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चोर चुस्त; चौकसी सुस्त: पटनावाले बाइक चोरों से परेशान, हर महीने 300 गाड़ियां हो रहीं गायब
आशीष शुक्ल, पटना। एक गाड़ी खरीदने के लिए कितने महीने अपने खर्चे कम करने पड़ते हैं और साल-दर-साल ईएमआई भी भरनी पड़ती है। यह वाहन स्वामी से बेहतर कौन समझेगा, लेकिन चोरों के लिए यह इतने महीनों की मेहनत नहीं है। उनके लिए कुछ मिनट का समय ही काफी है।
वाहन चोरी की वजह से थानों में चक्कर लगाने वाले ऐसे पीड़ितों की संख्या दो-चार या दर्जन भर नहीं हैं, बल्कि हर महीने आंकड़ा तीन सौ के पार हो जाता है।
ऐसी स्थित तब है, जब जिले में सड़क से लेकर सीमावर्ती इलाके पहरेदारी, सुबह और शाम में वाहन जांच, कैमरे से निगरानी, गलियों में डायल 112 की टीम और सड़कों पर थाना पुलिस की चौकसी का दावा किया जा रहा है।
चौकसी ऐसी है कि वाहन चोर गिरोह जहां चाहते वहीं से वाहन चोरी कर भूमिगत हो जा रहे। लगातार बढ़ते मामलों के बाद भी पुलिस की कार्रवाई केस दर्ज करने से आगे नहीं बढ़ पा रही है।
यहां तक की सूचना पर अगर पुलिस घटनास्थल पहुंच भी गई तो दो चार जगह सीसीटीवी फुटेज देखकर आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तारी का आश्वासन देते रहती है।
इधर, पुलिस की सुस्ती और उनके कमजोर नेटवर्क का फायदा उठाकर वाहन चोर गिरोह अपना दायरा बढ़ाने के साथ ही घटना को अंजाम देते रहते हैं।
इन इलाकों में सबसे अधिक वाहन चोरीसबसे अधिक वाहन चोरी की शिकायतें कंकड़बाग, गांधी मैदान, कदमकुआं, अगमकुआं में आती हैं। कंकड़बाग, पत्रकारनगर से न्यू बाइपास और ओल्ड बाईपास से होते हुए फरार हो जाते हैं।
इसी तरह गांधी मैदान क्षेत्र में वाहन चोरी कर जेपी गंगा पथ से भाग जाते हैं। वाहन चोरों का गिरोह दीघा क्षेत्र में भी सक्रिय हुए है, जो जेपी गंगा पथ के आसपास से बाइक चोरी कर सीमा पार कर जाते हैं।
बाइक से करते थे शराब की होम डिलीवरीदिसंबर 2024 में लोगों ने बाइक चोरी करते हुए एक बदमाश को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया था। पूछताछ के बाद जक्कनपुर, चित्रगुप्त नगर, आलमगंज व दियारा रुस्तमपुर चार थानों की पुलिस ने वैशाली में दबिश देकर खेत और आसपास के इलाकों से चोरी की 11 बाइक बरामद की।
दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। यह गिरोह बड़े स्तर पर शराब तस्करों को भी चोरी की बाइक को बेचता था।
इसी साल जनवरी में दानापुर, शाहपुर, खगौल और रूपसपुर थाने की संयुक्त टीम ने पतलापुर बाजार स्थित चार गैराज 60 बाइक जब्त की थी।
चोरी की बाइक का लूट, हत्या और रंगदारी में करते इस्तेमालकुछ माह पूर्व कंकड़बाग में रंगदारी नहीं देने पर फायरिंग की गई थी। फायरिंग में इस्तेमाल स्कूटी चोरी की थी। इसके पूर्व पटना सिटी में एक युवक की घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई।
अपराधियों की गिरफ्तारी हुई। वारदात में इस्तेमाल बाइक को भी बरामद किया गया। अपराधियों ने घटना को अंजाम देने के लिए उक्त बाइक को जक्कनपुर क्षेत्र से लूटा था।
घर-बाजार के पास से पांच मिनट में बाइक उड़ा दे रहे हैं शातिर- 18 फरवरी : रात में गांधी मैदान थाना क्षेत्र के सालिमपुर अहरा में स्कूटी चोरी कर ली गई
- 18 फरवरी : लोदीपुर में बाइक गायब कर दी गई
- 21 फरवरी : बिरला मंदिर रोड साईं मंदिर गली के पास से बाइक चोरी हो गई
- 21 फरवरी : एनआइटी घाट के पास से चोरों ने बाइक गायब कर दी
- 22 फरवरी : पीरबहोर में पिलर संख्या 29-30 के पास बाइक खड़ी कर युवक कुछ सामान खरीदने गए थे। पांच मिनट बाद लौटकर आए तो बाइक चोरी हो चुकी थी
- 24 फरवरी : महेंद्रू रेलवे कार्यालय के मुख्य गेट से पांच मिनट में बाइक चोरी कर ली गई
- 25 फरवरी : रात पीएमसीएच के शिशु वार्ड के पीछे से बाइक चोरी कर ली गई
हाल के दिनों में गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी और वाहन भी बरामद किए गए हैं। थाना पुलिस को जैसे ही वाहन चोरी की सूचना मिलती है, तत्काल इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) को सूचित करते हुए वाहन नंबर उपलब्ध कराना है। वहीं, वाहन के नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। -अवकाश कुमार, एसएसपी
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Bihar Politics: औरंगजेब पर बिहार NDA में ही घमासान, जेडीयू नेता ने कर दिया समर्थन; BJP का आया जवाब
एएनआई, पटना। महाराष्ट्र के सपा विधायक अबू आज़मी द्वारा औरंगज़ेब पर टिप्पणी किए जाने के बाद घमासान मच गया है। अब यह मामला बिहार भी पहुंच गया है। बिहार में एनडीए में ही इस मामले पर अलग-अलग सुर दिखाई दे रहे हैं। जेडीयू नेता खालिद अनवर के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
जेडीयू नेता खालिद अनवर ने औरंगजेब को बताया अच्छा शासकखालिद अनवर ने औरंगजेब के समर्थन में बयान देकर बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। जेडीयू नेता खालिद अनवर ने कहा कि ऐतिहासिक शख्सियतों पर चर्चा अकादमिक ही रहनी चाहिए और उसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि इतिहासकारों ने औरंगज़ेब को एक अच्छा शासक बताया है और वह उतना क्रूर नहीं था जितना उसे अक्सर दर्शाया जाता है। औरंगजेब के बारे में लोगों की अलग-अलग राय है। इतिहासकारों ने कहा है कि औरंगजेब एक अच्छा शासक था और वह उतना क्रूर नहीं था जितना उसे दर्शाया जाता है।
एक लॉबी औरंगजेब को क्रूर बता रहीएक लॉबी है जो उसे क्रूर के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रही है। यह एक अकादमिक चर्चा है, और इस पर संसद के पटल या किसी राजनीतिक रैली में चर्चा नहीं की जा सकती। खालिद अनवर ने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि औरंगजेब के खिलाफ इस तरह की गलत सूचना से एक राजनीतिक पार्टी क्या हासिल करना चाहती है।
बीजेपी ने किया जेडीयू नेता पर पलटवारबिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा विधायक तारकिशोर प्रसाद ने जेडीयू नेता को नसीहत देते हुए कहा कि किसी भी नेता को इस तरह के बयान देने से बचने की कोशिश करनी चाहिए। इस तरह के बयान से अच्छा संदेश नहीं जाता है।
औरंगजेब ने जिस तरह से भारत में शासन किया और जिस तरह से उसने एक धर्म का पक्ष लिया और उसके प्रशासन के तरीके क्रूर थे।
हमने हमेशा आजादी के लिए लड़ाई लड़ी है और कई लोगों ने औरंगजेब के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है और अब उसके जैसे शासक की प्रशंसा करने से बचना चाहिए।
अबू आजमी को विधानसभा से कर दिया गया था निलंबितमहाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मुगल बादशाह औरंगजेब पर टिप्पणी करने के लिए समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी को बुधवार को चल रहे बजट सत्र की पूरी अवधि के लिए निलंबित कर दिया। आजमी की टिप्पणी के खिलाफ महाराष्ट्र विधानसभा में आज एक प्रस्ताव लाया गया।
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Railway Promotion: रेलवे ने बदला प्रमोशन का नियम, अब नहीं चलेगी पैरवी; कर्मचारियों की राह मुश्किल
जागरण संवाददाता, पटना। रेलवे बोर्ड की उच्च स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं आरआरबी द्वारा केंद्रीयकृत परीक्षा सीबीटी के माध्यम से की जाएंगी। सभी क्षेत्रीय रेलवे परीक्षा के लिए एक कैलेंडर बनाया जाएगा। सभी परीक्षाएं कैलेंडर के आधार पर आयोजित की जाएंगी।
कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) में उम्मीदवारों को उनके प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिकाएं और सही उत्तर कुंजियां दिखाई जाती हैं। उन्हें प्रश्नों और उत्तर कुंजियों की शुद्धता के बारे में आपत्ति (यदि कोई हो तो) उठाने का अवसर भी दिया जाता है। पात्रता के सभी महत्वपूर्ण डेटा जैसे जाति, प्रमाण पत्र संख्या, मोबाइल नंबर, पहचान के निशान, फोटो और हस्ताक्षर, जन्म तिथि और योग्यता स्पष्ट रूप से परिभाषित और कैप्चर की गई।
बता दें कि अब तक बिना किसी शिकायत के पूरी पारदर्शिता के साथ आरआरबी द्वारा परीक्षाएं आयोजित की जाती रहीं हैं। 2015 से लेकर आज तक सात करोड़ से अधिक उम्मीदवारों की परीक्षा बिना किसी पेपर लीक, प्रतिरूपण, रिमोट लाग-इन और जासूसी उपकरणों के उपयोग द्वारा कंप्यूटर आधारित परीक्षणों के माध्यम से ली गई है।
आरआरबी ने खुली निविदा के माध्यम से एजेंसी का चयन किया थाआरआरबी द्वारा परीक्षा आयोजित करने के लिए खुली निविदा के माध्यम से विभिन्न मापदंडों को पूरा करने वाली एजेंसी का चयन किया गया था। रेलवे टीम द्वारा परीक्षा केंद्र का आडिट यथा बाहर बाथरूम की अनुमति नहीं, 100प्रतिशत सीसीटीवी कवरेज और रिकार्डिंग परीक्षा से दो घंटे पहले और परीक्षा के एक घंटे बाद तक की जाती है। सीसीटीवी से निगरानी की व्यवस्था की गई है।
परीक्षा केंद्र के बारे में जानकारी 10 दिन पहले बताई जाती हैपरीक्षा के शहर के बारे में जानकारी परीक्षा की वास्तविक तिथि से लगभग 10 दिन पहले बताई जाती है। परीक्षा का स्थान, केंद्र परीक्षा से केवल चार दिन पहले उपलब्ध कराया जाता है। परीक्षा केंद्र को मैन्युअल हस्तक्षेप से बचते हुए कम्प्यूटरीकृत माध्यम से आवंटित किया जाता है।
केंद्र के अंदर प्रयोगशाला का आवंटन और बफर नोड्स सहित नोड्स, सभी स्वचालित होते हैं। नकली आवेदनों का पता लगाने के लिए आवेदन पर क्यूआर कोड तथा उम्मीदवार की वास्तविकता स्थापित करने के लिए एडमिट कार्ड पर बारकोड।
परीक्षा केंद्रों में उम्मीदवारों की जांच मेटल डिटेक्टरों से की जाती है। प्रवेश से पहले और परीक्षा के बीच में तथा प्रत्येक बायो ब्रेक के बाद बायोमेट्रिक उपस्थिति (एलटीआई और डिजिटल दोनों) ली जाती है।
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Bihar Politics: 1990 में कैसे बिहार के CM बने लालू यादव? ललन सिंह ने बताई 35 साल पुरानी कहानी, नीतीश कुमार का...
एएनआई, पटना। बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया है। अब इस बयान पर केंद्रीय मंत्री सह मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है।
ललन सिंह ने लालू यादव पर साधा निशानाकेंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने तेजस्वी यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लालू यादव और तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि साल 1990 में जब लालू यादव बिहार के सीएम बने तो नीतीश कुमार की वजह से बने।
नीतीश कुमार ने रात-रातभर जागकर लालू यादव के लिए प्रचार किया और उन्हें सीएम बनाया। एक भी विधायक लालू यादव के समर्थन में नहीं था, वो खुद अपने प्रस्तावक थे और एक विधायक थे शिवशंकर।
तेजस्वी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं : ललन सिंहकेंद्रीय मंत्री ने तेजस्वी यादव द्वारा बजट पर लेकर की गई प्रतिक्रिया पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब बजट अच्छा है तो ये लोग कह रहे हैं कि ये सरकार बचाने वाला बजट है।
इस दौरान तेजस्वी को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने ये भी कहा कि जब कुछ किया ही नहीं तो क्या ही करेंगे। ललन सिंह ने अपने बयान में ये भी कहा कि तेजस्वी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।
चारा घोटाले का जिक्रकेंद्रीय मंत्री ने चारा घोटाले का जिक्र करते हुए भी लालू यादव पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एच डी. देवेगौड़ा जब देश के प्रधानमंत्री थे तब लालू यादव प्रधानमंत्री बनने के लिए दिल्ली गए थे। तभी उनका नाम चारा घोटाले में आ गया और पीएम बनने का सपना पूरा नहीं हुआ।
सीएम नीतीश के बयान से शुरू हुआ घमासान4 मार्च मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा था कि लालू यादव को मुख्यमंत्री उन्होंने बनवाया था। इस बयान के बाद से ही बिहार में सियासी घमासान मच गया।
तेजस्वी यादव ने दावा कर दिया कि एक बार नहीं बल्कि दो-दो बार उन्होंने नीतीश कुमार को सीएम बनाया है। वहीं, अब केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने सीएम नीतीश के बयान का समर्थन किया है।
महागठबंधन में शुरू हो गया प्रेशर पालिटिक्स का गेम : प्रभाकरभाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र कहा कि बिहार में विपक्षी कुनबे में बिखराव की पटकथा तैयार हो चुकी है और विधानसभा चुनाव के पहले विपक्षी गठबंधन का नामो-निशान बिखर जाएगा।
- प्रभाकर ने कहा कि विपक्ष के बीच प्रेशर पालिटिक्स शुरू हो चुकी है। महागठबंधन में सम्मिलित सभी दल बड़ी संख्या में अपने लिए सीटों के दावे कर रहे हैं। कांग्रेस ने 70 सीटों की मांग की है, जबकि राजद कांग्रेस को सस्ते में हटाने की तैयारी कर रहा है।
- वामदल और वीआइपी का मुंह खुलना अभी बाकी है। इनके दावे जब सामने आएंगे तो तेजस्वी के पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी। महागठबंधन में कुश्ती के लिए अखाड़ा तैयार हो चुका है।
- राजद अपने सहयोगी दलों को पटखनी देकर ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक रहा है। यही नहीं, सहयोगियों को सस्ते में हटाकर ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की फिराक में है।
प्रभाकर ने कहा कि राजद के वरिष्ठ नेता 1990 से पहले और 1990 के बाद के बिहार की तुलना कर कांग्रेस शासनकाल की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
कांग्रेस शासनकाल को सामंती बताया जा रहा। भागलपुर दंगे के लिए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी कांग्रेस को कोस रही हैं। ऐसे में यह तय हो चुका है कि विधानसभा चुनाव के पहले विपक्षी गठबंधन का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
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Bihar Weather Today: बिहार में फिर पलटी मारेगा मौसम, तेज हवाओं के साथ इन इलाकों में होगी बारिश; IMD ने जारी किया अलर्ट
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: पूर्वोत्तर असम और इसके आसपास एक चक्रवातीय परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है। आठ और नौ मार्च के आसपास पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पश्चिमी हिमालय को प्रभावित करेगा। इसके कारण आठ और नौ मार्च को उत्तर पूर्व व दक्षिण पूर्व भागों के एक या दो स्थानों पर हल्की वर्षा का पूर्वानुमान है।
30 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के आसारअगले 24 घंटों के दौरान पटना सहित अधिसंख्य भागों में 10-20 किमी प्रतिघंटा व झोंके के साथ 30 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार के साथ सतही हवा का प्रवाह जारी रहेगा।
मौसम विभाग ने नाविकों तथा नदी से यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है।
10 शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावटमौसम में हुए बदलाव के कारण पटना समेत 10 शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस, जबकि 12.9 डिग्री सेल्सियस के साथ जीरादेई (सिवान) में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
पटना का अधिकतम तापमान चार डिग्री गिरावट के साथ 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि, 30.8 डिग्री सेल्सियस के साथ छपरा में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। बुधवार को पटना समेत 30 शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना व आसपास इलाकों में तेज हवा का प्रवाह बने होने के साथ मौसम सामान्य बना रहा।
प्रमुख शहरों के तापमान में गिरावट शहरगिरावट (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
तापमान (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
पटना 3.9 26.7 भोजपुर 5.3 25.5 बक्सर 5.3 27.5 गोपालगंज 4.6 26.4 अरवल 4.7 25.0 औरंगाबाद 4.8 28.1 सासाराम 5.1 25.5 राजगीर 3.2 26.6 गया 2.8 28.0 डेहरी 2.2 29.6 भोजपुर 5.3 25.5 प्रमुख शहरों का तापमान शहरअधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
पटना 26.7 17.0 गया 28.8 17.2 भागलपुर 28.6 17.8 मुजफ्फरपुर 26.3 16.6 गया: मौसम में बदलाव से बढ़ी किसानों की चिंतागया में 5 मार्च को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस समय गेहूं, दलहन और सब्जियों की फसलें अभी पूर्ण रूप से तैयार भी नहीं हुई हैं। यदि तापमान की यही स्थिति बनी रही तो फसलों की उत्पादकता पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
आमस कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ पंकज तिवारी (पादप रोग विज्ञान) के अनुसार रबी की फसलें मुख्यतः ठंडे मौसम की फसलें होती हैं, जिसका समय अक्टूबर से मार्च तक होता है।
गेहूं के लिए 24-26 डिग्री सेल्सियस अधिकतम और 10-12 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान उपयुक्त होता है। बढ़े हुए तापमान से फसलों में जल्दी परिपक्वता होगी। इससे दाने का वजन और गुणवत्ता प्रभावित होगी। उत्पादन में 10-15% तक की कमी संभावित है।
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कामाख्या-आनंद विहार, नारंगी-गोरखपुर और कटिहार-अमृतसर के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें; जानें रूट और टाइमिंग
जागरण संवाददाता, पटना। होली के अवसर पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर रेलवे द्वारा कई स्पेशल ट्रेनों (Holi Special Trains List) का परिचालन किया जा रहा है।
इसी क्रम में नारंगी-गोरखपुर, कटिहार-अमृतसर, कामाख्या-आनंद विहार के मध्य एक-एक जोड़ी तथा गोमतीनगर से भागलपुर एवं मालदा टाउन, गोरखपुर से हावड़ा एवं आसनसोल तथा गाजीपुर सिटी से सियालादह के मध्य एक-एक वन-वे होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।
गाड़ी सं. 02525/02526 कामाख्या-आनंद विहार-कामाख्या होली स्पेशल का परिचालन कामाख्या से सात से 28 मार्च तक प्रत्येक शुक्रवार को तथा आनंद विहार से नौ मार्च से 30 मार्च तक प्रत्येक रविवार को किया जाएगा।
कामाख्या-आनंद विहार-कामख्या ट्रेन का रूटकामाख्या से रात 10.45 बजे प्रस्थान करेगी तथा हाजीपुर से 4.20 बजे, पाटलिपुत्र से शाम 5.20 बजे, दानापुर से शाम 5.42 बजे, आरा से 6.20 बजे, बक्सर से शाम 7.12 बजे होते हुए आनंद विहार पहुंचेगी।
वापसी में गाड़ी आनंद विहार से शाम 5.20 बजे चलेगी। इस गाड़ी में वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का एक, वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी श्रेणी के 13, शयनयान श्रेणी के चार, साधारण द्वितीय श्रेणी के दो कोच लगाए जाएंगे।
नारंगी-गोरखपुर-नारंगी ट्रेन का रूटगाड़ी सं. 05633/05634 नारंगी-गोरखपुर-नारंगी होली स्पेशल का परिचालन नारंगी से छह मार्च से 27 मार्च तक प्रत्येक गुरुवार को तथा गोरखपुर से सात मार्च से 28 मार्च तक प्रत्येक शुक्रवार को परिचालित की जाएगी।
नारंगी से दिन के 1.20 बजे तथा गोरखपुर से रात 8.55 बजे खुलेगी। इस स्पेशल में शयनयान श्रेणी के 18, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी का एक, सामान्य द्वितीय श्रेणी के दो तथा एसएलआरडी के दो कोचों सहित कुल 23 कोच लगाए जाएंगे।
कटिहार-अमृतसर-कटिहार ट्रेन का रूटगाड़ी संख्या 05734/05733 कटिहार-अमृतसर-कटिहार होली स्पेशल का परिचालन कटिहार से छह मार्च से से 27 मार्च तक प्रत्येक गुरुवार को तथा अमृतसर से आठ से 29 मार्च तक प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा।
कटिहार से दिन के 11.40 बजे तथा अमृतसर से सुबह 4.20 बजे चलेगी। इस गाड़ी में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के तीन, शयनयान श्रेणी के पांच, साधारण द्वितीय श्रेणी के चार तथा वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के एक कोच लगाए जाएंगे।
चलेंगी पांच वन-वे होली स्पेशल- छह मार्च को गाड़ी संख्या 05084 गोमतीनगर-मालदा टाउन वन-वे स्पेशल दोपहर 2.20 बजे चलेगी
- छह मार्च को गाड़ी संख्या 05092 गाजीपुर सिटी-सियालदह वन-वे स्पेशल दिन के 1.55 में चलेगी।
- सात मार्च को गाड़ी संख्या 05086 गोमतीनगर-भागलपुर वन-वे स्पेशल दिन के 2.20 बजे चलेगी
- सात मार्च को गाड़ी संख्या 05088 गोरखपुर-आसनसोल वन-वे स्पेशल गाड़ी रात 8.50 बजे चलेगी
- नौ मार्च को गाड़ी संख्या 05090 गोरखपुर-हावड़ा वन-वे स्पेशल रात 11.15 बजे चलेगी
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Bihar Jobs 2025: युवाओं के लिए गुड न्यूज, सरकार 2473 पदों पर करेगी भर्ती; जल्द निकलेगा नोटिफिकेशन
जागरण संवाददाता, पटना। सरकारी नौकरी के लिए हाई कोर्ट से लेकर विभाग तक दौड़ लगाने वाले डिप्लोमा फार्मासिस्ट छात्रसंघ के प्रतिनिधिमंडल बुधवार को प्रकाशित 10 हजार रिक्तियों में खुद को न पाकर, इतने मायूस हुए कि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के पास पहुंच गए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा सबसे पहले डिप्लोमा फार्मासिस्ट रिक्तियों की अधियाचना प्रकाशित करने का आग्रह भेजने पर भी देरी से उन्हें अवगत कराया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वस्त किया कि अभी कुछ पदों पर नियुक्तियों का विज्ञापन निकाला गया है और अन्य का जल्द प्रकाशित होगा।
इस महीने निकलेगा नोटिफिकेशनइस माह डिप्लोमा फार्मासिस्ट की रिक्तियों का विज्ञापन भी प्रकाशित हो जाएगा। बताते चलें 19 वर्ष पूर्व डिप्लोमा फार्मासिस्ट पदों पर नियुक्ति निकली थी।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को विज्ञापन प्रकाशन में देरी संबंधी आवेदन देते डिप्लोमा फार्मासिस्ट छात्रसंघ के पदाधिकारी। जागरण
डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गेनाइजेशन छात्र संघ, के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से 2473 पदों पर नियुक्ति की अधियाचना भेजी गई है।
'आयोग के स्तर से हो रही देरी'स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि चार माह पूर्व ही विभाग ने विज्ञापन प्रकाशन के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग को अधियाचना भेज दी थी। आयोग के स्तर से विज्ञापन प्रकाशन में देरी हो रही है।
अरविंद ने बताया कि हाईकोर्ट ने लोकसभा चुनाव खत्म होने के तीन माह के अंदर सिर्फ डिप्लोमा फार्मासिस्टों की नियमित नियुक्ति हेतु विज्ञापन प्रकाशित कर नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश दिया था। आठ माह में भी विज्ञापन नहीं निकलने पर हाई कोर्ट में अवमानना वाद याचिका विचाराधीन है।
रेलवे की सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं आरआरबी सीबीटी के माध्यम से कराएगादूसरी ओर, रेलवे बोर्ड की उच्च स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं आरआरबी द्वारा केंद्रीयकृत परीक्षा सीबीटी के माध्यम से की जाएंगी। सभी क्षेत्रीय रेलवे परीक्षा के लिए एक कैलेंडर बनाया जाएगा। सभी परीक्षाएं कैलेंडर के आधार पर आयोजित की जाएंगी। कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) में उम्मीदवारों को उनके प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिकाएं और सही उत्तर कुंजियां दिखाई जाती हैं। उन्हें प्रश्नों और उत्तर कुंजियों की शुद्धता के बारे में आपत्ति (यदि कोई हो तो) उठाने का अवसर भी दिया जाता है।
पात्रता के सभी महत्वपूर्ण डेटा जैसे जाति, प्रमाण पत्र संख्या, मोबाइल नंबर, पहचान के निशान, फोटो और हस्ताक्षर, जन्म तिथि और योग्यता स्पष्ट रूप से परिभाषित और कैप्चर की गई। बिना किसी शिकायत के पूरी पारदर्शिता के साथ आरआरबी द्वारा परीक्षाएं आयोजित की जाती रहीं हैं। 2015 से लेकर आज तक सात करोड़ से अधिक उम्मीदवारों की परीक्षा बिना किसी पेपर लीक, प्रतिरूपण, रिमोट लॉग-इन और जासूसी उपकरणों के उपयोग द्वारा कंप्यूटर आधारित परीक्षणों के माध्यम से ली गई है।
आरआरबी द्वारा परीक्षा आयोजित करने के लिए खुली निविदा के माध्यम से विभिन्न मापदंडों को पूरा करने वाली एजेंसी का चयन किया गया था। रेलवे टीम द्वारा परीक्षा केंद्र का आडिट यथा बाहर बाथरूम की अनुमति नहीं, 100प्रतिशत सीसीटीवी कवरेज और रिकार्डिंग परीक्षा से दो घंटे पहले और परीक्षा के एक घंटे बाद तक की जाती है। सीसीटीवी से निगरानी की व्यवस्था की गई है।
परीक्षा के शहर के बारे में जानकारी परीक्षा की वास्तविक तिथि से लगभग दस दिन पहले बताई जाती है। परीक्षा का स्थान, केंद्र परीक्षा से केवल चार दिन पहले उपलब्ध कराया जाता है। परीक्षा केंद्र को मैन्युअल हस्तक्षेप से बचते हुए कम्प्यूटरीकृत माध्यम से आवंटित किया जाता है। केंद्र के अंदर प्रयोगशाला का आवंटन और बफर नोड्स सहित नोड्स, सभी स्वचालित होते हैं।
नकली आवेदनों का पता लगाने के लिए आवेदन पर क्यूआर कोड तथा उम्मीदवार की वास्तविकता स्थापित करने के लिए एडमिट कार्ड पर बारकोड। परीक्षा केंद्रों में उम्मीदवारों की जांच मेटल डिटेक्टरों से की जाती है। प्रवेश से पहले और परीक्षा के बीच में तथा प्रत्येक बायो ब्रेक के बाद बायोमेट्रिक उपस्थिति (एलटीआई और डिजिटल दोनों) ली जाती है।
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Bihar: नीतीश सरकार ने दी खुशखबरी! बिहार में बनेंगी 18000 KM लंबी सड़कें, नेशनल हाईवे भी बनेंगे
राज्य ब्यूरो, पटना। ग्रामीण क्षेत्रों में दो वित्तीय वर्ष के भीतर 18000 किलोमीटर लंबाई में सड़कें बनाई जाएंगी। विधानसभा में बुधवार को यह जानकारी ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने दी। इनमें से 9000 किलोमीटर में इसी वित्तीय वर्ष निर्माण कार्य हो जाएगा। शेष 9000 किलोमीटर अगले वर्ष में। सरकार का प्रयास विधानसभा चुनाव से पहले निर्माण करा लेने का है।
सीतामढ़ी जिला में एक खस्ताहाल सड़क के संदर्भ में मुकेश कुमार यादव ने प्रश्न किया था। दूसरा प्रश्न मनोहर प्रसाद सिंह का था। वे कटिहार जिला के अमदाबाद प्रखंड में डेढ़ किलोमीटर लंबाई में सड़क नहीं होने 10 हजार की जनसंख्या की परेशानी का उल्लेख किए। ग्रामीण सड़कों के संदर्भ में ऐसे ही लगभग आधा दर्जन प्रश्न थे।
रामबली सिंह यादव के प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष ग्रामीण सड़कों के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दे। इस विभाग का मंत्री रहते उनके नेता (तेजस्वी प्रसाद यादव) ने तो कुछ भी नहीं किया। उनके नेता जब आए थे तब राज्य में मात्र आठ हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कें थीं।
आज उसकी लंबाई बढ़कर एक लाख 17 हजार किलोमीटर हो गई है। ग्रामीण सड़कों के निर्माण में कोई भेदभाव नहीं किया गया है कि यह एनडीए विधायक का क्षेत्र है या राजद का। उल्लेखनीय है कि चौधरी के उत्तर के समय ही मुख्यमंत्री सदन में आए थे।
एनएच बनाने के लिए चिह्नित की जा रहीं कुछ और सड़केंविधानसभा में बुधवार को एक प्रश्न के उत्तर में सरकार ने बताया कि अभी बिहार में जनसंख्या घनत्व के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की लंबाई भले ही कम हो, लेकिन क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से यह राष्ट्रीय औसत से डेढ़ गुना अधिक है। राज्य में कुछ और सड़कें भी एनएच घोषित की जाएंगी। इसके लिए योग्य सड़कों को चिह्नित किया जा रहा है। प्रश्न अरुण शंकर प्रसाद का था।
अखबार की एक खबर के हवाले से उनका कहना था कि बिहार में मात्र 36 एनएच हैं, जिनकी कुल लंबाई 6131.80 किलोमीटर है। देश में एनएच 146145 किलोमीटर है। बिहार की तुलना में महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक आदि में एनएच अधिक है। इसी के साथ उन्होंने पूछा था कि क्या यह सही नहीं है कि 2005 में राष्ट्रीय स्तर पर एनएच में बिहार की भागीदारी 5.4 प्रतिशत थी। वह घटकर अभी 4.04 प्रतिशत रह गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत छह प्रतिशत का है।
उत्तर में पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि 2005 में राज्य में दो-लेन और फोर-लेन सड़कों की लंबाई क्रमश: 1200 और 800 किलोमीटर थी। वह बढ़कर अब क्रमश: 2000 और 2600 किलोमीटर हो गई है। तब एनएच की लंबाई बिहार में मात्र 3600 किलोमीटर थी, जो बढ़कर अब 6000 किलोमीटर हो गई है। क्षेत्रफल (प्रति हजार किलोमीटर) के हिसाब से राष्ट्रीय औसत 39 किलोमीटर का है, जो बिहार में 60 किलोमीटर है।
अब राज्य में छह लेन की सड़कों का भी निर्माण हो रहा है। इसमें आमस-दरभंगा, पटना-बेतिया, आरा-सासाराम, वाराणसी-कोलकाता के अलावा राम जानकी मार्ग और बक्सर-चौसा मार्ग हैं। हम ग्रीन-फील्ड एलायनमेंट की ओर बढ़ चले हैं और बिहार को कई एक्सप्रेस-वे भी मिले हैं। इसी के साथ मंत्री ने काम में देरी, अड़चन या निर्माण एजेंसी के फिसड्डी होने जैसी शिकायतों को सही नहीं माना।
देरी तो हुई, फिर भी रैयतों को मिलेगा मुआवजा:मुंगेर जिला में गोगरी से हरिणमार-झौवा बहियार तक सड़क से जुड़े पुल निर्माण के लिए 2012 में ही किसानों की भूमि ली गई थी। उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिला। प्रवण कुमार का प्रश्न था कि मुआवजा कब तक मिलेगा।
नितिन ने बताया कि रैयतों में से एक मो. सबुल 2023 में उच्च न्यायालय चले गए थे। पिछले वर्ष 13 अगस्त को न्यायालय ने मुआवजा भुगतान का आदेश दिया है। मुआवजे के लिए जिला प्रशासन द्वारा दर का निर्धारण किया जा रहा है। उसके बाद भुगतान कर दिया जाएगा।
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BPSC Teacher: बीपीएससी पास अभ्यर्थियों को मिल गई एक और खुशखबरी, 9 मार्च को मिलेगा नियुक्ति पत्र
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित और अनुशंसित 51,389 शिक्षकों को नौ मार्च को औपबंधिक नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
इनमें आठ जिलों के 10,739 शिक्षकों को गांधी मैदान में पूर्वाह्न ग्यारह बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियुक्ति-पत्र देंगे। इन जिलों में पटना, नालंदा, भोजपुर, जहानाबाद, अरवल, सारण, वैशाली और मुजफ्फरपुर शामिल है।
इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम की तैयारी करने का दिशा-निर्देश दिया गया है।
प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला द्वारा दिए गए निर्देश में कहा गया है कि पटना के गांधी मैदान में जिन आठ जिलों के चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, उन शिक्षकों को संबंधित जिलाधिकारियों को लाने-ले जाने की व्यवस्था करने होगी।
वहीं अन्य 30 जिलों के शिक्षकों को नियुक्ति-पत्र संबंधित जिला मुख्यालयों में दिए जाएंगे। जिलों में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षकों को नियुक्ति-पत्र दिए जाएंगे, उसमें जिले के प्रभारी मंत्री को आमंत्रित किया जाएगा।
आठ जिलों के चयनित शिक्षक गांधी मैदान पहुंचेंगे- एक सौ शिक्षकों को मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्री व्यक्तिगत रूप से नियुक्ति-पत्र सौंपेंगे। आठ जिलों के चयनित शिक्षक गांधी मैदान पहुंचेंगे।
- अन्य जिलों में आयोजित नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक-अधिकारी गांधी मैदान के कार्यक्रम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहेंगे।
- निर्देश में कहा गया है कि बड़ी संख्या में दूर-दूर से शिक्षक अभ्यर्थी आएंगे, इसलिए कार्यक्रम स्थल पर एंबुलेंस की भी व्यवस्था जिलाधिकारी करेंगे। सभी जिलों के शिक्षकों के बैठने की अलग-अलग व्यवस्था होगी।
सारण जिले से 2250 अभ्यर्थी सफल है। इनमें से चयनित अभ्यर्थी 45 बसों पर सवार होकर पटना जाएंगे। बताया जाता है कि इसके लिए मुख्य समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा।
इसमें अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र देंगे। इसके साथ ही सभी जिला मुख्यालयों में भी नियुक्ति पत्र का वितरण किया जाएगा।
जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रमंडलीय आयुक्त, डीआइजी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, आरडीडीई, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी समेत विधायक, सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में तैयारी चल रही है। बताया जाता है कि बिहार लोक सेवा आयोग से लिंक आने पर अभ्यर्थियों का औपबंधित नियुक्ति पत्र डाउनलोड किया जाएगा।
जिन अभ्यर्थियों का नियुक्ति पत्र डाउनलोड होगा, उन्हें ही पटना मुख्य समारोह में भाग लेने के लिए भेजा जाएगा। इसको लेकर बुधवार को शिक्षा विभाग के पदाधिकारी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया गया है।
बताया जाता है कि 1700 अभ्यर्थियों को पटना में नियुक्ति पत्र देने की तैयारी चल रही है। होली से पहले अभ्यर्थियों को नियुक्त पत्र मिल रहा है। इससे अभ्यर्थियों में भी काफी खुशी है।
अभ्यर्थी ममता तिवारी ने बताया कि सरकार होली के पहले नियुक्ति पत्र दे रही है, इससे काफी खुशी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा अभी इस संबंध में उन्हें कोई सूचना नहीं मिला है।
उल्लेखनीय हो कि नियुक्ति पत्र से पहले री काउंसलिंग पूरी कर ली गई है। बीपीएससी टीआरई 3.0 में प्राइमरी से लेकर प्लस टू कक्षाओं तक के शिक्षक पदों के लिए चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं।
सारण जिले में बस से शिक्षकों को भेजने के लिए अभी से ही तैयारी शुरू कर दी गई है। एक बस पर 50 अभ्यर्थियों को पटना भेजा जाएगा।
प्रत्येक बस के लिए एक नोडल भी नियुक्त किया गया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त नोडल के दिशा निर्देश में अभ्यर्थियों को पटना भेजा जाएगा।
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Bihar Land Suvey: जमीन मालिक ध्यान दें! सभी जिलों में होने जा रहा यह काम, सर्वे को लेकर जारी हुआ नया ऑर्डर
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सभी 38 जिलों में असर्वेक्षित भूमि का भी सर्वेक्षण होगा। यह सर्वे उन जिलों में जारी सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का काम समाप्त होने के बाद किया जाएगा।
विधानपरिषद में बुधवार को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में चार मार्च को ही विभागीय निर्देश जारी किया गया है।
एक कमेटी का किया गया गठन- जदयू सदस्य नीरज कुमार के टोपोलैंड से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि असर्वेक्षित भूमि के अतिरिक्त टोपोलैंड का भी सर्वे कराया जाना है। इसके संबंध में एक कमेटी का गठन किया गया है।
- विधि विभाग का मंतव्य अभी प्राप्त नहीं है। विधि विभाग का मंतव्य प्राप्त होने के बाद कमेटी टोपोलैंड के संबंध में अपना सुझाव एवं मंतव्य देगी जिसके आलोक में विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- उन्होंने बताया कि राज्य में प्राथमिकता के आधार पर भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का काम दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में 20 जिलों के 89 अंचलों में भूमि सर्वे का काम वर्ष 2020 में शुरू हुआ।
दूसरे चरण में अगस्त, 2024 में 18 जिलों के सभी अंचलों और पहले चरण के 20 जिलों के बाकी 131 अंचलों में भूमि सर्वे का काम शुरू हुआ। असर्वेक्षित भूमि का सर्वे प्रथम और दूसरे चरण के सभी अंचलों में किया जाएगा।
असर्वेक्षित भूमि एवं टोपोलैंड वैसी भूमि है, जिनका विगत भूमि सर्वेक्षण में रैयतवार अधिकार अभिलेख एवं खेसरावार मानचित्र तैयार नहीं किया गया है।
इसकी वजह से उन इलाकों में भूमि पर स्वामित्व को लेकर विभिन्न प्रकार की समस्याएं हैं और सरकार से इस संबंध में निर्णय लेने की अपेक्षा की जा रही है।
तरैया में गैरमजरुआ जमीन पर सीएम से शवदाह गृह निर्माण की मांगतरैया (सारण) प्रखंड के तरैया बाजार के पास खदरा नदी के किनारे 18 कट्ठा पांच धूर आम गैरमजरुआ जमीन पर विद्युत शवदाह गृह निर्माण की मांग तरैया के पूर्व जिला पार्षद व जदयू अति पिछड़ा के प्रखंड अध्यक्ष श्रीभगवान प्रसाद गुप्ता ने मुख्यमंत्री से की है।
मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में कहा गया है कि तरैया बाजार खदरा नदी किनारे खाता नंबर 271 व सर्वे नंबर 2698 में रकबा आठ कट्ठा 17 धूर तथा दूसरे खाता नम्बर 105 व सर्वे नंबर 2707 में नौ कठ्ठा पांच धुर यानी कुल 18 कट्ठा पांच धूर आम गैरमजरुआ जमीन है।
यहां शवदाह गृह निर्माण के साथ-साथ उक्त जमीन पर आमजनता के हित में सुलभ शौचालय, पानी टंकी तथा भूतनाथ बाबा गणिनाथ गोविन्द जी बाबा का मंदिर निर्माण की भी मांग की गई है।
उक्त आम गैरमजरुआ मरघट के जमीन में शवदाह गृह के निर्माण होने से तरैया प्रखंड के साथ साथ इसुआपुर, पानापुर प्रखंडों के लोगों को कम खर्च में अंतिम संस्कार करने में सहूलियत होगी।
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ITI Admission: आईटीआई में एडमिशन के लिए 7 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन, 11 मई को होगी प्रवेश परीक्षा
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान प्रतियोगिता प्रवेश परीक्षा (आईटीआई कैट) - 2025 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन सात अप्रैल तक स्वीकार किए जाएंगे।
पर्षद की वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर लिंक व विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। इसमें प्राप्त स्काेर के आधार पर राज्य के सभी सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में विभिन्न पाठ्यक्रमों में नामांकन सुनिश्चित होगा। प्रवेश परीक्षा 11 मई को होगी।
सीटों को बढ़ाने का टारगेट- बिहार के 151 सरकारी आईटीआई संस्थानों में 32 हजार 828 सीटें विभिन्न ट्रेड में उपलब्ध है। सत्र 2025-26 में आईटीआई की सीटों की संख्या 35 हजार तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
- निजी आईटीआई संस्थान भी बीसीईसीई के स्कोर के आधार पर नामांकन सुनिश्चित करते हैं। निजी संस्थानों में विभिन्न ट्रेड में सीटों की संख्या 50 हजार से अधिक बताई जा रही है।
दूसरी ओर, डेवलपमेंट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (डीएमआई) में सत्र 2025-26 में दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (डेवलपमेंट) कोर्स में नामांकन के लिए 15 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। नामांकन प्रभारी प्रो. श्रीधर तेलीदेवरा ने बताया कि कैट, जैट, मैट व सीमैट में 90 परसेंटाइल से अधिक अंक होने पर सामान्य सहित सभी श्रेणी के विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत की छात्रवृत्ति दी जाएगी।
80 परसेंटाइल से अधिक होने पर सामान्य श्रेणी को 75 प्रतिशत और महिला व आरक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस का 100 प्रतिशत, 70 परसेंटाइल से अधिक होने पर सामान्य श्रेणी के लिए 50 प्रतिशत और महिला व आरक्षित श्रेणी के लिए 75 प्रतिशत तथा 60 परसेंटाइल से अधिक होने पर सामान्य श्रेणी विद्यार्थियों के लिए 25 प्रतिशत और महिला व आरक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति दी जाएगी।
वेबसाइट https://addmision.dmi.ac.in पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। राज्य के किसी भी विश्वविद्यालय के विषय या ब्रांच टापर को ट्यूशन शुल्क में 50 प्रतिशत की छात्रवृत्ति दी जाएगी। मेधावी छात्रों को सेमेस्टर परिणाम के आधार पर ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति की व्यवस्था है। बिहार के विद्यार्थियों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का भी लाभ दिया जाता है।
अभ्यर्थियों के लिए लिखित परीक्षा, ग्रुप डिसक्शन तथा व्यक्तिगत परीक्षण का आयोजन किया जाता है। इनमें प्राप्त अंक और कैट, मैट, जैट व सीमैट में प्राप्त परसेंटाइल के आधार पर नामांकन की मेधा सूची तैयार होगी। कार्यालय अवधि में विद्यार्थी हेल्पलाइन नंबर 9523096030 या ईमेल (admissions@dmi.ac.in) से संपर्क कर विशेष जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
दिलीप जायसवाल आपके भाई तो लालू जी क्या लगेंगे? राबड़ी देवी से सभापति ने पूछा सवाल तो ऐसा रहा सदन का नजारा
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानपरिषद में बुधवार को खूब हंसी-ठिठोली हुई। सभापति के साथ पक्ष-विपक्ष ने भी इसका आनंद लिया।
पहली पाली में सदन शुरू होते ही सभापति अवधेश नारायण सिंह ने राजद सदस्य सुनील कुमार सिंह की सदस्यता फिर से बहाल किए जाने की सूचना पढ़ी।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इस पर सभापति का बहुत-बहुत आभार जताया। इसके साथ ही राबड़ी ने भाजपा के नए मंत्रियों को भी शुभकामनाएं दीं।
इसके साथ ही सदन में मौजूद भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को यह कहते हुए बधाई दी कि वह हमको दीदी कहते हैं और मैं भी उनको भाई मानती हूं।
इस पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने राबड़ी देवी से मजाकिया अंदाज में पूछा कि आप दिलीप जी को भाई मानती हैं न।
राबड़ी देवी के हां कहने पर सभापति ने कहा कि जब आप इनको भाई मानती हैं, तो यह लालू जी के क्या लगे? इतना सुनते ही पूरे सदन में ठहाका गूंजने लगा।
सदन में दिलीप जायसवाल के पीछे बैठने पर भी चुटकी ली गई। महेश्वर सिंह ने कहा कि इतनी बड़ी पार्टी के अध्यक्ष को पीछे नहीं, आगे बैठाना चाहिए।
सभापति के साथ जदयू सदस्य नीरज कुमार, भाजपा सदस्य संजय मयूख और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी दिलीप जायसवाल को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी।
अगले वित्तीय वर्ष में मंत्री रहेंगे या नहीं, कौन जानता है- विधानपरिषद में उर्मिला ठाकुर ने पटना में दीघा के घुड़दौड़ रोड में सड़क निर्माण एवं पीसीसी सड़क निर्माण से जुड़ा तारांकित सवाल किया।
- इस पर नगर विकास एवं आवास मंत्री जीवेश कुमार ने जवाब दिया कि अगले वित्तीय वर्ष में इस काम को कराया जाएगा।
- इस पर उर्मिला ठाकुर ने टोकते हुए कहा कि कह दिया जाता है कि अगले वित्तीय वर्ष में काम होगा। अगले वित्तीय वर्ष में ये मंत्री रहेंगे या नहीं, यह कौन जानता है। इस पर भी सबके चेहरे पर हंसी आ गई।
मंत्री ने कहा कि अगला वित्तीय वर्ष का मतलब है कि 31 मार्च के बाद। इसी तरह रेखा कुमारी ने सीतामढ़ी में बांध पंचमुखी हनुमान मंदिर से शंकर चौक होते लखनदेई दी तक नाला निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाया।
इस पर मंत्री ने जवाब दिया कि समिति गठित कर इसकी जांच कराई जाएगी। रेखा देवी ने पूरक सवाल किया कि यह काम कब तक होगा, इस पर सभापति ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया- अगले वित्तीय वर्ष में।
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Bihar: खुशखबरी! CM नीतीश कुमार ने 3 लाख परिवारों के बैंक अकाउंट में भेजे 1200 करोड़ रुपये
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के तीन लाख लाभार्थी परिवारों को डीबीटी के माध्यम से 1200 करोड़ रुपये का ट्रांसफर किए। एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री ने इस राशि का भुगतान किया।
नीतीश के क्लिक करते ही यह राशि लाभार्थियों के खाते में चली गई। इससे पहले पिछले साल सात अक्टूबर को मुख्यमंत्री एक लाख पांच हजार लाभार्थियों को आवास के लिए पहली किस्त के रूप में 420 करोड़ का भुगतान किया था। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को बधाई दी।
उन्होंने कार्यक्रम आयोजन के लिए ग्रामीण विकास विभाग को भी बधाई दी। अधिकारियों से कहा कि वे केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं को ठीक ढंग से क्रियान्वित करें, ताकि लोगों को जल्द से जल्द इन योजनाओं का लाभ मिले। लाभुकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखें।
कब मिलेगी दूसरी और तीसरी किस्त?अगले सौ दिनों में इन लाभार्थियों को दूसरी एवं तीसरी किस्त के रूप में और 80 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, मनरेगा के माध्यम से 90 दिनों के अकुशल मजदूरी के रूप में 22,050 और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान से शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
इस तरह प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख 54 हजार 50 रुपये का भुगतान किया जाएगा। प्रति लाभुक 1,54,050 (एक लाख चौवन हजार पचास) रूपये दिये जायेंगे। तीन लाख लाभार्थियों को अगले सौ दिनों में 4621.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।
प्रत्येक लाभार्थी को राज्य खजाने से 48 हजारग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत सर्वप्रथम सितम्बर, 2024 में 2,43,903 लक्ष्य प्राप्त हुआ था। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 27 जनवरी 2025 से 5,46,745 अतिरिक्त लक्ष्य प्राप्त है।
इस प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को कुल 7,90,648 लक्ष्य प्राप्त हुये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभुकों को कुल 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि तीन किश्तों में आवास निर्माण की प्रगति के साथ दी जाती है।
योजना में 60 प्रतिशत राशि केन्द्र एवं 40 प्रतिशत राज्य सरकार देती है। इस योजना के लिए राज्य सरकार अपने अंश के रूप में प्रत्येक लाभार्थी को 48 हजार रुपये दे रही है।
ये सब उपस्थित थेउप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा. एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जीविका के सीइओ हिमांशु शर्मा एवं मनरेगा आयुक्त अभिलाषा शर्मा।
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बेतिया, पीटीआई। बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी चुनाव को लेकर एक्टिव हैं। उन्होंने बुधवार को बेतिया जिले में लोगों को संबोधित किया। इस दौरान, उन्होंने एक बड़ी भविष्यवाणी भी कर दी।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि सीएम नीतीश कुमार बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन में लड़ेंगे, लेकिन बाद में पाला बदल सकते हैं।
मैं गलत साबित हुआ तो राजनीतिक अभियान छोड़ दूंगाउन्होंने कहा कि नवंबर में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद नीतीश कुमार की जगह कोई भी मुख्यमंत्री बन सकता है।
आप मुझसे यह बात लिखित में ले सकते हैं। अगर मैं गलत साबित हुआ तो मैं अपना राजनीतिक अभियान छोड़ दूंगा।'
प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार हमेशा यही करते हैं, भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं और बाद में पाला बादल लेते हैं। केवल 2015 में उन्होंने ऐसा नहीं किया था, तब मैंने उनका अभियान संभाला था।
नीतीश कुमार की कम हुई लोकप्रियता- वहीं, किशोर ने यह भी दावा किया कि भाजपा नीतीश कुमार को एनडीए का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने से बच रही है, क्योंकि उनकी लोकप्रियता अब कम हो गया है।
- प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि मैं पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देता हूं कि वे घोषणा करें कि चुनाव के बाद (अगर एनडीए सत्ता में आती है) नीतीश कुमार पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री होंगे। अगर वे ऐसा करते हैं, तो भाजपा को अपनी सीट बचाने में दिक्कत हो जाएगी।
- पीके ने यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार को भाजपा एक और कार्यकाल के लिए समर्थन नहीं देने जा रही है, वे पाला बदलने की कोशिश कर सकते हैं।
- वहीं, जदयू की जीती गई सीटों की संख्या इतनी निराशाजनक होगी कि उन्हें शीर्ष पद नहीं मिलेगा, चाहे वे किसी भी गठबंधन में शामिल हों।
इतना ही नहीं प्रशांत किशोर ने यह तक कह दिया कि मुख्यमंत्री शारीरिक रूप से थक गए हैं और मानसिक रूप से भी रिटायर हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसी मनःस्थिति के साथ वे बिहार पर शासन कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कुमार ने पिछले साल नई केंद्र सरकार के शपथ ग्रहण के समय कई अन्य मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में मोदी के पैर छूकर बिहार को बदनाम किया था।
किशोर ने पूछा कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री के प्रति इतनी ही श्रद्धा है, तो वे निजी तौर पर उनके पैर छू सकते थे। लेकिन वे कुर्सी पर बने रहने के लिए चाटुकारिता का सहारा ले रहे हैं।
वे भाजपा के साथ अपने प्रभाव का इस्तेमाल क्यों नहीं करते, जो अब केंद्र में सत्ता में बने रहने के लिए जदयू के समर्थन पर निर्भर है, ताकि बिहार में मरणासन्न चीनी उद्योग को पुनर्जीवित किया जा सके?
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जागरण संवाददाता, पटना। बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) होने हैं। चुनाव में अभी समय है, लेकिन सियासी माहौल गर्म है। पटना के सियासी गलियारों में सियासी उठा-पटक का दौर जारी है। इसी क्रम में तेजस्वी के बयान ने सियासत तेज कर दी है।
उन्होंने बुधवार को पटना में कहा, "लालू यादव को तो छोड़िए, दो बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मैंने बनाया है"। बता दें कि 4 मार्च मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा था कि लालू यादव को मुख्यमंत्री उन्होंने बनवाया था।
'हमने दोनों डिप्टी CM की क्लास लगाई'तेजस्वी ने मिलर स्कूल में 'युवा चौपाल' को भी संबोधित किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "बिहार को टायर्ड और रिटायर्ड मुख्यमंत्री नहीं चाहिए। यह सरकार थोड़ी दिन और रहेगी, तो पूरे बिहार बीमार कर देगी। कल हम दोनों डिप्टी CM का क्लास लगाए हैं।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुखौटा हैं, रिमोट से बिहार में सरकार चलाई जा रही है। बिहार युवाओं का राज्य है। 15 वर्षो में गाड़ी तो 60 वर्षो में नौकरी से रिटायरमेंट मिल जाता है। बिहार में 75 वर्ष के मुख्यमंत्री, रिटायर्ड अधिकारी सरकार चला रहे हैं। बिहार को नए ब्रांड के युवा मुख्यमंत्री चाहिए। अन्यथा बिहार बर्बाद हो जाएगा।
'एनडीए सरकार को उखाड़ फेंकें'उन्होंने कहा कि युवा एकजुट होकर एनडीए सरकार को उखड़ फेंकें। विधानसभा चुनाव के बाद राजद की सरकार बनने जा रही है। सरकार बनने के एक माह के अंदर युवा आयोग का गठन करेंगे। छात्रों को नौकरी के लिए फॉर्म भरने का शुल्क माफ करेंगे तथा आने-जाने का खर्च सरकार देगी। छात्रों पर लाठी चार्ज नहीं चलना बंद करा देंगे।
युवा चौपाल की अध्यक्षता युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष राजेश यादव ने की। तेजस्वी ने कहा कि 18 से 25 वर्ष के युवाओं की संख्या 58 प्रतिशत है। युवा वाले राज्य में 75 वर्ष का रिटायर्ड मुख्यमंत्री नहीं चाहिए। बिहार के युवाओं ने ठान लिया है कि नया बिहार बनाने के लिए युवा मुख्यमंत्री बनाएंगे। मुख्यमंत्री सहित पूरा सरकार बीमार है। यह सरकार रह गई तो पूरा बिहार बीमार पड़ जाएगा।
'मुख्यमंत्री की स्थिति ऐसी हो गई कि...'उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री की स्थिति ऐसी हो गई कि अपने मंत्रियों के नाम, विभागों के सचिवों के नाम तक याद नहीं रहता है। उप मुख्यमंत्री का नाम लिखकर देना पड़ता है। 400 प्रखंडों में डिग्री महाविद्यालय नहीं है। गांव में रहने वाले 83 प्रतिशत बेरोजगार हैं। यह सरकार युवा विरोधी है। रोजगार, नौकरी देने में विफल है। युवा बिहार का भविष्य हैं। माई-बहिन योजना के तहत सभी महिलाओं को प्रति माह 2500, वृद्धा, विधवा, विकलांग पेंशन 400 से बढ़कार 1500 करेंगे। 200 यूनिट मुफ्त में बिजली देंगे।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने कहा कि जोश और आवेश के बदले संतुलित होकर युवा कार्य करें। युवा एकजुट रहेंगे तो तेजस्वी युवाओं की लड़ाई लड़ेंगे। तेजस्वी युवाओं को रोजगार दिया है। नीतीश सरकार को उखड़ फेकें।
पूर्व विधानसभाध्यक्ष उदय नारायण चाैधरी ने युवाओं से नारा लगवाया, अगला मुख्यमंत्री कैसा हो, तेजस्वी यादव जैसा हो। पूर्व मंत्री आलोक मेहता ने कहा कि बिहार के युवा अंगड़ाई ले लिए हैं, तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनाकर रहेंगे। संसदीय देल के नेता अभय कुशवाहा ने कहा कि युवा चौपाल का उदेश्य सत्ता में बदलाव लाना है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। अगली सरकार के नेतृत्व के प्रश्न पर महागठबंधन (Bihar Mahagathbandhan) के दलों के बीच लड़ाई शुरू हो गई है। अबतक यही माना जा रहा था कि महागठबंधन में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के नेतृत्व के मुद्दे पर आम सहमति बनी हुई है।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक अजित शर्मा ने बुधवार को यह कह कर नया विवाद शुरू कर दिया है कि चुनाव परिणाम के बाद विधायक तय करेंगे कि महागठबंधन की सरकार में मुख्यमंत्री कौन बनेगा।
महागठबंधन में नेतृत्व पर विवाद इसलिए महत्वपूर्ण है कि सत्तारूढ़ एनडीए के घटक दलों ने साफ कर दिया है कि वे अगला चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेंगे। नीतीश ही अगली सरकार का नेतृत्व करेंगे।
तेजस्वी के भाषण से खट्टा हुआ कांग्रेस विधायकों का मनअसल में मंगलवार को विधानसभा में दिए गए तेजस्वी के भाषण से कांग्रेस के कुछ विधायकों का मन खट्टा हो गया। तेजस्वी ने 1990 के पहले की सरकारों को भी राज्य के पिछड़ेपन के लिए जवाबदेह ठहराया। इस कालखंड के बड़े हिस्से में कांग्रेस सरकार में रही है। उन्होंने कांग्रेस के लंबे शासन काल की विफलताओं की भी चर्चा की।
'तेजस्वी ने कांग्रेस पर तमाचा जड़ा'उनके भाषण के दौरान संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कांग्रेसियों को याद दिलाया कि सहयोगी ही आपकी आलोचना कर रहे हैं। अजित शर्मा की बुधवार की टिप्पणी पर भी भाजपा के नेता और पथ निर्माण मंत्री नीतीन नवीन ने तेजस्वी के भाषण की चर्चा की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी ने कांग्रेस पर तमाचा जड़ दिया था।
वैसे, अजित शर्मा कांग्रेस के नीति निर्णायकों की टीम के अंग नहीं हैं, इसलिए उनकी टिप्पणी को कांग्रेस का आधिकारिक रूख नहीं कहा जा सकता है। फिर भी यह इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कांग्रेस में पहली बार किसी ने तेजस्वी के नेतृत्व को चुनौती दी है।
शर्मा ने यह भी कहा कि 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में कांग्रेस कम से कम 70 सीटों पर लड़ेगी। वैसे, सीटों का निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह करेंगे।
पहले हो चुकी है घोषणाराजद के प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि महागठबंधन में तेजस्वी के नेतृत्व पर कोई विवाद नहीं है। यह 2020 के विधानसभा चुनाव के समय ही सभी घटक दलों की सहमति से तय हो गया था कि महागठबंधन की सरकार तेजस्वी यादव के ही नेतृत्व में बनेगी।
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Honey Singh: मुश्किल में फंस सकते हैं हनी सिंह, Maniac Song के खिलाफ पटना HC में याचिका दायर
विधि संवाददाता, पटना। हनी सिंह के भोजपुरी गीत 'मैनियैक' (Honey Singh Maniac Song) के बोलों में अश्लीलता, महिलाओं की वस्तुकरण और महिमामंडित करने का आरोप लगाते हुए पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) में लोकहित याचिका दायर की गई है। इस लोकहित याचिका को अभिनेत्री नीतू चंद्रा ने दायर किया है।
याचिकाकर्ता ने न्यायालय से उचित निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि इस गाने के शब्दों को संशोधित किया जाए और ऐसे गीतों की सामग्री को विनियमित किया जाए।
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग है कि 'मैनियैक' गीत के अश्लील और अपमानजनक बोलों में संशोधन किया जाए।
याचिकाकर्ता ने क्या कहा?याचिकाकर्ता के अनुसार, यह गीत पुरुषों द्वारा महिलाओं पर जबरदस्ती थोपने की मानसिकता को बढ़ावा देता है और महिलाओं को सिर्फ एक भोग की वस्तु के रूप में दर्शाता है।
इसके अलावा, भोजपुरी भाषा की अश्लीलता को सामान्य बनाने के लिए इसका गलत उपयोग किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की अवधारणा को ठेस पहुंचाता है।
याचिका में भोजपुरी गीतों में प्रयोग किए जाने वाले शब्दों और इशारों को नियंत्रित करने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की गई है, जो समाज के युवा वर्ग और अन्य तबकों के नैतिक पतन का कारण बनते हैं।
हनी सिंह को बनाया प्रतिवादीयाचिकाकर्ता ने इस गीत के गायक योयो हनी सिंह, लियो ग्रेवाल, रागिनी विश्वकर्मा सहित टी सीरीज, गूगल व यू-ट्यूब को प्रतिवादी बनाया है। इस मामले की सुनवाई सात मार्च को होने संभावना है।
फूहड़ भोजपुरी-हिंदी गीतों पर प्रतिबंध लगाए सरकार: नीतू चंद्राराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त अभिनेत्री नीतू चंद्रा श्रीवास्तव ने बिहार सरकार से मांग की है कि अश्लील भोजपुरी एवं हिंदी गीतों पर प्रतिबंध लगाए। उन्होंने कहा कि कॉलेज जाने वाली लड़कियों और महिलाओं को ऐसे गीतों की वजह से नजरें झुकाकर सड़क पर चलना पड़ता है। ऐसे गाना गाने वालों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए, इसलिए बुधवार को पटना हाईकोर्ट में एक पीआईएल दाखिल की गई है, जिसकी अगुआई निवेदिता निर्विकर कर रही हैं।
नीतू ने कहा कि इन्हीं गानों के चलते महिलाएं घर में टीवी देखना पसंद नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि ये गाने महिलाओं में असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं। इन गीतों का छोटे-छोटे बच्चों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
ये गाने समाज को गलत दिशा में ले जा सकते हैं और महिलाओं के प्रति सम्मान को कम करते हैं। मैं चाहती हूं कि बिहार में इन गानों के निर्माण और बजाने पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
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Bihar Weather Today: बिहार में होली से पहले मौसम बिगड़ने का अलर्ट, 6 जिलों में दिखेगा प्रभाव
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार में होली से पहले मौसम बिगड़ने वाला है। 8 मार्च से 6 जिलों में इसका प्रभाव दिख सकता है। इस दौरान लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है। होली के दौरान तापमान में कमी देखी जा सकती है।
वहीं अगले 24 से 48 घंटे की बात करें तो प्रदेश के पश्चिमी भागों व इसके आसपास के इलाकों में दोपहर से शाम तक सतही हवा की गति 10-20 किमी प्रतिघंटा और झोंके के साथ 30 किमी प्रति घंटे से पछुआ हवा चलने की संभावना है।
24 घंटे के बाद प्रदेश के अनेक भागों के अधिकतम व न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट का पूर्वानुमान है।
8 मार्च को 6 जिलों में बारिश का अलर्ट8-9 मार्च के बीच पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय के भागों को प्रभावित करेगा। इसके कारण 8 मार्च को किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका व जमुई जिले के एक या दो स्थानों पर झोंके के साथ मेघ गर्जन, वज्रपात को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम में आए बदलाव के कारण पटना सहित अधिसंख्य भागों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस जबकि 10.5 डिग्री सेल्सियस के साथ पुपरी (सीतामढ़ी) में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के कुछ जिलों के न्यूनतम तापमान दाे से चार डिग्री सेल्सियस के उपर बना रहा।
पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसमराजधानी का अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ 30.6 डिग्री सेल्सियस व 32.9 डिग्री सेल्सियस के साथ औरंगाबाद में सबसे अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। मधेपुरा, फारबिसगंज, किशनगंज व कटिहार को छोड़ कर पटना सहित अधिसंख्य जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
पटना व आसपास इलाकों में तेज हवा के प्रवाह व कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने के कारण मौसम सामान्य बना रहा।
भागलपुर में आंधी-तूफान के साथ बूंदा-बांदी की संभावनाभारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार पांच से नौ मार्च के मध्य दक्षिण बिहार के जिलों में आसमान साफ एवं मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि भागलपुर, बांका व मुंगेर जिलों में में छह से नौ मार्च के मध्य पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बिजली चमकने और तेज हवा (30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा) चलने एवं बादल के गर्जन के साथ बूंदा-बांदी होने का अनुमान है।
अधिकतम तापमान 29 से 31 और न्यूनतम तापमान 13 से 15 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। सापेक्ष आर्द्रता सुबह में 75 से 80 प्रतिशत तथा दोपहर में 35 से 40 प्रतिशत रहने की संभावना है। पूर्वानुमान की अवधि में नौ से 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिमी हवा चलेगी।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय की मौसम विज्ञानी डा. नेहा पारीक ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 84 प्रतिशत आद्रता के साथ 5.8 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफतार से पश्चिमी हवा चल रही है। तापमान बढ़ने के आसार हैं।
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Bihar News: उज्ज्वला योजना का लाभ उठाने वाले 4,540 लोगों की बढ़ी टेंशन, पटना DM ने कार्रवाई करने का दिया आदेश
जागरण संवाददाता, पटना। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत पटना में ऐसे 4,540 लाभार्थी हैं जो गैस सिलेंडर की रीफिलिंग नहीं करा रहे हैंं। ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस दी जाएगी।
इसके बाद भी गैस नहीं भरवाने पर उनका पंजीयन रद किया जाएगा। खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के तहत अधिप्राप्ति, आपूर्ति एवं उज्ज्वला योजना की समीक्षा जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने की। समीक्षा में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के द्वारा गैस रिफिल नहीं कराने की बात सामने आई।
जिलाधिकारी ने आइओएल के क्षेत्रीय प्रबंधक सह सेल्स मैनेजर को निर्देश दिया कि उज्ज्वला योजना अंतर्गत ऐसे सभी उपभोक्ताओं को नोटिस निर्गत कर उसका तामिला कराएं।
यदि उसके बाद भी वे गैस सिलेंडर रिफिलिंग नहीं कराते हैं तो उनका पंजीयन रद्द करने की कार्रवाई करेंगे। हालांकि, बिना तामिला के उनका पंजीयन रद नहीं करने का निर्देश भी दिया है।
सीएमआर आपूर्ति में सुस्ती बर्दाश्त नहीं- बैठक में लक्ष्य के विरुद्ध जिला में सीएमआर प्राप्ति की स्थिति, अनुमंडलवार एवं प्रखंडवार एसएफसी को सीएमआर प्राप्त कराए जाने की स्थिति, किसानों को भुगतान की स्थिति, सीएमआर प्राप्ति के विरूद्ध भुगतान की स्थिति, मिलवार साप्ताहिक सीएमआर प्राप्ति की स्थिति एवं अन्य बिंदुओं पर समीक्षा की गई।
- जिलाधिकारी ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप समय-सीमा के अंदर शत-प्रतिशत धान अधिप्राप्ति की गई है। अब सीएमआर की समय से प्राप्ति एवं प्राप्ति के विरूद्ध ससमय भुगतान सुनिश्चित करना है।
- उन्होंने कहा कि सीएमआर आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले राइस मिलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अनुमंडल पदाधिकारियों को सीएमआर आपूर्ति में शिथिलता बरतने वाले राइस मिलरों से स्पष्टीकरण कर कार्रवाई की अनुशंसा का निर्देश दिया गया।
वित्त मंत्रालय ने अब ग्रामीण बैंककर्मियों के लिए भी एनपीएस फंड में प्रायोजक व्यावसायिक बैंकों के बराबर यानी 14 प्रतिशत अंशदान करने करने का आदेश दिया है।
यह आदेश 11 नवंबर, 2020 से प्रभावी होना है। अब ग्रामीण बैंककर्मियों के लिए बराबर लाभ की संभावना बनेगी, लेकिन उससे पहले के नुकसान को लेकर क्षोभ भी है।
यूनाइटेड फोरम आफ ग्रामीण बैंक यूनियन्स के राष्ट्रीय संयोजक डीएन त्रिवेदी ने बताया कि बैंकों में 01 अप्रैल, 2010 से एनपीएस लागू है। वित्त मंत्रालय का निर्देश काफी देरी से हुआ है।
इस कारण एनपीएस के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण बैंककर्मियों को 52 माह के आवर्ती ब्याज की हानि हो रही है। व्याज की हानी हुई है।
ऐसे में यूनियन्स ने केंद्र सरकार से नौ प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज के साथ एनपीएस के बकाए अंशदान की मांग की है।
ज्ञातव्य है कि वित्त मंत्रालय के आप्तसचिव रत्नाकर झा द्वारा पहली मार्च को 14फीसद अंशदान देने का पत्र जारी किया गया है।
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केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के नाम पर ठगी करने वाला बबन गिरफ्तार, फर्जी PA बनकर लोगों को लगाता था चूना
Vande Bharat: दिल्ली से पटना के बीच दौड़ेगी वंदे भारत, होली से पहले आ गया ताजा अपडेट; देखें रूट चार्ट
जागरण संवाददाता, पटना। भारतीय रेलवे की ओर से जल्द ही नई दिल्ली से पटना के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन किया जा सकता है। इसके लिए तैयारी काफी जोर-शोर से शुरू हो चुकी है।
इसके लेकर बिहार के यात्री काफी उत्साहित हैं। वंदे भारत ट्रेन की यात्रा को लेकर लोगों में विशेष आकर्षण देखा जा रहा है। यह ट्रेन अब तक चलाई जाने वाली वंदे भारत ट्रेनों में सबसे लंबी दूरी तक चलने वाली ट्रेन होगी।
इस ट्रेन से समय की बचत होगी और इसमें आरामदायक सुविधाएं भी मिलेंगी। नई दिल्ली-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस होली स्पेशल ट्रेन के रूप में चलाई जा सकती है। क्योंकि होली के अवसर पर दिल्ली से आने वाले यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ते जा रहा है।
यहां देखें टाइम-टेबल और रूट चार्ट- इस ट्रेन का मार्ग लगभग तैयार कर लिया गया है। जानकारों का कहना है कि स्पेशल ट्रेन दिल्ली से सुबह साढ़े आठ बजे रवाना हो सकती है, जो रात आठ बजे पटना पहुंचेगी।
- वहीं वापसी में यह ट्रेन रात सात बजे पटना से रवाना होगी और सुबह साढ़े सात बजे दिल्ली पहुंचेगी।
- इस ट्रेन का ठहराव, आरा, बक्सर, डीडीयू, प्रयागराज एवं कानपुर हो सकता है।
- तेज रफ्तार एवं आरामदायक सुविधाओं से लैस होगी वंदे भारत ट्रेन। इस ट्रेन के दरवाजे स्वचालित होंगे। इसमें वाई-फाई की सुविधा दी गई है।
होली के अवसर पर भारतीय रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। ये ट्रेन दानापुर से जबलपुर एवं पटना से जालना के बीच चलाई जाएंगी। इसके अलावा रानीकमलापति एवं कोटा, गया से आनंदविहार के मध्य चलाने का निर्णय लिया गया है।
जालना से पटना के बीच चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेन डीडीयू, प्रयागराज, कटनी, इटारसी, अकोला के रास्ते चलाई जाएगी। जालना से यह ट्रेन छह, दस एवं 15 मार्च को जालना से होली स्पेशल ट्रेन रवाना की जाएगी।
वहीं वापसी में यह ट्रेन आठ, बारह एवं 17 मार्च को चलाई जाएगी। जबलपुर से दानापुर के बीच चलने वाली ट्रेन डीडीयू, प्रयागराज, छिवकी एवं कटनी के रास्ते चलाई जाएगी। यह ट्रेन जबलपुर से 11 मार्च को एवं दानापुर से 12 मार्च को चलाई जाएगी।
देवरिया में नॉन इंटरलाकिंग कार्य के कारण कई ट्रेनों का बदला मार्गरेलवे द्वारा आधारभूत संरचना में विस्तार के क्रम में वाराणसी मण्डल के गोरखपुर कैण्ट-भटनी रेल खण्ड पर बैतालपुर-देवरिया सदर स्टेशन के मध्य नॉन-इंटरलॉक का कार्य किया जा रहा है।
इसको लेकर कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। कटिहार से छह मार्च को खुलने वाली कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग सिवान-भटनी-गोरखपुर कैण्ट के स्थान पर परिवर्तित मार्ग सिवान-थावे-कप्तानगंज-गोरखपुर कैण्ट के रास्ते चलाई जायेगी।
मार्ग परिवर्तन के कारण इसका ठहराव देवरिया सदर स्टेशन पर नही रहेगा। वहीं नई दिल्ली से पांच मार्च को खुलने वाली नई दिल्ली-सहरसा एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग गोरखपुर कैण्ट-भटनी-सिवान के स्थान पर परिवर्तित मार्ग गोरखपुर कैण्ट-कप्तानगंज-थावे-सिवान के रास्ते चलाई जायेगी।
मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव देवरिया सदर स्टेशन पर नही रहेगा। अमृतसर से पांच मार्च को खुलने वाली अमृतसर-सहरसा एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग गोरखपुर कैण्ट-भटनी-सिवान के स्थान पर परिवर्तित मार्ग गोरखपुर कैण्ट-कप्तानगंज-थावे-सीवान के रास्ते चलाई जायेगी।
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