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Updated: 11 hours 20 min ago

Delhi Chunav Result: केजरीवाल से कहां हुई चूक? महागठबंधन के साथी दल ने खुलकर बताया, कांग्रेस को भी कर दिया आगाह

February 8, 2025 - 6:45pm

राज्य ब्यूरो, पटना। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत हुई है। वहीं, अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। आप को इस बार दिल्ली चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। यहां तक कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को अपनी सीट से हाथ धोना पड़ा है।    

अरविंद केजरीवाल इस चुनाव में कहां चूक गए, इसपर महागठबंधन के साथी दल ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि दिल्ली विधान सभा चुनाव में भाजपा की जीत धर्मनिरपेक्ष-लोकतांत्रिक ताकतों के बीच फूट के कारण हुई है।

आईएनडीआईए एकजुट होकर चुनाव लड़ता तो नतीजे कुछ और आते। चुनाव परिणाम से हमें सबक लेने की जरूरत है क्योंकि आगे बिहार विधानसभा का भी चुनाव होने वाला है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली का चुनाव परिणाम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि आरएसएस-भाजपा के विभाजनकारी एजेंडे का मुकाबला केवल एकजुट, वैचारिक और राजनीतिक मोर्चे के माध्यम से ही प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। यह विशेष रूप से गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस और अन्य प्रमुख क्षेत्रीय दलों के लिए एक चेतावनी है।

आम आदमी पार्टी को सबक लेने की जरूरत : दीपंकर भट्टाचार्य
  • भाकपा-माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि दिल्ली में इस बार जिस तरह से चुनाव हुआ, यदि ऐसे ही चुनाव होते रहे तो उसका कोई मतलब ही नहीं रह जाएगा।
  • वोटर लिस्ट में भारी हेरा-फेरी से लेकर दिल्ली चुनाव में इस बार हिंसा देखी गई। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के वोट में 10 प्रतिशत की गिरावट है।
  • यह वह तबका है जो लोकसभा चुनाव में भाजपा को, लेकिन विधानसभा में आम आदमी पार्टी को वोट करता रहा है, लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में वह वोट भाजपा की ओर चला गया।
  • इससे आम आदमी पार्टी को सबक लेने की जरूरत है, क्योंकि उसके एजेंडे से भी आम आदमी कहीं गायब हो गया है।
कांग्रेस का वोट प्रतिशत थोड़ा जरूर बढ़ा है- दीपंकर

दीपंकर ने कहा कि आम आदमी पार्टी से बदला लेने की आड़ में भाजपा ने दिल्ली की जनता को तबाह और बर्बाद किया है।

दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा की उसकी भी मांग रही है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के लिए जो भी अधिकार तय किए थे, उसमें कटौती करने का काम भाजपा ने किया।

वह पिछले कई सालों से सत्ता से बाहर थी, लेकिन इस बार दिल्ली को भाजपा ने ठगने में सफलता पायी। कांग्रेस का वोट प्रतिशत थोड़ा जरूर बढ़ा है। यह जरूर है कि आईएनडीआईए एकजुट होकर चुनाव में रहता तो चुनाव परिणाम की स्थिति दूसरी होती।

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Bihar News: सभी जिलों के DM तक पहुंचा नया पत्र, राजस्व न्यायालयों के आदेश से जुड़ा है मामला

February 8, 2025 - 6:03pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने तय किया है कि अब विभिन्न राजस्व न्यायालयों के आदेश तत्काल ऑनलाइन होंगे।

पहले होता यह था कि आदेश आज दिया गया और उसे कई दिनों बाद ऑनलाइन किया गया। इस प्रक्रिया में वादियों-प्रतिवादियों निर्णय की तुरंत जानकारी नहीं मिल पाती थी।

विभाग के सचिव ने भेजा पत्र

विभाग के सचिव जय सिंह ने जिलाधिकारियों एवं प्रमंडलीय आयुक्तों को पत्र लिखकर कहा है कि ऑफलाइन आदेश लिखने की प्रवृति तत्काल बंद कर दें।

ऑनलाइन पोर्टल पर ही आदेश लिखें और उसे डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट से हस्ताक्षरित करते हुए वाद को निष्पादित करें।

विभाग को सूचना मिली थी कि कई मामलों में विभिन्न स्तर के राजस्व न्यायालयों के आदेशों को पूर्व की तिथि से ही हस्ताक्षर एवं निर्गत किया गया है किंतु आरसीएमएस पोर्टल पर बाद की तिथि में अपलोड किया गया है।

पत्र में इन बातों का भी जिक्र
  • इससे गड़बड़ी की आशंका को बल मिलता है। पत्र में कहा गया है कि पोर्टल पर आदेश अपलोड होने के बाद ही इसकी जानकारी आवेदक, अपीलार्थी या विपक्षी को हो पाती है।
  • देर से फैसलों की जानकारी होने के कारण आवेदक या अपीलार्थी को अपील या पुनरीक्षण के लिए प्राप्त वैधानिक अवधि कम हो जाती है। इससे उनके अधिकारों का हनन होता है।
राजस्व मंत्री ने क्या कहा?

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सभी राजस्व न्यायालयों को एकीकृत करके जून, 2024 में एक ही पोर्टल में समाहित कर दिया गया था।

अगस्त, 24 में इसमें समाहर्ता और आयुक्त के न्यायालय को जोड़ दिया गया था। नई व्यवस्था से न्याय निर्णय होने और उसे प्रकाशित/प्रसारित होने के बीच के अंतराल को खत्म कर देगा।

सेवानिवृत्ति राजस्व कर्मचारी की दंडाधिकारी के रूप में हुई प्रतिनियुक्ति

उधर, परैया प्रखंड के दखनेर गांव में विश्व विख्यात कथा वाचिका जया किशोरी जी के प्रवचन का आयोजन विगत 2 फरवरी से 8 फरवरी तक किया गया है।

इसको लेकर जिला से अधिकारी के साथ पुलिस अधिकारी और सुरक्षा बलों के दल की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए प्रतिनियुक्ति में बाहरी लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें सेवानिवृत्त पंचायत सचिव को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्ति किया गया है।

इसके अलावा कई स्थानांतरित पंचायत सचिव व मनरेगा कर्मी को भी दंडाधिकारी के रूप में आवश्यक जिम्मेदारी दी गई है। पूरे आयोजन के बीच ऐसे अधिकारी की उपस्थिति नगण्य के बराबर रही है।

इससे आयोजन समिति के ऊपर अतिभार का सामना करना पड़ रहा है। बीडीओ आई एस ट्विंकल ने बताया कि आदेश पत्र जिला से जारी हुआ है, जिसमें अधिकारी व कर्मियों की प्रवचन स्थल व मेला में प्रतिनियुक्ति हुई है।

पंचायत सचिव नरेश प्रसाद दिसम्बर में सेवानिवृत हुए है। स्थानांतरित कर्मियों की भी प्रतिनियुक्ति हुई है जो ड्यूटी में तैनात है।

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Delhi Chunav Result 2025: दिल्ली चुनाव में JDU और LJPR का क्या हुआ? जानिए दोनों सीटों का हाल

February 8, 2025 - 4:54pm

डिजिटल डेस्क, पटना। दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव का परिणाम आ चुका है। खबर लिखे जाने तक दिल्ली में भाजपा 39 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी थी, जबकि 9 सीटों पर लीड कर रही थी। वहीं, आम आदमी पार्टी ने 17 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी थी और 5 सीटों पर बढ़त बनाई हुई थी। 

इससे अब यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली में अब भाजपा सरकार बनने जा रही है। जबकि अरविंद केजरीवाल को इस बार के चुनाव बड़ा झटका लगा है।

अरविंद केजरीवाल भी अपनी सीट से हारे 

यहां तक कि अरविंद केजरीवाल अपनी सीट से भी हाथ धो बैठे हैं। नई दिल्ली सीट से भाजपा के परवेश साहिब सिंह ने जीत दर्ज की है। इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी के कुछ अन्य बड़े नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा है। 

दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी हार गए हैं। उन्हें भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाह ने 675 वोटों से हराया है।   

जदयू और लोजपा का ऐसा रहा हाल

दिल्ली में भाजपा ने एनडीए के अपने दो सहयोगी दलों को भी एक-एक सीट दी थी। बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने बुरारी सीट से एनडीए प्रत्याशी के तौर पर शैलेन्द्र कुमार को मैदान में उतारा था। 

वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने देवली सीट से एनडीए प्रत्याशी के तौर पर दीपक तंवर को मैदान में उतारा था।

बुरारी सीट से जदयू के शैलेन्द्र कुमार को हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट पर एक बार फिर आम आदमी पार्टी के संजीव झा ने जीत दर्ज की है।

देवली सीट से लोजपा(रामविलास) के उम्मीदवार दीपक तंवर हार चुके हैं। उन्हें आम आदमी पार्टी के प्रेम चौहान ने 36 हजार से अधिक वोटों से हराया है।

भाजपा और आप का ऐसा रहा हाल
  • बता दें कि खबर लिखे जाने तक दिल्ली के 57 सीटों के परिणाम सामने आ चुके थे। वहीं, 13 सीटों पर गिनती जारी थी। उधर, पटपड़गंज सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अवध ओझा को भी हार का सामना करना पड़ा है।  
  • दिल्ली चुनाव में हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने कहा कि हम जनता के जनादेश को स्वीकार करते हैं। मैं भाजपा को इस जीत के लिए बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे उन सभी वादों को पूरा करेंगे जिनके लिए लोगों ने उन्हें वोट दिया है। 

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Bihar News: बढ़ते तापमान से बिगड़ सकता है खेती का गणित, इन फसलों पर पड़ेगा बुरा प्रभाव

February 8, 2025 - 3:46pm

नीरज कुमार, पटना। प्रदेश के वातावरण में न्यूनतम तापमान में वृद्धि रबी फसलों के लिए वज्रपात साबित हो रही है। फरवरी के प्रथम सप्ताह में राज्य के वातावरण में रबी की फसलों के लिए न्यूनतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस के नीचे होना चाहिए।

वहीं, दूसरी ओर आजकल प्रदेश के अधिकांश भागों में न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास देखा जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव गेंहू, सरसों, मसूर, आम एवं लीची पर हो रहा है। सबसे ज्यादा प्रभाव देर से बुआई की गई गेंहू की फसलों पर पड़ेगा।

एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि पैदावार में लाएगी चार प्रतिशत की कमी

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पूर्वी क्षेत्र के विज्ञानियों का कहना है कि बिहार के वातावरण में वर्तमान में नमी होना बहुत जरूरी है, लेकिन आजकल पछुआ की तेज गति से जमीन की नमी में काफी तेजी से कमी आने लगी है। इसका प्रभाव रबी की फसलों पर पड़ रहा है।

कृषि विज्ञानियों का कहना है कि वातावरण में सामान्य से एक डिग्री तापमान ज्यादा होने पर पैदावार में चार प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। खासकर गेंहू की फसलों के लिए खेतों में आजकल पर्याप्त नमी होनी चाहिए।यह समय गेंहू की फसल के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

समय से पहले आ रहे फूल

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पूर्वी क्षेत्र के निदेशक डॉ.अनूप दास का कहना है कि वातावरण में बढ़ रही गर्मी से पौधे में समय से पहले फूल आ रहे हैं। इसका प्रभाव आने वाले दिनों में फसलों के फलन पर पड़ेगा। गर्मी बढ़ने से दाने पुष्ट नहीं हो पाएंगे और पैदावार में गिरावट आएगी।

इसके लिए जरूरी है कि किसान खेतों में नमी बनाए रखें। खासकर गेंहू के खेतों में नमी रहने से गर्मी का प्रभाव थोड़ा कम होगा। अगर किसान को खेतों में नमी में कमी दिखाई दे तो खेतों में हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए ताकि पौधे को पर्याप्त मात्रा में नमी मिल सके।

आम एवं लीची के मंजरों पर भी पड़ेगा प्रभाव

आम एवं लीची का मंजर भी गर्मी से प्रभावित होंगे। आजकल वातावरण में नमी बहुत जरूरी है, लेकिन समय से पहले तेज पछुआ का प्रवाह आम एवं लीची की फसलों को प्रभावित करेगा। गर्मी बढ़ने से मंजर पर कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।

वेद प्रकाश, कृषि विज्ञानी

राज्य में होती रबी फसलों की खेती
  • गेंहू की खेती : 24 लाख हेक्टेयर में
  • दलहन की खेती : चार लाख हेक्टेयर में
  • मसूर की खेती : एक लाख 80 हजार हेक्टेयर में
  • चना की खेती : एक लाख हेक्टेयर में
  • आम की बागवानी : एक लाख 64 हजार हेक्टेयर में
  • लीची की बागवानी : 39 हजार हेक्टेयर में

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Bihar Jobs: बिहार के युवाओं की बल्ले-बल्ले, नीतीश सरकार और सिडबी के बीच हुआ समझौता, 150 करोड़ का फंड जारी

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Bihar Jobs: बिहार के युवाओं की बल्ले-बल्ले, नीतीश सरकार और सिडबी के बीच हुआ समझौता, 150 करोड़ का फंड जारी

February 8, 2025 - 2:33pm

राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: बिहार मे स्टार्ट अप में लगे युवाओं की वित्तीय सहायता के लिए सिडबी की मदद से 150 करोड़ का कारपस फंड इसी वर्ष जून में अस्तित्व में आ जाएगा। इस बारे में उद्योग विभाग और सिडबी के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हो चुका है।

स्टार्ट में लगे युवाओं की समस्या अपने आगे के काम के लिए फंड व्यवस्था की रहती है। इस मामले में उनकी निर्भरता महानगरों में बैठे निवेशकों पर रहती है। इसे लेकर हमेशा संशय की स्थिति बनी रहती है कि मदद मिलेगी या नहीं।

निवेशक भी वैसे चाहिए कि जिन्हें सेबी की मान्यता हो। इसे केंद्र में रख यह तय किया गया कि एक कारपस बनाकर स्टार्ट अप में आगे बढ़ रहे युवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाए।

150 करोड़ के कारपस में उद्योग विभाग उपलब्ध कराएगा 50 करोड़

उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 150 करोड़ रुपए के कारपस में 50 करोड़ रुपए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं एक सौ करोड़ की व्यवस्था सिडबी अपने स्तर सें कराएगा। मालूम हो कि किसी स्टार्ट अप इकाई द्वारा अगर 80 प्रतिशत तक का काम कर लिया जाता है तो उसे छह लाख रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाती है। 

900 स्टार्ट अप में 70 प्रतिशत ने काम शुरू कर रखा है 

उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बिहार में 900 स्टार्ट अप हैं। इनमें से 70 प्रतिशत ने अपना काम शुरू कर दिया है। वहीं 30 प्रतिशत स्टार्ट अर अभी आइडिएशन के स्तर पर हैं। 

सबसे अधिक एग्री सर्विसेस, ई कामर्स और स्वास्थ्य के क्षेत्र में 

सबसे अधिक स्टार्ट अप बिहार में एग्री सर्विसेस के क्षेत्र में हैं। कुल स्टार्ट अप का 11 प्रतिशत से अधिक इस क्षेत्र में हैं। वहीं ई कामर्स व स्वास्थ्य के क्षेत्र की भी हिस्सेदारी भी 11 प्रतिशत है। हैंडीक्राफ्ट की हिस्सेदारी 9 प्रतिशत है। शेष सेक्टर की अलग-अलग हिस्सेदारी है। ईवी सेक्टर में भी स्टार्ट अप पर काम चल रहा। बिहार के युवा स्टार्टअप के जरिए देश भर में परचम लहरा सकते हैं।

स्टार्टअप क्या होता है?

स्टार्टअप एक नई और छोटी कंपनी होती है जो किसी नए और अनोखे विचार या उत्पाद के साथ बाजार में प्रवेश करती है। स्टार्टअप आमतौर पर तकनीकी और नवाचारी होते हैं और उनका मुख्य उद्देश्य अपने उत्पाद या सेवा को बाजार में स्थापित करना और व्यवसाय को बढ़ाना होता है।

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Patna News: CBI की रडार पर आए दिनेश अग्रवाल की बढ़ी मुश्किलें, छापामारी में मिले अहम सबूत

February 8, 2025 - 9:07am

राज्य ब्यूरो, पटना। आयकर विभाग की 'फेसलेस स्कीम ऑफ असेसमेंट' मामले में सीबीआइ की रडार पर आए वाल्मीकि नगर से निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़ने वाले दिनेश कुमार अग्रवाल समेत आयकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर, दो इंस्पेक्टर और पांच चार्टर्ड अकाउंटेंट की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

CBI को ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं कि इन अधिकारियों ने दिनेश अग्रवाल के सहयोग और मिली भगत से मोटी कमाई की है।

छापामारी में मिले अहम सबूत

राशि की अधिकता के आधार पर प्रवर्त्तन निदेशालय (ED) की जांच की भी संभावना जताई जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को गुरुवार को छापामारी के दौरान कई अहम दस्तावेज मिले हैं जिसमें यह बात सामने आ रही है कि इस पूरे मामले में अग्रवाल की बड़ी भूमिका है।

दिनेश कुमार अग्रवाल ने ही डिप्टी कमिश्नर के साथ मिलकर पूरी योजना को अमलीजामा पहनाया। सूत्रों के अनुसार इस गड़बड़ी में व्यापक राशि शामिल है। साथ ही कई अन्य लोग भी इस साजिश का हिस्सा रहे हैं, जिनके बारे में जानकारियां जुटाई जा रही हैं।

18 स्थानों पर हुई छापामारी

फिलहाल CBI टीम इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है। बता दे कि फेसलेस स्कीम ऑफ असेसमेंट में गड़बड़ कर लोगों से मोटी रकम वसूली के मामले में CBI ने दिल्ली, मुंबई, ठाणे, पश्चिम चंपारण, बेंगलुरु और कोट्टायम सहित 18 स्थानों पर तलाशी ली थी।

पश्चिम चंपारण में लोकसभा चुनाव 2024 मे वाल्मीकी नगर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले दिनेश कुमार अग्रवाल के घर और कार्यालय की भी तलाशी हुई थी।

निगरानी की 37 दिनों में भ्रष्टाचारी अफसरों पर की पांचवीं कार्रवाई

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने इस साल के पहले 37 दिनों में पांच भ्रष्टाचारी अफसरों पर कार्रवाई की है। इनमें तीन को ट्रैप केस में रंगे हाथ घूस लेते पकड़ा गया है।

सबसे ताजा मामला गुरुवार का है, जब पटना के रूपसपुर थाने के दो दारोगा को निगरानी ने 50 हजार रुपये के साथ शास्त्रीनगर इलाके से रंगे हाथ पकड़ा। दोनों अभियुक्त रंजीत कुमार और फिरदौस आलम को पूछताछ के बाद निगरानी कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा।

  • निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, सात जनवरी को पटना के कंट्रोलर आफ स्टोर एंड परचेज अखिलेश कुमार को ट्रैप कांड में 70 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया।
  • वहीं 24 जनवरी को ट्रैप के एक अन्य मामले में सीतामढ़ी के पुपरी के राजस्व कर्मचारी भोगेन्द्र झा को 51 हजार रुपये घूस के साथ पकड़ा गया।

निगरानी ने जनवरी में आय से अधिक संपत्ति मामले में भी दो कार्रवाई की हैं। इसमें औरंगाबाद के सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज के लिपिक मनोज कुमार पर कार्रवाई की गई, जिसमें आय से करीब करीब 74 लाख 98 हजार से अधिक संपत्ति पाई गई।

इसी तरह बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रोजेक्ट इंजीनियर के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई, जिसमें 89 लाख से अधिक का प्रत्यानुपातिक धनार्जन पाया गया।

7765953261 पर करें भ्रष्टाचार की शिकायत

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। कोई भी नागरिक भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी 0612-2215344 या मोबाइल नंबर 7765953261 पर दे सकते हैं।

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Bihar News: बिहार में बिजली बिल जमा नहीं करने वालों की बढ़ेंगी मुश्किलें, घर-घर पहुंचकर वसूली जाएगी राशि

February 8, 2025 - 8:34am

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के सीएमडी सह ऊर्जा सचिव पंकज पाल ने शुक्रवार को नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के राजस्व संग्रहण की स्थिति की समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि टीम बनाकर घर-घर दस्तक देकर बिजली बिल के बकाया की वसूली की जाए।

कैंप लगाकर होगी वसूली
  • ऊर्जा सचिव ने कहा कि ऐसे क्षेत्र जहां राजस्व संग्रहण की गति धीमी रही है वहां डिवीजन के स्तर पर साप्ताहिक कैंप लगाया जाए।
  • उन्होंने कहा कि एजेंसी मैनेजरों और सुपरवाइजरों के काम पर नजर रखते हुए उनके साथ पाक्षिक समीक्षा बैठक की जाए। बेहतर राजस्व संग्रह करने वाले कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
  • वहीं, धीमी गति से काम करने वाले कर्मियों को जवाबदेह बनाया जाएगा। बकाया बिल संग्रह के लिए सब डिवीजन तथा सेक्शन के स्तर पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
कनेक्शन काटे जाएंगे

बिजली कंपनी के सीएमडी ने कहा कि बिजली चोरी पर अंकुश लगाने तथा बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन को अस्थायी रूप से काटा जाए।

इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि बिजली बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। समय पर वसूली को ध्यान में रख जरूरत पड़े तो अतिरिक्त मानव संसाधन का उपयोग किया जाए।

बेगूसराय : बिजली चोरी के आरोप में आठ पर तीन लाख 25 हजार जुर्माना

विद्युत प्रमंडल के मटिहानी सेक्शन के विभिन्न गांव में छापेमारी की गई, इसमें बिजली चोरी करते आठ उपभोक्ता पकड़े गए। इन उपभोक्ताओं पर जुर्माना करते हुए संबंधित थाने में प्राथमिकी अंकित कराई गई।

आठों उपभोक्ताओं पर तीन लाख 24 हजार 954 रुपये जुर्माना किया गया। उक्त जानकारी विभाग के कार्यपालक अभियंता सूरज कुमार वर्मा ने दी।

सूरज कुमार वर्मा ने बताया कि मटिहानी सेक्शन के मोहन एघु में कई उपभोक्ताओं द्वारा चोरी से बिजली का उपयोग करने की सूचना दी गई। सूचना के आलोक में टीम बनाई गई।

टीम में कनीय विद्युत अभियंता मो. आसिफ हुसैन, मिस्त्री संजय कुमार, गौरव कुमार आदि को शामिल किया गया।

मोहन एघु के वार्ड संख्या 45 रागिनी सिनेमा हाल की पश्चिम नाला रोड में ललन शर्मा के घरेलू परिसर में जांच की गई तो चोरी से बिजली का उपयोग करते पाए गए। इनके उपर 28362 रुपये जुर्माना किया गया। इसी वार्ड में कामदेव शर्मा पर बिजली चोरी के आरोप में 29234 रुपये जुर्माना, बाला शर्मा पर 20213 रुपये का जुर्माना किया गया।

शर्मा टोली में ही आशीष शर्मा पर चोरी से बिजली का उपयोग करने पर 30631 रुपये, अखिलेश सिंह पर बकाया राशि सहित 72986 रुपये, शीतल शर्मा पर बिजली चोरी के आरोप में 65943 रुपये।

मोफास शर्मा पर टोका फंसा कर 43118 रुपये, मोहन एघु रागिनी सिनेमा हाल के समीप सुनील सिंह पर बिजली चोरी के आरोप में 36467 रुपये जुर्माना किया गया। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि सभी उपभोक्ताओं पर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी अंकित कराई गई है।

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Bihar Weather Today: तेज धूप फिर भी ठंड बरकरार, बिहार में 48 घंटे बाद फिर मौसम बदलने के आसार; जारी हुआ अलर्ट

February 8, 2025 - 7:29am

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: प्रदेश में तेज गति के साथ सर्द पछुआ हवा का प्रवाह जारी है। पटना व आसपास इलाकों में अच्छी धूप निकलने के बावजूद पछुआ के कारण हल्की ठंड का असर बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार शनिवार को उत्तरी भागों के अधिसंख्य भागों में हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाया रहेगा।

तापमान में गिरावट के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, पटना सहित अन्य भागों में हल्के कोहरे के बाद मौसम शुष्क बना रहेगा। 48 घंटे के दौरान तापमान में वृद्धि के आसार नहीं है। इसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री गिरावट की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ का दिखेगा असर

पश्चिमी बांग्लादेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बने होने के साथ आठ फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पश्चिमी हिमालय को प्रभावित करने की संभावना है।

इसके कारण प्रदेश के न्यूनतम तापमान में गिरावट आने के साथ तराई वाले इलाकों में कोहरे का प्रभाव बना रहेगा।

28 शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट

पछुआ के तेज से प्रभाव से पटना सहित 28 शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। 24 घंटों के दौरान पटना के न्यूनतम तापमान में 2.2 डिग्री गिरावट के साथ 13.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जबकि 9.0 डिग्री सेल्सियस के साथ डेहरी (रोहतास) में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रमुख शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें औरंगाबाद के न्यूनतम तापमान में 5.9 डिग्री सेल्सियस, डेहरी में 4.4 डिग्री, गया में 4.8 डिग्री।

शेखपुरा में 6.3 डिग्री, बांका में 5.2 डिग्री, शेखपुरा में 6.3 डिग्री, कटिहार में 4.3 डिग्री, मुजफ्फरपुर का 2.9 डिग्री, वैशाली का 3.2 डिग्री, मधेपुरा का 3.3 डिग्री, सुपौल का 3.7 डिग्री, फारबिसगंज का 2.8 डिग्री, किशनगंज के तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की सलाह

इन शहरों के अलावा प्रदेश के सभी इलाकों में न्यूनतम तापमान में इजाफा दर्ज किया गया। प्रदेश में मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

शहर के प्रमुख शहरों का तापमान
  • पटना- पटना में आज का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
  • मुजफ्फरपुर- मुजफ्फरपुर में आज का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
  • भागलपुर- भागलपुर में आज का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

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Bihar: बिहार के लोगों को मिलेगा रोजगार, यहां बनेगा प्रधानमंत्री एकता मॉल; सभी राज्यों का दिखेगा उत्पाद

February 8, 2025 - 6:00am

मृत्युंजय मानी, जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी के लोगों के लिए खुशखबरी है। अटल पथ पर प्रधानमंत्री एकता मॉल बनेगा। इसमें देश के सभी राज्यों के स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरधा ओडीओपी और जीआई उत्पाद रहेगा।

शनिवार को होटल मौर्या में होने वाली पटना नगर निगम की बोर्ड की बैठक में पाटलीपुत्र पानी टंकी के पास स्थित 3.99 एकड़ भूमि हस्तांतरण करने के फैसले पर अंतिम मुहर लग सकती है। इस मामले पर सशक्त स्थायी समिति अपनी सहमति दे चुकी है।

कचरा डंपिंग यार्ड को यथाशीघ्र हटाने का निर्देश

प्रधानमंत्री एकता मॉल के निर्माण और भू-खंड के विषय पर राज्य के विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक हो चुकी है। वर्तमान समय में इस भू-खंड पर कचरा डंपिंग यार्ड है। नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने इस कचरा डंपिंग यार्ड को यथाशीघ्र हटाने का निर्देश दिया गया है।

इसी माह इस भूखंड में बहुमंजीली भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। भारत सरकार को यथाशीघ्र भूखंड हैंडओवर करने का निर्देश दिया है। उद्योग विभागों को यह भू-खंड स्थानांतारित होने जा रहा है।

नगर निगम बोर्ड की बैठक से प्रस्ताव पारित होते ही उद्योग विभाग को प्रधानमंत्री एकता मॉल बनाने के लिए एनओसी दे देगा। यहां कर्मियों के निर्मित आवास टूटेंगे। नगर निगम नि:शुल्क में यह भूखंड उपलब्ध कराने जा रहा है।

प्रधानमंत्री एकता भवन में पटना नगर निगम को भी जगह उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए बड़े स्तर पर स्थान आवंटित किया जाएगा। इस भू-खंड को पहले नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यालय के लिए चयनित किया गया था। अब इस स्थान पर एक पेट्राेल पंप भी बनकर तैयार हो गया है।

कचरा डंपिंग यार्ड हटने से कचरे की बदबू से मिलेगी निजात

अटल पथ और बोरिंग रोड के बीच में स्थित पाटलिपुत्र पानी टंकी कचरा डंपिंग यार्ड से आसपास के लोग परेशान रहते हैं। पाटलिपुत्र कॉलोनी के निवासी कई बार आंदोलन कर चुके हैं। अटल पथ बोरिंग रोड का लिंक पथ से आने-जाने वाले बदबू की चपेट में आ जाते हैं।

दीघा में कचरा ट्रांसफर स्टेशन का होगा निर्माण

पाटलिपुत्र की कार्यपालक पदाधिकारी पुण्यातरु दीघा में खाली भूखंड पर कचरा ट्रांसफार्मर स्टेशन बनवाने के लिए निरीक्षण की है। इसके लिए स्थल का भी चयन कर लिया गया है। कुछ दिनों के बाद अत्याधुनिक तरीके से कचरा ट्रांसफर केंद्र बनाया जाएगा। यहां से कचरे की बदबू आसपास नहीं आएगी।

बिहार को बहुत बड़ा सौगात मिलने जा रहा है। सभी राज्यों के उत्पादन प्रदर्शित होगा। उद्योग का हब बन जाएगा। बिहार के हर तरह के उत्पादों को बाजार मिलेगा। ग्रामीण कारीगरों को वैश्विक बाजार उपलब्ध होगा। पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बिहार को एक तोहफा के रूप में प्रधानमंत्री एकता मॉल मिलने जा रहा है। यह मॉल बिहार के प्रगति को बढ़ावा देगा। -अनिमेष कुमार पराशर, आयुक्त, पटना नगर निगम।

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Bihar Politics: 'नीतीश का अध्याय खत्म नहीं हुआ है; न अभी होगा', इंटरव्यू में बोले JDU अध्यक्ष संजय झा

February 8, 2025 - 6:00am

अरविंद शर्मा, नई दिल्ली/पटना। बजट में बिहार को प्राथमिकता मिलने के बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा सुर्खियों में हैं। नीतीश कुमार ने उन्हें बिहार की अपेक्षाओं को लेकर केंद्र सरकार से बेहतर समन्वय का काम दे रखा है।

दिल्ली के बाद बिहार विधानसभा चुनाव की बारी है, जिसमें जदयू की अहम भूमिका होगी। भाजपा से समन्वय, सीट बंटवारा एवं बिहार के राजनीतिक भविष्य जैसे मुद्दों पर विशेष संवाददाता अरविंद शर्मा ने संजय झा से लंबी बात की। प्रस्तुत है प्रमुख अंश:

सवाल - बजट में बिहार को बहुत कुछ मिला। कहा जा रहा कि विधानसभा चुनाव के चलते इतना दिया गया।

कैसे और क्यों मिला, इसका कोई मतलब नहीं। मिल गया, यह मायने रखता है। मखाना बोर्ड, खाद्य प्रौद्योगिकी एवं उद्यमिता प्रबंधन संस्थान के साथ मिथिलांचल में सिंचाई के लिए कोसी नहर परियोजना को वित्तीय मदद को मंजूरी मिली है। इससे 50 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई की व्यवस्था होगी।

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रवासी बिहारियों के लिए वरदान साबित होगा। पटना से सीधे गल्फ एवं अन्य देशों की यात्रा की जा सकेगी। राजगीर में अतिरिक्त एयरपोर्ट बनेगा। पिछले बजट में भी बिहार को 12 हजार करोड़ के दो एक्सप्रेसवे मिले थे। विशेष सहयोग के लिए बिहार प्रधानमंत्री एवं वित्तमंत्री का आभारी है।

सवाल - राजद का आरोप है कि विशेष राज्य का दर्जा नहीं मांगा

विशेष राज्य या विशेष सहायता के मुद्दे को जदयू ने सबसे ऊपर रखा था। इसके लिए लगातार आंदोलन भी किया। पटना के गांधी मैदान एवं दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया। वित्त आयोग ने जब विशेष राज्य के कैटेगरी को ही खत्म कर दिया तो हमें पीछे हटना पड़ा, लेकिन विशेष सहायता तो मिल ही रही है। मगर आज जो बयान जारी कर रहे हैं, वह भी केंद्र की सरकार में दस वर्ष रहे। उसी समय क्यों नहीं लिया।

सवाल - बिहार में वोटरों की जाति होती है। महागठबंधन के पास माय (मुस्लिम-यादव) समीकरण का वोट है। यह बजट किस हद तक उस समीकरण को तोड़ पाएगा?

काम के सामने कोई समीकरण नहीं ठहरता। नीतीश कुमार ने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उनकी पहचान सिर्फ काम से है। इस बार 2010 का भी रिकॉर्ड टूटेगा, क्योंकि लोग पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहते। महिलाएं, ओबीसी, युवा, एससी सब हमारे साथ हैं। किसी को नीतीश कुमार से दुश्मनी नहीं। लोकसभा का नतीजा देख लीजिए। उन्होंने तीस सीटें एनडीए की झोली में डाली है। विधानसभा उपचुनावों में हमने ऐसी सीटें भी जीती हैं जो 30 वर्षों से हमारे पास नहीं थीं। बिहार सरकार के निर्णयों एवं न्याय में जाति दिखती है क्या। छात्राओं को साइकिल-ड्रेस देने में भेदभाव दिखा क्या। नीतीश कुमार सर्वजाति-सर्वधर्म के नेता हैं।

सवाल - सीट बंटवारे में दांवपेच की खबरें आ रही हैं। क्या जदयू का प्रयास है कि भाजपा से ज्यादा सीटें लेकर फिर बड़ा भाई बन जाए?

बड़ा-छोटा में मत पड़िए। भाजपा-जदयू का तीन दशक से स्वाभाविक गठबंधन है। जिलों में जाकर देखिए। पहली बार बिहार में एनडीए के पांचों दल के नेता-कार्यकर्ता मिलकर काम कर रहे हैं। सीट बंटवारा कोई मुद्दा ही नहीं। 2005 में दोनों ने मिलकर सत्ता परिवर्तन किया था। नीतीश कुमार भी कई इसे सार्वजनिक रूप से बोल चुके हैं। बिहार सुरक्षित हाथ में है। समृद्धि के रास्ते पर है।

सवाल - बिहार राजनीतिक परिवर्तन के दौर से गुजरने वाला है क्या?

बेतुका सवाल है। पिछले 12 वर्षों से देख रहा हूं। जब-जब मीडिया ने कहा कि नीतीश कुमार का युग खत्म हो गया, तब-तब बाउंस बैक हुआ। 2004 से ही देखिए। केंद्र में जब अटल सरकार का अंत हुआ तो लोगों को लगा कि नीतीश कुमार का अध्याय खत्म हो गया। 2014 में जब उन्होंने एनडीए से अलग होकर लोकसभा चुनाव लड़ा तो ऐसी ही बात उड़ाई गई। चाहे राजद के साथ 2015 के विधानसभा चुनाव हो या भाजपा के साथ 2020 का--हर बार ऐसी ही अटकलें लगाई जाती रहीं, मगर हुआ क्या? नीतीश कुमार का अध्याय आज भी चल रहा है। जनता में भरोसे का नतीजा है कि दो दशक तक सत्ता में बने रहने के बावजूद अपराजेय हैं।

सवाल - ऐसा क्यों?

क्योंकि नीतीश कुमार को सिर्फ काम आता है। डेढ़ महीने से प्रगति यात्रा पर हैं। कड़ाके की ठंड में भी कोने-कोने घूम रहे हैं। 20 वर्ष तक सरकार चलाने के बाद भी थके-रुके नहीं हैं।- लेकिन बिहार तो आज भी पीछे है।आप 2005 के पहले के बिहार को याद कीजिए। तब समझ में आएगा कि क्या-क्या बदला है।

सड़क-बिजली, खेती, विधि व्यवस्था में हम कहां थे और आज कहां हैं। महिला शिक्षा का स्तर क्या था। दो-तीन दशक पहले कितनी लड़कियां स्कूल-कालेज जाती थीं। आज कितनी जा रही है। पंचायतों और राज्य सरकार की नौकरियों में उन्हें आरक्षण देकर सशक्त बनाया।

नरसंहारों के उस दौर को भूल गए क्या, जब हजारों लोग मारे जा रहे थे। होश संभालते ही बच्चा बंदूक पकड़ लेता था। अब विकास एवं पढ़ाई-लिखाई की बात करता है। मुखिया-सरपंच बनने लगा है। यह फर्क नहीं देख रहे आप। कैसे आया फर्क। इतिहास जज करने बैठेगा तो नीतीश कुमार को महानायक के रूप में याद करेगा। हर स्तर पर बिहार माइनस में था, आज विकास के रास्ते पर है।

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Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू, 1.90 लाख आवेदनों की होगी जांच

February 7, 2025 - 8:39pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत जिन एक लाख 90 हजार शिक्षकों ने विशेष समस्या के आधार पर स्थानातंरण के लिए आवेदन किया है, उनके आवेदनों की स्क्रूटनी अगले सप्ताह से शुरू होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को 16 अफसरों की टीम गठित की है।

विभागीय निर्देश के मुताबिक, जांच टीम के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अलग-अलग लॉग-इन आईडी बनेगा। इनके लॉगइन आईडी पर रैंडम आवेदनों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से भेजा जाएगा। ये पदाधिकारी आवेदनों के साथ दिए गए कागजातों की ऑनलाइन जांच करेंगे।

इनके पात तीन विकल्प होगा, ओके, विचारणीय और नॉट ओके। सभी कार्रवाई पूरी होने के बाद गठित विभागीय स्थापना समिति के समक्ष रखा जाएगा। समिति के निर्णय के आलोक में जिला स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने कहा है कि अंतर जिला स्थनांतरण की स्थिति में इनकी वरीयता का निर्धारण नये जिला में योगदान की तिथि से किया जाएगा। जिले के अंदर स्थानांतरित होने वाले शिक्षक के लिए स्थानांतरण आदेश संबंधित डीईओ के द्वारा एक कार्य दिवस के अंदर ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। तबादले में शिक्षकों को कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।

सॉफ्टवेयर के माध्यम से होगा स्थानातंरण-पदस्थापन

शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि शिक्षकों का स्थानांतरण-पदस्थापन साफ्टवेयर के माध्यम से होगा। आवेदनों की स्क्रूटनी गठित सोलह सदस्यीय टीम करेगी।

वहीं, विभाग ने विद्यालयवार रिक्त पदों की सूची सभी जिलों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। निर्देश के मुताबिक रिक्तियों की सूची के बाद साफ्टवेयर के माध्यम से चरणबद्ध शिक्षकों का स्थानातंरण-पदस्थापन किया जाएगा।

डीईओ देना होगा शिक्षकों का प्रोफाइल

शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया है कि ऐसे शिक्षक, जिनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई, निलंबन, निगरानी जांच, फर्जी नियुक्ति से संबंधित जांच, विविध आरोप की जांच, बिना सूचना के विद्यालय से अनुपस्थिति या किसी के पास सरकारी राशि बकाया हो तो संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उन शिक्षकों के प्रोफाइल पर इसकी जानकारी देंगे।

प्रथम चरण में कैंसर पीड़ित, गंभीर बीमार, दिव्यांग, विधवा एवं परितक्यता वाले शिक्षकों का तबादला होगा। द्वितीय चरण में पति-पत्नी के पदस्थापन के आधार पर, तृतीय चरण में दूरी के कारण महिला शिक्षक और चौथे चरण में दूरी के कारण आवेदन देने वाले पुरुष शिक्षकों का तबादला किया जाएगा।

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Bihar: असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) भर्ती पर पटना HC का बड़ा फैसला, BPSC को 90 दिनों में करना होगा ये काम

February 7, 2025 - 8:04pm

विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा जारी सहायक अभियंता (सिविल) भर्ती की अंतिम चयन सूची पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। अदालत ने आदेश दिया है कि 90 दिनों के भीतर अनारक्षित श्रेणी के लिए कट-ऑफ अंक दोबारा निर्धारित किए जाएं।

हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पहले जारी की गई मेधा सूची के आधार पर विभिन्न विभागों में नियुक्त किए गए अभियंताओं की सेवा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

56 पन्नों का आदेश जारी

न्यायाधीश बिबेक चौधरी की एकलपीठ ने अंकित कुमार शुक्ला समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई के बाद 56 पृष्ठों का आदेश जारी किया। इस आदेश में नई चयन सूची तैयार करने और योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोर्ट ने खारिज किए बीपीएससी के तर्क

कोर्ट ने बीपीएससी के सभी तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि विज्ञापन संख्या 03/2017 और विज्ञापन संख्या 02/2017 अलग-अलग पदों के लिए जारी किए गए थे। दोनों विज्ञापनों की शैक्षणिक आवश्यकताएं, प्रारंभिक परीक्षा, लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और परिणाम की तिथियां पूरी तरह से अलग थीं।

कोर्ट ने यह भी कहा कि विज्ञापन संख्या 03/2017 के तहत चयन प्रक्रिया बीपीएससी की 20 फरवरी 2021 की अधिसूचना से बहुत पहले ही पूरी हो चुकी थी, इसलिए दोनों को जोड़कर निर्णय लेना तर्कसंगत नहीं था। कोर्ट ने यह भी पाया कि विज्ञापन संख्या 02/2017 के तहत विभिन्न विभागों में नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों से उनकी वरीयता मांगी गई थी।

'लापरवाही के कारण खाली रह गए 140 पद'

आरक्षित श्रेणी के मेधावी उम्मीदवारों को उनके चुने हुए विभाग में नियुक्त किया जाना चाहिए था, जिससे आरक्षित श्रेणियों की रिक्त सीटों पर अनारक्षित अभ्यर्थी स्वतः ही चयनित हो जाते और कट-ऑफ अंक स्वतः ही कम हो जाता, लेकिन लापरवाही के कारण लगभग 140 पद खाली रह गए।

इस गड़बड़ी को सुधारने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सिद्धांतों के आधार पर हाई कोर्ट ने 90 दिनों के भीतर चयन सूची की समीक्षा करने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले से नियुक्त किसी भी अभियंता की नौकरी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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Bihar Holding Tax: बिहार में होल्डिंग टैक्स कम कर सकती है नीतीश सरकार, कारोबारियों को मिलेगी राहत

February 7, 2025 - 7:30pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में होल्डिंग टैक्स नीति (Bihar Holding Tax Policy) में बदलाव होगा। वर्ष 2023 में तेजस्वी यादव के बतौर नगर विकास एवं आवास मंत्री लागू की गई होल्डिंग टैक्स नीति पर सरकार फिर से विचार करेगी। इसमें खासकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को टैक्स के भारी बोझ से राहत मिल सकती है।

शुक्रवार को पटना के विकास भवन में नगर विकास एवं आवास मंत्री नितिन नवीन की अध्यक्षता में होल्डिंग टैक्स नीति को लेकर बैठक की गई।

इसमें बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के दरभंगा, भागलपुर, गया सहित कई शहरों के प्रतिनिधियों ने 2023 में तत्कालीन विभागीय मंत्री तेजस्वी यादव द्वारा लागू किए गए होल्डिंग टैक्स को अव्यावहारिक बताया।

होल्डिंग टैक्स पर विचार करेगी सरकार

इससे व्यावसायिक वर्ग एवं शहरवासियों पर होल्डिंग टैक्स का भारी बोझ होने की बात कही गई। मंत्री और विभागीय सचिव ने उनकी सारी बातों को सुनने के बाद होल्डिंग टैक्स 2023 पर पुनः विचार करने को कहा।

उन्होंने कहा कि जो भी अव्यावहारिक बढ़ोतरी हुई है उस पर सरकार फिर से विचार करते हुए इसे पूरे बिहार में समरूपता के साथ लागू करने का प्रयास करेगी।

मंत्री ने कहा कि कई जिलों से होल्डिंग टैक्स प्रणाली से संबंधित समस्याएं सामने आ रही थीं, जिसके बाद विभागीय सचिव और अपर सचिव को निर्देश दिया गया है कि इस पर अलग-अलग व्यावसायियों के साथ बैठकर उनसे चर्चा करें और टैक्स सिस्टम पर पुन: विचार करें।

व्यावसायिक भवनों का तीन गुना तक बढ़ा था टैक्स:
  • सितंबर, 2023 में शहरी क्षेत्र के गैरआवासीय (व्यावसायिक) भवनों का होल्डिंग टैक्स डेढ़ से तीन गुना तक बढ़ाया गया था। उस समय तेजस्वी यादव नगर विकास एवं आवास मंत्री थे।
  • सबसे अधिक तीन गुना होल्डिंग टैक्स की बढ़ोतरी होटल, हेल्थ क्लब, जिमनेजियम, क्लब, विवाह-हाल, वाणिज्यिक कार्यालय, बीमा कंपनियों के कार्यालय, बैंक, निजी अस्पताल और नर्सिंग होम के लिए की गई थी।
  • निजी स्कूल-कॉलेज, कोचिंग, और छात्रावास का टैक्स भी डेढ़ गुना किया गया था। आवासीय भवनों से किराया लेकर व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों पर भी टैक्स की दर बढ़ाई गई थी।

होल्डिंग टैक्स का मुख्य उद्देश्य सुविधा देना है। टैक्स की मदद से नगर निकायों का विकास होता है, लेकिन यह टैक्स व्यवसायियों पर बोझ ना बन जाए इसके लिए भी पुनः विचार किया जा रहा है। - नितिन नवीन, मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग

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Munger Mokama Road: मुंगेर से मोकामा तक बनेगा फोरलेन, 81 KM लंबी होगी सड़क; 5000 करोड़ का प्रोजेक्ट

February 7, 2025 - 6:29pm

राज्य ब्यूरो, पटना। मोकामा से मुंगेर के बीच ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क के मार्गरेखन को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालसय ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। इस सड़क की लंबाई 81 किमी है। इसके निर्माण पर पांच हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होगी।

नीतीश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर काम के लिए चार हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रविधान इसी वर्ष कर दिया है। उप मुख्यमंत्री सह पथ निर्माण मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी है। जाे कहा वह किया।

81 किमी लंबा फोरलेन, जिसमें 57 किमी अकेले लखीसराय जिले में
  • इस सड़क के जिस एलायनमेंट को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अपनी मंजूरी प्रदान की है वह 81 किमी लंबी है। इसमें 57 किमी हिस्सा लखीसराय जिले का है।
  • ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट की परिधि में बड़हिया के 11 गांव, पिपरिया के चार गांव, सूरजगढ़ा के 26, लखीसराय के 17 तथा चानन के नौ गांव शामिल हैं। पटना जिले में घोसवरी प्रखंड से भी यह सड़क गुजरेगी।

गंगा के दक्षिण में पूर्व से पश्चिम के बीच बनेगी यह सड़क

मोकामा से मुंगेर के बीच अभी जो सडक है वह गंगा के किनारे से गुजरती है। जिस फोरलेन ग्रीनफील्ड सड़क को मंजूरी दी गयी है वह वर्तमान सड़क के दक्षिणी हिस्से में है। यह बख्तियारपुर से मोकामा के बीच बनी ग्रीनफील्ड सड़क से जुड़कर आगे बढ़ेगी। झारखंड को भी इस सड़क से कनेक्टिवटी मिलेगी।

दो महीने में जमीन अधिग्रहण का काम पूरा करने का लक्ष्य

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार अगले दो महीने के भीतर इस रोड प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। जमीन अधिग्रहण के तुरंत बाद सड़क निर्माण के लिए निविदा होगी।

यह हाेगा फायदा

इस सड़क के बन जाने से पटना से मुंगेर तक कि नई और निर्बाध संपर्कता मिल जाएगा। पटना से भागलपुर जाना सुविधाजनक हो जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सड़क पटना, लखीसराय और मुंगेर जिले से होकर गुजरेगी, जिससे आसपास के इलाकों में सुगम यातायात का मार्ग प्रशस्त होगा।

मालूम हो कि अगले महीने बख्तियारपुर से मोकामा के बीच बने फोर लेन सड़क के एक हिस्से में परिचालन को आरंभ किया जाना है।

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Bihar Jobs 2025: 1 लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी, 16 फरवरी से सभी जिलों में लगेगा रोजगार मेला; पढ़ें डिटेल

February 7, 2025 - 6:12pm

राज्य ब्यूरो, पटना। श्रम संसाधन विभाग द्वारा अगले छह माह में राज्य के एक लाख युवाओं को रोजगार (Jobs In Bihar 2025) दिया जाएगा। इसके लिए 16 फरवरी से प्रदेश के सभी जिलों में रोजगार एवं मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें निजी क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित कंपनियों को आमंत्रित किया गया है।

इसमें एमआरफ, एल एंड टी, ताज सिटी सेंटर, लेमन ट्री प्रीमियर, एसआईएस, जोमैटो, रिलांयस जियो, वाकरो और उत्कर्ष माइक्रो फाइंनास समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं।

श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने शुक्रवार को बताया कि युवाओं के लिए रोजगार सृजन की तैयारी विभागीय स्तर पर की जा रही है।

इन सेक्टरों में मिलेगी नौकरी

उन्होंने कहा, नियोजन मेला में आईटी, हेल्थ केयर, ऑटोमोबाइल, सिक्योरिटी सर्विसेज, माइक्रो फाइनेंस, मैन्युफैक्चरिंग, मार्केटिंग, हास्पिटलिटी आदि क्षेत्रों में तकनीकी और गैर-तकनीकी योग्यताओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। मेले में युवाओं को व्यावसायिक मार्गदर्शन भी देने की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 अब तक 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

प्रदेश के युवाओं से की अपील

उन्होंने प्रदेश के युवाओं से अपील की कि वे रोजगार मेलों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएं। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार सरकार युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

स्टार्ट अप में लगे युवाओं को मिलेगी वित्तीय मदद

दूसरी ओर, बिहार मे स्टार्ट अप में लगे युवाओं की वित्तीय सहायता के लिए सिडबी की मदद से 150 करोड़ का कॉर्पस फंड इसी वर्ष जून में अस्तित्व में आ जाएगा। इस बारे में उद्योग विभाग और सिडबी के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हो चुका है। स्टार्ट में लगे युवाओं की समस्या अपने आगे के काम के लिए फंड व्यवस्था की रहती है।

इस मामले में उनकी निर्भरता महानगरों में बैठे निवेशकों पर रहती है। इसे लेकर हमेशा संशय की स्थिति बनी रहती है कि मदद मिलेगी या नहीं। निवेशक भी वैसे चाहिए कि जिन्हें सेबी की मान्यता हो। इसे केंद्र में रख यह तय किया गया कि एक कॉर्पस बनाकर स्टार्ट अप में आगे बढ़ रहे युवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाए।

150 करोड़ के कॉर्पस में उद्योग विभाग उपलब्ध कराएगा 50 करोड़
  • उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 150 करोड़ रुपए के कॉर्पस में 50 करोड़ रुपए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, एक सौ करोड़ की व्यवस्था सिडबी अपने स्तर सें कराएगा।
  • मालूम हो कि किसी स्टार्ट अप इकाई द्वारा अगर 80 प्रतिशत तक का काम कर लिया जाता है तो उसे छह लाख रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाती है।

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Bihar Land Record: जमाबंदियों में सुधार के लिए विशेष शिविरों का होगा आयोजन, 15 मार्च तक चलेगा अभियान

February 7, 2025 - 5:04pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग जमीन की जमाबंदी (Bihar Jamin Jamabandi) में सुधार करने के लिए विशेष अभियान चलाने जा रहा है। विभाग के सचिव जय सिंह ने शुक्रवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि वे अपने जिलों में शिविरों का आयोजन करें। इसे 15 मार्च 2025 तक पूरा करना है।

राजस्व कर्मचारियों द्वारा हरेक मौजा की मूल जमाबंदी का स्कैंड और ऑनलाइन प्रति से मिलान किया जाएगा। जहां जमाबंदी स्कैंड नहीं हो सकी है, वहां मूल प्रति से मिलान करने के बाद सभी भागों सहित पृष्ठवार सुधार किया जाएगा।

कर्मचारियों को यह भी निदेश दिया गया है कि मूल जमाबंदी में दर्ज रैयत (मालिक) या भूमि संबंधी विवरण को हूबहू ऑनलाइन करें। पत्र में कहा गया है कि किसी भी स्थिति में मूल जमाबंदी में अंकित आकड़ों के अतिरिक्त कोई अन्य प्रविष्टि या सुधार या मूल जमाबंदी में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करें।

ई-जमाबंदी मॉड्यूल का होगा प्रयोग

सभी मौजा की सभी जमाबंदी को डिजिटाइज या उसके आधार पर ऑनलाइन जमाबंदी में सुधार मौजावार करना है। जमाबंदी में सुधार के लिए ई-जमाबंदी मॉड्यूल (Bihar E-Jamabandi) का प्रयोग होगा। शिविर का आयोजन जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार होगा। हल्का कर्मचारी को अपने हल्के के सभी मौजों में सुधार की जिम्मेदारी दी गई है।

पत्र कहा गया है कि अगर परिमार्जन, परिमार्जन प्लस, दाखिल-खारिज या स्वतः संज्ञान होने पर अंचल अधिकारी के द्वारा ऑनलाइन जमाबंदी में सुधार किया जा चुका है तो मूल जमाबंदी से मिलान करते समय वैसी जमाबंदी में संशोधन नहीं करना है।

मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने दी जानकारी

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने ऑनलाइन जमाबंदियों के जल्द से जल्द त्रुटिरहित करने की आवश्यकता बताई है।

उन्होंने कहा कि भूमि सर्वे एवं बंदोबस्त कार्यक्रम में जमाबंदियों को परिमार्जित और डिजिटाइज्ड होना अति आवश्यक है। डिजिटली हस्ताक्षरित अधिकार अभिलेख देने की गुणवत्ता भी इस कार्य से जुड़ा है।

क्या लाभ होगा?

जमाबंदी के जरिए भूमि का अंतरण पता चलता है। वर्ष 2017 में सबसे पहले सभी सदर अंचलों में आनलाइन जमाबंदी शुरू की गई थी। अक्टूबर, 2018 में पूरे बिहार के सभी अंचलों में लागू कर दिया गया था। उस दौरान कई प्रकार की त्रुटियां रह गई थीं। वर्तमान में विभाग की कवायद उन्हीं छूटी हुई और गलत आनलाइन की जमाबंदी में सुधार से संबंधित है।

सभी जमाबंदी ऑनलाइन

वर्तमान में 4.39 करोड़ जमाबंदियों को ऑनलाइन किया जा चुका है। हालांकि, विभाग द्वारा परिमार्जन एवं परिमार्जन प्लस पोर्टल के जरिए जमाबंदियों में त्रुटियों का निराकरण किया गया है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में आमलोगों/रैयतों द्वारा जमाबंदी में त्रुटियों से संबंधित शिकायत पत्र दिए जा रहे हैं। विशेष अभियान से उनकी शिकायत दूर होगी।

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Bihar News: अब ऑनलाइन मिलेगा RERA का आदेश, DMS सुविधा शुरू; फीस भी हुई कम

February 7, 2025 - 2:27pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (बिहार RERA) में दायर किए गए मामलों से संबंधित आदेश और कार्यवाई की सत्यापित प्रति अब ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए बिहार रेरा ने डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस) की सुविधा शुरू की है। प्राधिकरण के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने गुरुवार को नई सुविधाओं का उद्घाटन किया।

लोगों की सुविधा के लिए शुरू हुई नई व्यवस्था

विवेक कुमार सिंह ने कहा कि आम लोगों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इस सुविधा के शुरू होने से एक तरफ लोगों को सत्यापित प्रतियां ऑनलाइन उपलब्ध कराकर उनके समय और पैसे की बचत होगी।

वहीं दूसरी तरफ इससे कागज का प्रयोग भी घटेगा, जो पर्यावरण के लिए भी हितकर है। पहले आम लोगों को आदेशों की सत्यापित प्रतियां पाने के लिए रेरा बिहार के कार्यालय आना पड़ता था तथा उन्हें शुल्क भी नगद जमा करना पड़ता था।

ऑनलाइन ऐसे मिलेगा सुविधा का लाभ
  • डीएमएस सुविधा का लाभ उठाने के लिए रेरा बिहार की वेबसाइट www.rera.bihar.gov.in के मुख्य पृष्ठ पर जाकर 'अप्लाई ऑनलाइन सर्टिफाइड' पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद पब्लिक लॉग-इन पर क्लिक कर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से आईडी बनाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
ऑनलाइन आधा शुल्क देना होगा

ऑनलाइन प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए इस माध्यम से सत्यापित प्रतियां प्राप्त करने वालों के लिए शुल्क भी आधा कर दिया है। अभी तक लोगों को सत्यापित प्रति के लिए शुल्क के रूप में प्रथम पांच पृष्ठों के लिए 200 रुपये तथा उसके बाद प्रति पृष्ठ 40 रुपये देने पड़ते थे।

अगर आवेदक ऑनलाइन सत्यापित प्रति प्राप्त करते हैं तो उन्हें आधा शुल्क लगेगा। हालांकि, ऑनलाइन प्रति के स्थान पर भौतिक सत्यापित प्रति चाहने वालों को अब भी पूरा शुल्क देना होगा तथा उन्हें कार्यालय आकर इसकी प्रति प्राप्त करनी होगी। इसका शुल्क अब ऑनलाइन ही जमा करना होगा।

आरएमएस की सुविधा भी शुरू

डीएमएस के साथ-साथ, प्राधिकरण ने रिकॉर्ड मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) की भी सुविधा शुरू कर दी है। इस कदम का उद्देश्य रेरा से सम्बंधित सभी अभिलेखों को व्यवस्थित करना है, जिससे कि जरूरत के अनुसार अभिलेखों को रिकॉर्ड रूम से आसानी से लिया जा सके।

अब सभी अभिलेखों पर बार कोड होगा और उन्हें जिस बक्से में रखा जाएगा उसका भी अलग बार कोड होगा। अभिलेखों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभिलेखागार में प्रवेश के भी विशेष नियम बनाए गए हैं।

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Bihar News: CM नीतीश की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी, सात निश्चय के तहत होगा बाईपास का निर्माण

February 7, 2025 - 2:00pm

राज्य ब्यूरो,पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान उनके स्तर पर जिन-जिन जगहों पर बाईपास निर्माण की घोषणा हो रही है, उन्हें सात निश्चय कार्यक्रम के तहत ही बनाया जाएगा। पथ निर्माण विभाग के स्तर पर इसकी कार्ययोजना बनाई जा रही। बाईपास निर्माण का शीर्ष सात निश्चय के तहत ही शामिल है, बाईपास का निर्माण चरणबद्ध होगा।

वार्षिक कार्ययोजना में किया जाएगा शामिल
  • राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इन्हें वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। कई जगहों पर एनएचएआई को बाईपास निर्माण के लिए एजेंसी बनाया गया है।
  • बेतिया शहर, मुजफ्फरपुर में रिंग रोड, पिपरा बाजार एवं त्रिवेणीगंज में एनएचएआई की देखरेख में बाईपास का निर्माण होगा। इन जगहों पर पथ निर्माण विभाग बाईपास बनाएगा।
पथ निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा निर्माण कार्य

पथ निर्माण विभाग द्वारा प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा घोषित किए गए बाईपास का निर्माण कराया जाएगा। इसकी लागत भी तय हो गई है।

  • गोपालगंज में मीरगंज बाईपास पथ निर्माण विभाग बनाएगा, इसकी लागत 131 करोड़ रुपये है।
  • इसी तरह गोपालगंज में एनएच-27 से एनएच 531 तक बाईपास का निर्माण भी पथ निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा, इसकी लागत 126 करोड़ रुपये है।

गोपालगंज में कटैया औद्योगिक क्षेत्र के विकास को लेकर चिंहित स्थल को विजयीपुर-देवरिया सड़क को जोड़ने के लिए 90 करोड़ की लागत से बाईपास का निर्माण पथ निर्माण विभाग करेगा। समस्तीपुर में सरायरंजन बाईपास का निर्माण भी पथ निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा।

खगड़िया के गोगरी जमालपुर से जीएन बांध होते हुए फतेहपुर तक बाईपास का निर्माण पथ निर्माण विभाग की देखरेख में होगा। बेगूसराय जिले में बखरी-बहादुरपुर के बीच 135 करोड़ रुपये की लागत से बाईपास का निर्माण होगा।

प्रगति यात्रा में शेखपुरा में सीएम ने की ये बड़ी घोषणाएं

प्रगति यात्रा में शेखपुरा के गगौर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिला के लिए कई नई विकास योजनाओं की घोषणा की है। इन घोषणाओं में पर्यटक स्थल, नई सड़कें, प्रेक्षा गृह सहित आठ विकास योजना शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालय से 5 किमी दूर नगर क्षेत्र के मटोखर झील को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की है।

इसके लिए जिला प्रशासन ने पहले ही इसका प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा था। इसके लिए आकलन के लिए एक पखवाड़ा पहले पर्यटन विभाग की टीम शेखपुरा आकर स्थल का जायजा लिया था।

एक किमी लंबाई में स्थित इस झील के सुंदरीकरण के साथ पार्क, बच्चों के मनोरंजन, कैफे हाउस आदि का निर्माण कराया जाएगा। नई घोषणा में सामस विष्णुधाम का विकास की योजना भी शामिल है।

शेखपुरा को मिली दो नए बाइपास की सौगात

शेखपुरा को दो नए बाइपास मार्गों की सौगात मिली है, इसके साथ शहर में तीन बाइपास सड़कें हो जाएंगी। नया बाइपास टोठिया से पुलिस लाइन होकर कुसुंभा तक, दूसरी बाइपास जखराज स्थान से हुसैनबाद तक बनेगा।

नेमदारगंज से सामस तक की सड़क को चौड़ा किया जाएगा। शेखपुरा में प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) का निर्माण कराया जाएगा।

शेखपुरा व चेवाड़ा में प्रखंड-सह अंचल कार्यालय के नए भवन का निर्माण होगा। सकरी सिंचाई योजना के तहत मिरजाइन व तेऊसाइन नहर की शाखा नहर प्रणालियों पुनर्स्थापन किया जाएगा।

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IPS Officer Salary: बिहार में 8 आईपीएस अफसरों की बढ़ी सैलरी, नामों की लिस्ट आई सामने; लिपि सिंह भी शामिल

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IPS Officer Salary: बिहार में 8 आईपीएस अफसरों की बढ़ी सैलरी, नामों की लिस्ट आई सामने; लिपि सिंह भी शामिल

February 7, 2025 - 1:36pm

राज्य ब्यूरो,  पटना। IPS Officer Salary: बिहार में गृह विभाग ने बिहार कैडर के 2016 बैच के आठ आइपीएस अधिकारियों को वेतनमान की प्रोन्नति दी है। इन सभी को कनीय प्रशासनिक ग्रेड में प्रोन्नति मिली है। इनमें अमितेश कुमार, अशोक मिश्रा, लिपि सिंह, किरण कुमार गोरख जाधव, शैशव यादव, विद्या सागर, राजेश कुमार और अनंत कुमार राय शामिल हैं। गृह विभाग ने गुरुवार को अधिसूचना जारी कर दी है। इस प्रोन्नति से पदाधिकारियों को वर्तमान पदस्थापन प्रभावित नहीं होगा।

आईपीएस अधिकारियों का वेतन कैसे निर्धारित होता है?

आईपीएस अधिकारियों का वेतन भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है। वे 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन संरचना का पालन करते हैं। आयोग सरकारी सेवा में विभिन्न स्तरों के लिए मूल वेतन निर्धारित करता है। आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को उनके मूल वेतन के अतिरिक्त विभिन्न भत्ते मिलते हैं, जैसे कि मकान किराया भत्ता (एचआरए), यात्रा भत्ता और चिकित्सा भत्ता।

पद और अनुभव

आईपीएस अधिकारी का वेतन उनके पद और अनुभव के आधार पर तय किया जाता है। जैसे ही आईपीएस अधिकारी का अनुभव बढ़ता है, उनका वेतन भी बढ़ता है।

भत्ते और लाभ

आईपीएस अधिकारी को विभिन्न भत्ते और लाभ मिलते हैं, जैसे कि डियरनेस अलाउंस, हाउस रेंट अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, मेडिकल बेनिफिट्स, और सिक्योरिटी और पर्सनल स्टाफ। ये भत्ते और लाभ आईपीएस अधिकारी के वेतन को बढ़ाते हैं।

सेवा शर्तें

आईपीएस अधिकारी का वेतन उनकी सेवा शर्तों पर भी आधारित होता है। जैसे कि आईपीएस अधिकारी को केंद्र सरकार या राज्य सरकार में तैनात किया जा सकता है, जिसके आधार पर उनका वेतन तय किया जाता है।

वेतन आयोग की सिफारिशें

भारत सरकार द्वारा समय-समय पर वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाती हैं, जिसके आधार पर आईपीएस अधिकारी का वेतन बढ़ाया जाता है।

आईपीएस अधिकारी का काम क्या होता है
  • आईपीएस अधिकारी का मुख्य काम कानून और व्यवस्था बनाए रखना है। वे अपराध को रोकने और अपराधियों को पकड़ने के लिए काम करते हैं।
  • आईपीएस अधिकारी अपराध की जांच करते हैं और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए काम करते हैं।
  • आईपीएस अधिकारी पुलिस प्रशासन के काम में शामिल होते हैं, जैसे कि पुलिस थानों का प्रबंधन, पुलिसकर्मियों की भर्ती और प्रशिक्षण।
  • आईपीएस अधिकारी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए काम करते हैं, जैसे कि विशेष आयोजनों और समारोहों में सुरक्षा प्रदान करना।
  • आईपीएस अधिकारी आपदा प्रबंधन में शामिल होते हैं, जैसे कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों में शामिल होना।
  • आईपीएस अधिकारी बुद्धिमत्ता संग्रह में शामिल होते हैं, जैसे कि अपराधियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना।
  • आईपीएस अधिकारी सामुदायिक पुलिसिंग में शामिल होते हैं, जैसे कि स्थानीय समुदायों के साथ काम करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना।

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Sasaram News: सासाराम में इस जगह बनने जा रहा 6 मंजिला होटल, 29 करोड़ किया जाएगा खर्च

February 7, 2025 - 12:14pm

राज्य ब्यूरो, पटना। Sasaram News: सासाराम में पर्यटन उद्योग के विकास और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए 29.82 करोड़ से अधिक राशि खर्च कर वहां छह-मंजिला बजट होटल का निर्माण कराया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रोहतासगढ़ किला और प्राकृतिक स्थलों के अलावा सासाराम से करीब पांच किलोमीटर दक्षिण में कैमूर पर्वत पर स्थित मां ताराचंडी का मंदिर पर्यटकों को आकर्षित करता है। तारा चंडी मंदिर देश के 52 शक्तिपीठों में सबसे पुराना है। बताया कि ऐतिहासिक महत्व के सासाराम में स्थित होटल शेरशाह सूरी विहार को तोड़कर नये बजट से होटल भवन का निर्माण किया जाएगा।

नया होटल बनाने की योजना का कार्यान्वयन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम करेगा। पिछले साल नवम्बर में सासाराम में बजट होटल बनाने के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने तकनीकी अनुमोदन प्रदान किया गया था। सरकार ऐसे बजट होटल बनावा रही है, जो व्यावसायिक होटलों की तुलना में किफायती हों, लेकिन उनमें सुविधाएं उच्चस्तरीय हों।

उन्होंने बताया कि मंझार कुंड, कशिश झरना, करमचट बांध, तुतला भवानी मंदिर और नारायणी देवी मंदिर आदि भी सासाराम के दर्शनीय स्थल हैं।

बिहार में डीएमएस सुविधा शुरू

बिहार भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (बिहार रेरा) में दायर किए गए वादों से संबंधित आदेश और कार्यवाही की सत्यापित प्रति अब आनलाइन प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए बिहार रेरा ने डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस) की सुविधा शुरू की है। प्राधिकरण के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने गुरुवार को नई सुविधाओं का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लागू की गयी है। इस सुविधा के शुरू होने से एक तरफ लोगों को सत्यापित प्रतियां आनलाइन उपलब्ध कराकर उनके समय और पैसे की बचत होगी वहीं दूसरी तरफ इससे कागज़ का प्रयोग भी घटेगा जो पर्यावरण के लिए भी हितकर है।

पहले आम लोगों को आदेशों की सत्यापित प्रतियां पाने के लिए रेरा बिहार के कार्यालय आना पड़ता था तथा उन्हें शुल्क भी नकद जमा करना पड़ता था। डीएमएस सुविधा का लाभ उठाने के लिए रेरा बिहार की वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर जाकर ‘अप्लाई आनलाइन सर्टिफाइड‘ पर क्लिक करना होगा।

पब्लिक लॉग-इन पर क्लिक कर मोबाइल नंबर से बना सकते हैं आईडी

इसके बाद पब्लिक लॉग-इन पर क्लिक कर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से आईडी बनाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। आनलाइन प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए इस माध्यम से सत्यापित प्रतियां प्राप्त करने वालों के लिए शुल्क भी आधा कर दिया है।

अभी तक लोगों को सत्यापित प्रति के लिए शुल्क के रूप में प्रथम पांच पृष्ठों के लिए 200 रुपये तथा उसके बाद प्रति पृष्ठ 40 रुपये देने पड़ते थे। अगर आवेदक आनलाइन सत्यापित प्रति प्राप्त करते हैं तो उन्हें आधा शुल्क लगेगा।

हालांकि, ऑनलाइन प्रति के स्थान पर भौतिक सत्यापित प्रति चाहने वालों को अब भी पूरा शुल्क देना होगा तथा उन्हें कार्यालय आकर इसकी प्रति प्राप्त करनी होगी। इसका शुल्क अब आनलाइन ही जमा करना होगा।

इस कदम का उद्देश्य रेरा से सम्बंधित सभी अभिलेखों को व्यवस्थित करना है ताकि जरूरत के अनुसार अभिलेखों को रिकार्ड रूम से आसानी से लिया जा सके।

अब सभी अभिलेखों पर बार कोड होगा और उन्हें जिस बक्से में रखा जाएगा उसका भी अलग बार कोड होगा। अभिलेखों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभिलेखागार में प्रवेश के भी विशेष नियम बनाये गए हैं।

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