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एनएमसीएच में ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू, पीएमसीएच में आज से

Dainik Jagran - 4 hours 47 min ago

पटना । एनएमसीएच में छोटा गैस प्लांट से ऑक्सीजन का उत्पादन प्रारंभ हो गया है। पीएमसीएच में ट्रायल की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। गुरुवार से यहां भी उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. आइएस ठाकुर ने बताया कि हवा से ऑक्सीजन लेकर सिलेंडर में भरा जा सकेगा। ट्रायल की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। किसी तरह की तकनीकी दुश्वारियां नहीं रही तो ग़ुरुवार से उत्पादन शुरू हो जाएगा। प्रतिदिन लगभग 60 सिलेंडर इससे भरा जा सकेगा। वहीं, पीएमसीएच में फिलहाल 900 ऑक्सीजन सिलेंडर की दरकार होती है। एनएमसीएच के प्रभारी अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व से स्थापित ऑक्सीजन जेनरेशन प्लाट से 24 घटे में लगभग 50 सिलेंडर गैस की आपूíत मेडिसिन विभाग में भर्ती कोरोना मरीजों की जा रही है। यह प्लाट हवा से ऑक्सीजन को खींचकर मरीजों को उपलब्ध कराता है। एनएमसीएच में भर्ती 260 मरीजों के लिए लगभग 650 सिलेंडर की आवश्यकता है। इसी तरह का प्लांट दरभंगा मेडिकल कॉलेज में भी सक्रिय हो चुका है। प्लांट लगाने की प्रक्रिया तीन माह पहले शुरू की गई थी। -उच्च स्तरीय प्लांट की सुगबुगाहट हुई तेज

अस्पतालों में ऑक्सीजन की बढ़ती डिमांड को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 10 दिनों में पीएमसीएच, एनएमसीएच, आइजीआइएमएस सहित तमाम सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन उत्पादन के उच्च स्तरीय प्लांट लगाने का निर्देश विभाग को दिया था। विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के पदाधिकारियों की मानें तो इस संबंध में प्रक्रिया पूछताछ से आगे नहीं बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीएमएसआइसीएल ने प्लांट लगाने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। -एक सप्ताह में तैयार हो गया था ऑक्सीजन प्लांट

पिछले साल सेना ने बिहटा में 500 से अधिक कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए अस्थायी अस्पताल बनाया था। ऑक्सीजन सप्लाई निर्वाध रखने के लिए प्लांट भी लगाया गया था। डीआडीओ के विशेषज्ञों ने एक सप्ताह में 800 से 900 ऑक्सीजन सिलेंडर उत्पादन क्षमता का प्लांट तैयार कर दिया था। एम्स पटना में तरल ऑक्सीजन से गैस बनाने का प्लांट सक्रिय है। 5750 सिलेंडर की गई आपूर्ति

जिला प्रशासन के अनुसार बुधवार को विभिन्न सरकारी व निजी अस्पतालों को पांच हजार 750 ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। 17 से 21 अप्रैल तक बंसी एयर गैस प्राइवेट लिमिटेड इंडस्ट्रियल एरिया फतुहा ने 8808, पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल गैस प्राइवेट लिमिटेड सबलपुर दीदारगंज ने 10967, ऊषा एयर प्रोडक्ट्स लिमिटेड बायपास रोड सिपारा ने 6536 तथा नालंदा एयर प्रोडक्ट्स नालंदा ने 1593 ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूíत की है। चारों प्लांट से पांच दिनों में 27 हजार 904 सिलेंडर की आपूíत की गई है। 17 अप्रैल को 4532, 18 को 5935, 19 को 5465 तथा 20 अप्रैल को 6422 सिलेंडर की आपूíत की गई है।

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पुलिस लाइन में कोरोना से बचाव के पर्याप्त उपाए नहीं

Dainik Jagran - 4 hours 50 min ago

पटना । गत वर्ष बीएमपी में कोरोना विस्फोट से भी पटना पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया है। दूसरी लहर आने के बाद भी पटना पुलिस लाइन में कोरोना से बचाव के लिए पर्याप्त उपाए नहीं किए गए हैं। वहां ना तो शारीरिक दूरी का ख्याल रखा जा रहा है और ना ही संक्रमित जवानों के क्वारंटाइन की व्यवस्था है। संक्रमित जवानों को किराये के कमरे में क्वारंटाइन होने का फरमान जारी किया गया है। पुलिस मेस एसोसिएशन ने भी लाइन में क्वारंटाइन बैरक बनाए जाने की मांग की है।

मालूम हो बांस घाट स्थित पुलिस लाइन में पटना पुलिस के एक हजार से ज्यादा जवान रहते हैं। उनके रहने के लिए वहां बैरक सहित मेस इत्यादि की भी व्यवस्था है। पुलिस के जवानों के रहने के लिए वहां पहले से ही बैरक की कमी है। लिहाजा, कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सबसे अहम दो गज की शारीरिक दूरी के नियम का पालन संभव ही नहीं है। ज्यादा संख्या में जवान एक ही बेड के अलावा शौचालय का प्रयोग कर रहे हैं। इससे एक के संक्रमित होने पर अन्य जवानों में संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का दावा है कि पुलिस लाइंस में नियमित तौर पर सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।

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दावे से उलट दिखी स्थिति

शारीरिक दूरी सहित कोरोना संक्रमण से बचाव के अन्य उपाए किए जा रहे हैं, लेकिन बुधवार दोपहर जागरण संवाददाता ने वहां का जायजा लिया तो स्थिति दावे से उलट दिखी। ज्यादातर पुलिसकर्मी पास-पास दिखे। मास्क भी नहीं पहन रखे थे। बैरक के अभाव में कुछ पुलिसकर्मी शेड के नीचे सोए मिले। एक जवान ने बताया कि लाइन में सबकुछ भगवान भरोसे है। कोरोना से बचाव के लिए वहां कोई व्यवस्था नहीं है। बिहार पुलिस मेस एसोसिएशन, पटना के अध्यक्ष संदीप कुमार ने अव्यवस्था पर नाराजगी जताई है। उन्होंने मांग की है कि कोरोना संक्रमित पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस लाइन में ही अलग से बैरक, मेस और शौचालय की व्यवस्था की जाए। पुलिस लाइन के पदाधिकारी व डीएसपी मो. शब्बीर अहमद ने भी माना कि वहां बैरकों की कमी है। हालांकि, उन्होंने वहां कोरोना से बचाव के अन्य निर्देशों का सही से पालन किए जाने का दावा किया।

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अस्पताल में 14 घंटे तक पड़ा रहा रेलकर्मी का शव, हंगामा

Dainik Jagran - 5 hours 42 min ago

खगौल। सरकारी व्यवस्था की बेरुखी से एक महिला रेलकर्मी का शव अस्पताल के शव गृह में करीब 14 घंटे तक पड़ा रहा। परिजन रातभर शव लेने के लिए अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाते रहे, मगर व्यवस्था का हवाला देकर इन्कार किया जाता रहा। जब परिजनों के सब्र का बांध टूट गया और लोग हंगामा करने तो आनन-फानन में शव को परिजनों के सुपुर्द किया गया। मामला खगौल स्थित दानापुर रेल मंडल अस्पताल का है।

पीड़ित रेलवे गार्ड से सेवानिवृत्त विजय कुमार तिवारी ने बताया कि उनकी पत्नी मंजू कुमारी दुबे रेलवे में दानापुर स्टेशन पर ओएस पद पर कार्यरत थीं। चार दिन पहले उन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली थी। मगर उनकी तबियत खराब होने से उन्हें रेलवे अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। जहां कोरोना की जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई। मंगलवार की शाम उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई और उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन द्वारा उनके शव को शवगृह में डाल दिया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने स्थानीय पुलिस का मामला बता शव देने से मना किया। उन्होंने जब स्थानीय खगौल थाने से संपर्क किया तो थाने द्वारा अस्पताल व जिला प्रशासन का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया गया। एक स्थानीय साथी की मदद से दानापुर के डीसीएलआर से संपर्क कर शव सौंपने की बात कही गई तो डीसीएलआर ने उन्हें सरकारी नियम समझाए। मगर अस्पताल प्रशासन पुलिस के सामने और पंचनामा भरकर ही शव देने पर अड़ा रहा। इस बीच गया के अतरी निवासी सेवानिवृत्त रेलकर्मी राम विनय का शव भी मंगलवार रात से शव गृह में पड़ा रहा। उनके पुत्र मुकेश सिंह भी शव लेने की गुहार लगाते रहे। अस्पताल प्रशासन के रवैये से दोनों मृतकों के परिजनों का सब्र का बांध टूटा और वे हंगामा करने लगे। हंगामा बढ़ता देख अस्पताल प्रशासन ने कागजी कार्यवाही पूरी करा परिजनों को शव सौंपा।

छह दिन से इलाज के लिए भटका, ऑक्सीजन के अभाव में मौत

बिहटा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद पटना जिले में इलाज की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। ऐसा हम नहीं, बल्कि कोरोना महामारी से हो रही मौतों में अपने परिजनों को खोने वाले लोग कह रहे हैं। ताजा मामला बिहटा के बेला गांव निवासी 38 वर्षीय जीतन महतो से जुड़ा है। उनका आरोप है कि पिछले कई दिन से जीतन की तबियत खराब थी। उसे सर्दी-खांसी के साथ बुखार भी था। स्थानीय स्तर पर जब बात नहीं बनी तो उसके परिवार ने पटना का रुख किया। जहां जांच में कोरोना की पुष्टि हो गई, लेकिन इलाज के लिए कहीं उसे बेड नहीं मिला। नतीजतन, गरीब पत्नी उसे दवा खरीदकर घर ले आई। दवा खाने के बाद भी उसका मर्ज बढ़ता गया। जब उसके शरीर में ऑक्सीजन लेवल कम हुआ और हांफने की शिकायत हुई तो उसे लेकर वे लोग ईएसआइसी अस्पताल पहुंचे। उन्हें लग रहा था उनके प्रखंड में खुला ये कोविड केयर अस्पताल उनकी समस्या का निदान कर देगा। लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि बेड खाली नहीं ये कहकर डॉक्टर ने उसे लौटा दिया। बुधवार को सुबह आखिरकार ऑक्सीजन व बेहतर इलाज की आस में उसकी सांस की डोर टूट गई। जीतन के दो छोटे बच्चे व उसकी पत्नी खेती-किसानी के कार्य से जुड़ी आमदनी पर ही जीवित थी।

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पुनपुन से लूटी गई स्विफ्ट डिजायर बरामद, तीन लुटेरे गिरफ्तार

Dainik Jagran - 5 hours 44 min ago

पुनपुन। पुनपुन थाना क्षेत्र में 11 दिन पहले हुई स्विफ्ट डिजायर कार की लूटपाट मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने कार की बरामदगी करके तीन अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीनों अपराधियों का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ भिन्न-भिन्न थानों में मामले दर्ज हैं। तीनों एक माह पूर्व ही जेल से छूटकर आए थे। पुलिस तकनीकी अनुसंधान के बाद इन अपराधियों तक पहुंच सकी। गिरफ्तार अपराधियों में दीपक कुमार सुल्तानपुर, वार्ड-17 दानापुर, सोनू कुमार नया टोला वार्ड-16 दानापुर व राजेश कुमार सादुल्लापुर थाना गंगा ब्रिज, जिला वैशाली के रहने वाले बताए गए हैं।

बता दें कि 11 दिन पहले रात करीब दस बजे दानापुर रेलवे स्टेशन के करीब हाथी खाना मोड़ के पास से पांच अपराधियों ने पोठही के लिए स्विफ्ट डिजायर कार बुक कराई थी। कार जैसे ही पोठही आई, अपराधियों ने मरांची गांव चलने को कहा। इसी बीच सुनसान जगह देखकर गनोरिया, मनेर निवासी ड्राइवर सोनू कुमार की आंखों में धूल झोंककर और हाथ-पैर बांधकर अपराधियों ने कार लूट ली थी। साथ ही ड्राइवर को मारपीट कर अधमरा करके उसकी जेब से मोबाइल व पांच हजार रुपये लूट लिए थे। अपराधी कार को बिहटा-सरमेरा पथ की ओर लेकर भागे थे। सुबह ग्रामीणों की नजर कराहते हुए चालक पर पड़ी थी, तब ग्रामीणों के सहयोग से ड्राइवर ने पुनपुन थाने में सूचना दी थी।

लूट की सूचना मिलने के बाद मसौढ़ी एसडीपीओ सोनू कुमार ने पुनपुन थानाध्यक्ष कुंदन कुमार सिंह, एसआइ टीएनसिंह व अन्य पुलिस अधिकारियों की एक टीम गठित कर वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू कराया था। फिर पुलिस ने लोकेशन ट्रेस करके सफलता पाई। सबसे पहले अपराधी दीपक कुमार के मोबाइल की लोकेशन मिली। दीपक को उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब वह अपनी ससुराल मरांची आने वाला था। दीपक की निशानदेही पर दो अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद वैशाली के सादुल्लापुर के राजेश कुमार के परिसर से स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई। दो अन्य अपराधियों की पुलिस तलाश कर रही है, जबकि गिरफ्तार तीनों को जेल भेज दिया गया है। कोट :

वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए तीनों अपराधियों को पकड़ा गया है। मुख्य सरगना दीपक है, जिसकी ससुराल मरांची में है। एक माह पूर्व ही तीनों जेल से छूटकर आए हैं। अन्य दो अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

-सोनू कुमार, एसडीपीओ

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ईएसआइसी अस्पताल में आज से कमान संभालेगी आर्मी मेडिकल कार्प टीम

Dainik Jagran - 5 hours 46 min ago

बिहटा। कोविड केयर ईएसआइसी अस्पताल एंड मेडिकल कॉलेज में गुरुवार से आर्मी मेडिकल कॉर्प की टीम काम करना शुरू कर देगी। उनकी मदद के लिए ईएसआइसी के डॉक्टरों के साथ राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए पैरा मेडिकल स्टॉफ भी मौजूद रहेंगे। इसको लेकर बुधवार को ईएसआइसी अस्पताल में प्रभारी एसडीओ हर्ष प्रियदर्शी व डीसीएलआर रवि राकेश के साथ ईएसआइसी व डीआरडीओ की टीम के डॉक्टरों के साथ बैठक संपन्न हुई। इसमें कोरोना के बढ़ते मरीजों के लिए अस्पताल में तत्काल सुविधा बढ़ाने एवं अन्य आवश्यक कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा हुई।

गौरतलब है कि डीआरडीओ की टीम की तरफ से फिलहाल अस्पताल में चार डॉक्टर व 10 मेडिकल स्टॉफ को काम शुरू करने के लिए भेजा गया है। दो दिन से सभी आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा के बाद टीम ने गुरुवार से काम शुरू करने की बात कही है। साथ ही बताया कि पहले जो 50 बेड शुरू किए गए हैं, उन्हें व्यवस्थित किया जाएगा, जिससे जो मरीज यहां भर्ती हैं, उनका समुचित इलाज हो सके। इसके बाद जल्द इसे 100 बेड तक किया जाएगा। प्रभारी एसडीओ हर्ष प्रियदर्शी ने ईएसआइसी के डॉक्टर एवं डीआरडीओ की टीम को राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं को अविलंब उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। अस्पताल में 50 में 40 पर ऑक्सीजन, सभी बेड फुल, नहीं है रेमडेसिविर :

ईएसआइसी के एमएस डॉ. मनमोहन मिश्रा ने बताया कि 50 बेड में 40 पर ऑक्सीजन की व्यवस्था है। सभी बेड पर मरीज भर्ती हैं। जो बेड खाली हैं, उस पर जिन मरीजों को फिलहाल ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है, उन्हें भर्ती किया जा सकता है। हमारे पास चार दिन का ऑक्सीजन का बैकअप उपलब्ध है। रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए सरकार को कहा गया है, लेकिन हमें उपलब्ध नहीं हो सका है। एमएस डॉ. मिश्रा ने कहा कि यहां सिक्योरिटी के भी व्यापक इंतजाम कराए जाने की जरूरत है। मरीजों के साथ आने वाले परिजन इतने उग्र होकर पहुंच रहे हैं कि इलाज करना मुश्किल हो रहा है।

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बिहार: सीएम नीतीश का बड़ा एलान, 18 से अधिक उम्रवालों का होगा फ्री कोविड वैक्‍सीनेशन

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 11:39pm

पटना, राज्य ब्यूरो। 18 वर्ष व इससे ऊपर के बिहार के सभी लोगों का सरकार मुफ्त में कोरोना का टीकाकरण (free Covid Vaccination in Bihar) कराएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने बुधवार को देर शाम ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट में यह कहा कि मुफ्त टीकाकरण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम के तहत इसी हफ्ते यह घोषणा की थी कि 18 वर्ष व उससे अधिक उम्र के लोगों को भी एक मई से कोरोना की वैक्सीन दिए जाने का काम आरंभ होगा। अब तक 45 वर्ष से नीचे की उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन नहीं लगायी जा रही थी। 

पीएम मोदी की घोषणा के बाद उठे सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस घोषणा के बाद यह सवाल पूछा जा रहा था कि बिहार में इस उम्र के लोगों के टीकाकरण को लेकर क्या योजना है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना था कि इस बाबत नियमावली आने के बाद ही इस मसले पर कुछ कहना संभव है। देर शाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद ट्वीट के माध्यम से पूरी स्थिति को स्पष्ट कर दिया।

वर्तमान में बिहार के 45 वर्ष व उससे अधिक उम्र के लोगों को राज्य सरकार मुफ्त कोरोना का टीका दिलवा रही है। सभी सरकारी अस्पतालों व चयिनत स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका दिया जा रहा। उम्र सीमा कम किए जाने की वजह से टीका केंद्रों पर अब अगले महीने से भीड़ अधिक होना तय है। स्वास्थ्य विभाग को इसे रेग्यूलेट करने को कहा गया है।

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Bihar CoronaVirus Relief News: 11 जुलाई बाद विश्‍व को को‍विड से मिलेगी मुक्ति, नालंदा के ज्योतिष ने किया दावा

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 11:03pm

बिहारशरीफ, जागरण संवाददाता। कोविड-19 महामारी के कोहराम के बीच ऑल इंडिया एस्ट्रोलॉजिकल सोसाइटी के प्रमुख ज्योतिष प्रमोद सिन्हा ने दावा किया है कि कोरोना वायरस का 11 जुलाई के बाद खात्‍मा हो जाएगा। उन्‍होंने यह बात जागरण संवाददाता से बातचीत में कहीं। ग्रह-नक्षत्रों को आधार पर सुकून देने वाला आकलन किया है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी 15 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि को मिली। उस समय पूर्वी क्षितिज पर वृष लग्न का उदय हो रहा था। इस आधार पर ग्रह-नक्षत्र की दशाएं बता रहीं हैं कि कोरोना का जोर 25 अप्रैल से कम होना शुरू हो जाएगा। वहीं 11 जुलाई के बाद शनि की अंतर्दशा खत्म होने के बाद विश्व को इस महामारी से निजात मिल जाएगी। तब तक लोग सरकार की तमाम गाइडलाइन का अक्षरश: पालन करें। वैसे भी सभी धर्मों में एकांतवास बेहद शुभ व प्रभावी माना गया है।

राहु के कारण हो रही कोविड में बेतहाशा वृद्धि

भारत की ग्रह दशा के सूक्ष्म अवलोकन करने पर स्पष्ट है कि 11 दिसम्बर 2019 से लेकर जुलाई 2021 तक चन्द्रमा में शनि की अंतर्दशा चल रही है। शनि की दशा-अंतर्दशा में जब भी कोई व्याधा आती है तो उसका दौर लंबे समय तक प्रभावकारी रहता है। हालांकि भारत की जन्म पत्री के अनुसार शनि दशमेश और भाग्येश होकर पूरे विश्व में धीरे-धीरे अपनी ख्याति और यश में वृद्धि करते हुए नई पहचान स्थापित करता जाएगा। भारत में वैश्विक महामारी कोरोना का उदय दिसम्बर 2019 के बाद प्रारंभ हुआ। इस दौरान शनि की अंतर्दशा थी। जिसकी अवधि 11 जुलाई 2021 तक है। फिलाहाल, 28 जनवरी 2021 से 25 अप्रैल 2021 तक चन्द्रमा की महादशा में शनि की अंतर्दशा एवं उसमें राहु की प्रत्यंतर दशा चल रही है। राहु किसी भी घटना या दुर्घटना को अकस्मात उत्पन्न करने की क्षमता रखता है। साथ ही वायरस एवं बीमारियों को वृद्धि करने में मददगार होता है। अत: ज्योतिषीय गणना के अनुसार 25 अप्रैल के उपरांत जब राहु की प्रत्यंतर दशा खत्म होगी, उसके बाद बीमारियों में धीरे-धीरे कमी आनी चाहिए। वहीं 11 जुलाई के उपरांत जब शनि की अंतर्दशा खत्म होगी तो इस कोरोना जैसी वैश्चिक महामारी से अपने देश को निजात मिलने की पूर्ण संभावना ज्योतिष दृष्टिकोण से मिल रही है।

अत: आने वाला समय हमारे देश की प्रगति एवं विकास के लिए अनुकूल रहेगा। विश्व के मानचित्र पर देश के नाम एवं यश में वद्धि होगी। व्यापार के विकास एवं विस्तार के लिए आने वाला समय उन्नति का नया मार्ग प्रशस्त करेगा।

 

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बिहार: बाइक चोरी की एक FIR दर्ज करने में ही वैशाली पुलिस को लग गए सात महीने, जानिए क्‍यों

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 8:13pm

हाजीपुर, जागरण संवाददाता। बिहार पुलिस हमेशा ही अपने कारनामे को लेकर चर्चा में रहती है। ताजा बानगी यह केस है। पुलिस-पब्लिक संबंध को लेकर कितनी भी कोशिश की जाए लेकिन इसमें सुधार की दूर-दूर तक कोई उम्मीद नहीं दिखती। एक बाइक चोरी की घटना ने पुलिस की कार्रवाई और उसकी कार्यशैली की कलई खोल दी है। काफी प्रयास के बाद एक बाइक चोरी की प्रथमिकी सात महीने बाद थाने में दर्ज हो सकी।

जानकारी के अनुसार देसरी के मनोज कुमार चक्रवर्ती की बाइक 14 सितंबर 2020 को उसका दोस्त लखनपुर निवासी हरेंद्र राय मांग कर देसरी हाट ले गए थे। हाट के निकट लगाकर वह सब्जी लेने गए तब तक बाइक चोरी चली गई। बाइक चोरी की सूचना मनोज कुमार चक्रवर्ती ने देसरी थाना में देकर प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगाई। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं किया। इसके बाद 26 सितंबर 2020 को उसने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में बाइक चोरी का मामला दायर किया। कोरोना काल में समुचित पैरवी नहीं किए जाने के कारण मामला खारिज हो गया। पुन: उसने 2 मार्च 2021 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में दूसरा मामला दायर किया। मामले को न्यायालय ने देसरी थाने में दर्ज करने का आदेश देते हुए पुलिस को भेज दिया।

आखिरकार सात माह बाद दर्ज हुई एफआइआर

न्यायालय के हस्तक्षेप पर घटना के करीब सात माह बाद देसरी पुलिस ने बाइक चोरी की प्राथमिकी अज्ञात चोर के विरुद्ध दर्ज की है। बताते हैं कि एक बाइक चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पीडि़त को इतने पापड़ बेलने पड़ रहे हैं तो अन्य तरह के मामले में पुलिस किस कदर साधारण गरीब लोगों को परेशान करती है, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। सरकार के स्तर पर पुलिस-पब्लिक संबंध बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन निचले स्तर पर यह कहीं भी कारगर नहीं दिख रहे हैं।

 

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Bihar CoronaVirus Update: जांच नेगेटिव पर सीटी स्‍कैन से पकड़ में आ रही बीमारी, पड़ रही जेब पर भारी

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 5:59pm

पटना, जागरण टीम। Bihar CoronaVirus News Update बिहार में कोरोनावायरस के संक्रमण की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इस बीच सिटी स्कैन से पॉजिटिव मिले लोगों की परेशानी बढ़ रही है। एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच में नेगेटिव मिल रहे लोगों की सिटी स्कैन रिपोर्ट में कोरोनावायरस संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं, लेकिन उन्हें सरकारी अस्पतालों में भर्ती नहीं लिया जा रहा है। निजी अस्‍पतालों में इलाज का खर्च वहन करना आम आदमी के बूते के बाहर होता जा रहा है। यहां तक कि पटना एम्‍स में प्‍लाजमा थेरेपी में भी माेटी रकम का खर्च वहन करना पड़ रहा है।

सीटी स्‍कैन से पकड़ में आ रहा संक्रमण

कोरोनावायरस संक्रमण की जांच के लिए एंटीजन टेस्‍ट व आरटीपीसीआर टेस्‍ट किए जा रहे हैं। आरटीपीसीआर टेस्‍ट में पॉजिटिव मिले मरीजों को सरकारी अस्‍पतालों में भर्ती किया जा रहा है। लेकिन कुछ मरीजों के आरटीपीसीआर टेस्‍ट की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद उनमें कोरोना के गंभीर लक्षण रह रहे हैं। इसका पता सिटी स्कैन से चल रहा है। ऐसे मरीजों के लिए समस्‍या सरकारी अस्‍पतालों में इलाज है। ऐसे मरीजों को निजी अस्‍पताल भर्ती कर रहे हैं, लेकिन वहां रियायत के बावजूद इलाज आम आदमी के वश की बात नहीं है।

प्‍लाजमा थेरेपी में मोटी रकम हो रही खर्च

पटना के आइजीआइएमएस व पारस हॉस्पिटल में प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा है। पटना एम्‍स के डॉक्‍टर बताते हैं कि हर दिन 15-18 मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी की जरूरत पड़ रही है। एम्स के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रवि कीॢत के अनुसार प्लाज्मा थेरेपी से इलाज में तीन से सात दिनों के भीतर बेहतर परिणाम दिखने लगते हैं। हालांकि, खास बात यह है कि एम्स में इसके लिए मोटी रकम देनी पड़ती है। प्लाज्मा डोनेशन का खर्च मरीज को वहन करना पड़ता है। प्लाज्मा डोनेशन पर 11,300 रुपये प्रोसेसिंग चार्ज देना पड़ रहा है।

 

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Bihar CoronVirus News Alert: एम्‍स, पटना में भर्ती कोविड मरीजों के लिए प्लाज्मा थेरेपी की बढ़ रही मांग

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 5:58pm

पटना, नलिनी रंजन । एम्स पटना सहित आइजीआइएमएस व पारस हॉस्पिटल में प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा है। यह थेरेपी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (एम्स) की गाइडलाइन पर की जा रही है। पटना एम्स के विशेषज्ञों की मानें तो यहां हर दिन 15-18 मरीजों के लिए प्लाज्मा थेरेपी के लिए जरूरत पड़ रही है।

नई गाइडलाइन

आइसीएमआर की नई गाइडलाइन के अनुसार जिन संक्रमित मरीजों में एंटीबॉडी बनना शुरू नहीं होती, उन्हीं का प्लाज्मा थेरेपी से इलाज हो सकता है।

बढ़ रही प्लाज्मा की मांग :

एम्स प्लाज्मा बैंक की प्रभारी डॉ. नेहा सिंह ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा प्लाज्मा की मांग काफी बढ़ गई है। यहां पहुंचने वाले हर 10 में आठ मरीजों को इस थेरेपी की जरूरत पड़ रही है। डिमांड होने पर मरीज की एंटीबॉडी जांच कराई जाती है। दस की जांच में पांच से छह मरीज ही ऐसे मिलते हैं, जिनमें एंटीबॉडी बनना शुरू नहीं हुई होती। इन लोगों में प्लाज्मा थेरेपी से इलाज से स्वस्थ होने की दर बेहतर है।

तीन से सात दिन में आते हैं बेहतर परिणाम

एम्स मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रवि कीॢत ने बताया कि कोरोना संक्रमित की प्लाज्मा थेरेपी से इलाज में तीन से सात दिनों के भीतर बेहतर परिणाम दिखने लगते हैं।

प्लाज्मा के लिए भटक रहे तीमारदार

प्लाज्मा के लिए मरीजों के स्वजनों को भटकना पड़ रहा है। दरअसल, इलाज के लिए प्लाज्मा वही दे सकते है जो 28 दिन पहले कोरोना को मात दे चुके हैं। ऐसे कोरोना विजेताओं की भी पहले एंटीबॉडी जांच होती है। जांच में बेहतर एंटीबॉडी होने के बाद ही उनका प्लाज्मा लिया जाता है।

प्लाज्मा प्रोसेसिंग में खर्च हो रही मोटी रकम

एम्स में प्लाज्मा में दान या डोनेशन में भी अब मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। यहां प्लाज्मा डोनेशन पर 11,300 रुपये प्रोसेसिंग चार्ज देना पड़ रहा है। पिछले वर्ष प्लाज्मा डोनेशन में होने वाले खर्च का वहन एम्स प्रबंधन करता था। अब मरीज के स्वजनों को यह खर्च देना होता है।

 

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बिहार में कोरोनावायरस संक्रमण के कारण पंचायत चुनाव टले, निर्वाची अधिकारियों का प्रशिक्षण स्‍थगित

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 5:52pm

पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Panchayat Election बिहार में पंचायत चुनाव अब पूरी तरह कोरोनावायरस संक्रमण की चाल पर निर्भर हो गया है। एक पखवारे के भीतर हालत में सुधार होता है तो चुनाव की घोषणा हो सकती है। इस अवधि में अगर संक्रमण की मौजूदा रफ्तार कायम रही तो राज्य निर्वाचन आयोग ऐलान कर देगा कि फिलहाल मतदान संभव नहीं है। नई बात यह है कि आयोग ने 22 अप्रैल से होने वाले निर्वाची अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को टाल दिया गया है। प्रशिक्षण 22 से 24 अप्रैल के बीच होने वाला था। तीन दिनों के इस प्रशिक्षण में प्रतिदिन तीन-तीन प्रमंडलों के निर्वाची अधिकारियों को प्रशिक्षण लेना था। निर्वाची अधिकारियों से संबद्ध संगठन पहले से ही पंचायत चुनाव टालने की मांग कर रहे हैं।

निर्वाची अधिकारियों का प्रशिक्षण स्थगित

राज्य निर्वाचन आयोग के उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी बैजू कुमार सिंह ने बुधवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख कर निर्वाची अधिकारियों के प्रशिक्षण को स्थगित करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि पूरा क्षेत्रीय प्रशासन कोरोना से बचाव में लगा हुआ है। 15 दिनों के बाद स्थिति की समीक्षा के बाद प्रशिक्षण की नई तारीख घोषित होगी।

क्या है आयोग की कार्य योजना

पंचायत चुनाव को लेकर आयोग की कार्य योजना पूरी तरह कोरोना पर निर्भर हो गई है। सूत्रों ने बताया कि आयोग 15 दिनों तक महामारी की गति को देखेगा। इस अवधि में संक्रमण की दर में गिरावट और स्वस्थ्य होने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई तो चुनाव की तारीखों का ऐलान हो जाएगा। गिरावट या वृद्धि नहीं हुई और स्थिति यथावत बनी रही, उस हालत में भी चुनाव का ऐलान नहीं होगा।

हर तरफ हो रहा है विरोध

कोरोना काल में पंचायत चुनाव का हर तरफ विरोध हो रहा है। चुनाव कराने वाले निर्वाची अधिकारियों के संगठन ग्रामीण विकास सेवा संघ ने 14 अप्रैल को मुख्य सचिव को पत्र लिखकर चुनाव टालने का अनुरोध किया था। इस आशय का एक पत्र राज्यपाल को भी लिखा गया है। राजस्व सेवा संघ, सहकारिता पदाधिकारी संघ और अभियंत्रण सेवा संघ ने भी इस समय पंचायत चुनाव का विरोध किया है। इन्हीं सेवाओं के अधिकारी पंचायत चुनावों के निर्वाची अधिकारी होते हैं। अनुमंडल पदाधिकारी को जिला परिषद सदस्य के चुनाव के लिए निर्वाची अधिकारी बनाया जाता है।

आपदा प्रबंधन की जिम्मेवारी

प्रखंड एवं अंचलों में तैनात सरकार के अधिकारी इस समय कोराना आपदा प्रबंधन का पूरा काम देखते हैं। ग्रामीण विकास सेवा संघ के अधिकारियों का तर्क है कि कोरोना आपदा प्रबंधन अपने आप में पूर्णकालिक काम है। उसके साथ पंचायत चुनाव का संचालन उनसे संभव नहीं है। क्षेत्रीय अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में संक्रमित हो रहे हैं। वे बीमार हो रहे हैं। उनकी मौतें भी हो रही हैं।

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बिहार में कोरोना को ले CM नीतीश पर हमलावर हुई BJP, उपेंद्र कुशवाहा बोले- यह राजनीति का वक्त नहीं

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 5:35pm

पटना, स्‍टेट ब्यूरो। बिहार में कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) के संकट पर नियंत्रण को लेकर राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल भारतीय जनता पार्टी (BJP) एवं जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने एक-दूसरे को निशाने पर लिया है। बीजेपी के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ. संजय जायसवाल (Dr. Sanjay Jaiswal) ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के नाइट कर्फ्यू लगाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे कोई फायदा नहीं होगा। इसपर पलटवार करते हुए जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्‍यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने बुधवार को संजय जायसवाल को खरी-खरी सुनाई।

उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट कर बीजेपी पर साधा निशाना

उपेंद्र कुशवाहा ने अपने ट्वीट में संजय जायसवाल को संबोधित करते हुए लिखा है कि अभी राजनीतिक बयानबाजी का वक्त नहीं है। कुशवाहा ने अपने संक्षिप्त ट्वीट के साथ संजय जायसवाल के बयान से जुड़ी खबरों की क्लिपंग्स को भी लगाया है। साथ में अपने घर लौटने को तैयार एक प्रवासी कामगार की तस्वीर भी है। उन्होंने कोरोना को लेकर किए जा रहे सरकार के उन कार्यों के बारे में भी ट्वीट किया है। बेगूसराय में ऑक्सीजन गैस प्लांट के चालू होने की बात भी बतायी है। लिखा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में बिहार सरकार कोरोना संकट से उबरने को तत्पर है। कुशवाहा के ये ट्वीट राजनीतिक गलियारे में चर्चा में हैं। हालांकि, अभी तक इनपर किसी तरह की कोई टिप्‍पणी नहींं आयी है।

बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष ने नाइट कर्फ्यू पर उठाए थे सवाल

कुशवाहा के इस तल्ख ट्ववीट से यह स्पष्ट है कि जेडीयू को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की वह बयानबाजी अच्छी नहीं लगी जिसके तहत उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाइट कर्फ्यू फैसले पर व्यंग्यात्मक अंदाज में यह कहा था कि कोरोना रोकने में नाइट कर्फ्यू से किस तरह से फायदा होगा यह बात समझ में नहीं आ रही है।

एनडीए के लोग ही सरकार के फैसले पर टिप्‍पणी करेंगे तो इसका गलत संदेश जाएगा। सरकार अपने स्तर से कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए लगातार काम कर रही है।

एनडीए के अंदर से सरकार के फैसले पर टिप्‍पणी गलत

संजय जायसवाल के उस बयान पर किसी जेडीयू नेता ने तब कोई टिप्‍पणी नहीं की थी, लेकिन नीतीश कुमार के फैसले पर घटक दल की ही टिप्‍पणी को लेकर सहज नहीं थे। उपेंद्र कुशवाहा से जब इस संबंध में बात हुई तो उन्होंने साफ कहा कि एनडीए के लोग ही जब सरकार के फैसले पर टिप्‍पणी करेंगे तो इसका गलत संदेश जाएगा। सरकार अपने स्तर से कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए लगातार काम कर रही है।

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कोरोना के बहाने फिर आई शहाबुद्दीन की याद, उस एसिड बाथ डबल मर्डर से आज भी सिहर जाता है सिवान

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 4:13pm

पटना, ऑनलाइन डेस्‍क। दिल्‍ली की तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में उम्र कैद की सजा काट रहे बिहार के बाहुबली राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) नेता व पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन (Md. Shahabuddin) कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) की चपेट में आ गए हैं। यह बाहुबली आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) का करीबी भी माना जाता है। लालू के समर्थक शहाबुद्दीन ने एक बार नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को 'परिस्थियों का मुख्‍यमंत्री' तक बताया था। कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर एक बार फिर शहाबुद्दीन से जुड़ी सिवान में तेजाब से नहलाकर दो भाइयों की हत्‍या (Acid Bath Double Murder) की वह घटना भी याद आ गई है, जिसके लिए वह आज तिहाड़ जेल में है।

लालू की छत्रछाया में शुरू की थी राजनीति

तत्‍कालीन जनता दल (अब आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की छत्रछाया में राजनीति शुरू करने वाला शहाबुद्दीन 1990 में पहली बार निर्दलीय विधायक बना। इसके बाद वह लालू प्रसाद यादव के करीबी हो गया। लालू ने उसे अपना छोटा भाई भी कहा था। शहाबुद्दीन सिवान से चार बार बने सांसद तथा दो बार विधायक बना।

तिहाड़ जेल में हुआ कोरोनावायरस संक्रमण

लालू का यह करीबी बिहार का बाहुबली आरजेडी नेता व पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन तिहाड़ जेल संख्या दो में उम्रकैद की सजा काट रहा है। जेल में कोरोनावायरस संक्रमण होने के बाद उसका इलाज दिल्‍ली के हरि नगर स्थित दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में चल रहा है। विदित हो कि तिहाड़ की जेल संख्‍या दो में कोरोनावायरस का संक्रमण फैल गया है। इस जेल परिसर में हीं जेल की कई फैक्ट्रियां है। साथ ही अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन व कुख्यात नीरज बवानिया भी रखे गए हैं। इस जेल में संक्रमण फैलने से जेल प्रशासन चिंतित है।

सिहरा देती है एसिड बाथ मर्डर की कहानी

खैर, बात शहाबुद्दीन की हो रही है। अपराध की सीढि़यां चढ़ते-चढ़ते राजनीति के गलियारे में धमक देने वाले शहाबुद्दीन को अभी तक दो उम्रकैद और 30 साल जेल की सजाएं हो चुकी हैं। सिवान के चर्चित एसिड बाथ डबल मर्डर मामले में मिली उम्रकैद के तहत उसे तिहाड़ जेल में रखा गया है। उस वारदात के एकमात्र चश्‍मदीद गवाह दोनों मृतकों के तीसरे भाई की भी हत्‍या हो चुकी है। हालांकि, उसने जो कहानी सुनाई थी, वह रोम-रोम सिहरा देती है।

बेटों की हत्‍या पर लड़ी न्‍याय की कठिन जंग

बिहार के सिवान जिले के प्रतापपुर गांव की पहचान मो. शहाबुद्दीन से होती है। कहना नहीं होगा कि यह शहाबुद्दीन का गांव है। यहीं पर 16 अगस्त 2004 की रात सिवान के चर्चित व्‍यवसायी चंदा बाबू के दो बेटों की तेजाब से नहलाकर हत्‍या शहाबुद्दीन के आदेश पर कर दी गई थी। दोनों की तड़प-तड़पकर मौत के बाद शवों को टुकड़ों में काटकर बोरियों में भर ठिकाने लगा दिया गया। घटना को दोनों मृतकों का तीसरा भाई दूर से छिपकर देख रहा था। अपराधी उसे भी पकड़कर लाए थे, लेकिन वह किसी तरह भागने में सफल रहा था। घटना के बाद जब वह छिपते-छिपाते हुए घर पहुंचा, तब लोगों को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद चंदा बाबू ने बहादुरी के साथ किसी भी धमकी की परवाह किए बगैर न्‍याय की जंग लड़ी और शहाबुद्दीन को उसके अंजाम तक पहुंचाया। हालांकि, इस दौरान घटना के गवाह उनके तीसरे बेटे की भी हत्‍या कर दी गई।

क्‍यों हुई तेजाब से नहलाकर हत्‍या, जानिए

सवाल उठता है कि आखिर हत्‍या, वह भी तेजाब से नहलाकर क्‍यों? इसकी भी एक कहानी है। सिवान के गौशाला रोड के निवासी व्यवसायी चन्द्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू अब नहीं रहे, लेकिन कुछ साल पहले उन्‍होंने jagran.com से बातचीत में घटना की जानकारी दी थी। उनके अनुसार 16 अगस्त 2004 की सुबह भूमि-विवाद के निपटारे को लेकर पंचायत के दौरान मारपीट हो गई। इस दौरान किसी ने घर में रखा तेजाब फेंका। यह मामला शहाबुद्दीन तक पहुंचा। उसी दिन चंदा बाबू के तीन बेटों गिरीश, सतीश व राजीव रोशन का अपहरण कर लिया गया। इस बीच उनकी मां के बयान पर अज्ञात के विरुद्ध अपहरण की एफआइआर दर्ज कराई गई। चंदा बाबू ने बताया था कि उनके तीनों बेटों को शहाबुद्दीन के गांव प्रतापपुर ले जाया गया। फिर शाम के धुंधलके में वहां शहाबुद्दीन पहुंचे और उनके आदेश पर खौफनाक हत्‍याकांड को अंजाम दिया गया।

भागकर आए तीसरे बेटे ने सुनाई कहानी

चंदा बाबू ने बताया कि इसके पहले उनका एक अपहृत बेटा राजीव किसी तरह भागकर छिप गया था। उसने ही हत्‍याकांड की पूरी कहानी सुनाई थी। घटना के एकमात्र गवाह रहे राजीव रोशन की भी 16 जून 2014 को हत्‍या कर दी गई, हालांकि मरने के पहले उसने कोर्ट में अपना बयान दे दिया था।

मिली उम्रकैद तो साहेब गए तिहाड़ जेल

आगे निचली अदालत ने 11 दिसंबर 2015 को शहाबुद्दी को उम्रकैद की सजा दी, जिसपर 30 अगस्त, 2017 को पटना हाईकोर्ट ने तो 29 अक्‍टूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी। शहाबुद्दीन, जिसे सिवान में लोग 'साहेब' नाम से भी जानते हैं, फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है।

शहाबुद्दीन के अपराध, एक नजर

  • 19 साल की उम्र में पहला अपराध किया। 1986 में दर्ज पहला मुकदमा दर्ज हुआ था।
  • अब तक हत्या, अपहरण, रंगदारी, दंगा व घातक हथियार रखने के दर्जनों मामले।
  • साल 2007 में मिली पहली सजा- दो साल कैद। अब तक आठ मामलों में करीब 30 साल तथा दो मामलों में उम्रकैद की सजाएं।
  • सिवान के व्‍यायासी चंदा बाबू के दो बेटों को तेजाब से नहलाकर मारने के मामले में उम्रकैद।
  • भारतीय कम्‍युनिस्‍ट पार्टी (मार्क्‍सवादी-लेनिनवादी) के कार्यकर्ता छोटेलाल गुप्ता की हत्या के मामले में भी उम्रकैद।
  • सिवान के तत्‍कालीन एसपी एसके सिंघल पर हमला मामले में 10 साल की सजा।
  • आर्म्स एक्ट के एक मामले में 10 साल की सजा।
  • साल 2005 में दिल्ली से गिरफ्तार, कुछ समय छोड़कर तब से विभिन्‍न जेलों में बंद।
  • साल 2001 के चर्चित सिवान के प्रतापपुर मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों समेत आठ की मौत।
  • साल 2005 में शहाबुद्दीन के पास से एके-47 सहित कई घातक हथियार बरामद।
  • साल 1997 में जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर व श्याम नारायण की हत्‍या।

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बिहार में JDU नेता की CM नीतीश को चेतावनी- आपकी भी नहीं सुनते अफसर, ये आपको कहीं का नहीं छोड़ेंगे

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 2:51pm

पटना, ऑनलाइन डेस्‍क। कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) के कठिन दौर में आम लोगों को क्‍या परेशानी हो रही है, इसकी पोल सत्‍ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के एक नेता ने ही खोल दी है। दरभंगा जेडीयू जिला कार्यकारिणी के सदस्य तथा मधुबनी के विस्फी विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी अवधेश लाल (Avdhesh Lal) ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को चेतावनी दी है कि वे दुर्दशा सुधारें, उनकी बात काेई अधिकरी नहीं सुनता है। वे कहते हैं कि जेडीयू कार्यकर्ता जनता का काम कराएं, लेकिन जब कार्यकर्ता का ही काम नहीं होता है तो वे दूसरे का काम क्‍या कराएंगे?

जब सब्र दे गया जवाब, वीडियो बना कर दिया वायरल

मामला पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्‍थान (IGIMS) का है। वहां सुबह से लाइन में लगे-लगे जेडीयू अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश महासचिव तथा वर्तमान में दरभंगा जिला कार्यकारिणी के सदस्य व मधुबनी के विस्फी विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी अवधेश लाल का सब्र जवाब दे गया। इसके बाद उनकी अस्‍पताल कर्मी से बकझक हुई। फिर उन्‍होंने मौके पर ही वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया। वीडियो में उन्‍होंने अस्‍पताल में अपनी व जनता की स्थिति बताई है तथा मुख्‍यमंत्री नीतीश को यह चेतावनी भी दी है कि अगर हालात नहीं सुधर तो उनके व पार्टी के लिए बुरा होगा।

लाइन में खड़े लोगों की नहीं, अस्‍पताल कर्मियों की बनाई पर्ची

वीडियो में अवधेश लाल बता रहे हैं कि वे 20 अप्रैल की सुबह 8.30 बजे से लेकर 10.30 बजे तक लाइन में लगे रहे, लेकिन उनकी कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की पर्ची नहीं बनाई गई। आम लोग लाइन में ही लगे रहे और इस बीच अस्‍पताल के कई कर्मियों ने अपनी पर्ची बनवा ली। उनकी आइजीआइएमएस के डायरेक्‍टर से भी बात हुई। उनके आश्‍वासन के बावजूद कर्मचारी ने पर्ची नहीं काटा।

मुख्‍यमंत्री की नहीं सुनते अधिकारी, अस्‍पतालों में करें सुधार

गुस्‍साए अवधेश लाल वीडियो में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के लिए कहते हैं कि उनके अधिकारी ही उनकी नहीं सुनते हैं। डीएम-एसपी नहीं सुनते, बीडीओ, सीओ भी नहीं सुनते हैं। अस्‍पताल के अधिकारी नहीं सुनते हैं। ये अधिकारी ही उनको डुबाे देंगे। जेडीयू नेता ने मुख्‍यमंत्री ने अस्पतालों की व्‍यवस्‍था सुधारने के लिए कहा।

जनता की तो दूर अपना काम भी नहीं करा पा रहे कार्यकर्ता

अवधेश लाल ने मुख्‍यमंत्री को कहा कि वे पार्टी के प्रशिक्षण शिविरों में कार्यकर्ताओं से जनता की समस्‍याओं को दूर करने की बात कहते रहे हैं, लेकिन यहां तो कार्यकर्ता अपना काम कराने में भी सक्षम नहीं है।

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गांवों में हर परिवार को छह मास्‍क देगी सरकार, पंचायत सचिव और कार्यपालक सहायक को जिम्‍मेदारी

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 1:53pm

पटना, राज्य ब्यूरो। ग्रामीण इलाके में सरकार सभी परिवारों को छह-छह मास्क देगी। मास्क का वितरण संबंधित पंचायत सचिव एवं कार्यपालक सहायक द्वारा घर-घर जाकर किया जाएगा। पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने मंगलवार को इस आशय की जानकारी दी। प्रत्येक मास्क की कीमत जीएसटी सहित 15 रुपये से अधिक नहीं होगी। मास्क की कीमत को न्यूनतम रखा जाए। ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध 15वें वित्त आयोग के अनाबद्ध अनुदान मद की राशि से मास्क की खरीद की जाएगी। एक परिवार में अधिकतम सौ रुपये के मास्क ही दिए जाएंगे।

फोटो परिचय पत्र दिखाने पर मिलेगा मास्‍क

मास्क का वितरण किसी भी प्रकार का फोटो परिचय पत्र दिखाने पर ही संभव होगा। ग्राम पंचायत द्वारा मास्क खरीद में सबसे पहले जीविका संपोषित ग्राम संगठन, संकुल संघ, उत्पादन समूह व खादी भंडार को प्राथमिकता दी जाएगी। यह ध्यान रखा जाएगा कि इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ें।

स्‍थानीय स्‍तर पर मास्‍क बनाने की तैयारी

यदि इन संगठनों द्वारा आवश्यक मात्रा में मास्क उपलब्ध कराने में परेशानी है तो ऐसी स्थिति में स्थानीय स्तर पर कपड़े का मास्क तैयार कराया जाएगा। इसमें जिला प्रशासन द्वारा प्रोत्साहित उद्यमियों की सेवा प्राथमिकता पर ली जा सकेगी। सभी जिला पंचायती राज पदाधिकारी व प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से सरकार के इस निर्णय के अनुपालन की मॉनीटरिंग की जाएगी। पंचायती राज विभाग को इस बारे में दैनिक प्रतिवेदन भी भेजा जाना है।

पंचायत सचिव को निगरानी का जिम्‍मा

पंचायती राज विभाग द्वारा यह हिदायत दी गई है कि गांव में किसी भी व्यक्ति में अगर कोरोना का लक्षण दिखता है तो तुरंत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को इसकी सूचना देकर कोरोना जांच कराई जाए। पंचायत सचिव को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में कोरोना प्रबंधन में गंभीरता दिखाते हुए रोकथाम के लिए सभी प्रभावकारी कदम उठाएं।

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बिहार में बोल रहा बाजार- कोरोना है कोरोना, आपदा को अवसर बनाने वालों पर नकेल कसना जरूरी

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 1:36pm

अश्विनी, पटना। जिंदगी फरियाद कर रही है, पर कौन सुने? उम्मीद बंधाते दो शब्द सुने बिना इस समाज, इस देश का कोई नागरिक अंतिम यात्रा पर निकल पड़ता है। जहां जिंदगी की उम्मीद है, उस दर से निराश होकर। यह बताते हुए कि साहब! हमें वाकई मदद की जरूरत थी। दृश्य यही है। लोग यहां से वहां दौड़ रहे हैं। आरजू-मिन्नत कर रहे। आपदा का समय है, पर कुछ के लिए अवसर भी। यह कहने में कोई गुरेज नहीं, अन्यथा पांच-छह किलोमीटर तक जाने को एक एंबुलेंस के भाड़े की शुरुआत छह हजार रुपये से क्यों हो? कभी फाइव स्टार में नहीं ठहरे तो यह आपदा वह अवसर भी दे रही है। इलाज के लिए पंद्रह-बीस हजार के कमरे से शुरुआत। और क्या चाहिए? पैकेज पर पैकेज है। ठीक वैसे ही, जैसे खरीदारी हो या कोई समारोह। इस आपदा को अवसर बनाने वालों पर नकेल कसना जरूरी है।

स्वजनों की सांसों को गिनते हुए भटक रहे लोग

आम हो या खास, हर कोई भटक रहा है। एक बेड के लिए तरस रहा है। थक-हार कर किसी चबूतरे या वृक्ष की छांव में स्वजन की सांसों को गिनता हुआ। दिन-दिन भर दौड़ लगाने के बाद भी एक बेड नहीं मिल पाने की मायूसी। किसी प्राइवेट अस्पताल में जगह पा भी ली तो अगले ही दिन ऑक्सीजन का संकट बता बाहर का रास्ता।

अस्‍पताल से श्‍मशान तक हर जगह है आफत

सरकारी अस्पताल फुल। नो वैकेंसी का पर्चा चिपका हुआ। मरीजों के आने का सिलसिला जारी है। कहां जाए आम आदमी? खुद को आने वाली परिस्थितियों के लिए तैयार करता हुआ। मनहूस घड़ी भी आ जाती है, पर अभी अंत यहीं पर नहीं। यह तो अंतिम स्थल तक पीछा नहीं छोड़ने वाली। वहां तक के लिए भी जेब ठीक-ठाक ढीली करनी ही होगी। कदम-कदम पर ऐसे ही हालात से जूझते उस समाज के लोग, जहां आफत-विपत में एक दूसरे के लिए दौड़ पडऩे का संस्कार रहा हो। जैसे कहीं गुम हो गया हो। यहां तो बाजार में जिंदगी की कीमत तय हो रही। कोरोना ने भाव कुछ ज्यादा ही बढ़ा दिया है।

...और एक बेचारा निकल पड़ता है ऊपर वाले को रिपोर्ट करने

वक्त इंसानियत को ढूंढ रहा है। कोई फोन तो उठा ले, ढाढस तो बंधा दे, एक खुराक भर ही सही, वही दे दे। लेकिन, नहीं...। कोविड प्रोटोकॉल..., यह रिपोर्ट नहीं चलेगा...। रिपोर्ट पर रिपोर्ट और एक बेचारा निकल पड़ता है ऊपर वाले को रिपोर्ट करने। ऐसे लोगों की भी बेशक कमी नहीं, जो इस आपदा में दिन-रात सेवा भाव से जुटे हैं, पर आपदा को अवसर बनाने वालों पर नकेल भी जरूरी है।

(लेखक दैनिक जागरण, पटना के संपादकीय प्रभारी हैं)

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दानापुर के रेल अस्‍पताल में 14 घंटे पड़ा रहा महिला रेलकर्मी का शव, हंगामा बढ़ा तब जागे अधिकारी

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 1:05pm

खगौल (पटना), संवाद सूत्र। Bihar Coronavirus Update News: कोरोना महामारी ने स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं की हालत खस्‍ता कर दी है। चाहे सरकारी अस्‍पताल हो या निजी, राज्‍य सरकार का अस्‍पताल हो या केंद्र सरकार का, सबका हाल एक सा दिख रहा है। दानापुर के रेलवे अस्‍पताल में एक महिला रेलकर्मी का शव अस्पताल के शव गृह में 14 घंटे पड़ा रहा। परिजन रात भर शव लेने के लिए अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाते रहे, मगर सरकारी सिस्टम का हवाला देकर शव देने से इन्कार किया जाता रहा। जब परिजन की सब्र की बांध टूटा और लगे हंगामा करने तो आनन-फानन में शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। मामला खगौल स्थित दानापुर रेल मंडल असपताल का है।

दानापुर स्‍टेशन पर बतौर ओएस तैनाती थीं मंजू कुमारी दूबे

पीड़ित रेलवे गार्ड से सेवानिवृत्‍त विजय कुमार तिवारी ने बताया कि उनकी पत्नी मंजू कुमारी दूबे रेलवे में दानापुर स्टेशन पर ओएस के पद पर कार्यरत थी। चार दिन पहले उन्‍होंने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली थी। उनकी तबीयत खराब होने के बाद रेलवे अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। कोरोना की जांच में उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इस बीच मंगलवार की शाम उनकी तबीयत ज्यादा खराब हुई और उनकी मृत्यु हो गई।

एक-दूसरे पर जिम्‍मेदारी थोपते रहे अधिकारी

रेलकर्मी की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनके शव को शवगृह में डाल दिया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा स्थानीय पुलिस का मामला बताकर शव देने से मना कर दिया था। महिला के पति ने जब स्थानीय खगौल थाना से संपर्क किया तो थाने ने अस्पताल और जिला प्रशासन का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। एक स्थानीय साथी की मदद से दानापुर जिला प्रशासन के डीसीएलआर से संपर्क कर शव सौंपने की गुहार लगाई। डीसीएलआर ने उन्हें नेचुरल डेथ पर अस्पताल द्वारा शव को पीपी किट में डालकर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए बांस घाट ले जाने की प्रक्रिया बताई।

हंगामा बढ़ने तो लगा हरकत में आया अस्‍पताल प्रशासन

स्‍वजनों के लगातार गुहार के बाद भी अस्पताल प्रशासन केवल पुलिस के सामने व पांच परिजन के हस्ताक्षर कर शव देने की बात पर अड़ा रहा। इस बीच अतरी गया निवासी सेवानृवित रेलकर्मी राम विनय का शव भी मंगलवार की रात से शव गृह में पड़ा रहा। उनके पुत्र मुकेश सिंह भी शव लेने की गुहार लगाते रहे। अस्पताल प्रशासन की रवैये से दोनों मृतकों के परिजनों का सब्र का बांध टूट पड़ा और लगे हंगामा करने। हंगामा बढ़ता देख अस्पताल प्रशासन ने जल्दी-जल्दी कागजी कार्यवाही पूरा कर स्‍वजनों को शव सौंप दिया गया।

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Gold & Sliver Rates Today: बिहार में चांदी स्थिर तो 51 हजार के पार गया सोना, बुलियन बाजार में और आएगी तेजी

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 12:55pm

पटना, जागरण संवाददाता। Gold & Sliver Rates Today बिहार के सराफा बाजार (Bullion Market) में बुधवार को मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। चांदी (Silver) का भाव पहले के 70,800 रुपये प्रति किलो के भाव पर स्थिर है। हालांकि, सोना (Gold)  का भाव 200 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ गया है। सराफा बाजार में लग्न की ग्राहकी निकलने के कारण सोना पहले 51,200 रुपये प्रति 10 ग्राम हो चुका है। आगे भाव और बढ़ने की उम्‍मीद है। चांदी का भाव भी आगे बढ़ेगा, इसकी उम्‍मीद की जा रही है।

70, 800 रुपये प्रति किलो पर स्थिर है चांदी का भाव

चांदी का भाव आज 70, 800 रुपये प्रति किलो पर स्थिर है। सोमवार से चांदी का यही भाव है। मंगलवार को बाजार बंद था। जिला प्रशासन की नई गाइडलाइन के अनुसार अब सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ही सराफा बाजार खुल रहा है।

200 की उछाल के साथ 51,200 रुपये का हुआ सोना

सोना बिठूर का भाव आज 200 रुपये प्रति 10 ग्राम मजबूत होकर 51,200 रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह से सोना 22 कैरेट का भाव भी 200 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ कर 51050 रुपये हो गया। इसके पहले सोमवार को भी सोना का भाव 400 रुपये 10 ग्राम मजबूत हुआ था।

अनुमान से आगे निकल गए हैं सोना-चांदी के भाव

बाजार के जानकारों का अनुमान था कि लग्न के दौरान सोना 50 हजारी हो जाएगा। साथ ही चांदी का भाव भी 70 हजारी हो जाएगा। सोना और चांदी के भाव अनुमान से भी आगे निकल गए हैं। जानकारों का कहना है कि इस लग्न के दौरान जिस तरह सोना के भाव में वृद्धि दखने को मिल रही है, वह हैरान करने वाली है। अप्रैल में ही सोना करीब 3500 रुपये प्रति 10 ग्राम  बढ़ चुका है। यही हाल रहा तो सोना इस लग्न के दौरान नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।

लाइटवेट आभूषणों की बढ़ती जा रही है मांग

सराफा व्यवसायी विकास गुप्ता ने कहा कि सोना और चांदी के भाव जैसे जैसे बढ़ रहे हैं, ग्राहक अपना बजट भी संतुलित करते दिखाई दे रहे हैं। लाइटवेट आभूषणों की मांग बढ़ती जा रही है। आनेवाले दिनों में इसमें और तेजी आने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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Ramnavami in Patna: रामनवमी पर पटना के मंदिरों में दिखा पाबंदी का असर, गेट से लौटे चंद श्रद्धालु

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 12:48pm

पटना, जागरण संवाददाता। Ramnavami Celebration in Patna: कोरोना संक्रमण की पाबंदियों के बीच रामनवमी का त्‍योहार पटना के ज्‍यादातर लोगों ने अपने घरों में ही मनाया। पटना जंक्‍शन स्थित हनुमान मंदिर सहित शहर के सभी बड़े मंदिरों के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए बंद रहे। हालांकि पाबंदियों के बावजूद कुछ श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचे और दरवाजे पर ही शीष नवाकर घर लौटे। राजवंशी नगर के पंचरूपी हनुमान मंदिर के सामने भी ऐसा ही नजारा दिखा। प्रमुख मंदिरों के सामने विधि-व्‍यवस्‍था के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। राज्‍य सरकार ने 15 मई तक सभी धार्मिक स्‍थलों को बंद करने का निर्देश दे रखा है।

सन्नाटे के बीच बदला गया ध्वज

कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों के कपाट बंद होने के बाद वहां के पुजारियों ने सन्नाटों के बीच मंदिरों का ध्वज बदले। करीब तीन सौ साल पुराने पटना के महावीर मंदिर समेत अन्य मंदिरों में रामभक्तों के बिना रामनवमी का पर्व मनाया गया। महावीर मंदिर समेत अन्य मंदिरों में रामनवमी पर ध्वज मंदिर के पुरोहितों ने बदल कर प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाए। रामनवमी पर पटना के महावीर मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भी मंदिर के पुरोहितों ने रामचरित मानस, सुंदरकांड का पाठ किए।

सुरक्षा कर्मी मंदिर के बाहर मौजूद

मंदिरों के बाहर भक्तों की भीड़ अधिक न हो जिसके लिए सुरक्षा कर्मी भी तैनात थे। महावीर मंदिर समेत अन्य मंदिरों के पास सुरक्षाकर्मी मौजूद दिखे। पिछले साल भी काेरोना संक्रमण के कारण राज्य में लॉकडाउन लगा दिया गया था। ऐसे में मंदिरो के द्वार भी बंद थे। वहीं इस वर्ष भी कुछ ऐसा देखने को मिला। पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में जहां रामनवमी पर हजारों भक्तों की भीड़ कतार में खड़ी होती थीं वहीं आज मंदिर के बाहर सन्नाटा पसरा है।

महावीर मंदिर के काउंटर से नैवेद्यम लेते दिखे लोग

रामनवमी को लेकर पटना के महावीर मंदिर की ओर  से मंदिर के बाहर बने नैवेद्यम काउंटर खुला रहा। जहां पर श्रद्धालु प्रसाद खरीदते नजर आए। मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि संक्रमण के कारण भले ही मंदिर बंद हैं लेकिन श्रद्धालु मंदिर के फेसबुक पेज व जियो टीवी पर पूजन का ऑनलाइन दृश्य देख सकते हैं।

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मैं जिंदा भूत बोल रहा हूं... सुनकर डॉक्‍टर साहब को कॉल करने वाले के फूले हाथ-पांव, जानिए मामला

Dainik Jagran - April 21, 2021 - 12:34pm

हिलसा (बिहारशरीफ) संवाद सहयोगी। किसी के बारे में अफवाह तुरंत फैल जाती है। ऐसा ही हुआ शहर के एक जाने-माने चिकित्‍सक के साथ। किसी उपद्रवी ने अफवाह उड़ा दी कि उनका निधन हो गया है। इस बात से डॉक्‍टर साहब काफी नाराज थे। इसी बीच किसी ने उनके मोबाइल पर कॉल किया तो झल्‍लाए डॉक्‍टर साहब ने कहा... मैं जिंदा भूत बोल रहा हूं। यह सुनकर ग्रामीण हक्‍का-बक्‍का रह गया। खैर डॉक्‍टर साहब सही-सलामत हैं। वे सपरिवार स्‍वस्‍थ हैं।

चार दिनों से नहीं खोली थी क्लिनिक

गौरतलब हो कि नगरनौसा थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव के रहने वाले डॉ शिवकुमार प्रसाद हिलसा शहर के सैदा बाजार नवीन नगर मोहल्ले में रहते हैं। यहां वे करीब पांच दशक से सपरिवार रहते हैं। अपने घर में क्लीनिक खोलकर सेवाभाव से उपचार करते रहे हैं। कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण चार दिनों से उन्‍होंने क्‍ल‍िनिक नहीं खोली। इस पर किसी शरारती तत्‍व ने खबर उड़ा दी कि उनकी मौत हो गई। बात तेजी से फैल गई। हिलसा शहर ही नहीं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आग की तरह खबर फैला दी गई। इस बीच मंगलवार को एक ग्रामीण ने डॉक्टर प्रसाद के मोबाइल पर कॉल किया। कॉल रिसीव करते ही उन्‍होंने कहा कि मैं जिंदा भूत बोल रहा हूं। वे अफवाहों से काफी नाराज थे। बाद में नाराजगी शांत होने पर उन्‍होंने कॉल करने वाले को पूरी बात बताई। कहा कि वे कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षित हैं। अपने परिवार के साथ पटना में हैं।

हिलसा प्रखंड में 18 मिले कोरोना संक्रमित

मालूम हो कि हिलसा में मंगलवार को हुई  90 लोगों की जांच में 18 लोग संक्रमित पाए गए। हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल में उपाधीक्षक राजकिशोर राजू के नेतृत्व में 64 लोगों की जांच हुई, जिसमें 14 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। दूसरी ओर प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र में हेल्थ मैनेजर पुष्पा कुमारी के नेतृत्व में 90 लोगों की कोविड-19 संक्रमण की जांच की गई। जिसमें 4 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। यानी कुल 154 लोगों में से 18 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।

झारखंड विधानसभा के प्रशासी पदाधिकारी, शिक्षक, रेलकर्मी समेत पांच की मौत

गौरतलब है कि नालंदा जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या तेजी से बढ़ती जा रही है। जिले में मंगलवार को भी पांच लोगो की मौत हो गई। इनमें प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक व रेलकर्मी शामिल हैं। झारखंड विधानसभा में तैनात जल संसाधन विभाग के प्रशासी अधिकारी की मौत कोरोना से हो गई। वे नालंदा के नूरसराय के निवासी थे। इसी तरह एकंगरसराय निवासी व नूरसराय प्राथमिक विद्यालय ककैला में पदस्थापित शिक्षक की कोरोना  से मौत हो गई। मंगलवार को भी एकंगरसराय में जांच में 16 लोग पॉजिटिव पाए गए। जिले भर में एंटीजन, ट्रूनेट व आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट में कुल 390 लोग पॉजिटिव मिले हैं। इनमें बिहारशरीफ प्रखंड में 97 लोग शामिल हैं।

 

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