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Bihar Politics: BJP प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने लालू-राबड़ी पर कसा तंज, कहा- लालटेन युग में हर तरफ अंधकार
राज्य ब्यूरो, जागरण, पटना। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार में बिहार में नौकरियों की बहार है। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी के शासनकाल में वैकेंसी निकलने के पहले ही सभी पदों की बोली लगी जाती थी।
बिहार में नौकरियों की बहारभाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार में नौकरियों की बहार है। एनडीए की सरकार में युवाओं को नौकरी पाने का यह स्वर्णिम अवसर है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने नौकरी देने का कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मेधावी अभ्यर्थियों को नौकरी पाने का इससे बेहतर अवसर नहीं मिल सकता। जो प्रतिभाशाली हैं, उन्हें नौकरी प्राप्त करने से कोई रोक नहीं सकता।
लालू-राबड़ी के शासनकाल में नौकरी से पहले लगती थी बोली : प्रभाकर मिश्रसरकार में नियुक्ति प्रक्रिया में पूरी सावधानी और पारदर्शिता बरती जाती है। वह दिन गया, जब लालटेन युग में हर तरफ भ्रष्टाचार का अंधकार था। लालू-राबड़ी के शासनकाल में वैकेंसी निकलने के पहले ही सभी पदों की बोली लगी जाती है।
रेलवे ग्रुप डी में नौकरी के बदले जमीन हड़प ली जाती थी। यह एनडीए के सुशासन का काल है। जो योग्य उम्मीदवार हैं, उन्हें ही नौकरी मिल रही है।
निशांत राजनीति में आएं, स्वागत करेंगे : चिराग पासवानकेंद्रीय मंत्री एवं लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि इस साल होने वाले बिहार विधानसभा के चुनाव में एनडीए की जीत होगी। हम सब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे।
अगली सरकार भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में चिराग ने कहा कि नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ने और उनके अगले मुख्यमंत्री होने पर कोई प्रश्न नहीं है।
लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान (फाइल फोटो)
नीतीश के पुत्र निशांत के सक्रिय राजनीति में आने के प्रश्न पर चिराग ने कहा-वे जरूर आएंगे, लेकिन कब आएंगे यह फैसला निशांत को करना है। हम लोग उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए विधानसभा का अगला चुनाव एकजुट होकर लड़ेगा। लोकसभा और विधानसभा के उप चुनावों के परिणाम से स्पष्ट है कि हमारी जीत होगी।
एनडीए के घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष जिलों में सम्मेलन कर रहे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम आएगा। चिराग ने कहा कि राजद का बुरा हाल होगा। कांग्रेस अब पहले की तरह राजद के सामने नत मस्तक नहीं होगी।
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को सलाह दी कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की व्यक्तिगत आलोचना न करें। सरकार की नीतियों की आलोचना करें, इसमें कोई बुराई नहीं है।
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जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather: मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च से लोगों को सामान्य से अधिक गर्मी का एहसास होगा। पछुआ के कारण मौसम शुष्क बने होने के साथ अधिसंख्य भागों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक होगा।
हीट वेव जैसे हालात बनने का अनुमानमार्च महीने में प्रदेश का अधिकतम तापमान 30-33 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 15-17 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार माह में दक्षिण पश्चिम भागों के कुछ जिलों में हीट वेव जैसे हालात बने रहने के आसार है। इस दौरान वर्षा भी सामान्य से नीचे रहने का पूर्वानुमान है। राज्य में सामान्य वर्षापात 8.2 मिमी है।
24 घंटे में तापमान में विशेष बदलाव नहीं
अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। इसके बाद दो से तीन डिग्री गिरावट के आसार है। जबकि 48 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में विशेष परिर्वतन की संभावना नहीं है। प्रदेश के अधिसंख्य जिलों का न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक बना रहा।
पटना सहित कई इलाकों में हुई बारिशपटना का न्यूनतम तापमान शनिवार को सामान्य से पांच डिग्री अधिक बने होने के साथ 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, 14.1 डिग्री सेल्सियस के साथ अगवानपुर सहरसा में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
शनिवार की सुबह पटना सहित प्रदेश के अधिसंख्य भागों में तेज हवा व गरज-तड़क के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई।
राजापाकर में हुई सबसे ज्यादा बारिशराजधानी में 2.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि वैशाली जिले के राजापाकर में सर्वाधिक वर्षा 4.6 मिमी दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार पटना सहित प्रदेश के अधिसंख्य भागों का मौसम शुष्क बने होने के साथ कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है।
इन इलाकों में फिर बारिश के आसार24 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिम व दक्षिणी भागों के कुछ स्थानों पर गरज-तड़क के साथ हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए बारिश के दौरान लोगों से घर में रहने की अपील की गई है।
प्रमुख शहरों का तापमान शहरअधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 29.8 19.4 गया 31.8 15.8 भागलपुर 29.7 17.2 मुजफ्फरपुर 29.4 18.1
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अहमद रजा हाशमी, पटना सिटी। पटना साहिब विधान सभा क्षेत्र में विकास की बयार बहने वाली है। वर्ष 2025 में विधान सभा चुनाव से पहले लगभग चार सौ करोड़ रुपए की लागत वाली विभिन्न योजनाओं का काम शुरू हो जाएगा।
क्षेत्र के लोगों के साथ राजधानी वासियों एवं देश-विदेश से पटना साहिब आने वाले श्रद्धालु तथा पर्यटकों को इन योजनाओं का लाभ मिलेगा। सड़कों एवं गलियों के निर्माण से आवागमन की सुविधाएं बढ़ जाएंगी। मंगल तालाब के विकास एवं आसपास बने भवनों के जीर्णोधार से क्षेत्र की तस्वीर के साथ तकदीर भी बदलेगी।
चार सौ करोड़ रुपये की योजनाओं से क्षेत्र का विकासबिहार विधान सभा के अध्यक्ष सह पटना साहिब के विधायक नंद किशोर यादव ने शनिवार को बातचीत में बताया कि लगभग चार सौ करोड़ रुपये की योजनाओं से क्षेत्र का विकास होगा। इन योजनाओं को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। दो-तीन महीनों में टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि 2025 के चुनाव से पहले सभी योजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा। स्थानीय विधायक नंद किशोर यादव ने कहा कि पटना सिटी का हृदय स्थल कहलाने वाले मंगल तालाब का विकास तथा आसपास निर्मित भवनों का जीर्णोद्धार कार्य 14 करोड़ रुपए से होगा।
53 करोड़ रुपए से बनाया जाएगा डाउन रैंपगायघाट से होकर खाजेकलां घाट, कंगन घाट, मालसलामी, दीदारगंज तक गंगा किनारे जेपी गंगा पथ के समानांतर गुजरी सड़क का चौड़ीकरण 153 करोड़ रुपए से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांधी मैदान से चलकर गायघाट आने वाले वाहनों को उतरने के लिए गायघाट में 53 करोड़ रुपए से डाउन रैंप बनाया जाएगा।
कंगन घाट पर 99 करोड़ रुपये से मल्टी पार्किंग का निर्माण होगा। प्रकाशपर्व के समय देश-विदेश से पटना साहिब आने वाले श्रद्धालुओं समेत अन्य लोगों के लिए वाहनों की आधुनिक पार्किंग सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।
नंद किशोर यादव ने कहा कि लगभग एक सौ करोड़ रुपए की योजना से अशोक राजपथ एवं गंगा पथ को जोड़ने वाली लंबी गलियों तथा विभिन्न वार्ड के बड़े मार्गों का निर्माण किया जाएगा। विधान सभा क्षेत्र की एक भी गली बदहाल नहीं रहेगी।
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राज्य ब्यूराे, पटना। बिहार प्रशासनिक सेवा के 16 अधिकारियों को शनिवार को नई जिम्मेदारी दी गयी है। सामान्य प्रशासन ने देर शाम इस आशय की अधिसूचना जारी की।
इन्हें मिली नई जिम्मेदारी- शैलेश कुमार को अरवल का उप विकास आयुक्त बनाया गया है, वह मधुबनी में अपर समाहर्ता थे।
- विशेष कार्य पदाधिकारी, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बृजेश कुमार को शिवहर का उप विकास आयुक्त बनाया गया।
- अपर समाहर्ता, जमुई सुभाष चंद्र मंडल को उप विकास आयुक्त जमुई बनाया गया।
- पटना नगर निगम के संयुक्त नगर आयुक्त शशि शेखर को अपर जिला दंडाधिकारी भोजपुर बनाया गया।
- उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव बृजकिशोर चौधरी को अपर समाहर्ता एडीएम बनाया गया।
- बेगूसराय, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सुपौल निशांत को अपर समाहर्ता, सहरसा बनाया गया।
- सत्तारुढ़ दल के मुख्य सचेतक नीरज कुमार के आप्त सचिव सुबोध कुमार को अपर समाहर्ता रोहतास बनाया गया।
- निर्वाचन विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी दिनेश राम को अपर समाहर्ता भागलपुर बनाया गया।
- अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, पुपरी, साकेत कुमार को एसडीओ सिकरहना बनाया गया।
- राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के संयुक्त सचिव एसएम परवेज को निदेशक उर्दू बनाया गया।
- पदस्थापना की प्रतीक्षा में चल रहीं मंजूषा चंद्रा को प्रशासी पदाधिकारी महिला विकास निगम बनाया गया।
- पदस्थापना की प्रतीक्षा में चल रहे मुमुक्षु कुमार चौधरी को संयुक्त सचिव वित्त बनाया गया।
- शम्स जावेद अंसारी काे संयुक्क सचिव पंचायती राज विभाग बनाया गया।
- संसदीय कार्य विभाग के उप सचिव सुशील कुमार मिश्र को नगर आयुक्त सहरसा बनाया गया।
- बिहार राज्य महिला आयोग की संयुक्त सचिव अंजू कुमारी को नगर आयुक्त आरा बनाया गया।
- जिला परिवहन पदाधिकारी श्रीप्रकाश को संयुक्त सचिव गन्ना उद्योग बनाया गया है।
गृह विभाग ने चार पुलिस उपाधीक्षकों का तबादला किया है। यह सभी बिहार पुलिस सेवा के पदाधिकारी हैं। शनिवार की देर शाम इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। विशेष सुरक्षा दल के डीएसपी रहे कामाख्या नारायण सिंह को बिहार पुलिस मुख्यालय में डीएसपी, विधि-व्यवस्था शाखा की जिम्मेदारी दी गई है।
विशेष सुरक्षा दल के डीएसपी रहे मनोरंजन भारती को बीसैप-14, पटना का डीएसपी बनाया गया है। इसके अलावा पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहे मो. आदिल बेलाल को बीसैप-10 जबकि राकेश रंजन को बीसैप-5 का डीएसपी बनाया गया है।
साहिला बनीं निदेशक प्राथमिक शिक्षा, निर्मल सासाराम के नगर आयुक्तभारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को नयी जिम्मेदारी सौंपी गयी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार को इस आशय की अधिसुूचना जारी की।
आपदा प्रबंधन विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में तैनात साहिला को प्राथमिक शिक्षा का निदेशक बनाया गया है। वहीं बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के सचिव निर्मल कुमार को सासाराम नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है।
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Bihar Politics: पुराने मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव की तैयारी में नीतीश सरकार, ले लिया बड़ा फैसला
राज्य ब्यूरो, पटना। सरकार में सात नए मंत्रियों के सम्मिलित होने एवं दायित्व बंटने के उपरांत अब पुराने मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव की तैयारी चल रही है। वर्तमान में नौ ऐसे मंत्री हैं जिनके पास दो-दो जिले का प्रभार है। इसमें भाजपा कोटे से उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के साथ चार मंत्री हैं।
जबकि जदयू के पांच मंत्री ऐसे हैं, जिनके पास दो-दो जिले का प्रभार है। अब इन मंत्रियों पर दायित्व को बोझ कम करने के साथ ही जिले के प्रभार में भी परिवर्तन की तैयारी चल रही है।
इन मंत्रियों को मिल सकता है प्रभारउधर, नीतीश सरकार में शपथ लेने वाले सात नए मंत्रियों (जिवेश कुमार, संजय सरावगी, डॉ. सुनील कुमार, राजू कुमार सिंह, मोतीलाल प्रसाद, विजय कुमार मंडल, कृष्ण कुमार मंटू) को जिले का प्रभार मिलने की प्रतीक्षा है।
उल्लेखनीय है कि सरकार के मंत्रियों को जिला कार्यक्रम कार्यान्यवन समिति का अध्यक्ष सह जिला का प्रभारी मंत्री बनाया जाता है। उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा को पास दो जिलों मुजफ्फरपुर और भोजपुर जिले का प्रभार है। अशोक चौधरी के पास सीतामढ़ी एवं जहानाबाद जिले के प्रभारी मंत्री का दायित्व है।
वहीं, नीतीश मिश्रा के पास गया एवं अररिया जिले के प्रभारी मंत्री हैं। श्रवण कुमार के पास समस्तीपुर एवं मधेपुरा जिले के प्रभारी मंत्री हैं। विजय चौधरी के पास नालंदा एवं पूर्णिया जिले के प्रभारी मंत्री का दायित्व है। नितिन नवीन के दायित्व में बक्सर एवं कैमूर है।
शीला कुमारी के पास शेखपुरा एवं लखीसराय जिले का दायित्व है। वहीं, जमा खान किशनगंज एवं शिवहर जिले के जिला कार्यक्रम कार्यान्यवन समिति का अध्यक्ष सह जिला का प्रभारी मंत्री हैं।
पवित्र रमजान महीने के आरंभ होने पर प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री ने दी बधाईपवित्र रमजान महीने के आरंभ होने पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर मुस्लिम भाई-बहनों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि रमजान का महीना रहमतों का महीना है। पूरे महीने खुदा की रहमतों की बारिश होती है।
खुदा की नजर में रोजेदारों की दुआएं मकबूल होती हैं। खुदा उनकी इबादत को स्वीकार करते हैं और उसके बदले तमाम इंसानों पर अपनी रहमतों की बारिश करते हैं। मुख्यमंत्री ने खुदा से दुआ करते हुए कहा कि खुदा तमाम रोजेदारों की दुआओं को कबूल करे।
हम सबों के बीच मोहब्बत, एक दूसरे के प्रति आदर, सद्भाव और इज्जत की भावना को बढ़ाए, ताकि हम लोग मिलकर देश एवं राज्य की तरक्की में योगदान दें।
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जागरण संवाददाता, पटना। बिहार सरकार का लक्ष्य 20 लाख से अधिक युवाओं को बाजार की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देना है। इसके लिए राज्य में आठ हजार नए ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
श्रम संसाधन विभाग एवं बिपार्ड स्किल पार्क के संयुक्त तत्वावधान में नेशनल कांफ्रेंस आफ स्किल डेवलपमेंट: बिल्डिंग द गैप फार फ्यूचर रेडी वर्कशॉप के उद्घाटन के अवसर पर सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेन्दर ने कही।
इससे पूर्व डीडीजी एसके गुप्ता, दयानिधि पांडेय, सीओओ पिनाकी पटनायक एवं श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनंद के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर इसका शुभारंभ किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे युवा- अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बिना दक्ष प्रशिक्षकों के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण संभव नहीं है। इसलिए सिलेबस और ट्रेनिंग माड्यूल को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
- युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वे न केवल बिहार, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
श्रम संसाधन विभाग के सचिव ने कहा कि बिहार के युवा हमेशा से प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को बाजार की मांग के अनुसार आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना है।
बिहार कौशल विकास मिशन के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन ने कहा कि महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए उन्हें स्वरोजगार और तकनीकी दक्षता से जोड़ा जा रहा है। 16 विभागों के साथ मिलकर कई रोजगारपरक कोर्से का संचालन कर रही है।
स्वरोजगार के लिए जीविका समूहों को दिए पांच करोड़ 40 लाख रुपयेजीविका दीदी को स्वरोजगार के लिए शनिवार को ब्रह्मपुर के प्रखंड परिसर में शिविर लगाकर पंजाब नेशनल बैंक द्वारा पांच करोड़ 40 लाख रुपये स्वीकृत कर चेक का वितरण किया गया।
इस अवसर पर बैंक के एकरासी शाखा के प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार ने ब्रह्मपुर प्रखंड के जीविका समूह के दीदी को कुल पांच करोड़ 40 लाख रुपये के चेक का वितरण किया।
इस शिविर में लगभग तीन दर्जन समूह को चेक दिया गया। मौके पर उपस्थित जीविका के जिला प्रबंधक चंदन कुमार ने कहा कि जीविका दीदी को आर्थिक रूप से सशक्त करने और परिवार की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बैंक द्वारा ऋण दिया गया।
उन्होंने बैंक के रुपये का सदुपयोग करने का आह्वान किया। इस अवसर पर बैंक के फील्ड आफिसर गिरधारी कुमार, प्रखंड परियोजना प्रबंधक विनय कुमार सिन्हा, समन्वयक अनंत कुमार, निगमानंद ओझा, सौरव कुमार आदि मौजूद थे।
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राज्य ब्यूरो, पटना। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने अपने दो कार्यपालक अभियंताओं को निलंबित कर दिया है और चार को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया है। यह कार्रवाई हर घर नल का जल योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने के आरोप में हुई है।
प्रधान सचिव पंकज कुमार के निर्देश पर पिछले दिनों राज्यव्यापी अभियान चलाकर पेयजल योजनाओं का निरीक्षण हुआ था। इस दौरान 22800 से अधिक योजनाओं का निरीक्षण हुआ। उनमेंं से 21043 योजनाएं चालू मिली थीं।
इसके अलावा मरम्मत कराकर 1500 से अधिक योजनाओं को चालू करा दिया गया। इस प्रकार मरम्मत के उपरांत 97 प्रतिशत योजनाएं पूर्ण रूप से चालू हैं। बहरहाल बंद योजनाओं को विभाग द्वारा निर्धारित अवधि में चालू नहीं करने पर संवेदक पर 2000 रुपये प्रति दिन के हिसाब से अर्थदंड भी लगाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष नवंबर में भी जलापूर्ति योजनाओं का निरीक्षण हुआ था। खराब प्रदर्शन वाले अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी और संवेदकों पर दो करोड़ रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। इसके अलावा कई संवेदकों को निविदा में भाग लेने से वंचित किया गया और कई काली सूची में डाले गए।
सदर अस्पताल का क्लर्क पंकज कुमार निलंबित, कर्मियों में हड़कंपवहीं, दूसरी ओर बिहारशरीफ में सदर अस्पताल के स्थापना में पदस्थापित क्लर्क पंकज कुमार को सरकारी राशि घोटाले के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उस पर आरोप है कि वह अस्पताल के वेतन के अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं की राशि को हड़पने का काम कर रहे थे।
पिछले साल जून में सरमेरा से सदर अस्पताल में पंकज कुमार का तबादला हुआ था। तबादले के बाद वह अस्पताल के खातों में अनियमितताएं बरत रहे थे और कई सरकारी योजनाओं के तहत आने वाली राशि को निकाल कर अपने निजी लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा थे।
जब अधिकारियों ने इस गड़बड़ी को पकड़ा, तो जांच में कई चौकाने वाले रहस्य सामने आए। अधिकारियों के अनुसार, पंकज कुमार ने अस्पताल के खजाने में सरकारी धन की हेराफेरी की थी। उन्होंने कई सरकारी योजनाओं की राशि का दुरुपयोग किया और वेतन से संबंधित प्रक्रियाओं में भी गड़बड़ियां की।
सीएस डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने अस्पताल के प्रभारी अधिकारियों को पंकज कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने का आदेश दिया है। घोटाले के खुलासे के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
पंकज कुमार की सस्पेंशन और एफआईआर की प्रक्रिया के बाद यह मामला अब जांच के घेरे में है। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने तक पंकज कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की घोटालेबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरमेरा में भी उनके ऊपर इसी तरह के कार्य करने का आरोप लगा था।
जांच के घेरे में कई कर्मीसीएस डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कई कर्मियों को भी इसी तरह लाभ पहुंचा रहे थे। इसके बदले में उनसे मोटी रकम वसूला करता था। जांच में कुछ कर्मियों के भी नाम सामने आया है। जांच के बाद जो भी दोषी होंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले पार्टियों के बीच जमकर वाक युद्द चल रहा है। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार किया है।
तेजस्वी यादव ने कहा था कि 15 साल पुरानी गाड़ी सड़क पर नहीं चल पाती है। इसलिए सरकार को भी बदल देना चाहिए। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसी टिप्पणी का जवाब दिया है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि तेजस्वी यादव धैर्य रखें, अभी 15 साल और नीतीश कुमार काम करंगे और हम सब उनके नेतृत्व में बिहार को आगे ले जाने का काम करेंगे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार फिट हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके परिवार के दूसरे सदस्य लगातार मुख्यमंत्री को गाली दे रहे रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 20 साल में नीतीश सरकार के विकास का शानदार ग्राफ, राजस्व में 15 गुना वृद्धि, 14.5 फीसद की तेज विकास दर और प्रति व्यक्ति आय का 7 हजार बढ़ कर 66 हजार रुपये होना राजद को कबाड़ लग रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन्होंने 15 साल में बिहार को जर्जर सड़क, अपहरण उद्योग, बिजली-रहित गांव, जातीय हिंसा और 100 से ज्यादा नरसंहार दिए, उनका परिवार आज विकास का चकाचौंध नहीं देख रहा है।
नीतीश कुमार के सफल नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से बिहार गरीबी,अशिक्षा, बेरोजगारी और अपराध के अंधेरे से निकल गया है।
तेजस्वी ने सरकार को बताया पुराना वाहन, सत्ता-परिवर्तन का किया आह्वानस्वयं को नए जोश-सोच वाला बताते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार पर कटाक्ष किया है। शुक्रवार को बयान जारी कर तेजस्वी ने कहा कि बिहार में दो दशक पुरानी व्यवस्था को बदलने का समय आ गया है।
वैसे ही जैसे कि राज्य में प्रदूषण फैलाने वाले 15 वर्ष पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार अब व्यवस्थागत प्रदूषण फैलाने लगी है, लिहाजा इसे बदल देना चाहिए।
एक्स पर किया पोस्टतेजस्वी ने इस बयान को एक्स पर पोस्ट भी किया है। लिखा है कि 15 वर्ष पुरानी गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं है, क्योंकि वह ज्यादा धुंआ फेंकती है। प्रदूषण बढ़ाती है और जनता के लिए हानिकारक है।
बिहार सरकार को भी उन्होंने कुछ ऐसा ही बताया है। साथ में दावा यह कि अब युवाओं ने नए सोच, नए विजन, नए जोश और नई दिशा वाली जुनूनी सरकार लाने की ठान ली है। वह नौकरी-रोजगार व विकास कार्यों के लिए समर्पित व विश्वसनीय सरकार होगी।
चुनाव और अगली सरकार का गठन नीतीश के नेतृत्व में होगा: चिरागकेंद्रीय मंत्री एवं लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि इस साल होने वाले बिहार विधानसभा के चुनाव में एनडीए की जीत होगी। हम सब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। अगली सरकार भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी।
शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में चिराग ने कहा कि नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ने और उनके अगले मुख्यमंत्री होने पर कोई प्रश्न नहीं है। नीतीश के पुत्र निशांत के सक्रिय राजनीति में आने के प्रश्न पर चिराग ने कहा कि वे जरूर आएंगे। लेकिन, कब आएंगे, यह फैसला निशांत को करना है।
हम लोग उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए विधानसभा का अगला चुनाव एकजुट होकर लड़ेगा। लोकसभा और विधानसभा के उप चुनावों के परिणाम से स्पष्ट है कि हमारी जीत होगी। एनडीए के घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष जिलों में सम्मेलन कर रहे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम आएगा।
चिराग ने कहा कि राजद का बुरा हाल होगा। कांग्रेस अब पहले की तरह राजद के सामने नतमस्तक नहीं होगी। चिराग ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को सलाह दी, कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की व्यक्तिगत आलोचना न करें। सरकार की नीतियों की आलोचना करें, इसमें कोई बुराई नहीं है।
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जागरण संवाददाता, पटना। वर्ष 2025-26 में गेहूं की अधिप्राप्ति 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदारी होगी। एफपीओ के माध्यम से गेहूं की खरीदारी की जाएगी। इसके लिए 151 क्रय केंद्र खोले जाएंगे।
जहां एक अप्रैल से 15 जून तक खरीदारी की जाएगी। यह बातें भारतीय खाद्य निगम क्षेत्रीय कार्यालय पटना की ओर से मंडल कार्यालय दीघा घाट में रबी विपणन वर्ष 2025-26 के तहत गेहूं अधिप्राप्ति को लेकर जानकारी देते हुए जीएम क्षेत्र अमित भूषण ने दी।
उन्होंने कहा कि एफपीओ अपने सदस्य किसानों को भारतीय खाद्य निगम के गेंहू खरीद-अधिप्राप्ति केंद्र पर लाने के लिए प्रेरित करें।
कमीशन भी मिलेगा- किसान के खाते में उसी दिन समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान कर दिया जाएगा तथा सम्बंधित किसान उत्पादक संघठन (एफपीओ) को सरकार की भागीदारी करने के फलस्वरूप 27 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कमीशन भी दिया जाएगा।
- उन्होंने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2025-26के दौरान राज्य सरकार भी लगभग 5000 गेहूं खरीद केन्द्र स्थापित करेगी। बिहार में 2.00 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान उनके बैंक खाते में 48 घंटे के अंदर कर दिया जायेगा।
गेहूं की उत्पादकता को देखते हुए अधिक उत्पादन करने वाले जिलों जैसे रोहतास, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, बक्सर, भोजपुर, सिवान, गया, सारण, नालंदा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सासाराम, गोपालगंज, औरंगाबाद, बेगुसराय, पटना, दरभंगा ईत्यादि जिलों में अधिक केंद्र स्थापित किये गए हैं।
इस अवसर पर उप महाप्रबंधक(अधिप्राप्ति) सुशील कुमार सिंह, राष्ट्रीय सह प्रमुख (सेवा भारती) प्रियदर्शी पुनीत, क्षेत्रीय निदेशक एनसीडीसी पटना श्वेता कुजूर, मंडल प्रबंधक पटना कुमार अभिषेक भी थे।
खेतीबाड़ी की नई तकनीक की जानकारी के साथ मिला सम्माननवादा में जिला मुख्यालय के सरकारी आइटीआइ परिसर में शनिवार को “दैनिक जागरण” की ओर से दो दिवसीय कृषि मेला सह यशस्वी किसान सम्मान समारोह 2025 का आयोजन किया गया।
इस समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि रहे जिला कृषि पदाधिकारी संतोष कुमार सुमन, विशिष्ट अतिथि सह जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार, पैक्स अध्यक्ष रामनरेश सिंह, अर्थशास्त्री प्रो. बच्चन कुमार पाण्डेय, सदर प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार, केवीके कृषि विज्ञानी रोशन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कृषि मेला में विभिन्न प्रखंडों से प्रगतिशील किसान, पान उत्पाद, कृषि उद्यमी, पशुपालक और मत्स्यपालक पहुंचे। समारोह को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी संतोष कुमार सुमन ने कहा कि सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिससे उनके फसलों की उपज में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है।
कृषि विभाग जिले के किसानों को खेतीबाड़ी की नई तकनिकियों की जानकारी दे रहा है। फसलों के नए-नए प्रभेदों से उत्पादन में आशातीत बढ़ोतरी हुई है। बावजूद बड़ी संख्या में किसानों को जागरूक करना जरूरी है।
जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि “दैनिक जागरण” की ओर से कृषि मेला सह यशस्वी किसान सम्मान समारोह का आयोजन एक सराहनीय पहल है, जो किसानों को खेतीबाड़ी की नई तकनीक की जानकारी देने के साथ ही सम्मान भी दे रहा है।
इधर, जिला पशुपालन पदाधिकारी डा. दीपक कुमार ने कृषकों को पशुपालन अपनाकर आय में अतिरिक्त वृद्धि करने के उपाय बताएं। बकरी, भेड़, गाय, भैंस, सुअर, कुक्कुट, मछलीपालन आदि के बारे में नई-नई जानकारियां दी, साथ ही कृषकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
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Bihar News: मनन कुमार मिश्रा बने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष, 7वीं बार रचा इतिहास
विधि संवाददाता, पटना। देशभर के 27 लाख वकीलों की प्रतिनिधि संस्था बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद पर मनन कुमार मिश्रा एक बार फिर निर्विरोध चुन लिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता और राज्यसभा सदस्य मिश्रा ने अपनी प्रभावशाली चुनावी रणनीति, लोकप्रियता और व्यवहारकुशलता के दम पर सभी विरोधियों को पीछे छोड़ दिया।
हालांकि, इस बार उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विरोधी दलों की सक्रियता और कड़ा मुकाबला होने की अटकलें थीं, लेकिन अंततः कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतरा।
इससे पहले, बिहार राज्य बार काउंसिल चुनाव में लगातार सातवीं बार जीत दर्ज कर मिश्रा तीसरी बार बिहार से बीसीआई के सदस्य निर्वाचित हुए थे। अपनी जीत के बाद उन्होंने वकील समुदाय को मजबूत करने, अधिवक्ता अधिनियम में संशोधन और अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू कराने का संकल्प दोहराया।
इस बीच तमिलनाडु के एस. प्रभाकरण और दिल्ली के वेद प्रकाश शर्मा उपाध्यक्ष पद की दौड़ में हैं। 17 मई को दिल्ली में वकीलों की महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें अधिवक्ताओं की समस्याओं और कल्याण योजनाओं पर चर्चा होगी।
जिला वकील संघ के अध्यक्ष बनें धुव्र और विजयकांत बने महासचिववहीं, दूसरी ओर बेगूसराय में जिला वकील संघ के अध्यक्ष पद पर ध्रुव कुमार महतो और महासचिव पद पर विजयकांत विजयी हुए। शुक्रवार को जिला वकील संघ का द्विवार्षिक चुनाव हुआ था।
मतगणना के बाद देर रात चुनाव परिणाम की घोषणा की गई। मतगणना की घोषणा करते हुए चुनाव आयोग एवं आयोग की टीम में शामिल सुदर्शन कुमार, प्रभाकर कुमार शर्मा, रंजन कुमार, सर्वदानंद पाठक ने अध्यक्ष पद के लिए ध्रुव कुमार महतो एवं महासचिव पद के लिए विजयकांत झा को विजयी घोषित किया।
चुनाव में कोषाध्यक्ष पद पर अनिल कुमार विजयी घोषित किए गए। उपाध्यक्ष के पद पर राम प्रमोद सिंह निर्वाचित हुए। द्विवार्षिक चुनाव में पदाधिकारियों के साथ-साथ संघ के कार्यकारिणी के भी सात सदस्यों का चुनाव किया गया।
पटना हाईकोर्ट ने डॉ. टी. एन. बनर्जी के ऐतिहासिक बंगले के निबंधन पर लगाई रोकदेश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के फिजिशियन रहे प्रख्यात चिकित्सक डॉ. टीएन. बनर्जी के गांधी मैदान स्थित ऐतिहासिक बंगले की बिक्री पर पटना हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है।
न्यायाधीश शैलेन्द्र सिंह की एकल पीठ ने अर्चना मुखर्जी और चंदना चटर्जी द्वारा दायर प्रथम अपील पर सुनवाई करते हुए पटना की निचली अदालत में चल रहे इजराय मुकदमे पर रोक लगा दी। इस मुकदमे के तहत बंगले का निबंधन मधुमेश चौधरी नामक तथाकथित खरीदार के पक्ष में किया जा रहा था।
अपीलार्थी के वरीय अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि खरीदार ने महज 50 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर 2.2 करोड़ रुपये की भारी अग्रिम राशि का करार किया, लेकिन भुगतान का कोई प्रमाण पेश नहीं किया।
संदेहास्पद तरीके से कोलकाता में करार किया गया, जबकि स्टांप पेपर पटना में खरीदा गया। कोर्ट को यह भी बताया गया कि मधुमेश चौधरी ने डॉ. बनर्जी के बेटे और पोतियों को पक्षकार बनाए बिना निचली अदालत से डिक्री हासिल कर ली और अब निबंधन करा रहे हैं। हाई कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी।
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Bihar RERA: रेरा के एक्शन से म उड़े होश, इस एक गलती पर लगा दिया 50-50 हजार का जुर्माना
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार रेरा ने नियमों के विरुद्ध विज्ञापन करने को लेकर सात प्रमोटरों पर जुर्माना लगाया है। इनमें फर्स्ट होम बिल्डकॉन, साकार कंस्ट्रक्शन, हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट, एसके बिल्डर्स एंड कॉलोनाइजर्स, विनसम रियलटर्स, अमर कंस्ट्रक्सन और भवानी कंस्ट्रक्शन एवं इंफ्राकान को 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भरने का निर्देश दिया गया है।
रेरा बिहार के अध्यक्ष ने पारित किया आदेशइस संबंध में रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह की पीठ ने आदेश पारित किया है। बिहार रेरा का वेबसाइट पता और परियोजना को दिए गए रेरा निबंधन संख्या का उल्लेख किए बिना विज्ञापन प्रकाशित करने के कारण यह जुर्माना लगाया गया है। यह इस तरह के मामलों में पहली कार्रवाई है।
प्रमोटरों ने किया अधिनियम का उल्लंघन- रेरा अधिनियम के अनुसार, प्रमोटरों को किसी भी प्रकार के विज्ञापन में प्राधिकरण की वेबसाइट का पता और परियोजना को मिला रेरा निबंधन संख्या देना अनिवार्य है।
- अधिनियम के उल्लंघन का संज्ञान लेते हुए, प्राधिकरण ने प्रमोटरों को अध्यक्ष की पीठ के समक्ष उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया था।
इस मामले में सभी प्रतिवादियों ने अपनी गलती स्वीकार की। आदेश में कहा गया है कि प्रमोटरों को 60 दिनों के भीतर जुर्माना राशि का भुगतान करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ रेरा अधिनियम और उसके तहत बनाए गए नियमों और विनियमों की सुसंगत धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बक्सर : वाहनों पर 1.42 लाख रुपये का जुर्मानापुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के निर्देश पर अपराध नियंत्रण की दिशा में लगातार जारी कार्रवाई के तहत गुरुवार को पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों से अलग-अलग मामलों में 15 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं कोर्ट से जारी 35 वारंट का निष्पादन किया गया है।
पुलिस कार्यालय से जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को बक्सर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कुर्की के एक मामले का निष्पादन किया है। इसके अलावा औद्योगिक पुलिस ने गुप्त सूचना पर तीन गांजा तस्करों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से करीब 13 किलो गांजा बरामद किया है।
शराब के विरुद्ध जारी अभियान के तहत शराब तस्करी में पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने तस्करों के पास से 409 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ 25 लीटर देसी शराब जब्त किया है। वही शराब के नशे में सात व्यक्तियों को गिरफ्तार करते हुए जुर्माना के लिए न्यायालय को सुपुर्द कर दिया।
इसके अलावा अपराध के अन्य किसी शीर्ष में गुरुवार को कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। दूसरी ओर अपराध नियंत्रण तथा अपराधियों पर लगाम कसने को चलाओ जा रहे वाहन जांच के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन में जब्त वाहनों से 1.42 लाख रुपया जुर्माना वसूल किया गया है।
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बिहार में बच्चियों की जान से खिलवाड़, दो महीने से स्टोर में बंद पड़ी है सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन; नहीं शुरू हुआ टीकाकरण
जागरण संवाददाता, पटना। गर्भाशय नाल के मुख यानी सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) से करीब 93 प्रतिशत सुरक्षा देने वाले एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अब तक व्यवस्थित रूप से शुरू नहीं हो सका है।
जिले को दो से ढाई माह पूर्व 1260 वाइल की पहली खेप मिली थी, लेकिन अब तक पीएमसीएच, एनएमसीएच व गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में ही कुछ बच्चियों-किशोरियों को इसका लाभ मिल सका है। 1200 डोज अब तक सिविल सर्जन कार्यालय स्थित भंडारगृह में रखी हुई हैं।
मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत मुफ्त टीकाकरणबताते चलें कि पहले चरण में स्कूलों में पढ़ने वालीं 9 से 15 वर्ष की बालिकाओं-किशोरियों का मुफ्त टीकाकरण किया जाना है। मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत पहले चरण में पटना, नालंदा, सिवान व मुजफ्फरपुर जिलों में मुफ्त एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। इसके बाद दूसरे जिलों में शुरू किया जाना था।
महंगी वैक्सीन की निगरानी भी बन रही बाधासिविल सर्जन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व में स्कूलों से चिह्नित बच्चियों-किशोरियों के टीकाकरण के लिए पीएमसीएच व आइजीआइएमएस में टीकाकरण शुरू करने पर सहमति बनी थी। इन संस्थानों को हर दिन 20-20 वाइल मुहैया करानी थी और उसका पूरा ब्योरा देना था।
इसके बजाय कुछ संस्थान 200 से 300 वाइल एक साथ मुहैया कराने का दबाव बना रहे थे। पहली खेप में जिले को कुल 1260 डोज एचपीवी वैक्सीन मिलने व महंगी होने के कारण उचित निगरानी में परेशानी के कारण सिविल सर्जन कार्यालय इस पर तैयार नहीं हुआ।
पूर्व में योजना बनी थी कि पीएमसीएच का कोई स्वास्थ्य प्रबंधक या सिविल सर्जन कार्यालय का कोई व्यक्ति हर डोज सही बालिका को ही मिले, इसकी निगरानी करेगा। भंडारगृह में पहुंची वैक्सीन में अधिकतम मूल्य दो हजार रुपये लिखा हुआ है, इस कारण इसकी चोरी भी हो सकती है।
- स्वदेशी सेरवावैक ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) जो प्रदेश में दी जाएगी, उसे सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से विकसित किया है।
- यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के कारक एचपीवी के चार प्रमुख स्ट्रेन 6, 11, 16 व 18 से सुरक्षा देता है। उम्र के आधार पर डाक्टरों के परामर्श अनुसार दो या तीन खुराक बाएं हाथ के ऊपरी हिस्से में मांस में दी जाती हैं।
सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध सुरक्षा देने वाली वैक्सीन सभी पात्र बच्चियों-किशोरियों को मिले, इसके लिए व्यवस्थित कार्ययोजना बनाई जा रही है। जल्द ही पीएमसीएच, एनएमसीएच व आइजीआइएमएस में स्कूलों से चिह्नत लाभुकों को यह वैक्सीन दी जाएगी। बाद में सभी पात्र लोगों के लिए यह वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. अविनाश कुमार सिंह, सिविल सर्जन
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Nitish Kumar Birthday: 74 साल के हुए बिहार के CM नीतीश कुमार, PM MODI ने खास अंदाज में दी बधाई
डिजिटल डेस्क, पटना। Nitish Kumar Birthday: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आज जन्मदिन है। वह 74 साल के हो गए हैं। नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को बख्तियारपुर में हुआ था। उनके जन्मदिन के मौके पर नेताओं ने बधाई देना शुरू कर दिया है।। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी सीएम नीतीश कुमार को बधाई दी है।
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद अपना जन्मदिन मनाने से परहेज करते हैं, लेकिन उनके कार्यकर्ता काफी उत्साहित रहते हैं। हर बार केके काटकर उनका जन्मदिन मनाते हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कार्यालय में कई पोस्टर भी लगाए जाते हैं।
पीएम मोदी ने नीतीश कुमार को दी बधाईप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर बधाई देते हुए कहा कि बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को उनके जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाएं। उनके नेतृत्व में राज्य विकास के नए पथ पर अग्रसर हुआ है। ईश्वर उन्हें स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन प्रदान करे।
विधानसभा में सीएम नीतीश को मिली जन्मदिन की अग्रिम बधाईवहीं, विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके जन्मदिन की अग्रिम की बधाई दी गई। एक मार्च को मुख्यमंत्री का जन्मदिन है।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एक मार्च को सदन की बैठक नहीं है। इसलिए वह आज ही मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हैं।
इसके बाद पूरे सदन ने मेज थपथपा कर मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को अपनी सीट से ही अभिवादन कर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।
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Bihar Weather: इन जिलों के लोगों की बढ़ेगी मुश्किल, आंधी के साथ बिजली गिरने की संभावना; IMD ने जारी किया अलर्ट
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। राजधानी समेत अधिसंख्य भागों में मौसम शुष्क बने होने के साथ आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने कुछ जगहों पर यलो अलर्ट भी जारी किया है।
मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्टमौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, शनिवार को प्रदेश के छह जिलों के कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर व नवादा जिले के एक या दो स्थानों पर बादल गरजने के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
इस दौरान तेज हवा का प्रवाह जारी रहेगा। मौसम में हुए बदलाव को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है।
बिजली गिरने की संभावनाअगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी व पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास, गया व नवादा जिले के एक या दो स्थानों पर झोंके के साथ बादल गरजने और बिजली गिरने की संभावना है। 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री क्रमिक वृद्धि का पूर्वानुमान है।
25 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धिशुक्रवार को पटना सहित 25 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री की वृद्धि के साथ 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 13.4 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसारराजधानी का अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज राजधानी व आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव बना रहा।
प्रमुख शहरों का तापमान शहरअधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 29.1 18.9 गया 30.5 16.0 भागलपुर 29.2 16.5 मुजफ्फरपुर 26.4 18.7 मौसम के बदलते मिजाज से किसानों की बढ़ी चिंता
फागुन महीना चल रहा है। खेतों में गेहूं की फसल में बालियां लग गई हैं। अधिकतर खेतों में लगी सरसों की फसल में दाने लग गए हैं। चना की फसल में भी दाने आ गए हैं। ऐसे में सामान्य मौसम जरूरी है, लेकिन मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
एक सप्ताह से मौसम में अनिश्चितता बनी हुई है। कभी तेज धूप निकल रही है तो कभी ठंढ का असर बढ़ जा रहा है। शुक्रवार को पूरे दिन आसमान बादलों से ढंका रहा।
बादलों की गरज से बारिश का अनुमान था। कही- कहीं बूंदाबांदी भी हुई। फागुन महीने में अगर बारिश होगी तो फसलों को नुकसान होगा।
पुरानी कहावत है कि अगर फागुन महीने में बारिश हुई तो खेत में लगी फसल के घर आने की उम्मीद कम ही रहती है। इस महीने में आसमान से ओला वृष्टि की संभावना रहती है। ऐसा होने पर फसलें खेत में ही तहस नहस हो जाएंगी, जिससे किसानों को काफी नुकसान होगा।
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Bihar Land Mutation: दाखिल-खारिज के लिए नई गाइडलाइन जारी, DCLR के पास पहुंचा लेटर; DM करेंगे निगरानी
राज्य ब्यूरो, पटना। बिना ठोस कारण के अस्वीकृत किए गए दाखिल-खारिज (Bihar Jamin Dakhil Kharij) के मामलों के निष्पादन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नया निर्देश जारी किया है। इसके लिए विभाग ने एक पत्र भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर) को दिया है। जिलाधिकारियों को कहा गया है वे इस पर निगरानी रखें।
पत्र में कहा गया है कि अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के जिन मामलों को मेरिट के आधार पर निरस्त नहीं किया गया है, वैसे मामले की अपील में सुनवाई के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता पहली ही तारीख को अंचल अधिकारी को पुनः सुनवाई का आदेश दें।
आवेदन पत्र के साथ सुसंगत दस्तावेज नहीं लगाने, संलग्न दस्तावेजों के अपठनीय होने, आवेदन भरने के समय गणितीय या लिपिकीय भूल हो जाने, ऑनलाइन जमाबंदी जहां से रकबा घटाया जाना है, उसमें त्रुटि होने जैसे कारणों से बड़ी संख्या में आवेदन अस्वीकृत होते हैं। ऐसे मामलों में 30 दिनों के भीतर डीसीएलआर के न्यायालय में अपील का प्रविधान है।
बिना मेरिट के पेंडिंग हैं मामलेविभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई कि भूमि सुधार उप समाहर्ताओं द्वारा ऐसे मामले में बिना मेरिट पर विचार किए अधिक समय तक लंबित रखा जाता है। इससे रैयतों को अनावश्यक परेशानी होती है। विभाग की बदनामी भी होती है। ऐसे सभी मामलों की सुनवाई कर मार्च, 2025 तक निष्पादन करने का आदेश पत्र में दिया गया है।
पदभार ग्रहण करने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज वाद को अस्वीकृत करने और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं द्वारा उन्हें स्वीकृत करने के मामले पर चिंता जताई।
उन्होंने अधिकारियों को कहा कि इस प्रकार के मामलों की विभाग जांच कराए और इस प्रवृति पर रोक लगाने के लिए कारगर कदम उठाए। पदभार ग्रहण करने के बाद विभाग के सचिव जय सिंह ने मंत्री को विभाग की विभिन्न सेवाओं के बारे में संक्षेप में जानकारी दी।
मिशन मोड में काम करें अधिकारी-कर्मचारी: संजय सरावगीराजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने कहा है कि वे इस विभाग की कार्य प्रणाली को पूर्ण पादर्शी बनाएंगे।शुक्रवार को पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियाें से बातचीत में उन्होंने कहा कि विभाग की सेवाओं का समय-सीमा के भीतर निष्पादन हो, क्योंकि यह विभाग आम लोगों से जुड़ा है। हर वर्ग के लोग इस विभाग की गतिविधियों से प्रभावित होते हैं।
सरावगी ने मंत्री बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं केंद्रीय नेतृत्व सहित सहित प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा कि मंत्री पद मेरे जैसे पार्टी के कार्यकर्ता के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी, चुनौती और सम्मान है। पार्टी ने मुझपर जितना भरोसा करके यह जिम्मेदारी सौंपी है, मेरा पूर्ण प्रयास होगा कि मैं अपनी पूरी क्षमता और अनुभव से अपने विभाग को माध्यम बनाकर बिहार की जनता की सेवा कर सकूं।
ऐसा करने में मैं प्रधानमंत्री की नीतियों, विजन और मार्गदर्शन का अनुसरण करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सेवा के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने का प्रयास करूंगा। राज्य में चल रहे भूमि सुधारों के साथ साथ विभाग के काम में पारदर्शिता लाने का प्रयास करूंगा, ताकि जनता का जीवन सरल सुगम और सुलभ बन सके।
उन्होंने कहा कि वे पार्टी के विश्वास और जन आकांक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। विभाग के सभी पदाधिकारी और कर्मियों को मिशन मोड में पूरी ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा के साथ काम करना होगा।
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Bihar News: फतुहा में घर में लगी आग, युवक को बचाने में 8 लोग झुलसे; घर से आ रही थी केरोसिन की गंध
संवाद सूत्र, फतुहा। नदी थाना अंतर्गत सबलपुर फतेहजामपुर गांव के एक घर में आग लगने से महिला समेत आठ लोग झुलसकर घायल हो गए। मौके पर पहुंची नदी थाने की पुलिस ने घायलों को पीएमसीएच भेज दिया, जहां चार लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
घायलों में चार लोग एक ही परिवार के हैं। बताया जा रहा है कि रसोई गैस के सिलेंडर विस्फोट से आग लगी। घायल आठ मरीजों को पीएमसीएच में शुक्रवार की दोपहर इमरजेंसी स्थित बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया।
इनमें सात लोगों की हालत गंभीर है, जबकि एक को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। घायलों की उम्र 25 से 40 साल के बीच है।
कोई 100 तो कोई 85 प्रतिशत तक जलाघायलों में दो 100, दो 98, दो 95, एक 85 फीसदी जला है। घायलों में दो महिला और छह पुरुष हैं। घायल भर्ती मरीजों में गुड़िया देवी, मुकेश चौधरी, प्रमोद ठाकुर, जे कुमार, अर्जुन चौधरी, शांति देवी, राकेश कुमार, राजेश कुमार शामिल हैं।
घायल महिलाओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गुड़िया 98 तो शांति देवी 100 फीसदी जल गई हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक जल जाने से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। उपचार चल रहा है।
आसपास के लोगों ने बताया कि अर्जुन चौधरी के पुत्र ने शोर मचाया। युवक के चिल्लाने की आवाज सुनकर घर के साथ-साथ आसपास के लोग पहुंचे तो देखा कि राकेश चौधरी चारों तरफ आग की लपेट से घिरा हुआ है।
उसे बचाने के लिए उसके पिता अर्जुन चौधरी, मां शांति देवी, भाई मिथलेश चौधरी तथा पास के राजेश चौधरी, प्रमोद ठाकुर, गुड़िया देवी, तन्नू कुमारी सभी आग की चपेट में आ गये और झुलसकर घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल आगलगी की सूचना फायर बिग्रेड को दी।
आग पर पा लिया गया काबूसूचना मिलते ही फायर बिग्रेड की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया। फतुहा डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि फतेहजामपुर गांव में एक घर में आग लगी है, जिसमें सात से आठ लोग झुलस गये हैं। सभी घायलों को पीएमसीएच भेजा गया।
आग घर में कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है। इस आगलगी से घर का हजारों का सामान भी जलकर नष्ट हो गया। घर से केरोसिन की दुर्गंध निकल रही थी। जांच के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है। घटना की जांच की जा रही है।
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बिहार का सबसे अमीर और सबसे गरीब जिला कौन-सा है? सामने आई नीतीश सरकार की चौंकाने वाली रिपोर्ट
राज्य ब्यूरो, पटना। पूरे बिहार में अर्थव्यवस्था की गति एक समान नहीं है। ऐसा होता भी नहीं है। बिहार तो वैसे भी उपभोक्ता प्रदेश है। ऐसे में उपभोग की कमोबेश मात्रा गरीबी-अमीरी के अंतर को और बढ़ा देती है।
इसी कारण कुछ जिले विकास की राह पर तेज दौड़ रहे तो कुछ पिछड़ जा रहे हैं। जैसे कि पटना और शिवहर। पटना बिहार का सबसे अमीर जिला है, लेकिन शिवहर को यह सौभाग्य नहीं। शिवहर सबसे गरीब जिला है।
राज्य के भीतर आर्थिक विकास में क्षेत्रीय विषमता का आकलन सकल जिला घरेलू उत्पाद व निवल जिला घरेलू उत्पाद के आधार पर होता है। इस आंकड़े में आगे रहने वाले जिले संपन्न माने जाते हैं और पिछड़ जाने वाले विपन्न।संपन्नता का यह पैमाना पेट्रोल-डीजल-एलपीजी की खपत और लघु बचत से निर्धारित होता है।
अमीर और गरीब जिलेइन सारे सूचकांकों के आधार पर पटना सबसे समृद्ध जिला है। अमीरी में बेगूसराय और मुंगेर जिला क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। गरीबी के संदर्भ में क्रमश: यही क्रमांक सीतामढ़ी और अररिया का है।
पटना की प्रति व्यक्ति आय 121396 रुपये हैं। बेगूसराय और मुंगेर की क्रमश: 49064 और 46795 रुपये। शिवहर के संदर्भ में यह 19561 रुपये है। सीतामढ़ी की प्रति व्यक्ति आय 21931 रुपये है तो अररिया की 22204 रुपये।
- अमीर जिले : पटना, बेगूसराय, मुंगेर क्रमश: पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर
- गरीब जिले : शिवहर, सीतामढ़ी, अररिया क्रमश: पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर
- पेट्रोल की खपत : पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया आगे, लखीसराय, बांका, जहानाबाद पीछे
- डीजल की खपत : पटना, शेखपुरा, औरंगाबाद आगे, शिवहर, सिवान, गोपालगंज पीछे
- एलपीजी की खपत : पटना, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज आगे, अररिया, बांका, किशनगंज पीछे
कई तरह के उतार-चढ़ाव को झेलते हुए भी बिहार की विकास दर लगातार दोहरे अंक में बनी हुई है। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट ऐसा बता रही। बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को विधान मंडल में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह रिपोर्ट प्रस्तुत की। उसके उपरांत प्रेस-वार्ता में उन्होंने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था 2011-12 के 2.47 लाख करोड़ से साढ़े तीन गुना बढ़कर 2023-24 में 8.54 लाख करोड़ हो गई है। राष्ट्रीय वृद्धि दर की तुलना में बिहार के विकास की दर अधिक रही है।
दूसरी बार आर्थिक समीक्षा की रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले सम्राट के पास वित्त विभाग का दायित्व भी है। विकास दर में वृद्धि को उन्होंने केंद्रीय सहायता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व का प्रतिफल बताया। दावा किया कि बिहार विकास दर के मामले में देश में तेलंगाना के बाद दूसरे स्थान पर है। वह भी 0.3 प्रतिशत के मामूली अंतर से। 2023-24 के लिए वर्तमान मूल्य पर बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 854429 करोड़ रुपये अनुमानित है।
पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में यह वृद्धि 14.5 प्रतिशत की होती है। इसी अवधि में 12.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रति व्यक्ति आय 66828 रुपये अनुमानित है। यह अनुमान वर्तमान मूल्य पर है। स्थिर मूल्य पर यह राशि 7.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 36333 रुपये बनती है।
तृतीयक क्षेत्र का योगदान अधिक, दारोमदार कृषि पर:अर्थव्यवस्था में तृतीयक क्षेत्र यानी व्यापार और सेवा क्षेत्र का योगदान 59 प्रतिशत के लगभग होगा, लेकिन आज भी सर्वाधिक जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। कोरोना-काल में विकास दर में आई गिरावट के बीच इसी क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था को संभाला था। अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का योगदान लगभग 20 प्रतिशत है।
धान-गेहूं के साथ मक्का का उत्पादन लगातार बढ़ रहा और आम-लीची के बागानों का रकबा भी। कृषि क्षेत्र को सरकार का प्रश्रय है। इसका प्रमाण बिजली है। कुल खपत में कृषि में बिजली की खपत 2023-24 में 17.6 प्रतिशत रही, जो 2019-20 में 4.3 प्रतिशत थी।
सामाजिक सेवाओं पर खूब खर्च कर रही सरकार:सम्राट ने बताया कि राजकोषीय संसाधनों के विवेकपूर्ण प्रबंधन से कई विकासमूलक लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही। इसके साथ ही सरकार के राजस्व व पूंजीगत लेखों में भी बढ़ोतरी हो रही है। यानी कि इन मदों पर व्यय बढ़ रहा है। यह बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए सुखद संकेत है। वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच पूंजीगत व्यय मेंं तिगुना बढ़ोतरी हुई है।
इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार संसाधनों के निर्माण पर अधिक खर्च कर रही। भविष्य में रिटर्न इन्हीं संसाधनों के बूते मिलता है। बहरहाल बजट का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक सेवाओं पर खर्च हो रहा, जो सरकार की जन-कल्याणकारी अवधारणा को स्पष्ट करता है। 2023-24 में यह खर्च बढ़कर 83225 करोड़ हो गया है, जो 2019-20 में 57816 करोड़ रुपये था।
एसजीडीपी (रुपये में) वित्तीय वर्ष वर्तमान मूल्य स्थिर मूल्य 2011-12 247144 247144 2012-13 282368 256851 2013-14 317101 269650 2014-15 343951 279482 2015-16 371602 296488 2016-17 421051 318797 2017-18 468746 344028 2018-19 527976 381383 2019-20 581855 398329 2020-21 567814 368970 2021-22 647394 387256 2022-23 746417 425384 2023-24 854429 464540(नोट : 2022-23 का अनंतिम अनुमान है और 2023-24 का त्वरित अनुमान)
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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानमंडल का बजट सत्र शुक्रवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां के अभिभाषण के साथ आरंभ हो गया। दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने नीतीश सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
सेंट्रल हॉल में आयोजित संयुक्त अधिवेशन में उन्होंने कहा कि इस वर्ष चुनाव की घोषणा के पहले राज्य में युवाओं को 10 लाख की जगह 12 लाख सरकारी नौकरी दी जाएगी।
इसी प्रकार से रोजगार सृजन के तहत अब तक 10 लाख की जगह 24 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है। विधानसभा चुनाव की घोषणा के पहले ही राज्य में 34 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, अभी तक नौ लाख 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
लगभग आधे घंटे के अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि पहली फरवरी 2025 को केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में बिहार के विकास में सहयोग के लिए मखाना बोर्ड का गठन, राज्य में नये हवाई अड्डों का निर्माण, पश्चिम कोसी नहर परियोजना के लिए आर्थिक सहायता, पटना आईआईटी का विस्तार और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना की घोषणा की गई है।
केंद्र सरकार ने की थी विशेष आर्थिक मदद की घोषणाबिहार के लिए केंद्र सरकार ने विशेष आर्थिक मदद की घोषणा की थी। इसमें बिहार की सड़क परियोजनाओं, विद्युत परियोजनाओं, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, खेल-कूद के विकास और पर्यटन स्थलों के विकसित करने के लिए विशेष सहायता की घोषणा की गई थी।
बिहार को बाढ़ से बचाने के लिए कोसी-मेची नदी जोड़ परियोजना और सिंचाई परियोजना के लिए भी मदद देने की घोषणा की गई थी।राज्यपाल ने बताया कि 24 नवंबर 2005 से राज्य में कानून का राज स्थापित है। साथ ही लगातार विकास का काम हो रहा है।
राज्य में कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताराज्य सरकार ने सुशासन और न्याय के साथ विकास पर जोर दिया है। राज्य के सभी क्षेत्रों का विकास और सभी वर्गों का उत्थान इसमें शामिल है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पेयजल के क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अब किसी तरह के डर एवं भय का वातावरण नहीं है। राज्य में कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरकार द्वारा अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्ता के संधारण के लिए हर थाने के कार्य को दो हिस्सों में जैसे पहला केसों के अनुसंधान और दूसरा विधि-व्यवस्था के संधारण में बांट दिया गया है। राज्य में पुलिस बल की संख्या बढ़कर 1 लाख 10 हजार हो गई है, जिसमें महिलाएं 30 हजार हैं।
पुलिस के 21 हजार 391 रिक्त पदों पर भी नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। सरकार पुलिस बल की संख्या को और बढ़ाने जा रही है। इसके लिए 2 लाख 27 हजार से भी अधिक नए पदों का सृजन कर तेजी से पुलिस की बहाली की जा रही है।
थानों की संख्या बढ़ाकर 1380 हो गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए डायल 112 की इमरजेंसी सेवा प्रारंभ की गई है।
राज्यपाल के अभिभाषण के समय विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा, विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सहित सभी दलों के विधायक और विधान परिषद के सदस्य उपस्थित थे।
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Earthquake: भारत में बार-बार क्यों आ रहा भूकंप? एक्सपर्ट ने बताई ये वजह, आप भी हो जाएं अलर्ट
नीरज कुमार, पटना। भारत के विभिन्न राज्यों एवं पड़ोसी देश नेपाल में बार-बार भूकंप आने की प्रवृति ने लोगों में भय का वातावरण पैदा कर दिया है। बार-बार भूकंप आने का मुख्य कारण प्लेटों का खिसकना माना जा रहा है। वर्तमान में देश का प्रायद्विपीय भाग औसतन दो सेंटीमीटर की गति से प्रतिवर्ष हिमालय की ओर बढ़ रहा है।
इससे हिमालय पर्वतमाला धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठ रहा है। पिछले 50 वर्षों में माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई में लगभग 0.7 मीटर की वृद्धि हुई है। 1970 के आसपास माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848 मीटर मापी गई थी।
पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में हो रहा बदलावराजधानी के एएन कॉलेज के अवकाश प्राप्त शिक्षक एवं भूगोलवेता प्रो. नुपूर बाेस का कहना है कि पृथ्वी के चुबंकीय क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है। इससे प्लेटों में काफी हलचल देखा जा रहा है। पृथ्वी के आंतरिक भाग में हलचल होने का प्रभाव सतह पर भूकंप के रूप में देखा जा रहा है। गनीमत है कि छोटे-छाेटे भूकंपों के माध्यम से पृथ्वी के आंतरिक भाग में दबाव कम हो जा रहा है।
अगर लंबे समय तक कोई भूकंप नहीं आता है तो कोई बड़ा भूकंप भी आ सकता है, जिसे काफी तबाही मच सकती है। 1934 में बिहार में बहुत बड़ा भूकंप आया था, इससे प्रदेश में काफी नुकसान हुआ था। उसके बाद से बिहार के उत्तरी भाग यानी नेपाल में अक्सर भूकंप का आगमन हो रहा है। उसकी तीव्रता सामान्यत: पांच से लेकर सात के आसपास देखी जा रही है।
घरों के आसपास खाली जगह रखना जरूरीभूकंप की दृष्टि से शहरों में आवासीय परिसर के आसपास खाली जगह भरते जा रहे हैं। शहरों में अपार्टमेंट कल्चर का प्रचलन काफी तेजी से बढ़ रहा है।
ऐसे में जरूरी है कि घरों के आसपास कुछ भाग खाली रखें, ताकि भूकंप आने पर घरों से बाहर निकलकर खाली जगह पर खड़ा हो सकें। तेज भूकंप आने पर सबसे ज्यादा खतरा अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को होता है।
सिंधू से लेकर ब्रह्मपुत्र तक मैदानी भाग- भारत में उत्तर में सिंधू नदी से लेकर गंगा एवं पूर्वोत्तर में ब्रह्मपुत्र नद तक के क्षेत्र को मैदानी भाग माना जाता है। यह भाग नदियों के गाद आदि से बना है, जबकि प्रायद्विपीय भाग अत्यंत कठोर है।
- भूकंप आने पर सबसे ज्यादा खतरा देश के मैदानी भाग को ही है। इस इलाके में जब भी तेज गति का भूकंप आता है, इमारतें भरभराकर गिरने लगती है। इससे जान-माल के नुकसान होने का खतरा रहता है।
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Patna Airport: पटना एयरपोर्ट से कब मिलेगी इंटरनेशनल फ्लाइट, नए टर्मिनल पर भी आया लेटेस्ट अपडेट
जागरण संवाददाता, पटना। जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय विमान क्षेत्र, जिसे पटना एयरपोर्ट (Patna Airport) के नाम से भी जाना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। वर्ष 1999 तक काठमांडू (नेपाल) के लिए पटना एयरपोर्ट से विमान सेवा थी। दिल्ली-काठमांडू फ्लाइट के हाइजैक होने के बाद से पटना एयरपोर्ट से वहां के लिए विमान सेवा बंद कर दी गईं।
26 वर्षों से पटना एयरपोर्ट नाम का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बन कर रह गया है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आइसीएओ) एवं अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आइएटीए) ने अब तक दर्जा नहीं छीना। यही कारण है कि दो दशक बाद इसे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।
हालांकि, रनवे का विस्तार नहीं किए जाने की वजह से निकटतम भविष्य में पटना एयरपोर्ट से विदेशों के लिए फ्लाइट के उड़ान भरने की संभावना नजर नहीं आती। अलबत्ता, छोटे देश जैसे नेपाल के लिए विमान सेवा फिर से शुरू की जा सकती है। अब भी इस हवाईअड्डा की गिनती घरेलू (डोमेस्टिक) एयरपोर्ट में ही होती है। देशभर के व्यस्ततम हवाईअड्डे में पटना एयरपोर्ट 15वें स्थान पर है। यहां सीमा शुल्क विभाग के भी अधिकारी तैनात हैं।
क्षेत्रफल में किया गया विस्तारवर्ष 2018 में पटना एयरपोर्ट का विस्तार करने की योजना तैयार की गई थी। कोरोनाकाल में निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। इसके बाद काम में तेजी आई। पुराना टर्मिनल भवन 7,200 वर्ग मीटर में था। इसका क्षेत्रफल बढ़ा कर 57 हजार वर्ग मीटर हो जाएगा। इसके कंक्रीट पेव्ड उड़ान पट्टी की लंबाई 6,900 फीट है, जबकि रनवे सात हजार फीट लंबा है। इस वजह से यहां विमानों की सुरक्षित लैंडिंग नहीं हो पाती।
सामान्य तौर पर विमान 2.5 डिग्री के क्षितिज पर लैंड कराए जाते हैं, लेकिन पटना एयरपोर्ट का रनवे छोटा होने के कारण तीन डिग्री क्षितिज पर लैंडिंग करानी पड़ती है। यह जोखिम भरा होता है। दूसरी ओर पटना एयरपोर्ट की बाउंड्री के बाद रेल पटरी है, जहां गंदगी का अंबार लगा रहता है। मांस-मछली की भी दुकानें हैं। ऐसे में बर्ड-हिट की घटनाएं भी होती हैं।
बढ़ जाएगी विमानों की आवाजाहीनए टर्मिनल भवन से यात्रियों की आवाजाही के बाद पुराना टर्मिनल भवन तोड़ा जाएगा। जहां अभी पुराना टर्मिनल है, वहां विमानों की पार्किंग होगी। अभी सिर्फ चार विमान एक साथ खड़े हो सकते हैं। विस्तार के बाद 14 विमानों की पार्किंग संभव है। छह एरोब्रिज भी बनाए जाएंगे।
सबसे पहले नए एटीसी टावर का संचालन शुरू हुआ। यह बीआइसी परिसर से सटा है। इसके बाद कार्गो टर्मिनल की शुरुआत की गई। मल्टी लेवल पार्किंग बनकर तैयार है, लेकिन नए टर्मिनल भवन से संचालन शुरू होने पर उसका उपयोग किया जाएगा।
दस वर्षों में तीन गुना हुई यात्रियों की संख्याआंकड़ों पर गौर करें तो दस वर्षों में पटना हवाईअड्डे से यात्रा करने वाले लोगों की संख्या तीन गुना बढ़ गई। वर्ष 2011-12 में यात्रियों की वार्षिक संख्या 10 लाख 21 हजार 544 थी, जो वर्ष 2023-24 में 34 लाख 40 हजार 450 तक पहुंच गई। इसी तरह एयर ट्रैफिक मूवमेंट भी दो गुना बढ़ा है।
पांच वर्ष पहले तक गो-एयर की सबसे अधिक फ्लाइटें थीं। अब सर्वाधिक फ्लाइटें इंडिगो की हैं। हाल में एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट का परिचालन भी यहां से शुरू हुआ है। इससे माल लदान में भी बढ़ोतरी हुई है। दस वर्षों में सबसे अधिक माल ढुलाई 12 हजार 409 मैट्रिक टन दर्ज की गई है।
अभी 35 से 50 मिनट ही रुक पाते हैं विमान- पटना एयरपोर्ट पर कम सुविधाएं होने के कारण विमान 35 से 50 मिनट तक ही रुक पाते हैं। नया टर्मिनल शुरू होने के बाद इसका समय बढ़ जाएगा। इससे ट्रांजिट निरीक्षण, रखरखाव समेत अन्य आवश्यक काम आसान हो जाएंगे।
- नए टर्मिनल में खास सुविधाएं होंगी, जैसे रात में विमानों का ठहराव, धुलाई और रखरखाव, पार्किंग आदि। विमानों के शौचालय की सफाई के लिए भूमिगत सीवरेज सिस्टम बन गया है।
1,216 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का काम 65 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अप्रैल में इसके उद्घाटन की तैयारी की जा रही है। इलेक्ट्रिक का काम सुचारू रहने के साथ सेंट्रलाइज्ड एसी की टेस्टिंग भी पूरी कर ली गई है। हालांकि, लोकापर्ण के एक महीने बाद काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद एयरोब्रिज और पार्किंग बे का निर्माण होगा।
दीवारों पर पुट्टी का काम लगभग समाप्त कर लिया गया है। लकड़ी का भी चल रहा है। इसके बाद दीवारों पर मधुबनी पेंटिंग की जाएगी। इस नए टर्मिनल में व्यस्त समय में 4,500 यात्रियों के एक साथ आवागमन की सुविधा होगी। अभी 1,300 यात्री एक साथ आ-जा सकते हैं।
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