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Bihar Police: बक्सर में चौकी प्रभारी सस्पेंड, दो होमगार्डों की भी गई नौकरी; सामने आई बड़ी वजह
राज्य ब्यूरो, पटना। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने अवैध वसूली के मामले में वीर कुंवर सिंह जांच चौकी, बक्सर के प्रभारी सूरज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही अवैध वसूली करने वाले दोनों गृहरक्षकों की सेवा अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा के साथ वापस कर दी गई है।
दरअसल, 25 फरवरी को इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें बक्सर के वीर कुंवर सिंह जांच चौकी पर अवैध वसूली का मामला सामने आया।
मामले का संज्ञान लेते हुए उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह ने एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो के उपायुक्त संजय कुमार और विशेष अधीक्षक आदित्य कुमार की संयुक्त टीम बनाकर बक्सर भेजा।
अवैध वसूली का सामने आया मामला- टीम की जांच में वायरल वीडियो में अवैध वसूली के आरोपी दोनों गृहरक्षक प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए। इसके साथ ही चेकपोस्ट के प्रभारी पदाधिकारी को कर्तव्य में लापरवाही बरतने और अपने अधीनस्थों पर नियंत्रण नहीं रखने का दोषी पाया गया।
- जांच के क्रम में पाया गया कि चेकपोस्ट अभियोग पंजी को भी 19 जनवरी के बाद अपडेट नहीं किया गया है। इसके साथ ही वाहन पंजी भी दुरुस्त नहीं है।
- इस जांच रिपोर्ट के आधार पर उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह ने चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और गृहरक्षकों की सेवा वापस करने का निर्देश जारी किया है।
करीब चार महीने पूर्व सारण के जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर की गई छापामारी में बालू के अवैध कारोबार करने वाले कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था और 15 लाख वर्गफीट बालू भी जब्त की थी।
जांच के क्रम में जिले में पदस्थापित खनिज विकास पदाधिकारी लाल बिहारी प्रसाद (भू-भौतिक शास्त्री) की मिली भगत की बात सामने आई थी।
इसके बाद 26 नवंबर को खनिज विकास पदाधिकारी लाल बिहारी प्रसाद सरकार ने निलंबित कर दिया। विभाग ने इस लापरवाही और सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचाने के संबंध में उनसे जवाब मांगा था।
उन्होंने विभाग को अपना जवाब 20 जनवरी 2025 को दिया। लेकिन विभाग लाल बिहारी के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ।
अब इस मामले में विभाग ने आगे की कार्रवाई की और लाल बिहारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने का निर्णय लिया है।
उनसे पूछताछ की जिम्मेदारी सारण के अपर समाहर्ता को सौंपी गई है। लाल बिहारी से अपेक्षा की गई है कि वे बचाव और पक्ष संचालन पदाधिकारी के सामने रखेंगे।
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Nitish Kumar: विधानसभा में नीतीश कुमार का बड़ा खुलासा, लालू नहीं चाहते थे अति पिछड़ों का आरक्षण
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने मंगलवार को विधानसभा में खुलासा किया कि सरकार में रहते लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) नहीं चाहते थे कि सरकारी सेवाओं और अन्य संस्थानों में अति पिछड़ों के लिए अलग से आरक्षण का प्रविधान किया जाए। लालू चाहते थे कि दोनों को मिलाकर सिर्फ पिछड़ों के नाम पर आरक्षण का प्रविधान किया जाए।
उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को कहा कि अति पिछड़ों के आरक्षण के विरोध के कारण वे जनता दल से अलग हुए। अलग पार्टी बनाई। नीतीश ने कहा कि अति पिछड़ों को अलग आरक्षण जननायक कर्पूरी ठाकुर की कल्पना थी।
उन्होंने कहा कि 1990 में लालू यादव को मुख्यमंत्री बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। उस समय स्वजातीय विधायक भी लालू प्रसाद का विरोध कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में विपक्ष को कुछ नहीं मिलने वाला है। राज्य के लोग इन्हें पहचान रहे हैं।
'...उन्हें कुछ नहीं पता'सरकारी जवाब के दौरान शोरगुल करने पर मुख्यमंत्री ने कई बार विपक्षी विधायकों को मीठी झिड़की दी। मुख्यमंत्री का भाषण समाप्त होने के कुछ पहले विपक्षी सदस्यों ने सदन का वहिर्गमन किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें कुछ नहीं पता है। सड़कों की हालत इतनी खराब थी कि सांसद रहते हुए उन्हें अपने क्षेत्र में पैदल भ्रमण करना पड़ता था। डर के मारे सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त था।
नीतीश बोले- सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने...उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप से राज्य में कृषि का विकास हुआ है। खेतों में बिजली के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कुमार ने कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने पहले पंचायती राज और बाद में नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। उसके बाद से चार चुनाव हुए। नीतियों के निर्माण में महिलाओं की सहभागिता बढ़ी है। महिलाओं के उत्थान के लिए कई प्रयास किए गए। 2013 में महिलाओं को पुलिस में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया।
आज देश में सबसे अधिक महिला सिपाही बिहार में है। 2016 मे महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर गठन महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया। बाद में इसे जीविका का नाम दिया गया। उस समय केंद्र सरकार के एक मंत्री आए।
उन्होंने जीविका के काम को देखा। सराहा और फिर आजीविका के नाम से इसे पूरे देश में लागू किया। इस समय जीविका दीदियों की संख्या एक करोड़ 38 लाख है। शहरी क्षेत्र में तीन लाख से अधिक जीविका दीदियां काम कर रही हैं। राज्य सरकार तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को एकमुश्त 25 हजार रुपये की सहायता दे रही है।
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PM Awas Yojana: बजट के बाद बिहार को मिल गया और गिफ्ट, पीएम आवास को लेकर केंद्र ने की बड़ी घोषणा
राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को पटना के एकदिवसीय दौरे के दौरान राजकीय अतिथिशाला में नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान विभागीय मंत्री जिवेश कुमार ने मिथिला पाग पहनाकर उनका स्वागत किया।
सचिव अभय कुमार सिंह ने राज्य में चल रही योजनाओं की अद्यतर प्रगति रिपोर्ट दी जिस पर केंद्रीय मंत्री ने संतोष जताया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में बिहार को 50 हजार आवास बनाने का लक्ष्य दिया गया है। अगले पांच साल में आबादी के हिसाब से जितने मकानों की आवश्यकता होगी, सत्यापन के बाद उतनी दी जाएंगी।
'राज्य को दी गई 500 बसें'उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न शहरों के लिए 500 बसें दी गई हैं। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा प्रयोग हो चुके जल प्रबंधन के लिए भारत सरकार ने 269.44 करोड़ रुपए जारी किए हैं।
उन्होंने बताया कि पटना के लोगों को जल्द ही मेट्रो सुविधा मिलने लगेगी। अगस्त में आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक मेट्रो की 6.2 किलोमीटर लंबी लाइन शुरू हो जाएगी।
मंत्री ने कहा कि शहरी कार्यों की प्रगति काफी संतुष्टिपूर्ण है, चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना हो, अमृत योजना की बात हो, मेट्रो का काम हो अथवा पीएम ई-बस सेवा। बैठक में मंत्री जिवेश कुमार, बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष पराशर, अपर सचिव वर्षा सिंह और अपर सचिव विजय कुमार मीणा सहित विभिन्न परियोजनाओं के निदेशक एवं वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव ने मनोहर लाल से भेंट कर 2000 मेगावाट आवर बैट्री भंडारण प्रोजेक्ट में सहयोग मांगाऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को पटना आए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से भेंट की। ऊर्जा मंंत्री ने इस मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री से यह आग्रह किया कि 2000 मेगावाट आवर बैट्री भंडारण वाले सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट में सहयोग करें। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री को एक पत्र भी सौंपा गया।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 500 मेगावाट आवर बैट्री ऊर्जा भंडारण प्रणाली को विकसित किए जाने को ले निविदा भी हो गयी है। इससे पहले लखीसराय के कजरा में 301 मेगावाट की दो बड़ी सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाओं के साथ 495 मेगावाट आवर क्षमता की देश की सबसे बड़ी बैट्री ऊर्जा भंडारण प्रणाली के विकास पर आरंभ हो चुका है।
राज्य में 500 मेगावाट आवर बैट्री ऊर्जा भंडारण प्रणाली परियोजना से विशेष रूप से पीक आवर में बिजली की मांग को पूरा करने सहायता मिलेगी। बैट्री ऊर्जा भंडारण प्रणाली की पहल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की है।
उन्होंने यह बताया कि 500 मेगावाट आवर प्रोजेक्ट के लिए निविदा के पूर्व बैठक में 12 कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट के निर्माण में राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं आएगा। प्रोजेक्ट की कुल लागत का अधिकतम 39 प्रतिशत या फिर 27 लाख रुपए प्रति मेगावाट आवर वायबिलिटी गैप फंडिंग स्कीम के तहत केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्रय की निर्धारित बाध्यता को हासिल करने में भी सफलता मिलेगी। अब तक राज्य में 1920 मेगावाट सौर ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है।
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विधानसभा चुनाव तक सरकारी नौकरी और रोजगार पाने वालों की संख्या 50 लाख पार कर जाएगी: नीतीश
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा है कि इस साल विधानसभा चुनाव से पहले नई सरकारी नौकरियां और रोजगार पाने वालों की संख्या 50 लाख पार कर जाएंगी। इनमें 12 लाख लोग सरकारी नौकरी पाएंगे। 38 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद के प्रस्ताव पर हुई चर्चा का उत्तर दे रहे थे। यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2005 में सरकार के गठन के साथ ही वे राज्य के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली आदि के क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि 2020 में सात निश्चय-दो लागू किया गया। इसके तहत 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था।
उन्होंने कहा कि अबतक नौ लाख 35 हजार लोगों को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। विधानसभा चुनाव तक इनकी संख्या 12 लाख से अधिक हो जाएगी। इसी तरह 10 लाख के लक्ष्य के बदले 24 लाख लोगों लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। विधानसभा चुनाव तक यह संख्या 38 लाख से अधिक हो जाएगी।
उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के केंद्रीय बजट में बिहार के लिए किए गए विशेष आर्थिक प्रविधान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र की विशेष मदद से सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन आदि के क्षेत्रों को बड़ी राहत मिली है। इसी तरह मखाना बोर्ड के गठन एवं हवाई अड्डे के विस्तार के अलावा केंद्र की ओर से राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति आधारित गणना के बाद 94 लाख गरीब परिवारों को राज्य सरकार दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
नीतीश कुमार ने कहा कि प्रगति यात्रा के दौरान मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने 430 नई योजनाओं की स्वीकृति दी। इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इनके लिए 25 हजार करोड़ रुपये के खर्च का प्रविधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिना भेदभाव के समाज के हरेक तबके लिए काम कर रही है।
राजद सिर्फ मुसलमानों का वोट लेता थामुख्यमंत्री ने कहा कि राजद के लोग मुसलमानों का वोट तो लेते थे, लेकिन मुसलमान अगर किसी संकट में पड़ते थे तो मदद नहीं करते थे।हमने आठ हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवाई। बाद में 1227 कब्रिस्तानों की घेराबंदी की मांग की गई। इनमें से 746 की घेराबंदी हो गई है। इसके अलावा 60 साल पुराने मंदिरों की घेराबंदी भी कराई गई। हमारी सरकार ने भागलपुर दंगा के दोषियों को सजा दिलाई।
पुलिस में बड़ी बहालीनीतीश ने कहा कि पहले लोग शाम सात बजे के बाद घर से नहीं निकलते थे। अब देर रात तक महिलाएं भी राजधानी में घूमती नजर आ रही हैं। पुलिस में बड़े पैमाने पर बहाली की गई। साइकिल, पोशाक और किताब की योजना के कारण शिक्षा का काफी विकास हुआ। इस योजना का लाभ छात्र-छात्राओं को दिया जा रहा है। दो लाख तिरपन हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर्मी का दर्जा दिया गया। इससे पहले दो लाख 17 हजार से अधिक शिक्षकों की बहाली की गई।
अब आते हैं 11 हजार मरीजउन्होंने कहा कि 2005 से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक महीने में 29 मरीज आते थे। अब औसतन 11 हजार मरीज आते हैं। पहले छह मेडिकल कालेज और अस्पताल थे। अब इनकी संख्या 14 हो गई है। अभी और कई मेडिकल कालेज खुलेंगे। पीएमसीएच में बेड की संख्या पांच हजार चार सौ होने जा रही है। यह देश का सबसे बड़ा अस्पताल होगा। आइजीआइसी एवं आइजीआइएमएस का विस्तार हो रहा है।
चार घंटे में पटना की यात्राअब चार घंटे में राज्य के किसी हिस्से से पटना पहुंचने लायक सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। पहले यह लक्ष्य छह घंटे का था। उसे पांच घंटे किया गया। अब चार घंटे का लक्ष्य लेकर काम हो रहा है।
बिजली बहुत कम जगह पर थी। पटना तक में आठ घंटा से अधिक बजली नहीं रहती थी। ग्रामीण क्षेत्रों का और बुरा हाल था। हर घर बिजली, नल का जल, शौचालय और गली का निर्माण किया गया है। लोग शौच के लिए बाहर जाते थे। इससे कई तरह की बीमारियां होती थीं।
सात निश्चय-दो में भी अनेक काम किए गए हैं। आइटीआई पॉलिटेक्निक संस्थानों में एक्सलेंस सेंटर बनाए जा रहे हैं।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के अस्पतालों में पांच हजार से अधिक डॉक्टरों की जल्द बहाली की जाएगी। इनमें 3623 विशेषज्ञ चिकित्सक पदाधिकारी, 667 सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी और 808 दंत चिकित्सक शामिल हैं।
बिहार विधान परिषद में मंगलवार को मो. फारूक के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में प्रभारी मंत्री नीरज कुमार सिंह ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इन पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजी जा चुका है। आयोग के माध्यम से विज्ञापन प्रकाशन की कार्रवाई अंतिम चरण में है।
इसी प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि शिवहर सदर अस्पताल में चिकित्सकों के कुल 36 पद स्वीकृत हैं। इनमें 17 चिकित्सक कार्यरत हैं।
सदर अस्पताल के अधीक्षक के रिक्त पद पर कार्यकारी व्यवस्था के तहत सिविल सर्जन, शिवहर के प्रभार में रखा गया है।
सहायक प्राध्यापक के पद पर शुरू हुई नियुक्ति- वहीं, प्रभारी मंत्री ने प्रो. संजय कुमार सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में बताया कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में सहायक प्राध्यापक के रिक्त 1711 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- इन पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए अक्टूबर माह में ही अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेजी गई है।
- इस बाबत विज्ञापन प्रारूप पर जनवरी माह में विभाग ने सहमति भी प्रदान कर दी है। वहीं मेडिकल कालेजों में विजिटिंग प्रोफेसरों की नियुक्ति का मामला विचाराधीन है।
सौरभ कुमार के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि राजधानी के इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान (आइजीआइएमएस) में 97 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं, जो मरीजों को मुफ्त दी जा रही हैं।
अस्पताल में चिकित्सकों के 163 पद स्वीकृत है। इनमें सहायक निदेशक के पदों पर 17, उप निदेशक के पद पर एक, संयुक्त निदेशक के पद पर छह, अपर निदेशक के पद पर एक, निदेशक के पद पर एक, चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर 28 और विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधकारी के पद पर 19 चिकित्सक कार्यरत हैं।
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि इसके लिए मेडिकल कालेज अस्पताल खोल जा रहे है। इसमें चार साल का समय लगता है। बच्चे पढ़ेंगे तो आवश्यकता के अनुसार उनकी नियुक्ति सरकारी अस्पतालों में की जाएगी।
विधान परिषद में अब्दुल बारी सिद्दीकी ने एबुंलेंस की कमी और प्राइवेट एबुंलेंस की मनमानी का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में प्रभारी मंत्री नीरज कुमार सिंह ने कहा कि बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में एबुंलेंस की सुविधा है। एबुंलेंस की संख्या बढ़ाने के लिए 400 एबुंलेंस की खरीद की जाएगी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। विधानसभा में मंगलवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के भाषण की शुरुआत तो हंसी मजाक वाले अंदाज में हुई, लेकिन जल्द ही कई सदस्य एक दूसरे के पिता के कर्मों का लेखा-जोखा लेकर बैठ गए।
माहौल अधिक गर्म होता, उससे पहले ही विधानसभा अध्यक्ष नन्द किशोर यादव ने सदस्यों को व्यक्तिगत टिप्पणी करने से रोक दिया।
तेजस्वी ने अपने भाषण के शुरू में ही कहा कि सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गले लगाया तो यह दूसरे उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को चिढाने का उपक्रम था।
सिन्हा उस समय सदन में नहीं थे। सम्राट सदन में चुपचाप तेजस्वी का भाषण सुन रहे थे। लेकिन, तेजस्वी ने जैसे ही सम्राट के पिता पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति की गई अशोभनीय टिप्पणी की चर्चा की, सदन में शोरगुल शुरू हो गया।
सम्राट ने तेजस्वी को कहा कि आपके पिता ने बिहार को लूट लिया। जवाब में तेजस्वी ने सम्राट को याद दिलाया कि लालू प्रसाद के कारण ही वे पहली बार मंत्री बन पाए थे। अंतिम बार भी राजद के टिकट पर ही विधायक बने।
राजद से अलग होने के बाद फिर कभी विधायक नहीं बन पाए। तेजस्वी ने विजय कुमार सिन्हा की प्रशंसा की। कहा कि विजय सिन्हा असली भाजपाई हैं। सम्राट चौधरी तो पांच साल के भाजपाई हैं।
पशुपालन घोटाला की चर्चा करने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री स्व. डॉ. जगन्नाथ मिश्र का जिक्र कर दिया। उनका कहना था कि डॉ. मिश्र भी पशुपालन घोटाला के अभियुक्त थे, लेकिन नाम सिर्फ लालू प्रसाद का ही लिया जाता है।
सदन में मौजूद डॉ. मिश्र के पुत्र एवं उद्याेग मंत्री नीतीश मिश्रा ने प्रतिवाद किया। उनका कहना था कि डॉ. मिश्र को अदालत ने आरोपों से बरी कर दिया था।
सदन में फिर शोर-शराबा शुरू हो गया। इसी बीच तेजस्वी ने प्रश्न किया कि डा. मिश्र छह मामलों में आरोपी थे। वे कितने मामलाें में बरी हुए थे? शोर शराबा के कारण नीतीश मिश्रा का उत्तर नहीं सुना जा सका।
मैं मलाई नहीं चांपता: विजय चौधरी- तेजस्वी ने अपने भाषण में एक बार कहा कि जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी 1990 तक कांग्रेस में रह कर मलाई चांपते थे। बाद में इधर आ गए।
- चौधरी ने तुरंत जवाब दिया-मैं आपके साथ भी रहा हूं। मैं जहां भी रहता हूं, काम करता हूं। मलाई चांपने का काम दूसरों का है।
- चौधरी ने कहा कि तेजस्वी पूर्ववर्ती सरकारों की कमियां गिनाकर कांग्रेस की ही आलोचना कर रहे हैं। कांग्रेस अभी राजद के साथ महागठबंधन में है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव (Tejashwi Yadav) मंगलवार को बिहार विधानसभा में पूरी रौ में दिखे। उन्होंने 1990 से 2005 तक लालू-राबड़ी की सरकार की उपलब्धियां गिनाई। राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया।
उन्होंने सत्तापक्ष से कहा- अब तो जंगलराज जपना छोड़िए और 20 सालों में क्या-क्या किया, उसके बारे में बताइए। तेजस्वी ने अपने भाषण के अंत में सदन से कहा- सब लोग मुझे आशीर्वाद दीजिए, मैं नया बिहार बनाऊंगा। जिस समय तेजस्वी सदन में अपनी बात रख रहे थे, उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे।
तेजस्वी ने कहा कि मुझे दुख है कि मेरे लिखे पत्र का मुख्यमंत्री कोई जवाब नहीं देते और न मेरे वक्तव्य के दौरान सदन में मौजूद हैं। हालांकि, तेजस्वी के वक्तव्य खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री सदन में आ गए।
'राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन'तेजस्वी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन है। सरकारें बदल जाती हैं। राज्यपाल बदल जाते हैं, लेकिन अभिभाषण हर साल वही रहता है। आरिफ मोहम्मद खान बिहार के नए राज्यपाल बने हैं। कुछ लोगों ने अभिभाषण का कॉपी दे दिया होगा, जिसे उन्होंने पढ़ दिया है। शायद उन्होंने पिछला अभिभाषण नहीं पढ़ा होगा कि पिछला बजट क्या था?
तेजस्वी ने कहा, 2020 से 2025 के बीच में तीन बार सरकार बदली। दो साल भी किसी सरकार का कार्यकाल नहीं हो पाता है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिछली सरकार में राज्यपाल रहे राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण की कॉपी लेकर विधानसभा आए हैं। इससे पहले के जितने भी राज्यपाल रहे होंगे, सभी का अभिभाषण वही पुराना और घिसा-पिटा रहा है। राज्यपाल कब का अभिभाषण पढ़ रहे थे, लोग पूरी तरह से भ्रम में हैं।
उन्होंने एक शेर पढ़ा- पुराने कागजों में उलझे हैं तुम्हारे दिन और रात, घड़ी देखकर भी भूल जाते हो हर मुलाकात। तेजस्वी ने कहा- राज्य में जब हमलोगों की सरकार थी उस वक्त बड़ी संख्या में पुलिस और शिक्षक के पदों पर बहाली हुई। हमारी सरकार की उपलब्धि को भी इस सरकार की उपलब्धि में जोड़ दिया गया है। राज्यपाल के अभिभाषण में हमारी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया गया।
'कत्ल तो नहीं बदला कत्ल की जगह बदली'तेजस्वी सदन में लालू-राबड़ी की सरकार में सरकारी नियुक्तियों और विकास कार्यों का आंकड़ा एवं नीति आयोग की रिपोर्ट से लेकर बिहार के विकास से जुड़ी दो-तीन पुस्तकें भी साथ लाए थे, जिसे उठा-उठाकर अपने भाषण के दौरान कभी आसन की ओर से कभी सरकार-सत्तापक्ष की तरफ दिखा रहे थे।
लिखित में कई शेरो-शायरी भी लाए थे। उन्होंने नीतीश सरकार पर तंज कसते हुए एक शेर पढ़ा- कत्ल तो नहीं बदला, कत्ल की जगह बदली।
उन्होंने आंकड़े के जरिये लालू-राबड़ी की सरकार में हुई नियुक्तियों, स्कूली शिक्षा में सुधार, अफसरशाही पर नकेल और विकास कार्यों के बारे में बताया।
तेजस्वी ने विधायक दल-बदल के मुद्दे पर कहा कि बिहार विधानसभा में कोई नियम-कानून नहीं बचा है। यह सीधे तौर पर कानून का अपमान है कि विपक्ष के लोग सत्ता पक्ष में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्षी विधायक सत्ता पक्ष में कैसे बैठ सकते हैं?
तेजस्वी ने सही तथ्य पर बात करने की मुख्यमंत्री को दी चुनौतीप्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने राज्य के विकास पर सही तथ्यों पर बात करने की चुनौती मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दी। उन्होंने चुनौती के अंदाज में कहा कि 65 प्रतिशत आरक्षण का फिर से प्रस्ताव लाएं। हम उसे लागू कराने के लिए समर्थन करेंगे। जनता ने उन्हें 20 साल मौका दिया, फिर भी बिहार विकसित क्यों नहीं हुआ। इसका जवाब मुख्यमंत्री दें। अगर यह सरकार 40 साल भी रह जाएगी, तब भी पुरानी सरकार को दोष देती रहेगी।
तेजस्वी ने कहा कि राज्य में अफसरशाही, भ्रष्टाचार, महंगाईऔर गरीब-गुरबों पर दमन चरम पर है। 2005 से पहले राज्य में पावरफुल सरकार थी, जो दिल्ली से लड़कर बिहार के लिए हक लेती थी। 1990 के बाद राज्य में किसी माई के लाल में दम नहीं था कि जो गरीब-गुरबों को सताए। गरीबों-शोषितों को यह ताकत लालू प्रसाद ने दिया था।
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Bihar Teacher Transfer: शिक्षकों के ट्रांसफर पर आ गया ताजा अपडेट, सरकार 2 महीने में देगी खुशखबरी
राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी कि अगले दो महीने के अंदर शिक्षकों का तबादला (Bihar Teacher Transfer) उनके मन के हिसाब से उनके गृह जिले में कर दिया जाएगा। शिक्षकों से इस बारे में शिक्षा विभाग ने विकल्प के साथ आवेदन मांगे थे।
उन्होंने कहा कि आवेदनों की स्क्रीनिंग कर दो माह में उनका तबादला कर दिया जाएगा। इस बाबत आए एक प्रश्न के जवाब मेें उन्होंने यह सूचना पढ़ी।
विधायक सूर्यकांत पासवान ने उठाया था सवालविधायक सूर्यकांत पासवान ने इस सवाल को उठाया था। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के एक लाख से अधिक शिक्षकों ने अपने तबादले के लिए आवेदन किया है। शिक्षकों का पदस्थापन गृह जिले से 200 किमी की दूरी पर होने तथा पति-पत्नी के भिन्न-भिन्न स्थानों पर पदस्थापित होने के कारण गंभीर पारिवारिक संकट हो गया है।
शिक्षा मंत्री ने दिया ये जवाबशिक्षा मंत्री ने कहा कि गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों का पदस्थापन (Bihar Teacher Posting) उनके मन के हिसाब से कर दिया गया है। पति-पत्नी दोनों अगर शिक्षक हैं तो उनका तबादला भी उनकी इच्छा के हिसाब से कर दिया जाएगा। तबादले को लेकर सॉफ्टवेयर को तैयार कर लिया गया है।
मंत्री ने कहा कि मन के हिसाब से तबादले का आवेदन देने वाले शिक्षकों अगर तबादले से असंतुष्ट होंगे तो जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी गई है, जहां वे अपना आवेदन दे सकेंगे। इसी तरह मुख्यालय में भी एक कमेटी बनायी गयी है जहां असंतुष्ट शिक्षक आवेदन कर सकेंगे।
मदरसा शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक नहीं, पोर्टल लाइव : शिक्षा मंत्रीशिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में आए एक प्रश्न के जवाब में बताया कि मदरसा शिक्षकों की नियुक्ति पर कोई रोक नहीं है। इसके लिए पोर्टल भी लाइव है। बहादुरगंज के विधायक मो. अंजार नईमी ने इस प्रश्न को उठाया था।
उन्होंने कहा कि काफी लंबे समय से मदरसा शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगी हुई है। इस कारण सैकड़ो मदरसे में या तो एक शिक्षक की या फिर शिक्षक विहीन होने की स्थिति है। इस कारण पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विधानमंडल के बजट सत्र के बाद वह नियुक्ति की प्रक्रिया को आरंभ कराएंगे।
विधानसभा परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन, आरक्षण समाप्त करने का लगाया आरोपबिहार विधानसभा के बजट कालीन सत्र के तीसरे दिन मंगलवार की सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विधानसभा परिसर में विपक्ष के नेताओं ने आरक्षण समाप्त करने, दलितों पिछड़ों को दो सौ यूनिट बिजली देने जैसी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया।
राजद-कांग्रेस और वामपंथी सदस्यों ने बजट में गरीबों की अनदेखी किए जाने क्या आरोप लगाते हुए अपनी प्रदर्शन किया और दलितों पिछड़ों के लिए 200 यूनिट फ्री बिजली की मांग की। इसके अलावा, रिक्त पदों को अविलंब भरने और दो लाख के पोर्टल को 31 मार्च तक चालू रखने की मांग उठाई।
दूसरी ओर, राजद और कांग्रेस सदस्यों ने सरकार पर आरक्षण को समाप्त करने के आरोप लगाए। प्रदर्शन कर रहे विधायकों ने कहा कि जाति आधारित गणना के बाद राज्य सरकार ने आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 65 प्रतिशत किया मगर उसे समाप्त करने की साजिश की गई।
राजद के बार-बार के आग्रह और प्रस्ताव देने के बाद भी संशोधित आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया। इन सदस्यों ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति को आवश्यक रूप से 65 प्रतिशम आरक्षण देने की मांग उठाई और कहा कि सरकार विपक्ष को सुने और संशोधित आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करे।
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डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानसभा में नेताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई। सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
नीतीश कुमार ने कहा कि पहले बिहार में क्या था? बिहार में छह सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल थे। उसे हमने बढ़ाया। तुम्हारे (तेजस्वी यादव) पिता को मैंने ही बनाया है। तुम्हारी जाति के लोग भी मुझसे पूछ रहे थे कि मैं ऐसा क्यों कर रहा हूं, लेकिन मैंने फिर भी उनका समर्थन किया।
नीतीश कुमार ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि ये लोग (राजद) उस समय (लालू राज) गड़बड़ कर रहे थे। ये लोग पिछड़ा-अति पिछड़ा को बंद करके केवल पिछड़ा करना चाहते थे, जिसका हमने विरोध किया। हमने कहा कि यह सब फालतू बात है। इस वजह 1994 में हम अलग हो गए।
#WATCH पटना (बिहार): सदन में आरजेडी विधायक तेजस्वी यादव के साथ बहस के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "पहले बिहार में क्या था? तुम्हारे (तेजस्वी यादव) पिता को मैंने ही बनाया है। तुम्हारी जाति के लोग भी मुझसे पूछ रहे थे कि मैं ऐसा क्यों कर रहा हूं, लेकिन मैंने फिर भी उन्हीं… pic.twitter.com/6UKY6EcTq6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 4, 2025सीएम नीतीश ने यह भी कहा कि बिहार में पहले शाम के बाद कोई घर से नहीं निकलता था। अब रात के 11 बजे तक चाहे लड़का हो या लड़की या महिला ही क्यों न हो सब बाहर निकलते हैं। हमने हर क्षेत्र में काम किया है।
दूसरी तरफ, तेजस्वी यादव ने भी सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार लगातार संविधान और लोकतंत्र को खत्म करने में जुटी है।
कंफ्यूजड रहा राज्यपाल का अभिभाषण- तेजस्वी ने आगे कहा कि ये बात किसी से छुपी नहीं है कि इस बार राज्यपाल का अभिभाषण बहुत ही कंफ्यूजड रहा। 2015 से 2025 यानी कि 10 साल में देखा जाए तो बिहार में 5-5 राज्यपाल बने हैं।
- उन्होंने कहा कि 2020-2025 तक तीन बार बिहर में सरकार बदली है। अब तक सभी राज्यपाल का अभिभाषण एक जैसा था।
- अब राज्यपाल 2005 या 2010 या वह हमारा 2015 में जो हमारी उपलब्धियां वो अभिभाषण में पढ़ रहे थे या 2017 या 2024 का अभिभाषण पढ़ रहे थे।
- इस बार के अभिभाषण में हमारे भी उपलब्धियों को पढ़ा गया तो इस बार का अभिभाषण बड़ा ही कंफ्यूजड रहा। बजट अलग था लेकिन इस बार के अभिभाषण में हमारी कई उपलब्धियों को गिनवाया गया।
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राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Politics: बिहार सरकार मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में अनियमितता की जांच कराएगी। राजद के एमएलसी सौरभ कुमार के तारांकित प्रश्न पर पंचायतीराज मंत्री केदार गुप्ता ने सदन को यह भरोसा दिया। विपक्ष के प्रश्न पर सत्तापक्ष के साथ ही निर्दलीय विधान पार्षदों ने भी मंत्री के उत्तर पर असंतोष प्रकट करते हुए पूरक प्रश्न के माध्यम से आपत्ति जताई।
कई सदस्यों की आपत्ति पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सिर्फ प्रश्नकर्ता को बोलने की अनुमति दी। विपक्ष के मांग पर सोलर स्ट्रीट लाइट गुणवत्ता को लेकर मंत्री ने कहा कि सामग्री आपूर्ति के पूर्व गुणवत्ता की जांच एनआइएसई एवं एनएबीएल लैब परीक्षण प्रतिवेदन द्वारा प्राप्त की जाती है। इसके साथ ही लगे हुए सोलर स्ट्रीट लाइट को रैंडम आधार पर चिह्नित कर जांच किए जाने का प्रविधान है।
यही नहीं, सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वेयर हाउस में सामग्री आपूर्ति के उपरांत ब्रेडा एवं जिला स्तर के पदाधिकारी द्वारा आपूर्ति की गई सामग्री का निरीक्षण किया जाता है। आपूर्ति की गई सामग्री के मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं रहने की स्थिति में कार्यान्वयन एजेंसी के विरूद्ध डिबार एवं ब्लैकलिस्टेड करने की कार्रवाई का प्रविधान है।
एमआरपी पर घिरे मंत्री, सदस्यों ने ली चुटकीपंचायतीराज मंत्री के उत्तर पर कटाक्ष करते हुए पूरक प्रश्न के माध्यम से सौरभ कुमार ने कहा कि 16 दिसंबर-2024 को मंत्री ने स्वयं अपने बयान में कहा- हां, जो भी सोलर लाइट की खरीदारी हुई है, यह उनके संज्ञान में आया है और कहीं न कहीं इसमें गड़बड़ी हुई है। इसकी जांच होगी।
इसमें यह स्पष्ट लिखा गया है कि 17 हजार की जो सोलर लाइट है, वह 30 हजार पांच सौ रुपये में खरीदी गई है। इसमें सरकार की तरफ से न्यूनतम दर 30 हजार 500 रुपया लिखा हुआ है। आसन का ध्यान आकृष्ट करते हुए सदस्यों ने चुटकी ली। सौरभ ने कहा कि आज तक हमलोग अधिकतम दर जानते हैं, एमआरपी (मैक्सिमम रिटेल प्राइस)।
इस सरकार की यह पहली खरीद है, जिसमें एनआरपी आया है यानी न्यूनतम रिटेल प्राइस। किसी भी चीज की जो प्राइस होगी खरीदने की, वह न्यूनतम कैसे हो सकती है। अधिकतम हो सकती है कि इस दाम तक हम खरीदेंगे। इस दौरान अब्दुलबारी सिद्दीकी, महेश्वर सिंह, तरूण कुमार एवं प्रोफेसर संजय कुमार सिंह ने भी पूरक प्रश्न के माध्यम से गड़बड़ी की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट किया।
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Bihar Budget 2025: बिहार में बजट का एक बड़ा हिस्सा चला जा रहा वेतन-पेंशन में, नई नियुक्तियों ने बढ़ाई परेशानी
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: सरकारी सेवकों को प्राय: अपने वेतन को लेकर शिकायत रहती है। वेतन आयोग की रिपोर्ट और सरकार के साथ समझौते। फिर समझौते को लागू कराने के लिए समझौते। हालांकि, एक सच्चाई यह भी है कि सरकार के बजट का एक बड़ा हिस्सा सरकारी सेवकों के वेतन-पेंशन भुगतान पर खर्च हो जाता है।
चालू वित्तीय वर्ष (2024-25) में यह खर्च 72355 करोड़ रुपये था, जो नए वित्तीय वर्ष (2025-26) में बढ़कर 114862.88 करोड़ रुपये हो गया है। इनमें से 81473.45 करोड़ रुपये समग्रता में वेतन शीर्ष के हैं।
वेतन पर सिर्फ 40559 करोड़ रुपये खर्चशिक्षा, पुलिस और इंजीनियरिंग सेवा में नई नियुक्तियों के कारण वेतन पर व्यय अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है। चालू वित्तीय वर्ष में वेतन मद में 40559 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित रहा है। हालांकि, यह केवल नियमित नियुक्तियों के लिए दिया जाने वाला वेतन है।
वेतन और पेंशन के बीच का अंतर कम होता जा रहावित्तीय वर्ष 2014-15 से वेतन और पेंशन के बीच का अंतर निरंतर कम होता जा रहा था। इस बार वह अंतर कुछ अधिक हुआ है। नए वित्तीय वर्ष में संविदा पर नियोजित सरकारी कर्मियों के मानदेय में 4985.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वेतन मदन में यह राशि भी समाहित है।
इसके अलावा इस मद में 21790.22 सहायक अनुदान वेतन है। स्थापना व प्रतिबद्ध मद में वेतन की राशि 51690.34 करोड़ रुपये है, जो नियमित सरकारी सेवकों को दी जाती है। पेंशन पर व्यय की स्थिति तो यह है कि कुल बजटीय आवंटन का 10.54 प्रतिशत राशि इसी मद में जा रही।
उल्लेखनीय है कि आज से 20 वर्ष पहले यानी 2005-06 मेंं वेतन मद में कुल व्यय 5152.79 करोड़ रुपये रहा था। पेंशन पर यह खर्च 2456 करोड़ रुपये था।
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Patna News: ऐसी चोरी पटना में पहले हुई है क्या? एक साथ अपार्टमेंट के 5 फ्लैटों में डाका; पुलिस भी हैरान
जागरण संवाददाता, पटना। Patna News: कदमकुआं थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर रोड नंबर 12 स्थित चारमीनार अटपार्टमेंट में दाखिल हुए चोरों ने पांच फ्लैटों का ताला तोड़ दिया। दो घंटे में हरेक कमरे को खंगाल डाला। कमरे से जो भी ज्वेलरी और नकद मिला उसे लेकर फरार हो गए।
घटना को रविवार की रात दो से सोमवार सुबह चार बजे के बीच अंजाम दिया गया। जिस फ्लैट में चोरी हुई, उसमें फ्लैट ए-104 में मुंगेर के बीएनएस कालेज के प्राचार्य आशुतोष कुमार, बी-301 में डा. प्रमोद कुमार, डी 402 में आरएस तिवारी, डी-301 में डा. रोहित रमण और डी-204 में डा. अनिल अग्रवाल रहते हैं।
फुटेज में चार संदिग्धों को देखा गया है। वहीं, प्राचार्य की शिकायत पर कदमकुआं थाने की पुलिस अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच में जुटी है। थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि दो फ्लैट में सामान कम थे, जबकि अन्य फ्लैट मालिक के आने के बाद ही पता चलेगा कि कितने सामान चोर उड़ा ले गए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है।
बगल के फ्लैट को बाहर से कर दिया था बंदछानबीन में पता चला कि चोरों का गिरोह अपार्टमेंट में घुसने के बाद सबसे पहले फ्लैट नंबर ए-104 के पास गए। इसमें प्राचार्य रहते हैं। वह खुद पटना में नहीं थे। पत्नी और बच्चे नागपुर में हैं। ग्रिल काटकर फ्लैट में दाखिल होने से पहले चोरों ने बगल के फ्लैट का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। इसके बाद अन्य चारों फ्लैटों में दाखिल हुए थे। करीब दो घंटे तक चोर फ्लैट में रहे और हरेक कमरे का खंगालते रहे। हैरानी की बात तो यह है कि अपार्टमेंट में रहने वाले अन्य लोग और गार्ड को भी इसकी भनक नहीं लगी।
दरवाजा नहीं खुलने पर गार्ड को बुलायाघटना की जानकारी सुबह तब हुई, जब बगल के फ्लैट में रहने वाली महिला बाहर का दरवाजा खोलने गई। पता चला किसी ने बाहर से कुंडी लगा दी है। इसके बाद उन्होंने अपार्टमेंट के गार्ड से संपर्क किया। गार्ड दरवाजा खोलने पहुंचा तो देखा कि प्राचार्य के फ्लैट का ग्रिल खुला है। इसके बाद पता चला कि अपार्टमेंट के अन्य चार फ्लैट में भी चोरी हुई है।
रेकी के बाद गैस कटर लेकर पहुंचे थे चोरजिस तरह एक साथ फ्लैटों का ताला काटा गया है, उससे साफ है कि गिरोह को इस बात की जानकारी थी कि इनमें कोई नहीं रहता है। अपार्टमेंट की रेकी की बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है। यह गिरोह ग्रिल काटने के लिए गैस कटर लेकर गया था। ग्रिल के पास जलने का निशान भी मिले हैं।
पुलिस घटना के दो दिन पूर्व का भी सीसीटीवी फुटेज देख रही है ताकि यह पता चल सके कि रेकी कब और किसने की थी? घटना के बाद गिरोह किस दिशा में भागा और किस दिशा से आए थे? इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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Bihar Weather Today: बिहार में अगले 48 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 8 और 9 मार्च को बारिश का अलर्ट
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार का मौसम अभी शुष्क बना रहेगा। 48 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट का पूर्वानुमान है। कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने व आकाश साफ होने से मौसम सामान्य बना रहेगा। सुबह-शाम हल्की ठंड रहेगी।
8 और 9 मार्च को बारिश के आसारमौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, आठ से नौ मार्च के पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय के भागों को प्रभावित करेगी। इसके कारण पटना समेत दक्षिणी भागों के एक या दो स्थानों पर हल्की वर्षा की संभावना है। शेष भागों का मौसम सामान्य बना रहेगा।
पटना सहित 28 शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावटप्रदेश में तेज हवा के प्रवाह व आंशिक बादल छाए रहने के कारण पटना सहित 28 शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस व 32.1 डिग्री सेल्सियस के साथ खगड़िया में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
पटना सहित सात शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। 11.9 डिग्री सेल्सियस के साथ पुपरी (सीतामढ़ी) में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के कुछ स्थानों पर एक से दो डिग्री की गिरावट न्यूनतम तापमान में दर्ज किया गया।
प्रदेश के अधिसंख्य जिलों का न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री अधिक बना रहा। राजधानी समेत आसपास इलाकों में तेज हवा के प्रवाह के साथ मौसम सामान्य बना रहा।
भागलपुर में होगी मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना, रोडमैप तैयारमौसम की सटीक जानकारी के लिए भागलपुर में मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना होगी। राज्य सरकार ने इसका रोडमैप तैयार कर लिया है। जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा। मौसम विज्ञान की स्थापना को लेकर बजट में प्रावधान किया गया है।
मौसम पूर्वानुमान प्रणाली को और मजबूत करने के लिए भागलपुर सहित कई नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे न केवल जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन को लेकर सही अनुमान लगाना आसान होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मौसम विज्ञान केंद्र का क्या काम होता है?- मौसम की निगरानी: मौसम विज्ञान केंद्र मौसम संबंधी आंकड़ों को इकट्ठा करता है, जैसे कि तापमान, आर्द्रता, हवा की गति, और वर्षा।
- मौसम पूर्वानुमान: मौसम विज्ञान केंद्र मौसम की भविष्यवाणी करता है, जिससे लोगों को मौसम संबंधी जानकारी मिल सके।
- मौसम संबंधी चेतावनी: मौसम विज्ञान केंद्र मौसम संबंधी चेतावनी जारी करता है, जैसे कि तूफान, बाढ़, और सूखा।
- मौसम अनुसंधान: मौसम विज्ञान केंद्र मौसम संबंधी अनुसंधान करता है, जिससे मौसम की भविष्यवाणी में सुधार हो सके।
- मौसम संबंधी जानकारी प्रदान करना: मौसम विज्ञान केंद्र मौसम संबंधी जानकारी प्रदान करता है, जिससे लोगों को मौसम के बारे में जानकारी मिल सके।
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पटना की सड़कों पर आज से कर दी यह गलती तो भरना पड़ेगा 20 हजार का जुर्माना, DM-SSP ने निगरानी के लिए बनाई स्पेशल टीम
जागरण संवाददाता, पटना। शहर में सड़क पर स्थाई अतिक्रमण के खिलाफ 20 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया जाएगा।
अस्थाई अतिक्रमण करने वालों से पांच हजार रुपये वूसल किए जाएंगे। प्रमंडलीय आयुक्त प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने सोमवार को यह निर्देश दिया है।
नेहरू मार्ग दानापुर के सगुना मोड़ से डाकबंगला चौराहा, अशोक राजपथ, पटना जंक्शन, बोरिंग रोड, केनाल रोड, राजेंद्र नगर टर्मिनल, जीपीओ से गोरिया टोली समेत अन्य प्रमुख स्थल को अतिक्रमण फ्री बनाने के लिए डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्त के अलावा सभी एसडीओ व एसडीपीओ को प्रभावी ढंग से अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
अभियान मंगलवार से आरंभ होगा और इस कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वालों पर विधि-सम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया है। अभियान के लिए जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने आठ टीमों का गठन किया है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पटना नगर निगम के छह अंचलों नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद, पटना सिटी के साथ नगर परिषद् फुलवारीशरीफ एवं दानापुर निजामत में भी चलाया जाएगा।
इसमें प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस के अलावा परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशाम, पुल निर्माण निगम, दूरसंचार, वन प्रमंडल, विद्युत सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल हैं।
आम जनता की सुविधा के लिए लिया गया फैसलाआयुक्त ने कहा कि आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाया जाना ज़रूरी है। इसमें कोई व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गठित की गई टीम शहर की मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाएगी। सड़कों पर अवैध व्यावसायिक गतिविधि करने वालों पर कार्रवाई करेगी तथा सुगम यातायात का प्रबंधन करेगी।
प्रत्येक टीम में दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों सहित महिला-पुरुष पुलिस एवं लाठी बल को भी तैनात किया गया है। डेडिकेटेड फालोअप टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी। इस फेज में यह अभियान 28 मार्च तक चलेगा।
आयुक्त प्रतिदिन इसकी समीक्षा करेंगे। जहां-जहां अतिक्रमण हटाया गया है वहां यह टीम पुनः अतिक्रमण की घटना पर सख्ती से निपटेगी। पुनः अतिक्रमण करने वालों पर प्राथमिकी की जाएगी।
पांच सदस्यीय निगरानी सेल का गठनआयुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी ने पांच सदस्यीय निगरानी सेल का गठन किया है। इसमें अपर जिला दंडाधिकारी, नगर व्यवस्था, पुलिस अधीक्षक, विधि-व्यवस्था व यातायात, अपर नगर आयुक्त पटना नगर निगम तथा सिटी मजिस्ट्रेट-सह-प्रभारी दंडाधिकारी जिला नियंत्रण कक्ष को शामिल किया गया है।
गतका के लिए जुटेंगे देशभर के 160 खिलाड़ी- मई में खेलो इंडिया यूथ गेम्स होना है। गया के बीपार्ड में गतका चैंपियनशिप खेली जाएगी। गतका फेडरेशन आफ इंडिया के सचिव बलजिंदर सिंह टूर ने गया पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया।
- उनके साथ गतका एसोसिएशन आफ बिहार के अध्यक्ष जगजीवन सिंह, सचिव भोला थापा, गया जिला के सचिव धीरज, नीतीश कुमार और पूजा कुमारी भी मौजूद रहीं।
- उन्होंने आयोजन की विस्तार से जानकारी दी। बलजिंदर सिंह टूर ने बताया कि प्रतियोगिता में देशभर के 16 राज्यों से 160 खिलाड़ी भाग लेंगे।
- इसके अलावा गतका फेडरेशन के 15 सदस्य और 40 अन्य सहयोगी सदस्य भी उपस्थित रहेंगे। खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोजन एवं आवासन की व्यवस्था की जा रही है।
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Holi Special: यात्रियों के लिए खुशखबरी, होली पर पटना-उधना के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन; यहां देखें पूरा शेड्यूल
जागरण संवाददाता, पटना। यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर रेलवे की ओर से होली स्पेशल ट्रेनों को चलाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे की ओर से उधना एवं पटना के बीच होली स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।
वलसाड एवं दानापुर के बीच भी होली स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा आनंद विहार से दरभंगा, रक्सौल से बरौनी, गोरखपुर से रांची के बीच होली स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।
रेलवे की ओर से उधना-पटना सुपर फास्ट स्पेशल ट्रेन का परिचालन 7 मार्च से 27 जून तक किया जाएगा। वहीं, इस ट्रेन की वापसी 8 मार्च से 28 जून तक करने का निर्णय लिया गया है।
यह ट्रेन सप्ताह में एक दिन पटना से प्रत्येक शनिवार को एवं एक दिन उधना से शुक्रवार को परिचालित की जाएगी। पटना से यह ट्रेन प्रत्येक शनिवार को 13.05 बजे रवाना होगी।
वहीं, उधना से शुक्रवार को 08.35 बजे रवाना होगी। इस ट्रेन को डीडीयू, आरा, बक्सर, एवं पटना में ठहराव दिया गया है।
पटना-पुरी स्पेशल ट्रेन का अवधि विस्तार जून तकरेलवे की ओर से पटना-पुरी स्पेशल ट्रेन का अवधि विस्तार जून तक कर दिया गया है। यह ट्रेन 8 मार्च से 28 जून तक चलाई जाएगी। पुरी से पटना आने वाली ट्रेन प्रत्येक शनिवार को चलाई जाएगी। वहीं, पटना से पुरी जाने वाली स्पेशल गाड़ी 9 से 29 जून तक चलाई जाएगी। पटना से यह ट्रेन प्रत्येक रविवार को रवाना की जाएगी।
वलसाड-दानापुर स्पेशल का परिचालन 30 जून तकभारतीय रेलवे ने वलसाड-दानापुर स्पेशल गाड़ी का अवधि विस्तार कर दिया है। अब यह ट्रेन वलसाड से 30 जून एवं दानापुर से एक जुलाई तक चलाने का निर्णय लिया गया है।
यह ट्रेन प्रत्येक सोमवार को वलसाड से एवं प्रत्येक मंगलवार को दानापुर से चलाई जाएगी। यह ट्रेन दानापुर से प्रत्येक मंगलवार को 14.30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन आरा, बक्सर, डीडीयू रुकते हुए जाएगी।
रेलवे ने जारी किया हेल्पलाइन नंबरयात्रियों की सुविधा के रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। रेलवे की ओर से हेल्पलाइन नंबर 139 जारी किया गया है। इस पर डायल कर यात्री ट्रेनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
छपरा से आनंद विहार के लिए कल से स्पेशल ट्रेनवहीं, दूसरी ओर गोपालगंज में छपरा से दिघवा दुबौली और थावे जंक्शन होकर आनंद विहार टर्मिनल के लिए बुधवार से फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इस ट्रेन का परिचालन चार फेरों के लिए किया जाएगा।
छपरा से आनंद विहार टर्मिनल के लिए फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन 05113 का परिचालन पांच मार्च से प्रत्येक बुधवार को किया जाएगा। इसी प्रकार वापसी यात्रा में आनंद विहार टर्मिनल से छपरा के लिए फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन 05114 का परिचालन प्रत्येक गुरुवार को होगा।
छपरा से यह ट्रेन 15:45 बजे चलेगी और छपरा कचहरी, मसरख हाेकर 17:17 बजे दिघवा दुबौली, 18:20 बजे थावे जंक्शन पहुंचेगी। यहां से तमकुही, पडरौना, कप्तानगंज, गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, अगले दिन गोंडा से बुढ़वल, सीतापुर, शाहजहापुर, बरेली, मुरादाबाद होकर 14:25 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी।
आनंद विहार टर्मिनल से 16:00 बजे चलकर अगले दिन 10:15 बजे थावे, 11:40 बजे दिघवा दुबौली से होकर 14:00 बजे छपरा पहुंचेगी।
इस स्पेशल ट्रेन में एसएलआरडी के दो, सामान्य द्वितीय श्रेणी के छह, शयनयान के 10, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के तीन, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के एक समेत कुल 22 कोच होंगे। फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाए जाने से होली में यात्रियों को सहूलियत होगी।
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Bihar Jobs: 1.40 लाख और पदों पर होगी भर्ती, बजट के साथ नीतीश सरकार ने युवाओं को दे दिया एक और बड़ा तोहफा
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया गया। नए वित्तीय वर्ष यानी 2025-26 में 1.40 लाख पदों पर नियुक्ति होगी। बजट में सरकार ने इसके लिए प्रविधान किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 427866 नियुक्तियां हो चुकी हैं।
अब नए वित्तीय वर्ष में रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित नियुक्ति करने के लिए अधियाचनाएं विभिन्न आयोगों को भेजी गई हैं। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत 14 जनवरी, 2025 तक कुल 772159 आवेदकों को स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया जा चुका है।
370 प्रखंडों में बनेंगे स्टेडियममुख्यमंत्री खेल विकास योजना के अंतर्गत राज्य के सभी 534 प्रखंडों में स्टेडियम का निर्माण होगा। 370 प्रखंडों में स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। उनमें से 229 स्टेडियम का निर्माण हो चुका है।
इसके अलावा 5671 पंचायतों में 6659 खेल मैदानों के निर्माण का काम चल रहा है। मेडल लाओ-नौकरी पाओ योजना के अंतर्गत अभी तक राज्य के 71 खिलाड़ियों को नौकरी दी जा चुकी है।
विकास निधि से हुए काम17वीं विधानमंडल के सदस्यों की अनुशंसा पर 37613 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन पर 2091 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह काम मुख्यमंत्री क्षेत्रीय विकास निधि के अंतर्गत हुआ है।
वहीं, संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत 2024-25 में सांसदों द्वारा 1628 योजनाओं की अनुशंसा हुई। उनमें से 1485 योजनाओं को स्वीकृति दी गई।
पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति पर खर्च होंगे 875.77 करोड़राज्य सरकार ने बजट में पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के छात्रवृति मद में 875 करोड़ 77 लाख रुपये का प्रविधान किया है।
इस राशि से सरकारी विद्यालयों और मान्यता प्राप्त एवं स्थापना प्रस्वीकृत विद्यालयों में पहली से दसवीं कक्षा तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के बीच छात्रवृत्ति दी जाएगी।
इसके लिए पहले से मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना लागू है। बजट के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के तहत 1 लाख 9 हजार 331 छात्र-छात्राओं को लाभ दिया जा चुका है।
वहीं, सभी 38 जिलों में 39 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
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जागरण संवाददाता, पटना। Bank Holidays in March। मार्च महीने में होली का त्यौहार पड़ रहा है। इसके साथ ही रमजान महीना भी चल रहा है। महीने के अंत में ईद-उल-फितर है। इस वजह से मार्च के महीने में छुट्टियों की भरमार है।
मार्च के महीने में अगर बैंक में आपका भी कोई जरूरी काम है तो उसे जल्दी से निपटा लें, वरना कहीं बैंक की छुट्टियों की वजह से आप का काम अधूरा न रह जए।
बैंक, बचत योजना, आयकर सहित विभिन्न वित्तीय योजनाओं को लेकर मार्च का महीना काफी महत्वपूर्ण होता है। इस महीने बैंक भी 10 दिन बंद रहेंगे, जबकि ऑल इंडिया बैंक कन्फेडरेशन के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल भी निर्धारित है।
यह हड़ताल 24 एवं 25 मार्च को प्रस्तावित है। ऐसे में आपको आवश्यक तैयारी कर लेनी चाहिए। महीने के आखिरी में रविवार और ईंद को लेकर छुट्टी भी निर्धारित है।
इन तारीखों को रहेगी छुट्टीएसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव अमरेश विक्रमादित्य ने बताया कि मार्च में 2, 9, 16, 23 एवं 30 मार्च रविवार का अवकाश है। जबकि 8 और 22 मार्च को दूसरा शनिवार होने के कारण अवकाश है। 14 एवं 15 मार्च को होली की छुट्टी है। इसके अतिरिक्त 31 मार्च को ईद को लेकर अवकाश घोषित है।
बैंक के बकायेदारों पर शुरू होगी कार्रवाई की प्रक्रियावहीं, दूसरी ओर अंचल कार्यालय ब्रह्मपुर में प्रखंड स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक सोमवार को हुई। इसमें नीलाम पत्र वाद से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में यह पाया गया कि ब्रह्मपुर अंचल कार्यालय के अंतर्गत विभिन्न बैंकों में कुल 1223 वाद लंबित हैं, जिनकी कुल राशि 53 करोड़ 61 लाख रुपये है।
इनमें से भारतीय स्टेट बैंक ब्रह्मपुर में 491 वाद हैं, जिनकी राशि 36 करोड़ 47 लाख रुपये है। बैठक में उपस्थित सदस्यों को बताया गया कि राजस्व पर्षद बिहार द्वारा नियमित रूप से नीलाम पत्र वादों की समीक्षा की जा रही है।
इसके अलावा, सभी देनदारों को धारा 107 की नोटिस जारी की गई है और बैंकों को बकायेदारों की सूची उपलब्ध कराई गई है। बकायेदारों के खिलाफ बॉडी वारंट और कुर्की जप्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
बकायेदारों द्वारा ऋण की राशि जमा नहीं किए जाने के कारण बाडी वारंट/कुर्की जब्ती की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
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Patna News: पटना में अचानक 88 लोगों को क्यों किया गया गिरफ्तार? SSP के आदेश पर हुई कार्रवाई, सामने आई वजह
जागरण संवाददाता, पटना। एसएसपी अवकाश कुमार के निर्देश पर जिले में सभी थानों की पुलिस अपने अपने क्षेत्र में लूट, हत्या, हत्या के प्रयास सहित अन्य मामलों में फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है।
बीते 24 घंटे में लूटकांड के दो आरोपित सहित अन्य मामलों में 88 लोगों की गिरफ्तारी हुई। लूट मामले में दीदारगंज थाना क्षेत्र से दोनों दबोचे गए।
वहीं, सुल्तानगंज, बख्तियारपुर, शाहपुर, विक्रम, सिगौंड़ी, अगमकुआं और फतुहा थाना क्षेत्र से हत्या के प्रयास में मामले में फरार 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि पुलिस पर हमला में दो, शराब तस्करी में 11 और आठ लोगों को शराब पीने के मामले में पकड़ा गया।
शेष की गिरफ्तारी अन्य मामलों में हुई। पुलिस ने तीन सौ लीटर शराब, दो सौ ग्राम गांजा, 14 मोबाइल और 25 हजार नकद बरामद किया है। तीन वाहन को भी जब्त किया गया।
अपार्टमेंट में पांच फ्लैटों का ताला तोड़ उड़ा ले गए गहने और नकदउधर, कदमकुआं थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर रोड नंबर 12 स्थित चारमीनार अटपार्टमेंट में दाखिल हुए चोरों ने पांच फ्लैटों का ताला तोड़ दिया। दो घंटे में हरेक कमरे को खंगाल डाला।
कमरे से जो भी ज्वेलरी और नकद मिला उसे लेकर फरार हो गए। घटना को रविवार की दो बजे से सुबह चार बजे के बीच अंजाम दिया गया।
जिस फ्लैट में चोरी हुई, उसमें फ्लैट ए-104 में मुंगेर के बीएनएस कालेज के प्राचार्य आशुतोष कुमार, बी-301 में डॉ प्रमोद कुमार, डी 402 में आरएस तिवारी, डी-301 में डॉ. रोहित रमण और डी-204 में डॉ. अनिल अग्रवाल रहते है। फुटेज में चार संदिग्ध को देखा गया है।
वहीं प्राचार्य की शिकायत पर कदमकुआं थाने की पुलिस अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज जांच में जुटी है। थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि दो फ्लैट से सामान कम थे। जबकि अन्य फ्लैट मालिक के आने के बाद ही पता चला लगे किन सामानों की चोरी हुई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है।
बगल के फ्लैट को बाहर से कर दिया था बंद- छानबीन में पता चला कि चोरों का गिरोह अपार्टमेंट में घुसने के बाद सबसे पहले फ्लैट नंबर ए-104 के पास गए। इसमें प्राचार्य रहते है। वह खुद पटना में नहीं थे। पत्नी और बच्चे नागपुर में हैं।
- ग्रिल काटकर फ्लैट में दाखिल होने से पहले चोरों ने बगल के फ्लैट का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। इसके बाद अन्य चारों फ्लैटों में दाखिल हुए थे।
- करीब दो घंटे तक चोर फ्लैट में रहे और हरेक कमरे का खंगालते रहे। हैरानी की बात तो यह है कि अपार्टमेंट में रहने वाले अन्य लोग और गार्ड को भी इसकी भनक तक नहीं लगी।
घटना की जानकारी सुबह तब हुई, जब बगल के फ्लैट मे रहने वाली महिला बाहर का दरवाजा खोलने गई। पता चला किसी ने बाहर से कुंडी लगा दी है।
इसके बाद वह अपार्टमेंट के गार्ड से संपर्क किया गया। गार्ड दरवाजा खोलने पहुंचा तो देखा कि प्राचार्य के फ्लैट का ग्रिल खुला है। इसके बाद पता चला कि अपार्टमेंट के अन्य चार फ्लैट में भी चोरी हुई है।
रेकी के बाद गैस कटर लेकर पहुंचे थे चोरजिस तरह एक साथ फ्लैटों का ताला काटा गया है, उससे साफ है कि गिरोह को इस बात की जानकारी थी कि इनमें कोई नहीं रहता है। अपार्टमेंट की रेकी की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
यह गिरोह ग्रिल काटने के लिए गैस कटर लेकर गया था। ग्रिल के पास जलने का निशान भी मिले है। पुलिस घटना के दो दिन पूर्व का भी सीसीटीवी फुटेज देख रही है।
ताकि यह पता चल सके कि रेकी कब और किसने की थी? घटना के बाद गिरोह किस दिशा में भागा और किस दिशा से आए थे? इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने सोमवार को विधानसभा में पेश बजट को निराशाजनक बताया और कहा कि इस बजट में न रोजगार की चर्चा है न ही किसानों की चिंता। इस चुनावी वर्ष में बजट से बिहार के लोगों को काफी उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने निराश किया।
उन्होंने कहा कि बजट में किसानों की आय वृद्धि को लेकर भी कोई उपाय नहीं दिख रहा है। इस बजट से लोगों को भरमाने की कोशिश की गई है।
बजट के पहले ही विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह देने को लेकर मांग की थी, लेकिन सरकार ने बजट में इसका कोई प्रविधान नहीं किया।
यह बजट सिर्फ झूठ का पुलिंदा- मुकेशउन्होंने कहा कि सही अर्थों में पुरानी घोषणाओं को ही नया करने की कोशिश की गई है। सरकार पहले भी प्रखंडों में स्टेडियम बनाने की बात करती रही है, पर बताती नहीं कितने प्रखंडों में स्टेडियम बने हैं, जो खेलने लायक हैं।
बजट से न ही महिलाओं को कोई फायदा होने वाला है, न युवाओं को फायदा होगा, न किसानों को कोई फायदा होने वाला है। यह बजट सिर्फ झूठ का पुलिंदा है।
बेजान, बेअसरदार और उम्मीद के प्रतिकूल है बिहार सरकार का बजट : डॉ. अखिलेशबिहार कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने सोमवार को पेश बिहार बजट को बेजान, बेअसरदार और उम्मीद के प्रतिकूल बताया है।
उन्होंने कहा कि चुनावी साल के बजट में उम्मीद थी कि इसमें रोजगार की बात होगी, मंहगाई को कम करने की कम से कम तात्कालिक कोशिश होगी, युवाओं के लिए रोजगार युक्त प्रशिक्षण की बात होगी, महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने की बात होगी, डीजल-पेट्रोल पर वैट घटाकर मंहगाई पर नकेल कसने की बात होगी, किसान के लिए एमएसपी की बात होगी लेकिन सब के सब ढाक के तीन पात।
डॉ. सिंह ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का यह आखिरी बजट है इसलिए बड़ी उम्मीद थी कि बिहार वासियों को कम से कम मंहगाई और बेरोजगारी की मार से कुछ राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मंहगाई को कम करने के बजाय सरकार तरकारी आउटलेट के जरिए मुनाफा कमाने की कोशिश में लग गई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके अलावा नीतीश के सात निश्चय का कतरा भी बजट से गायब है।
बजट पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं- रालोजपा के मुख्य प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने कहा कि बजट में गरीबों के लिए कुछ नहीं, सिर्फ जुमलेबाजी है। चुनावी वर्ष के इस बजट से सभी को बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन यह पूरी तरह निराशाजनक साबित हुआ।
- उन्होंने सवाल उठाया कि बजट में जिन योजनाओं की चर्चा की गई है, उनके लिए धनराशि कहां से आएगी, इस पर सरकार पूरी तरह मौन है।
भाकपा (माले) के राज्य सचिव कुणाल ने बजट को बेहद निराशाजनक और दिशाहीन करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से जनविरोधी है और संघर्षरत तबकों की मांगों को अनसुना करता है।
आशा, जीविका, रसोइया, आंगनवाड़ी, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जुड़ी महिलाओं की कर्ज माफी, आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे सफाईकर्मी, कार्यपालक सहायक और अन्य स्कीम वर्करों सहित ठेका पर काम कर रहे लाखों लोगों की लोकप्रिय मांगों को बजट में कोई जगह नहीं मिली है।
केवल चुनावी जुमला है : माकपामाकपा के राज्य सचिव ललन चौधरी ने कहा कि बजट नहीं, केवल चुनावी जुमला है। गरीबों, छात्रों, नौजवानों के भविष्य के प्रति यह बजट मजाक है।
खास कर यह बजट स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि उद्योग की स्थापना सहित किसी भी जरूरत के क्षेत्र की बुनियादी विकास से काफी दूर है। आमलोगों की क्रय शक्ति वृद्धि की कोई योजना एवं दृष्टि सरकार के पास नहीं है।
जनविरोधी बजट : भाकपाभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने बजट को जनविरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि चुनावी साल में सरकार ने लोकलुभावन नारा देकर राज्य की जनता को दिग्भमित करने का कार्य किया है।
योजनाकार में मामूली बढ़ती की गई है जबकि प्रतिबद्ध व्यय बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये का हो गया है।
मुख्यमंत्री आवास योजना को लेकर कोई विशेष उपबंध नहीं किया गया है। सामाजिक सुरक्षा योजना के एक करोड़ लाभार्थियों के पेंशन की बढ़ोत्तरी की कोई बातें नहीं की गई।
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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के सभी निबंधन कार्यालयों में वित्तीय वर्ष 2025-26 में निबंधन की प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस कर दिया जाएगा। पेपरलेस निबंधन से पक्षकारों को भौतिक रूप से दस्तावेज तैयार नहीं करना होगा, इससे गो ग्रीन योजना को बढ़ावा मिलेगा।
इतना ही नहीं, देश या देश के बाहर रहने वाले लोग ऑनलाइन निबंधन भी करा सकेंगे। ऑनलाइन निबंधन को बढ़ावा देने के लिए देय स्टाम्प ड्यूटी में एक प्रतिशत और अधिकतम दो हजार रुपये की छूट भी दी जा रही है।
वहीं, पैतृक या पारिवारिक संपत्ति बंटवारा विलेख पर स्टाम्प ड्यूटी 50 रुपये, जबकि निबंधन शुल्क 50 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, उद्योग स्थापित करने के लिए बियाडा से आवंटित भूमि पर स्टाम्प एवं निबंधन शुल्क पर शत-प्रतिशत छूट दी जा रही है।
मद्य निषेध, उत्पाद और निबंधन विभाग के बजट में वृद्धिइस बार के बजट में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की कुल राशि में करीब 18 करोड़ की वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग का बजट 674.55 करोड़ था जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 692.60 करोड़ कर दिया गया है। हालांकि योजना मद में राशि घटाई गई है। पिछले बार स्कीम मद में 10 करोड़ की राशि थी जो घटकर सात करोड़ रह गई है।
विभाग के द्वारा अवैध शराब के संचालन को रोकने के लिए 84 चेकपोस्ट बनाए गए हैं। सभी चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। नशामुक्त बिहार की थीम पर पटना मैराथन का भी आयोजन हो रहा है, जिसमें विदेशी प्रतिभागी भी भाग ले रहे हैं।
कार्बन न्यूट्रिलिटी को केंद्र में रख बिहार ग्रीन डेवलपमेंट फंड बनेगा, बजट में किया गया प्रविधानवित्तीय वर्ष 2025-26 के बिहार बजट में पर्यावरण संरक्षण की भी चर्चा हुई है। कार्बन न्यूट्रिलिटी को केंद्र में रख बिहार ग्रीन डेवलपमेंट फंड बनाया जाएगा। राज्य सरकार इस फंड में सीड फंड के रूप में 25 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। यह कहा गया कि इसके माध्यम से बिहार में जलवायु अनुकूलन एवं कार्बन बनाने में मदद मिलेगी। सार्वजनिक पूंजी को निजी निवेश के साथ मिश्रित कर इस फंड के माध्यम से चुनौतियों को अवसर में बदला जाएगा।
इससे कृषि को जलवायु अनुकूल बनाने, स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने तथा युवाओं के लिए हरित रोजगार सृजन करने में सहायता मिलेगी। बिहार ग्रीन डेवलपमेंट फंड हरित बिहार, समृद्ध बिहार की हमारी दृष्टि का प्रतिनिधित्व करता है।यह अग्रणी पहल बिहार को देश के अग्रिम राज्यों में खड़ा करता है। इसी तरह राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु 100 करोड़ रुपए की लागत से बिहार क्लीन एयर ट्रांसफॉर्मेशन परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।
जीरो कार्बन इमिशन को ध्येय में रख तथा जल-जीवन-हरियाली अभियान के लक्ष्य के अंतर्गत 8053 पंचायती राज निकायों तथा 73 शहरी निकायों में जैव विविधता प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। इसके माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया जाएगा।
चतुर्थ कृषि रोड मैप के अंतर्गत राज्य के हरित आवरण को वर्ष 2028 तक 17 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। बजट भाषण में यह जानकारी दी गयी कि कैमूर वन्यजीव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित किए जाने को ले नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गयी है।
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