालय बनने का सपना अभी पूरा होता नहीं दिख रहा हैं। तरैया पंचायत सरकार भवन 1 करोड़ 10 लाख की लागत से बनकर तैयार तो हुआ मगर उसपर तरैया अंचल कार्यालय का कब्जा है।

पंचायत सरकार भवन में अंचल कार्यालय का शिफ्ट होना सरकार की प्रतिबद्धता को झूठलाने जैसा है। अब किसके आदेश से इस पंचायत सरकार भवन को अंचल कार्यालय बना दिया गया, यह जांच का विषय है।

वहीं पचौड़र पंचायत सरकार भवन बनकर तैयार है। इनमें कुछ कर्मियों का वास है। डुमरी पंचायत में भी पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। अब राशि के अभाव में पिछले तीन वर्षों से निर्माण कार्य बंद है। निर्माण कार्य के लिए आवंटित 01 करोड़ 10 लाख की राशि में से अबतक 5.28 लाख ही निर्गत किया गया है।

राशि के अभाव में निर्माण कार्य ठप

शेष राशि के अभाव में निर्माण कार्य ठप है। अब राशि का आवंटन कब होता है, यह किसी को नहीं पता। ग्रामीणों के ग्राम पंचायत स्तर के कार्य के अलावा प्रखंड व अंचल कार्यालय में होने वाले आरटीपीएस से जुड़े कई कार्य कराने के लिए सभी पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी कर्मियों को एक ही स्थान पर जुटाने की सरकार की यह कोशिश सफल होती नहीं दिख रही है।

ऑनलाइन आवेदन के लिए ग्रामीण साइबर कैफे में दोहन का शिकार भी हो जाते है। अब देखना यह है कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण कब तक पूर्ण होगा और इसका क्रियान्वयन कब शुरू होता है। वैसे पंचायत सरकार भवन का मकसद है कि पंचायत की समस्याओं का समाधान पंचायत में ही हो सके।

इन भवनों में पंचायत के कार्यालय, बैठकें और पंचायत सचिव का आवास होता है। साथ ही इन भवनों में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सुविधाएं भी मिलती हैं। बोली प्रखंड प्रमुख सरकार की महत्वकांक्षी योजना के तहत पंचायत सरकार भवन का निर्माण करना है।

इसमें एक भवन में पंचायत के सभी कार्यों का निष्पादन करना है। तरैया पंचायत सरकार भवन पर अंचल कार्यालय का कब्जा है, जो ग्रामीणों हित में नहीं है। डुमरी में राशि के अभाव में योजना ठप है। शेष पंचायत में निर्माण कार्य प्रकिया में है। - प्रीति कुमारी प्रखंड प्रमुख, तरैया

तरैया पंचायत सरकार भवन में अंचल कार्यालय किसके आदेश पर संचालित किया जा रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। इसे पता किया जा रहा है। पंचायत सरकार भवन का लाभ लोगों को मिलना चाहिये। - पंकज कुमार सिंह सीओ, तरैया

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Bihar News: मार्च तक बदल जाएगी NMCH की सूरत, मरीजों को अब इन परेशानियों का नहीं करना पड़ेगा सामना

February 17, 2025 - 5:26pm

जागरण संवाददाता, पटना सिटी। बेड की कमी का दंश झेल रहे नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तीन माह के निर्धारित लक्ष्य की जगह तीन साल बाद एक सौ बेड के मेडिसिन वार्ड का निर्माण कार्य जारी है।

इनमें से तीस बेड की आइसीयू बनाने की योजना है। सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थित सेंट्रल लाउंड्री के प्रथम तल पर बन रहा फैब्रिकेटेड वार्ड मार्च तक एनएमसीएच को सुपुर्द हो जाएगा।

औषधि विभाग में बेड की कमी के कारण मरीजों को भर्ती करने की समस्या लंबे समय से जारी है। विभाग का वार्ड लगभग पांच सौ मीटर दूर दो जगहों पर बंटा होने से चिकित्सा सेवा एवं व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना विकास निगम के एनएमसीएच स्थित अधिकारी ने बताया कि एक सौ बेड के फैब्रिकेटेड वार्ड का ढांचा तैयार हो गया है।

इस पर छत डालने और डिवाइडर लगाने का काम जारी है। मार्च में यह वार्ड आंतरिक व्यवस्था के साथ पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत इमरजेंसी कोविड रेस्पांस पैकेज के तहत एक सौ बेड का फील्ड अस्पताल बनाने के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को वर्ष 2022 में 7.5 करोड़ रुपए मिला था। तीन माह में यह अस्पताल तैयार होना था। उसी योजना और उतनी ही राशि से वार्ड बनाया जा रहा है।

औषधि विभाग में बेड की कमी से मरीज परेशान
  • एनएमसीएच स्थित औषधि विभाग के पुराने भवन के वार्ड डी और ई में 60 मरीजों के लिए बेड लगा है। यहां केवल आठ बेड की मेडिसिन आइसीयू है।
  • अस्पताल के बाहर पूरब में स्थित सेंटर आफ एक्सीलेंस परिसर के फैब्रिकेटेड फील्ड अस्पताल में कुछ मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
  • विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि यहां डेंगू तथा कैंसर मरीजों के लिए भी वार्ड बना है। बेड की संख्या कम होने से मरीजों को भर्ती करने में समस्या होती है।
  • सेंट्रल इमरजेंसी में भी औषधि विभाग के मरीजों के लिए जगह कम है। तैयार हो रहे वार्ड में तीस बेड की आइसीयू विकसित करने की योजना है।

एक सौ बेड का फैब्रिकेटेड वार्ड तैयार होते ही औषधि विभाग में बेड की कमी की समस्या दूर हो जाएगी। नये वार्ड में मरीज शिफ्ट होने के बाद खाली होने वाली पुराने भवन की जगह में टीबी मरीजों के लिए वार्ड बनाया जाएगा। फिलहाल टीबी मरीज सेंट्रल इमरजेंसी में भर्ती हो रहे हैं।- प्रो. डॉ. अलका सिंह, अधीक्षक, एनएमसीए

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PM Kisan 19th Installment: बिहार के 2.78 लाख किसानों को नहीं मिलेगी सम्मान निधि की राशि, सामने आई वजह

February 17, 2025 - 5:22pm

राज्य ब्यूरो, पटना। देश के किसानों को सम्मान निधि की 19वीं किस्त (PM Kisan 19th Installment) की राशि देने 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) भागलपुर आ रहे हैं।

मोदी इस अवसर पर बिहार के लगभग 81 लाख किसानों के खाते में 164 करोड़ रुपये की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर करेंगे, लेकिन ई-केवाईसी नहीं कराने वाले 2.78 लाख किसान सम्मान निधि से वंचित हो जाएंगे।

क्यों नहीं मिलेगी राशि?

ये ऐसे किसान हैं जिन्होंने कई बार ध्यान दिलाने के बावजूद लापरवाही में ई-केवाईसी नहीं कराई। नतीजा, 15वीं किस्त से ही राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसके अतिरिक्त, डीबीटी पोर्टल पर 2.74 लाख किसानों लिंक नहीं कराया है।

ई-केवाईसी सत्यापन के तहत नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में आधार सीडिंग करानी होती है। ऐसा नहीं कराने के कारण इन किसानों की किस्त बंद है।

हालांकि, प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए कृषि विभाग का तंत्र किसानों से लगातार संपर्क आधार सीडिंग दुरुस्त कराने का प्रयास कर रहा है।

2018 में लागू हुई थी ये स्कीम

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा पहली दिसंबर 2018 से लागू योजना के तहत गत वर्ष पांच अक्टूबर-2024 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत 18वीं किस्त में 1,552 करोड़ रुपये का भुगतान बिहार के 76,18,784 किसानों के बैंक खाते में किया गया था।

हर साल मिलते हैं 6 हजार रुपये

योजना के अन्तर्गत रैय्यत किसान परिवार को सहायता राशि के रूप में 6,000 रुपये प्रतिवर्ष प्रत्येक चार माह के अन्तराल (अप्रैल से जुलाई, अगस्त से नवंबर एवं दिसंबर से मार्च) पर 2,000 रुपये के तीन बराबर किस्तों में भुगतान केंद्र सरकार करती है।

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