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Patna News: मिथिला को बाढ़ से मिलेगा छुटकारा, नीतीश सरकार का नया प्लान तैयार; कमला बराज पर आया नया अपडेट
राज्य ब्यूरो, पटना। नेपाल सीमा पर अवस्थित जयनगर में अत्याधुनिक कमला बराज का निर्माण कार्य तेज गति से जारी है। जल संसाधन विभाग की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लगभग 56 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
इससे मिथिला को कमला नदी की बाढ़ से सुरक्षा के साथ मधुबनी जिला के बड़े परिक्षेत्र में नहरों के जरिए सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।
कमला वीयर सिंचाई योजना के अंतर्गत जयनगर में वर्ष 1974-75 में 292.50 मीटर लंबे वीयर का निर्माण कराया गया था। 2019 में 13 जुलाई को कमला में अप्रत्याशित बाढ़ की स्थिति बनी। उससे हुए नुकसान के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा स्थल निरीक्षण किया।
उनके निर्देश पर कमला वीयर से लगभग सौ मीटर डाउन-स्ट्रीम में 550 मीटर लंबे आधुनिक बराज के निर्माण की योजना तैयार की गई। इस योजना को वर्ष 2020 में स्वीकृति मिली और वर्ष 2021 में इसका कार्य प्रारंभ हुआ था।
कमला बराज का निर्माण होने से मधुबनी जिले के जयनगर, कलुआही, बासोपट्टी, लदनिया, खजौली और हरलाखी प्रखंडों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा।
इस बराज में ऑटोमेटिक गेट लगाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को नियंत्रित तरीके से सिंचाई हेतु जल उपलब्ध हो सकेगा। कमला वीयर सिंचाई योजना का कृष्य कमांड क्षेत्र (सीसीए) वर्तमान में 28384 हेक्टेयर है। कमला बराज का निर्माण पूरा होने और नहरों के पुनर्स्थापन के बाद इसका सीसीए बढ़कर 29559 हेक्टेयर हो जाएगा।
इस बराज के निर्माण से मिथिला बाढ़ से सुरक्षा के साथ जयनगर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस तरह यह परियोजना बाढ़ प्रबंधन में सुधार, क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ाने और विकास को गति देने की दिशा में एक बड़ी पहल है।
कंगन घाट से दीदारगंज के बीच बन रहे पुल का निर्माण जल्द पूरा करें : नीतीशवहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को जेपी गंगा पथ के तहत कंगन घाट से दीदारगंज के बीच निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा करें। इस मौके पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को यह जानकारी दी कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा।
इस महीने के अंत तक निर्माण कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। साइट मैप के माध्यम से अधिकारियों ने जेपी गंगा पथ परियोजना के तहत रेलवे से हस्तांतरित जमीन पर पटना साहिब से पटना घाट पथ के निर्माण कार्य के बारे में भी जानकारी दी।
दीदारगंज- बख्तियारपुर-मोकामा पथ के चौड़ीकरण योजना के बारे में भी मुख्यमंत्री को बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपी गंगा पथ का निर्माण दीदारगंज तक हो जाने से बिहारशरीफ, मोकामा और बेगूसराय तक जाने में समय की बचत होगी। लोगों को पटना शहर और पटना के बाहर कहीं भी आने-जाने में सहूलियत होगी।
सीएम ने कहा कि गंगा पथ परियोजना अपने आप में अद्भुत है। इससे यातायात में गतिशीलता आएगी और सहूलियत होगी।
निरीक्षण में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि, विशेष कार्य अधिकारी गोपाल सिंह, पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष शीर्षत कपिल अशोक भी मौजूद थे।
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Bihar Politics: बिहार की सियासत में आने वाला है नया मोड़! PK की नई रणनीति से राजद में मच सकती है खलबली
विकाश चन्द्र पाण्डेय, पटना। इस बार जन सुराज पार्टी (जसुपा) के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) को आगे कर तेजस्वी यादव को उस राघोपुर में ही घेरे रखने की रणनीति बनाई जा रही, जहां से विधानसभा के पिछले दो चुनाव वे जीत चुके हैं।
जसुपा की यह रणनीति अभी प्रारंभिक चरण मेंं है, फिर भी राजद सजग हो गया है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) इसकी परिकल्पना मात्र से ही प्रफुल्लित हो रहा।
महागठबंधन में नेतृत्व को लेकर सर्व-सम्मति बन गई है, यह कहना जल्दबाजी होगी। अलबत्ता राजद में तेजस्वी को कोई चुनौती नहीं।
अब तो पार्टी के नाम-निशान पर भी उनका अधिकार सुप्रीमो लालू प्रसाद के बराबर हो गया है। मुख्यमंत्री पद के लिए वे राजद से एकमात्र चेहरा हैं।
पिछले चुनावों में पार्टी का प्रचार अभियान भी उन्हीं के बूते रहा है। ऐसे में तेजस्वी अगर अपने ही विधानसभा क्षेत्र में घिर जाते हैं तो विरोधी दलों के लिए शेष बिहार में राजद से लड़ाई और सहज हो जाएगी।
राजनीतिक गलियारे मेंं आकलन है कि इसी रणनीति के अंतर्गत पीके को राघोपुर के मैदान में उतारने का प्रयास है।
विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक अभ्यर्थियों से जसुपा अभी आवेदन ले रही। पीके स्वयं बता चुके हैं कि किसी कार्यकर्ता ने राघोपुर से उनके नाम का प्रस्ताव किया है।
पार्टी प्रवक्ता विवेक कुमार का कहना है कि जाति-संप्रदाय के दलदल मेंं धकेल दी गई बिहार की राजनीति मेंं पीके एक स्वच्छ विकल्प हैं।
उनकी उपस्थिति मात्र से ही पार्टियां बेकल हैं। वे जिस मैदान में होंगे, वहां से बाजी मारेंगे। हालांकि, अभी यह तय नहीं कि पीके चुनाव लड़ेंगे या नहीं और लड़ेंगे भी तो राघोपुर या किसी दूसरे क्षेत्र से!
राघोपुर का सामाजिक समीकरण इस दियारे में राजद को अपनी संभावना के लिए आश्वस्त करता है। हालांकि, 2010 में जदयू के सतीश कुमार यहां पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को मात दे चुके हैं।
उस चुनाव परिणाम से जसुपा व राजग का आकलन है कि राजद का यह यदुवंशी किला भी अभेद्य नहीं। लगभग 30 प्रतिशत यादव और 21 प्रतिशत राजपूत के साथ यहां अनुसूचित जाति में 12 प्रतिशत पासवान और आठ प्रतिशत रविदास मतदाता हैं।
इस भरोसे तेजस्वी यहां स्वयं को सुरक्षित पाते हैं। हालांकि, राजपूत और अनुसूचित जाति के मतोंं मेंं विभाजन की गुंजाइश के साथ अति-पिछड़ा वर्ग के भरोसे विरोधी खेमा भी उत्साहित है।
विधानसभा के पिछले चुनाव में लोजपा को मिले 24947 वोट इस उत्साह को कुछ और बढ़ा देते हैं। फिर भी राजद का भरोसा कायम है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन की प्रतिक्रिया कुछ ऐसी ही है।
वे कहते हैं कि पीके भी जानते हैं कि राघोपुर में क्या हश्र होना है। वहां से चुनाव लड़ने की चर्चा सुर्खियों में बने रहने का उनका एक इवेंट है।
राघोपुर में तेजस्वी के वोटों में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी के वोट घटे हैं। रही बात लोजपा की, तो उसे जितने वोट मिले, उससे अधिक मतों (38174) के अंतर से तेजस्वी पिछली बार विजयी रहे हैं।
ऐसा है राघोपुर का समीकरण- 30 प्रतिशत यादव, 21 प्रतिशत राजपूत और 20 प्रतिशत अनुसूचित जाति के मतदाता
- 06 दशक से यादव समाज से विधायक, इनमें दो बार लालू और एक बार राबड़ी भी
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Bihar News: भूमि सुधार विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए आ गया नया आदेश, सभी DM को मिली अहम जिम्मेदारी
राज्य ब्यूरो, पटना। अब जिलाधिकारी देखेंगे कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपने लिए निर्धारित स्थान पर बैठ रहे हैं या नहीं।
अगर इधर-उधर बैठ कर काम करते पाए गए तो सख्त कार्रवाई होगी। विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख कर कहा है कि वे औचक निरीक्षण कर इसे देखें।
क्योंकि पूर्व में जारी कई निर्देशों के बावजूद कुछ हिस्से से यह सूचना आ रही है कि राजस्व कर्मचारी निजी मकान में नाजायज कार्यालय बनाए हुए हैं। दलालों के माध्यम से विभागीय कार्य करवा रहे हैं।
अंचल अधिकारी का डोंगल एवं लैपटाप का उपयोग दलालों द्वारा करने की भी सूचना मिली है। पत्र में कहा गया है कि यह किसी भी परिस्थिति में सरकारी सेवक के आचरण के अनुकूल नहीं माना जा सकता है।
अपर समाहर्ता एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता को भी औचक निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। पत्र में कहा गया है कि हल्का कर्मचारियों के लिए निर्धारित कार्यालय पंचायत सरकार भवन, राजस्व कचहरी भवन या सामृुदायिक भवन की सूची जिला राजस्व शाखा में संधारित किया जाए।
सूची के अनुरूप शत- प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए कि हल्का कर्मचारियों द्वारा सरकारी कार्यों एवं दायित्वों का निर्वहन अपने निर्धारित स्थान से ही किया जा रहा है।
यदि राजस्व कर्मचारी को एक से अधिक हल्का का प्रभार दिया गया है तो अंचलाधिकारी रोस्टर का निर्धारण करते हए राजस्व कर्मचारी को निर्धारित स्थान पर कार्य करने के लिए निर्देश देंगे।
प्रमाण पत्र प्राप्त करें- जिलाधिकारियों को कहा गया है कि वे अंचलाधिकारी से प्रमाण पत्र प्राप्त करें कि यथा निर्धारित स्थान से भिन्न किसी भी हल्के में समानान्तर हल्का कार्यालय नहीं चल रहा है।
- जमाबंदी पंजी एवं अन्य राजस्व अभिलेखों को अधिसूचित कार्यालय में ही रखा जाए। राजस्व कर्मचारी राजस्व अभिलेखों की स्कैन्ड साफ्ट कापी अपने लैपटाप में रखेंगे।
- किसी भी परिस्थिति में यदि कोई राजस्व अभिलेख भौतिक रूप से हल्का कार्यालय अथवा किसी भी कर्मी के पास पाया जाता है तो इस संबंध में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, भभुआ में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत पात्र लाभुकों को आवास योजना का लाभ देने के लिए बीते 10 जनवरी से सभी पंचायत में सर्वे का कार्य किया जा रहा है।
सर्वे कार्य करने के लिए सभी प्रखंडों में सर्वेयर की नियुक्ति की गई है। सर्वेयर घर-घर पहुंच कर पात्र लोगों की पहचान कर रहे हैं।
इस संबंध में एमआइएस पदाधिकारी सुधीर कुमार पांडेय ने बताया कि सात मार्च तक 49722 लोगों को चिह्नित कर लिया गया है।
इसमें महिला पुरुष दोनों शामिल हैं। पीएम आवास योजना के लिए चिह्नित लोगों में से 683 ऐसे लोग हैं जिनके पास आवास बनाने के लिए भूमि नहीं है।
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Nitish Kumar: बिहार में और बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, अब नीतीश सरकार ने कर दिया ये बड़ा एलान
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का कार्य निरंतर जारी है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं और सेवाएं मिले इसके लिए राज्य मुख्यालय से लेकर जिला तक में सेवाओं की बेहतरी के काम हो रहे हैं।
इसी कड़ी में अब सरकार ने एंबुलेंस सेवा को और मजबूत करने के लिए 600 से अधिक नई एंबुलेंस खरीदने की योजना स्वीकृत की है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में वर्तमान में डायल सेवा 102 के लिए 838 बेसिक लाइफ सेविंग एंबुलेंस मरीजों की जान बचाने में लगी है।
इनके अलावा 562 एडवांस लाइफ सेविंग एंबुलेंस भी मरीजों की जान बचाने में दिन-रात सड़कों पर दौड़ रही हैं। इनके अलावा राज्य सरकार की अनुदान योजना से भी 670 निजी एंबुलेंस मरीजों को सेवा देने में जुटी है।
निजी एंबुलेंस को यदि छोड़ दिया जाए तो सरकार के स्तर पर दोनों स्तर की सेवाओं को जोड़कर 1400 एंबुलेंस अपनी सेवाएं दे रही हैं। अब सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाकर 2029 करने का निर्णय लिया है।
खरीदी जाएगी 629 नई एंबुलेंसएंबुलेंस के इस अंतर को समाप्त करने के लिए फिलहाल 629 नई एंबुलेंस खरीदी जाएगी। प्रस्ताव को स्वीकृति भी मिल चुकी है। सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार राज्य धारित 211 बेसिक लाइफ सेविंग एंबुलेंस, एजेंसी धारित 404 बेसिक लाइफ सेविंग एंबुलेंस, जबकि 14 एडवांस लाइफ सेविंग एबुलेंस की खरीद की जाएगी।
उद्यान निर्माण समेत सौंदर्यीकरण कार्य का प्रमुख ने किया उद्घाटनवहीं, दूसरी ओर सिवान प्रखंड के असांव स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय परिसर में उद्यान निर्माण समेत अन्य सौंदर्यीकरण कार्य का शनिवार की शाम प्रमुख राधा देवी व प्रधानाध्यापक जाहिद हुसैन अंसारी द्वारा फीता काटकर उद्घाटन किया गया।
प्रमुख ने बताया कि षष्टम वित्त आयोग योजना के तहत छह लाख रुपये की लागत से पार्क उद्यान समेत सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया है। उन्होंने बताया कि तीन साल में मेरे द्वारा लगातार प्रखंड क्षेत्र में सड़क, नाला, चारदीवारी, पेवर ब्लाक, पीसीसी सड़क, छठघाट, कब्रिस्तान समेत आदि विकास कार्य कराए गए हैं।
क्षेत्र में विकास कार्य करना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक और छात्र- छात्राओं ने प्रमुख को माला पहनाकर स्वागत किया।
इस मौके पर प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि पवन कुमार यादव, शिक्षक वशिष्ठ नारायण यादव, आत्मानंद पाठक, निरुपमा देवी, सुमिता देवी, रानी कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, अच्छेलाल राम, हीरालाल साह आदि उपस्थित थे।
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राज्य ब्यूरो,पटना। बिहार इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके पहले विभिन्न विभागों में ट्रांसफर-पोस्टिंग का सिलसिला जारी है। रविवार को अवकाश के दिन भी यह सिलसिला जारी रहा और दो आईपीएस सहित 108 डीएसपी के तबादले कर दिए गए। गृह विभाग की तरफ से तबादले की अधिसूचना जारी कर दी गई है। बिहार में चुनाव से पहले इन तबादलों को काफी अहम माना जा रहा है।
अधिसूचना के अनुसार आईपीएस अधिकारी और गृह रक्षा वाहिनी के समादेष्टा राजीव रंजन-1 को बिहार का एसपी (विधि-व्यवस्था) बनाया गया है। एआईजी कल्याण विशाल शर्मा को अपर निदेशक सह सहायक राज्य अग्निशमन पदाधिकारी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अधिसूचना के अनुसार राजगीर पुलिस अकादमी, अपराध अनुसंधान विभाग, ट्रैफिक विभाग,निगरानी अन्वेषण विभाग में नए डीएसपी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा मुंगेर, लखीसराय, पटना, भागलपुर के कहलगांव, मोतिहारी, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस समेत कई अनुमंडल और विभागों में नए डीएसपी तैनात किए गए हैं।
45 डीएसपी के तबादले की लिस्ट जारीकामिनी बाला को अपर पुलिस अधीक्षक विशेष स्वाभिमान विशेष सशस्त्र बल पुलिस बल बाल्मीकि नगर बगहा से अपर पुलिस अधीक्षक बनाकर बिहार पुलिस अकादमी राजगीर भेजा गया है। प्रितीश कुमार का तबादला महनार,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सोनपुर सारण के तौर पर किया गया है। सुनीता कुमारी को अपर पुलिस अधीक्षक अपराध अनुसंधान विभाग पटना बनाया गया है।
आलोक कुमार सिंह की यातायात पटना की जिम्मेदारी दी गई है। अजय प्रसाद का पदस्थापन पुलिस अधीक्षक अपराध अनुसंधान विभाग पटना में किया गया है। कुमार सागर का ट्रांसफर पुलिस अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना में किया गया है।
सुरभ सुमन का तबादला पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा बिहार पटना में किया गया है। अनिल कुमार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी खड़कपुर मुंगेर बनाया गया है। चंदन कुमार का ट्रांसफर सिवान किया गया है। नवल किशोर को सारण से मोतिहारी भेजा गया है, उन्हें पुलिस अधीक्षक यातायात मोतिहारी बनाया गया है।
अभिषेक आनंद को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर मुंगेर का बनाया गया है। राजेश कुमार का मुंगेर से तबादला करके उन्हें पुलिस उपाधीक्षक विशेष कार्य बल बिहार पटना में पदस्थापित किया गया है। अजीत प्रताप सिंह चौहान को पुलिस अधिक उपाधीक्षक साइबर क्राइम लखीसराय भेजा गया है।
शिवानंद सिंह को पुलिस उपाधीक्षक नगर व्यवस्था मध्य पटना की जिम्मेदारी दी गई है। कल्याण आनंद को डिहरी से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कहलगांव भागलपुर बनाया गया है। संजीव कुमार को पुलिस उपाधीक्षक विशेष शाखा बिहार पटना में बनाया गया है।
बसंती टुडू को सारण से पुलिस उपाधीक्षक दहेज निरोध एवं महिला कोषांग अपराध अनुसंधान विभाग बिहार पटना में भेजा गया है। संजीव कुमार को पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय मोतिहारी भेजा गया है। अमरेंद्र कुमार को बिहार भेजा गया है।
ट्रांसफर वाली लिस्ट में इनका भी नामओमप्रकाश सिंह, संतोष कुमार, सुमन कुमार शर्मा, पूनम कुमारी, नवीन कुमार, रामदुलार प्रसाद, सर्वेश्वर सिंह, कुमारी दुर्गा शक्ति, राजू कुमार सिंह, विपिन कुमार शर्मा, विनोद कुमार, सियाराम यादव, अनुराग कुमार, अभिषेक कुमार, प्रवीण कुमार, अजीत कुमार, स्वीटी सिंह, सुचित्रा कुमारी।
होली से पहले हुए इन तबादलों में ज्यादातर अधिकारियों को पटना भेजा गया है। तबादले की लिस्ट में शामिल नाम में सबसे ज्यादा ट्रांसफर पटना के लिए हुए हैं।
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PM Modi Bihar Visit: अप्रैल में बिहार आएंगे पीएम मोदी, 12 लाख सरकारी नौकरी की देंगे सौगात
राज्य ब्यूरो, पटना। PM Modi Bihar Visit: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष इसकी तैयारियों में जुट गया है। इसी क्रम में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल में बिहार आएंगे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएम के बिहार दौरे के बारे में जानकारी दी। इससे पहले पीएम फरवरी महीने में बिहार के भागलपुर आए थे, इस दौरान उन्होंने कई योजनाओं की सौगात दी।
बिहटा एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे पीएम मोदीउपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल में बिहार आएंगे, उनसे बिहार आने का आग्रह किया गया है। पीएम पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन और बिहटा एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे। कुछ नई योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन भी पीएम मोदी करेंगे।
प्रदेश में 38 लाख रोजगार दिए जाएंगे- सम्राट चौधरी भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के लिए पीएम-सीएम प्रतिबद्ध हैं।
- 2027 तक 4 घंटे में लोग पटना आ सकेंगे। इस अवधि तक 50 लाख लोगों को सेट करने की तैयारी है। इसमें 12 लाख सरकारी नौकरी और 38 लाख रोजगार दिए जाएंगे।
राजद पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के कारण ही मंडल आयोग पारित हुआ। अतिपिछडों को आरक्षण दिया। राजद और कांग्रेस द्वारा इसका विरोध किया जा रहा था।
बजट की योजनाओं को सराहाबिहार का बजट किसान, नौजवानों के हित में है। 2005 के पहले बिहार खटारा स्थिति में था, अब बिहार की स्थिति बदल रही है। प्रखंडों में तरकारी आउटलेट खोले जाएंगे। दलहन की खरीदारी होगी। सभी प्रखंड व अनुमंडल में कोल्ड स्टोरेज बनाया जाएगा।
300 से अधिक डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। वेंडिंग जोन बनेगा। पिंक बस चलाई जाएगी, इसमें केवल महिला ही सफर करेंगी। पटना में जिम ऑन व्हील खुलेंगे।
300 अतिरिक्त हेल्थ सेंटर खुलेंगे। पीपीपी मॉडल से मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। गुड़ का सेंटर ऑफ एक्सेलेंस बनेगा। डेटा सेंटर बनाया जाएगा। नीतीश सरकार में बिहार को समृद्ध बनाया जा रहा है।
24 फरवरी को भागलपुर आए पीएम मोदीइस साल फरवरी महीने में भी पीएम मोदी बिहार के भागलपुर आए थे। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई पीएम किसान योजना की 19वीं किस्त जारी की।
इसके साथ ही कई विकास योजनाओं का उद्घाटन भी किया। इस दौरान पीएम के साथ कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी के कई दिग्गज नेता भी मौजूद रहे।
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Bihar News: पटना में बर्ड फ्लू की पुष्टि से हड़कंप, मारी गईं 35 मुर्गियां; बचाव के लिए रखें ये सावधानियां
जागरण संवाददाता, पटना। Bird Flu: देश के कई राज्यों, प्रदेश के जहानाबाद जिले के बाद अब बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा ए (H5N1) वायरल राजधानी पटना भी पहुंच चुका है। शनिवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) पूर्वी के परिसर में एहतियात बरतते हुए 35 मुर्गियों को सुरक्षित तरीके से मारा गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
सिविल सर्जन ने दिए ये आदेशसिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा प्रभारियों को अपने क्षेत्र में पक्षियों की असामान्य मृत्यु होने पर तत्काल उसकी जानकारी जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत कुमार सिंह को देने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा रोकथाम के लिए गाइडलाइन भी जारी की गई है। सिविल सर्जन ने आमजन से भी असामान्य रूप से पक्षियों की मृत्यु की सूचना नजदीकी अस्पताल में देने की अपील की है।
क्या है मामलाआइसीएआर पूर्वी स्थित पोल्ट्री फार्म में 27 फरवरी को असामान्य तरीके से मुर्गियों की मृत्यु हुई थी। 28 फरवरी को निदेशक ने इनके नमूने जांच के लिए भोपाल भिजवाने के साथ प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी को निस्तारित कराया था।
भोपाल से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू के कारण मुर्गियों की मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद फार्म में रखी 35 से अधिक मुर्गियों को शुक्रवार को प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मार दिया गया। इसके अलावा एनिमल हसबैंड्री कार्यालय के सभी ब्लॉक ऑफिस को सेनेटाइज किया गया।
तीन किलोमीटर के दायरे में खांसी-बुखार रोगियों की निगरानीभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पोल्ट्री फार्म में एवियन एंफ्लुएंजा की पुष्टि के बाद इसके तीन किलोमीटर के दायरे में खास निगरानी बरती जा रही है।
बुखार-खांसी एवं वैसे व्यक्ति जो सात दिन के अंदर किसी मृत पक्षी के संपर्क में आए हों और खांसी बुखार हो तो इसकी जानकारी आइडीएसपी सेल को उपलब्ध कराने को कहा गया है। चिह्नित मरीजों के नमूनों की आरएमआरआइ में जांच कराई जाएगी।
दिखे ये लक्षण तो अस्पताल में सूचना दे कराएं जांच- महामारी पदाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि बर्ड फ्लू पक्षियों में होने वाला अत्यंत संक्रामक रोग है। संक्रमित पक्षी के संपर्क में आने से यह रोग मनुष्यों में भी फैल सकता है।
- सांस लेने में तकलीफ, तेज बुखार, शरीर में तेज दर्द, जुकाम, नाक बहना, आंखें लाल होना या जलन, निमोनिया आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं।
- इसके अलावा बीमार मुर्गियों या अस्वाभाविक रूप से मृत पक्षियों के सीधे संपर्क में नहीं आने को कहा गया है। छूना ही पड़े तो दस्ताने व मास्क आदि का इस्तेमाल करें। बीमार पक्षियों के पंख, म्यूकस या बीट को न छूएं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो बर्ड फ्लू के दौरान चिकन और अंडे खाना पूरी तरह से सुरक्षित है। इन्हें खाने से किसी तरह की कोई समस्या नहीं है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि बनाते और खाते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि चिकन और अंडे अच्छी तरह से पकाए गए हों।
अंडा और चिकन खाते समय निम्न बातों का ध्यान जरूर रखेंठीक से पकाने के बाद सुरक्षित पर सावधानी जरूरी- बर्ड फ्लू की आशंका अंडे या चिकन को अच्छे से पकाकर खाने पर खत्म हो जाती है, लेकिन इसके लिए कई सावधानियां बरतना जरूरी है।
- कच्चे अंडे या चिकेन को छूने के बाद साबुन व गर्म पानी से हाथ ठीक से धोएं। उबले-तले अंडे सुरक्षित लेकिन हाफ फ्राई या आधे उबले अंडे बीमारी का कारण बन सकते हैं।
- कच्चा चिकन जहां-जहां संपर्क में आया हो उसे अच्छे से साफ कर लें। 165-175 फारेनहाइड तक के तापमान में पकाने के बाद यह सुरक्षित हो जाता है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के संस्थापक मुकेश सहनी ने शुक्रवार को लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी अपने बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए सपने देखिए। जब सपने देखेंगे तभी उसे पूरा करने के लिए प्रयास करेंगे। वह शनिवार को वैशाली जिला के भगवानपुर प्रखंड के पट्टी बंधू राय में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
अधिकार के लिए करेंगे संघर्ष- मुकेश सहनी ने कहा कि जब बच्चे शिक्षित हो जाएंगे तो वे अपना अधिकार समझेंगे और उसे लेने के लिए संघर्ष करेंगे।
- उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि हम भी गरीब के घर में ही पैदा हुए थे, लेकिन संघर्ष कर मुंबई में मुकाम बनाया।
- वहां अच्छी जिंदगी जी रहे थे, लेकिन हमें अपने समाज की चिंता सताने लगी। हम बिहार की धरती पर अपने समाज के लिए संघर्ष करने पहुंच गए।
सहनी ने कहा कि आज लोग चांद पर घर बनाने की सोच रहे हैं, लेकिन हमारे समाज के लोगों के लिए जमीन पर भी घर नहीं है। आज निषाद के आरक्षण के लिए हम लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों में यह आरक्षण है।
इसके लिए हम सबको आने वाली पीढ़ी के लिए लड़ना होगा। अगर हम पहले जाग गए होते तो निषाद को आरक्षण मिल गया होता। आज सभी जातियों के लोग कलेक्टर मिल जाएंगे, लेकिन निषाद का बेटा नहीं मिलेगा।
गया : शैक्षिक सत्र शुरू होते ही बच्चों को किताब उपलब्ध कराने में जुटा शिक्षा विभागजिले में 2919 प्रारंभिक विद्यालय हैं, जहां पहली से आठवीं कक्षा में 58, 725 छात्र-छात्रा नामांकित हैं। इनका शैक्षिक सत्र अप्रैल माह से शुरू होगी। इसके पूर्व शिक्षा विभाग सभी बच्चों को निशुल्क में कोर्स की किताबों के साथ स्टूडेंट डायरी उपलब्ध कराने में जुटा है।
बीआरसी में सुरक्षित रखी किताबेंनगर निगम सहित 24 प्रखंड संसाधन केंद्र में दूसरी कक्षा के हिन्दी भाषी बच्चों के लिए 48,510 सेट , उर्दू भाषी बच्चों के लिए 424 सेट एवं विभिन्न तरह के 1327 सेट किताबें आई है।
वहीं चौथी कक्षा के हिन्दी भाषी बच्चों के लिए 54,507 सेट, उर्दू भाषी बच्चों के लिए 742 तो विभिन्न तरह के 1826 सेंट किताबें आई है, जो सभी बीआरसी में प्लास्टिक के बोरे में सुरक्षित रखी है।
अप्रैल में बांटी जाएंगी किताबेंपहली से आठवीं कक्षा के बच्चों के वार्षिक परीक्षा 20 मार्च हो समाप्त हो जाएगी। उसके बाद उत्तर पुस्तिका की मूल्यांकन होगा। परीक्षा परिणाम का ग्रेडिंग प्रकाशित होने के बाद बच्चों का नामांकन दूसरे कक्षा में किया जाएगा।
इन सारी प्रक्रिया को पूरा करने में मार्च माह समाप्त हो जाएगी। अप्रैल माह प्रारंभ होते ही बच्चों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। उसके पहले सभी बच्चों के हाथ में किताबें दी जाएंगी।
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Bihar Weather: बिहार में अगले 72 घंटे में फिर बदलने वाला है मौसम, IMD के अलर्ट से बढ़ी लोगों की परेशानी
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather: प्रदेश के मौसम में इन दिनों तेजी से बदलाव जारी है। पछुआ के कारण मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार 72 घंटों के दौरान अधिकतम व न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस वृद्धि की संभावना है। पछुआ के कारण सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव बना रहने के आसार हैं।
सोमवार को बादल छाए रहने के आसारसोमवार को पटना व आसपास के इलाकों में शाम के समय आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। पछुआ की गति में कमी आने के कारण पटना सहित अधिसंख्य भागों के न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा। बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम व अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई।
शनिवार को हुआ तापमान में इजाफापटना के न्यूनतम तापमान में शनिवार को सामान्य से 1.3 डिग्री वृद्धि के साथ 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि, 11.2 डिग्री सेल्सियस के साथ औरंगाबाद में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
राजधानी के अधिकतम तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 32.6 डिग्री सेल्सियस के साथ खगड़िया में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
पटना सहित सभी जिलों में बढ़ा पाराशनिवार को पटना सहित सभी जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना व आसपास इलाकों का मौसम शुष्क बने होने के साथ सामान्य बना रहा।
प्रमुख शहरों के तापमान में हुई वृद्धिवैशाली के अधिकतम तापमान में 2.9 डिग्री, गया में 2.6 डिग्री, शेखपुरा में 2.8 डिग्री, बांका में 2.6 डिग्री, भागलपुर में 2.5 डिग्री, मुजफ्फरपुर में 2.2 डिग्री, भोजपुर में तीन डिग्री, सासाराम में 2.9 डिग्री।
औरंगाबाद में 2.6 डिग्री, नालंदा में 3.3 डिग्री, कटिहार में 1.3 डिग्री, समस्तीपुर में 2.4 डिग्री, मधेपुरा में 1.2 डिग्री, दरभंगा में 1.4 डिग्री, सुपौल में 1.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों का तापमान शहर अधिकतम(तापमान डिग्री सेल्सियस में) न्यूनतम(तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 30.6 16.8 गया 31.6 13.4 भागलपुर 30.3 15.0Traffic Police: बदल जाएगा बिहार का ट्रैफिक सिस्टम, होने जा रहा ये बड़ा काम; 58 करोड़ रुपये होंगे खर्च
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सभी जिलों में ट्रैफिक पुलिस को नए संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। यातायात व्यवस्था को सृदृढ़ करने के लिए बड़ी संख्या में बॉडी वार्न कैमरे, रोड बैरिकेड्स, डायवर्जन साइन बोर्ड आदि की खरीद होगी।
इतना ही नहीं, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को हेलमेट, एलईडी बैटन, रेनकोट आदि दिए जाएंगे। इन उपकरणों पर करीब 58 करोड़ 62 लाख की राशि खर्च की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव को गृह विभाग ने स्वीकृति दे दी है। इनमें 35 करोड़ की राशि राज्य स्कीम मद से खर्च होगी, जबकि शेष 23 करोड़ 62 लाख की राशि का व्यय बिहार सड़क सुरक्षा निधि से किया जाएगा।
7216 बॉडी वार्न कैमरों की होगी खरीदविभागीय जानकारी के अनुसार, सर्वाधिक 26 करोड़ 69 लाख की राशि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले बॉडी वार्न कैमरे पर खर्च की जाएगी। इससे 7216 बॉडी वार्न कैमरों की खरीद होगी।
यह बॉडी वार्न कैमरे सभी जिलों के ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान वर्दी के ऊपर लगाना अनिवार्य होगा, ताकि ई-चालान समेत अन्य गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जा सके। इससे ई-चालान की व्यवस्था में पारदर्शिता भी आएगी।
अभी पटना समेत कुछ प्रमुख शहरों में ही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को बॉडी वार्न कैमरा उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों के लिए सात हजार से अधिक ट्रैफिक हेलमेट, 7749-7749 रिफ्लेक्टिव जैकेट और रेनकोट की भी खरीद की जाएगी। करीब 5954 एलईडी बैटन भी खरीदा जाएगा।
सड़कों पर लगेंगे ब्लिंकर्स-बैरिकेड्ससड़क सुरक्षा के अंतर्गत सड़कों पर जगह-जगह साइनबोर्ड भी लगाए जाएंगे। इसके लिए दो हजार डायवर्जन साइन बोर्ड खरीदे जाएंगे। जनता को माइकिंग के जरिए जागरूक करने के लिए सौ वाट के 130 पब्लिक एड्रेस सिस्टम की भी खरीद की जाएगी।
आवश्यकतानुसार सड़कों या लेन को घेरने और बंद करने के लिए 5200 रोड बैरिकेड की भी खरीद होगी। इसके साथ ही स्टील के 2600 फोल्डेबल बैरिकेड भी खरीदे जाएंगे।
सड़कों पर रात के समय चमकने वाले 15 हजार 600 ब्लिंकर्स की खरीद पर भी करीब 3 करोड़ 74 लाख की राशि खर्च की जाएगी। कार के डैशबोर्ड पर लगाए जाने वाले 130 कैमरों की खरीद की भी स्वीकृति दी गई है।
इनकी होगी खरीद- 7216 - बाडी वार्न कैमरा
- 7749 - रेन कोट
- 7749 - रिफ्लेक्टिव जैकेट
- 7392 - ट्रैफिक हेलमेट
- 5954 - एलईडी बैटन
- 5200 - रोड बैरिकेड्स
- 2600 - फोल्डेबल बैरिकेड्स
- 2000 - डायवर्जन साइन बोर्ड
- 15,600 - ब्लिंकर्स
- 2000 - प्लास्टिक सुरक्षा कोण
- 130 - कार डैशबोर्ड कैमरा
- 130 - पब्लिक एड्रेस सिस्टम
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पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में बनेंगे 42 बूथ, रहेगी कड़ी सुरक्षा; चुने जाएंगे 22 काउंसिल सदस्य
जागरण संवाददाता, पटना। पटना विश्वविद्यालय की ओर से 29 मार्च को आयोजित होने वाले छात्रसंघ चुनाव के लिए 14 क्षेत्र बांटकर पांच सेंट्रल पैनल सहित 22 काउंसिल सदस्यों का चुनाव होगा।
कॉलेज काउंसिल मेंबर के लिए एक हजार विद्यार्थी पर एक काउंसिल सदस्य होंगे। जिन कॉलेजों और फैकल्टी में 1,501 से अधिक मतादाता होंगे, वहां दो काउंसिल सदस्य होंगे। इसी आधार पर विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार काउंसिल सदस्य चुने जाएंगे।
पटना वीमेंस कॉलेज से चुने जाएंगे चार काउंसिल सदस्यपटना विश्वविद्यालय में सबसे अधिक चार काउंसिल सदस्य पटना वीमेंस कॉलेज में चुने जाएंगे। वहीं, पटना साइंस कॉलेज में दो, पटना कॉलेज में दो, बीएन कॉलेज में दो, मगध महिला कॉलेज में दो और फैकल्टी ऑफ सोशल साइंस में दो काउंसिल सदस्य चुने जाएंगे।
इसके अलावा पटना लॉ कॉलेज, वाणिज्य महाविद्यालय, पटना ट्रेनिंग कॉलेज, वीमेंस ट्रेनिंग कॉलेज, कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट, फैकल्टी ऑफ कॉमर्स, एजुकेशन एंड लॉ, फैकल्टी ऑफ साइंस और फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज में एक-एक काउंसिल सदस्य होंगे।
छात्र संघ चुनाव के लिये तैयार किए जाने वाले कुल 42 बूथों पर होने वाले खर्च का वहन कॉलेज की ओर से किया जाएगा।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ कैतुका नंदन पैक्स का चुनाववहीं, दूसरी ओर सारण प्रखंड के कैतुका नंदन पैक्स का चुनाव शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो गया। मतदान के लिए मध्य विद्यालय कैतुका नंदन मे चार मतदान केंद्र बनाए गए थे। जहां सुबह सात बजे से शाम के 4:30 बजे तक 59 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी रंजीत कुमार के साथ मकेर थाना में पदास्थापित अपर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार, एसआई रामनिवास कुमार, चंदा कुमारी एवं कामेश्वर सिंह के अलावा जवान मौजूद थे।
मालूम हो की मकेर के आठ पैक्स में से सात पैक्स का चुनाव नवंबर मे पूरा हो गया। कैतुका नंदन पैक्स के चुनाव का मामला प्राधिकार में चले जाने के कारण स्थगित कर दिया गया था।
चुनाव प्राधिकार से आदेश निर्गत होते ही शनिवार को मतदान कराया गया। जिसमें मुख्य मुकाबला निवर्तमान पैक्स अध्यक्ष सुमित रंजन एवं रामजन्म शर्मा के बीच है।
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Bihar News: कैंसर मरीजों को नीतीश सरकार ने दे दी एक और बड़ी खुशखबरी, इलाज को लेकर आया नया अपडेट
जागरण संवाददाता, पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शनिवार को प्रदेश के सभी 38 जिलों के लगभग 45 हजार गांवों की 8387 पंचायतों के लिए निशुल्क ग्रामीण कैंसर जांच कार्यक्रम का लोकार्पण किया।
डॉ. प्रभात रंजन डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर से ग्रामीण कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम के लिए समर्पित नए एप और बिहार के पहले स्लीप इंस्टीट्यूट के साथ ओंको-मीट 2025 का भी उद्घाटन किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कैंसर के खिलाफ अभियान की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और सुदूर इलाकों में कैंसर को लेकर जागरुक करने की बहुत जरूरत है।
निशुल्क चलेगा अभियानडॉ. प्रभात रंजन डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. प्रभात रंजन ने इस अभियान को निशुल्क चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यदि शुरुआत में कैंसर का पता चल जाए तो इलाज संभव है।
निशुल्क ग्रामीण कैंसर जांच कार्यक्रम का उद्घाटन करते स्वास्थ्य मंत्री।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम की समुचित व्यवस्था की गई है। 2005 के बाद स्वास्थ्य सेवा में काफी काफी सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की सोच को पूरा करने में स्वास्थ्य सेवाओं का अहम योगदान है। मौके पर मेयर सीता साहू, पद्मश्री डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह, डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह, डॉ. दिवाकर तेजस्वी, डॉ. रूपम, आइएएस गंगा कुमार आदि उपस्थित थे।
स्वामी सहजानंद के विचारों को आम जन तक पहुंचा रहे पीएम मोदी: मंगल पांडेयपटना के बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सभागार में आज स्वामी सहजानंद सरस्वती पखवारा पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। संवाद कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के अतिरिक्त कई गणमान्य लोग मौजूद रहें।
किसानों की दशा और दिशा विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंगल पांडेय ने स्वामी सहजानंद सरस्वती की विचारधारा और सामाजिक दृष्टिकोण पर चर्चा करते हुए कहा कि सहजानंद सरस्वती ने हमेशा भारतीय किसानों को जागरूक किया, ताकि उन्हें अपने श्रम का महत्व मिले, उन्हें ताकत मिले एवं उनका आर्थिक लाभ बढ़े।
अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहजानंद की नीतियों को आगे बढ़ा रहे हैं। जिसका उदाहरण राज्य में मखाना बोर्ड स्थापित करना एवं बजट में किसानों को दिया जाने वाला लाभ है। हमें स्वामी सहजानंद सरस्वती के सपनों को परिश्रम के माध्यम से साकार करना है। तभी जाकर हमारा देश और हमारा बिहार विकसित होगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, राज्यसभा सदस्य भीम सिंह ने भी इस दौरान लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एजुकेशनल रिसर्च एंड डेवलपमेंट संस्थान के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने की।
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Bihar News: शराब के ठिकानों पर छापामारी करने गई पुलिस टीम पर हमला, DGP के नए आदेश से मची खलबली!
संवाद सूत्र, बिक्रम। रानीतालाब थाना क्षेत्र के राघोपुर मुसहरी में शनिवार को शराब के ठिकानों पर छापेमारी करने गई पुलिस की टीम पर बदमाशों ने ईंट-पत्थर से हमला कर दिया।
इस दौरान छापामारी का नेतृत्व कर रहे एसआइ शिव शंकर सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। अचानक हुई पत्थरबाजी से अफरातफरी मच गई।
कई पुलिसकर्मियों ने छिपकर जान बचाई। घटना की जानकारी थाने को दी गई और अतरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पत्थरबाजी करने के पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।इस मामले में 21 नामजद और 18 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार, रानीतालाब थाने के अपर थानाध्यक्ष शिव शंकर के नेतृत्व में शिव कुमार, आफताब आलम, मुमताज अंसारी, मदन झा, ममता कुमारी, आकाश और विकाश सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने होली को लेकर अवैध रूप से शराब बनाने वाले अड्डे पर छापामारी की।
इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा ईंट-पत्थर चलाया जाने लगा। पथराव में पुलिस की एक बोलेरो गाड़ी का शीशा फूट गया। वहीं, डायल 112 वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।
हमले में यह पुलिसकर्मी हुए घायल- पथराव में घायल दारोगा शिव शंकर ने बताया कि इस हमले में दो दारोगा समेत मदन झा, ममता कुमारी, आफताब आलम, मुमताज अंसारी, शिव कुमार समेत आठ पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। जख्मी पुलिस कर्मियों का अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया।
- घटना के संबंध में थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि राघोपुर मुसहरी में छापामारी करने गई पुलिस पर पत्थरबाजी करने के आरोप में विकास कुमार, नंदलाल मांझी, संजू मांझी, गणेश मांझी, लंकेश मांझी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वहीं 21 लोगों को नामजद और 18 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
उधर, डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस पर हमला करने वालों पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है। इस तरह के पुराने मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन कर दोषियों को सजा दिलाने का टास्क पुलिस अधिकारियों को दिया गया है।
इसके साथ ही सभी थानों को पर्याप्त बल के साथ घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया गया है। डीजीपी ने शनिवार को पत्रकारों के सवाल के जवाब में बताया कि पुलिस पर हमले के जिस तरह के कांड हो रहे हैं, उसमें गिरफ्तारियां भी हो रही हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) इस तरह के कांडों की गंभीरता से मानीटरिंग कर रहे हैं। पुलिस पर हमले के जो लंबित कांड हैं, उनमें भी कार्रवाई हो रही है।
सभी पुलिस पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि जब भी घटनास्थल पर जाएं तो जिस तरह की समस्या है, उसके अनुपात में पर्याप्त पुलिस बल में वृद्धि करके जाएं।
दरअसल, कई बार पुलिसकर्मी घटना की जानकारी मिलते ही अविलंब पहुंचने की कोशिश करते हैं। इसका उद्देश्य बेहतर रिस्पांस टाइम भी होता है, मगर जब बड़ी संख्या में असामाजिक तत्वों के होने की सूचना हो तो पर्याप्त पुलिस बल का इंतजाम कर घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया गया है।
डीजीपी ने कहा कि हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि पुलिस बल की संख्या में और वृद्धि हो, ताकि पुलिस और मजबूती से कार्रवाई कर सके।
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अश्लील गानों को लेकर पुलिस मुख्यालय से जारी हुई नई एडवाइजरी, होली से ठीक पहले सभी अफसरों को मिला यह टास्क
राज्य ब्यूरो, पटना। होली या अन्य किसी भी अवसर पर अब सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील और द्विअर्थी भोजपुरी गीत बजाने पर जेल भी हो सकती है।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने अश्लील भोजपुरी गानों का प्रसारण रोकने के लिए सभी जिलों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
अश्लील गीतों का प्रसारण करते हुए पकड़े जाने पर प्राथमिकी दर्ज विधि-सम्मत कार्रवाई करने का निर्देश सभी क्षेत्रीय आइजी-डीआइजी को दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने इस कार्रवाई की सूचना अपराध अनुसंधान विभाग के कमजोर वर्ग प्रभाग को ई-मेल के माध्यम से इसकी सूचना भी देने कहा है।
पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में कहा है कि आये दिन ऐसा देखा जाता है कि सार्वजनिक स्थलों, समारोहों या बस-ट्रक, ऑटो रिक्शा आदि में सस्ते दोहरे अर्थ वाले अश्लील भोजपुरी गानों का प्रसारण धड़ल्ले से बिना रोक-टोक के किया जाता है, जिसका समाज पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है।
एसएसपी, एसपी और रेल एसपी तक पहुंचा नया आदेश- मुख्यालय की तरफ से आगे कहा गया कि इस प्रकार के गीतों के प्रसारण से महिलाओं की सुरक्षा एवं गरिमा प्रभावित होती है। महिलाएं कहीं न कहीं असुरक्षित और लज्जा का अनुभव करती हैं।
- अश्लील भोजपुरी गाने छोटे-छोटे बच्चों को भी गलत संदेश देते हैं और उन्हें गलत दिशा में जाने के लिए प्रेरित करते हैं। यह एक गंभीर और ज्वलंत सामाजिक समस्या है।
- इसके निदान के लिए पुलिस प्रशासन के स्तर से विशेष अभियान चलाकर आवश्यक निरोधात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए।
- सभी आइजी-डीआइजी को निर्देश दिया गया है कि इस तरह का मामला पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 296/79 एवं अन्य धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी भी दर्ज कर अग्रतर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
- इसकी प्रति सभी जिलों के एसएसपी, एसपी और रेल एसपी को भी भेजी गई है।
इधर, पत्र के आलोक में शाहाबाद डीआइजी सत्य प्रकाश ने आदेश का अनुपालन कराने के लिए भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर जिले के एसपी को पत्र जारी कर दिया है।
मुख्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि भोजपुरी के दोहरे अर्थ वाले अश्लील गीतों के प्रसारण के कारण महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे द्विअर्थी व अश्लील गानों से महिलाएं लज्जा का अनुभव करती हैं। इस प्रकार के गाने महिलाओं की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं।
दोहरे अर्थ वाले भोजपुरी गाने छोटे-छोटे बच्चों को भी गलत संदेश देते हैं और उन्हें गलत दिशा में जाने के लिए प्रेरित करते हैं।
यह एक गलत व गंभीर ज्वलंत सामाजिक समस्या है, जो महिलाओं व बच्चों के साथ-साथ संपूर्ण समाज को दुष्प्रभावित कर रहा है।
ऐसे में इस समस्या के निदान के लिए पुलिस प्रशासन के स्तर से विशेष अभियान चलाकर विधि द्वारा निर्धारित प्रावधान के अनुसार आवश्यक निरोधात्मक व कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
आदेश में कहा गया है कि ऐसे मामलों में विशेष अभियान चलाकर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 296/79 व अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।
होली के दौरान ऐसे द्विअर्थी व अश्लील भोजपुरी गीतों की बाढ़ आ गई है। जिससे महिलाओं व सीधे साधे लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
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होली से पहले केंद्र सरकार ने बिहार को दे दिया एक और तोहफा, 111 KM लंबी 2 लेन सड़क को लेकर आ गया नया अपडेट
राज्य ब्यूराे, पटना। केंद्र सरकार ने परसरमा से अररिया तक एनएच 327 ई के उन्नयन को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।
इस परियोजना के तहत 111.82 किमी लंबे एनएच 327 ई के परसरमा-अररिया खंड को दो लेन व पेव्ड शोल्जर के साथ विकसित किया जाएगा।
पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बतााया कि इस सड़क के उन्नयन से क्षेत्र में भारी यातायात के दबाव को कम किया जा सकेगा।
उक्त परियोजना को भविष्य की यातायात आवश्यकताओं और नियोजित शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
इस परियोजना की मंजूरी के लिए वह केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इस परियोजना के पूरा होने के बाद सुपौल, पिपरा, त्रिवेणीगंज और रानीगंज जैसी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा।
बढ़ेगी गाड़ियों की रफ्तार- इस परियोजना के तहत बनने वाली सड़क की डिजायन 80 से 100 किमी प्रति घंटे की है। इससे तेज और सुगम सफर का अनुभव मिलेगा।
- इसके अंतर्गत दो फ्लाईओवर, दो अंडर पास तथा दाे रेल ओवर ब्रिज का निर्माण होगा। भारी वाहनों को बाईपास के माध्यम से डायवर्ट किया जा सकेगा।
उधर, गोरेयाकोठी (सिवान) में भाजपा विधायक देवेशकांत सिंह ने शनिवार को विधानसभा क्षेत्र के बसंतपुर नगर पंचायत में बनने वाली सड़क का शिलान्यास किया।
विधायक के निजी सचिव सोनू कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत 1.600 किलोमीटर की बनने वाली सड़क के निर्माण पर एक करोड़ 18 लाख 32 हजार 257 रुपये खर्च किए जाएंगे।
सड़क काफी दिनों से बदहाल थी व निर्माण होने से कई गांव के लोग लाभांवित होंगे। वहीं शांति मोड़ पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक ने अपनी विकास की प्रतिबद्धता दुहराते हुए कहा कि क्षेत्र के लोगों की यह एक बड़ी मांग आज पूरी हुई।
अभी कई सड़कों का होना है निर्माणउन्होंने विधानसभा क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों को गिनाते हुए कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए वे सदैव तत्पर हैं और इन क्षेत्रों में विकास धरातल पर दिख भी रहा है। अभी कई सड़कों का निर्माण होना है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
लोगों ने जिस भरोसे मुझे जीत का ताज पहनाया था, हर वर्ग को साथ लेकर चलते हुए उस पर खरा उतर रहे हैं। वे क्षेत्र के लोगों के लिए हर समय उपलब्ध हैं।
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जागरण संवाददाता, पटना। आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर (Spiritual Guru Sri Sri Ravishankar) शनिवार को पटना के ज्ञान भवन में 'अंतरंग वार्ता' कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातन सूर्य के समान है, इस पर हमला करना सूर्य पर पत्थर चलाने जैसा है। ऐसा करने वाला मूर्ख है। सनातन को कोई नहीं मिटा सकता। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने इन्हीं शब्दों में सनातन धर्म की महत्ता बयां की।
एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने ऐसे लोगों पर कटाक्ष भी किया, उन्होंने कहा कि जो अपना धर्म पूछने पर सभी धर्म को मानने की बात कहते हैं, आखिर उन्हें खुद को हिंदू बताने में क्या हिचक होती है। अपने राष्ट्र, धर्म और पर्व-त्योहारों का सम्मान करें।
बिहार सरकार दे जमीन तो बनाएंगे विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयउज्ज्वल बिहार यात्रा कार्यक्रम के दूसरे दिन अंतरंग वार्ता में शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए। कटक स्थित श्री श्री यूनिवर्सिटी से जुड़े एक प्रश्न के जवाब में श्री श्री ने बताया कि उसमें विश्वस्तरीय शिक्षा दी जा रही है।
आखिर देश के युवा शिक्षा ग्रहण करने विदेश क्यों जाते हैं, विश्वस्तरीय शिक्षकों की वजह से तो श्री श्री यूनिवर्सिटी में वैसे ही शिक्षकों को लाया गया। दुनिया के 45 हजार से अधिक विश्वविद्यालयों में इसका स्थान 200 से नीचे है।
अंतरंग वार्ता के दौरान गुरुदेव को पैर छुकर आर्शीवाद लेते श्रद्वालु। (जागरण)
बिहार सरकार यदि 50-60 एकड़ जमीन दे तो वे यहां भी वैसा ही शिक्षण संस्थान बनाएंगे। कोरोना को मैन मेड वायरस बताने के साथ उन्होंने कहा कि इसकी वैक्सीन का बड़ा दुष्प्रभाव पड़ा है।
इसकी वजह से हृदयाघात से युवाओं की मौत हो रही है। जिन्होंने वैक्सीन ली उन्हें ओजोन थेरेपी कराना चाहिए। इसके साथ उन्होंने आयुर्वेदिक और सिद्धा पद्धति से तैयार इसकी दवा की प्रभावकता की भी चर्चा की।
बांग्लादेश पर तटस्थता ठीक नहींरूस-यूक्रेन युद्ध के साथ गुरुदेव ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार अपनी बातें रखीं। उन्होंने बताया कि यूक्रेन की संसद में जब संबोधन का अवसर मिला तो कहा था कि यहां रूस के लोगों की उपेक्षा की जाती है। इसका नकारात्मक असर पड़ेगा और ऐसा ही हुआ भी।
यही हाल बांग्लादेश का हो गया है। रूस-यूक्रेन मामले में तटस्थता ठीक है, लेकिन बांग्लादेश के हिंदुओं का तो सहारा भारत ही है। वहां के लोगों को यकीन है कि भारत सरकार उनकी रक्षा करेगी, लेकिन भारत चुप है। यह ठीक नहीं।
अंतरंग वार्ता के दौरान लोगों को सवाल का जबाव देते गुरुदेव।
श्रीश्री ने शिक्षा की क्रांति से पंचेंद्रीय की सक्रियता और चेतनाशीलता का संबंध जोड़ा। उन्होंने बताया कि चेतना की जागृति का असर ऐसा हुआ है कि सामान्य बच्चे की प्रतिभा में भी अभूतपूर्व विकास हुआ है। अंतर्ज्ञान और सृजनात्मकता से आत्मीयता और इससे अंतरंगता आती है।
बिहार में हुआ व्यापक बदलावआखिर बिहार कब बदलेगा? इसके जवाब में श्रीश्री ने मखाना, छठ पूजा से लेकर झिझिया तक पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दो दशक पहले मखाना को कोई नहीं जानता था, आज यह विश्वव्यापी हो चला है। छठ महापर्व को ही देख लीजिए। इसी तरह झिझिया कितना खूबसूरत लोक नृत्य है। यह देश-विदेश में पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में परिवर्तन तो हुआ ही है। सड़कें बेहतर हो गई हैं, पिछड़े नहीं रह गए हैं। मुस्कुराते हुए उन्होंने सलाह दी कि यहां के विकास में और तेजी लानी है तो अधिकारियों को आर्ट ऑफ लिविंग का कोर्स करवाइए।
गुरुदेव ने बिहार की महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की महिलाओं के लिए विशेष कार्य करना होगा।
शिक्षकों को ऊर्जावान रहने की सीख देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा की स्थिति वे ही सुधार सकते हैं। हालांकि दुनियाभर के 40 प्रतिशत शिक्षक डिप्रेशन के शिकार हैं। उनमें सकारात्मकता लाने की जरूरत है।
श्रीश्री रविशंकर के साथ अंतरंग वार्ता के दौरान लोगों को संबोधित करते गुरुदेव।
आर्ट ऑफ लिविंग के भजनों और सत्संग के साथ शुरू कार्यक्रम में पहुंचे श्रीश्री ने कई अनुयायियों की उत्कंठा शांत की। ध्यान, प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया को अपनाकर तनावमुक्त जीवन जीने की सलाह दी।
किसी समस्या में मन उलझ जाता है तो क्या करें? इस प्रश्न पर गुरुदेव ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग का कोर्स करें। सुदर्शन क्रिया किसी भी समस्या से निजात दिला सकती है। युवाओं के लिए नियमित ध्यान, प्रणायाम और सकारात्मक रहने का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि सुदर्शन क्रिया लयबद्ध तरीके से सांस लेने की तकनीक है। इससे दुनियाभर के 80 करोड़ लोगों के जीवन में बदलाव आया है। गुरुदेव ने बिहार के युवाओं को नशा मुक्त जीवन जीने का आह्वान किया।
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राज्य ब्यूरो, पटना। इस बार के विधानसभा चुनाव को ''अभी नहीं तो कभी नहीं'' जैसे मान कर राजद लगातार वादे कर रहा।
इस क्रम में शनिवार को बापू सभागार में आयोजित माई-बहिन महासम्मेलन में तेजस्वी यादव ने वादा किया कि अगर वे सत्ता में आए तो महिला लाभार्थी योजना लाएंगे।
इस योजना के अंतर्गत जन्म लेने से लेकर स्वावलंबी बनने तक बेटियों को सरकार आर्थिक और दूसरी सहायता देगी। उसमें शिक्षण-प्रशिक्षण से लेकर नौकरी-रोजगार तक की व्यवस्था होगी।
इसी के साथ उन्होंने माई-बहिन मान योजना सहित अपने वे दूसरे वादे गिनाए, जो वे समय-समय पर करते रहे हैं। महिलाओं से आग्रह किया कि वे गांव-जवार के लोगों को इन वादों से अवगत कराएं।
राबड़ी देवी के बारे में क्या बोले तेजस्वी?- पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बारे में सदन में हुई टिप्पणी पर तेजस्वी क्षुब्ध रहे। कहा कि सरकार बनवाने के लिए भाभी का रिश्ता बना लेते हैं और विधान परिषद में अशोभनीय व्यवहार करते हैं।
- राबड़ी देवी बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री पद की एक गरिमा होती है। उन्होंने (नीतीश कुमार) राबड़ी देवी के लिए जिस भाषा का उपयोग किया, वह अच्छी नहीं है।
- राबड़ी देवी उनसे बड़ी हैं। वह अविभाजित बिहार की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। रितु जायसवाल ने चुनावी संघर्ष में महिला प्रकोष्ठ की सक्रिय सहभागिता के लिए आश्वस्त किया।
- महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष कांति सिंह, पूर्व मंत्री अनिता देवी, मुख्यालय प्रभारी मुकुंद सिंह आदि उपस्थित रहीं।
पति लालू प्रसाद के गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए राबड़ी देवी ने महिलाओं से एकजुट हो तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी जो कहते हैं, वह करते हैं। लालू ने गरीबों को आवाज दिया। पिछड़े, अनुसूचित जाति व गरीबों के उत्थान का काम किया। महिलाओं के हित में राजद सदैव प्रतिबद्ध रहा है।
उन्होंने कहा कि आज न तो रोजगार मिल रहा और न ही नौकरी। पलायन बढ़ गया है। जितनी महंगाई है, उसमें एक आदमी की कमाई से बच्चे को नहीं पढ़ा सकते।
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती, क्योंकि बिना पढ़े-लिखे शिक्षक नियुक्त हो रहे हैं। गरीबी कम नहीं हो रही। इसलिए मैं अनुरोध करती हूं कि तेजस्वी की सरकार बनाएं। लालूजी बीमार रहते हैं।
उनका तीन-चार ऑपरेशन हुआ है। सभी लोग राजद को वोट देते हैं, लेकिन सारा वोट कहां चला जाता है! ये लोग वोट में गड़बड़ी करते हैं! झूठे केस में फंसा देते हैं। बार-बार नोटिस भेजते हैं।
एक ही बात को हजार बार पूछा जाता है। हमें बहुत परेशान किया जाता है। न हम लोग चोरी करते हैं, न चोरी किए हैं। मैं गरीबों का झंडा नहीं झुकने दूंगी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा है कि अगर उनकी कोई गड़बडी सामने आई तो सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने जमुई के खैरा में निगरानी विभाग द्वारा जमीन के परिमार्जन के लिए 60 हजार रुपये घूस लेते पकड़े गए राजस्व कर्मचारी आशीष कुमार पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। अपने मोबाइल या पास के वसुधा केंद्र से निर्धारित राशि का भुगतान कर ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
आमलोगों को किसी अधिकारी-कर्मचारी से मिलने की जरूरत नहीं है। सभी ऑनलाइन सेवाओं में काम के लिए समय निर्धारित है। मुख्यालय में टीम बनाकर उसकी मॉनीटरिंग हो रही है।
दानापुर व खगौल नगर परिषद से जुड़ेंगे चार-चार पंचायत के नौ-नौ राजस्व ग्राम के क्षेत्रइसके अलावा, बिहार में नीतीश सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। दानापुर प्रखंड के अंर्तगत आने वाले चांर पंचायत के नौ राजस्व ग्राम दानापुर नगर परिषद में शामिल होंगे।
वहीं, खगौल नगर परिषद में चार पंचायत के नौ राजस्व ग्राम शामिल होंगे। इसको लेकर कार्रवाई शुरू हो गयी। इसकी सूची नगर परिषद को भेजी जा चुकी है।
ये होगा फायदा- विश्वस्त सूत्रों की मानें तो कार्रवाई तेज हो गयी है। जिससे दोनों नगर परिषद क्षेत्र का विस्तार हो जाएगा। वार्ड की संख्या भी बढेगी।
- पंचायतो के कुछ पंचायत के गांव का नगर परिषद में शामिल किये जाने को लेकर चर्चा होने लगी है। नगर परिषद से लेकर इलाके में भी इसको लेकर चर्चा जोरो पर है। सभी इसे पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
- पंचायतों के इन गांवो को नगर परिषद में शामिल होने से उन्हे नगर परिषद वाली सुविधा मिलने लगेगी। जिससे लोगों को बहुत फायदा होगा।
दानापुर नगर परिषद में मोबारकपुर-रघुरामपुर पंचायत के राजस्व ग्राम फरीदनपुर व मैनपुरा, जमसौत पंचायत के जमसौत का आंशिक एवं ढिबरा, कोथवां पंचायत के कोथवां व मुस्तफापुर का आंशिक तथा लखनीबिगहा पंचायत के बबक्करपुर नसरीपुर एवं आशोपुर का आंशिक क्षेत्र शामिल होगा।
जबकि खगौल नगर परिषद में सरारी पंचायत के सरारी राजस्व ग्राम का आंशिक व खेदलपुरा, लखनीबिगहा पंचायत के आशोपुर आंशिक, आदमपुर, लखनीबिगहा व संदलपुर जमालुद्दीनचक पंचायत के बड़ी खगौल व सैदपुरा एवं कोथवां पंचायत के मुस्तफापुर के आंशिक क्षेत्र शामिल होगा। जिससे इन राजस्व ग्राम के लोगो को नगर परिषद वाली सुविधा का लाभ मिलेगा।
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राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू प्रदेश कार्यालय में शनिवार को नारी शक्ति सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि महिलाओं को न्याय और गरिमा दिलाने में नीतीश कुमार का कोई मुकाबला नहीं है।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार ने महिलाओं को न्याय और गरिमा दिलाने और उनकी उम्मीदों को पंख देने के लिए जिस वैचारिक शुद्धता और प्रतिबद्धता के साथ काम किया है, वैसा पूरे देश में दूसरा उदाहरण नहीं मिलेगा।
2025 में 225 का संकल्प होगा पूराJDU प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एनडीए जिला सम्मेलनों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के मुकाबले अधिक थी। आने वाले विधानसभा चुनाव में महिलाएं एक बार फिर से एनडीए गठबंधन की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने कहा कि जिला सम्मेलनों में महिलाओं की भागीदारी यह दर्शाता है कि 2025 में 225 और फिर से नीतीश का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा।
नीतीश कुमार के शासनकाल में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई ऐतिहासिक काम किए गए। अब महिलाओं को सभी सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं की मांग पर बिहार में शराबबंदी लागू की गई।
सभी क्षेत्र में सशक्त हो रही महिलाइस मौके पर परिवहन मंत्री शीला मंडल ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर और जननायक कर्पूरी ठाकुर के सपनों को नीतीश कुमार पूरा कर रहे हैं। महिलाएं सभी क्षेत्र में सशक्त हो रही हैं।
जदयू महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. भारती मेहता ने कहा कि नीतीश कुमार ने महिलाओं को ताकत देकर विकास की मुख्यधारा में शामिल किया है। बिहार लैंगिक समानता का अगुआ बना है।
पूर्व मंत्री डॉ. रंजू गीता ने कहा कि बिहार की आम अवाम की सेवा के लिए हमें फिर नीतीश कुमार के हाथों में बिहार की बागडोर सौंपने का संकल्प लेना है। विधायक शालिनी मिश्रा ने कहा कि महिलाओं को असली आजादी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी।
वाल्मीकिनगर पहुंचे सीएम, वाल्मीकि महोत्सव का किया उद्घाटनवहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को शाम 4.07 बजे बगहा के वाल्मीकिनगर पहुंचे। वे नदी घाटी परियोजना प्लस टू स्कूल में वाल्मीकि महोत्सव का उद्घाटन किया। सीएम यहां 40 मिनट तक रूके, फिर पटना के लिए रवाना हो गए।
इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री जनक, विजय चौधरी समेत एक दर्जन जनप्रतिनिधि, मंत्री और गणमान्य उपस्थित थे।
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Bihar News: केंद्र को बिहार से लिखा गया नया पत्र, 2 राज्यों के एयरपोर्ट का नाम लेकर उठी बड़ी मांग
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार चैम्बर आफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू को पत्र लिखकर हवाई यात्री की सुविधा के लिए पटना, गया और दरभंगा एयरपोर्टस पर किफायती उड़ान यात्री कैफे खोलने की मांग की है।
चैम्बर अध्यक्ष सुभाष पटवारी ने बताया कि भारत सरकार एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के पहल पर देश के दो एयरपोर्टस चेन्नई एवं कोलकाता में किफायती उड़ान यात्री कैफे का प्रारंभ किया गया है।
यहां पर यात्रियों को पानी का बोतल 10 रुपये, चाय 10 रुपये, काफी 20 रुपये एवं स्नैक्स 20 रुपये रुपये में दिया जा रहा है, लेकिन जहां पर उड़ान यात्री कैफे नहीं हैं।
वहां पर पानी, चाय, काफी या स्नैक्स के लिए यात्रियों को 100-250 रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है, जो आम यात्रियों के लिए असुविधाजनक है।
पटवारी ने कहा कि बिहार एक आर्थिक रूप से पिछड़ा राज्य है और लोगों की भुगतान क्षमता कम है। बिहार से काफी संख्या में खाड़ी देशों में काम करने वाले मजदूरों का आना-जाना रहता है।
उन्होंने कहा कि यदि पटना के साथ-साथ गया एवं दरभंगा एयरपोर्टस पर ‘उड़ान यात्री कैफे’ का प्रारंभ हो जाए तो राज्य के आम यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
इन नेताओं को भी लिखा गया पत्र- पटवारी ने कहा कि इस आशय का एक-एक पत्र केंद्र में बिहार के मंत्री जीतन राम मांझी, गिरीराज सिंह, राजीव रंजन सिंह के साथ-साथ सांसद रविशंकर प्रसाद, विवेक ठाकुर, जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, गोपाल जी ठाकुर को भी पत्र लिखा है।
- इसमें आग्रह किया है कि राज्य के हवाई यात्रियों के व्यापक हीत में वे भी इस संबंध में अपने-अपने स्तर से नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार को लिखे। इससे कि चैम्बर के पहल को और बल मिल सके और शीघ्रातिशीघ्र यहां पर भी उड़ान यात्री कैफे खुल सके।
अनीसाबाद पुलिस कॉलोनी जलापूर्ति केंद्र तीसरे दिन भी चालू नहीं हो सका। लोग दिन भर जलापूर्ति केंद्र के चालू होने का इंतजार करते रहे।
पटना नगर निगम के जलापूर्ति प्रमंडल के अभियंताओं का कहना है कि शुक्रवार को देर रात तक जलापूर्ति केंद्र को चालू कर दिया जाएगा। मोटर को बदलने का कार्य चल रहा है।
बता दें कि बुधवार को दोपहर में जलापूर्ति केंद्र का मोटर जला था, गुरुवार को एक मोटर लगाया गया, उसमें भी तकनीकी खराबियां आ गई। वह भी नहीं चल पाया। इस क्षेत्र के निवासी जलापूर्ति का इंतजार करते रह गए।
शुक्रवार को शाम से ही मोटर बदलने का कार्य चल रहा है। जलापूर्ति बंद होने के कारण पुलिस कॉलोनी, अनीसाबाद, पहाड़पुर, बालमीचक, ब्राम्हपुर के आसपास पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।
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