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Bihar Weather Today: बिहार में अगले 48 घंटे रहें सावधान; मौसम विभाग के अनुमान ने बढ़ाई टेंशन
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार में पछुआ के प्रवाह से प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। 48 घंटे में पूरे राज्य के तापमान में गिरावट का अनुमान है। न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री गिरावट आएगी। सर्द हवा के कारण सुबह-शाम हल्की ठंड बनी रहेगी। तराई वाले क्षेत्रों में सुबह में कोहरे का प्रभाव बना हुआ है, यह आगे दो-तीन दिनों तक जारी रहेगा। वहीं पटना सहित राज्य के दक्षिणी भागों का मौसम शुष्क रहेगा।
चक्रवाती परिसंचरण से रहेगा कोहरे का प्रभावमौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ अब जम्मू कश्मीर व इसके आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर बना है। पूर्वोत्तर असम व उसके आसपास चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है। पूर्वोत्तर भारत के मैदानी क्षेत्र में 12.6 किमी ऊपर हवाओं का दबाव बना है।
तराई वाले भाग में कोहरे का प्रभाव बने रहने की संभावनाइनके प्रभाव से तराई वाले क्षेत्र में अभी सुबह के समय कोहरे का प्रभाव बने रहने की संभावना है। शेष भाग का मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर बिहार के अधिसंख्य जिलों में अधिकतम तापमान 26-28 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
जबकि दक्षिण बिहार का अधिकतम तापमान 28-30 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। बुधवार को पटना सहित 25 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। 9.1 डिग्री सेल्सियस के साथ अगवानपुर, सहरसा में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।
मुजफ्फरपुर में ठंड की विदाईमुजफ्फरपुर में मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। अब धीरे-धीरे ठंड की विदाई शुरू हो गई है। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री तक पहुंच गया। यह इस माह में सबसे उच्चतम तापमान का रिकार्ड है। दिन का तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक रिकार्ड किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि रिकार्ड किया जा रहा है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री रिकार्ड किया गया।
यह सामान्य से 2.6 डिग्री कम है। वहीं पिछले 24 घंटे में 8.6 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया हवा चली है। मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार आने वाले तीन से चार दिनों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी के संकेत नहीं है। मौसम विभाग की ओर से इसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
कहा गया है कि पूर्वानुमानित अवधि में उत्तर बिहार के जिलों में आसमान साफ और मौसम शुष्क रहेगा। इस अवधि में अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 11 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है। औसतन 8 से 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया हवा चलेगी।
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खुशखबरी! नीतीश सरकार करेगी बिहार के शहरों का कायाकल्प, 400 करोड़ रुपये से होगा विकास
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के शहरी क्षेत्रों में बेहतर सड़क, पार्क, घाट, जलाशय निर्माण और जलनिकासी जैसे काम के लिए 400 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। नगर विकास एवं आवास विभाग ने मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत राज्य योजना मद से वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह राशि खर्च करने की स्वीकृति दी है।
इसका कार्यान्वयन बुडको करेगी जिसके लिए ई-टेंडर के माध्यम से निविदा आमंत्रित की जाएगी। संबंधित जिलों के डीएम को योजना के मानीटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है।
विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के अंतर्गत मिली राशि आबादी के अनुसार खर्च की जाएगी। विभाग ने जिलावार और निकायवार राशि का आवंटन कर भी दिया है।
पटना जिले को मिली सबसे अधिक राशिसबसे अधिक आबादी वाले जिले पटना को सर्वाधिक 64 करोड़ 72 लाख 96 हजार की राशि दी गई है। इसमें भी पटना नगर निगम क्षेत्र के विकास पर 42 करोड़ 55 लाख की राशि खर्च होगी। यह कुल आवंटित राशि का दस प्रतिशत से भी अधिक है।
इसके बाद दानापुर नगर परिषद क्षेत्र पर चार करोड़ 60 लाख, मसौढ़ी नगर परिषद क्षेत्र पर दो करोड़ 10 लाख और फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्र के विकास पर दो करोड़ छह लाख की राशि खर्च होगी। पटना जिले में सबसे कम 32 लाख 60 हजार की राशि पुनपुन नगर पंचायत को मिली है।
अरवल और शिवहर को सबसे कम आवंटन:पटना के बाद सर्वाधिक 18 करोड़ 67 लाख 44 हजार की राशि गया जिले को मिली है, इसमें अकेले 11 करोड़ 97 लाख रुपये गया नगर निगम और एक करोड़ 98 लाख रुपये बोधगया नगर परिषद क्षेत्र के विकास पर खर्च होंगे। वहीं नालंदा जिला तीसरे स्थान पर है, जिसे 17 करोड़ 85 लाख की राशि का आवंटन हुआ है।
इसमें बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र में आठ करोड़ 53 लाख, जबकि राजगीर के विकास पर एक करोड़ 83 लाख की राशि खर्च की जाएगी। बिहार के प्रमुख जिलों में रोहतास को 15 करोड़ 83 लाख, मुजफ्फरपुर को 15 करोड़ 42 लाख और भागलपुर को 15 करोड़ 10 लाख की राशि खर्च करने की स्वीकृति मिली है।
सबसे कम आवंटन अरवल और शिवहर को मिला है। शिवहर नगर परिषद के लिए एक करोड़ 11 लाख जबकि अरवल नगर परिषद के लिए एक करोड़ 30 लाख की राशि आवंटित की गई है। योजना के अंतर्गत तिगुनी राशि तक की कार्ययोजना जिला स्तर पर तैयार करने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका है।
सर्वाधिक राशि पाने वाले दस जिले जिला आवंटित राशि पटना 64.72 करोड़ गया 18.67 करोड़ नालंदा 17,85 करोड़ रोहतास 15.83 करोड़ मुजफ्फरपुर 15.42 करोड़ भागलपुर 15.10 करोड़ बेगूसराय 14.79 करोड़ दरभंगा 13.95 करोड़ समस्तीपुर 13.88 करोड़ पूर्णिया 13.85 करोड़ये भी पढ़ें- Patna New Four Lane: पटना वालों के लिए खुशखबरी, इस सड़क को किया जाएगा फोरलेन; जाम से मिलेगी मुक्ति
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Jobs 2025: 10वीं पास के लिए नौकरी का सुनहरा मौका, 21 हजार पदों पर भर्ती; 29000 रुपये तक सैलरी
जागरण संवाददाता, पटना। डाक विभाग ने गांव-गांव तक अपनी मजबूत संरचना को लेकर नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ की है। इसके तहत सहायक शाखा डाकपाल एवं ग्रामीण डाक सेवक के 21,413 पदों पर नियुक्ति होगी। इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थी तीन मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर छह से आठ मार्च तक सुधार कर सकते हैं। देश के विभिन्न राज्यों में नियुक्ति होनी है। ग्रामीण डाक सेवक के लिए मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा पार्स करने वाले अभ्यर्थी आवेदन करेंगे।
अभ्यर्थी की उम्र कितनी होनी चाहिए?इसमें अभ्यर्थी के पास गणित व अंग्रेजी विषय में पास होना व उम्र सीमा 18 से 40 के बीच होनी चाहिए। अभ्यर्थियों को नियमानुसार उम्र सीमा में छूट भी देय है।
कितनी सैलरी मिलेगी?- सहायक डाकपाल के लिए 12 से 29,380 हजार रुपये सैलरी निर्धारित है।
- डाक सेवक के लिए 10 हजार से 24,470 रुपये सैलरी होगी।
अभ्यर्थियों का चयन मेधा सूची तैयार कर किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए इच्छुक अभ्यर्थी अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्रक्रिया पूरी कराएंगे। मेधा सूची में आने वाले अभ्यर्थियों को एसएमएस व पोर्टल के माध्यम से सूचित किया जाएगा।
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Bihar IAS Transfer: 11 आईएएस अफसरों का ट्रांसफर, नीतीश सरकार ने सौंपी नई जिम्मेदारी; देखें लिस्ट
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के ग्यारह अफसरों का स्थानातंरण (Bihar IAS Transfer) करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी दी है। सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे 2005 बैच के आईएएस अधिकारी अजय यादव (IAS Ajay Yadav) को शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है।
साथ ही, उन्हें अगले आदेश तक उच्च शिक्षा निदेशक और बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक प्रकाशन निगम के प्रबंध निदेशक का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, इस निगम के प्रबंध निदेशक और उच्च शिक्षा निदेशक के अतिरिक्त प्रभार में रहे अभय झा को स्थानांतरित कर उन्हें ग्रामीण कार्य विभाग का संयुक्त सचिव नियुक्त गया है।
किन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी?अधिसूचना के मुताबिक, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक उदयन मिश्रा को स्थानांतरित करते हुए पर्यटन विभाग के विशेष सचिव बनाया गया है। इन्हें अगले आदेश तक पर्यटन निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव अहमद महमूद को अगले आदेश तक इसी विभाग के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जमुई के बंदोबस्त अधिकारी पवन कुमार सिन्हा को स्थानांतरित कर जल संसाधन विभाग के अपर सचिव पद नियुक्त किया गया है।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग में नियोजन व प्रशिक्षण निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे श्याम बिहारी मीणा को इस पद की पूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। पूर्णिया के बंदोबस्त पदाधिकारी राजेश कुमार को स्थानांतरित कर संसदीय कार्य विभाग के अपर सचिव बनाया गया है।
समाज कल्याण विभाग के निदेशक, निःशक्तता विजय प्रकाश मीणा को स्थानांतरित कर नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव बनाया गया है।
बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार सागर को स्थानांतरित करते हुए समाज कल्याण विभाग के निदेशक, निःशक्तता के पद पर पदस्थापित किया गया है। योगेश कुमार सागर को अगले आदेश तक समाज कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
वहीं भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त दिनेश कुमार को अगले आदेश तक मुंगेर प्रमंडल का आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
वहीं, पटना नगर निगम के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी एवं नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर को अगले आदेश तक बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
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Tax Calculator: इस साल कितना टैक्स लगेगा, कितने की होगी बचत? टैक्स कैलकुलेटर से लगाएं हिसाब
जागरण संवाददाता, पटना। चालू वित्तीय वर्ष में आपका कितना टैक्स लगेगा, कितने की बचत होगी। इसकी गणना अब आसानी से आयकरदाता कर सकते हैं। इसके लिए आयकर विभाग ने आयकरदाताओं की राहत के लिए टैक्स कैलकुलेटर (Tax Calculator) जारी किया है।
आयकरदाता आयकर विभाग की अधिकारिक वेबसाइट (https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/) पर इसे देख सकते हैं। इससे लोगों को काफी सहूलियत होगी। इसमें आयकरदाताओं को आकलन वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए न्यू टैक्स रिजीम या ओल्ड टैक्स रिजीम में कौन बेहतर होगा इसका आकलन कर सकते हैं।
इससे उसके अनुसार सैलरी से अपना बचा हुआ आयकर कटवा सकते हैं। इसकी मदद से चाहे तो आय, डिडक्शन की सूचना देकर आप पुराने एवं नए टैक्स रिजीम के अनुसार अपनी आयकर स्थिति को देख सकते हैं।
ऐसे कार्य करता है कैलकुलेटरसीए आशीष रोहतगी एवं सीए रश्मि गुप्ता ने बताया कि आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर आप टैक्स कैलकुलेटर को सर्च कर सकते हैं। यहां आने के बाद आप अपनी आवासीय जानकारी का चयन करें। इसके बाद आप अपनी टैक्सेबल आय को वहां दर्ज करें। इसके बाद टूल आपको वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 का तुलनात्मक जानकारी दे देगा।
आवश्यक जानकारी- एक अप्रैल 2025 से बेसिक छूट लिमिट तीन लाख रुपये से बढ़कर चार लाख रुपये हो जाएगी।
- वर्तमान समय में सात लाख रुपये के आय वाले व्यक्ति धारा 87ए के तहत 25 हजार रुपये की आयकर छूट प्राप्त करते हैं। इसे वर्ष 2025-26 से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दिया गया है। हालांकि, सैलरी वाले आयकरदाता 75 हजार रुपये तक स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं।
- सैलरी आय में से लीव ट्रेवल एलाउंस के मद के साथ-साथ 80सीसीडी दो के तहत टीयर वन एनपीएस अकाउंट में भी क्लेम कर सकते है। यह कटौती वर्ष 2024-25 में होगी।
कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रिंस कुमार राजू ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती के फैसले का स्वागत किया है। कहा कि इसे व्यापार और उपभोक्ताओं के लिए उधारी लागत को कम करने में मदद मिलेगी। इससे विकास कार्य में बढ़ोत्तरी होगी।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025 के लिए महंगाई दर 4.8 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026 के लिए 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, इससे आर्थिक विकास और मूल्य स्थिरता के बीच संतुलन सुनिश्चित होगा।
वहीं, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राम लाल खेतान ने कहा कि आरबीआई के इस फैसले से होम और बिजनेस लोन की ईएमआई कम होने से लोगों को वित्तीय राहत मिलेगी। उनके खर्च योग्य आय (डिस्पोजेबल इनकम) बढ़ेगी और उपभोक्ता खर्च में वृद्धि होगी। इसके परिणामस्वरूप, बाजार में पूंजी प्रवाह (लिक्विडिटी) बढ़ेगा, जिससे व्यावसायिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
बीआईए उपाध्यक्ष सीए आशीष रोहतगी ने कहा कि आगामी बजट में आयकर छूट की सीमा 12 लाख तक बढ़ाई जाने की घोषणा से आम जनता की बचत में वृद्धि होगी। यह अतिरिक्त बचत उपभोक्ता खर्च, बाजार में मांग और तरलता को बढ़ाएगी, जिससे आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी और बाजार में उछाल आने की संभावना बनेगी।
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Bihar Bijli Bill: अब सिर्फ 4 दिन मिलेंगे, जल्दी जमा कर दें बिजली बिल; वरना कट जाएगा कनेक्शन
राज्य ब्यूरो, पटना। 13 मार्च यानी गुरुवार से पूरे प्रदेश में विशेष बिजली बिल संग्रहण अभियान चलेगा। 16 फरवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान में जो उपभोक्ता बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं करेंगे, उनका बिजली का कनेक्शन कटेगा।
नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) के प्रबंध निदेशक डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे ने बकाया बिजली बिल का तत्काल भुगतान करने की अपील उपभोक्ताओं से है।
बिजली बिल का तुरंत भुगतान करेंउन्होंने बुधवार को उपभोक्ताओं से कहा कि वे अपने लंबित बिजली बिल का तुरंत भुगतान करें, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने कहा कि गैर-भुगतान वाले क्षेत्रों में सख्ती बढ़ायी जाएगी और अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने उपभोक्ताओं से यह अनुरोध भी किया है कि वे इस विशेष बिल संग्रहण शिविर का लाभ उठाकर अपने लंबित बिलों का जल्द से जल्द भुगतान करें। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम महीनों में बकाया राजस्व की वसूली तेज करना है।
बिल जमा नहीं किया तो...उन्होंने बिजली बिल का संग्रहण का आवश्यक बताते हुए कहा कि एनबीपीडीसीएल को बिजली खरीदने के लिए प्रतिमाह उत्पादकों को भुगतान करना होता है। निर्बाध एवं सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए उपभोक्ताओं का समय पर बिजली बिल भुगतान करना आवश्यक है।
यदि राजस्व संग्रहण में गिरावट आती है तो इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति प्रभावित होगी, जिससे विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
बिल सुधार और राजस्व वसूली को लेकर हर गांव में लगेगा विशेष कैंपबिजली बिल में सुधार एवं राजस्व वसूली को लेकर साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) 10 फरवरी से हर गांव में (पेसू छोड़कर) विशेष कैंप लगा रहा है। यह कैंप 30 मार्च तक लगेंगे। उपभोक्ताओं की हर तरह की शिकायतों को इस विशेष कैंप में सुना जाएगा।
एसबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार ने बताया कि कैंप में बिल सुधार से जुड़े मामले तो लिए ही जाएंगे, साथ ही साथ प्रीपेड मीटर से जुड़ी समस्याएं, मीटर खराबी और नए कनेक्शन मिलने में हो रही देरी की समस्या का भी समाधान किया जाएगा।
राजस्व वसूली को सुचारू बनाने के लिए बिलिंग एजेंसी की मोबाइल वैन, ई-वैलेट तथा ऑन-साइट भुगतान सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी। इस अभियान की नियमित निगरानी विद्युत कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता करेंगे। कैंप की प्रगति की जानकारी राजस्व वाट्सएप ग्रुप में साझा की जाएगी।
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Patna New Four Lane: पटना वालों के लिए खुशखबरी, इस सड़क को किया जाएगा फोरलेन; जाम से मिलेगी मुक्ति
जितेंद्र कुमार, पटना। सीएम नीतीश कुमार की 'प्रगति यात्रा' से पटना के हर क्षेत्र को इस बार नई सड़क परियोजनाओं की बड़ी उम्मीदें पूरी हो सकेगी। पटना सिटी, दानापुर और एम्स से लेकर नौबतपुर को नई चौड़ी सड़क की योजना मिल सकेगी।
सुगम आवागमन की सुविधा के साथ नई सड़क परियोजनाओं से व्यापार, रोजगार, कृषि व डेरी को बाजार के साथ नगरीय सेवाएं बढ़ सकेगी।
यहां पर चौड़ी होंगी सड़कें, जाम से मिलेगी मुक्तिमहाजाम से तंग गोला रोड, दीघा-खगौल नहर रोड, एम्स-नौबतपुर नहर रोड और पटना सिटी में भद्र घाट से जेपी गंगा सेतु के समानांतर वर्तमान सड़क के चौड़ीकरण की सौगात मिलेगी। वहीं, पटना के पूरब-पश्चिम और दक्षिण की दूरी कम समय में तय कर सकेंगे।
पटना के चौहद्दी में नगरीय विकास की रफ्तार और शहरी आबादी का घनत्व की तुलना में सड़क और परिवहन सेवाओं की समानुपातिक जरूरत को पूरा कर सकेगा। प्रगति यात्रा में सामुदायिक लाभ और सामाजिक प्रभाव के बीच संतुलन बनाने वाली योजनाएं प्राथमिकता हो सकती है।
रैयती जमीन अर्जित करने की जरूरत नहीं- आम तौर पर सड़क और सामुदायिक विकास की परियोजनाओं में भू-अर्जन और सामाजिक प्रभाव का अध्ययन में समय अधिक लगता है। इस बार जिन सड़क परियोजनाओं को प्रगति यात्रा में शामिल होना उसके लिए रैयती जमीन की जरूरत नहीं होगी। खगौल-दीघा नहर पथ चौड़ीकरण के लिए जल संसाधन विभाग की जमीन उपलब्ध है।
- इसी तरह एम्स से नौबतपुर सरमेरा रोड तक सोन नहर की सरकारी भूमि उपलब्ध है। नेहरू मार्ग से गोला रोड का चौड़ीकरण जाम से निजात दिलाएगा और इसके लिए पथ निर्माण विभाग की जमीन है। हालांकि, जगह-जगह पर कुछ जमीन कम पड़ने से चौड़ाई में एकरूपता के लिए पुराने नाले तो तोड़कर निर्माण करना होगा।
पटना सिटी में भद्र घाट से खाजेकला तक गंगा किनारे जल संसाधन विभाग की पर्याप्त जमीन है जो अतिक्रमित होता जा रहा है।
समय पर कार्य पूरा होने की उम्मीदनई सड़क परियोजनाओं के लिए रैयती भू-अर्जन की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय पर कार्य पूरा होने की उम्मीद की जा सकती है। कुछ जगहों पर अतिक्रमण की बाधा आएंगी जिसे हटाने में जिला प्रशासन की मदद ली जा सकती है।
दीघा-खगौल नहर पथ चौड़ीकरण में कुछ जगहों पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इसी तरह भद्र घाट से खाजेकला के बीच अतिक्रमण की बाधा दूर करनी होगी।
प्रस्तावित फोरलेनदीघा-खगौल नहर रोड
- लंबाई - 8.06 किलोमीटर
- वर्तमान सड़क की चौड़ाई - 10.00 मीटर
- प्रस्तावित फोर लेन - 14.00 मीटर
गोला रोड
- लंबाई - 4.02 किलोमीटर
- वर्तमान सड़क की चौड़ाई - 7.00 मीटर
- प्रस्तावित चौड़ाई - 12.50 मीटर
एम्स से नौबतपुर सोन नहर पुरानी रोड
- सड़क की लंबाई - 9.80 किलोमीटर
- वर्तमान चौड़ाई - 5.00 मीटर
- प्रस्तावित चौड़ाई - 10.00 मीटर
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Prashant Kishor: 'जिसके ऊपर देवी सरस्वती का आशीर्वाद होता है...', पार्टी फंडिंग पर PK का जवाब
एजेंसी, पटना। जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) पार्टी फंडिंग को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के निशाने पर हैं। पिछले काफी समय से जदयू पीके से जन सुराज को मिलने वाली फंडिंग पर सवाल उठा रहा है। अब पीके ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सत्तारूढ़ जदयू पर निशाना साधते हुए पीके ने तल्ख अंदाज में कहा कि जन सुराज को पैसा उनकी बुद्धि के आधार पर आता है।
प्रशांत किशोर ने जदयू प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार के सवाल पर पलटवार करते हुए कहा, "कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि इस पार्टी (जन सुराज) को चलाने के लिए मुझे पैसे कहां से मिल रहे हैं, तो मैं उनको बता दूं कि मेरी बुद्धि के आधार पर पैसा मिलता है"।
'जिस किसी पर भी देवी सरस्वती का आशीर्वाद होता है...'पूर्व चुनाव रणनीतिकार के रूप में विभिन्न राजनीतिक नेताओं के लिए काम कर चुके किशोर ने कहा, "जिस किसी पर भी देवी सरस्वती का आशीर्वाद होता है उसे निश्चित रूप से देवी लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है"।
'मैं कभी ठेकेदार नहीं रहा...'उन्होंने आगे कहा कि मैं कभी भी आईएएस या आईपीएस अधिकारी या किसी अन्य सरकारी सेवा में नहीं रहा। मैं कभी ठेकेदार नहीं रहा, न ही संसद या विधायिका का सदस्य। मैंने जो कुछ भी कमाया है, वह मेरी बुद्धि के कारण है।
'मैंने आज तक जो कमाई की है...'पीके ने यह भी कहा कि मैंने आज तक जो कमाई की है उससे यह सुनिश्चित करूंगा कि बिहार के युवाओं के लिए पैसा कोई समस्या न रहे। बता दें कि पीके ने जन सुराज पार्टी के उन उम्मीदवारों का चुनाव खर्च वहन करने की कसम खाई है जिनके पास चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि क्या सारा पैसा केवल गुजरात के युवाओं के पास होगा? भले ही सत्ता बिहार के युवाओं के वोटों से हासिल की जाती है? इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे पीकेबता दें कि प्रशांत किशोर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। उनकी पार्टी ने 11 मार्च तक विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन भी मांगा है। 11 सदस्यीय कमेटी उम्मीदवार का मूल्यांकन करेगी और आखिरी फैसला पार्टी की टॉप लीडरशिप लेगी। पीके ने कहा है कि जन सुराज सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
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Bihar Flood News: बिहार में बाढ़ पर इस बार नहीं होगा नुकसान, मोदी सरकार ने इन 3 परियोजनाओं को दे दी मंजूरी
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: बिहार में बाढ़ से सुरक्षा की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तकनीकी स्वीकृति मिल गई है। इनमें बागमती-शांति धार-बूढ़ी गंडक नदी जोड़ परियोजना, कमला बलान के दोनों तटबंधों के उच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं सड़क निर्माण की योजना का फेज-3 और चंपारण तटबंध के उच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं सड़क निर्माण (किमी 66.0 से किमी 132.80 तक) की योजना सम्मिलित है।
इन योजनाओं के क्रियान्वयन से जहां बड़े इलाके में बाढ़ से दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं क्षेत्रवासियों को आवागमन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी मिल जाएगा।
नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में मंगलवार को जल शक्ति मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में हुई तकनीकी सलाहकार समिति की 157वीं बैठक में इन योजनाओं को स्वीकृति दी गई। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और अभियंता प्रमुख (बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण) मनोज रमण बैठक में उपस्थित रहे।
इन तीन परियोजनाओं की मिली स्वीकृतिबागमती बाढ़ प्रबंधनइस योजना के अंतर्गत सोरमारहाट-हायाघाट तटबंध के किमी 5.40 पर घोघराहा ग्राम से निःसृत शांति धार के माध्यम से बागमती नदी को शांति धार होते हुए त्रिमुहानी के निकट बूढ़ी गंडक नदी से जोड़ा जाना है।
इसके लिए बागमती नदी और बूढ़ी गंडक नदी को जोड़ने वाली शांति धार (प्राकृतिक रूप से निर्मित पुरानी धार) को पुनर्जीवित किया जाएगा। इससे दरभंगा और समस्तीपुर जिले के बड़े इलाके में बागमती नदी की बाढ़ से सुरक्षा के साथ सिंचाई सुविधा भी मिलेगी।
कमला बलान योजनाकमला बलान के दोनों तटबंधों के उच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं सड़क निर्माण की योजना के तीसरे फेज का कार्यान्वयन होना है।
इससे मधुबनी जिले के जयनगर, खजौली, बाबूबरही, राजनगर, और अंधराठाढ़ी, दरभंगा जिले के गौड़ा बौराम और कुशेश्वर स्थान पूर्वी, सहरसा जिले के महिषी और समस्तीपुर जिले के बिथान प्रखंडों के लगभग 144 गांवों की 8.60 लाख से अधिक जनसंख्या को बाढ़ के दुष्प्रभावों से सुरक्षा मिलेगी।
साथ ही बाढ़ अवधि में तटबंधों के निरीक्षण और कटाव निरोधक सामग्रियों के परिवहन में सुविधा होगी।
चंपारण तटबंध योजनाचंपारण तटबंध के उच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं सड़क निर्माण (किमी 66.0 से किमी 132.80 तक) की योजना से पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिले में 8.50 लाख जनसंख्या तथा 1.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को बाढ़ से दीर्घकालिक सुरक्षा मिलेगी। साथ ही तटबंधों के रास्ते दोनों जिलों में आवागमन सुगम हो जाएगा।
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Patna News: नीतीश की 'प्रगति यात्रा' से पटना को बड़ी उम्मीदें, सोन सुरक्षा बांध पर बनेगी नई सड़क
जितेंद्र कुमार, पटना। सीएम नीतीश कुमार की 'प्रगति यात्रा' से पटना को कई उम्मीद है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुगम आवागमन की नई सेवाएं शुरू हो सकती हैं। राजधानी से आसपास के इलाके को जोड़ने वाली नई सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और घोषणाएं हो सकती हैं।
जल संसाधन विभाग का सोन सुरक्षा तटबंध को नई सड़क के रूप में विकसित करने की योजना है। कोईलवर की ओर से मनेर तक 71 करोड़ 30 लाख 21 हजार 973 रुपये की लागत से 11 किलोमीटर डबल लेन सड़क योजना से बिहटा-मनेर पुराना एनएच 30 का नया विकल्प मिल सकेगा।
जल संसाधन विभाग की ओर से सोन नद के बाढ़ से बचाव के लिए 70 के दशक में बिक्रम के सैदाबाद से मनेर होते दानापुर के शाहपुर तक कच्चा तटबंध का निर्माण कराया था। इस बांध की औसत चौड़ाई 5.5 मीटर और सतह से औसत तीन मीटर ऊंचा है।
बक्सर-पटना फोरलेन से परेव के निकट से सोन सुरक्षा बांध अमनाबाद, कटेसर, होमगार्ड प्रशिक्षण केंद्र आनंदपुर होते मनेर शिवाला मोड़ को जोड़ती है।
जल संसाधन विभाग की योजना है कि परेव के निकट पटना-बक्सर फोरलेन से मनेर तक 11 किलोमीटर सोन सुरक्षा बांध को डबल लेन सड़क निर्माण से मनेर, बिहटा, बिक्रम, पालीगंज और अरवल के साथ कोईलवर की ओर से छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्ग की सुविधा मिलेगी।
इससे बिहटा में जाम से लोगों को राहत मिल सकेगी। प्रगति यात्रा के दौरान इस परियोजना को मुख्यमंत्री से शिलान्यास कराए जाने की तैयारी है।
दीघा टू मनेर वाया दानापुर कैंट एलिवेटेड रोडदानापुर-दीघा अशोक राजपथ पर जाम से निजात के लिए जेपी गंगा पथ का एलिवेटेड विस्तार दानापुर कैंप के आगे शाहपुर तक करने का प्रस्ताव है। शाहपुर से मनेर तक सोन सुरक्षा बांध का चौड़ीकरण उच्च पथ के रूप में विकसित किया जा सकेगा। मनेर से परेव तक जल संसाधन विभाग की 11 किलोमीटर डबल लेन से जोड़ दिया जाएगा। प्रगति यात्रा के दौरान इस सड़क परियोजना की घोषणा की संभावना है।
इस नई सड़क परियोजना से दानापुर-मनेर बिहटा पुराना एनएच 30 का नया विकल्प बन सकेगा। मनेर से दीघा तक जल संसाधन विभाग का 15.79 किलोमीटर सुरक्षा तटबंध बना हुआ है। इसकी उपयोगिता समाप्त हो गई है। 5.5 मीटर चौड़ा और तीन मीटर ऊंचे तटबंध को चौड़ीकरण का फोरलेन सड़क का निर्माण मनेर तक कराया जा सकता है।
सोन सुरक्षा बांध बालू परिवहन का हो सकता विकल्पपटना जिले में सोन बालू का खनन, भंडारण और परिवहन सुरक्षा तटबंध के किनारे होता है। बिक्रम के सैदाबाद से मनेर तक 26 किलोमीटर सुरक्षा तटबंध को भारी वाहनों के परिचालन के लायक विकसित कर दिया जाए तो भोजपुर-बक्सर की ओर जाने वाले वाहनों को बिक्रम, बिहटा और मनेर बाजार और आसपास के गांवों जाम से परेशानी दूर हो सकती है।
बिक्रम प्रखंड के सैदाबाद, जनपारा, कटारी होते बिहटा प्रखंड में मौदही, बिंदौल, पाली होते परेव, अमनाबाद, कटेसर, डुमरा, आनंदपुर और मनेर दरगाह तक जल संसाधन विभाग का बांध के दोनों और औसत 32-32 फीट जमीन अतिक्रमण से मुक्त और परिवहन का बड़ा साधन मिल सकेगा।
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Patna News: पटना वालों के लिए खुशखबरी, यहां बनने जा रही सड़क; ट्रैफिक जाम से मिलेगी छुटकारा
राज्य ब्यूरो, पटना। Patna News: पटना के कंकड़बाग के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके का रास्ता सुगम होने वाला है। ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में 1.7 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण के लिए 12.18 करोड़ की राशि खर्च होगी। नगर विकास एवं आवास मंत्री नितिन नवीन ने मंगलवार को इसकी स्वीकृति दी।
उन्होंने कहा कि इस राशि से ट्रांसपोर्ट नगर में सड़कों के जीर्णोद्धार का काम किया जाएगा, जिससे बड़ी आबादी को आवागमन में सुविधा होगी।
मंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना 90 के दशक में हुई थी, जो अब पटना के बेहद ही व्यस्ततम इलाकों में से एक है। यहां राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से वाहन माल ढुलाई के क्रम मे आते जाते हैं। लगातार ट्रकों और बसों के परिवहन के कारण यहां की सड़कें खराब हो गयी थीं।
इसके निर्माण के लिए नगर निगम की तरफ से राशि उपलब्ध कराने का अनुमोदन भेजा गया था। साथ ही बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स और बिहार इंडस्ट्री एसोसिएशन की तरफ से भी इस विषय को सज्ञान में डाला गया था।
जिसके बाद विभाग की ओर से 12.18 करोड़ की राशि प्रदान करने पर स्वाकृति दी गयी है। सड़क निर्माण के बाद स्थानीय लोगों को बरसात में होने वाली समस्याओं से भी निजात मिलेगी। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था भी सुचारू रूप से चल सकेगी।
सारण में लंबे इंतजार के बाद गंडक नदी पर पुल निर्माण का काम शुरूलंबे इंतजार के बाद गड़खा चिंतामनगंज व बैकुंठपुर गांव के बीच गंडकी नदी पर पक्के पुल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा पुल का निर्माण कराया जा रहा है। फिलहाल अभी मिट्टी की जांच पड़ताल का काम चल रहा है।यहां पुल की दुर्दशा को लेकर जागरण में कई बार खबर प्रकाशित किया गया है।
पहले यहां बांस की चचरी का पुल हुआ करता था। उसी के सहारे लोग आते जाते थे। काफी समय बीतने के बाद समाजसेवी अजय कुमार सिंह ने स्थानीय लोगों व आस पास के गांव के लोगो से चंदा इकट्ठा कर सात लाख की लागत से वर्ष 2018 में लोहे के पुल का निर्माण करवाया।
उसके सहारे दर्जनो गांव के लोग आते जाते थे। लोहे के पुल से मोटरसाइकिल का आवागमन होता था। पुल जर्जर होने पर हर साल रिपेयरिंग करवाया जाता था। काफी समय बीतने के बाद लोहे का पुल जर्जर हो चुका था। इसके बावजूद खतरा को दरकिनार कर लोग आते जाते थे।
दैनिक जागरण की पहल से पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआपुल निर्माण के लिए स्थानीय लोगों ने राजनेताओ से फरियाद लगाया था। स्थानीय लोगों की समस्या को देखते हुए दैनिक जागरण अखबार ने गंडकी नदी पर पुल निर्माण के लिए प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। हालांकि, काफी लंबे इंतजार के बाद पुल निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। पुल निर्माण कार्य को देख स्थानीय लोगो ने दैनिक जागरण अखबार को बधाई दी है।
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Bihar News: दिल्ली की हार पर भड़के कांग्रेस नेता, गठबंधन की राजनीति पर उठा दिए सवाल
राज्य ब्यूरो, पटना। दिल्ली चुनाव परिणाम को करीब चार दिन हो गए। अब चार दिनों के बाद कांग्रेस के अंदर गठबंधन की राजनीति को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। दिल्ली विधानसभा के चुनाव में जहां आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता से बेदखल होना पड़ा है वहीं यहां कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला।
कांग्रेस सांसद ने की बड़ी मांगदिल्ली के नतीजों के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कटिहार से सांसद तारिक अनवर से पार्टी नेतृत्व से रूख स्पष्ट करने की मांग कर दी है। सांसद तारिक अनवर ने कहा है कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट करने की जरूरत है।
उन्हें तय करना होगा कि वे गठबंधन के साथ रहेंगे या फिर अकेले चलेंगे। तारिक यहीं नहीं रुके उन्होंने पार्टी के संगठन में मूलभूत परिवर्तन पर भी जोर दिया और कहा कि यह परिवर्तन जरूरी हो गया है। उन्होंने अपनी बात एक्स के जरिए पार्टी आलाकमान तक पहुंचाई है।
सांसद तारिक अनवर का पोस्टकांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति को स्पष्ट करने की जरूरत है। उन्हें तय करना होगा कि वे गठबंधन की राजनीति करेंगे या अकेले चलेंगे।
साथ ही, पार्टी के संगठन में मूलभूत परिवर्तन करना भी जरूरी हो गया है।@INCIndia @INCSandesh
— Tariq Anwar (@itariqanwar) February 10, 2025दिल्ली चुनाव के बाद इस वर्ष बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि पार्टी का निर्णय अंतत: क्या होगा। तारिक ने राजनीतिक रणनीति स्पष्ट करनी की जरूरत पर बल दिया है।
पार्टी कार्यकर्ताओं में संशय- तारिक अनवर का इशारा किस ओर है, इस संदर्भ में पार्टी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता कौकब कादरी कहते हैं कि आज सबसे ज्यादा संशय में पार्टी का कार्यकर्ता है।
- यह तो स्पष्ट होना ही चाहिए कि हम क्या करने वाले हैं। क्षेत्रीय दलों के साथ चलना है या फिर अकेले चुनाव मैदान में उतरना है।
बिहार में इसी साल अक्टूबर-नवंबर महीने में चुनाव होने हैं। पार्टी को इस पर गंभीरता से विचार कर अपनी रणनीति स्पष्ट करनी होगी ताकि पार्टी नेता-कार्यकर्ताओं में जो संशय है उसे दूर किया जा सके।
हालांकि, यहां यह बताना जरूरी है कि पिछले दिनों दो बार बिहार दौरे पर आए राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया था कि राजद-कांग्रेस गठबंधन में रहेंगे और मिलकर चुनाव लड़ेगे।
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राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News Today: ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य और बिहार कांग्रेस के नेता किशोर कुमार झा के एक बयान से सियासी हलचल मच गई है। किशोर कुमार झा के बयान से आरजेडी भड़क सकती है।
उन्होंने कहा है कि बिहार में कांग्रेस कम से कम सौ सीटों पर चुनाव लड़े।अगर इतनी सीटें नहीं मिलती है तो पार्टी अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने पर विचार करे।
आरजेडी पर साधा निशानाराजद की आदत रही है कि वह हमेशा सीटों का मामला उलझाए रहता है। अंतिम समय में अपने मत के अनुसार कांग्रेस के मत्थे कमजोर सीटें थोप देता है। इससे कांग्रेस को नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी दिल्ली में अकेले चलने का निर्णय ले सकती है तो बिहार में भी उसे संकोच नहीं करना चाहिए।
कांग्रेस को आईएनडीआईए गठबंधन से बाहर निकलना होगा: किशोर झाकिशोर झा ने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रदेशों में पार्टी को पुनर्स्थापित करना है तो आईएनडीआईए गठबंधन से कांग्रेस पार्टी को बाहर निकालना होगा तभी जनता का भरोसा दुबारा प्राप्त करने में सफल होंगे नहीं तो इसमें शामिल दल के नेता हमेशा अपने अपने प्रदेशों में कांग्रेस को नीचा दिखाते रहेंगे।
निजी महत्वाकांक्षा में ताश के पत्ते की तरह बिखर रहा आईएनडीआईए: जदयूजदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने मंगलवार को कहा कि निजी महत्वाकांक्षा में ताश के पत्ते की तरह बिखर रहा आईएनडीआईए। गठबंधन दिशाहीन हाे चुका है। वर्तमान में तथाकथित विपक्षी एकता अपनी ढपली, अपना राग का पर्याय बन कर रह गया है।
नीति, नीयत और नेता के घोर अभाव में आईएऩडीआईए का राजनीतिक उद्देश्य, औचित्य और अस्तित्व तीनों समाप्ति के कगार पर है। जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजद और कांग्रेस राजनीतिक भ्रष्टाचार की जननी रही है। घोटाला व परिवारवाद से इनका गहरा रिश्ता है। यही वजह है कि दोनों दलों की राजनीति अब रसातल की ओर तेजी से अग्रसर है।
बिहार में भी महागठबंधन में भारी सिर फुटव्वल की स्थिति है। विपक्षी खेमे की सभी पार्टियां एक दूसरे की टांग खिंचाई में लगे हैं। लालू-राबड़ी की सरकार ने 15 वर्षों तक सत्ता में रहते हुए कभी जनहित के लिए अपनी प्रतिबद्धता नहीं दिखायी। सिर्फ लूट-खसोट मचाने का काम किया।
अपने राजनीतिक पाप और नकामियों को छिपाने के लिए राजद आज जनता से झूठे वादे कर रही है जिसमें कोई दम नहीं है।
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Bihar Weather Today: बिहार में 24 घंटे बाद 10 जिलों में बढ़ेंगी मुश्किलें, IMD के अनुमान ने बढ़ाई टेंशन
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार में उत्तर पछुआ हवा के प्रवाह से मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। उत्तरी भागों के अधिसंख्य भागों में हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाए रहने की संभावना है जबकि पटना सहित अन्य जिलों का मौसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
24 घंटे बाद इन 10 जिलों के लिए अलर्टबिहार में 24 घंटे बाद तापमान में गिरावट की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार पूर्वोत्तर आसाम व आसपास में चक्रवातीय परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है। कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सुपौल, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय, समस्तीपुर में मौसम बिगड़ सकता है।
इन जिलों में मध्यम दर्जे का कोहरा छाया रहेगाइनके प्रभाव से उत्तरी भागों के अधिसंख्य भागों में सुबह के समय हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाया रहेगा। मंगलवार को पूर्वी व पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया व किशनगंज में मध्यम दर्जे का कोहरा छाया रहा।
पटना सहित 27 शहरों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। 27.7 डिग्री सेल्सियस पटना का अधिकतम तापमान दर्ज किया गया जबकि 29.8 डिग्री सेल्सियस के साथ मधुबनी सबसे गर्म स्थान रहा। पटना सहित अधिसंख्य शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
पटना का न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस जबकि 8.8 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। पटना व आसपास इलाकों का मौसम सामान्य बना रहा।
प्रमुख शहरों के तापमान में वृद्धिअरवल के न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि, गया में तीन डिग्री, औरंगाबाद में 1.6 डिग्री, डेहरी में 2.2 डिग्री, सासाराम में 3.2 डिग्री, बक्सर में 1.7 डिग्री, बेगूसराय में 1.1 डिग्री , शेखपुरा में 2.1 डिग्री, गोपालगंज में 1.1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि न्यूनतम तापमान में दर्ज की गई।
मौसम में उतार-चढ़ाव से बच्चे हो रहे बीमार- इस समय मौसम बदल रहा है। दिन में थोड़ा मौसम गर्म हो रहा है, रात में मौसम ठंडा हो जाता है।
- इसका सबसे अधिक असर बच्चों पर देखने को मिल रहा है कि बच्चे सर्दी-खांसी से प्रभावित हो रहे हैं।
- बच्चों के इलाज करने वाले एक डॉक्टर ने कहा कि जब-जब मौसम में उतार-चढ़ाव होगा, तब-तब सर्दी-खांसी का प्रभाव बढ़ जाता है।
- इससे घबराने की बात नहीं, मौसम में उलटफेर की वजह से सर्दी-खांसी हो रही है।
- बच्चों को अभी भी गर्म कपड़े पहनाकर रखें ताकि वह बीमारी से बच सके
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Patna Metro Route: पटना मेट्रो पर बड़ा अपडेट, सबसे पहले इस रूट पर दौड़ेगी ट्रेन; सामने आए 5 स्टेशन के नाम
राज्य ब्यूरो, पटना। पटना मेट्रो (Patna Metro Latest Update) की पटरियां बिछाने का काम अगले माह से शुरू हो जाएगा। मलाही पकड़ी से न्यू आईएसबीटी तक करीब 6.5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर में सबसे पहले मेट्रो ट्रैक बिछाए जाएंगे। सबसे पहले प्रायोरिटी कॉरिडोर पर ही मेट्रो रेल दौड़ेगी, जिसके लिए इस साल अगस्त तक का लक्ष्य रखा गया है।
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नितिन नवीन के स्तर से भी लगातार मेट्रो के काम-काज की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने निर्माण एजेंसी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
बोगी लाने की प्रक्रिया शुरूविभागीय जानकारी के अनुसार, अभी मेट्रो ट्रैक बिछाने के साथ मेट्रो रैक यानी बोगी को लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मेट्रो बोगी के आने में तीन से चार माह का वक्त लग सकता है। तब तक ट्रैक बिछाने के साथ ही इलेक्ट्रिकल, सिग्नल व टेलीकॉम का काम भी पूरा हो जाएगा।
सिग्नल व दूरसंचार जैसे तकनीकी काम के लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है, इस पर करीब 12.63 करोड़ की राशि खर्च होगी। इसके बाद निर्धारित रूट पर संरक्षा मानकों को पूरा करते हुए रैक का ट्रायल कर परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।
मार्च तक मेट्रो डिपो भी होगा तैयार:- बैरिया में आईएसबीटी (इंटर स्टेट बस टर्मिनल) के पास बन रहे मेट्रो डिपो को भी मार्च 2025 तक ही पूरा करने का लक्ष्य है। इसको देखते हुए डिपो को फिनिशिंग टच दिया जा रहा है।
- करीब 76 एकड़ में बन रहे डिपो में मेट्रो रेक के वाशिंग व मेंटेनेंस पिट के साथ ही कंट्रोल रूम, मेट्रो स्टेबलिंग लाइन, विद्युत सब स्टेशन, आटो कोच वाश प्लांट, वर्कशॉप शेड, इंस्पेक्शन शेड, इंटरनल क्लीनिंग शेड, रिसीविंग सब स्टेशन, इलेक्ट्रिक एवं ट्रैक यूनिट आदि की व्यवस्था की जानी है।
मलाही पकड़ी से न्यू आईएसबीटी तक प्रायोरिटी कॉरिडोर के मेट्रो स्टेशनों का निर्माण भी तेजी से जारी है। इन पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों में मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरोमाइल और न्यू आईएसबीटी शामिल हैं।
इन सभी स्टेशनों पर स्वचालित किराया संग्रह मशीन, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और गेट प्रणाली आदि लगाए जाने को लेकर एजेंसी का चयन पूरा कर लिया गया है। अगले महीने इस पर काम शुरू हो जाएगा।
पटना मेट्रो के भूमिगत कार्यों से न हो यातायात की समस्यामेट्रो के भूमिगत कार्यों के कारण यातायात में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। मॉर्निंग वॉकरों को समस्या नहीं हो। बिजली आपूर्ति भी बाधित नहीं हो, इन सब बातों का ध्यान रखें। जरूरत हो तो वैकल्पिक व्यवस्था करें। प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने मंगलवार को पटना मेट्रो रेल परियोजना को लेकर बैठक में यह निर्देश दिया।
जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के परियोजना निदेशक समेत विभिन्न विभागों के अभियंताओं के साथ बैठक में उन्होंने मेट्रो की प्रगति की समीक्षा की। डीएमआरसी के परियोजना निदेशक ने बताया कि मेट्रो के अंडरग्राउंड सेक्शन का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गांधी मैदान के गेट नंबर एक के समीप क्रॉस पैसेज दो के भूमिगत निर्माण के लिए गेट नंबर एक से 13 के बीच भूमि सुधार कार्यों (ग्राउंड इंप्रूवमेंट वर्क) के कार्यों से संबंधित प्रस्ताव दिया। इसी क्रम में आयुक्त ने विधि व्यवस्था के अपर जिला दंडाधिकारी को ट्रैफिक डीएसपी एवं पेसू के महाप्रबंधक के साथ स्थल निरीक्षण कर यातायात व अन्य दृष्टिकोण से रिपोर्ट देने को कहा।
परियोजना निदेशक ने आकाशवाणी, गांधी मैदान, पीएमसीएच, पटना विश्वविद्यालय, मोइनुल हक स्टेशन व राजेंद्र नगर स्टेशन के साथ पटना मेट्रो रेल डिपो परियोजना, न्यू आईएसबीटी, जगनपुरा, रामकृष्णा नगर, राजाबाजार, रूकनपुरा, पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन एवं अन्य मेट्रो स्टेशन की प्रगति के बारे में जानकारी दी। परियोजना निदेशक ने बताया कि अंडरग्राउंड सेक्शन का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है।
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Mahakumbh 2025: किऊल से प्रयागराज और बरौनी से झूसी के लिए चलेगी कुंभ स्पेशल ट्रेन, इन स्टेशनों पर रुकेगी
जागरण टीम, पटना/कैमूर। भारतीय रेलवे की ओर से महाकुंभ के मद्देनजर किऊल से प्रयागराज एवं बरौनी से झूसी के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है।
किऊल-प्रयागराज जंक्शन कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन 19 फरवरी को किऊल से 11 बजे प्रस्थान कर रात दस बजे प्रयागराज पहुंचेगी।
वहीं, वापसी में गाड़ी प्रयागराज जंक्शन से रात 10.35 बजे चलकर अगले दिन एक बजे किऊल पहुंचेगी। बिहार में अप एवं डाउन में यह ट्रेन लखीसराय, शेखपुरा, वारसलीगंज, नवादा, तिलैया में रुकेगी।
बरौनी-झूसी महाकुंभ स्पेशल ट्रेनदूसरी ओर, बरौनी से झूसी के लिए एक कुंभ स्पेशल ट्रेन 22 को रवाना की जाएगी। यह ट्रेन बरौनी से शाम 04.30 बजे झूसी पहुंचेगी। यह ट्रेन वापसी में झूसी से 23 फरवरी को रवाना होगी।
झूसी से यह ट्रेन आठ बजे रवाना होगी, जो रात्रि 09.15 बजे बरौनी पहुंचेगी। यह ट्रेन अप एवं डाउन में बछवारा, शाहपुर, पटोरी, हाजीपुर, सोनपुर, छपरा में रुकेगी।
मोहनिया: स्टेशन पर प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की भीड़ बेकाबू, ट्रेन में चढ़ना मुश्किलप्रयागराज कुंभ स्नान को जाने वाले यात्रियों की स्टेशनों पर भारी भीड़ है। ट्रेनों में चढ़ना मुश्किल हो रहा है। यात्रियों में धक्का-मुक्की हो रही है। बेकाबू भीड़ के आगे पुलिस बेबस है। प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो पर पैर रखने की जगह नहीं है। ट्रेन के गेट के बाहर तक यात्री मधुमक्खी के छत्ते की तरह लटके नजर आ रहे हैं।
यात्रियों की भीड़ की सुरक्षा में लगे आरपीएफ व जीआरपी के पसीने छूट रहे हैं। भीड़ को संभालना मुश्किल हो रहा है। आरपीएफ भभुआ रोड के प्रभारी रामजी लाल बुनकर अपने सहयोगियों के साथ भीड़ को व्यवस्थित करने में जुटे थे। ट्रेन आने से पहले उसमें सवार होने को यात्रियों की भीड़ बेकाबू हो जा रही है।
माघ पूर्णिमा के कारण भीड़ बेकाबूट्रेन में पैर रखने की जगह न होने के कारण उसमें चढ़ना मुश्किल हो रहा है। बुधवार को माघ पूर्णिमा है। इस दिन प्रयागराज कुंभ में अमृत स्नान है। इसको लेकर वहां जाने वाले यात्रियों की स्टेशन पर चार दिन से भारी भीड़ उमड़ रही है। पश्चिम की तरफ जाने वाली किसी ट्रेन में जगह नहीं है। एसी बोगी में सफर करने वाले यात्रियों की भीड़ को देखकर गेट बंद कर देते हैं। बेकाबू भीड़ गेट खोलने का भरपूर प्रयास कर रही है।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्लेटफॉर्म पर तैनात आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारी व जवान तत्पर हैं। ट्रेन आने से पहले ही यात्रियों को ध्वनि विस्तारक यंत्र से चलती ट्रेन के समीप नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। कोई अप्रिय घटना न हो इसको लेकर प्लेटफॉर्म पर पुलिस को काफी भागदौड़ करना पड़ रहा है।
आरपीएफ प्रभारी ने बताया कि प्रयागराज कुंभ स्नान करने जाने वाले यात्रियों की स्टेशन पर भारी भीड़ है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे आरपीएफ व जीआरपी अधिकारी व जवान मुस्तैद हैं। ट्रेन में चढ़ना मुश्किल हो रहा है। काफी मशक्कत से भभुआ रोड पर उतरने वाले यात्रियों को ट्रेन से उतारा जा रहा है।
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JEE Main Result 2025: जेईई मेन के पहले सेशन का रिजल्ट जारी, सामने आया बिहार के टॉपर का नाम
जागरण संवाददाता, पटना। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को जेईई मेन पहले सत्र का परिणाम (JEE Main Result) जारी कर दिया है। इस बार 14 विद्यार्थियों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किया है। इसमें बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश आदि राज्यों से एक भी परीक्षार्थी नहीं हैं।
बिहार में सबसे अधिक हाजीपुर के पाणिनि ने 99.99442 परसेंटाइल प्राप्त किया है। 100 परसेंटाइल में राजस्थान के पांच, दिल्ली व उत्तर प्रदेश के दो-दो, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक एवं तेलंगाना के एक-एक विद्यार्थी शामिल हैं। पिछले साल जेईई मेन में राज्य के एक विद्यार्थी ने 100 परसेंटाइज प्राप्त किया था।
बिहार के 60 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने दी परीक्षाजेईई मेन में जनवरी सत्र में राज्य के 60 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। एनटीए जनवरी और अप्रैल सत्र में सबसे बेहतर के परसेंटाइल के आधार पर अप्रैल में रैंक जारी करेगा। जिसके आधार पर श्रेणीवार 2.5 लाख विद्यार्थी जेईई एडवांस में शामिल होने की योग्यता प्राप्त करेंगे।
जेईई मेन की रैंक के आधार पर एनआईटी और ट्रीपल आईटी तथा जेईई एडवांस की रैंक पर आईआईटी में नामांकन होगा। जेईई मेन पहले सत्र में 12 लाख 58 हजार 136 परीक्षार्थी शामिल हुए थे।
इसमें सामान्य श्रेणी के चार लाख 66 हजार 358, ईडब्ल्यूएस के एक लाख 38 हजार 699, ओबीसी के चार लाख 90 हजार 275, एससी के एक लाख 22 हजार 845 तथा एसटी के 39 हजार 95 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। एनटीए ने 39 परीक्षार्थियों का परिणाम रोक दिया है।
बेहतर रैंक के लिए कमजोर पहलुओं पर दें ध्यान:पटना साइंस कालेज में सहायक प्राध्यापक डॉ. अशोक कुमार झा के अनुसार जिन्हें जनवरी सत्र में संतोषजनक परसेंटाइल प्राप्त नहीं हुआ है। वह परेशान होने के बजाए अपने कमजोर पहलुओं की पहचान कर अप्रैल सत्र की तैयारी में जुट जाएं। अप्रैल सत्र के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी है। 25 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। अप्रैल सत्र की परीक्षा एक से आठ अप्रैल के बीच तथा परिणाम 17 अप्रैल को जारी किया जायेगा।
जेईई एडवांस 2025 का आयोजन आईआईटी कानपुर 18 मई को दो पाली में ऑनलाइन माध्यम से करेगा। बिहार बोर्ड के 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा समाप्त हो गई है। वह अब पूरी तरह से जेईई की तैयारी में जुट जाएं।
वहीं, सीबीएसई और आइसीएसई की 12वीं की परीक्षा प्रारंभ होनी वाली है। उक्त दोनों बोर्ड के विद्यार्थी जेईई के साथ-साथ 12वीं की परीक्षा पर भी ध्यान दें। एनआईटी व आईआईटी में नामांकन के लिए 12वीं में 75 प्रतिशत अंक या संबंधित बोर्ड के 20 परसेंटाइल में शामिल होना अनिवार्य है।
यहां देखें परिणाम- https://jeemain.nta.nic.in/
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Prashant Kishor: पीके की जन सुराज पार्टी से लड़ना चाहते हैं चुनाव? 11 मार्च तक करना होगा आवेदन
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) लड़ने के इच्छुक अभ्यर्थियों से प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) ने 11 मार्च तक आवेदन मांगा है। तीन स्तरों पर आवेदनों का मूल्यांकन होगा और उसके बाद पार्टी के खांचे पर योग्य निकलने वाले अभ्यर्थियों को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा।
अभ्यर्थियों के मूल्यांकन के 10 मापदंड तय किए गए हैं। मंगलवार को जसुपा की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा इसकी जानकारी दी गई। प्रेस-वार्ता में जसुपा से उम्मीदवारी के लिए आवेदकों की चयन प्रक्रिया और मूल्यांकन के मापदंडों को साझा किया गया।
तीन स्तर पर होगा मूल्यांकनकेंद्रीय चुनाव समिति के संयोजक आरएन सिंह ने बताया कि मूल्यांकन का पहला स्तर विधानसभा क्षेत्र होगा। उस स्तर पर जसुपा से जुड़े स्थानीय लोग, पदाधिकारी और विधानसभा प्रभारी समिति आवेदनों का मूल्यांकन करेगी। दूसरे स्तर पर जिला संगठन और अनुमंडल पदाधिकारी निर्धारित मापदंडों पर मूल्यांकन करेंगे।
तीसरे स्तर पर जिला समिति द्वारा की गई अनुशंसा का मूल्यांकन होगा। इसका मूल्यांकन 11 सदस्यीय केंद्रीय चुनाव समिति करेगी और शीर्ष नेतृत्व को अपनी अनुशंसा सौंपेगी। केंद्रीय चुनाव समिति की अनुशंसा में किसी भी प्रकार के संशोधन का अधिकार केवल राज्य की कोर समिति को होगा।
यदि किसी समिति के किसी भी चरण का सदस्य स्वयं आवेदक हो, तो उसे अपने जिले की किसी भी समीक्षा बैठक में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। प्रेस-वार्ता में चुनाव समिति सदस्य सरवर अली, डॉ. भूपेंद्र यादव, जितेंद्र मिश्रा, विनोद चौधरी, सुरेश शर्मा और रामप्रकाश सहनी उपस्थित रहे।
निजी महत्वाकांक्षा में ताश के पत्ते की तरह बिखर रहा आईएनडीआईए : जदयूएक तरफ प्रशांत किशोर विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ जदयू लगातार आईएनडीआईए पर निशाना साध रहा है। जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने मंगलवार को कहा कि निजी महत्वाकांक्षा में ताश के पत्ते की तरह बिखर रहा आईएनडीआईए। गठबंधन दिशाहीन हाे चुका है।
उन्होंने कहा, वर्तमान में तथाकथित विपक्षी एकता अपनी ढपली, अपना राग का पर्याय बन कर रह गया है। नीति, नीयत और नेता के घोर अभाव में आईएनडीआईए का राजनीतिक उद्देश्य, औचित्य और अस्तित्व तीनों समाप्ति के कगार पर है।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजद और कांग्रेस राजनीतिक भ्रष्टाचार की जननी रही है। घोटाला व परिवारवाद से इनका गहरा रिश्ता है। यही वजह है कि दोनों दलों की राजनीति अब रसातल की ओर तेजी से अग्रसर है। बिहार में भी महागठबंधन में भारी सिर फुटव्वल की स्थिति है। विपक्षी खेमे की सभी पार्टियां एक दूसरे की टांग खिंचाई में लगे हैं।
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Bihar Bhumi: आवास बोर्ड की फ्री होल्ड जमीन के खरीदारों के लिए खुशखबरी, अब उनके नाम होगी जमाबंदी
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार राज्य आवास बोर्ड (Bihar State Housing Board) की अधिग्रहित और बाद में फ्री होल्ड घोषित (Bihar Free Hold Land) जमीन के खरीदारों के नाम जमाबंदी कायम होगी। उनके नाम से दाखिल-खारिज होगा और मालगुजारी की रसीद भी कटेगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक में आवास बोर्ड के सचिव एवं चकबंदी के निदेशक भी उपस्थित थे। इससे राज्य के शहरी इलाके के हजारों लोगों को लाभ होगा। निर्णय की जानकारी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों को दी गई है। उनसे आग्रह किया गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में इसे लागू करें।
दरअसल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पिछले साल 25 मई को ही आवास बोर्ड की फ्री होल्ड घोषित जमीन का स्वामित्व नए खरीदारों को सौंपने का निर्णय लिया था। उसी निर्णय को अब लागू किया जा रहा है।
सबसे पहले बिहार राज्य आवास बोर्ड के नाम से कायम होगा जमाबंदीप्रक्रिया के पहले चरण में आवास बोर्ड जमीन से जुड़े दस्तावेजों की प्रति संबंधित अंचल कार्यालय में ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा। दस्तावेजों में अधिघोषणा और पंचाट की प्रति को शामिल करना है। ऑनलाइन दस्तावेज मिलने के बाद अंचल कार्यालय की ओर से सबसे पहले बिहार राज्य आवास बोर्ड के नाम से जमाबंदी (Bihar Bhumi Jamabandi) कायम की जाएगी।
इस वेबसाइट पर करना होगा आवेदनइसके लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड के लिए सृजित लॉग-इन आईडी से विभागीय वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in के माध्यम से दाखिल-खारिज के लिए आवेदन दिया जाएगा।
पहले से अर्जित या अधिग्रहित जमीन की जमाबंदी बिहार राज्य आवास बोर्ड के नाम से कायम हो जाने के बाद उस फ्री होल्ड जमीन का दाखिल-खारिज एवं जमाबंदी सृजन की कार्रवाई के लिए नियमानुसार रैयतों/आवंटियों द्वारा अपने स्तर से संबंधित अंचल कार्यालय में आवेदन दिया जा सकेगा।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने दी जानकारीआवास बोर्ड से अपनी जमीन को फ्री होल्ड करानेवाले जमीन मालिकों/रैयतों के लिए यह बड़ी राहत है। अब आवास बोर्ड से जमीन लेनेवाले लोग आसानी से अपने नाम से दाखिल-खारिज करा सकते हैं। - डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
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Magh Purnima 2025: माघी पूर्णिमा पर आस्था की डुबकी लगाकर पाएं मोक्ष, जानें स्नान-दान और पूजन का मुहूर्त
जागरण संवाददाता, पटना। हिंदू धर्मावलंबियों के पवित्र मास माघ का व्रत एवं स्नान-दान की पूर्णिमा बुधवार 12 फरवरी को मनाई जाएगी। माघ मास का कल्पवास भी इस दिन समाप्त हो जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास में देवता पृथ्वी लोक पर निवास करते हैं तथा तीर्थराज प्रयाग के संगम में स्नान कर अपने इष्ट का जप-तप करते हैं।
कल्पवास में श्रद्धालु गंगा, संगम आदि पवित्र नदियों के तट पर पूरे एक मास निवास कर नित्य आस्था की डुबकी लगाकर दान-पुण्य करते हैं। इस दिन को मोक्ष प्राप्ति का दिन भी कहा गया है। माघी पूर्णिमा को भगवान नारायण के पूजन, पितृ श्राद्ध, निर्धन को दान करने से सुख-सौभाग्य, धन व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
आचार्य राकेश झा ने बताया कि सनातन धर्म में माघ मास की विशेष महत्ता है। इस मास को सूर्यदेव व जग पालनकर्ता श्री हरि विष्णु का मास बताया गया है। माघ शुक्ल पूर्णिमा में अश्लेषा नक्षत्र के साथ सौभाग्य योग एवं शोभन योग का उत्तम संयोग बन रहा है।
12 फरवरी बुधवार की सुबह 8:01 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा, फिर उसके बाद शोभन योग विद्यमान रहेगा। माघ पूर्णिमा को ऐसे मंगलकारी योग में नदी या संगम में स्नान कर भगवत आराधना से कष्टों से मुक्ति मिलती है।
गंगा स्नान से पाप व संताप से मुक्तिमाघी पूर्णिमा को सनातन धर्मावलंबी पूरे दिन स्नान-दान, पूजा-पाठ, दान-पुण्य व धार्मिक कृत्य करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ के पूर्णिमा को गंगा में डुबकी लगाने से जातक पापमुक्त होकर स्वर्ग लोक को पाता हैं।
ब्रह्मवैवर्त पुराण के मुताबिक, माघी पूर्णिमा पर भगवान नारायण स्वयं गंगाजल में विराजमान रहते हैं। इस दिन गंगाजल के स्पर्श करने से भी स्वर्ग का मार्ग खुल जाता है।
माघ पूर्णिमा के दिन गंगा में स्नान करने से मनुष्य के समस्त पाप एंव संताप मिट जातें हैं। पूर्णिमा को भगवान विष्णु की पूजा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मत्स्य पुराण के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा में जो श्रद्धालु ब्राह्मण को दान करने से ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है।
इस दिन यज्ञ, तप तथा दान करने का विशेष महत्व होता है। माघ पूर्णिमा को दान में तिल, ऊनी वस्त्र, अन्न, घी, दुग्ध निर्मित वस्तुएं, गुड आदि का दान करना पुण्यदायक होता है।
चंद्र किरणें देगी आरोग्यता:माघ पूर्णिमा के दिन संगम या गंगा में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन चन्द्रमा भी अपनी सोलह कलाओं से शोभायमान होते हैं तथा पूर्ण चन्द्रमा अमृत वर्षा करते हैं जिसका अंश वृक्षों, नदियों, जलाशयों और वनस्पतियों पर पड़ते हैं। इसीलिए इनमें आरोग्यदायक गुण उत्पन्न होते हैं। माघ पूर्णिमा में स्नान-दान करने से सूर्य और चन्द्रमा युक्त दोषों से मुक्ति मिलती है।
मकर राशि में सूर्य का प्रवेश और कर्क राशि में चंद्रमा का प्रवेश होने से माघी पूर्णिमा को पुण्यदायक योग बनता है तथा सभी तीर्थों के देवता पूरे माह प्रयाग तथा अन्य तीर्थों में विद्यमान रहने से अंतिम दिन को जप-तप व संयम द्वारा सात्विक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
स्नान-दान व पूजन मुहूर्त:- पूर्णिमा तिथि : सूर्योदय से शाम 6.41 बजे तक
- अमृत मुहूर्त: सुबह 07:52 बजे से 09:16 बजे तक
- शुभ योग: सुबह 10:40 बजे से 12:04 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:42 बजे से 12:26 बजे तक
- चर मुहूर्त: शाम 02:52 बजे से 04:16 बजे तक
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