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Bihar Tourism: पटना वालों की बल्ले-बल्ले, दीघा घाट से लेकर इन 2 जगहों तक चलेगी स्टीमर; 5 स्टार होटल बनाने का एलान
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Tourism: पटना के दीघा घाट से सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर और दीघा घाट से कंगन घाट तक स्टीमर सेवा शुरू की जा सकती है। पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह ने गुरुवार को विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्टीमर परिचालन की संभावनाओं पर काम करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही पटना में बनने वाले तीन नए फाइव स्टार होटलों के निर्माण की निविदा प्रक्रिया को जल्द अंतिम स्वरूप देने का निर्देश मंत्री ने दिया है। उन्होंने कहा कि निजी होटलों की बुकिंग भी विभागीय पोर्टल से कराई जाए।
पर्यटन निदेशालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा में स्वीकृत योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। बिहार पर्यटन नीति में मैरेज हाल से संबंधित योजनाओं पर अनुदान की संभावनाओं को तलाशने का निर्देश भी दिया गया।
अभियंताओं के पद पर भी नियुक्ति की प्रकियाइसके साथ ही बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम में अभियंताओं के पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी करने, विभिन्न पौराणिक मेला-महोत्सव को भव्य रूप में मनाने की कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
पदभार ग्रहण करने के बाद आयोजित पहली बैठक में पर्यटन मंत्री का स्वागत पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने किया। सचिव ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से मंत्री को विभिन्न पर्यटन सर्किट और राज्य एवं केंद्र की योजनाओं के अद्यतन स्थिति के बारे में जानकारी दी गई।
इन योजनाओं पर होने वाले व्यय की राशि से भी अवगत कराया गया। बैठक में पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंद किशोर, महाप्रबंधक चंदन चौहान आदि उपिस्थत थे।
स्टीमर क्या होता है?स्टीमर एक प्रकार का जलयान होता है, जो भाप के इंजन से चलने वाला होता है। यह जलयान जल पर चलता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से नदियों, झीलों और तटीय क्षेत्रों में यात्रियों और माल को परिवहन करने के लिए किया जाता है।
स्टीमर में एक भाप इंजन होता है, जो जल को गर्म करके भाप बनाता है। यह भाप तब एक टरबाइन या पिस्टन इंजन को घुमाती है, जो जलयान को आगे बढ़ाता है।
स्टीमर का उपयोग मुख्य रूप से 19वीं और 20वीं शताब्दी में किया जाता था, जब यह जल परिवहन का एक मुख्य साधन था। हालांकि, आधुनिक समय में, स्टीमर का उपयोग मुख्य रूप से पर्यटन और मनोरंजन के लिए किया जाता है।
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एक्शन में पटना नगर निगम, बकायेदारों की संपत्ति कुर्की के लिए बनाई 6 टीमें; 66 हजार को दिया नोटिस
जागरण संवाददाता, पटना। पटना नगर निगम नोटिस के बाद भी संपत्ति कर का भुगतान नहीं करने वाले टैक्स डिफाल्टर की संपत्ति का कुर्की करना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन कुर्की के लिए सभी छह अंचलों को 12-12 पुलिस एवं एक-एक दंडाधिकारी दिया है।
उनके माध्यम से कुर्की के लिए प्रतिदिन टीम निकलने लगी है। पूर्व में नोटिस के बाद संस्थान भुगतान नहीं करने वाले संस्थानों की कुर्की के लिए टीम निकल रही है। एक साथ छह टीमें निकल रही है।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है। पटना नगर निगम संपत्ति कर जमा करने को लेकर विशेष अभियान चला रहा है। नगर निगम अंचल वार 66535 बकायेदारों का क्यूआर कोड आधारित डिमांड बिल प्रिंट कर सफाई पर्यवेक्षकों के माध्यम से उपलब्ध करा दिया है।
संपत्ति धारक घर बैठे बिल पर लगे क्यूआर कोड स्कैन कर शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। मार्च माह में सभी रविवार एवं सामान्य अवकाश के दिन टैक्स काउंटर खुले रखने का आदेश निर्गत कर दिया है। आमजन बिना किसी परेशानी के संपत्ति कर का भुगतान कर सकते है।
संपत्ति कर का भुगतान नहीं करने पर सील की जा रही प्रॉपर्टीबिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 एवं इसके अंतर्गत अधिसूचित बिहार नगरपालिका संपत्ति कर (निर्धारण, संग्रहण और वसूली) नियमावली, 2013 और पटना नगर निगम कर तथा गैर-कर राजस्व वसूली विनियम, 2013 के अनुसार सभी संपत्तिधारकों को अपनी संपत्ति/सम्पत्तियों एवं रिक्त भूमि के संपत्ति कर/रिक्त भूमि कर निर्धारण कर स-समय भुगतान करना अनिवार्य है।
ऐसा नहीं करने पर उक्त अधिनियम, नियमावली और विनियम के अनुसार विभिन्न कार्रवाई जिसमें मांग-पत्र जारी करना, निगम सेवायें बंद करना, चल संपत्ति की जब्ती और उसकी बिक्री, अचल संपत्ति की कुर्की और बिक्री, बैंक एकाउंट की कुर्की का प्राविधान है।
वॉट्सऐप चैटबॉट से शहरवासी घर बैठे करें पेमेंट, तुरंत मिलेगी रसीदपटना नगर निगम द्वारा वॉट्सऐप चैटबॉट 9264447449 के माध्यम से अब आमजन संपत्ति कर का भी भुगतान कर सकते है। पटना नगर निगम के वाट्सअप चैटबोट पर संपत्ति करके भुगतान एवं स्वं निर्धारण (सेल्फ एसेसमेंट) इसकी सुविधा 24x7 दी जा रही है। पटना नगर निगम द्वारा आयोजित इस सुविधा को आमजनों के लिए सुविधाजनक बनाया गया है।
पटना नगर निगम वासियों को इस वॉट्सऐप चैटबॉट पर भुगतान करने पर किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना है। पेमेंट करने के तुरंत बाद ही रसीद भी मिलेगी। पटना नगर निगम की सुविधा शुरू की जा चुकी है जिसकी जानकारी/आम जनों को एसएमएस के माध्यम से भी दी जा रही है।
कैसे कर सकते हैं भुगतान?- वॉट्सऐप चैटबॉट 9264447449 पर एचआई लिखकर मैसेज करें।
- अपनी भाषा चुनें
- सेवाओं में संपत्ति कर भुगतान का चयन करें।
- पीआइडी द्वारा भुगतान के बटन पर क्लिक करें।
- भुगतान करें एवं अपनी रसीद प्राप्त करें।
पटना नगर निगम के आधिकारिक पोर्टल https://www.pmc.bihar.gov.in/ के माध्यम से घर बैठे संपत्ति कर का भुगतान कर सकते हैं।
पटना नगर निगम के मुख्यालय एवं अंचल कार्यालयों में भी जाकर संपत्ति कर का भुगतान किया जा सकता है।
आयकर गोलंबर के पास संपत्ति कर संग्रहण के लिए विशेष काउंटर की व्यवस्था की गई है।
Paytm, PhonePe, GPay एवं अन्य UPI के माध्यम से घर बैठे अपना संपत्ति कर का भुगतान कर सकते हैं।
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मुजफ्फरपुर, भागलपुर और दरभंगा समेत 6 जिलों में बनेगा रिंग रोड, हर 20 KM पर होगी फोरलेन सड़क
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के छह शहरों में रिंग रोड का निर्माण होगा। नीतीश सरकार ने पटना के बाद मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, कटिहार एवं बेगूसराय में रिंग रोड बनाने का निर्णय लिया है। शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का आय-व्ययक पेश करते हुए यह घोषणा की।
इसके साथ ही पथ निर्माण विभाग का 68 अरब छह करोड़ 53 लाख 49 हजार रुपये का बजट सदन से पारित हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ही उप मुख्यमंत्री द्वय सम्राट चौधरी एवं विजय सिन्हा सदन में उपस्थित थे। इससे पहले मंत्री का उत्तर से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया।
हर 20 किमी की दूरी पर होगी फोरलेन सड़कमंत्री ने कहा कि आगामी तीन-चार महीने में राज्य के किसी भी कोने से पांच घंटे में पहुंचने की योजना पूरी हो जाएगी। सरकार ने 2027 तक चार घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य तय किया है। जबकि 2035 तक राज्य के किसी भी कोने से मात्र तीन घंटे में पटना पहुंचा जा सकेगा।
उन्होंने कहा, इसके लिए विकसित भारत 2047 का रोडमैप तैयार किया गया है। इसके लिए पांच हजार किमी सिंगल लेन सड़क को दो लेन या इससे अधिक चौड़ा किया जाएगा। लोगों को हर 20 किलोमीटर की दूरी पर चार लेन सड़क उपलब्ध कराया जाएगा।
बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट फेज-वनउन्होंने कहा कि बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट फेज एक के तहत 29 सौ करोड़ से 225 किलोमीटर की पांच योजनाओं पर काम होगा। जबकि दूसरे चरण में 6287 करोड़ से 493 कमी सड़क परियोजनाओं पर काम होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान पथ निर्माण की 137 योजनाओं की घोषणा की। 23 हजार 375 करोड़ की इन योजनाओं पर तीन महीने के भीतर काम शुरू हो जाएगा। 23 बाईपास के निर्माण पर दो हजार करोड़ खर्च होंगे। छह हजार करोड़ से जेपी गंगा पथ का कोईलवर से मोकामा तक विस्तार होगा।
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो लाख 48 हजार करोड़ की योजनाओं की स्वीकृति दी है। गोरखपुर-सिल्लीगुड़ी, पटना-पूर्णिया और मोकामा-मुंगेर को बनाने में 50 हजार करोड़ खर्च होंगे। नाबार्ड से एक हजार करोड़, सीआरआइएफ में 600 करोड़ की मंजूरी दी गई है। पुलों के रखरखाव को लेकर नीति बनाई जा रही है।
छह मानकों पर तैयार यह नीति तीन-चार महीने में बन जाएगी। इसमें सरकार और प्राईवेट पार्टी मिलकर सड़कों का निर्माण करेंगे।
मंत्री के भाषण के पूर्व पक्ष-विपक्ष की ओर बजट पर विमर्श में समीर कुमार महासेठ, सुरेंद्र राम, मिथिलेश कुमार, ऋषि कुमार, ललित नारायण मंडल, श्रेयसी सिंह, गोपाल रविदास, अनिल कुमार, सत्येन्द्र यादव, सूर्यकांत पासवान, अख्तरूल इस्लाम शाहीन, सतीश दास, लखेन्द्र कुमार रौशन एवं राजकुमार सिंह ने अपने विचार रखे।
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Bihar: परमानेंट नहीं होंगे गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसर, मंत्री ने पहले दी बुरी खबर; फिर सुनाई गुड न्यूज!
राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शुक्रवार को विधान परिषद में स्पष्ट किया कि राज्य में अतिथि सहायक प्राध्यापकों को स्थायी करने का मामला विचाराधीन नहीं है। इसकी जगह राज्य सरकार नियमित बहाली करेगी। मंत्री ने बताया कि इसी नौ मार्च को राज्य सरकार 51 हजार से अधिक प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों आदि को नियुक्ति पत्र देगी।
भाजपा सदस्य डा. नवल किशोर यादव ने झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ में अतिथि सहायक प्राध्यापकों की सेवा स्थायी करने की नीति का हवाला देते हुए यह प्रश्न किया था।
सर्वेश कुमार के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि राज्य में दस से अधिक केंद्रीय विद्यालय खुलने के प्रस्ताव आए हैं। राज्य सरकार जमीन के लिए राजस्व विभाग से एनओसी लेने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। दरभंगा के हनुमान नगर प्रखंड स्थित पटोरी में केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र भी लिख दिया गया है।
स्कूलों में जल्द होगी अनुकंपा पर नियुक्तिविधानपरिषद में डॉ. प्रमोद कुमार और वंशीधर ब्रजवासी के प्रश्न पर सरकार ने जवाब दिया कि राज्य के स्कूलों में जल्द अनुकंपा अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। वर्तमान में 6,421 विद्यालय सहायक के पद का सृजन किया गया है।
वहीं, निवेदिता सिंह, रेखा कुमारी और डॉ. कुमुद वर्मा के प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि सभी जर्जर स्कूलों को चार माह में ठीक किया जाएगा। स्कूलों में शौचालय, पेयजल, चहारदीवारी आदि का काम भी किया जा रहा है। इसको लेकर 160 विधायकों-विधानपार्षदों ने प्राथमिकता सूची दी थी जिसमें 50 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है।
होली के पहले वेतन-पेंशन का हो जाए भुगतान:विधानपरिषद की कार्यवाही के दौरान सभापति अवधेश नारायण सिंह ने शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को जानकारी दी कि कई विश्वविद्यालयों में वेतन, पेंशन, अनुदान आदि का भुगतान लंबित है, इसे होली से पहले पूरा करा लिया जाए।
इस पर शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह अविलंब समीक्षा कर इस मामले को दिखवाएंगे और ससमय वेतन-अनुदान का भुगतान किया जाएगा।
शिक्षकों के ईपीएफ भुगतान में गड़बड़ी, शिक्षा मंत्री करेंगे समीक्षादूसरी ओर, नियोजित शिक्षकों के मद में ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) की कटौती के बावजूद खाते में भुगतान नहीं किए जाने की शिक्षा मंत्री सुनील कुमार स्वयं समीक्षा करेंगे। विधान परिषद सदस्य निवेदिता सिंह के प्रश्न पर शुक्रवार को शिक्षा मंत्री ने सदन को यह भरोसा दिया।
इससे पहले निवेदिता सिंह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सदस्यों को सदन बोलने के लिए विशेष मौका देने पर सभापति अवधेश नारायण सिंह के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने पूरक प्रश्न के माध्यम से सभापति का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि दरभंगा एवं मधुबनी के साथ ही कई जिलों में हजारों शिक्षकों के खाते में करोड़ों रुपये ईपीएफ की कटौती के बावजूद जमा नहीं किए जाने पर चिंता जताई।
निवेदिता ने कहा कि शिक्षकों को नियमित इपीएफ खातों में प्रतिमाह भुगतान नहीं किया जा रहा है, जबकि सरकार राशि का भुगतान कर रही है। उन्होंने सभापति को बताया दरभंगा में हजारों शिक्षकों के खाते में माह जुलाई और सितंबर पैसा जमा नहीं हआ है। यह मामला चालू वित्तीय वर्ष यानी 2024 का है। दरभंगा के डीपीओ (स्थाापना) पैसा नहीं जमा करवा रहे हैं।
इसी तरह मधुबनी जिलें में वर्ष 2021 के सितंबर से दिसंबर चार महीने की राशि कटने के बाद खाते में जमा नहीं की गई है। करोड़ों रुपये गबन का प्रकरण है। ऐसी ही विसंगतियां अन्य जिलों में भी है। इसमें हजारों शिक्षक अब सक्षमता परीक्षा पास करने के बाद विशिष्ठ शिक्षक बन चुके हैं।
इस राशि का इपीएफ खाते में जमाकर इस राशि का भुगतान जल्द करवाया जाए। इसके बादमंत्री ने सभापति को भरोसा दिया कि मामले हैं की अविलंब समीक्षा करके शिक्षकों की समस्या एवं सदस्य की चिंता को दूर करेंगे। मंत्री ने कहा हम निश्चित रूप से जो कर्मियां है उसमें सुधार करते हुए भुगतान सुनिश्चित कराएंगे।
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Patna News: पटना में इस जगह 8 घंटे तक चलता रहा बुलडोजर, अधिकारी को देखते ही भागने लगे लोग; जमकर मची तोड़फोड़
संवाद सूत्र, खगौल (पटना)। Patna News: पटना के खगौल नगर परिषद द्वारा शुक्रवार को अतिक्रमण से मुक्त कराने को लेकर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिनव कुमार के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।
शुक्रवार की सुबह खगौल रोड स्थित बटाला में अतिक्रमण हटाओं अभियान की टीम पहुंची। यह देख अतिक्रमण करने वालो में हड़कंप मच गया। लोग अपना सामान समेट कर भागने लगे, जिसे जो मिला उसे समेट कर हटाने में लगे रहे।
अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर परिषद का जेसीबी बटाला से लेकर डीआरएम कार्यालय एवं दल्लूचक में पहुंची। अतिक्रमण हटाओ दस्ता ने सड़कों के किनारे किये गये अतिक्रमण को हटाया। स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर चलाया गया व सामान आदि जब्त भी किया।
कार्यपालक पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी मधेश कुमार, सफाई निरीक्षक मुकेश कुमार समेत कर्मी अभियान को सफल बनाने में लगे रहे। कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि आगे भी अभियान जारी रहेगा। इलाके से अतिक्रमण हटाया जायेगा।
पटना के बेउर मोड़ समेत अन्य इलाकों से हटाया गया अतिक्रमणप्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े के निर्देश पर गुरुवार को बेउर मोड़ से केंद्रीय कारा तक अतिक्रमण हटाया गया। शहर के अन्य हिस्सों में भी अतिक्रमण पर कार्रवाई हुई। इस क्रम में अलग-अलग जगहों से 66,100 रुपये जुर्माना वसूला गया।
जिला नियंत्रण कक्ष से प्राप्त सूचना के अनुसार पटना नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल में बेउर मोड़ से बेउर जेल तक दोनों तरफ से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया।
पाटलिपुत्र अंचल में बोरिंग रोड चौराहा से लेकर राजापुर सब्जी मंडी के रास्ते दोनों तरफ होते हुए बोरिंग रोड चौराहे तक अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया।
बांकीपुर अंचल में खेतान मार्केट एवं सब्जी बाग में टीम ने अतिक्रमण हटाया। वहीं नगर परिषद दानापुर निजामत में डीएवी मोड़ से रामजयपाल मोड़ तक अतिक्रमण हटाया गया।
सीओ व बीडीओ ने सड़क अतिक्रमण मुक्त अभियान चलायावीरपुर सीओ भाई वीरेंद्र एवं बीडीओ पंकज कुमार शक्तिधर ने सड़क से अतिक्रमण मुक्ति अभियान चलाया। मुजफ्फरा बस स्टैंड से लेकर भवानंदपुर इंदिरा चौक एवं पर्रा गांव की मुख्य सड़क के किनारे अतिक्रमण मुक्ति अभियान चलाया गया। सीओ ने स्थल निरीक्षण करते हुए बताया कि गलत तरीके से सड़क के किनारे दुकान लगाए हुए हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है
गाड़ी पार्किंग की भी समस्या उत्पन्न हो रही है। सड़क जाम रहने से लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसी उद्देश्य सड़क अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सड़क को अतिक्रमण कर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को 14 दिनों के अंदर अतिक्रमण को खाली करने की चेतावनी दी गई है।
अन्यथा प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौके पर अंचल गार्ड भी मौजूद थे। इससे चेतावनी से सड़क के किनारे अतिक्रमण कर दुकान लगाने वाले दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
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Neetu Chandra: नीतू चंद्रा की याचिका पर HC ने केंद्र से मांगा जवाब, हनी सिंह के Maniac Song पर विवाद
विधि संवाददाता, पटना। हिंदी और भोजपुरी संगीत में बढ़ती अश्लीलता के विरुद्ध पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) ने सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। चर्चित फिल्म अभिनेत्री नीतू चंद्रा (Neetu Chandra) द्वारा दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यह मामला जनहित से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।
याचिका में विशेष रूप से योयो हनी सिंह (Honey Singh) के हालिया गाने “मैनिएक” (Maniac Song) को निशाने पर लिया गया है। आरोप है कि इस गीत में महिलाओं को उपभोग की वस्तु के रूप में चित्रित किया गया है और द्विअर्थी शब्दावली के जरिए अश्लीलता को बढ़ावा दिया गया है।
'बच्चों, महिलाओं पर पड़ता है बुरा असर'याचिकाकर्ता द्वारा दलील दी कि भोजपुरी और हिंदी गानों में बढ़ती फूहड़ता और अपशब्दों का प्रयोग समाज, विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं, पर बुरा प्रभाव डालता है।
इन गानों में संस्कृति का गलत चित्रण किया जाता है। याचिका में यह भी सवाल उठाया गया कि क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ सामाजिक मूल्यों की अनदेखी करना है? संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, लेकिन इसकी सीमाएं भी तय की गई हैं।
याचिकाकर्ता ने मांग की कि गानों में अश्लीलता पर रोक लगाने और दिशा-निर्देश दिए जाएं। इस मामले में वरीय अधिवक्ता निवेदिता निर्विकार ने याचिकाकर्ता की ओर से दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करे। मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी।
हाई कोर्ट से जुड़ा एक अन्य मामलाआम उत्पादकों को उचित मूल्य नहीं मिलने पर हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाबराज्य के आम उत्पादकों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने और निर्यात के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना के अभाव मामले में पटना हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने इस संबंध में दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता आत्मबोध के अधिवक्ता डॉ. मौर्य विजय चंद्र ने न्यायालय को बताया कि राज्य में उत्तम गुणवत्ता के आमों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, लेकिन किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सरकार की उदासीनता के कारण उत्पादकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने दलील दी कि विदेशी बाजारों में बिहार के आम की बड़ी मांग है, लेकिन निर्यात के लिए आधारभूत संरचना की कमी के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। अगर सरकार जरूरी सुविधाएं विकसित करे, तो राज्य के आम उत्पादकों को बेहतर कीमत मिलेगी और देश को विदेशी मुद्रा भी प्राप्त होगी।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर एक ठोस नीति बनाए, जिससे आम के निर्यात की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
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Pappu Yadav: जिसने धमकी दी उसी को साथ लेकर बैठ गए पप्पू यादव, मीडिया के सामने खोल दिया पूरा राज
राज्य ब्यूरो, पटना। पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने आरोप लगाया है कि पिछले साल जदयू और पूर्णिया प्रशासन ने उनकी जान के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की थी।
शुक्रवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पप्पू यादव ने आरोप लगाए कि उन्हें कथित रूप से लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर जो धमकी मिली थी वह जदयू और पूर्णिया प्रशासन की साजिश थी, जिससे उनकी छवि प्रभावित हुई है।उन्होंने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
'दो लाख रुपये का लालच दिया...'प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद के साथ उपस्थित रामबाबू यादव (बिश्नोई के नाम पर धमकी देने वाला) ने कहा कि राजद नेता हरिकांत सिंह उर्फ चीकू ने जदयू कार्यालय में प्रवक्ता नीरज कुमार से उसे मिलवाया।
नीरज कुमार ने रामबाबू यादव को वीडियो के माध्यम से सांसद पप्पू यादव को धमकी देने के बदले दो लाख रुपये देने और चुनाव लड़वा कर जिंदगी बदलने का प्रलोभन दिया था।
'गार्ड रूम में बनाया धमकी वाला वीडियो'रामबाबू ने कहा कि मैंने नीरज कुमार के कहने पर जदयू कार्यालय में पप्पू यादव को धमकी देने वाला वीडियो जदयू कार्यालय गार्ड रूम में बनाया। नीरज कुमार ने मुझे राघोपुर से चुनाव लड़वाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा, उसे जब लगा कि उसे फंसाया जा रहा है तो मैंने आज पप्पू यादव से माफी मांग ली। उसे जो दो लाख मिलने थे वह भी नहीं मिले। इस मामले में पूर्णिया पुलिस भी साजिश में बराबर की हिस्सेदार है।
'विजय सिन्हा को इस्तीफा देना चाहिए'इसके पूर्व पप्पू यादव ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की हालत पर चिंता जताते हुए मांग की कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। जो मंत्री रहते जनता के अधिकारों की रक्षा नहीं कर पाता उसे मंत्री पद पर रहने का अधिकार नहीं। प्रेस वार्ता में प्रेम चंद सिंह,राजेश पप्पू मौजूद थे।
आरोप साबित करें या कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें: नीरज कुमारजदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान परिषद के सदस्य नीरज कुमार ने सांसद पप्पू यादव को यह साबित करने की चुनौती दी है कि लॉरेंस बिश्नोई के नाम से दी गई धमकी प्रकरण में हमारी कोई भूमिका रही है। अगर ऐसा नहीं कर पाते हैं तो कानूनी लड़ाई के लिए तैयार रहें।
उन्होंने कहा- पप्पू यादव दाएं-बाएं न करें। हम कानूनी इलाज कर देंगे। अपराधी, गुंडा और लंपट से न हम डरते हैं और न उनकी परवाह करते हैं।
नीरज ने शुक्रवार को यहां कहा कि पप्पू यादव जहां से चक्कर लगार कर आए हैं, वर्षों रहे हैं, मैंने उस घर का दरवाजा भी नहीं देखा है। आज तक मैंने किसी के विरूद्ध कोई साजिश नहीं की है। हमारे घर पर सीसीटीवी है। हर आने जाने वालों का रिकार्ड दर्ज रहता है। मोबाइल से हर बातचीत का पता लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पप्पू यादव के मामले में ही उन्होंने लारेंस विश्नोई का नाम सुना। पप्पू यादव ही रो- रोकर लारेंस का नाम ले रहे थे। हम पर आजतक कोई मुकदमा नहीं हुआ है। पप्पू यादव को समझना चाहिए कि बिहार में कानून का राज है। हम भी गलती करेंगे तो सजा मिलेगी। उनके पास मेरे विरूद्ध कोई साक्ष्य है तो कानून के रास्ते से आएं।
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Patna News: स्कूटी से आ रही थी 8 महीने की गर्भवती सिपाही, फिर हुआ कुछ ऐसा कि पूरे परिवार में मच गया कोहराम
जागरण संवाददाता, पटना। Patna News: पटना सचिवालय थानांतर्गत नेहरू पथ पर संजय गांधी जैविक उद्यान गेट नंबर एक से पहले शुक्रवार की सुबह लगभग पौने 11 बजे कैब और स्कूटी की सीधी टक्कर में महिला सिपाही अलका अनुपम (30) की मौत हो गई। वह आठ महीने की गर्भवती थी।
हादसे में स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने जच्चा-बच्चा दोनों को मृत घोषित कर दिया। इधर, मौके से भागने की कोशिश कर रहे कैब चालक को लोगों ने पकड़ लिया। उसे गांधी मैदान यातायात थाने की पुलिस के हवाले कर दिया गया। आरोपित की पहचान हिमाचल प्रदेश निवासी प्रदीप कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह यहां रहकर कैब चलाता था। थानेदार ब्रजेश कुमार चौहान ने बताया कि कैब जब्त कर ली गई है।
हादसे में भाई भी हुआ जख्मीअलका अपने भाई वरुण के साथ स्कूटी से ड्यूटी पर जा रही थीं। तभी विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रही कैब ने स्कूटी में सीधी टक्कर मार दी। वरुण और अलका दोनों ही सड़क पर गिर पड़े। अलका की चीखें सुन कर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। दोनों को राहगीरों के सहयोग से पीएमसीएच पहुंचाया गया।
हालांकि, अलका ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वरुण का उपचार जारी है। गिरफ्तार कैब चालक ने बताया कि वह सवारी लेने जा रहा था। गूगल लोकेशन पर उसकी नजर थी। वह स्कूटी देख नहीं पाया और उसने सीधी टक्कर मार दी।
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एटीएस में तैनात हैं अलका के पतिअलका मूलरूप से धनरुआ की रहने वाली थीं। हालांकि, वह पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के कैलाशपुरी मोहल्ले में रहती थीं। वह मोतिहारी जिला बल की सिपाही थीं। यहां ईआरएसएस (इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम) की डायल 112 सेवा में प्रतिनियुक्त थीं।
उनके पति एटीएस (आतंक निरोधी दस्ता) में सिपाही हैं। साथियों ने बताया कि कुछ ही दिनों बाद से वह सीसीएल (चाइल्ड केयर लीव) पर जाने वाली थीं। उनके निधन पर एडीजी निर्मल कुमार आजाद और एसपी (आपरेशन) शीला ईरानी ने गहरा शोक जताया है। एसपी ने बताया कि अलका की आकस्मिक मृत्यु महकमे के लिए बड़ी क्षति है।
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Bihar Politics: विधानसभा में फिर क्यों भड़के CM नीतीश कुमार? दे डाली कड़ी चेतावनी
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Assembly: बिहार का विधानसभा सत्र जारी है। इस दौरान पक्ष और विपक्ष के दौरान तीखी बहस हुई।सदन में नालंदा में महिला की हत्या का मामला खूब गूंजा। विपक्ष के विधायकों ने इस घटना को लेकर बिहार सरकार को खूब घेरा।
विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा कि आप सब शांत हो जाइए, विधि व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ा एक्शन होगा।
विधि-व्यवस्था के खिलाफ प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में अध्यक्ष के आसन के समक्ष नारेबाजी कर रहे भाकपा (माले) विधायकों को मुख्यमंत्री ने कहा कि आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहा हूं कि आप बैठ जाइए। इसके बाद माले विधायक अपनी सीट पर बैठ गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी कोई घटना होती है और उसके बारे में खबर मिलती है तो हम तुरंत अफसरों को कहते हैं कि उसे देख लिया जाए। दूसरे राज्यों में हुई घटना की खबर लेते हैं। कोई इधर से उधर करता है तो उस पर कार्रवाई होती है। इसलिए आप लोग बेमतलब वेल में आकर नारेबाजी करने लगते हैं।
मुख्यमंत्री आज प्रश्नकाल में विधानसभा अध्यक्ष के आने से पहले ही आकर बैठ गए थे। अध्यक्ष के आने से पहले भाकपा (माले) के सत्यदेव राम ने मुख्यमंत्री से कहा कि आज उन्हें कुछ बोलना है। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा- आप तो हर रोज बोलते रहते हैं।
दरअसल, भाकपा (माले) विधायकों का हंगामा विधि-व्यवस्था के साथ-साथ तलवे में कील ठोककर हुई एक हत्या को लेकर था। काफी देर तक वे लोग वेल में पोस्टर के साथ हंगामा करते रहे। अध्यक्ष के आसन पर मार्शलों ने उनसे पोस्टर छीन लिया, फिर भी वे नारेबाजी करते रहे।
सीएम ने विपक्ष से कहा- आपने महिलाओं के लिए कुछ नहीं कियाविधान परिषद में शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि आप लोगों ने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। हमारी सरकार ने महिलाओं-लड़कियों की पढ़ाई से रोजगार तक के लिए काम किया है।
राजद सदस्य उर्मिला ठाकुर के तारांकित सवाल के दौरान हस्तक्षेप करते हुए पर मुख्यमंत्री अचानक खड़े होकर बोले- आपके शासन में कोई लड़की-महिला पढ़ती थी? बहुत तो प्राथमिक शिक्षा मिलती थी, पांचवीं के बाद कहां पढ़ पाती थी? हमारी सरकार ने इतना काम किया गया है कि महिलाओं को कोई दिक्कत नहीं है अब।
आप लोगों ने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। इस दौरान राबड़ी देवी की तरफ देखते हुए कहा कि इनके हसबैंड (लालू प्रसाद) हटे तो इनको (मुख्यमंत्री) बना दिया गया। फिर सत्ता पक्ष की महिला सदस्यों की ओर देखते हुए कहा कि इन लोगों को विस्तार से बताना चाहिए।
शिक्षा मंत्री ने दिया जवाबइसके बाद सीएम ने शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से कहा कि ठीक से इसका जवाब दीजिए। मंत्री सुनील कुमार ने सदन को बताया कि वर्ष 2003 में राज्य में महिला साक्षरता दर 34 प्रतिशत थी, जो 2023 में बढ़कर 74 प्रतिशत हो गई है।
वर्ष 2005 में शिक्षा का बजट सिर्फ 1500 करोड़ था, जो इस साल बढ़कर 60 हजार करोड़ से भी अधिक हो गया है। हर पंचायत में प्लस टू स्कूलों को लाया गया। साइकिल योजना, पोशाक योजना, मिड डे मिल जैसी योजनाओं ने पूरे बिहार में शिक्षा का परिदृश्य बदल दिया है।
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जागरण टीम, पटना। बिहार विधान परिषद (Bihar Vidhan Parishad Session) में शुक्रवार को खूब पॉलिटिकल ड्रामा देखने को मिला। सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी पर भड़क उठे। बड़े ही उखड़े अंदाज में राबड़ी देवी की ओर इशारा करते हुए नीतीश कुमार बहुत तीखा बोल गए।
नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी (Rabri Devi) की ओर इशारा करते हुए कहा, "इनके हसबैंड जेल गए, तो अपनी वाइफ को मुख्यमंत्री बना दिया। ये लोग महिलाओं के लिए कोई काम नहीं किए हैं।"
MLC उर्मिला के बयान से खड़ा हुआ सियासी बवालदरअसल, ये पूरा बवाल राजद एमएलसी उर्मिला ठाकुर के सवाल से शुरू हुआ। वह प्रश्नकाल में जब महिलाओं के मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछ रहीं थी, तब नीतीश कुमार को अचानक गुस्सा आ गया। वह सीट से खड़े हो गए और लालू परिवार को निशाने पर ले लिया।
गुस्से से लाल हो गए सीएम नीतीशमुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुस्से में कहा, हमने महिलाओं के लिए बहुत काम किया है। इनको (विपक्ष) कुछ मालूम नहीं है। इन लोगों ने आज तक महिलाओं के लिए कोई काम नहीं किया।
राबड़ी देवी की ओर इशारा करते हुए सीएम ने कह दिया, इनके हसबैंड जेल गए, तो अपनी वाइफ को मुख्यमंत्री बना दिया।
बता दें कि नीतीश कुमार कई बार महिलाओं के मुद्दे पर लालू परिवार और राजद को घेर चुके हैं। नीतीश कुमार ने बीते दिनों सदन नें कहा था कि 2005 से पहले लोग रात को बाहर नहीं निकल पाते थे। मां-बेटी घर से बाहर जाने पर डरती थीं।
तेजस्वी यादव ने क्या बोला?राबड़ी देवी के बारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की टिप्पणी पर RJD नेता तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार को यह पता होना चाहिए कि राबड़ी देवी बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं... नीतीश कुमार की गिरती सेहत साबित कर चुकी है कि वे अब बिहार चलाने के योग्य नहीं हैं"।
महिलाओं पर बढ़ते अपराध के खिलाफ विधानमंडल में प्रदर्शनराष्ट्रीय महिला दिवस के एक दिन पूर्व बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के बाहर महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा, अपराध और आउट सोर्स से होने वाली नियुक्तियों में आरक्षण की मांग को लेकर विपक्ष ने प्रदर्शन किया। विधान परिषद में स्वयं राबड़ी देवी ने प्रदर्शन का मोर्चा संभाला और पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया।
शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ होने के पूर्व भाकपा माले के सदस्य विधानसभा परिसर में होर्डिंग और प्ले कार्ड के साथ उतरे और उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर प्रदर्शन किया। माले नेताओं ने कहा कि बिहार में हर दिन महिलाओं के साथ आपराधिक वारदातें हो रही हैं।
हाल ही में एक महिला की नृशंस तरीके से हत्या कर उसके पैरों में कीले ठोक दी गई। इस अमानवीय घटना के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय सरकार मौन है। नेताओं ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करने की मांग उठाई।
दूसरी ओर विधानसभा और विधानसभा परिसर पोर्टिको में राजद ने आउटसोर्सिंग नियुक्तियों में 65 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग के साथ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन करने वाले नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार साजिश के तहत अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों का आरक्षण छीनना चाहती है। जाति आधारित सर्वे के बाद 65 प्रतिशत आरक्षण सीमा बढ़ाई गई परंतु साजिश के तहत इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया।
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Women Kabaddi World Cup: राजगीर में 1 जून से होने जा रहा महिला कबड्डी विश्वकप, इन 14 देशों के खिलाड़ी लेंगे भाग
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar News: बिहार दूसरी बार महिला कबड्डी विश्वकप की मेजबानी करेगा। राजगीर खेल परिसर में एक से 13 जून तक चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में 14 देशों की खिलाड़ी भाग लेंगी।
इसमें भारत, चीन, जापान, साउथ कोरिया, नेपाल, पाकिस्तान (संशय), ईरान, पालैंड, अर्जेंटीना, इंडोनेशिया दो दक्षिण अफ्रीकी देशों के शामिल होने की संभावना है। इस संबंध में गुरुवार को इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन (आइकेएफ) के अध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी ने पत्र जारी किया।
चैंपियनशिप में 75 किलो भार या उससे कम की महिला भाग लेंगीआइकेएफ की ओर से जारी पत्र के अनुसार चैंपियनशिप में 75 किलोग्राम भार वर्ग या उससे कम की महिला खिलाड़ी भाग लेंगी। एक टीम से 14 खिलाड़ी, दो कोच, एक मैनेजर और एक इंटरनेशनल तकनीकी पदाधिकारियों सहित कुल 18 सदस्यों को आइकेएफ भोजन, आवासन एवं परिवहन की सुविधा देगा।
सभी मैच राजगीर के इनडोर हाल में मैट पर खेले जाएंगे। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए विभिन्न देशों को 31 मार्च तक इमेल के माध्यम से प्रविष्टी करा लेनी होगी। सभी टीमों को मैच शुरू होने से 15 मिनट पहले कॉल रूम में रिपोर्ट करनी होगी।
इसके पहले इसी वर्ष जनवरी में आयोजन को लेकर एशियन कबड्डी फेडरेशन के प्रेसिडेंट डा. अब्बास खाजेस अवारसे और इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन के डायरेक्टर तेजस्वी गहलोत ने पाटलिपुत्र खेल परिसर में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण से मुलाकात की थी।
इससे पहले पटना में महिला कबड्डी का आयोजन किया गया थाबता दें कि अबतक एक ही बार महिला कबड्डी विश्वकप का आयोजन किया गया है। यह दूसरा अवसर होगा जब बिहार महिला विश्वकप कबड्डी चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। वर्ष 2012 में पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।
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Bihar News: पूर्णिया-कोसी प्रमंडल के लोगों की बल्ले-बल्ले, बाढ़ प्रभावित 5 जिलों की चमक जाएगी किस्मत
राज्य ब्यूरो, पटना। Patna News: राज्य सरकार ने विश्व बैंक से पूर्णिया सहित कोसी प्रमंडल के जिलों के विकास के लिए नई परियोजना बनाने का आग्रह किया है। यह आग्रह गुरुवार को विश्व बैंक की टीम के साथ हुई बैठक में योजना व विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने की।
बैठक में तय हुआ कि बिहार कोसी बेसिन विकास परियोजना से जुड़े सारे काम 27 मार्च तक पूरे कर लिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना को विश्व बैंक की आर्थिक सहायता मिली हुई है।
बाढ़ प्रभावित 5 शहरों को मिलेगी मददकोसी बेसिन विकास परियोजना की निगरानी के लिए विश्व बैंक के अधिकारियों की टीम बिहार के चार दिवसीय दौरे पर है। इस टीम ने दौरे के पहले दिन मंत्री को परियोजना से संबंधित अद्यतन स्थिति की जानकारी भी दी। बाढ़ प्रभावित सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और अररिया में इस परियोजना के अंतर्गत काम हो रहे। अब तक 59 पुलों और 117 सड़कों का निर्माण हो चुका है।
परियोजना के लिए 1975 करोड़ की राशि आवंटितसाथ ही पूर्वी कोसी तटबंध के प्रारंभ के 28.20 किलोमीटर और 78वें किलोमीटर से 84वें किलोमीटर तक का सुदृढ़ीकरण कार्य हुआ है। परियोजना के लिए 1975 करोड़ की राशि आवंटित है। उसमें से फरवरी, 2025 तक 1831 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
वीरपुर में स्थापित किया गया भौतिक प्रतिमान संस्थान (पीएमसी) सेंटर आफ एक्सीलेंस है। यह पूर्वी भारत का पहला और देश का दूसरा संस्थान है, जहां नदियों के भौतिक माडल पर जल प्रवाह के आधार के हिसाब से संवेदनशील स्थलों की पहचान हो सकेगी।
बैठक में विश्व बैंक के वरीय जल संसाधन प्रबंधन विशेषज्ञ सत्यप्रिय, जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञ मेहुल जैन, वरीय आपदा जोखिम प्रबंधन विशेषज्ञ दीपक सिंह के अलावा बापेप्स के परियोजना उप निदेशक सूर्यदेव पांडेय, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ राज वर्मा और कृषि विशेषज्ञ सुधांशु कुमार सम्मिलित रहे।
कोसी प्रमंडल के जिले- सहरसा: कोसी प्रमंडल का मुख्यालय और एक महत्वपूर्ण शहर।
- मधेपुरा: एक ऐतिहासिक शहर और मधेपुरा जिले का मुख्यालय।
- सुपौल: एक महत्वपूर्ण शहर और सुपौल जिले का मुख्यालय।
- अररिया: एक महत्वपूर्ण शहर और अररिया जिले का मुख्यालय।
- किशनगंज: एक महत्वपूर्ण शहर और किशनगंज जिले का मुख्यालय।
- पूर्णिया: एक महत्वपूर्ण शहर और पूर्णिया जिले का मुख्यालय।
- कटिहार: एक महत्वपूर्ण शहर और कटिहार जिले का मुख्यालय।
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Bihar Politics: तेजस्वी के सहारे बिहार की चुनावी नैया को पार करेगा महागठबंधन, तैयार किया मास्टर प्लान
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले पांच पार्टियों के गठजोड़ वाला महागठबंधन जनहित के मुद्दे पर सदन से सड़क तक एकजुटता के साथ अपनी आवाज कुछ और बुलंद करेगा। महागठबंधन विधायक दल की बैठक में इसका निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें दोनों सदनों में उन मुद्दों को उठाना है, जिनसे जनता का प्रत्यक्ष वास्ता है।
महागठबंधन में तेजस्वी के नेतृत्व को लेकर विवाद नहीं- तेजस्वी ने ये भी कहा कि अगर सरकार अगर उचित नोटिस नहीं लेती तो उन मुद्दों को लेकर हम जनता के बीच भी जाएंगे। इसमें महागठबंधन की पहल और आवाज एकत्रित हो।
- एकजुटता का यह संदेश ही हमें अपने लक्ष्य में सफल बनाएगा। सहयोगी दलों ने एक स्वर में स्वीकार किया कि महागठबंधन में तेजस्वी के नेतृत्व को लेकर कोई विवाद नहीं है।
- प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में ही लड़ेगा। इसके साथ ही आगामी चुनाव को लेकर अभी से तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
पूर्व मंत्री आलोक मेहता के आवास पर हुई बैठक में राजद, कांग्रेस सहित तीनों वामदलों (भाकपा, माकपा व भाकपा-माले) के विधायक-विधान पार्षद उपस्थित रहे। तमाम कयासों व बयानबाजी को दरकिनार करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ विधायकों ने कहा कि महागठबंधन आगे भी एकजुट रहेगा।
अंतर्कलह या विवाद की कोई गुंजाइश ही नहीं है। राजद विधायकों का आग्रह था कि यह एकजुटता सदन में भी पुरजोर तरीके से दिखे। वाम दलों, विशेषकर माले ने राजद के इस विचार से हामी भरी।
तेजस्वी ने की तालमेल बनाकर चलने की अपीलसहयोगी दलों के विधायकों से तेजस्वी ने कहा कि हर समस्या का समाधान है। उचित प्लेटफार्म पर विवाद का निराकरण भी है। हमें एक लाइन बनाकर चलना है। मतभेद के किसी संदेश की गुंजाइश ही न रहे। बयानों और कार्यक्रमों में तालमेल व समन्वय से ही ऐसा संभव है।
जन-संपर्क बढ़ाने का किया आग्रहमहागठबंधन के मसलों का हल आपसी बातचीत से निकाला जाएगा, न कि किसी भी प्रकार की बयानबाजी से। व्यर्थ की बयानबाजी में अपनी ऊर्जा जाया करने की बजाय उसे उन मुद्दों पर खर्च किया जाए, जिससे जनता का भी हित जुड़ा है और हमारी चुनावी संभावना भी।
इसी के साथ तेजस्वी ने विधानसभा क्षेत्र में अधिकाधिक समय देने और जन-संपर्क को और बढ़ाने का आग्रह भी सभी नेताओं से किया।
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Bihar Weather Today: मौसम ने लिया यूटर्न, आंधी-तूफान के साथ इन जिलों में होगी बारिश; IMD ने जारी किया यलो अलर्ट
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: पछुआ के प्रवाह से प्रदेश का मौसम शुष्क बना रहेगा। आठ व नौ मार्च को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय के आसपास बने रहने की संभावना है। इसके प्रभाव से आठ मार्च को प्रदेश के छह जिलों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30-40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा भी चलेगी।
इन जिलों में बारिश के आसारकिशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका व जुमई जिले के एक या दो स्थानों पर हल्की वर्षा, मेघ गर्जन, बिजली गिरने और झोंके के साथ 30-40 किमी प्रतिघंटा हवा का प्रवाह जारी रहने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
औरंगाबाद रहा सबसे गर्मपटना सहित अधिसंख्य भागों में बादल छाए रहने, ठंडी हवा के प्रवाह से तापमान में गिरावट की संभावना है। गुरुवार को पटना का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री गिरावट के साथ 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 29.8 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान औरंगाबाद में दर्ज किया गया।
अधिकतम तापमान में अंतरमौसम में हुए बदलाव के कारण पटना सहित प्रमुख शहरों के अधिकतम तापमान में पांच दिनों के दौरान अंतर देखा गया। पटना का अधिकतम तापमान दो मार्च को 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पांच दिनों के दौरान राजधानी के अधिकतम तापमान में चार डिग्री का अंतर दर्ज किया गया। वहीं, गया के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री, भागलपुर में चार डिग्री, मुजफ्फरपुर में चार डिग्री का अंतर दर्ज किया गया।
पांच दिनों के दौरान तापमान में अंतर 11 4 शहरदो मार्च (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
छह मार्च (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
तापमान में अंतर पटना 30.8 26.6 4.2 गया 31.4 28.7 2.7 भागलपुर 31.3 27.4 3.9 पूर्णिया 31.4 27.8 3.6 वाल्मीकि नगर 31.4 26.8 4.6 मुजफ्फरपुर 30.0 26.3 3.7 सुपौल 31.0 26.6 4.4 डेहरी 31.2 28.6 2.6 बक्सर 32.8 28.6 4.2 औरंगाबाद 32.0 29.8 2.2 32.0 29.8 2.2 प्रमुख शहरों का तापमान शहर अधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 26.6 15.0 गया 28.7 12.4 भागलपुर 27.4 12.8 मुजफ्फरपुर 26.3 14.6 आरा: तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, बढ़ेगी मौसमी बीमारी
गर्मी के मौसम की शुरूआत से पहले तापमान में जारी उतार-चढ़ाव और बदलता मौसम बीमारियों के बढ़ने का संकेत दे रहा है। सप्ताह भर से दोपहर में बढ़े तापमान की तल्खी के कारण, जहां धूप में बाहर निकलना मुश्किल साबित हो रहा है, वहीं अब देर रात के बाद सुबह होने तक सिहरन पैदा करने वाली गुनगुनी ठंड हाल ही में धो सुखाकर बक्से में रखे गए गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस करा रही है।
न्यूनतम तापमान अभी भी 13-14 डिग्री सेल्सियस पर टिका हुआ है। गुरुवार की सुबह 6.10 बजे सूर्योदय के समय तक न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस पर बरकरार था। वहीं शाम 5.56 बजे सूर्यास्त होने के बाद आर्द्रता भी 65 प्रतिशत के आकड़े को पार कर रात्रि में 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी थी। जबकि दोपहर में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस था।
मौसम मे तेजी से जारी यह उतार-चढ़ाव बच्चों और बुजर्गों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। मौसम में जारी यह उतार-चढ़ाव सप्ताह के अंत तक जारी रहेगा। विगत पांच दिनों में पांच डिग्री लुढ़का अधिकतम तापमान का पारा सप्ताह के अंत तक सात डिग्री सेल्सियस चढ़ने के साथ होली के दिन 15 मार्च तक 34 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर सकता है।
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Patna News: पटना घाट से इस वर्ष जुड़ जाएगा जेपी गंगा पथ, पूर्वी और पश्चिमी भाग के बीच सुहाना होगा सफर
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। गंगा किनारे दीघा से दीदारगंज तक निर्मित 21 किलोमीटर लंबे जेपी गंगा पथ पर कंगन घाट तक वाहनों का परिचालन जारी है। कंगन घाट से लेकर दीदारगंज तक गंगा पथ पर 31 मार्च से गाड़ियां दौड़ने लगेंगी।
दीघा से दीदारगंज तक के इस मार्ग से लोगों का सफर आसान हो जाएगा। यह बातें पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने गुरुवार को जेपी गंगा पथ के अंतिम सेगमेंट का निरीक्षण करने के दौरान कही। उन्होंने कंगन घाट से दीदारगंज तक पांच किलोमीटर दूरी के जेपी गंगा पथ का जायजा लिया।
पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि पटना घाट के सम्पर्क पथ से जेपी गंगा पथ इसी वर्ष जुड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि कंगन घाट से दीदारगंज जेपी गंगा पथ का निर्माण कार्य 31 मार्च तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।
इस निर्माण की महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पथ एक तरफ जहां जेपी गंगा पथ से जुड़ रहा है तो दूसरी ओर सिक्स लेन ब्रिज से जुड़ रहा है। इस पथ के प्रारंभ होने से उत्तर बिहार से पटना आने वाले लोगों को काफी सुविधा होगी।
उन्होंने बताया कि अभी दीदारगंज से शहर में प्रवेश करने में नागरिकों को दो घंटा लगता है। पथ के प्रारंभ होने से नागरिकों का समय भी बचेगा। मंत्री ने बताया कि इस पैच को गायघाट, अशोक राजपथ, पीएमसीएच, गांधी मैदान, अटल पथ समेत कई स्थानों से जोड़ने के कारण राजधानी में बढ़ते यातायात दबाव में कमी आयेगी।
जेपी गंगा पथ का निरीक्षण करते पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन व अधिकारी। (फोटो जागरण)
निरीक्षण के दौरान बिहार राज्य पथ निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक, अभियंता प्रमुख सुनील कुमार, मुख्य महाप्रबंधक प्रवीण चंद्र गुप्ता, महाप्रबंधक अरुण कुमार, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा समेत अन्य थे।
जेपी गंगा पथ का कोईलवर और मोकामा तक होगा विस्तारपथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि बिहार की डबल इंजन सरकार विकास कार्यों को दोगुनी गति से कर रही है। इस वर्ष के अंत तक जेपी गंगा पथ पटना घाट से भी जुड़ जाएगा।
दीघा से दीदारगंज तक आवागमन सुचारु होने के बाद विभाग जेपी गंगा पथ का दीघा से कोईलवर और दीदारगंज से मोकामा तक के बीच विस्तारीकरण और नई कनेक्टिविटी का कार्य करेगा। मंत्री ने बताया कि पूरे पैच को मुख्यमंत्री समग्र उद्यान योजना से जोड़ने की योजना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सात किलोमीटर तक के पैच को जोड़ा जाएगा। जेपी गंगा पथ के दोनों ओर हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिससे पटना शहर के पर्यावरण में भी सुधार होगा।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2013 के 11 अक्टूबर को जेपी गंगा पथ की आधारशिला लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर रखी गयी थी। वर्ष 2024 के 24 जून को दीघा से पीएमसीएच तक पहले चरण में आवागमन प्रारंभ किया गया। दूसरे चरण में वर्ष 2023 के 14 अगस्त को पीएमसीएच से गायघाट तक आवागमन शुरू किया गया।
तीसरे चरण में वर्ष 2024 के 10 जुलाई को कंगन घाट तक आवागमन शुरू हुआ। अब चौथे चरण में 31 मार्च तक कंगन घाट से दीदारगंज तक आवागमन प्रारंभ हो जाएगा।
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Bihar Bhumi: लैंड म्यूटेशन में बरती लापरवाही, नीतीश सरकार ने लिया एक्शन; 2 अफसरों पर गिरी गाज
जागरण टीम, पटना/मुजफ्फरपुर। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने काम में लापरवाही बरतने वाले दो अंचल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। बहादुरगंज एवं नवादा सदर के अंचलाधिकारियों पर लापरवाही का आरोप है।
सरावगी ने आमलोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए सभी राजस्व कर्मचारियों को अपने पदस्थापन वाले पंचायत में रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जिन राजस्व कर्मचारियों के जिम्मे एक से अधिक पंचायत है, उन्हें रोस्टर जारी कर उनका पंचायत में रहने का दिन तय किया जाय।
'अंचल कार्यालय स्तर पर बरती लापरवाही'मंत्री ने बताया कि नवादा के डीएम से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार नवादा सदर अंचल अंतर्गत दाखिल खारिज वाद संख्या 9425/23-24 में निहित खाता संख्या 122, खेसरा संख्या 791 में सन्निहित रकबा का दाखिल-खारिज जल संसाधन विभाग के नाम से करने के मामले में अंचल कार्यालय स्तर पर लापरवाही बरती गई।
किशनगंज में भी ऐसा ही मामलाइसी तरह किशनगंज के डीएम की रिपोर्ट में बताया गया कि बहादुरगंज के अंचल अधिकारी ने माह अगस्त 2024 से जनवरी 2025 तक दायर दाखिल खारिज आवेदनों में से 143 आवेदनों का निष्पादन 75 दिनों के बाद किया है।
उल्लेखनीय है कि दाखिल खारिज नियमावली के प्रावधानों के अनुसार, दाखिल खारिज आवेदनों का निष्पादन 35 दिनों के भीतर करना है। आपत्ति प्राप्त आवेदनों का निष्पादन भी 75 कार्यदिवस के भीतर करना है।
डीसीएलआर पूर्वी के कोर्ट में दाखिल-खारिज और भूमि विवाद के 5700 मामले लंबितडीसीएलआर पूर्वी के कोर्ट में दाखिल-खारिज और भूमि विवाद के 5756 वाद लंबित हैं। कुल 6507 दायर वादों में से मात्र 751 का ही निष्पादन किया गया। इसमें सितंबर से लेकर अब तक यानी पांच माह में सिर्फ 138 वादों का निपटारा ही डीसीएलआर पूर्वी कर सके। इसपर डीएम सुब्रत कुमार सेन ने संज्ञान लिया है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त की है। इसे कर्तव्य और दायित्व के प्रति लापरवाही तथा उदासीनता का परिचायक बताया है।
इसी आधार पर उन्होंने डीसीएलआर पूर्वी से स्पष्टीकरण पूछा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रपत्र क गठित करने की चेतावनी दी है। बताया गया कि डीएम ने फरवरी में समीक्षा की थी। इस दौरान लंबित वादों की संख्या अधिक पाए जाने पर चिंता जताई और इसमें सुधार करने का निर्देश दिया था। इससे पूर्व मुख्य सचिव ने भी समीक्षा कर कोर्ट में लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन करने को कहा था, लेकिन डीसीएलआर पूर्वी ने इसपर संज्ञान नहीं लिया।
उन्होंने निर्देशों का अनुपालन नहीं किया। इस दौरान डीएम ने दोबारा समीक्षा की तो पाया कि निष्पादन का कार्य जस का तस है। इसमें सुधार की जगह दिन प्रतिदिन गिरावट देखी गई। समीक्षा में निर्देशित करने के बाद भी फरवरी में दाखिल-खारिज के 30 और भूमि विवाद के मात्र दो मामलों का निष्पादन किया गया।
जाहिर है कि मुख्य सचिव और डीएम के निर्देश के बाद भी डीसीएलआर पूर्वी ने कार्यों का निष्पादन करने में रुचि नहीं ली। इसे लापरवाही और वरीय अधिकारियों के आदेश की अवहेलना का मामला बताते हुए डीएम ने उक्त कार्रवाई की है।
विवाद गहराता और न्याय मिलने में होती देरी:विदित हो कि सभी राजस्व न्यायालयों को ऑनलाइन कर दिया गया है। सप्ताह में चार दिन कोर्ट का कामकाज करने का विभागीय निर्देश है, लेकिन जो स्थिति सामने आई है, उससे स्पष्ट है कि जिम्मेदार इसमें लापरवाही बरत रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वाद लंबित रहने के कारण विवाद गहराता है और पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही है।
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Bihar Politics: CM नीतीश ने बजट के दौरान थपथपाई थी पीठ, अब सम्राट चौधरी ने गजब अंदाज में दिया जवाब
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News Today: बिहार विधानसभा के बजट सत्र में पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। एक दिन पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर कई प्रकार के आरोप लगाए थे।
जिसका जवाब गुरुवार को उमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने दिया। सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार को खटारा बिहार मिला था जिसे उन्होंने अपने अनोखे कार्यों से मर्सिडीज बना दिया। सम्राट वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर सामान्य वाद-विवाद के बाद सरकार का पक्ष रख रहे थे।
अपने संबोधन के दौरान वित्त मंत्री ने राज्य में किए गए और किए जाने वाले कार्यो का विस्तार से लेखा-जोखा भी रखा। हालांकि, सरकार का पूरा जवाब सुनने के पहले ही विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया और बाहर चला गया।
सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार की जमकर की तारीफसम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने 20 वर्षो तक बिहार को सींचने का काम किया है। यह काम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा इसी बिहार का बजट कभी 23 हजार करोड़ हुआ करता था जो आज बढ़कर 3.17 लाख करोड़ का हो गया है।
लालू राज में सिर्फ लौंडा डांस हुआ करता थालालू प्रसाद के राज में सिर्फ लौंडा नाच हुआ करता था। उन्हें विकास से कोई मतलब नहीं था। अगर उन्हें नीतीश कुमार और भाजपा का समर्थन नहीं मिल पाता तो वे कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते थे।
तेजस्वी क्रिकेट कम खेले पानी ज्यादा पिलाएतेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने जिंदगी भर क्रिकेट खेला मगर रन बनाए 36, क्योंकि खेलने से ज्यादा वे पानी ही पिलाते रहे। यहां तक की अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए। लोग हर बात पर दावा करते हैं हमारी सरकार ने यह किया, वह किया।
परंतु कैबिनेट का कोई भी फैसला मुख्यमंत्री करते हैं। मुख्यमंत्री ही मंत्रियों को काम देते हैं। सम्राट ने कहा सरकार पर पैसा खर्च नहीं करने के आरोप लगते हैं। परंतु जब से एनडीए की सरकार बनी है बजट की अधिकांश राशि खर्च हुई है। इस वर्ष अब तक 84 प्रतिशत राशि खर्च हो चुकी है। 31 मार्च तक शत प्रतिशत राशि खर्च कर लेंगे।
सम्राट चौधरी ने बिहार की योजनाओं का लेखा-जोखा दियासंबोधन के दौरान सम्राट ने बिहार की योजनाओं का लेखा जोखा भी दिया। उन्होंने कहा अब तक 30 लाख को रोजगार और नौ लाख को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। नौ मार्च को नीतीश कुमार गांधी मैदान में 50 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। सुधा दूध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेचने की तैयारी है।
जैसे बूथों पर सुधा दूध मिलता है जल्द ही सुधा तरकारी केंद्र खोले जाएंगे जहां किसानों की सब्जी मिलेगी। अंडा-मछली का उत्पादन बढ़ा है। उद्योगों के विकास को अब तक तीन हजार एकड़ जमीन दी गई है। हमारा लक्ष्य 10 हजार एकड़ जमीन देने का है।
इसके अलावा उन्होंने इथनॉल, प्रखंड स्तर पर कोल्ड स्टोरेज निर्माण, प्रति व्यक्ति आय से लेकर छात्रवृति तक की योजना पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि अब बिहार की जनता तय करेगी कि रानी की पेट से राजा जन्म नहीं लेगा।
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Vande Bharat: बिहार को मिली नई वंदे भारत, मगर सिर्फ 13 दिन ही ट्रैक पर दौड़ेगी; इस रूट को करेगी कवर
जागरण संवाददाता, पटना। यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर नई दिल्ली एवं बिहार के विभिन्न स्टेशनों के बीच वंदे भारत स्पेशल ट्रेन (Vande Bharat Train) सहित 15 जोड़ी होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। होली के अवसर पर रेलवे ने नई दिल्ली से पटना के बीच स्पेशल ट्रेनों को चलाकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की है।
नई दिल्ली से पटना के बीच स्पेशल वंदे भारत चलेगीभारतीय रेलवे ने बिहारवासियों को राहत देते हुए नई दिल्ली से पटना के बीच स्पेशल वंदे भारत ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन पाटलिपुत्र, छपरा, बलिया, वाराणसी, प्रयागराज एवं कानपुर के रास्ते चलाई जाएगी। वंदे भारत स्पेशल ट्रेन आठ से 20 मार्च तक चलाई जाएगी। वंदे भारत स्पेशल ट्रेन सोमवार को नहीं चलेगी।
यह ट्रेन नई दिल्ली से 08.30 बजे चलेगी और उसी दिन 22.30 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी पटना से नई दिल्ली नौ से 21 मार्च तक चलाई जाएगी। यहां से ट्रेन मंगलवार को नहीं चलेगी। पटना से यह ट्रेन 05.30 रवाना होगी, जो 20.10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।
दिल्ली-पटना सुपरफास्ट फेस्टिवल स्पेशल 7 मार्च से चलेगीरेलवे की ओर से दिल्ली-पटना सुपरफास्ट फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन सात मार्च से 17 तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन प्रतिदिन दिल्ली से 23.55 बजे चलेगी और अगले दिन 16.40 बजे पटना पहुुंचेगी।
वापसी में गाड़ी पटना सात मार्च से 18 मार्च तक चलाई जाएगी।यह ट्रेन प्रतिदिन पटना से 17.50 बजे खुलेगी और अगले दिन 10.25 बजे दिल्ली पहुंचेगी।
इसके अलावा, आनंद विहार से राजगीर के लिए भी स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेन भी पटना के रास्ते चलाने का निर्णय लिया गया है।
- आनंद विहार-राजगीर सुपरफास्ट ट्रेन पटना, डीडीयू एवं प्रयागराज के रास्ते चलाई जाएगी। होली के दौरान नई दिल्ली से भागलपुर के बीच भी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन भी जमालपुर, मोकामा, पटना के रास्ते चलाई जाएगी।
- नई दिल्ली से गया के बीच भी होली स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। आनंद विहार एवं मुजफ्फरपुर के बीच भी स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।
- ऋषिकेश एवं मुजफ्फरपुर के बीच भी होली स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। साथ ही नई दिल्ली-सहरसा, आनंद विहार-जोगबनी, आनंद विहार-जयनगर, आनंद विहार-सीतामढ़ी, अमृतसर-सहरसा एवं सरहिन्द-जयनगर के बीच होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।
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'सत्ता मिली तो ताड़ी से हटा देंगे बैन', तेजस्वी यादव का बड़ा वादा; बोले- पासी समाज को मिलेगा लाभ
राज्य ब्यूरो, पटना। एक दिन पहले शत प्रतिशत डोमिसाइल का वादा कर चुके तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने गुरुवार को कहा कि अगर वे सत्ता में आए तो शराबबंदी कानून के अंतर्गत ताड़ी पर लगे प्रतिबंध को समाप्त करेंगे। उसके बाद ताड़ी को बेचने-पीने की व्यवस्था 2016 से पहले जैसी हो जाएगी।
इसका लाभ जनसंख्या में दो प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले उस पासी समाज को मिलेगा, जिसकी आजीविका ताड़ी से चलती है। ताड़ी प्राकृतिक उत्पाद है। जिस नीरा को नीतीश सरकार इसका विकल्प बता रही है, वह योजना सफल ही नहीं, इसलिए ताड़ी अपने मूल स्वरूप में ही ठीक है।
'अपने उद्देश्य से भटका शराबबंदी कानून'राजद के प्रदेश कार्यालय में प्रेस-वार्ता के दौरान तेजस्वी ने कहा कि वे नशामुक्त समाज के पक्षधर हैं, लेकिन बिहार में शराबबंदी कानून अपने उद्देश्य से भटक गया है। शराबबंदी विफल है। पटना हाई कोर्ट की पिछले दिनों की टिप्पणी से सच्चाई समझी जा सकती है।
उन्होंने कहा, शराबबंदी लागू होने के बाद बिहार में अगस्त, 2024 तक 1279387 लोगों की गिरफ्तारी हुई। उनमें 99 प्रतिशत अति-पिछड़ा और अनुसूचित जाति-जनजाति के लोग हैं। उनमें से 736161 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। बाकी को मद्य निषेध व उत्पाद इकाई ने। 845907 लोगों पर शराबबंदी कानून के अंतर्गत मामले दर्ज हुए।
'महागठबंधन की सरकार बनेगी तो...'इस कानून के अंतर्गत प्रतिदिन 426 लोग गिरफ्तार हो रहे। आकलन है कि जहरीली शराब से अब तक 2000 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और सरकार के स्तर से कोई मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा। महागठबंधन की सरकार बनेगी तो नशा-मुक्ति के लिए अभियान चलाया जाएगा।
'मुझे तो काम करना है...'कांग्रेस का कहना है कि महागठबंधन के नेता का निर्णय चुनाव बाद होगा। इस प्रश्न पर तेजस्वी ने कहा कि अभी कहीं कुछ तय हो रहा क्या! ...मुझे तो काम करना है और मैं अपना काम कर रहा। अवसर मिलने पर मैं नौकरी-रोजगार में शत प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करूंगा। नौकरी के लिए भरे जाने वाले आवेदन का शुल्क माफ होगा। प्रतियोगी परीक्षा देने के लिए अभ्यर्थियों को मार्ग-व्यय सरकार देगी।
लालू प्रसाद को मुख्यमंत्री बनाने से संबंधित नीतीश कुमार की टिप्पणी पर कंधे उचकाते हुए तेजस्वी बोले कि नीतीश को तो मैंने दो बार मुख्यमंत्री बनाया। लालूजी की बात छोड़ दीजिए, जिसने कई मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री बनाए।
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बिहार भूमि सर्वे के बीच सरकार ने चला दी 'तबादला एक्सप्रेस', 6 जिलों में नए लैंड ऑफिसर; सामने आई लिस्ट
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार भूमि सर्वे के बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राजस्व सेवा के छह अधिकारियों का तबादला कर दिया है। किशनगंज के अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी को इसी पद पर बांका भेजा गया है। चंद्रशेखर तिवारी जमुई के अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी बनाए गए हैं। वे गोपालगंज में थे।
भोजपुर के अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी विजेंद्र कुमार को इसी पद पर सारण भेजा गया है। विभागीय अधिसूचना के अनुसार विकास कुमार को दरभंगा का अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वे सीतामढ़ी में पदस्थापित थे।
पश्चिम चंपारण में कार्यपालक दंडाधिकारी के पद पर तैनात अजीत कुमार झा को वैशाली का अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। अररिया के कार्यपालक दंडाधिकारी विजय कुमार गुप्ता को मधुबनी का अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है।
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