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Bihar: 'मेरा जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ...', बिहार के राज्यपाल ने अचानक क्यों कह दी ऐसी बात
एजेंसी, (पीटीआई) पटना। बिहार के राज्यपाल आज पटना पहुंचे। पटना पहुंच कर उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। पटना में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि कोई भी ऐसा काम जिससे यह चेतना बढ़े कि मैं इस कम्यूनिटी में पैदा हुआ हूं, इस कास्ट में पैदा हुआ हूं। इससे आगे चलकर समाज में तनाव बढ़ते हैं।
इस दौरान पत्रकार ने पूछा कि जो लोग आपके मुस्लिम होने को लेकर चर्चा करते हैं क्या आपको उससे दुख होता है? इस सवाल पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि मैंने कहा कि 'जाति चेतना' उस समुदाय या जाति के प्रति जागरूकता है जिसमें मैं पैदा हुआ हूं...
उन्होंने आगे बताया कि जबकि मेरा जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ और मेरी आस्था मुस्लिम परिवार में है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में, चाहे मैं संसद सदस्य, मंत्री या राज्यपाल के रूप में रहूं, मुझे भारत के नागरिक के रूप में देखा जाता है, किसी विशिष्ट समुदाय के सदस्य के रूप में नहीं।
इसलिए मैं जिम्मेदारियों को पूरा करते समय अपने समुदाय और जाति पर ध्यान नहीं देता हूं।
सात फरवरी को महाकुंभ पहुंचे थे बिहार के राज्यपालबिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान 7 फरवरी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि भारत की संस्कृति का सनातन आदर्श एक आत्मता है।
उन्होंने कहा कि अब तक 40 करोड़ लोग यहां आ चुके हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसे देखना किसी सौभाग्य से कम नहीं। वहीं महाकुंभ पहुंचे बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने शुक्रवार को संगम भ्रमण के दौरान भारत की सनातन संस्कृति को महान बताया।
राज्यपाल ने कहा कि यहां सारे भेदभाव खत्म हो जाते हैं। हमारी संस्कृति कहती है कि किसी भी व्यक्ति को उसके दिव्य रूप में देखों। मानव ही माधव का रूप है और यहां ये सब नज़र आता है।
महाकुंभ पहुंचकर राज्यपाल ने कहा था कि भारत की सनातन संस्कृति का मूल आदर्श एकात्मता है, जहां सभी भेद समाप्त हो जाते हैं। यहां मौजूद लोग एक-दूसरे को भले ही न जानते हों लेकिन फिर भी सब एकजुट होकर इस आयोजन में भाग ले रहे हैं।
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पीटीआई, पटना। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। इसमें भाजपा ने भारी बहुमत से अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को हराया है। भाजपा की जीत की चर्चा देश भर हो रही है।
दिल्ली चुनाव में तख्तापलट वाले नतीजे के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष की तरफ से लगातार नए बयान सामने आ रहे हैं।
बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी दिल्ली चुनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इसके साथ, उन्होंने इस बात को पूरी तरह से नकार दिया है कि दिल्ली चुनाव के नतीजों का बिहार में असर देखने को मिलेगा।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दिल्ली चुनाव पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे ऊपर होती है।
भाजपा करीब 26 साल बाद दिल्ली की सत्ता में आई है। उम्मीद है कि जनता से किए गए वादे पूरे किए जाएंगे और जुमलेबाजी नहीं होगी।
तेजस्वी ने चुनाव को लेकर दिया जवाबवहीं, जब राजद नेता से यह पूछा गया कि क्या बिहार विधानसभा चुनाव में भी दिल्ली चुनाव को देखते हुए भाजपा और एनडीए गठबंधन को फायदा मिलेगा? तो इस बात को तेजस्वी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया।
तेजस्वी ने कहा कि बिहार बिहार है, इसको समझना पड़ेगा। बता दें कि बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
चुनाव को लेकर तैयारी तेज- बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी अभी से ही तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी लगातार प्रगति यात्रा के तहत जनता के बीच जा रहे हैं।
- बिहार में 2005 से लगातार नीतीश कुमार सीएम के पद पर काबिज हैं। हालांकि, इस अवधि के दौरान कुछ समय के लिए उन्होंने जीतन राम मांझी को भी सत्ता सौंप दी थी। जिन्हें बाद में हटाया गया।
सत्ता में आने पर माई-बहिन मान योजना के तहत सभी को 2500 रुपये देंगे। 200 यूनिट बिजली नि:शुल्क तथा वृद्धा पेंशन सहित अन्य को 1500 रुपये कर देंगे। एक बार मौका दीजिए।
मेरे पिता लालू प्रसाद साहु समाज के बहुत कुछ किए हैं। इस समाज के लोगों को एमएलसी बनाने का कार्य किए। रणविजय साहु को राष्ट्रीय जनता का प्रधान सचिव बनाया है।
प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव रविवार को मिलर हाई स्कूल मैदान में बिहार तैलिक साहू सभा की हुंकार रैली में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए तेली समाज के तीन प्रतिशत वोट बैंक को अपने पाले में करने का प्रयास किया।
नीतीश कुमार को लेकर तेजस्वी ने दिया बयानइतना कहते ही रैली में बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, तेजस्वी जैसा हो नारा से गूंज उठा। प्रतीपक्ष के नेता ने कहा कि भाजपा को भाजपा को रोकने के लिए बड़ी पार्टी होने के बाद भी दो बार नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया।
चाहते तो भाजपा से मिलकर मुख्यमंत्री बन सकते हैं। बार-बार पलटी मारके नीतीश चाचा मुख्यमंत्री के पद पर चिपके हुए हैं। चौक-चौराहे पर पोस्टर लगाकर प्रदर्शित कराए हैं कि रोजगार मतलब नीतीश कुमार।
चाचा जी 17 वर्ष में भाजपा के साथ रहकर नौकरी नहीं दे सके। कहते थे कि 10 लाख नौकरी के लिए अपने बाप के यहां से पैसा लाएगा। हम उनके साथ सिर्फ 17 माह रहकर पांच लाख नौकरी दिला दिए।
इच्छा शक्ति रहने पर सबकुछ संभव है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में चरम पर अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ गया है। हत्याएं हो रही है। प्रखंड कार्यालयों, थाना में बिना रिश्वत का कार्य नहीं हो रहा है।
मुख्यमंत्री के प्रगति यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आमजन से नहीं मिलते हैं। अधिकारी जहां चाहते हैं, वहीं जाते हैं। प्रगति यात्रा पर दो अरब 25 करोड़ खर्च कर चुके हैं।
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Bihar Land Survey: जमीन मालिकों के लिए बड़ी खबर, ब्यौरा जमा करने को लेकर जारी हुई नई एडवाइजरी; पढ़ें पूरी डिटेल
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Land Survey: भूमि सर्वेक्षण को लेकर स्व घोषणा में आम लोगों की समस्या के समाधान को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नई एडवाइजरी जारी की है। भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने यह पत्र जारी किया है।
स्वघोषणा जमा करने में आम लोगों को हो रही परेशानी की वजह से नई एडवाइजरी जारी की गई है। रैयतों को कहा गया है वो अपनी जमीन का ब्यौरा यानी स्वघोषणा अंचल स्थित शिविर कार्यालय में जाकर जमा करें। सर्वर में हो रहे बदलावों की वजह से फिलहाल ऑनलाइन माध्यम से स्वघोषणा की अपलोडिंग बंद है।
22 फरवरी तक सर्वर को लेकर काम किए जाने की संभावना है। उसके बाद पहले की तरह ऑनलाइन अपलोडिंग होगी।
सर्वे निदेशालय राज्य के सभी नौ प्रमंडलों के लिए अलग-अलग सर्वर बना रहा है। भागलपुर, पूर्णिया एवं मुंगेर का सर्वर अलग किया जा चुका है। जल्द ही अन्य प्रमंडलों का अलग सर्वर काम करने लगेगा।
अभी तक 78 लाख स्वघोषणा जमाइस साल मार्च तक स्वघोषणा जमा किए जाएंगे। अभी तक 78 लाख रैयतों ने स्वघोषणा जमा किया है। सर्वर के ठीक होने पर इसमें और तेजी आएगी। विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह द्वारा किस्तवार शुरू करने के लिए फरवरी का अंतिम सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है।
शुक्रवार को हुई 18 जिलों में भूमि सर्वे के कार्यों की समीक्षा में बंदोबस्त पदाधिकारियों से जिलावार विशेष सर्वेक्षण नक्शों की उपलब्धता की जानकारी ली गई। इसमें पता चला कि जिलों में एसएस नक्शा उपलब्ध कराया गया है किंतु अधिकांश जिलों में सभी मौजों के नक्शों की आपूर्ति नहीं की गई है।
नक्शा उपलब्ध कराने का निर्देशसभी हवाई एजेंसियों को 15 फरवरी तक द्वितीय चरण के सभी मौजों में विशेष सर्वेक्षण का नक्शा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप कमलेश कुमार सिंह ने सभी हवाई एजेंसियों से उनके द्वारा जिलों में उपलब्ध कराए गए ईटीएस मशीन की भी जानकारी मांगी है।
हवाई एजेंसियों द्वारा बताया गया कि जिन जिलों में प्रथम चरण के 89 अंचलों में भूमि सर्वे चल रहा है, वहां से मशीनों को मंगाया जाएगा।
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BSEB Inter Exam 2025: इंटर परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने लिया एक और बड़ा फैसला, अब से हर जिले में होगा ये काम
राज्य ब्यूरो, पटना। 17 फरवरी से राज्य में होने वाली इंटरमीडिएट परीक्षा की मानीटरिंग में शिक्षा विभाग ने हर जिले के लिए अधिकारियों के नेतृत्व में उड़नदस्तों की तैनाती की है।
शिक्षा विभाग के उड़नदस्तों में मुख्यालयों के अधिकारियों को लगाया गया है, जो कदाचार मुक्त परीक्षा के आयोजन में औचक निरीक्षण भी करेंगे।
परीक्षा संबंधी अपनी रिपोर्ट भेजेंगेये अधिकारी परीक्षा संबंधी अपनी रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों को भेजेंगे। शिक्षा विभाग के निदेशक एवं अपर सचिव सुबोध कुमार चौधरी द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
विभागीय आदेश में कहा गया है कि उड़नदस्ते का नेतृत्व करने वाले अधिकारी परीक्षा समाप्त होने तक संबंधित जिला मुख्यालय में कैंप करेंगे।
इन अधिकारियों का यह भी होगा कामप्रत्येक दिन वह अपने वरीय पदाधिकारी को परीक्षा के संबंध में एक रिपोर्ट देंगे। कोषागार से प्रश्न पत्रों को ले जाने के दौरान वह स्वयं वहां पर स्वयं उपस्थित रहेंगे।
दैनिक प्रतिवेदन में इसका जिक्र भी करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस एवं दंडाधिकारी संबंधित परीक्षा केंद्रों पर ससमय उपस्थित हों, यह भी सुनिश्चित करेंगे।
परीक्षा केंद्रों के भ्रमण के दौरान प्रतिनियुक्त होमगार्ड एवं अन्य कर्मी के कार्यकलाप संदिग्ध रहने पर उसी जिले के वरीय पदाधिकारियों को जानकारी देंगे।
पटना में इंटर परीक्षा के छठे दिन चार निष्कासित- इंटर की परीक्षा के छठे दिन पूरे राज्य चार छात्र निष्कासित किए गए, वहीं दो छात्र को दूसरी की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया।
- बक्सर से एक, वैशाली से दो और खगड़िया से ए परीक्षार्थी निष्कासित किए गए। जबकि वैशाली और मधेपुरा से एक-एक परीक्षार्थी को दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया।
भोजपुर जिले में चल रहा है इंटर परीक्षा के दौरान शनिवार को 945 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को कुल दोनों पालियों में 39958 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी जिसमें से 39013 परीक्षार्थी उपस्थित हुए और रिकॉर्ड सबसे ज्यादा 945 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
पहली पाली में 262 और दूसरी पाली में 683 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। परीक्षा की पहली पाली में 18613 परीक्षार्थियों के बदले 18351 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इस प्रकार 262 परीक्षार्थी गायब रहे।
अनुपस्थित रहने वालों में आरा अनुमंडल क्षेत्र के परीक्षा केन्द्रों से 247, जगदीशपुर से नौ और पीरो अनुमंडल क्षेत्र के छह परीक्षार्थी शामिल थे। दूसरी पाली में 21345 परीक्षार्थियों के बदले 20662 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
इस प्रकार 683 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जिसमें से आरा सदर अनुमंडल क्षेत्र के 639, जगदीशपुर और पीरो के 22-22 परीक्षार्थी परीक्षा नहीं दिए।
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Bihar News: इस महीने बढ़ सकती है कई खनन पदाधिकारियों की मुश्किलें, नई रिपोर्ट से मचेगी खलबली
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में बालू समेत अन्य लघु खनिजों के अवैध खनन पर रोक के लिए खान एवं भू-तत्व विभाग निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में जिलों में तैनात खनन पदाधिकारियों, खान निरीक्षकों को अवैध खनन पर रोक के साथ ही इनके परिवहन, भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करने, नियमित जांच अभियान चलाने के साथ ही अन्य कई जिम्मेदारियां दी गई है।
इस महीने के अंत तक आएगी रिपोर्टविभाग ने कुछ महीने पहले खान निरीक्षकों के कार्य के आधार पर उनके मूल्यांकन का निर्णय लिया था। संभावना है कि इस महीने के अंत तक खान निरीक्षकों की मूल्यांकन रिपोर्ट आ जाएगी जिसमें उनकी रैंकिंग भी होगी।
खान एवं भू-तत्व विभाग की ओर से सभी जिलों के खनिज कार्यालयों को खनन पदाधिकारी, खान निरीक्षकों का मूल्यांकन प्रतिवेदन भेजा गया है।
2-3 दिनों में दर्ज करा सकते हैं आपत्तिइसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि यदि इस मूल्यांकन पर किसी पदाधिकारी को आपत्ति है तो दो से तीन दिनों के अंदर अपनी आपत्ति दर्ज कराएं।
इससे उस पर विचार कर यथासंभव आपत्ति के बिंदुओं को शामिल किया जा सके। इसके बाद खान निरीक्षकों की रैंकिंग रिपोर्ट जारी की जाएगी।
खराब प्रदर्शन करने वालों पर एक्शनविभाग के अनुसार खान निरीक्षकों का मूल्यांकन नवंबर, दिसंबर और जनवरी के कार्यों के आधार पर हो रहा है। जिसे अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। विभाग का निर्णय है कि मूल्यांकन के क्रम में खनन पदाधिकारियों, खान निरीक्षकों की रैंकिंग रिपोर्ट जारी होगी।
सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पांच पदाधिकारियों को चिह्नित कर जहां उन पर कार्रवाई होगी। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।
आरा: रॉयल्टी जमा नहीं करने पर प्राथमिकी दर्ज करने का अल्टीमेटमभोजपुर जिले में खनन विभाग का जनवरी माह तक रॉयल्टी जमा नहीं करने वाले 35 भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। खनन विभाग ने जिले के बड़े बकायदार 35 ईंट भट्ठा मालिकों को दो सप्ताह के अंदर रॉयल्टी जमा करने का नोटिस थमाया है।
ऐसा नहीं करने पर सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए नीलामवाद की कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
मालूम हो भोजपुर जिले में लगभग 186 ईंट भट्ठा खनन विभाग के पास पंजीकृत होने के साथ संचालित हैं। इनमें से अब तक 71 ईंट भट्ठा की रॉयल्टी जमा हो गया है।
इसके अलावा लगभग 80 ईंट भट्ठा कागजी प्रक्रिया पूरा करने के दौर में शामिल है। 35 ईंट भट्टा को कई बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी अब तक रॉयल्टी जमा नहीं की गई है।
इन सभी के पास प्रति भट्टा 1,28,750 रुपये की दर से कुल लगभग 48 लाख से ज्यादा की रॉयल्टी बकाया हो गई है। खनन विभाग ने विगत सप्ताह इन सभी को नोटिस जारी कर दिया है।
बकायदारों की लिस्ट में सबसे ज्यादा संख्या सहार प्रखंड क्षेत्र के भट्ठा मालिकों की है। इसके बाद बड़हरा, तरारी, उदवंतनगर सेमत कई प्रखंडों के भट्ठा मालिक शामिल हैं। खनन विभाग की इस कार्रवाई के बाद समय पर रॉयल्टी जमा नहीं करने वाले भट्ठा मालिकों में हड़कंप मच गया है।
डीएम के निर्देश मिलने के बाद समय पर रॉयल्टी नहीं देने वालों के खिलाफ प्राथमिकी के साथ नीलामवाद की जल्द ही कार्रवाई शुरू होगी।
राजेश कुशवाहा, जिला खनन पदाधिकारी
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Expressway: बिहार को मिली दो और एक्सप्रेसवे की सौगात, 3 राज्यों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी; यहां देखें रूट चार्ट
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार वासियों को केंद्र सरकार जल्द ही एक और बड़ी सौगात देने जा रही है। माना जा रहा है कि एकसाथ दो एक्सप्रेस-वे की सौगात मिल सकती है।
बिहार के दो एक्सप्रेस वे के एलायनमेंट (मार्गरेखन) पर इसी महीने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) की मुहर लग जाएगी।
रक्सौल-हल्दिया और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे के लिए प्रस्तावित एलायनमेंट पर एमओआरटीएच की एलायनमेंट कमेटी को इस माह निर्णय लेना है। दोनों एक्सप्रेस वे तीन-तीन राज्यों से बिहार को तीव्र संपर्कता मिलेगी।
रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे के प्रस्तावित एलायनमेंट में बिहार के इन जिलों को लाभरक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे को आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा। इस सड़क से न सिर्फ बिहार को पश्चिम बंगाल स्थित हल्दिया पोर्ट की सीधी संपर्कता हासिल होगी बल्कि हल्दिया पोर्ट से नेपाल के लिए होने वाले कारोबार को भी गति मिलेगी।
रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे छह लेन में बनना है और इसकी लंबाई 650 किमी है। इस सड़क के एलायनमेंट में बिहार का पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सारण, पटना, नालंदा, शेखपुरा, जमुई और बांका जिला शामिल है।
बांका से यह एक्सप्रेस वे झारखंड की ओर बढ़ जाएगा और फिर हल्दिया तक जाएगा। बिहार के नौ जिले इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं। इस लिहाज से यह विशेष रूप से बिहार में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
एनएचएआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एलायनमेंट पर मुहर लगने के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ होगी।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे का बड़ा हिस्सा बिहार से होकर गुजर रहा- गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे के प्रस्तावित एलायनमेंट का ड्राफ्ट भी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एलायनमेंट कमेटी के पास पहुंच चुका है।
- प्रस्तावित एलायनमेंट के तहत इस एक्सप्रेस वे का बड़ा हिस्सा बिहार से होकर गुजर रहा। गोरखपुर के रिंग रोड से यह शुरू हो रहा।
- वहां से यह पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया व किशनगंज जिला होते हुए पश्चि्म बंगाल को पहुंचेगा। यह सड़क भी तीन जिले क्रमश: यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल को आपस में जोड़ रही।
हाल ही में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोकामा-मुंगेर ग्रीन फील्ड फोरलेन सड़क के एलायनेंट को अपनी मंजूरी प्रदान की है। इस प्रोजेक्ट का मामला भी अब जमीन अधिग्रहण की ओर बढ़ा है। इस सड़क को बन जाने से लोगों को काफी सहूलियत होगी।
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Bihar Weather: पछुआ से लुढ़का पटना सहित 30 शहरों का तापमान, अब पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई टेंशन
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: सर्द पछुआ हवा के प्रवाह से पटना समेत 30 शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। 6.0 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जबकि राजधानी का न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री गिरावट के साथ 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते छह दिनों के दौरान पटना के न्यूनतम तापमान तीन डिग्री की कमी आई है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रवाह के कारण रात्रि के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में सुबह-शाम ठंड का प्रभाव बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी इलाकों से आगे की ओर बढ़ा है। इसके कारण ठंड का प्रभाव बना रहा है।
तापमान में इजाफा होने के आसारहालांकि, अब मौसम में बदलाव की संभावना है। हवा की गति में कमी आने के कारण दो दिनों के दौरान तापमान में वृद्धि होने से ठंड का असर कम होने के आसार है।
शनिवार को पटना सहित 21 शहरों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस,लजबकि 25.9 डिग्री सेल्सियस के साथ शेखपुरा प्रदेश में सबसे गर्म स्थान रहा।
प्रमुख शहरों के तापमान में गिरावटजमुई के न्यूनतम तापमान में 4.4 डिग्री की गिरावट, बांका में 4.3 डिग्री की गिरावट, बक्सर के तापमान में 1.9 डिग्री की गिरावट, मधेपुरा के तापमान में 2.7 डिग्री की गिरावट, पुपरी के तापमान में 3.3 डिग्री की गिरावट, मोतिहारी के तापमान में 2.4 डिग्री की गिरावट, औरंगाबाद के तापमान में 0.6 डिग्रीकी गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, डेहरी के तापमान में 1.5 डिग्री की गिरावट, पूसा के तापमान में तीन डिग्री की गिरावट, भागलपुर के तापमान में 1.9 डिग्री की गिरावट, पूर्णिया के तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट, कटिहार के तापमान में 1.9 डिग्री की गिरावट, बेगूसराय के तापमान में 1.1 डिग्री की गिरावट, मधुबनी के तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान- पटना- पटना में आज का अधिकतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- मुजफ्फरपुर- मुजफ्फरपुर में आज का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- भागलपुर- भागलपुर में आज का अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- गया- गया में आज का अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
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Patna: सीनियर एडवोकेट और टाइपिस्ट ने महिला वकील के साथ कर दिया गंदा काम, पीड़िता बोली- एक ने 2 साल तक...
जागरण संवाददाता, पटना। महिला वकील को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने दो साल से शादी का झांसा देकर टाइपिस्ट पर यौन शोषण और सीनियर वकील के खिलाफ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
पीड़िता की शिकायत पर एसके पुरी थाने की पुलिस ने टाइपिस्ट और सीनियर वकील के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है।
एसके पुरी थानेदार ने केस दर्ज कर बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता पटना की रहने वाली है। कुछ साल पूर्व प्रशिक्षण के लिए वह सीनियर अधिवक्ता के पास जाती थी। उसने आरोप लगाया है कि मौका देखकर सीनियर वकील उसके साथ छेड़छाड़ करते थे।
सीनियर वकील की हरकतों से तंग आकर पीड़िता ने टाइपिस्ट से मिलकर अपनी आपबीती बताई। इस बीच टाइपिस्ट उसका साथ देने के बहाने दोस्ती कर लिया। फिर शादी का झांसा दिया और पीड़िता को अगल-अलग स्थान पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
जब पीड़िता टाइपिस्ट पर शादी का दबाव बनाने लगी, तो वह मुकर गया। इसके बाद मामला थाने तक पहुंचा है।
दो नाबालिग छात्राओं के साथ कट्टा दिखाकर दुष्कर्म करने का प्रयासवहीं दूसरी ओर चैनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में दो नाबालिग छात्राओं के साथ गांव के ही दो युवकों के द्वारा दुष्कर्म करने की कोशिश की गई। विरोध करने पर मारपीट एवं गोली मारने की धमकी दी गई।
पूरा मामला लगभग डेढ़ माह पहले का है। मामले को लेकर दोनों नाबालिग छात्राओं द्वारा चैनपुर थाने में लिखित आवेदन देते हुए शिकायत की गई। इसके बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
दिए गए आवेदन में छात्रा ने बताया है कि 20 दिसंबर 2024 की शाम चार बजे अपने घर में अपने चचेरी बहन के साथ बात कर रही थी। मुख्य दरवाजा बंद था। जबकि परिवार के सभी सदस्य खेत की तरफ गए हुए थे।
उन्हें अकेला पाकर गांव के ही विकास कुमार एवं परम सिंह दोनों दरवाजा तोड़कर घर में घुस गए। विकास सिंह ने इसके साथ जबकि परमा सिंह ने चचेरी बहन के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। शोर मचाने की स्थिति में दोनों लोगों के द्वारा कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई और मुंह बंद करने को कहा गया।
तभी कुछ देर बाद मां पहुंच गई तो दोनों लोग मौके से भाग निकले। इसके बाद पूरी जानकारी घर के स्वजनों को पीड़ित छात्राओं के द्वारा दी गई।
केस करने पर जान से मारने की दी धमकीजब दूसरे दिन चैनपुर थाना में शिकायत करने के लिए वह अपने मां के साथ आने लगी तो विकास कुमार, परमा सिंह, जगदीश सिंह और कुंती देवी आदि लोगों के द्वारा रोड पर छेंक कर गाली गलौज करते हुए लाठी-डंडे से मारपीट करने लगी और केस करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
इस मारपीट के बाद छात्रा परिवार के साथ वापस घर लौट आई। कुछ दिन बाद चैनपुर थाने में आकर जब इस पूरी बात की जानकारी दी गई तो थाने के माध्यम से महिला थाना में जाकर शिकायत करने की बात कही गई।
पीड़िता ने बताया कि जब हम लोग शिकायत को लेकर महिला थाना पहुंचे तो वहां पर शिकायत नहीं दर्ज की गई। जहां से वापस फिर चैनपुर थाना पहुंचे। इसके बाद मामले को लेकर चैनपुर थाने में शिकायत की गई है।
इस संबंध में प्रभारी थानाध्यक्ष प्रभात कुमार ने बताया कि दो नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास एवं मारपीट के मामले को लेकर प्राप्त आवेदन पर प्राथमिकी करने के उपरांत दोनों छात्राओं का मेडिकल जांच करते हुए न्यायालय में बयान दर्ज कराया गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के पांच आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है, वहीं एक आईपीएस को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। गृह विभाग ने शनिवार की देर शाम इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
अभी तक यातायात के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) का पद संभाल रहे सुधांशु कुमार को अब राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) एवं आधुनिकीकरण के एडीजी की नई जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ ही वह यातायात एडीजी की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। वहीं रेल आईजी पी कन्नन को आईजी आधुनिकीकरण का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इनका हुआ तबादलागृह विभाग ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) स्तर के पांच आईपीएस अधिकारियों का भी ट्रांसफर किया है।
- मोतिहारी सदर के एसडीपीओ-1 रहे शिखर चौधरी को सारण का ग्रामीण एसपी बनाया गया है।
- अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) में सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) रहीं दीक्षा को पटना नगर का एसडीपीओ-1 बनाया गया है।
- सारण के एएसपी (परीक्ष्यमान) मोहिबुल्लाह अंसारी को मोतिहारी के पकड़ीदयाल का नया एसडीपीओ बनाया गया है।
- नालंदा की एएसपी (परीक्ष्यमान) दिव्यांजली जायसवाल को बगहा के रामनगर का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बनाया गया है।
- गया के एएसपी (परीक्ष्यमान) शिवम धाकड़ को मोतिहारी सदर का एसडीपीओ-1 बनाया गया है।
बिहार पुलिस में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक बड़े पैमाने पर बड़ा तबादला किया जा सकता है। एक ही पुलिस क्षेत्र या रेंज में आठ साल या इससे अधिक समय से पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों का प्रमुखता से तबादला किया जाएगा।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने इसके संबंध में सभी क्षेत्रीय आईजी और डीआईजी को पत्र लिखकर ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तलब की है।
पुलिस मुख्यालय के कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सभी आईजी-डीआईजी अपने क्षेत्राधीन कार्यरत सिपाही से लेकर पुलिस निरीक्षक स्तर तक के ऐसे पुलिसकर्मी की कोटिवार सूची दें जिनकी क्षेत्रावधि आठ वर्ष या इससे अधिक हो गई है।
गृह जिले में नहीं होगी पोस्टिंगपुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों के स्थानांतरण को लेकर मुख्यालय ने वर्ष 2022 में नया आदेश जारी किया था। इसके अंतर्गत सेवानिवृत्ति की निकटता का आधार छोड़कर किसी भी पदाधिकारी एवं कर्मी का पदस्थापन उनके गृह जिला में नहीं किया जाएगा।
अगर किसी जिले या क्षेत्र में कोई पदाधिकारी पहले काम कर चुका है, तो दोबारा उसका तबादला उस जिले या क्षेत्र में नहीं होगा, चाहे वह कार्यकाल कितना भी छोटा क्यों न हो। इसमें सिपाही से इंस्पेक्टर तक के पदस्थापन की एक निश्चित समयसीमा तय की गई है।
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Delhi Chunav Result: दिल्ली चुनाव में हारकर भी जीत गई JDU! बुरारी में हुआ ये फायदा, यहां जानिए खास बात
राज्य ब्यूरो, पटना। दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। दिल्ली में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज की है। दिल्ली को पूर्व सीएम केजरीवाल तो नई दिल्ली सीट से चुनाव ही हार गए।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार भी बिहार के किसी दल का खाता नहीं खुल पाया। जदयू की उपलब्धि यह रही कि पांच साल के भीतर उसके वोट में 45 हजार से अधिक की वृद्धि हुई।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में लोजपा (रा) का भी खाता खुलने से रह गया। एनडीए घटक के रूप में भाजपा ने जदयू और लोजपा (रा) को एक एक सीट दी थी।
बुरारी सीट पर हारे जदयू प्रत्याशीदोनों ऐसी सीटें हैं, जिन पर लंबे समय से आम आदमी पार्टी का कब्जा है। बुरारी विधानसभा सीट पिछली बार भी जदयू को मिली थी। 2020 और 2025 के विधानसभा चुनाव में शैलेंद्र कुमार ही जदयू उम्मीदवार बने।
वह जदयू दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष भी हैं। 2020 में जदयू को केवल 51 हजार वोटों पर संतोष करना पड़ा था। लेकिन विधानसभा चुनाव 2025 में यह आंकड़ा 96 हजार को पार कर गया है।
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री डॉ. अशोक चौधरी के अलावा सरकार के कई मंत्रियों, सांसदों, विधायकों एवं प्रदेश स्तरीय नेताओं ने बुरारी में जदयू के लिए वोट मांगा था।
लोजपा (रा) को देवली विधानसभा क्षेत्र में 50 हजार वोट मिला। वहां से जीते आप उम्मीदवार को 86 हजार से अधिक वोट मिला। 2020 में यह सीट भाजपा के हिस्से में थी। तब उसके उम्मीदवार को 42 हजार वोट मिले थे।
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Bihar: कृषि विभाग ने इतिहास में पहली बार कर दिया कमाल, नियुक्तियों से जुड़ा है मामला; पढ़ें डिटेल
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में इसी साल के अंत तक विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। सरकार चुनावी वर्ष में ताबड़तोड़ नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न कराने में जुटी हुई है।
शनिवार को इसी क्रम में शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा स्टेडियम में बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित 1007 कृषि विभाग के नव नियुक्त कर्मियों के बीच नियुक्ति पत्र वितरित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का चौमुखी विकास हो रहा है।
1007 कृषि पदाधिकारियों को प्रदान किए गए नियुक्ति पत्रकृषि विभाग के इतिहास में पहली बार एक साथ 1007 कृषि पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। यह न केवल कृषि जगत के लिए बल्कि पूरे बिहार के लिए एक स्वर्णिम दिवस है।
यह नियुक्ति सात निश्चय 2.0 के तहत युवाओं और महिलाओं को नौकरी देने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। आज नियुक्त किए गए 1007 पदाधिकारियों में से 397 महिला पदाधिकारी हैं, जो यह दर्शाता है कि कृषि क्षेत्र में महिलाएं भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने के लिए तत्पर हैं।
कृषि मंत्री पांडेय ने कहा कि इस नियुक्ति से प्रत्येक प्रखंड में प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रत्येक प्रयोगशाला में सहायक अनुसंधान पदाधिकारी तथा अनुमंडल स्तर पर बीज निरीक्षक, विश्लेषण एवं विपणन पदाधिकारी की तैनाती संभव हो सकेगी।
उन्होंने सभी नवनियुक्त अधिकारियों को कृषि परिवार में शामिल होने पर बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि आज जिन 1007 पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण किया जा रहा है, उनमें से 412 सामान्य कोटे हैं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 103, अनुसूचित जाति के 164, अनुसूचित जनजाति के 11, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 175, पिछड़ा वर्ग के 116 तथा पिछडा वर्ग महिला कोटि के 26 पदाधिकारी सम्मिलित हैं।
मखाना बोर्ड के गठन का फैसला ऐतिहासिककृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में मखाना बोर्ड के गठन का फैसला भी ऐतिहासिक है। जिससे बिहार के मखाना उत्पाद में लगे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। किसान क्रेडिट कार्ड भी 3 लाख से 5 लाख किया जाना कृषि जगत के लिए हितकारी है।
इस अवसर पर कृषि विभाग के सचिव संजय अग्रवाल के कहा कि विज्ञापन प्रकाशन से लेकर अबतक किए गए गहन अनुश्रवण एवं बिहार लोक सेवा आयोग की तत्परता से एक वर्ष के भीतर ही लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार सम्पन्न कराया गया।
उसी के तहत आज हम सब यहां कुल 1007 अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सम्मिलित हैं। नियुक्ति पत्र पाकर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल गए।
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Delhi Chunav Result: दिल्ली चुनाव के बाद मांझी ने कर दिया एक और बड़ा दावा, राहुल गांधी को भी दे दी एक सलाह
राज्य ब्यूरो, पटना। दिल्ली में भाजपा की जीत से गदगद हम के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने दावा किया कि बिहार में भी एनडीए के पांच पांडव (पांचों दल) मिलकर चुनाव लड़ेंगे और 225 सीटें लाकर सरकार बनाएंगे।
मांझी ने एक्स पर भी लिखा- दिल्ली तो झांकी है, बिहार अभी बाकी है। आप-दा गॉन, अवसर ऑन। पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए मांझी ने कहा कि बिहार में एनडीए चट्टान की तरह एकजुट है।
पीएम के साथ बिहारी सांसदों के मुलाकात से गायब रहने के सवाल पर मांझी ने कहा कि लोकसभा में उनके मंत्रालय का प्रश्न था, वह उसका रिव्यू कर रहे थे।
राहुल गांधी को सलाह देने की बात पर मांझी ने कहा कि राहुल गांधी सोच-समझकर बात करें, मैच्योरिटी लाएं अब जवान हो रहे हैं, बच्चे नहीं हैं।
लालू के तेजस्वी को सीएम बनाने के सवाल पर जीतन राम मांझी ने कहा कि अपने बेटे को आगे बढ़ाना, कौन नहीं चाहेगा मगर यह ख्याली पुलाव है, दिवास्वप्न है। विधि-व्यवस्था के प्रश्न पर कहा कि पहले एक अणे मार्ग में समझौता होता था, अब घटना होते ही तुरंत कार्रवाई होती है।
बिहार में इससे भी बड़ी जीत होगी : संतोष सुमन- हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्य सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि दिल्ली की जीत विशेष है। झूठ और लालच की राजनीति को जनता ने नकार दिया है।
- बिहार में इससे भी बड़ी जीत एनडीए की होगी और पिता-पुत्र के भ्रष्टाचार के साथ माफिया और अपराधियों की जमात की जमानत जब्त कराएगी।
- विकास की चकाचौंध में लालटेन बुझ जाएगी। कौरवों की क्रूरता को बिहार वापस नहीं आने देगा। आएंगे तो पांडव ही। बिहार का सांच... एनडीए के हम पांच।
बहुजन समाज पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार देगी। शुक्रवार को यहां हुई पार्टी की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी पूरे राज्य में शोषित- वंचित पर हो रहे अत्याचार को खत्म कर उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास कर रही है।
राज्य में सक्रिय दोनों गठबंधन दलितों एवं अतिपिछड़ों को न्याय नहीं दिला पाए हैं। दोनों दलित विरोधी हैं। भाजपा और जदयू राज्य को पीछे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जीत भारतीय जनता पार्टी की नहीं, चुनाव आयोग की जीत है।
बैठक को राज्यसभा सांसद रामजी गौतम, केंद्रीय प्रदेश प्रभारी सुरेश राव, एन पी अहिरवार, प्रदेश अध्यक्ष शंकर महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष कुणाल विवेक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय मंडल, प्रदेश महासचिव जिग्नेश जिज्ञासु आदि ने संबोधित किया।
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विकाश चन्द्र पाण्डेय, जागरण संवाददाता, पटना। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का आज परिणाम सामने आया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला है।
इस चुनाव में सत्ताधारी पार्टी आम आदमी पार्टी को मुंह की खानी पड़ी है और दिल्ली चुनाव में उन्हें 22 सीटें मिली हैं। इस चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला है। दिल्ली चुनाव के परिणाम की गूंज बिहार तक जा रही है। क्योंकि आने वाले समय में बिहार में विधानसभा चुनाव है।
बंद होगा लुकाछिपी का खेलदिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम महागठबंध को भी सचेत कर रहा है। अगर आईएनडीआईए एकजुट होकर चुनाव लड़ता तो नतीजे कुछ और आते। अपनी महत्ता के लिए महागठबंधन में इन दिनों लुकाछिपी का खेल चल रहा था। दिल्ली विधानसभा के चुनाव परिणाम के बाद अब उस पर विराम की संभावना जताई जा रही।
हालांकि, घटक दलों के भीतर नेतृत्व को उकसाने वाले तत्वों की बहुलता से निश्चिंत भी नहीं हुआ जा सकता। पिछले चुनावों में भी ऐसे तत्वों की अति-सक्रियता से संभावनाएं प्रभावित होती रही हैं।
इसके बावजूद दिल्ली का परिणाम राजद को अपने प्रभुत्व के लिए अपेक्षाकृत अधिक आश्वस्त करने वाला है, क्योंकि वह कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता से कुछ असहज महसूस कर रही थी।
दिल्ली चुनाव परिणाम से कांग्रेस को नुकसानपहले से ही दबाव बनाए रखने की रणनीति के तहत कांग्रेस ने बिहार में विधानसभा की कम से कम 90 सीटों की दावेदारी कर दी थी। लेकिन दिल्ली चुनाव का परिणाम उन्हें एक बार फिर अपने गिरेबान में झांकने के लिए प्रेरित कर रहा है।
राजद ने पुराने प्रदर्शन और जीत की संभावना के आधार पर सीट समझौते की बात दोहराई थी। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने तो मृतप्राय हो चुके आईएनडीआईए का नेतृत्व ममता बनर्जी को सौंप दिए जाने की राय तक दे दी।
उसके बाद कांग्रेस के भीतर से तीखे स्वर निकले। पार्टी के आलाकमान ने कहा कि कांग्रेस को कम आंकने का प्रयास धृष्टतापूर्ण होगा। तिलमिलाए राजद ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक उसी रोज आहूत की, जिस दिन राहुल गांधी पटना में संविधान सुरक्षा सम्मेलन में सहभागिता के लिए आए थे।
वह तारीख 18 जनवरी थी। महागठबंधन के दो बड़े घटक दलों के इस लुकाछिपी से यह संदेश गया कि महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है।
संभवत: इसी आभास के कारण लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लालू यादव से मिलने उनके आवास तक पहुंचे। मीडिया में संबंधों को सामान्य दिखाने की जुगत में वह लालू यादव की गायों को काफी देर तक पुचकारते रहे।
हालांकि, जगलाल चौधरी जयंती समारोह के बहाने 18 दिनों के भीतर राहुल का बिहार में दोबारा आमगन हुआ।
पहले भी जब दूसरे-तीसरे पायदान के नेताओं ने असहज स्थिति बनाई तो मध्यस्थता के लिए लालू-तेजस्वी और सोनिया-राहुल को ही आगे आना पड़ा था। इस बार तो राजद का एक वर्ग चाहता था कि दिल्ली में दांव आजमाया जाए।
लालू यादव बनेंगे बॉसहालांकि, उसे कांग्रेस की जमीन बताकर राजद के शीर्ष नेतृत्व ने दावेदारी नहीं की। इसके बावजूद अगर दिल्ली में कांग्रेस बुरी तरह पराजित हुई है तो यह रणनीति पर पुनर्विचार का संदेश है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक हरखू झा तो केंद्रीय नेतृत्व से इस परिणाम की समग्रता में विवेचना का आग्रह कर रहे हैं।
बिहार में तो लगभग चार दशक पहले से ही कांग्रेस अपना जनाधार गंवा चुकी है। प्रतिबद्ध मतदाताओं के एक वर्ग के कारण अकेले लड़कर भी वह लगभग आठ-नौ प्रतिशत मत तो पा जाती है, लेकिन सीटें महागठबंधन के बूते ही मिलती रही हैं।
अपवाद की चर्चा इसलिए भी बेमानी है, क्योंंकि इस बार तो दिल्ली में उसने पूर्वांचल मामलों के विभाग के गठन तक का वादा किया था। यूपी-बिहार के लोगों को लुभाने का वह उपक्रम नहीं चला।
इसीलिए तो राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन बिहार में ठोस मुद्दों और जमीनी रणनीति की बात कर रहे हैं। अब राजद आश्वस्त है कि बिहार में मुद्दे भी वही तय करेगा और चुनावी रणनीति भी उसे ही बनानी है। सीटों का बंटवारा इस चुनावी रणनीति का ही एक अंश है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार पुलिस में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक बड़े पैमाने पर तबादले की तैयारी है। इसमें एक ही पुलिस क्षेत्र या रेंज में आठ साल या इससे अधिक समय से पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों का तबादला किया जाएगा।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने इस बाबत सभी क्षेत्रीय आइजी और डीआइजी को पत्र लिखकर ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तलब की है।
पुलिस मुख्यालय के कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सभी आइजी-डीआइजी अपने क्षेत्राधीन कार्यरत सिपाही से लेकर पुलिस निरीक्षक स्तर तक के ऐसे पुलिसकर्मी की कोटिवार सूची दें जिनकी क्षेत्रावधि आठ वर्ष या इससे अधिक हो गई है।
प्रमाण-पत्र भी मांगा गया- यह सूची 15 फरवरी तक मांगी गई है। क्षेत्र अवधि की गणना के लिए कट ऑफ की तिथि 31 मार्च, 2025 निर्धारित की गई है।
- इसके साथ ही यह प्रमाण-पत्र भी मांगा गया है कि निर्धारित अवधि के अंतर्गत जिले में किसी भी पुलिस पदाधिकारी या कर्मी का नाम शेष नहीं है।
- भविष्य में ऐसा कोई मामला प्रकाश में आता है, तो इसके लिए संबंधित पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे। इस पत्र के साथ ही पुलिसकर्मियों की सूची बनाने के लिए एक निर्धरित फार्मेट भी दिया गया है।
- इसमें पुलिसपदाधिकारी व कर्मी का नाम, गृह जिला, जन्मतिथि, नियुक्ति तिथि, वर्तमान एवं पूर्व पदस्थापन की विवरणी आदि भेजनी है।
पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों के स्थानांतरण को लेकर मुख्यालय ने वर्ष 2022 में नया आदेश जारी किया था। इसके अंतर्गत सेवानिवृत्ति की निकटता का आधार छोड़कर किसी भी पदाधिकारी एवं कर्मी का पदस्थापन उनके गृह जिला में नहीं किया जाएगा।
अगर किसी जिले या क्षेत्र में कोई पदाधिकारी पहे काम कर चुका है, तो दोबारा उसका तबादला उस जिले या क्षेत्र में नहीं होगा, चाहे वह कार्यकाल कितना भी छोटा क्यों न हो। इसमें सिपाही से इंस्पेक्टर तक के पदस्थापन की एक निश्चित समयसीमा तय की गई है।
इसके तहत एक जिले में अधिकतम पांच साल और क्षेत्र या इकाई मे समेकित रूप से आठ साल तक ही पदस्थापन किया जाएगा।
अगर किसी पदाधिकारी ने दो या अधिक कार्यकालों में किसी इकाई या क्षेत्र में कार्य किया है, तो उसके सभी कार्यकाल को मिलाकर गणना की जाएगी। इसी तरह अलग-अलग रैंक में भी संबंधित क्षेत्र में पदस्थापना रही है, तो उसकी समेकित गणना होगी।
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Delhi Chunav Result: केजरीवाल से कहां हुई चूक? महागठबंधन के साथी दल ने खुलकर बताया, कांग्रेस को भी कर दिया आगाह
राज्य ब्यूरो, पटना। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत हुई है। वहीं, अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। आप को इस बार दिल्ली चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। यहां तक कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को अपनी सीट से हाथ धोना पड़ा है।
अरविंद केजरीवाल इस चुनाव में कहां चूक गए, इसपर महागठबंधन के साथी दल ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि दिल्ली विधान सभा चुनाव में भाजपा की जीत धर्मनिरपेक्ष-लोकतांत्रिक ताकतों के बीच फूट के कारण हुई है।
आईएनडीआईए एकजुट होकर चुनाव लड़ता तो नतीजे कुछ और आते। चुनाव परिणाम से हमें सबक लेने की जरूरत है क्योंकि आगे बिहार विधानसभा का भी चुनाव होने वाला है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली का चुनाव परिणाम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि आरएसएस-भाजपा के विभाजनकारी एजेंडे का मुकाबला केवल एकजुट, वैचारिक और राजनीतिक मोर्चे के माध्यम से ही प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। यह विशेष रूप से गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस और अन्य प्रमुख क्षेत्रीय दलों के लिए एक चेतावनी है।
आम आदमी पार्टी को सबक लेने की जरूरत : दीपंकर भट्टाचार्य- भाकपा-माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि दिल्ली में इस बार जिस तरह से चुनाव हुआ, यदि ऐसे ही चुनाव होते रहे तो उसका कोई मतलब ही नहीं रह जाएगा।
- वोटर लिस्ट में भारी हेरा-फेरी से लेकर दिल्ली चुनाव में इस बार हिंसा देखी गई। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के वोट में 10 प्रतिशत की गिरावट है।
- यह वह तबका है जो लोकसभा चुनाव में भाजपा को, लेकिन विधानसभा में आम आदमी पार्टी को वोट करता रहा है, लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में वह वोट भाजपा की ओर चला गया।
- इससे आम आदमी पार्टी को सबक लेने की जरूरत है, क्योंकि उसके एजेंडे से भी आम आदमी कहीं गायब हो गया है।
दीपंकर ने कहा कि आम आदमी पार्टी से बदला लेने की आड़ में भाजपा ने दिल्ली की जनता को तबाह और बर्बाद किया है।
दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा की उसकी भी मांग रही है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के लिए जो भी अधिकार तय किए थे, उसमें कटौती करने का काम भाजपा ने किया।
वह पिछले कई सालों से सत्ता से बाहर थी, लेकिन इस बार दिल्ली को भाजपा ने ठगने में सफलता पायी। कांग्रेस का वोट प्रतिशत थोड़ा जरूर बढ़ा है। यह जरूर है कि आईएनडीआईए एकजुट होकर चुनाव में रहता तो चुनाव परिणाम की स्थिति दूसरी होती।
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Bihar News: सभी जिलों के DM तक पहुंचा नया पत्र, राजस्व न्यायालयों के आदेश से जुड़ा है मामला
राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने तय किया है कि अब विभिन्न राजस्व न्यायालयों के आदेश तत्काल ऑनलाइन होंगे।
पहले होता यह था कि आदेश आज दिया गया और उसे कई दिनों बाद ऑनलाइन किया गया। इस प्रक्रिया में वादियों-प्रतिवादियों निर्णय की तुरंत जानकारी नहीं मिल पाती थी।
विभाग के सचिव ने भेजा पत्रविभाग के सचिव जय सिंह ने जिलाधिकारियों एवं प्रमंडलीय आयुक्तों को पत्र लिखकर कहा है कि ऑफलाइन आदेश लिखने की प्रवृति तत्काल बंद कर दें।
ऑनलाइन पोर्टल पर ही आदेश लिखें और उसे डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट से हस्ताक्षरित करते हुए वाद को निष्पादित करें।
विभाग को सूचना मिली थी कि कई मामलों में विभिन्न स्तर के राजस्व न्यायालयों के आदेशों को पूर्व की तिथि से ही हस्ताक्षर एवं निर्गत किया गया है किंतु आरसीएमएस पोर्टल पर बाद की तिथि में अपलोड किया गया है।
पत्र में इन बातों का भी जिक्र- इससे गड़बड़ी की आशंका को बल मिलता है। पत्र में कहा गया है कि पोर्टल पर आदेश अपलोड होने के बाद ही इसकी जानकारी आवेदक, अपीलार्थी या विपक्षी को हो पाती है।
- देर से फैसलों की जानकारी होने के कारण आवेदक या अपीलार्थी को अपील या पुनरीक्षण के लिए प्राप्त वैधानिक अवधि कम हो जाती है। इससे उनके अधिकारों का हनन होता है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सभी राजस्व न्यायालयों को एकीकृत करके जून, 2024 में एक ही पोर्टल में समाहित कर दिया गया था।
अगस्त, 24 में इसमें समाहर्ता और आयुक्त के न्यायालय को जोड़ दिया गया था। नई व्यवस्था से न्याय निर्णय होने और उसे प्रकाशित/प्रसारित होने के बीच के अंतराल को खत्म कर देगा।
सेवानिवृत्ति राजस्व कर्मचारी की दंडाधिकारी के रूप में हुई प्रतिनियुक्तिउधर, परैया प्रखंड के दखनेर गांव में विश्व विख्यात कथा वाचिका जया किशोरी जी के प्रवचन का आयोजन विगत 2 फरवरी से 8 फरवरी तक किया गया है।
इसको लेकर जिला से अधिकारी के साथ पुलिस अधिकारी और सुरक्षा बलों के दल की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए प्रतिनियुक्ति में बाहरी लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें सेवानिवृत्त पंचायत सचिव को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्ति किया गया है।
इसके अलावा कई स्थानांतरित पंचायत सचिव व मनरेगा कर्मी को भी दंडाधिकारी के रूप में आवश्यक जिम्मेदारी दी गई है। पूरे आयोजन के बीच ऐसे अधिकारी की उपस्थिति नगण्य के बराबर रही है।
इससे आयोजन समिति के ऊपर अतिभार का सामना करना पड़ रहा है। बीडीओ आई एस ट्विंकल ने बताया कि आदेश पत्र जिला से जारी हुआ है, जिसमें अधिकारी व कर्मियों की प्रवचन स्थल व मेला में प्रतिनियुक्ति हुई है।
पंचायत सचिव नरेश प्रसाद दिसम्बर में सेवानिवृत हुए है। स्थानांतरित कर्मियों की भी प्रतिनियुक्ति हुई है जो ड्यूटी में तैनात है।
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डिजिटल डेस्क, पटना। दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव का परिणाम आ चुका है। खबर लिखे जाने तक दिल्ली में भाजपा 39 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी थी, जबकि 9 सीटों पर लीड कर रही थी। वहीं, आम आदमी पार्टी ने 17 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी थी और 5 सीटों पर बढ़त बनाई हुई थी।
इससे अब यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली में अब भाजपा सरकार बनने जा रही है। जबकि अरविंद केजरीवाल को इस बार के चुनाव बड़ा झटका लगा है।
अरविंद केजरीवाल भी अपनी सीट से हारेयहां तक कि अरविंद केजरीवाल अपनी सीट से भी हाथ धो बैठे हैं। नई दिल्ली सीट से भाजपा के परवेश साहिब सिंह ने जीत दर्ज की है। इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी के कुछ अन्य बड़े नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा है।
दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी हार गए हैं। उन्हें भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाह ने 675 वोटों से हराया है।
जदयू और लोजपा का ऐसा रहा हालदिल्ली में भाजपा ने एनडीए के अपने दो सहयोगी दलों को भी एक-एक सीट दी थी। बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने बुरारी सीट से एनडीए प्रत्याशी के तौर पर शैलेन्द्र कुमार को मैदान में उतारा था।
वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने देवली सीट से एनडीए प्रत्याशी के तौर पर दीपक तंवर को मैदान में उतारा था।
बुरारी सीट से जदयू के शैलेन्द्र कुमार को हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट पर एक बार फिर आम आदमी पार्टी के संजीव झा ने जीत दर्ज की है।
देवली सीट से लोजपा(रामविलास) के उम्मीदवार दीपक तंवर हार चुके हैं। उन्हें आम आदमी पार्टी के प्रेम चौहान ने 36 हजार से अधिक वोटों से हराया है।
भाजपा और आप का ऐसा रहा हाल- बता दें कि खबर लिखे जाने तक दिल्ली के 57 सीटों के परिणाम सामने आ चुके थे। वहीं, 13 सीटों पर गिनती जारी थी। उधर, पटपड़गंज सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अवध ओझा को भी हार का सामना करना पड़ा है।
- दिल्ली चुनाव में हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने कहा कि हम जनता के जनादेश को स्वीकार करते हैं। मैं भाजपा को इस जीत के लिए बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे उन सभी वादों को पूरा करेंगे जिनके लिए लोगों ने उन्हें वोट दिया है।
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नीरज कुमार, पटना। प्रदेश के वातावरण में न्यूनतम तापमान में वृद्धि रबी फसलों के लिए वज्रपात साबित हो रही है। फरवरी के प्रथम सप्ताह में राज्य के वातावरण में रबी की फसलों के लिए न्यूनतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस के नीचे होना चाहिए।
वहीं, दूसरी ओर आजकल प्रदेश के अधिकांश भागों में न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास देखा जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव गेंहू, सरसों, मसूर, आम एवं लीची पर हो रहा है। सबसे ज्यादा प्रभाव देर से बुआई की गई गेंहू की फसलों पर पड़ेगा।
एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि पैदावार में लाएगी चार प्रतिशत की कमीभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पूर्वी क्षेत्र के विज्ञानियों का कहना है कि बिहार के वातावरण में वर्तमान में नमी होना बहुत जरूरी है, लेकिन आजकल पछुआ की तेज गति से जमीन की नमी में काफी तेजी से कमी आने लगी है। इसका प्रभाव रबी की फसलों पर पड़ रहा है।
कृषि विज्ञानियों का कहना है कि वातावरण में सामान्य से एक डिग्री तापमान ज्यादा होने पर पैदावार में चार प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। खासकर गेंहू की फसलों के लिए खेतों में आजकल पर्याप्त नमी होनी चाहिए।यह समय गेंहू की फसल के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
समय से पहले आ रहे फूलभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पूर्वी क्षेत्र के निदेशक डॉ.अनूप दास का कहना है कि वातावरण में बढ़ रही गर्मी से पौधे में समय से पहले फूल आ रहे हैं। इसका प्रभाव आने वाले दिनों में फसलों के फलन पर पड़ेगा। गर्मी बढ़ने से दाने पुष्ट नहीं हो पाएंगे और पैदावार में गिरावट आएगी।
इसके लिए जरूरी है कि किसान खेतों में नमी बनाए रखें। खासकर गेंहू के खेतों में नमी रहने से गर्मी का प्रभाव थोड़ा कम होगा। अगर किसान को खेतों में नमी में कमी दिखाई दे तो खेतों में हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए ताकि पौधे को पर्याप्त मात्रा में नमी मिल सके।
आम एवं लीची के मंजरों पर भी पड़ेगा प्रभावआम एवं लीची का मंजर भी गर्मी से प्रभावित होंगे। आजकल वातावरण में नमी बहुत जरूरी है, लेकिन समय से पहले तेज पछुआ का प्रवाह आम एवं लीची की फसलों को प्रभावित करेगा। गर्मी बढ़ने से मंजर पर कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
वेद प्रकाश, कृषि विज्ञानी
राज्य में होती रबी फसलों की खेती- गेंहू की खेती : 24 लाख हेक्टेयर में
- दलहन की खेती : चार लाख हेक्टेयर में
- मसूर की खेती : एक लाख 80 हजार हेक्टेयर में
- चना की खेती : एक लाख हेक्टेयर में
- आम की बागवानी : एक लाख 64 हजार हेक्टेयर में
- लीची की बागवानी : 39 हजार हेक्टेयर में
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Bihar Jobs: बिहार के युवाओं की बल्ले-बल्ले, नीतीश सरकार और सिडबी के बीच हुआ समझौता, 150 करोड़ का फंड जारी
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: बिहार मे स्टार्ट अप में लगे युवाओं की वित्तीय सहायता के लिए सिडबी की मदद से 150 करोड़ का कारपस फंड इसी वर्ष जून में अस्तित्व में आ जाएगा। इस बारे में उद्योग विभाग और सिडबी के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हो चुका है।
स्टार्ट में लगे युवाओं की समस्या अपने आगे के काम के लिए फंड व्यवस्था की रहती है। इस मामले में उनकी निर्भरता महानगरों में बैठे निवेशकों पर रहती है। इसे लेकर हमेशा संशय की स्थिति बनी रहती है कि मदद मिलेगी या नहीं।
निवेशक भी वैसे चाहिए कि जिन्हें सेबी की मान्यता हो। इसे केंद्र में रख यह तय किया गया कि एक कारपस बनाकर स्टार्ट अप में आगे बढ़ रहे युवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाए।
150 करोड़ के कारपस में उद्योग विभाग उपलब्ध कराएगा 50 करोड़उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 150 करोड़ रुपए के कारपस में 50 करोड़ रुपए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं एक सौ करोड़ की व्यवस्था सिडबी अपने स्तर सें कराएगा। मालूम हो कि किसी स्टार्ट अप इकाई द्वारा अगर 80 प्रतिशत तक का काम कर लिया जाता है तो उसे छह लाख रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाती है।
900 स्टार्ट अप में 70 प्रतिशत ने काम शुरू कर रखा हैउद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बिहार में 900 स्टार्ट अप हैं। इनमें से 70 प्रतिशत ने अपना काम शुरू कर दिया है। वहीं 30 प्रतिशत स्टार्ट अर अभी आइडिएशन के स्तर पर हैं।
सबसे अधिक एग्री सर्विसेस, ई कामर्स और स्वास्थ्य के क्षेत्र मेंसबसे अधिक स्टार्ट अप बिहार में एग्री सर्विसेस के क्षेत्र में हैं। कुल स्टार्ट अप का 11 प्रतिशत से अधिक इस क्षेत्र में हैं। वहीं ई कामर्स व स्वास्थ्य के क्षेत्र की भी हिस्सेदारी भी 11 प्रतिशत है। हैंडीक्राफ्ट की हिस्सेदारी 9 प्रतिशत है। शेष सेक्टर की अलग-अलग हिस्सेदारी है। ईवी सेक्टर में भी स्टार्ट अप पर काम चल रहा। बिहार के युवा स्टार्टअप के जरिए देश भर में परचम लहरा सकते हैं।
स्टार्टअप क्या होता है?स्टार्टअप एक नई और छोटी कंपनी होती है जो किसी नए और अनोखे विचार या उत्पाद के साथ बाजार में प्रवेश करती है। स्टार्टअप आमतौर पर तकनीकी और नवाचारी होते हैं और उनका मुख्य उद्देश्य अपने उत्पाद या सेवा को बाजार में स्थापित करना और व्यवसाय को बढ़ाना होता है।
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Patna News: CBI की रडार पर आए दिनेश अग्रवाल की बढ़ी मुश्किलें, छापामारी में मिले अहम सबूत
राज्य ब्यूरो, पटना। आयकर विभाग की 'फेसलेस स्कीम ऑफ असेसमेंट' मामले में सीबीआइ की रडार पर आए वाल्मीकि नगर से निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़ने वाले दिनेश कुमार अग्रवाल समेत आयकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर, दो इंस्पेक्टर और पांच चार्टर्ड अकाउंटेंट की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
CBI को ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं कि इन अधिकारियों ने दिनेश अग्रवाल के सहयोग और मिली भगत से मोटी कमाई की है।
छापामारी में मिले अहम सबूतराशि की अधिकता के आधार पर प्रवर्त्तन निदेशालय (ED) की जांच की भी संभावना जताई जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को गुरुवार को छापामारी के दौरान कई अहम दस्तावेज मिले हैं जिसमें यह बात सामने आ रही है कि इस पूरे मामले में अग्रवाल की बड़ी भूमिका है।
दिनेश कुमार अग्रवाल ने ही डिप्टी कमिश्नर के साथ मिलकर पूरी योजना को अमलीजामा पहनाया। सूत्रों के अनुसार इस गड़बड़ी में व्यापक राशि शामिल है। साथ ही कई अन्य लोग भी इस साजिश का हिस्सा रहे हैं, जिनके बारे में जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
18 स्थानों पर हुई छापामारीफिलहाल CBI टीम इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है। बता दे कि फेसलेस स्कीम ऑफ असेसमेंट में गड़बड़ कर लोगों से मोटी रकम वसूली के मामले में CBI ने दिल्ली, मुंबई, ठाणे, पश्चिम चंपारण, बेंगलुरु और कोट्टायम सहित 18 स्थानों पर तलाशी ली थी।
पश्चिम चंपारण में लोकसभा चुनाव 2024 मे वाल्मीकी नगर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले दिनेश कुमार अग्रवाल के घर और कार्यालय की भी तलाशी हुई थी।
निगरानी की 37 दिनों में भ्रष्टाचारी अफसरों पर की पांचवीं कार्रवाईनिगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने इस साल के पहले 37 दिनों में पांच भ्रष्टाचारी अफसरों पर कार्रवाई की है। इनमें तीन को ट्रैप केस में रंगे हाथ घूस लेते पकड़ा गया है।
सबसे ताजा मामला गुरुवार का है, जब पटना के रूपसपुर थाने के दो दारोगा को निगरानी ने 50 हजार रुपये के साथ शास्त्रीनगर इलाके से रंगे हाथ पकड़ा। दोनों अभियुक्त रंजीत कुमार और फिरदौस आलम को पूछताछ के बाद निगरानी कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा।
- निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, सात जनवरी को पटना के कंट्रोलर आफ स्टोर एंड परचेज अखिलेश कुमार को ट्रैप कांड में 70 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया।
- वहीं 24 जनवरी को ट्रैप के एक अन्य मामले में सीतामढ़ी के पुपरी के राजस्व कर्मचारी भोगेन्द्र झा को 51 हजार रुपये घूस के साथ पकड़ा गया।
निगरानी ने जनवरी में आय से अधिक संपत्ति मामले में भी दो कार्रवाई की हैं। इसमें औरंगाबाद के सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज के लिपिक मनोज कुमार पर कार्रवाई की गई, जिसमें आय से करीब करीब 74 लाख 98 हजार से अधिक संपत्ति पाई गई।
इसी तरह बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रोजेक्ट इंजीनियर के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई, जिसमें 89 लाख से अधिक का प्रत्यानुपातिक धनार्जन पाया गया।
7765953261 पर करें भ्रष्टाचार की शिकायतनिगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। कोई भी नागरिक भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी 0612-2215344 या मोबाइल नंबर 7765953261 पर दे सकते हैं।
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