Bihar News
Bihar Politics: तेजस्वी ने नीतीश के बेटे निशांत को बताया अपना भाई, बोले- अगर वो राजनीति में आएं तो...
राज्य ब्यूरो, पटना। निशांत कुमार को अपना भाई बताते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि उनके (निशांत) राजनीति में आने से जदयू के जीवित रहने की संभावना बनेगी। हालांकि, यह संभावना इस पर निर्भर करेगी कि निशांत पार्टी के लिए कैसे काम करते हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा, मेरी व्यक्तिगत इच्छा है कि वे अविलंब राजनीति में आएं, अन्यथा शरद यादव द्वारा बनाए गई जदयू को भाजपा समाप्त कर देगी। तेजस्वी के इस उल्लेख में भी एक राजनीतिक कटाक्ष है। राजनीति के अंतिम दिनों में शरद अपनी पार्टी के साथ राजद में मिल गए थे।
नीतीश की इकलौती संतान हैं निशांत50 वर्षीय निशांत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इकलौती संतान हैं। जदयू के भीतर का एक वर्ग चाहता है कि वे सक्रिय राजनीति में आएं। इस उद्देश्य से पिछले दिनों पटना में जहां-तहां पोस्टर-होर्डिंग्स भी लगाए गए थे।
तेजस्वी राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन के अघोषित नेता हैं, जो निशांत के प्रकरण में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को प्रतिक्रिया देते हुए स्वयं को तुलना से रोक नहीं पाए।
'मैं राजनीति में इसलिए नहीं आया...'तेजस्वी ने कहा कि मैं राजनीति में इसलिए नहीं आया, क्योंकि मेरे माता-पिता ने ऐसा करने के लिए कहा था, बल्कि इसलिए कि बिहार के लोगों और राजद कार्यकर्ताओं को मेरी आवश्यकता थी।
'JDU पर कब्जा करना चाहता है RSS'इसी के साथ उन्होंने भाजपा पर अंगुली भी उठा दी। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू के कुछ नेता गोपनीय बैठक कर यह रणनीति बना रहे कि किसी भी हालत में निशांत राजनीति में न आएं, ऐसा इसलिए, क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चाहता है कि जदयू पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया जाए।
'हमारे पास विजन भी और रीजन भी'इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बताया और विधानसभा चुनाव में अपनी जीत का दंभ भी भर दिया।
तेजस्वी ने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री आएं, योगी आदित्यनाथ या कोई और, बिहार की जनता जागरूक हो चुकी है। हमें जनता से एक अवसर चाहिए। हमारे पास विजन भी है और रीजन भी।
नौकरी के बदले भूमि घोटाला के मामले में कोर्ट के समन पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी ने कहा, इसे कोर्ट में रहने दीजिए। जब चुनाव आयोग भाजपा का ''चीयरलीडर'' बन गया है, तो हम ईडी और आयकर के बारे में क्या कह सकते हैं!
ये भी पढ़ें- 'चाबी लेंगे तभी ताला खुलेगा', मांझी ने नीतीश के सामने रख दी डिमांड; सम्राट बोले- खून भी देना पड़ा...
ये भी पढ़ें- Bihar Politics: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद CM नीतीश को पहला झटका, कद्दावर नेता ने JDU से दिया इस्तीफा
Holi 2025 Date: 14 या 15 मार्च... किस दिन खेली जाएगी होली? एक क्लिक में दूर करें कन्फ्यूजन
जागरण संवाददाता, पटना। होली को लेकर (Holi 2025 Date) लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है। मिथिला व बनारस पंचांग के अनुसार, 13 मार्च गुरुवार को होलिका दहन है। फाल्गुन शुक्ल की पूर्णिमा दो दिन होने से हो होलिका दहन के एक दिन बाद होली का पर्व मनाया जाएगा। फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत 13 मार्च गुरुवार को तथा स्नान-दान की पूर्णिमा 14 मार्च शुक्रवार को होगी।
फाल्गुन की पूर्णिमा गुरुवार की सुबह 10.11 बजे से आरंभ हो रही है और भद्रा भी उसी समय से आरंभ हो रहा है। भद्रा गुरुवार की रात 10.47 बजे तक रहेगा। 14 मार्च शुक्रवार को पूर्णिमा तिथि दोपहर 11.22 बजे तक ही है।
रंगोत्सव का पर्व होली उदय व्यापिनी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में मनेगा। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 15 मार्च शनिवार को होली का पर्व मनेगा। होली के दिन सुबह 7.46 बजे तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र इसके बाद हस्त नक्षत्र पूरे दिन रहेगा।
ज्योतिष आचार्य ने बताया होली का मुहूर्तज्योतिष आचार्य राकेश झा ने ज्योतिष शास्त्र के हवाले से बताया कि होलिका दहन को लेकर शास्त्रों में तीन नियम बताए गए हैं। पहला पूर्णिमा तिथि, दूसरा भद्रा मुक्त काल व तीसरा रात्रि का समय होना चाहिए। भद्रा में होलिका दहन करना वर्जित है। 13 मार्च की रात में पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी तथा भद्रा की रात्रि 10.47 बजे खत्म होगा।
भद्रा समापन के बाद गुरुवार 13 मार्च को उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में होलिका दहन होगा। होलिका के अगले दिन 14 मार्च को सूर्योदय कालीन पूर्णिमा, स्नान दान की पूर्णिमा के साथ कुल देवता को सिंदूर अर्पण किया जाएगा।
कैसे होगी होलिका की पूजा?होलिका दहन के दिन होलिका की पूजा में अक्षत, गंगाजल, रोली, चंदन, मौली, हल्दी, दीपक, मिष्ठान आदि से पूजन करने के बाद उसमें कर्पूर, तिल, धूप, गुगुल, जौ, घी, आम की लकड़ी, गाय के गोबर से बने उपले (गोइठा) डाल कर सात बार परिक्रमा करने से परिवार की सुख शांति, समृद्धि में वृद्धि, नकारात्मकता का ह्रास, रोग-शोक से मुक्ति व मनोकामना की पूर्ति होती है।
होलिका जलने के बाद उसमें चना या गेहूं की बाली को पका कर प्रसाद स्वरूप ग्रहण करने से स्वास्थ्य अनुकूल, दीर्घायु, एश्वर्य में वृद्धि होती है। होलिका दहन की भस्म को पवित्र माना गया है।
होली के दिन यह काम जरूर करेंहोली के दिन संध्या बेला में भस्म लगाने से सुख-समृद्धि और आयु में वृद्धि होती है। शास्त्रोचित मत से होली में लाल, पीला व गुलाबी रंग का ही प्रयोग करना चाहिए। रंगों का पर्व होली भारतीय सनातन संस्कृति में अनुपम और अद्वितीय है। यह पर्व प्रेम तथा सौहार्द का संचार करता है।
ये भी पढ़ें- Masik Durgashtami 2025: मासिक दुर्गाष्टमी पर जरूर करें इस स्तोत्र का पाठ, खुशियों से भर जाएगी झोली
ये भी पढ़ें- Kharmas 2025: खरमास में इन बातों का जरूर रखें ध्यान, जानें क्या करें और किन कामों से बनाएं दूरी
'चाबी लेंगे तभी ताला खुलेगा', मांझी ने नीतीश के सामने रख दी डिमांड; सम्राट बोले- खून भी देना पड़ा...
राज्य ब्यूरो, पटना। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को गांधी मैदान में आयोजित दलित समागम रैली में कहा कि दलितों को शैक्षणिक आधार पर वर्गीकृत कर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। अनुसूचित समाज में कई ऐसी उपजातियां हैं जिनकी साक्षरता दर महज सात से आठ प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि 20% से कम साक्षर लोगों को अलग वर्गीकृत कर आरक्षण दिया जाए और 20% से अधिक साक्षर लोगों को अलग आरक्षण मिले। मांझी ने कहा कि राजनीति चाभी है और विकास ताला। चाबी लीजिएगा तभी ताला खुलेगा।
मांझी ने कहा, हमारी एससी-एसटी की आबादी सबसे अधिक 30 प्रतिशत है। यह 30 प्रतिशत आबादी एक हो गई तो 2025 के चुनाव में अपने मन की सरकारी बनेगी। देखिए, कौन आगे बढ़ा रहा है, उसे एकजुट होकर वोट दीजिए।
'मैंने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में...'मांझी ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में कई निर्णय लिए मगर वह लागू नहीं हुए। मेट्रो का विचार मेरी सरकार में ही मंत्री रहे सम्राट चौधरी ने दिया। बिहार में सफाई कर्मचारी आयोग का गठन हो, मेरी सरकार में मसौदा आया मगर न जाने कहां चला गया। भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन देने का निर्णय लिया गया मगर तीन डिसमिल जमीन ही मिल रही, उसमें भी 80 प्रतिशत पर दबंगों का कब्जा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में भूमि सुधार का काम नहीं हुआ अगर होता तो करीब 11 लाख भूमिहीन हैं, सभी के पास एक-एक एकड़ जमीन मिल जाएगी।लड़कियों को मुफ्त व्यावसायिक पढ़ाई की सुविधा मिले। बिहार में सफाई कर्मचारी आयोग बनाया जाए। राजनीति में दलित समाज को एक होने की जरूरत है। 2025 में एकजुट होकर निर्णय लीजिए।
दलित समागम पहुंचे नीतीश, कहा- बधाई देने आया हूंदलित समागम रैली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ थोड़ी देर के लिए पहुंचे। करीब एक बजे रैली के मंच पर उनके पहुंचते ही भीड़ ने नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे लगाए। मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस दौरान जीतन राम मांझी ने खड़े होकर नीतीश का स्वागत किया तो संतोष सुमन ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
उन्होंने मंच से कहा कि मैं आप सभी को नमन करता हूं। आज पार्टी की मीटिंग हो रही है, यह जानकारी मिली तो हम आप सभी को बधाई देने के लिए आए हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री वापस चले गए। बाद में जीतन राम मांझी ने अपने भाषण के दौरान कहा भी कि चूंकि यह एनडीए की बैठक नहीं है, इसलिए मुख्यमंत्री आए और आकर चले गए।
अब दलित बच्चों को मिलेगी दोगुनी राशि: सम्राट चौधरीउपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दलित समागम रैली में करीब एक घंटे तक रहे। इस दौरान उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि अभी तक दलित बच्चों को जितनी राशि दी जाती है, अब उससे दोगुनी राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति से आने वाले बजट में इसका प्रविधान किया गया है।
सम्राट ने कहा कि अभी 36 सीटों पर दलित समाज के लोग चुनाव लड़ते हैं। आरक्षण बढ़ा तो 2029 में 70 लोग दलित समाज से आएंगे। उन्होंने कहा कि दलित समाज के लिए खून भी देना पड़े तो सम्राट चौधरी पीछे नहीं हटेगा।
इसके पूर्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्य सरकार में मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि दलित-महादलित सभी एक हैं। यहां कोई जाति-उपजाति नहीं है। दलित एकजुट होकर एनडीए को मजबूत करेंगे और 225 से ज्यादा सीट लाएंगे।
रैली को प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, विधायक ज्योति मांझी, दीपा मांझी, प्रफुल्ल मांझी, मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण आदि ने भी संबोधित किया।
ये भी पढ़ें- Bihar Politics: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद CM नीतीश को पहला झटका, कद्दावर नेता ने JDU से दिया इस्तीफा
ये भी पढ़ें- Nitish Kumar: मांझी के प्रोग्राम में नीतीश ने नहीं दिया भाषण, महज 2.5 मिनट में निकल गए; सियासी अटकलें तेज
Bihar Teacher Transfer: बिहार में शिक्षकों का ट्रांसफर, विभाग ने जारी की दूसरी लिस्ट; 187 नाम शामिल
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) ने शिक्षकों के ट्रांसफर पर बड़ा फैसला किया है। विभाग ने ट्रांसफर की दूसरी लिस्ट जारी कर दी गई है। दूसरी लिस्ट में 187 शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया है। बता दें कि राज्य के 1 लाख 90 हजार से अधिक शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए विभाग को आवेदन दिया था।
बता दें कि हाल ही में शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में विभागीय स्थापना समिति की बैठक में शिक्षकों के ट्रांसफर पर फैसला लिया गया।
इस बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव बैद्यनाथ यादव, प्राथमिक शिक्षा के निदेशक पंकज कुमार, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक योगेन्द्र सिंह, प्राथमिक शिक्षा के उप निदेशक संजय कुमार चौधरी और माध्यमिक शिक्षा के उप निदेशक अब्दुस सलाम अंसारी मौजूद थे।
आप शिक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट नीचे देख सकते हैं-
नोट- इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।
ये भी पढ़ें- BPSC TRE 3.0: बीपीएससी परीक्षा पास करने वाले कैंडिडेटों को मिल गई एक और खुशखबरी, इस दिन मिलेगा नियुक्ति पत्र
ये भी पढ़ें- Bihar Teacher News: शिक्षक ऑफ द मंथ पुरस्कार में खगड़िया ने मारी बाजी, भागलपुर के किसी टीचर को नहीं मिला सम्मान
Bihar Budget: बिहार का बजट सत्र आज से शुरू, इन विधेयकों को मिली राज्यपाल की मंजूरी
राज्य ब्यूरो, पटना: बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार से आरंभ हो गया है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने विधायकों से कहा कि किसी भी मुद्दे पर असहमति को तर्कसंगत और मर्यादित भाषा में प्रस्तुत किया जाए, जिससे सदन की गरिमा बनी रहे। सभी सदन की मर्यादा और गरिमा को बनाए रखें।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि स्वस्थ बहस और तर्क- वितर्क लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है। लेकिन यह आवश्यक है कि चर्चा मर्यादित और परिणामपरक हो।
उन्होंने कहा कि वह सभी सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे सदन में अनुशासन और शिष्टाचार बनाए रखें। हमारी जिम्मेदारी है कि इस सत्र को सार्थक और उपयोगी बनाएं, ताकि प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं को पूरा किया जा सके।
नंदकिशोर ने कहा कि पिछले दिनों बिहार में विधायी निकायों का सबसे बड़ा सम्मेलन यहां सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। संवैधानिक मूल्यों और उन्हें आम जन तक पहुंचाने में विधानसभा की भूमिका पर विमर्श हुए। विधायी संस्थाओं में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर सर्वसम्मति बनी।
सात नए मंत्रियों का किया अभिनंदनराज्यों के प्रतिनिधियाें ने अपने-अपने राज्यों की संसदीय प्रक्रियाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री के सहयोग से आयोजन बिना किसी बाधा के पूर्ण हुआ। उन्होंने मंत्रिपरिषद के सात नए मंत्रियों का भी अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि सदन में प्रक्रिया नियमावली के तहत अपनी बात को उठाएं।
इन विधेयकों को मिली राज्यपाल की मंजूरीबिहार विधान मंडल के पिछले सत्र में दोनों सदनों से पारित पांच विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी मिल गयी है। जिन विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी मिली है, उनमें बिहार विनियोग (संख्या-4) विधेयक 2024, बिहार खेल विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2024 शामिल है।
वहीं, बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2024, बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाला विधेयक 2024, तथा बिहार सरकारी परिसर (आवंटन, किराया, वसूली और बेदखली) संशोधन विधेयक 2024 को भी राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है।
विधानसभा के बजट सत्र के लिए अध्यासी सदस्यों का मनोनयनविधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के लिए अध्यासी सदस्यों का मनोनयन किया। अमरेंद्र प्रताप सिंह, दामोदर रावत, भूदेव चौधरी, विजय शंकर मिश्रा व ज्योति देवी को अध्याशी सदस्य बनाया गया है।
यह भी पढ़ें-
Bihar Budget Session: 3.15 लाख करोड़ पहुंच सकता है बजट का आकार, नीतीश सरकार देगी 2 लाख नौकरियां!
Bihar Budget 2025: नीतीश सरकार महिलाओं को दे सकती है डायरेक्ट पैसे, इन लोगों की पेंशन भी बढ़ेगी!
Bihar Politics: ...तो तेजस्वी यादव नहीं बनेंगे CM? अपने छोटे बेटे के बारे में ये क्या बोल गईं राबड़ी देवी
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानमंडल का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। आगामी चुनाव होने से पहले यह 17वीं विधानसभा का अंतिम बजट सत्र है।
नीतीश सरकार इस बजट को आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए पेश करेगी। वहीं विपक्ष कानून व्यवस्था, बीपीएससी, नौकरी-रोजगार समेत कई अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
राज्यपाल के भाषण में कोई तथ्य नहींपहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। वहीं, पटना में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपनी प्रतिक्रिया दी। राबड़ी देवी ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि राज्यपाल का जो अभिभाषण हुआ है, उसमें कोई तथ्य नहीं है।
राज्यपाल सिर्फ सरकार का गुणगान कर रहे हैं। बिहार में जितने भी राज्यपाल आए हैं, सभी एक ही तरह का भाषण देते हैं। उन्होंने कहा कि, राज्यपाल ने जो संबोधन किया है उसमें सभी चीजें पुरानी हैं।
बिहार की जनता तय करेगी कौन बनेगा मुख्यमंत्रीवहीं, 2025 में तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर राबड़ी देवी ने कहा कि जनता तय करेगी कि बिहार का नेतृत्व कौन करेगा? हमारे चाहने से तेजस्वी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।
वहीं, पत्रकारों ने राबड़ी देवी से पूछा कि बीजेपी कह रही है कि तेजस्वी यादव चुनाव से पहले जेल में होंगे। इस पर राबड़ी देवी ने कहा कि भेज दें तेजस्वी यादव को जेल। हम लोग डरने वाले नहीं है। लालू जी भी बेकसूर है। हमारा पूरा परिवार बेकसूर है।
भाजपा सिर्फ हम लोगों को परेशान करती है और फंसाने का काम कर रही है, लेकिन हम लोग डरने वाले नहीं हैं। हम कभी भी जेल जाने से नहीं डरते हैं।
बिहार में अपराधियों का बोलबालाउन्होंने कहा कि बिहार में अपराधियों का बोलबाला है। हर तरफ चोरी, दुष्कर्म, लूट, हत्या की घटना हो रही है। अपराधियों को जेल में नहीं डाला जा रहा है। इसमें सरकार पूरी तरह फेल हो गई है।
वहीं, बीजेपी द्वारा नीतीश कुमार को सीएम चेहरा से हटाने के सवाल पर राबड़ी देवी ने कहा कि वो उनको रखे चाहे हटाएं, यह हमारा मामला नहीं है, यह विपक्ष का मामला है। हमारे लिए बिहार की जनता मुद्दा है।
यह भी पढ़ें-
Nitish Kumar: नीतीश कुमार को लेकर 'कन्फ्यूजन' में BJP? जायसवाल ने CM फेस को लेकर दी सफाई
Bihar Politics: नीतीश मंत्रिमंडल में नहीं मिली जगह, विधायक ने बोला- मैं इसके लिए दलाली नहीं करता...
PM Awas Yojana: 31 मार्च तक चलेगा पीएम आवास योजना का सर्वे, वेटिंग लिस्ट में शामिल करवाएं अपना नाम
जागरण टीम, पटना/गोपालगंज। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रतीक्षा सूची (PM Awas Yojana Waiting List) से छूटे हुए योग्य लाभुकों के सर्वेक्षण का कार्य 10 जनवरी से प्रारंभ है। यह सर्वेक्षण 31 मार्च तक चलेगा। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सर्वेक्षण ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। यह पूर्णतः निश्शुल्क है।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी के बहकावे में नहीं आएं। निर्धारित मापदंडों के आधार पर योग्य परिवार अपना नाम आवास प्लस सूची (PM Awas Plus List) में शामिल करवा सकते हैं। विशेष जानकारी हेतु अपने प्रखंड विकास पदाधिकारी या पंचायत-स्तरीय प्राधिकृत कर्मी से संपर्क कर सकते हैं।
पटना में तेजी से हो रहा पीएम आवास सर्वेजिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया गया कि पटना जिले में आवास योजना के सभी इंडिकेटर्स में अच्छी प्रगति है। द्वितीय किस्त एवं तृतीय किस्त की राशि उपलब्ध कराने में तेजी लाने का निर्देश दिया।
DM ने उपविकास आयुक्त को दिए निर्देशउपविकास आयुक्त को इसका लगातार अनुश्रवण करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सभी पदाधिकारियों का मुख्य दायित्व है।
डीएम ने कहा कि योजनाओं को अच्छे ढंग से धरातल पर उतारें। आम जनता को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। अगर उन्हें कोई शिकायत है तो उसका मेरिट के आधार पर तर्कसंगत ढंग से उचित निष्पादन करें।
पीएम आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली करने पर होगी प्राथमिकीप्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली करने पर सीधे प्राथमिकी कराई जाएगी। इसके लिए मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को आदेश दिया है। इसमें जिले में कहीं भी पीएम आवास में चल रहे सर्वेक्षण तथा उसके नाम पर यदि अवैध वसूली किसी भी व्यक्ति की ओर से की जाती है तो उस पर अविलंब प्राथमिकी कराने का आदेश दिया गया है।
बिहार सरकार के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने बुधवार को पत्र जारी करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत परिवारों के चल रहे सर्वेक्षण आदि में अवैध वसूली का मामला गंभीरता से लिया है।
पत्र में बताया गया है कि सर्वेक्षण कार्य में सर्वेयर यानी सर्वेक्षण कर्ताओं व बिचौलियों की ओर से गरीब परिवार से अनधिकृत तौर पर राशि वसूली की सूचना प्राप्त हुई है, जबकि यह विभाग के नियमानुकूल नहीं है। विभाग ने इस पर सख्ती जताते हुए मामले को गंभीर बताया है।
साथ ही इस पर कड़ाई बरतने के साथ-साथ दोषी व्यक्तियों पर अनुशासनिक कार्रवाई का भी निर्देश दिया है। पत्र में सर्वेक्षण के नाम पर राशि लेने के रूप में मामले को चिह्नित करते हुए प्राथमिकी कराने का आदेश दिया गया है। साथ ही जिलाधिकारी को किसी भी परिस्थिति में इस कार्य में निष्पक्षता बरतने का निर्देश दिया गया है।
ये भी पढ़ें- Ara News: पीएम आवास योजना के सर्वे में घूस मांगने वाले 5 कर्मचारियों को नोटिस, खतरे में नौकरी
ये भी पढ़ें- PM Awas Yojana: पीएम आवास योजना की वेटिंग लिस्ट में शामिल करवाएं नाम, 31 मार्च तक चलेगा सर्वे
Bihar RERA: पटना में बिल्डरों के खिलाफ सख्त हुआ रेरा, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए क्यूआर कोड अनिवार्य
राज्य ब्यूरो, पटना। अब फ्लैट, प्लॉट, दुकान समेत किसी भी तरह के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की खरीद-बिक्री के लिए क्यूआर कोड अनिवार्य होगा। इसके लिए बिहार रेरा ने सभी निबंधित रियल एस्टेट परियोजनाओं को एक यूनिक क्यूआर कोड प्रदान किया है।
प्रदर्शित करना होगा क्यूआर कोड- सभी बिल्डरों और प्रमोटरों को प्राधिकरण को अपनी परियोजना से संबंधित सभी प्रकार के विज्ञापनों में इस क्यूआर कोड को प्रदर्शित करना होगा।
- इसके साथ ही परियोजना से जुड़े दस्तावेजों जैसे ब्रोशर, बुकिंग पत्र, वेबपेज आदि पर भी अनिवार्य रूप से क्यूआर कोड का उपयोग करना होगा।
- इस क्यूआर कोड में रेरा निबंधित उस परियोजना से जुड़ी सभी जानकारी होगी।
बिहार रेरा ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है। प्रमोटरों और रियल एस्टेट एजेंटों के द्वारा क्यूआर कोड का उपयोग एक मार्च, 2025 से अनिवार्य हो जाएगा।
रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि क्यूआर कोड का अनुपालन होने से किसी निबंधित परियोजना की विस्तृत जानकारी आसानी से उपलब्ध रहने पर घर, प्लॉट या दुकान खरीदने वालों को किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले सूचित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
डिस्प्ले बोर्ड पर भी दिखेगा क्यूआर कोडबिहार रेरा के आदेश के अनुसार, प्रमोटरों को निबंधित परियोजना से संबंधित सभी प्रकार के विज्ञापनों में, जिसमें समाचार पत्र विज्ञापन और सोशल मीडिया विज्ञापन भी शामिल हैं, क्यूआर कोड का उपयोग करना होगा। परियोजना स्थल पर लगाए गए डिस्प्ले बोर्ड पर भी यह आवंटित क्यूआर कोड प्रदान करना होगा।
नियम का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाईइस क्यूआर कोड की स्कैनिंग मोबाइल फोन से बहुत आसानी से की जा सकती है। इसका अनुपालन न करने वाले प्रमोटरों और रियल एस्टेट एजेंटों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस आदेश की एक प्रति रेरा बिहार की वेबसाइट पर भी अपलोड की गई है।
अरवल : संयुक्त श्रम भवन निर्माण के लिए डीएम ने किया जमीन का निरीक्षणजिलाधिकारी कुमार गौरव द्वारा अरवल अंचल अन्तर्गत मौजा चिरैयॉटाड़ में संयुक्त श्रम भवन निर्माण हेतु चिन्हित भूमि का निरीक्षण भूमि सुधार उप समाहर्ता, अरवल, अंचलाधिकारी, अरवल एवं कनीय अभियंता, भवन निर्माण विभाग के साथ किया गया।
कनीय अभियंता, भवन निर्माण विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि मानक के अनुसार उक्त भवन के निर्माण हेतु 24 हजार वर्ग फीट भूमि की आवश्यकता है। इस भूमि का माप 10 हजार 800 वर्ग फीट है।
इसलिए जी-1 के भवन के स्थान पर जी-3 या जी-4 भवन का निर्माण किया जा सकता है। जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि उक्त भवन के निर्माण से संबंधित सभी अग्रेत्तर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ये भी पढ़ें
Bihar Land Survey: भूमि सर्वे करने वाले 900 कर्मचारियों ने दे दिया इस्तीफा, सामने आई बड़ी वजह
Patna Metro: पटना मेट्रो रेल डिपो भूमि अधिग्रहण मामले में नीतीश सरकार को राहत, जमीन मालिकों को झटका
Bihar News: सनातन पर कटाक्ष करने पर चंद्रशेखर खुद निकले भोले बाबा के भक्त, शिवलिंग पर अर्पित करते हैं जल
राज्य ब्यूरो, पटना। सनातन संस्कृति और देवी-देवताओं के विरुद्ध टिप्पणियां कर पूर्व मंत्री चंद्रशेखर जब-तब सुर्खियां बटोरने का उपक्रम करते रहते हैं। हालांकि, जब अपनी बारी आती है तो वे पूजा-पाठ भी करते हैं। शिवलिंग पर जल चढ़ाते उनका एक वीडियो जारी कर जदयू नेता निखिल मंडल ने राजद के विधायक चंद्रशेखर की कलई खोल दी है।
जदयू नेता ने शेयर किया वीडियोराजद विधायक चंद्रशेखर जी सही कह रहे है कि ये राजद का मिशन है, क्योंकि इनका मिशन होता तो ये ख़ुद पूजा पाठ करते नहीं दिखते।
दोनों वीडियो को देख आप ख़ुद तय करें कि राजद क्या करना चाह रही है।#MissionRJD pic.twitter.com/Q3WvS5rI7R
— Nikhil Mandal (@nikhilmandalJDU) February 26, 2025जदयू नेता निखिल मंडल द्वारा इंटरनेट मीडिया पर पूर्व मंत्री चंद्रशेखर के दो वीडियो शेयर किए गए हैं। पहले वीडियों में वे धर्म के विरुद्ध बयान देते नजर आ रहे हैं।
वहीं, दूसरे वीडियो में वे पूजा-पाठ करते दिख रहे हैं। इस वीडियो को देखने से प्रतीत होता है कि हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं और मठ-मंदिर पर चंद्रशेखर की आक्रामक बयानबाजी वस्तुत: वोट की राजनीति है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने साधा निशानाचंद्रशेखर ने कहा था कि राजद इस सामाजिक कुरीति के विरुद्ध अभियान जारी रखेगा। इस पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी की राय है कि चंद्रशेखर पहले राजद में व्याप्त कुरीतियों से मुक्ति पाएं।
रामचरितमानस और मनुस्मृति आदि पर उनकी नकारात्मक टिप्पणियां सस्ती लोकप्रियता के नमूने हैं और उनका उद्देश्य समाज में विभाजन और विद्वेष फैलाना मात्र है। राजद की राजनीति ही सांप्रदायिक सद्भाव के माहौल में विष घोलने की रही है।
हम का दलित समागम आज, सीएम-डिप्टी सीएम को भी न्योताहिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के दलित समागम में मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री समेत एनडीए नेताओं का भी जुटान होगा। शुक्रवार को गांधी मैदान में आयोजित होने वाली रैली को लेकर देर रात तक तैयारियां जारी रहीं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन खुद पार्टी नेताओं के साथ रैली की तैयारियों का जायजा लेते रहे।
एक लाख लोगों के शामिल होने का दावाउन्होंने दावा किया कि राज्य के सभी जिले से दलित, वंचित एवं अनुसूचित जातियों के करीब एक लाख लोग रैली में शामिल होंगे।
संतोष सुमन ने बताया कि दलित समागम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, हम के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ,डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, राष्ट्रीय लोक मार्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा सहित एनडीए के प्रमुख नेता शामिल होंगे।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने कहा कि तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समर्थकों के पटना आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार, प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण आदि भी उपस्थित थे।
ये भी पढ़ें
नीतीश के पास 2 नहीं 3 डिप्टी CM की चर्चा, विभागों के बंटवारे में 'खेला', विजय सिन्हा का 'डिमोशन'!
Bihar Weather Today: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, इन 12 जिलों में आंधी के साथ बारिश का अलर्ट
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल रहा है। उत्तर पश्चिम राजस्थान व आसपास इलाकों में चक्रवातीय परिसंचरण का प्रभाव बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, दो मार्च से उत्तर-पश्चिम भागों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभावित करने की संभावना है।
12 जिलों में बदलेगा मौसमपश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 12 शहरों पूर्वी व पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास, गया, नवादा, जमुई व बांका जिले के एक या दो स्थानों पर बादल गरजने के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इसे लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
इन जगहों पर 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा का प्रवाह जारी रहने की संभावना है। पटना सहित अन्य भागों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ मौसम सामान्य बना रहेगा।
23 शहरों में बढ़ा तापमानबीते 24 घंटों के दौरान पटना समेत 23 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि 10.5 डिग्री सेल्सियस के साथ मोतिहारी पूर्वी चंपारण में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
पटना का अधिकतम तापमान 1.3 डिग्री की वृद्धि के साथ गुरुवार को 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा। 30.6 डिग्री सेल्सियस के साथ मधुबनी में सबसे ज्यादा गर्म रहा। राजधानी व आसपास इलाकों में धूप निकलने के साथ कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने से सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव बना रहा।
प्रमुख शहरों का तापमान शहरअधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 29.5 16.6 गया 29.2 14.2 भागलपुर 27.8 15.9 मुजफ्फरपुर 27.0 16.4 तापमान के कहर से फसलों की उत्पादकता होगी प्रभावित
उत्तर बिहार के जिलों में फरवरी के प्रारंभ से ही तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव और तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण रबी की मुख्य फसल गेहूं प्रभावित हो रहा है, जिससे किसान भी काफी परेशान है। युवा से बुजुर्ग किसानों तक का कहना है कि मौसम में इतनी जल्दी बदलाव नहीं देखा गया और इसका प्रभाव सीधे तौर पर कृषि पर पड़ रहा है।
गेहूं सहित अन्य सभी फसल बढ़ते तापमान से कराह रही हैं। इस मौसम में होने वाले सब्जी के बीज भी अंकुरित नहीं हो पा रहे हैं। वहीं खेतों में नमी नहीं रहने के कारण दलहन की फसल मूंग की बुआई भी प्रभावित होने लगी है।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के डॉ.ए सत्तार ने बताया कि विलंब से बुआई किए गए गेहूं को यह तापमान प्रभावित करेगा। गेहूं की 1 से 15 नवंबर तक की गई बुआई अधिक प्रभावित नहीं होगी। डॉ. सत्तार ने बताया कि पिछले कई वर्षों से रबी फसल में तापमान में उतार चढ़ाव पाया गया है।
इस वर्ष भी फरवरी में ही बिहार के कई जिलों में 29 से 32 डिग्री तापमान हो गया, जो सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक है।
वहीं अगले चार-पांच दिनों में दो से तीन डिग्री अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान दोनों की बढ़ाने की संभावना है। तापमान की बढ़ोतरी से आम, लीची सहित गर्म सब्जियों पर भी इसका असर पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिक ने किसानों को सलाह दिया कि जलवायु अनुकूल एवं मौसम आधारित खेती करें।
ये भी पढ़ें
Earthquake: भूकंप से डोली बिहार की धरती, राज्य के सभी जिलों में महसूस किए गए झटके
BSPHCL: बिजली कंपनी 1 अप्रैल से लागू करेगी रेवन्यू मैनेजमेंट सिस्टम, बिलिंग प्रोसेस में होगा सुधार
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) एक अप्रैल से रेवन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) लागू करेगा। बिजली कंपनी के सीएमडी सह ऊर्जा विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया।
आरएमएस के माध्यम से बिलिंग प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा। आरएमएस सिस्टम को देखने वाली एजेंसी को बैठक में यह कहा गया कि 18 मार्च तक वह आरएमएस सिस्टम की टेस्ट प्रक्रिया को पूरा कर लें। एजेंसी को यह निर्देश दिया गया कि वह अपने कर्मियों की संख्या को बढ़ाएं।
नए सिस्टम से बिलिंग प्रोसेस में होगा सुधारआरएमएस प्रणाली लागू होने से राजस्व संग्रहण की व्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ ही दोनों वितरण कंपनियों की बिलिंग प्रक्रिया की दक्षता बढ़ेगी एवं गुणात्मक सुधार होगा। दोनों वितरण कंपनियों के निदेशकों के कार्य की प्रतिदिन मानीटरिंग करने को कहा गया।
बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार, दोनों वितरण कंपनियों के निदेशक व कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
शिकायत को लेकर सोलर लाइट के हर पोल पर दो वॉट्सऐप नंबर कराएं अंकित : केदार गुप्तादूसरी ओर, विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार गांवों को जगमग करने में सख्ती से जुट गया है। गांव के हर वार्ड में मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट हर रात में जलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसको लेकर पंचायती राज मंत्री केदार गुप्ता ने गुरुवार को योजना की प्रगति की समीक्षा की।
मंत्री ने विभाग के पदाधिकारियों के साथ सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि जितने भी सोलर स्ट्रीट लाइट के पोल हैं, उन पर दो-दो वाट्सएप नंबर अंकित कराएं, ताकि उस वॉट्सऐप नंबर पर शिकायत की जा सके। पंचायती राज मंत्री ने राज्य की ग्राम पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने वाली एजेंसियों को पारदर्शिता लाने के लिए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
एजेंसियों को कहा गया है कि जिन इलेक्ट्रिक पोल पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया गया है उन पर शिकायत निवारण के लिए एक हफ्ते के अंदर दो वॉट्सऐप नंबर पेंट कर अंकित कराएं। पंचायती राज सचिव दिवेश सेहरा ने एजेंसियों को सर्विस स्टेशन को दो शिफ्टों में कार्य करने और सोलर स्ट्रीट लाइट की नियमित रूप से सर्विसिंग तथा रखरखाव करने का निर्देश दिया।
पंचायतीराज विभाग द्वारा ब्रेडा के माध्यम से विकसित की गई केंद्रीयकृत अनुश्रवण प्रणाली पर लिंक्ड करने का भी निर्देश दिया गया है। बैठक के दौरान एजेंसियों को सर्विस स्टेशन दो शिफ्ट में कार्य करने का निर्देश दिया गया। राज्य के सभी जिलों में केंद्रीयकृत अनुश्रवण प्रणाली लगाई जाएगी।
मंत्री ने गंभीरता से काम नहीं करने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बैठक में पंचायती राज निदेशक आनंद शर्मा के अतिरिक्त ब्रेडा के वरीय पदाधिकारी सहित पंचायती राज विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।
ये भी पढ़ें- Bihar Bijli News: बिहार के इस जिले में धड़ाधड़ कटेगा बिजली कनेक्शन, विभाग ने दी अंतिम चेतावनी
ये भी पढ़ें- Bihar Bijli News: बिहार के इस जिले में 5000 से अधिक बिल है तो कटेगा कनेक्शन, बिजली विभाग ने बढ़ा दी टेंशन
Earthquake: भूकंप से डोली बिहार की धरती, राज्य के सभी जिलों में महसूस किए गए झटके; घरों से बाहर निकले लोग
जागरण संवाददाता, पटना। शुक्रवार तड़के 2:36 बजे राजधानी पटना समेत उत्तर बिहार के सभी जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलाजी की वेबसाइट के अनुसार भूकंप का केंद्र नेपाल के लिस्टीकोट नामक स्थान से दो किमी दूर था।
अधिकांश लोगों के सोए होने के कारण अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई, परंतु झटके के कारण जो नींद से जागे वे वाट्सएप व फेसबुक पर एक दूसरे से भूकंप की पुष्टि करने लगे। वहीं कुछ लोग घर से बाहर भी निकल गए।
एक महिला ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि रात करीब 2 बजकर 38 मिनट पर भूकंप आया। हमलोग गहरी नींद में सोए थे कि अचानक बेड धंसने लगा फिर हमलोग जल्दबाजी में उठे और घर से बाहर निकल गए।
#WATCH | An earthquake with a magnitude of 5.5 on the Richter Scale hit Nepal at 2.36 IST today. Tremors were also felt in Samastipur, Bihar.
Suhani Yadav, a local says, "We were asleep when we suddenly felt the tremors. We were scared and rushed out of the house..." pic.twitter.com/bT5eAImnAn
— ANI (@ANI) February 28, 2025 रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.1 मापी गईरिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.1 मापी गई। इसका प्रभाव नेपाल व भारत के सीमावर्ती क्षेत्र पर पड़ा। कहीं से जान माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
#WATCH | An earthquake with a magnitude of 5.5 on the Richter Scale hit Nepal at 2.36 IST today. Tremors were also felt in Samastipur, Bihar.
Suhani Yadav, a local says, "We were asleep when we suddenly felt the tremors. We were scared and rushed out of the house..." pic.twitter.com/bT5eAImnAn
— ANI (@ANI) February 28, 2025इससे पहले 17 फरवरी को दिल्ली के ढाई घंटे बाद बिहार के सिवान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तब रिक्टर स्केल पर तीव्रता चार मापी गई थी और भूकंप का केंद्र सिवान में धरती से 10 किमी नीचे था।
भूकंप की तीव्रता का प्रभाव- 0 से 1.9 सिर्फ सिस्मोग्राफ से ही पता चलता है।
- 2 से 2.9 हल्का कंपन महसूस होता है।
- 3 से 3.9 कोई ट्रक के नजदीक से गुजरने का एहसास।
- 4 से 4.9 खिड़कियां टूटने की संभावना, फ्रेम गिर सकती है।
- 5 से 5.9 फर्नीचर जैसा भारी सामान तक हिल सकता है।
- 6 से 6.9 भवनों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है
- 7 से 7.9 इमारतें गिर सकती है, जमीन के अंदर पाइप फट सकता है।
- 8 से 8.9 इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं।
- 9 व उससे अधिक पूरी तबाही। समुद्र नजदीक हो तो सुनामी का खतरा।
इसके पहले 7 जनवरी को बिहार के 9 जिले में एक ही दिन में तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर पहली बार इसकी तीव्रता 7.1 आंकी गई थी। दूसरी बार 3.5 रही और तीसरी बार 3.1 आंकी गई थी।
भूकंप क्यों आता है?बता दें कि पृथ्वी की 4 मुख्य प्लेट हैं, जिन्हें इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट कहा जाता है। जानकारी के अनुसार, पृथ्वी के नीचे मौजूद प्लेट्स तेजी से घूमती रहती हैं, जिसके आपस में टकराने पर पृथ्वी की सतह के नीचे कंपन शुरू होता है।
जब ये प्लेट्स अपनी जगह से अचानक खिसकती हैं तो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इसती जितनी रफ्तार रहती है उतने तेजी से भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।
ये भी पढ़ेंEarthquake in Ranchi: रांची में भूकंप से कांपी धरती, सुबह 6 बजे लोगों ने महसूस किए झटके
Bihar Land Survey: भूमि सर्वे करने वाले 900 कर्मचारियों ने दे दिया इस्तीफा, सामने आई बड़ी वजह
जागरण टीम, पटना/मुजफ्फरपुर। भूमि सर्वेक्षण (Bihar Land Survey) की गति तेज करने के लिए राज्य के सभी प्रमंडलों का स्वतंत्र सर्वर गुरुवार से काम करने लगा है। इसके साथ ही दस्तावेजों की स्टोरेज की समस्या का अंत हो गया है। रैयतों को अब सर्वे निदेशालय के वेबसाइट पर जाकर अपनी स्वघोषणा एवं वंशावली को अपलोड करने में कोई परेशानी नहीं होगी।
सर्वे निदेशालय की तकनीकी शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि निदेशालय की वेबसाइट के पेज पर यूजर्स को जिले के रूप नया विकल्प मिलेगा, जिसका चयन करने पर उनका आवेदन उनके जिले से संबंधित प्रमंडल के लिए आरक्षित डाटा स्टोर में चला जाएगा।
जमीन मालिकों को मिलेगी राहत!सभी प्रमंडलों का आंतरिक लिंक अलग-अलग कर दिया गया है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है, ताकि डिजिटाइज्ड एवं स्कैंड डाटा को सेव करने में कोई परेशानी नहीं हो।
भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने गुरुवार को शास़्त्रीनगर स्थित सर्वे भवन में जूम के जरिए सभी 38 जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों से बात की। बातचीत का सार था कि सभी प्रमंडलों का सर्वर अलग किए जाने के बाद क्या अभी भी कोई तकनीकी समस्या बची हुई है?
24 घंटे के अंदर तकनीकी खामियों को दूर करने का निर्देशबंदोबस्त पदाधिकारियों ने एक सुर में कहा कि सर्वर को प्रमंडल वार करने के बाद डाटा की प्रविष्टि/डिजिटाइजेशन और स्कैनिंग के काम में तेजी आई है। हालांकि, कई जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों ने अपलोड हुए दस्तावेजों के नहीं दिखने की शिकायत की। निदेशक ने कहा कि 24 घंटे के अंदर तकनीकी खामियों को दूर करें।
900 सर्वे कर्मचारियों ने दिया त्यागपत्रसर्वे कर्मियों के त्यागपत्र और अनापत्ति के मुद्दे से निदेशालय को शीघ्र अवगत कराने का आदेश भी दिया गया। गया जिले में 42 और मधुबनी में 26 सर्वे कर्मियों ने त्यागपत्र दिया है।
सभी जिलों को मिलाकर ऐसे कर्मियों की संख्या करीब 900 है, जिन्होंने जूनियर इंजीनियर के पद पर चयन के बाद सर्वे कर्मी के पद से त्यागपत्र दे दिया है। इनकी नियुक्ति जुनियर इंजीनीयर के नियमित पद पर हो चुकी है।
अंचलों में शिविर लगाकर जमाबंदियों में किया जाएगा सुधारविशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर जमाबंदियों में सुधार कर इसे डिजिटाइज्ड किया जाना है, लेकिन जमाबंदियों में त्रुटि होने के कारण इसमें परेशानी हो रही है। इसमें सुधार करने को लेकर अब अंचलों में विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव ने सभी समाहर्ताओं को इससे अवगत कराया है।
उन्होंने कहा कि शिविर का आयोजन कर मूल जमाबंदी के डिजिटाइजेशन या इसमें आधार पर ऑनलाइन जमाबंदी को त्रुटिरहित करने के लिए कार्य को निश्चित समय के अंदर संपन्न कराया जाना है। इसे लेकर शिविर का आयोजन किया जाना आवश्यक है। विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है।
कहा गया है कि शिविर के आयोजन से लेकर संपूर्ण कार्य समाहर्ता के निर्देशन में किया जाएगा। इसका पर्यवेक्षण भी करना अनिवार्य है। हलका कर्मचारी द्वारा अपने ही हलके के अंतर्गत आने वाले सभी मौजा में सुधार किया जाएगा। शिविर की संख्या, अंचल, हलका और मौजा के साथ संबद्धता का निर्णय जिला स्तर पर लिया जाएगा।
जमाबंदी में सुधार का कार्य राजस्व कर्मचारी द्वारा विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए लैपटॉप से किया जाएगा। सभी जमाबंदी को डिजिटाइज्ड या उसके आधार पर ऑनलाइन जमाबंदी में त्रुटि का निराकरण मौजावार करना है। अगर परिमार्जन, परिमार्जन प्लस, दाखिल खारिज अथवा स्वत: संज्ञान होने पर अंचल अधिकारी द्वारा ऑनलाइन जमाबंदी में सुधार किया जा चुका है तो मूल जमाबंदी से मिलान करते हुए वैसे जमाबंदी में संशोधन नहीं करना है।
सभी डीसीएलआर करेंगे शिविर का भौतिक निरीक्षण:सचिव ने कहा कि सभी डीसीएलआर द्वारा शिविर का भौतिक रूप से निरीक्षण किया जाएगा। अपर समाहर्ता प्रतिदिन वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपडेट रिपोर्ट लेगे। जमाबंदी में सुधार करने की पूरी जवाबदेही संबंधित राजस्व कर्मचारी और सीओ की होगी। सचिव ने अविलंब शिविर के आयोजन को लेकर कार्ययोजना कर अपडेट रिपोर्ट भेजने को कहा है।
ये भी पढ़ें- बिहार भूमि सुधार अधिनियम: गैरमजरूआ खास 182.7 एकड़ जमीन की जमाबंदी होगी रद, सरकार का बड़ा एक्शन
ये भी पढ़ें- Bihar Jamin Survey: बिहार के इस जिले के जमीन मालिकों की टेंशन खत्म, जमाबंदी को लेकर मिल गई बड़ी राहत
Bihar Budget Session: 3.15 लाख करोड़ पहुंच सकता है बजट का आकार, नीतीश सरकार देगी 2 लाख नौकरियां!
राज्य ब्यूरो, पटना। इस बार बिहार का बजट तीन लाख करोड़ की सीमा को पार कर जाएगा। इसमें सर्वाधिक आवंटन स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय के मद में होना है। इस मद में प्रतिवर्ष वृद्धि हो रही और इस कारण पूंजीगत व्यय की राशि उस अनुपात में नहीं बढ़ रही।
इस बार तो वेतन मद में ही प्रति माह लगभग 500 करोड़ की वृद्धि अनुमानित है। यह वृद्धि उन एक लाख के लगभग सरकारी सेवकों के कारण होनी है, जिनकी नियुक्ति पिछले महीनों में हुई है। आने वाले वर्षों में वेतन मद पर व्यय और बढ़ेगा, क्योंकि इस वर्ष दो लाख के लगभग पदों पर नियुक्ति संभावित है।
तीन मार्च को प्रस्तुत होगा बजटवित्त विभाग का दायित्व संभाल रहे उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए बजट प्रस्तुत करने का यह दूसरा अवसर होगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट विधान मंडल में तीन मार्च को प्रस्तुत होना है।
शिक्षा, ग्रामीण कार्य, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के योजना मद में अधिक बजटीय प्रविधान हो सकता है। इस कारण बजट आकार के बढ़कर 3.15 लाख करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान है।
वेतन-पेंशन पर भी बढ़ेगा खर्चइस बजट में वेतन-पेंशन आदि पर भी खर्च बढ़ना है। नौकरी और रोजगार पर सरकार का फोकस है। शिक्षा, पुलिस और इंजीनियरिंग क्षेत्र में नई नियुक्तियां हुई हैं। इस कारण वेतन मद में लगभग 12 हजार करोड़ अधिक का आवंटन हो सकता है।
अभी सरकार का वेतन बिल प्रतिवर्ष लगभग 40569 करोड़ रुपये है। इसमें नियमित सरकारी सेवकों के अलावा संविदा कर्मियों को होने वाला भुगतान भी सम्मिलित है। इसके अलावा 31796 करोड़ रुपये पेंशन मद में जा रहे। ब्याज और कर्ज अदायगी को जोड़कर यह राशि प्रतिवर्ष 115275 करोड़ रुपये है।
वर्ष प्रतिवर्ष इसमें वृद्धि हो रही। 10 वर्ष पहले यानी 2010-11 में यह राशि 22606.41 करोड़ रुपये थी। इस मद में बढ़ते आवंटन के कारण इस बार वार्षिक योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन अपेक्षा के अनुरूप संभव नहीं है।
केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी और मिलने वाले अनुदान से पूंजीगत व्यय की स्थिति निर्धारित होती है। पथ निर्माण और सिंचाई सुविधा के साथ बाढ़ नियंत्रण के उद्देश्य से ढांचागत निर्माण का पहले से ही दबाव है। ऐसे में वार्षिक योजनाओं के लिए अतिरिक्त आवंटन बढ़ने की संभावना बहुत कम है।
चालू वित्तीय वर्ष (2024-25) में वार्षिक योजनाओं के लिए बजट परिव्यय लगभग एक लाख करोड़ प्रस्तावित है।चालू वित्तीय वर्ष में केंद्रीय करों के हस्तांतरण से बिहार को 1.25 लाख करोड़ रुपये मिल रहे। लगभग एक लाख करोड़ रुपये मिल भी चुके हैं।
विकासात्मक कार्याें के साथ केंद्र प्रायोजित योजनाओं और राज्य योजनाओं का क्रियान्वयन इसी राशि के बूते हो रहा है। नए वित्तीय वर्ष में इसमें थोड़ी वृद्धि अनुमानित है, लेकिन वह समय से राजस्व की वसूली के आधार पर ही होगी।
आर्थिक समीक्षा में दिखेगी बिहार के विकास की झलकविधान मंडल में शुक्रवार को आर्थिक समीक्षा की रिपोर्ट प्रस्तुत होनी है। यह रिपोर्ट वित्तीय वर्ष 2023-24 की होगी। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने से पहले तक बिहार में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी।
विकासात्मक प्रतिबद्धता व राजकोषीय अनुशासन के दृष्टिगत उन्होंने इसकी शुरुआत की। इस रिपोर्ट से वर्ष-प्रति-वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते-घटते बिहार का आकलन होता है। योजनाओं के निर्माण में भी यह सहायक होती है।
यह भी पढ़ें-
Bihar Budget 2025: नीतीश सरकार महिलाओं को दे सकती है डायेरक्ट पैसे, इन लोगों की पेंशन भी बढ़ेगी!
Budget 2025: बजट में बिहार की बल्ले-बल्ले, सात बड़ी घोषणाएं, पढ़ें क्या है खास
बिहार में सस्ती होगी बिजली! केंद्र ने इस प्रोजेक्ट को दे दी हरी झंडी, हजारों नौकरियां भी मिलेंगी
राज्य ब्यूरो, पटना। पीरपैंती में आठ सौ मेगावाट की तीन थर्मल पावर यूनिट पर 21,400 रुपए का निवेश होगा। इस थर्मल पावर स्टेशन के अस्तित्व में आने से बिजली की दर में आएगी और साथ ही दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी। यह पावर प्लांट प्रदेश में निजी क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश होगा।
इस प्रोजेक्ट के लिए बिहार राज्य बिजली उत्पादन कंपनी लिमिटेड को नोडल एजेंसी के रूप में चयनित किया गया है। यह परियोजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ऊर्जा नीति का नतीजा है। इस योजना पर काम शुरू होने के बाद बिहार निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाएगा।
ऊर्जा मंत्री बिजेेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि इस परियोजना से बिहार के लोगों को न सिर्फ गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी, बल्कि बिजली की दरों में भी कमी आएगी। यह राज्य के औद्योगिकीकरण में मील का पत्थर साबित होगा।
1020.60 एकड़ जमीन का अधिग्रहणपीरपैंती में स्थापित होने वाली इस परियोजना के लिए 1020.60 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है। कोल लिंकेज कोल इंडिया लिमिटेड के तहत प्रस्तावित है। निविदा प्रबंधन एसबीआई कैपिटल मार्केट लिमिटेड, मुंबई द्वारा किया जा रहा।
मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने दी जानकारीमुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि पीरपैंती थर्मल पावर यूनिट के लिए कोयले का आवंटन पहले ही हो चुका है।
ऊर्जा सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि पहले पीरपैंती में सौर ऊर्जा परियोजना प्रस्तावित थी, लेकिन तकनीकी सर्वेक्षण के बाद कोयला स्त्रोकत नजदीक रहने और जमीन की स्थिति देखते हुए थर्मल पावर प्लांट के प्रस्ताव को मंजूर किया गया।
इस परियोजना से न केवल बिजली की दर में कमी आएगी, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। औद्योगिक इकाईयों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्र ने टेंडर को दी मंजूरीकेंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने टैरिफ पॉलिसी 2016 के तहत इस परियोजना की निविदा (टेंडर) को अपनी स्वीकृति प्रदान की है। केंद्र सरकार के बजट 2024 में इस परियोजना के लिए 21,400 करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी।
ये भी पढ़ें- Bihar Bijli News: बिहार के इस जिले में धड़ाधड़ कटेगा बिजली कनेक्शन, विभाग ने दी अंतिम चेतावनी
ये भी पढ़ें- Bihar Bijli Bill: अब सिर्फ 4 दिन मिलेंगे, जल्दी जमा कर दें बिजली बिल; वरना कट जाएगा कनेक्शन
नीतीश के पास 2 नहीं 3 डिप्टी CM की चर्चा, विभागों के बंटवारे में 'खेला', विजय सिन्हा का 'डिमोशन'!
राज्य ब्यूरो, पटना। नीतीश कैबिनेट (Nitish Cabinet Ministers Portfolio) में भाजपा कोटे के नए मंत्रियों के बीच गुरुवार को विभागों का बंटवारा हो गया। इसके साथ ही चार मंत्रियों को झटका लगा। ऐसे मंत्रियों में उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, प्रेम कुमार, नीतीश मिश्रा के अतिरिक्त नितिन नवीन हैं।
पार्टी ने चार मंत्रियों का एक-एक विभाग कम किया, तो उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का सबसे अहम विभाग छीनकर दूरगामी संदेश दिया है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख संतोष सुमन का कद भी मंत्रिमंडल विस्तार के भेंट चढ़ गया।
संतोष सुमन से छीना आपदा प्रबंधन एवं IT विभागसंतोष से सरकार ने सबसे अहम विभाग आपदा प्रबंधन एवं सूचना प्रौद्योगिकी छीन लिया है। अब संतोष सुमन के पास एक मात्र विभाग लघु जल संसाधन रह गया है।
विजय सिन्हा को भी लगा जोर का झटकावहीं, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का सबसे अहम विभाग पथ निर्माण वापस लेकर पार्टी ने दूरगामी संदेश दिया है, जबकि विस्तार के बाद विभागों के फेर-बदल में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को कृषि की जगह विधि विभाग देकर पार्टी ने पांडेय का कद दोनों उपमुख्यमंत्री के समक्ष कर दिया है।
BJP कोटे के 2 मंत्रियों के पास दो-दो विभागअब भाजपा कोटे के तीन मंत्रियों के पास दो-दो विभाग का दायित्व रह गया है। इसमें सम्राट चौधरी के वित्त एवं वाणिज्यकर विभाग, विजय सिन्हा के पास कृषि के साथ खान एवं भूतत्व विभाग देकर पर कतर दिया।
विधानसभा चुनाव से पहले सिन्हा का राजनीतिक कद घटने एवं मंगल पांडेय को विधि विभाग का दायित्व देकर दो विभाग का मंत्री बनाए रखने की चर्चा भाजपा के अंदर जोरों पर है।
संजय सरावगी राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री, जीवेश को नगर विकासमुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में बुधवार को शामिल भाजपा कोटे के सात मंत्रियों को विभाग दे दिया गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के त्याग पत्र से रिक्त राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री का पद संजय सरावगी को दिया गया है। इस फेरबदल में हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा कोटे के मंत्री संतोष कुमार सुमन का दो विभाग चला गया।
उनका आपदा प्रबंधन विभाग भाजपा के विजय कुमार मंडल के हिस्से चला गया। दूसरा विभाग, सूचना एवं प्रावैधिकी कृष्ण कुमार मंटू को दे दिया गया। नए मंत्रियों को दिए गए सात में से पांच विभाग वही हैं, जो मंत्रिमंडल के पिछले विस्तार में भाजपा को दिए गए थे। जीवेश कुमार राज्य के नए नगर विकास मंत्री बनाए गए हैं। यह विभाग पहले नीतिन नवीन के जिम्मे था।
कला संस्कृति मंत्री मोतीलाल प्रसाद को बनाया गया है। यह उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के हवाले था। राजू कुमार सिंह को पर्यटन मंत्री बनाया गया है। यह नीतीश मिश्र से जिम्मे था। डॉ. सुनील कुमार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री हैं। इससे पहले प्रेम कुमार इस विभाग के मंत्री थे।
इस बदलाव में जदयू कोटे के किसी मंत्री का विभाग नहीं बदला है। निर्दलीय सुमित कुमार सिंह के विभाग में भी कोई कटौती नहीं हुई है।
बदलाव के बाद इनके पास रह गए ये विभाग नाम विभाग विजय कुमार सिन्हा उपमुख्यमंत्री कृषि, खान एवं भूतत्व डॉ. प्रेम कुमार सहकारिता मंगल पांडेय स्वास्थ्य एवं विधि नीतीश मिश्रा उद्योग नीतीन नवीन पथ निर्माण संतोष सुमन लघु जल संसाधन नए मंत्रियों का विभाग नाम विभाग जिवेश कुमार नगर विकास एवं आवास संजय कुमार सरावगी राजस्व एवं भूमि सुधार डॉ. सुनील कुमार पर्यावरण राजू कुमार सिंह पर्यटन मोती लाल प्रसाद कला संस्कृति एवं युवा विजय कुमार मंडल आपदा प्रबंधन कृष्ण कुमार मंटू सूचना एवं प्रावैधिकीये भी पढ़ें- Bihar Ministry Distribution: बिहार में नए मंत्रियों के विभागों का हुआ बंटवारा, किसे क्या मिला? पढ़ें लिस्ट
ये भी पढ़ें- Nitish Cabinet Expansion: उत्तर बिहार का बढ़ा दबदबा, नीतीश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से बदले समीकरण
Patna Metro: पटना मेट्रो रेल डिपो भूमि अधिग्रहण मामले में नीतीश सरकार को राहत, जमीन मालिकों को झटका
विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) ने गुरुवार को बहुप्रतीक्षित पटना मेट्रो डिपो (Patna Metro Depot) से जुड़े कानूनी विवाद पर अपना निर्णय सुनाते हुए राज्य सरकार को बड़ी राहत दी है।
न्यायालय ने रानीपुर और पहाड़ी मौजे के भू-स्वामियों की ओर से दायर की गई दर्जनों अपीलों को खारिज कर दिया, जिससे अब मेट्रो परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार और न्यायाधीश पार्थ सारथी की खंडपीठ ने इस मामले में निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट कि पटना मेट्रो डिपो और टर्मिनल का निर्माण अपनी निर्धारित जगह पर ही होगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार अब अधिग्रहित भूमि के बदले बढ़ा हुआ मुआवजा देने के लिए बाध्य नहीं होगी।
खंडपीठ ने एकलपीठ के उस पूर्व आदेश को संशोधित कर दिया, जिसमें सरकार को अधिग्रहित जमीन के बदले भू-स्वामियों को 2014 में तय न्यूनतम सर्किल रेट को अद्यतन कर बढ़ी हुई मुआवजा राशि देने का निर्देश दिया गया था।
क्या है पूरा मामला?पटना के बैरिया स्थित मेट्रो रेल टर्मिनल और डिपो निर्माण के लिए चिह्नित भूखंडों को लेकर विवाद उत्पन्न विवाद में स्थानीय भू-स्वामियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया था कि इस भूमि पर घनी बस्ती है और सरकार ने नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत पुनर्वास की कोई योजना नहीं बनाई है।
दिसंबर 2023 में न्यायाधीश अनिल कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने भू-स्वामियों की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि व्यापक जनहित में मेट्रो यार्ड के स्थान को बदलना संभव नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने सरकार को मुआवजा बढ़ाने का निर्देश दिया था।
इस निर्णय के विरुद्ध रंजीत कुमार, ललिता देवी समेत कई भू-स्वामियों ने दो जजों की खंडपीठ में अपील दायर कर अधिग्रहित भूमि को वापस करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि इतने बड़े पैमाने पर सौ से अधिक परिवारों का पुनर्वास पटना शहर में संभव नहीं है।
पीके. शाही और अखिल सिब्बल ने रखी दलीलेंराज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके. शाही और अधिवक्ता किंकर कुमार ने बहस करते हुए कोर्ट को बताया था कि निर्माण कार्य काफी आगे बढ़ चुका है और जिस डिपो के लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, उसके निर्माण में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है। भू-स्वामियों का पक्ष सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता अखिल सिब्बल (कपिल सिब्बल के पुत्र) ने रखा।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्हें भूमि अधिग्रहण पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका ही नहीं दिया गया। आरोप लगाया कि एक जून 2021 को प्रकाशित अखबारी नोटिस के आधार पर मात्र दो दिन में, यानी तीन जून 2021 तक, सभी आपत्तियां निपटा दी गईं, जो पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में लाता है।
इस निर्णय से पटना मेट्रो परियोजना को गति मिलने की आशा है, जबकि प्रभावित भू-स्वामियों को अब पहले दिए गए मुआवजे से ही संतोष करना होगा।
ये भी पढ़ें- Metro In Bihar: 4 शहरों में मेट्रो का रूट फाइनल, गया में होंगे सबसे ज्यादा 28 स्टेशन; पढ़ें डिटेल
ये भी पढ़ें- Patna Metro: क्या अटक जाएगा पटना मेट्रो स्टेशन का निर्माण? राजभवन ने जमीन देने से किया इनकार
Bihar Road Projects: बिहार में बिछेगा सड़कों का जाल, 10 जिलों का प्लान तैयार; करोड़ों रुपये होंगे खर्च
राज्य ब्यूरो, पटना। नए वित्तीय वर्ष के बजट में सूबे में पथ निर्माण विभाग से जुड़ी योजनाओं के लिए मोटी राशि का प्रविधान तय है। इन योजनाओं में नए बाईपास, पुल, आरओबी व कुछ सड़कों का विस्तार शामिल है।
मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान पथ निर्माण विभाग से जुड़ी जिन योजनाओं की घोषणा की गयी थी उनके लिए राशि की मंजूरी भी कैबिनेट से हो चुकी है।
मंजूरी की अद्यतन रिपोर्टराज्य कैबिनेट ने 25 फरवरी को पथ निर्माण विभाग की जिन योजनाओं को अपनी मंजूरी प्रदान की है। उसमें मुंगेर में वासुदेवपुर चौराहा से आईटीसी पार्क होते हुए किला क्षेत्र पथ तक का 48.80 करोड़ रुपये से चौड़ीकरण। मुंगेर में ही बिहार योग विद्यालय से एनएच 333 बी तक रिंग रोड एवं पहुंच पथ का निर्माण 121 करोड़ रुपये की लागत से शामिल है।
इसके अलावा, सुल्तानगंज-तारापुर, संग्रामपुर-बेलहर -कटोरिया-चांदन पथ का चौड़ीकरण 534 करोड़ की लागत से, शेखपुरा जिले में 43.96 करोड़ रुपये की लागत से नेमदारगंज-रमजानपुर-कोनांद पथ का चौड़ीकरण, शेखपुरा में ही 42.10 करोड़ की लागत से तोशिया पहाड़ से मटोखर दह तक नए बाईपास का निर्माण, भागलपुर व बांका के बीच 239 करोड़ की लागत से भागलपुर-अमरपुर-बांका पथ का चौड़ीकरण होगा।
बांका में सुल्तानगंज-तारापुर-संग्रामपुर-बेलहर-कटोरिया-चांदन-दर्दमारा पथ का चौड़ीकरण 385 करोड़ की लागत से, बिहारशरीफ पथ प्रमंडल में 96.71 करोड़ की लागत से अस्थावां-सकसोहरा पथ का चौड़ीकरण, मुंगेर के तारापुर बाईपास पथ के लिए 47 करोड़, शेरघाटी में गया-परैया-गुरारू-कोईलवा मोड़ पथ के चौड़ीकरण के लिए 104 .72 करोड़, दरभंगा एम्स से फोर लेन पथ के लिए 338 कराेड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
आरा में जीरो माईल से पातर सड़क के लिए 33 करोड़, नवादा में सकरी नदी पर आरसीसी पुल व पहुंच पथ के लिए 54 करोड़, रोहतास में रोहतासगढ़ से रेहल गढ़ चौरासन मंदुर के बीच सड़क के लिए 66 करोड़, आयराकोठा से अकोढ़ीगोला-अमरातालाब पथ के लिए 48 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त जिलों में बड़ी राशि की स्वीकृति केवल पथ निर्माण विभाग की सड़कों के लिए दी गई है।
अकेले पटना के लिए बड़ी राशि केवल रोड सेक्टर के लिएरोड सेक्टर में अकेले पटना के लिए बड़ी राशि की मंजूरी कैबिनेट ने की है। सोहागी मोड़ से कंडाप तक सड़क के चौड़ीकरण के लिए 41 करोड़, खगौल-नेहरू पथ को अशोक राजपथ-रुपसपुर नहर पथ तक चार लेन में विकसित किए जाने को ले 71.38 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
वहीं, गायघाट-कंगनघाट-दीदारगंज पथ के चौड़ीकरण के लिए 158 करोड़, पटना-गया-संपतचक बाजार से परसा बाजार तक सड़क के चौड़ीकरण के लिए 330 करोड़, बिहटा चौक से दानापुर पथ के चौड़ीकरण के लिए 182 करोड़ करोड़ रुपये की मंजूरी कैबिनेट ने प्रदान की है।
ये भी पढ़ें- बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे के लिए अभी करना होगा इंतजार, जानिए कब तक पूरा होगा निर्माण?
ये भी पढ़ें- Bihar UP Road: बिहार और यूपी के बीच सुहाना होगा सफर, यहां बनेगी शानदार सड़क; टेंडर प्रक्रिया शुरू
Bihar Ministry Distribution: बिहार में नए मंत्रियों के विभागों का हुआ बंटवारा, किसे क्या मिला? पढ़ें लिस्ट
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Cabinet Ministers Portfolio: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को अपने कैबिनेट मंत्रियों के विभाग का बंटवारा कर दिया। भाजपा कोटे के सात नए मंत्रियों को विभाग आवंटित कर दिए गए हैं। पूर्व मंत्रियों के विभाग बदल दिए गए हैं। नीतीश सरकार ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है।
कई दिग्गजों से छीने गए विभागइस बार कई पुराने दिग्गजों से विभाग छीने भी गए हैं। बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा से पथ निर्माण विभाग छीनकर नीतीन नवीन को दे दिया गया है और नीतीन नवीन का विभाग (नगर,विकास-आवास) जिवेश कुमार को दे दिया गया। वहीं, मंगल पांडेय का कृषि विभाग डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को दिया गया।
वहीं, संतोष सुमन से भी दो विभाग छीन लिया गया है, उनके पास केवल एक विभाग बचा है। वहीं दिलीप जायसवाल का राजस्व विभाग लेकर संजय सरावगी को दे दिया गया। प्रेम कुमार का विभाग छीनकर राजू सिंह और सुनील सिंह को दे दिया गया है।
यहां पढ़ें बिहार में मंत्रालय का बंटवारा- संजय सरावगी- राजस्व एवं भूमि सुधार
- जीवेश कुमार मिश्रा - नगर, विकास एवं आवास
- सुनील कुमार सिंह-पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन
- राजू सिंह- पर्यटन मंत्रालय
- मोतीलाल प्रसाद- कला, संस्कृति एवं युवा
- कृष्ण कुमार मंटू- सूचना प्रावैधिकी
- विजय मंडल-आपदा प्रबंधन
- विजय सिन्हा (डिप्टी सीएम)- कृषि, खान-भूतत्व
- डॉ. प्रेम कुमार- सहकारिता
- मंगल पांडेय- स्वास्थ्य-विधि
- नीतीश मिश्रा- उद्योग
- नीतीन नवीन- पथ निर्माण
- संतोष कुमार सुमन- लघु जल संसाधन
हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नीतीश सरकार में मंत्री संतोष सुमन से कैबिनेट विस्तार के बाद उनके दो विभाग छीन लिए गए हैं। अब संतोष सुमन के पास सिर्फ एक विभाग रह गया है।
दो विभाग छीने जाने के बाद सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा ने कैबिनेट विस्तार के बहाने जीतन राम मांझी को उनकी औकात बताई है।
मांझी सीट शेयरिंग को लेकर भाजपा पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे, कहीं उसी का खामियाजा तो उन्हें नहीं भुगतना पड़ा है।
ये भी पढ़ें
Bihar Cabinet Expansion: नीतीश कैबिनेट का विस्तार, BJP के 7 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ
'लालू प्रसाद हमारे अंकल, लेकिन...', CM नीतीश के बेटे Nishant का बाउंसर; तेजस्वी भी रह जाएंगे हैरान
बिहार के इन जिलों में खुलेंगे 7 नए मेडिकल कॉलेज, नीतीश सरकार ने पास किया बजट
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य की नीतीश कुमार सरकार का सर्वाधिक ध्यान प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने और गरीबों को अधिक से स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने पर है। इसी के मद्देनजर राज्य में नए मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की स्थापना की दिशा में बड़ी घोषणाएं हुई हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान महज दो माह में सात नए मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोलने की घोषणा की और तत्काल बाद प्रस्तावों को स्वीकृति भी दे दी गई।
यही नहीं, प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए करीब 2800 करोड़ से अधिक का बजटीय प्रविधान भी कर दिया गया है। नव प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के निर्माण होने के बाद राज्य में एमबीबीएस की 700 से अधिक अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो जाएंगी।
राज्य में जिन नए मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है, उनमें राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) नवादा, जीएमसीएच जहानाबाद, जीएमसीएच बांका, जीएमसीएच औरंगाबाद, जीएमसीएच कैमूर, जीएमसीएच अररिया और जीएमसीएच खगड़िया शामिल हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद मंत्रिमंडल ने फिलहाल हर जिले में 100-100 एमबीबीएस क्षमता वाले नए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।
हुलासगंज में बनेगा मेडिकल कॉलेज भवन, चार गांवों में स्थल निरीक्षणवहीं दूसरी ओर गत 14 फरवरी को प्रगति यात्रा पर जहानाबाद आए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिलेवासियों को बड़ी सौगात दी थी। सीएम ने जहानाबाद जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, जिस पर अब काम भी शुरू हो गया है।
मेडिकल कॉलेज भवन के लिए स्थल चयन का कार्य प्रारंभ हो गया है। पटना से आई टीम ने जिले के हुलासगंज प्रखंड में चार जगहों पर स्थल निरीक्षण किया है, जिसमें केउला, कनौल, धवल बिगहा तथा बौरी गांव शामिल है। स्थल निरीक्षण कर इन जगहों की सूची विभाग को भेजी गई है।
मेडिकल कॉलेज भवन के लिए 20 से 25 एकड़ जमीन की जरूरत है। धवल बिगहा को छोड़कर अन्य तीन गांवों केउला, कनौल और बौरी में जरूरत से कहीं अधिक जमीन उपलब्ध है।
हुलासगंज के अंचलाधिकारी मोहम्मद शादाब आलम ने बताया कि केउला में 52 एकड़, कनौल में 70 एकड़, बौरी में 40 एकड़ और धवल बिगहा में 16 एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध है। कनौल में 70 एकड़ जमीन में से कुछ भूमि का बासगीत पर्चा भूमिहीनों को पहले निर्गत किया गया है।
बौरी गांव में सरकारी कुछ जमीन का एनओसी दूसरे निर्माण कार्य के लिए पहले दिया गया है। हालांकि इसके बावजूद दोनों जगह पर आवश्यकता से अधिक जमीन की उपलब्धता है। धवल बिगहा में जरूरत से चार एकड़ कम जमीन उपलब्ध है।
हालांकि पटना से आई टीम द्वारा सभी चार स्थानों की सूची भवन निर्माण के लिए बनाई गई है, जिसमें से किसी एक स्थान को चयनित किया जाएगा, जहां मेडिकल कॉलेज का भवन बनेगा।
जहानाबाद, गया और नालंदा तीन जिलों के लोग होंगे लाभान्वितहुलासंगज प्रखंड का अधिकांश इलाका तीन जिलों की सीमा को स्पर्श करता है। हुलासगंज प्रखंड जहानाबाद जिला के अंतर्गत आता है। इससे गया और नालंदा जिला सटे हुए हैं।
जिन चार गांवों की सूची मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए भेजी गई है, वह जहानाबाद, गया और नालंदा का सीमावर्ती इलाका है। यहां मेडिकल कॉलेज खुलने से एक साथ तीन जिलों की बड़ी आबादी लाभान्वित होगी। अब देखने वाली बात होगी कि इन चार गांवों में से किसे मेडिकल कॉलेज का सौभाग्य प्राप्त होता है।
यह भी पढ़ें-
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे के लिए अभी करना होगा इंतजार, जानिए कब तक पूरा होगा निर्माण?
Pages
