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Bihar Bhumi: नीतीश सरकार का अहम फैसला, 661 गांवों में भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त की अधिसूचना जारी
राज्य ब्यूरो, पटना। 661 गांवों में भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त की अधिसूचना (Bihar Bhumi Survey) जारी कर दी गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना का गजट प्रकाशन भी हो गया है। इसे विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है।
बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त अधिनियम के तहत 13 जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों द्वारा 44 अंचलों के कुल 661 राजस्व ग्रामों का अंतिम अधिकार अभिलेख भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय को प्राप्त हुआ। निदेशालय से प्राप्त प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए विभाग ने इसे मौजावार प्रकाशित किया है।
अधिनियम में प्रविधान है कि राज्य सरकार किसी क्षेत्र विशेष के संबंध में अधिसूचना द्वारा यह घोषित कर सकती है कि वहां अधिकार अभिलेखों का अंतिम रूप से प्रकाशन कर दिया गया है। यह अधिसूचना उस प्रकाशन का निर्णायक साक्ष्य माना जाता है।
'बिहार में भूमि प्रबंधन के साथ...'राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने इसे बिहार सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि विभाग का यह काम राज्य में भूमि प्रबंधन के साथ सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
जल्द ही 300 और गांवों में जारी होगी अधिसूचनाअपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि तीन सौ और गांवों के अंतिम प्रकाशन का काम अंतिम चरण में है। जल्द ही उसे भी अधिसूचित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अंतिम रूप से प्रकाशित सभी मौजों में नए नक्शे के मुताबिक भूमि की मापी और नए खतियान के अनुसार दाखिल खारिज का काम भी हो जाएगा।
सचिव जय सिंह ने बताया कि शेखपुरा जिले में कुल 284 गांव हैं, जिसमें 207 का अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है। यह जिला जल्द ही पूरी तरह से विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यक्रम से आच्छादित हो जाएगा।
इसी तरह बेगूसराय के सामहो कुरहा अंचल के कुल 56 मौजों में से 50 में भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का काम पूर्ण हो चुका है। यह अंचल भी जल्द ही नए भूमि दस्तावेजों के आधार पर काम करने लगेगा।
गया समेत 18 नगर निगमों को 293 करोड़ का आवंटनदूसरी ओर, नगर विकास एवं आवास विभाग से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। पटना के अलावा राज्य के शेष 18 नगर निगम को करीब 293 करोड़ रुपये का आवंटन उपलब्ध कराया है। नगर विकास एवं आवास विभाग को 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर यह राशि टाइड व अनटाइड ग्रांट (अनुदान) के रूप में मिली है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक 27.27 करोड़ रुपये गया नगर निगम को मिले हैं। इसके अलावा भागलपुर को 22.89 करोड़, मुजफ्फरपुर को 20.37 करोड़ और बिहारशरीफ को 19.58 करोड़ रुपये दिये गये हैं।
अन्य नगर निगमों में दरभंगा को 16.88 करोड़, पूर्णिया को 17.39 करोड़, सासाराम को 17.37 करोड़, समस्तीपुर को 16.72 करोड़, आरा को 15.15 करोड़, बेगूसराय को 14.95 करोड़, बेतिया को 14 करोड़, कटिहार को 13.90 करोड़, मोतिहारी को 13.72 करोड़, सीतामढ़ी को 15.35 करोड़, सहरसा को 13.33 करोड़, मुंगेर को 12.22 करोड़, छपरा को 11.60 करोड़ और मधुबनी को करीब 10 करोड़ रुपये का आवंटन उपलब्ध कराया गया है।
मिलियन प्लस आबादी में शामिल पटना नगर निगम को अलग से राशि का आवंटन होगा। विभाग के अनुसार, यह 2024-25 के लिए अनुशंसित प्रथम किस्त की राशि है।
प्रावधानों के मुताबिक, टाइड ग्रांट (आबद्ध अनुदान) के रूप में मिली राशि का 30 प्रतिशत स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जबकि 30 प्रतिशत राशि पेयजल, वर्षा जल संचयन एवं जल पुनर्चक्रण से संबंधित कार्यों पर खर्च की जाएगी। वहीं, अनटाइड ग्रांट की राशि मानदेय, भत्ता भुगतान से लेकर सरकारी बिलों के बकाया भुगतान पर खर्च की जा सकती है।
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Bihar Weather Update: 2 डिग्री गिरा राजधानी पटना का तापमान, 13 जिलों में बारिश के आसार
जागरण संवाददाता, पटना। पछुआ के प्रभाव से प्रदेश का मौसम (Bihar Weather Update) शुष्क बना रहेगा। 72 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान व अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। पटना सहित प्रदेश के अधिसंख्य भागों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, एक मार्च से प्री मानसून सीजन आरंभ होगा। इस दौरान 13 जिलों के एक या दो स्थानों पर हल्की वर्षा की संभावना है।
8 जिलों में हुई बारिशमौसम विभाग के अनुसार, रविवार को आठ जिलों के 29 शहरों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान सबसे अधिक वर्षा भागलपुर में 13.3 मिमी दर्ज हुई।
कुरसेला में 12.8 मिमी, मटियानी में 12.6 मिमी भागलपुर के कोलगांव में 8.6 मिमी, नौगछिया में 8.2 मिमी, गोपालपुर में 7.6 मिमी, खगड़िया में 6.2 मिमी, कटिहार में 6.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। उत्तरी भागों के मौसम में बदलाव का असर पटना सहित शेष भागों में देखने को मिला।
बिहार में तापमान का हालरविवार को सीतामढ़ी के पुपरी व किशनगंज जिले को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान दो डिग्री की गिरावट के साथ 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 31.7 डिग्री सेल्सियस के साथ खगड़िया का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
पटना समेत अधिसंख्य भागों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 19.0 डिग्री सेल्सियस, जबकि 11.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सहरसा अगावनपुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी के कारण रात्रि में हल्की गर्मी का एहसास लोगों को होगा।
प्रमुख शहरों का तापमान शहर अधिकतम (डिग्री सेल्सियस में) न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस में) पटना 28.2 19.0 गया 28.2 17.2 भागलपुर 27.1 18.1 मुजफ्फरपुर 28.1 17.8ये भी पढ़ें- Weather Update: हिमालयी क्षेत्र में फिर एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, उत्तराखंड में पड़ेगी कड़ाके की ठंड
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पटना के मसौढ़ी में भीषण हादसा, टक्कर के बाद तालाब में गिरे ट्रक और टेंपो; चालक समेत सात की मौत
जेएनएन, मसौढ़ी। Masaurhi truck accident पटना के मसौढ़ी में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। नौबतपुर सड़क मार्ग स्थित थाना के नूरा व खरांट के बीच धनीचक मोड़ के पास रविवार की रात बालू लदे एक ट्रक और एक टेंपों के बीच हुई टक्कर के बाद दोनों वाहन पास के पइन में जा गिरे।
सात लोगों की मौतइधर सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद जेसीबी से सात लोगों का शव बरामद किया। फिलहाल शवों की तलाश जारी है। पांच शव की पहचान हो गई है। अन्य दो शव की पहचान का प्रयास किया जा रहा था।
Chirag Paswan: 'कंगना मेरी दोस्त', शादी के सवाल पर आया चिराग का रिएक्शन; जवाब देने से पहले शर्मा गए!
कुमार रजत, पटना। राजनीति के सवाल पर बेबाक, प्रतिद्वंद्वियों की आलोचना में मर्यादित, पिता और परिवार की बात पर भावुक और शादी की बात पर आंखें झुकाकर ठेठ बिहारी की तरह शर्माना।
चिराग पासवान की पूरी शख्सियत इन्हीं तस्वीरों को जोड़कर बनती है। वह राजनीति के 'सुटेबल ब्वाय' हैं। उनकी सहजता लोगों को अपनी ओर खींचती है और बातें यह भरोसा दिलाती हैं कि राजनीति 'चिराग से रोशन' है।
चिराग जो पांच सांसदों वाले दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। चिराग जो केंद्रीय कैबिनेट में खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हैं।
चिराग जो फिल्म अभिनेता रह चुके हैं और अब राजनीति के चमकते सितारे हैं। वहीं चिराग जब जनता के बीच जाते हैं, तो तस्वीरें लेने के लिए मंच पर घुटने के बल बैठ जाते हैं।
उनके साथ सेल्फी लेने के लिए कोई बांह पकड़कर प्लीज कहता है, तो वह खुद मोबाइल लेकर सेल्फी खींच लेते हैं। राजनीति में नेता का यह रूप विरले हैं।
तारामंडल सभागार में बिहार संवादी के मंच पर रविवार को चिराग पासवान का यही रूप दिखा। उन्होंने कहा भी सीएम या पीएम बनने की चाहत नहीं है। मैं चाहता हूं बिहार का हर परिवार समझे कि मैं उनका भाई और उनका बेटा हूं। उनके ही जैसा हूं।
फन विद चिराग के सत्र में दैनिक जागरण नेशनल ब्रांड टीम के महाप्रबंधक प्रशांत कश्यप ने जिस स्पष्टता से सवाल पूछे, चिराग पासवान ने उतनी ही स्पष्टता से उनका जवाब दिया।
पार्टी का क्या प्लान है, इस सवाल में छिपे व्यंग्य को समझते हुए चिराग कहते हैं, 40 की उम्र भी पार हो गई, अब तो बस एक ही पार्टी है- लोजपा (आर)। पार्टी कई उतार-चढ़ाव से गुजरी है, तीन साल कठिन रहे हैं।
बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं, तो यह साल महत्वपूर्ण है। भाजपा की कौन सी अच्छी बात है, जिसे लागू करना चाहेंगे के सवाल पर चिराग कहते हैं कि भाजपा के संगठन की कार्यशैली सबसे खूबसूरत पक्ष है।
नकरात्मक पक्ष कोई नहीं है। पिछले विधानसभा चुनाव में एनडीए से अलग लड़ने के सवाल पर कहा कि उस समय गठबंधन ने अहमियत नहीं दी, इसलिए ताकत दिखाना जरूरी था।
जाति-धर्म में बंटने की राजनीति ने बिहारी होने को गाली बना दिया : चिरागबिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट विजन के सवाल पर चिराग ने कहा कि इसमें बिहारी होने का गौरवबोध है। मैं दिल्ली में पला-बढ़ा, जब बिहार आता तो यहां परिचय में कोई ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार, पिछड़ा, मुस्लिम मिलता, कोई बिहारी नहीं मिलता।
यही बिहारी जब दूसरे राज्य या देश जाते तो इनकी पहचान बिहारी होती। तो फिर अपने राज्य में जाति-धर्म क्यों? इसी जाति-धर्म में बांटने की राजनीति ने बिहारी होने को कब गाली बना दिया, पता ही नहीं चला।
बिहार में बदलाव के पांच प्रमुख विजन पूछने पर चिराग ने शिक्षा, चिकित्सा, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और उद्योग का नाम लिया। कहा कि शिक्षा ही जाति से बिहार को बाहर लाएगी।
उद्योग पर चर्चा करते हुए बताया कि जल्द ही देश का तीसरा खाद्य प्रौद्यिगिकी संस्थान निफ्टेम बिहार में शुरू होगा। इसी तरह ग्रामीण चिकित्सा, गांव को शहरों से जोड़ने की बात चिराग ने कही।
पर्यटन का जिक्र करते हुए कहा कि जब अयोध्या में राममंदिर बन सकता तो बिहार में माता सीता का मंदिर बनाकर क्यों नहीं बनता।
कंगना अच्छी दोस्त, उनके साथ वाले रील्स देखकर खुद हंसता हूंचिराग शादी कब करेंगे, इस सवाल पर शर्माते-सकुचाते चिराग मुस्कुराकर चुप लगा देते हैं, मगर दर्शक दीर्घा से प्लीज बोलिए कि आवाज पर व्यंग्य करते हैं कि काम करते-करते उम्र निकल गई।
अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत के साथ हाथ मिलाते या गले मिलते रील्स और मीम्स देखकर मां कुछ नहीं कहती, इस सवाल पर चिराग कहते हैं कि कंगना मेरी मित्र हैं।
हमलोग खुद हंसते हैं कि यह सब क्या चल रहा है? कंगना को राजनीतिक टिप्स देने के सवाल पर चिराग कहते हैं कि कंगना बिल्कुल स्पष्ट हैं, उनको किसी टिप्स की जरूरत नहीं।
सुबह डेढ़ घंटे पूजा किए बिना घर से बाहर नहीं निकलता- चिराग ने आस्था के सवाल पर कहा कि मैंने अपने हर पहलू को खुलकर रखा है। मैं आस्तिक हूं। महादेव का भक्त हूं। सुबह डेढ़ घंटे पूजा किए बिना घर से बाहर नहीं निकलता। महादेव का भक्त हूं।
- जब तक पिता (रामविलास पासवान) जिंदा थे, वही मेरे महादेव थे। इस आस्था और ध्यान ने ही बुरे समय में मुझे सकारात्मक रखा कि सब ठीक हो जाएगा।
- इसके साथ संयम बहुत जरूरी है। जब लगेगा सब चला गया और जब लगे सबकुछ पा लिया, दोनाें समय संयम बनाए रखना चाहिए।
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BPSC TRE 3.0: बीपीएससी परीक्षा पास करने वाले कैंडिडेटों को मिल गई एक और खुशखबरी, इस दिन मिलेगा नियुक्ति पत्र
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग से तीसरे चरण में करीब 66 हजार नियुक्त शिक्षकों को नौ मार्च को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी है।
इसको लेकर शिक्षा विभाग की ओर से आवश्यक तैयारी करने का निर्देश सभी जिलों को दिया गया है। विभाग द्वारा शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने की तिथि घोषित की जाएगी।
राजधानी पटना में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा कुछ चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, वहीं, अन्य जिलों में भी कार्यक्रम के जरिये शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
सभी चयनित शिक्षकों की काउंसलिंग पूरी- शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बिहार लोक सेवा आयोग से तीसरे चरण में 66 हजार शिक्षक चयनित हुए हैं। इन सभी चयनित शिक्षकों की काउंसलिंग पूरी हो चुकी है।
- वहीं, सक्षमता परीक्षा-दो उत्तीर्ण नियोजित शिक्षकों को एक मार्च को विशिष्ट शिक्षक के रूप में औपबंधिक नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
- बता दें कि सक्षमता परीक्षा-दो में 65,716 शिक्षक उत्तीर्ण घोषित हुए थे। इन शिक्षकों की भी काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। औपबंधिक नियुक्ति पत्र दिए जाने के बाद ये सभी शिक्षक विशिष्ट अध्यापक बन जाएंगे।
चक्की (बक्सर) प्रखंडवासियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तो मिल गया है लेकिन यहां महिला चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होने से महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है।
विभाग ने केंद्र के लिए जीएनएम के चार पद स्वीकृत किए हैं लेकिन अब तक एक भी नियुक्ति नहीं हुई है। इसके चलते गर्भवती महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
महिला चिकित्सक न होने के कारण एएनएम के भरोसे प्रसव कराना पड़ता है। कई महिलाएं पुरुष डाक्टरों से समस्याएं बताने में असहज महसूस करती हैं।
क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि महिला चिकित्सक की कमी से महिलाओं को काफी दिक्कतें होती हैं। जीएनएम की नियुक्ति होने से भी मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
चिकित्सा पदाधिकारी डा. अंजनी कुमार ने बताया कि केंद्र के लिए चार जीएनएम के पद स्वीकृत हैं, लेकिन अभी तक कोई नियुक्ति नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि महिला चिकित्सक न होने के कारण एएनएम के सहारे प्रसव कराया जा रहा है।
छात्रावासों के जीर्णोद्धार को भौतिक निरीक्षण करेगी शिक्षा विभाग की कमेटीउधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान पटना शहर में अवस्थित विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्रावासों की स्थिति का आकलन करते हुए चरणबद्ध तरीके से उनके जीर्णोद्धार कराये जाने की घोषणा की गयी है।
इस घोषणा के आलोक में पटना शहर में अवस्थित छात्रावासों के जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण हेतु छात्रावासों का भौतिक निरीक्षण कराने हेतु शिक्षा सचिव अजय यादव की अध्यक्षता में कमेटी गठित कीगई है।
शिक्षा विभाग की ओर से गठित कमेटी में पटना विश्वविद्यालय और पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष (छात्र कल्याण), पटना के उपविकास आयुक्त, बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम के अधीक्षण अभियंता, समाज कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक-एक प्रतिनिधि, उच्च शिक्षा निदेशालय के उपनिदेशक दीपक कुमार सिंह सदस्य होंगे।
कमेटी पटना शहर में अवस्थित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के सभी छात्रावासों का स्थलीय निरीक्षण करेगी और उनके जीर्णोद्धार व सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिवेदन देगी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। पटना में राजवंशीनगर स्थित लोक नायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल परिसर में चार सौ बेड का अस्पताल इस वर्ष अगस्त तक बनकर तैयार हो जाएगा।
हड्डी रोग के इस विशेष अस्पताल में एक ही छत के नीचे यहां आने वाले मरीजों को एक साथ कई सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। इस अस्पताल पर करीब 2.20 अरब रुपये की लागत आएगी।
करीब तीन वर्ष पहले एनएनजेपी अस्पताल में नए अस्पताल की परियोजना स्वीकृत की गई थी। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एलएनजेपी अस्पताल में चार सौ बेड के अतिरिक्त अस्पताल को बनाने का निर्णय हड्डी रोग के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया गया था।
अस्पताल में मिलेंगी यह सुविधाएं- इस अस्पताल में हड्डी पीडि़त मरीजों को एक ही छत के नीचे इलाज की तमाम सुविधाएं मिलेगी। नए केंद्र में कई प्रकार की जांच की भी आधुनिक सुविधा रहेगी।
- इसमें अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआइ, डिजिटल एक्स-रे, माड्यूलर ओटी, स्पोर्ट्स इंज्यूरी सेंटर समेत अन्य जांच की सुविधाएं रहेंगी।
- विभाग के अनुसार राजवंशी नगर में 400 बेड का अस्पताल राज्य का पहला और देश का दूसरा सबसे बड़ा हड्डी और स्पाइन का अस्पताल होगा।
- अस्पताल में हड्डी के मरीजों के लिए ग्राउंड प्लस छह मंजिला होगा। विभाग के अनुसार इस केंद्र में आधुनिक सुविधाओं के मद्देनजर कई किस्म की आधुनिक मशीनें लगाई जा रही हैं।
- इसके अलावा यहां 30 बेड का एक अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर भी होगा। यहां खेल के दौरान होने वाले स्पोट्र्स इंज्यूरी का इलाज भी हो सकेगा। इसके साथ ही छह नए मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर भी नए भवन में बनाए जा रहे हैं।
- बता दें कि पिछले दिनों राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इन इस निर्माणस्थल का दौरा कर अस्पताल निर्माण का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया था।
उधर, डुमरांव (बक्सर) में सदर अस्पताल के आइसीयू का ताला खुलने की खुशी रविवार को राज हाई स्कूल के खेल मैदान में मनी।
इस मौके पर होली मिलन समारोह का आयोजन हरे कृष्ण सिंह उर्फ कृष्णा यादव की अगुवाई में किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सदर अस्पताल बक्सर में आइसीयू चालू होने के बाद कुछ ऐसे लोग हैं, जो इसमें बाधा डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम लोग छोड़ेंगे नहीं क्योंकि यह सुविधा पूरे जिले के गरीब लोगों के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अमीर लोग इस सुविधा को निजी अस्पताल में हासिल कर लेते हैं। गरीब तबके के लोग समय काल के गाल में समा जाते हैं।
हरे कृष्ण यादव ने कहा कि वह खुद गरीब का बेटा हैं तो गरीबों के मर्म को समझता हैं और किसी गरीब को गरीबी का दंश झेलते नहीं देखूंगा।
उन्होंने कहा कि अनुमंडल अस्पताल की कुव्यवस्था पर बहुत जल्द आवाज उठाने की रणनीति तय की जाएगी। सदर अस्पताल में आइसीयू सुविधा बहाल होने पर उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को कबीर लगाकर अपनी चट्टानी एकता बरकरार रखने का ऐलान किया।
उल्लेखनीय है कि हरे कृष्णा यादव द्वारा सदर अस्पताल में आइसीयू की सुविधा बहाल करने के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की गई थी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा ने नयी आधारभूत संरचना के निर्माण को ले बड़ा प्लेटफार्म तैयार कर दिया है।
कार्य महकमे से जुड़े सभी विभागों में नए प्रोजेक्ट इतने अधिक उपलब्ध हो गए हैं कि उन्हें लंबी अवधि तक नए प्रोजेक्ट पर ही सक्रिय रहना होगा।
ऐसा नहीं है कि केवल पुल, पुलिया, बाइपास, एलिवेटेड कारिडोर व रिंग रोड निर्माण की घोषणा मुख्यमंत्री ने की बल्कि जल संसाधन, भवन निर्माण व चिकित्सा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना के निर्माण पर बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद उनमें बहुतों के लिए कैबिनेट से राशि की भी मंजूरी हो गयी है।
ट्रैफिक का बोझ सड़कों पर कम हो इसका रखा ध्यानप्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने इस बात को केंद्र में रख कि शहरों में सड़कों पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक का बोझ कम हो। इसके लिए नयी आधारभूत संरचना को विकसित करने को ले कई एलान हुए।
पटना में जेपी गंगा पथ को कोईलवर तथा पूरब में मोकामा तक ले जाने, नेहरू पथ में नाले को पाट कर सगुना मोड़ से रुपसपुर नहर तक सड़क बनाने गोला रोड के चौड़ीकरण और दो अन्य मुहल्ले क्रमश: राजीवनगर व आनंदपुरी नाले को पाटकर सड़क बनाने की घोषणा की गयी।
इसके अलावा कई सड़कों के चौड़ीकरण को ले मुख्यमंत्री ने एलान किया। नालंदा जिले में हिलसा में पूर्वी बाइपास, बिहारशरीफ के पुराने रांची राेड के चौड़ीकरण आदि की घोषणा की गयी।
रोहतास के संझौली प्रखंड के वाजिदपुर में कांव नदी पर पुल निर्माण की घोषणा हुई। इससे इस इलाके की अनुमंडल मुख्यालय से दूरी 71 किमी कम हो जाएगी। कैमूर के मोहनिया में नया बाइपास बनेगा।
भोजपुर में कई पथों के चौड़ीकरण की घोषणा हुई। बक्सर में धनसेई बाजार में नए बाईपास निर्माण का एलान हुआ। समस्तीपुर सहित आधा दर्जन से अधिक जिलों में नया बाईपास बनेगा।
प्रगति यात्रा के सभी चरणों में सड़कों के चौड़ीकरण, पुल, आरओबी व बाईपास निर्माण की घोषणा हुई। कई जिला मुख्यालयों में रिंग रोड बनाए जाने की भी घोषणा हुई।
कृषि व सिंचाई सेक्टर के लिए खूब बनेंगी आधारभूत संरचनाएंकृषि व सिंचाई सेक्टर के लिए भी प्रगति यात्रा के दौरान कई आधारभूत संरचनाओं का ऐलान हुआ। पटना में दीदारगंज से गौरीचक होते हुए पुनपन तक तटबंध के चौड़ीकरण को ले केंद्र सरकार से अनुरोध किए जाने का निर्णय हुआ।
नालंदा में इस सेक्टर के लिए कई घाेषणाएं हुई हौं। सरमेरा प्रखंड के धनवाडीह व गोपालबाद में जमींदारी बांध का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
नूरसराय और हरनौत प्रखंड में आठ स्थानों पर एंटी फ्लड स्लुईस गेट का निर्माण कराया जाएगा। पंचाने सिंचाई योजना का जीर्णोद्धार होगा। सभी जिलों में सिंचाई क्षमता को केंद्र में रख कई याेजनाओं का ऐलान हुआ।
पर्यटन व शिक्षा से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का विकास- मुख्यमंत्री ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान पर्यटन व शिक्षा व पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी बड़ी संख्या में आधारभूत संरचनाओं के लिए घोषणा की।
- इनमें बक्सर में एक संगीत महाविद्यालय की स्थापना, कई जगहों पर मेडिकल कॉलेज के भवन, कुछ अन्य भवनों के निर्माण की घोषणा की गयी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय के सभागार में पुलिस सप्ताह के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह का राज्य के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने उद्घाटन किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में 50 प्रतिशत से अधिक आपराधिक घटनाओं की जड़ भूमि विवाद है। ऐसे में पुलिस-प्रशासन भूमि विवाद से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दे।
उन्होंने कहा कि ग्राम कचहरी इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। पुलिस थानों तक आने वाले छोटे-मोटे विवाद को ग्राम कचहरियों के माध्यम से ही निपटाने की जरूरत है। इससे थानों में मुकदमों का बोझ कम होगा और लंबित मामलों के निपटाने में भी तेजी आएगी।
विधि-व्यवस्था की स्थिति में हुआ है सुधारसरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में विधि-व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ है, इसके कारण माहौल बदला है और निवेश प्रस्ताव भी बढ़ा है।
मुख्य सचिव ने कहा कि मध्यम एवं लघु उद्योग क्षेत्र में वर्ष 2005 में 7500 करोड़ का निवेश था, जो 2025 में 75 हजार करोड़ तक पहुंच गया है। इसी तरह कई क्षेत्रों में 2005 की तुलना में दस गुना तक वृद्धि हुई है।
वर्ष 2005 में बिहार का पुलिस बल महज 42 हजार था, जबकि एक हजार पुलिस वाहन थे। पुलिस बल अब बढ़कर एक लाख दस हजार हो गया है, जबकि पुलिस वाहन की संख्या 11 हजार हो गई है। इसमें महिला पुलिस बलों की संख्या 29 हजार है।
माफियाओं पर कसें नकेलउन्होंने शराबबंदी, नक्सलवाद और सामाजिक समरसता समेत कई क्षेत्रों में पुलिस के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आने वाले समय में ड्रग तस्करी, साइबर सुरक्षा, शराब माफिया के संगठित गिरोह, महिला सुरक्षा, भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा आदि महत्वपूर्ण चुनौती हैं, जिन पर और ध्यान देने की जरूरत है।
मुख्य सचिव ने कहा कि माफिया और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस व्यापक स्तर पर कार्रवाई करे। उन्होंने बताया कि सभी थानों के करीब 23 हजार अनुसंधान पदाधिकारियों को एक से दो माह में लैपटाप और मोबाइल फोन उपलब्ध हो जाएंगे।
पंचायतों के चौक-चौराहों पर भी लगेंगे कैमरेमुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने बताया कि पटना समेत चारों स्मार्ट सिटी में लगे कैमरों का इस्तेमाल विधि-व्यवस्था में भी बखूबी हो रहा है। जल्द ही पांच अन्य प्रमंडलीय शहरों में भी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसकी मंजूरी मिल गई है।
सभी पंचायतों के प्रमुख स्थानों और चौक-चौराहों पर भी कैमरे लगाने की योजना है। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग और डाटा का इस्तेमाल अपराध नियंत्रण में किया जा सकेगा।
उन्होंने सभी जिलों के एसपी को अपने-अपने इलाकों में दुर्घटना प्रवण स्थलों और ब्लाइंड स्पॉट को चिह्नित करके इसकी रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
इंस्पेक्टर-दारोगा को मिलेगा साइबर सेंटर में प्रशिक्षणडीजीपी विनय कुमार ने पुलिस सप्ताह मनाए जाने के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार पुलिस सप्ताह की थीम साइबर सुरक्षा है। इसको लेकर दिल्ली स्थित सीएफएमसी (साइबर क्राइम मिटिगेशन सेंटर) में बिहार के इंस्पेक्टर एवं दारोगा को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
इसमें समन्वय के लिए वैसे पदाधिकारियों को भेजा जाएगा, जो वहां जाने को इच्छुक हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) प्रवीण वशिष्ठ ने कहा कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। साइबर सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
उन्होंने कहा कि बिहार के नवादा, नालंदा, पटना, पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण जिले साइबर अपराध के हॉटस्पॉट बन गए हैं। इसे लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। इस चुनौती से निपटने के लिए साइबर अनुसंधान से जुड़े पदाधिकारियों का क्षमतावर्द्धन करने की जरूरत है।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने स्वागत संबोधन एवं एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार में साइबर सुरक्षा सलाहकार नवीन कुमार सिंह, आई4सी के प्रमुख राजेश कुमार, उप-निदेशक अखिलेश गौर समेत अन्य ने साइबर सुरक्षा के अलग-अलग विषयों पर वक्तव्य दिया।
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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव को लेकर कई बड़े नेताओं का बिहार में जुटान भी हो रहा है। शनिवार को जदयू के वरिष्ठ नेता और संसदीय कार्य एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रेस वार्ता की।
जदयू के वरिष्ठ नेता और संसदीय कार्य एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए के सभी घटक दल किसी भी समय विधानसभा चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के रहते किसी और के लिए चांस (मुख्यमंत्री बनने का अवसर) नहीं है।
एनडीए हर चुनौती के लिए तैयारवह शनिवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव की तारीख तय करना चुनाव आयोग के अधिकार में है। लेकिन, एनडीए चुनाव और विपक्ष की किसी चुनौती के मुकाबले के लिए हर समय तैयार है।
चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा बिहार के विकास गाथा में मील का पत्थर साबित होगी। 23 दिसंबर को पश्चिम चंपारण से शुरू होने वाली इस यात्रा का समापन 21 फरवरी को पटना में हुआ। ऐसे तो नीतीश कुमार की सभी यात्राएं महत्वपूर्ण रही हैं। परंतु, प्रगति यात्रा की अहमियत बिल्कुल अलग तरह की है।
प्रगति यात्रा का दिखेगा असरइसका मुख्य मकसद पिछले डेढ़-दो दशकों में हुए न्याय के साथ विकास के बाद बची हुई महत्वपूर्ण जन उपयोगी विकास योजनाओं की पहचान कर तत्काल उनका निराकरण करना था। महीनों पहले से इसकी तैयारी की गई थी।
विजय कुमार चौधरी ने कहा कि इसी आधार पर सभी जिलों में यात्रा के अंतिम कार्यक्रम समीक्षा बैठक में तमाम जन प्रतिनिधियों के समक्ष उन समस्याओं के निदान की मुख्यमंत्री ने घोषणा की।
चौधरी ने कहा कि प्रगति यात्रा में राजद सहित विपक्ष के अन्य दलों के प्रतिनिधि भी शामिल होते थे। इस दौरान विपक्षी दलों के प्रतिनिधि भी विकास के लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते थे।
चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के जदयू में सक्रिय होने के प्रश्न पर कहा कि जदयू में सब कुछ नीतीश कुमार की सहमति से होता है। इसलिए मीडिया और विपक्ष के नेताओं को इस मुद्दे पर अधिक चिंता नहीं करनी चाहिए।
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Patna News: पटना में दर्दनाक हादसा, ट्रेन से कटकर पति- पत्नी की मौत
संवाद सूत्र, खुसरूपुर(पटना)। पटना जिले के खुसरूपुर में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। खुसरूपुर में रविवार अहले सुबह ट्रेन से कटकर दो लोगों की मौत हो गई। दोनों मृतक पति-पत्नी थे।
मृतकों में एक पुरुष एवं एक महिला शामिल है। शव रेल पटरी पर मिलने से सनसनी फैल गई है। बताया जाता है कि शव हरदासबीघा रेलवे स्टेशन से पूरब पोल संख्या 515 के पास अप लाइन पर पड़ा मिला।
ऐसी आशंका जताई जा रही है कि संभवतः किसी एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर दोनों की मौत हुई है। पुरुष की उम्र लगभग 30 वर्ष एवं महिला की उम्र लगभग 25 वर्ष बताया जा रहा है। दोनों की मौत किस परिस्थिति में हुई, पुलिस जांच में जुटी है।
जीआरपी प्रभारी मनोज कुमार घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। पुलिस ने दोनों मृतकों की पहचान कर ली है।
मृतक की पहचान खुसरूपुर थाना क्षेत्र के गोबिंदपुर निवासी बाल्मीकि साव एवं कुसुम देवी के रूप में हुई है। दोनों पति पत्नी थे।खुसरूपुर पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रसव के दौरान नस कटने से महिला की मौतवहीं दूसरी ओर औरंगाबाद में ग्रामीण चिकित्सक धड़ल्ले से ऑपरेशन कर रहे हैं। सिविल सर्जन के साथ अन्य अधिकारी चुप बैठे हैं। ग्रामीण इन क्लीनिकों में अपनी जान गंवा रहे हैं।
मदनपुर थाना मुख्यालय में जीटी रोड से सटे दक्षिण स्थित इमरजेंसी हेल्थ केयर के संचालक तथाकथित चिकित्सक डॉ. ब्रजेश कुमार यादव की लापरवाही के कारण प्रसव कराने आई महिला की मौत हो गई है।
मदनपुर के वार्ड संख्या-10 बिचली गली निवासी वसीम अहमद की 32 वर्षीय पत्नी नजमा खातून का ऑपरेशन के दौरान ब्रजेश ने नस काट दिया, जिस कारण अधिक रक्तस्राव होने लगा। स्वजनों ने बताया कि ऑपरेशन से नजमा को बच्ची हुई थी।
नस कटने के कारण जब रक्तस्राव होने लगा तो तथाकथित चिकित्सक घबरा गए और नजमा को लेकर वाहन से गया चले गए। स्वजनों को पीछे से आने के लिए बोला, ताकि कहीं इलाज कराएं तो सच्चाई सामने न आ जाए। स्वजन जब गया पहुंचे तो ब्रजेश महिला को लेकर पटना पहुंच गए।
पटना के ब्लू डायमंड अस्पताल में स्वजन पहुंचे तो देखा कि नजमा मरी पड़ी है। तथाकथित चिकित्सक अपना मोबाइल बंद कर फरार हो गया है। रविवार की सुबह स्वजन नजमा का शव का लेकर स्वजन मदनपुर पहुंच पुलिस को सूचना दिया।
जांच में जुटी पुलिसथानाध्यक्ष राजेश कुमार, पुलिस पदाधिकारी अंजलि कुमारी, पप्पू पासवान, सुरेंद्र कुमार एवं कन्हाई सिंह मृतका के घर पहुंचे और स्वजनों से घटना के बारे में जानकारी लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सदर अस्पताल औरंगाबाद में पोस्टमार्टम कराया और स्वजनों को सौंप दिया।
स्वजनों ने पुलिस को बताया कि तथाकथित चिकित्सक की लापरवाही के कारण मौत हुई है। नजमा को दो बच्चे पहले से थे। क्लीनिक बंद कर कर्मी फरार हो गए हैं।
थानाध्यक्ष ने बताया कि क्लीनिक बंद है। इस क्लीनिक के बाहर पहले से चिकित्सक का बोर्ड लगा था, जिसे महिला की मौत के बाद हटा लिया गया है। पुलिस तथाकथित चिकित्सक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
बता दें कि इससे पहले भी इस तरह की घटना मदनपुर में घट चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि फरार चिकित्सक मदनपुर थाना क्षेत्र के देव रोड स्थित खेसर गांव के निवासी हैं।
40 हजार रुपये दिए तो मिला शवपटना में जब मदनपुर पंचायत के मुखिया मो. हमीद अख्तर उर्फ सोनू नजमा के स्वजनों के साथ पहुंचे तो वहां ब्लू डायमंड अस्पताल के संचालक ने 40 हजार रुपये लिया। बताया कि इलाज के दौरान 40 हजार रुपये खर्च हुए हैं।
जब तक आप रुपये नहीं देंगे, हम शव नहीं ले जाने देंगे। रुपये देने के बाद अस्पताल के संचालक ने रसीद काटकर दिया। इसके अलावा ऑपरेशन से पहले तथाकथित चिकित्सक ने रुपये जमा कराया था।
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राज्य ब्यूरो, जागरण, पटना। बिहार कांग्रेस पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है। पार्टी ने इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी दी है।
लगातार एक सप्ताह के मंथन के बाद पार्टी ने चुनावी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के बाद शनिवार से अभियान शुरू किया। इसके तहत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चंपारण पहुंच गए हैं, जहां से वे चुनावी अभियान प्रारंभ करेंगे।
दूसरी ओर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा चुनावी अभियान के क्रम में वैशाली में हैं। इनके अलावा कांग्रेस के प्रभारी सचिव शाहनवाज आलम एक सप्ताह के दौरे पर अररिया, पूर्णिया और बेगूसराय के लिए निकल चुके हैं। 24 फरवरी से नवनियुक्त प्रभारी कृष्णा अल्लावारू भी इसमें शामिल हो जाएंगे।
डबल इंजन की सरकार का करेंगे सफाया- डॉ. अखिलेशचुनावी अभियान के लिए चंपारण रवाना होने के पूर्व डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य डबल इंजन की सरकार का सफाया करना है। हमने 50 सीट जीतने का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य आसान नहीं है, मगर नामुमकिन भी नहीं।
चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में चौकाने वाले परिणाम आएंगे। उन्होंने कहा कि पहले चरण के कार्यक्रम के साथ ही पार्टी अगले दौर के कार्यक्रम की रूपरेखा को युद्ध स्तर पर अंतिम रूप देने में जुटी है।
इंटरनेट मीडिया और विजुअल मीडिया के जरिये भी पार्टी के कार्यक्रम और विचारधारा के प्रचार-प्रसार की रणनीति पर काम प्रारंभ कर दिया गया है। वार रूम के पुनर्गठन का काम भी तेजी से चल रहा है।
एक्शन में दिखेंगे बिहार कांग्रेस प्रभारीवहीं, दूसरी ओर पार्टी के नवनियुक्त बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू भी एक्शन में आने वाले हैं। पार्टी ने उनके जिला भ्रमण का कार्यक्रम तय कर दिया है। अल्लावारू का बिहार दौरा 24 फरवरी से शुरू हो रहा है। वे प्रदेश अध्यक्ष के साथ मिलकर विभिन्न जिलों में जाएंगे।
यात्रा के पहले दिन वे पटना महानगर, पटना ग्रामीण कांग्रेस-1 एवं पटना ग्रामीण-2 के अधीन आने वाले वर्तमान एवं पूर्व के सभी जन प्रतिनिधि के अलावा जिलाध्यक्ष, एआईसीसी सदस्य, प्रदेश डेलिगेट, प्रत्याशीगण, प्रखंड अध्यक्ष के साथ मैराथन मीटिंग करेंगे।
जमीनी हकीकत से अवगत होने के बाद प्रभारी प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ उसका विश्लेषण कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के चुनावी कार्यक्रम पर एक नजर- 24 फरवरी - ग्रामीण कांग्रेस एक और दो के पदाधिकारियों के साथ पटना में बैठक करेंगे।
- 25 फरवरी - पटना से बेगूसराय के लिए रवाना, बेगूसराय, खगड़िया एवं समस्तीपुर के नेताओं के साथ बैठक होगी।
- 26 फरवरी - पटना से भोजपुर के लिए प्रस्थान, भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर के विधायक, पार्षदों व नेताओं के साथ बैठक।
- 27 फरवरी - पटना से मुजफ्फरपुर के लिए प्रस्थान, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी के नेताओं पदाधिकारियों के साथ बैठक।
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जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार के मौसम में एक बार फिर से बदलाव होने के आसार हैं। इस दौरान लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है। खासकर किसानों के लिए अलर्ट जारी किया है। किसानों को खुले में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव जारी है। पटना समेत आसपास इलाकों में दिन में धूप के साथ हवा में आर्द्रता बढ़ने से उमस जैसी स्थिति बनी रही। शनिवार को कुछ स्थानों पर हल्की बूंदा-बांदी भी हुई।
प्रदेश के कुछ जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। पटना सहित अन्य भागों में सुबह के समय हल्के कोहरे का प्रभाव बना रहेगा।
इस जिलों में बारिश की संभावनामौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार पूर्णिया, कटिहार जिले के कुछ भागों में अगले एक घंटे से तीन घंटे के बीच हल्के से मध्यम मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
वहीं, भागलपुर, मुंगेर जिले के भी कुछ हिस्सों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान किसान खेतों में जाने से बचें।
पटना समेत शेष जिलों का मौसम शुष्क बना रहेगा। 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है।
फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही 30 के पास पहुंचा पारामौसम में तेजी से बदलाव शुरू हो गया है। मुजफ्फपुर जिले में फरवरी के आखिरी सप्ताह में ही तापमान बढ़कर करीब 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। गर्मी की धमक शुरू हो चुकी है।
शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले दो दिनों से लोग कंबल का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। वहीं भोर में हल्की ठंड की अनुभूति हो रही है।
आने वाले तीन से चार दिनों में लगातार तापमान में परिवर्तन दिखाई देगा। इस दौरान आसमान में हल्के बादल छाएंगे, कही मौसम शुष्क तो कहीं बारिश की संभावना रहेगी। इस अवधि में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी।
इस दौरान अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 15-19 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रह सकता है। पूर्वानुमानित अवधि में औसतन दो से तीन किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चलेगी। उसके बाद पछिया हवा चलने का अनुमान है।
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विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट ने दानापुर की पूर्व विधायक आशा देवी के पति, स्व. सत्यनारायण सिन्हा की हत्या मामले में दानापुर विधायक रीतलाल यादव समेत अन्य के खिलाफ नोटिस जारी किया है।
न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद ऐवं न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई के दौरान जारी किया। इनमें से एक अपील पूर्व विधायक आशा देवी द्वारा भी दायर की गई है। उल्लेखनीय है कि इस हत्याकांड में निचली अदालत ने साक्ष्य के अभाव में चारों आरोपियों को बरी कर दिया था।
साल 2003 का है मामला- मामला 30 अप्रैल 2003 का है, जब राजधानी पटना के गांधी मैदान में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा “तेल पिलावन, लाठी घुमावन” रैली का आयोजन किया गया था।
- इसी दिन खगौल के जमालुद्दीन चक के पास सत्यनारायण सिन्हा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
- राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में आपराधिक अपील दायर की है, जिसे सरकारी अधिवक्ता अजय मिश्रा ने प्रस्तुत किया। मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को निर्धारित की गई है।
उधर, बार काउंसिल आफ इंडिया (बीसीआई) ने केंद्र सरकार द्वारा अधिवक्ता संशोधन बिल, 2025 में सुधार संबंधी निर्णय का समर्थन किया है। बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बीसीआई इस मुद्दे पर केंद्रीय कानून मंत्री के लगातार संपर्क में है। उन्होंने पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं को न्यायिक कार्यों से अलग न होने की अपील की है।
बिहार स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन रमाकांत शर्मा ने भी कहा कि कानून लागू करने से पहले सभी संबंधित मुद्दों पर गंभीर विचार किया जाना जरूरी है।
इसी के मद्देनजर पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति से 25 फरवरी, 2025 को न्यायिक कार्यों से अलग रहने के निर्णय को वापस लेने की अपील की गई है। इसके अलावा, राज्य के अन्य अधिवक्ता संघों से भी नियमित न्यायिक कार्य जारी रखने का अनुरोध किया गया है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को पटना हाई कोर्ट अधिवक्ता समन्वय समिति ने एक संकल्प जारी कर अधिवक्ता संशोधन बिल को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया था और 25 फरवरी को न्यायिक कार्यों से अलग रहने का निर्णय लिया था।
इधर, भारत सरकार के मुख्य लेखा नियंत्रक ध्रुव कुमार सिंह ने बीसीआई चेयरमैन को पत्र लिखकर सूचित किया है कि अधिवक्ता संशोधन बिल की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसे वेबसाइट पर सार्वजनिक परामर्श के लिए रखा गया था।
हालांकि, अत्यधिक सुझावों के कारण परामर्श प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। अब, अब तक प्राप्त प्रतिक्रियाओं को देखते हुए सरकार परामर्श प्रक्रिया फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है।
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दो भाजपा नेता आमने-सामने, आरके सिंह के बयान पर मचा बवाल; आरा विधायक बोले- 'दिमाग में अगर कोई बात भी आई...'
राज्य ब्यूरो, पटना। लोकसभा चुनाव 2024 हारने के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच से भाजपा नेताओं के विरुद्ध टिप्पणी कर पार्टी के पूर्व सांसद आरके सिंह ने दल के अंदर की गुटबाजी को सार्वजनिक कर राजनीति सरगर्मी बढ़ा दी है।
आरके के बयान पर पार्टी के संस्थापक सदस्य, पूर्व मंत्री एवं आरा विधायक अमरेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में आइना दिखाया है।
आरा विधायक ने कहा है कि आपकी क्या समस्या है, मैं नहीं समझ रहा हूं। मैं इतना ही कह सकता हूं कि पार्टी सबसे बड़ी है।
उन्हें पार्टी के फोरम पर बात करनी चाहिए। इस तरह की बातें सार्वजनिक मंच एवं मीडिया में नहीं कहीं जाती। आरके सिंह बड़े पदों पर रहे हैं, उन्हें खुद विचार करना चाहिए।
क्या बोले विधायक?- उन्होंने कहा कि पार्टी क्या करेगी, यह आगे का विषय है। पार्टी किस रूप में लेगी, अभी कुछ नहीं कह सकते। आरके सिंह के दिमाग में अगर कोई बात भी आई है, तो नेतृत्व से बात करनी चाहिए।
- उन्हें नेतृत्व के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए थी। बदले की भावना लेकर कोई ऊंचाई पर नहीं जा सकता। आरके सिंह को भाजपा ने इज्जत और सम्मान दिया है।
उल्लेखनीय है कि आरके सिंह ने कहा था “कुछ लोगों ने राजनीतिक कारणों से मेरे विरुद्ध षड्यंत्र रचा और मुझे चुनाव हरवा दिया।
षड्यंत्र के बाद भी हमको पौने पांच लाख लोगों ने वोट दिया। हम सभी षड्यंत्रकारियों को पहचान गए हैं। किसी भी षड्यंत्रकारियों को छोड़ेंगे नहीं और ना ही हम कहीं जाने वाले है, यहीं रहेंगे।
जैसे ही सबूत मुझे मिल गया, वैसे ही सभी षड्यंत्रकारियों का नाम उजागर कर देंगे। बिहार के एक-दो नेता हैं, जो नहीं चाहते थे हम चुनाव जीत जाएं। कुछ नेताओं ने तो पैसे भी बांटे।
हमारे 60 प्रतिशत बूथों पर कोई पोलिंग एजेंट नहीं पहुंचा। अगर षड्यंत्रकारी को 2025 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिला तो उसके खिलाफ हम खड़ा हो जाएंगे।
आरा से सुदामा प्रसाद ने दर्ज की है जीत- बता दें कि लोकसभा चुनाव में आरा सीट से आरके सिंह भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे थे। उन्होंने लगातार दो बार इस सीट से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
- आरा लोकसभा सीट से इस बार भाकपा-माले के सुदामा प्रसाद ने जीत दर्ज की है। आरके सिंह ने भाजपा के कुछ नेताओं को अपनी हार का जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जांच होगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। नगर विकास एवं आवास विभाग जल्द ही 663 गैर तकनीकी पदों पर बहाली शुरू करेगा। विभागीय मंत्री नितिन नवीन के आदेश पर विभाग ने 663 गैर तकनीकी पदों का सृजन करने का फैसला लिया है।
इसके अंतर्गत कार्यालयों में उच्च वर्गीय लिपिक, लेखापाल, निम्न वर्गीय लिपिक, डाटा इंट्री आपरेटर, कार्यालय परिचारी जैसे पदों पर बहाली की जाएगी।
इन पदों पर कुल 35.27 करोड़ से अधिक की राशि वार्षिक खर्च की जायेगी। इस बहाली के बाद विभाग के अंतर्गत गठित एकीकृत शहरी अभियंत्रण संगठन के 71 कार्यालयों का सुचारू रूप से संचालन किया जा सकेगा।
मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि नगर विकास विभाग में राशि की कोई कमी नहीं है। विभाग विकास कार्यों को तेजी से पूरा करें इसके लिए हमलोग मजबूत ढांचा बनाना चाहते हैं, ताकि सुनियोजित तरीके से काम हो सके।
इस ओर आगे बढ़ते हुए विभाग को कार्यालयों में गैर तकनीकी पदों पर बहाली करने का आदेश दिया गया था। इसके बाद विभाग द्वारा प्रस्ताव दिया गया है, जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट में भेजकर इस पर मंजूरी ले ली जाएगी, ताकि अभियंत्रण कार्यालयों का सुचारु रूप से संचालन हो पाए।
दिया गया था यह आदेश- मालूम हो कि विभाग के अंतर्गत गठित एकीकृत शहरी अभियंत्रण संगठन में 71 कार्यालयों में अभियंताओं को छोड़कर अन्य किसी कर्मी का पद सृजित नहीं था।
- इस विषय पर मंत्री के द्वारा संज्ञान लेते हुए कार्यालयों में उच्च वर्गीय लिपिक, लेखापाल, निम्न वर्गीय लिपिक, डाटा इंट्री आपरेटर, चालक, कार्यालय परिचारी आदि का पद सृजित करने का आदेश दिया गया था।
कैमूर पहाड़ी पर बसे जनजातियों की आर्थिक समृद्धि व रोजगार सृजन को लेकर वन विभाग ने पहल की है। इसे लेकर जिले की पहाड़ी पर बसे गावो में इको विकास समिति का गठन किया गया है।
समिति के माध्यम से सखुआ के पत्ते से पत्तल बनाने का कुटीर उद्योग स्थापित किया जाएगा।
प्रगति यात्रा के दौरान गत 19 फरवरी को चेनारी प्रखंड के मल्हीपुर गांव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष ग्रामीणों द्वारा पत्तल निर्माण कर उसका डेमो भी दिखलाया था।
इसके लिए ग्रामीणों को वन प्रमंडल द्वारा मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। कच्चा माल सखुआ वृक्ष का पता जंगल से उपलब्ध हो जाएगा। सखुआ के पत्ते का पत्तल उत्तम क्वालिटी का होता है।
मशीन संचालन के साथ-साथ मार्केटिंग का दायित्व इको विकास समिति का होगा। वन विभाग बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा।
एक मशीन से 10 लोगों को मिलेगा रोजगारएक मशीन पर प्रत्यक्ष रूप से 10 लोग पत्तल बनाने का कार्य कर रोजगार प्राप्त करेंगे और सखुआ का पता लगाकर उद्योग में देने के कार्य में अप्रत्यक्ष रूप से दर्जनों लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
मशीन से एक मिनट में 15 से 20 पत्तल का निर्माण किया जा सकेगा। इस रोजगार में पूंजी की भी आवश्यकता नहीं है।
इसके लिए जेम पोर्टल से संविदा निकाली गई है, जिससे मशीन वन विभाग क्रय कर समिति को देगा। वर्तमान समय में पहाड़ी पर बसे गांवों के लोगों की रैयती भूमि पर लगे सखुआ के वृक्ष व्यापक पैमाने पर उपलब्ध हैं। इसके लिए सखुआ वृक्ष वाले गांवों को चिह्नित किया जा रहा है।
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रमण शुक्ला, पटना। विधानसभा चुनाव तैयारियों को लेकर फील्डिंग सजाने में जुटे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को मलाल है कि राजद को अपनों से ही मुंह की खानी पड़ रही है।
कार्यकर्ता दर्शन एवं संवाद यात्रा के समापन कार्यक्रम में तेजस्वी काय यह दर्द छलका था। उनका आकलन है कि टिकट के कई दावेदार होते हैं।
उनमें से किसी एक को टिकट मिलता है तो बाकी दावेदार उसे हराने में जुट जाते हैं। जबकि भाजपा या अन्य दलों में ऐसा नहीं होता है।
दूसरे दलों में नेता, पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एकजुट-एकमत होकर प्रत्याशी की विजय सुनिश्चित करने में दिन-रात एक कर देते हैं।
इसका प्रमाण 2024 का लोकसभा और फिर पिछले साढे चार वर्ष में अभी तक संपन्न हुए 12 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव का परिणाम है।
तेजस्वी ने पार्टी की समीक्षा बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि राजद नेताओं की अपनी राजनीति चमकाने की होड़ में प्रत्याशी की लुटिया डूब रही है। इसमें सबसे बड़ा कारण नेताओं की गुटबाजी सामने आई है।
तेजस्वी ने सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों की नब्ज टटोलने के बाद पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि आप लोग यह न देखें कि टिकट किसको मिला है।
आप सिर्फ पार्टी को देखिए, नेता के बारे में सोचिए। सभी विधायक नहीं बन सकते हैं। पार्टी जीतेगी, तो सभी का सम्मान रखा जाएगा। गुटबाजी भूल जाइए। तेजस्वी ने संकेत में गुटबाजी एवं कमजोरियों की ओर पार्टी नेताओं का ध्यान आकृष्ट किया।
टिकट के दावेदारों की महत्वाकांक्षा भारीविधानसभा चुनाव 2020 के बाद दो विधानसभा क्षेत्रों कुशेश्वर स्थान और तारापुर में पहली बार 2021 में ही उप चुनाव कराने की नौबत आई। दोनों में से एक भी सीट महागठबंधन को हाथ नहीं लगी।
इसके बाद वर्ष 2022 में कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित राजद सदस्य अनिल सहनी को भ्रष्टाचार के आरोप में सदस्यता समाप्त चली गई थी।
कुढ़नी की रिक्त सीट पर उप चुनाव कराया गया जिसमें भाजपा के केदार प्रसाद गुप्ता को जीत मिली थी। यह सीट भी राजद के हाथ से निकल गई।
वर्ष 2022 में ही गोपालगंज एवं मोकामा विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव कराना पड़ा था। गोपालगंज विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित सदस्य सुभाष सिंह का असामयिक निधन हो गया था।
मोकामा विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित राजद सदस्य अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त हो गयी थी। ऐसी स्थिति में दोनों विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव कराना पड़ा।
अनंत सिंह की पत्नी उप चुनाव जीत कर एनडीए खेमे में आ गईं। वर्ष 2022 में ही बोचहां विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव कराया गया। यहां राजद उम्मीदवार अमर पासवान की जीत हुई।
अगिआंव विधानसभा सीट भी भाकपा माले के हाथ से निकल गई2024 में लोकसभा चुनाव के साथ अगिआंव विधानसभा का भी उप चुनाव कराया गया। यह सीट भी महागठबंधन के घटक भाकपा माले के हाथ से निकल गई।
लोकसभा चुनाव 2024 में रूपौली, तरारी, रामगढ़, इमामगंज एवं बेलागंज की सीट रिक्त हो गई। इसमें रूपौली विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित सदस्य बीमा भारती ने जदयू से इस्तीफा देकर लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमाया। उनको हार का सामना करना पड़ा।
इन सीटों का हुआ नुकसानइधर, लोकसभा चुनाव में तरारी विधानसभा के विधायक सुदामा प्रासद, रामगढ़ से निर्वाचित सदस्य सुधाकर सिंह, इमामगंज से निर्वाचित सदस्य जीतन राम मांझी और बेलागंज से निर्वाचित सदस्य सुरेंद्र यादव के सांसद निर्वाचित होने के बाद इन सीटों पर उप चुनाव कराया गया।
चार में तीन सीट महागठबंधन की थी। तीनों की हाथ से निकल गई। हार की समीक्षा में गुटबाजी एवं टिकट के दावेदारों की भीतरघात सामने आई।
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'निशांत को उनके बारे में भी विचार करना चाहिए जो...', CM नीतीश के बेटे को तेजस्वी ने क्या दी सलाह? तेज हुई सियासत
राज्य ब्यूरो, पटना। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार राजनीति में आना चाहिए। अगर वे राजनीति में आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे। वे हमारे भाई हैं।
तेजस्वी शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा-हम चाहते हैं कि निशांत जल्द अपना परिवार भी बसा लें।
तेजस्वी ने कहा कि निशांत राजनीति में आते हैं तो इससे जदयू का भी भला होगा। क्योंकि शरद यादव ने जिस जदयू का गठन किया था, अब वह पूरी तरह भाजपा के पाले में है।
निशांत को उनके बारे में भी विचार करना चाहिए जो कल तक उनके पिता के स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह की टिप्पणी कर रहे थे।
इस क्रम में उन्होंने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का नाम लिया।
प्रश्न था कि क्या तेजस्वी और उनका गठबंधन बिहार विधानसभा के समय पूर्व चुनाव के लिए तैयार है? उत्तर दिया कि हम हर समय तैयार हैं। वैसे भी चुनाव आयोग पूरी तरह केंद्र सरकार के अधीन है।
आयोग केंद्र सरकार के लिए वस्तृत: चीयर लीडर का काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित भागलपुर यात्रा के बारे में तेजस्वी ने कहा कि अब सब लोग बिहार आएंगे।
उन्हें बताना चाहिए कि बिहार क्यों आ रहे हैं। क्या यहां कोई कारखाना खोलने आ रहे हैं। गरीबी और बेरोजगारी दूर करने आ रहे हैं?
हर कोई स्वतंत्र है- उपेंद्र कुशवाहाएनडीए के घटक राष्ट्रीय लाेकमोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने निशांत के राजनीति में आने के प्रश्न पर कहा कि लोकतंत्र में सबको राजनीति में आने का अधिकार है। राजनीति से जुड़ने के लिए हर कोई स्वतंत्र है। निशांत को भी राजनीति में आना चाहिए।
तेजस्वी अपने पिता और बड़े भाई के साथ पहले न्याय करें: नीरजजदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान परिषद के सदस्य नीरज कुमार ने कहा है कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अपने बुजुर्ग पिता और बड़े भाई के साथ न्याय करें।
वह अपने पिता एवं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को नजरबंद किए हुए हैं। बड़े भाई की हकमारी कर रहे हैं। उन्हें निशांत कुमार की चिंता करने की जरूरत नहीं है। निशांत संस्कारी हैं।
वे अपने पिता के लिए काम के आधार पर वोट मांग रहे हैं। नीरज ने कहा-निशांत के चाचा उनके साथ साथ रहते हैं, जबकि तेजस्वी ने अपने चाचा के लिए नो इंट्री का बोर्ड लगा रखा है।
तेजस्वी ने लालू को नजरबंद कर रखा- नीरज- जदयू के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि तेजस्वी यादव को लालू प्रसाद के स्वास्थ्य के बारे में भी बताना चाहिए। वे बता रहे हैं कि स्वास्थ कारणों से लालू प्रसाद जनसभाओं में नहीं जा रहे हैं।
- सच यह है कि तेजस्वी ने उन्हें नजरबंद कर रखा है। अगर लालू प्रसाद अस्वस्थ हैं तो महुआबाग में बन रहे मकान की निगरानी करने क्यों प्रतिदिन वहां जाते हैं।
- नीरज ने कहा कि तेजस्वी अपने बड़े भाई तेज प्रताप के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं। पारिवारिक परम्परा के अनुसार तेज प्रताप उत्तराधिकारी हैं। वे तेजस्वी से अधिक पढ़े भी हैं। पटना विश्वविद्यालय में उनकी पढ़ाई हुई है।
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Patna High Court: पटना हाईकोर्ट के 5 वकील को जज बनाने की अनुशंसा, नामों की लिस्ट आई सामने
जागरण संवाददाता, पटना। Patna News: पटना हाईकोर्ट में अधिवक्ता कोटे से पांच नए जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने केंद्र सरकार से अनुशंसा की है। कालेजियम ने 20 फरवरी की बैठक में यह सिफारिश की।
पटना हाईकोर्ट में 5 नामों की सिफारिशकालेजियम ने पटना हाईकोर्ट में अधिवक्ता कोटे से जिन पांच नामों की सिफारिश की है, वे इस प्रकार हैं
- आलोक कुमार सिन्हा
- रितेश कुमार
- सोनी श्रीवास्तव
- सौरेन्द्र पांडेय
- अंशुल उर्फ अंशुल राज।
बता दें कि वर्तमान में पटना हाईकोर्ट में कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 जज कार्यरत हैं, जबकि स्वीकृत पद 53 हैं। यदि केंद्र सरकार कालेजियम की अनुशंसा को मंजूरी देती है, तो हाईकोर्ट में जजों की संख्या 39 हो जाएगी। हालांकि, इन नियुक्तियों के बावजूद 14 पद रिक्त रहेंगे।
पटना हाईकोर्ट में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह नियुक्ति न्यायपालिका की कार्यक्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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Patna News: सिपाही ने सरकारी क्वार्टर में की पत्नी की हत्या, महाकुंभ से दो दिन पहले लौटे थे दोनों
जागरण संवाददाता, पटना। पीरबहोर थाना परिसर स्थित क्वार्टर में पत्नी की हत्या कर पटना पुलिस बल का सिपाही धनंजय कुमार फरार हो गया। शनिवार की सुबह मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ कर धनंजय की पत्नी का शव बरामद किया।
मृतका की पहचान दीपिका कुमारी के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही टाउन एएसपी दीक्षा भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचीं। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। गला दबाकर दीपिका की हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
दीपिका के भाई के बयान पर धनंजय के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी की गई है। एएसपी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया गया है। रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। सिपाही की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
महाकुंभ स्नान कर दो दिन पहले लौटे थे दंपतीबताया जाता है कि धनंजय और दीपिका की शादी वर्ष 2016 में हुई थी। दंपती की पांच वर्ष की एक बेटी भी है। धनंजय नालंदा जिले के सिलाव थाना क्षेत्र के जिंदाबिगहा गांव का निवासी है, जबकि दीपिका वहीं के वेन थानांतर्गत गुलरिया बिगहा की रहने वाली थी।
वारदात से दो दिन पहले दंपती प्रयागराज से महाकुंभ स्नान कर लौटे थे। प्रयागराज जाने से पहले दीपिका ने बेटी को मायके पहुंचा दिया था। शुक्रवार की देर रात धनंजय ने अपने घरवालों को करंट लगने से दीपिका की मौत होने की जानकारी दी थी।
उसके गांव का ही एक व्यक्ति दीपिका के परिवारवालों से संपर्क में था। उसने मौत की खबर दीपिका के मायके में पहुंचाई, जिसके बाद उसके भाई ने शनिवार की भोर में पुलिस को खबर दी। पुलिस जब धनंजय के क्वार्टर में पहुंची तो मुख्य द्वार पर ताला लगा मिला।
हत्या का कारण अब तक स्पष्ट नहींएएसपी ने बताया कि हत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। पारिवारिक कलह में वारदात को अंजाम दिए जाने का अंदेशा है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने जब धनंजय और दीपिका के परिवारवालों से बात की तो वे भी सही कारण नहीं बता पा रहे थे।
दीपिका के एक रिश्तेदार ने पुलिस को बताया कि धनंजय को बेटे की ख्वाहिश थी। इसके लिए पति-पत्नी दोनों संघर्ष कर रहे थे, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से दीपिका गर्भधारण नहीं कर पा रही थी। आशंका है कि दंपती के बीच झगड़े का यह भी कारण हो सकता है।
वहीं, परिसर में रहने वाले दूसरे लोगों ने बताया कि शुक्रवार की शाम धनंजय को पत्नी के साथ देखा गया था। वह पत्नी की बांह पकड़ कर घर ला रहा था। दीपिका के पांव में चप्पल भी नहीं थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह गुस्से में नंगे पांव घर से बाहर निकल गई थी। धनंजय उसे घर लेकर जा रहा था।
हाथ पर दागे जाने के मिले निशानदीपिका के परिवारवालों का आरोप है कि उसके हाथ पर दागे जाने जैसा काला निशान मिला। यह निशान दीपिका के शरीर पर कैसे आए? इसकी जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मिल सकेगी। कमरे में कई चीजें बिखरी मिली थी।
संभव है कि हत्या से पूर्व दंपती के बीच काफी गहमागहमी हुई होगी। इस दौरान धनंजय ने मारपीट भी की, फिर गला घोंट कर मार दिया होगा। पुलिस की जांच पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी है। शुक्रवार की शाम का वाकया जानने के लिए पीरबहोर थाना परिसर में लगे कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं।
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Tejashwi Yadav: चुनाव के पहले तेजस्वी ने टोटली संगठन की नब्ज, 5 काम नहीं गिना पाए पदाधिकारी; लगाई फटकार
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्ता पक्ष के साथ ही प्रमुख विपक्षी दल राजद ने भी विधानसभा चुनाव तैयारियां तेज कर दी है। श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा 'कार्यकर्ता दर्शन एवं संवाद कार्यक्रम' में हिस्सा लिया।
तेजस्वी ने पटना जिले के 14 विधानसभा क्षेत्र के पार्टी के पंचायत, मंडल एवं जिलाध्यक्षों के साथ ही विधायकों की नब्ज टटोलने के बाद संगठनात्मक तैयारियों पर भी चर्चा की।
जनता के बीच पहुंचाएं महागठबंधन सरकार के पांच प्रमुख कामतेजस्वी ने लोकसभा चुनाव के दौरान पंचायत में पार्टी प्रत्याशी को कम वोट मिलने और बूथ अध्यक्ष अभी तक नहीं बनाए जाने जैसे प्रश्न नेता प्रतिपक्ष ने मंडल, पंचायत अध्यक्ष एवं कई विधायकों से किया।
अभी तक बूथ समिति गठित नहीं होने के साथ कई संगठनात्मक विसंगतियां सामने आने पर तेजस्वी ने पार्टी के जिलाध्यक्षों एवं विधायकों की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ी फटकार भी लगाई।
ज्वलंत मुद्दों पर जनता को करें जागरुक10 सितंबर को शुरू हुए तेजस्वी के अभियान का समापन हो जाएगा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने छह महीने में 38 जिलों के कुल 243 विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित कर संगठन को लेकर अपनी रणनीति को पंचायत स्तर तक के कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया।
इसके साथ ही तेजस्वी ने आगामी बैठक की तैयारियों को लेकर लक्ष्य भी थमा दिया। तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं से लोगों की ज्वलंत समस्या बेरोजगारी, पलायन, मंहगाई, गरीबी, अपराध और भ्रष्टाचार आदि बिंदुओं को लेकर मुखर होने की अपील की।
जनता के बीच जाएं कार्यकर्ता- तेजस्वी यादवतेजस्वी ने कहा कि राजद की सरकार बनने पर स्मार्ट मीटर हटाकर हर घर में 200 यूनिट फ्री बिजली देने, बेरोजगारों को नौकरी देने, कृषि आधारित उद्योग, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, इंडस्ट्रियल क्लस्टर एवं नए उद्योग-धंधे स्थापित करने की घोषणाओं को मतदाताओं के बीच पहुंचाया जाय।
उन्होंने कहा कि लोगों को माई-बहिन मान योजना की भी जानकारी दें, जिसके तहत हर महीने 2500 रुपये माताओं-बहनों के खाते में सीधा पहुंचेगा। दिव्यांगों, विधवा माता-बहनों और बुजुर्गों को पेंशन के रूप में मिलने वाले 400 को बढ़ाकर 1500 रुपये जैसी घोषणाओं को लोगों तक पहुंचाने की तेजस्वी ने अपील की।
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