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Updated: 3 hours 26 min ago

Dairy Cattle Insurance: दुधारू पशुओं का कराइए बीमा, 75 प्रतिशत खर्च उठाएगी नीतीश सरकार

February 27, 2025 - 6:00am

जागरण संवाददाता, पटना। अगर आपके पास भी दुधारू पशु (Dairy Cattle Insurance Bihar) है और आप उसका बीमा कराना चाहते हैं तो खर्च की चिंता मत कीजिए। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के गव्य निदेशालय की ओर से दुधारू मवेशियों के लिए पशु बीमा की जा रही है।

बीमा का लाभ लेने के लिए आवेदक को बीमा के किस्त का सिर्फ 25 प्रतिशत ही भुगतान करना होगा जबकि 75 प्रतिशत भुगतान सरकार करेगी।

योजना का उद्देश्य:

इस योजना का उद्देश्य सभी वर्ग के पशुपालकों के दुधारू मवेशियों की बीमा कर गंभीर बीमारी जैसे लंपी त्वचा रोग, एचएसबीक्यू और अन्य कारणों से मृत्यु होने की स्थिति में पशुपालकों को होने वाले आर्थिक क्षति से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार लाना है।

बीमा की अधिकतम राशि 60 हजार निर्धारित:

इस योजना में प्रति दुधारू मवेशी का अधिकतम मूल्य 60 हजार निर्धारित है। जिस पर 3.5 प्रतिशत की दर से बीमा की कुल राशि 2100 रुपये होंगे। इसमें राज्य सरकार द्वारा 75 प्रतिशत राशि 1575 रुपये अनुदान के रूप में दिया जाएगा। शेष 25 प्रतिशत राशि 525 रुपये बीमा कंपनी को पशुपालकों द्वारा भुगतान किया जाएगा।

चयन में प्राथमिकता:

योजना के तहत दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति के सदस्यों के दुधारू पशुओं का बीमा में वरीयता दिया जाएगा। इस योजना के तहत वैसे दुधारू मवेशियों का बीमा कराया जाएगा, जो स्वस्थ हो तथा पुश चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य प्रमाण पत्र निर्गत किया गया हो। योजना का कार्यान्वयन राज्य के सभी जिलों में जिला के जिला गव्य विकास पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा।

एक वर्ष के लिए होगा बीमा:

बीमा कंपनी द्वारा दुधारू मवेशियों का बीमा एक वर्ष के लिए किया जाएगा। बीमा कंपनी द्वारा दुधारू मवेशियों में डाटा ईयर टैग लगाया जाएगा, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लाभुक की होगी। योजना का लाभ लेने के लिए गव्य विकास निदेशाल की वेबसाइट dairy.bihar.gov.in पर ऑनलाइन करना होगा।

1. बीमा योजना का उद्देश्य

गंभीर बीमारियों से पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।

2. वित्तीय वितरण

सरकार 75% राशि देगी, जबकि 25% राशि पशुपालकों को अदा करनी होगी।

3. आवेदन प्रक्रिया और प्राथमिकता

आवेदन गव्य विकास निदेशालय की वेबसाइट पर होंगे, और दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति के सदस्य को प्राथमिकता मिलेगी।

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Bihar Cabinet: भाजपा कोटे के मंत्रियों में उत्तर बिहार का वर्चस्व, दक्षिण से 2 बड़े चेहरों ने संभाल रखा है मोर्चा

February 26, 2025 - 10:50pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बुधवार को महाशिवरात्रि पर हुए मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा ने उत्तर बिहार के कोर वोट बैंक को विशेष प्राथमिकता दी है। पार्टी कोटे से दो उप मुख्यमंत्री समेत कुल 21 मंत्री हैं।

उनमें उत्तर बिहार से 15 तो दक्षिण बिहार से दो उप मुख्यमंत्री के साथ छह मंत्री हैं। लगभग 13 माह बाद हुए मंत्रिमंडल विस्तार में पार्टी ने यादव समुदाय को छोड़कर लगभग सभी जातियों को साधने का प्रयास किया है। पहली बार कुर्मी और कुशवाहा (कोईरी) के प्रति पार्टी नेतृत्व ने विशेष समर्पण दिखाई है।

दक्षिण बिहार से यह लोग मंत्री

दक्षिण बिहार से उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के अतिरिक्त प्रेम कुमार, संतोष सिंह एवं नितिन नवीन के बाद अब डॉ सुनील कुमार को मंत्री बनाया गया है।

उत्तर बिहार से मंगल पांडेय, रेणु देवी, नीतीश मिश्रा, सुरेन्द्र मेहता, जनक राम, केदार गुप्ता, कृष्णनंदन पासवान, नीरज कुमार सिंह, संजय सरावगी, जीवेश कुमार, राजू कुमार सिंह, मोतीलाल प्रसाद, कृष्ण कुमार मंटु, हरि सहनी, विजय कुमार मंडल मंत्री हैं।

चिराग ने नये मंत्रियों को बधाई दी
  • नीतीश मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सभी नये मंत्रियों को बधाई दी।
  • पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेश भट्ट ने बताया कि राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल कार्यक्रम में शामिल हुआ और सभी नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई दी।
शपथ ग्रहण समारोह में विकास पुरुष से लेकर जय श्रीराम के खूब लगे नारे

नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले सात नये मंत्रियों का शपथ ग्रहण का निर्धारित समय चार बजे अपराह्न था। लेकिन, राजभवन के बाहर राजेन्द्र चौक पर उनके समर्थकों और एनडीए के कार्यकर्ताओं व नेताओं की जुटान दोपहर ढाई बजे से ही शुरू हो गई थी।

उत्साह और उमंग में कार्यकर्ताओं द्वारा रह-रह कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिन्दाबाद, विकास पुरुष जिन्दाबाद... और जय श्रीराम के नारे भी लगा जा रहे थे।

आम दिनों में राजेन्द्र चौक का सीन शांत रहता है, किंतु बुधवार को यह चौक चमचमाती लग्जरी वाहनों, नेताओं की चमक-दमक और मीडिया कर्मियों की आपाधापी से गुलजार था।

बिहार पुलिस के सैकड़ों जवान भी राजेन्द्र चौक पर व्यवस्था को संभालने और भीड़ को अनुशासित रखने में जुटे थे।

जब एक अणे मार्ग से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कारकेड निकला और राजभवन परिसर में प्रवेश करने के लिए मेनगेट की ओर बढ़ा तब कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारों से उनका स्वागत किया।

फिर जब मुख्यमंत्री राजेन्द्र मंडप में प्रवेश किए तब भी प्रेक्षागृह में बैठे कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारे से उनका स्वागत किया।

इसके बाद जब राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां द्वारा मंच पर एक-एक कर मंत्रियों को शपथ दिलायी जा रही थी तब भी जयश्रीराम और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार... विकास पुरुष जिन्दाबाद... के नारे लगते रहे।

राजद ने मंत्रिमंडल विस्तार को बताया औचित्यहीन

राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने सरकार को पूर्णतया भाजपा की गिरफ्त में बताया है।

बुधवार को बयान जारी कर उन्होंने कहा कि कुछ महीनों के लिए मंत्रिमंडल विस्तार का कोई औचित्य नहीं था। जदयू की हिस्सेदारी को लेकर भाजपा के साथ तालमेल नहीं बैठाने के कारण ही नीतीश कुमार जब तक स्वतंत्र निर्णय लेने की स्थिति में थे, मंत्रिमंडल का विस्तार टालते रहे।

पिछले दिनों अपनी सभाओं में नीतीश ने महिला और मुसलमानों की खूब चर्चा की, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार में उसका ध्यान नहीं रखा गया। जदयू के आधार वोट में सेंधमारी के लिए नीतीश के स्वजातीय को भी भाजपा ने मंत्री बनाया है।

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Dilip Jaiswal Resign: सोशल मीडिया पर छाया दिलीप जायसवाल का रेजिग्नेशन लेटर, खोज निकाली 4 गलतियां

February 26, 2025 - 9:02pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार (Bihar Cabinet Expansion) की चर्चा तो रही, लेकिन इंटरनेट मीडिया पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल का रेजिग्नेशन लेटर छाया रहा। यह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के पद से डॉ. जायसवाल का त्याग पत्र था।

उन्होंने स्वलिखित त्याग पत्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भेजा। यह तत्काल स्वीकृत हो गया। कुछ देर बाद ही उनका त्याग पत्र इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर तैरने लगा।

रेजिग्नेशन लेटर में कई गलतियां

यूजर्स ने उनके त्याग पत्र में कुल चार गलतियां निकाल ली। पहली गलती यह कि उन्होंने बिहार को 'विहार' लिखा है। इसी तरह इस्तीफा (इस्तिफा), सूचित (सुचित) और कार्रवाई (कार्यवाही) लिखने में भी गलती की।

यूजर्स ने किया ट्रोल

यूजर्स ने उनके विरूद्ध प्रतिक्रियाएं दी, लेकिन कुछ ऐसे भी यूजर्स थे, जिन्होंने मंत्री के हौसले की प्रशंसा की। ऐसे लोगों का कहना था कि मंत्रियों के पास चिट्ठी-पत्री लिखने वाले ढेरों लोग होते हैं, मगर मंत्री जी ने किसी को कष्ट नहीं दिया। स्वयं पत्र लिखा और भेज दिया।

बीजेपी का चौथी पास “डॉक्टरेट”

ये साहब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं, बिहार सरकार में मंत्री भी थे। एक मेडिकल कॉलेज के मालिक भी है। बड़बोलेपन में इनका कोई मुकाबला नहीं। Entire Political Science पढ़ते हुए इस्तीफा लिखा है। pic.twitter.com/acc4XJQPnX

— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) February 26, 2025

राजद ने भी साधा निशाना

एक यूजर की टिप्पणी थी- दिल्ली से कहा गया होगा कि अभी के अभी त्याग पत्र भेजिए। डॉ. जायसवाल ने शीर्ष नेतृत्व के निर्देश का तुरंत पालन किया। राजद की ओर से पत्र पर टिप्पणी की गई कि मंत्री को शुद्ध दो लाइन लिखने नहीं आता है।

प्रतिक्रिया में डॉ. जायसवाल ने पोस्ट किया- जो आज हमारी स्पेलिंग चेक कर रहे हैं, उन्हें मैं बता दूं कि स्पेलिंग की गलती मिटाई जा सकती है, लेकिन राजद के जंगलराज का कलंक कभी नहीं, जिन्हें गलती पकड़ने का इतना ही शौक है, वे पहले अपनी डिग्री पकड़ कर दिखाएं। जनता को बताइए कि राजद का पूरा शांसन ही ब्लंडर था। उसमें कितनी गलतियां थीं।

दिलीप जायसवाल ने क्यों दिया इस्तीफा?

भाजपा के बिहार अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने नीतीश कुमार सरकार से राजस्व और भूमि सुधार मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है।

भाजपा की 'एक व्यक्ति, एक पद की नीति' का जिक्र करते हुए जायसवाल ने कहा कि दोनों पदों पर रहना पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है। भाजपा की एक व्यक्ति एक पद की नीति है और इसलिए मैंने कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन एक प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बिहार में भाजपा का नेतृत्व करना जारी रखूंगा।

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नीतीश कैबिनेट में जाति के हिसाब के हिस्सेदारी फिक्स! सवर्णों के साथ अति-पिछड़ा का बना 'कॉकटेल'

February 26, 2025 - 8:35pm

विकाश चन्द्र पाण्डेय, पटना। तीसरे विस्तार के बाद बिहार मंत्रिमंडल (Bihar Cabinet Expansion) ने अपना पूर्ण आकार ले लिया है। इस संरचना में क्षेत्रीय संभावना के साथ सामाजिक समीकरण का वह स्वरूप भी है, जिसके बूते राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA), विशेषकर भाजपा, द्वारा चुनावी जीत का ताना-बाना बुना जा रहा।

यह ताना-बाना सवर्णाें के साथ पिछड़ा व अति-पिछड़ा के कॉकटेल का है। कुल जनसंख्या में इस वर्ग की हिस्सेदारी लगभग 79 प्रतिशत है, जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में राजग को कुल 37.23 प्रतिशत मत मिले थे।

बहरहाल, तीसरे विस्तार में जिन सात विधायकों को मंत्री बनाया गया है, वे सभी भाजपा से ही हैं। विधानसभा में दलीय स्थिति के आधार पर मंत्रिमंडल में उसी के कोटे के पद भी रिक्त थे।

अब BJP के 21 मंत्री, JDU के पास सिर्फ 13

इस विस्तार के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में भाजपा कोटे के मंत्रियों की संख्या 21 हो गई है। जदयू के 13 मंत्री हैं और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से एकमात्र संतोष कुमार सुमन। निर्दलीय सुमित कुमार भी सरकार में हैं, जिन्हें जदयू खेमे का ही माना जाता है। संतोष और सुमन तो नीतीश के नौवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते समय ही मंत्री बनाए गए थे।

वह तारीख 2024 की 28 जनवरी थी। महागठबंधन को छोड़कर नीतीश एक बार फिर राजग के साथ हुए थे। तब मुख्यमंत्री के अलावा कुल आठ मंत्रियों ने शपथ ली थी। भाजपा कोटे से दो उप मुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी व विजय कुमार सिन्हा) सहित प्रेम कुमार को सामाजिक समीकरण के दृष्टिगत ही मंत्रिमंडल में स्थान मिला था।

हालांकि, तब क्षेत्रीय समीकरण नहीं सध पाया था। तीनों कमोबेश दक्षिण बिहार से आते हैं। जदयू से विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र यादव व श्रवण कुमार मंत्री बने थे। उनमें मुख्यमंत्री सहित श्रवण भी बिहार से थे। मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार ने इसकी भरपाई की। सभी क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास हुआ। हालांकि, उसके बाद मिथिला और सीमांचल को लेकर राजनीति सरगर्म हुई।

इस कारण तीसरे विस्तार में इन क्षेत्रों का महत्व बन आया और साथ में जातियों का कॉकटेल बनाने का प्रयास भी हुआ। पिछले चुनावों में इसी बूते राजग को सफलता मिलती रही है, जिसे भाजपा आगे कुछ व्यापक स्वरूप में दोहराना चाह रही। कुर्मी समाज के कृष्ण कुमार मंटू और कुशवाहा समाज के डॉ. सुनील कुमार को मंत्री बनाकर उसने इसका संदेश देने का प्रयास किया है।

जाति से जीत:

जाति आधारित गणना के अनुसार, बिहार में सर्वाधिक जनसंख्या (36.01) अति-पिछड़ा वर्ग की है। उसके बाद पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी 27.12 प्रतिशत की है। सवर्ण 15.52 प्रतिशत हैं।

सम्मिलित रूप से जनसंख्या में यह हिस्सेदारी 78.62 प्रतिशत की है। इतने व्यापक सामाजिक समीकरण के आधार पर बनाई गई चुनावी रणनीति शायद ही विफल हो।

सात नए मंत्री:

अमनौर के विधायक कृष्ण कुमार मंटू कुर्मी समाज से हैं। सिकटी के विधायक विजय मंडल केवट और साहेबगंज के राजू सिंह राजपूत जाति से। दरभंगा से विधायक संजय सारावगी मारवाड़ी समाज से हैं।

जाले से विधायक जीवेश मिश्रा भूमिहार और बिहारशरीफ से विधायक सुनील कुमार कुशवाहा जाति से आते हैं। रीगा के विधायक मोती लाल प्रसाद तेली समाज से आते हैं।

243 सदस्यीय विधानसभा में दलीय स्थिति
  • भाजपा : 80
  • जदयू : 45
  • हम : 04
  • निर्दलीय : 02
  • राजद : 77
  • कांग्रेस : 19
  • माले : 11
  • भाकपा : 02
  • माकपा : 02
  • एमआईएमआईएम : 01
मंत्रियों की जातिगत संख्या अभी राजग सरकार में
  • पिछड़ा वर्ग : 09
  • अति-पिछड़ा : 08
  • अनुसूचित जाति : 07
  • सवर्ण : 11
  • मुसलमान : 01
पिछली महागठबंधन सरकार में
  • पिछड़ा व अति-पिछड़ा वर्ग : 17
  • अनुसूचित जाति : 05
  • सवर्ण : 06
  • मुसलमान : 05

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Bihar: नीतीश सरकार ने लागू की एग्जिट पॉलिसी, BIADA को जमीन सौंपकर लीज राशि वापस ले सकेंगे उद्यमी

February 26, 2025 - 7:43pm

राज्य ब्यूरो, पटना। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नई एग्जिट नीति लेकर आई है। इसके तहत उद्यमी बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों की जमीन बियाडा को सौंप कर पहले से जमा अपनी लीज राशि वापस ले सकते हैं। हाल में हुई बियाडा (बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार) के निदेशक पर्षद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

इस नीति के तहत आवेदन की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 है। निर्णय के अनुसार, जिस उद्यमी की तरफ से भूमि वापस की जा रही है, उसे उस भूखंड की वर्तमान बियाडा दर (भूवापसी के आवेदन की तिथि को) के आधार पर उनके स्तर से उपयोग की गई लीज या आवंटन अवधि की आनुपातिक कटौती कर शेष राशि वापस की जाएगी।

एग्जिट नीति से क्या होगा?

इस नीति के तहत आवेदन स्वीकृत होने के बाद स्वीकृति की तिथि से संबंधित औद्योगिक इकाई को संरचना और संयंत्र हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा।

अगर इकाई अपने संयंत्र को निर्धारित अवधि में नहीं हटाती है तो सरकार इसकी नीलामी करा देगी। इसमें होने वाले खर्च की राशि की कटौती भी संबंधित इकाई से की जाएगी।

इस नीति में स्वीकृत आवेदन वाली इकाइयों को तीन किश्तों में राशि का भुगतान किया जाएगा। बियाडा को जमीन मिलने के चार महीने के अंदर 40 प्रतिशत तथा शेष राशि का भुगतान चार महीने पर 30 प्रतिशत और फिर आठ महीने पर 30 प्रतिशत का भुगतान किया जाएगा।

इस नीति के तहत पात्र इकाई:
  • सभी इकाइयां जिनका वर्तमान में आवंटन वैध है
  • ऐसी इकाइयां जिन्होंने आवंटन रद्दीकरण के विरुद्ध अपीलीय प्राधिकार, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर रखी है। ये अपनी वाद याचिका वापस लेकर इस नीति का लाभ उठा सकते हैं।
  • ऐसी सभी इकाइयां जिनका आवंटन रद्द हो चुका है, लेकिन दखल कब्जा बियाडा ने अभी तक नहीं लिया है।
  • सभी मामलों में आवंटन या लीज की अवधि आवेदन की तिथि को वैध होना आवश्यक है।
  • जिनके आवंटन या लीज की अवधि समाप्त हो चुकी है। और तृतीय पक्ष को भूमि आवंटित की जा चुकी है, उनपर यह नीति लागू नहीं होगी।
  • यदि तृतीय पक्ष को भूमि आवंटित हो चुकी है।
एग्जिट नीति का उद्देश्य
  • औद्योगिक इकाइयों की भूमि बियाडा को सौंपने पर लीज राशि वापस मिलेगी।
  • आवेदन की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 है।
  • इकाई को संयंत्र हटाने के लिए तीन महीने का समय मिलेगा।
भुगतान का तरीका
  • राशि तीन किस्तों में दी जाएगी।
  • पहले किस्त में 40% राशि, फिर शेष 30% चार महीने और 30% आठ महीने बाद।
  • भूमि वापस करने के बाद बियाडा को जमीन मिलने के चार महीने के अंदर भुगतान किया जाएगा।
पात्र इकाइयां
  • जिनका वर्तमान में आवंटन वैध है।
  • जिनकी भूमि आवंटन रद्द हो चुका है, लेकिन कब्जा नहीं लिया गया है।
  • जिनकी आवंटन या लीज की अवधि समाप्त हो चुकी है और तीसरे पक्ष को भूमि आवंटित नहीं की गई है।

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Bihar Politics: सम्राट चौधरी का वीडियो जारी करने से क्या हुआ RJD को फायदा? नए दावे से बिहार में तेज हुई सियासी हलचल

February 26, 2025 - 7:32pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राजद ने एक वीडियो शेयर कर तेजस्वी यादव को अजेय व जन-हितैषी बताया है। यह वीडियो उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे के दिन सम्राट भागलपुर में भाजपा नेताओं को अपनी बयानबाजी का रुख तेजस्वी के बजाय राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की ओर रखने की सलाह दे रहे। बता रहे कि तेजस्वी पर बोलने से भाजपा को नुकसान होगा।

राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन और एजाज अहमद इसे तेजस्वी को लेकर भाजपा के डर का प्रमाण बता रहे। उनका कहना है कि नौकरी-रोजगार, आरक्षण व प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ वाली तेजस्वी की घोषणाओं ने डबल इंजन सरकार को इस कदर मजबूर कर दिया है कि उसे उचित मुद्दे ही नहीं मिल रहे।

इस वीडियो को अपने एक्स हैंडल से शेयर करते हुए राजद ने लिखा है कि सम्राट मान रहे कि तेजस्वी पर बोलने से भाजपा और राजग को ही नुकसान होता है, जबकि लालू पर बोलने से लाभ होता है। इसलिए हम लोगों को लालू पर ही बोलना है।

चर्चा का विषय बना है वीडियो

राजद का यह भी दावा है कि उस बैठक में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तेजस्वी के विरुद्ध बोलने पर माफी भी मांगी है, क्योंकि उनको भी लगता है कि ऐसा करने से जनता के बीच हमें ही नुकसान पहुंचता है।

बहरहाल, राजनीतिक गलियारे मेंं यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। वस्तुत: लालू पर बयान देते हुए भ्रष्टाचार और जंगल राज के आरोप सहज होते हैं, जबकि तेजस्वी के विरुद्ध ऐसे आरोप दमदार नहीं होते।

सरकार में रहते हुए नौकरी और आरक्षण के उनके वादे जन-साक्षेप प्रतीत होते हैं। एजाज कहते हैं कि इस वीडियो से यह पोल खुल गई है कि डबल इंजन सरकार ने बिहार में जनता के हित में कोई काम नहीं किया।

भाजपा नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के बजाय लालू को ही मुद्दा बनाकर अपने आप को बचाए रखना चाहती है।

तेजस्वी के कार्य और उनके द्वारा बिहार के विकास का जो खाका खींचा गया है, उससे भाजपा-जदयू में ऐसी बेचैनी देखी जा रही है। नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार इसी बेचैनी में लालू फोबिया के शिकार हो गए हैं।

सरायरंजन में एक दर्जन लोगों ने ली राजद की सदस्यता
  • सरायरंजन प्रखंड क्षेत्र के वाजितपुर मेयारी पंचायत में राजद कार्यकर्ताओं की बुधवार को बैठक हुई। बैठक में राजद के पूर्व प्रत्याशी अरविंद सहनी ने विभिन्न पार्टियों को छोड़कर आने वाले एक दर्जन से अधिक लोगों को राजद की सदस्यता दिलाई।
  • इन सभी को माला पहनाकर सदस्यता दिलाते हुए सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की ओर लोगों का रूझान बढ़ा है। आगामी विधानसभा चुनाव में बिहार में इनके नेतृत्व में ही सरकार बनेगी। मौके पर दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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Bihar Politics: नीतीश मंत्रिमंडल की INSIDE STORY, इन दलों में भी रह चुके 7 में से 4 मंत्री

February 26, 2025 - 7:18pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बुधवार को कैबनेट का विसस्तार हुआ है। भाजपा के सात विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है।  

सुस्त बैठे रहने की तुलना में भ्रमणशील रहना लाभदायक होता है। यह सिर्फ अच्छे स्वाथ्य के लिए ही नहीं है। राजनीति के लिए भी है।

बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में शामिल किए गए सात में से चार मंत्री इसी श्रेणी के हैं। इन सबने समय-समय पर राजद, भाजपा, लोजपा, जदयू, बिहार पीपुल्स पार्टी आदि दलों का भ्रमण किया है।

बेटिकट होने के कारण ऐसा करना इन सबकी मजबूरी भी थी। दल बदल का परिणाम अच्छा रहा। अधिक चुनावों में इनकी जीत हुई।

विजय कुमार मंडल पहली बार 1995 में अररिया से विधायक बने। उस साल वे आनंद मोहन की बिहार पीपुल्स पार्टी के इकलौते विधायक थे। 2000 में निर्दलीय जीत हुई। 2005 में राजद के उम्मीदवार बने। हार हो गई।

2009 में अररिया विधानसभा का उप चुनाव हुआ। वहां के विधायक प्रदीप कुमार सिंह लाेकसभा चले गए थे। उप चुनाव में विजय लोजपा के उम्मीदवार हुए। जीत गए।

2010 के आम चुनाव में लोजपा टिकट पर सिकटी से चुनाव लड़े तो भाजपा के आनंदी प्रसाद यादव के हाथों हार हुई। 2015 और 2020 में सिकटी से भाजपा के विधायक बने।

राजू सिंह को चार दलों का अनुभव

मुजफ्फरपुर जिला के साहेबगंज के विधायक राजू कुमार सिंह कभी भाजपा टिकट पर नहीं जीते। 2005 के फरवरी के विधानसभा चुनाव में लोजपा टिकट पर इनकी जीत हुई। जल्द जदयू में चले गए।

अक्टूबर 2005 के विधानसभा चुनाव में जदयू उम्मीदवार की हैसियत से जीते। 2010 में भी जदयू उम्मीदवार की हैसियत से ही जीत हुई।

2015 में जदयू और राजद के बीच हुए गठबंधन के कारण राजू भाजपा उम्मीदवार बन गए। जीत नहीं पाए। 2020 में उनकी सीट विकासशील इंसान पार्टी के हिस्से में चली गई। वे उसके उम्मीदवार बने। चुनाव जीतने के बाद भाजपा में शामिल हो गए।

दो मंत्रियों को सिर्फ जदयू का अनुभव
  • बिहारशरीफ के विधायक डॉ. सुनील कुमार और अमनौर के विधायक कृष्ण कुमार मंटू को जदयू का भी अनुभव है। डॉ. सुनील 2010 में जदयू टिकट पर बिहारशरीफ से विधायक बने।
  • 2015 और 2020 भाजपा के विधायक बने। अमनौर से भाजपा टिकट पर 2015 और 2020 में जीते कृष्ण कुमार मंटू पहली बार इसी क्षेत्र से 2010 में जदयू के विधायक बने थे।

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Lalu Yadav: 'प्रधानमंत्री मोदी मखाना खाकर...', लालू का PM पर तंज; बोले- वो 350 दिन बिहारी भूंजा खाएंगे

February 26, 2025 - 7:17pm

राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्र सरकार मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा कर चुकी है। उसका उल्लेख करते हुए सोमवार को भागलपुर की अपनी जनसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मखाना और किसानों की प्रशंसा करते हुए कहा था कि वे स्वयं इस सुपरफूड का सेवन करते हैं। प्रधानमंत्री ने दिन भी बता दिए।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) ने उस बात को लपक लिया है। इंटरनेट मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट कर उन्होंने खूब कटाक्ष किया। लालू ने लिखा कि अबकी बार तो हमारे प्रश्नों पर प्रधानमंत्री ने वर्ष में 300 दिन ही मखाना खाने की बात कही है। अगली बार 350 दिन वे बिहारी भूंजा खाएंगे। 100 दिन भागलपुरी सिल्क पहनेंगे।

'गंगा मैया में डुबकी लगाएंगे'

उन्होंने आगे लिखा, मोदी छठ मइया का व्रत करेंगे। गंगा मैया में डुबकी लगाएंगे। जानकी मैया के मंदिर जाएंगे। बिहार से बचपन का रिश्ता स्थापित करेंगे। मधुबनी पेंटिंग्स का गमछा या कुर्ता पहनेंगे।

भोजपुरी, मगही, अंगिका, बज्जिका, सुरजापुरी और मैथिली भाषा की दो-चार उधारी पंक्तियों से संबोधन की शुरुआत करेंगे। जननायक कर्पूरी ठाकुर, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और अन्य महापुरुषों से संबंध बताएंगे।

तेजस्वी ने भाजपा को बताया आरक्षण-खोर, यूजर्स ने सुनाई खरी-खोटी

बिहार सरकार और विशेषकर भाजपा पर आक्षेप लगाते समय विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बोल अतिशय आक्रामक हो जाते हैं। इंटरनेट मीडिया एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने भाजपा को आरक्षण चोर तक की संज्ञा दे दी है। हालांकि, इस पोस्ट पर यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाओंं से उनकी खूब लानत-मलामत की है।

तेजस्वी बता रहे कि "जैसे आदमखोर लोग होता है, आदमखोर का मतलब जानते हैं ना, वैसे ही भाजपा आरक्षण खोर है और आरक्षण चोर है"।

इसके अलावा वे कह रहे कि "हमारे 17 महीनों के अल्प कार्यकाल में हमने जाति आधारित गणना कराई और अनुसूचित जाति-आदिवासियों समेत पिछड़े और अति-पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 65 प्रतिशत तक किया। हालांकि, भाजपा सरकार ने इसे संविधान की नौंवी अनुसूची में न डालते हुए उल्टा मामले को केस में फंसा दिया।"

परिणाम यह हुआ कि हमारे द्वारा की गई 35,0000 प्रक्रियाधीन नौकरियों में आरक्षण लागू नहीं हो पाया। इससे अनुसूचित जाति-आदिवासी, पिछड़े-अति पिछड़े वर्ग के लगभग 50,000 युवाओं का सीधा नुकसान हो रहा है, इसलिए इस बार हम सब को एकजुट होकर इस बार के चुनाव में भाजपा व राजग-रूपी आरक्षण चोरों को जमकर सबक सिखाना है।

यूजर्स ने क्या लिखा?

मोहम्मद आदिल नामक यूजर ने लिखा है कि "इसी अल्प कार्यकाल में आपने बिहार के छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया और अब गर्व कर रहे हैं।"

भूपेंद्र त्रिपाठी ने लिखा है कि "योग्यता के बलबूते पर आप 100 प्रतिशत नौकरी ले जाओ, कोई नहीं रोक रहा।"

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Bihar: सवर्ण-ओबीसी, किस जाति के कितने मंत्री? चुनाव से पहले NDA ने यूं ही नहीं खेला 'मास्टर स्ट्रोक'

February 26, 2025 - 6:50pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) से पहले बुधवार को नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार (Nitish Cabinet Expansion) हुआ। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सात विधायकों ने राजभवन के राजेन्द्र मंडप में मंत्री पद की शपथ ली। करीब 25 मिनट तक चले समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने नए मंत्रियों को शपथ दिलायी।

मंत्री पद की शपथ लेने वाले विधायकों में संजय सरावगी, डॉ. सुनील कुमार, जीवेश कुमार, राजू कुमार सिंह, मोतीलाल प्रसाद, कृष्ण कुमार मंटू और विजय कुमार मंडल शामिल हैं।

इनमें संजय सरावगी और जीवेश कुमार ने मैथिली में शपथ ली। नए मंत्रियों में वैश्य से दो, राजपूत, भूमिहार, कुर्मी, कुशवाहा एवं निषाद जाति से एक-एक मंत्री शामिल हैं।

चुनाव से पहले एनडीए का विपक्ष पर 'मास्टर स्ट्रोक'

पिछले 11 महीने से नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार टल रहा था, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा कोटे के सात नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल कर एनडीए ने विपक्षी दलों पर 'मास्टर स्ट्रोक' का दांव खेला है, क्योंकि जिन सात मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। उसमें सामाजिक समीकरण को भी भाजपा ने साधने का काम किया है।

मंत्री पद की शपथ लेने वाले सभी विधायक बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों से भी आते हैं। ऐसे में उन क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व के तौर अगर किसी को मंत्री बनने का मौका मिलता है तो निश्चित तौर पर इसका असर बिहार विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिलेगा। भाजपा ने मिथिलांचल क्षेत्र के महत्व को समझते हुए इस इलाके से दो विधायकों को मंत्री बनाया है।

कौन-किस जाति से?

इसमें संजय सरावगी वैश्य समाज से तो जीवेश कुमार भूमिहार जाति से हैं। वहीं, भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले बिहारशरीफ के विधायक डॉ. सुनील कुमार (कुशवाहा), सारण जिले के अमनौर से विधायक कृष्ण कुमार मंटू (कुर्मी), अररिया जिले के सिकटी से विधायक विजय कुमार मंडल (निषाद), साहेबगंज के विधायक राजू कुमार सिंह (राजपूत) और रीगा के विधायक मोती लाल प्रसाद (वैश्य) को मंत्रिमंडल में शामिल कर अत्यंत पिछड़ा व पिछड़ा वर्ग के अलावा सवर्ण जातियों को भी साधा है।

दिलीप जायसवाल ने दिया इस्तीफा

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले नीतीश सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। भाजपा के सूत्रों ने बताया कि एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत के तहत डा.दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। अब दिलीप जायसवाल सिर्फ बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह में ये रहे मौजूद

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव, संसदीय कार्य एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा, स्वास्थ्य व कृषि मंत्री मंगल पाण्डेय, सूचना व जन संपर्क मंत्री महेश्वर हजारी, नगर विकास एवं आवास मंत्री नितिन नवीन, विज्ञान, प्रावैधिकी व तकनीकी शिक्षा मंत्री सुमित कुमार सिंह, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री नीरज कुमार सिंह मौजूद रहे।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री जनक राम,पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रेणु देवी, परिवहन मंत्री शीला मंडल, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. दिलीप जायसवाल, सांसद डा. संजय जासवाल व राधामोहन सिंह समेत अन्य विधायक एवं विधान पार्षद समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

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Bihar Cabinet Expansion: नीतीश कैबिनेट का विस्तार, BJP के 7 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ

February 26, 2025 - 5:44pm

डिजिटल डेस्क, पटना। नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार (Bihar Cabinet Expansion) हो गया है। 7 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इसी के साथ बिहार में 36 मंत्रियों का कोटा भी पूरा हो गया है। खास बात यह है कि विधानसभा चुनाव से पहले किए गए मंत्रिमंडल विस्तार में जदयू के एक भी विधायक को मंत्री पद नहीं मिला। सभी 7 विधायक बीजेपी के हैं।

कौन-कौन बना मंत्री?
  • संजय सरावगी (दरभंगा से बीजेपी विधायक)
  • सुनील कुमार (बिहारशरीफ से बीजेपी विधायक)
  • जीवेश कुमार (जाले से बीजेपी विधायक)
  • राजू सिंह (साहेबगंज से बीजेपी विधायक)
  • मोती लाल प्रसाद (रीगा से बीजेपी विधायक)
  • कृष्ण कुमार मंटू (अमनौर से बीजेपी विधायक)
  • विजय मंडल (सिकटी से बीजेपी विधायक)
संजय सरावगी-

दरभंगा विधानसभा से विधायक संजय सरावगी को नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है। दरभंगा से नवंबर 2010, 2015 और 2020 में उन्हें लगातार सफलता मिली। संजय सरावगी वर्तमान में प्राक्कलन समिति के सभापति हैं। इसके साथ ही दो-दो कॉलेज में शासी निकाय अध्यक्ष और दो-दो विश्वविद्यालय में अभिषद सदस्य हैं। यहां क्लिक कर उनके बारे में विस्तार से जानिए 

सुनील कुमार-

बिहारशरीफ से बीजेपी विधायक सुनील कुमार को भी नीतीश कैबिनेट में जगह मिली है। उनकी छवि एक ईमानदार नेता की रही है। डॉ. सुनील कुमार बिहार विधानसभा के चार बार सदस्य रह चुके हैं। यहां क्लिक कर उनके बारे में विस्तार से जानिए

जीवेश कुमार-

जीवेश कुमार जाले विधानसभा से बीजेपी के विधायक हैं। उन्हें 2015 पहली बार जाले विधानसभा से टिकट मिला और वे कमल निशान से निर्वाचित हुए। पार्टी ने उन्हें 2016 प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी। इसके बाद 2020 में जाले विधानसभा से दूसरी बार भाजपा से विधायक बने और राज्य सरकार में मंत्री बने। यहां क्लिक कर उनके बारे में विस्तार से जानिए

मोतीलाल प्रसाद-

रीगा से बीजेपी विझायक मोतीलाल प्रसाद भी नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाए गए हैं। उनका जन्म 2 जुलाई 1961 को हुआ था। मोतीलाल बीजेपी में सीनियर लीडर हैं। कार्यकर्ताओं में उनकी अच्छी-खासी पैठ है।  वह दो बार विधायक रह चुके हैं। यहां क्लिक कर उनके बारे में विस्तार से जानिए

कृष्ण कुमार मंटू-

अमनौर से बीजेपी विधायक कृष्ण कुमार मंटू पर नीतीश ने भरोसा जताया है। उन्हें कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है। मंटू ने 2010 और 2020 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। वहीं, 2015 में उनको हार का सामना करना पड़ा। यहां क्लिक कर उनके बारे में विस्तार से जानिए

विजय मंडल-

पांच बार के विधायक विजय कुमार मंडल को भी दूसरी बार मंत्री बनाया गया है। विधायक विजय कुमार मंडल को अपने पिता व क्षेत्र के कद्दावर नेता नंदकेश्वर मंडल से राजनीतिक विरासत मिली। यहां क्लिक कर उनके बारे में विस्तार से जानिए

राजू सिंह-

साहेबगंज से बीजेपी विधायक राजू सिंह को मंत्री बनाया गया है। बिहार विधानसभा के इस साल होने वाले चुनाव में यह महत्वपूर्ण फैक्टर होगा। यह इसलिए भी कि राजू सिंह चार दलों से अपनी राजनीतिक पारी खेल चुके हैं। यहां क्लिक कर उनके बारे में विस्तार से जानिए

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बिहार की राजनीति में क्या-क्या हुआ?

इससे पहले, बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जयसवाल ने कहा, "आज शाम 4 बजे राज्यपाल राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह के लिए सहमत हो गए हैं। बीजेपी के कोटे से सात मंत्रियों के शपथ लेंगे। हमारी राज्य इकाई की बैठक 4 मार्च को होगी, जहां हमारी पार्टी के नए अध्यक्ष (बिहार के) का चुनाव किया जाएगा।"

#WATCH | Patna | Bihar BJP president Dilip Jaiswal says, "Today, at 4 pm, the governor has agreed to the oath-taking ceremony at Raj Bhavan. Seven ministers, all from the BJP's quota, are expected to take the oath. A meeting of our state unit will be held on March 4, where the… pic.twitter.com/1UaQCaqUMI

— ANI (@ANI) February 26, 2025

#WATCH | Bihar BJP leaders hold a meeting at the party office in Patna ahead of State Cabinet expansion today pic.twitter.com/M3L205sdx5

— ANI (@ANI) February 26, 2025मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बीजेपी ने की बैठक

बिहार भाजपा नेताओं ने आज राज्य मंत्रिमंडल विस्तार से पहले पटना में पार्टी कार्यालय में बैठक की।

सीएम नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बीजेपी के राज्य प्रमुख जयसवाल के आवासों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने कथित तौर पर नए मंत्रियों की अंतिम सूची को मंजूरी दे दी।

#WATCH | Patna | Ahead of Bihar Cabinet expansion today, BJP MLA Vijay Kumar Mandal says, "I got a phone call from the party to be present at the party office here today." pic.twitter.com/3CHM3ohQBa

— ANI (@ANI) February 26, 2025

दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा

दूसरी ओर, बिहार के राजस्व मंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जयसवाल ने पार्टी की 'एक व्यक्ति, एक पद' नीति का हवाला देते हुए अपने मंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा की है।

जयसवाल ने बताया, "मैं राजस्व मंत्री के पद से इस्तीफा देने जा रहा हूं। 'एक व्यक्ति, एक पद' वह सिद्धांत है जिस पर पार्टी काम करती है। मैं आभारी हूं कि केंद्रीय नेतृत्व ने मुझे पार्टी की राज्य इकाई की जिम्मेदारी दी है।"

बता दें कि जायसवाल को 18 जनवरी को भाजपा का बिहार प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

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Bihar News: पटना में अखिल भारतीय अर्धसैनिक सेवा संगीत, नृत्य और लघु नाट्य प्रतियोगिता की शुरुआत

February 26, 2025 - 3:20pm

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार सचिवालय स्पोर्ट्स फाउंडेशन के तत्वावधान में केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा बोर्ड, भारत सरकार के मार्गदर्शन में 'अखिल भारतीय अर्धसैनिक सेवा संगीत, नृत्य एवं लघु नाट्य प्रतियोगिता 2024-25' का आज भव्य शुरुआत हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ अपराह्न 5:30 बजे उर्जा ऑडिटोरियम, राजवंशी नगर, पटना में हुआ, जब मुख्य अतिथि बिहार के मुख्य-सचिव अमृतलाल मीणा, विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार के विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, आयोजन समिति के अध्यक्ष-सह-सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग प्रणव कुमार, आयोजन समिति के सचिव वित्त विभाग के विशेष सचिव राहुल कुमार जी और अन्य गणमान्य का पुष्पगुच्छ से स्वागत कर के किया गया।

इसके बाद विभिन्न राज्यों से प्रतिभागियों द्वारा मार्च पास्ट करके झाँकी निकाला गया। बारी-बारी से मंच से गुज़रते हुए उन्होंने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सबसे पहले भुवनेश्वर की टीम मंच से झांकी निकालते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज की। दूसरी टीम छत्तीसगढ़ की थी जो मंच से गुजरी। तीसरी टीम सेंट्रल सेक्रेटेरियट की थी और उसके बाद दिल्ली एनसीआर की टीम थी। इसी तरह से क्रमशः हर राज्य से आये टीमों ने बारी बारी से मंच से गुजरते हुए उपस्थित गणमान्य अतिथियों और दर्शकों का अभिवादन किया।

6:30 बजे सभागार के अंदर मंच पर पर दीप प्रज्वलन के साथ सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ हुआ। पुस्तक विमोचन के पश्चात अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए। विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार के विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत ने उपस्थित प्रतिभागियों और दर्शकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इतनी संख्या में आप लोग विभिन्न राज्यों से यहाँ आए हैं यह गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि बिहार ही अकेला राज्य है जहाँ उगते सूरज के साथ ही डूबते हुए सूरज को भी अर्घ्य दिया जाता है। आप लोग जब अपने घर -राज्य जाएंगे तो आपके साथ बिहार की अच्छी यादें होनी चाहिए। एक तरह से आप लोग बिहार के ब्रांड एंबेसिडर के तौर पर यहाँ से जाएंगे और यहां की अच्छी छवि देश के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचाएंगे।

आयोजन समिति के अध्यक्ष-सह-सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग प्रणव कुमार उपस्थित सभा में उपस्थित संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग का बिहार की धरती पर स्वागत है। आपलोग समय निकालकर कला-संस्कृति के क्षेत्र में अपनी महती भूमिका अदा कर रहे हैं यह गर्व विषय है। आप लोगों का जोश देखते ही बनता है। इसी से पता चलता है कि आप लोग कितनी तैयारी के साथ इस प्रतियोगिता में भागीदारी करने के लिए आए हैं। बिहार सरकार की तरफ से आपका स्वागत करते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है। आप लोग पूरे मनसे इस प्रतियोगिता में हिस्सा लीजिये।आप लोग को बहुत बहुत स्वागत और आभार है

इसके बाद मुंबई, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात की टीमों ने भी अपने-अपने राज्य के पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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Bihar Politics: नीतीश कुमार की JDU को बड़ा झटका, तारिक अनवर की तरह ललन भी MLC बनते-बनते रह गए

February 26, 2025 - 2:55pm

राज्य ब्यूरो, पटना। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर की तरह जदयू के ललन प्रसाद विधान परिषद का सदस्य बनते-बनते रह गए। जून 2020 में तारिक अनवर को कांग्रेस ने विधान परिषद के लिए नामित किया था, लेकिन नामांकन पत्र दाखिल करने के एक दिन पहले बताया गया कि तारिक का आवासीय पता नई दिल्ली का है।

विधान परिषद की सदस्यता के लिए संबंधित राज्य का स्थायी पता होना जरूरी होता है। कांग्रेस ने आनन फानन में उम्मीदवार बदला।

तारिक की जगह वरिष्ठ कांग्रेसी डॉ. समीर कुमार सिंह को विधान परिषद का सदस्य बनाया गया। हालांकि, इस घटना के ठीक चार साल बाद 2024 में तारिक अनवर कटिहार से लोक सभा के लिए निर्वाचित हो गए।

सुनील कुमार की सदस्यता रद होने के बाद ललन को बनाया उम्मीदवार

राजद सदस्य सुनील कुमार सिंह की विधान परिषद की सदस्यता रद करने के कारण होने वाले उपचुनाव में जदयू ने पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया।

कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई थी। प्रसाद ने नौ जनवरी को नामांकन किया। अंत तक वे इकलौते उम्मीदवार रह गए।

नीतीश कुमार और ललन प्रसाद। फाइल फोटो

परिणाम घोषित करने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

16 जनवरी को नाम वापस लेने की अंतिम तिथि थी। उसी दिन उन्हें निर्विरोध निर्वाचित हो जाना था, लेकिन उसके एक दिन पहले ही सुप्रीम कोट की ओर से परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी गई।

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनील कुमार सिंह की परिषद की सदस्यता फिर से बहाल कर दिया। चुनाव आयोग की उस अधिसूचना को भी रद कर दिया, जिसके माध्यम से उपचुनाव की घोषणा की गई थी। अब ललन प्रसाद को नए चुनाव का इंतजार करना होगा।

विधान परिषद में सुनील की सदस्यता बहाली को राजद ने बताया सच्चाई की जीत

विधान परिषद में डॉ. सुनील कुमार सिंह की सदस्यता बहाली को राजद ने सच्चाई की जीत बताया है। बिहार राजद के प्रधान महासचिव रणविजय साहू, विधायक मो. कामरान, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, चित्तरंजन गगन, एजाज अहमद, विनय यादव, सुदय यादव आदि ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि सच परेशान हो सकता है, लेकिन विचलित नहीं।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से यह सिद्ध हो गया है। धैर्य, साहस और आत्मबल से सुनील ने डबल इंजन सरकार को बता दिया कि जो सच की राह पर होता है, उसे जीत अवश्य मिलती है।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत होगा। उल्लेखनीय है कि सुनील राजद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हैं।

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Bihar Politics: 'एक झूठ बोलने वाले मुख्यमंत्री...', चिराग पासवान ने किसका लिया नाम? PM Modi की कर दी तारीफ

February 26, 2025 - 8:52am

राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News: लाक जनशक्ति पार्टी-रामविलास के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के झूठ बोलने के विपक्ष के आरोप लगाने पर पलटवार किया है। चिराग ने विपक्ष से सवाल किया कि प्रधानमंत्री ने क्या झूठ बोला है, यह बताएं। आजकल विपक्ष की आदत बन गई है कि झूठ बोलना और भाग जाना।

चिराग पासवान ने बिना नाम लिए अरविंद केजरीवाल पर बोला हमला

चिराग ने कहा कि एक झूठ बोलने वाले मुख्यमंत्री दिल्ली में थे, जो बड़े-बड़े वादे कर के आए थे, उनके साथ देश की जनता ने क्या किया? जनता ने 10 साल के बाद दिल्ली की सत्ता से उन्हें बाहर कर दिया। इसी तरीके से अगर देश में कोई झूठ बोलता है तो लोकतंत्र में इतनी ताकत है कि उस व्यक्ति को अगले चुनाव में जनत अपना फैसला सुना देगी।

चिराग पासवान ने पीएम मोदी की जमकर कर दी तारीफ

चिराग ने कहा कि आज की तारीख में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वादे, उनके वादों को पूरा करने की गारंटी है और यही कारण है कि आज तीसरी बार वे सत्ता में आए हैं।

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Bihar Weather Today: बिहार में महाशिवरात्रि पर बिगड़ने वाला है मौसम, 20 जिलों के लोग रहें सावधान

February 26, 2025 - 7:35am

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार में महाशिवरात्रि के अवसर पर मौसम बिगड़ने का अलर्ट जारी किया गया है। 20 जिलों के लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। वहीं श्रद्धालु के यह बारिश शुभ मानी जा रही है। कुछ जगहों पर बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

अगले 24 घंटे में 20 जिलों में बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर असाम व इसके आसपास चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है। इनके प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिम भागों के पूर्वी व पश्चिम चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज, उत्तर पूर्व भागों के सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार व दक्षिण पश्चिम भाग के बक्सर, रोहतास , भभुआ, रोहतास, अरवल के एक या दो स्थानों पर हल्की वर्षा संभव है।

पटना सहित शेष भागों में आंशिक रूप  से बादल छाए रहेंगे

पटना सहित शेष भागों का मौसम शुष्क बने होने के साथ कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। जबकि एक मार्च को पटना समेत दक्षिणी भागों में हल्की वर्षा के आसार है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार तीन से चार दिनों के दौरान तापमान में दो से चार डिग्री की वृद्धि की संभावना है।

प्रदेश का अधिकतम तापमान 26-29.8 डिग्री सेल्सियस के बीच जबकि न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्यियस से 18.7 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। पटना का न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस जबकि 11.5 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका व अगवानपुर सहरसा में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

पटना का अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस व 30.5 डिग्री सेल्सियस के साथ खगड़िया में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

पटना व आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ मौस्म आमतौर पर सामान्य बना रहा। सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव बना रहेगा। 

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Road Accident: बिहार में सड़क हादसों का कहर, नौ लोगों की मौत; 15 घायल

February 25, 2025 - 11:33pm

जागरण टीम, पटना। बिहार के विभिन्न जिलों में अलग-अलग सड़क दुघर्टनाओं में दंपती समेत नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हो गए।

मृतकों में सीतामढ़ी के तीन, सुपौल और सारण के दो-दो, कैमूर व औरंगाबाद के एक-एक लोग शामिल है। घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है।

सीतामढ़ी जिले के ठीकहा गांव के पास एनएच-527 सी पर सोमवार की रात दो बाइकों की टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई। जबकि दो युवक घायल हो गए।

वहीं सुपौल जिले में भवानीपुर उत्तर के वार्ड नंबर 15 में सोमवार रात तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक में टक्कर मार दी। इसमें दो की मृत्यु हो गई। दुर्घटना के बाद स्कार्पियो चालक गाड़ी छोड़ भाग गया।

सारण में हुई यह घटना

सारण जिले में भूटान के जयगांव से प्रयागराज कुम्भ स्नान के लिए अपनी कार से निकले दंपती की सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि पिछली सीट पर बैठीं उनकी दोनों पुत्रियों को मामूली चोटें आईं।

मंगलवार को कैमूर के लहुरबारी गांव के समीप एनएच 30 पर आगे चल रही बस के अचानक ब्रेक लगाने के कारण पीछे से आ रही टाटा मैजिक की टक्कर हो गई।

इससे उसमें सवार दरभंगा निवासी महिला की मौत हो गई। जबकि 13 यात्री घायल हुए। आठ को गंभीर चोट लगी है, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

क्या बोले मोहनियां थानाध्यक्ष?

मोहनियां थानाध्यक्ष प्रियेश प्रियदर्शी ने बताया कि दरभंगा से टाटा मैजिक से 20 श्रद्धालु कुम्भ स्नान करने प्रयागराज जा रहे थे।

औरंगाबाद जिले में जीटी रोड किनारे रतनुआं पेट्रोल पंप के पास ओवरब्रिज पर मंगलवार को एक तेज गति कंटेनर ने खड़े ट्रक में टक्कर मार दी।

इसमें कंटेनर की केबिन में बाईं ओर बैठे सहचालक की मौत हो गई। उसकी पहचान उत्तरप्रदेश के उधमपुर के बुधौली फरीदपुर बरेली निवासी 20 वर्षीय अर¨वद कुमार के रूप में की गई है।

महाकुम्भ से लौट रही स्कॉर्पियो में हाइवा ने मारी टक्कर
  • महाकुम्भ से स्नान कर घर लौट रहे श्रद्धालुओं की स्कॉर्पियो और हाइवा में सोमवार की रात टक्कर हो गई। इसमें दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई।
  • घटना यूपी के सुल्तानपुर जनपद में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुई। यहां स्कार्पियो में पीछे से हाइवा ने टक्कर मार दी।
  • मृतकों में हरसिद्धि प्रखंड के सोनवर्षा निवासी स्व. यमुनाकांत पांडेय के पुत्र सत्येंद्र पांडेय (52), उनकी पत्नी मधुबाला देवी (48) और मठलोहियार वार्ड संख्या 12 निवासी रवींद्र तिवारी की पत्नी रीता देवी शामिल हैं।
  • रवींद्र तिवारी सत्येंद्र पांडेय के सगे साला हैं। उनका भी पैर टूट गया है। वे बिहार पुलिस में दारोगा हैं। उनकी पदस्थापना गोपालगंज में है। हादसे के घायलों का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है।
  • सत्येंद्र पांडेय के बड़े पुत्र मधुरेश पांडेय ने बताया कि शवों को घर लाया जा रहा है। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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अब 5 घंटे में बिहार के किसी भी कोने से पहुंच जाएंगे पटना! नीतीश सरकार ने बनाया धांसू प्लान, टारगेट सेट

भ्रष्टाचार के मामलों की निगरानी करेगा अब विजिलेंस ब्यूरो, नीतीश सरकार ने जारी किया नया ऑर्डर

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अब 5 घंटे में बिहार के किसी भी कोने से पहुंच जाएंगे पटना! नीतीश सरकार ने बनाया धांसू प्लान, टारगेट सेट

February 25, 2025 - 10:42pm

राज्य ब्यूरो, पटना। सड़क संपर्क के संदर्भ में सरकार ने एक लक्ष्य निर्धारित किया है। बिहार के किसी कोने से भी राजधानी पटना तक पांच घंटे में पहुंच जाने का।

पथ निर्माण मंत्री विजय कुमार सिन्हा तो इस समय को घटाकर साढ़े तीन घंटा करने की मंशा रखते हैं। बहरहाल पांच घंटे के लक्ष्य के साथ सरकार हर गांव-गली तक पक्की सड़क बनाने का उपक्रम कर रही।

इसी क्रम में नहरों के कच्चे तटों पर पक्की सड़कें बनाई जा रहीं। चौथे कृषि रोड-मैप की समाप्ति तक नहरों के सभी कच्चे तटों पर पक्की सड़कें बना दी जाएंगी। कुछ जगह तो निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है।

वित्तीय वर्ष 2028-29 तक चौथा कृषि रोड-मैप प्रभावी है। तब तक सभी कच्चे तटों का पक्की सड़क में कायातंरण हो जाएगा। इस पर कुल 7115 करोड़ का खर्च अनुमानित है।

वस्तुत: कृषि उत्पादों मेंं आत्मनिर्भरता और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से यह रोड-मैप बनाया गया है। कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराकर ही किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।

नहरों का संपर्क सीधे खेतों से होता है। ऐसे में अगर वे पक्की होंगी तो किसानोंं को बड़ा लाभ होगा। स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन अपेक्षाकृत सुलभ होगा और नहरों की देखरेख में जल संसाधन विभाग के अभियंताओं व अधिकारियों को सुविधा होगी।

बहरहाल कच्चे तटों को पक्का करने का दायित्व ग्रामीण कार्य विभाग को मिला है, लेकिन काम शुरू करने से पहले उसे जल संसाधन विभाग से अनुमति लेनी होगी।

पहले चरण में तिरहुत मुख्य नहर, कोरियारी मुख्य नहर, तेलहारा भाखा नहर, उदेरास्थान बायां मुख्य नहर व नतौल भाखा नहर के कच्चे सेवा-पथ को पक्का किया जा रहा।

इसकी कुल लंबाई लगभग 188 किलोमीटर है और इस पर कुल व्यय 376 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से दूसरे सेवा-पथों पर काम शुरू होगा।

प्रति वर्ष होने वाले काम के लिए अलग-अलग अनुशंसा लेनी होगी। इसे साथ ही वर्तमान में अनुमानित लागत में आठ प्रतिशत की दर से प्रति वर्ष की वृद्धि होती जाएगी।

कुल 5023 में से 1854 किलोमीटर पक्का सेवा-पथ

बिहार में 200 क्यूसेक जलस्राव से अधिक क्षमता वाली नहरों की लंबाई लगभग 5023 किलोमीटर है। इनमें से 1854 किलोमीटर पर पक्का सेवा-पथ है।

अभी लगभग 175 किलोमीटर कच्चे तटों का पक्कीकरण हो रहा है। उसके बाद लगभग 2994 किलोमीटर सेवा-पथ कच्चा रह जाता है, जिस पर पक्की सड़क का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग को कराना है।

सेवा-पथ के पक्कीकरण पर अनुमानित व्यय (करोड़ रुपये)

वित्तीय वर्ष : अनुमानित राशि

  • 2023-24 : 15.00
  • 2024-25 : 1000
  • 2025-26 : 1600
  • 2026-27 : 1600
  • 2027-28 : 1500
  • 2028-29 : 1400

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Bihar News: भ्रष्टाचार के मामलों की निगरानी करेगा अब विजिलेंस ब्यूरो, नीतीश सरकार ने जारी किया नया ऑर्डर

February 25, 2025 - 10:21pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के विभिन्न जिलों में निगरानी थानों से अलग दर्ज भ्रष्टाचार के जो मामले होंगे उनकी मानीटरिंग अब विजिलेंस ब्यूरो करेगा।

निगरानी विभाग ने इसे लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में दर्ज सभी मामलों की जिलावार सूची मांगी है। निगरानी विभाग से जुड़े मामलों की समीक्षा को लेकर हुई बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने इस संबंध में दिशा निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के तहत दर्ज सभी मामलों का अनुश्रवण निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के स्तर पर करने के संबंध में मुख्य सचिव का आदेश प्राप्त कर सभी संबंधितों को सूचित करने की कार्यवाही की जाए।

बैठक में इस मुद्दे पर दिया गया जोर

बैठक में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो एवं स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) में दर्ज मामलों में सजा दिलाने पर जोर रहा।

इसको लेकर अपर मुख्य सचिव ने इकाइयों की अभियोजन शाखा को सक्रिय करते हुए लगातार फालोअप करने के निर्देश दिए।

बैठक में भ्रष्टाचारियों की संपत्ति जब्त करने के लिए मामलों की सुनवाई एक निश्चित बेंच से कराने का प्रस्ताव आया। चौधरी ने पटना हाइकोर्ट के निबंधक से पत्राचार कर अनुरोध किए जाने का आश्वासन दिया।

उन्होंने विशेष लोक अभियोजकों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में बहस की कार्रवाई पूरी हो चुकी है, उन मामलों में मार्च के अंत तक निर्णय प्राप्त करने की कोशिश होनी चाहिए।

बैठक में दी गई यह भी जानकारी
  • बैठक में कई विशेष लोक अभियोजकों ने जानकारी दी कि उनके पास अन्य मामलों का भी प्रभार होने से निगरानी मामलों पर असर पड़ रहा है।
  • इस पर अपर मुख्य सचिव ने संबंधित अभियोजकों को संबंधित डीएम को पत्र लिख कर समस्या स्पष्ट करने का निर्देश दिया।
  • निगरानी की बैठक में विशेष निगरानी इकाई के एडीजी पंकज दराद ने बताया कि इकाई में दर्ज कुल 25 वादों में प्रथम अभियोग पत्र वर्ष 2009 में दाखिल किए गए लेकिन दुर्भाग्यवश आज तक एक भी वाद में निर्णय प्राप्त नहीं किया जा सका।
  • निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने निगरानी ब्यूरो में दर्ज मामलों में 31 मार्च 2025 का लक्ष्य निर्धारित करते हुए अधिक से अधिक संख्या में वादों का निष्पादन कराने का आदेश दिया।
रिश्वत लेते डाक विभाग के मेल ओवरसियर गिरफ्तार

उधर, मुजफ्फरपुर में डाक विभाग के केंद्रीय अनुमंडल में कार्यरत मेल ओवरसियर शिवशंकर पंडित को सीबीआइ ने 10 हजार रुपये घूस लेते पीएनटी चौक स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया है।

सीबीआइ क्राइम ब्रांच की टीम उसे पटना ले जाकर पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार मेल ओवरसियर सरैया के चकना का शाखा डाकपाल परमानंद कुमार घूस में 10 हजार रुपये ले रहा था।

इसके पहले एक लाख रुपये ले चुका था। सीबीआइ के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, चकना डाक शाखा के डाकपाल परमानंद को अवैध उगाही करने में कुछ दिनों पहले टर्मिनेट कर दिया।

टर्मिनेशन तोड़ने के एवज में एक लाख रुपये रिश्वत ली। मेल ओवरसियर का लालच बढ़ता गया। उसने शाखा डाकपाल से 10 हजार रुपये की और डिमांड की। उन्होंने इसकी जानकारी सीबीआइ को दी।

जांच में मामला सही निकला। सोमवार को उसे 10 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद मेल ओवरसियर पर क्या विभागीय कार्रवाई हुई, इस संबंध में डाक अधीक्षक शंभू राय को काल की गई, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।

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'लाडले' नीतीश ही लीड करेंगे तो NDA करे घोषणा, क्या निशांत की ये डिमांड और पिछले चुनाव की कसर होगी पूरी?

February 25, 2025 - 9:11pm

राज्य ब्यूरो, पटना। सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखने के बावजूद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के पुत्र निशांत कुमार (Nishant Kumar) इन दिनों सियासी गलियारों में लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं।

इसी क्रम में मंगलवार को उन्होंने कहा कि एनडीए (NDA) और जदयू (JDU) को भी चाहिए कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) लड़ने की घोषणा करे।

यह भी बताए कि न सिर्फ नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव होगा, उनके नेतृत्व में ही अगली सरकार भी बनेगी। कुमार ने सरकार के विकास कार्यों की भी प्रशंसा की।

निशांत का 2 महीने में 3 बार मीडिया से सामना

बता दें कि पिछले दो महीने के भीतर मंगलवार को निशांत (Nishant Kumar Entry In Bihar Politics) तीसरी बार मीडिया के सामने आए। हर बार उन्होंने राज्य के विकास के लिए नीतीश कुमार को वोट देने की अपील की।

उन्होंने युवाओं और सभी आयु वर्ग के लोगों से अपील की कि वे विधानसभा चुनाव में एनडीए के पक्ष में वोट करें। निशांत ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू की सीटें कुछ कम हो गई थीं। सिर्फ 43 सीटें मिली थीं।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद नीतीश कुमार ने राज्य के विकास के लिए काम किया। इस बार विधानसभा सीटों की संख्या में वृद्धि होनी चाहिए। उन्होंने एनडीए की एकजुटता की चर्चा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की सराहना करने और उन्हें बिहार की जनता का 'लाडला' मुख्यमंत्री बताए जाने के सवाल पर भी उन्होंने अपना रिएक्शन दिया।

निशांत कुमार ने कहा- मेरे पिता ने अच्छा काम किया है। निशांत ने जदयू कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे आम लोगों के बीच जाएं। सरकार की उपलब्धियों के बारे में उन्हें जानकारी दें।

जरूरी सवाल फिर टाल गए निशांत

हालांकि, इस दौरान वे खुद चुनाव लड़ने के प्रश्न को एक बार फिर टाल गए। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) के राजद (RJD) में शामिल होने के प्रस्ताव पर निशांत ने कहा- जनता के दरबार में जाते हैं।

देखते हैं कि जनता क्या कहती है। क्या आप जनता के कहने पर राजनीति में आएंगे? निशांत कुमार (Nishant Kumar In Politics) ने इस प्रश्न का हां या ना में उत्तर नहीं दिया।

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कैबिनेट बैठक में 240 विकास योजनाओं को मिली मंजूरी, भर्ती को लेकर भी नीतीश सरकार ने की बड़ी घोषणा

February 25, 2025 - 8:59pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार प्रदेश को विकास पर 50 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह राशि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा में घोषित विकास योजनाओं पर खर्च होगी।

मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में दक्षिण बिहार में प्रगति यात्रा से जुड़ी 120 घोषणाओं को स्वीकृति दी गई। जिन पर 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। बैठक में कुल 146 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।

मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त होने के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने घोषणाओं के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मंगलवार को हुई बैठक में पथ निर्माण से जुड़ी 64, जल संसाधन की 16, उर्जा, राजस्व व स्वास्थ्य से जुड़ी पांच-पांच योजनाओं के अलावा पर्यावरण वन, लघु जल संसाधन, अल्पसंख्यक कल्याण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की एक-एक खेल और पर्यटन की चार-चार व उद्योग की दो योजनाएं शामिल हैं।

डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार मिलाकर प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने 430 योजनाओं की घोषणा की।

इनमें से 190 योजनाएं विभाग के स्तर पर स्वीकृत की गई जबकि 240 योजनाओं की स्वीकृति मंत्रिमंडल के द्वारा दी गई।

उत्तर बिहार के लिए मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान 187 नई योजनाओं की घोषणा की थी जिनके लिए 20 हजार करोड़ रुपये पूर्व की मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत किए जा चुके हैं।

दक्षिण बिहार के लिए 243 योजनाओं की घोषणा हुई उनमें 123 विभाग के स्तर पर पूर्व में ही स्वीकृत की जा चुकी है। जबकि 120 योजनाओं की स्वीकृति आज मंत्रिमंडल ने दी।

इस प्रकार मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन पर कुल 50 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

कैबिनेट के निर्णय
  • इसके पूर्व की बैठक में स्वीकृत हुए थे 20 हजार करोड़, आज स्वीकृत हुए 30 हजार करोड़
  • उत्तर बिहार की 187 योजनाओं के लिए पूर्व में स्वीकृत हो चुके हैं 20 हजार करोड़ रुपये
  • दक्षिण बिहार की 243 योजनाओं पर खर्च होगी 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि
  • आधारभूत संरचना विकास से लेकर जन समुदाय की योजनाओं पर सरकार का सर्वाधिक जोर
महत्वपूर्ण घोषणाएं एक नजर में
  • प्रदेश में खोले जाएंगे सात नए मेडिकल कालेज
  • राज्य में नौ नए डिग्री कालेजों की स्थापना होगी
  • खेल विकास को 14 स्पोट्र्स कांप्लेक्स बनेंगे
  • 24 धार्मिक स्थलों का विकास किया जाएगा
  • नौ नए विद्युत ग्रिडों का निर्माण भी कराया जाएगा
  • नदियों की उड़ाही की छह योजनाएं हुई स्वीकृत
  • उद्योगों के विस्तार की आठ योजनाओं पर मुहर
  • प्रदेश में सात नए अटल कला भवन बनेंगे
  • करीब 185 सड़क-पुल की योजनाएं भी मंजूर
1-40 बेड वाले निजी अस्पताल को मिली यह छूट

बिहार क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेग्यूलेशन) एक्ट के तहत अब 1-40 बेड वाले निजी अस्पतालों को निबंधन से छूट मिलेगी। जबकि 40 से अधिक बेड वाले अस्पतालों का निबंधन पांच वर्षों के लिए होगा।

अभी यह निबंधन एक साल के लिए होता था। मंत्रिमंडल ने इसके लिए 2013 की नियमावली में संशोधन किया है। नए नियमों के अनुसार निबंधन के लिए आवेदन देने के दस दिनों के अंदर संबंधित अस्पताल को डाक या इलेक्ट्रानिक विधि से संबंधित अस्पातल को निबंधन की जानकारी देनी होगी।

1-40 बेड छोड़ सभी प्रकार के अस्पतालों के लिए यह नियम प्रभावी होगा। जिन क्लीनिक या अस्पताल का संचालन केंद्र सरकार निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है उन्हें निबंधन नहीं दिया जाएगा।

3921 नए पद होंगे सृजित 2857 प्रधानाध्यापक होंगे नियुक्त

मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग एवं मंत्रिमंडल विभागों के प्रस्ताव पर विमर्श के बाद 3921 नए पद सृजन का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।

सिद्धार्थ ने बताया कि राजकीय, राजकीयकृत, प्रोजेक्ट कन्या माध्यमिक, उच्च माध्यमिक स्कूलों में प्राचार्य व प्रधानाध्यापक के 1539 पदों को प्रत्यर्पित करते हुए कार्यरत कुल 1318 पदों का मरणशील घोषित कर इनके स्थान पर उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक नियमावली के अधीन प्रधानाध्यापक के 2857 पद सृजित किए हैं।

सभी थानों में सृजित सहायक उर्दू अनुवादक पदों को प्रत्यर्पित करते हुए 1064 नए पद सृजन का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।

इनमें कलेक्ट्रेट के उर्दू भाषा कोषांग के लिए 38 पद, अनुमंडल कार्यालय के लिए 101 पद, प्रखंड कार्यालयों के लिए 534 पद तथा अंचल कार्यालयों के लिए 391 पद शामिल हैं।

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3 दिन बाद NDA में हलचल बढ़ाने को तैयार 'हम', क्या चुनावी साल में 7 के आंकड़े पार कर पाएंगे जीतन राम मांझी?

February 25, 2025 - 8:42pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के लिए चुनावी वर्ष में राजनीतिक दलों के बीच अपनी ताकत दिखाने की मुहिम शुरू हो गई है। फिलहाल सबसे बड़ी रस्साकसी गठबंधनों के अंदर ही है, अधिक सीटें पाने की।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में अपना प्रभाव दिखाने के लिए हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी 28 फरवरी को गांधी मैदान में दलित समागम रैली कर रहे हैं।

पार्टी का दावा है कि रैली में पिछड़ी-अति पिछड़ी जातियों के एक लाख लोग आएंगे। दलित समागम के बहाने मांझी यह दिखाना चाह रहे हैं कि विधानसभा के पिछले चुनाव की तुलना में उनकी पार्टी का जनाधार बढ़ा है। \

ऐसे में उनकी पार्टी पिछली बार मिली सात सीटों से संतुष्ट नहीं होने वाली। इस बार कम से कम 20 सीटों पर दावा किया जा रहा है।

राजग में अभी पांच सहयोगी दल हैं। इनमें भाजपा और जदयू की हिस्सेदारी सबसे बड़ी है। दोनों दलों के पिछले रिकार्ड देखें तो 243 में कम से कम 200 सीटें यह दोनों दल अपने पास जरूर रखना चाहेंगे।

ऐसे में बाकी की 43 सीटों पर ही मांझी की हम, चिराग पासवान की लोजपा (आर) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा की दावेदारी मानी जा रही है।

इसमें चिराग का दावा सबसे बड़ा है, क्योंकि उनके पास अभी पांच वर्तमान सांसद हैं। हालांकि विधानसभा सीटों के मामले में वह शून्य पर हैं जबकि हम के पास चार सीटें हैं। उपेंद्र कुशवाहा का दल नया है।

हम के दलित समागम में सीएम-डिप्टी सीएम भी होंगे शामिल
  • हम के दलित समागम में राजग नेताओं का भी जुटान होगा। हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्य सरकार में मंत्री डा. संतोष सुमन ने मंगलवार को बताया कि दलित समागम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल होंगे।
  • इसके अलावा उपमुख्यमंत्री समेत राजग के सभी घटक दलों को भी रैली में आने का आग्रह किया गया है। उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि यह समागम शक्ति प्रदर्शन है।
  • उन्होंने कहा कि चुनाव आने वाला है , ऐसे में गरीब-पिछड़ों को राजनीतिक रूप से सक्रिय बना कर एनडीए को मजबूत बनाने के उद्देश्य यह काम किया जा रहा है।
  • समागम में गरीब दलित जनता की भागीदारी और संख्या हम को मजबूती देगी। समाज के पिछड़े गरीब लोग समागम में अपने अधिकारों की बात करेंगे। अपने प्रतिनिधित्व की बात करेंगे।

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