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Bihar: 65 प्रतिशत आरक्षण को लेकर RJD ने नीतीश सरकार के खिलाफ फिर खोला मोर्चा, वाम दलों ने भी कर दी अलग मांग
राज्य ब्यूरो, पटना। जाति आधारित गणना के बाद आरक्षण की निर्धारित सीमा को बढ़ाकर 65% करने और कोर्ट के आदेश पर इस पर रोक के बाद से प्रदेश में आरक्षण को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है।
विधानसभा से लेकर सार्वजनिक मंच से विपक्ष सरकार के खिलाफ है। सोमवार को विधानसभा परिसर में भी आरक्षण में कटौती को लेकर सरकार के खिलाफ विपक्ष ने प्रदर्शन किया।
2 दिन के अवकाश के बाद सोमवार को विधानसभा में एक बार फिर से सरकारी कामकाज प्रारंभ हो रहे हैं।
इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं ने विधानसभा परिसर पोर्टिको में पोस्टर बैनर के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
विपक्ष के सदस्यों ने मांग उठाई की जिसकी जितनी हिस्सेदारी सत्ता में उसकी उतनी भागीदारी होनी चाहिए।
इसके साथ ही विपक्ष के नेताओं ने संशोधित आरक्षण की सीमा को लागू करने आउटसोर्स की नौकरियों में भी आरक्षण के प्रविधान करने की मांग भी की। विपक्ष के ये नेता मुख्यमंत्री खिलाफ भी नारे लगाते दिखे।
वाम दलों की ये है मांग- इधर, दूसरी ओर वाम दल के नेताओं ने भी विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया और मांग की कि पड़ोसी राज्य झारखंड की तर्ज पर बिहार में भी लोगों को दो सौ यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए।
- वाम सदस्यों ने अपने प्रदर्शन के दौरान महानंदा नदी पर बांध बनाने, सिकहरना बांध परियोजना पर तत्काल रोक लगाने और दलितों पिछडो पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ भी प्रदर्शन किया।
उधर, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने कहा है कि अगले 10 वर्षों में बिहार का कोई आदमी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाएगा।
बिहार स्वयं रोजगार देने वाला राज्य बन रहा है। वे सोमवार को मुंबई में बिहार दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन बिहार फाउंडेशन महाराष्ट्र चैप्टर की ओर से किया गया था।
उन्होंने कहा कि बिहार ने 2005 से पहले के अराजकता के दौर से लेकर वर्तमान में विकास के पथ पर एक लंबा सफर तय किया है।
आज बिहार में 38 सरकारी इंजीनियरिंग कालेज और 38 पालिटेक्निक संस्थान हैं, जबकि 2005 से पहले यह संख्या क्रमशः तीन और 13 थी। राज्य में 21 सरकारी मेडिकल कालेज कार्यरत हैं। 23 निर्माणाधीन हैं।
बिहार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पूरी तरह से डिजिटल हो चुका है। महाराष्ट्र प्रवास के दौरान सरावगी ने मुंबई डाकयार्ड के समीप प्रस्तावित बिहार भवन के निर्माण स्थल का भ्रमण भी किया।
उन्होंने बताया कि बिहार सरकार द्वारा 150 करोड़ रुपये की लागत से लगभग एक एकड़ भूमि क्रय कर बिहार भवन के रूप में बहुमंजिली इमारत का निर्माण किया जा रहा है।
इसमें कैंसर मरीजों को रहने के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरावगी का बिहार फाउंडेशन के अध्यक्ष कैसर खालिद (एडीजीपी महाराष्ट्र) सहित अन्य पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
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Bihar Health News: चुनाव बाद PMCH की तरह विकसित होगा NMCH, नीतीश सरकार ने कर दी एक और बड़ी घोषणा
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के नेतृत्व वाली राज्य सरकार चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है।
केंद्र सरकार का भी सहयोग मिल रहा है। पांच हजार बेड का पीएमसीएच अस्पताल तैयार हो गया है। आगामी विधान सभा चुनाव के बाद नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को भी पीएमसीएच की तरह विकसित एवं विस्तारित किया जाएगा।
कॉलेज के 56वें स्थापना दिवस पर सोमवार को अस्पताल परिसर में आयोजित स्वास्थ्य मेला का उन्होंने उद्घाटन किया।
मंत्री ने कहा कि कोविड में सराहनीय योगदान के बाद से चिकित्सकों का सम्मान और महत्व अधिक बढ़ गया है। सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था, सुविधा एवं सेवा को और बेहतर करने में राज्य सरकार प्रयासरत है।
स्टॉल लगाकर लोगों को किया जा रहा जागरूक- एनएमसीएच की प्राचार्य प्रो. डॉ. उषा कुमारी ने कहा कि स्वास्थ्य मेला में पंद्रह विभागों के स्टॉल लगाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरण किया जा रहा है।
- शिशु रोग विभाग के नेतृत्व में हेल्दी बेबी शो आयोजित कर बच्चों को स्वस्थ रखने के प्रति जानकारी दी जा रही है। कोरोना, डेंगू के लिए समर्पित रहे इस अस्पताल में जगह की कमी के कारण समस्या हो रही है।
- अधीक्षक प्रो. डॉ. अलका सिंह ने कहा कि यहां की चिकित्सा सेवा एवं व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बढ़ा है। जिस कारण मरीजों की संख्या काफी बढ़ गयी है।
उद्घाटन समारोह में उपाधीक्षक डॉ. सरोज कुमार, डॉ. रश्मि प्रसाद, डॉ. बी पी जायसवाल, डॉ. संजय कुमार, डॉ. अजय कुमार सिन्हा, डॉ. शंकर प्रसाद, डॉ. मोती लाल दास, डॉ. आर आर दास, डॉ. अतहर अंसारी, डॉ. पी डी वर्मा, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अमिता सिन्हा, डॉ. जेड आजाद समेत अन्य थे।
अमाल्टा के सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री से की मुलाकातऑल इंडिया मेडिकल लेबोरेटरी टेक्निकल एसोसिएशन अमाल्टा नवादा जिला इकाई के सदस्यों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से मुलाकात कर जांच घरों की समस्या से अवगत कराया।
साथ ही जांच घरों में गुणवत्ता के नाम पर संचालकों का किए जा रहे शोषण पर चर्चा की गई। इसके साथ ही अपनी परेशानियों से अवगत कराया।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने सदस्यों की बातों को गंभीरता पूर्वक सुने और समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र प्रसाद, प्रदेश सचिव दीपक पवन, जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार, उपाध्यक्ष धनंजय कुमार आदि शामिल थे।
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Bihar Politics: बिहार में शराबबंदी फेल? RK Singh के बयान पर सियासी बवाल, सपोर्ट में आईं कांग्रेस-राजद
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Politics: बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आरके सिंह ने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून फेल हो चुका है।
आरके सिंह के बयान के बाद अब कांग्रेस ने भी इसका समर्थन किया है। हालांकि, शराबबंदी के समय कांग्रेस ने सीएम नीतीश कुमार को समर्थन दिया था।
कांग्रेस ने किया समर्थनबिहार कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता शकील अहमद खान ने कहा कि आरके सिंह ने जो कहा है वह बात पूरी तरह से सही है। बिहार में शराबबंदी कानून फेल हो चुका है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने नीतीश कुमार के शराबबंदी कानून को अपना समर्थन दिया था, लेकिन इस कानून की वजह से आज आम आदमी बुरी तरह से परेशान है।
चुनाव से पहले सार्वजनिक होगा गठबंधन का फैसलाचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर शकील अहमद खान ने कहा कि अभी चुनाव में थोड़ा समय है। पार्टी चुनाव के पहले इस संबंध में फैसला लेकर उसे निश्चित तौर पर सार्वजनिक करेगी।
कांग्रेस नेता ने बदलाव को बताया प्रकृति का नियम- चुनाव के पहले प्रभारी और अध्यक्ष के बदलाव को लेकर शकील अहमद खान ने कहा कि बदलाव प्रकृति का नियम है। अध्यक्ष बदले गए और प्रभारी को भी बदला गया, जिससे आने वाले दिनों में इससे संगठन और पार्टी को बहुत ही फायदा होगा।
- यह राहुल गांधी की अपनी एक नीति है, जिसके तहत हम सभी लोग काम कर रहे हैं। इससे हमें आने वाले दिनों में फायदा होने वाला है।
आरके सिन्हा के शराबबंदी वाले बयान को लेकर राजद विधायक मुकेश रोशन ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए प्रदेश की सरकार और जदयू-भाजपा पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार सत्ता के संरक्षण में हो रहा है। भाजपा और जदयू के नेता-मंत्री व विधायक हैं, वे खुद शराब का सेवन करते हैं। उनके संरक्षण में शराब का कारोबार बिहार में फलफूल रहा है।
एक सवाल के जवाब में रोशन ने कहा कि हम लोग पूर्ण नशामुक्ति की मांग करते हैं। शराबबंदी ही नहीं, पूर्ण नशामुक्ति हो। लेकिन छोटे-छोटे बच्चे ड्राई नशा कर रहे हैं। ये नशे का सामान कहां से आ रहा है?
कहीं ना कहीं शराबबंदी की आड़ में दूसरी तरह का नशा बेचा जा रहा है। ये बिहार के बच्चों के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
मुख्यमंत्री के सुरक्षा गार्ड पर वक्फ की जमीन पर कब्जा करने का आरोपबिहार में ओवैसी की पार्टी के एकमात्र विधायक अख्तरुल ईमान ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के सुरक्षा गार्ड ने वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जा कर लिया है।
सोमवार को उन्होंने बिहार विधानसभा के बाहर पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते हुए कहा कि तत्काल इसकी सूचना मैंने मुख्यमंत्री को भी दी है और कहा है कि उन्हें हटाया जाए।
इसके बाद भी अब तक उसे हटाया नहीं गया है। मुख्यमंत्री बताएं क्या जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों को वह संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को वह बिहार विधानसभा में भी उठाएंगे।
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PM Awas Yojana: बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी, पीएम आवास योजना की पहली किस्त 75 हजार बैंक अकाउंट में आई
राज्य ब्यूरो, पटना। Pradhan Mantri Awas Yojana: ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभार्थियों के बीच सहायता राशि की प्रथम किस्त ऑनलाइन बैंक अकाउंट में भेजी गई। मुख्य सचिवालय स्थित ग्रामीण विकास विभाग सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभाग के सचिव लोकेश सिंह ने चालू वित्तीय वर्ष की उपलब्धियां गिनाईं।
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत सर्वप्रथम सितंबर 2024 में 2,43,903 लक्ष्य प्राप्त हुआ था। उक्त लक्ष्य के तुलना में 17.09.2024 को आयोजित कार्यक्रम में लगभग 90 हजार लाभुकों को एकमुश्त 360 करोड़ रुपये का व्यय हुआ।
1200 करोड़ रुपये का व्यय- उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार से 27 जनवरी 2025 से 5,46,745 का अतिरिक्त लक्ष्य प्राप्त है। इस प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य का कुल लक्ष्य 7,90,648 है।
- उक्त लक्ष्य के विरूद्ध पांच मार्च 2025 को तीन लाख लाभुकों को आवास स्वीकृति के उपरांत एकमुश्त प्रथम किश्त की सहायता राशि का भुगतान किया गया है, इसपर 1200 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है।
उक्त प्राप्त लक्ष्य से आज दिनांक 24.03.2025 को आयोजित कार्यक्रम में 75 हजार 2 सौ 95 लाभार्थियों को 40 हजार रुपये की दर से प्रथम किस्त की सहायता राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया। इस पर कुल 301 करोड़ 18 लाख रुपये का व्यय हुआ है।
58 हजार से ज्यादा आवास हुए पूर्णइस प्रकार अबतक 7 लाख 24 हजार 230 परिवारों को आवास स्वीकृति, कुल 6 लाख 30 हजार 49 लाभुकों को प्रथम किस्त, 2 लाख 1 हजार 82 लाभुकों को द्वितीय किस्त एवं 1 लाख 21 हजार 539 लाभुकों को तृतीय किस्त का भुगतान किया गया है। अबतक 58 हजार 409 आवास पूर्ण हुए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभुकों को कुल 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि तीन किस्तों में आवास निर्माण की प्रगति के साथ दी जाती है।
योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा एवं 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है। इस प्रकार 40 प्रतिशत अर्थात 48 हजार रुपये की राशि राज्यांश के रूप में लाभार्थियों को दी जाती है।
100 दिनों में मिलेगी दूसरी और तीसरी किस्तआगामी 100 दिनों में इन लाभुकों को द्वितीय एवं तृतीय किस्त के रूप में 80 हजार रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। साथ ही इन लाभुकों को मनरेगा के माध्यम से 90 दिनों के अकुशल मजदूरी के रूप में 22,050 रुपये तथा लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान से शौचालय निर्माण हेतु 12 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
इस प्रकार प्रति लाभार्थियों 1 लाख 54 हजार 50 रुपये दिए जाएंगे। आज के कार्यक्रम में लाभान्वित हुए 75 हजार लाभार्थियों को आगामी लगभग 100 दिनों में 1155.375 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में पटना जिले के लाभार्थी उपस्थित थे।
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Bihar Bullet Train: खुशखबरी! पटना के 58 गांवों से 350 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Bullet Train: बिहार में 350 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बुलेट ट्रेन गुजारने की योजना पर रेलवे ने काम शुरू कर दिया है। इसके लिए प्रदेश के पांच जिलों में 260 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने का निर्देश जारी किया गया है।
जल्द किया जाएगा एजेंसी का चयननेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा शीघ्र ही एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा। यह परियोजना वाराणसी-पटना-हावड़ा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 799.293 किलोमीटर होगी।
इन जिलों में होगा ट्रैक का निर्माणइस परियोजना के तहत बिहार के विभिन्न जिलों में ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, जिसमें पटना, बक्सर, आरा, जहानाबाद और गया शामिल है।
दो चरणों में पूरी होगी परियोजनाइस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में वाराणसी डीडीयू, आरा, बक्सर, पटना और गया से हावड़ा तक एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण होगा। दूसरे चरण में दिल्ली से वाराणसी तक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।
पटना में बनेगा 60.9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक- पटना जिले में 60.9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बनेगा, जिसके लिए 135.06 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी।
- वाराणसी से हावड़ा जाने में इस ट्रेन को साढ़े तीन से चार घंटे का समय लगेगा। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
पटना जिले में 58 गांवों की जमीन को चिन्हित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के भूमि मालिकों को सर्किल रेट से चार गुना और शहरी क्षेत्र के भूमि-मालिकों को दो गुना मुआवजा दिया जाएगा। बुलेट ट्रेन की गति 350 किमी प्रति घंटे की होगी। इस ट्रेन में तमाम तरह की अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
बुलेट ट्रेन में होंगी ये सुविधाएंबुलेट ट्रेन में स्वचालित दरवाजे से लेकर आरामदायक चेयर होगा। ट्रेन में यात्रियों की यात्रा सुरक्षित हो इसके लिए सभी बोगियों में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। वंदे भारत की तर्ज पर यात्रियों को लजीज खाना भी उपलब्ध कराया जाएगा।
भोजपुर जिले के दो गांवों से गुजरेगी बुलेट ट्रेनबुलेट ट्रेन भोजपुर जिले के बकरी और जलपुरा गांव से होकर गुजरेगी। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएस आरसीएल) द्वारा इसका रूट जारी किया गया है। एजेंसी द्वारा भोजपुर के गांवों का सामाजिक और आर्थिक सर्वे शुरू कर दिया गया है।
इसके अनुसार, पहले फेज में बक्सर, पटना व गया और दूसरे फेज में उदवंतनगर व जहानाबाद में स्टेशन बनाए जाएंगे।
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Bihar Weather Today: बिहार में आज भी नहीं थमेगा बारिश का दौर, 7 जिलों के लिए अलर्ट जारी
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: प्रदेश में मौसम का मिजाज बीते दिनों से बदलने के साथ लोगों को गर्मी से राहत मिली है। राजधानी समेत अधिसंख्य भागों में बादल छाए रहने कुछ स्थानों पर गरज-तड़क के साथ हल्की वर्षा होने से तापमान में गिरावट आने के साथ मौसम सामान्य बना रहा।
तापमान में वृद्धि के आसारहालांकि, अब धीरे-धीरे तापमान में वृद्धि होने के साथ लोगों को गर्मी का अहसास होगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार पछुआ के कारण मौसम शुष्क होने के साथ तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री की वृद्धि की संभावना है। वहीं, तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री वृद्धि का पूर्वानुमान है।
24 घंटों के दौरान हुई बारिशबीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के उत्तरी भागों के कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा दर्ज की गई। कुछ स्थानों का अधिकतम तापमान में दो से पांच डिग्री की वृद्धि व शेष जिलों का तापमान सामान्य बना रहा।
फारबिसगंज में 33.2 मिमी बारिशप्रदेश के फारबिसगंज में 33.2 मिमी, नरपतगंज में 24.0 मिमी, रानीगंज में 23.4 मिमी, जयनगर में 17.8 मिमी, पूर्णिया में 15.8 मिमी, मधेपुरा में 9.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
रविवार को पटना सहित आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के कारण मौसम सामान्य बना रहा।
राजधानी में बढ़ा पारारविवार को राजधानी के अधिकतम तापमान में सामान्य से 2.3 डिग्री की वृद्धि के साथ 31.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि 34.1 डिग्री सेल्सियस के साथ गोपालगंज में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों के दौरान पटना सहित 25 जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
इन 7 जिलों में बारिश की संभावनामौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका व मधेपुरा में गरज-तड़क के साथ हल्की वर्षा को लेकर संभावना जताई है।
प्रमुख शहरों के तापमान में गिरावटबीते 24 घंटों के दौरान पटना सहित प्रमुख शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। औरंगाबाद के अधिकतम तापमान में 2.3 डिग्री, गया में 1.6 डिग्री, भोजपुर में 1.2 डिग्री, बक्सर में 2.7 डिग्री।
सासाराम में 1.9 डिग्री, शेखपुरा में 0.9 डिग्री, गया में 1.6 डिग्री, मुंगेर में 0.3 डिग्री, सुपौल में 1.8 डिग्री, मधुबनी में 0.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों का तापमान शहर अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) पटना 31.8 20 गया 31.2 16 भागलपुर 30.6 17.5 मुजफ्फरपुर 30.4 20
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Indian Railways: गर्मी की छुट्टियों को लेकर रेलवे ने बनाया स्पेशल प्लान, पटना से अपने घर जाने में होगी आसानी
जागरण संवाददाता, पटना। पूर्व मध्य रेलवे की ओर से पाटलिपुत्र स्टेशन से झंझारपुर के लिए स्पेशल ट्रेन का परिचालन प्रारंभ कर दिया गया है। इस ट्रेन को 31 जुलाई तक चलाने का निर्णय लिया गया है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद लोग गर्मी की छुट्टी पर निकल जाएंगे। इसके मद्देनजर ट्रेनों की परिचालन अवधि बढ़ाई जा रही है।
उसी के तहत पाटलिपुत्र से झंझारपुर जाने वाली स्पेशल गाड़ी की परिचालन अवधि में वृद्धि की गई है। इस ट्रेन की परिचालन अवधि बढ़ने से पटना से उत्तरी बिहार जाने वाले लोगों को काफी लाभ होगा।
यह ट्रेन 03.00 बजे झंझारपुर से चलेगी और 11.40 बजे पाटलिपुत्र पहुंचने का समय निर्धारित है। वहीं, वापसी में पाटलिपुत्र से ट्रेन 12.15 बजे चल रही है, जो 22.35 बजे झंझारपुर पहुंच रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में ट्रेनों की संख्या में और वृद्धि की जाएगी।
इस ट्रेन को पाटलिपुत्र स्टेशन से खुलने के बाद सोनपुर, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बछवारा, बरौनी, बेगूसराय, खगड़िया, मानसी, बख्तियारपुर, सिमरी, सहरसा, सुपौल, सरायगढ़, निर्मली, घोघरडीहा, तुमरिया एवं झंझारपुर में रोकने का निर्णय लिया गया है।
इस ट्रेन के परिचालन से दिल्ली-मुम्बई से पटना आने वाले यात्रियों को काफी सुविधा होगी। देश के विभिन्न शहरों से पटना आने के बाद वे आसानी से अपने गांव जा सकते हैं।
ईद पर्व नजदीक आने पर ट्रेनों में बढ़ी यात्रियों की भीड़वहीं, दूसरी ओर नरकटियागंज जंक्शन से होकर आने जाने वाली अप एवं डाउन रूट की ट्रेनों में इन दिनों यात्रियों की काफी भीड़ बढ़ गई है। भीड़ में आपराधिक घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए रेल पुलिस एवं आरपीएफ ने सतर्कता बढ़ा दी है।
एक ओर होली पर्व मनाकर अब प्रवासी वापस लौटने लगे हैं। जिसके कारण अप रूट की ट्रेनों में यात्रियों की अधिक भीड़ हो रही है। वहीं, दूसरी ओर ईद पर्व मनाने वाले लोग विभिन्न प्रदेशों से घर आना शुरू कर दिए हैं।
जिसके कारण डाउन रूट की ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। भीड़ में किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हो, इसके लिए रेल पुलिस एवं आरपीएफ संयुक्त रूप से ट्रेनों एवं प्लेटफॉर्म पर जागरूकता अभियान चला रही है।
सिविल ड्रेस में पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती हुई है। बताया जाता है कि सप्तक्रांति सुपरफास्ट, सत्याग्रह, गरीब रथ, चंपारण सत्याग्रह, चंपारण हमसफर, अमरनाथ, मडुआडीह, पोरबंदर, राप्ती गंगा, अवध समेत तमाम ट्रेनों में यात्रियों की काफी भीड़ है।
यात्री पायदान से लेकर फर्श एवं शौचालय के दरवाजा तक खड़े होकर सफर करने को विवश हैं। वहीं, आरक्षित बोगी भी जनरल बोगी में तब्दील हो गया है।
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Surbhi Raj Murder: पति ने सुरभि के पिता से क्यों बोला झूठ? इन लोगों पर जा रही शक की सुई; धीरे-धीरे सुलझ रही गुत्थी
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। अगमकुआं थाना क्षेत्र के कुम्हरार स्थित धनुकी मोड़ के समीप शनिवार की दोपहर एशिया अस्पताल की संचालिका सुरभि राज (30) के कार्यालय में घुसकर किसने गोलियों से भूना? इस सवाल की खोज में सहायक पुलिस अधीक्षक अतुलेश झा दिनभर जुटे रहे।
पुलिस टीम अस्पताल तथा आसपास लगे क्लोज सर्किट कैमरा फुटेज को खंगालने में जुटी रही। निजी अस्पताल के आसपास लगे मोबाइल टावर से हत्या के समय में प्रयुक्त मोबाइल और कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों की पुलिस वैज्ञानिक पद्धति से जांच कर रही है।
गुलबी घाट पर किया गया अंतिम संस्काररविवार की सुबह संचालिका का अंतिम संस्कार गुलबी घाट पर कर दिया गया। रविवार की शाम तक किसी ठोस नतीजे पर पुलिस नहीं पहुंची है।
प्रथम दृष्टया पुलिस संचालिका की साइलेंसर पिस्टल से गोली मारकर हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के लिए कमरे से खून की सफाई किए जाने को गंभीरता से जांच कर रही है।
सुरभि के स्वजनों की तस्वीर।
एएसपी ने बताया कि घटना से जुड़ा किसी प्रकार का कोई भी फुटेज अभी तक नहीं मिला है। अगमकुआं थाना पुलिस अस्पताल के कर्मचारियों से पूछताछ कर हत्यारों की पहचान एवं कारण तक पहुंचने का प्रयास में जुटी है।
पुलिस ने घटना के समय मृतका के पति के नहीं रहने और मिलने वालों से भी पूछताछ कर चुकी है। हत्याकांड में आईटी सेल, एफएसएल और श्वान दस्ता की टीम गहन जांच कर रही है।
कर्मी ने बताया किसी ने नहीं सुनी गोली की आवाजहत्या से जुड़े साक्ष्य को एकत्र करने के लिए अगमकुआं थाना पुलिस दूसरे दिन भी कई बार घटनास्थल का निरीक्षण किया। निजी अस्पताल के कर्मियों से पुलिस एक ही बात पूछती रही कि पास के कमरे में गोली चली तो संचालिका की चीख या फिर फायरिंग की आवाज क्यों नहीं सुनाई दिया?
कर्मी दीपक ने पुलिस को बताया कि किसी ने गोलियों की आवाज नहीं सुनी। अगमकुआं थानाध्यक्ष मनोज पांडे ने बताया कि प्रथम दृष्टया कर्मचारियों से पूछताछ में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। मृतका के पति राकेश रौशन से भी पुलिस कई बिंदुओं पर पूछताछ कर चुकी है।
सात वर्ष पहले की थी शादी, दो दिन पहले छोटे बेटे का मनाया था जन्मदिनस्वजनों से मिली जानकारी के अनुसार अगमकुआं थाना क्षेत्र के कुम्हरार बैठका निवासी राजेश रौशन ने सुरभि राज से सात मार्च 2018 को अंतर जातीय प्रेम विवाह किया था। स्वजनों ने बताया कि उनके दो पुत्र राघव रौशन उर्फ कुकू और दूसरा रूद्रास रौशन उर्फ डूग्गू है।
दो दिन पहले ही बाजार समिति स्थित एक हाल में छोटे पुत्र डूग्गू का जन्मदिन मनाया गया था। स्वजनों की माने तो छोटे बेटे का अयोध्या में जन्मदिन मनाने के लिए टिकट भी बना था।
लेकिन निजी अस्पताल का ऑडिट होने को लेकर अयोध्या में जन्मदिन नहीं मनाया गया। उन्होंने बच्चों को बुआ के यहां बजरंगपुरी भेज दिया था।
पिता को दामाद से बेटी के मरने की मिली थी सूचनाअगमकुआं में ही त्रिभुवन कांप्लेक्स के फ्लैट संख्या 304 में रहने वाले पिता राजेश सिन्हा ने पुलिस को बताया है कि उन्हें दामाद राजेश रौशन से मोबाइल पर सूचना मिली कि कक्ष में सुरभि गिर कर बेहोश हो गई हैं।
सूचना के 15 मिनट के अंदर अस्पताल पहुंचे तो देखा कि बेटी आईसीयू में है। अस्पताल वाले बेटी को एम्स ले गए। रात में सूचना मिली की बेटी की मौत हो गयी है।
पिता ने एशिया ह\स्पिटल के कर्मचारियों पर शक जताया है। रविवार की सुबह संचालिका का अंतिम संस्कार गुलबी घाट पर कर दिया गया। पुलिस छानबीन कर रही है।
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जागरण संवाददाता, पटना। बिहार में अब अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सख्त निर्देश के बाद पुलिस अपराध के खिलाफ एक्शन मोड में आ चुकी है।
बीते कुछ दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में पुलिस ने कई कुख्यात बदमाशों का एनकाउंटर किया है, वहीं दर्जनों को गिरफ्तार भी किया गया है।
इसी साल जनवरी महीने में एसटीएफ की टीम ने 50-50 हजार के दो कुख्यात अपराधियों को मार गिराया। आठ नक्सलियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
इसके अलावा अब तक कुल 227 अपराधियों को धर दबोचा गया है, जिसमें 29 इनामी बदमाश भी शामिल हैं। राज्य की पुलिस अब साफ कर चुकी है कि जो कानून तोड़ेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
तीन महीने में चार मुठभेड़पिछले तीन महीनों में पटना सहित कई जिलों में मुठभेड़ की चार घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें न केवल अपराधियों की धरपकड़ हुई, बल्कि उनके नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया है।
अररिया, मुंगेर, गया, भोजपुर जैसे जिलों में भी पुलिस की कार्रवाई तेज है। अपराधियों की लोकेशन मिलने पर उन्हें मौके पर ही घेरकर कार्रवाई की जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से गठित एसटीएफ, एसओजी और जिला पुलिस के संयुक्त ऑपरेशनों के जरिए नक्सली और संगठित अपराधियों पर शिकंजा कस दिया गया है।
बीते कुछ महीनों में एसटीएफ द्वारा गठित विशेष जांच इकाइयों (SIG), चीता बल, और अभियान दलों के माध्यम से की गई कार्रवाइयों में यह साफ हो चुका है कि राज्य में अपराधियों के लिए अब कोई “सुरक्षित ठिकाना” नहीं बचा है।
नक्सली गतिविधियों पर भी लगाम- नक्सली गतिविधियां अब केवल खड़गपुर और छक्कबरबंधा के सीमित पहाड़ी क्षेत्रों तक सिमट गई हैं। पुलिस का लक्ष्य है कि इन क्षेत्रों को भी आगामी तीन महीनों में पूरी तरह उग्रवादमुक्त कर दिया जाए।
- इसके लिए झारखंड की सीमा से सटे इलाकों में अंतर्राज्यीय समन्वय के साथ अभियान तेज किया गया है।
- इसके अलावा, एसटीएफ द्वारा बनाए गए 15 विशेष ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने संगठित अपराधियों के खिलाफ कई सफल अभियान चलाए हैं।
- माफिया नेटवर्क, फिरौती गिरोह, हथियार तस्करी और आर्थिक अपराधों के मामलों में सैकड़ों गिरफ्तारियों हुई हैं।
- राज्य सरकार द्वारा तैयार किया गया डिजिटल अपराध डाटाबेस भी पुलिस की कार्रवाई में मददगार साबित हो रहा है।
टॉप-10 और टॉप-20 अपराधियों की सूची नियमित रूप से अपडेट की जा रही है। जेल में बंद रहते हुए या राज्य से बाहर रहकर अपराध करने वाले अपराधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। ऐसे अपराधियों को प्रश्रय देने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
राज्य सरकार अब हथियारों की अवैध तस्करी और गोली के क्रय-विक्रय पर विधिसम्मत नियंत्रण लाने के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का स्पष्ट संदेश है कि सुशासन के रास्ते में कोई बाधा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस को फ्री हैंड दिया गया है और अपराध पर काबू पाने के लिए हर आवश्यक संसाधन मुहैया कराया जा रहा है।
एसटीएफ और जिला आसूचना इकाइयों के बीच समन्वय को और मजबूत किया गया है। तकनीकी सेल द्वारा डिजिटल निगरानी, डेटा एनालिटिक्स और रियल टाइम इंटेलिजेंस के आधार पर अपराधियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
बिहार पुलिस की मौजूदा कार्यशैली केवल तात्कालिक कार्रवाई नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। राज्य को उग्रवाद, संगठित अपराध और भय से मुक्त करना अब केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकता बन चुकी है।
जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाना, और अपराधियों को स्पष्ट संदेश देना यही आज के बिहार की बदलती तस्वीर है। और यही कारण है कि अब कहा जा सकता है। बिहार में कानून का राज लौट रहा है, और अपराधियों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में कानून का राज स्थापित करने की दिशा में बिहार पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अपराध और उग्रवाद पर काबू पाने के लिए जिस दूरदर्शी रणनीति को अपनाया है, उसका असर अब साफ नजर आने लगा है।
विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और जिला पुलिस के संयुक्त अभियानों के चलते उग्रवादी गतिविधियां अब खडगपुर और छक्कबरबंधा के कुछ सीमित पहाड़ी क्षेत्रों तक सिमट कर रह गई हैं।
बिहार पुलिस ने 1 जनवरी 2025 से अब तक की गई कार्रवाई के दौरान उग्रवाद और संगठित अपराध पर सख्त नियंत्रण पाने में सफलता हासिल की है।
उग्रवाद को खत्म करने की दिशा में लगातार चलाए जा रहे अभियानएसटीएफ द्वारा गठित विशेष जांच इकाइयों, अभियान दलों और चीता टीमों के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों के समन्वय में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
पुलिस का दावा है कि आगामी तीन महीनों में शेष बचे इलाकों से भी उग्रवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा।
उग्रवादी संगठनों की रीढ़ तोड़ने के लिए शीर्ष कमांडरों की गिरफ्तारी, 15 लाख के इनामी विवेक यादव की संदिग्ध मृत्यु और जमानत पर रिहा उग्रवादियों, उनके संरक्षकों और आर्थिक मददगारों पर कड़ी निगरानी की जा रही है।
झारखंड की सीमा से लगे जंगली इलाकों में अंतर्राज्यीय समन्वय के जरिए कार्रवाई की जा रही है, ताकि नक्सली नेटवर्क फिर से संगठित न हो सके।
लगातार की जा रही बैठकेंएसटीएफ और जिला आसूचना इकाइयों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने के लिए मासिक समीक्षा बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी उन्नयन किए जा रहे हैं।
तकनीकी सेल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखकर जिलों को रियल टाइम इनपुट उपलब्ध करा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुलिस बल को आधुनिक उपकरणों, संसाधनों और तकनीक से लैस किया है।
अब पुलिस केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि अपराध की जड़ों तक पहुंचने और नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पटना रेलवे दावा न्यायाधिकरण घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आठ करोड़ से अधिक की 24 संपत्तियां जब्त कर ली हैं।
इसके साथ ही इस मामले में आरोपितों को दोषी ठहराने की मांग को लेकर कोर्ट में अभियोजन शिकायत भी दायर की है।
इन्हें दोषी ठहराने की ईडी ने की मांगप्रवर्तन निदेशालय ने जिस लोगों को दोषी ठहराने की मांग की है कि उनमें एडवोकेट विद्यानंद सिंह, परमानंद सिन्हा, रिंकी सिन्हा, अर्चना सिन्हा, विजय कुमार, निर्मला कुमार और मे. हरजिग बिजनेस एंड डेवलपमेंट प्राइवेट लि. के नाम हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने रेलवे के अज्ञात लोक सेवकों विद्यानंद सिंह, परमानंद सिन्हा, विजय कुमार और अन्य के खिलाफ मृत्यु दावा मामलों में व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरतने और आपराधिक मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी।
प्राथमिकी में कहा गया था कि मृत्यु से जुड़े रेलवे दावों में घपला किया गया और दावेदारों को रेलवे से मिली राशि में से केवल एक हिस्सा ही दावेदारों को दिया गया, जबकि बड़ा हिस्सा साजिशकर्ताओं ने हड़प लिया।
जांच में यह बात सामने आई कि एडवोकेट विद्यानंद सिंह और उनके वकीलों की टीम ने 900 से अधिक दावों का निपटारा किया। जिसे जज आरके मित्तल द्वारा पारित किया गया था।
ईडी ने पाया कि विद्यानंद सिंह और उनके वकीलों की टीम ने दावेदारों की जानकारी के बिना उनके बैंक खाते खोले और उनका संचालन किया। उन्होंने रेलवे से प्राप्त दावा राशि को अपने खातों में या नकद निकालने के लिए दावेदारों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया।
वकीलों के बैंक खाते में पैसा किया गया ट्रांसफरदावेदारों के बैंक खाते से वकीलों के बैंक खातों में 10.27 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। यही नहीं वकीलों की पत्नियों ने अपराध की इस आय को छिपाने के लिए एक कंपनी के नाम पर 24 अंचल संपत्तियां अर्जित की, जो पटना, नालंदा, गया और नई दिल्ली में स्थित है।
इस मामले में इसी वर्ष जनवरी महीने में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने पटना, नालंदा में छापा मारा था। जिसमें अधिवक्ता विद्यानंद सिंह, परमानंद सिन्हा और विजय कुमार को गिरफ्तार किया गया और वर्तमान में सभी न्यायिक हिरासत में हैं।
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Bihar Gram Kachahri Sachiv: बिहार ग्राम कचहरी सचिव की फाइनल मेरिट लिस्ट जारी, इस वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं नाम
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Gram Kachahri Sachiv: पंचायती राज विभाग ने बिहार ग्राम कचहरी सचिव की अंतिम मेधा सूची तैयार कर जिला परिषद की वेबसाइट https://ps.bihar.gov.in पर देर शाम जारी कर दी गई है।
विभाग द्वारा 1583 रिक्त पदों पर ग्राम कचहरी सचिव के नियोजन हेतु 16 से 29 जनवरी 2025 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया था।
विभाग द्वारा गठित नियोजन समिति के अनुमोदन उपरांत 14 फरवरी को अनुमोदित औपबंधिक मेधा सूची की घोषणा की गई।
19 फरवरी तक कर ली गई शिकायतइस पर आपत्ति/शिकायत दर्ज करने के लिए 19 फरवरी से पांच मार्च तक विभाग द्वारा विकसित जिला परिषद की वेबसाइट पर विकल्प उपलब्ध कराया गया था।
पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के नियोजन समिति द्वारा विधि सम्मत निराकरण के बाद विभाग ने अंतिम मेधा सूची जारी की है।
इस प्रकार विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित करने से अंतिम मेधा सूची जारी करने की पूरी प्रक्रिया मात्र दो माह छह दिन में पूरी कर ली गई। ऑनलाइन पद्धति को अपनाते हुए विभाग द्वारा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।
शीघ्र मिलेगी काउंसलिंग से संबंधित सूचनाविभाग द्वारा बिहार ग्राम कचहरी सचिव के पद पर नियोजन हेतु अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग से संबंधित संपूर्ण जानकारी आधिकारिक वेबसाइट तथा विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से शीघ्र प्रदान की जाएगी।
ग्राम कचहरी सचिव चयन पर विवाद, सरपंच के इनकार के बावजूद बीडीओ ने जारी की सूची
वहीं, दूसरी ओर एकंगरसराय प्रखंड के ग्राम कचहरी धुरगांव में ग्राम कचहरी सचिव पद के चयन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। अंतिम मेधा सूची में सरपंच की पत्नी का नाम शामिल न होने के कारण सरपंच और उपसरपंच दोनों ने सूची पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
इस स्थिति को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने अपने हस्ताक्षर से सूची को प्रमाणित कर पोर्टल पर अपलोड कर दिया।
क्या है मामला?ग्राम कचहरी सचिव पद के लिए चयन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों की अंतिम मेधा सूची तैयार की गई थी। सरपंच की पत्नी रीता कुमारी ने भी इस पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन आवश्यक मापदंडों को पूरा न करने के कारण उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया।
इसे लेकर सरपंच ने सूची पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और उपसरपंच को भी इसी आधार पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।
बीडीओ ने बताया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने कहा कि अंतिम मेधा सूची पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार तैयार की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्य किसी के इनकार करने से नहीं रुकता, हर काम का एक वैकल्पिक समाधान मौजूद होता है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने इस संबंध में पंचायती राज विभाग बिहार पटना के निदेशक को पत्र लिखकर उक्त मामले की जानकारी दे दी है।
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'BJP- JDU की सरकार ने बिहार को बीमार कर दिया', पवन खेड़ा ने CM नीतीश के स्वास्थ्य को लेकर कह दी ये बात
राज्य ब्यूरो, पटना। अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि बिहार जो राष्ट्र को दिशा दिखाता था, उस बिहार को भाजपा-जदयू की सरकार ने बीमार कर दिया है।
इस सरकार ने इसका एक्स-रे तो किया परंतु इलाज नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि बिहार को बदलना है तो पहले सरकार को बदलना होगा। खेड़ा ने नारा दिया कि सरकार बदलो तभी बिहार बदलेगा।
पवन खेड़ा रविवार को पटना में थे। यहां उन्होंने बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू, नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार और अन्य नेताओं के साथ संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता की।
कांग्रेस के पास हर तबके के लिए विजनपवन खेड़ा ने कहा कि बिना सरकार बदले बिहार का विकास नहीं हो सकता है। कांग्रेस के पास हर वर्ग हर तबके के लिए विजन है, विकास का रोड मैप है। जिसे वह जनता को बताएगी।
उन्होंने कहा हम सिलसिले वार तरीके से बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायान, नौकरी, रोजगार, पेपर लीक, भ्रष्टाचार, पुलों के टूटने, खराब विधि-व्यवस्था का एक्स-रे आप सबके सामने रखेंगे और बताएंगे के इस सरकार से चूक कहां पर हुई। इसके साथ ही हम इसका समाधान भी बताएंगे।
जाति आधारित गणना पर सरकार को घेराजाति आधारित गणना के बाद बढ़े आरक्षण को लेकर सरकार के फैसलों पर भी पवन खेड़ा ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा आरक्षण रोकने के लिए ये लोग कोर्ट तक गए।
सीएम नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर पवन खेड़ा ने कसा तंजमुख्यमंत्री के स्वास्थ्य को लेकर कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंता का विषय है और बिहार भी इसके लिए चिंतित है। पता नहीं भाजपा क्या षडयंत्र कर रही होगी, कौन से कागजों पर उनके हस्ताक्षर कराए जा रहे होंगे।
वहीं, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि बिहार और केंद्र में एनडीए की सरकार है। इस सरकार ने बिहार की बीमारी का एक्स-रे तो किया, परंतु उसका इलाज नहीं किया। तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार ने न सिर्फ एक्स-रे किया, बल्कि बीमारी का इलाज भी किया।
प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार, मीडिया समन्वय अभय दुबे, पूनम पासवान, राजेश राठौड़, आनंद माधव के साथ ही दूसरे कई पार्टी नेता-कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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जागरण संवाददाता, पटना। बिहार दिवस को लेकर पटना के गांधी मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पहली बार यहां पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के स्टॉल में आम लोगों के लिए 3डी में राज्य के प्रमुख और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराने की व्यवस्था की गई है।
इसके लिए स्टॉल में वीआर उपकरण लगाए गए हैं। इसकी मदद से सामान्य लोग सभी स्थलों का आभासीय तरीके से भ्रमण कर सकेंगे। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पवेलियन का मंत्री महेश्वर हजारी ने उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में मंत्री का किया गया स्वागत।
इसमें पटना का बापू टॉवर, सभ्यता द्वार, पटना साहिब का गुरुद्वारा के अलावा राजगीर का ग्लास ब्रिज, घोड़ा कटोरा, हाल में वहां बना जरासंध का अखाड़ा एवं पार्क, गुरुद्वारा, पावापुरी का जल मंदिर जैसे अन्य प्रमुख और लोकप्रिय स्थल शामिल हैं।
ऐतिहासिक मैदान के 1 लाख वर्ग फीट से अधिक के क्षेत्रफल में इसे लगाया गया है, जहां अनेक विभागों के स्टॉल में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है।
बिहार डायरी की भी बिक्री की व्यवस्थासूचना एवं जनसंपर्क विभाग के स्टॉल में राज्य सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं को प्रदर्शन के माध्यम से दर्शाया गया है। साथ ही बिहार डायरी की बिक्री की भी व्यवस्था की गई है।
मंत्री ने किया उद्घाटन।
अगर किसी ने बिहार डायरी नहीं खरीदी है, तो वे यहां से खरीद सकते हैं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण पुस्तक, पत्र, पत्रिका की बिक्री की भी व्यवस्था की गई है। इसके लिए अलग से बिक्री केंद्र बनाया गया है।
बिहार दिवस के राज्यस्तरीय आयोजन में जिले के एक शिक्षक का चयनवहीं, दूसरी ओर बिहार दिवस पर राज्य स्तरीय आयोजन पटना के गांधी मैदान में हुआ। इस आयोजन में शिक्षा विभाग के पवेलियन में कला संस्कृति, खेल, विज्ञान, गणित, भाषा, क्रिएटिव लर्निंग आदि की विभिन्न गतिविधियों और प्रदर्शनी लगाकर प्रदर्शित किया जा रहा था।
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा अरवल जिले के सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय अहियापुर के शिक्षक डॉ. विनोद कुमार उपाध्याय को 22 से 24 मार्च तक स्मार्ट क्लास के प्रदर्शनी में व्याख्याता के रूप में चयन किया गया है।
स्मार्ट क्लास से बच्चों को क्या फायदा होता है और इसका संचालन कैसे किया जाता है, इसके बारे में राज्य भर से आए शिक्षकों, छात्रों और बुद्धिजीवियों को बताना है।
साथ ही आधुनिक युग में स्मार्ट क्लास क्यों जरूरी है, इसके बारे में बताने के लिए उनकी प्रतिनियुक्ति की गई है। स्मार्ट क्लास के उपयोगिता बताने के लिए राज्य भर में अरवल जिले के शिक्षक का चयन होना बड़ी उपलब्धि है।
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जागरण संवाददाता, पटना सिटी। अगमकुआं थाना क्षेत्र के कुम्हरार स्थित धनुकी मोड़ के समीप शनिवार की दोपहर एशिया अस्पताल की संचालिका सुरभि राज (30) के कार्यालय कक्ष में घुस कर गोलियों से भून डाला।
मौके पर ही उनकी मौत हो गई। काफी देर बाद जब एक महिला स्वास्थ्यकर्मी संचालिका के चैंबर में गई तो सुरभि को फर्श पर खून से लथपथ देखा। इसके बाद उन्हें अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां से सहकर्मी सुरभि को एम्स, पटना लेकर गए।
वहां डाक्टरों ने उनकी मृत्यु की पुष्टि की। एम्स में ही सुरभि का पोस्टमार्टम कराया गया। उनके शरीर से सात गोलियां निकलने की जानकारी मिली है।
हैरत की बात है कि वारदात के समय दर्जन भर से अधिक मरीज, उनके तीमारदार और कर्मचारी अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन किसी ने हत्यारों को अंदर आते नहीं देखा और हत्या की भनक भी नहीं लगी। ऐसे में हत्यारों द्वारा साइलेंसर पिस्टल का उपयोग किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
दोपहर करीब ढाई बजे हुई वारदातअब तक की जांच में मालूम हुआ है कि अस्पताल में सवा दो बजे एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें एक दर्जन से ज्यादा लोग आए थे। वे तीन बजे निकल गए। संचालिका का चैंबर काफी छोटा है। घटना के वक्त उनके पति राकेश रौशन अस्पताल में नहीं थे।
वह पति का इंतजार कर रही थीं। लगभग तीन बजे महिला स्वास्थ्यकर्मी चैंबर में गई तो उसने अचेत अवस्था में सुरभि को देखा। उसके शोर मचाने पर बाकी कर्मचारी आए और आईसीयू में लेकर गए।
हालांकि, नब्ज नहीं मिल रही थी। इस बीच उनके पति को सूचना दी गई। एंबुलेंस से सुरभि के साथ राकेश भी एम्स पहुंचे थे।
अभी तक नहीं मिला कोई सुरागघटना की सूचना मिलते ही अगमकुआं थानेदार नीरज कुमार पांडेय दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। एफएसएल और डॉग स्क्वायड ने भी घटनास्थल का मुआयना किया, लेकिन कोई सुराग अब तक नहीं मिल पाया।
थानेदार कर्मियों और स्वजन से जानकारी हासिल कर रहे हैं। सुरभि के काल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो संचालिका के चैंबर में सीसी कैमरे नहीं लगे थे।
पुलिस ने अस्पताल में लगे कैमरों के फुटेज देखे, मगर कोई संदिग्ध नहीं मिला। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि हत्यारा अस्पताल के कोने-कोने से वाकिफ है। उसने चैंबर में घुसते ही फायरिंग की और वारदात को अंजाम देकर उस रास्ते से फरार हुआ, जहां कैमरे नहीं लगे थे।
चैंबर में नहीं लगे थे सीसी कैमरेसुरभि हत्याकांड में संदेह की सुई करीबी के आसपास ही घूम रही है। पुलिस को वारदात की जानकारी लगभग दो घंटे बाद मिली। वहीं, अस्पताल के सफाईकर्मी ने चैंबर में पसरा खून भी साफ कर दिया था। कुछ महीने पहले अस्पताल का विस्तार हुआ था।
नए स्थान पर ही सुरभि का चैंबर है। वहां निर्माण कार्य चल रहा था। इस कारण सीसी कैमरे नहीं लगे थे। चैंबर में जाने से पहले सुरभि ने निर्माण कार्य का जायजा लिया था और आवश्यक निर्देश दिए थे। सुरभि और राकेश दोनों इस अस्पताल के निदेशक बताए जाते हैं। उनके दो पुत्र सुग्गू और डुग्गू हैं।
रंगदारी और भूमि विवाद पर भी पड़तालफिलहाल, पुलिस तीन बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है, जिसमें आपसी रंजिश, रंगदारी और भूमि विवाद शामिल है। सूत्रों की मानें तो हाल में राकेश और सुरभि ने अस्पताल का विस्तार किया था। अस्पताल के पीछे भी भूखंड लिया था।
ऐसे में भूमि विवाद और रंगदारी की बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है। वहीं, आपसी रंजिश के बारे में पता लगाने के लिए अस्पताल के कर्मियों और परिवारजनों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है।
निजी अस्पताल की निदेशक की हत्या करने का मामला प्रकाश में आया है। कई बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है। तकनीकी जांच और मानवीय सूचनाओं से आरोपित की पहचान करने का प्रयास जारी है। - अतुलेश झा, एएसपी, पटना सिटी
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रमण शुक्ला, पटना। सरकार ने प्रखंड एवं जिले स्तर पर विभिन्न जीविका समूहों की आंतरिक आडिट में वित्तीय गड़बड़ियां सामने आने के बाद अनियमितता पर अंकुश लगाने को लेकर मॉनीटरिंग सख्त कर दी है।
ग्रामीण विकास विभाग के आंतरिक जांच में अभी तक 35 से अधिक जिलों में हेराफेरी की पुष्टि हुई है। ऐसे प्रकरण को लेकर शासन ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
सभी प्रकरण वित्तीय अनियमितता संबंधित हैं। इसमें 22 कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। शासन की कार्रवाई में जिन कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है उनमें अलग-अलग जिले एवं प्रंखड से संबंधित प्रकरण सम्मिलित है।
सेवा समाप्त किए गए कर्मियों में जिला परियोजना प्रबंधक से लेकर प्रखंड परियोजना प्रबंधक, वित्त प्रबंधक, क्षेत्री समन्वयक, लेखापाल एवं प्रशिक्षण अधिकारी तक नप गए हैं।
वहीं, 30 अलग-अलग वित्तीय अनियमितता के मामले में एफआइआर की कार्रवाई की गई है। 35 प्रकरण में जांच चल रही है। सर्वाधिक प्रकरण वित्तीय गड़बड़ी से संबंधित हैं।
कहां-कहां हुई एफआइआरऔरंगाबाद जिले में दो (रफीगंज एवं राघोपुर प्रखंड), कटिहार में एक, कैमूर में दो, खगड़िया में दो, गया में दो, नालंदा में दो अलग-अलग मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है।
इसी तरह पटना में एक, पूर्णिया में एक, पूर्वी चंपारण में एक, बेगूसराय में एक, मधेपुरा में एक, मुंगेर में एक, मुजफ्फरपुर में एक, वैशाली में एक, समस्तीपुर में एक, सहरसा में एक, सिवान में तीन, सीतामढ़ी में तीन एवं सुपौल जिले में एक प्रकरण को लेकर प्राथमिकी की कार्रवाई की गई है।
जीविका परियोजना में गड़बड़ी करने वालों की खैर नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार जीरो टालरेंस की नीति से किसी सूरत में समझौता नहीं करेगी। सरकार के लिए वित्तीय अनुशासन एवं कार्य में पारदर्शिता सर्वोपरि है। इसी नीति के तहत जीविका परियोजना में गड़बड़ी करने वाले 22 कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। यही नहीं, 20 कर्मियों पर विभिन्न प्रकार के आर्थिक दंड लगाने के साथ कड़ी चेतावनी भी दी गई है। वित्तीय विचलन की स्थिति में राशि की वसूली के साथ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करवा रहे हैं।-श्रवण कुमार, मंत्री ग्रामीण विकास विभाग
अब महादलित टोलों में जीविका बनवाएंगी शौचालय- उधर, जहानाबाद जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। अब जिले में छूटे हुए महादलित परिवारों को शौचालय निर्माण कराने को लेकर जीविका पहल करेगी।
- इसको लेकर 18000 महादलित परिवारों का शौचालय निर्माण कराने के लिए सर्वे कराया गया है। इन लोगों को अब जीविका बिना ब्याज का अनुदान के रूप में 12000 रुपये उपलब्ध कराएगी।
- शौचालय के निर्माण हो जाने पर पोर्टल पर अपलोड होने के उपरांत जीविका द्वारा खर्च किए गए पैसे का वहन सरकार करेगी। इसके लिए फिलहाल जिले को डेढ़ करोड़ रुपये उपलब्ध हो गए हैं।
- शौचालय का निर्माण बरसात प्रारंभ होने के पूर्व कर लेना है। जीविका को इस कार्य की जिम्मेदारी मिलने से लाभुक शौचालय बनाने में लापरवाही नहीं बरतेंगे।
- सर्वे में शामिल महादलित परिवारों को जीविका से जुड़ना अनिवार्य होगा। बिना जीविका के समूह से जुड़े उन्हें पैसा शौचालय निर्माण के लिए नहीं मिल सकता है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। खान एवं भू-तत्व विभाग ने वर्ष 2024-25 के राजस्व संग्रहण के लक्ष्य में 1219.80 करोड़ रुपये की कमी कर दी है।
वर्ष के प्रारंभ में विभाग ने 5489.03 करोड़ राजस्व वसूलने का लक्ष्य रखा था, जिसे अब घटाकर नया लक्ष्य 4269.23 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
खान एवं भू-तत्व विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कई महीनों से हो रही नियमित विभागीय समीक्षा बैठक में कई जिलों से राजस्व संग्रहण की गति बहुत धीमी की जानकारी सामने आ रही थी।
जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों ने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को कई कारण बताए जिसके तहत राजस्व संग्रहण का तय लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं था।
राजस्व संग्रहण के लक्ष्य में संशोधन का निर्णयविभाग ने उच्चस्तरीय समीक्षा और खनिज विकास पदाधिकारियों की सलाह तथा सरकार की सहमति के बाद राजस्व संग्रहण के लक्ष्य में संशोधन का निर्णय लिया।
गौरतलब है कि खान एवं भूतत्व विभाग के राजस्व संग्रहण का बड़ा हिस्सा बालू खनन और बिक्री से आता है। विभाग ने सभी तथ्यों के आकलन के बाद 2024-25 में बालू खनन और बिक्री से राजस्व संग्रहण का लक्ष्य 3500 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था।
फरवरी 2025 तक विभाग के द्वारा कुल 2605.99 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण किया गया। विभाग ने बची हुई राशि का तेजी से शत-प्रतिशत संग्रहण के लिए सभी खनिज विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया है। इसमें पिछड़ने वाले खनिज विकास पदाधिकारियों पर कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई होगी।
राजस्व सेवा के अधिकारियों की प्रोन्नति के लिए अधिक पद सृजित किए जाएं
वहीं, दूसरी ओर बिहार राजस्व सेवा संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि इस संवर्ग के अधिकारियों से राजस्व के अलावा दूसरा काम न लिया जाए। सभी अंचलों में अंचलाधिकारियों को आवास, गाड़ी एवं अंगरक्षक की सुविधा दी जाए।
रविवार को संघ की वार्षिक आमसभा में सदस्यों ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों को उनके लिए निर्धारित पदों पर तैनात किया जाए। संघ के अध्यक्ष आनंद कुमार ने आमसभा की अध्यक्षता की और महासचिव सौरभ कुमार ने संचालन किया।
इस दौरान यह मांग की गई कि पदोन्नति के अवसरों को बढ़ाने के लिए नए पदों का सृजन किया जाए। कई अंचलाधिकारियों ने कहा कि उन्हें जर्जर गाड़ियों से क्षेत्र का भ्रमण करना पड़ रहा है। आमसभा में संघ की ओर से नौ सूत्री मांग पर सहमति बनी और इसे राज्य सरकार को सौंपने का निर्णय लिया गया।
मांग की गई कि दो साल की परीक्ष्यमान अवधि समाप्त होने के बाद बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों को सीधे अंचलाधिकारी के पद पर तैनात किया जाए। उनकी नियुक्ति लेवल नौ के वेतनमान में हो।
आमसभा में तीन सौ से अधिक अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी, कार्यपालक दंडाधिकारी, अपर जिला भूअर्जन पदाधिकारी सहित इस संवर्ग के अन्य अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में राजस्व प्रशासन को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा हुई।
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Bihar News: पटना में STF और अपराधियों के बीच मुठभेड़, हत्थे चढ़ा इनामी अपराधी
जागरण संवाददाता, पटना। नौबतपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को एसटीएफ और पटना पुलिस के साथ अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने तीन लाख के इनामी अपराधी भरत सिंह को उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। देर रात पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी रही।
जटहा का भाई है भरतसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को यह सूचना मिली थी कि पूर्व में मारा गया कुख्यात जटहा का भाई भरत नौबतपुर में अपने साथियों के साथ जुटा है। सूचना की पुष्टि होने बाद एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम उस इलाके में पहुंच गई।
दोनों तरफ से हुई फायरिंगभरत और उसके साथियों की घेराबंदी की गई, लेकिन अपराधियों को जैसे ही इसकी भनक लगी उनके द्वारा फायरिंग शुरू कर दी गई। एसटीएफ और पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद पुलिस ने भरत और उसके दो साथियों को दबोच लिया।
भरत के खिलाफ नौबतपुर सहित अन्य थानों में कई संगीन मामले दर्ज है। काफी समय से एसटीएफ और पुलिस को भरत की तलाश थी। सूत्रों की माने तो हथियार भी बरामद हुआ है। पुलिस भरत की निशानदेही पर देर रात अलग अलग ठिकानों पर छापामारी करते रही।
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Bihar Weather Today: बिहार के इन 10 जिलों के लोग रहें सावधान, आंधी-तूफान के साथ होगी बारिश; अलर्ट जारी
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: राजधानी समेत प्रदेश के दक्षिणी भाग के अधिसंख्य हिस्से में रविवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ गरज-तड़क के आसार हैं। पूर्वी भाग के एक या दो स्थानों पर मेघ गर्जन, बिजली गिरने और झोंके के साथ 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेगी।
इन 10 जिलों में बारिश होने की संभावनाप्रदेश के 10 जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, जमुई और बांका के एक या दो स्थानों पर गरज-तड़क के साथ छिटपुट वर्षा होने की संभावना है। दो दिनों बाद अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री वृद्धि का पूर्वानुमान है।
मधुबनी के अंधराथाढ़ी में हुई सबसे ज्यादा बारिशशनिवार को राजधानी समेत आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहे। मधुबनी के अंधराथाढ़ी में 30.2 मिमी, फारबिसगंज में 21.2 मिमी, अररिया में 11.4 मिमी, गया में 3.2 मिमी, डेहरी में 4.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। शेष जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहे।
32 डिग्री के पार पहुंचा पटना का अधिकतम तापमानशनिवार को वाल्मीकि नगर, गोपालगंज, छपरा, फारबिसगंज को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि 36.6 डिग्री सेल्सियस के साथ बक्सर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान में गिरावटपटना सहित अधिसंख्य जिलों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 16.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सहरसा में सर्वाधिक कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। प्र
प्रमुख शहरों के तापमान में वृद्धिशनिवार को पटना सहित अधिसंख्य जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी के अधिकतम तापमान में 4.7 डिग्री, गया में 7.2 डिग्री , औरंगाबाद में 6.8 डिग्री, बांका में 7.5 डिग्री, भोजपुर में 4.9 डिग्री, वैशाली में 3.3 डिग्री, दरभंगा में 4.7 डिग्री, कटिहार में 1.8 डिग्री, भागलपुर में 3.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों का तापमान शहर अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) पटना 32.8 19.5 गया 32.8 16.8 भागलपुर 30.8 19.6 मुजफ्फरपुर 30.8 16.8 नवादा में बढ़ा पारा
जिले में शनिवार को धूप में तपिश अनुभव की गई। इसके साथ न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिले का न्यूनतम तापमान दो-तीन डिग्री बढ़कर 18 से 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अधिकतम तापमान में छह से सात डिग्री का बदलाव आया।
शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इधर, तेज हवा के झोंके रुक गए और आसमान से बादल भी छंट गए हैं। एक बार फिर से जिले का तापमान बढ़ने लगा है।
हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने पूर्वानुमान में बताया है कि पड़ोसी जिले जमुई में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जिसका प्रभाव जिले के पूर्वी सीमावर्ती प्रखंड कौआकोल व पकरीबरावा में तापमान कम रहेगा।
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इन 10 जिलों में बारिश होने की संभावनाप्रदेश के 10 जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, जमुई और बांका के एक या दो स्थानों पर गरज-तड़क के साथ छिटपुट वर्षा होने की संभावना है। दो दिनों बाद अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री वृद्धि का पूर्वानुमान है।
मधुबनी के अंधराथाढ़ी में हुई सबसे ज्यादा बारिशशनिवार को राजधानी समेत आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहे। मधुबनी के अंधराथाढ़ी में 30.2 मिमी, फारबिसगंज में 21.2 मिमी, अररिया में 11.4 मिमी, गया में 3.2 मिमी, डेहरी में 4.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। शेष जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहे।
32 डिग्री के पार पहुंचा पटना का अधिकतम तापमानशनिवार को वाल्मीकि नगर, गोपालगंज, छपरा, फारबिसगंज को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि 36.6 डिग्री सेल्सियस के साथ बक्सर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान में गिरावटपटना सहित अधिसंख्य जिलों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 16.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सहरसा में सर्वाधिक कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। प्र
प्रमुख शहरों के तापमान में वृद्धिशनिवार को पटना सहित अधिसंख्य जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी के अधिकतम तापमान में 4.7 डिग्री, गया में 7.2 डिग्री , औरंगाबाद में 6.8 डिग्री, बांका में 7.5 डिग्री, भोजपुर में 4.9 डिग्री, वैशाली में 3.3 डिग्री, दरभंगा में 4.7 डिग्री, कटिहार में 1.8 डिग्री, भागलपुर में 3.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों का तापमान शहरअधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) पटना 32.8 19.5 गया 32.8 16.8 भागलपुर 30.8 19.6 मुजफ्फरपुर 30.8 16.8 नवादा में बढ़ा पारा
जिले में शनिवार को धूप में तपिश अनुभव की गई। इसके साथ न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिले का न्यूनतम तापमान दो-तीन डिग्री बढ़कर 18 से 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अधिकतम तापमान में छह से सात डिग्री का बदलाव आया।
शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इधर, तेज हवा के झोंके रुक गए और आसमान से बादल भी छंट गए हैं। एक बार फिर से जिले का तापमान बढ़ने लगा है।
हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने पूर्वानुमान में बताया है कि पड़ोसी जिले जमुई में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जिसका प्रभाव जिले के पूर्वी सीमावर्ती प्रखंड कौआकोल व पकरीबरावा में तापमान कम रहेगा।
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