Bihar News
पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में बनेंगे 42 बूथ, रहेगी कड़ी सुरक्षा; चुने जाएंगे 22 काउंसिल सदस्य
जागरण संवाददाता, पटना। पटना विश्वविद्यालय की ओर से 29 मार्च को आयोजित होने वाले छात्रसंघ चुनाव के लिए 14 क्षेत्र बांटकर पांच सेंट्रल पैनल सहित 22 काउंसिल सदस्यों का चुनाव होगा।
कॉलेज काउंसिल मेंबर के लिए एक हजार विद्यार्थी पर एक काउंसिल सदस्य होंगे। जिन कॉलेजों और फैकल्टी में 1,501 से अधिक मतादाता होंगे, वहां दो काउंसिल सदस्य होंगे। इसी आधार पर विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार काउंसिल सदस्य चुने जाएंगे।
पटना वीमेंस कॉलेज से चुने जाएंगे चार काउंसिल सदस्यपटना विश्वविद्यालय में सबसे अधिक चार काउंसिल सदस्य पटना वीमेंस कॉलेज में चुने जाएंगे। वहीं, पटना साइंस कॉलेज में दो, पटना कॉलेज में दो, बीएन कॉलेज में दो, मगध महिला कॉलेज में दो और फैकल्टी ऑफ सोशल साइंस में दो काउंसिल सदस्य चुने जाएंगे।
इसके अलावा पटना लॉ कॉलेज, वाणिज्य महाविद्यालय, पटना ट्रेनिंग कॉलेज, वीमेंस ट्रेनिंग कॉलेज, कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट, फैकल्टी ऑफ कॉमर्स, एजुकेशन एंड लॉ, फैकल्टी ऑफ साइंस और फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज में एक-एक काउंसिल सदस्य होंगे।
छात्र संघ चुनाव के लिये तैयार किए जाने वाले कुल 42 बूथों पर होने वाले खर्च का वहन कॉलेज की ओर से किया जाएगा।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ कैतुका नंदन पैक्स का चुनाववहीं, दूसरी ओर सारण प्रखंड के कैतुका नंदन पैक्स का चुनाव शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो गया। मतदान के लिए मध्य विद्यालय कैतुका नंदन मे चार मतदान केंद्र बनाए गए थे। जहां सुबह सात बजे से शाम के 4:30 बजे तक 59 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी रंजीत कुमार के साथ मकेर थाना में पदास्थापित अपर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार, एसआई रामनिवास कुमार, चंदा कुमारी एवं कामेश्वर सिंह के अलावा जवान मौजूद थे।
मालूम हो की मकेर के आठ पैक्स में से सात पैक्स का चुनाव नवंबर मे पूरा हो गया। कैतुका नंदन पैक्स के चुनाव का मामला प्राधिकार में चले जाने के कारण स्थगित कर दिया गया था।
चुनाव प्राधिकार से आदेश निर्गत होते ही शनिवार को मतदान कराया गया। जिसमें मुख्य मुकाबला निवर्तमान पैक्स अध्यक्ष सुमित रंजन एवं रामजन्म शर्मा के बीच है।
यह भी पढ़ें-
Bihar Politics: चुनाव से पहले JDU ने दे दिया बड़ा संकेत! नए दावे से बिहार में तेज हुई राजनीति
Bihar News: कैंसर मरीजों को नीतीश सरकार ने दे दी एक और बड़ी खुशखबरी, इलाज को लेकर आया नया अपडेट
जागरण संवाददाता, पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शनिवार को प्रदेश के सभी 38 जिलों के लगभग 45 हजार गांवों की 8387 पंचायतों के लिए निशुल्क ग्रामीण कैंसर जांच कार्यक्रम का लोकार्पण किया।
डॉ. प्रभात रंजन डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर से ग्रामीण कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम के लिए समर्पित नए एप और बिहार के पहले स्लीप इंस्टीट्यूट के साथ ओंको-मीट 2025 का भी उद्घाटन किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कैंसर के खिलाफ अभियान की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और सुदूर इलाकों में कैंसर को लेकर जागरुक करने की बहुत जरूरत है।
निशुल्क चलेगा अभियानडॉ. प्रभात रंजन डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. प्रभात रंजन ने इस अभियान को निशुल्क चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यदि शुरुआत में कैंसर का पता चल जाए तो इलाज संभव है।
निशुल्क ग्रामीण कैंसर जांच कार्यक्रम का उद्घाटन करते स्वास्थ्य मंत्री।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम की समुचित व्यवस्था की गई है। 2005 के बाद स्वास्थ्य सेवा में काफी काफी सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की सोच को पूरा करने में स्वास्थ्य सेवाओं का अहम योगदान है। मौके पर मेयर सीता साहू, पद्मश्री डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह, डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह, डॉ. दिवाकर तेजस्वी, डॉ. रूपम, आइएएस गंगा कुमार आदि उपस्थित थे।
स्वामी सहजानंद के विचारों को आम जन तक पहुंचा रहे पीएम मोदी: मंगल पांडेयपटना के बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सभागार में आज स्वामी सहजानंद सरस्वती पखवारा पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। संवाद कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के अतिरिक्त कई गणमान्य लोग मौजूद रहें।
किसानों की दशा और दिशा विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंगल पांडेय ने स्वामी सहजानंद सरस्वती की विचारधारा और सामाजिक दृष्टिकोण पर चर्चा करते हुए कहा कि सहजानंद सरस्वती ने हमेशा भारतीय किसानों को जागरूक किया, ताकि उन्हें अपने श्रम का महत्व मिले, उन्हें ताकत मिले एवं उनका आर्थिक लाभ बढ़े।
अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहजानंद की नीतियों को आगे बढ़ा रहे हैं। जिसका उदाहरण राज्य में मखाना बोर्ड स्थापित करना एवं बजट में किसानों को दिया जाने वाला लाभ है। हमें स्वामी सहजानंद सरस्वती के सपनों को परिश्रम के माध्यम से साकार करना है। तभी जाकर हमारा देश और हमारा बिहार विकसित होगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, राज्यसभा सदस्य भीम सिंह ने भी इस दौरान लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एजुकेशनल रिसर्च एंड डेवलपमेंट संस्थान के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने की।
यह भी पढ़ें-
बिहार में यूनिवर्सिटी खोलेंगे श्री श्री रविशंकर, बोले- 'सूर्य के समान है सनातन, इसे मिटाना असंभव'
Bihar News: शराब के ठिकानों पर छापामारी करने गई पुलिस टीम पर हमला, DGP के नए आदेश से मची खलबली!
संवाद सूत्र, बिक्रम। रानीतालाब थाना क्षेत्र के राघोपुर मुसहरी में शनिवार को शराब के ठिकानों पर छापेमारी करने गई पुलिस की टीम पर बदमाशों ने ईंट-पत्थर से हमला कर दिया।
इस दौरान छापामारी का नेतृत्व कर रहे एसआइ शिव शंकर सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। अचानक हुई पत्थरबाजी से अफरातफरी मच गई।
कई पुलिसकर्मियों ने छिपकर जान बचाई। घटना की जानकारी थाने को दी गई और अतरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पत्थरबाजी करने के पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।इस मामले में 21 नामजद और 18 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार, रानीतालाब थाने के अपर थानाध्यक्ष शिव शंकर के नेतृत्व में शिव कुमार, आफताब आलम, मुमताज अंसारी, मदन झा, ममता कुमारी, आकाश और विकाश सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने होली को लेकर अवैध रूप से शराब बनाने वाले अड्डे पर छापामारी की।
इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा ईंट-पत्थर चलाया जाने लगा। पथराव में पुलिस की एक बोलेरो गाड़ी का शीशा फूट गया। वहीं, डायल 112 वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।
हमले में यह पुलिसकर्मी हुए घायल- पथराव में घायल दारोगा शिव शंकर ने बताया कि इस हमले में दो दारोगा समेत मदन झा, ममता कुमारी, आफताब आलम, मुमताज अंसारी, शिव कुमार समेत आठ पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। जख्मी पुलिस कर्मियों का अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया।
- घटना के संबंध में थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि राघोपुर मुसहरी में छापामारी करने गई पुलिस पर पत्थरबाजी करने के आरोप में विकास कुमार, नंदलाल मांझी, संजू मांझी, गणेश मांझी, लंकेश मांझी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वहीं 21 लोगों को नामजद और 18 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
उधर, डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस पर हमला करने वालों पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है। इस तरह के पुराने मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन कर दोषियों को सजा दिलाने का टास्क पुलिस अधिकारियों को दिया गया है।
इसके साथ ही सभी थानों को पर्याप्त बल के साथ घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया गया है। डीजीपी ने शनिवार को पत्रकारों के सवाल के जवाब में बताया कि पुलिस पर हमले के जिस तरह के कांड हो रहे हैं, उसमें गिरफ्तारियां भी हो रही हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) इस तरह के कांडों की गंभीरता से मानीटरिंग कर रहे हैं। पुलिस पर हमले के जो लंबित कांड हैं, उनमें भी कार्रवाई हो रही है।
सभी पुलिस पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि जब भी घटनास्थल पर जाएं तो जिस तरह की समस्या है, उसके अनुपात में पर्याप्त पुलिस बल में वृद्धि करके जाएं।
दरअसल, कई बार पुलिसकर्मी घटना की जानकारी मिलते ही अविलंब पहुंचने की कोशिश करते हैं। इसका उद्देश्य बेहतर रिस्पांस टाइम भी होता है, मगर जब बड़ी संख्या में असामाजिक तत्वों के होने की सूचना हो तो पर्याप्त पुलिस बल का इंतजाम कर घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया गया है।
डीजीपी ने कहा कि हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि पुलिस बल की संख्या में और वृद्धि हो, ताकि पुलिस और मजबूती से कार्रवाई कर सके।
यह भी पढ़ें-
अश्लील गानों को लेकर पुलिस मुख्यालय से जारी हुई नई एडवाइजरी, होली से ठीक पहले सभी अफसरों को मिला यह टास्क
राज्य ब्यूरो, पटना। होली या अन्य किसी भी अवसर पर अब सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील और द्विअर्थी भोजपुरी गीत बजाने पर जेल भी हो सकती है।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने अश्लील भोजपुरी गानों का प्रसारण रोकने के लिए सभी जिलों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
अश्लील गीतों का प्रसारण करते हुए पकड़े जाने पर प्राथमिकी दर्ज विधि-सम्मत कार्रवाई करने का निर्देश सभी क्षेत्रीय आइजी-डीआइजी को दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने इस कार्रवाई की सूचना अपराध अनुसंधान विभाग के कमजोर वर्ग प्रभाग को ई-मेल के माध्यम से इसकी सूचना भी देने कहा है।
पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में कहा है कि आये दिन ऐसा देखा जाता है कि सार्वजनिक स्थलों, समारोहों या बस-ट्रक, ऑटो रिक्शा आदि में सस्ते दोहरे अर्थ वाले अश्लील भोजपुरी गानों का प्रसारण धड़ल्ले से बिना रोक-टोक के किया जाता है, जिसका समाज पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है।
एसएसपी, एसपी और रेल एसपी तक पहुंचा नया आदेश- मुख्यालय की तरफ से आगे कहा गया कि इस प्रकार के गीतों के प्रसारण से महिलाओं की सुरक्षा एवं गरिमा प्रभावित होती है। महिलाएं कहीं न कहीं असुरक्षित और लज्जा का अनुभव करती हैं।
- अश्लील भोजपुरी गाने छोटे-छोटे बच्चों को भी गलत संदेश देते हैं और उन्हें गलत दिशा में जाने के लिए प्रेरित करते हैं। यह एक गंभीर और ज्वलंत सामाजिक समस्या है।
- इसके निदान के लिए पुलिस प्रशासन के स्तर से विशेष अभियान चलाकर आवश्यक निरोधात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए।
- सभी आइजी-डीआइजी को निर्देश दिया गया है कि इस तरह का मामला पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 296/79 एवं अन्य धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी भी दर्ज कर अग्रतर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
- इसकी प्रति सभी जिलों के एसएसपी, एसपी और रेल एसपी को भी भेजी गई है।
इधर, पत्र के आलोक में शाहाबाद डीआइजी सत्य प्रकाश ने आदेश का अनुपालन कराने के लिए भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर जिले के एसपी को पत्र जारी कर दिया है।
मुख्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि भोजपुरी के दोहरे अर्थ वाले अश्लील गीतों के प्रसारण के कारण महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे द्विअर्थी व अश्लील गानों से महिलाएं लज्जा का अनुभव करती हैं। इस प्रकार के गाने महिलाओं की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं।
दोहरे अर्थ वाले भोजपुरी गाने छोटे-छोटे बच्चों को भी गलत संदेश देते हैं और उन्हें गलत दिशा में जाने के लिए प्रेरित करते हैं।
यह एक गलत व गंभीर ज्वलंत सामाजिक समस्या है, जो महिलाओं व बच्चों के साथ-साथ संपूर्ण समाज को दुष्प्रभावित कर रहा है।
ऐसे में इस समस्या के निदान के लिए पुलिस प्रशासन के स्तर से विशेष अभियान चलाकर विधि द्वारा निर्धारित प्रावधान के अनुसार आवश्यक निरोधात्मक व कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
आदेश में कहा गया है कि ऐसे मामलों में विशेष अभियान चलाकर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 296/79 व अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।
होली के दौरान ऐसे द्विअर्थी व अश्लील भोजपुरी गीतों की बाढ़ आ गई है। जिससे महिलाओं व सीधे साधे लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें-
चुनाव से पहले तेजस्वी ने कर दिया एक और वादा, बोले- सत्ता आई तो जन्म से लेकर कमाने तक...
होली से पहले केंद्र सरकार ने बिहार को दे दिया एक और तोहफा, 111 KM लंबी 2 लेन सड़क को लेकर आ गया नया अपडेट
राज्य ब्यूराे, पटना। केंद्र सरकार ने परसरमा से अररिया तक एनएच 327 ई के उन्नयन को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।
इस परियोजना के तहत 111.82 किमी लंबे एनएच 327 ई के परसरमा-अररिया खंड को दो लेन व पेव्ड शोल्जर के साथ विकसित किया जाएगा।
पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बतााया कि इस सड़क के उन्नयन से क्षेत्र में भारी यातायात के दबाव को कम किया जा सकेगा।
उक्त परियोजना को भविष्य की यातायात आवश्यकताओं और नियोजित शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
इस परियोजना की मंजूरी के लिए वह केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इस परियोजना के पूरा होने के बाद सुपौल, पिपरा, त्रिवेणीगंज और रानीगंज जैसी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा।
बढ़ेगी गाड़ियों की रफ्तार- इस परियोजना के तहत बनने वाली सड़क की डिजायन 80 से 100 किमी प्रति घंटे की है। इससे तेज और सुगम सफर का अनुभव मिलेगा।
- इसके अंतर्गत दो फ्लाईओवर, दो अंडर पास तथा दाे रेल ओवर ब्रिज का निर्माण होगा। भारी वाहनों को बाईपास के माध्यम से डायवर्ट किया जा सकेगा।
उधर, गोरेयाकोठी (सिवान) में भाजपा विधायक देवेशकांत सिंह ने शनिवार को विधानसभा क्षेत्र के बसंतपुर नगर पंचायत में बनने वाली सड़क का शिलान्यास किया।
विधायक के निजी सचिव सोनू कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत 1.600 किलोमीटर की बनने वाली सड़क के निर्माण पर एक करोड़ 18 लाख 32 हजार 257 रुपये खर्च किए जाएंगे।
सड़क काफी दिनों से बदहाल थी व निर्माण होने से कई गांव के लोग लाभांवित होंगे। वहीं शांति मोड़ पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक ने अपनी विकास की प्रतिबद्धता दुहराते हुए कहा कि क्षेत्र के लोगों की यह एक बड़ी मांग आज पूरी हुई।
अभी कई सड़कों का होना है निर्माणउन्होंने विधानसभा क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों को गिनाते हुए कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए वे सदैव तत्पर हैं और इन क्षेत्रों में विकास धरातल पर दिख भी रहा है। अभी कई सड़कों का निर्माण होना है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
लोगों ने जिस भरोसे मुझे जीत का ताज पहनाया था, हर वर्ग को साथ लेकर चलते हुए उस पर खरा उतर रहे हैं। वे क्षेत्र के लोगों के लिए हर समय उपलब्ध हैं।
यह भी पढ़ें-
Bhagalpur News: भागलपुर में बनेगी एक और फोरलेन सड़क, सामने आया रूट चार्ट; समय सीमा भी तय
एकंगरसराय से बिहार शरीफ तक का सफर होगा आसान, 3 करोड़ से ज्यादा की लागत से बनेगी सड़क
बिहार में यूनिवर्सिटी खोलेंगे श्री श्री रविशंकर, बोले- 'सूर्य के समान है सनातन, इसे मिटाना असंभव'
जागरण संवाददाता, पटना। आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर (Spiritual Guru Sri Sri Ravishankar) शनिवार को पटना के ज्ञान भवन में 'अंतरंग वार्ता' कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातन सूर्य के समान है, इस पर हमला करना सूर्य पर पत्थर चलाने जैसा है। ऐसा करने वाला मूर्ख है। सनातन को कोई नहीं मिटा सकता। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने इन्हीं शब्दों में सनातन धर्म की महत्ता बयां की।
एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने ऐसे लोगों पर कटाक्ष भी किया, उन्होंने कहा कि जो अपना धर्म पूछने पर सभी धर्म को मानने की बात कहते हैं, आखिर उन्हें खुद को हिंदू बताने में क्या हिचक होती है। अपने राष्ट्र, धर्म और पर्व-त्योहारों का सम्मान करें।
बिहार सरकार दे जमीन तो बनाएंगे विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयउज्ज्वल बिहार यात्रा कार्यक्रम के दूसरे दिन अंतरंग वार्ता में शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए। कटक स्थित श्री श्री यूनिवर्सिटी से जुड़े एक प्रश्न के जवाब में श्री श्री ने बताया कि उसमें विश्वस्तरीय शिक्षा दी जा रही है।
आखिर देश के युवा शिक्षा ग्रहण करने विदेश क्यों जाते हैं, विश्वस्तरीय शिक्षकों की वजह से तो श्री श्री यूनिवर्सिटी में वैसे ही शिक्षकों को लाया गया। दुनिया के 45 हजार से अधिक विश्वविद्यालयों में इसका स्थान 200 से नीचे है।
अंतरंग वार्ता के दौरान गुरुदेव को पैर छुकर आर्शीवाद लेते श्रद्वालु। (जागरण)
बिहार सरकार यदि 50-60 एकड़ जमीन दे तो वे यहां भी वैसा ही शिक्षण संस्थान बनाएंगे। कोरोना को मैन मेड वायरस बताने के साथ उन्होंने कहा कि इसकी वैक्सीन का बड़ा दुष्प्रभाव पड़ा है।
इसकी वजह से हृदयाघात से युवाओं की मौत हो रही है। जिन्होंने वैक्सीन ली उन्हें ओजोन थेरेपी कराना चाहिए। इसके साथ उन्होंने आयुर्वेदिक और सिद्धा पद्धति से तैयार इसकी दवा की प्रभावकता की भी चर्चा की।
बांग्लादेश पर तटस्थता ठीक नहींरूस-यूक्रेन युद्ध के साथ गुरुदेव ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार अपनी बातें रखीं। उन्होंने बताया कि यूक्रेन की संसद में जब संबोधन का अवसर मिला तो कहा था कि यहां रूस के लोगों की उपेक्षा की जाती है। इसका नकारात्मक असर पड़ेगा और ऐसा ही हुआ भी।
यही हाल बांग्लादेश का हो गया है। रूस-यूक्रेन मामले में तटस्थता ठीक है, लेकिन बांग्लादेश के हिंदुओं का तो सहारा भारत ही है। वहां के लोगों को यकीन है कि भारत सरकार उनकी रक्षा करेगी, लेकिन भारत चुप है। यह ठीक नहीं।
अंतरंग वार्ता के दौरान लोगों को सवाल का जबाव देते गुरुदेव।
श्रीश्री ने शिक्षा की क्रांति से पंचेंद्रीय की सक्रियता और चेतनाशीलता का संबंध जोड़ा। उन्होंने बताया कि चेतना की जागृति का असर ऐसा हुआ है कि सामान्य बच्चे की प्रतिभा में भी अभूतपूर्व विकास हुआ है। अंतर्ज्ञान और सृजनात्मकता से आत्मीयता और इससे अंतरंगता आती है।
बिहार में हुआ व्यापक बदलावआखिर बिहार कब बदलेगा? इसके जवाब में श्रीश्री ने मखाना, छठ पूजा से लेकर झिझिया तक पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दो दशक पहले मखाना को कोई नहीं जानता था, आज यह विश्वव्यापी हो चला है। छठ महापर्व को ही देख लीजिए। इसी तरह झिझिया कितना खूबसूरत लोक नृत्य है। यह देश-विदेश में पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में परिवर्तन तो हुआ ही है। सड़कें बेहतर हो गई हैं, पिछड़े नहीं रह गए हैं। मुस्कुराते हुए उन्होंने सलाह दी कि यहां के विकास में और तेजी लानी है तो अधिकारियों को आर्ट ऑफ लिविंग का कोर्स करवाइए।
गुरुदेव ने बिहार की महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की महिलाओं के लिए विशेष कार्य करना होगा।
शिक्षकों को ऊर्जावान रहने की सीख देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा की स्थिति वे ही सुधार सकते हैं। हालांकि दुनियाभर के 40 प्रतिशत शिक्षक डिप्रेशन के शिकार हैं। उनमें सकारात्मकता लाने की जरूरत है।
श्रीश्री रविशंकर के साथ अंतरंग वार्ता के दौरान लोगों को संबोधित करते गुरुदेव।
आर्ट ऑफ लिविंग के भजनों और सत्संग के साथ शुरू कार्यक्रम में पहुंचे श्रीश्री ने कई अनुयायियों की उत्कंठा शांत की। ध्यान, प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया को अपनाकर तनावमुक्त जीवन जीने की सलाह दी।
किसी समस्या में मन उलझ जाता है तो क्या करें? इस प्रश्न पर गुरुदेव ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग का कोर्स करें। सुदर्शन क्रिया किसी भी समस्या से निजात दिला सकती है। युवाओं के लिए नियमित ध्यान, प्रणायाम और सकारात्मक रहने का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि सुदर्शन क्रिया लयबद्ध तरीके से सांस लेने की तकनीक है। इससे दुनियाभर के 80 करोड़ लोगों के जीवन में बदलाव आया है। गुरुदेव ने बिहार के युवाओं को नशा मुक्त जीवन जीने का आह्वान किया।
यह भी पढ़ें-
Tejashwi Yadav: चुनाव से पहले तेजस्वी ने कर दिया एक और वादा, बोले- सत्ता आई तो जन्म से लेकर कमाने तक...
राज्य ब्यूरो, पटना। इस बार के विधानसभा चुनाव को ''अभी नहीं तो कभी नहीं'' जैसे मान कर राजद लगातार वादे कर रहा।
इस क्रम में शनिवार को बापू सभागार में आयोजित माई-बहिन महासम्मेलन में तेजस्वी यादव ने वादा किया कि अगर वे सत्ता में आए तो महिला लाभार्थी योजना लाएंगे।
इस योजना के अंतर्गत जन्म लेने से लेकर स्वावलंबी बनने तक बेटियों को सरकार आर्थिक और दूसरी सहायता देगी। उसमें शिक्षण-प्रशिक्षण से लेकर नौकरी-रोजगार तक की व्यवस्था होगी।
इसी के साथ उन्होंने माई-बहिन मान योजना सहित अपने वे दूसरे वादे गिनाए, जो वे समय-समय पर करते रहे हैं। महिलाओं से आग्रह किया कि वे गांव-जवार के लोगों को इन वादों से अवगत कराएं।
राबड़ी देवी के बारे में क्या बोले तेजस्वी?- पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बारे में सदन में हुई टिप्पणी पर तेजस्वी क्षुब्ध रहे। कहा कि सरकार बनवाने के लिए भाभी का रिश्ता बना लेते हैं और विधान परिषद में अशोभनीय व्यवहार करते हैं।
- राबड़ी देवी बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री पद की एक गरिमा होती है। उन्होंने (नीतीश कुमार) राबड़ी देवी के लिए जिस भाषा का उपयोग किया, वह अच्छी नहीं है।
- राबड़ी देवी उनसे बड़ी हैं। वह अविभाजित बिहार की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। रितु जायसवाल ने चुनावी संघर्ष में महिला प्रकोष्ठ की सक्रिय सहभागिता के लिए आश्वस्त किया।
- महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष कांति सिंह, पूर्व मंत्री अनिता देवी, मुख्यालय प्रभारी मुकुंद सिंह आदि उपस्थित रहीं।
पति लालू प्रसाद के गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए राबड़ी देवी ने महिलाओं से एकजुट हो तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी जो कहते हैं, वह करते हैं। लालू ने गरीबों को आवाज दिया। पिछड़े, अनुसूचित जाति व गरीबों के उत्थान का काम किया। महिलाओं के हित में राजद सदैव प्रतिबद्ध रहा है।
उन्होंने कहा कि आज न तो रोजगार मिल रहा और न ही नौकरी। पलायन बढ़ गया है। जितनी महंगाई है, उसमें एक आदमी की कमाई से बच्चे को नहीं पढ़ा सकते।
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती, क्योंकि बिना पढ़े-लिखे शिक्षक नियुक्त हो रहे हैं। गरीबी कम नहीं हो रही। इसलिए मैं अनुरोध करती हूं कि तेजस्वी की सरकार बनाएं। लालूजी बीमार रहते हैं।
उनका तीन-चार ऑपरेशन हुआ है। सभी लोग राजद को वोट देते हैं, लेकिन सारा वोट कहां चला जाता है! ये लोग वोट में गड़बड़ी करते हैं! झूठे केस में फंसा देते हैं। बार-बार नोटिस भेजते हैं।
एक ही बात को हजार बार पूछा जाता है। हमें बहुत परेशान किया जाता है। न हम लोग चोरी करते हैं, न चोरी किए हैं। मैं गरीबों का झंडा नहीं झुकने दूंगी।
यह भी पढ़ें-
चुनाव से पहले JDU ने दे दिया बड़ा संकेत! नए दावे से बिहार में तेज हुई राजनीति
केंद्र को बिहार से लिखा गया नया पत्र, 2 राज्यों के एयरपोर्ट का नाम लेकर उठी बड़ी मांग
Bihar News: सभी राजस्व कर्मियों और अधिकारियों तक पहुंचा मंत्री का नया ऑर्डर, सख्त कार्रवाई करने की मिली चेतावनी
राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा है कि अगर उनकी कोई गड़बडी सामने आई तो सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने जमुई के खैरा में निगरानी विभाग द्वारा जमीन के परिमार्जन के लिए 60 हजार रुपये घूस लेते पकड़े गए राजस्व कर्मचारी आशीष कुमार पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। अपने मोबाइल या पास के वसुधा केंद्र से निर्धारित राशि का भुगतान कर ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
आमलोगों को किसी अधिकारी-कर्मचारी से मिलने की जरूरत नहीं है। सभी ऑनलाइन सेवाओं में काम के लिए समय निर्धारित है। मुख्यालय में टीम बनाकर उसकी मॉनीटरिंग हो रही है।
दानापुर व खगौल नगर परिषद से जुड़ेंगे चार-चार पंचायत के नौ-नौ राजस्व ग्राम के क्षेत्रइसके अलावा, बिहार में नीतीश सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। दानापुर प्रखंड के अंर्तगत आने वाले चांर पंचायत के नौ राजस्व ग्राम दानापुर नगर परिषद में शामिल होंगे।
वहीं, खगौल नगर परिषद में चार पंचायत के नौ राजस्व ग्राम शामिल होंगे। इसको लेकर कार्रवाई शुरू हो गयी। इसकी सूची नगर परिषद को भेजी जा चुकी है।
ये होगा फायदा- विश्वस्त सूत्रों की मानें तो कार्रवाई तेज हो गयी है। जिससे दोनों नगर परिषद क्षेत्र का विस्तार हो जाएगा। वार्ड की संख्या भी बढेगी।
- पंचायतो के कुछ पंचायत के गांव का नगर परिषद में शामिल किये जाने को लेकर चर्चा होने लगी है। नगर परिषद से लेकर इलाके में भी इसको लेकर चर्चा जोरो पर है। सभी इसे पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
- पंचायतों के इन गांवो को नगर परिषद में शामिल होने से उन्हे नगर परिषद वाली सुविधा मिलने लगेगी। जिससे लोगों को बहुत फायदा होगा।
दानापुर नगर परिषद में मोबारकपुर-रघुरामपुर पंचायत के राजस्व ग्राम फरीदनपुर व मैनपुरा, जमसौत पंचायत के जमसौत का आंशिक एवं ढिबरा, कोथवां पंचायत के कोथवां व मुस्तफापुर का आंशिक तथा लखनीबिगहा पंचायत के बबक्करपुर नसरीपुर एवं आशोपुर का आंशिक क्षेत्र शामिल होगा।
जबकि खगौल नगर परिषद में सरारी पंचायत के सरारी राजस्व ग्राम का आंशिक व खेदलपुरा, लखनीबिगहा पंचायत के आशोपुर आंशिक, आदमपुर, लखनीबिगहा व संदलपुर जमालुद्दीनचक पंचायत के बड़ी खगौल व सैदपुरा एवं कोथवां पंचायत के मुस्तफापुर के आंशिक क्षेत्र शामिल होगा। जिससे इन राजस्व ग्राम के लोगो को नगर परिषद वाली सुविधा का लाभ मिलेगा।
यह भी पढ़ें-
Bihar Bhumi: बिहार के जमीन मालिकों को बड़ी राहत, दाखिल-खारिज को लेकर नीतीश सरकार ने लिया बड़ा फैसला
लैंड म्यूटेशन को लेकर सरकार ने फिर जारी की गाइडलाइन, जमीन मालिकों को होगा फायदा
Bihar Politics: चुनाव से पहले JDU ने दे दिया बड़ा संकेत! नए दावे से बिहार में तेज हुई राजनीति
राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू प्रदेश कार्यालय में शनिवार को नारी शक्ति सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि महिलाओं को न्याय और गरिमा दिलाने में नीतीश कुमार का कोई मुकाबला नहीं है।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार ने महिलाओं को न्याय और गरिमा दिलाने और उनकी उम्मीदों को पंख देने के लिए जिस वैचारिक शुद्धता और प्रतिबद्धता के साथ काम किया है, वैसा पूरे देश में दूसरा उदाहरण नहीं मिलेगा।
2025 में 225 का संकल्प होगा पूराJDU प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एनडीए जिला सम्मेलनों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के मुकाबले अधिक थी। आने वाले विधानसभा चुनाव में महिलाएं एक बार फिर से एनडीए गठबंधन की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने कहा कि जिला सम्मेलनों में महिलाओं की भागीदारी यह दर्शाता है कि 2025 में 225 और फिर से नीतीश का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा।
नीतीश कुमार के शासनकाल में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई ऐतिहासिक काम किए गए। अब महिलाओं को सभी सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं की मांग पर बिहार में शराबबंदी लागू की गई।
सभी क्षेत्र में सशक्त हो रही महिलाइस मौके पर परिवहन मंत्री शीला मंडल ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर और जननायक कर्पूरी ठाकुर के सपनों को नीतीश कुमार पूरा कर रहे हैं। महिलाएं सभी क्षेत्र में सशक्त हो रही हैं।
जदयू महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. भारती मेहता ने कहा कि नीतीश कुमार ने महिलाओं को ताकत देकर विकास की मुख्यधारा में शामिल किया है। बिहार लैंगिक समानता का अगुआ बना है।
पूर्व मंत्री डॉ. रंजू गीता ने कहा कि बिहार की आम अवाम की सेवा के लिए हमें फिर नीतीश कुमार के हाथों में बिहार की बागडोर सौंपने का संकल्प लेना है। विधायक शालिनी मिश्रा ने कहा कि महिलाओं को असली आजादी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी।
वाल्मीकिनगर पहुंचे सीएम, वाल्मीकि महोत्सव का किया उद्घाटनवहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को शाम 4.07 बजे बगहा के वाल्मीकिनगर पहुंचे। वे नदी घाटी परियोजना प्लस टू स्कूल में वाल्मीकि महोत्सव का उद्घाटन किया। सीएम यहां 40 मिनट तक रूके, फिर पटना के लिए रवाना हो गए।
इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री जनक, विजय चौधरी समेत एक दर्जन जनप्रतिनिधि, मंत्री और गणमान्य उपस्थित थे।
यह भी पढ़ें-
Women's Day 2025: महिला दिवस पर CM नीतीश कुमार ने दी बधाई, RJD को भी दे दिया बड़ा संदेश
Bihar News: केंद्र को बिहार से लिखा गया नया पत्र, 2 राज्यों के एयरपोर्ट का नाम लेकर उठी बड़ी मांग
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार चैम्बर आफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू को पत्र लिखकर हवाई यात्री की सुविधा के लिए पटना, गया और दरभंगा एयरपोर्टस पर किफायती उड़ान यात्री कैफे खोलने की मांग की है।
चैम्बर अध्यक्ष सुभाष पटवारी ने बताया कि भारत सरकार एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के पहल पर देश के दो एयरपोर्टस चेन्नई एवं कोलकाता में किफायती उड़ान यात्री कैफे का प्रारंभ किया गया है।
यहां पर यात्रियों को पानी का बोतल 10 रुपये, चाय 10 रुपये, काफी 20 रुपये एवं स्नैक्स 20 रुपये रुपये में दिया जा रहा है, लेकिन जहां पर उड़ान यात्री कैफे नहीं हैं।
वहां पर पानी, चाय, काफी या स्नैक्स के लिए यात्रियों को 100-250 रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है, जो आम यात्रियों के लिए असुविधाजनक है।
पटवारी ने कहा कि बिहार एक आर्थिक रूप से पिछड़ा राज्य है और लोगों की भुगतान क्षमता कम है। बिहार से काफी संख्या में खाड़ी देशों में काम करने वाले मजदूरों का आना-जाना रहता है।
उन्होंने कहा कि यदि पटना के साथ-साथ गया एवं दरभंगा एयरपोर्टस पर ‘उड़ान यात्री कैफे’ का प्रारंभ हो जाए तो राज्य के आम यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
इन नेताओं को भी लिखा गया पत्र- पटवारी ने कहा कि इस आशय का एक-एक पत्र केंद्र में बिहार के मंत्री जीतन राम मांझी, गिरीराज सिंह, राजीव रंजन सिंह के साथ-साथ सांसद रविशंकर प्रसाद, विवेक ठाकुर, जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, गोपाल जी ठाकुर को भी पत्र लिखा है।
- इसमें आग्रह किया है कि राज्य के हवाई यात्रियों के व्यापक हीत में वे भी इस संबंध में अपने-अपने स्तर से नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार को लिखे। इससे कि चैम्बर के पहल को और बल मिल सके और शीघ्रातिशीघ्र यहां पर भी उड़ान यात्री कैफे खुल सके।
अनीसाबाद पुलिस कॉलोनी जलापूर्ति केंद्र तीसरे दिन भी चालू नहीं हो सका। लोग दिन भर जलापूर्ति केंद्र के चालू होने का इंतजार करते रहे।
पटना नगर निगम के जलापूर्ति प्रमंडल के अभियंताओं का कहना है कि शुक्रवार को देर रात तक जलापूर्ति केंद्र को चालू कर दिया जाएगा। मोटर को बदलने का कार्य चल रहा है।
बता दें कि बुधवार को दोपहर में जलापूर्ति केंद्र का मोटर जला था, गुरुवार को एक मोटर लगाया गया, उसमें भी तकनीकी खराबियां आ गई। वह भी नहीं चल पाया। इस क्षेत्र के निवासी जलापूर्ति का इंतजार करते रह गए।
शुक्रवार को शाम से ही मोटर बदलने का कार्य चल रहा है। जलापूर्ति बंद होने के कारण पुलिस कॉलोनी, अनीसाबाद, पहाड़पुर, बालमीचक, ब्राम्हपुर के आसपास पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।
यह भी पढ़ें-
Bihar: विधानसभा चुनाव से पहले BJP-RJD के सामने खड़ी हुई एक नई समस्या! अगर ऐसा हुआ तो तेजस्वी कैसे बनेंगे CM?
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के सभी बड़े राजनीतिक दल चुनावी उपलब्धि के हिसाब से अपने छोटे भाइयों की बड़ी मांग से परेशान हैं।
अगर छोटे की मांग मान ली गई तो अपनी हैसियत कमजोर होगी। मांग नहीं मानी तो छोटा भाई बिदक कर विरोधी खेमे में घुस जाएगा। यह परेशानी एनडीए और महागठबंधन में एक जैसी है।
खबर में चर्चा होगी कि किस तरह दोनों गठबंधन के छोटे फरीक बड़े दल पर विधानसभा चुनाव में बड़ी हिस्सेदारी के लिए दबाव बना रहे हैं।
सबसे अधिक चर्चा कांग्रेस में- सबसे अधिक चर्चा कांग्रेस में है। यह राष्ट्रीय पार्टी बिहार में राजद की सहयोगी है। बिहार कांग्रेस में नया सुर छिड़ा है। यह कि मुख्यमंत्री का चयन विधायक दल की बैठक में होगा।
- यह राजद के स्थायी सुर से अलग है-मुख्यमंत्री तो तेजस्वी ही होंगे। कांग्रेसी सुर में एक और ध्वनि है-हमें चुनाव लड़ने के लिए अधिक सीट चाहिए।
- कांग्रेस को डर है कि गठबंधन में विकासशील इंसान पार्टी के शामिल होने से उसकी सीटों की संख्या 70 से कम हो सकती है। यही संख्या उसे पिछली बार मिली थी।
- राजद की दूसरी सहयोगी विकासशील इंसान पार्टी कह रही है कि उसके संस्थापक मुकेश सहनी उप मुख्यमंत्री होंगे। उनकी पार्टी सरकार की नीतियों को नियंत्रित करेगी।
- यह सब तब होगा, जब उसे 40 के आसपास सीटें मिले। कांग्रेस और वीआइपी की मांगें मान ली जाए तो एक सौ 10 सीटें निकल जाएंगी। बच गईं एक सौ 33 सीटें। इसमें राजद के अलावा तीन दल वाम दल भी हैं।
पिछली बार भाकपा माले को 19, भाकपा को छह और माकपा को चार सीटें मिली थीं। भाकपा माले 19 पर लड़ कर 12 सीटें जीती थी। बेहतर स्ट्राइक रेट के नाम पर इस बार उसकी मांग अधिक सीटों की है।
वाम दलों को पहले की तरह 29 सीटें दी जाएं और कांग्रेस एवं वीआइपी की मांगें मान ली जाए, उस हालत में राजद के पास अपने लिए एक सौ तीन सीटें मिलेंगी। यह 2020 की तुलना में 41 सीटें कम हैं।
भाजपा, जदयू और राजद जैसे दल सहयोगी दलों की मांग पर मंथन कर रहे हैं। कुछ ऐसी ही परेशानी एनडीए में भी है।
लोजपा (रा) और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा की ओर से 50 से अधिक सीटाें पर तैयारी चल रही है। लोजपा 2020 में अकेले लड़ी थी। लेकिन, उसने एनडीए को मुश्किल में डाल दिया था।
एनडीए का शीर्ष नेतृत्व इस बार पिछले चुनाव की पुनरावृति नहीं चाह रहा है। इसी तरह मोर्चा पिछली बार सात सीटों पर संतुष्ट हो गया था। इसबार 20 से अधिक सीटों पर दावा कर रहा है।
यह भी पढ़ें-
मुकेश सहनी ने बाबा बागेश्वर को दे डाली नसीहत, कहा- 'बाबा वाला कर्म और धर्म...'
बिहार में मायावती की पार्टी करेगी खेला, NDA और महागठबंधन की बढ़ाई टेंशन
Railway News: पटना समेत देश के 60 स्टेशनों पर होने जा रहा यह काम, होली से पहले रेलवे ने कर दिया एक और बड़ा एलान
जागरण संवाददाता, पटना। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित बैठक में देशभर के 60 प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण को लेकर स्थाई तौर पर वेटिंग एरिया बनाने का निर्णय लिया गया है।
इसमें पटना, आनंद विहार, नई दिल्ली, वाराणसी, सूरत, उधना एवं अयोध्या आदि को शामिल किया गया है। इन स्टेशनों पर वेटिंग एरिया स्टेशन के बाहरी भाग में बनाने का निर्णय लिया गया है।
इसका मुख्य उद्देश्य है यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करना। इन स्टेशनों पर यात्रियों को तभी प्लेटफार्म पर जाने की अनुमति दी जाएगी, जब ट्रेन आएगी।
कुंभ के दौरान इस तरह की व्यवस्था प्रयागराज में की गई थी। वहां के अनुभवों के आधार पर अन्य 60 स्टेशनों पर वेटिंग एरिया बनाई जा रही है।
केवल कंफर्म आरक्षण वाले यात्रियों को सीधे प्लेटफार्म तक जाने की अनुमति दी जाएगी। बिना टिकट वाले यात्री या प्रतीक्षा सूची वाले यात्री वेटिंग एरिया में रुकेंगे। सभी अनाधिकृत प्रवेश द्वार सील किए जाएंगे।
चौड़े फुट ओवर ब्रिज का होगा निर्माणभीड़ वाले स्टेशनों पर 12 मीटर एवं छह मीटर चौड़ाई वाले दो नये स्टैंर्ड के फुटओवर ब्रिज तैयार किये जाएंगे। इस तरह के रैंप महाकुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन में काफी कारगर साबित हुए थे।
भीड़ नियंत्रण में कैमरों ने काफी अहम भूमिका निभाई थी। इन सभी स्टेशनों पर आसपास के क्षेत्रों में कैमरे लगाए जाएंगे। बड़े स्टेशनों पर वार रूम विकसित किए जाएंगे।
इन स्टेशनों पर अत्याधुनिक डिजाइन वाले संचार उपकरण लगाये जाएंगे। सभी कर्मियों के बदल जाएंगे आइडी कार्ड।
केवल अधिकृत कर्मियों को ही स्टेशन में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।इसके अलावा सभी कर्मियों को नया डिजाइन यूनिफार्म दिए जाएंगे। इससे रेलकर्मियों को पहचानने में मदद मिलेगी।
प्रमुख स्टेशनों पर होगी निदेशक की तैनाती- सभी प्रमुख स्टेशनों पर एक वरिष्ठ अधिकारी को निदेशक के रूप में तैनात किया जाएगा। सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी निदेशक को रिपोर्ट करेंगे।
- स्टेशन निदेशक स्टेशनों के सुधार के लिए आवश्यक कदम उठायेंगे। स्टेशन निदेशक स्टेशन की क्षमता के अनुसार टिकटों की बिक्री को नियंत्रित कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रेलवे की ओर से छात्राओं को सम्मानित कर उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की गई। साथ ही स्वास्थ्य जांच हेतु चिकित्सा कैंप का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह एवं पूर्व मध्य रेलवे के महिला कल्याण संगठन के अध्यक्ष सुनिता सिंह ने समारोह का शुभारंभ किया।
मौके पर 446 छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए कल्याण निधि से 80.30 लाख रुपये की राशि वितरित की। इस अवसर पर महाप्रबंधक ने आधी आबादी के संघर्षों को याद करते हुए उनके विकास पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे में वर्तमान में एक लाख से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। वहीं, पांच हजार महिलाएं पूर्व मध्य रेलवे में अधिकारी, कर्मचारी, डाक्टर, पारा मेडिकल, स्टेशन मास्टर शामिल है।
मौके पर आयोजित चिकित्सा शिविर में डॉ. सुबोध कुमार मिश्र ने कहा कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।
महिला स्वस्थ रहेगी तभी पूरा परिवार स्वस्थ रह सकता है। मौके पर 50 से अधिक महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
यह भी पढ़ें-
होली पर यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में Tatkal Ticket की मारामारी, लंबी होती जा रही है वेटिंग लिस्ट
दानापुर में ट्रेन में चढ़ी पुलिस, गेट पर दिखा लावारिस बैग; फिर खोलते ही मचा हड़कंप
Women's Day 2025: महिला दिवस पर CM नीतीश कुमार ने दी बधाई, RJD को भी दे दिया बड़ा संदेश
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को जदयू प्रदेश कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम लोगों के पहले जिन लोगों को मौका मिला, उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ाने का कोई काम नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर वह महिलाओं को बधाई देते हैं। इस कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है।
उन्होंने कहा कि हम आरंभ से ही महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रहे हैं, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। हर क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। यह देखकर मुझे काफी प्रसन्नता होती है।
जदयू प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित नारी शक्ति का सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्जवलित कर किया। महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष डॉ. भारती मेहता ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंटकर उनका अभिनंदन किया।
इस मौके पर जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी, परिवहन मंत्री शीला मंडल, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, पूर्व मंत्री रंजू गीता सहित कई अन्य गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं।
बर्ड एवियरी का सीएम ने किया लोकार्पणवाइल्ड लाइफ जू सफारी परिसर में नवनिर्मित बर्ड एवियरी का लोकार्पण सह शुभारंभ सीएम नीतीश कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रजातियों से लबरेज यह एवियरी अनोखा है। इसे पर्यटकों के लिए शीघ्र ही शुरू करने का भी उन्होंने निर्देश दिया।
जू सफारी प्रबंधन ने बताया कि इस एवियरी का शुल्क अभी निर्धारित टिकट में रखा गया है । बिहार के इस पहले एवियरी का निर्माण किया गया है। एवियरी एक विशेष प्रकार का संरचनात्मक क्षेत्र है, जहां विभिन्न प्रकार के विदेशी पक्षी सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से रहते हैं।
नवनिर्मित बर्ड एवियरी का सीएम ने किया लोकार्पण।
इन पक्षियों के लिए यह एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है, जो उनके प्राकृतिक आवास से मिलते-जुलते होते हैं। एवियरी में पक्षियों के लिए खुली जगह, पेड़-पौधे, और जल स्रोत होते हैं। जिससे उनकी प्राकृतिक आदतों का पालन किया जा सके।
विभिन्न प्रजाति के पक्षियों को देख सकेंगेबर्ड एवियरी का निर्माण मुख्यतः पक्षियों के संरक्षण तथा लुप्तप्राय पक्षियों के प्रजनन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटकों में पक्षियों की जानकारी एवं उनके संरक्षण की आवश्यकता के लिये जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। विदेश में पाये जाने वाले विभिन्न प्रजाति के पक्षियों को पर्यटक देख सकेंगे।
बर्ड एवियरी में पर्यटकों को देखने हेतु विदेशी पक्षियों की प्रजातियों उपलब्ध हैं, जैसे कि स्कार्लेट मैकाउ, सल्फर-क्रेस्टेड कॉकटू, बुडगेरिगर, कॉकटेल, इलिगर मैकाउ, मलार्ड डक, ब्लैक स्वान जैसे रंगीन और विविध प्रजातियों रखी गयी हैं।
बर्ड एवियरी में घूमते सीएम नीतीश कुमार।
प्रत्येक प्रजाति की अपनी खास जरूरतें एवं महत्व होती है, जैसे कि तापमान, आहार, और सामाजिक व्यवहार, जिसे ध्यान में रखते हुए उन्हें रखा गया है।
एवियरी को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि पक्षियों को पर्याप्त जगह मिल सके। इसमें खुले स्थान के साथ-साथ, उन्हें शरण लेने के लिए पेड़ और झाड़ियां भी उपलब्ध है। एवियरी का आकार पक्षियों की संख्या के अनुसार तय किया गया है।
महत्वपूर्ण है पक्षियों की सुरक्षापक्षियों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण तत्व है, ताकि पक्षी बाहर न निकल सकें और उनकी रक्षा की जा सके, इसको देखते हुये बर्ड एवियरी के चारों ओर मजबूत एस.एस. वेबनेट वायरमेश जाली का इस्तेमाल किया गया है, ताकि कोई शिकारी या बाहरी खतरा प्रवेश न कर सके।
एवियरी में प्राकृतिक वातावरण को बनाए रखने के लिए विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे, झाड़ियों और पानी के स्रोत जैसे तालाब और झरना लगाया गया है। इससे पक्षियों को अपने प्राकृतिक निवास स्थान जैसा महसूस होता है।
बर्ड एवियरी में पक्षियों के लिए उचित भोजन और स्वच्छ पानी की व्यवस्था भी की गयी है। एवियरी में उन्हें उनके प्राकृतिक आहार के समान भोजन दिया जाता है।
बर्ड एवियरी के अन्दर 50 मीटर लम्बाई, 5 मीटर चौड़ाई एवं जमीनस्तर से 2.55 मीटर ऊंचाई के विजिटर डेक का निर्माण कार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त विजिटर डेक के उपर 10 फीट ऊंचाई तक के टनल का निर्माण किया गया है, जिसके उपर वेबनेट वायरमेश लगाया गया है, ताकि पक्षियों एवं पर्यटकों में आवश्यक दूरी बनायी जा सके।
बर्ड एवियरी।
विजिटर डेक के दोनों तरफ 6.5 फीट ऊंचाई का Viewing glass का कार्य किया गया है, जिससे पर्यटक पक्षियों को देख सके एवं साथ ही यह पक्षियों एवं पर्यटकों के बीच सेफ्टी बैरियर के रूप में कार्य करेगा।
कॉरिडोर में दोनों तरफ पक्षियों की जानकारी देने के लिये साइनेजेस लगाए गए हैं। बर्ड एवियरी में जलीय पक्षियों के अधिवास प्रबंधन के लिये लगभग 550 वर्गमीटर के बड़े तालाब का निर्माण किया किया गया है जिसमें पक्षियों के लिये दो बड़े आईलैंड का निर्माण भी किया गया है।
पानी की स्वच्छता एवं पक्षियों की नैसर्गिक व्यवहार के आलोक में बहते स्ट्रीम से पानी की उपलब्धता, झरने का निर्माण, पक्षियों के रूस्टिंग हेतु आवश्यक व्यवस्था, सैंड बीच का निर्माण इत्यादि कार्य किया गया है।
पक्षियों के लिये बेहतर अधिवास निर्माण करने हेतु एवियरी के अन्दर फलदार एवं छायादार पौधों का पौधारोपन किया गया है। साथ ही पक्षियों को छुपने के लिये झाड़ियों को लगाया गया हैं।
एवियरी के चारों तरफ बटरफ्लाई के लिये होस्ट प्लांट का पौधारोपण कार्य किया गया है। ताकि पर्यटकों को एवियरी के बाहरी क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की तितलियों को नजदीक से देखा जा सकेगा।
यह भी पढें-
Patna News: पटना में तेज रफ्तार सफारी ने बाइक सवार दंपती को रौंदा, दोनों की मौत; 6 लोग घायल
जागरण संवाददाता, पटना। हवाईअड्डा थानांतर्गत जगदेव पथ के मुरलीचक स्थित इंडियन बैंक के सामने शुक्रवार की रात लगभग नौ बजे तेज रफ्तार टाटा सफारी ने बाइक सवार दंपती को रौंद डाला। इसके बाद सफारी ऑटो से भिड़ कर रुक गई। इस भयानक सड़क हादसे में दंपती की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन लोग जख्मी हैं।
मुरलीचक निवासी के रूप में हुई पहचानमृत दंपती की पहचान मुरलीचक निवासी अशोक कुमार (55) और उनकी पत्नी पुष्पा देवी (50) के रूप में हुई है। वहीं, ऑटो चालक समेत दो सवारियों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ऑटो के पीछे बैठे चार लोग मामूली रूप से जख्मी हुए थे।
हादसे के बाद लगा लंबा जामहादसे के बाद एयरपोर्ट से बीएसएपी के तरफ जाने वाले रास्ते में जाम लग गया। मुरलीचक से गुजरने के दौरान दंपती की बाइक आगे और इसके पीछे आटो था।
सफारी से सीधी टक्कर के बाद अशोक कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। उनकी पत्नी लहूलुहान हालत में तड़प रही थीं। भागने की फिराक में रहे चालक ने ऑटो से भी कार भिड़ा दी।
सांसदा पप्पू यादव ने की घायलों की मददराहगीरों ने किसी तरह कार रोक ली, जिसके बाद कार की पिछली सीट पर बैठा युवक फरार हो गया। सफारी पर बिहार सरकार का बोर्ड लगा था। मौके पर पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का काफिला पहुंच गया। सांसद ने ऑटो में फंसे लोगों को बाहर निकाला और उपचार के लिए भेजा।
हादसे के दौरान अशोक और उनकी पत्नी दोनों ने ही हेलमेट पहन रखा था। इसके बाद भी सफारी से हुई सीधी टक्कर में दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने आरोपित सफारी ड्राइवर को गिरफ्तार करके इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
सफारी के चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके मुंह से शराब जैसी दुर्गंध आ रही थी।
संतोष कुमार, हवाईअड्डा थानेदार
ये भी पढ़ें
Danapur News: दानापुर में ट्रेन में चढ़ी पुलिस, गेट पर दिखा लावारिस बैग; फिर खोलते ही मचा हड़कंप
एक्शन में पटना नगर निगम, बकायेदारों की संपत्ति कुर्की के लिए बनाई 6 टीमें; 66 हजार को दिया नोटिस
Bihar News: मुकेश सहनी ने बाबा बागेश्वर को दे डाली नसीहत, कहा- 'बाबा वाला कर्म और धर्म...'
राज्य ब्यूरो, पटना। विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री और आध्यात्मिक गुरु रविशंकर के बिहार दौरे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बाबाओं को बाबा वाला कर्म और धर्म निभाना चाहिए।
वे जितनी बात करते हैं, वह देश जोड़ने की नहीं होती। ऐसे में बाबा लोगों को अपनी गरिमा बनाकर चलना चाहिए, बिहार में सभी का स्वागत है।
औरंगजेब को लेकर छिड़े बयान पर बोले सहनी- औरंगजेब को लेकर छिड़े विवाद पर सहनी ने कहा कि सबका अपना-अपना पक्ष है। उस समय के कुछ लोगों को वे विलेन और कुछ लोगों को हीरो नजर आते थे।
- यह इतिहास की बात है। इस पर विवाद करने की क्या जरूरत है। अभी देश में भाजपा को काम करने का मौका मिला है, वे देश में सरकार चला रहे हैं।
- देश कल कितना अच्छा हो, उस पर चर्चा करनी चाहिए। उस समय तो वे मुगल थे, उनसे क्या आशा करना।
- मुकेश सहनी ने कहा कि अभी देश के प्रधानमंत्री हैं, वे गलत कर रहे हैं। दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा को हाशिए पर डाल रहे हैं।
आगामी चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि मजबूती से तैयारी हो रही है। महागठबंधन की सरकार बनेगी। इस सरकार को लोग पसंद नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब काम नहीं कर पा रहे हैं। आने वाले समय में सरकार में परिवर्तन होगा। मुख्यमंत्री का समय हो गया है, उन्हें हैप्पी एंडिंग करना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर साधा निशानाहम के संस्थापक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव के सीएम नीतीश कुमार को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेजस्वी में कोई क्षमता नहीं है।
बिहार में सिर्फ वहीं युवा नेता हैं क्या? नीतीश कुमार प्रगति यात्रा से आए हैं और तंदुरुस्त हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक उम्र का सवाल है तो राजनीति में जितनी उम्र होगी, उतने परिपक्व होते हैं।
तेजस्वी के द्वारा नीतीश को बूढ़ा और बीमार बताए जाने के बयान पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश से ज्यादा बूढ़े तो तेजस्वी हैं। इसके पूर्व मांझी ने तेजस्वी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि खटारा तो उनके पिता हैं, देखते नहीं हैं क्या हालत हो गई है।
ये भी पढ़ें
Bihar Politics: चाचा-भतीजे के बीच होगी कोई 'डील'? पारस ने खोल दिए अपने पत्ते; चिराग को साफ मैसेज
Bihar Politics: क्या तेजस्वी के नेतृत्व को नकार रहा महागठबंधन? कांग्रेस नेताओं के बयान से बढ़ी RJD की टेंशन
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में भले ही अभी कुछ देर हो, लेकिन राजद-कांग्रेस में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर तनातनी जारी है। हाल ही में पूर्व मंत्री आलोक मेहता के आवास पर हुई राजद, कांग्रेस सहित तीनों वामदलों (भाकपा, माकपा व भाकपा-माले) के विधायक-विधान पार्षदों की बैठक में नेताओं ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी के नेतृत्व को लेकर महागठबंधन में कोई विवाद नहीं है।
वहीं, अब कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता तारिक अनवर के बयान के बाद एक बार फिर महागठबंधन में सीएम चेहरे को लेकर विवाद छिड़ता दिख रहा है।
ज्यादा विधायक वाली पार्टी का होगा मुख्यमंत्रीकांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल निश्चित रूप से महागठबंधन में सबसे बड़ा दल है और उसकी जिम्मेदारी भी ज्यादा है, लेकिन व्यवस्था यही रही है कि जिसके ज्यादा विधायक होंगे मुख्यमंत्री भी उसी पार्टी का होगा।
सीट बंटवारे को लेकर कोई चर्चा नहींतारिक अनवर शुक्रवार को कटिहार में थे, जहां उन्होंने मीडिया को यह बयान दिया। तारिक अनवर ने कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच कोई बैठक नहीं हुई है। सीटों के संबंध में जब बातें होंगी तो उसे मीडिया को भी साझा किया जाएगा।
अजीत शर्मा ने भी सीएम फेस को लेकर दिया बयान- तारिक अनवर पहले नेता नहीं हैं, जिन्होंने महागठबंधन में सीएम चेहरे को लेकर ऐसा बयान दिया है। इससे पहले कांग्रेस नेता अजीत शर्मा ने मुख्यमंत्री फेस को लेकर अपना बयान दिया था।
- अजीत शर्मा ने बुधवार को यह कहकर नया विवाद शुरू कर दिया था कि चुनाव परिणाम के बाद विधायक तय करेंगे कि महागठबंधन की सरकार में मुख्यमंत्री कौन बनेगा।
हालांकि, शर्मा ने यह भी कहा था कि इस बात का अंतिम निर्णय सोनिया गांधी और राहुल गांधी के स्तर पर लिया जाएगा। राजद-कांग्रेस के बीच मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर लगातार ऐसे बयान सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि बिहार में महागठबंधन के नेताओं के बीच आपस में तनातनी का माहौल है।
एकजुटता के संदेश के बाद शुरू हुई बयानबाजीगुरुवार को ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से महागठबंधन दल के नेताओं की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई थी। राजद नेता आलोक मेहता के आवास पर हुई इस बैठक में तेजस्वी ने सभी दलों से एकजुटता प्रदर्शित करने की अपील की थी।
इसके अगले ही दिन कांग्रेस नेताओं के ऐसे बयानों से ये स्पष्ट होता है कि आने वाले दिनों में बिहार में महागठबंधन की राह आसान नहीं रहने वाली है।
ये भी पढ़ें
Bihar Politics: बिहार में मायावती की पार्टी करेगी खेला, NDA और महागठबंधन की बढ़ाई टेंशन
Bihar Weather: बिहार वाले हो जाएं सावधान! आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की संभावना; IMD ने जारी की चेतावनी
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: पछुआ के कारण प्रदेश मौसम शुष्क बना रहेगा। प्रदेश के छह शहरों किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका एवं जमुई जिले के एक या दो स्थानों पर तेज हवा के साथ बादल गरजने और बिजली गिरने की संभावना है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तरी भाग में दिखेगा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असरमौसम विभाग के अनुसार, पटना सहित अन्य जिलों का मौसम शुष्क बना रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) का प्रभाव पश्चिमी हिमालय वाले क्षेत्रों में पड़ने के कारण प्रदेश के उत्तरी भागों के मौसम में विशेष रूप से बदलाव की संभावना है। तापमान में गिरावट आने के कारण सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव अभी बना रहेगा।
पुपरी के अलावा सभी जगह बढ़ा पाराबीते 24 घंटों के दौरान सीतामढ़ी के पुपरी को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
पटना का अधिकतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि 30.2 डिग्री सेल्सियस के साथ बक्सर सबसे गर्म रहा। पटना समेत 18 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
बांका में दर्ज हुआ सबसे कम न्यूनतम तापमानपटना का न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 8.9 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
शुक्रवार को पटना सहित आसपास इलाकों में पछुआ से मौसम सामान्य होने के साथ ठंडी हवा के कारण मौसम सामान्य बना रहा।
प्रमुख शहरों का तापमान शहरअधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) पटना 27.1 15.3 गया 29.0 12.0 भागलपुर 27.8 12.7 मुजफ्फरपुर 26.6 15.0 आरा: बदलते मौसम से बढ़ा बीमारियों का खतरा
गर्मी के मौसम के शुरुआत से पहले तापमान में जारी उतार-चढ़ाव बीमारियों के बढ़ने का संकेत दे रहा है। सप्ताह भर से दोपहर में बढ़े तापमान की तल्खी के कारण, जहां धूप में बाहर निकलना मुश्किल साबित हो रहा है। वहीं अब देर रात के बाद सुबह होने तक सिहरन पैदा करने वाली गुनगुनी ठंड महसूस हो रही है।
हाल ही में धो-सुखाकर बक्से में रखे गए गर्म कपड़ों की जरूरत भी महसूस होने लगी है। न्यूनतम तापमान अभी भी 14 डिग्री सेल्सियस पर टिका हुआ है।
शुक्रवार की सुबह 6.09 बजे सूर्यादय के समय तक न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस पर बरकरार था। वहीं शाम 5.56 बजे सूर्यास्त होने के बाद आर्द्रता बढ़ते बढ़ते रात्रि में 81 प्रतिशत तक पहुंच चुकी थी।
दोपहर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस था। मौसम मे तेजी से जारी यह उतार-चढ़ाव बच्चों और बुजर्गों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधान रहने की जरूरत है।
ये भी पढ़ें
UP Weather News: राजधानी में रात का तापमान गिरा, गोरखपुर में ठंड का एहसास; पढ़िए IMD का ताजा अपडेट
Danapur News: दानापुर में ट्रेन में चढ़ी पुलिस, गेट पर दिखा लावारिस बैग; फिर खोलते ही मचा हड़कंप
संवाद सूत्र, खगौल (पटना)। Danapur News: खगौल रेल पुलिस ने दानापुर स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12149 डाउन से मिले दो बैग एवं एक काला रंग का झोला बरामद किया। इसमें से पुलिस ने करीब 25.470 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की।
बताया जाता है कि ट्रेन संख्या 12149 के दानापुर स्टेशन पर पहुंचते ही रेल पुलिस ने जांच के दौरान बोगी संख्या A1 के गेट के पास मार्ग रक्षी दल ने दो पिट्ठू बैग एवं एक काला रंग का झोला बरामद किया।
जांच में उसमें रखे अंग्रेजी शराब मिली। रेल पुलिस न लावारिस हाल में पड़े बैग व थैला से विभिन्न ब्रांड के 750 एमएल के 15 बोतल व 180 एमएल के 79 पीस टेट्रा पैक बरामद किया।
सोनपुर में एक करोड़ के शराब मामले में एक आरोपी रुस्तमपुर से गिरफ्तारवहीं, एक अन्य मामले में लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के 800 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामदगी मामले में सोनपुर पुलिस ने एक शराब कारोबारी को गिरफ्तार किया है। वह जिस स्कार्पियो पर सवार था, उसे भी जब्त कर ली गई है।
थानाध्यक्ष राजनंदन ने बताया कि इस कांड में गिरफ्तार सोनपुर के सबलपुर माही किनारा निवासी रमेश राय का पुत्र राजेश कुमार की गिरफ्तारी वैशाली जिले के राघोपुर दियारे में रुस्तमपुर से की गई है।
मालूम हो कि मंगलवार को एक 18 चक्का हाईवा पर लदे 800 कार्टन अंग्रेजी शराब पुलिस ने बरामद की थी। इस दौरान इस मौके से एक एसयूवी कार, एक पिकअप, एक आई-ट्वेंटी कार और दो बाइक जब्त की गई थी। इस मामले में चार लोगों के विरुद्ध सोनपुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इन नामजद आरोपियों पर पहले से ही शराब से संबंधित कई मामले दर्ज हैं। जिसमें राजेश की गिरफ्तारी हुई है।
बक्सर में चौसा चेक पोस्ट से शराब लदी कार जब्त, एक गिरफ्तारवहीं एक अन्य घटना में बक्सर जिले के चौसा चेक पोस्ट पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, उत्पाद पुलिस ने मोहम्मद आरिफ नामक एक व्यक्ति को अवैध शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से 101 लीटर अवैध शराब बरामद की है। इसके अतिरिक्त, शराब की तस्करी में इस्तेमाल की जाने वाली कार को भी जब्त कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मोहम्मद आरिफ के रूप में हुई है, जो खुर्शीद आलम का पुत्र है। वह सठियाव चौक, मुबारकपुर, जिला आजमगढ़ का निवासी है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरिफ अवैध शराब को ले जा रहा था जब उसे चौसा चेक पोस्ट पर रोका गया।
उसकी उम्र लगभग 34-30 वर्ष है। पुलिस ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि चौसा चेक पोस्ट के रास्ते अवैध शराब की तस्करी होने वाली है। इस सूचना के आधार पर चौसा चेक पोस्ट पर नाकाबंदी की गई और आरिफ को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
ये भी पढ़ें
Holi 2025: बिहार में होली पर रहेगी कड़ी सुरक्षा, ड्रोन से की जाएगी निगरानी, बवाल किया तो खैर नहीं
राज्य ब्यूरो, पटना। होली पर शराब की तस्करी और सेवन को रोकने के लिए पुलिस प्लान बनाने में जुट गई है। इस दौरान पुलिस को पेट्रोलिंग, छापेमारी और सख्ती बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
ग्रामीण और दियारा क्षेत्र के अलावा होली पर शहरी क्षेत्र के होटल, रेस्तरां, ढाबा और लाइन होटल के आसपास भी ड्रोन से निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। होली को लेकर 16 मार्च तक सभी मद्यनिषेध पदाधिकारियों और कर्मियों का अवकाश रद कर दिया गया है।
उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह ने दिया निर्देशमद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी चौकी प्रभारी और वरीय मद्यनिषेध पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है।
प्रत्येक जिले में 24 घंटे पेट्रोलिंग के लिए तीन-तीन टीमें गठित कर उनकी विवरणी एवं मोबाइल नंबर मुख्यालय के कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने को कहा गया है। दस मार्च तक सभी होटल, रेस्तरां, ढाबा और लाइन होटल में निरीक्षण कर शराब के सेवन-बिक्री को लेकर सख्त चेतावनी देने को कहा गया है।
सभी जिलों में डीएम-एसपी की अध्यक्षता में होटल-रेस्तरां मालिक और जनप्रतिनिधियों की बैठक करने को कहा गया है। ढाबा और लाइन होटल के आसपास लगे टैंकर, कंटेनर और ट्रक आदि की जांच हैंड हेल्ड स्कैनर से करने का निर्देश दिया गया है। शराब की होम डिलीवरी की आशंका को देखते हुए सघन जांच करने को कहा गया है।
जहां जहरीली शराब के मामले, वहां विशेष सतर्कताउत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह ने मद्यनिषेध अधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित करने को कहा है, जहां पूर्व में जहरीली शराब से जुड़ी घटनाएं हुई हैं। इन इलाकों में विशेष निगरानी रखने और किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
होली समापन के दो से तीन दिनों बाद तक पीएचसी, सिविल सर्जन और स्थानीय एंबुलेंस से संपर्क बनाकर रखने को कहा गया है। शराब पीकर हुड़दंग करने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
सहायक आयुक्त और मद्यनिषेध अधीक्षकों को 16 मार्च तक विशेष रूप से सक्रिय रहने और मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है।
होली पर्व को लेकर शांति समिति की बैठकवहीं, दूसरी ओर नालंदा के इस्लामपुर नगर के कर्पूरी टाउन हाल में शुक्रवार को होली पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार ने की। बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी पूजा माला, थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय भी उपस्थित हुए।
बीडीओ ने कहा कि होली पर्व आपसी सद्भाव का पर्व है, इसे मिलजुल कर आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। इस पर्व में जो भी समस्या आती है, उसे स्थानीय प्रशासन से साझा करें ताकि कोई दिक्कत ना हो।
बीडीओ ने उपस्थित लोगों से क्षेत्र में होलिका दहन, होली मिलन समारोह, मटका फोड़ सहित अन्य तथ्यों की जानकारी ली। इसी अवसर पर थानाध्यक्ष ने होली में किसी भी तरह के अफवाह पर ध्यान नहीं देने, असामाजिक तत्वों पर नजर रखने, लोगों को शराब से दूर रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि होली में शराबियों की खैर नहीं, खासकर वैसे लोग जो चोरी-छिपे शराब बेचते हैं और जो लोग पीकर हंगामा करते हैं, वो अभी से सचेत हो जाएं, अन्यथा उन लोगों की खैर नहीं है। उन्होंने उपस्थित जन प्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों से शांति पूर्वक होली मनाने की अपील की।
इस अवसर पर उप मुख्य पार्षद तनवीर आलम, पूर्व जिप सदस्य निवास शर्मा, प्रो. उमेश प्रसाद, रवि सिंह एवं अन्य ने होली से जुड़ी समस्याओं से पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया।
यह भी पढ़ें-Holi 2025 Date: किस दिन खेली जाएगी होली, आपको भी है कन्फ्यूजन? एक क्लिक में जानिए सही तारीख
Holi Date: तो 14 मार्च को नहीं खेली जाएगी होली, क्या कहता है पंचांग? पंडित जी ने दूर किया कन्फ्यूजन
बिहार के इन 8 जिलों से गुजरेगा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, छह लेन में होगा निर्माण; केंद्र ने दी मंजूरी
राज्य ब्यूरो, पटना। Gorakhpur-Siliguri Expressway: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे निर्माण को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण छह लेन में होगा। एक्सप्रेस-वे का 73 प्रतिशत से अधिक हिस्से का निर्माण बिहार में होना है।
यह 568 किमी लंबाई में बनेगा जिसमें 417 किमी बिहार में होगा। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने केंद्र द्वारा इस एक्सप्रेस-वे की मंजूरी पर केंद्र का आभार जताया है।
पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे बिहार के परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 37,645 करोड़ निर्धारित की गयी है।
बिहार में इस सड़क के निर्माण पर 27,552 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। एक्सप्रेस-वे को 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति के हिसाब से डिजायन किया गया है।
आठ जिलों से होकर गुजरेगायह एक्सप्रेस-वे आठ जिलों से हाेकर गुजरेगा। इसमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल है। इस क्रम में यह राज्य के 39 प्रखंडों तथा 313 गांवों से गुजरेगा। इस परियोजना के अंतर्गत गंडक और कोसी नदी के पुल के रिएलायनमेंट की योजना है।
पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से यह अनुरोध किया था बेतिया, मोतिहारी, दरभंगा और मधुबनी जैसे निकटवर्ती जिला मुख्यालय को भी इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाए। इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है।
साढ़े पांच करोड़ रुपये से लालगंज नगर परिषद क्षेत्र में सड़कों का निर्माणवहीं, दूसरी ओर लालगंज नगर परिषद क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सड़क मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग के घाघरा चौक से नहर पुल होते हुए गांधी चौक, वहां से दक्षिण बांध रोड अवधानपीर से रेपुरा जवाहर चौक तक पीसीसी सड़क एवं आरसीसी नाला का निर्माण का काम अतिशीघ्र शुरू कर दिया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए नगर परिषद लालगंज के सभापति कंचन कुमार साह ने बताया कि सड़क एवं पीसीसी नाला निर्माण की कुल राशि 05 करोड़ 34 लाख 94 हजार 900 रुपये है। उन्होंने सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं विभागीय मंत्री जीवेश मिश्रा को धन्यवाद दिया है।
सभापति ने बताया कि उक्त सड़क के लिए वर्ष 2017 में नगर परिषद की ओर से योजना ली गई थी। विभाग की ओर से राशि भी मुहैया कराई गई, परंतु तब कार्य नहीं किया गया। तब से ही आमजन जर्जर सड़क पर चलने को मजबूर थे। जहां बरसात के दिनों में लोगों को काफी परेशानी होती थी।
सड़क के निर्माण का लोगों को काफी दिनों से इंतजार था। उन्होंने बताया कि डैमेज ड्रेनेज को तोड़कर एक बाई एक मीटर का आरसीसी ड्रेन एवं 08 इंच पीसीसी सड़क का निर्माण किया जाना है।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों विकास के अन्य विभिन्न कार्यों को किया जाएगा। इसकी योजनाएं ली जा चुकी हैं और विभाग में स्वीकृति के इंतजार में है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की स्वीकृति की घोषणा से आम लोगों में हर्ष का माहौल है।
यह भी पढ़ें-
Bihar: नीतीश सरकार ने दी खुशखबरी! बिहार में बनेंगी 18000 KM लंबी सड़कें, नेशनल हाईवे भी बनेंगे
मुजफ्फरपुर, भागलपुर और दरभंगा समेत 6 जिलों में बनेगा रिंग रोड, हर 20 KM पर होगी फोरलेन सड़क
Pages
