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Bihar: खुशखबरी! शहरों में चलेंगी पिंक बसें, महिलाओं को ई-रिक्शा और स्कूटी खरीदने पर मिलेगी सब्सिडी
राज्य ब्यूरो, पटना। परिवहन विभाग का नया बजट महिलाओं को उपहार देने वाला है। महिलाओं की सुरक्षित यात्रा से लेकर उन्हें परिवहन क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने तक कई नई योजनाएं वित्तीय वर्ष 2025-26 में लॉन्च की गई हैं। इस कारण बजट का आकार भी करीब 80 करोड़ बढ़ाया गया है।
इसमें योजना मद में 40 करोड़ की राशि बढ़ाई गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभागीय बजट 451.46 करोड़ था जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 530.99 करोड़ कर दिया गया है। इसमें स्कीम मद में राशि 242 करोड़ से बढ़कर 282 करोड़ कर दी गई है।
इन शहरों में चलेंगी पिंक बसेंपरिवहन विभाग की ओर से पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया समेत राज्य के प्रमुख शहरों में पिंक बसें चलाई जाएंगी। सबसे खास बात यह कि इन बसों में सवारी, ड्राइवर और कंडक्टर सभी महिलाएं होंगी।
इसके लिए परिवहन विभाग महिलाओं को ड्राइवर और कंडक्टर का विशेष प्रशिक्षण दिलाएगा। राज्य के प्रमुख शहरों में महिला वाहन परिचालन प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिसमें प्रशिक्षक भी महिलाएं ही होंगी।
33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाएगापरिवहन निगम से ड्राइवर, कंडक्टर और डिपो मेंटेनेंस स्टाफ के पदों पर महिलाओं के लिए एक तिहाई यानी 33 प्रतिशत पद आरक्षित कराए जाएंगे।
महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए महिला चालकों को नगद अनुदान भी दिया जाएगा। महिला चालकों को ई-रिक्शा एवं दोपहिया वाहन के व्यावसायिक परिचालन के उद्देश्य से खरीद के लिए अनुदान का प्रविधान किया गया है।
जल्द चलेंगी 400 ई-बसें, ई-वाहन खरीद पर अनुदान:- परिवहन विभाग की योजना है कि नए वित्तीय वर्ष में राज्य में 400 ई-बसों का परिचालन शुरू कर दिया जाए। यह बसें पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया शहरों में चलेंगी।
- बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के ई-वाहन तथा उनके चार्जिंग स्टेशनों को प्रोत्साहित करने के लिए भी अनुदान और टैक्स में छूट का प्रविधान किया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना के तहत अब तक 132 लाभुकों को 6.60 करोड़ रुपये का भुगतान वाहन खरीद पर दिया गया है।
ग्राम परिवहन योजना के तहत 45 हजार लाभुकों को अनुदान दिया गया है। इसके तहत 670 लाभुकों के द्वारा एंबुलेंस की खरीद की गई है।
विकास की सूरत गुलाबीकभी उन्हें देहरी में दबोच कर रखा गया तो कभी पर्दे के भीतर। विवशता में इस जमात ने उसे ही अपनी नियति मान लिया था, जबकि वे आधी आबादी हैं। तब उन्हें अपनी हैसियत का अहसास भी नहीं था। अब वे मुखर हैं और बुलंद भी। वे बिहार की महिलाएं हैं, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सकारात्मक सोच और सफल नीतियों की बदौलत राजनीति से लेकर नौकरी-रोजगार तक में सफलता के परचम लहरा रहीं।
उनका यह परचम और बुलंद हो, इसके लिए नए वित्तीय वर्ष (2025-26) के बजट में सरकार ने बहुआयामी घोषणाएं की हैं। बजट में महत्वपूर्ण 52 घोषणाएं हैं, जिनमें से 12 नितांत आधी आबादी के हित में। बाद बाकी घोषणाओं का लाभ भी वे पुरुषों के जैसे ही ले सकती हैं। वस्तुत: यह बढ़ते बिहार की बानगी है और सरकार के दृष्टिकोण का एक नमूना भी।
सरकार चाहती है कि विकास की पटरी पर दोनों पहिए बराबर चाल से आगे बढ़े, तभी मंजिल तक पहुंच पाएंगे। पुरुषों की तरह जब महिलाएं भी सशक्त-समर्थ होंगी तभी बिहार के विकास की दर दहाई अंक में बनी रहेगी और तभी प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि होगी। नीतीश सरकार का यही लक्ष्य है। इसीलिए अपनी सत्ता के शुरुआती दौर में उन्होंने लड़कियों की शिक्षा और पंचायती राज के साथ नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की।
बाद में जीविका के माध्यम से गरीब ग्रामीण महिलाओं को कमाऊ बनाया गया। वह पहल अब शहरों तक बढ़ आई है। उसके आगे अब उनके लिए वेंडिंग जोन में स्थान आवंटित होगा। चलंत व्यायामशाला बनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत पटना से होगी। नए वित्तीय वर्ष के बजट में इसका प्रविधान कर दिया गया है। संकोच खुलेआम न हो, इसके लिए सभी प्रमुख शहरों में पिंक टायलेट बनेंगे और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास भी।
उनके आवागमन के लिए पिंक बसें चलेंगी, जिनमें ड्राइवर और खलासी भी महिलाएं ही होंगी। परिवहन निगम के मेंटेंनेंस विभाग में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, तो प्रमुख शहरों में उनके लिए चालक प्रशिक्षण केंद्र खुलेंगे। महिला सिपाहियों को रहने के लिए किराये पर कमरा लेकर दिया जाएगा।
ई-रिक्शा और दोपहिया की खरीद पर अनुदान मिलेगा तो वे पर्यटक गाइड भी बनाई जाएंगी। इन सबके आगे सरकार की दृष्टि में गांव-जवार का वह कोना भी है, जहां बेटियों के बरात के स्वागत हेतु गरीबों के पास जगह नहीं। अब सभी पंचायतोंं में कन्या विवाह मंडप का निर्माण होगा, जहां बैंड-बाजा और जश्न के बीच बेटियों के हाथ पीले होंगे।
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Bihar Land Mutation: लैंड म्यूटेशन को लेकर सरकार ने फिर जारी की गाइडलाइन, जमीन मालिकों को होगा फायदा
राज्य ब्यूरो, पटना। ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त दाखिल-खारिज याचिकाओं के निष्पादन के बाद जो लिपिकीय या गणितीय त्रुटियां रह जाती हैं, उसमें सुधार के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी समाहर्ताओं को पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि दाखिल-खारिज संबंधी आदेश पारित करने के दौरान की गई लिपिकीय या गणित संबंधी भूल या किसी आकस्मिक भूल या लोप से हुई गलतियां अंचल अधिकारियों द्वारा स्वप्रेरणा से या किसी पक्षकार के आवेदन पर शुद्ध की जा सकेगी। अंचल अधिकारी इस शुद्धि से सभी पक्षों को सूचित करेंगे।
अंचल अधिकारियों को लिपिकीय या टंकण संबंधी भूल के कारण क्रेता,विक्रेता की विवरणी, जमाबंदी, खतियानी रैयत के नाम-पता में हुई त्रुटि या लोप एवं लगान की राशि से संबंधी त्रुटि में संशोधन का अधिकार दिया गया है।
दाखिल-खारिज में कैसे होगा संशोधन?पत्र में कहा गया है कि दाखिल-खारिज वादों के निष्पादन के दौरान पारित आदेश में अगर लिपिकीय एवं टंकण संबंधी भूल के कारण खाता्, खेसरा या रकबा में कोई गलती हो गई हो या मिलजुमला खेसरा होने की वजह से कोई अन्य जमाबंदी प्रभावित हुई हो तो उसमें संशोधन के लिए अलग प्रक्रिया का अनुसरण करना होगा।
प्रक्रिया के मुताबिक अंचल अधिकारी सिविल प्रक्रिया संहिता-1908 की धारा-152 के प्रविधानों के मुताबिक आत्मभारित आदेश पारित करते हुए पहले पारित भूल के आदेश को निरस्त करेंगे। फिर सही खाता,खेसरा, रकबा या अलग-अलग खेसरा के रकबा के दाखिल-खारिज का आदेश पारित करेंगे।
अगर रैयत के दस्तावेज में गलती है तो क्या होगा?- सचिव के पत्र में बताया गया है कि कई बार रैयत द्वारा क्रय किए गए दस्तावेजों में ही खाता, खेसरा और रकबा गलत दर्ज रहता है। उसी के कारण दाखिल-खारिज संबंधी आदेश गलत पारित हो जाता है।
- त्रुटिपूर्ण जमाबंदी सृजित हो जाती है। ऐसी स्थिति में भूमि सुधार उपसमाहर्ता के समक्ष अपील दायर किया जाएगा जिसे सुनवाई की पहली तारीख को ही अंचल अधिकारी के आदेश को निरस्त कर दिया जाएगा।
राजस्व अधिकारियों से अनजाने में हुई गलतियों का खामियाजा आम जनता को नहीं भुगतना पड़े, इसलिए हमने यह व्यवस्था की है। वर्तमान में किसी भी गणितीय या लिपिकीय भूल में सुधार के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता के समक्ष अपील दायर करना पड़ता है, जिसमें लोगों को परेशानी होती है। नई व्यवस्था में गलतियों का सुधार अंचल अधिकारी के कार्यालय से ही हो जाएगा। इससे लोगों को काफी सुविधा होगी। - संजय सरावगी, मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार।
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बिहार में जल्द लागू होने वाली है एक नई नीति, आसमान छूएगी प्रदेश की इकोनॉमी; नीतीश सरकार ने बनाया धांसू प्लान
राज्य ब्यूराे, पटना। बिहार में नीतीश सरकार ने बजट की घोषणा कर दी है। निवेशकों की जरूरतों के हिसाब से सरकार इसी वर्ष नयी औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति लाएगी।
कई अन्य क्षेत्र के उद्योगों के लिए भी नयी पॉलिसी आएगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस बात का प्रविधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने व निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से एक गतिशील तंत्र के रूप में काम करेगी नयी औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति।
नयी औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति निवेशकों की जरूरतों को सहयोग देते हुए निवेश के लिए राज्य को एक आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करने को सहयोग करेगी। इसका लाभ राज्य में आर्थिक गतिविधियों के विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन के रूप में भी होगा।
उद्योग तथा संबंधित क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास के लिए औद्योगिक रोडमैप तैयार किया जाएगा। पटना, मुजफ्फरपुर तथा पूर्णिया की तर्ज पर राज्य में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दरभंगा, मुंगेर, गया, सारण, भागलपुर तथा सहरसा में भी खादी माल का निर्माण कराया जाएगा।
अब तक इतने करोड़ रुपये हुए खर्चबिहार स्टार्ट अप पॉलिसी के बारे में यह बताया गया कि अब तक 186 निबंधित स्टार्टअप को 51.27 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
स्थायी और वैकल्पिक ईंधन के उपयाेग को प्रोत्साहित कर राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम मूल्यवर्धन कर रोजगार सृजन के उद्देश्य से बिहार बायो फ्यूएल्स उत्पादन प्रोत्साहन (संशोधन) नीति 2025 को लागू किया जाएगा।
पर्यावरणीय चुनौतियों एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकल्पों को बाजार की मांग के कारण निजी कंपनियों व तेल कंपनियों द्वारा बिहार में कांपेस्ड बायो गैस इकाईयों की स्थापना का जाएगी।
किसानों की आय में वृद्धि व पर्यावरणीय स्थिरता के साथ सतत औद्योगिक विकास और संतुलित क्षेत्रीय विकास काे बढ़ावा देने के लिए बिहार खाद्य प्रसंस्करण नीति 2025 लायी जाएगी।
लागू होगी यह भी पॉलिसी- बिहार को एक प्रमुख फार्मास्यूटिकल और चिकित्सा उपकरण विनिर्माण केंद्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए इसी वर्ष बिहार फार्मास्यूटिकल प्रमोशन पॉलिसी लायी जाएगी।
- इसी तरह प्रदेश में प्लास्टिक विनिर्माण क्षेत्र आर्थिक विकास के रूप में अपना योगदान और बढ़ाए इसे केंद्र में रख बिहार प्लास्टिक विनिर्माण प्रोत्साहन नीति भी इस वर्ष लायी जाएगी।
- उद्यमिता विकास संस्थान का जीर्णोद्धार कर इसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। गुड़ के लिए एक सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना समस्तीपुर के पूसा में होगी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट (Bihar Budget 2025) में पथ निर्माण विभाग को वार्षिक स्कीम मद की कुल राशि में 4.50 प्रतिशत का हिस्सा दिया गया है। इसके तहत पथ निर्माण विभाग के लिए 5257.55 करोड़ रुपए का प्रविधान किया गया है।
रोड सेक्टर के लिए बजट में यह महत्वपूर्ण घोषणा रही कि सभी जिला मुख्यालयों को चार लेन की सड़क से पटना को संपर्कता मिलेगी। वर्ष 2027 के अंत तक राज्य के किसी भी कोने से चार घंटे में पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है।
सात निश्चय पार्ट-2सात निश्चय पार्ट-2 के अंतर्गत सुलभ संपर्कता के अधीन राज्य के सभी शहरों एवं सघन बसावटों से हाेकर गुजरने वाले मार्गों में आवश्यकता के हिसाब से बाईपास व फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाना है। इसके तहत अब तक 25 बाईपासों के निर्माण के लिए 676.27 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
2024-25 में 22 पुल प्रोजेक्ट का निर्माण पूराविगत एक वर्ष के दौरान पथ निर्माण विभाग के तहत जिन योजनाओं पर काम हुआ उसकी भी जानकारी दी गयी है। यह बताया गया कि वर्ष 2024-25 में अब तक 22 पुल योजनाओं का निर्माण पूरा किया गया है। एक वर्ष में पथ निर्माण विभाग के अधीन 90 योजनाएं जिसकी लागत राशि 4,826.40 करोड़ रुपए है, को स्वीकृति प्रदान की गयी।
इन योजनाओं में 23 पुल प्रोजेक्ट, 12 आरओबी तथा 50 सड़क परियोजनाएं हैं। वर्ष 2024-25 में पटना स्थित जेपी गंगा पथ के अंतर्गत गायघाट से कंगन घाट तक 3.40 किमी सड़क का लोकार्पण हुआ।
नदियों पर बने पुलों का विशेष जिक्रबजट भाषण में वित्त मंत्री ने नदियों पर बने पुलों का भी विशेष रूप से जिक्र किया। यह कहा गया कि वर्ष 2005 के पहले गंगा नदी पर दो लेन वाले मात्र तीन पुल थे और चार लेन वाले एक पुल। अब दो लेन वाले तीन पुल, चार लेन वाले 7 पुल तथा छह लेन वाले चार पुलों का निर्माण हो चुका है।
वर्ष 2005 से पहले कोसी नदी पर दो लेन वाले केवल दो पुल थे।अब दो लेन वाले पुलों की संख्या चार हो गयी है। चार लेन वाले नए पुलों का निर्माण हो चुका है।
गंडक नदी पर 2005 के पहले दो लेन वाले मात्र तीन पुल थे जो अब बढ़कर आठ हो चुके हैं। बागमती नदी पर मात्र चार पुल थे जिनकी संख्या अब 13 हो गयी है। फल्गु नदी पर मात्र एक पुल था। फल्गु पर चार नए पुल बनाए गए हैं।
- पथ निर्माण विभाग के लिए बजट: वित्तीय वर्ष 2025-26 में पथ निर्माण विभाग को 5257.55 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया, जो कुल वार्षिक स्कीम मद का 4.50 प्रतिशत है।
- चार लेन सड़क योजना: सभी जिला मुख्यालयों को पटना से चार लेन की सड़क से जोड़ने की योजना, 2027 तक राज्य के किसी भी कोने से चार घंटे में पहुंचने का लक्ष्य।
- नदियों पर बने पुल: 2005 से पहले गंगा, कोसी, गंडक और बागमती नदियों पर पुलों की संख्या सीमित थी, अब इन नदियों पर कई नए पुलों का निर्माण हुआ है, जिनमें दो, चार और छह लेन वाले पुल शामिल हैं।
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Bihar Bhumi: दाखिल-खारिज को लेकर नीतीश सरकार सख्त, 5 CO से जवाब तलब; DM ने सैलरी भी रोकी
जागरण संवाददाता, पटना। दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन में शिथिलता पर पांच अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण और एक के वेतन पर रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान यह कार्रवाई की।
बिहटा, संपतचक, धनरुआ, बेलछी, पालीगंज एवं घोसवरी के अंचल अधिकारी इस कार्रवाई की जद में आए हैं। जिलाधिकारी ने हिदायत दी है कि कार्य में सुस्ती और लापरवाही किसी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।
मिशन जीरो एक्सपायर्ड के तहत दाखिल-खारिज के 75 दिनों से अधिक तथा परिमार्जन प्लस के 36 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को 22 मार्च तक शून्य करने का निर्देश दिया गया। समाहरणालय में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिला में दाखिल-खारिज के 97 प्रतिशत से अधिक मामलों को निष्पादित किया गया है।
31 मार्च तक सुधार लाएं बिहटा के सीओ:समीक्षा में बिहटा के अंचल अधिकारी का प्रदर्शन काफी असंतोषजनक पाया गया। उनके यहां दाखिल-खारिज के 75 दिन से अधिक 3,448 मामले लंबित हैं। सबसे पुराना मामला 24 अप्रैल 2023 से लंबित है। परिमार्जन प्लस में बीते 15 दिनों में 373 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि निष्पादन केवल 170 का किया गया।
वहीं, ऑनलाइन अनुपलब्ध जमाबंदी के डिजिटाइजेशन में इसी अवधि में 106 आवेदन आए, निष्पादन महज 27 किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह काफी खेदजनक है। बिहटा के अंचल अधिकारी दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस सहित अनेक मापदंडों पर लगातार खराब प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने उनका वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा। उन्हें 31 मार्च तक सुधार लाने का निर्देश दिया। ऐसा नहीं करने पर प्रपत्र क गठित कर विभाग को प्रतिवेदित किया जाएगा। अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अमीनों से भी प्राप्त करें स्पष्टीकरण:संंपतचक, धनरुआ, बेलछी, पालीगंज एवं घोसवरी के अंचल अधिकारियों ने बीते 15 दिनों में ई-मापी के केवल शून्य से दो मामलों को ही निष्पादित किया गया है जबकि प्राप्त आवेदनों की संख्या काफी अधिक है।
जिलाधिकारी ने इन सभी अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण का निर्देश दिया है। साथ ही उन्हें सुधार लाने की हिदायत दी गई। साथ ही संबंधित अमीनों से भी इस आशय का स्पष्टीकरण प्राप्त कर मंतव्य सहित उपस्थापित करने का निदेश दिया गया कि किस परिस्थिति में ऐसा हुआ।
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Bihar News: घटिया क्वालिटी के सामान से सरकारी भवन का निर्माण करने वाले सावधान, हो सकता है एक्शन
राज्य ब्यूरो, पटना। भवन निर्माण विभाग की ओर से राज्य में पंचायत भवनों के निर्माण के साथ ही प्रमंडल स्तर पर भी कई अन्य भवनों का निर्माण किया जा रहा है। हाल ही में सरकार के संज्ञान में यह बात लाई गई कि पंचायत सरकार भवनों के साथ ही विभिन्न कार्य प्रमंडल में संचालित कई योजनाओं में निम्नस्तरीय निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
सरकार ने दी चेतावनीइस बात की जानकारी लगने के बाद सभी अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंता को चेतावनी देते हुए गुणवत्तापूर्ण भवन निर्माण के लिए आगाह किया गया है।
भवन निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में फिलहाल ढाई हजार से अधिक पंचायत सरकार भवन बनाए जा रहे हैं। इनके अलावा भी प्रमंडल और जिला स्तर पर दूसरे कई भवनों का निर्माण जारी है, जिनका समय-समय पर औचक निरीक्षण कराया जाता है।
घटिया क्वालिटी के सामान का इस्तेमाल चिंताजनकसूत्र बताते हैं कि हाल ही में ऐसे ही निरीक्षणों के क्रम में यह तथ्य सामने आया कि कार्य प्रमंडलों में चल रही योजनाओं के साथ ही पंचायत सरकार भवनों में भी निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। विभाग ने इसे बेहद चिंता का विषय मानते हुए निर्देश पत्र जारी किया है।
भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (गुणवत्ता अनुश्रवण) ने सभी अधीक्षक और कार्यपालक अभियंताओं को पत्र लिखकर कहा है कि कई स्थानों पर बैचिंग प्लांट अधिष्ठापित नहीं पाया गया। ग्रीन बैरिकेडिंग भी नहीं पाई गई। सीमेंट भी स्टैंडर्ड क्वालिटी की नहीं थी।
नियम के अनुसार निर्माण कार्य करने के आदेशयहां तक की कार्यस्थल पर प्रयोगशाला तक नहीं थी। मुख्य अभियंता ने कहा कि भवन निर्माण के लिए जो नियम-कायदे हैं, उन्हीं के मुताबिक पूरी गुणवत्ता और उच्च स्तर की सामग्री के साथ निर्माण कार्य हो यह सुनिश्चित किया जाए ताकि विभाग की छवि बनी रहे। उन्होंने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
हाजीपुर : विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभुकों के साथ डीएम ने किया संवादविभिन्न सरकारी योजनाओं में अद्यतन स्थिति, योजनाओं से लाभुकों को होने वाले लाभ, योजनाओं का लाभ लेने के दौरान किसी परेशानी या किसी अन्य बात जब अधिकारियों तक पहुंचती है, तो उन योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और सुविधा होती है।
इसी उद्देश्य के साथ रविवार को समाहरणालय परिसर में डीएम यशपाल मीणा ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभुकों के साथ संवाद किया।
समाहरणालय परिसर में लाभुकों से संवाद करते हुए डीएम यशपाल मीणा।
संवाद के दौरान डीएम ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर लाभुकों का फीडबैक भी लिया। समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में डीएम यशपाल मीणा ने सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की स्थिति जानने और फीडबैक के लिए कई लाभुकों के साथ संवाद किया, साथ ही पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
डीएम ने इस दौरान हर घर नल जल योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, मिशन इंद्रधनुष, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एवं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सहित कई योजनाओं की समीक्षा की।
इस दौरान डीएम ने इन योजनाओं के कई लाभुकों के साथ समाहरणालय सभागार में संवाद भी किया और योजना क्रियान्वयन के संदर्भ में उनसे फीडबैक भी प्राप्त किया।
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Bihar Budget 2025: आज खुलेगा नीतीश सरकार के बजट का पिटारा, चुनावी साल में हो सकते हैं ये बड़े एलान
राज्य ब्यूरो, पटना। गरीबों, वंचितों, महिलाओं के साथ युवा पीढ़ी के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रतिबद्धता समय-समय पर स्पष्ट होती रही है। अपनी प्रगति यात्रा के क्रम में भी वे इन वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का वादा करते रहे हैं। इससे स्पष्ट हो जाता है कि इस बार के बजट में समाज कल्याण सरकार की प्राथमिकता में होगा।
नौकरी रोजगार सहित मिलेंगी कई बड़ी सौगात- विधान मंडल में सोमवार यानी आज नए वित्तीय वर्ष (2025-26) का बजट प्रस्तुत होना है, जिस पर चुनावी वर्ष की एक छाप तो होगी ही। बजट में उन क्षेत्रों पर विशेष फोकस होगा, जिनसे जनता का प्रत्यक्ष वास्ता है।
- नौकरी-रोजगार के साथ सड़क व दूसरी आधारभूत संरचना के निर्माण, ग्रामीण विकास, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सरकार की ओर से विशेष पहल हो सकती है।
पिछले वर्षों में इन्हीं प्रयासों से बिहार आगे बढ़ा है, जिसे इस बार और गति दी जाएगी। गरीब व असहाय वर्गों के कल्याण मद में आवंटन कुछ बढ़ेगा।
इसी के साथ महिलाओं के लिए भी अतिरिक्त घोषणा हो सकती है। इन जन-हितैषी पहल के साथ स्थापना व प्रतिबद्ध मद में बढ़ते खर्च के कारण नए वित्तीय वर्ष का बजट 3.15 लाख करोड़ के निकट हो सकता है।
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पेश करेंगे बजटचालू वित्तीय वर्ष (2024-25) का बजट 2.78 लाख करोड़ का रहा है। वित्त विभाग का दायित्व संभाल रहे उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए बजट प्रस्तुत करने का यह दूसरा अवसर होगा।
अपने अभिभाषण में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां यह पहले ही बता चुके हैं कि 10 लाख नौकरी के लक्ष्य को बढ़ाकर सरकार 12 लाख कर चुकी है। इसके अलावा रोजगार के दूसरे तरीकों से 34 लाख युवाओं को कमाऊ बना दिया जाना है। ऐसे में वेतन और अनुदान मद में आवंटन का बढ़ना स्वाभाविक है।
नौकरियों की घोषणाअभी तक नौ लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं। नए सरकारी सेवकों के वेतन के लिए वार्षिक तौर पर लगभग 12000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन बढ़ना है।
अभी शिक्षा विभाग सहित दूसरे विभागों में लगभग 80 हजार पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही। बहुत संभव है कि बजट में उसकी घोषणा हो।
ग्रामीण कार्य विभाग का बढ़ेगा बजटप्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने दर्जनों सड़कों और पुल-पुलिया के निर्माण की घोषणा की है। इस कारण पथ निर्माण विभाग के साथ ग्रामीण कार्य विभाग के बजट में वृद्धि तय है।
केंद्र की उड़ान योजना के साथ राज्य सरकार अपने स्तर से भी हर जिले में चौबीसों घंटे लैंडिंग वाले हेलीपैड बनाने की घोषणा कर सकती है।
व्यापारियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम और कृषि आधारित व्यवसाय में कर पर छूट की घोषणा भी संभावित है। किसानों को सस्ती बिजली निर्बाध मिलती रहेगी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ सकती है। जीविका दीदियों के साथ अनुसूचित जाति-जनजाति की महिलाओं के लिए विशेष प्रविधान भी होना है।
सरकार की कृपा उन 94 लाख निर्धन परिवारों पर तो होनी ही है, जिन्हें दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी है। इस बार बजट में इसके लिए कुछ आवंटन संभव है।
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जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (Western disturbance) सक्रिय है। पूर्वोत्तर असम के पास चक्रवातीय हवा का प्रभाव बना हुआ है। कुछ हिस्सों में बादल ,वर्षा, तेज हवा के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। 24 घंटों के दौरान 30-40 किमी प्रतिघंटे से हवा का प्रभाव जारी रहेगा। 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री की गिरावट आने से ठंड में वृद्धि हो सकती है।
आठ शहरों के न्यूनतम तापमान में आई कमीमौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान में फिलहाल परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। रविवार को मौसम में आए बदलाव के कारण पटना सहित आठ शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
पटना का अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 14.0 डिग्री सेल्सियस के साथ किशनगंज व वाल्मीकि नगर में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
32 डिग्री के पार पहुंचा बक्सर का पारापटना का अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 32.8 डिग्री सेल्सियस के साथ बक्सर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिम, दक्षिण पूर्व एवं मध्य भाग के एक या दो स्थानों पर हल्की वर्षा दर्ज की गई।
इन इलाकों में हुई बारिशबेगूसराय के मटियानी में 7.2 मिमी, फतुहा में दो मिमी, मोकामा में 1.6 मिमी, वाल्मीकि नगर में 1.2 मिमी, वैशाली में 0.5 मिमी, बेगूसराय में 0.5 मिमी, पटना में 0.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जबकि शेष भागों का मौसम सामान्य बना रहा।
प्रमुख शहरों का तापमान शहरअधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 30.8 18.0 गया 31.4 16.5 भागलपुर 31.3 16.4 मुजफ्फरपुर 30.0 18.5 अरवल : तेज धूप व हवा से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा
मार्च के पहले सप्ताह में ही मौसम के मिजाज में तेजी से बदलाव दिख रहा है। तेज धूप व गरम हवा से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज धूप से खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है।
किसानों को गेहूं की सिंचाई ज्यादा करनी पड़ रही है। लागत बढ़ने के साथ ही पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। इससे किसानों को आर्थिक क्षति की आशंका सता रही है।
किसानों के अनुसार गेहूं के पौधों में बाली आ गई है। तापमान बढ़ने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। गेहूं को पकने के लिए 25 से 30 डिग्री पारा अच्छा रहता है, लेकिन मार्च के शुरुआत में ही पारा 33 पर पहुंच गया है।
जिले में 2 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई हुई है, लेकिन धूप इतनी तेज हो रही है कि मिट्टी सूख जा रही है। इसकी वजह से किसानों को सिंचाई पर ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
सुरेन्द्र सिंह, प्रमोद सिंह, गोलू शर्मा, नन्द शर्मा का कहना है कि बढ़ते तापमान से पौधे भी सूख रहे हैं। अगर इसी तरह से तापमान बढ़ता रहा और हवाएं चलती रहीं तो गेहूं की फसल का उत्पादन कम होगा।
इससे बालियों में पड़ने वाला दाना सूख जाएगा। वहीं तेज हवा के कारण मसूर की पौधे भी पीले पड़ जा रहे हैं। कृषि अधिकारी ने तापमान तेजी से बढ़ने व तेज हवा से फसलों में नमी का स्तर कम होने की बात कही है। ऐसे में गेहूं में बालियां छोटी रह जाएंगी।
तापमान में नरमी नहीं आई तो इस वर्ष प्रति हेक्टेयर करीब 50 किलो गेहूं का उत्पादन कम होने की आशंका है। जिन किसानों ने 15 दिसंबर के बाद गेहूं की बुआई की है उन्हें अधिक नुकसान होने का अनुमान है।
क्या कहते हैं पदाधिकारीखेत में नमी बनाए रखना जरूरी है। अगर पूरी बालियां निकल आई हैं तो सिंचाई बेहद जरूरी है। खेत में ज्यादा पानी भरने से तेज हवा चलने पर गेहूं के पौधों के गिरने की आशंका रहती है।
मनीष कुमार अनुमंडल कृषि पदाधिकारी
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जागरण संवाददाता, पटना। चिकित्सा अधीक्षक ने सुबह-सुबह पीएमसीएच के रेडियोलॉजी विभाग का औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण के दौरान पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ड्यूटी से गायब रहने वाले चार चिकित्सकों को नोटिस दिया है। इसमें एक रेजिडेंट का एक दिन के वेतन काटने का निर्णय लिया गया।
गायब डॉक्टरों पर कार्रवाई को लेकर चिकित्सा अधीक्षक ने प्राचार्य को पत्र लिखा है। बताया जाता है कि अधीक्षक ने सुबह के 9:40 बजे पीएमसीएच के रेडियोलॉजी विभाग का औचक निरीक्षण किया। उस समय तक एक भी चिकित्सक अस्पताल में नहीं पहुंचे थे। सभी ड्यूटी से गायब थे।
अस्पताल के बाहर एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों की लंबी कतार लगी थी। अधीक्षक ने ड्यूटी रजिस्टर की जांच की। जिनकी ड्यटी थी, उनको अनुपस्थित कर दिया। एक रेजिडेंट का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया, जबकि अन्य पर कार्रवाई के लिए प्राचार्य को पत्र लिखा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बरबीघा रेफर अस्पताल की सराहना कीवहीं, दूसरी ओर बरबीघा में रविवार को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बरबीघा रेफरल अस्पताल की तस्वीर को इंटरनेट मीडिया पर साझा करते हुए अस्पताल की खूब सराहना की है।
उन्होंने इस अस्पताल को शानदार और चमचमाता हुआ अस्पताल बताते हुए कहा कि यह अपनी उत्कृष्ट और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए प्रसिद्ध हो रहा है। उन्होंने लिखा यह अस्पताल बिहार की बदलती और विकसित होती तस्वीर को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के सुधारों को देखकर कुछ लोग बौखला रहे हैं और फालतू की बयानबाजी कर रहे हैं। क्योंकि वे बिहार के विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इधर स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा रेफरल अस्पताल की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की खबर से पूरे अस्पताल प्रशासन में खुशी की लहर देखी जा रही है।
अस्पताल कर्मी मनोज सोलंकी, प्रबंधक त्रिलोकी नाथ सहित अन्य कर्मियों ने बताया कि अस्पताल के प्रभारी डॉ. फैसल अरशद की मेहनत और लगन से यह बदलाव संभव हो पाया है। उनकी कड़ी मेहनत और बेहतर प्रबंधन की बदौलत अस्पताल में स्वच्छता, आधुनिक सुविधाएं और मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है।
उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए लगातार प्रयास किया जिसका असर अब साफ दिख रहा है। रेफरल अस्पताल में कार्यरत डॉ. आनंद, डॉ. रचिता सहित अन्य कर्तव्य निष्ठ चिकित्सा एवं चिकित्सा कर्मी के कारण अस्पताल में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह अस्पताल आज पूरे जिले भर का नजीर पेश कर रहा है।
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जागरण संवाददाता, पटना। बालू लदे वाहनों की वजह से उत्पन्न हो रही आवागमन की गंभीर समस्या को देखते हुए अब जलमार्ग का विकल्प तलाशा जा रहा है।
इससे एक तो सड़क से वाहनों का बोझ घटेगा तो दूसरी ओर जल परिवहन से लागत में भी कमी आएगी। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने यह जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि इसका प्रस्ताव जिला से खनन विभाग को भेजा गया था। वहां से उसे दूसरे विभाग को दिया गया है। दरअसल बालू के जितने भी घाट हैं, वे नदी किनारे हैं।
ऐसे में गंगा के अलावा घाघरा, गंडक जैसी नदियों से इनका परिवहन सुगम होगा। इसको देखते हुए जल परिवहन की अनुमति का प्रस्ताव दिया गया है। स्वीकृति मिलने पर आने वाले समय में यह संभव हो सकेगा।
बता दें कि बालू लदे वाहनों के चलते आम लोगों सड़कों पर भीषण जाम का सामना करना पड़ता है। गाड़ियों की लंबी कतार के कारण कई तरह की परेशानियां होती हैं।
बालू लदा ट्रैक्टर जब्त- इमामगंज (गया) में कोठी थाना की पुलिस ने बालू लदा एक ट्रैक्टर ट्राली को जब्त किया है। इस संबंध में प्रभारी थानाध्यक्ष गुप्तेश्वर सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के गंगटी मोरहर नदी में ट्रैक्टर पर बालू लोड किया जा रहा है।
- इसी सूचना के आधार पर पुलिस अधिकारी व जवान बालू लदा ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान चालक व मजदूर पुलिस को देख कर फरार हो गये। ट्रैक्टर का इंजन और चेचिस नंबर के आधार से आगे की कारवाई की जा रही है।
उधर, जहानाबाद में परसबिगहा थाना क्षेत्र के उच्च विद्यालय अमैन के समीप सड़क किनारे बालू के ढेर के कारण बाइक दुर्घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल एक व्यक्ति को पीएमसीएच रेफर किया गया।
गनाई बिगहा गांव से बारात में शामिल होने के लिए एक अपाची मोटरसाइकिल पर सवार लोग धनगावां जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर गिरे बालू के कारण बाइक असंतुलित होकर विपरीत दिशा से आ रही दूसरी बाइक से टकरा गई। दोनों बाइक पर सवार चार लोग जख्मी हो गए।
घायलों में ककड़िया मठिया गांव निवासी मिथिलेश कुमार, कुरहारी गांव निवासी सत्यम कुमार, रुपेश कुमार एवं भेलावर थाना क्षेत्र के लिलिया बीघा गांव निवासी संजीत कुमार शामिल हैं। ग्रामीणों ने घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया।
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राज्य ब्यूरो, पटना। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के प्रधानमंत्री मोदी के ऊपर दिए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत से विचलित हो गए हैं। उन्होंने तेजस्वी के बयान को छोटे मुंह बड़ी बात बताया है।
ऋतुराज ने कहा कि तेजस्वी के परिवार को बिहार चलाने का मौका मिला था लेकिन आप मिट्टी ,चारा खाने और अलकतरा पीने में व्यस्त रहे। जैसे कोई बच्चा छुपकर चुरा-चुरा कर मिट्टी खाता है वैसे ही आपने चुरा-चुरा कर बिहार के लोगों का खजाना खाया है और पिया है।
अब जिसे मौका मिला है, वह काम कर रहा है तो अब आपके पेट में दर्द क्यों हो रहा है। यह हड़बड़ाहट और घबराहट नहीं तो और क्या है।
तेजस्वी यादव के उम्र के दिए बयान पर उन्होंने कहा कि अब आप उम्र का हवाला दे रहे हैं। जबकि लालू जी को बिहार की जनता ने सिर्फ 45 साल की उम्र में प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया था, लेकिन उन्होंने क्या साबित किया। उन्होंने भ्रष्टाचार, अत्याचार, घोटाला यही साबित किया।
युवाओं के बेहतर स्वास्थ्य और विकास पर सरकार का विशेष ध्यान : मंगल पांडेयप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि किशोरावस्था के दौरान किशोर-किशोरियों को शारीरिक परिवर्तन के साथ भावनात्मक, बौद्धि और सामाजिक व्यवहार में परिवर्तन के दौर से गुजरना होता है।
इस दौरान युवाओं को लैंगिंग भेदभाव, बाल विवाह, गर्भावस्था, प्रजनन और प्रसव के दौरान परेशानियों का सामना करना होता है। जिसे देखते हुए प्रदेश में किशोर स्वास्थ्य से जुड़े छह मुद्दों पोषण, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, गैर संचारी रोग, नशावृति की रोकथाम, लिंग आधारित हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य पर परामर्श और चिकित्सा सेवा देने की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अच्छी तादाद में किशोर एवं किशोरियां हैं। स्वास्थ्य विभाग इनके बेहतर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रयत्नशील है। इसी के तहत 10 जिलों में युवा क्लीनिक संचालित है। यह क्लीनिक मेडिकल कॉलेज, सदर अस्पताल, प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित है।
इसके अलावा 11 जिलों में सदर अस्पतालों के साथ ही चयनित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर युवा क्लीनिक स्थापित की गई है। युवा क्लीनिक के तहत 10 से 19 आयु के किशोर-किशोरियों को परामर्श एवं चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में माह दिसंबर तक कुल 1,09356 किशोर किशोरियों को परामर्श एवं चिकित्सकीय सेवाएं दी गई हैं। मंत्री पांडेय ने कहा कि राज्य में अभी 208 युवा क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है।
कई युवा क्लीनिक को अपग्रेड भी किया जा रहा है। किशोरों को इस कार्यक्रम का ज्यादा से ज्यादा फायदा मिले, इसके लिए राज्य के 14 जिलों में स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
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रमण शुक्ला, पटना। नीतीश सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के बीच आयोग, बोर्ड एवं निगम में अध्यक्ष एवं सदस्य पद का दायित्व बांटने की तैयारी है।
लंबे समय से प्रतीक्षारत कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव तैयारियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व शीघ्र ही पहल को अंतिम रूप देगा।
राजग में विशेषकर भाजपा नेतृत्व की ओर शीघ्र ही सूची सरकार को सौंपने पहल की जा रही है, इसके सूची बनाने का काम प्रक्रियाधीन है।
गत वर्ष जिला स्तरीय 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का गठन के उपरांत से ही राजग कार्यकर्ताओं को बेसब्री से पार्टी के शीर्ष नेताओं पर नजर टिकी हुई है।
एनडीए सरकार बनते ही कई आयोग हुए थे भंगजनवरी 2024 में राजग सरकार के गठन के ठीक बाद ही आयोग एवं बोर्ड को भंग कर दिया गया था। बिहार महिला आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, अनुसूचित जन जाति, अति पिछड़ा वर्ग आयोग, संस्कृत शिक्षा बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग, महादलित आयोग, मदरसा बोर्ड, नागरिक पर्षद, सवर्ण आयोग समेत कई अन्य आयोग में पद रिक्त है।
खाद्य आयोग, पिछड़ा आयोग में भी सदस्य का पद खाली है। सरकार इन पदों पर हमेशा राजनीतिक दल के नेताओं को ही नियुक्त करते आई है।
कभी भी जारी हो सकती है अधिसूचना- भाजपा ने अपने हिस्से में आने वाले बोर्ड-निगम में अध्यक्ष और सदस्यों के नाम तय लगभग तय कर ली है। केंद्रीय नेतृत्व से सहमति मिलने के बाद नाम को उचित फोरम पर भेज दिया गया है।
- अब सिर्फ औपचारिकता रह गई है। कभी भी अधिसूचना जारी हो सकती है। इस तरह से विभिन्न विभागों में रिक्त आयोग-निगम में बड़ी संख्या में भाजपा, जदयू, लोजपा एवं हम के कार्यकर्ता-नेता को समायोजित करने की तैयारी है।
- वर्तमान सूचना के अनुसार भाजपा कोटे में 10 आयोग का अध्यक्ष मिलने की संभवना है, शेष जदयू एवं अन्य दलों के खाते में है। वहीं, विभिन्न आयोगों में सदस्यों की हिस्सेदारी आधी-आधी होगी।
बिहार में राजग सरकार जनवरी-2024 में बनी थी। सरकार बनते ही पार्टी के कुछ विधायक-विधान पार्षद सरकार में मंत्री बनाए गए थे। जनवरी 2024 से मार्च 2025 आ गया, लेकिन रिक्त पड़े बोर्ड-निगम को भरा नहीं जा सका।
इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि भाजपा की ओर से नाम की सूची सरकार को नहीं भेजी जा रही। वैसे गत वर्ष सितंबर में पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं में तब आस जगी थी, जब बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन हुआ था।
इस आयोग में सत्ताधारी दल भाजपा-जदयू के छह नेताओं को जगह दी गई थी। इसके उपरांत कहा गया था कि एक-दो दिनों में रिक्त शेष सभी बोर्ड-निगम आयोगों को भर लिया जाएगा, लेकिन अब तक प्रतीक्षा की वह घड़ी समाप्त नहीं हुई।
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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बजट सत्र चल रहा है। बिहार विधानसभा में कल बजट पेश किया जाएगा। बजट पर तेजस्वी यादव के बयान पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने पलटवार किया है।
उन्होंने रविवार को कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को बजट पर नसीहत देने के बजाए अपने माता-पिता के 15 वर्षों के कार्यकाल का हिसाब जनता को देना चाहिए।
राजद ने सत्ता में रहते हुए केवल सरकारी खजाने पर डाका डालने का काम किया। बिहार को आर्थिक रूप से पीछे धकेलने और कमजोर करने में राजद की सबसे बड़ी भूमिका रही है।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 94 हजार रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि मिलती है।
नीतीश सरकार में उद्योग स्थापित करने के लिए महिलाओं को 10 लाख रुपए का ऋण मिलता है। इसमें पांच लाख रुपए सब्सिडी के रूप में है। शेष पांच लाख रुपए की राशि पर किसी तरह का ब्याज नहीं है। वहीं, तेजस्वी यादव 2500 रुपए का झूठा झांसा देकर महिलाओं को बरगलाने में लगे हैं।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2005 तक बिहार में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या मात्र 17 लाख थी जो आज बढ़कर 2.7 करोड़ से अधिक हो गयी है। प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 70 यूनिट से बढ़कर 360 यूनिट हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि अपने 15 वर्षों के शासनकाल में राजद ने कभी गरीबों के घर तक बिजली पहुंचाने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया।
तेजस्वी की मांग, उनके वादों को बजट में सम्मिलित करे सरकारविधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मांग है कि राज्य सरकार उनके उन वादों को भी बजट में सम्मिलित करे, जो वे महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त जनता के हित में किए हैं।
रविवार को राजद के प्रदेश कार्यालय में प्रेस-वार्ता कर उन्होंने कहा कि सरकार को इसमें कोई झिझक भी नहीं होनी चाहिए, जैसे कि नौकरी देने की उनकी पहल पर वह आगे बढ़ रही है। जाति आधारित गणना का लाभ तभी है, जब उस आधार पर विकास की योजना बने।
नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह आखिरी बजट होगा। इसी के साथ उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण को भी अर्थहीन बताया। तेजस्वी ने कहा कि पिछले पांच राज्यपालों का अभिभाषण एक जैसे रटा-रटाया लग रहा है।
तेजस्वी ने बताया कि कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत उन्होंने छह हजार किलोमीटर से अधिक की यात्रा की। पंचायत स्तर के आठ हजार से अधिक कार्यकर्ताओं से संवाद हुआ। पता चला कि बिहार की जनता गरीबी, पलायन, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और अपराध से त्रस्त है।
पढ़ाई, कमाई, दवाई लोगों की मूलभूत आवश्यकता है। सरकार से वे उसी के लिए आग्रह कर रहे हैं। 10 लाख नौकरी देने का वादा हमने किया तो बाद में उसे दोहराते हुए मुख्यमंत्री 20 लाख का वादा करने लगे।
तेजस्वी ने कहा कि आरक्षण की बढ़ाई गई सीमा पर अगर न्यायालय को आपत्ति है तो राज्य सरकार 65 के बजाय 75 प्रतिशत आरक्षण नया प्रस्ताव लाए, राजद पूर्ण समर्थन करेगा।
प्रेस-वार्ता में उदय नारायण चौधरी, रणविजय साहू, चितरंजन गगन, एजाज अहमद, प्रमोद सिन्हा, रितु जायसवाल आदि की उपस्थिति रही।
प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए तेजस्वी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी चाहें तो 365 दिन मखाना खाएं, चाहें तो लालू प्रसाद सत्तू भी खाना-पीना सीखा देंगे। इसी के साथ उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में राजद की ओर से समाज और वर्ग के स्तर पर अलग-अलग संवाद-चौपाल के कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार कांग्रेस की ओर से रविवार को पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में ओबीसी कांग्रेस की ओर से संविधान बचाओ-बिहार बचाओ सम्मेलन आयोजित किया गया।
इसमें प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन झा समेत सभी वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सम्मेलन में बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने तीन बातों पर जोर दिया।
पिछड़ों एवं अति पिछड़ों की भागीदारी बढ़ाना, बढ़ेगी, टिकट बंटवारे में जनाधार वाले व्यक्तियों को तरजीह और फील्ड में काम करना।
70 पर चुनाव लड़ेंगे और 19 सीटें जीतेंगे- अल्लावारूअल्लावारू ने अपने संबोधन के क्रम में विधानसभा चुनाव के पूर्व टिकटों की खींचतान की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा जिन उम्मीदवारों की क्षेत्र में पकड़ है, जनाधार है टिकट उन्हें ही मिले ताकि वे पार्टी के लिए जीतकर आ सकें। वरना 2020 चुनाव वाला हाल होगा। 70 पर चुनाव लड़ेंगे और 19 सीटें जीतेंगे।
उन्होंने संगठन की मजबूती पर भी जोर दिया और कहा कि जब तक संगठन मजबूत नहीं होगा, आप चुनाव नहीं जीत सकते हैं।
अल्लावारू ने सदाकत आश्रम में होने वाले आयोजनों पर भी एतराज जताया और कहा कि जिला और प्रखंड में ऐसे कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। उनकी दो टूक थी, अगली बार सदाकत आश्रम में कोई कार्यक्रम करेंगे और मुझे बुलाएंगे तो मै नहीं आऊंगा।
अखिलेश ने किया समर्थन- बिहार कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अखिलेश ने भी उनकी बात का समर्थन किया और कहा कि इस तरह के आयोजन खुले मैदान में होने चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोगों को पार्टी की विचारधारा से अवगत कराया जा सके।
- उन्होंने कहा पार्टी सदैव पिछड़ों, दलितों के पक्ष में काम करती रही है। 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपनी 70 में से 33 सीट इन वर्गो को दी थीं।
- ओबीसी विभाग के अध्यक्ष कैप्टन अजय निषाद ने पिछड़ी जातियों से आने वाले सभी नायकों को सम्मान देने की बात कही। कार्यक्रम को प्रभारी सचिव शाहनवाज आलम एवं सुशील पासी ने भी संबोधित किया।
- इस दौरान प्रतिमा दास, राजेश कुमार, प्रेमचंद मिश्रा, बंटी चौधरी, कैलाश पाल, सरवत जहां फातिमा, मंजीत आनंद, गुंजन पटेल, शशि रंजन समेत पार्टी के अनेक नेता-कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जन सुराज पार्टी (जसुपा) ने रविवार से अपने विस्तार कार्यक्रम की शुरुआत कर दी। इसका उद्देश्य सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तन को गति देने के साथ संगठन विस्तार है।
पहले दिन पूरे बिहार में अलग-अलग गांवों में 1500 से अधिक संवाद कार्यक्रम आयोजित हुए। इस अभियान के अंतर्गत अगले सौ दिनों में गांव-पंचायत स्तर पर प्रतिदिन 1500 जन सुराज संवाद का लक्ष्य है।
प्रत्येक बैठक से कम-से-कम 50 सदस्य बनाए जाएंगे। हर प्रखंड में प्रतिदिन कम से कम तीन संवाद कार्यक्रम होंगे। इसके लिए पार्टी के नेताओं-पदाधिकारियों को दायित्व दिया गया है।
इन बैठकों में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं, युवाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जातियों समेत अन्य वर्गों को विशेष तौर पर चिह्नित कर बैठकें आयोजित की जाएंगी।
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Bihar News: सौर ऊर्जा से किसानों को मिलेगी बिजली, पटवन के लिए बने विशेष फीडरों को मिलेगी अक्षय ऊर्जा
डिजिटल डेस्क, पटना। राज्य सरकार सभी किसानों को डेडीकेटेड फीडर से कृषि कार्य के लिए बिजली मुहैया करा रही है। अब किसानों को मिलने वाली यह बिजली सौर ऊर्जा या अक्षय ऊर्जा से प्रदान की जाएगी। इस योजना के तीसरे चरण में 1200 मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा संयंत्र के माध्यम से फीडरों को ऊर्जान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही इस सूर्य ऊर्जा को अक्षय ऊर्जा बताते हुए इसे विकसित करने के लिए विस्तृत प्रयास करने के निर्देश दे चुके हैं। वे इसे असली ऊर्जा बताते हुए 2019 में शुरू किए गए जल जीवन हरियाली योजना के 11 कार्य योजना में इसे शामिल कर चुके हैं।
इसके मद्देनजर ऊर्जा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। वर्तमान में किसानों को डीडीकेडेट फीडरों से मिलने वाली सभी बिजली थर्मल ऊर्जा प्लांट से मुहैया कराई जाती है। यह बिजली काफी महंगी पड़ती है। इसका विकल्प राज्य सरकार अक्षय ऊर्जा के माध्यम से तलाश कर रही है।
सरकार ने कृषि फीडरों के सोलराइजेशन यानी सूर्य से ऊर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया है। ताकि दिन में ही किसानों को सूर्य ऊर्जा के माध्यम से बिजली पैदा कर दिन में ही इसे उपलब्ध करा दिया जाए। इससे किसानों को रात में सिंचाई के लिए अतिरिक्त मेहनत नहीं करनी पड़े। तृतीय चरण की इस योजना के लिए निविदा प्रकाशित कर दी गई है। सूचना एवं जन संपर्क विभाग की तरफ से जल्द ही इसका प्रकाशन सभी समाचार पत्रों में कराया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि कहा कि सौर ऊर्जा की मदद से कृषि फीडरों को बिजली मुहैया कराने से किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में काफी मदद मिलेगी। इससे बिजली की दर पर अभी दी जा रही सब्सिडी में थोड़ी कमी आएगी। राज्य में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने में सहायता होगी।
प्रदेश के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि राज्य की भविष्य में बढ़ती हुई ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए यह सबसे महत्वपूर्ण पहल है। कृषि फीडरों का सोलराइजेशन करने से सुखाड़ जैसी परिस्थितियों से सामना करने में बेहद सहूलियत होगी। दूसरे चरण में 112 कंपनियां निविदा में हिस्सा ले रही हैं। इसमें निवेश से भविष्य में निवेशकों को भी टिकाऊ रिटर्न मिलेगा।
जून तक सभी बचे सभी किसानों को मिलने लगेगा लाभ
इस वर्ष जून तक राज्य के सभी किसानों को पटवन समेत अन्य कृषि कार्यों के लिए डेडीकेटेड फीडर से बिजली मिलने लगेगी। राज्य में ऐसे तीन हजार फीडरों की आवश्यकता है, जिसमें अभी ढाई हजार तैयार हो गए हैं। जून तक बचे हुए लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। इसके अलावा सूबे के 2 लाख 85 हजार किसान ऐसे हैं, जिनके आवेदन आने के बाद उन्हें कृषि कनेक्श अभी नहीं दिया जा सका है। मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर जून 2025 तक बचे हुए सभी किसानों को कृषि कनेक्शन मुहैया करा दिया जाएगा। इस पर बिजली महकमा खास तौर से काम शुरू कर दिया है।
5.55 लाख किसानों को मिला कनेक्शन
राज्य के कृषि फीडरों से अब तक 5 लाख 55 हजार किसानों को मुख्यमंत्री कृषि पम्प विद्युत कनेक्शन योजना के अंतर्गत कनेक्शन दिए जा चुके है। शेष किसानों को इस वर्ष के अंत तक कनेक्शन दे दिया जाएगा।
अभी 3970 करोड़ की सब्सिडी दे रही सरकार
राज्य में 8 हजार मेगावाट बिजली की खपत होती है, जिसमें 1150 मेगावाट बिजली सिंचाई के लिए किसानों को उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान में यह बिजली थर्मल पॉवर प्लांटों से सामान्य रूप से 6 रुपए 74 पैसे की दर से खरीदकर किसानों को 0.55 रुपए की दर से किसानों को उपलब्ध कराई जाती है। इस पर औसतन सालाना 3970 करोड़ रुपए की सब्सिडी सरकार की तरफ से मुहैया कराई जाती है।
पहले चरण में बनाए गए 1235 फीडर
राज्य में पहले चरण के तहत 843 पॉवर सब स्टेशन से 1235 डेडीकेटेड फीडर बनाए गए हैं। इसमें 800 मेगावाट के डेवलपर के चयन के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। विनिमयक आयोग से स्वीकृति प्राप्त कर 3 एजेंसी को 6 पॉवर सब स्टेशन के 8 फीडरों के सोलराइजेशन के लिए 17.85 मेगावाट ऊर्जा विकसित करने के लिए कार्यालय आदेश जारी करते हुए पॉवर परचेज एग्रीमेंट कर लिया गया है।
दूसरे चरण के लिए आमंत्रित की गई निविदा
योजना के दूसरे चरण के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। इसमें 1121 सब स्टेशन के 3681 फीडरों (कृषि लोड वाले और डेडीकेटेड दोनों) 1600 मेगावाट की शौर्य ऊर्जा संयंत्र के माध्यम से ऊर्जान्वित किया जाएगा।
अब तक 180 मेगावाट की सौर परियोजनाएं हो चुकी स्थापित
राज्य में अब तक 180 मेगावाट सौर परियोजनाओं की शुरुआत हो चुकी है। दरभंगा एवं सुपौल में फ्लोटिंग सोलर परियोजना का निर्माण किया गया है। फुलवरिया, रजौली में भी एक फ्लोटिंग सोलर परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉफ योजना के तहत 9821 सरकारी भवनों की छतों पर 91 मेगावाट सोलर रूफटॉफ पावर प्लान्ट का अधिष्ठापन किया जा चुका है। ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉफ योजना के तहत 5182 निजी भवनों की छतों पर 18.43 मेगावाट सोलर रूफटॉफ पावर प्लान्ट का अधिष्ठापन किया जा चुका है। राज्य के सभी पंचायतों में मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाईट योजना के तहत सोलर स्ट्रीट लाईटे लगाई जा चुकी है।
डीजल से 10 गुना अधिक सस्ती बिजली
राज्य सरकार की तरफ से किसानों को बिजली बिल पर 92 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी दी जा रही है। यह डीजल की तुलना में 10 गुणा से भी अधिक सस्ती पड़ रही है। सिंचाई के लिए राज्य के किसानों को निशुल्क विद्युत कनेक्शन के साथ ही बिना किसी बाधा के निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति से कृषि औद्योगिकरण को भी तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। अब तक राज्य में 5.60 लाख से अधिक किसानों को इस अनुदानित बिजली का लाभ मिल चुका है।
Bihar Politics: 'बिहार में B नहीं A टीम बनकर लड़ेगी कांग्रेस', प्रदेश प्रभारी के बयान से बढ़ी सियासी हलचल
राज्य ब्यूरो, पटना। भले ही बिहार विधानसभा चुनाव में अभी पांच-छह महीने बाकी हैं, लेकिन राजनीति दलों के बीच जुबानी जंग अभी से शुरू हो चुकी है। बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर महीने में विधानसभा चुनाव होंगे। इस बार चुनाव से पहले बिहार कांग्रेस भी बेहद आक्रामक होकर चुनावी तैयारियों में जुटी है।
बिहार में ए टीम बनकर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस- कांग्रेस अध्यक्ष के साथ ही बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू लगातार बिहार में कैंप कर रहे हैं और जिलों में जाकर पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं से संवाद भी कर रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को बिहार पहुंचे कृष्णा अलावारू ने बड़ा दांव खेला।
- उन्होंने कांग्रेस की बी टीम के सवाल पर कहा कि कांग्रेस किसी की बी टीम नहीं। पार्टी इस बार जमता की ए टीम बनकर चुनाव लड़ेगी। हम मजबूती से चुनाव लड़ेंगे और पार्टी को मजबूत करेंगे।
बी टीम पर बिहार कांग्रेस प्रभारी की प्रतिक्रिया आने के बाद राजद के वरिष्ठ नेता विधायक भाई वीरेंद्र ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लालू यादव और सोनिया गांधी के रिश्ते काफी अच्छे हैं।
कौन क्या बोलता है, इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं। उनका आशय था कांग्रेस भले ही ए टीम की बात कर रही हो, लेकिन राजद को भरोसा है कि गठबंधन की गाड़ी आगे भी पटरी पर दौड़ेगी।
कृष्णा अल्लावारू ने सीएम नीतीश कुमार पर बोला हमलापटना में संविधान बचाओ, बिहार बचाओ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे कृष्णा अल्लावारू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर होते हुए कहा कि बिहार की डबल इंजन सरकार खटारा से भी गई गुजरी है। जनता को पूछना चाहिए कि 20 साल में नीतीश सरकार ने क्या किया?
निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर दी प्रतिक्रियावहीं नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की अटकलों पर भी कांग्रेस नेता ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह नीतीश कुमार और एनडीए जानें कि निशांत राजनीति में एंट्री लेंगे या नहीं, लेकिन अगर कोई जनता के लिए अच्छा काम करेगा तो हम उसका राजनीति में स्वागत करेंगे।
2020 में 70 सीटों पर लड़ा चुनावसाल 2020 में बिहार में हुए विधानसभा चुनाव राजद-कांग्रेस के साथ ही अन्य वाम दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। राजद ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था। वहीं कांग्रेस ने 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।
इसके अलावा सीपीआइ को छह तो सीपीएम को चार सीट दी गई। इस बार भी राजद और कांग्रेस गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि कांग्रेस 70 या उससे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
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Bihar Politics: BJP प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने लालू-राबड़ी पर कसा तंज, कहा- लालटेन युग में हर तरफ अंधकार
राज्य ब्यूरो, जागरण, पटना। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार में बिहार में नौकरियों की बहार है। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी के शासनकाल में वैकेंसी निकलने के पहले ही सभी पदों की बोली लगी जाती थी।
बिहार में नौकरियों की बहारभाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार में नौकरियों की बहार है। एनडीए की सरकार में युवाओं को नौकरी पाने का यह स्वर्णिम अवसर है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने नौकरी देने का कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मेधावी अभ्यर्थियों को नौकरी पाने का इससे बेहतर अवसर नहीं मिल सकता। जो प्रतिभाशाली हैं, उन्हें नौकरी प्राप्त करने से कोई रोक नहीं सकता।
लालू-राबड़ी के शासनकाल में नौकरी से पहले लगती थी बोली : प्रभाकर मिश्रसरकार में नियुक्ति प्रक्रिया में पूरी सावधानी और पारदर्शिता बरती जाती है। वह दिन गया, जब लालटेन युग में हर तरफ भ्रष्टाचार का अंधकार था। लालू-राबड़ी के शासनकाल में वैकेंसी निकलने के पहले ही सभी पदों की बोली लगी जाती है।
रेलवे ग्रुप डी में नौकरी के बदले जमीन हड़प ली जाती थी। यह एनडीए के सुशासन का काल है। जो योग्य उम्मीदवार हैं, उन्हें ही नौकरी मिल रही है।
निशांत राजनीति में आएं, स्वागत करेंगे : चिराग पासवानकेंद्रीय मंत्री एवं लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि इस साल होने वाले बिहार विधानसभा के चुनाव में एनडीए की जीत होगी। हम सब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे।
अगली सरकार भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में चिराग ने कहा कि नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ने और उनके अगले मुख्यमंत्री होने पर कोई प्रश्न नहीं है।
लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान (फाइल फोटो)
नीतीश के पुत्र निशांत के सक्रिय राजनीति में आने के प्रश्न पर चिराग ने कहा-वे जरूर आएंगे, लेकिन कब आएंगे यह फैसला निशांत को करना है। हम लोग उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए विधानसभा का अगला चुनाव एकजुट होकर लड़ेगा। लोकसभा और विधानसभा के उप चुनावों के परिणाम से स्पष्ट है कि हमारी जीत होगी।
एनडीए के घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष जिलों में सम्मेलन कर रहे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम आएगा। चिराग ने कहा कि राजद का बुरा हाल होगा। कांग्रेस अब पहले की तरह राजद के सामने नत मस्तक नहीं होगी।
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को सलाह दी कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की व्यक्तिगत आलोचना न करें। सरकार की नीतियों की आलोचना करें, इसमें कोई बुराई नहीं है।
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Bihar Weather: ठंड और बारिश के बाद भीषण गर्मी के लिए रहें तैयार, IMD की भविष्यवाणी ने बढ़ाई टेंशन
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather: मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च से लोगों को सामान्य से अधिक गर्मी का एहसास होगा। पछुआ के कारण मौसम शुष्क बने होने के साथ अधिसंख्य भागों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक होगा।
हीट वेव जैसे हालात बनने का अनुमानमार्च महीने में प्रदेश का अधिकतम तापमान 30-33 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 15-17 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार माह में दक्षिण पश्चिम भागों के कुछ जिलों में हीट वेव जैसे हालात बने रहने के आसार है। इस दौरान वर्षा भी सामान्य से नीचे रहने का पूर्वानुमान है। राज्य में सामान्य वर्षापात 8.2 मिमी है।
24 घंटे में तापमान में विशेष बदलाव नहीं
अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। इसके बाद दो से तीन डिग्री गिरावट के आसार है। जबकि 48 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में विशेष परिर्वतन की संभावना नहीं है। प्रदेश के अधिसंख्य जिलों का न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक बना रहा।
पटना सहित कई इलाकों में हुई बारिशपटना का न्यूनतम तापमान शनिवार को सामान्य से पांच डिग्री अधिक बने होने के साथ 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, 14.1 डिग्री सेल्सियस के साथ अगवानपुर सहरसा में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
शनिवार की सुबह पटना सहित प्रदेश के अधिसंख्य भागों में तेज हवा व गरज-तड़क के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई।
राजापाकर में हुई सबसे ज्यादा बारिशराजधानी में 2.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि वैशाली जिले के राजापाकर में सर्वाधिक वर्षा 4.6 मिमी दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार पटना सहित प्रदेश के अधिसंख्य भागों का मौसम शुष्क बने होने के साथ कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है।
इन इलाकों में फिर बारिश के आसार24 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिम व दक्षिणी भागों के कुछ स्थानों पर गरज-तड़क के साथ हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए बारिश के दौरान लोगों से घर में रहने की अपील की गई है।
प्रमुख शहरों का तापमान शहरअधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 29.8 19.4 गया 31.8 15.8 भागलपुर 29.7 17.2 मुजफ्फरपुर 29.4 18.1
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Patna News: पटना वासियों को मिल गया एक और बड़ा गिफ्ट, नीतीश सरकार ने कर दिया नया एलान
अहमद रजा हाशमी, पटना सिटी। पटना साहिब विधान सभा क्षेत्र में विकास की बयार बहने वाली है। वर्ष 2025 में विधान सभा चुनाव से पहले लगभग चार सौ करोड़ रुपए की लागत वाली विभिन्न योजनाओं का काम शुरू हो जाएगा।
क्षेत्र के लोगों के साथ राजधानी वासियों एवं देश-विदेश से पटना साहिब आने वाले श्रद्धालु तथा पर्यटकों को इन योजनाओं का लाभ मिलेगा। सड़कों एवं गलियों के निर्माण से आवागमन की सुविधाएं बढ़ जाएंगी। मंगल तालाब के विकास एवं आसपास बने भवनों के जीर्णोधार से क्षेत्र की तस्वीर के साथ तकदीर भी बदलेगी।
चार सौ करोड़ रुपये की योजनाओं से क्षेत्र का विकासबिहार विधान सभा के अध्यक्ष सह पटना साहिब के विधायक नंद किशोर यादव ने शनिवार को बातचीत में बताया कि लगभग चार सौ करोड़ रुपये की योजनाओं से क्षेत्र का विकास होगा। इन योजनाओं को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। दो-तीन महीनों में टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि 2025 के चुनाव से पहले सभी योजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा। स्थानीय विधायक नंद किशोर यादव ने कहा कि पटना सिटी का हृदय स्थल कहलाने वाले मंगल तालाब का विकास तथा आसपास निर्मित भवनों का जीर्णोद्धार कार्य 14 करोड़ रुपए से होगा।
53 करोड़ रुपए से बनाया जाएगा डाउन रैंपगायघाट से होकर खाजेकलां घाट, कंगन घाट, मालसलामी, दीदारगंज तक गंगा किनारे जेपी गंगा पथ के समानांतर गुजरी सड़क का चौड़ीकरण 153 करोड़ रुपए से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांधी मैदान से चलकर गायघाट आने वाले वाहनों को उतरने के लिए गायघाट में 53 करोड़ रुपए से डाउन रैंप बनाया जाएगा।
कंगन घाट पर 99 करोड़ रुपये से मल्टी पार्किंग का निर्माण होगा। प्रकाशपर्व के समय देश-विदेश से पटना साहिब आने वाले श्रद्धालुओं समेत अन्य लोगों के लिए वाहनों की आधुनिक पार्किंग सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।
नंद किशोर यादव ने कहा कि लगभग एक सौ करोड़ रुपए की योजना से अशोक राजपथ एवं गंगा पथ को जोड़ने वाली लंबी गलियों तथा विभिन्न वार्ड के बड़े मार्गों का निर्माण किया जाएगा। विधान सभा क्षेत्र की एक भी गली बदहाल नहीं रहेगी।
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राज्य ब्यूराे, पटना। बिहार प्रशासनिक सेवा के 16 अधिकारियों को शनिवार को नई जिम्मेदारी दी गयी है। सामान्य प्रशासन ने देर शाम इस आशय की अधिसूचना जारी की।
इन्हें मिली नई जिम्मेदारी- शैलेश कुमार को अरवल का उप विकास आयुक्त बनाया गया है, वह मधुबनी में अपर समाहर्ता थे।
- विशेष कार्य पदाधिकारी, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बृजेश कुमार को शिवहर का उप विकास आयुक्त बनाया गया।
- अपर समाहर्ता, जमुई सुभाष चंद्र मंडल को उप विकास आयुक्त जमुई बनाया गया।
- पटना नगर निगम के संयुक्त नगर आयुक्त शशि शेखर को अपर जिला दंडाधिकारी भोजपुर बनाया गया।
- उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव बृजकिशोर चौधरी को अपर समाहर्ता एडीएम बनाया गया।
- बेगूसराय, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सुपौल निशांत को अपर समाहर्ता, सहरसा बनाया गया।
- सत्तारुढ़ दल के मुख्य सचेतक नीरज कुमार के आप्त सचिव सुबोध कुमार को अपर समाहर्ता रोहतास बनाया गया।
- निर्वाचन विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी दिनेश राम को अपर समाहर्ता भागलपुर बनाया गया।
- अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, पुपरी, साकेत कुमार को एसडीओ सिकरहना बनाया गया।
- राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के संयुक्त सचिव एसएम परवेज को निदेशक उर्दू बनाया गया।
- पदस्थापना की प्रतीक्षा में चल रहीं मंजूषा चंद्रा को प्रशासी पदाधिकारी महिला विकास निगम बनाया गया।
- पदस्थापना की प्रतीक्षा में चल रहे मुमुक्षु कुमार चौधरी को संयुक्त सचिव वित्त बनाया गया।
- शम्स जावेद अंसारी काे संयुक्क सचिव पंचायती राज विभाग बनाया गया।
- संसदीय कार्य विभाग के उप सचिव सुशील कुमार मिश्र को नगर आयुक्त सहरसा बनाया गया।
- बिहार राज्य महिला आयोग की संयुक्त सचिव अंजू कुमारी को नगर आयुक्त आरा बनाया गया।
- जिला परिवहन पदाधिकारी श्रीप्रकाश को संयुक्त सचिव गन्ना उद्योग बनाया गया है।
गृह विभाग ने चार पुलिस उपाधीक्षकों का तबादला किया है। यह सभी बिहार पुलिस सेवा के पदाधिकारी हैं। शनिवार की देर शाम इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। विशेष सुरक्षा दल के डीएसपी रहे कामाख्या नारायण सिंह को बिहार पुलिस मुख्यालय में डीएसपी, विधि-व्यवस्था शाखा की जिम्मेदारी दी गई है।
विशेष सुरक्षा दल के डीएसपी रहे मनोरंजन भारती को बीसैप-14, पटना का डीएसपी बनाया गया है। इसके अलावा पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहे मो. आदिल बेलाल को बीसैप-10 जबकि राकेश रंजन को बीसैप-5 का डीएसपी बनाया गया है।
साहिला बनीं निदेशक प्राथमिक शिक्षा, निर्मल सासाराम के नगर आयुक्तभारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को नयी जिम्मेदारी सौंपी गयी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार को इस आशय की अधिसुूचना जारी की।
आपदा प्रबंधन विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में तैनात साहिला को प्राथमिक शिक्षा का निदेशक बनाया गया है। वहीं बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के सचिव निर्मल कुमार को सासाराम नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है।
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