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Bihar: DEO और DPO पर लटक रही कार्रवाई की तलवार! शिक्षा विभाग ने मार्च खत्म होने से पहले दे दी अंतिम चेतावनी

Dainik Jagran - March 25, 2025 - 8:06pm

राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा विभाग ने एसी-डीसी बिल जमा नहीं करने वाले जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

31 मार्च से पहले एसी-डीसी बिल विपत्र जमा करना अनिवार्य है। साथ ही, शिक्षा विभाग ने विभिन्न योजनाओं की राशि के वाउचर या चालान जमा करने का निर्देश दिया है।

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को स्पष्ट तौर से कहा है कि विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में वित्तीय प्रबंधन को प्राथमिकता देनी होगी।

साथ ही, खर्च राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र समय से देना होगा। इसमें देरी होने का मतलब है कि एसी-डीसी बिल को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।

बता दें कि राज्य में स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर खर्च 737.44 करोड़ का हिसाब नहीं मिल रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को सप्ताह भर के अंदर एसी-डीसी बिल देने को कहा है।

अवकाश के दिन भी शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश
  • सभी हाइस्कूलों के प्रधानाध्यापक एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों को 31 मार्च तक रविवार एवं अन्य विभागीय अवकाश के दिन भी विद्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
  • इससे संबंधित निर्देश शिक्षा विभाग के सचिव द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिया गया। विदित हो कि इन स्कूलों में एफटीटीएच ब्राडबैंड कनेक्टिविटी बीएसएनएल के माध्यम से दी जाएगी।
  • इसके लिए सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को अवकाश के दिन भी विद्यालय खुला रखने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश 31 मार्च तक प्रभावी होगा।
शिक्षा विभाग ने गलत जीएसटी वाली एजेंसी को किया 25 लाख का भुगतान

मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न स्कूलों में सबमर्सिबल, बेंच डेस्क व प्रीफैब स्ट्रक्चर में गड़बड़ी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना ने गलत जीएसटी वाली एजेंसी को लाखों रुपये का भुगतान किया है। ऑडिट टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के इस अनियमितता को पकड़ा है।

टीम ने ऐसी एजेंसी को कार्य आवंटित किए जाने पर भी सवाल खड़ा किया है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की बैठने की समस्या पर तत्कालीन अपर मुख्य सचिव ने तत्काल प्री फैब स्ट्रक्चर के निर्माण का आदेश दिया था।

इस पर जिले के विभिन्न स्कूलों में इसका निर्माण कराया गया। विभाग ने एजेंसी को कार्य आवंटन कर दिया। बिना गुणवत्ता जांच किए भुगतान भी किया गया है।

इसी कड़ी में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने 18 मार्च 2024 को बच्चों को बैठने के लिए प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में प्री फैब के लिए अशोक कुमार एजेंसी का 25 लाख का बिल पारित किया गया।

ऑडिट टीम ने कार्यालय के कागजात की जांच की। इसमें पाया कि अशोक कुमार एजेंसी के अभिश्रव में जो जीएसटी संख्या का उल्लेख है वह गलत है।

गलत जीएसटी संख्या वर्णित होने के बाद भी इस एजेंसी का प्री फैब स्ट्रक्चर निर्माण के लिए क्यों चयन किया गया? आडिटर ने पूछा कि बिना उचित जीएसटी पंजीकरण के प्री फैब स्ट्रक्चर के लिए कार्य क्यों दिया गया?

इस संबंध में लेखापरीक्षा को अवगत कराया जाए। आडिट आपत्ति का जवाब देने में शिक्षा अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं, क्योंकि हर स्तर पर गड़बड़ी हुई है।

ऑडिटर रिपोर्ट आने के बाद से जिलाधिकारी के स्तर से गठित जांच टीम की रिपोर्ट पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई शिक्षकों ने कहा अधिकारियों को बचाने का काम किया जा रहा है।

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Bihar Politics: इधर राजद का जोरदार हंगामा; रिपोर्टर टेबल पलटने की कोशिश, उधर नीरज ने दिखाई तेजस्वी की तस्वीर

Dainik Jagran - March 25, 2025 - 7:42pm

राज्य ब्यूरो, पटना। जाति आधारित गणना की रिपोर्ट के आधार पर बिहार में आरक्षण के बढ़े दायरे को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर राजद के विधायकों ने विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान खूब हंगामा किया। उधर, विधान परिषद में जदयू सदस्य की ओर से तेजस्वी यादव की तस्वीर दिखाए जाने को लेकर हंगामा हो गया।

आरक्षण के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के नेतृत्व में राजद पार्षदों ने विधान परिषद का बहिष्कार कर मुख्य द्वार पर दिया धरना। फोटो- जागरण

विधानसभा में हरी टी-शर्ट पहनकर आए राजद विधायक

हरे रंग की टी शर्ट पहनकर आए राजद विधायक इस मसले पर विशेष चर्चा की मांग कर रहे थे। अनुमति नहीं मिलने पर अध्यक्ष के आसन के सामने (वेल में) पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। उस समय शून्यकाल शुरू हुआ था।

रिपोर्टर टेबल पलटने की भी कोशिश की गयी। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दिया। इस वजह से ध्यानाकर्षण के तहत ली जाने वाली सूचनाएं नहीं ली जा सकीं।

राजद के लोग सब्जबाग दिखा रहे

इस हंगामे के बीच जल संसाधन व संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी अपनी सीट से उठे और कहा राजद के लोग हरे रंग की टी शर्ट पहन जनता को सब्जबाग दिखा रहे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहल कर जाति आधारित गणना करायी। इसके बात आरक्षण के दायरे को उस रिपोर्ट के आधार पर बढ़ाया गया। यह फैसला भी नीतीश कुमार का था।

बिहार विधानसभा के मुख्य द्वार पर आरक्षण के मुद्दे पर राजद विधायकों के प्रदर्शन के बीच सदन पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। फोटो- जागरण

जिस समय यह निर्णय हुआ उस समय एनडीए की ही सरकार थी। राजद की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग तो कुछ ही समय के लिए आए थे।

अभी स्थिति यह है कि जो कानून अस्तित्व में नहीं है उसे नौवीं अनुसूची में कैसे शामिल किया जा सकता है। पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट में गयी है। सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के इंतजार में है।

बिहार विधानसभा के मुख्य द्वार पर आरक्षण के मुद्दे पर विपक्षी विधायकों के प्रदर्शन में फंसे उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया मजाक। फोटो- जागरण

नीरज ने सदन में दिखाई तेजस्वी की इफ्तार पार्टी की तस्वीर, हंगामा

विधान परिषद की दूसरी पाली में जदयू सदस्य नीरज कुमार ने पूर्णिया में आयोजित इफ्तार पार्टी में तेजस्वी यादव की तस्वीर सदन में दिखाते हुए विपक्ष से जवाब मांगा।

नीरज ने कहा कि इस पार्टी में राजद के विधानपार्षद कारी सोहैब भी थे। तेजस्वी यादव जिस पार्टी में थे, वहां कट्टा रखा हुआ था, जिसे पुलिस वाला तौलिया रख ढक देता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता अपराध प्रायोजित कराते हैं। इस पर राजद के सुनिल कुमार सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिचकारी को पिस्तौल बताया जा रहा है।

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Bihar Politics: 50 लाख रोजगार देगी नीतीश सरकार, बिहार में प्रमंडल स्तर पर होने जा रहा नया काम

Dainik Jagran - March 25, 2025 - 7:12pm

राज्य ब्यूरो, पटना। विधान परिषद में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का अगला लक्ष्य 50 लाख लोगों को रोजगार देना है। राजद सरकार में 1990 से 2005 के बीच महज 94 हजार रोजगार दिए गए।

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने वर्ष 2005 से 2020 तक साढ़े सात लाख और 2020 से अब तक दस लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी है।

विनियोग विधेयक बजट पर सरकार का पक्ष रखते हुए सम्राट ने बताया कि राज्य में प्रमंडल स्तर पर खेल गांव का निर्माण किया जाएगा। सात हजार पंचायतों में मैदान का निर्माण किया जा रहा है।

पंचायतों में स्पोर्ट्स क्लब का गठन किया और खेल सामग्री भी दी जाएगी। इसके साथ ही प्रखंडों में 350 डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। सरकारी डेटा और वेबसाइट की सुरक्षा के लिए डेटा डिजास्टर रिकवरी सेंटर बनाया जाएगा।

बिहार को मिला 7.80 लाख पीएम आवास

उपमुख्यमंत्री सम्राट ने कहा कि एनडीए सरकार में हर क्षेत्र में काम हुआ है। वर्ष 2005 में राज्य की 54.4 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे थी मगर अब महज 33 प्रतिशत लोग ही गरीबी रेखा के नीचे हैं।

उस समय स्कूलों में ड्राप आउट का प्रतिशत 60 था जो अब घटकर 20 प्रतिशत के आसपास रह गया है। यूपीए सरकार में बिहार को केंद्र से दो लाख 79 हजार करोड़ की मदद मिली थी।

वहीं वर्ष 2014 से अब तक केंद्र सरकार ने साढ़े 13 लाख करोड़ की मदद की है। पहले राज्य को दो लाख 45 हजार प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिली थी मगर मुख्यमंत्री के आग्रह के बाद अब सात लाख 80 हजार पीएम आवास बिहार को मिलेगा।

लालू ने कभी नहीं पूछा- क्या काम हो रहा है

सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्होंने लालू प्रसाद के साथ भी काम किया है। वह मंत्री से कभी नहीं पूछते थे कि क्या काम हो रहा है, मगर नीतीश कुमार के राज में रोज पूछा जाता है कि क्या काम किए हैं, कौन सा काम हो रहा है।

2005 में एनडीए को खटारा बिहार मिला था मगर आज गली-गली में मर्सडीज घूमने वाला बिहार बन गया है। विपक्ष की टीका-टिप्पणी का जवाब देते हुए सम्राट ने कहा कि कीचड़ फेकेंगे तभी तो कमल खिलेगा।

जिस पार्टी के नेता नौकरी और विधायक का टिकट देने के लिए जमीन लिखवाते हैं, उनके बारे में क्या कहा जाए। उन्होंने बताया कि बिहार में आजादी के पहले और उसके बाद भी मेडिकल कॉलेज खुले मगर 1980 से 2005 तक एक भी मेडिकल कालेज नहीं खुला।

वर्ष 2008 के बाद बेतिया, पावापुरी, पूर्णिया, मधेपुरा, समस्तीपुर, छपरा समेत कई जिलों में मेडिकल कालेज खोला गया है।

विपक्ष से बोले सीएम, आपलोगों ने कोई काम नहीं किया
  • विधान परिषद में सम्राट चौधरी के बयान के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए विपक्षी सदस्यों की टीका-टिप्पणी का जवाब दिया।
  • सीएम ने सवालिया लहजे में पूछा- आपलोग कोई काम किए हैं? आपलोग के जाने के बाद से ही तो काम हो रहा है। पहले शाम में कोई घर से बाहर नहीं निकलता था। रास्ता नहीं था आने-जाने का।
  • उन्होंने सम्राट चौधरी से कहा कि पूरी बात ठीक से बताइए। सम्राट चौधरी के भाषण के अंतिम चरण में विपक्षी सदस्य सदन से बाहर चले गए। इसके बाद सदन ने सर्वसम्मति से विनियोग विधेयक को स्वीकृति दे दी।

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Patna News: पटना वीमेंस कॉलेज के बाहर फायरिंग, अफरातफरी में एक युवक घायल

Dainik Jagran - March 25, 2025 - 6:57pm

जागरण संवाददाता, पटना। नेहरू पथ पर स्थित पटना वीमेंस कॉलेज के सामने मंगलवार हवाई फायरिंग से अफरातफरी मच गई।

भागने के दौरान एक युवक घायल हो गया। फायरिंग की सूचना मिलते ही कोतवाली थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहीं घायल को पीएमसीएच भेजा गया है।

पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दरअसल पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव होना है। इसके लिए वीमेंस कॉलेज के बाहर भी चुनाव का माहौल दिखने लगा है। छात्र अपने कैंडिडेट के लिए चुनाव प्रचार में भी जुट गए है।

इसी बीच मंगलवार की दोपहर कॉलेज के पास खड़ी कार के पास कुछ छात्र आपस में भिड़ गए। कार के पास ही अचानक फायरिंग हो गई। हालांकि थाना पुलिस इस संबंध में किसी प्रकार का बयान देने से बचते रही।

नोट- इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

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Nitish Kumar: 'ई बेचारी को कुछ आता है', राबड़ी पर भड़के नीतीश और सदन में हरी टी-शर्ट बन गई मुद्दा

Dainik Jagran - March 25, 2025 - 6:44pm

राज्य ब्यूरो, पटना। विधान परिषद में मंगलवार को आरक्षण का मुद्दा तो अब्दुल बारी सिद्दीकी ने उठाया, लेकिन उनकी एक-दो पंक्तियों के बाद सबसे आक्रामक आवाज सुनिल कुमार सिंह की हो गई।

हरे रंग की टी-शर्ट पहन सदन पहुंचे राजद के सदस्यों की मांग विधान मंडल द्वारा पारित 65 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी बनाने और उसे संविधान की नौवीं अनुसूची में सम्मिलित करने की थी। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी विपक्ष का नेतृत्व कर रही थीं।

हंगामा बढ़ा तो प्रतिक्रिया के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उठ खड़े हुए। राबड़ी से थोड़ी नोकझोंक हुई और उसके बाद कार्यवाही का बहिष्कार कर राजद के सदस्य सदन से बाहर चले गए।

सभापति का कहना था कि विपक्ष नहीं चाहता कि सदन चले, लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं होगी। चूंकि यह मुद्दा नियमत: नहीं उठाया गया, इसलिए कार्यवाही में सम्मिलित नहीं होगा।

आरक्षण पर नारेबाजी, पूछा- आगे की क्या योजना है?

राजद के सारे सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर आरक्षण के पक्ष और सरकार के विरोध में नारे लगाने लगे। प्रतिक्रिया में सत्ता पक्ष से भी आवाज मुखर हुई। अनिल कुमार, संजय सिंह आदि उठ खड़े हुए।

इसी बीच सदन में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मुसलमानों को दिया जा रहा उपहार भी जुमला और हवा-हवाई है। सिद्दीकी ने कहा कि आरक्षण कानून बनाने वाले नेताओं को गाली सुननी पड़ रही है, क्योंकि यह प्रभावी नहीं हुआ।

आरक्षण का जो हमारा अधिकार है, उसे हम छोड़ेंगे नहीं। सुनिल का आरोप था कि सरकार उच्चतम न्यायालय में पक्ष रख पाने में असफल है। मुख्यमंत्री से विपक्ष जानना चाहता है कि आगे की योजना क्या है।

सदन में रहना है तो शांत रहिए : स्पीकर
  • प्रश्न-काल का हवाला देते सभापति ने कहा कि आपका मुद्दा नियमानुकूल नहीं। सदन में रहना चाहते हैं तो शांत रहिए, अन्यथा जाइए।
  • इस पर काफी हंगामा हुआ फिर मुख्यमंत्री उठे और बोले कि विपक्ष के हर प्रश्न का उत्तर मिलेगा।
  • वे राजद सदस्यों की टी-शर्ट पर लिखे वाक्यों को पढ़ने लगे। उसमें तेजस्वी सरकार और आरक्षण चोर आदि वाक्यांश थे।
नीतीश-राबड़ी ने क्या कुछ कहा?

मुख्यमंत्री ने उन शब्दों पर आपत्ति जताई। सीएम ने कहा कि राजद की यही संस्कृति है। तब तक राबड़ी देवी उठ खड़ी हुईं, तो नीतीश बोले, तोरा कौन चीज है, जो है, सब हसबैंड का है। तू बैठ जा।

ई बेचारी को कुछ आता है, इसको तो ऐसे ही मुख्यमंत्री बना दिया, जब रिप्लेस हो रहे थे तो इसे ऐसे ही बना दिया। ई लोग जो कर रहे हैं, क्या मतलब है।

हम तो आप ही से पूछ रहे कि काहे के लिए ये पहनकर आए हैं। सब फालतू की चीज है। इस पर राबड़ी बोलीं कि इन लोगों की पार्टी के लोग टोपी-गमछा डाले दोनों सदनों में पहुंचे थे। सब लोगों ने देखा है।

कहासुनी बढ़ी तो उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मोर्चा संभाला। बोले कि 65 प्रतिशत आरक्षण सर्वसम्मति से पारित हुआ है और सरकार उसके लिए कृत संकल्पित है। मामला न्यायालय में है, लिहाजा न्यायालय को ही तय करने दिया जाए।

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Bihar Bijli: 'नकली नहीं; असली बिजली चाहिए', जब मुख्यमंत्री को रोककर गांववालों ने रख दी थी अजीब डिमांड

Dainik Jagran - March 25, 2025 - 6:20pm

भुवनेश्वर वात्स्यायन, पटना। बात 2008 के आखिरी महीने की है। मुख्यमंत्री अपने आवासीय कार्यालय परिसर में बने हाल में बिजली से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन के क्रम में बिजली से जुड़े एक रोचक किस्से को सुनाया था। दैनिक जागरण के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यादों के झरोखे से आपके लिए यहां पेश हैं उसके अंश।

उन्होंने बताया कि वह जहानाबाद के एक इलाके में जा रहे थे। ग्रामीणों ने बिजली के मसले पर उन्हें रोक लिया। मुख्यमंत्री को बात में समझ में नहीं आई। एक ग्रामीण को उन्होंने अपनी कार के पास बुलवाया और बिजली के लिए समझाने की कोशिश शुरू की।

ग्रामीण बोला- असली बिजली चाहिए

ग्रामीण ने कहा कि बिजली मिली है पर वह नकली बिजली है, उन्हें असली बिजली चाहिए। मुख्यमंत्री हैरत में पड़े गए। नकली बिजली की बात तो उन्होंने कभी सुनी भी नहीं थी। तुरंत पूछा नकली बिजली? दरअसल, जिस गांव के लोगों ने उन्हें रोका था उस गांव में सोलर सिस्टम के माध्यम से बिजली गई थी।

ग्रामीण उसे नकली बिजली बता रहे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें समझाया कि यही असली बिजली है। आज स्थिति यह है कि बिहार में सोलर एनर्जी से जुड़े प्लांट तेजी से अस्तित्व में आ रहे हैं। असली बिजली के रूप में यह स्थापित हो रहा है। बिजली की मांग की यह कहानी एक प्रतीक के रूप में रही है बिहार में।

किस तरह से लोग बिजली के नहीं रहने से परेशान रहा करते थे और इसकी मांग को लेकर उन्हें मुख्यमंत्री को रोकने में भी गुरेज नहीं था। दैनिक जागरण जब बिहार में आया तब समाचार पत्र ने लोगों की इस महत्वपूर्ण मांग को स्वर दिया।

बिजली पानी के लिए सड़क जाम तब रूटीन आंदोलनों में शुमार था
  • वर्ष 2007-08 तक बिहार में बिजली-पानी के लिए सड़क जाम एक रूटीन आंदोलनों के रूप में शुमार था। बिजली की मांग को लेकर आम लोगों का यह आंदोलन पटना में भी खूब था।
  • जागरण ने लोगों की इस बड़ी समस्या को अपने सामाजिक सरोकार के साथ जोड़ा और उसे तस्वीर के साथ प्रकाशित की। यह पूरे प्रदेश का बिना किसी राजनीतिक दल के सहारे चलने वाला आंदोलन था।
केरोसिन वाले जेनरेटर शहरी क्षेत्रों में एक व्यवसाय के रूप में था
  • बिहार ने वह दृश्य भी देखा है, जब शहरी और कस्बाई इलाके में देर शाम तक केरोसिन वाले जेनरेटर एक व्यवसाय के रूप में था। बिजली रहती नहीं थी, इसलिए जेनरेटर वाले प्वाइंट के हिसाब से बिजली देते थे।
  • एक बल्ब जलाना है तो चार से पांच घंटे का दस रुपये तक लगते थे। इस जेनरेटर की वजह से वायु और ध्वनि प्रदूषण में बड़े स्तर तक बढ़ोत्तरी हो गई थी। इस समस्या को भी जागरण ने स्वर दिया। बिना बिजली वाले तार का इस्तेमाल कपड़ा सुखाने में होता था।
बात कुछ इस तरह बदली आज 700 मेगावाट से 8000 मेगावाट तक
  • बिहार में आज बिजली की कहानी यह है कि यहां 8000 मेगावाट तक की आपूर्ति हो रही है। वर्ष 2005 में विद्युत विभाग का आंकड़ा यह था कि प्रदेश में बिजली की खपत मात्र 700 मेगावाट थी।
  • आज यह आंकड़ा ग्यारह गुना से अधिक बढ़ गया है। वर्ष 2005 में प्रदेश में ग्रिड उप केंद्रों की संख्या 45 थी जो अब 170 हो गई है। अब बिहार की क्षमता यह है कि वह 15000 मेगावाट तक बिजली उठा सकते हैं।
अभी घरेलू उपभोक्ताओं की खपत पर ही बढ़ गया है आंकड़ा

बिहार में हाल के दिनों में बिजली की खपत का जो आंकड़ा बढ़ा है, वह घरेलू उपभोक्ताओं के बूते है। कुल खपत का 41 फीसद हिस्सा घरेलू उपभोक्ताओं के खाते में है। वहीं, 13 फीसद बिजली की खपत कृषि उपभोक्ताओं द्वारा की जाती है।

जब हम गए हर घर बिजली को लगे कैंप को देखने

बिहार में हर घर बिजली की योजना ने यहां की तस्वीर को बदल दी। ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर बिजली कनेक्शन दिए जाने का काम आरंभ हुआ। हमने पटना के नौबतपुर और वैशाली के एक गांव में इस अभियान को जाकर देखा।

इस कैंप का असर इस आंकड़े से समझा जा सकता है। वर्ष 2006 में बिहार में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 17.3 लाख थी जो 2023 में बढ़कर 189.56 लाख हो गई है।

जब मुख्यमंत्री ने उपलब्धियों की तस्वीर खुद देखी

मुख्यमंत्री कुछ वर्ष पहले हेलीकाप्टर से गया से पटना लौट रहे थे। लौटने में शाम हो गई थी, तब उनके साथ कई अधिकारी थे। हेलीकाप्टर से उन्होंने नीचे देखा तो पूरा इलाका रोशनी से जगमग था। मुख्यमंत्री ने एक अधिकारी से मोबाइल पर तस्वीर लेने को कहा। जगमग बिहार की वह तस्वीर खूब चर्चा में आई थी।

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Bihar School News: बिहार के सरकारी स्कूलों में पहली बार होगी इस विषय की पढ़ाई, शिक्षा विभाग का एलान

Dainik Jagran - March 25, 2025 - 5:40pm

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar News: बिहार में निजी स्कूलों की तरह अब राज्य के सरकारी स्कूलों में भी कंप्यूटर पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम नए सत्र (एक अप्रैल) से कक्षा छह से आठवीं तक में लागू होगा। पाठ्यक्रम लागू करने के लिए राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) तैयारी पूरी कर चुका है। परीक्षा में अन्य विषयों की तरह कंप्यूटर की परीक्षा ली जाएगी।

कंप्यूटर विषय की पहली परीक्षा सितंबर 2005 में होने वाली अर्द्धवार्षिक परीक्षा के साथ ली जाएगी। एससीईआरटी के निदेशक सज्जन आर. ने बताया कि नए सत्र से कक्षा से आठवीं तक में कंप्यूटर कोर्स लागू किया जा रहा है। पुस्तक की छपाई भी हो गई।

मार्च के अंत तक कंप्यूटर की किताबें स्कूल तक पहुंच जाएगी

मार्च के अंत तक अन्य पुस्तकों के साथ-साथ कंप्यूटर की किताबें भी स्कूलों तक पहुंच जाएंगी। कंप्यूटर के शिक्षक भी बहाल किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अभी के समय में सभी बच्चों को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी होनी चाहिए। इसमें सरकारी स्कूल के बच्चे पिछड़ रहे थे। नीचे के कक्षाओं में कंप्यूटर कोर्स को लागू करना आवश्यक हो गया था। इससे होगा कि बच्चे कंप्यूटर एवं उनके विभिन्न भागों को पहचानेंगे और उसकी कार्यप्रणाली को बता पाएंगे।

कंप्यूटर का दैनिक जीवन में कितना उपयोग है, इसका प्रयोग करना, नियमों का पालन करना, आपरेटिंग सिस्टम के बारे में जानकारी लेंगे। साथ ही मल्टीटास्किंग फाइल मैनेजमेंट और यूजर इंटरफेस की भूमिका को समझेंगे। साइबर अपराध से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां और रणनीतियों को अपने दैनिक जीवन में लागू कर पाएंगे। क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे तकनीक से परिचित होंगे। 

 विषय सूची- चैप्टर - सिलेबस पूरा करना है
  • कंप्यूटर एक परिचय - अप्रैल
  • कंप्यूटर के अंग - मई-जून 
  • आओ कंप्यूटर चलाएं - जुलाई
  • आओ चित्रकारी करें -अगस्त 
  • अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन सह परीक्षा
  • सितंबर 2025-माइक्रोसाफ्ट वर्ड
  • अक्टूबर-नंवबर-सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग
  • दिसंबर-डिजिटल नागरिकता और साइबर सुरक्षा
  • जनवरी-आइसीटी के उभरते रुझान
  • फरवरी-वार्षिक मूल्यांकन सह परीक्षा - मार्च 2025
कंप्यूटर की पढ़ाई के फायदे
  • कंप्यूटर की पढ़ाई करने से आपको नई तकनीकों का ज्ञान मिलता है। आप अपने कौशल को बढ़ाकर नई तकनीकों का उपयोग कर सकते हैं।
  • कंप्यूटर की पढ़ाई करने से आपको रोजगार के कई अवसर मिलते हैं। आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, आईटी प्रोफेशनल, आदि के रूप में काम कर सकते हैं।
  • कंप्यूटर की पढ़ाई करने से आपको संचार और सूचना के क्षेत्र में काम करने के अवसर मिलते हैं। आप सोशल मीडिया, ईमेल, आदि के माध्यम से संचार कर सकते हैं।

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Bihar School News: साइकिल-पोशाक की राशि के लिए 75 % अटेंडेंस जरूरी नहीं, नीतीश सरकार का बड़ा फैसला

Dainik Jagran - March 25, 2025 - 4:45pm

राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: बिहार के सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब पोशाक और साइकिल योजना के लिए कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। स्कूली विद्यार्थियों को कक्षा की शुरुआत में ही पोशाक और साइकिल योजना की राशि दी जाएगी। विधान परिषद में सोमवार को शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने यह जानकारी दी।

शिक्षा मंत्री ने विभागीय बजट पर चर्चा के बाद सदन को बताया कि कक्षा छह से आठवीं तक के 29 हजार स्कूलों में कंप्यूटर लगाया जाएगा। सरकारी स्कूलों में एक करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं को मिड-डे मिल योजना के तहत पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है।

ग्रीष्मकाल की छुट्टी में अलग से क्लास नहीं चलाई जाएगी। दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति जल्द की जाएगी। राज्य में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए 12 स्थानों पर जमीन चिह्नित कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा का बजट भी पांच हजार करोड़ से अधिक है। कालेजों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली भी की जा रही है। सत्र को नियमित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

स्कूलों में 44 प्रतिशत महिला शिक्षक, दोगुनी हुई साक्षरता दर

शिक्षा मंत्री ने बताया कि 2005 में शिक्षा विभाग का बजट 4400 करोड़ था जो अब बढ़कर 60 हजार करोड़ से अधिक हो गया है। राज्य में छह लाख से अधिक शिक्षक हैं, जिनमें 44 प्रतिशत शिक्षक महिलाएं हैं। यह महिला सशक्तीकरण का बड़ा उदाहरण है।

स्कूलों में लगातार शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2001 में राज्य में आम साक्षरता दर करीब 40 प्रतिशत थी, जो अब बढ़ कर 80 प्रतिशत हो गई है। महिला साक्षरता दर भी 34 प्रतिशत से बढ़कर 74 प्रतिशत हो गई है।

क्या है साइकिल-पोशाक योजना

बिहार सरकार द्वारा संचालित साइकिल-पोशाक योजना के तहत, राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म और साइकिल खरीदने के लिए पैसे दिए जाते हैं। इस योजना के तहत, बच्चों को उनकी कक्षा के अनुसार निम्नलिखित राशि दी जाती है।

नीतीश सरकार की इस आर्थिक मदद से दूर-दराज के बच्चे भी अब स्कूल जाने लगे हैं। खासकर लड़कियों का मनोबल ऊंचा हुआ है और इसका असर भी देखा जा रहा है। लड़कियां पढ़ाई के लिए पहले से अधिक आगे आ रही हैं।

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Bihar Board 12th Topper List 2025: आ गई बिहार बोर्ड के टॉपरों की लिस्ट, ये रहे साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स में टॉपर

Dainik Jagran - March 25, 2025 - 2:19pm

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर वार्षिक परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस बार 86.50 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने बाजी मारी है। वहीं कॉमर्स में सबसे अधिक 94.77% विद्यार्थी पास हुए हैं। तो वहीं दूसरे स्थान पर आर्ट्स विषय रहा है जिसमें 89.66 फीसदी छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। वहीं, विज्ञान इस बार तीसरे स्थान पर आ गया जिसमें 82.50 अंक छात्र-छात्राएं पास हुए हैं।

इसके साथ ही टॉपरों की सूची आने लगी है। रिजल्ट वेबसाइट http://www.interresult2025.com एवं https://interbiharboard.comपर देख सकते हैं। बता दें कि इस बार इंटर परीक्षा एक से 15 फरवरी तक आयोजित की गई थी। परीक्षा में 12,92,313 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें 6,41,847 छात्राएं व 6,50,466 छात्र थे।

टॉपरों की सूची
  • विज्ञान संकाय में पश्चिम चंपारण की प्रिया जायसवाल प्रथम रही है। 500 में 484 अंक प्राप्त किए हैं।
  • दूसरे स्थान पर अरवल का आकाश कुमार रहे हैं, 500 में 480 अंक प्राप्त किए हैं।
  • तीसरे स्थान पर पटना कॉलेजिएट के रवि कुमार रहे, वह 500 में 478 अंक प्राप्त किए हैं।
विज्ञान विषय के टॉपरों की सूची

बिहार में कॉमर्स के टॉपरों की लिस्ट

कला विषय के टॉपरों की सूची

आर्ट्स में अंकिता और शाकिब शाह बने बिहार टॉपर

आर्ट्स विषय में अंकिता कुमारी और शाकिब शाह ने 473 अंक के साथ (94.6 फीसदी) पूरे बिहार में टॉप किया है।

साइंस में प्रिया और आकाश बने बिहार टॉपर

साइंस में प्रिया जायसवाल ने 484 नंबर और 96.8 फीसदी के साथ बिहार टॉप किया है। प्रिया के बाद दूसरे नंबर पर आकाश कुमार रहे। सेकंड टॉपर आकाश को 480 नंबर और 96 फीसदी मिले।

कॉमर्स में रौशनी और अंतरा बनीं बिहार टॉपर

कॉमर्स सब्जेक्ट में रौशनी कुमारी ने 475 नंबर और 95 फीसदी अंक के साथ टॉप किया है। वहीं, सेकंड टॉपर रहीं अंतरा खुशी को 473 अंक और 94.6 फीसदी नंबर मिले हैं।

इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

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Dainik Jagran - March 25, 2025 - 9:36am

डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Board 12th Topper List: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज दोपहर 1:15 बजे 12वीं (इंटरमीडिएट) के नतीजे घोषित करने जा रही है। इस घोषणा ने छात्रों और अभिभावकों के बीच उत्साह पैदा कर दिया है, जो अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

राज्य भर में 1,677 केंद्रों पर लगभग 12.92 लाख छात्रों ने परीक्षा दी है, परिणाम BSEB की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर उपलब्ध होंगे। इसी के साथ टॉपरों की भी लिस्ट जारी होगी।

तो चलिए इससे पहले आज हम आपलोगों को पिछले साल 2024 के बिहार बोर्ड इंटर के टॉपरों की लिस्ट बताने जा रहे हैं....

ये थी 2024 में बिहार बोर्ड के टॉपरों की स्थिति

बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट 2024 में आर्ट्स में पटना के तुषार कुमार ने टॉप किया था। साइंस में सीवान के मृत्युंजय कुमार ने 481 अंक के साथ टॉप किया था। कॉमर्स में शेखपुरा की प्रिया कुमारी ने टॉप किया था।

बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट में साइंस में टॉप 5 में 11 छात्र-छात्राएं, आर्ट में 5 और कॉमर्स में टॉप 5 में 8 छात्र-छात्राएं थीं। तीनों संकाय मिलाकर कुल 24 छात्र-छात्राएं टॉप 5 पोजिशन पर रहे थे।

विज्ञान संकाय

मृत्युंजय कुमार-  481           96.20%

सिमरन गुप्ता-    477           95.40%

वरुण कुमार-     477           95.40%

प्रिंस कुमार-      476            95.20%

आकृति कुमारी  475            95.00%

राजा कुमार-      475            95.00%

सना कुमारी-      475            95.00%

प्रज्ञा कुमारी-      474             94.80%

अनुष्का गुप्ता-    474             94.80%

अंकिता कुमारी  474              94.80%

प्रिंस राज-         474              94.80%

कला संकाय

तुषार कुमार-   482                   96.80%

निशी सिन्हा-    473                    94.60%

तनु कुमारी-     472                    94.40%

कुमार निशांत-  469                    93.80%

अभिलाषा -      468                    93.80%

वाणिज्य संकाय

प्रिया कुमारी-  478                       95.60%

सौरव कुमार-   470                      94.00%

गुलशन कुमार- 469                      93.80%

कुणाल कुमार- 469                       93.80%

सुजाता कुमारी- 468                      93.60%

साक्षी कुमारी-   468                       93.60%

धर्मवीर कुमार-  467                       93.40%

दीपाली कुमारी- 467                       93.40%

BSEB Topper 2025 पुरस्कार राशि दोगुनी

बिहार बोर्ड के नतीजे सबसे पहले टॉपर्स के लिए आते हैं, इस साल बिहार बोर्ड ने टॉपर छात्रों के लिए पुरस्कार राशि (प्राइज मनी) रखी है।

  • फर्स्ट टॉपर: 2 लाख रुपये और एक लैपटॉप, जो पहले 1 लाख रुपये हुआ करता था।

  • सेकंड टॉपर: 1.5 लाख रुपये, जो पहले 75,000 रुपये हुआ करता था।

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Bihar Board 12th Result 2025: आज किस समय आएगा बिहार बोर्ड इंटर का रिजल्ट? BSEB ने बताया टाइम और प्रोसेस

Dainik Jagran - March 25, 2025 - 9:07am

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Board Inter Result 2025: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति आज यानी 25 मार्च को इंटर वार्षिक परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित करने जा रहा है। समिति के चेयरमैन आनंद किशोर ने जानकारी देते हुए बताया कि रिजल्ट दोपहर 1:15 बजे समिति कार्यालय में जारी किया जाएगा।

रिजल्ट वेबसाइट http://www.interresult2025.com एवं https://interbiharboard.com पर उपलब्ध रहेगा। इस बार इंटर परीक्षा एक से 15 फरवरी तक आयोजित की गई थी। परीक्षा में 12,92,313 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें 6,41,847 छात्राएं व 6,50,466 छात्र थे।

परीक्षा 38 जिलों में 1,677 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 27 फरवरी से आठ मार्च तक किया गया था। मूल्यांकन समाप्त होने के 16वें दिन रिजल्ट जारी किया जाएगा।

बता दें कि बिहार बोर्ड पूरे देश में सबसे फास्ट रिजल्ट घोषित करने में रिकॉर्ड बना चुका है। यहां तक कि टॉपर वेरिफिकेशन भी तेजी से किया जाता है, जिससे पूरी पारदर्शिता से रिजल्ट सामने आए।

बिहार बोर्ड परीक्षा 12वीं का रिजल्ट कैसे चेक करें? (Bihar Board Result 2025)
  • सबसे पहले बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाएं
  • फिर इसके होमपेज पर जाकरBihar Board Result 2025” या “बिहार बोर्ड रिजल्ट” के लिंक पर क्लिक करें
  • रोल नंबर, रोल कोड और अन्य डिटेल्स डालें
  • सबमिट पर क्लिक करें
  • सबमिट करने के बाद आपका रिजल्ट आपके स्क्रीन पर तुरंत आ जाएगा
  • रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट लेकर रखें
वेबसाइट क्रैश होने पर छात्र मोबाइल पर ऐसें देखें रिजल्ट

अगर रिजल्ट के एलान होने के बाद वेबसाइट क्रैश हो जाती है, तो आप SMS के ज़रिए भी अपने मोबाइल पर बिहार बोर्ड 12वीं का परिणाम चेक कर सकते हैं। इसके लिए मैसेज बॉक्स में “BIHAR12 रोल नंबर” टाइप करें।

इस मैसेज को 56263 पर भेज दीजिए। क्वालिफाईंग स्टेटस रिप्लाई के तौर पर भेजा जाएगा। लेकिन आपको SMS के माध्यम से पूरी मार्कशीट नहीं मिलेगी।

1 से 15 फरवरी के बीच बिहार बोर्ड 12वीं कक्षा की परीक्षाएं

बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 1 से 15 फरवरी, 2025 तक करवाई गई थीं। परीक्षा में लगभग 12,92,313 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिसमें 6,50,466 छात्र और 6,41,847 छात्राएं शामिल हुए थे। यह परीक्षा 38 जिलों में 1,677 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थीं।

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Bihar Weather Today: बिहार में बारिश के बाद अब भीषण गर्मी का अटैक, अगले 72 घंटे में मौसम बदलने का अलर्ट

Dainik Jagran - March 25, 2025 - 7:30am

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार में अब बारिश के बाद अब गर्मी का रौद्र रूप देखने को मिलेगा। 3 से 4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री व न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री बढ़ने का पूर्वानुमान है। अचनाक भीषण गर्मी से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

बीते 24 घंटे में पटना के आसपास जिलों में बादल छाए रहने की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इनके कारण उत्तरी भागों में बादल छाए रहने की संभावना है। बीते 24 घंटों के दौरान पटना सहित आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहे।

उत्तरी भागों के किशनगंज जिले में 1.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि शेष भागों का मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहा। पटना समेत 19 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि जबकि अन्य जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

बीते 24 घंटे में मौसम का हाल

पटना का न्यूनतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि 15.1 डिग्री सेल्सियस के साथ अगवानपुर (सहरसा) में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस जबकि 35.2 डिग्री सेल्सियस के साथ मधुबनी में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। पटना समेत सभी जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी व आसपास इलाकों में पछुआ के कारण मौसम शुष्क बना रहा।

प्रमुख शहरों के तापमान में वृद्धि

बीते 24 घंटों के दौरान पटना के अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री, गया में 2.3 डिग्री, औरंगाबाद में 1.8 डिग्री, डेहरी में 1.6 डिग्री, वैशाली में 1.4 डिग्री, जमुई में 2.1 डिग्री, कटिहार में 2.1 डिग्री, पूर्णिया में 3.3 डिग्री, मधेपुरा में तीन डिग्री, सुपौल में 2.6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। 

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Bihar Teachers: 40 हजार महिला टीचरों के लिए शिक्षा विभाग ने लिया बड़ा फैसला, इसी महीने मिलेगी खुशखबरी

Dainik Jagran - March 24, 2025 - 11:24pm

जागरण टीम, पटना। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने कहा कि लंबी दूरी के आधार पर आवेदन देने वाली 40 हजार महिला शिक्षकों का ऐच्छिक तबादला इसी माह में कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पुरुष शिक्षकों को अभी इंतजार करना होगा। उनसे पहले प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक और तीसरे चरण में नियुक्ति शिक्षकों का पदस्थापन किया जाएगा। वह सोमवार को मीडिया से बात कर रहे थे।

शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
  • उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय तारडीह गोट में प्रखंड के उच्च एवं मध्य विद्यालय के शिक्षकों का विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पांच दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण सोमवार को शुरू हुआ।
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ बीआरपी नित्यानंद चौधरी प्रधानाध्यापक अमर जी झा प्रशिक्षक सतीश कुमार झा, रवि शंकर झा अंजनी नंदन ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर किया।
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के संबंध में शिक्षकों को विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षक अपने अपने विद्यालय में जाकर बच्चों के बीच स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि बच्चे स्वस्थ एवं निरोग रह सके।
  • लेखापाल विजय भगत ने बताया कि प्रशिक्षण में एक निश्चित उम्र के बाद बच्चों में होने वाले शारीरिक बदलाव के संबंध में भी जानकारी दी जानी है।
25 शिक्षक कार्रवाई के दायरे में, वेतन बंद

उधर, जहानाबाद साक्षमता परीक्षा को लेकर पिछले साल शिक्षकों की काउंसलिंग की गई थी,काउंसलिंग में कई शिक्षक के कागजात अपूर्ण थे। इसमें मुख्य रूप से शिक्षकों का प्राण कार्ड उपलब्ध नहीं था।

जिसके तहत विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। जांच के तहत 25 शिक्षक चिन्हित किए गए हैं। जिनका वेतन फिलहाल विभाग की ओर से स्थगित करने का निर्देश दिया गया है।

हालांकि अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है दायरे में आए शिक्षक अवैध रूप से नियुक्त है। डीपीओ दिनेश पासवान ने बताया कि फिलहाल कार्रवाई के तहत वेतन बंद किया गया है।

प्राण नंबर का मिलान नहीं होना सरकारी विभाग में बड़ा मामला है। जिसे लेकर विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। पूरी तरह जांच के बाद जिस तरह की स्थिति स्पष्ट होगी उस तरह की कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षकों के वेतन भुगतान की मांग

शिक्षक नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि विगत चार दिनों से एचआरएमएस तकनीकी खराबी का मामला कार्यालय कर्मी द्वारा बताया जाता है।

सरकार होली जैसे महान पर्व एवं रमजान जैसे पवित्र त्योहारों पर भी शिक्षकों को वेतन नहीं देना चाह रही है। वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षकों के बीच भुखमरी के साथ-साथ इलाज नहीं करा पा रहे हैं।

ऐसी स्थिति में शिक्षक करो एवं मरो की स्थिति में है। संघ सरकार से मांग करती है कि शिक्षकों का वेतन दो दिनों के अंदर सुनिश्चित करें, नहीं तो शिक्षक बाध्य होकर सरकार के विरुद्ध आंदोलन करेंगी, जिसकी सारी जवाबदेही सरकार की होगी।

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Bihar News: स्कूली बच्चों को लेकर परिवहन विभाग ने जारी किया आदेश, 1 अप्रैल से बिहार में दिखेगा बड़ा बदलाव

Dainik Jagran - March 24, 2025 - 11:17pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सभी जिलों में अगले माह से स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए ऑटो और ई-रिक्शा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

राज्य सरकार ने एक अप्रैल से स्कूली छात्र-छात्राओं के परिवहन में ऑटो या ई-रिक्शा के इस्तेमाल पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया है।

इस संबंध में बिहार पुलिस मुख्यालय के ट्रैफिक प्रभाग ने सभी जिलों के एसपी को पत्र लिखकर अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। परिवहन विभाग ने इस आदेश का अनुपालन कराने को लेकर पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजा था।

स्कूली बच्चों के परिवहन में ई-रिक्शा का धड़ल्ले से हो रहा परिचालन

सहायक पुलिस महानिरीक्षक (ट्रैफिक) की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि स्कूली बच्चों के परिवहन में ई-रिक्शा का धड़ल्ले से परिचालन हो रहा है, जो दर्दनाक सड़क दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहा है।

इसको देखते हुए सभी एसपी अपने-अपने जिलों में स्कूली बच्चों के परिवहन ई-रिक्शा और ऑटो का परिचालन प्रतिबंधित करें। साथ ही इसके सभी हितधारकों जैसे विद्यालय प्रबंधन, अभिभावक, ट्रांसपोर्ट प्रबंधन आदि के बीच इस सूचना को प्रचारित- प्रसारित करते हुए इसे प्रभावकारी ढंग से लागू कराना सुनिश्चित कराए।

मालूम हो कि पटना समेत राज्य के लगभग सभी छोटे-बड़े जिलों में बच्चों के परिवहन में ऑटो और ई-रिक्शा का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकतर ऑटो और ई-रिक्शा में नियमों को ताक पर रखकर क्षमता से अधिक बच्चों को भी बिठाया जाता है, जिससे दुर्घटनाएं भी होती हैं।

60 वाहन चालकों से परिवहन विभाग द्वारा वसूला गया 3.18 लाख जुर्माना

वहीं, दूसरी ओर सिवान में जिला परिवहन विभाग द्वारा अलग-अलग जगहों पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया।

सहायक जिला परिवहन पदाधिकारी अर्चना कुमारी के नेतृत्व में शहर के गोपालगंज मोड़, छोटपुर हाईवे पर चलाए गए अभियान में बड़े और छोटे वाहनों के कागजातों और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस सहित सीट बेल्ट और हेलमेट की जांच की गई।

अधूरे कागजात, हेलमेट नहीं लगाने और ट्रिपल लोडिंग के कारण जहां बाइक चालकों से जुर्माना वसूला गया। वहीं, ओवरलोडिंग के मामले में ई-रिक्शा चालकों पर भी जुर्माना किया गया।

एडीटीओ ने बताया कि अभियान के दौरान करीब 60 वाहन चालकों से 3 लाख 18 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इस दौरान चालकों को हेलमेट लगाने और सीट बेल्ट का उपयोग करने की नसीहत भी दी गई।

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Patna News: शिक्षा मंत्री के आवास से निकलते ही सड़क पर लेट गए सैकड़ों छात्र, आनन-फानन में लिया गया बड़ा फैसला

Dainik Jagran - March 24, 2025 - 11:00pm

जागरण संवाददाता, पटना। पटना की सड़कों पर सोमवार को जमकर बवाल हुआ। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की तृतीय अध्यापक नियुक्ति परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने सप्लिमेंट्री रिजल्ट जारी करने के लिए सोमवार को शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के आवास का घेराव किया।

शिक्षा मंत्री की गाड़ी के आगे दर्जनों अभ्यर्थी लेट गए। इसपर शिक्षा मंत्री गाड़ी से उतर पैदल ही विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। उनके साथ अभ्यर्थियों का हुजूम भी आगे बढ़ने लगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता में नौकरी और रोजगार है। बीपीएससी शिक्षक अभ्यर्थियों के सप्लिमेंट्री रिज्लट की मांग को लेकर बिहार लोक सेवा आयोग से बातचीत करेंगे।

नियमानुसार निष्कर्ष से अभ्यर्थियों को 28 मार्च को अवगत करा दिया जाएगा। शिक्षा विभाग और राज्य सरकार अभ्यर्थियों के हित में कानून सम्मत निर्णय के लिए कृतसंकल्प है।

वहीं, शिक्षा मंत्री के आवास के घेराव की सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस बल आसपास तैनात कर दिए गए। महिला अभ्यर्थियों के रोने पर मंत्री ने उन्हें कार्रवाई होने को लेकर आश्वस्त किया।

सचिवालय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर घेरा आवास

पिछले कई दिनों से गर्दनीबाग में बीपीएससी टीआरई-3 के अभ्यर्थी सप्लीमेंट्री रिजल्ट के लिए धरना पर बैठे थे। शिक्षा मंत्री ने अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल को मिलने के लिए सोमवार की सुबह सचिवालय बुलाया था।

सचिवालय में संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर अभ्यर्थी विधानसभा के आसपास जुटने लगे। अपराह्न 3:30 बजे के बाद शिक्षा मंत्री के आवास पहुंचते ही सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी जमा होकर नारेबाजी करने लगे।

शिक्षा मंत्री ने अभ्यर्थियों को 28 तक इंतजार के लिए कहा। इसके बाद विधानसभा के लिए निकले। अभ्यर्थियों के गाड़ी के आगे लेटने पर वह उतरकर उनसे बातचीत करते हुए विधानसभा के पास पहुंच गए।

आश्वासन के बाद नहीं हो रही कार्रवाई
  • अभ्यर्थियों ने कहा कि एक ही अभ्यर्थी का प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ हो रहा है। कई रिजल्ट वाले अभ्यर्थी सिर्फ एक सीट पर योगदान देते हैं। ऐसे में कई सीटें रिक्त रह जाती हैं।
  • मेधा के साथ यह अन्याय है। टीआरई-1 से ही सप्लिमेंट्री रिजल्ट की मांग की जा रही है, लेकिन आश्वासन पर कार्रवाई सिफर है।
  • अभ्यर्थी दीपक कुमार मिश्र, विक्की, सनी कुमार राज, नीलम, दिव्या, प्रियंका आदि ने कहा कि सप्लिमेंट्री परिणाम जारी होने पर आंदोलन को तेज करने के अतिरिक्त विकल्प नहीं है।

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Bihar Politics: बिहार आ रहे हैं अमित शाह, गोपालगंज से शुरू करेंगे चुनाव प्रचार

Dainik Jagran - March 24, 2025 - 10:33pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद करने के लिए गृहमंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 29-30 मार्च को दो दिवसीय दौरे पर बिहार आ रहे हैं।

लोकसभा चुनाव के बाद 30 को शाह गोपालगंज में पहली बार राजनीतिक रैली को संबोधित करेंगे। इसमें गोपालगंज सहित पांच जिले के कार्यकर्ता सम्मिलित होंगे।

इस दौरे में गृहमंत्री पटना में एनडीए नेताओं के साथ बैठक भी करेंगे। संभावना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अतिरिक्त एनडीए के घटक दलों के अन्य वरिष्ठ नेता शाह के साथ मंच साझा कर सकते हैं।

पार्टी की कोशिश होगी कि फोरलेन के समीप ही रैली हो, ताकि कार्यकर्ताओं को आने-जाने में कोई समस्या नहीं हो।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने की बैठक

रैली एवं कार्यकर्ता सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सोमवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल की अध्यक्षता में पार्टी प्रदेश मुख्यालय में गोपालगंज के अतिरिक्त मोतिहारी, बेतिया, सारण एवं सिवान जिले के मंत्रियों के अतिरिक्त पार्टी विधायक, विधान पार्षदों की बैठक हुई।

इस दौरान दोनों उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय सिन्हा के अतिरिक्त स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय एवं प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित थे। इन जिलों के भाजपा पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को रैली में कार्यकर्ताओं को लाने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व दिया गया।

लोकसभा चुनाव के बाद अमित शाह का पहला बिहार दौरा

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद गृहमंत्री का यह पहला बिहार दौरा है। साथ ही पार्टी की ओर से पहली राजनीतिक रैली की जा रही है। दो दिवसीय बिहार दौरे के तहत गृहमंत्री 29 मार्च की रात आठ बजे पटना आ जाएंगे।

इसके बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी के विधायक, विधान पार्षद, सांसद एवं प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। लगभग डेढ़ घंटे तक की इस बैठक के बाद वे देर रात बिहार भाजपा की कोर कमेटी के नेताओं के साथ बैठक करेंगे।

सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में होंगे शामिल

वहीं, 30 मार्च को गृहमंत्री बापू सभागार में 11 बजे से आयोजित सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। विभाग की ओर से पैक्स से संबंधित चलाई जा रही योजनाओं का शुभारंभ आर कुछ नई योजनाओं का उद्घाटन होगा।

दिन के साढ़े 12 बजे वे पटना से गोपालगंज के लिए रवाना होंगे। गोपालगंज शहर के तीन-चार किलोमीटर की परिधि में रैली सह कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन होगा।

सम्मेलन के बाद वे पटना आएंगे और राजकीय अतिथिशाला में एनडीए की बैठक होगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अतिरिक्त बिहार एनडीए के अन्य नेताओं के भाग लेने की संभावना है।

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Bihar Jobs 2025: चुनाव से पहले नौकरी को लेकर जारी हुआ एक और नया नोटिफिक्शन, 16 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन

Dainik Jagran - March 24, 2025 - 10:24pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में होमगार्ड के 15 हजार नए पदों पर बहाली को लेकर आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 27 मार्च से शुरू हो जाएगी जो 16 अप्रैल तक जारी रहेगी।

होमगार्ड बहाली के आनलाइन आवेदन को लेकर बिहार गृह रक्षा वाहिनी की नई वेबसाइट  www.onlinebhg.bihar.gov.in तैयार की गयी है, जो 27 मार्च से ही लाइव होगी।

गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं के महानिदेशक सह महासमादेष्टा कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, अरवल जिला के साथ ही नवगछिया और बगहा पुलिस जिला को छोड़ कर बिहार के अन्य 37 जिलों में होमगार्ड के रिक्त 15 हजार पदों के लिए आवेदन लिए जाएंगे।

यह आवेदन जिले में उपलब्ध वैकेंसी के आधार पर ली जाएगी। इसेस जुड़ा विस्तृत निर्देश वेबसाइट पर ही उपलब्ध होगा।

सुरक्षा गार्ड और सुपरवाइजर की भर्ती में 220 रिक्तियों पर प्रखंडों में कैंप

उधर, हाजीपुर जिला के सभी 16 प्रखंड के प्रखंड परिसर में अवर प्रादेशिक नियोजनालय हाजीपुर एवं जिला प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा सैनिकों, सुरक्षा पर्यवेक्षकों की बड़ी संख्या में बहाली की जाएगी।

इस संबंध में सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंट सर्विसेज लिमिटेड के ग्रुप कमांडर रामधारी सिंह ने बताया कि भर्ती शिविर में चयनित उम्मीदवारों को पंजीयन फार्म, प्रोस्पेक्टस के रूप में भर्ती नि:शुल्क होगी।

इसका चयनित पत्र भर्ती स्थल पर ही दिया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षण के लिए सभी उम्मीदवार को भर्ती अधिकारी के द्वारा बताए गए विभाग या कंपनी के प्रशिक्षण केंद्र झपहा, मुजफ्फरपुर- सीतामढ़ी रोड में रिपोर्ट करेंगे।

यहां उन्हें सुरक्षा संबंधी विभिन्न प्रकार के विषयों के संबंध में एक महीने का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षणोपरांत सभी को कंपनी के आवश्यकता के अनुसार विभिन्न स्थानों पर पोस्टिंग की जाती है।

भर्ती के लिए उम्मीदवारों की योग्यता इस प्रकार से होगी
  • कम से कम दसवीं पास।
  • उम्र 19 से 40 वर्ष।
  • ऊंचाई कम से कम 168 सेमी और वजन 55 से 90 किलो होना अनिवार्य
  • उम्मीदवार शारीरिक और मानसिक से स्वस्थ हो।
  • इन तिथियों को इन प्रखंडों में लगेगा कैंप
  • 24 मार्च को महुआ प्रखंड परिसर।
  • 25 मार्च को वैशाली प्रखंड परिसर।
  • 26 मार्च को चेहराकला प्रखंड परिसर|।
  • 27 मार्च को जंदाहा प्रखंड परिसर।
  • 28 मार्च को पातेपुर प्रखंड परिसर।
  • 29 मार्च को पटेढ़ी बेलसर प्रखंड परिसर।
  • 01 अप्रैल को राघोपुर प्रखंड परिसर।
  • 02 अप्रैल को हाजीपुर डीआरसीसी परिसर।
  • 03 अप्रैल को राजापाकर प्रखंड परिसर।
  • 04 अप्रैल को भगवानपुर प्रखंड परिसर।
  • 07 अप्रैल को देसरी प्रखंड परिसर।
  • 08 अप्रैल को लालगंज प्रखंड परिसर।
  • 09 अप्रैल को सहदेई बुजुर्ग प्रखंड परिसर।
  • 11 अप्रैल को बिदुपुर प्रखंड परिसर।
  • 12 अप्रैल को गोरौल प्रखंड परिसर।
  • 15 अप्रैल को महनार प्रखंड परिसर।

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Patna News: पटना, रांची समेत 7 जगहों पर CBI का छापा, NHAI एमडी समेत 4 गिरफ्तार

Dainik Jagran - March 24, 2025 - 8:49pm

राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को रिश्वत प्रकरण से जुड़े एक मामले में कार्रवाई करते हुए भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के महाप्रबंधक रामप्रीत पासवान समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने पटना, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, पूर्णिया, रांची और वाराणसी समेत सात जगहों पर एक साथ छापा भी मारा। अपनी इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने 1,18,85,000 रुपये नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए है, जांच अभी जारी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई को जानकारी मिली थी कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जीएम और अन्य लोक सेवक एक निजी कंपनी के साथ मिलीभगत करके अनुबंध के आधार पर जो काम दिए गए, उसके बिलों को पास करने में घपला कर रहे थे और इसके एवज में मोटी रिश्वत वसूल रहे थे।

12 आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

सीबीआई ने शिकायत की सत्यता जानने के बाद 22 मार्च को 12 आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। जिन आरोपितों पर प्राथमिकी की गई, उसमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुख्य महाप्रबंधक, महाप्रबंधक, सीनियर रैंक के छह लोक सेवकों के साथ ही अन्य निजी ठेकेदार और अज्ञात लोक सेवक और निजी व्यक्तियों के नाम हैं।

अपनी जांच के क्रम में सीबीआई को यह सूचना भी मिली थी कि निजी कंपनी को बिल पारित कराने के एवज में 15 लाख रुपये की रिश्वत देनी है। रिश्वत की यह रकम पहुंचाने के लिए पटना में एक स्थान का चयन किया गया है। जिसके बाद सीबीआई ने इस मामले का उद्भेदन करने और आरोपितों तक पहुंचने के लिए जाल बिछाया।

सीबीआई को अपने इस अभियान में सफलता भी मिली। पटना में तय स्थान पर निजी कंपनी के सेवक, एनएचएआई के आरोपित महाप्रबंधक को रिश्वत के 15 लाख रुपये दे रहे थे, उसी वक्त उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। इसी दौरान दो अन्य लोगों को भी रिश्वत पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया।

इस कार्रवाई और पूछताछ में मिले साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई ने आगे कार्रवाई करते हुए पटना, मुजफ्फरपुर, रांची, वाराणसी समेत कुल सात स्थानों पर छापा मारा।

जहां से अब तक 1.18 करोड़ से अधिक नकद, कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और कुछ कागजात बरामद करने में सफलता मिली है। इस मामले में सीबीआई आगे की जांच में जुटी है।

इन पर की गई प्राथमिकी
  • वाई. बी. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) एवं क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, पटना।
  • रामप्रीत पासवान, महाप्रबंधक (जीएम), एनएचएआई क्षेत्रीय कार्यालय, पटना (रिश्वत प्राप्त कर्ता) (गिरफ्तार)।
  • श्री कुमार सौरभ, उप महाप्रबंधक (डीजीएम), एनएचएआई, परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू), पूर्णिया
  • ललित कुमार, परियोजना निदेशक (पीडी), एनएचएआई, परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू), दरभंगा, मुजफ्फरपुर।
  • अंशुल ठाकुर, साइट इंजीनियर, एनएचएआई, परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू), दरभंगा, मुजफ्फरपुर।
  • हेमेन मेधी, एजीएम, लेखा, एनएचएआई, क्षेत्रीय कार्यालय, पटना।
  • वरुण कुमार, कर्मचारी, मेसर्स राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (गिरफ्तार)।
  • सुरेश महापात्रा, महाप्रबंधक (जीएम), मेसर्स राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (रिश्वत देने वाला) (गिरफ्तार)।
  • अमर नाथ झा, महाप्रबंधक (जीएम), मेसर्स राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड।
  • चेतन कुमार, कर्मचारी, मेसर्स राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, (गिरफ्तार)।
  • सत्य नारायण सिंह उर्फ पप्पू सिंह, ठेकेदार, मुजफ्फरपुर।
  • मेसर्स राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और
  • अज्ञात अन्य लोक सेवक और निजी व्यक्ति

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Bihar Politics: जिलों के टॉप-20 अपराधियों की अब खैर नहीं, टाइमलाइन के साथ पुलिस का टारगेट सेट

Dainik Jagran - March 24, 2025 - 8:22pm

राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सख्त निर्देश के बाद पुलिस अपराध के खिलाफ एक्शन मोड में आ चुकी है। जिलों के टाप-10 और टाप-20 अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार अभियान जारी है।

इस साल बिहार पुलिस के एसटीएफ ने 227 कुख्यात और वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 29 इनामी अपराधी भी शामिल हैं।

इसी साल जनवरी महीने में एसटीएफ की टीम ने 50-50 हजार के दो कुख्यात अपराधियों को मार गिराया। आठ नक्सलियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पिछले तीन महीनों में पटना सहित कई जिलों में मुठभेड़ की चार बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। अररिया, मुंगेर, गया, भोजपुर जैसे जिलों में भी पुलिस की कार्रवाई तेज है।

अपराधियों की लोकेशन मिलने पर उन्हें मौके पर ही घेरकर कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ और पुलिस की कार्रवाई से नक्सली प्रभाव भी सिमट गया है। इनकी गतिविधियां खड़गपुर और छक्कबरबंधा के सीमित पहाड़ी क्षेत्रों तक सिमट गई हैं।

पुलिस का लक्ष्य है कि इन क्षेत्रों को भी आगामी तीन महीनों में पूरी तरह उग्रवादमुक्त कर दिया जाए। इसके लिए झारखंड की सीमा से सटे इलाकों में अंतर्राज्यीय समन्वय के साथ अभियान तेज किया गया है।

हथियारों और गोली की खरीद-बिक्री को लागू होगी नई नीति

बिहार पुलिस हथियार तस्करी के अवैध नेटवर्क को भी खंगाल रही है। अवैध हथियार तस्करी रोकने को नई नीति भी लाई जा रही है।

राज्य सरकार जल्द ही हथियारों और गोली के क्रय-विक्रय पर विधिसम्मत नियंत्रण लाने के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी में है।

इसके अलावा पुलिस मुख्यालय ने जेल में बंद या राज्य से बाहर रहकर अपराध करने वाले अपराधियों पर भी विशेष निगरानी रखने का निर्देश जिलों को दिया है।

ऐसे अपराधियों को प्रश्रय देने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है। इसमें तकनीकी सेल की भी मदद ली जा रही है।

डिजिटल निगरानी, डेटा एनालिटिक्स और रियल टाइम इंटेलिजेंस के आधार पर अपराधियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापामारी की जा रही है।

पांच आरोपितों के घर पर पुलिस ने इश्तेहार चस्पाया
  • उधर, पानापुर में लंबे समय से फरार चल रहे थाना क्षेत्र के धोबवल गांव के पांच आरोपितों के घर पर सोमवार को स्थानीय पुलिस द्वारा इश्तेहार चस्पाया गया।
  • आरोपितों में धोबवल निवासी अरविंद कुमार सिंह, दूर्गावती देवी, शैलेश सिंह, सोनी कुमारी, बिट्टू कुमार सिंह आदि शामिल हैं। इनके खिलाफ एक कांड अंकित है।
  • इस मामले में वे सभी लोग काफी दिनों से फरार चल रहे है। जिसको लेकर न्यायालय द्वारा इश्तेहार जारी किया गया है। थानाध्यक्ष विश्वमोहन राम के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपितों के घर पहुंची एवं इश्तेहार चस्पाया।

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Bihar Teacher Transfer: बिहार में 10 हजार से अधिक टीचरों का तबदला, शिक्षा विभाग ने जारी किया नया नोटिफिकेशन

Dainik Jagran - March 24, 2025 - 8:07pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सरकारी विद्यालयों के 10,225 शिक्षकों का ऐच्छिक स्थानांतरण किया गया है। इनमें 226 ऐसे शिक्षक हैं, जो स्वयं या जिनके पति-पत्नी या बच्चे कैंसर से ग्रस्त हैं।

जबकि 937 ऐसे शिक्षक हैं, जो स्वयं या जिनके पति-पत्नी या बच्चे किडनी, लीवर या हृदय रोग से पीड़ित हैं। 2,685 शिक्षकों को दिव्यांगता के आधार पर स्थानांतरण किया गया है।

इस संबंध में सोमवार को शिक्षा विभाग की ओर से संबंधित शिक्षकों की सूची जारी की गई। शिक्षा विभाग के मुताबिक स्थानांतरित शिक्षकों में 573 ऐसे हैं, जो स्वयं या जिनके पति-पत्नी या बच्चे ऑटिज्म-मानसिक दिव्यांगता से ग्रस्त हैं।

516 ऐसी महिला शिक्षकों का तबादला किया गया है, जो विधवा या परित्यक्ता हैं। 5,288 महिला शिक्षकों का पति के पदस्थापन के आधार पर स्थानांतरण किया गया है।

इस स्थानांतरण से नियोजित शिक्षकों को अलग रखा गया है। स्थानांतरित शिक्षकों का 10 अप्रैल से 20 अप्रैल तक विद्यालय आवंटन होगा।

इन सभी शिक्षकों के अंतर जिला आवेदनों पर विचार करते हुए उन्हें ऐच्छिक जिला आवंटित किया गया है। स्थानांतरित 10,225 शिक्षकों में 7,272 महिलाएं हैं। बाकी 2,953 पुरुष शिक्षक हैं।

स्वयं, पति-पत्नी या बच्चे के विभिन्न प्रकार के कैंसर के आधार पर जिन 226 शिक्षकों को स्थाननांतरित किया गया है, उनमें 113 महिला एवं 113 पुरुष शिक्षक हैं।

स्वयं, पति-पत्नी या बच्चे के किडनी, लीवर या हृदय रोग के आधार पर स्थानांतरित 937 शिक्षकों में 442 महिला एवं 442 पुरुष शिक्षक हैं।

स्वयं के दिव्यांगता के आधार पर स्थानांतरित 2,685 शिक्षकों में 620 महिला एवं 2,065 पुरुष शिक्षक हैं। स्वयं, पति-पत्नी या बच्चे के ऑटिज्म-मानसिक दिव्यांगता के आधार पर स्थानांतरित 573 शिक्षकों में 293 महिला एवं 280 पुरुष शिक्षक हैं।

स्थानांतरित सभी 10,225 शिक्षकों की सूची शिक्षा विभाग ने जारी कर दी है। संबंधित शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण का फैसला शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली विभागीय स्थापना समिति की बैठक में सोमवार को लिया गया है।

समिति के अध्यक्ष शिक्षा सचिव अजय यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसके सभी सदस्य प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला, प्राथमिक शिक्षा के उपनिदेशक संजय कुमार चौधरी एवं माध्यमिक शिक्षा के उपनिदेशक अब्दुस सलाम अंसारी शामिल थे।

शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शिक्षकों का स्थानांतरण उनके द्वारा ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दिए गए घोषणा के आलोक में किया गया है।

स्थानांतरित सभी शिक्षकों को अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर इस आशय के शपथपत्र देने होंगे कि उनके द्वारा दिए गए अभ्यावेदन एवं घोषणा में किसी प्रकारी सूचना गलत पाए जाने पर उन पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।

प्राथमिकता के आधार किया जाएगा विचार
  • अधिकारी ने यह भी बताया कि शिक्षकों को इस आशय के भी शपथपत्र देने होंगे कि आवंटत जिला उन्हें स्वीकार है।
  • समिति द्वारा उनके द्वारा दिए गए विद्यालय के विकल्प को प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा।
  • जहां प्राथमिकता के आधार पर रिक्ति उपलब्ध नहीं होगी, वहां उसके निकटतम विद्यालय के पंचायत-प्रखंड में पदस्थापन स्वीकार होगा।
  • दोनों शपथ पत्र अपलोड करने के बाद ही शिक्षकों का विद्यालय आवंटन होगा। शपथ पत्र अपलोड नहीं करने वाले शिक्षकों का स्थानांतरण स्थगित रहेगा।

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