Bihar News
Bettiah Raj: बेतिया राज के असली भूमि मालिकों के लिए खुशखबरी, राजस्व मंत्री ने दिया राहत देने वाला संदेश
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधान परिषद में एक बार फिर से बेतिया राज की जमीन का मुद्दा उठा। इस मुद्दे पर गुरुवार को विधान परिषद में भूमि सुधार व राजस्व मंत्री संजय सरावगी ने जमीन मालिकों को राहत देने वाली घोषणा की है।
राजस्व मंत्री ने विधान परिषद में कहा कि बेतिया राज की भूमि और दूसरी संपत्ति सरकार के अधिकार-क्षेत्र में है, लेकिन उस भूमि पर वैधानिक अधिकार रखने वाले लोगों को चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है। सरकार उनके हितों का पूरा ध्यान रखेगी।
महेश्वर सिंह और पांच अन्य सदस्यों के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर उत्तर देते हुए राजस्व मंत्री सरावगी ने बताया कि निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए जिन लोगों का बेतिया राज की भूमि पर कब्जा है, वह बरकरार रहेगा।
सरकार बनाने जा रही नियमसरकार विस्तृत नियम बनाने जा रही है। उसमें शिकायत के निवारण का प्रविधान भी होगा। कोई व्यक्ति सरकारी आदेश से प्रभावित है तो प्रविधान के अंतर्गत शिकायत कर सकेगा।
महेश्वर सिंह आदि चाहते थे कि सरकार भूमि पर कब्जानशीं सभी लोगोंं के हितों के संरक्षण की घोषणा कर दे। हस्तक्षेप करते हुए सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि इस विषय पर बाद में मंत्री के साथ मिल-बैठकर सदस्य विस्तार से चर्चा कर लेंगे।
सभापति ने भरी हामीसदन ने सभापति से आग्रह किया कि उन्हीं के नेतृत्व में विचार-विमर्श हो जाए। सभापति ने इसके लिए हामी भर दी। इससे पहले सदन को सरावगी यह बता चुके थे कि बेतिया राज की महारानी जानकी कुंअर को अंग्रेजों ने 01 अप्रैल, 1897 को अयोग्य घोषित कर दिया था।
हालांकि, सरकार के पास ऐसा कोई साक्ष्य नहीं कि उन्हें कर्ज नहीं चुकाने के कारण अयोग्य घोषित किया गया था। वैसे ही उनके द्वारा एक लाख एकड़ भूमि अंग्रेजों को हस्तांतरित करने का भी कोई प्रमाण नहीं।
अलबत्ता 15253 एकड़ भूमि कोर्ट आन रिकार्ड में है। बेतिया राज की 70 कोठियां थीं, इसे पुष्ट करने का कोई साक्ष्य नहीं है। महेश्वर सिंह का कहना था कि बेतिया राज की एक लाख एकड़ भूमि पर किसानों का कब्जा है। दाखिल-खारिज के साथ मालगुजारी की वसूली नहीं हो रही।
यह भी पढ़ें-
KK Pathak: 10 मार्च को बेतिया पहुंच रहे केके पाठक, सामने आई बड़ी वजह; अधिकारियों के बीच मची खलबली!
Bihar News: अब बाढ़ मुक्त होंगी बिहार की नदियां, नीतीश सरकार ने लिया बड़ा फैसला; सभी जिलों को आदेश जारी
राज्य ब्यूरो, जागरण, पटना। Bihar News: नदियों को गादमुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सरकार नदियों की उड़ाही करने वालों को मुफ्त में गाद देगी। नदियों के गादमुक्त होने से यह बाढ़ मुक्त भी हो जाएगी।
इसको लेकर सभी जिलों के डीएम को पत्र भी लिखा गया है। जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने गुरुवार को विधानपरिषद में इसकी जानकारी दी। राजद सदस्य डा. अजय कुमार सिंह ने कोसी एवं सहायक नदियों में जमी गाद के समाधान को लेकर प्रश्न किया था।
विजय चौधरी ने बताया कि जब तक गाद का व्यावसायिक उपयोग नहीं होगा, तब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता। हमने चानन डैम से गाद हटाने की 878 करोड़ की योजना बनाई। इसमें एजेंसी ने बताया कि वह गाद भी साफ करेगी और उसका व्यावसायिक इस्तेमाल कर सरकार को 39 करोड़ की रॉयल्टी भी देगी।
राज्य सरकार ने इसी तर्ज पर नदियों और डैम से गाद हटाने के लिए सभी डीएम को पत्र लिखा है। इसके लिए जिलास्तर पर कमेटी भी बनाई गई है, जिसमें एडीएम स्तर के अधिकारी चेयरमैन होंगे।
इसके अलावा जिला खनन पदाधिकारी और जल संसाधन के सबसे वरीय अधिकारी इसके सदस्य होंगे। गाद की उड़ाही मानक के अनुरूप हो और इसका दुरुपयोग न हो, इसपर नजर रखने की जिम्मेदारी विभागीय अभियंता को दी गई है। इसके लिए नोडल अभियंता भी तय कर दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि यह सही है कि उच्च डैम बनाकर गाद को कम किया जा सकता है, मगर नेपाल से उचित सहयोग नहीं मिलने के कारण डैम नहीं बन पा रहा है। बिहार सरकार की तरफ से लगातार गाद का मुद्दा उठाने के बाद राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति के गठन पर चिंतन हो रहा है। इसका काम अंतिम चरण में है और जल्द ही इसकी घोषणा की जा सकती है।
मरीन ड्राइव गोलंबर पर नहीं लगेगी अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाराजधानी के अटल पथ के मरीन ड्राइव गोलंबर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा नहीं लगाई जाएगी। भाजपा सदस्य निवेदिता सिंह के ध्यानाकर्षण पर सरकार ने यह जवाब दिया।
संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अटल जी के सम्मान में ही इस पथ का नामकरण अटल पथ किया है। उनकी पहल पर ही अटल पथ के पास पाटलिपुत्र पार्क में अटल जी की आदमकद प्रतिमा भी लगाई गई है। ऐसे में थोड़ी ही दूर पर उनकी फिर से प्रतिमा स्थापित करना उचित प्रतीत नहीं होता।
ये भी पढ़ें
River in Bihar: सूख गईं बिहार की 5 नदियां, तेजी से गिर रहा भू-जल स्तर; किसानों की बढ़ी टेंशन
Patna News: पटना से बख्तियारपुर के बीच 1 अप्रैल से बढ़ेगा टोल टैक्स, जेब से ज्यादा निकालने होंगे पैसे
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। Patna News: बिहार राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 30 पर पटना से लेकर बख्तियारपुर के बीच की 181.3 किलोमीटर लंबी चार लेन वाली सड़क से गुजरना एक अप्रैल की मध्य रात्रि से महंगा हो जाएगा।
इस मार्ग से गुजरने वाले छोटे-बड़े वाहनों को दीदारगंज स्थित टोल प्लाजा पर पहले की अपेक्षा तीन से साढ़े तीन प्रतिशत अधिक टोल टैक्स का भुगतान करना होगा। इस टोल के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को गैर व्यवसायिक वाहनों की आवाजाही के लिए 350 रुपए का मासिक भुगतान करना होगा।
इसके लिए बार में ही राशि का भुगतान कर मासिक पास बनाया जाता है। यह जानकारी गुरुवार को पटना बख्तियारपुर टोल प्लाजा के प्रबंधक प्रभाकर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा लिए गए इन निर्णय का अनुपालन एक अप्रैल की मध्य रात्रि से किया जाएगा।
इस टोल से चौबीस घंटों में अभी लगभग 17 से 19 हजार छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही हो रही है। लगन आरंभ होने पर वाहनों की संख्या बढ़ कर लगभग बीस हजार पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि सभी वाहनों में फास्ट टैग लगा है। इसी के माध्यम से टोल टैक्स कटता है। वर्ष 2024 में भी टोल टैक्स में लगभग ढाई प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
इन वाहनों का नहीं लगता है टोल टैक्सटोल प्लाजा के प्रबंधक प्रभाकर सिंह ने बताया कि सभी तरह के सरकारी वाहन, सेना के वाहन, एंबुलेंस, शव वाहन, पुलिस वाहन, डाक विभाग के वाहन आदि को बिना टैक्स दिए टोल पार करने की अनुमति है।
टोल प्लाजा पर उपलब्ध सुविधाएंपटना बख्तियारपुर टोल प्लाजा पर पटना से जाने और आने के मार्ग में चौबीस घंटे एंबुलेंस सेवा, दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए क्रेन की सुविधा, पेयजल व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध है।
ये भी पढ़ें
Railway News: बिहार संपर्क क्रांति सहित 14 ट्रेनों के रूट बदले, जनसेवा और गरीबरथ को लेकर भी अपडेट
Indian Railways: बिहार को मिल गया एक और नया रेलवे स्टेशन, बेगूसराय से लेकर पटना तक जाना होगा आसान
Patna News: रानीगंज CO ने पहले खुद लिए पैसे, फिर रिश्तेदारों को भी दिलाया; राजस्व मंत्री ने किया निलंबित
राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार ने दाखिल-खारिज के मामले में अनियमितता के आरोप में अररिया जिले के रानीगंज के सीओ (अंचलाधिकारी) प्रियव्रत कुमार को निलंबित कर दिया है। उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाई भी शुरू हो गई है। विभागीय मंत्री संजय सरावगी के आदेश पर यह कार्रवाई शुरू की गई है।
रानीगंज के सीओ निलंबितरानीगंज के सीओ पद पर रहते हुए प्रियव्रत कुमार पर पद का दुरूपयोग करने, दाखिल-खारिज की स्वीकृति-अस्वीकृति के बदले में स्वयं एवं अपने परिचित अनुनय कुमार के एसबीआई के बचत खाते में अवैध रूप से पक्ष अथवा विपक्ष से पैसे लेने जैसी शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद उन पर एक्शन लिया गया है।
खाते में जमा राशि का नहीं दे सके प्रमाण- एक शिकायतकर्ता ने दो लाख पचहत्तर हजार रुपये सीओ एवं दो लाख रुपये अनुनय कुमार के खाते में जमा करने का प्रमाण दिया था।
- अररिया के जिलाधिकारी की ओर से गठित जांच समिति के सामने सीओ ने बताया कि यह राशि उन्होंने स्वयं जमा की थी।
- हालांकि, सीओ की ओर समर्पित वित्तीय वर्ष 2024-25 की संपत्ति विवरणी में उनके द्वारा कोई ऐसी संपत्ति नहीं घोषित की गई है, जिससे उन्हें नगद राशि की प्राप्ति हो सके।
सीओ के तर्क को अस्वीकार करते हुए समिति ने उनके निलंबन की अनुशंसा की। निलंबन अवधि में प्रियव्रत कुमार पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त के कार्यालय में तैनात रहेंगे। विभागीय मंत्री सरावगी ने कहा कि किसी भी अधिकारी के विरूद्ध भ्रष्टाचार के प्रमाणित मामले मिलते हैं तो उनके विरूद्ध तुरंत कठोर कार्रवाई होगी।
लगातार हो रहे एक्शनदरअसल, प्रदेश में एक के बाद एक लापरवाह और रिश्वत लेने वाले अधिकारियों पर एक्शन लिया जा रहा है। हाल ही में दाखिल-खारिज और जमाबंदी से जुड़े मामले में लापरवाही बरतने वाले तीन सीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसकी जानकारी भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री संजय सरावगी ने दी।
में लापरवाही बरतने वाले बिहटा और संपतचक के अंचल अधिकारी (सीओ) से स्पष्टीकरण मांगा गया। वहीं पुनपुन के सीओ के साथ एडिशनल कलेक्टर को भी पटना मुख्यालय में तलब किया गया। वहीं अब एक बार फिर मंत्री संजय सरावगी के आदेश पर रानीगंज के सीओ को निलंबित किया गया है।
भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री संजय सरावगी लगातार एक्शन में हैं। उन्होंने ये स्पष्ट कर दिया है कि गड़बड़ी करने वाले कोई भी हो, उनके बख्शा नहीं जाएगा। सभी पर सख्त कार्रवाई होगी।
ये भी पढ़ें
Bihar Doctors Strike: बिहार में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं ठप, मरीजों की बढ़ी मुश्किल
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (BHSA) के चिकित्सक अपनी लंबित मांगें पूरी कराने व जिलाधिकारियों के व्यवहार के विरोध में गुरुवार से शनिवार तक हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान सिविल सर्जन के अधीन व जिन अस्पतालों में संघ के डाक्टर कार्यरत हैं, उनकी ओपीडी सेवा बंद कराने की चेतावनी दी है।
3 दिन की हड़ताल के बाद फैसला लेंगे डॉक्टर- प्रवक्ता डॉ. विनय कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री, विभाग के अपर मुख्य सचिव, जिलाधिकारियों व सिविल सर्जन को पत्र के माध्यम से मंगलवार को ही इसकी सूचना दे दी गई है।
- यदि तीन दिन के कार्य बहिष्कार के बाद भी सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो चिकित्सक और भी सख्त कदम उठाने को बाध्य होंगे।
भासा ने पत्र में कहा है कि शिवहर, गोपालगंज और मधुबनी जिलों के डीएम ने बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर डॉक्टरों का वेतन रोक दिया है। कई माह से डॉक्टरों को इस प्रकार प्रताड़ित करने के साथ उनसे अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है।
डॉक्टरों की प्रमुख मांगेइसके विरोध में शिवहर के डॉक्टरों का ओपीडी बहिष्कार जारी है। वहीं डाक्टरों की सुरक्षा, आवास, पर्याप्त मानव बल, गृह जिलों में पोस्टिंग, कार्यावधि निर्धारण, इमरजेंसी में सातों दिन 24 घंटे कार्य करने वाले डॉक्टरों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की बाबत निर्देश जारी करने जैसी तमाम मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
मरीजों की बढ़ी परेशानीडॉक्टरों की हड़ताल की वजह से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। इलाज के अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। तीन दिन तक डॉक्टरों की हड़ताल रहने से मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है।
गोपालगंज में डॉक्टरों ने सेवा देने से किया इनकारगोपालगंज में भी डॉक्टरों की हड़ताल का असर देखने को मिला। चिकित्सकों ने बायोमीट्रिक से हाजिरी बनाने का विरोध किया। इस दौरान सदर अस्पताल के ओपीडी की सेवा ठप रही, जिससे मरीजों को काफी परेशानी हुई। चिकित्सकों ने तीन दिनों तक ओपीडी में सेवा देने से इनकार कर दिया।
बगहा: चिकित्सकों से दुर्व्यवहार के विरोध में ओपीडी बंदबिहार चिकित्सा संघ भाषा ने जिला पदाधिकारी शिवहर के चिकित्सकों से दुर्व्यवहार के विरोध में अनुमंडलीय अस्पताल समेत पीएचसी अस्पतालों में तीन दिनों तक ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया है।
इस दौरान सिर्फ इमरजेंसी सेवा चालू रहेंगी। ओपीडी बंद रहने से दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र से इलाज के पहुंचे मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है।
गया : खाद्य निगम गोदामों के श्रमिक अनिश्चितकालीन हड़ताल परएक ओर जहां डॉक्टरों ने तीन दिवसीय हड़ताल का एलान किया है। वहीं, दूसरी ओर गया स्थित बिहार राज्य खाद्य निगम के गोदामों में कार्यरत गोदाम श्रमिकों द्वारा बुधवार से विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है।
श्रमिकों को संबोधित करते हुए गया जिला इंटक अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने कहा कि अभिकर्ता द्धारा श्रमिक को चार रुपए 55 पैसा दिया जाता है,जबकि 11.64 रू प्रति बोरी सरकार द्वारा निधार्रित है। श्रम संसाधन विभाग की अधिसूचना संख्या 1698 दिनांक 31 मार्च 2023 भी लागू नहीं किया गया है।
सभी श्रमिकों को ईपीएफईएस आई सुविधा का भी लाभ नहीं मिलता है, जबकि गया जिले छोड़कर बिहार के सभी जिलों में सारी सुविधाएं मिलती हैं। गया जिले के सभी गोदाम बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर बंद हैं।
ये भी पढ़ें
Bhagalpur News: जमीन विवाद सुलझाने गई पुलिस टीम पर हमला, दारोगा जख्मी; दो अरेस्ट
Patna News: पटना में बने एक-एक घरों की होगी जांच, आ गया नीतीश सरकार का नया आदेश
Patna News: IAS संजीव हंस मामले में ED का बड़ा एक्शन, भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर के ठिकानों पर मारा छापा
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार की सुबह-सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया हैं प्रवर्तन निदेशालय ने आइएएस संजीव हंस से जुड़े टेंडर घोटाले के मामले में भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर तारिणी दास के पटना के ठिकानों पर छापा मारा है।
ऐसी सूचना मिल रही है कि छापामारी फुलवारीशरीफ स्थित पूर्णेन्दु नगर के दास के ठिकानों पर की गई है। सूत्रों की माने तो अभी तक की कार्रवाई के दौरान ही ईडी को करोड़ों रुपए मिले हैं, जिसकी गिनती के लिए जांच टीम ने नोट गिनने वाली मशीन भी मंगाई है।
फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की ओर से छापामारी की कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है टेंडर को मैनेज करने के नाम पर विभाग में बड़ी गड़बड़ी की जा रही थी। जिसके बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।
Bihar News: 'दिनेश बाबू को कुत्ता काटेगा तो वहीं मर जाएगा', MLC दिनेश सिंह पर सभापति ने ली चुटकी
राज्य ब्यूरो, पटना। विधानपरिषद में बुधवार को वंशीधर ब्रजवासी ने मुजफ्फरपुर शहर में लावारिस गाय-सांढ़ और कुत्तों के कारण हो रही परेशानी को लेकर अल्पसूचित प्रश्न किया। ब्रजवासी ने कहा कि एक वर्ष के अंदर सैंकड़ों लोगों को कुत्तों ने काट खाया है और कई बच्चों की जान भी ले ली है।
सदन में बैठे सदस्य दिनेश प्रसाद सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह भी मुजफ्फरपुर के हैं और इस समस्या से रूबरू होंगे।
सभापति ने ली चुटकीसभापति अवधेश नारायण सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि दिनेश बाबू को अगर कुत्ता काटेगा तो वही मर जाएगा। इस पर सदन में खूब ठहाके लगे।
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि ऐसी कोई सूचना नहीं है कि कुत्ते के काटने से किसी की मौत हुई है। कुत्तों को पकड़ने के लिए एजेंसी के चयन की कार्रवाई की जा रही है।
लालू के लिए भारत रत्न की अनुशंसा का कोई प्रस्ताव नहीं- राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को भारत रत्न दिए जाने की अनुशंसा का कोई प्रस्ताव बिहार सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।
- बुधवार को विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इसकी जानकारी दी। वे इससे संबंधित राजद के मुकेश कुमार रोशन के गैर-सरकारी संकल्प पर सरकार का पक्ष रख रहे थे।
मुकेश द्वारा मत विभाजन की अपेक्षा पर विधानसभा ने ध्वनिमत से उनके संकल्प को निरस्त कर दिया। इसके अलावा तीन और गैर-सरकारी संकल्पों पर मत विभाजन की स्थिति बनी और सभी ध्वनिमत से निरस्त हुए।
पहली पाली में हुआ जमकर हंगामाबिहार विधानसभा में बुधवार को भी विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने सरकार से सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने और वक्फ संशोधन विधेयक वापस लेने की मांग की। अपने मांगों पर अड़े विपक्ष ने सदन के बाहर और अंदर पर्चा लहराते हुए प्रदर्शन किया, नारेबाजी की।
इतना ही नहीं, भाकपा माले के विधायक दल के नेता महबूब आलम और गोपाल रविदास समेत अन्य सदस्यों ने वेल में रखे रिपोर्टर टेबल को भी पलटने का कई बार प्रयास किया, जिसे मार्शल ने जोर से दबाकर टेबल को पलटने से बचाया।
कुछ मार्शल ने सदस्यों के हाथों से लहराते हुए पर्चे और पोस्टर भी छीने। इस हंगामे के चलते प्रश्न काल समेत अन्य विधायी कार्य नहीं हो सके। विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के अंदर ही दो बजे दिन तक स्थगित कर दी।
ये भी पढ़ें
Bihar Weather Today: मार्च में ही तेवर दिखा रही गर्मी, तापमान तोड़ेगा रिकॉर्ड; IMD ने जारी किया अलर्ट
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: प्रदेश का मौसम पछुआ के कारण शुष्क बना रहेगा। दो से तीन दिनों के दौरान अधिसंख्य स्थानों पर अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की वृद्धि के आसार हैं। ऐसे में प्रदेश का तापमान 40 डिग्री के पार जाने की संभावना है।
न्यूनतम तापमान में इजाफा होने के आसारदो से तीन दिनों के दौरान उत्तर पूर्वी बिहार व आसपास इलाकों को छोड़ कर अधिसंख्य भागों में 30 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में भी एक से तीन डिग्री की वृद्धि का पूर्वानुमान है।
बीते 24 घंटों के दौरान पटना समेत सभी जिलों का अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा। पटना के अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 39.4 डिग्री सेल्सियस डिग्री के साथ बक्सर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
पटना समेत आसपास के इलाकों में तेज धूप के कारण लोग गर्मी से परेशान रहे। उत्तरी भागों के कुछ स्थानों पर आंशिक बादल छाए रहे।
प्रमुख शहरों के तापमान में वृद्धिबीते 24 घंटों के दौरान पटना सहित जिलों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। डेहरी के अधिकतम तापमान में चार डिग्री की वृद्धि, सासाराम में 2.1 डिग्री, बक्सर में 1.7 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई।
भोजपुर में 1.5 डिग्री, गया में दो डिग्री, बांका में 2.7 डिग्री, कटिहार में 2.4 डिग्री, पूर्णिया में 1.4 डिग्री, वैशाली में 1.3 डिग्री, छपरा में 1.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों का तापमान
शहरअधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) पटना 35.7 22.2 गया 36.7 18.2 भागलपुर 35.2 20.0 मुजफ्फरपुर 34.0 17.0 नवादा: धूप की तपिश के साथ बढ़ने लगा तापमान
जिले में धूप की तपिश बढ़ गई है, सूरज ने आग बरपाना शुरू कर दिया है। कड़ी धूप में लोग घरों से निकलने से परहेज करने लगे हैं। वहीं, अब धीरे-धीरे गरम हवाएं भी जोर पकड़ने लगी है।
इधर, जिले के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में तेजी से बढ़ोत्तरी दर्ज होना शुरू हो गई है। जिले का न्यूनतम तापमान 17-18 डिग्री और अधिकतम तापमान 35-36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने मौसम पूर्वानुमान में अगले दो से तीन दिनों में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तापमान में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। इसके साथ लोगों को धूप से बचाव करने के साथ खान-पान में बदलाव की सलाह दी गई है।
ये भी पढ़ें
Indian Railways: नवरात्रि से पहले रेलवे ने दी बड़ी खुशखबरी, मैहर में रुकेंगी पांच जोड़ी ट्रेनें; देखें लिस्ट
जागरण संवाददाता, पटना। नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए पांच जोड़ी ट्रेनों का 05 मिनट का अस्थाई ठहराव मैहर स्टेशन पर प्रदान किया गया है।
वलसाड-मुजफ्फरपुर से खुलने वाली 19051-52 वलसाड-मुजफ्फरपुर वलसाड एक्सप्रेस मैहर स्टेशन पर पांच मिनट के लिए रुकेगी।
इसी तरह छत्रपति शाहू महाराज टर्मिनल, कोल्हापुर से 04 से 11 अप्रैल तक खुलने वाली वाली 11045-46 छत्रपति शाहू महाराज टर्मिनल कोल्हापुर-धनबाद एक्सप्रेस मैहर स्टेशन पर पांच मिनट के लिए रुकेगी।
लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 15268-67 लोकमान्य तिलक टर्मिन-रक्सौल एक्सप्रेस मैहर स्टेशन पर आने-जाने में पांच मिनट के लिए रुकेगी। पूर्णा जंक्शन से खुलने वाली 17610- 09 पूर्णा जं.-पटना-पूर्णा मैहर स्टेशन पर पांच मिनट के लिए रुकेगी।
बांद्रा टर्मिनल से 31 मार्च से सात अप्रैल तक खुलने वाली 22971 बांद्रा टर्मिनस-पटना एक्सप्रेस मैहर स्टेशन पर आने-जाने में पांच मिनट के लिए मैहर स्टेशन पर रुकेगी।
चार डेट में रद रहेगी मौर्यध्वज एक्सप्रेसउधर, उत्तर रेलवे के जम्मूतवी स्टेशन के पुनर्विकास कार्य चल रहा है। इसको लेकर जम्मूतवी स्टेशन के स्टेब्लिंग लाइन को परिर्वतन किया रहा है।
इस दौरान वहां कुछ ट्रेनों का परिचालन विभिन्न तिथियों में रद किया गया है। बरौनी और जम्मूतवी केबीच चलने वाली 14691/92 मौर्यध्वज एक्सप्रेस का अप व डाउन में पांच तिथियों में रद रहेगी।
इस बात की जानकारी पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बुधवार को दी। इधर इस ट्रेन के रद होने की सूचना कंफर्म टिकट लिए यात्रियों के मोबाइल पर भी चला गया है।
इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। यात्रियों का कहना है कि दो काफी मशक्कत के बाद दो महीना पहले ओपनिंग टिकट लेने पर कंफर्म मिला।
यात्रा शुरू करने से पहले ही ट्रेन रद हो गई। अब कहां से कंफर्म टिकट मिलेगा। यह सोचकर सैकड़ों यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कुछ यात्रियों ने रेलवे से मुआवजा की मांग की है।
इन तिथियों में रद रहेगी मौर्यध्वज एक्सप्रेस- 14692 जम्मूतवी-बरौनी मौर्यध्वज एक्सप्रेस - 28 मार्च तथा 04, 11, 18 एवं 25 अप्रैल को रद रहेगी।
- 14691 बरौनी-जम्मूतवी मौर्यध्वज एक्सप्रेस - 30 मार्च तथा 06, 13, 20 एवं 27 अप्रैल,को रद रहेगी।
- उधर, यात्रियों की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए एक वन-वे अनारक्षित स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है।
- 05581 दरभंगा-आनंद विहार वन-वे स्पेशल दो अप्रैल को दरभंगा से 18:30 बजे खुलकर सीतामढ़ी, रक्सौल नरकटियागंज, गोरखपुर के रास्ते अगले दिन 18:00 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। इस स्पेशल में साधारण श्रेणी के 19 कोच होंगे।
यह भी पढ़ें-
चक्रधरपुर रेल डिवीजन से गुजरने वाली 58 एक्सप्रेस ट्रेनें रद, सफर पर निकलने से पहले चेक कर लें लिस्ट
Bihar News: शराब तस्करों से सांठ-गांठ में महिला मद्यनिषेध ASI निलंबित, वायरल ऑडियो क्लिप से अब खतरे में पड़ी नौकरी
राज्य ब्यूरो, पटना। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने अवैध शराब कारोबारियों से सांठ-गांठ और वायरल ऑडियो क्लिप मामले में मुजफ्फरपुर में पदस्थापित मद्यनिषेध की सहायक अवर निरीक्षक (एएसआइ) सोनी महिवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इस बाबत बुधवार को उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह ने आदेश जारी कर दिया है। दोषी महिला पदाधिकारी के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई जल्द शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है।
यह पूरा मामला एक वायरल ऑडियो क्लिप से जुड़ा है। इस ऑडियो क्लिप में एएसआइ सोनी महिवाल के द्वारा दिलीप साह पर दबाव बनाने और फंसाने की धमकी दी जा रही है।
विभाग ने ऑडियो क्लिप की सत्यता के साथ शराब कारोबारी के साथ महिला एएसआइ की संलिप्तता की जांच कराई जिसमें प्रथमदृष्टया वह दोषी पाई गई।
सोनी महिवाल ने माना- ऑडियो क्लिप में उनकी ही आवाज- विभाग के अनुसार, जांच के दौरान महिला एएसआइ सोनी महिवाल ने भी स्वीकार किया है कि वायरल ऑडियो क्लिप में उनकी ही आवाज है।
- पीडि़त दिलीप साह ने भी इस ऑडियो की पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले साल विश्वकर्मा पूजा से पहले महिला एएसआइ से शराब के संबंध में बातचीत हुई थी।
- मुजफ्फरपुर डीएम की जांच रिपोर्ट में यह भी अंकित है, सोनी महिवाल ने बातचीत के दौरान वरीय पदाधिकारी के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग किया है।
- डीएम की अनुशंसा पर ही विभाग ने महिला मद्यनिषेध एएसआइ सोनी महिवाल को निलंबित करने की कार्रवाई की है।
मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न थानों की पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में अलग-अलग मामलों के 19 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें शराब के केसों में सात समेत अन्य मामलों के आरोपित शामिल है।
अभियान के दौरान 13 लीटर देसी व करीब एक लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की गई है। इसके अलावा विभिन्न मामलों में कोर्ट से जारी 33 वारंटों का निष्पादन किया गया है।
वहीं, वाहन जांच अभियान के दौरान यातायात नियम का उल्लंघन करने के मामले में एक लाख छह हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना किया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञिप्त में इसकी जानकारी दी गई है।
वरीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगीन मामलों में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है।
यह भी पढ़ें-
जाम छलकाने वालों के लिए बुरी खबर! बिहार के बाद अब इस राज्य में शराबबंदी की तैयारी, हलचल तेज
Ban On Sale Of Liquor : झारखंड में इस दिन शराब बिक्री पर लगी रोक! करना होगा इंतजार
Bihar Politics: तेजस्वी के CM फेस पर कांग्रेस दो फाड़, पूर्व अध्यक्ष और प्रभारी आमने-सामने; सियासी हलचल तेज
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व बिहार कांग्रेस में यूं तो केंद्रीय आलाकमान ने बड़े बदलाव कर दिए, बावजूद पार्टी में सब ठीक नहीं चल रहा।
बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री का चेहरा तेजस्वी यादव होंगे या फिर कोई और इसे लेकर कांग्रेस में दो फाड़ के हालात बन गए हैं।
इस मामले में पार्टी के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डॉ. अखिलेश प्रसाद के बयान विरोधीभासी है।
मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने दिल्ली में बिहार कांग्रेस के नेताओं के साथ बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक की।
जिसमें यह सहमति बनी कि पार्टी महागठबंधन की छतरी में ही चुनाव लड़ेगी। पार्टी हाईकमान ने महागठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ने की सारी दलीलों को खारिज कर दी।
बैठक के बाद पार्टी के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने मीडिया के समक्ष बयान दिया कि पार्टी महागठबंधन के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेगी।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव बाद मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा इसका निर्णय चुनाव बाद विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। तेजस्वी के चेहरे को उन्होंने सिरे से नकार दिया था।
अखिलेश ने बयान को किया खारिजअभी उनके बयान के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने अल्लावारू के बयान को सिरे से नकार दिया।
उन्होंने कहा बिहार में राजद ताकतवर दल है। पिछला चुनाव भी तेजस्वी यादव के नेतृत्व और उनके चेहरे पर लड़ा गया था। 2025 का चुनाव भी उन्हीं के चेहरे पर लड़ा जाएगा।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा तेजस्वी यादव ही होंगे। कौन क्या कहता है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।
अलग-थलग बयान नजर आए- दिल्ली में दिए अखिलेश सिंह के इस बयान के बीच बिहार विधानसभा में भी दो कांग्रेस नेता इस मुद्दे पर अलग-थलग नजर जाए।
- कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने कहा मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा यह पार्टी हाईकमान तय करेगा।
- उनके बयान को पार्टी की ही दूसरे विधायक मुन्ना तिवारी उर्फ संजय ने यह कहकर खारिज कर दिया कि तेजस्वी के अलावा मुख्यमंत्री का कोई दूसरा फेस नहीं हो सकता है।
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन बिल का विरोध कर रहे अल्पसंख्यक वर्ग संगठनों को कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया है।
एलान के बाद कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल गर्दनीबाग धरना स्थल पर भी गया और आंदोलन का समर्थन किया। प्रतिनिधिमंडल ने एक आवाज में कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग को भाजपा सरकार प्रताडि़त कर रही है।
कांग्रेस पार्टी इनके हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी। कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार स्वयं धरना में शामिल नहीं हुए।
उन्होंने बयान देकर कहा कि दिल्ली से पटना लौटने पर इमारत ए शरिया सहित तमाम संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात और उनकी बातों को उचित मंच से उठाएंगे।
इधर धरना को समर्थन देने बिहार कांग्रेस से प्रतिनिधिगण शामिल हुए जिनमें विधायक प्रतिमा दास, राजेश राठौड़, उमेर खान, मिन्नत रहमानी सहित अन्य नेताओं के नाम है।
यह भी पढ़ें-
Patna News: पटना में बने एक-एक घरों की होगी जांच, आ गया नीतीश सरकार का नया आदेश
'हम आखिरी दम तक...', पटना में वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन में पहुंचे लालू और तेजस्वी यादव
Patna News: पटना में बने एक-एक घरों की होगी जांच, आ गया नीतीश सरकार का नया आदेश
राज्य ब्यूरो, पटना। शहर में नक्शे और नियमों के अनुरूप इमारतों का निर्माण हुआ है या नहीं, सरकार इसकी जांच कराएगी। इसमें देखा जाएगा कि फर्श क्षेत्र अनुपात (एफएआर) का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
विधान परिषद में तारांकित प्रश्न के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने यह जानकारी दी।
सदस्य सौरभ कुमार ने पूरक प्रश्न के जरिए राजधानी में बने भवनों में एफएआर के उल्लंघन का मामला उठाया था।
इसका उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि विभाग के वरीय अधिकारियों की टीम बनाकर एफएआर के स्तर पर इमारतों की जांच की जाएगी।
सबसे पहले सगुना मोड़ से दानापुर स्टेशन तक बने भवनों की इस मानक पर जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही विभाग के स्तर पर यह निर्देशित भी किया जाएगा ताकि भविष्य में भी इस तरह का उल्लंघन न हो।
डॉ. संजीव कुमार सिंह ने दानापुर में नारियल घाट से तकिया पर मोड़ तक सड़कों पर डीजे व अन्य गाडि़यों के खड़े होने का प्रश्न उठाया। करबिगहिया में भी इसी तरह अतिक्रमण के कारण जाम की जानकारी दी।
इस पर मंत्री ने कहा कि वह इस मामले की फिर से जांच कराकर अतिक्रमण हटवाएंगे। अगर जरूरत हुई तो खुद भी स्थल की जांच कर कार्रवाई करेंगे।
प्रो. संजय कुमार सिंह के प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि अतिक्रमण की समस्या से निबटने के लिए राज्य के सभी शहरों में वेंडिंग जोन बनाया जाएगा, जिसमें फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित किया जाएगा।
पटना में 14 यूनिट वेंडिंग जोन का निर्माण किया गया है। कदमकुआं वेंडिंग जोन में 229 दुकानदारों को जगह दी गई है। पटना में 15 दिनों में नए वेंडिंग ज़ोन के लिए स्थल चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है।
उप महापौर की शक्तियां बढ़ाने पर होगा विचार : मंत्री- मंत्री जिवेश कुमार ने विधानपरिषद में बताया कि राज्य सरकार उप महापौर के अधिकार और शक्तियों को बढ़ाने पर विचार करेगी। विधि विभाग से परामर्श मांगते हुए इसपर विचार किया जाएगा।
- वह नीरज कुमार के अल्पसूचित प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। मंत्री ने कहा कि अभी नगरपालिका अधिनियम एक्ट के आधार पर उप महापौर को अधिकार मिला हुआ है।
- वह सशक्त स्थायी समिति के पदेन सदस्य होते हैं और मेयर की अनुपिस्थति में उनकी शक्ति का प्रयोग कर सकते हैं।
- डॉ. प्रमोद कुमार के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि गया में 53 वार्डों में गंगा जलापूर्ति हो रही है। जो इलाके छूटे हुए हैं, उन्हें फेज-3 में जलापूर्ति से जोड़ा जाएगा।
- घनश्याम ठाकुर के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि मधुबनी मेडिकल कॉलेज की जमीन अभी नगर निगम क्षेत्र में नहीं है, इसे निगम क्षेत्र में शामिल करने के लिए डीएम से प्रस्ताव मांगा गया है।
यह भी पढ़ें-
हेराफेरी करने वाले बिल्डर-डीलर को तगड़ा झटका, खरीद-बिक्री की शर्तों पर पूरी करनी होगी देनदारी
पटना के घरों से लाखों उड़ाने वालों का परिचय जान रह जाएंगे हैरान, इनसे सतर्क होना जरूरी
Patna News: सुरभि हत्याकांड में बड़ा अपडेट, पति और देवर समेत 5 की गिरफ्तारी के बाद SP ने दी नई जानकारी
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। अगमकुआं में एशिया अस्पताल की संचालिका 30 वर्षीय सुरभि राज हत्याकांड में षडयंत्र रचने और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में मृतका के पति, देवर, महिला स्टाफ, अस्पताल के एचआर हेड सहित पांच कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
इसमें मृतका के पति राकेश रौशन (अस्पताल के मालिक), रमेश कुमार उर्फ अतुल कुमार (देवर), एशिया अस्पताल में कार्यरत महिला कर्मचारी, अनिल कुमार और एचआर हेड मसूद आलम शामिल हैं। एसएसपी अवकाश कुमार ने बताया कि हम लोगों के पास परिस्थितिजन्य साक्ष्य है।
पहली नजर में लगता है हत्या का कारण पति का स्टाफ से प्रेम प्रसंग हैं, लेकिन फाइनेंशियल एंगल की भी संभावना है। अभी कई बिन्दुओं पर जांच शेष है। छानबीन की जा रही है।
प्राथमिक छानबीन में स्पष्ट है कि घटना को अंजाम देने के लिए कोई बाहर से नहीं आया था, बल्कि साजिश करने और इसे अंजाम देने वाले अंदर से ही है। पूछताछ में आरोपितों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस मसूद आलम के नार्को टेस्ट के लिए न्यायालय से अनुमति लेगी।
वहीं, मृतका के शरीर पर जख्मों को देखने से ऐसा प्रतीत हुआ कि गोली मारने से पहले संचालिका के साथ मारपीट हुई थी, फिलहाल पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
पुलिस की तफ्तीश में यह बातें भी सामने आई कि करीब डेढ़ से दो माह पूर्व पूर्व से इनके बीच मन मुटाव शुरू हुआ। फिलहाल पुलिस इस पर खुलकर कुछ भी नहीं बोल रही है।
गिरफ्तार पति के पास से मृतका का बुलेट लगा मोबाइल भी जब्त किया गया है। साथ ही कांड में एक मैक बुक, प्रो बुक, पेन ड्राइव, टोपी, सात मोबाइल, विभिन्न कंपनियों के तीन सिम व शराब की तीन बोतल बरामद हुई है। गिरफ्तार एचआर हेड से ईवीआर बरामद किया है।
एफएसएल और तकनीकी अनुसंधान के बाद हुई गिरफ्तारीसहायक पुलिस अधीक्षक अतुलेश झा ने बताया कि 22 मार्च को दिन के 4.34 बजे सूचना मिली कि अगमकुआं थाना क्षेत्र के धनुकी मोड़ स्थित एशिया हास्पिटल में गोलीबारी की घटना हुई है।
पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि हास्पिटल की संचालिका सुरभि राज को गोली मारी गई है। इलाज के क्रम में उनकी मौत हो गई।
सुरभि के पिता राजेश सिन्हा के बयान पर 23 मार्च को अगमकुआं थाना में अस्पताल के कर्मी के विरुद्ध केस दर्ज किया गया। जांच में लिए विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें टेक्निकल टीम भी शामिल थी।
एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। तीन दिनों तक हुई तकनीकी अनुसंधान और साक्ष्य संकलन से कांड में संलिप्त एशिया हास्पिटल के मालिक व मृतका के पति राकेश रौशन, वहां कार्यरत महिला कर्मी सहित अन्य स्टाफ की संलिप्तता मिली। इसके बाद पति सहित अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कई सवालों का जवाब तलाश रही पुलिस- तकनीकी साक्ष्य और जांच के बाद साक्ष्य मिटने और षड़यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तारी की गई है। पुलिस का दावा है कि उनके पास परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं, लेकिन गोली किसने मारी यह स्पष्ट नहीं हुआ।
- अस्पताल के अंदर किसने घटना को अंजाम दिया और साक्ष्यों को किसके इशारे पर नष्ट किया गया? पुलिस ऐसा क्यो कह रही है कि आरोपितों ने जांच में सहयोग नहीं किया?
- पहली नजर में प्रेम प्रसंग तो दूसरी तरफ फाइनेंशियल एंगल भी सामने आने की बात कहीं जा रही है। बरामद सिम कार्ड किसके है?
- वारदात में इस्तेमाल हथियार कहां और किसके पास हैं? ऐसे कई सवाल है जिनका पुलिस जवाब तलाश रही है।
यह भी पढ़ें-
पति ने सुरभि के पिता से क्यों बोला झूठ? इन लोगों पर जा रही शक की सुई; धीरे-धीरे सुलझ रही गुत्थी
सुरभि की किससे थी दुश्मनी, 7 गोलियां क्यों मारीं? कातिलों पर कैसे कसेगा शिकंजा, उलझन में पुलिस
Bihar News: बिहार के बच्चों में बढ़ रहा ठिगनापन, वजन और दुबलेपन को लेकर भी सामने आई नई रिपोर्ट
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के बच्चों में ठिगनापन बढ़ रहा है। लेकिन, दुपलापन और वजन में कमी की शिकायत दूर हो रही है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री साबित्री ठाकुर ने बुधवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। वह राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा के एक अतारांकित प्रश्न का उत्तर दे रही थीं।
उन्होंने बताया कि एनएफएचएस (राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण) और पोषण ट्रेकर के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि पूरे देश में बच्चों के कुपोषण के संकेतकों में सुधार हो रहा है।
क्या कहती है एनएफएचएस की रिपोर्ट- बिहार में एनएफएचएस-5 (2019-21) रिपोर्ट के अनुसार, पांच वर्ष से कम उम्र के 42.9 प्रतिशत बच्चे ठिगनापन के शिकार थे।
- दुबलापन और कम वजन के बच्चों का प्रतिशत क्रमश: 22.9 और 41 था, लेकिन इस साल फरवरी के पोषण ट्रैकर का विश्लेषण बताता है कि इस राज्य के पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में दुबलेपन की शिकायत कम हुई है।
- यह पांच साल पहले के 22.9 प्रतिशत से कम होकर 9.58 प्रतिशत पर आ गया है। इसी तरह कम वजन के बच्चों का प्रतिशत भी 41 से घटकर 24.9 प्रतिशत पर आ गया है। लेकिन, ठिगनेपन में कमी नहीं आई है।
- यह पांच साल पहले 42.9 प्रतिशत था। बढ़ कर 47.09 प्रतिशत पर आ गया है।
- उन्होंने बताया कि बच्चों को पोषणयुक्त आहार देने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कई अभियान चलाए जा रहे हैं और इसका स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव भी देखा जा रहा है।
उधर, अरवल जिले में लाखों बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा चार शिशु रोग विशेषज्ञों के भरोसे है। जिले में शिशु रोग विशेषज्ञों की भारी कमी है यहां पांचों प्रखंडों के सरकारी अस्पतालों के अलावा सदर अस्पताल में भी शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी हैं।
एसएनसीयू में तीन शिशु रोग विशेषज्ञ है, जहां केवल जन्म से 29 दिन के ही बच्चे को इलाज होता है। जिले के सभी अस्पतालों में कोल्ड डायरिया, हाइपोथर्मिया, वायरल बुखार, डायरिया, सर्दी, खांसी से पीड़ित 100 बच्चे रोजाना स्वास्थ्य जांच व इलाज के लिए आ रहे हैं।
सदर अस्पताल में प्रतिदिन 40 से 50 बच्चे इलाज करने आते हैं। सदर अस्पताल की एसएनसीयू इकाई में भी प्रतिदिन 8 से 10 नवजात भर्ती किए जा रहे हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले में 0 से 12 वर्ष आयु उम्र के बच्चों की आबादी ढाई लाख से ज्यादा है। इन बच्चों के स्वास्थ्य की जांच व इलाज के लिए सदर अस्पताल में मात्र एक शिशु रोग विशेषज्ञ कार्यरत हैं। जबकि जिले में बाल रोग विशेषज्ञों के 15 पद स्वीकृत हैं।
सदर अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों के ओपीडी के रजिस्ट्रेशन व दवा काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार लग रही है।
सिर्फ सदर अस्पताल में उल्टी, हाइपोथर्मिया, वायरल बुखार व डायरिया से पीड़ित औसतन 20 बच्चे रोजाना स्वास्थ्य जांच व इलाज के लिए आ रहे हैं।
सदर अस्पताल में आने वाले बच्चों का इलाज शिशु रोग विशेषज्ञ के अभाव में एमबीबीएस चिकित्सक अंदाज से ही करते हैं। जिससे बच्चों को बीमारी बढ़ने का खतरा बना रहता है।
11 महीने में एसएनसीयू में हुई 28 नवजात की मौतपिछले साल अप्रैल माह से इस साल फरवरी माह तक सदर अस्पताल के एसएनसीयू में 686 नवजातों का भर्ती कराया गया। जिसमें 588 स्वस्थ होकर अपने घर चले गए। 28 नवजातों की मौत हो गई और 32 भर्ती नवजातों के स्वजन बिना रेफर के ही निजी अस्पताल लेकर चले गए।
यह भी पढ़ें-
बिहार के 11 लाख से अधिक बच्चों को नहीं मिल रही लाभुक योजना की राशि, इस वजह से फंसा मामला
बिहार में एक ऐसा स्कूल जहां दो कमरों में पढ़ते करीब 200 बच्चे, पढ़ाने का अंदाज भी अनोखा
Waqf Bill Protest: 'हम आखिरी दम तक...', पटना में वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन में पहुंचे लालू और तेजस्वी यादव
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Politics: बिहार में वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ मुस्लिम संगठनों ने बुधवार को राजधानी पटना के गर्दनीबाग में धरना दिया। धरने में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) सहित आठ से अधिक संगठनों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों से मुस्लिम नेता भी पटना पहुंचे।
धरना में बड़ी संख्या में मुस्लिम नेता पहुंचे हैं। इमारत-ए-शरिया जैसे संगठनों के साथ-साथ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ पटना के गर्दनीबाग में हो रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल राजद सुप्रीमो लालू यादव।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार के इस बिल को असंवैधानिक करार देते हुए कहा, "हम आखिरी दम तक इस बिल का विरोध करेंगे। यह बिल मुसलमानों के अधिकारों का हनन करने वाला है।"
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ पटना के गर्दनीबाग में हो रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल तेजस्वी यादव ने अपनी बात रखी।
प्रदर्शन के जरिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड से भी एक संदेश और अपील की गई कि वे संसद में इस बिल का पुरजोर विरोध करें।
गर्दनीबाग में चल रहे इस प्रदर्शन ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तेज विरोध की संभावना जताई जा रही है।
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ पटना के गर्दनीबाग में हो रहे धरना-प्रदर्शन में मुस्लिम संगठन के कार्यकर्ता।
इस मौके पर तेजस्वी यादव ने कहा कि हम उनके साथ खड़े हैं। संगठनों के नेतृत्वकर्ताओं से लगातार हमारी बात होती रही है। आगे भी साथ मिलकर गैरसंवैधानिक बिल है, जो लोकतंत्र के खिलाफ है, जो भाईचारे के खिलाफ है, इससे निपटने का काम करेंगे। मुझे खुशी और गर्व है कि लालू जी का खून मेरे अंदर है।
तेजस्वी ने कहा कि आज लालू जी बीमार अवस्था में हैं। किडनी-हार्ट का ऑपरेशन हुआ, फिर भी कितनी भी सीबीआई-ईडी आई हों लालू जी ने लेकिन सांप्रदायिक शक्तियों के सामने घुटने नहीं टेके। आज भी वो आपके संघर्षों में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे हैं।
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ पटना के गर्दनीबाग में हो रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल तेजस्वी यादव।
यह भी पढ़ें
Bihar Politics: बिहार चुनाव को लेकर दिल्ली में हुई कांग्रेस की बैठक, RJD के साथ गठबंधन पर हो गया फाइनल फैसला
Bihar Politics: महागठबंधन में तकरार... NDA ने बनाई ये रणनीति, एक साथ नजर आ रहे BJP-JDU के नेता
Patna News: पटना के बापू टावर में 5 अप्रैल को होगा मगही महोत्सव का भव्य आयोजन, कई स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मौका
जागरण संवाददाता, पटना। Patna News: बिहार की राजधानी पटना में आगामी 5 अप्रैल को मगही भाषा, साहित्य-संस्कृति-सिनेमा, लोक कला, लोक गायन, इतिहास-पुरातत्व का एक दिवसीय उत्सव आयोजित होने जा रहा है। यह महोत्सव पटना के गर्दनीबाग स्थित बापू टावर में आयोजित किया जाएगा, जो सुबह 9 बजे से शुरू होकर शाम 7 बजे तक चलेगा।
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य मगही लोक भाषा, साहित्य, संस्कृति और संगीत में विमर्श को बढ़ावा देना है। आयोजन में विभिन्न सांस्कृतिक और बौद्धिक कार्यक्रमों के जरिए मगही की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
कार्यक्रमों का विवरणमगही महोत्सव में कई रोचक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसमें विमर्श और परिचर्चा के सत्र होंगे, जहां मगही भाषा और साहित्य पर गहन चर्चा होगी। इसके अलावा युवा संवाद का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें नई पीढ़ी को मगही संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
लोक गायन और मगही कवि सम्मेलन के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। साथ ही, अभिभाषण और लोक नृत्य जैसे कार्यक्रम इस महोत्सव को और भी रंगीन बनाएंगे। मगध क्षेत्र की मूर्तिकला, चित्रकला, पटना कलम, टिकुली पेंटिंग और बावनबूटी का लाइव डेमो भी होगा।
मगही हस्ताक्षरों की रहेगी मौजूदगीइस आयोजन में मगही भाषा और साहित्य के क्षेत्र में देश और प्रदेश में कार्यरत प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। सभी गणमान्य लोग अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे, जिससे मगही संस्कृति के प्रति लोगों का जुड़ाव और गहरा होगा।
इस महोत्सव के जरिए मगही भाषा को न केवल संरक्षित करने बल्कि इसे व्यापक स्तर पर प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह आयोजन मगही भाषा के माध्यम से मातृभाषा और संस्कृति के प्रति रुचि रखने वालों के लिए एक सुनहरा अवसर होगा। मगही भाषी लोगों से अपील की गई है कि वे इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपनी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाएं।
Railway News: बिहार संपर्क क्रांति सहित 14 ट्रेनों के रूट बदले, जनसेवा और गरीबरथ को लेकर भी अपडेट
जागरण संवाददाता, पटना। लखनऊ मंडल के गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर निर्माण कार्य होने के कारण बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस सहित 14 ट्रेनों का मार्ग बदला गया। 29 मार्च को दरभंगा से खुलने वाली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग गोरखपुर, बस्ती, गोंडा के स्थान पर परिवर्तित मार्ग गोरखपुर-बढ़नी, गोंडा के रास्ते चलेगी।
वहीं, 29 मार्च को खुलने वाली मुजफ्फरपुर, आनंद विहार टर्मिनस सप्तक्रांति एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग गोरखपुर-बस्ती, गोंडा के स्थान पर परिवर्तित मार्ग गोरखपुर-बढ़नी-गोंडा के रास्ते चलाई जाएगी।
दरभंगा से 29 मार्च को खुलने वाली नई दिल्ली क्लोन स्पेशल गोरखपुर, बढ़ती-गोंडा के रास्ते चलेगी। मार्ग परिवर्तन के दौरान इस गाड़ी का ठहराव बस्ती में नहीं होगा। वहीं, बरौनी से 29 मार्च को खुलने वाली क्लोन स्पेशल ट्रेन गोरखपुर-बढ़नी-गोंडा के रास्ते जाएगी।
मार्ग में बदलाव के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव बस्ती स्टेशन पर नहीं होगा। नई दिल्ली से 29 मार्च को खुलने वाली क्लोन स्पेशल गोंडा-बढ़नी-गोरखपुर के रास्ते चलेगी।
आनंद विहार टर्मिनस से 29 मार्च को खुलने वाली आनंद विहार टर्मिनस-मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग गोंडा-बस्ती-गोरखपुर के स्थान पर परिवर्तित मार्ग गोंडा-बढ़नी-गोरखपुर के रास्ते चलाई जाएगी। इसके अलावा रेलवे की ओर से अमृतसर-कटिहार एक्सप्रेस, काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस, नई दिल्ली-बरौनी क्लोन स्पेशल, पूर्णिया-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस (Janseva Express), सहरसा से खुलने वाली गरीबरथ के मार्ग में परिवर्तन किया गया है।
पटना-मुंबई सुपरफास्ट में आज से साधारण श्रेणी का एक कोच बढ़ेगाभारतीय रेलवे ने यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पटना से मुम्बई जाने वाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस में साधारण श्रेणी का एक कोच बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा पटना से आनंद विहार स्पेशल ट्रेन में भी साधारण श्रेणी का एक कोच बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
अब दोनों ट्रेन 21 के बदले 22 कोच के साथ पटना से रवाना होंगी। रेलवे का नया आदेश 26 मार्च से लागू कर दिया जाएगा। इससे राज्य के यात्रियों को काफी लाभ होगा।
गोरखपुर, छपरा, बरौनी के रास्ते आज चलेगी काठगोदाम स्पेशल ट्रेनगोरखपुर, छपरा, बरौनी, कटिहार, मालदा टाउन के रास्ते काठगोदाम और ठाकुरनगर के मध्य स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर रेलवे ने यह कदम उठाया है। काठगोदाम स्पेशल ट्रेन का परिचालन 26 एवं 29 मार्च को किया जाएगा।
काठगोदाम-ठाकुरनगर स्पेशल ट्रेन का परिचालन की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। यह ट्रेन बुधवार को काठगोदाम से 10 बजे प्रस्थान करेगी।
ये भी पढ़ें
Indian Railways: बिहार को मिल गया एक और नया रेलवे स्टेशन, बेगूसराय से लेकर पटना तक जाना होगा आसान
Bihar Bullet Train: गया में 43 गांवों से गुजरेगी बुलेट ट्रेन, आ गया नया रूट चार्ट
Bihar Weather Today: बिहार में अब दिखेगा गर्मी का रौद्र रूप, बाहर निकलना होगा मुश्किल; IMD की चेतावनी
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार में गर्मी अब धीरे-धीरे लू का रूप लेने लगेगी।मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले अगले 48 घंटे में कई जिलों का पारा 35 डिग्री के पार पहुंचेगा। धूल भरी गर्म हवा लोगों को परेशान करेगी। इस दौरान लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है।
बक्सर सबसे गर्म रहामौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार राजधानी समेत प्रदेश के अधिसंख्य भागों के अधिकतम व न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी का अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस के साथ 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 37.7 डिग्री सेल्सियस के साथ बक्सर सबसे गर्म रहा।
डेहरी, नालंदा व मुंगेर को छोड़ कर पटना सहित कई जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस जबकि 15.0 डिग्री सेल्सियस के साथ पूसा समस्तीपुर का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
अगले 5 दिन तक चढ़ेगा पारापटना व आसपास इलाकों में शाम में आंशिक रूप से बादल छाए रहे। सुबह-शाम मौसम सामान्य बना रहा। अगले पांच दिनों के दौरान राजधानी का अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस के आसपास व न्यूनतम तापमान 20-23 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।
प्रमुख शहरों के तापमान में वृद्धि बक्सर के अधिकतम तापमान में 3.2 डिग्री, गया में 1.3 डिग्री, औरंगाबाद में एक डिग्री, अरवल व सासाराम में 0.9 डिग्री, भोजपुर में एक डिग्री, छपरा में 0.6 डिग्री, वैशाली में 1.1 डिग्री, पूसा में 1.3 डिग्री, दरभंगा में 2.3 डिग्री, मधेपुरा में 1.4 डिग्री, पूर्णिया में 1.1 डिग्री, मुजफ्फरपुर में 1.6 डिग्री, गोपालगंज में 0.6 डिग्री, बांका में 1.4 डिग्री, किशनगंज में 0.9 डिग्री, फारबिसगंज में 1.2 डिग्री, मधेपुरा में 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
भागलपुर में चढ़ने लगा पाराभागलपुर शहर में धूप निकलने से लगातार तापमान बढ़ रहा है। सोमवार को अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान एक-एक डिग्री बढ़ गया। जिससे गर्मी का अहसास ज्यादा हुआ। हालांकि, सुबह के समय पश्चिमी हवा से हल्की ठंड का अहसास होगा। बिहार मौसम सेवा के अनुसार अगले 24 घंटे के अंदर राज्य के अधिकांश भागों में आसमान साफ रहेगा।
हल्के गति से पछुआ के साथ तेज धूप निकलेगी। तापमान में वृद्धि होगी। बिहार कृषि विश्वविद्यालय की मौसम विज्ञानी डा. नेहा पारीक ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
77 प्रतिशत आद्रता के साथ 4.9 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पश्चिमी हवा चल रही है। बीच-बीच में हवा की गति तेज हो सकती है। फिलहाल मौसम ऐसा ही बना रहेगा।
ये भी पढ़ें
Bihar Weather Today: बारिश के बाद भीषण गर्मी के लिए रहें तैयार, दो दिन बाद तेजी से बढ़ेगा तापमान
Bihar Police: अब पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 25 साल तक मिलेगा अनुदान, हो गई बड़ी घोषणा
राज्य ब्यूरो, पटना। सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर अब पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 25 साल तक अनुदान योजना का लाभ मिलेगा।
पहले आश्रितों को 20 वर्षों तक के लिए अनुदान राशि दी जाती थी। डीजीपी विनय कुमार की अध्यक्षता में गठित बिहार पुलिस की केंद्रीय प्रशासी समिति ने इस निर्णय पर मुहर लगा दी है।
समिति ने निर्णय लिया है कि अनुदान की राशि अब कुल राशि के आधार पर तय की जायेगी। कोर्स की राशि 10 हजार रुपये होने तक प्रति सेमेस्टर 100 प्रतिशत राशि का भुगतान होगा।
नये पाठ्यक्रम लेने पर भी अनुदान का मिलेगा लाभमगर कोर्स फी 10 हजार से एक लाख रुपये होने पर कुल राशि का 50 प्रतिशत, कोर्स फी एक लाख से दो लाख रुपये होने पर कुल राशि का 40 प्रतिशत, दो लाख रुपये से तीन लाख रुपये होने पर कुल राशि का 30 प्रतिशत और तीन लाख रुपये से अधिक होने पर प्रति कोर्स फी का प्रति सेमेस्टर 20 प्रतिशत अनुदान राशि का भुगतान किया जायेगा।
पहले विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए निर्धारित शुल्क के आधार पर अनुदान राशि दी जाती थी। नई व्यवस्था में पुलिसकर्मियों के आश्रितों को नये पाठ्यक्रम लेने पर भी अनुदान का लाभ मिलेगा।
लापरवाही पर होंगे निलंबित : डीजीपीडीजीपी विनय कुमार ने राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एससी-एसटी एक्ट) के मामलों की जांच में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलों के अनुसूचित जाति-जनजाति थानों के साथ ही सामान्य थानों में इस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का अनुसंधान 60 दिनों में पूर्ण किया जाए।
मामलों को लटकाए रखने वाले जांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा। वह मंगलवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में इस विषय पर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-संवेदीकरण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
इस कार्यशाला का आयोजन सीआइडी (कमजोर वर्ग) और बिहार सरकार के अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग ने संयुक्त रूप से किया था।
बिहार में हर साल अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत औसतन छह से सात हजार केस दर्ज किए जाते हैं, लेकिन इन मामलों के अभियुक्तों को सजा दिलाने की रफ्तार कम है।
वर्ष 2023-24 में दर्ज मामलों में सजा दिलाने का औसत 10 प्रतिशत से भी कम रहा है। डीजीपी ने निर्देश दिया कि एससी-एसटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में दोषियों को सजा दिलाने की गति में तेजी लाएं।
दर्ज कराए जाते हैं कई फर्जी मामले- उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां सभी 40 पुलिस जिलों में अनुसूचित जाति-जनजाति थाने कार्यरत हैं, जबकि देश के विभिन्न राज्यों के महज 140 जिलों में ही अनुसूचित जाति-जनजाति थाने कार्यरत हैं।
- बिहार के सभी जिलों में अनुसूचित जाति-जनजाति थानों के कार्यरत रहने के कारण यहां अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कानून के तहत दर्ज होने वाले मुकदमों की संख्या भी देश के अन्य राज्यों से अधिक है।
- इसमें कई फर्जी मामले भी दर्ज कराए जाते हैं। उन्होंने मुकदमों की जांच से जुड़े अधिकारियों को ऐसे फर्जी मामलों की जांच कर उनका तत्काल निपटारा करने का भी निर्देश दिया।
- मौके पर सीआइडी के एडीजी पारसनाथ, कमजोर वर्ग के एडीजी अमित कुमार जैन, एससी-एसटी कल्याण विभाग के सचिव देवेश सेहरा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें-
इधर राजद का जोरदार हंगामा; रिपोर्टर टेबल पलटने की कोशिश, उधर नीरज ने दिखाई तेजस्वी की तस्वीर
Nitish Kumar: 'ई बेचारी को कुछ आता है', राबड़ी पर भड़के नीतीश और सदन में हरी टी-शर्ट बन गई मुद्दा
Bihar Politics: बिहार चुनाव को लेकर दिल्ली में हुई कांग्रेस की बैठक, RJD के साथ गठबंधन पर हो गया फाइनल फैसला
राज्य ब्यूरो, पटना। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में बिहार कांग्रेस के नेताओं के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
बैठक में केसी वेणुगोपाल, मीरा कुमार, तारिक अनवर, रंजीत रंजन, कृष्णा अल्लावारू, राजेश कुमार के साथ डा. अखिलेश प्रसाद सिंह, डॉ. शकील अहमद, मदन मोहन झा समेत दूसरे नेता शामिल रहे।
बैठक में सहमति बनी है कि पार्टी बिहार में राजद व महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी और भाजपा-जदयू को पराजित करेगी।
बैठक में खरगे ने बिहार के नेताओं को टास्क सौंपा कि चुनावी वर्ष में पार्टी के नेता मुख्यालय से बाहर निकलें और जिले और विधानसभा क्षेत्र में समय बिताएं। जनता से संवाद करें। उन्होंने जोर दिया कि जनता के बीच जाए बगैर और उनकी समस्याओं को समझे बिना चुनाव में जीत संभव नहीं।
क्या बोले राहुल गांधी?राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के पलायन, रोजगार, नौकरी, अपराध, भ्रष्टाचार को लेकर पार्टी नेता मुखर हो और प्रत्येक प्लेटफार्म पर इन मुद्दों को उठाएं। बैठक के दौरान उन्होंने बिहार के राजनीतिक हालातों पर भी पार्टी नेताओं से बात की।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने नेताओं से कहा कि लोग आपसी बैर भूलकर संगठन की मजबूती के लिए कार्य करें और चुनाव जीतने के लक्ष्य के साथ अपनी तैयारियों में जुट जाएं।
बैठक में प्रो रामजतन सिन्हा, सुशील पासी, शाहनवाज आलम, देवेंद्र यादव, डॉ जावेद, मनोज कुमार, चंदन यादव, पूनम पासवान, तौकीर आलम सहित सभी विधायक और बिहार के वरिष्ठ नेतागण मौजूद रहें।
कांग्रेस बिहार में एकला चलो की राह पर है : राजेश लिलौटिया- अखिल भारतीय कांग्रेस अनुसूचित जाति (एससी) विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश लिलौटिया पटना में आयोजित दलित युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पटना पहुंचे गए हैं।
- कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस के एससी विभाग ने किया है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान राजेश लिलौठिया ने कहा कि कांग्रेस बिहार में एकला चलो की राह पर है।
- कांग्रेस ने बिहार में बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में पूरे अपने कार्यकर्ताओं और पूरे विंग को लगा दिया है। एक तरफ दिल्ली में राहुल गांधी बड़े नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं।
- वहीं कल, कांग्रेस पटना में दलित सम्मेलन करने जा रही है। उन्होंने चिराग पासवान पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग दलित की राजनीति करते हैं, लेकिन भाजपा की गोद में जाकर बैठ गए हैं।
- फिर ये दलित की राजनीति कैसे कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा चुनाव हो या चुनाव नहीं हो दलितों के लिए खड़ी रहती है और आगे भी खड़ी रहेगी।
यह भी पढ़ें-
Bihar Politics: महागठबंधन में तकरार... NDA ने बनाई ये रणनीति, एक साथ नजर आ रहे BJP-JDU के नेता
Pages
