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Bihar News: बिहार में होली पर शराब पीना पड़ेगा महंगा, डीजीपी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जारी किया ऑर्डर
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: बिहार पुलिस मुख्यालय ने होली को लेकर सभी जिलों को अलर्ट करते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ अतिरिक्त पुलिस बलों की भी तैनाती की गई है। डीजीपी विनय कुमार ने भी आमलोगों से शांतिपूर्ण और सौहार्द्रपूर्ण तरीके से होली का पर्व मनाने की अपील की है।
होली में शराब बेचने और पीने पर कड़ी कार्रवाईडीजीपी ने सभी जिलों के एसपी और पुलिस अधिकारियों को ऑर्डर देते हुए कहा कि हर चौक-चौराहे पर शराबियों पर नजर रखें। शराब पीने वाले और बेचने वाले दोनों के खिलाफ सख्त एक्शन लें। डीजीपी ने कहा कि उत्पात मचाने वाले लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई करें।
सभी जिलों में शुरू हुई शांति समिति की बैठकपुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद होली को लेकर सभी जिलों में शांति समिति की बैठक भी शुरू हो गई है। इसके अलावा सभी जिलों और थाना पुलिस को संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर वहां विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। शराबबंदी का भी सख्ती से अनुपालन कराने को कहा गया है।
इसका उल्लंघन करने वालों पर विधि-सम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। होली को देखते हुए पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों के अवकाश पर रोक का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है। इसमें विशेष परिस्थिति को छोड़कर दस से 18 मार्च तक अवकाश बंद करने का निर्देश दिया गया है।
होलिका दहन के पूर्व बेड़े से बाहर आयेंगी दमकल की 60 गाड़ियां और हाइड्रोलिकहोलिका दहन को लेकर अग्निशमन विभाग भी पूरी तैयारी के साथ है। उन सभी स्थानों की पहचान करीब करीब पूरी कर ली गई, जहां बड़े स्तर पर होलिका दहन किया जाएगा। संवदेनशील इलाकों को सेक्टर और जोन में बांटा गया है।
होलिका दहन के एक दिन पूर्व दमकल की 60 गाड़ियों को तय स्थानों पर कर्मियों और पदाधिकारियों के साथ तैनात किया जाएगा। हाइड्रोलिक प्लेटफार्म भी बेड़े से बाहर आएंगे। जबकि 16 मिस्ट टेक्नोलाजी से लैस बाइक से घूमकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
बीते वर्ष शहर में बड़े स्तर पर 200 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन किया गया था। इस वर्ष इन स्थानों पर होलिका दहन होना है। यहां सुरक्षा व्यवस्था और बचाव को लेकर आयोजकों के साथ ही जल्द ही अग्निशमन विभाग बैठक करेगा।
उन स्थानों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी, जहां आसपास झुग्गी-झोंपड़ी हैं। जर्जर तार की मरम्मत के लिए बिजली विभाग से पत्राचार भी किया गया है।
जिला अग्निशमन पदाधिकारी मनोज कुमार नट ने बताया संवेदनशील इलाकों की पहचान की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए 60 से अधिक दमकल गाड़ी, 16 मिस्ट टेक्नोलाजी से लैस बाइक का इस्तेमाल होगा।
जहां बड़े स्तर पर होलिका दहन की तैयारी है, वहां एक दमकल की एक गाड़ी तैनात की जायेगी। आयोजकों के साथ बैठक किया जाएगा। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान सुरक्षित दूरी बनाए रखें- आग के बहुत पास न जाएं, बच्चे और बुजुर्गों को दूर रखें।
- हवा तेज चल रही है तो होलिका दहन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
- पूजा के दौरान सावधानी बरते और कपड़ों व बालों का विशेष ध्यान रखें।
- ऐसे स्थान का चयन करें जो भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र से दूर हो।
- इमरतों, पेड़ों और बिजली के तारों से दूर रहें।
- समतल स्थान चुनें, ढलान वाली जगह पर आग फैलने का खतरा रहता है।
- लकड़ी और उपलों का ही उपयोग करें, अन्य ज्वलनशील पदार्थों से बचें।
Prashant Kishor: मुसलमानों का अपमान नहीं बर्दाश्त कर सके प्रशांत किशोर, BJP विधायक की लगा दी जमकर क्लास
डिजिटल डेस्क, पटना। होली और रमजान के एक ही दिन पड़ जाने से पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। लेकिन उससे भी बड़ी चुनौती अब नेताओं की बयानबाजी बन गई है। बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर उर्फ बचौल के मुसलमानों के ऊपर दिए बयान से सियासत तेज हो गई है। अब इस मामले में जनसुराज के संयोजक प्रशांत किशोर भी कूद गए हैं।
मुसलमानों के लिए क्या कहा था बीजेपी विधायक ने?आइए सबसे पहले बताते हैं कि आखिर बीजेपी विधायक बचौल ने क्या कहा था जिससे सियासी घमासान छिड़ गया। दरअसल, बीजेपी विधायक बचौल ने कहा था कि होली के दिन मुसलमान घर से बाहर ना निकलें और अगर घर से बाहर निकल रहे हैं तो अपना कलेजा बड़ा रखें, ताकि यदि कोई आपको रंग लगा दे तो आप बर्दाश्त कर सकें।
प्रशांत किशोर ने क्या कहा?वहीं, अब इस मामले पर प्रशांत किशोर आग बबूला हो गए हैं। उन्होंने बीजेपी विधायक को नसीहत दे डाली है। उन्होंने कहा कि क्या भाजपा विधायक के बाप का राज है? वे किसी भी स्थिति में अपना मत किसी पर नहीं थोप सकते।
प्रशांत किशोर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्या बीजेपी के विधायक जब बोलेंगे तब ही लोग घर से लोग बाहर निकलेगा, नहीं तो नहीं निकलेगा? बीजेपी विधायक की जागीर है क्या? ये कोई अंग्रेजों का राज है कि बीजेपी विधायक फरमान जारी करेंगे और पब्लिक मान लेगी।
पब्लिक वह करेगी जो उनको सही लगेगा, बीजेपी विधायक यहां के लाट साहब नहीं हैं जो बोलेंगे लोग मानेगा।
Bihar Weather : बिहार में होली पर बारिश होगी या नहीं? IMD का अनुमान आया सामने; 12 मार्च से बदलेगा मौसम
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: बिहार का मौसम फिलहाल शुष्क बना रहेगा। अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री का पूर्वानुमान है। न्यूनतम तापमान में पांच दिनों के दौरान एक से तीन डिग्री वृद्धि के आसार है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार होली के पूर्व मौसम में थोड़े बहुत बदलाव की संभावना है।
12 मार्च की रात से पश्चिमी हिमालय में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के मौसम गर्म होने के साथ कुछ स्थानों पर आंशिक बादल छाए रहेंगे।
होली पर तेज धूप का एहसास, नहीं होगी बारिशमौसम विभाग के मुताबिक बिहार में होली पर अधिकतम व न्यूनतम तापमान में क्रमिक वृद्धि होने से लोगों को अधिक गर्मी का एहसास होगा। हालांकि, इस दौरान बारिश की किसी भी तरह की संभावना नही हैं। लोग इस बार होली पर अधिक मस्ती कर सकेंगे।
कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहे। पटना समेत 15 शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस जबकि 33.4 डिग्री सेल्सियस के साथ गोपालगंज में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
वहीं, छपरा को छोड़ कर पटना सहित शेष शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि 13.0 डिग्री सेल्सियस के साथ औरंगाबाद में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
प्रमुख शहरों के तापमान में गिरावटपटना समेत प्रमुख शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। औरंगाबाद के अधिकतम तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। गया में 1.8 डिग्री, डेहरी में 0.2 डिग्री, बक्सर में 1.5 डिग्री, भोजपुर में 0.9 डिग्री, सासाराम में 2.4 डिग्री, नालंदा में 0.9 डिग्री, शेखपुरा में 0.8 डिग्री, वैशाली में 0.8 डिग्री, मधुबनी में 0.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
बिहार के 396 संविदा कर्मियों की नौकरी पर मंडरा रहा खतरा! 2020 का आदेश विभाग ने अब तक नहीं किया लागू
राज्य ब्यूरो, पटना। पंचायतीराज विभाग के राज्य पंचायत संसाधन केंद्र (एसपीआरसी) एवं जिला पंचायत संसाधन केंद्र (डीपीआरसी) में संविदा पर कार्यरत 396 कर्मियों का भविष्य अधर में है। पिछले चार वर्ष से इन संविदा कर्मियों का पगार नहीं बढ़ी है।
इसके पीछे कारण यह है कि 24 सितंबर 2020 को शासनादेश जारी होने के चार वर्ष उपरांत भी विभाग ने इसे लागू नहीं किया है। ऐसे में एसपीआरसी एवं डीपीआरसी में कार्यरत प्रबंधक, शोधकर्ता एवं प्रशिक्षकों के वेतन वृद्धि, भत्ते के पुनरीक्षण आदि चार वर्ष से लंबित है।
संविदा कर्मियों की सरकार से मांग है कि वेतन वृद्धि का लाभ देने के साथ ही अन्य मांगों को शासनादेश में किए गए प्रविधान के अनुसार लागू किया जाए।
उल्लेखनीय है कि उपरोक्त संविदा कर्मियों के दायित्व में त्रिस्तरीय पंचायत राज कर्मियों के प्रशिक्षण के अतिरिक्त बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 में सम्मिलित 29 विषयों, अधिसूचित नियमावलियों, लेखा संधारण, एवं दस्तावेजीकरण, ग्राम कचहरी आदि पर प्रशिक्षण का दायित्व है।
प्रखंड पंचायत विकास योजना ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करने में बिहार अग्रणीवहीं, दूसरी ओर प्रखंड पंचायतों ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रखंड पंचायत विकास योजना निर्माण कर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड कर दिया है।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बिहार देशभर में शीर्ष पर है। राज्य की 98.50 प्रतिशत प्रखंड पंचायतों ने ससमय कार्य को पूर्ण किया है।
526 प्रखंड पंचायतों ने यह कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रखंड पंचायतों की समाज के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्य को समय से पूर्ण करने हेतु प्रखंड पंचायतों द्वारा नियमित रूप से निर्धारित समय पर प्रखंड सभा का आयोजन किया गया तथा इससे संबंधित फोटोग्राफ तथा अन्य विववरणी पोर्टल पर अपलोड कर दी गई।
शेष सात प्रखंड पंचायतों में अविश्वास प्रस्ताव एवं तकनीकी कारणों से कार्य अपूर्ण रह गया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर उपलब्ध अद्यतन आंकड़ों के अनुसार बिहार के प्रखंड पंचायतों का समय से इस कार्य को पूर्ण करने का प्रतिशत (98.50 प्रतिशत) सर्वाधिक है।
दूसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल और हरियाणा तीसरे स्थान पर है। यह दर्शाता है कि पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर राज्य के विकास में भागीदार बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का ऐच्छिक स्थानांतरण-पदस्थापन होगा। ऐसे शिक्षकों के स्थानांतरण-पदस्थापन पर विचार के लिए विद्यालय स्तर पर रिक्ति एवं सरप्लस शिक्षकों का ब्योरा ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर बुधवार यानी 12 मार्च तक अपडेट कर उसका अनुमोदन होगा।
स्थानांतरण-पदस्थापन के लिए 13 मार्च से सॉफ्टवेयर चलेगा। सॉफ्टवेयर चलने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं होगा। इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) के संयुक्त हस्ताक्षर से सर्टिफिकेट लिए जाएंगे।
इस बाबत शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ द्वारा सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सोमवार को निर्देश दिया गया है।
निर्देश के मुताबिक शिक्षकों के स्थानांतरण-पदस्थापन हेतु प्राप्त आवेदनों पर विचार हेतु शिक्षकों की कोटि यथा नियमित शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, नियोजित शिक्षक (विशिष्ट शिक्षक सहित) के अनुसार उपलब्धता एवं आवश्यकता संबंधी सूचना अपेक्षित है।
12 मार्च तक ई-शिक्षकोश पोर्टल पर डाटा करें अपडेटविद्यालय स्तर पर रिक्ति एवं सरप्लस शिक्षकों की विवरणी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 12 मार्च तक किया जाना है। 13 मार्च से स्थानांतरण-पदस्थापन का सॉफ्टवेयर सभी श्रेणी के लिए प्राप्त आवेदनों हेतु चलाया जाना है। सॉफ्टवेयर चलाने के दौरान या बाद में यह विवरणी अपडेट नहीं की जा सकती है।
एक बार सॉफ्टवेयर चलाने में लगभग सात दिन लगेंगे। इसलिए एक बार सॉफ्टवेयर चलाने के बाद किसी प्रकार के संशोधन हेतु सॉफ्टवेयर नहीं चलाया जा सकता है।
इसके मद्देनजर अपर मुख्य सचिव ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि विद्यालयवार शिक्षकों की स्वीकृत इकाई, ई-शिक्षाकोष पर कार्यरत शिक्षकों की संख्या, नाम एवं अन्य विवरणी, रिक्ति-सरप्लस शिक्षक एवं आवश्यक शिक्षकों की संख्या अद्यतन रहे।
भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे ने की मंडल स्तरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्तिवहीं, दूसरी ओर होली के अवसर पर स्टेशन पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने खास तैयारी की है।
वाराणसी मंडल के छपरा, सिवान, बलिया एवं गाजीपुर सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार श्रीवास्तव के निर्देशानुसार यात्रियों की सुविधा, सुगमता एवं भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में 15 मार्च से 18 मार्च तक 24 घंटे यात्री हेल्पडेस्क कार्य करेगा। अधिकारी तीन शिफ्टों में भीड़ प्रबंधन एवं स्पेशल गाड़ियों के संचलन की निगरानी करेंगे। हेल्पडेस्क पर स्पेशल ट्रेनों की सूचना उपलब्ध रहेगी।
इसके साथ ही डिस्प्ले बोर्ड पर गाड़ी एवं कोच को स्पष्ट रूप से दर्शाने, पेय जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने, अनारक्षित टिकट काउंटर पर अतिरिक्त सुविधा बढ़ाने, अपने निर्धारित प्लेटफॉर्म पर गाड़ी के आगमन और प्रस्थान सुनिश्चित करने के साथ ही अचानक प्लेटफॉर्म नहीं बदलने को ले दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
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Bihar News: कृषि से जुड़े स्वरोजगार से 35.89 लाख जीविका दीदियां बनी आत्मनिर्भर, राज्य में महिलाओं का हो रहा सशक्तिकरण
डिजिटल डेस्क, पटना। जीविका बिहार में महिला सशक्तिकरण की मिशाल बन चुकी है। जीविका परियोजना से जुड़कर आज लाखों ग्रामीण महिलाएं गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकाल रही हैं। बिहार में सर्वाधिक कृषि से जुड़े स्वरोजगार से 35 लाख 89 हजार जीविका दीदियां आत्मनिर्भर बन चुकी है। कृषि विभाग से समन्वय कर अबतक 515 कस्टम हायरिंग केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र में 5 हजार 178 कृषि उद्यम की स्थापना की गई है।
वहीं, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सहयोग से समेकित मुर्गी विकास के अलावा समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत 8.09 लाख परिवारों को मुर्गीपालन एवं बकरीपालन से जोड़ा गया है। 1.42 लाख परिवार दुग्ध उत्पादन से जुड़े हुए हैं। करीब 1 हजार जीविका दीदियां मत्स्य पालन से जुडी हैं। अबतक 5,987 पशु सखियों को प्रशिक्षित किया गया है, जो बकरीपालन करने वाली 5.97 लाख परिवारों को सेवा प्रदान कर रही हैं। अररिया में सीमांचल बकरी उत्पादक कंपनी स्थापित की गयी है, जिससे अबतक 19 हजार 956 परिवारों को जोड़ा गया है।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की सहायता से कोशी प्रमंडल में स्थापित कौशिकी दुग्ध उत्पादक कंपनी के अंतर्गत अबतक 829 दुग्ध संग्रहण केंद्र खोले गए हैं। अबतक 26,280 पशुपालक दूध की बिक्री इन दुग्ध संग्रहण केंद्रों में कर रहे हैं एवं प्रतिदिन औसतन 70 हजार लीटर दूध का संग्रहण इन केन्द्रों के माध्यम से किया जा रहा है। मधुमक्खी पालन कार्य के लिए अबतक 490 उत्पादक समूहों का गठन किया गया है। आईआईएम कोलकाता के सहयोग से महिला उद्यमिता के क्षेत्र में अबतक 150 दीदियों का उद्यम विकास किया गया है।
खोले गए 10.36 लाख स्वयं सहायता समूहों के बचत खाते2006 से अब तक 10.63 लाख स्वयं सहायता समूहों का गठन हुआ है। इससे 1 करोड़ 35 लाख से अधिक परिवारों को जोड़ा गया है। अबतक जीविका दीदियों के 10.36 लाख स्वयं सहायता समूहों के बचत खाते खोले गए हैं। विभिन्न बैंकों द्वारा 48 हजार 516 करोड़ रुपये की राशि ऋण के रूप में स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध करायी गयी है।
केस - 1कटिहार जिले के कुर्सेला प्रखंड के दक्षिणी मुरादपुर पंचायत निवासी लवंग कुमारी पशुसखी बनकर सेवाएं दे रहीं हैं। इस स्वरोजगार से वह महीने के 2 से तीन हजार रुपए कमाती हैं। लवंग अपने क्षेत्र के बकरी पालकों को कई जरुरी सेवाएं दे रहीं हैं। इतना ही नहीं पिछले वर्ष बरसात के पहले 840 बकरियों को ईटी और टीटी के टीके लगाकर बकरियों के मृत्यु दर में कमी लाने का काम भी कर चुकी हैं।
केस - 2कटिहार जिले की अहमदाबाद प्रखंड के दक्षिणी अहमदाबाद पंचायत की दीपा कुमारी ने जीविका से जुड़ने के बाद खुद को आत्मनिर्भर बनाया। जीविका स्वंय सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने 20 हजार रुपये का लोन लेकर अपनी किराना की दुकान खोली थी। समूह से दुबारा 50 हजार रुपये का लोन लेकर दुकान का विस्तार किया। इससे उन्हें अब प्रति माह 15 हजार रुपये की आय होती है।
केस - 3शिवहर जिले के पुरनहिया प्रखंड के चिरैया ग्राम निवासी मीरा देवी को भैंस पालन और कुल्हड़ बेचने से 3 लाख 60 हजार की आमदनी होती है। कभी आर्थिक संकट से जूझ रही मीरा देवी जीविका से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं। जीविका स्वयं सहायता समूह से 50 हजार रुपये का ऋण लेकर नई भैंस खरीदी। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई। आर्थिक स्थिति ठीक होने के बाद फिर समूह से 70 हजार रुपए का ऋण लेकर उन्होंने मिट्टी का कुल्हड़ बनाने का प्लांट बैठाया। इससे उन्हें 25 से 30 हजार की कमाई होती है।
Patna Metro: पटना मेट्रो को लेकर CM नीतीश ने दे दिया नया आदेश, जल्द शहरवासियों को मिलेगा भीड़भाड़ से छुटकारा
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना मेट्रो के निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लिया और काम में तेजी के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को मेट्रो स्टेशन के निर्माण से जुड़े अपडेट दिए।
मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान, पीएमसीएच और पटना विश्वविद्यालय. के समीप पटना मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में पटना मेट्रो रेल परियोजना की अद्यतन प्रगति के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी गयी।
मुख्यमंत्री को राजेंद्र नगर, मोइनुलहक स्टेडियम, मलाही पकड़ी, खेमनीचक, पहाड़ी व जीरो माइल मेट्रो स्टेशन के साथ आइएसबीटी में निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन के बारे में जानकारी दी गयी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्ययोजना के अनुरूप पटना मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करें। मेट्रो का निर्माण कार्य पूरा हो जाने से लोगों को आवगमन में काफी सहूलियत होगी। उन्हें भीड़भाड़ से छुटकारा मिलेगा।
मेट्रो के लिए कुल 24 स्टेशन प्रस्तावित- मालूम हो कि पटना मेट्रो रेल परियोजना की स्वीकृति 27 फरवरी 2019 को दी गयी थी। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 31.9 किमी मेट्रो रेललाईन का निर्माण होना है। इसके तहत कुल 24 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
- इस परियोजना का क्रियान्वयन दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन द्वारा किया जा रहा। इसके पर्यवेक्षण का जिम्मा नगर विकास एवं आवास विभाग के पास है।
- मलाही पकड़ी से खेमनीचक, भूतनाथ रोड, जीरोमाइल, पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक मेट्रो लाइन को प्राथमिकता के आघार पर बनाया जा रहा। इस लाइन को इसी वर्ष 15 अगस्त तक चालू करने का लक्ष्य निर्धारित है।
- निरीक्षण के दौरान मु्ख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, डॉ. एस सिद्धार्थ, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि व पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह भी मौजूद थे।
बता दें कि पटना हाई कोर्ट ने गुरुवार को बहुप्रतीक्षित पटना मेट्रो डिपो से जुड़े कानूनी विवाद पर अपना निर्णय सुनाते हुए राज्य सरकार को बड़ी राहत दी है।
न्यायालय ने रानीपुर और पहाड़ी मौजे के भू-स्वामियों की ओर से दायर की गई दर्जनों अपीलों को खारिज कर दिया, जिससे अब मेट्रो परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार और न्यायाधीश पार्थ सारथी की खंडपीठ ने इस मामले में निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया कि पटना मेट्रो डिपो और टर्मिनल का निर्माण अपनी निर्धारित जगह पर ही होगा।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार अब अधिग्रहित भूमि के बदले बढ़ा हुआ मुआवजा देने के लिए बाध्य नहीं होगी।
खंडपीठ ने एकलपीठ के उस पूर्व आदेश को संशोधित कर दिया, जिसमें सरकार को अधिग्रहित जमीन के बदले भू-स्वामियों को 2014 में तय न्यूनतम सर्किल रेट को अद्यतन कर बढ़ी हुई मुआवजा राशि देने का निर्देश दिया गया था
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Tejashwi Yadav: 'जरूरत पड़ी तो 5-6 हिंदू सामने आएंगे'; तेजस्वी यादव का दावा, BJP के MLA बचौल पर निकाली भड़ास
राज्य ब्यूरो, पटना। हिंदुओं का प्रमुख पर्व होली को महज चार रोज रह गए हैं। होली शुक्रवार को मनाई जानी है, उसी दिन जुमे की नमाज भी पढ़ी जानी है। अब इसको लेकर यूपी के बाद बिहार में भी राजनीति शुरु हो गई है।
भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि जुमे की नमाज साल में 52 दिन होती है और होली साल में एक बार आती है। इसलिए बेहतर होगा कि मुस्लिम समाज घर से बाहर नहीं निकले। वरना कोई रंग लगा देगा तो वे इसका गलत अर्थ लगाएंगे। माहौल भी खराब हो सकता है।
अब विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भाजपा विधायक के बयान का पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि घृणा फैलाने के आरोप में भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल की गिरफ्तारी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चाहिए कि वे बचौल को बुलाकर डांटे।
तेजस्वी ने कहा कि सत्ता मिले न मिले, जब तक राजद है, लालू प्रसाद की विचारधारा है, वे किसी को गंगा-जमुनी संस्कृति के विरुद्ध काम करने की अनुमति नहीं देंगे। अगर जरूरत पड़ी तो एक मुस्लिम की सुरक्षा के लिए पांच-छह हिन्दू सामने आएंगे।
तेजस्वी ने सोमवार को बचौल पर तीखी टिप्पणी की। तेजस्वी ने पूछा कि ये राज्य बचौल के पिताजी के बाप का है क्या? बचौल है कौन? बचौल को क्या पता है? मंत्री नहीं बनाया, इसलिए उल्टा-पुल्टा बोल रहे हैं।
उन्होंने इस प्रकरण में जदयू की चुप्पी पर भी प्रश्न किया। उन्होंने कहा कि जदयू आज पूरी तरह भाजपा और आरएसएस के रंग में रंग गया है।
भाजपा पहले पिछड़े, अति पिछड़े और महिलाओं पर हमला बोलती थी। अब मुसलमानों पर हमला कर रही है। लेकिन, यह बिहार है। यहां भाजपा कुछ नहीं कर पाएगी।
JDU प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- RJD ने अल्पसंख्यकों को ठगा, नीतीश कुमार ने दिलाया वाजिब हकजदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने सोमवार को कहा कि राजद ने अल्पसंख्यकों को वोट बैंक बनाया और नीतीश कुमार ने उन्हें वाजिब हक दिलाया। अल्पसंख्यक समाज के वास्तविक हितों की रक्षा को लेकर नीतीश सरकार प्रतिबद्ध है।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा खुद को अल्पसंख्यक समाज का हितैषी कहना ढोंग है। राजद ने केवल अल्पसंख्यकों को गुमराह कर उनके वोट बटोरने की राजनीति की।
लालू-राबड़ी के 15 वर्षों के शासनकाल में अल्पसंख्यक समुदाय को केवल ठगा गया। अल्पसंख्यक समाज के वास्तविक हितों की रक्षा हेतु नीतीश सरकार पूरी तरह से कृत संकल्पित है।
नीतीश कुमार ने कब्रिस्तानों की घेराबंदी, उर्दू शिक्षकों की बहाली, मदरसा शिक्षकों के वेतनमान, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना, तालिमी मरकज और मदरसों के आधुनिकीकरण की योजनाओं को धरातल पर उतारा।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लालू-राबड़ी राज में अल्पसंख्यकों के नाम पर केवल खोखली राजनीति की गई। उनके शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की चिंता कभी नहीं की। बिहार की जनता समझ चुकी है कि राजद का असली मकसद केवल सत्ता हासिल करना है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने सोमवार को बताया कि एनएच-31 के अथमगोला से बाढ़ होते हुए मोकामा तक सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इसके लिए कुल 249.88 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि इसमें कुल 40 किमी के पथांश में 22 किमी लंबाई में आरसीसी नाले का भी निर्माण कराए जाने का प्रविधान है। वह विधानपरिषद में नीरज कुमार के ध्यानाकर्षण का उत्तर दे रहे थे।
जदयू MLC ने उठाया मुद्दाजदयू विधानपार्षद भीसम सहनी ने पश्चिम चंपारण जिला अंतर्गत बगहा रेलवे ढाला पर हो रहे आरओबी निर्माण के एप्रोच कार्य में दरार होने को लेकर ध्यानाकर्षण लाया।
इसपर मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि इंजीनियरों के साथ एनआइटी पटना की टीम से इसकी जांच कराई गई है, जिसमें निर्माण को सुरक्षित बताया गया है। सदस्य की आपत्ति पर वह एनआईटी की तकनीकी टीम से दोबारा इसकी जांच करा लेंगे।
पीएम आवास योजना में अनियमितताभोजपुर के जगदीशपुर नगर पंचायत में पीएम आवास योजना में अनियमितता के प्रश्न पर नगर विकास एवं आवास मंत्री जिवेश कुमार ने सदन को आश्वासन दिया कि 15 दिनों के अंदर मामले की जांच पूरी कर इसी सत्र में कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। वह भगवान सिंह कुशवाहा के ध्यानाकर्षण का जवाब दे रहे थे।
कंगन घाट से दीदारगंज के बीच बन रहे पुल का निर्माण जल्द पूरा करें : नीतीशदूसरी ओर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को जेपी गंगा पथ के तहत कंगन घाट से दीदारगंज के बीच निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा करें। इस मौके पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को यह जानकारी दी कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा।
इस महीने के अंत तक निर्माण कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। साइट मैप के माध्यम से अधिकारियों ने जेपी गंगा पथ परियोजना के तहत रेलवे से हस्तांतरित जमीन पर पटना साहिब से पटना घाट पथ के निर्माण कार्य के बारे में भी जानकारी दी। दीदारगंज- बख्तियारपुर-मोकामा पथ के चौड़ीकरण योजना के बारे में भी मुख्यमंत्री को बताया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपी गंगा पथ का निर्माण दीदारगंज तक हो जाने से बिहारशरीफ, मोकामा और बेगूसराय तक जाने में समय की बचत होगी। लोगों को पटना शहर और पटना के बाहर कहीं भी आने-जाने में सहूलियत होगी। गंगा पथ परियोजना अपने आप में अद्भुत है। इससे यातायात में गतिशीलता आएगी और सहूलियत होगी।
निरीक्षण में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि, विशेष कार्य अधिकारी गोपाल सिंह, पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह, व बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष शीर्षत कपिल अशोक भी मौजूद थे।
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Bihar News: जीविका दीदियों का बढ़ गया काम, बिहार में मनरेगा मजदूरों को भी होली से पहले मिल गई बड़ी खुशखबरी
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के छोटे-बड़े सभी किसानों को ड्रोन के माध्यम से फसलों में किटनाशक-उवर्रक आदि के छिड़काव की सुविधा मिलेगी।
इसके लिए जीविका दीदियों को भी इस योजना से जोड़ा गया है। जीविका दीदियां ड्रोन भी उड़ाएंगी। विधानपरिषद में डॉ. संजीव कुमार सिंह और नीरज कुमार के प्रश्न के उत्तर में सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राज्य में 53 हजार 400 एकड़ खेतों में ड्रोन के माध्यम से छिड़काव करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध 16 हजार एकड़ से अधिक में छिड़काव किया जा चुका है।
इसी प्रश्न के दौरान राजद के सुनिल कुमार सिंह ने अब तक इस कार्य के लिए हुई ड्रोन खरीद के आंकड़े मांगे, इसको लेकर कुछ देर तक पक्ष-विपक्ष के बीच हंगामे जैसी स्थिति भी रही।
इस पर मंत्री ने बताया कि 201 ड्रोन का वितरण अभी तक किया गया है। मंत्री ने बताया कि राज्य के 101 अनुमंडल में 2026 तक 202 कृषि क्लिनिक खोलने का लक्ष्य रखा गया है, जहां फल समेत अन्य फसलों में लगने वाले रोगों का उपचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक 39 कृषि क्लिनिक की स्थापना की जा चुकी है।
सौरभ कुमार के तारांकित प्रश्न के उत्तर में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि मनरेगा की मजदूरी बढ़कर 245 रुपये हुई है। केंद्र सरकार से भी मजदूरी बढ़ाने का आग्रह किया गया है।
कृषि से जुड़े स्वरोजगार से 35.89 लाख जीविका दीदियां बनी आत्मनिर्भरजीविका बिहार में महिला सशक्तीकरण की मिशाल बन चुकी है। बिहार में सर्वाधिक कृषि से जुड़े स्वरोजगार से 35 लाख 89 हजार जीविका दीदियां आत्मनिर्भर बन चुकी है।
कृषि विभाग से समन्वय कर अबतक 515 कस्टम हायरिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र में 5 हजार 178 कृषि उद्यम की स्थापना की गई है।
वहीं, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सहयोग से समेकित मुर्गी विकास के अलावा समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत 8.09 लाख परिवारों को मुर्गीपालन एवं बकरीपालन से जोड़ा गया है।
1.42 लाख परिवार दुग्ध उत्पादन से जुड़े हुए हैं। करीब एक हजार जीविका दीदियां मत्स्य पालन से जुडी हैं। अबतक 5,987 पशु सखियों को प्रशिक्षित किया गया है, जो बकरीपालन करने वाली 5.97 लाख परिवारों को सेवा प्रदान कर रही हैं।
सीमांचल बकरी उत्पादक कंपनी की गई स्थापित- अररिया में सीमांचल बकरी उत्पादक कंपनी स्थापित की गयी है, जिससे अबतक 19 हजार 956 परिवारों को जोड़ा गया है।
- राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड की सहायता से कोशी प्रमंडल में स्थापित कौशिकी दुग्ध उत्पादक कंपनी के अंतर्गत अबतक 829 दुग्ध संग्रहण केंद्र खोले गए हैं।
- अबतक 26,280 पशुपालक दूध की बिक्री इन दुग्ध संग्रहण केंद्रों में कर रहे हैं एवं प्रतिदिन औसतन 70 हजार लीटर दूध का संग्रहण इन केंद्रों के माध्यम से किया जा रहा है।
- मधुमक्खी पालन कार्य के लिए अबतक 490 उत्पादक समूहों का गठन किया गया है। आइआइएम कोलकाता के सहयोग से महिला उद्यमिता के क्षेत्र में अबतक 150 दीदियों का उद्यम विकास किया गया है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने सोमवार को विधानपरिषद में बताया कि विभाग के पास पांच हजार 495 पुल-पुलियों के निर्माण का प्रस्ताव है।
इनमें 600 पुलों का निर्माण इस वित्तीय वर्ष में पूरा होना है, जबकि 400 पुलों का निर्माण अगले वर्ष में किया जाएगा। वह सर्वेश कुमार के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब दे रहे थे।
मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्कता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सेतु योजना की शुरुआत की गई है। इसके लिए जिलों के प्रभारी मंत्री के माध्यम से प्रस्तावित पुलों की संख्या मांगी गई है।
इसके तहत सिर्फ दरभंगा जिले में 210 पुल-पुलियों का निर्माण किया जाना है। डॉ. अजय कुमार सिंह और राजीव कुमार के तारांकित प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि सुपौल जिले में 156 पुल-पुलिया बनाए जाएंगे जबकि खगडि़या में 170 पथों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
चुनाव से पहले दुरुस्त होंगी ग्रामीण सड़कें, हटेगा अतिक्रमण- राज्य के सभी जिलों की ग्रामीण सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
- इसके लिए अप्रैल में पथ निर्माण के अलावा गृह विभाग के सचिव के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनाई जाएगी।
- विधानपरिषद में डॉ. संजीव कुमार सिंह के प्रश्न के जवाब में मंत्री अशोक चौधरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले ग्रामीण सड़कों के गड्ढों को भरकर दुरुस्त करने का टास्क रखा गया है।
- वहीं, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अब्दुल बारी सिद्दीकी के ध्यानाकर्षण के उत्तर में बताया कि मनरेगा में अनियमितता की जांच का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है।
सोमवार को बिहार विधानसभा में सरकार की ओर से चालू वित्तीय 2024-25 के लिए 11,187 करोड़ 14 लाख 17 हजार रुपये का पेश तृतीय अनुपूरक बजट पारित हो गया।
इससे पहले उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा की दूसरी पाली में बिहार विनियोग विधेयक, 2025 पेश किया।
विपक्ष के बहिष्कार के उपरांत विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने उक्त विधेयक को सत्तापक्ष के बहुमत के आधार पर मंजूरी दी।
इससे पहले उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में कहा कि 2024-25 के लिए 11187 करोड़ का तृतीय अनुपूरक बजट है।
इसमें वार्षिक स्कीम मद में 9237 करोड़ और स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय में 1949 करोड़ प्रविधान किया गया है। वहीं, राज्य स्कीम मद में सबसे अधिक 4974 करोड़ का प्रविधान किया गया है।
इसमें सबसे अधिक राशि मेडिकल कालेज अस्पताल, एनएनएम और जीएनएम स्कूल के निर्माण पर खर्च की जाएगी। जबकि केंद्रांश और राज्यांश मिलकार सबसे अधिक राशि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 2293 करोड़ आवंटित किया गया है।
उन्होंने कहा कि वार्षिक स्कीम मध्य में केंद्रीय प्रायोजित स्कीम के तहत केंद्र का 1229 करोड़ और राज्य का 3034 करोड़ यानी कुल 4263 करोड़ प्रविधान किया गया है।
केंद्रीय प्रायोजित स्कीम में पीएम आवास योजना में 951 करोड़ केंद्र का अंश और राज्यांश 1340 करोड़ है। इसके अलावे आंगनबाड़ी पोषण-2 में 71.41 करोड़, वृद्धा अवस्था पेंशन के लिए 61.09 करोड़ आवंटित किया गया है।
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Bihar Jobs: 10000 से अधिक पदों पर भर्ती, 1 तक करें आवेदन; 14 अप्रैल से शुरू हो सकती है परीक्षा
जागरण संवाददाता, पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (Bihar Minister Mangal Pandey) की पहल पर बिहार तकनीकी सेवा आयोग 10 हजार से अधिक पदों पर युद्धस्तर पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया संपादित कर रहा है।
सोमवार को आयोग ने कीट संग्रहकर्ता, लैब-ईसीजी व एक्स-रे टेक्निशियन, ओटी असिस्टेंट के अलावा 3500 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए संभावित परीक्षा तिथि जारी कर दी है।
14 अप्रैल से शुरू हो सकती है परीक्षादो से तीन पालियों में परीक्षा संभावित है। इससे स्वास्थ्य विभाग व गृह विभाग कारा में स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। आयोग के प्रभारी सचिव के पत्रानुसार 01-2025 कीट संग्रहकर्ता पद के लिए परीक्षा की संभावित तिथि 14 अप्रैल से है।
वहीं, 02-2025 प्रयोगशाला तकनीशियन, 03-2025 शल्य कक्ष सहायक, 04-2025 ईसीजी टेक्नीशियन एवं 05-2025 एक्स-रे टेक्नीशियन की परीक्षा 26 अप्रैल से होगी।
06-2025 से 18-2025 विज्ञापन संख्या से विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की परीक्षा की संभावित तिथि 27 अप्रैल घोषित की गई है।
एक अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन:स्वास्थ्य विभाग में 3500 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों समेत 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की जानी है। पैरा मेडिकल के अधिसंख्य पदों पर 1 अप्रैल तक बीटीएससी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
पदनाम पदों की संख्या संभावित परीक्षा तिथि कीट संग्रहकर्ता 35 14 अप्रैल से लैब टेक्निशियन 2969 26 अप्रैल से शल्य कक्ष सहायक 1683 26 अप्रैल से ईसीजी टेक्निशियन 242 26 अप्रैल से एक्सरे टेक्निशियन 1240 26 अप्रैल से रेडियोलॉजिस्ट 184 27 अप्रैल से मनोरोग चिकित्सक 14 27 अप्रैल से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ 542 27 अप्रैल से फिजिशियन 306 27 अप्रैल से पैथोलॉजिस्ट 75 27 अप्रैल से शिशु रोग विशेषज्ञ 617 27 अप्रैल से ऑर्थोपेडिक्स 124 27 अप्रैल से ईएनटी 83 27 अप्रैल से चर्म रोग विशेषज्ञ 86 27 अप्रैल से एनेस्थेटिस्ट 988 27 अप्रैल से जनरल सर्जन 542 27 अप्रैल से माइक्रोबायोलॉजिस्ट 19 27 अप्रैल से नेत्र रोग विशेषज्ञ 43 27 अप्रैल सेये भी पढ़ें- Bihar Jobs 2025: खुशखबरी! नीतीश सरकार ने 4500 पदों पर निकाली भर्ती, ऑनलाइन होगा एग्जाम
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Bihar Jobs: बिहार में नौकरियों की भरमार, नीतीश सरकार ने कर दी एक और बड़ी घोषणा; इस विभाग में होने जा रही भर्ती
राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि राज्य के सरकारी विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए 7279 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति जल्द होगी।
इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेज दी गई है। इसी तरह अनुकंपा के आधार पर 6481 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
वे सोमवार को बिहार विधानसभा में चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत शिक्षा विभाग के तृतीय अनुपूरक बजट 1532 करोड़ 32 लाख 96 हजार रुपये पर हुए चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब दे रहे थे।
हालांकि, विपक्ष ने सरकार के उत्तर का बहिष्कार किया। विपक्ष की गैरमौजूदगी में सदन में अनुपूरक बजट पारित हुआ।
12 केंद्रीय विद्यालयों को जमीन उपलब्ध कराएगी सरकारशिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 50 केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें ऐसे 12 केंद्रीय विद्यालय हैं जिनके पास अपनी जमीन नहीं है।
ऐसे केंद्रीय विद्यालयों को बिहार सरकार द्वारा जमीन उपलब्ध करायी जाएगी। 358 प्रखंडों में डिग्री महाविद्यालय खोलने हेतु शिक्षा विभाग के स्तर से जल्द ही सारी प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
वहीं नौ डिग्री महाविद्यालय पहले से स्थापित करने की प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि इस साल अप्रैल में ही सभी बच्चों को पोशाक की राशि दी जाएगी।
यूनाइटेड नेशंस ने साइकिल माडल को अपनायाशिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा की मुख्यधारा से बालक-बालिकाओं को जोड़ने के लिए 2006-07 में पोशाक योजना शुरू की थी।
इससे स्कूली शिक्षा से बच्चों को जोड़ने में अभूतपूर्व कामयाबी मिली। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2008 में नौवीं कक्षा की लड़कियों के लिए साइकिल योजना शुरू की।
वर्ष 2010 में लड़कों के लिए भी साइकिल योजना शुरू की गई। बिहार में साइकिल योजना लागूृ किए जाने के बाद लड़कियों की पढ़ाई के प्रति बढ़े तेजी से रुझान हुआ।
इससे नारी शिक्षा को बढ़ावा देने और नारी सशक्तीकरण में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ। बिहार की साइकिल योजना पर अमेरिका के एक प्रोफेसर ने अध्ययन किया और यूनाइटेड नेशंस को अपनी रिपोर्ट दी।
यूनाइटेड नेशंस ने लड़कियों को शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ाने में साइकिल योजना की भूमिका की प्रशंसा की। इतना ही नहीं, यूनाइटेड नेशंस ने इस माडल के आधार पर अफ्रीका के जाम्बिया और कुछ अन्य देश में लड़कियों में शिक्षा के प्रति रुचि जगाने हेतु साइकिल स्कीम को लागू कराते हुए धनराशि भी उपलब्ध कराया।
इस साल से 29 हजार सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा होगी शुरूमंत्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में तकनीकी शिक्षा से बच्चों को जोड़ा जा रहा है। इस वर्ष से कक्षा छह से आठ के 29 हजार मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर की पढ़ाई प्रारंभ करायी जाएगी, ताकि हमारे बच्चों को शुरू से कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध हो।
सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर लैब की भी स्थापना की जा रही है। प्रोजेक्ट टेस्ट लर्निंग से बच्चों की पढ़ाई में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
विधायकों की अनुशंसा पर 563 विद्यालयों को जीर्णोद्धारमंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग के स्तर से हर विधायक से उनके क्षेत्र के दस-दस सरकारी विद्यालयों के जीर्णोद्धार के लिए सूची मांगी गई थी।
प्राप्त सूची के आधार पर विभाग द्वारा 563 विद्यालयों का जीर्णोद्धार कार्य कराया जा चुका है। शेष विद्यालयों को जीर्णोद्धार प्रक्रियाधीन है।
शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी- 2005 से पहले शिक्षा का बजट चार हजार करोड़ से कुछ अधिक था
- 2025-26 में शिक्षा का बजट 60,964.87 करोड रुपये है
- राज्य के सरकारी विद्यालयों में 44 प्रतिशत महिला शिक्षक कार्यरत
- 2002 में राज्य में साक्षरता दर 47.5 प्रतिशत थी, 2023 में 80 प्रतिशत साक्षरता
- 2001 में 34 प्रतिशत महिलाएं थीं साक्षर, आज 74 प्रतिशत महिलाएं शिक्षित
- 2005 में उच्च शिक्षा में 1500 करोड़ बजट था, आज 5643 करोड़ का बजट
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राज्य ब्यूराे, पटना। बिहार का विधानसभा बजट सत्र चल रहा है। इस दौरान सदन में पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर जमकर हमलावर हो रहे हैं।
श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह विधानसभा में सोमवार काे अख्तरूल ईमान द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण में शब्दों पर उलझ गए। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें कहा कि आप अपना उत्तर पढ़िए, तब वह अपने जवाब पर केंद्रित हुए।
दरअसल, अख्तरूल ईमान का प्रश्न बिहार से बाहर जाकर काम करने वाले मजदूरों से संबंधित था। उन्होंने इसे मजदूरों का बिहार से पलायन कहा था। उनके प्रश्न में एक जिक्र था कि अगर बिहारी मजदूर बाहर मरते हैं तो उनके लाश को लाने की क्या व्यवस्था है?
श्रम संसाधन मंत्री ने दिया जवाबश्रम संसाधन मंत्री ने कहा कि बिहार के मजदूर अगर बाहर के राज्य में काम करने जाते हैं तो यह पलायन नहीं। उसका नाम-पता तो यहीं का है। देश के किसी राज्य में कोई भी काम कर सकता है। पलायन तो कश्मीरी पंडिताें का था। इसी तरह उन्होंने लाश शब्द पर आपत्ति की और कहा कि लाश नहीं, पार्थिव शरीर कहिए।
श्रम संसाधन मंत्री ने कहा कि बिहारी मजदूर अगर किसी दूसरे राज्य में किसी दुर्घटना में मरते हैं तो उनके पार्थिव शरीर को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है। दिल्ली स्थित बिहार भवन में राज्य सरकार ने इसके लिए अधिकारी तैनात कर रखे हैं।
पटना के नियोजन भवन और दिल्ली के बिहार भवन के लिए टोल फ्री नंबर काम करता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इसके लिए 86 लाख रुपए की व्यवस्था की गयी है।
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Bihar Weather: भीषण गर्मी झेलने के लिए हो जाएं तैयार, 33 डिग्री के पार पहुंचा पारा; अभी और बढ़ेगी मुश्किल
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather: प्रदेश में पछुआ हवा के कारण मौसम शुष्क रहेगा। अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में थोड़ी वृद्धि की संभावना है, जबकि 72 घंटों में अधिकतम में तीन से चार डिग्री व न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री वृद्धि की संभावना है। पछुआ के कारण सुबह-शाम मौसम शुष्क होने के साथ गुलाबी ठंड का प्रभाव बना रहेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में इराक के आसपास और दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में स्थित है। हालांकि, इसका प्रभाव प्रदेश के ऊपर कुछ खास नहीं पड़ेगा। थोड़ा असर पड़ सकता है।
बांका में दर्ज हुआ सबसे कम न्यूनतम तापमानबीते 24 घंटों के दौरान पटना समेत 25 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस, जबकि 11.9 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
बक्सर में 33 डिग्री के पार पहुंचा पारापटना का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 33.5 डिग्री सेल्सियस के साथ बक्सर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
बीते 24 घंटों के दौरान दरभंगा, खगड़िया, मधेपुरा, सुपौल, फारबिसगंज को छोड़ कर पटना सहित जिलों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
प्रदेश का अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस से लेकर 32.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस से 18.7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पटना सहित आसपास इलाकों का मौसम शुष्क बना रहा।
प्रमुख शहरों का तापमान शहर अधिकतम(तापमान डिग्री सेल्सियस में)न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 31.2 17.0 गया 32.3 13.6 भागलपुर 30.5 15.7 मुजफ्फरपुर 29.0 18.2 बक्सर : गेंहू की फसल पर मौसम की मार, किसानों की बढ़ी चिंता
जिले में गेहूं की फसल पर मौसम की प्रतिकूलता का खतरा मंडरा रहा है। तेज धूप और बढ़ते तापमान से फसल को नुकसान हो रहा है, जिसके चलते बाली का आकार छोटा रह रहा है और दाने पुष्ट नहीं हो पाएंगे। इससे उत्पादन में कमी और दानों का वजन घटने की आशंका है, जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
मेहनत और खर्च के बावजूद प्रकृति का मिजाज फसल के पक्ष में नहीं दिख रहा। 20 दिसंबर के बाद बोई गई फसलों पर इसका असर ज्यादा होगा और उत्पादन में 25 प्रतिशत तक की गिरावट संभव है।
तेज धूप से गेहूं के दाने असमय पक रहे हैं, बाली छोटी रह रही है, और सूर्य की तपिश में फसल जल्द सूख रही है, जिससे दाने पतले हो जाएंगे। किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में पटवन करें और पोटैशियम क्लोराइड का छिड़काव करें ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
डॉ. देवकरण, कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख
दिसंबर के अंतिम सप्ताह या उसके बाद बोई गई फसलों पर प्रभाव अधिक होगा, जबकि बाली पूरी तरह लग चुके खेतों में प्रति एकड़ एक किलो पोटैशियम क्लोराइड को 100 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव जरूरी है।
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कक्षा एक से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा आज से, शिक्षा विभाग ने टीचरों और छात्रों के लिए जारी की नई गाइडलाइन
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के करीब 71 हजार सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों के पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों की वार्षिक परीक्षा सोमवार से शुरू होगी।
दो पाली में संचालित होनेवाली यह परीक्षा 20 मार्च तक चलेगी। पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों की मौखिक परीक्षा होगी, जबकि तीसरी से आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं की लिखित परीक्षा होगी।
कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए शिक्षक अपने स्कूल में वीक्षण कार्य नहीं करेंगे। प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष भी होंगे। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच संकुल स्तर पर होगी।
शिक्षा विभाग के निर्देश के मुताबिक, परीक्षा के दौरान उपस्थित बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसे जाएंगे। जिस पाली में जिन बच्चों की परीक्षा होगी, उस पाली में वही बच्चे आएंगे।
शेष बच्चे अपने घर में रह कर परीक्षा की तैयारी करेंगे। परीक्षा के निरीक्षण की भी व्यवस्था रहेगी। परीक्षा कक्ष में दो परीक्षार्थियों के बीच कम-से-कम दो फीट की दूरी रहेगी।
बच्चों को प्रश्न समझने में दिक्कत होगी तो उन्हें वीक्षक सहयोग करेंगे। तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों की लिखित परीक्षा बुकलेट (प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका) में ली जाएगी।
10 मार्च को पहली पाली में इन सब्जेक्ट की परीक्षा10 मार्च को पहली पाली में तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों की पर्यावरण अध्ययन-सामाजिक विज्ञान एवं दूसरी पाली में पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों की भाषा (हिंदी-उर्दू) की मौखिक परीक्षा होगी।
11 मार्च को पहली पाली में तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों की हिंदी व उर्दू एवं दूसरी पाली में तीसरी से आठवीं कक्षा के अहिंदी भाषी बच्चों की हिंदी की परीक्षा होगी।
12 मार्च को पहली पाली में तीसरी से पांचवीं कक्षा के बच्चों की गणित एवं दूसरी पाली में छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों की गणित की परीक्षा होगी।
17 मार्च को अंग्रेजी की परीक्षा- 17 मार्च को पहली पाली में तीसरी से पांचवीं कक्षा के बच्चों की अंग्रेजी एवं दूसरी पाली में छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों की अंग्रेजी की परीक्षा होगी।
- 18 मार्च को छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों की पहली पाली में विज्ञान एवं दूसरी पाली में गणित की परीक्षा होगी।
- 19 मार्च को पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों की पहली पाली में गणित एवं दूसरी पाली में अंग्रेजी की मौखिक परीक्षा होगी। पहली एवं दूसरी कक्षा के बच्चों की मौखिक परीक्षा विद्यालय के वर्ग शिक्षक द्वारा ली जाएगी।
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जागरण टीम पटना/ मुजफ्फरपुर। India Win Champions Trophy: दुबई में रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेला गया।
पटना में तिरंगे के साथ लोगों ने मनाया जश्न। (जागरण)
चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के बाद पूरे देश के साथ बिहार में भी जश्न का माहौल रहा।
भारत की जीत पर लोगों में दिखी खुशी। (जागरण)
चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत को जीत मिलते ही बिहार का आसमान रंग-बिरंगी लाइटों और पटाखों से गूंज उठा।
भारत की जीत पर गूंज गईं गलियां, झूम उठा पटनाछुट्टी के दिन रविवार की दोपहर से पटना के खेल प्रेमी टीवी एवं मोबाइल पर नजरें गड़ा कर बैठ गए थे। घंटों की प्रतीक्षा का परिणाम रात 9 बजकर 49 मिनट पर जैसे ही आया, पटना में जमकर पटाखे छूटे। चैंपियंस ट्रॉफी अपने पास आने पर शांत रहने वाली गलियां तालियों से गूंज उठीं।
पटना के डाकबंगला चौराहे पर जश्न मनाते लोग।
भारत की जीत पर देर रात आराम फरमाने वाले राजधानीवासी खुशी से झूम उठे। रात्रि के अंधेरे में तिरंगा चमका।
तिरंगे और ट्रॉफी के साथ मनाया जश्न।
पटना के बोरिंग रोड, आर ब्लाक, नेहरू पथ, राजीव नगर, पाटलिपुत्रा कॉलोनी आदि इलाकों से भारत माता की जय, वंदे मातरम का उद्घोष सुनाई देता रहा।
जमकर की गई आतिशबाजी।
कभी कप्तान रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर की जय-जय हुई तो कभी कुलदीप और वरुण चक्रवर्ती के लिए तालियां बजीं।
जश्न मनाने को लेकर चौराहे पर उमड़ी लोगों की भीड़।
केएल राहुल और रवींद्र जडेजा की जोड़ी ने जैसे ही एक ओवर पहले लक्ष्य हासिल किया, शहर का नजारा ही बदल गया। खेल प्रेमियों ने भारत की जीत का जश्न एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर मनाया।
जडेजा के विजयी चौका लगाते ही खुशी से झूम उठा शहर, होली के साथ मनी दीपावलीवहीं, दूसरी ओर मुजफ्फरपुर में भी लोगों ने खूब जश्न मनाया। चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में जैसे ही रविंद्र जडेजा ने विजयी चौका लगाया, शहर खुशी से झूम उठा। लोग घरों से निकल सड़क पर उतर आए। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर रंग-गुलाल एवं आतिशबाजी के साथ लोगों ने जीत का जश्न मनाया।
जीत का जश्न मनाते क्रिकेट प्रेमी। (जागरण)
कल्याणी चौक पर देखते-देखते जीत के जश्न में शामिल होने सैकड़ों लोग जुट गए। एक-दूसरे को अबीर लगाकर टीम इंडिया के विश्व चैंपियन बनने की बधाई दी। राज केशरी ने कहा कि मित्रों के साथ मिलकर उन्होंने सुबह में ही जीत का जश्न मनाने के लिए रंग-गुलाल के साथ पटाखे जुटा लिए थे।
लोगों ने जमकर खेली होली। (जागरण)
उनको उम्मीद थी कि भारत चैंपियन बनेगा। इसलिए टीम की जीत के साथ सबने जमकर जश्न मनाया। वहीं सूतापट्टी, कलमबाग चौक, सिकंदरपुर चौक पर जमकर आतिशबाजी हुई।
लोगों ने तिरंगा के साथ जीत का जश्न मनाया। कई उत्साही युवा भारत माता की जयकारा लगाते हुए सड़कों पर दौड़ते नजर आए। वहीं, भारतीय टीम की जीत पर जिला क्रिकेट संघ के सचिव अंशु कुमार, पूर्व खिलाड़ी नरेंद्र शर्मा, आमोद दत्ता, नीरज कुमार, सन्नी वर्मा आदि ने टीम इंडिया को जीत की बधाई दी।
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Bihar News: सिंगला कंपनी पर GST चोरी का आरोप, पटना में 3 ठिकानों पर हुई छापामारी; सामने आया करोड़ों का घालमेल!
जागरण संवाददाता, पटना। निर्माण क्षेत्र की बड़ी कंपनी सिंगला के तीन ठिकानों पर सेंट्रल जीएसटी महानिदेशालय की अलग-अलग तीन टीमों ने छापेमारी की।
इसमें करीब तीन करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी की जानकारी मिली। मामले में सीजीएसटी के अधिकारियों के दवाब पर निर्माण कंपनी के अधिकारियों ने 50 लाख रुपये से अधिक की राशि भी जमा कराई।
मामले में जांच व कार्रवाई जारी है। अब सीजीएसटी महानिदेशालय की टीम कंपनियों के अधिकारियों को नोटिस भेजकर शेष राशि जमा कराने व आवश्यक जानकारी मांगेगी।
बताया जाता है कि सीजीएसटी महानिदेशालय की टीम ने पटना के दो तथा हाथीदह में एक जगह पर टैक्स चोरी को लेकर छापामारी की।
निर्माण कंपनी पर अधिकारी काफी दिनों से नजर बनाए हुए थे। इसमें अधिकारियों को सेंट्रल जीएसटी की चोरी की जानकारी हाथ लगी थी।
यहां हुई छापामारी- इसके बाद सेंट्रल जीएसटी महानिदेशालय की टीम ने सिंगला के पटना में बोरिंग रोड स्थित पुष्पांजलि पैलेस स्थित अपार्टमेंट के फ्लैट में बने कार्यालय, पास स्थित गेस्ट हाउस एवं हाथीदह में औंता-सिमरिया गंगा ब्रिज के कार्यालय में एक साथ छापामारी की।
- इसमें गड़बड़ी को लेकर काफी पेपर भी बरामद किए गए। बताया जाता है कि सिंगला पर तीन करोड़ से अधिक के टैक्स चोरी की देनदारी बन रही थी। इसमें 50 लाख से अधिक राशि निर्माण कंपनी की ओर से जमा कराई गई।
उधर, पटना में एसएसपी अवकाश कुमार शनिवार की आधी रात में शहर के बाहर पुलिस पेट्रोलिंग का निरीक्षण करने निकले।
दीदारगंज, फतुहा, दनियावां के बाद शाहजहापुर थाना पहुंचे। थानों में मौजूद पुलिस पदाधिकारी, मालखाना और संसाधनों का हाल जाना।
साथ थाने में कितने आईओ ने ई-साक्ष्य एप पर केस से संबंधित तथ्यों को अपलोड कर रहे इसके बारे में भी जाना। स्थलीय जांच कर दनियावा और फतुहा में पास ट्रकों की वजह से जाम के पीछे वजह भी पता किए।
यहां नया टोल बना है। टोल से बचने के लिए कई ट्रक चालक दूसरे मार्ग से मुख्य मार्ग की तरफ आ रहे है। उन्होंने मौके पर मौजूद फतुहा एसडीपीओ और थानाध्यक्ष को इससे निजात के लिए आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया।
चारों थाना क्षेत्रों में वह रात करीब साढ़े दस बजे से रात दो बजे तक मौजूद रहे। सड़कों पर थाना पुलिस और डायल-112 की गाड़ी भी दिखी। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को चौकसी और बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
साथ ही गाड़ी में बैठे रहने की बजाए, वहां चेकिंग करने के साथ ही हर समय अलर्ट रहने को कहा। इसके पूर्व वह कोतवाली और राजीव नगर थाने का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
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Patna News: नियोजित शिक्षकों को लेकर CM नीतीश ने कर दिया एक और बड़ा एलान, अब केवल 86 हजार...
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि राज्य में सरकारी शिक्षकों की कुल संख्या अब 5 लाख 65 हजार 427 हाे गयी है। बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उत्तीर्ण 51.389 शिक्षकों को आज अलग-अलग जिलों में नियुक्ति पत्र दिया गया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी स्थित गांधी मैदान में 10 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और कई आला अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी शिक्षकों से वह कहना चाहते हैं कि वे अच्छे से बच्चों को पढ़ाएं और उनका विकास करें। सभी बच्चे मन लगाकर पढ़ें और पढ़ाई में किसी तरह की बाधा नहीं हो इस पर लोग विशेष ध्यान रखें।
लोक सेवा आयोग ने बेहतर ढंग से की नियुक्तियांबिहार लोक सेवा आयोग और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को निर्धारित समय पर बेहतर ढंग से पूरा किया है। इसके लिए वह उन्हें धन्यवाद देते हैं। हर वर्ष राज्य सरकार बजट का लगभग 22 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करती है। इसे और भी बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में शिक्षकों की काफी कमी थी। इस कारण वर्ष 2006-07 में पंचायत और नगर निकायों के माध्यम से बड़े पैमाने पर नियोजित शिक्षकों को नियुक्त किया गया। इनकी कुल संख्या 3.68 लाख है। इनमें 28 हजार नियोजित शिक्षक बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा में उत्तीर्ण होकर सरकारी शिक्षक बन गए।
शेष 3.40 शिक्षक नियोजित शिक्षक बन गए। इस पर हमने तय किया कि इन्हें बीपीएससी की परीक्षा नहीं देनी है। उन्हें अलग से परीक्षा देकर सरकारी शिक्षक बनने के लिए पांच अवसर दिए जाएंगे।
अब तक दो लाख शिक्षकों के लिए सक्षमता परीक्षा का आयोजन हो चुका है। सक्षमता परीक्षा के पहले चरण में 1.87 लाख, 818 नियोजित शिक्षक उत्तीर्ण हुए। वहीं, दूसरी सक्षमता परीक्षा में 66 हजार 143 उत्तीर्ण हुए। अब केवल 86 हजार 39 नियोजित शिक्षक बच गए हैं। इन्हें तीन मौके और दिए जाएंगे।
सभी के उत्थान को लेकर काम कर रही सरकारमुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने आरंभ से ही सभी के उत्थान के लिए काम किया है। बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए और कई स्कूलों में नए वर्ग कक्ष बनाए गए। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सभी पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय खोले गए।
लड़के-लड़कियों के लिए 2006-07 में पोशाक योजना शुरू की गयी। वर्ष 2008 में नौवीं क्लास की लड़कियों के लिए साइकिल योजना शुरू की गयी। वर्ष 2010 में लड़कों के लिए भी साइकिल योजना शुरू की गयी। ग्रेजुएट होने पर लड़कियों को अब 25 हजार की जगह 50 हजार दिए जा रहे।
वहीं, 12 वीं पास होने पर 10 हजार रुपये की जगह 25 हजार रुपये दिए जा रहे। लड़कियां अब अच्छे ढंग से पढ़ रही हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि तथा शिक्षा विभाग के सचिव अजय यादव भी मौजूद थे।
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राज्य ब्यूरो, पटना। पार्टी के प्रदेश कार्यालय के समक्ष रविवार को धरना देकर राजद ने सरकार से आरक्षण में वृद्धि से संबंधित कानून को प्रभावी बनाने की मांग की।
धरना में मुख्य वक्ता विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहे। ताल ठोकते हुए उन्होंने कहा कि हम तमिलनाडु की तर्ज पर 65 प्रतिशत आरक्षण को नौवीं अनुसूची में सम्मिलित कराकर ही दम लेंगे।
महागठबंधन सरकार ने आरक्षण-सीमा को 49.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत किया था। इसे नौवीं अनुसूची में सम्मिलित करने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया था। भाजपा और केंद्र सरकार द्वारा कोई पहल नहीं हुई।
इस कारण पिछड़ा, अति-पिछड़ा, अनुसूचित जाति-जनजाति को लगभग 16 प्रतिशत आरक्षण से वंचित होना पड़ रहा है। ऐसे में इन वर्गों को अब तक लगभग 50 हजार नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है।
नियुक्ति-पत्र देने का आइडिया हमारा था- तेजस्वीतेजस्वी ने कहा कि गांधी मैदान में नियुक्ति-पत्र देने का आइडिया हमारा था। उसकी नकल कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 51389 नियुक्ति-पत्र दिए हैं।
हालांकि, इसमें पिछड़ा, अति-पिछड़ा, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की 8222 नौकरियां सरकार खा गई। यह अन्याय है। आरक्षण का मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय में है।
वकील के माध्यम से राजद इस मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है। सड़क से सदन तक संघर्ष हो रहा है। हमारा संकल्प और प्रण है कि किसी भी कीमत पर आरक्षण को समाप्त नहीं होने देंगे।
अब्दुल बारी सिद्दिकी, शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद, सारिका पासवान, अरुण यादव, प्रमोद कुमार सिन्हा, रितु जायसवाल, अनिल कुमार साधु, भाई अरुण आदि धरना में उपस्थित रहे।
अध्यक्षता पटना के जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक दीनानाथ सिंह यादव ने की। मंच संचालन पटना महानगर अध्यक्ष महताब आलम ने किया।
हमने मुख्यमंत्री को दो बार चिट्ठी लिखी- तेजस्वी- तेजस्वी ने कहा कि हमारे समय में जो 3.5 लाख नियुक्तियां बकाया थीं, उसे ही आज ये लोग बांट रहे। बीपीएससी अभ्यर्थियों के मामले में न्याय के लिए हमने मुख्यमंत्री को दो बार चिट्ठी लिखी, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला।
- लगता है कि उन्हें कुर्सी छोड़ जनहित के किसी दूसरे मामले से मतलब ही नहीं रहा। बिहार में गरीबी, पलायन, मंहगाई पर चर्चा नहीं हो रही।
उधर, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने रविवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जमीन हड़प कर नौकरी देने वाले युवाओं का हितैषी होने का दावा कर रहे।
वहीं नीतीश कुमार की दूरदर्शी नीतियों के कारण बिहार मे सरकारी व निजी क्षेत्रों में निरंतर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। रविवार को 51 हजार से अधिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया।
इसके लिए वह मुख्यमंत्री को बधाई देते हैं। जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में अब तक लगभग 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है।
नीतीश कुमार का लक्ष्य है कि 2025 के चुनाव के पहले 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध करा देंगे। इसके अलावा 38 लाख रोजगार सृजन की दिशा में भी सरकार तेजी से अग्रसर है।
शिक्षक नियुक्ति की सबसे खास बात यह है कि कुल चयनित प्रारंभिक शिक्षकाें में 56 फीसद महिलाएं हैं। ये आंकड़े राज्य में महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश कर रहे।
राजद पर हमला बोलते हुए जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिन लोगों ने अपने शासनकाल में नौकरी देने के बजाए जंगल राज स्थापित कि.वे अब झूठा श्रेय बटोरकर जनता को बरगलाने की कोशिश कर रहे।
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