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Updated: 1 hour 58 min ago

Bihar News: अब ऑनलाइन मिलेगा RERA का आदेश, DMS सुविधा शुरू; फीस भी हुई कम

February 7, 2025 - 2:27pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (बिहार RERA) में दायर किए गए मामलों से संबंधित आदेश और कार्यवाई की सत्यापित प्रति अब ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए बिहार रेरा ने डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस) की सुविधा शुरू की है। प्राधिकरण के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने गुरुवार को नई सुविधाओं का उद्घाटन किया।

लोगों की सुविधा के लिए शुरू हुई नई व्यवस्था

विवेक कुमार सिंह ने कहा कि आम लोगों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इस सुविधा के शुरू होने से एक तरफ लोगों को सत्यापित प्रतियां ऑनलाइन उपलब्ध कराकर उनके समय और पैसे की बचत होगी।

वहीं दूसरी तरफ इससे कागज का प्रयोग भी घटेगा, जो पर्यावरण के लिए भी हितकर है। पहले आम लोगों को आदेशों की सत्यापित प्रतियां पाने के लिए रेरा बिहार के कार्यालय आना पड़ता था तथा उन्हें शुल्क भी नगद जमा करना पड़ता था।

ऑनलाइन ऐसे मिलेगा सुविधा का लाभ
  • डीएमएस सुविधा का लाभ उठाने के लिए रेरा बिहार की वेबसाइट www.rera.bihar.gov.in के मुख्य पृष्ठ पर जाकर 'अप्लाई ऑनलाइन सर्टिफाइड' पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद पब्लिक लॉग-इन पर क्लिक कर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से आईडी बनाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
ऑनलाइन आधा शुल्क देना होगा

ऑनलाइन प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए इस माध्यम से सत्यापित प्रतियां प्राप्त करने वालों के लिए शुल्क भी आधा कर दिया है। अभी तक लोगों को सत्यापित प्रति के लिए शुल्क के रूप में प्रथम पांच पृष्ठों के लिए 200 रुपये तथा उसके बाद प्रति पृष्ठ 40 रुपये देने पड़ते थे।

अगर आवेदक ऑनलाइन सत्यापित प्रति प्राप्त करते हैं तो उन्हें आधा शुल्क लगेगा। हालांकि, ऑनलाइन प्रति के स्थान पर भौतिक सत्यापित प्रति चाहने वालों को अब भी पूरा शुल्क देना होगा तथा उन्हें कार्यालय आकर इसकी प्रति प्राप्त करनी होगी। इसका शुल्क अब ऑनलाइन ही जमा करना होगा।

आरएमएस की सुविधा भी शुरू

डीएमएस के साथ-साथ, प्राधिकरण ने रिकॉर्ड मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) की भी सुविधा शुरू कर दी है। इस कदम का उद्देश्य रेरा से सम्बंधित सभी अभिलेखों को व्यवस्थित करना है, जिससे कि जरूरत के अनुसार अभिलेखों को रिकॉर्ड रूम से आसानी से लिया जा सके।

अब सभी अभिलेखों पर बार कोड होगा और उन्हें जिस बक्से में रखा जाएगा उसका भी अलग बार कोड होगा। अभिलेखों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभिलेखागार में प्रवेश के भी विशेष नियम बनाए गए हैं।

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Bihar News: CM नीतीश की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी, सात निश्चय के तहत होगा बाईपास का निर्माण

February 7, 2025 - 2:00pm

राज्य ब्यूरो,पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान उनके स्तर पर जिन-जिन जगहों पर बाईपास निर्माण की घोषणा हो रही है, उन्हें सात निश्चय कार्यक्रम के तहत ही बनाया जाएगा। पथ निर्माण विभाग के स्तर पर इसकी कार्ययोजना बनाई जा रही। बाईपास निर्माण का शीर्ष सात निश्चय के तहत ही शामिल है, बाईपास का निर्माण चरणबद्ध होगा।

वार्षिक कार्ययोजना में किया जाएगा शामिल
  • राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इन्हें वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। कई जगहों पर एनएचएआई को बाईपास निर्माण के लिए एजेंसी बनाया गया है।
  • बेतिया शहर, मुजफ्फरपुर में रिंग रोड, पिपरा बाजार एवं त्रिवेणीगंज में एनएचएआई की देखरेख में बाईपास का निर्माण होगा। इन जगहों पर पथ निर्माण विभाग बाईपास बनाएगा।
पथ निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा निर्माण कार्य

पथ निर्माण विभाग द्वारा प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा घोषित किए गए बाईपास का निर्माण कराया जाएगा। इसकी लागत भी तय हो गई है।

  • गोपालगंज में मीरगंज बाईपास पथ निर्माण विभाग बनाएगा, इसकी लागत 131 करोड़ रुपये है।
  • इसी तरह गोपालगंज में एनएच-27 से एनएच 531 तक बाईपास का निर्माण भी पथ निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा, इसकी लागत 126 करोड़ रुपये है।

गोपालगंज में कटैया औद्योगिक क्षेत्र के विकास को लेकर चिंहित स्थल को विजयीपुर-देवरिया सड़क को जोड़ने के लिए 90 करोड़ की लागत से बाईपास का निर्माण पथ निर्माण विभाग करेगा। समस्तीपुर में सरायरंजन बाईपास का निर्माण भी पथ निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा।

खगड़िया के गोगरी जमालपुर से जीएन बांध होते हुए फतेहपुर तक बाईपास का निर्माण पथ निर्माण विभाग की देखरेख में होगा। बेगूसराय जिले में बखरी-बहादुरपुर के बीच 135 करोड़ रुपये की लागत से बाईपास का निर्माण होगा।

प्रगति यात्रा में शेखपुरा में सीएम ने की ये बड़ी घोषणाएं

प्रगति यात्रा में शेखपुरा के गगौर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिला के लिए कई नई विकास योजनाओं की घोषणा की है। इन घोषणाओं में पर्यटक स्थल, नई सड़कें, प्रेक्षा गृह सहित आठ विकास योजना शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालय से 5 किमी दूर नगर क्षेत्र के मटोखर झील को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की है।

इसके लिए जिला प्रशासन ने पहले ही इसका प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा था। इसके लिए आकलन के लिए एक पखवाड़ा पहले पर्यटन विभाग की टीम शेखपुरा आकर स्थल का जायजा लिया था।

एक किमी लंबाई में स्थित इस झील के सुंदरीकरण के साथ पार्क, बच्चों के मनोरंजन, कैफे हाउस आदि का निर्माण कराया जाएगा। नई घोषणा में सामस विष्णुधाम का विकास की योजना भी शामिल है।

शेखपुरा को मिली दो नए बाइपास की सौगात

शेखपुरा को दो नए बाइपास मार्गों की सौगात मिली है, इसके साथ शहर में तीन बाइपास सड़कें हो जाएंगी। नया बाइपास टोठिया से पुलिस लाइन होकर कुसुंभा तक, दूसरी बाइपास जखराज स्थान से हुसैनबाद तक बनेगा।

नेमदारगंज से सामस तक की सड़क को चौड़ा किया जाएगा। शेखपुरा में प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) का निर्माण कराया जाएगा।

शेखपुरा व चेवाड़ा में प्रखंड-सह अंचल कार्यालय के नए भवन का निर्माण होगा। सकरी सिंचाई योजना के तहत मिरजाइन व तेऊसाइन नहर की शाखा नहर प्रणालियों पुनर्स्थापन किया जाएगा।

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IPS Officer Salary: बिहार में 8 आईपीएस अफसरों की बढ़ी सैलरी, नामों की लिस्ट आई सामने; लिपि सिंह भी शामिल

February 7, 2025 - 1:36pm

राज्य ब्यूरो,  पटना। IPS Officer Salary: बिहार में गृह विभाग ने बिहार कैडर के 2016 बैच के आठ आइपीएस अधिकारियों को वेतनमान की प्रोन्नति दी है। इन सभी को कनीय प्रशासनिक ग्रेड में प्रोन्नति मिली है। इनमें अमितेश कुमार, अशोक मिश्रा, लिपि सिंह, किरण कुमार गोरख जाधव, शैशव यादव, विद्या सागर, राजेश कुमार और अनंत कुमार राय शामिल हैं। गृह विभाग ने गुरुवार को अधिसूचना जारी कर दी है। इस प्रोन्नति से पदाधिकारियों को वर्तमान पदस्थापन प्रभावित नहीं होगा।

आईपीएस अधिकारियों का वेतन कैसे निर्धारित होता है?

आईपीएस अधिकारियों का वेतन भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है। वे 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन संरचना का पालन करते हैं। आयोग सरकारी सेवा में विभिन्न स्तरों के लिए मूल वेतन निर्धारित करता है। आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को उनके मूल वेतन के अतिरिक्त विभिन्न भत्ते मिलते हैं, जैसे कि मकान किराया भत्ता (एचआरए), यात्रा भत्ता और चिकित्सा भत्ता।

पद और अनुभव

आईपीएस अधिकारी का वेतन उनके पद और अनुभव के आधार पर तय किया जाता है। जैसे ही आईपीएस अधिकारी का अनुभव बढ़ता है, उनका वेतन भी बढ़ता है।

भत्ते और लाभ

आईपीएस अधिकारी को विभिन्न भत्ते और लाभ मिलते हैं, जैसे कि डियरनेस अलाउंस, हाउस रेंट अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, मेडिकल बेनिफिट्स, और सिक्योरिटी और पर्सनल स्टाफ। ये भत्ते और लाभ आईपीएस अधिकारी के वेतन को बढ़ाते हैं।

सेवा शर्तें

आईपीएस अधिकारी का वेतन उनकी सेवा शर्तों पर भी आधारित होता है। जैसे कि आईपीएस अधिकारी को केंद्र सरकार या राज्य सरकार में तैनात किया जा सकता है, जिसके आधार पर उनका वेतन तय किया जाता है।

वेतन आयोग की सिफारिशें

भारत सरकार द्वारा समय-समय पर वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाती हैं, जिसके आधार पर आईपीएस अधिकारी का वेतन बढ़ाया जाता है।

आईपीएस अधिकारी का काम क्या होता है
  • आईपीएस अधिकारी का मुख्य काम कानून और व्यवस्था बनाए रखना है। वे अपराध को रोकने और अपराधियों को पकड़ने के लिए काम करते हैं।
  • आईपीएस अधिकारी अपराध की जांच करते हैं और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए काम करते हैं।
  • आईपीएस अधिकारी पुलिस प्रशासन के काम में शामिल होते हैं, जैसे कि पुलिस थानों का प्रबंधन, पुलिसकर्मियों की भर्ती और प्रशिक्षण।
  • आईपीएस अधिकारी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए काम करते हैं, जैसे कि विशेष आयोजनों और समारोहों में सुरक्षा प्रदान करना।
  • आईपीएस अधिकारी आपदा प्रबंधन में शामिल होते हैं, जैसे कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों में शामिल होना।
  • आईपीएस अधिकारी बुद्धिमत्ता संग्रह में शामिल होते हैं, जैसे कि अपराधियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना।
  • आईपीएस अधिकारी सामुदायिक पुलिसिंग में शामिल होते हैं, जैसे कि स्थानीय समुदायों के साथ काम करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना।

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Sasaram News: सासाराम में इस जगह बनने जा रहा 6 मंजिला होटल, 29 करोड़ किया जाएगा खर्च

February 7, 2025 - 12:14pm

राज्य ब्यूरो, पटना। Sasaram News: सासाराम में पर्यटन उद्योग के विकास और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए 29.82 करोड़ से अधिक राशि खर्च कर वहां छह-मंजिला बजट होटल का निर्माण कराया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रोहतासगढ़ किला और प्राकृतिक स्थलों के अलावा सासाराम से करीब पांच किलोमीटर दक्षिण में कैमूर पर्वत पर स्थित मां ताराचंडी का मंदिर पर्यटकों को आकर्षित करता है। तारा चंडी मंदिर देश के 52 शक्तिपीठों में सबसे पुराना है। बताया कि ऐतिहासिक महत्व के सासाराम में स्थित होटल शेरशाह सूरी विहार को तोड़कर नये बजट से होटल भवन का निर्माण किया जाएगा।

नया होटल बनाने की योजना का कार्यान्वयन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम करेगा। पिछले साल नवम्बर में सासाराम में बजट होटल बनाने के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने तकनीकी अनुमोदन प्रदान किया गया था। सरकार ऐसे बजट होटल बनावा रही है, जो व्यावसायिक होटलों की तुलना में किफायती हों, लेकिन उनमें सुविधाएं उच्चस्तरीय हों।

उन्होंने बताया कि मंझार कुंड, कशिश झरना, करमचट बांध, तुतला भवानी मंदिर और नारायणी देवी मंदिर आदि भी सासाराम के दर्शनीय स्थल हैं।

बिहार में डीएमएस सुविधा शुरू

बिहार भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (बिहार रेरा) में दायर किए गए वादों से संबंधित आदेश और कार्यवाही की सत्यापित प्रति अब आनलाइन प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए बिहार रेरा ने डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस) की सुविधा शुरू की है। प्राधिकरण के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने गुरुवार को नई सुविधाओं का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लागू की गयी है। इस सुविधा के शुरू होने से एक तरफ लोगों को सत्यापित प्रतियां आनलाइन उपलब्ध कराकर उनके समय और पैसे की बचत होगी वहीं दूसरी तरफ इससे कागज़ का प्रयोग भी घटेगा जो पर्यावरण के लिए भी हितकर है।

पहले आम लोगों को आदेशों की सत्यापित प्रतियां पाने के लिए रेरा बिहार के कार्यालय आना पड़ता था तथा उन्हें शुल्क भी नकद जमा करना पड़ता था। डीएमएस सुविधा का लाभ उठाने के लिए रेरा बिहार की वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर जाकर ‘अप्लाई आनलाइन सर्टिफाइड‘ पर क्लिक करना होगा।

पब्लिक लॉग-इन पर क्लिक कर मोबाइल नंबर से बना सकते हैं आईडी

इसके बाद पब्लिक लॉग-इन पर क्लिक कर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से आईडी बनाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। आनलाइन प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए इस माध्यम से सत्यापित प्रतियां प्राप्त करने वालों के लिए शुल्क भी आधा कर दिया है।

अभी तक लोगों को सत्यापित प्रति के लिए शुल्क के रूप में प्रथम पांच पृष्ठों के लिए 200 रुपये तथा उसके बाद प्रति पृष्ठ 40 रुपये देने पड़ते थे। अगर आवेदक आनलाइन सत्यापित प्रति प्राप्त करते हैं तो उन्हें आधा शुल्क लगेगा।

हालांकि, ऑनलाइन प्रति के स्थान पर भौतिक सत्यापित प्रति चाहने वालों को अब भी पूरा शुल्क देना होगा तथा उन्हें कार्यालय आकर इसकी प्रति प्राप्त करनी होगी। इसका शुल्क अब आनलाइन ही जमा करना होगा।

इस कदम का उद्देश्य रेरा से सम्बंधित सभी अभिलेखों को व्यवस्थित करना है ताकि जरूरत के अनुसार अभिलेखों को रिकार्ड रूम से आसानी से लिया जा सके।

अब सभी अभिलेखों पर बार कोड होगा और उन्हें जिस बक्से में रखा जाएगा उसका भी अलग बार कोड होगा। अभिलेखों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभिलेखागार में प्रवेश के भी विशेष नियम बनाये गए हैं।

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Patna News: 50 हजार की रिश्वत लेते दो दारोगा रंगे हाथों गिरफ्तार, निगरानी की छापामारी के बाद मचा हड़कंप

February 7, 2025 - 9:10am

राज्य ब्यूरो, पटना। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रूपसपुर थाने में तैनात दो दरोगा को अपनी गिरफ्त में लिया है। निगरानी ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार तुषार पांडेय नामक व्यक्ति ने बुधवार को यह लिखित शिकायत दी थी। 

शिकायतकर्ता के अनुसार, रूपसपुर थाने में राहुल कुमार नामक एक व्यक्ति ने उसके खिलाफ रुपये लेने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत को मैनेज करने के लिए पुलिस ने पैसों की मांग की।

निगरानी ब्यूरो ने की कार्रवाई

शिकायत को मैनेज करने के लिए थानेदार और अवर पुलिस निरीक्षक फिरदौस आलम एवं अवर पुलिस निरीक्षक रंजीत कुमार 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं। यह शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो के डीएसपी अरुणोदय पांडेय को मामले की जांच और कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई।

निगरानी की विशेष अदालत में पेश किए जाएंगे दोनों दारोगा

डीएसपी पांडेय ने पूरे मामले की सत्यता की जांच की और शिकायत को सही पाया। इसके बाद उन्होंने एक धावा दल का गठन किया और गुरुवार की रात जब ये दोनों दारोगा शास्त्री नगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल के पास अंधेरे में तुषार पांडेय से रिश्वत की रकम ले रहे थे।

उसी वक्त उन्हें रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों दरोगा से पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार को दोनों को निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

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Patna Metro: पटना के लोगों के लिए खुशखबरी, इस रूट में 15 अगस्त तक शुरू हो सकती है मेट्रो; होंगे ये स्टेशन

February 7, 2025 - 8:02am

राज्य ब्यूरो, पटना। पटना एयरपोर्ट को मेट्रो से जोड़ने की योजना पर जल्द काम शुरू होने वाला है। सबसे पहले पटना मेट्रो को लोकनायक जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए अध्ययन होगा। इसमें मेट्रो रेल चलाने की संभावना तलाशी जाएगी। साथ ही 15 अगस्त तक मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को पूरा करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

नगर विकास विभाग ने रेलवे की संस्था राइट्स को अध्ययन करने के लिए कहा है। इस पर 24 लाख 98 हजार रुपये खर्च होंगे। वर्तमान में पटना मेट्रो के दो रूट पर काम चल रहा है।

  • पटना मेट्रो का एक रूट दानापुर से खेमनीचक तक है
  • दूसरा रूट पटना स्टेशन से वाया गांधी मैदान आइएसबीटी तक है।
  • इन दोनों रूट की कुल लंबाई लगभग 32 किमी है।

पटना मेट्रो के वर्तमान रूट में बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों को तो जोड़ा गया है, मगर एयरपोर्ट इसमें शामिल नहीं है। ऐसे में जनता की सुविधा के लिए एयरपोर्ट को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव है। एजेंसी की फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

फिजिबिलिटी रिपोर्ट होगी तैयार

पहले चरण में रेलवे की संस्था राइट्स को इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का काम दिया जा रहा है। इस काम के लिए राइट्स ने 24 लाख 98 हजार रुपये की मांग की है। फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होने के बाद वर्तमान रूट से इसे जोड़ने की डीपीआर तैयार की जाएगी।

प्रायोरिटी कॉरिडोर में होंगे ये स्टेशन

राज्य सरकार ने पटना एयरपोर्ट और पटना साहिब गुरुद्वारा को पटना मेट्रो से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया था। पहले चरण में एयरपोर्ट से मेट्रो जोड़ने के लिए अध्ययन किया जा रहा है।

मालूम हो कि इस साल 15 अगस्त तक पटना मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को शुरू करने का लक्ष्य है। करीब छह किमी लंबे इस एलिवेटेड रूट में मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ रोड, जीरो माइल और न्यू आईएसबीटी स्टेशन हैं।

छपरा : छपरा-पटना के बीच तीन जोड़ी ट्रेन चलाने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन

सारण जिला महामंत्री व छपरा विधानसभा प्रभारी धर्मेंद्र कुमार साह ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात कर छपरा से पटना के बीच यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए कम से कम तीन जोड़ी ट्रेनों के नियमित परिचालन की मांग की।

धर्मेंद्र कुमार साह ने कहा कि छपरा और पटना के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं, लेकिन पर्याप्त ट्रेनों के अभाव में काफी असुविधा होती है।

इस संदर्भ में उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि इस पर जल्द से जल्द अमल किया जाए। मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र कुमार साह ने छपरा के विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा की।

उन्होंने बताया कि बेहतर रेल सेवाओं के साथ-साथ अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास से क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेनों के संचालन से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि छपरा और पटना के बीच आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

ज्ञापन में उन्होंने छपरा के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार से विशेष ध्यान देने की अपील की। केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने धर्मेंद्र कुमार साह की मांगों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि छपरा-पटना के बीच ट्रेनों के परिचालन पर शीघ्र ही सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

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Bihar Weather Today: बिहार में अगले 48 घंटे सावधान रहने की जरूरत, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

February 7, 2025 - 7:30am

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार में तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। तेज पछुआ हवा के कारण सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव बना रहेगा। धूप निकलने के बावजूद पछुआ की गति में तेजी आने के कारण हल्की ठंड का एहसास लोगों को होगा।

बिहार में अगले 48 घंटे रहें सावधान 

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले 48 घंटे में मौसम का मिजाज बदलने लगेगा और ठंड बढ़ जाएगी। बच्चों और बुजुर्ग को सावधान रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

वहीं, शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिम हिमालय को प्रभावित करने की संभावना है। इसके कारण तराई वाले इलाकों में घने कोहरे व पटना समेत दक्षिणी भागों में हल्के कोहरे के साथ बादलों की आवाजाही बने रहने की संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री गिरावट का पूर्वानुमान है।

मौसम में आए प्रभाव के कारण ठंड में वृद्धि की संभावना है। गुरुवार को पटना सहित अन्य जिलों में तेज पछुआ हवा का प्रवाह बने होने से सुबह -शाम हल्की ठंड का प्रभाव बना रहा।

पटना सहित 12 शहरों के न्यूनतम व अधिकतम तापमान में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस व 6.0 डिग्री सेल्सियस के साथ मोतिहारी सबसे ठंडा रहा। पटना का अधिकतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस जबकि 28.1 डिग्री सेल्सियस के साथ औरंगाबाद प्रदेश में सबसे गर्म रहा।

शुक्रवार को मुख्य तौर पर उत्तरी भागों के ग्रामीण इलाकों में कोहरे का प्रभाव होने के कारण ठंड में वृद्धि की संभावना है।

इन शहरों के तापमान में आई गिरावट 

मौसम के बदलते मिजाज के कारण पटना सहित कई शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सासाराम व अरवल के तापमान में एक डिग्री, बक्सर में 1.7 डिग्री, भोजपुर में 2.1 डिग्री, मुजफ्फरपुर में 0.5 डिग्री, गोपालगंज में 0.8 डिग्री, मोतिहारी में 1.5 डिग्री , वाल्मीकि नगर में 2.1 डिग्री, बेगूसराय में 0.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। 

नवादा में ठंड से बुरा हाल

नवादा जिले में चल रही सर्द पछुआ हवाओं ने तापमान में गिरावट ला दी है। दिनभर हवाओं का जोर रहा। आठ से दस किमी की तेज रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने गुरुवार शाम लोगों को एक बार फिर से ठंडक का एहसास कराया। बूढ़े-बुजुर्गों ने इलेक्ट्रिक हीटर का सहारा लिया, तो युवा और गृहिणियों ने गर्म कपड़े चढ़ा लिये।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण जिले में मौसम ने एकाएक करवट ली है। बुधवार तक लोग गर्मी का अनुभव करने लगे थे। दिन की तेज धूप में लोगों को पसीना चलने लगा था। लेकिन गुरुवार की अहले सुबह से मौसम में बदलाव आया। दिनभर धूप रहा, लेकिन तेज हवाओं ने तापमान में गिरावट ला दी।

गुरुवार को जिले का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। तापमान में दो से तीन डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है।

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Bihar: काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर का होगा निर्माण, यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं

February 7, 2025 - 6:00am

राज्य ब्यूरो, पटना। प्रदेश सरकार काशी विश्वनाथ की तर्ज पर सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र का विकास करेगी।

यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर हो और बाबा हरिहर नाथ मंदिर पर्यटकीय स्थल के रूप में विकसित हो सके, इसके लिए सरकार ने मनोनयन के आधार पर सरकार को परामर्श देने के लिए एजेंसी का चयन भी कर लिया है।

हरिहरनाथ क्षेत्र के साथ ही सोमेश्वरनाथ, सिंहेश्वर, कुशेश्वर, फुलहर स्थान और पूरन देवी मंदिर का भी विकास होगा। जिसकी योजना सरकार के स्तर पर स्वीकृत की जा चुकी है।

राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के क्रम में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को विकसित करने की घोषणा की थी।

जिसके बाद अब सरकार ने योजना को जमीन पर उतारने और सरकार को परामर्श देने का जिम्मा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मुख्य परामर्शी एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजेंट प्राईवेट लिमिटेड अहमदाबाद को मनोनयन के आधार पर चयनित करने का निर्णय लिया है।

एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजेंट प्रा. लि. सरकार को परामर्श देगी कि मंदिर परिसर और इसके आसपास के क्षेत्र को कैसे विकसित किया जाएगा। साथ ही इस कार्य में कितनी भूमि और राशि की आवश्कता होगी।

मेले में आते हैं लाखों लोग

सारण जिले के सोनपुर में आने वाला हरिहर नाथ मंदिर का बिहार में ऐतिहासिक, पौराणिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थान है। इस मंदिर परिसर के आसपास प्रत्येक वर्ष विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला का आयोजन होता है।

मेले में हर वर्ष लाखों की संख्या में देसी और विदेशी पर्यटकों का आगमन होता है। सरकार का मानना है कि हरिहर क्षेत्र का समग्र विकास होने से पर्यटकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मिल सकेंगी।

सरकार का मानना है कि मेला अवधि के बाद भी पूरे वर्ष यहां पर्यटकों का आगमन होता रहेगा। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस योजना पर इस वर्ष ही कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। तीन वर्ष के अंदर योजना का पूरा किया जाएगा।

हरिहर नाथ मंदिर के साथ ही पूर्वी चंपारण स्थित सोमेश्वरनाथ, मधेपुरा स्थित सिंहेश्वर स्थान, दरभंगा स्थित कुशेश्वर स्थान, मधुबनी जिला स्थित फुलहर स्थान और पूर्णिया स्थित पूरन देवी मंदिर विकास की योजनाओं को भी सरकार ने स्वीकृति दी है।

इन योजनाओं के विकास पर 2.53 अरब रुपये से ज्यादा की राशि खर्च की जाएगी। इन स्थलों को विकसित करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान ही की है।

सिंहेश्वर स्थान

मधेपुरा में स्थित सिंहेश्वर स्थान में धर्मशाला, फूट कोर्ट, मार्केट कांप्लेक्स, पाथ-वे, पार्किंग, थिमेटिक गेट, डेकोरेटिव स्ट्रीट लाइट के साथ ही सौंदर्यीकरण के काम होंगे। योजना का कार्यान्वयन पर्यटन विकास निगम करेगा। परियोजना पर कुल 90.27 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

पूरन देवी मंदिर 

पूर्णिया जिले में स्थित पूरन देवी मंदिर को पर्यटकीय दृष्टिकोर्ट से विकसित किया जाएगा। यहां फुट ओवरब्रिज, मल्टी स्टोरी भवन, गेस्ट हाउस, कैफेटेरिया समेत अन्य विकास के कार्य होंगे। पूरी परियोजना पर तकरीबन 34.08 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी।

सोमेश्वरनाथ महादेव 

पूर्वी चंपारण के प्रसिद्ध सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर के विकास के क्रम में गजीबो वैंक्वेट हॉल, पार्किंग, चेंजिंग रूम, गेस्ट हाउस का जीर्णोद्धार, लाइट एंड साउंड शो, सुंदर प्रवेश द्वारा जैसे निर्माण होंगे। इस परियोजना पर करीब 54.22 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

कुशेश्वर स्थान 

अन्य पौराणिक और पर्यटकीय स्थलों के साथ ही दरभंगा स्थित कुशेश्वरस्थान मंदिर का भी विकास होगा। यहां पंडा निवास, सोलर पावर जेनरेशन सिस्टम, दुकानें, साइट का विकास जैसी अनेक योजनाएं जमीन पर उतारी जाएंगी। इसके विकास पर कुल 44.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

फुलहर स्थल

मधुबनी जिले के फुलहर स्थान का विकास भी प्रगति यात्रा की घोषणा के आलोक में किया जाएगा। इस स्थल को प्रभु राम और माता सीता के प्रथम मिलन के रूप में जाना जाता है।

यहां प्रवेश परगोला, गजीबो का निर्माण, घाट का विकास, लेजर फाउंटेन शो की व्यवस्था समेत अन्य विकास के कार्य होंगे जिन पर करीब 31.13 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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Bihar News: आरा के उत्पाद विभाग में 2 क्लर्क सस्पेंड, अफसरों को शो-कॉज नोटिस जारी; क्यों गिरी गाज?

February 7, 2025 - 6:00am

जागरण टीम, पटना/भोजपुर। राज्य के उत्पाद आयुक्त सह निबंधन महानिरीक्षक रजनीश कुमार सिंह के औचक निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितता पाए जाने पर आरा के प्रधान लिपिक उत्पाद रामस्वार्थ प्रसाद और निबंधन के निम्नवर्गीय लिपिक अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इसके साथ ही आरा के सहायक आयुक्त मद्यनिषेध और जिला अवर निबंधक से स्पष्टीकरण की मांग की गई है। इस संबंध में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

आईजी ने किया था औचक निरीक्षण

विभागीय जानकारी के अनुसार, उत्पाद आयुक्त सह निबंधन आईजी रजनीश कुमार सिंह ने आरा के उत्पाद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कोई भी फाइल मांगे जाने पर प्रधान लिपिक उत्पाद उपलब्ध नहीं करा सके। इसकी जगह भ्रामक तथ्य बताते हुए फाइल खोजने के नाम पर काफी समय बर्बाद किया गया।

मनमाने तरीके से चल रहा था काम

जांच में यह संदेह जाहिर किया गया है कि या तो प्रधान लिपिक कागजाताें को वरीय पदाधिकारी को दिखाने में हिचक रहे थे या कार्यालय में कामकाज मनमाने तरीके से किया जा रहा था। इसी तरह आरा के जिला निबंधन कार्यालय के औचक निरीक्षण में अभिलेखागार के कुछ दस्तावेज जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पाए गए। दस्तावेजों का नकल देने की प्रक्रिया भी पारदर्शी नहीं थी।

जांच में पाया गया कि निम्नवर्गीय लिपिक अमित कुमार मनमाने तरीके से नियम के विरुद्ध जाकर काम कर रहे हैं। उनसे पूछताछ में भी भ्रामक जानकारी दी गई। जिसके बाद दोनों कार्यालयों के लिपिकों पर कार्रवाई की गई।

उत्पाद आयुक्त सह निबंधन आइजी ने सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने और विधिसम्मत तरीके से कार्यालय का संचालन करने का निर्देश दिया है। इसका कितना अनुपालन हो रहा है, इसका आगे भी औचक निरीक्षण करने की बात कही गई है।

खनन विभाग में भी हलचल, आठ बालू घाटों के जब्त होंगे 32 करोड़ रुपये

उत्पाद विभाग के अलावा खनन विभाग में भी हलचल देखने को मिल रही है। भोजपुर जिले के आठ बालू घाट ठेकेदारों की जमा 32 करोड़ रुपये की जमानत राशि को जब्त किया जाएगा। इसे लेकर राज्य मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद जिले में कागजी कार्रवाई तेज हो गई है।

जिले के कोईलवर थाना क्षेत्र स्थित बालू घाट संख्या चार, चांदी थाना क्षेत्र स्थित बालू घाट संख्या छह, सात व आठ, संदेश थाना क्षेत्र स्थित बालू घाट संख्या दस, सोलह व सत्रह और सहार थाना क्षेत्र स्थित बालू घाट संख्या 19 के ठेकेदारों द्वारा विगत माह पूर्व अपने-अपने आवंटित बालू घाटों को चलाने से इनकार कर दिया गया था।

इन सभी के द्वारा विभाग को सूचित किया गया कि खनन और परिवहन का कार्य सही ढंग से नहीं होने और बालू की कमी के कारण उन्हें घाटा हो रहा है। इस कारण वे अपने-अपने बालू घाटों को चलाने में असमर्थ हैं। इसे देखते हुए उनके घाटों को कैंसिल करते हुए जमानत राशि को वापस किया जाए।

इस पूरे मामले की विभाग के द्वारा जांच पड़ताल किए जाने पर पता चला कि इन सभी के द्वारा शुरू में दोगुनी से लेकर चार गुणे महंगे दामों पर बालू घाट की बोली लगाकर खरीदारी की गई थी। इस स्थिति में उन सभी के द्वारा बताए गए विकट स्थिति की बात गलत है।

इन सभी के द्वारा बालू घाट छोड़ने की बात निविदा शर्तों के खिलाफ है। ऐसा करने के बाद इन सभी की जमानत राशि जो अग्रधन के रूप में जमा है उसे जब्त कर लिया जाएगा। इसे लेकर राज्य मुख्यालय से जिला मुख्यालय को निर्देश मिल गया है।

जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। डीएम से आदेश मिलने के एक सप्ताह में निविदा शर्तों के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

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Patna Airport: एयरपोर्ट पहुंचकर फ्लाइट का कर रहे थे इंतजार, अचानक रद होने पर यात्रियों ने किया हंगामा

February 6, 2025 - 11:40pm

जागरण संवाददाता, पटना। पटना से गुवाहाटी के लिए उड़ान भरने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट संख्या एसजी-3453 गुरुवार को अचानक रद कर दी गई।

अचानक फ्लाइट रद किए जाने से नाराज यात्रियों ने एयरपोर्ट में जमकर हंगामा किया। इस दौरान कुछ यात्री वीडियो और फोटो बनाने लगे, जिसके बाद विमानन कंपनी के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी भी उनसे उलझ गए।

फ्लाइट रद होने के बाद यात्री दूसरे दिन के विमान का टिकट देने और रात्रि विश्राम एवं खाने-पीने की व्यवस्था कराने की मांग कर रहे थे। स्पाइसजेट कंपनी के कर्मियों ने उनकी इस मांग पर हाथ खड़े कर दिए।

कंपनी की ओर से यात्रियों को पूरा किराया वापस करने अथवा सीट की उपलब्धता के अनुसार दूसरे दिन की फ्लाइट का टिकट लेने का प्रस्ताव दिया गया।

60 यात्रियों को जाना था गुवाहाटी

बताया जाता है कि पटना से लगभग 60 यात्रियों को गुवाहाटी जाना था। इस विमान से सफर करने वाले अधिकतर यात्री प्रयागराज से महाकुंभ स्नान कर घर लौट रहे थे।

एक महिला यात्री के मुताबिक, सभी यात्रियों ने चेक इन कर लिया था। सिक्योरिटी होल्ड एरिया में जाने के बाद दोपहर 12:50 बजे मोबाइल पर मैसेज मिला कि फ्लाइट रद कर दी गई है। इसके बाद फ्लाइट रद होने की उद्घोषणा भी होने लगी।

घोषणा के दौरान यात्रियों को काउंटर पर जाकर संपर्क करने को कहा गया। जबकि, फ्लाइट 1:35 बजे उड़ान भरने वाली थी। यात्रियों को सही जानकारी नहीं दी गई। उन्हें विमान में तकनीकी खराबी बता कर किराया वापस करने का प्रस्ताव दिया गया।

भूख-प्यास से बिलखते नजर आए बच्चे

इस फ्लाइट से जाने वाले दो दर्जन से अधिक यात्रियों का पटना में रहने का कोई ठिकाना नहीं था। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की, मगर जानकारी मिली कि प्रतिदिन गुवाहाटी के लिए एक ही फ्लाइट है। ऐसी स्थिति में सीट उपलब्ध रहने पर दूसरे दिन ही गुवाहाटी भेजा जाएगा।

फ्लाइट रद होने के बाद परेशान दिखे यात्री।

इसके बाद यात्रियों ने डीजीसीए (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के नियमों का हवाला देते हुए रात में होटल में ठहराने और भोजन की व्यवस्था करने को कहा, जिसे विमानन कंपनी के कर्मियों ने नकार दिया। महाकुंभ स्नान कर लौटे यात्रियों में बच्चे और बुजुर्ग भी थे, जो भूख-प्यास से बिलखते नजर आए।

बर्ड-हिट के कारण रद हुई फ्लाइट

सूत्रों की मानें तो पटना से गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट बागडोगरा से यहां आने के लिए रवाना हुई थी। मगर, रास्ते में बर्ड-हिट से विमान का विंड-शील्ड क्षतिग्रस्त हो गया।

इस कारण विमान की बागडोगरा एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। खराबी ऐसी आई थी कि उसे कुछ घंटे में ठीक नहीं किया जा सकता था। मुंबई से विंड-शील्ड लाकर बदलना पड़ता, इसलिए फ्लाइट रद करनी पड़ी।

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Patna Metro News: पटना एयरपोर्ट को मेट्रो से जोड़ने की तैयारी, सर्वेक्षण के लिए 25 लाख रुपये मंजूर

February 6, 2025 - 11:30pm

राज्य ब्यूरो, पटना। पटना एयरपोर्ट (Patna Airport) को मेट्रो (Patna Metro) से जोड़ने की योजना पर जल्द काम शुरू होने वाला है। सबसे पहले पटना मेट्रो को लोकनायक जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट से मेट्रो को जोड़ने के लिए अध्ययन होगा।

इसमें मेट्रो रेल चलाने की संभावना तलाशी जाएगी। नगर विकास विभाग ने रेलवे की संस्था राइट्स को अध्ययन करने के लिए कहा है। इस पर 24 लाख 98 हजार रुपये खर्च होंगे।

दो रूट पर चल रहा काम

वर्तमान में पटना मेट्रो के दो रूट पर काम चल रहा है। इसमें एक रूट दानापुर से खेमनीचक तक है, जबकि दूसरा रूट पटना स्टेशन से वाया गांधी मैदान आईएसबीटी तक है। इन दोनों रूट की कुल लंबाई लगभग 32 किमी है।

फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद अंतिम फैसला

पटना मेट्रो के वर्तमान रूट में बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों को तो जोड़ा गया है, मगर एयरपोर्ट इसमें शामिल नहीं है। ऐसे में जनता की सुविधा के लिए एयरपोर्ट को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव है। एजेंसी की फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

पहले चरण में रेलवे की संस्था राइट्स को इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का काम दिया जा रहा है। इस काम के लिए राइट्स ने 24 लाख 98 हजार रुपये की मांग की है। फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होने के बाद वर्तमान रूट से इसे जोड़ने की डीपीआर तैयार की जाएगी।

राज्य सरकार ने पटना एयरपोर्ट और पटना साहिब गुरुद्वारा को पटना मेट्रो से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया था। पहले चरण में एयरपोर्ट से मेट्रो जोड़ने के लिए अध्ययन किया जा रहा है।

15 अगस्त तक का प्लान
  • इस साल 15 अगस्त तक पटना मेट्रो के प्रायोरिटी कोरिडोर को शुरू करने का लक्ष्य है।
  • करीब छह किमी लंबे इस एलिवेटेड रूट में मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ रोड, जीरो माइल और न्यू आईएसबीटी स्टेशन हैं।
पटना शहर में फिर शुरू हुआ अतिक्रमण उन्मूलन अभियान

राजधानी में एक बार फिर मल्टी एजेंसी अतिक्रमण उन्मूलन शुरू किया गया है। प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने प्रभावी ढंग से अभियान चलाने का निर्देश दिया है। वे लगातार इसकी समीक्षा कर रहे हैं।

डीएम डा. चंद्रशेखर सिंह, एसएसपी अवकाश कुमार एवं नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने इसके लिए कई टीम का गठन किया है।

पहले दिन कई जगहों पर चलाए गए अभियान के दौरान 33 हजार जुर्माना वसूला गया। नगर निगम के पाटलिपुत्र अंचल में जेपी सेतु से एलसीटी घाट तक अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान कई सामान जब्त किए गए।

अतिक्रमणकारियों से 11 हजार जुर्माना भी वसूला गया। वहीं, बांकीपुर अंचल में बारी पथ खेतान मार्केट में अभियान चलाते हुए दो ठेले जब्त किए गए व 22 हजार जुर्माना वसूल किया गया।

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गया, दरभंगा, छपरा समेत छह शहरों में लगेंगे कैमरे और ट्रैफिक सिग्नल; 487 करोड़ रुपये होंगे खर्च

February 6, 2025 - 8:06pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राजधानी पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर की तर्ज पर राज्य के आधा दर्जन अन्य प्रमुख शहरों में भी कैमरे और ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे। इनमें दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, गया, मुंगेर और छपरा नगर निगम शामिल हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की भी मंजूरी मिल गई है।

इस योजना पर करीब 487.05 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी बेल्ट्रोन को दी गई है। वहीं, परामर्श के लिए आईआईटी रुड़की को लगाया गया है।

विभागीय मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि शहरों में लगातार ट्रैफिक का दवाब बढ़ता जा रहा है, जिसके लिए ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित करना बेहद जरूरी है। सीसीटीवी और ट्रैफिक सिग्नल के सहारे यातायात का प्रवाह कुशलता से होगा। साथ ही मॉनिटरिंग में भी आसानी होगी।

इन शहरों में आम नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण तैयार करने के लिए हाई रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। इसके सहारे चोरी, लूट, छिनतई जैसी अप्रिय घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

व्यस्त चौराहों की होगी पहचान:

सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद कंट्रोल रूम की मदद से डाटा लेकर देखा जाएगा कि शहर का सबसे व्यस्त चौराहा कौन-सा है। शहर में कितनी गाड़ियां हर रोज गुजर रही है।

इसमें दो चक्का वाहन और चार पहिया वाहनों की संख्या कितनी है। अलग-अलग समय में ट्रैफिक का दबाव भी देखा जाएगा। उस हिसाब से रणनीति बनायी जाएगी ताकि यातायात संचालन में सहूलियत हो।

सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद में छोटे शहरों के लोग आगे

राज्य में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मदद पहुंचाने में पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे बड़े शहरों और जिलों की तुलना में छोटे शहर व जिले आगे हैं। पिछले सात सालों में राज्य के 1190 लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए गुड सेमेरिटन के रूप में सम्मानित किया गया है।

इनमें सर्वाधिक 68 लोग औरंगाबाद के हैं। इसके बाद सारण के 62, समस्तीपुर के 57, मधुबनी के 52, मोतिहारी के 46 और अररिया के 45 लोग गुड सेमेरिटन का सम्मान पा चुके हैं।

वहीं, इस मामले में सबसे फिसड्डी बक्सर जिला है जहां महज सात सालों में सबसे कम दस गुड सेमेरिटन को सम्मानित किया गया है।

इसके बाद जहानाबाद के 11, बांका के 12 जबकि दरभंगा, खगडि़या और मधेपुरा के 16-16 लोगों को गुड सेमेरिटन का सम्मान मिला है। भागलपुर में 17, मुंगेर में 18, पटना में 19, मुजफ्फरपुर में 32 और गया में 36 गुड सेमेरिटन मिले हैं।

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Bihar Jamabandi: लॉक जमाबंदी पर नीतीश सरकार का अहम फैसला, सर्कल ऑफिसर को दे दी बड़ी जिम्मेदारी

February 6, 2025 - 7:17pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने डिजिटाइजेशन के दौरान हुई त्रुटियों के कारण लॉक की गई जमाबंदी को अनलॉक करने का अधिकार सीओ को दे दिया है। पहले यह अधिकार डीसीएलआर को दिया गया था। डीसीएलआर के स्तर पर सुस्ती देखने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

चकबंदी निदेशक की ओर से सभी समाहर्ताओं को पत्र लिखकर यह जानकारी दी गई है। पत्र के अनुसार, लॉक जमाबंदी में सरकारी भूमि शामिल होने पर सीओ जांच करेंगे। सरकारी भूमि पाए जाने पर संबंधित पक्ष को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।

जांच के क्रम में सरकारी भूमि से अलग अर्थात रैयती स्वरूप की भूमि पाए पर उसे अनलॉक करने की कार्रवाई की जाएगी।

नहीं हो रही जमाबंदी की वैधता की जांच

असल में विभागीय समीक्षा में पाया गया कि लंबे समय से यह प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद डिजिटाइजेशन के दौरान छूटी हुई जमाबंदी की वैधता की जांच एवं उसे लॉक-अनलॉक करने की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

डीसीएलआर ने क्या बताया?

विभागीय बैठकों में डीसीएलआर की ओर से बताया गया कि रैयती भूमि के जमाबंदी सृजन का साक्ष्य अंचलों द्वारा उपलब्ध नहीं कराने के कारण उन्हें निर्णय लेने में परेशानी हो रही है। पूर्व में भी इस संबंध में एक पत्र चकबंदी निदेशक द्वारा सभी जिला पदाधिकारियों को लिखा गया था।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि करीब 10 लाख जमाबंदियों को संदेहास्पद पाया गया था। जांच में तेजी लाने के लिए सीओ को अधिकृत किया गया है। उन्हें रैयती भूमि की जांच कर उन जमाबंदियों को शीघ्र अनलाक करने का निदेश दिया गया है, ताकि आमलोगों को दाखिल-खारिज के काम में कोई असुविधा नहीं हो।

लक्षण बता रहा है, इस साल भी पूरा नहीं होगा भू लगान वसूली का लक्ष्य

जनवरी तक की वसूली का लक्षण यही बता रहा है कि चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग भू लगान वसूली का लक्ष्य नहीं प्राप्त कर सकेगा। यह सिलसिला पिछले छह वित्तीय वर्षों से चल रहा है। इन वर्षों में कभी यह विभाग भू लगान वसूली के लक्ष्य के करीब नहीं पहुंच सका है। विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है।

सुझाव दिया है कि भू लगान के लिए रैयतों को जागरूक करें। उन्हें बकाया जमा कराने के लिए प्रेरित करें। राजस्व कर्मचारी के स्तर से कैंप का आयोजन करें। भू लगान जमा न करने वाली जमाबंदियों में दर्ज करें कि उन पर कितना बकाया है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए भू लगान की वसूली इस साल 31 मार्च तक हो सकती है। हाल में मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने भू लगान की समीक्षा की थी।

600 करोड़ की वसूली का लक्ष्य

विभाग की ओर से बताया गया कि चालू वित्त वर्ष में भू लगान मद से छह सौ करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 27 जनवरी 2024 तक 296 करोड़ की वसूली हो पाई है।बचे हुए दो महीने में तीन सौ चार करोड़ रुपये की वसूली हो तो लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। अबतक सिर्फ 21 प्रतिशत सृजित जमाबंदी से वसूली हो पाई है।

राज्य में करीब 48 लाख जमाबंदी पर भू लगान का विवरण दर्ज नहीं है। इसे दर्ज करने के लिए 23-28 दिसंबर के बीच एक सप्ताह का राज्यव्यापी अभियान चलाया गया था। लेकिन, इसकी उपलब्धि भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। जमाबदी में अद्यतन भू लगान दर्ज करने के लिए वसुधा केंद्रों को अधिकृत किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 के बाद से कभी भी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग भू लगान का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया है। पिछले वित्तीय वर्ष में पांच सौ करोड़ के लक्ष्य के विरूद्ध 235 करोड़ की ही वसूली हो पाई है।

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BSEB 10th Exam: बिहार बोर्ड ने बदले कई परीक्षा केंद्र, लिस्ट में कुल 10 जिले; डाउनलोड करें नया एडमिट कार्ड

February 6, 2025 - 7:13pm

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Board Exam 2025: बिहार बोर्ड 10वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) ने राज्य के 10 जिलों में मैट्रिक परीक्षा (माध्यमिक परीक्षा) के 12 परीक्षा केंद्रों का परिवर्तन किया है। इन परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स को अब दूसरे केंद्रों पर परीक्षा देनी होगी।

जिन जिलों में परीक्षा केंद्र का बदलाव किया है। उनमें मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय, शेखपुरा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्वी चंपारण, बक्सर, गया और सिवान जिला शामिल है।

यहां से डाउनलोड कर सकते हैं नया प्रवेश पत्र

जिन परीक्षा केंद्रों का बदलाव किया गया है, वहां के परीक्षार्थियों के लिए संशोधित मूल प्रवेश पत्र जारी किया गया है। विद्यार्थी परीक्षा समिति के वेबसाइट http://secondary.biharboardonline.com से डाउनलोड कर परिवर्तित परीक्षा केंद्र का संशोधित मूल प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

परीक्षा समिति ने निर्देश दिया है कि विद्यार्थी मूल प्रवेश पत्र अपने विद्यालय के प्रधान से संपर्क कर उनके हस्ताक्षर और मुहर के साथ प्राप्त करेंगे और प्रवेश पत्र में अंकित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा में शामिल होंगे।

17 से 25 फरवरी तक आयोजित होगी मैट्रिक परीक्षा

बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक आयोजित होगी। परीक्षा समिति ने कहा है कि परीक्षा केंद्रों में परिवर्तन जिला शिक्षा पदाधिकारी से प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में किया गया है।

इसलिए उनका यह दायित्व होगा कि वे अपने जिले में परिवर्तित एवं संशोधित परीक्षा से संबद्ध विद्यालायों के सभी परीक्षार्थियों को इससे अवगत कराते हुए उनका संशोधित प्रवेश पत्र उन्हें ससमय प्राप्त करना सुनिश्चित करेंगे।

परीक्षा समिति के द्वारा कहा कि यदि किसी भी छात्र या छात्रा को कठिनाई होती है तो वह मोबाइल नंबर -9431057268 पर संपर्क कर सकते हैं।

अंग्रेजी और हिंदी की हुई परीक्षा

इंटरमीडिएट परीक्षा के चौथे दिन गुरुवार को पहली पाली में अंग्रेजी और दूसरी पाली में हिंदी विषय की परीक्षा हुई। पहली पाली में विज्ञान और वाणिज्य के 6,71,023 परीक्षार्थियों के लिए सुबह 9.30 से दोपहर 12.45 बजे तक परीक्षा आयोजित हुई।

दूसरी पाली में कला संकाय एवं वोकेशनल कोर्स के परीक्षार्थियों के लिए हिंदी विषय परीक्षा आयोजित की गई। जिसमें शामिल होने के लिए 5,98,572 परीक्षार्थियों ने परीक्षा फॉर्म भरा था।

दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से 5.15 बजे तक आयोजित की गई। पटना जिले के सभी 85 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा संचालित हुई।

7 तारीख को होगी केमेस्ट्री और अंग्रेजी की परीक्षा

इंटर परीक्षा पांचवे दिन शुक्रवार को पहली पाली में विज्ञान संकाय के परीक्षार्थियों के लिए केमेस्ट्री विषय की परीक्षा सुबह 9.30 से दोपहर 12.45 बजे तक आयोजित होगी।

जबकि दूसरी पाली में कला संकाय एवं वोकेशनल कोर्स परीक्षार्थियों के लिए अंग्रेजी विषय की परीक्षा आयोजित होगी। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से 5.15 बजे तक संचालित होगी।

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Prashant Kishor: पीके की जन सुराज पार्टी को कौन दे रहा पैसा? JDU नेता के दावे से मचेगा सियासी बवाल!

February 6, 2025 - 6:57pm

राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार, प्रदेश सचिव मोहित प्रकाश तथा अजीज पटेल ने गुरुवार को जनसुराज के नेता प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपनी राजनीतिक यात्रा में असत्य बोल रहे।

इन नेताओं ने जदयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जन सुराज नेता की राजनीतिक गतिविधियों और उनके द्वारा संचालित वित्तीय स्त्रोतों को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

'करोड़ों रुपये का निवेश कहां से हो रहा है?'

जदयू नेताओं ने कहा कि प्रशांत किशोर की हालिया गतिविधियां और उनका वित्तीय स्त्रोत सवालों के घेरे में है। बिहार की जनता को यह जानना आवश्यक है कि उनकी पार्टी में करोड़ों रुपये का निवेश कहां से हो रहा है। प्रशांत किशोर ने अपने राजनीतिक पार्टी के नाम पर कई गड़बड़ियां की है।

उन्होंने कहा, जनसुराज की स्थापना 28 अगस्त 2023 को हुई, जबकि इसका औपचारिक एलान गांधी जयंती के दिन यानी 2 अक्टूबर 2024 को हुआ।

'पार्टी में वित्तीय गड़बंड़ी'

इस दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि पार्टी के पास कोई वित्तीय कमी नहीं है। वहीं, जनसुराज के अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रामबली सिंह ने कहा कि पार्टी का कोई बैंक खाता नहीं है। यह विरोधाभास दर्शाता है कि पार्टी में वित्तीय गड़बड़ी है।

नीरज कुमार ने कहा कि यह पहली राजनीतिक पार्टी है, जो एक कंपनी द्वारा संचालित हो रही है। यह कंपनी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड है। यह चैरिटेबल फाउंडेशन के नाम पर राजनीतिक गतिविधियां चला रही है, जो टैक्स अनियमितता के एक बड़े मामले को जन्म देता है।

उन्होंने कहा कि इस फाउंडेशन के वित्तीय लेन-देन में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। फाउंडेशन ने 2023-24 के दौरान ₹48.75 करोड़ डोनेशन प्राप्त किया। यह विभिन्न कंपनियों से आया, लेकिन इन कंपनियों की पूंजी से कहीं अधिक राशि डोनेट की गई। प्रशांत किशोर पार्टी और इस कंपनी के बीच संबंध को स्पष्ट करना चाहिए।

बिहार से पूंजी और श्रम का निर्यात हो रहा : पीके

गौरतलब है कि प्रशांत किशोर इन दिनों राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं। उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव की तैयारियां में जुटी हुई है। वहीं, बीते मंगलवार को प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोगों की मेहनत से जमा किया हुआ पैसा, बैंकों द्वारा तमिलनाडू, गुजरात आदि राज्यों को दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, इसका परिणाम यह है कि मजदूर बिहार के पूंजी बिहार की जनता की, लेकिन फैक्ट्री के मालिक तमिलनाडू और गुजरात के हैं। उसके बाद उन राज्यों में बनी वस्तु को बिहार में आयत किया जाता है और लोगों को महंगे दरों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह उसी तरह है जैसे ब्रिटिश शासनकाल में कपास और नील की खेती बिहार में होती थी पर फैक्ट्री इंग्लैंड में थी, जिससे हमारे ही कच्चे माल से बनी वस्तु को हमें ही उच्च दरों पर बेचा जाता था।

पीके ने कहा, यह दुर्भाग्य की बात है कि आज भी बिहार की वही स्थिति बनी हुई हैं। यदि बिहार के बैंक बिहार सरकार की बात सुनते या फिर आरबीआइ के नियमों का पालन करते तो हैं केवल बिहार की जनता के पैसों से हर वर्ष बिहार में दो लाख करोड़ का अतिरिक्त निवेश होता। जिससे बिहार के लोगों को दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी नहीं करनी पड़ती।

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Bihar School News: बिहार के सरकारी स्कूल में पहली बार होने जा रहा यह काम; शिक्षा विभाग ने दे दी हरी झंडी

February 6, 2025 - 4:14pm

राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: बिहार में अब सरकारी विद्यालयों की तीसरी कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों की टैबलेट से ऑनलाइन उपस्थिति बनेगी। आरंभ में यह काम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पटना, नालंदा, वैशाली, जहानाबाद, सारण एवं भोजपुर जिले के पांच-पांच विद्यालयों में आरंभ होगा। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. एस सिद्धार्थ ने गुरुवार को संबंधित जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखा है।

कक्षा तीन में पढ़ रहे विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति ई शिक्षाकोष पोर्टल से जुड़ी रहेगी। उनके मूल्यांकन के परिणाम, अकादमिक सत्र में पूर्ण किए गए पाठ्यक्रम , पाठों का विवरण आदि काे इस माध्यम से सिलसिलेवार ढंग से रखा जाएगा।

सभी 6 जिलों को छह-छह टैबलेट उपलब्ध कराया जाएगा

पायलट प्रोजेक्ट के लिए सभी संबंधित छह जिलों में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य स्तरीय कार्यालय द्वारा छह-छह टैबलेट उपलब्ध कराया जाएगा।

एक प्रखंड पर एक टैबलेट उपलब्ध कराया जाना है। संबंधित जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा विशेष दूत के माध्यम से आठ फरवरी तक बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के कार्यालय से टैबलेट प्राप्त कर लेना है पायलट

प्रोजेक्ट के लिए पांच सरकारी प्रारंभिक विद्यालय का चयन बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर यह टैबलेट कक्षा तीन के वर्ग शिक्षक की अभिरक्षा में रहेगा।

कक्षा तीन के वर्ग शिक्षक बनाएंगे ऑनलाइन हाजिरी

कक्षा तीन के वर्ग शिक्षक द्वारा 10 फरवरी से प्रतिदिन प्रथम घंटी में विद्यार्थियों की आनलाइन उपस्थति टैबलेट के माध्यम से दर्ज की जाएगी। वर्ग शिक्षक प्रतिदिन टैबलेट के माध्यम से क्लास का फोटोग्राफ खींचेंगे। फोटोग्राफ में कक्षा के सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति रहनी चाहिए।

उस तस्वीर का ई शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करना है। चयनित विद्यालयों के कक्षा तीन के वर्गशिक्षक द्वारा प्रत्येक माह के अंत में अकादमिक सत्र में पूर्ण किए गए पाठों का विवरण अद्यतन किया जाएगा।

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Bihar Bhumi: नीतीश सरकार ने जमीन मालिकों को दी खुशखबरी, महज 40 रुपये में हो जाएगा ये जरूरी काम

February 6, 2025 - 3:30pm

जागरण टीम, पटना/मुजफ्फरपुर। अब निर्धारित शुल्क का भुगतान कर भू अभिलेख पोर्टल (Bihar Bhumi Portal) से दस्तावेजों की अभिप्रमाणित प्रति प्राप्त की जा सकती है। साथ ही राजस्व न्यायालय में वाद दायर किया जा सकता है। इससे संबंधित एक पत्र राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सोमवार को सभी समाहर्ताओं को लिखा है।

राजस्व न्यायालय में वाद दायर करने के लिए 40 रुपये प्रति आवेदन शुल्क का भुगतान किया जाना है। भू अभिलेख पोर्टल से अभिप्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए प्रति पृष्ठ 20 रुपया देना होगा। इसमें जीएसटी एवं कर अलग से देय होगा।

वसुधा केंद्रों पर मिलेगी रैयतों को नई सुविधा

जय सिंह ने कहा कि सभी वसुधा केंद्रों पर रैयतों को ये नई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पत्र में कहा गया है कि सीएसपी संचालकों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि वसुधा केन्द्र पंचायत स्तर पर होने के कारण लोगों की पहुंच में हैं। विभाग इसके जरिए कई ऑनलाइन सेवाएं पहले से ही उपलब्ध करा रहा है। अब इसमें दो नई सेवाओं को जोड़ने से ग्रामीण रैयतों को सुविधा होगी। ज्यादा शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

मालूम हो कि वसुधा केंद्रों में राजस्व विभाग की सभी ऑनलाइन सेवाओं के लिए दर निर्धारित किया गया है। पंजी-दो देखने के लिए 10 रुपये प्रति जमाबंदी एवं पंजी देखने के साथ प्रति जमाबंदी ऑनलाइन भुगतान के लिए 20 रुपये का भुगतान लिया जाता है।

दाखिल-खारिज आवेदन जमा करने का शुल्क 40 रुपया प्रति आवेदन और भू-मापी हेतु आवेदन शुल्क भी 40 रुपया प्रति आवेदन तय है।

राज्य में 49 लाख जमाबंदी से नहीं मिल रहे लगान

प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान लगान रसीद जमा नहीं कर रहे हैं। विभाग की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि राज्य में 49 लाख जमाबंदी में अंतिम लगान का विवरण दर्ज नहीं है। वहीं, वित्तीय वर्ष में लक्ष्य छह सौ करोड़ के विरुद्ध अब तक महज 296 करोड़ रुपये राजस्व की वसूली ही हो सकी है। वित्तीय वर्ष समाप्त हाेने में अब करीब डेढ़ माह का समय ही बचा है।

इतनी कम राजस्व वसूली को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिले के समाहर्ता को पत्र लिखा है। उन्होंने जागरूकता बढ़ाने हुए राजस्व वसूली कराने को कहा है।

सचिव ने पत्र में लिखा है कि राज्य में महज 29 प्रतिशत जमाबंदी से ही राशि की वसूली हुई है, जबकि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में लगान के लिए अभियान चलाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद यह स्थिति है। सचिव ने सीएससी से लेकर रैयतों तक जागरूकता अभियान चलाने और राजस्व संग्रह के लिए कहा है।

सरकारी जमीन की जमाबंदी में विभाग लापरवाह

राज्य में जमीन के सर्वे का काम शुरू है। इसके बावजूद अपनी जमीन की जमाबंदी कराने में विभाग लापरवाह हैं। योजनाओं और परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई जमीन की जमाबंदी भी नहीं कराई गई है। इसे लेकर चकबंदी निदेशक ने नाराजगी जताई है।

सभी प्रमंडलीय आयुक्त और समाहर्ता को जारी पत्र में निदेशक राकेश कुमार ने लिखा है कि पटना जैसे जिले में भू-अर्जन और विभागों के नाम 28 मामलों में जमीन की जमाबंदी कराने की रिपोर्ट दी गई है। जबकि इस जिले में भू-अर्जन के इससे कहीं अधिक मामले हैं।

पूरे राज्य में इस तरह के 1250 मामले हैं। इनमें से महज एक की जमाबंदी संबंधित विभाग के नाम से कराई गई है। यह बहुत ही गंभीर स्थिति है। उन्होंने अधिग्रहण की गई जमीन की जमाबंदी को लेकर गहन छानबीन करने का आग्रह किया है।

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Railway News: 124 किलोमीटर लंबा किऊल-गया ट्रेन रूट तैयार, 120 KM प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

February 6, 2025 - 2:20pm

जागरण संवाददाता, पटना। दानापुर मंडल के किऊल-गया दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत लगभग 17 किमी लंबे नव-दोहरीकृत नवादा-तिलैया रेलखंड का निरीक्षण बुधवार को संरक्षा आयुक्त (रेलवे), पूर्वी सर्किल सुवोमोय मित्रा ने किया।

नवादा और तिलैया के मध्य नवनिर्मित दोहरीलाइन एवं पुल-पुलिया तथा नवादा और तिलैया स्टेशन के मध्य स्टेशन भवन, पैनलरूम, रिले रूम एवं आइपीएस रूम का निरीक्षण किया गया।

संरक्षा आयुक्त (रेलवे) द्वारा विशेष ट्रेन से नवादा से तिलैया के मध्य 120 किमी प्रति घंटा की गति से सफलतापूर्वक स्पीड ट्रायल भी किया गया। संरक्षा आयुक्त की अनुमति प्राप्त होते ही नव-दोहरीकृत रेलखंड पर ट्रेनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।

इस अवसर पर दानापुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक जयंत कुमार चौधरी सहित निर्माण विभाग तथा दानापुर के उच्चाधिकारीगण भी उपस्थित थे।

इस रूट पर ये है मुख्य स्टेशन

किऊल एवं गया पूर्व मध्य रेल के दानापुर एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल का प्रमुख स्टेशन है। यह रेल खंड ग्रैंडकॉर्ड एवं मेन लाइन के यातायात दबाव को भी कम करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसकी महत्ता को देखते हुए 124 किमी लंबे किऊल-गया रेलखंड का दोहरीकरण 1200 करोड़ रुपये की लागत से वित्तीय वर्ष 2015-16 में प्रदान की गई थी।

इस परियोजना के पूरा हो जाने से किऊल-गया रेलखंड में ट्रेनों की गति में वृद्धि होगी और क्षेत्र के औद्योगिक विकास में गति आएगी। किऊल-गया के दोहरीकरण से लखीसराय, शेखपुरा, नवादा एवं अन्य जिलों के विकास में और गति आएगी। इसका लाभ बिहारवासियों को तो मिलेगा ही साथ ही दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर यात्रा करने वाले अन्य प्रदेश के यात्री भी लाभंवित होंगे।

दोहरीकरण परियोजना को कई चरणों में पूरा किया गया है। पहले चरण में दिसंबर 2019 में मानपुर-वजीरगंज रेलखंड का कार्य पूर्ण करते हुए परिचालन के लिए खोला गया।

इसके उपरांत विभिन्न चरणों में दोहरीकरण कार्य पूर्ण करते हुए वजीरगंज-तिलैया रेलखंड को सितंबर 2022 में, किऊल-शेखपुरा को फरवरी 2023 में, शेखपुरा-काशीचक को सितंबर 2023, काशीचक-वारिसलीगंज रेलखंड को जनवरी 2024 तथा वारिसलीगंज-नवादा रेलखंड को जुलाई 2024 में परिचालन के लिए खोला जा चुका है।

इस दोहरीकरण परियोजना के तहत कुछ नयेे यार्डों का भी निर्माण किया गया है जिनमें पैमार, नवादा, सिरारी, वजीरगंज, करजारा, करौटा पटनेर, काशीचक, शेखपुरा, वारसलिगंज एवं मानपुर आदि प्रमुख हैं। किऊल और गया के मध्य 124 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड में 32 बड़े तथा 304 छोटे पुलों का निर्माण किया गया है। यह जानकारी पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने दी।

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Bihar News: अनंत सिंह को अदालत से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज; फायरिंग मामले में हुई सुनवाई

February 6, 2025 - 12:35pm

 जागरण संवाददाता, पटना। Bihar News: पटना जिले के मोकामा के नौरंगा इलाके में हुई फायरिंग मामले में एमपी/एमएलए के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सह एसीजेएम वन अमित वैभव की अदालत ने गुरुवार को पूर्व विधायक अनंत सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।

30 जनवरी को याचिका दाखिल की गई थी

अनंत सिंह के अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह ने 30 जनवरी को अदालत में नियमित जमानत याचिका दायर किया था। 30 जनवरी को सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस से केस डायरी की मांग की थी और सुनवाई के लिए 5 फरवरी की तिथि मुकर्रर की थी।

5 फरवरी को अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था

5 फरवरी को नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। आज अदालत ने अनंत सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। बताते चलें कि मोकामा के पंचमहल थाना क्षेत्र के‌ नौरंगा जलालपुर इलाके में 22 जनवरी को हुई फायरिंग मामले में पूर्व विधायक अनंत सिंह को नामजद आरोपित किया गया है।

इस मामले में अनंत सिंह बाढ़ न्यायालय में 24 जनवरी को आत्मसमर्पण किया था। अदालत ने आरोपित को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया था। उसी दिन से अनंत सिंह जेल में हैं।

अनंत सिंह मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
  • 22 जनवरी को नौरंगा-जलालपुर गांव में बुधवार को मोकामा के पूर्व विधायक अनंत कुमार सिंह और बदमाश सोनू-मोनू गैंग के बीच फायरिंग हुई
  • एक मकान में सोनू-मोनू गैंग द्वारा ताला मारने के बाद विवाद बढ़ गया और फिर दोनों पक्षों में जमकर गोलीबारी हुई।
  • अनंत सिंह और सोनू-मोनू गैंग के बीच 70 से 80 राउंड गोलियां चलीं थीं, जिसमें अनंत सिंह बाल-बाल बचे थे।
  • वारदात के दौरान अनंत सिंह के एक समर्थक को गोली लग गई थी।
  • इस मामले में पुलिस ने अनंत सिंह और सोनू मोनू को नामजद करते हुए कुल तीन FIR दर्ज की थीं।
  • जलालपुर नौरंगा गांव में फायरिंग की घटना से थाने की दूरी महज 500 मीटर है।
  • पटना जिला के अंदर आने वाला पंचमहला थाना घटनास्थल के बिल्कुल करीब है।
  • वहीं, डुमरा पंचायत के हेमजा गांव में जो फायरिंग की घटना हुई है, वहां से थाने की दूरी महज एक किलोमीटर है।
  • 23 जनवरी को इस पूरे मामले में मोकामा प्रखंड के पंचमहला थाने में 4 एफआईआर दर्ज कराई गईं।
  • पूर्व विधायक अनंत सिंह और समर्थकों के खिलाफ भी पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज कराई गई।
  • 24 जनवरी को लगभग 2 बजे अनंत सिंह ने सरेंडर कर दिया।

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