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Bihar Jobs 2025: चुनाव से पहले बिहार में फिर निकली बहाली, 682 पदों पर भर्ती के लिए जारी हुआ नोटिफिकेशन
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) अवर सांख्यिकी पदाधिकारी और प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी के 682 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन स्वीकार कर रहा है।
वेबसाइट https://bssc.bihar.gov.in/ पर आवेदन के लिए 21 अप्रैल तक लिंक उपलब्ध होगा। फीस ऑनलाइन 19 अप्रैल तक स्वीकार किए जाएंगे।
सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए 313 पद चिह्नित हैं। 98 एससी, सात एसटी, 112 बीसी, 62 पिछड़ा वर्ग, 22 पिछड़ा वर्ग की महिला और 68 ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित है।
दीघा आईटीआई में विशेष भर्ती अभियान- बता दें कि जॉब को लेकर बिहार सरकार के अलावा एक प्राइवेट संस्था ने भी नोटिफिकेशन जारी किया है। दरअसल, एमआरएफ के दो प्लांट चेन्नई और हैदराबाद में दो हजार से ज्यादा भर्तियां होनी है।
- इसको लेकर दो अप्रैल को दीघा स्थित आइटीआइ परिसर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें पांचवीं, 10वीं व 12वीं पास के अलावा आइटीआइ अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं।
- एप्रेंटिसशिप योजना के तहत भर्ती किए गए युवकों को 17,500 स्टाइपेंड दिया जाएगा।
इसके अलावा, श्रम संसाधन विभाग पटना के निर्देशानुसार जिला नियोजनालय सह माडल कैरियर सेंटर संयुक्त श्रम भवन नवादा (सरकारी आइटीआइ) के प्रांगण में तीन अप्रैल को रोजगार शिविर का आयोजन किया जाएगा।
शिविर में एचआरबीएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) द्वारा हेल्पर एवं आपरेटर के 50 पदों के लिए भर्ती की जाएगी।
इसके लिए योग्यता दसवी, बारहवीं, आइटीआइ, डिप्लोमा पास एवं उम्र सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित है।
इच्छुक आवेदक अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र (आइडीकार्ड) की छायाप्रति, रंगीन फोटो एवं बायोडाटा के साथ संयुक्त श्रम भवन (सरकारी आइटीआइ), नवादा के प्रांगण में शिविर में भाग लेकर लाभ उठा सकते हैं।
यहां भी लगेगा जॉब कैंप, तैयारी पूरीदो अप्रैल यानी बुधवार को संयुक्त श्रम भवन परिसर में जॉब कैम्प का आयोजन किया जाएगा। इसमें कुल दो सौ पदों पर नियुक्ति के लिए साक्षात्कार का आयोजन किया जाएगा।
12 वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी की बहाली की जाएगी। इसके लिए अभ्यर्थी की उम्र सीमा 18 से 29 वर्ष निर्धारित है। कम्पनी द्वारा अभ्यर्थी को रुपये वेतन सहित अन्य मुफ्त आवास इनसेन्टिव, फ्युल खर्च प्रतिमाह दिया जाएगा।
नियोजक द्वारा चयनित अभ्यर्थी को उत्तर बिहार के सभी जिलों में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। नियोजक द्वारा चयनित अभ्यर्थी को दो पहिया वाहन एवं चालक लाइसेंस होना अनिवार्य है।
जॉब कैम्प में भाग लेने के लिए अपना बायो डाटा,सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पांच रंगीन फोटो, आधार कार्ड, पेन कार्ड एवं अन्य प्रमाण पत्र की छाया प्रति साथ लाना होगा। कैंप निशुल्क है।
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Bihar Wheat Price: पछुआ से गेहूं की उपज हो सकती है प्रभावित, 15 जून तक होगी खरीद; ये है सरकारी रेट
जागरण टीम, पटना। इस बार गर्मी गत वर्ष की अपेक्षा थोड़ी पहले आ गई है। मार्च महीने से ही इसका असर दिख रहा है। मौसम में अचानक इस बदलाव की वजह से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान अधिक होने से गेहूं का दाना पूर्णरूप से विकसित होने से पहले ही पक जाएगा। इससे गेहूं की उपज प्रभावित हो सकती है।
सारण, बेगूसराय समेत अन्य जिलों से मिली सूचना के अनुसार, गेहूं के दाने सिकुड़ गए हैं, खासकर पीछे बोआई करने वाले किसानों की फसल की स्थिति अपेक्षाकृत खराब है।
इधर, राज्य में मंगलवार यानी 01 अप्रैल से गेहूं खरीदने की व्यवस्था सरकार ने शुरू कर दी है। सरकार ने इसबार दो लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा है। इनमें 1.5 लाख टन गेहूं पैक्स और व्यापार मंडल के माध्यम से खरीद होगी, जबकि 50 हजार टन गेहूं भारतीय खाद्य निगम से खरीद होगी।
सरकार ने इस बार गेहूं के भाव में 150 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि कर 2,425 रुपये प्रति क्विंटल का भाव तय किया है। यह भी घोषणा की गई है कि गेहूं खरीद के 48 घंटे के अंदर ही किसानों को राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। पहले दिन खरीदारी का शुभारंभ सासाराम से हुआ है। अब वहां के दो किसानों को 48 घंटे में भुगतान की प्रतीक्षा है। शेष जिलों से खरीद की सूचना नहीं है।
गोपालगंज: कई स्थानों पर कटाई प्रारंभजिले में 98,300 हेक्टेयर में गेहूं के आच्छादन का लक्ष्य था। जिसके विरुद्ध 97,200 हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। मार्च माह के तीसरे सप्ताह से तेज पछुआ चलने का असर गेहूं के दानों पर आंशिक रूप से पड़ने की संभावना है। गेहूं की फसल पककर लगभग तैयार हो गई है। कई स्थानों पर गेहूं की कटाई भी शुरू हो गई है। पहले दिन कहीं से भी गेहूं खरीद प्रारंभ होने की सूचना नहीं है।
जहानाबाद/अरवल: 30 डिग्री से अधिक तापमान पर तेजी से परिपक्व होते दानेजहानाबाद की जिला कृषि पदाधिकारी संभावना ने बताया कि समय से पहले गर्मी आने से गेहूं की फसल पर आंशिक असर पड़ सकता है। 15 से 20 प्रतिशत तक उपज प्रभावित होने की आशंका है। दाने सिकुड़ गए हैं। अरवल जिले में 17 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र की वरीय कृषि वैज्ञानिक अनिता कुमारी ने बताया कि गेहूं की फसल में सामान्य रूप से परागण और दाने भरने के लिए अनुकूल तापमान बेहद जरूरी है। 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने पर दाने तेजी से परिपक्व होने लगते हैं। ऐसे मे नवंबर में गेहूं की बोआई करने वाले किसानों को 10 तथा दिसंबर में बोआई करने वाले किसानों की उपज 20 प्रतिशत तक प्रभावित होने की संभावना है।
बेगूसराय: पीछे बोआई करने वालों के दाने अपुष्टजिले में अगात बोआई करने वाले किसानों की फसल के दाने तो ठीक हैं, लेकिन थोड़ा पीछे बोआई करने वालों की फसल के दाने अपुष्ट हैं। समय से पहले गर्मी के कारण गेहूं के दाने सिकुड़ गए हैं।
नवादा: पछुआ हवा ने पहुंचाया नुकसानगेहूं की फसल को बहुत अधिक नुकसान होने की सूचना नहीं है। कुछ किसान पछुआ के प्रभाव से लेट वेराइटी वाले गेहूं के दाने कमजोर पड़ने की आशंका जता रहे हैं। दाने तैयार होने से पहले ही सिकुड़ गए हैं।
गया: अच्छी पैदावार की उम्म्मीदजिला कृषि पदाधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया है कि जिले में इस वर्ष गेहूं की फसल अच्छी हुई। अच्छी पैदावार की उम्मीद है।
हाजीपुर: पछुआ का आंशिक असरजिले में 98.7 प्रतिशत यानी 47 हजार 376 हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगी है। बताया गया कि मार्च माह में जिस गति से पछुआ हवा चलनी शुरू हुई थी। इसका असर गेहूं के दाने पर आंशिक रूप से पड़ा है।
सिवान: पछुआ का दाने पर असरजिले में गेहूं की फसल का आच्छादन निर्धारित लक्ष्य 1 लाख 12 हजार 566 हेक्टेयर के विरुद्ध 98.70 प्रतिशत यानी एक लाख 11 हजार 107 हेक्टेयर में हुआ है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डा. जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि मार्च माह में जिस गति से पछुआ चलनी शुरू हुई थी। इसका असर गेहूं के दाने पर आंशिक पड़ा है।
सासाराम: पहले दिन दो किसानों से खरीदजिले में 84 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें सहकारिता विभाग के 74 व एफसीआइ के 10 केंद्र शामिल हैं। पहले दिन मंगलवार तक एफसीआइ द्वारा दो किसानों से 3.550 एमटी गेहूं की खरीद की गई है।
बक्सर: उपज 25 प्रतिशत तक प्रभावित होने की आशंकाबक्सर जिले में 99323 हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश शंकर ने बताया कि 20 से 25 प्रतिशत तक उपज प्रभावित होने की आशंका है। जिले में गेहूं की कटनी अभी कुछ ही दिनों पहले शुरू हुई है। प्रशासनिक स्तर पर फसल कटनी प्रयोग होना शेष है। इसके बाद ही आधिकारिक स्तर पर कोई आंकड़ा मिल सकेगा।
भोजपुर: ताप प्रतिरोधी हैं बीजभोजपुर जिले में तापमान बढ़ने का असर नहीं होगा। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि अब जिले के किसान गेहूं के जिस बीज से खेती कर रहे हैं, वह ताप प्रतिरोधी है। गेहूं की नई फसल 30 डिग्री तक तापमान सहन कर सकती है। पहले दिन कहीं भी गेहूं की खरीद नहीं हुई है।
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Waqf Bill पर जदयू की 'हां' और 'ना', 2 मुस्लिम नेताओं ने कही ये बात; अब क्या करेंगे नीतीश कुमार?
राज्य ब्यूरो, पटना। वक्फ बिल (Waqf Amendment Bill) पर जदयू को उम्मीद है कि सरकार उनकी बात को मानेगी। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का कहना है कि हमलोग यह चाहते हैं कि यह बिल पूर्व की तारीख से लागू नहीं हो।
राजनीतिक गलियारे में इस बात की चर्चा है कि वक्फ बिल पर जदयू द्वारा दिए गए संशोधन पर केंद्र सरकार की सहमति मिल सकती है। इस बीच जदयू ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान अपने सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहने को ले व्हीप जारी किया है।
JDU के दो मुस्लिम नेताओं ने कही ये बातजदयू के दो मुस्लिम नेताओं ने वक्फ बिल पर अपनी आपत्ति जतायी है। जदयू विधान पार्षद गुलाम गौस ने कहा कि उनकी समझ है कि जदयू वक्फ बिल के पक्ष में नहीं है। मालूम हाे कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभी तक वक्फ बिल पर कोई वक्तव्य नहीं दिया है।
'हम उम्मीद करते हैं कि...'मंगलवार को मीडिया ने उनसे जदयू कार्यालय में उनसे इस बारे में सवाल किया था पर वह टाल गए और ठीक है कहते हुए निकल गए।
पूर्व राज्यसभा सदस्य और जदयू नेता अश्फाक करीम का कहना है कि हम उम्मीद करते हैं कि नीतीश कुमार इस बारे में कोई न कोई फैसला जरूर लेंगे।
जदयू के सुझाव में क्या-क्या?ऐसा कहा गया है कि जदयू के सुझाव में यह शामिल है कि जमीन के मामले में राज्यों के सुझाव भी लेने चाहिए क्योंकि जमीन राज्य का विषय है। इसके अतिरिक्त सुझाव में यह भी शामिल है कि पुराने मुस्लिम धार्मिक स्थान को लेकर किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हो।
केंद्रीय मंत्री व जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि जदयू अपना पक्ष संसद में ही रखेगा।
वक्फ संशोधन कई राजनीतिक दलों के सपने चकनाचूर कर देगा : मांझीदूसरी ओर, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया है। मांझी ने मंगलवार को अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि वक्फ संशोधन बिल 2025 कई राजनीतिक दलों के सपनों का चकनाचूर कर देगा।
उन्होंने लिखा के जो दल अभी तक वक्फ बिल को लेकर मुसलमानों को भड़काने का काम कर रहे थे उन्हें हमारी सरकार करारा जवाब देने जा रही है। वक्फ संशोधन बिल जिस दिन पास होगा उस दिन देश के हर मुसलमान कहेंगे मोदी है तो सब मुमकिन है। उन्होंने मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा है कि देश का हर तबका आपके साथ है।
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शिवदीप लांडे के बाद बिहार में एक और IPS अफसर का इस्तीफा मंजूर, केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की आईपीएस और दरभंगा ग्रामीण की एसपी रही काम्या मिश्रा का इस्तीफा (IPS Kamya Mishra Resignation) स्वीकार कर लिया गया है। काम्या मिश्रा ने बीते वर्ष अगस्त महीने में निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा राज्य सरकार को सौंपा था। अब जिसे केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल गई है।
इस्तीफा देने से कुछ महीनों पूर्व ही काम्या मिश्रा ने दरभंगा ग्रामीण एसपी के रूप में अपना योगदान दिया था। अपने पदस्थापन के दौरान विकासशील इंसान पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी की हत्या मामले की जांच के साथ उन्होंने कई कई अहम कार्य जिले में किए।
2018 में पास की थी सिविल सेवा परीक्षामूल रूप से ओडिशा की रहने वाली काम्या ने अपने पहले ही प्रयास में 2018 में सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी और पुलिस सेवा का चयन किया था।
उनकी शुरुआती पोस्टिंग हिमाचल कैडर में हुई, परंतु बाद में उन्होंने स्वयं ही बिहार कैडर का चयन कर लिया था। पुलिस सेवा में एक सीमित अवधि बिताने के बाद उन्होंने पिछले वर्ष राज्य सरकार को अपना इस्तीफा दिया था। जिसे अब स्वीकृति मिल गई है।
शिवदीप के बाद दूसरा इस्तीफा मंजूरगौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में बिहार के दूसरे आईपीएस अफसर का इस्तीफा मंजूर हुआ है। काम्या मिश्रा से पहले 15 जनवरी 2025 को बिहार कैडर के चर्चित आईपीएस अधिकारी और आईजी शिवदीप लांडे का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया था। शिवदीप लांड ने पिछले साल (2024) सितंबर में पूर्णिया आईजी रहते हुए पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया था।
काम्या मिश्रा ने क्यों दिया था इस्तीफा?काम्या मिश्रा ने बताया था कि माता-पिता की अकेली बेटी हूं। वहां बड़ा कारोबार है। संभल नहीं रहा है। परिवार भी नहीं संभल रहा है। इतनी अच्छी नौकरी कोई यूं ही नहीं छोड़ता। उन्होंने कई बार ऐसा भी बोला था कि नौकरी में उनका मन नहीं लग रहा है।
काम्या मिश्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धियां- UPSC में सफलता और आईपीएस कैडर प्राप्ति
काम्या मिश्रा ने 22 वर्ष की उम्र में 2019 में पहले प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास कर हिमाचल प्रदेश आईपीएस कैडर प्राप्त किया था। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने उन्हें इस कठिन परीक्षा में सफलता दिलाई।
- बिहार कैडर में स्थानांतरण और पति की भूमिका
2021 में काम्या मिश्रा ने बिहार कैडर में स्थानांतरण करा लिया। इसके साथ ही उनके पति अवधेश दीक्षित भी आईपीएस ऑफिसर बने, जो फिलहाल मुजफ्फरपुर में सिटी एसपी के पद पर तैनात हैं।
- दरभंगा की पहली ग्रामीण एसपी नियुक्ति
7 मार्च 2024 को काम्या मिश्रा को दरभंगा की पहली ग्रामीण एसपी नियुक्त किया गया। इससे पहले वह पटना सचिवालय में एएसपी के पद पर कार्यरत थीं। उनका यह योगदान ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने में अहम साबित हो रहा है।
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Bihar Politics: अचानक JDU दफ्तर पहुंचे CM नीतीश, 15 मिनट तक क्या हुआ? बिहार में फिर तेज हुई सियासी हलचल
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार की शाम अचानक जदयू प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। उनके साथ ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी भी थे। लगभग 15 मिनट तक मुख्यमंत्री प्रदेश कार्यालय में रहे।
लौटने के क्रम में वहां मौजूद पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोका और गाने लगीं- केहू केतनो होई, बाकी नीतीश न होई, जईसन राज्य चलाए कि दूसरे के परवेश न होई।
महिला कार्यकर्ताओं के इस गीत पर प्रदेश कार्यालय में जिंदाबाद के नारे भी लगे। कार्यकर्ताओं ने यह नारा भी लगाया कि हमारा नेता कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो। महिला कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के साथ अपनी तस्वीर भी ली।
बिना किसी सूचना के मुख्यमंत्री 4.45 बजे जदयू प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। वह लगभग 15 मिनट तक पार्टी कार्यालय में रहे।
पार्टी दफ्तर का एक चक्कर लगाकर वह निकले- पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के बारे में पूछा तो पता चला अस्वस्थता की वजह से नहीं आए हैं। मुख्यमंत्री ने पार्टी के प्रदेश दफ्तर में मौजूद कार्यकर्ताओं से बात भी। उनके आवेदन भी मुख्यमंत्री ने लिए।
- पार्टी दफ्तर का एक चक्कर लगाकर वह निकले। पार्टी दफ्तर में मौजूद पार्टी के पदाधिकारियों से भी बात की।
- वहां मौजूद मीडिया ने मुख्यमंत्री से वक्फ बिल पर सवाल भी किया पर ठीक है कहकर उन्होंने इसे टाल दिया।
- हाल के दिनों में यह पहला मौका है, जब मुख्यमंत्री बगैर किसी सूचना के जदयू दफ्तर पहुंचे और वहां मौजूद कार्यकर्ताओं से बात की।
इधर, नीतीश के जदयू दफ्तर दौरे के बीच उनके एक नेता का बयान भी सामने आया है। सभी के हित सोचते हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। उनके जैसा नेता पूरे देश में खोजने पर नहीं मिलेंगे।
उक्त बातें पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह ने मंगलवार को कही। कहा कि बिहार का विकास नीतीश कुमार की देन है। बिहार की समृद्ध विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह महात्मा बुद्ध, महावीर और सूफी संतों की धरती है।
यह 40 देशों की राजधानी रही है, लेकिन कुछ नेताओं ने जाति और धर्म के नाम पर राज्य को नुकसान पहुंचाया है। वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर कहा कि नीतीश कुमार अल्पसंख्यक समाज के साथ मजबूती से खड़े हैं।
उनकी सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम भी कराया है। गठबंधन की राजनीति में भी नीतीश कुमार ने मुस्लिम समाज पर अत्याचार कभी बर्दाश्त नहीं किया।
इसी कारण बिहार में दो बार गठबंधन टूटा। अपने कार्यकाल में वक्फ बोर्ड के मामलों में कभी दखल नहीं दिया और न ही किसी को देने दिया। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे बताएं कि बिहार में नीतीश कुमार जैसा दूसरा नेता कौन है।
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Bihar Election 2025: सीटों को लेकर गठबंधन के दलों के बीच शुरू हुआ मंथन, दोनों तरफ बढ़ सकती है टेंशन
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा का चुनाव (Bihar Election 2025) अगर निर्धारित समय पर हुआ तो यह अक्टूबर से शुरू होकर नवंबर में समाप्त होगा। सभी दल समय पर चुनाव की संभावना प्रकट कर रहे हैं, लेकिन दलों की तैयारी बता रही है कि ये किसी भी समय चुनाव के लिए तैयार हैं। इस कारण दोनों बड़े गठबंधन के दलों के बीच लड़ने वाली सीटों को लेकर मंथन शुरू हो गया है।
एनडीए और महा गठबंधन के तीन बड़े दल अपने लिए अधिक सीटों की गारंटी के साथ सहयोगी दलों के लिए इतनी सीटें छोड़ने की रणनीति पर चल रहे हैं, जिनसे असंतोष की संभावना न रहे।
कैसे होगा सीटों का बंटवारा?आम तौर पर पिछले चुनाव की हार-जीत और घटक दलों की संख्या में कमी-वृद्धि के आधार पर अगले चुनाव में सीटों का बंटवारा होता है। दोनों गठबंधन में इस आधार पर सहमति बनाने की कोशिश हो रही है कि जिस दल की पिछले चुनाव में जितनी सीटें थीं, वह उनके पास रह जाएं।
बची हुई सीटों का बंटवारा जीत की संभावना के अनुमान से किया जाए। जीती हुई सीटों पर किसी गठबंधन में विवाद नहीं है, लेकिन बाकी सीटों का वितरण किस तरह किया जाए, इस पर मंथन चल रहा है।
नए दलों ने बढ़ाई गठबंधनों की टेंशन!इसमें नए दलों की आमद नया विषय है। एनडीए में लोजपा (रामविलास) के अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा इस विधानसभा चुनाव के नए फरीक हैं। उधर, महागठबंधन में वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) का आगमन हुआ है। दोनों गठबंधनों के लिए ये सहयोगी बड़ी समस्या पैदा कर रहे हैं।
पिछले चुनाव में लोजपा स्वतंत्र रूप से 134 सीटों पर लड़ी थी। एक पर जीत हुई और उसके इकलौते विधायक जदयू में समा गए। वीआईपी को एनडीए ने 11 सीटें दी थीं। अब वह महागठबंधन से 60 सीटों की मांग कर रही है। वह 40 से कम पर मान जाएगी, ऐसा नहीं लग रहा है।
2020 में महागठबंधन में कैसे हुआ सीटों का बंटवारा?2020 में महागठबंधन के दलों के बीच सीटों का बंटवारा इस तरह हुआ था- राजद-144, कांग्रेस-70, भाकपा माले-19, भाकपा-06, माकपा-04। महागठबंधन में मंथन का विषय यह है कि वीआईपी की मांग किस दल के हिस्से में कटौती करके पूरी की जाए।
अगर कांग्रेस 30 और राजद 10 सीट छोड़ दे तो वीआईपी का मुंह भर जाएगा। दूसरी तरफ वाम दलों की ओर से भी कुछ अधिक सीटों की मांग हो रही है।
2020 में एनडीए में कैसे हुआ सीटों का बंटवारा?2020 में एनडीए में सीटों का बंटवारा आसानी से हो गया था। जदयू के 115, भाजपा के 110, वीआइपी के 11 और हम (हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा) के छह उम्मीदवार मैदान में थे। इस बार लोजपा रा के लिए अधिक हिस्सा निकालने की मांग हो रही है।
यहां इस पर मंथन हो रहा है कि भाजपा और जदयू में पूर्व की कितनी सीटों को छोड़ने पर सहमति बनती है। अगर दोनों दल सौ-सौ सीटों पर राजी हो जाएं तो लोजपा रा, हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा की मांग सम्मानजनक ढंग से पूरी हो सकती है।
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आरा तनिष्क और जीवा ज्वेलरी शोरूम लूट के पीछे कौन? पुरुलिया जेल में बंद है मास्टरमाइंड, सामने आई चौंकाने वाली बात
राज्य ब्यूरो, पटना। दानापुर के जीवा ज्वेलरी शो रूम, भोजपुर और पूर्णिया के तनिष्क में करोड़ों के स्वर्णाभूषणों की लूट की साजिश पुरुलिया जेल में बंद अपराधी शेरू सिंह उर्फ ओंकारनाथ सिंह, उर्फ चंदन सिंह उर्फ प्रिंस ने रची थी।
मंगलवार को एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। इस दौरान एसटीएफ के आइजी, डीआइजी व तीन एसपी सहित जांच में लगी पूरी टीम मौजूद थी।
कुंदन कृष्णन ने बताया कि प्रिंस अभी पुरुलिया जेल में है। जल्द ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ होगी। घटना के बाद अब तक इस मामले में तीन आरोपियों का एनकाउंटर हुआ है।
इसमें एक आरोपी चुनमुन झा की मौत हुई है, जबकि दो आरोपी विशाल कुमार और कुणाल कुमार घायल अवस्था में गिरफ्तार हुए हैं। जबकि 13 अन्य आरोपितों को पटना, वैशाली, भोजपुर सहित देश के छह अन्य राज्यों जम्मू, गुडग़ांव (हरियाणा), छत्तीसगढ़, मिर्जापुर (यूपी) व बेंगलुरु (कर्नाटक) में छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया है।
लूट के 2.5 किलो से अधिक स्वर्ण आभूषण भी बरामद किए जा चुके हैं। एडीजी मुख्यालय ने बताया कि अपराध के बाद अपराधी दूसरे राज्यों में छिपे हुए थे। जिन्हें छापा मार कर गिरफ्तार किया गया।
अब इन आरोपितों की अवैध संपत्ति को जब्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक 4000 से अधिक पेशेवर अपराधियों और 3000 नक्सलियों का डेटाबेस तैयार किया गया है। जिन्हें लगातार ट्रेस किया जा रहा है।
धर्म व नक्सल के नाम पर कट्टरपंथ फैलाने वाले के लिए बनेगी हाई सिक्योरिटी जेलपुलिस मुख्यालय के एडीजी कुंदन कृष्णन के अनुसार जेल में रह कर अपराध को अंजाम देने वाले माफिया, धर्म और नक्सल के नाम पर कट्टरपंथ फैलाने वाले अपराधियों के लिए अलग से हाई सिक्योरिटी जेल बनेगी।
दो निर्जन स्थल पर ऐसी जेल बनाने का प्रस्ताव जल्द ही गृह विभाग को भेजा जाएगा। जेल ऐसी रिमोट एरिया में बनेंगे जहां आरोपियों के स्वजनों के पहुंचने की बात छोड़ दें दूर तक नेटवर्क भी नहीं होगा।
माफियाओं को आदर्श मान अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले युवाओं के अभिभावकों से एडीजी ने अपील की कि बच्चों पर ध्यान रखें।
उन्होंने कहा कि लूट कांडों में सर्वाधिक भोजपुर, वैशाली और समस्तीपुर के किशोर-युवाओं की संलिप्तता मिली है।
ऐसे में उनकी आय के स्रोत भी भी अभिवावक नजर रखें। नहीं तो हश्र बुरा होगा। अपराध के पैसे से बनी संपत्ति को भी जब्त करेंगे और ऐसे युवाओं का पूरा भविष्य भी चौपट हो जाएगा।
Prashant Kishor: चुनाव से पहले पीके ने फिर लिया पीएम मोदी का नाम, बिहार के लोगों से कर दी बड़ी अपील
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Politics जन सुराज पार्टी (जसुपा) के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बिहार की उपेक्षा का आरोप लगाया है।
मंगलवार को बयान जारी कर पीके ने कहा कि नरेन्द्र मोदी बिहार की जनता से वोट लेकर गुजरात में फैक्ट्री लगा रहे हैं।
पूरे देश का पैसा लेकर गुजरात के गांव-गांव में फैक्ट्री लगाई जा रही है और बिहार के लोग वहां मजदूरी करने के लिए विवश हैं।
जनता से उन्होंने पूछा है कि जब वोट आपका है तो फैक्ट्री कहां लगनी चाहिए, गुजरात में या बिहार में? अपील यह कि वोट अपने बच्चों और बिहार के भविष्य के लिए दें।
उन्होंने कहा कि इस बार वोट नेता का चेहरा देखकर नहीं, अपने बच्चों का चेहरा देखकर देना है। वोट जाति-धर्म पर नहीं, शिक्षा और रोजगार के लिए देना है। लालू-नीतीश-मोदी नहीं, बल्कि जनता का राज लाना है।
बिहार बदलों रैली को लेकर जन सुराज पार्टी की बैठकबता दें कि जन सुराज पार्टी ने 11 अप्रैल को बिहार बदलो रैली" का आयोजन पटना के गांधी मैदान में किया जा रहा है। यह रैली केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य को संवारने का एक संकल्प है।
इसका उद्देश्य जनता को सशक्त बनाना, शासन में पारदर्शिता लाना और राज्य की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ठोस नीति निर्माण को बढ़ावा देना है।
बिहार लंबे समय से स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। प्रशासनिक लापरवाही और औद्योगिक विकास की धीमी गति ने राज्य की प्रगति को अवरुद्ध कर रखा है।
एकमा में दर्जनों लोग जनसुराज में हुए शामिल- एकमा विधानसभा क्षेत्र के रामपुर बिंदालाल पंचायत के विष्णुपुरा कला गांव निवासी समाजसेवी विकास कुमार सिंह ने अपने सर्मथकों के साथ जन सुराज पार्टी में शामिल हुए।
- पटना में जनसुराज पार्टी के कार्यालय में पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर, अध्यक्ष मनोज भारती, सारण जिलाध्यक्ष बच्चा प्रसाद राय, एकम विधानसभा प्रभारी अशरफ राजा खान के समक्ष वे जन सुराज पार्टी में शामिल हुए।
- प्रशांत किशोर के साथ आगामी विधानसभा चुनाव पर चर्चा हुई तथा जन सुराज पार्टी की तरफ से उन्हें एकमा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने का दायित्व सौंपा गया।
- मौके पर प्रशांत सिंह, विजय यादव, ओम प्रकाश सिंह, देवेंद्र ओझा, नरेंद्र सिंह, उज्ज्वल सिंह, संदीप सिंह, सुनील यादव एवं सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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Tejashwi Yadav: अमित शाह की यात्रा के बाद तेजस्वी का खुला चैलेंज, बोले- छेड़िएगा तो छोड़ेंगे नहीं
राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आधारहीन और तथ्यहीन बताया है।
वे आरोप बिहार और लालू-राबड़ी के शासन-काल के संदर्भ में हैं। अपराध से जुड़े आंकड़े गिनाते हुए मंगलवार को प्रेस-वार्ता मेंं तेजस्वी ने कहा कि ये आंकड़े जिस राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के हैं, वह गृह मंत्रालय की अधीनस्थ इकाई है।
तेजस्वी ने कहा- शाह को जवाब देने के लिए हम पर्याप्तउन्होंने कहा कि भाजपा झूठ और जुमलेबाजी से बाज आए, अन्यथा तर्कों-तथ्यों के साथ बहस कर ले। लालू प्रसाद को छोड़िए, शाह को उत्तर देने के लिए तेजस्वी ही पर्याप्त हैं।
डबल इंजन की सरकार में शाह कोई ऐसा उदाहरण बताएं, जिसमें बिहार सर्वश्रेष्ठ रहा हो। मोदी सरकार ने गुजरात को कितनी सहायता दी और बिहार को कितनी। शाह सब कुछ सच-सच बताएं, अन्यथा वे छेड़ेंगे तो हम छोड़ने वाले नहीं हैं।
तेजस्वी ने कहा कि जंगलराज से संबंधित पटना हाई कोर्ट की टिप्पणी वस्तुत: पटना नगर निगम के संदर्भ में थी। तब नगर निगम का नेतृत्व भाजपा के पास था।
वह टिप्पणी वस्तुत: भाजपा के कामकाज पर थी, नहीं कि विधि-व्यवस्था और बिहार सरकार के संदर्भ में। गृह मंत्री का दायित्व देश को एकजुट रखने का है, जबकि शाह की सच्चाई सर्वविदित है।
प्रेस वार्ता में दो नेता रहे मौजूद- प्रेस-वार्ता में शक्ति सिंह यादव और चित्तरंजन गगन उपस्थित रहे। तेजस्वी ने कहा कि परिवारवाद पर चर्चा करते हुए उन्हें पासवान और मांझी परिवार नहीं दिखता।
- बिहार मंत्रिमंडल में 50 प्रतिशत चेहरे राजनीतिक परिवार से हैं। आश्चर्यजनक यह कि शाह यह बता रहे कि लालू के भाई-भाभी भी विधायक थे। उनके इस ज्ञान पर क्षोभ है। उन्हें बिहार के बारे में कुछ नहीं पता।
- जिस जानकी मंदिर के निर्माण की वे बात कर रहे वह तो पहले से अस्तित्व में है। 80 करोड़ से उसके सुंदरीकरण की योजना को मैंने अपने हस्ताक्षर से स्वीकृति दी थी।
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहार की बंद चीनी मिलों को चालू कराने का वादा कर गए थे। शाह उसकी चर्चा नहीं करेंगे। चारा घोटाले की बात होगी, लेकिन सृजन घोटाला के 3000 करोड़ की वसूली कब और कैसे होगी।
- इसी के साथ उन्होंने महागठबंधन सरकार के दौरान हुए कामकाज और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार में बिहार को मिली सहायता का उल्लेख किया। रेल मंत्री के रूप में लालू के दौर को उपलब्धियों वाला बताया।
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Bihar Assembly Election: जेपी से पहले नरेंद्र थे लालू के गुरु? क्लर्क की नौकरी; राबड़ी-राजनीति और रोचक किस्सा
अजय सिंह, नई दिल्ली/ पटना । "हम सब में से वह अकेला था, जो परिवार के नाम 'राय' का उपयोग नहीं करता था। वह हमेशा लालू राय के स्थान पर लालू यादव लिखता था। यह सब उसके स्कूल के शुरुआती दिनों की बात है। हमारा इस ओर ध्यान भी नहीं गया, जब तक कि उसने राजनीति में नाम कमाना शुरू कर दिया, लेकिन वह जाति का नाम यादव हमेशा अपने नाम के आगे लगाता था।"
वरिष्ठ पत्रकार संकर्षण ठाकुर अपनी किताब 'द ब्रदर्स बिहारी' में लालू यादव के बड़े भाई महावीर यादव के हवाले से लिखते हैं " लालू यादव हम सब भाई-बहनों में वह शुरू से ही खास था। हम सब शुरू से जानते थे कि उसमें कोई ऐसी बात थी, जो हममें से किसी के पास नहीं थी।
दरअसल, लालू यादव जिस इलाके से आते हैं वहां यादव समुदाय के लोग अपना सरनेम राय लिखा करते हैं। लालू यादव के पिता का नाम भी कुंदन राय है। लेकिन बचपन से चालाक लालू अपना सरनेम राय नहीं लिखते हैं। इसके पीछे भी दिलचस्प वाकया है।
फुलवारिया से पटना कैसे पहुंचे लालू यादव?लालू यादव छोटे से आंगन में एक छोटे से ईंट के टुकड़े से अपनी स्लेट पर कुछ चित्रकारी कर रहे थे कि तभी वहां से फुलवारिया के एक जमींदार गुजरे और लालू पर नजर पड़ते ही कहा- ओहो, देखा एही कलयुग है। अब ई ग्वार का बच्चा भी पढ़ाई-लिखाई करी। बैरिस्टर बनाबे के बा का...
(फोटो: लालू यादव फेसबुक पेज)
लालू यादव के चाचा यदुनंद राय, जो उस समय पटना पशु चिकित्सा महाविद्यालय में ग्वाला का काम करते थे, इस टिप्पणी से इतने तिलमिला गए कि उन्होंने अपने भतीजे को तुरंत पटना ले जाकर पढ़ाई-लिखाई का प्रबंध करने का निर्णय ले लिया।
और यहीं से कुंदन राय के बेटे लालू यादव की सियासी कहानी की शुरुआत होती है। लालू यादव फुलवारिया (गोपालगंज) से पटना आते हैं। वेटनरी कॉलेज में लालू यादव का ठिकाना मिलता है। मिलर स्कूल में स्कूलिंग करते हैं। उसके बाद पटना विश्वविद्यालय के बीएन कॉलेज में दाखिला कराते हैं।
कौन हैं नरेंद्र सिंह जो लालू को छात्र राजनीति में लाए?बिहार में उस समय साइंस कॉलेज और बीएन कॉलेज पटना विश्वविद्यालय के बेहतर कॉलेजों में से एक थे। जब तक लालू यादव को बी.एन कॉलेज में प्रवेश मिला, वह विश्वविद्यालय राजनीति का एक गढ़ भी बन चुका था। राममनोहर लोहिया की लीडरशिप में समाजवादी आंदोलन उत्तर भारत के स्कूल-कॉलेजों में तूफान लाने के लिए आतुर था। गैर-कांग्रेसवाद की लहर युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित करने लगी थी।
ऐसे में लालू यादव के लिए बीएन कॉलेज में रहकर राजनीति से दूर रह पाना आसान नहीं था। पढ़ाई में कमजोर लालू यादव के लिए राजनीति का ककहरा सीखना आसान था।
इसी बीच, लालू यादव को एक नामी-गिरामी साथी मिलता है। नाम था नरेंद्र सिंह जो कि सोशलिस्ट नेता श्रीकृष्ण सिंह के पुत्र थे। लालू यादव जिस समय पटना यूनिवर्सिटी में पहुंचे थे उस समय नरेंद्र सिंह समाजवादी छात्र कार्यकर्ता के रूप में फेमस हो चुके थे।
कहा जाता है कि वह नरेंद्र सिंह ही थे , जो लालू यादव को राजनीति में लाए। 'नरेंद्र सिंह बताते हैं कि पिछड़ी जाति के छात्रों को राजनीति में लाना चाहता था और उस समय लालू यादव सबसे मुफीद लगे।' लालू यादव का एक किस्सा संकर्षण ठाकुर ने अपनी किताब में नरेंद्र सिंह के हवाले से लिखा है:
मुझे याद है, वे कॉलेज के गलियारे की रेलिंग पर चढ़ गए और अपना गमछा हिला-हिलाकर कुछ ही मिनटों में सैकड़ों छात्रों को इकट्ठा कर लिया।
लालू यादव को क्लर्क की नौकरी कैसे मिली?लालू यादव के परिवार की आर्थिक हालत बहुत ही बुरी थी। लालू जानते थे कि गांव से पटना पहुंचकर राजनीति करूंगा तो परिवार का खर्च कौन और कैसे चलाएगा? इसलिए एक बार वो पुलिस में बहाल होने की नाकाम कोशिश भी कर चुके थे।
'नरेंद्र सिंह कहते हैं कि एक बार छात्र नेताओं की बैठक थी, लेकिन उस बैठक में लालू यादव नहीं आए। दूसरे दिन जब हमने पूछा कि बैठक में शामिल क्यों नहीं हुए। पहले तो लालू यादव ने छिपाने की कोशिश की लेकिन फिर बताया कि वो पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं, लेकिन दौड़ (फिजकल टेस्ट) नहीं निकाल पाए।'
इसी बीच, लालू यादव 1968 और 1969 में पटना विश्वविद्यालय में छात्र महासचिव के पद पर निर्वाचित हुए। लेकिन 1970 में पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष पद के चुनाव में उनकी करारी हार हो गई। पराजय के बाद लालू यादव टूट चुके थे और छात्र राजनीति को तिलांजलि देने का मन बना चुके थे।
लालू एक बार फिर नौकरी की तलाश में निकल गए। इस बार उन्हें सफलता भी मिल गई और पटना पशु चिकित्सा महाविद्यालय में क्लर्क के पद पर तैनाती हो गई। लालू यादव के परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
अब्दुल गफूर की सरकार और छात्र राजनीतिनौकरी मिलने के बाद लालू यादव के जीवन में राबड़ी देवी का पदार्पण हुआ। साल 1973 में लालू यादव और राबड़ी देवी परिणय सूत्र में बंध गए। लेकिन कहा जाता है कि इंसान का नेचर और सिग्नेचर नहीं बदलता। लालू यादव के साथ भी वही हुआ। हिसाब-किताब में कमजोर लालू को क्लर्क की नौकरी नहीं भायी और एक बार फिर छात्र राजनीति में कूद गए।
1973 में लालू यादव पटना विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गए। भाजपा के दिवंगत नेता सुशील कुमार मोदी उस वक्त महासचिव चुने गए थे। हालांकि, लालू यादव छात्र राजनीति में कोई खास करिश्मा नहीं दिखा पाए। 1974 में अब्दुल गफूर की सरकार ने राज्य के सभी कॉलेजों में छात्र संगठनों की गतिविधियों पर रोक लगा दी। इस घटना के बाद छात्रों में उबाल आ गया।
लालू यादव कैसे और क्यों हुए लापता?बिहार विधानसभा के घेराव में पुलिस ने छात्रों पर जमकर गोलियां बरसाईं। पटना में कर्फ्यू लगा और कई छात्रों की गिरफ्तारी हुई। हालांकि, लालू यादव पुलिस की गिरफ्त से बच निकले।
संकर्षण ठाकुर अपनी किताब में लिखते हैं कि नरेंद्र सिंह और नीतीश कुमार को चिंता हो रही थी कि लालू यादव को कुछ हो तो नहीं गया? क्योंकि पटना में पुलिस ने जमकर गोलियां बरसाई थीं। लालू यादव गोलीबारी से पहले ही रेलवे ट्रैक पार कर अपने भाई के घर पहुंच गए थे। लालू यादव के भाई वेटनरी कॉलेज में रहते थे।
अंधेरा होने के बाद नीतीश और नरेंद्र जब लालू यादव के भाई के घर पहुंचे तो लालू खाना बनाने में मशगूल थे। दोनों नेताओं को देखते ही लालू यादव बोले
हम त भाग अइली (हम तो भाग निकले)। बहुत बढ़िया मीट बनइले हई, आवा, आवा खा ल (बहुत बढ़िया मीट बनाया है, आप लोग भी खा लो)।
1977 में लालू कैसे पहुंचे छपरा?पटना में हुई गोलीबारी के बाद छात्रों की क्रांति पूरे राज्य में फैल गई। गफूर सरकार को बर्खास्त करने की मांग उठने लगी। लालू यादव ने जयप्रकाश नारायण से छात्रों के आंदोलन की अगुआई करने की गुहार लगाई। इसी बीच, गया में भी पुलिस ने छात्रों पर बर्बरतापूर्ण ढंग से गोलियां बरसाईं जिसमें आठ लोगों की जान चली गई।
इसके बाद पटना के गांधी मैदान में विशाल रैली हुई। जेपी की अगुआई में पटना ठसाठस भर गया। इतनी भीड़ पटना में एकसाथ कभी नहीं जुटी थी। लालू यादव इस रैली के बाद छात्र राजनेता के रूप में उभरे।
1975 में इमरजेंसी के दौरान लालू यादव की गिरफ्तारी होती है। जेल से बाहर आने के बाद 1977 में छपरा से जनता पार्टी का सिंबल लालू के हाथों में होता है। लालू फुलवरिया से पटना और फिर दिल्ली पहुंच जाते हैं।
Source:
- The Brothres Bihari: संकर्षण ठाकुर
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बिहार का पहला आधुनिक बांसघाट शवदाहगृह मई में होगा पूरा, 89.40 करोड़ रुपये किए जाएंगे खर्च
डिजिटल टीम, पटना। बिहार का पहला आधुनिक शवदाहगृह पटना के बांसघाट में बन रहा है। राजधानी पटना में लगभग 4.5 एकड़ जमीन पर 89.40 करोड़ रुपये की लागत से नया शवदाहगृह मई में बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसका उद्घाटन किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से युक्त शवदाहगृहनिर्माण कंपनी बुडको के इंजीनियर के अनुसार, पहले शवदाहगृह केवल 1.24 एकड़ में था। इसमें कई आवश्यक सुविधाओं का अभाव था। नया शवदाहगृह आधुनिक तकनीकों से लैस होगा और यहां चार विद्युत शवदाह यूनिट, छह लकड़ी आधारित और आठ परंपरागत शवदाह स्थलों की व्यवस्था होगी। यहां एक ही जगह अंतिम संस्कार के लिए सभी तरह की सुविधाएं मौजूद होंगी।
यह मिलेंगी विशेष सुविधाएं- अस्थि विसर्जन और नहाने के लिए दो तालाब
- पाइपलाइन की मदद से गंगा नदी से इन दोनों तालाबों तक आएगा पानी
- दो प्रतीक्षा कक्ष, दो प्रार्थना घर और दो पूजा हॉल
- 6 ब्लॉक शौचालय, एक कार्यालय और 2 चेंजिंग रूम
- एक प्रशासनिक कार्यालय, कैंटीन, मंदिर और स्टाफ क्वॉर्टर
- 40 स्क्वॉयर मीटर का सब-स्टेशन
- शवगृह, पार्किंग, आंतरिक सड़कें और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली
- कैंटीन, मंदिर, स्टॉफ क्वॉर्टर और 40 वर्ग मीटर का सब-क्वार्टर
- परिसर में शवगृह, पार्किंग, सड़क, मंत्र/श्लोक और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम
पुराने शवदाहगृह का जीर्णोद्धारपुराने शवदाहगृह जीर्णोद्धार के तहत 4 हजार 260 वर्ग मीटर में वेंडिंग जोन और वेटिंग रूम, 1 ब्लॉक शौचालय, चेंजिंग रूम, पार्किग तथा बैठने के लिए शेड बन रहे हैं। परंपरागत शवदाहगृह में अस्थि विसर्जन की व्यवस्था, गंगा जल शावर भी बनाए गये हैं। इस परियोजना के पूरा होने से पटना और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को अंतिम संस्कार के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे यह स्थान अधिक सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनेगा।
Bihar Politics: 'लालू-राबड़ी के राज में 7 चीनी मिलें हो गई थीं बंद', मंगल पांडेय ने RJD को गिनवा डाले सभी के नाम
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News Today: स्वास्थ्य एवं विधि मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि राजद-कांग्रेस के शासनकाल (1985-2005) के 20 वर्षों में उत्तर बिहार की कई चीनी मिलें एक-एक कर बंद हो गईं। उत्तर बिहार कभी चीनी का कटोरा कहा जाता था। पांडेय ने कहा कि एक जमाने में उत्तर बिहार में 16 चीनी मिलें चलती थीं, उनमें से सात लालू-राबड़ी के राज में बंद हुई।
मंगल पांडेय ने गिनवाए सभी बंद चीनी मिलों के नाममिलें बंद होने का असर न सिर्फ रोजगार पर पड़ा, बल्कि लाखों किसान नकदी फसल की खेती से अलग हो गए। पश्चिम चंपारण में नरकटियागंज, लौरिया, मझौलिया, चनपटिया, बगहा और रामनगर में कुल छह चीनी मिलें थीं। चनपटिया चीनी मिल वर्ष 1994 से बंद है।
मधुबनी की लोहट चीनी मिल भी जंगलराज के दहशत के दौर में 1996 में बंद हो गई, जो आज तक बंद है। मुजफ्फरपुर की मोतीपुर चीनी मिल में 1997 से पेराई ठप हो गई। समस्तीपुर जिला मुख्यालय स्थित चीनी मिल पर 1985 (कांग्रेस के शासनकाल) से ताला लटका है।
लालू-राबड़ी राज में सबसे बुरी स्थिति मिथिलांचल की रही। कभी यहां की सकरी और रैयाम चीनी मिलों का नाम था। 1993 में सकरी और एक साल बाद 1994 में रैयाम में तालाबंदी हो गई। राजद को बताना चाहिए कि यह किसका कार्यकाल था।
गांधी मैदान पहुंचकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी को दी ईद की मुबारकबादमुख्यमंत्री नीतीश कुमार ईद के मौके पर सोमवार की सुबह राजधानी पटना स्थित गांधी मैदान पहुंचे और वहां उपस्थित लोगों को ईद की बधाई दी। इमाम इदैन हजरत मौलाना महसूद अहमद कादरी नदवी से मुलाकात कर उनसे मोसाफा किया और ईद की मुबारकबाद पेश की।
इमाम इदैन हजरत मौलाना महसूद अहमद कादरी नदवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी ईद की मुबारकबाद दी तथा बिहार की सुख, समृद्धि, प्रगति, उन्नति एवं विकास की कामना की।इदैन कमिटी के सदर महमूद आलम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गुलदस्ता भेंटकर एवं साफा पेश कर उनकी इज्जत अफजाई की।
मुख्यमंत्री ने तमाम नमाजियों सहित मुस्लिम भाई-बहनों एवं बिहारवासियों तथा देशवासियों को ईद की मुबारकबाद एवं बधाई दी। इस अवसर पर ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष इर्शादुल्लाह, पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक बरबड़े एवं पटना के जिलाधिकारी चन्द्रशेखर सिंह भी मौजूद थे।
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Bihar Weather Today: बिहार में 'लू' चलने का अलर्ट, अगले 72 घंटे में बढ़ेंगी मुश्किलें
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार का मौसम पछुआ के कारण शुष्क बना रहेगा। तीन से चार दिनों के दौरान प्रदेश में गर्मी की तपिश और बढ़ जाएगी। अधिकतर भागों के अधिकतम व न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की वृद्धि का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही 'लू' वाली हवा चलने के भी आसार हैं। लोगों को इस दौरान सावधान रहने की जरूरत है।
पटना, गया, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में तापमान 35 डिग्री के पार जाने का अनुमान है। इस दौरान शरीर में पानी की मात्रा की कमी हो सकती है। इसलिए लोग लगातार पानी पीते रहें।
बीते 24 घंटे में बढ़ा तापमानहालांकि, सुबह-शाम मौसम सामान्य बने रहने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, गया, अगवानपुर एवं फारबिसगंज को छोड़ कर पटना सहित सभी जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
पटना का अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस व 38.2 डिग्री सेल्सियस के साथ गोपालगंज में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
भोजपुर जिले में झोंके के साथ तेज हवा का प्रभाव बना रहा। राजधानी एवं आसपास इलाकों का मौसम सामान्य बना रहा।
भागलपुर में भी बढ़ेंगी मुश्किलेंसोमवार को अधिकतम तापमान तो स्थिर रहा पर न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो गई। इसकी वजह से दिन के साथ रात भी गर्म होने लगी है। पश्चिमी हवा की रफ्तार कम हुई। दोपहर में गर्मी अधिक रही, रात को भी इसका असर दिखा।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय की मौसम विज्ञानी डा. नेहा पारिक ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 84 प्रतिशत आद्रता के साथ 5.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिमी हवा चल रही है। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है।
लू से बचने के लिए सावधानियां- धूप से बचें: सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक धूप में न निकलें।
- पानी पिएं: पर्याप्त पानी पीना आवश्यक है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
- आराम करें: लू के समय अधिक शारीरिक श्रम न करें।
- हल्के और ढीले कपड़े पहनें: हल्के और ढीले कपड़े पहनने से शरीर को ठंडक मिलती है।
- सिर को ढकें: सिर को ढककर धूप से बचाव करें।
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नहाय-खाय के साथ चैती छठ का 4 दिवसीय अनुष्ठान आज से आरंभ, खरना के बाद शुरू होगा निर्जला उपवास
जागरण संवाददाता, पटना। लोक आस्था का महापर्व चैती छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान आज चैत्र शुक्ल तृतीया उपरांत चतुर्थी मंगलवार को नहाय-खाय से शुरू होगा। छठ व्रती गंगा नदी में स्नान करने के बाद अपने साथ गंगाजल घर लेकर आएंगे।
पूजन के बाद प्रसाद के रूप में अरवा चावल, सेंधा नमक से निर्मित चने की दाल, लौकी की सब्जी, आंवला की चटनी आदि ग्रहण कर चार दिवसीय अनुष्ठान का संकल्प लेंगे।
ज्योतिष आचार्य पंडित राकेश झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि चैत्र शुक्ल चतुर्थी मंगलवार को भरणी नक्षत्र व रवि योग में नहाय-खाय के साथ महापर्व शुरू हो रहा है। दो अप्रैल बुधवार को कृत्तिका व रोहिणी नक्षत्र के युग्म संयोग तथा प्रीति योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग में व्रती पूरे दिन निराहार रह कर संध्या में खरना का पूजा कर प्रसाद ग्रहण करेंगे। खरना के पूजा के बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा।
चैत्र शुक्ल षष्ठी तीन अप्रैल दिन गुरुवार को रोहिणी नक्षत्र व आयुष्मान योग में डूबते सूर्य को व्रती अर्घ्य देंगे। चार अप्रैल को रवि योग के संयोग में व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पारण के बाद महाव्रत को पूर्ण करेंगे। छठ महापर्व के प्रथम दिन नहाय-खाय में लौकी की सब्जी, अरवा चावल, चने की दाल, आंवला की चासनी के सेवन का खास महत्व है।
वैदिक मान्यता के अनुसार, छठ के प्रसाद ग्रहण करने से शरीर निरोग होता है। खरना के प्रसाद में ईख के कच्चे रस , गुड़ के सेवन से आंखों की पीड़ा समाप्त होने के साथ तेजस्विता, निरोगिता व बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है। स्वस्थ जीवन के लिए छठ जरूरी है। प्रकृति में फास्फोरस सबसे ज्यादा गुड़ में पाया जाता है।
मौसमी फल प्रसाद के रूप में प्रयोग किया जाता है। परिवार की सुख समृद्धि तथा कष्टों के निवारण के लिए किए जाने वाले इस व्रत की खासियत है कि इस पर्व को करने के लिए किसी पुरोहित पंडित की आवश्यकता नहीं होती और नहीं मंत्रोच्चारण की कोई जरूरत है। छठ पर्व में साफ-सफाई का विशेष महत्व रखा जाता है।
एक नजर में चैती छठ:- 1 अप्रैल 2025, मंगलवार: नहाय-खाय
- 2 अप्रैल 2025, बुधवार: खरना
- 3 अप्रैल 2025, गुरुवार: सायंकालीन अर्घ्य
- 4 अप्रैल 2025, शुक्रवार: उदयकालीन अर्घ्य व पारण
लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत आज से नहाय-खाय के साथ हो गई है। इस पर्व को लेकर बाजारों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। व्रती महिलाएं छठ पूजा की तैयारियों में जुट गई हैं। व्रती महिलाएं इस पर्व के लिए पूरी श्रद्धा से तैयारियां कर रही हैं, जहां साड़ियों और पूजा सामग्री की खरीदारी खास ध्यान आकर्षित कर रही है। सबसे ज्यादा खरीदारी साड़ियों की हो रही है। पटना के बाजार पारंपरिक और आधुनिक साड़ियों के शानदार कलेक्शन से सजे हुए हैं जहां महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।
मधुबनी, बंधेज और लहरिया प्रिंट की भी अच्छी मांगबाजार में मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ियों की भी डिमांड काफी बढ़ी है। इन साड़ियों पर छठ पूजा से जुड़ी हुई चित्रकला उकेरी जाती है जो पूजा के महत्व को और अधिक बढ़ाती है। इसके साथ ही राजस्थानी बंधेज और लहरिया प्रिंट वाली साड़ियां भी काफी लोकप्रिय हो गई हैं। जो महिलाएं कुछ खास और स्टाइलिश लुक चाहती हैं, वे हल्के बार्डर और सोबर फ्लोरल प्रिंट वाली साड़ियां खरीद रही हैं। राजीव नगर स्थित रूप लक्ष्मी साड़ी दुकान में छठ पूजा के लिए खास कलेक्शन आया है।
दुकान के मालिक जितेंद्र अग्रवाल बताते हैं कि इस बार व्रती महिलाओं में काटन साड़ियों की सबसे ज्यादा मांग है। ये साड़ियां 500 से 1500 रुपये की रेंज में उपलब्ध हैं और हल्के कपड़े की वजह से पूजा के दौरान आरामदायक भी रहती हैं। खासतौर पर लाल, पीला, हरा और नारंगी रंग की साड़ियां सबसे ज्यादा बिक रही हैं। इन्हें छठ के लिए शुभ माना जाता है। बिना बार्डर वाली सिंपल काटन साड़ियां व्रतियों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
साड़ी खरीदने आई सीमा देवी ने बताया, छठ पूजा का पर्व हमारे लिए बहुत खास है। इस दिन हम पारंपरिक साड़ियों में सजना पसंद करते हैं। हल्की काटन में साड़ियां इस मौसम में सबसे आरामदायक होती हैं। इनकी रंगत भी पूजा के माहौल के अनुरूप होती है।
इस बार युवा महिलाएं भी छठ पूजा के लिए अपनी पसंदीदा आउटफिट चुन रही हैं। खासकर नवविवाहिताओं और युवा लड़कियों को अनारकली और अंब्रेला सूट जैसे डिजाइनर सूट की ओर आकर्षण बढ़ा है। ये सूट पारंपरिक साड़ियों के मुकाबले थोड़ा माडर्न और स्टाइलिश होते हैं। बाजार में इन सूट की भी खूब मांग देखी जा रही है।
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Patna News: बाढ़ की थिनर फैक्ट्री में लगी आग, विस्फोट से मची अफरातफरी; 7 वाहन जलकर खाक
संवाद सहयोगी, बाढ़। थाना क्षेत्र के गुलाबबाग स्थित थिनर फैक्ट्री में सोमवार की शाम लग गई है। अग्निकांड के दौरान ड्रम में रखे रसायन विस्फोट के साथ फटने लगे, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। आग की लपटें काफी ऊपर तक उठ रही थीं। इसके विकराल रूप को देखते हुए लोग स्वयं आग बुझाने में जुट गए।
बाढ़ एसडीपीओ राकेश कुमार ने बताया कि शाम लगभग सात बजे पुलिस को अग्निकांड की सूचना मिली थी। आग पर काबू पाने के लिए पटना के साथ नालंदा और लखीसराय जिलों से भी फायर ब्रिगेड की यूनिट मंगाई गई थी।
अब तक की जांच में मालूम हुआ कि फैक्ट्री के पास बंधी गाय की झुलस कर मृत्यु हो गई। इसके अलावा सात वाहन जल गए, जबकि एक व्यक्ति झुलस गया है।आग में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति राख होने का आकलन किया गया है। आग के पूरी तरह से शांत होने पर घटनास्थल का मुआयना कराया जाएगा।
एक घंटे बाद पहुंचा दमकलबताया जाता है कि घनी आबादी के बीच रसायन के इस्तेमाल से बनने वाले थिनर की फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। लेकिन, पुलिस-प्रशासन की नजर इस पर नहीं गई। आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार देख लोग दंग रह गए। इस बीच ड्रमों में रखे रसायन के फटने से अफरातफरी मच गई थी।
मौके पर पहुंची दमकल की टीम। (जागरण)
सूचना के करीब एक घंटे बाद दमकल के वाहन पहुंचे, लेकिन आग की भयावहता के सामने उनके संसाधन नाकाफी थी। वहां खड़ा ट्रैक्टर भी धू-धूकर जल उठा। उसकी टंकी में आग लगने से धमाका भी हुआ।
कहा जा रहा है कि फैक्ट्री में काम करने वाले लोग भी झुलस गए हैं। कुछ लोगों ने कहा कि अब भी कई कामगार फैक्ट्री में फंसे हैं। लेकिन, पुलिस ने इसे अफवाह बताया। हालांकि, भारी क्षति का अनुमान जताया जा रहा है।
आग लगने का कारण स्पष्ट नहींजिस फैक्ट्री में आग लगी है, उसका नाम मां दुर्गा केमिकल बताया जा रहा है। इसके प्रोपराइटर बिल्लौर निवासी सत्यम कुमार साहू बताए जाते हैं। अब तक आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
घटनास्थल पर जुटी लोगों की भीड़। (जागरण)
एसडीपीओ का दावा है कि स्थिति नियंत्रित होने के बाद फैक्ट्री की जांच कराई जाएगी। पता लगाया जाएगा कि रसायन से स्प्रिट और थिनर बनाने का लाइसेंस मालिक के पास है या नहीं? कितने लोग फैक्ट्री में काम कर रहे थे? उनकी सुरक्षा और मानकों समेत अन्य बिंदुओं पर भी छानबीन की जाएगी।
वहीं, फायर ऑफिसर ने बताया कि अग्निकांड के कारणों का पता लगाया जा रहा है। लिखित शिकायत प्राप्त होने पर नुकसान का सही जानकारी मिल पाएगी।
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कितने अमीर हैं बिहार के मुख्य सचिव? गोल्ड के बड़े शौकीन; IAS एस सिद्धार्थ की प्रॉपर्टी का भी सामने आया ब्यौरा
राज्य ब्यूरो, पटना। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन सोमवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी जो राज्य सरकार की सेवा में तैनात है, उन्होंने अपनी संपत्ति की घोषणा कर दी।
राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक अधिकांश अधिकारियों को वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन अपनी संपत्ति जो उन्होंने अर्जित की है, उसकी घोषणा कर दी है।
राज्य के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने संपत्ति की जो घोषणा की है, उसके मुताबिक उनके पास नगद के रूप में करीब 60000 रुपये हैं। उन्होंने बैंक और वित्तीय संस्थानों में करीब 37 लाख रुपये जमा किए हैं। उनकी पत्नी बर्फी मीणा के बैंक खातों में करीब 12.93 लाख जमा है।
पति-पत्नी हैं गोल्ड के शौकीनमीणा ने बांड्स और शेयर में करीब 40 हजार निवेश किए हैं। मुख्य सचिव को सोने का भी शौक है। उनके पास करीब 70 ग्राम सोने के जेवरात हैं, जबकि पत्नी के पास 450 ग्राम सोने के जेवरात और लगभग 2 किलो चांदी भी है।
मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा के पास जयपुर में कुछ कृषि योग्य भूमि भी है। मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा द्वारा जारी संपत्ति के ब्योरा के अनुसार उनके पास अपना कोई वाहन नहीं है। पत्नी के नाम पर दिल्ली में ढाई लाख और जयपुर में गैर कृषि योग्य 54 लाख की जमीन है।
पत्नी ने दिल्ली में 2 लाख 61 हजार की व्यवसायिक भूमि खरीदी है। मुख्य सचिव के नाम पर जयपुर और दिल्ली में एक अपार्टमेंट है। देनदानी के रूप में मुख्य सचिव ने दिल्ली के केनरा बैंक से 11 लाख का कर्ज लिया है।
IAS एस सिद्धार्थ के बैंक खाते में है 34 लाख रुपयेशिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ के विभिन्न बैंकों के बचत खाता में 34.79 लाख है। 11 लाख के शेयर और बांड हैं। चार लाख की ज्वेलरी रखे हुए हैं। एक पिस्टल भी रखे हुए हैं।
दिल्ली के द्वारिका में 25 लाख का फ्लैट, तेलंगना के मेडचल जिले में 65 लाख का मकान और तमिलनाडु के निरकुंडरम में 1.35 करोड़ का फ्लैट है। बैंक का 90 लाख के लोन भी इनके ऊपर है। कृषि और गैर कृषि किसी तरह की भूमि नहीं है। कोई वाहन नहीं है।
आरएल चोंगूथू के पास हैं दो-दो चार कारभारतीय सेवा के अधिकारी और वर्तमान में राज्यपाल के प्रधान सचिव के पद पर तैनात आरएल चोंगूथू के पास करीब 13 वर्ष एक पुरानी एक कार है। अर्टिगा नाम की यह गाड़ी को उन्होंने 2013 में खरीदी थी। इसके अलावा उनके पास एक मारुति ब्रेजा भी है जो उन्होंने 2018 में खरीदी थी।
नगद के रूप में इनके पास 10,000 रुपये है, जबकि बैंक बचत खातों में चोंगूथू करीब 20 लाख जमा कर रखे हैं। चोंगूथू के पास शिलांग में नौ हजार वर्गफुट का जमीन का एक टुकड़ा भी है, बाजार में जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये है।
रेजिडेंट कमिश्नर कुंदन कुमार के पास नगद मात्र 20 हजाररेजिडेंस कमिश्नर के पद पर तैनात कुंदन कुमार के पास नगद के रूप में महज 20 हजार रुपये हैं। इतनी ही राशि उनकी पत्नी के पास भी है। हालांकि कुंदन कुमार के बचत खाते में 11.44 लाख रुपये जमा है।
जबकि पत्नी के खाते में 1.65 लाख रुपये के आसपास हैं। कुंदन कुमार के पास एक हुंडई सैंट्रो कार भी है। उन्होंने म्युचुअल फंड में 47.37 लाख लगाए हैं, जबकि शेयर में कुछ पैसे लगाए हैं।
मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम के पास बेंगलुरु में है फ्लैटमुख्यमंत्री के सचिव के रूप में कार्यरत भारतीय सेवा के अधिकारी अनुपम कुमार के पास बेंगलुरु में एक फ्लैट है। जिसकी कीमत करीब 91 लाख रुपये हैं। इस फ्लैट में उनकी पत्नी का भी बराबरी का मालिकाना हक है।
यह फ्लैट 2017 में खरीदा गया था। नगद के रूप में अनुपम कुमार के पास महज 5000 है, जबकि पत्नी प्रतिमा सतीश कुमार वर्मा के पास नगद के रूप में लगभग 25000 है।
अनुपम कुमार ने बैंक खाते में करीब 17 लाख रुपये जमा किया हैं। इन्होंने एसआईपी में मासिक 10 हजार रुपये का निवेश किया है।
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Bihar Police: बिहार में थाना परिसर में रहेंगी महिला सिपाही, 9 जिलों में बैरक निर्माण शुरू
Bihar Police: बिहार में थाना परिसर में रहेंगी महिला सिपाही, 9 जिलों में बैरक निर्माण शुरू
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में महिला पुलिस कर्मियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। बिहार पुलिस में महिलाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस लाइन से लेकर थाना-ओपी तक उनके रहने की व्यवस्था की जा रही है। इससे महिला पुलिस कर्मियों को ड्यूटी करने में सहूलियत होगी।
राज्य के नौ जिलों के 116 पुलिस थाना-ओपी में महिला पुलिसकर्मियों के लिए बैरक निर्माण शुरू भी कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त पांच जिलों रोहतास, कैमूर, भोजपुर, अरवल और सीवान जिले के पुलिस लाइन में 200 से 500 सिपाहियों की क्षमता के महिला पुलिस बैरक का निर्माण कराया जा रहा है।
इन जिलों में पुलिस वाहनों की मरम्मत और रखरखाव को लेकर दस-दस पार्किंग गैराज शेड एवं वाशिंग पिट भी बनेंगे।
डिहरी पुलिस लाइन में भी बन रहा बैरकविभागीय जानकारी के अनुसार, रोहतास के डिहरी पुलिस लाइन में 500 महिला पुलिसकर्मियों के लिए बैरक बनेगा। यह जी प्लस फाइव होगा, जिसपर करीब 18.42 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
कैमूर जिले के भभुआ पुलिस लाइन, अरवल पुलिस लाइन और सीवान पुलिस लाइन में 300-300 क्षमता का बैरक है। भोजपुर जिले के आरा पुलिस लाइन में 200 क्षमता के बैरक का निर्माण होगा।
पटना के बिहटा में रेल थाना सह बैरक का निर्माण कराया जाएगा। दानापुर, शाहपुर, बख्तियारपुर, शास्त्रीनगर, भगवानगंज, कोतवाली, फुलवारीशरीफ, पंडारक, बिहटा, दुल्हिनबाजार और शाहपुर में 20-20 बैरक बनेंगे।
जबकि मालसलामी, मनेर, पुनपुन, परसा बाजार, जानीपुर, कादिरगंज और नदी थाना में 10-10 महिला पुलिस क्षमता के बैरक बनेंगे।
बक्सर में जिला अभियोजन कार्यालय के अतिरिक्त 10 थानों में 20-20 और पांच थानों में 10-10 क्षमता के महिला बैरक बनाए जाने पर काम शुरू हुआ है।
यहां बनेगा मॉडल थाना भवनभोजपुर जिले के जगदीशपुर में स्वीकृत दो यूनिट अग्निशामालय कार्यालय भवन के अतिरिक्त 14 थानों में 10-10 महिला पुलिस क्षमता के बैरक बनेंगे। इसके अलावा कई जिलों में आउटहाउस के साथ मॉडल पुलिस थाना भवन निर्माण भी शुरू हुआ है।
पटना का श्रीकृष्णापुरी, गोपालपुर और बेउर मॉडल थाना भवन बनेगा। इसके साथ ही औरंगाबाद के मुफ्फसिल थाना, बक्सर जिले के नैनीजोर थाना और गोपालगंज के बरौली थाने का भवन मॉडल बनाया जाएगा।
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Gram Kachahari Sachiv: बिहार में ग्राम कचहरी सचिवों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, 4 अप्रैल को काउंसलिंग
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में ग्राम कचहरी सचिव के 1583 रिक्त पदों पर नियोजन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। पंचायती राज विभाग के स्तर से पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी काउंसलिंग-सह-नियोजन प्रणाली अपनाई जा रही है।
इस क्रम में सबसे पहले चार अप्रैल को पटना जिले के 65 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसके बाद अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से काउंसलिंग होगी, जिसकी सूचना विभाग के इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एवं अभ्यर्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर भेजी जाएगी।
सुव्यवस्थित काउंसलिंग होगी सुनिश्चितकाउंसलिंग को सुचारु एवं व्यवस्थित बनाने के लिए जिला पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एवं प्रोग्रामर्स को भी चार अप्रैल को पटना बुलाया गया है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वे नियोजन प्रक्रिया से भली-भांति अवगत हों और अपने-अपने जिलों में इसे सफलतापूर्वक लागू कर सकें।
चयनित अभ्यर्थियों को सत्यापन पत्र, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, ऑनलाइन आवेदन की प्रति, अंकपत्र, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र समेत अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ काउंसलिंग में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। ये सभी दस्तावेज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://ps.bihar.gov.in से डाउनलोड किए जा सकते हैं।
काउंसलिंग के तुरंत बाद नियुक्ति की सुविधा- नियोजन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने के लिए विभाग ने संबंधित ग्राम कचहरी सचिवों और सरपंचों की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- इससे चयनित अभ्यर्थी काउंसलिंग के तुरंत बाद ही अपनी नियुक्ति की स्वीकृति प्राप्त कर सकेंगे और जल्द से जल्द अपने कार्यस्थल पर योगदान दे सकेंगे।
- इससे न केवल अभ्यर्थियों के समय की बचत होगी बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी अधिक सुगम होंगी।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) जेईई मेन दूसरे चरण का आयोजन दो अप्रैल से प्रारंभ कर रहा है। नौ अप्रैल तक 10 पालियों में में कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी। इसके लिए देश-विदेश के 331 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। दो, तीन, चार व सात अप्रैल को दो पारियों सुबह 9.00 से दोपहर 12:00 बजे तथा दोपहर 3:00 से शाम 6:00 बजे तक परीक्षा होगी।
आठ अप्रैल को दूसरी पाली में तथा नौ अप्रैल को बीआर्क की परीक्षा पहली पाली में सुबह 9:00 से 12:30 बजे तक होगी। इसमें शामिल होने के लिए 16 लाख विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। दूसरे चरण की परीक्षा में दो लाख 70 हजार नए परीक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन किया है। राज्य से 75 हजार से अधिक विद्यार्थी इसमें शामिल होंगे। बी प्लानिंग के लिए 35 हजार ने रजिस्ट्रेशन किया है, इसमें राज्य के 600 से अधिक अभ्यर्थी हैं।
पटना सहित राज्य के औरंगाबाद, भागलपुर, दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, आरा, समस्तीपुर, बिहारशरीफ व रोहतास में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा की तिथि से तीन दिन पहले प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। आवेदन में आधार नंबर सबमिट नहीं करने वालों को अंडरटेकिंग भरकर साथ में ले जाना होगा। इसे दिखाने पर ही प्रवेश दिया जायेगा। इसपर हस्ताक्षर ली जाएगी।
प्रवेश पत्र के निर्देश का पालन करना होगा:परीक्षा केंद्र के गेट निर्धारित अवधि के 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा। गेट बंद होने के बाद किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश पत्र में दिए गए बार कोड रीडर से सीट आवंटित किए जाएंगे। प्रवेश पत्र में सेल्फ डिक्लेरेशन प्रारूप में बाएं हाथ का अंगूठा का निशान एवं स्वयं की फोटो लगाकर ले जाना होगा।
परीक्षार्थी प्रारूप में स्वयं के हस्ताक्षर, परीक्षा केंद्र में परीक्षक के सामने ही करने होंगे, साथ में फोटो युक्त मूल पहचान पत्र, सेल्फ डिक्लेरेशन भरा हुआ प्रवेश पत्र, पारदर्शी पेन, स्वयं का फोटो, पानी की पारदर्शी बोतल रखने होंगे। रफ शीट उपलब्ध करवाई जायेगी, जो नाम व रोल नंबर लिखकर परीक्षा समाप्त होने पर लौटाना होगा। ऐसा नहीं करने पर रिस्पांस शीट की जांच नहीं भी की जा सकती है।
Patna Golghar: पटना के गोलघर की बदल जाएगी सूरत, नीतीश सरकार ने बनाया धांसू प्लान
कुमार रजत, पटना। अंग्रेजों के जमाने में बने पटना की पहचान गोलघर की चमक वापस लाने की तैयारी है। धूप-बारिश से लगभग काले हो चुके गोलघर की केमिकल से सफाई कराई जाएगी।
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग गोलघर की बाहरी दीवारों की रासायनिक विधि से साफ-सफाई के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) से पत्राचार करेगा।
इसके अलावा विभाग के स्तर से भी गोलघर की सफाई के लिए परामर्शी का चयन करते हुए समानांतर रूप से कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इसके साथ ही रोहतास जिले में स्थित शेरशाह सूरी के मकबरे का जीर्णोद्धार और विकास करने के लिए भी एएसआइ से पत्राचार किया जा रहा है।
पिछले दिनों विभागीय सचिव प्रणव कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण और लंबित योजनाओं की समीक्षा की गई। सीतामढ़ी और बेतिया में नया संग्रहालय बनाने के लिए भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया गया।
इसको लेकर संबंधित डीएम से समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। बिहारशरीफ संग्रहालय के जिला प्रशासन के स्तर से भूमि न उपलब्ध कराने पर इसका स्थानांतरण नालंदा के तेल्हाड़ा में करने का प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इसके साथ ही इस संबंध में नालंदा के डीएम का मंतव्य लेने को भी कहा गया है। इसके अलावा छपरा, गया और मधुबनी के संग्रहालय के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना नए तरीके से एजेंसी का चयन कर तैयार करने को कहा गया है। मुजफ्फरपुर के रामचंद्रशाही संग्रहालय के भवन की मरम्मत और जीर्णोद्धार का निर्देश दिया गया।
सभी कलाकारों का बनेगा डाटाबेसविभागीय सचिव ने सांस्कृतिक कार्य निदेशालय को सभी कलाकारों का डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें सभी विधाओं के कलाकारों का नाम, मोबाइल नंबर आदि दर्ज किया जाएगा ताकि सांस्कृतिक समारोह आदि में उनका चयन किया जा सके।
दरभंगा जिले के जाले स्थिति अहिल्या स्थान की नापी कराने तथा जीर्णोद्धार के लिए प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश भी अधिकारियाें को दिया गया है।
बोधगया के राजकीय सुरक्षित पुरास्थल ताराडीह को भी प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने और संरचनात्मक भग्नावशेषों को स्पष्ट रूप से प्रकाशित करने का निर्देश भी दिया गया है।
अतिक्रमण हटाने के साथ होगी वाहनों की सघन जांच- उधर, पटना शहर में दो अप्रैल से मल्टी एजेंसी अतिक्रमण उन्मूलन अभियान के लिए नौ टीमें गठित की गई हैं। प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने प्रभावी तरीके से अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
- अतिक्रमण हटाने के साथ विशेष वाहन चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा। इस दौरान बिना हेलमेट, ट्रिपल लोड समेत वाहनों के कागजात, प्रदूषण नियंत्रण आदि की जांच की जाएगी।
- नियम विरुद्ध होने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। आयुक्त ने एसडीओ और एसडीपीओ को कहा है कि अभियान के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने वालों पर विधि-सम्मत कार्रवाई करें।
- आम जनता की सुविधा के लिए सड़कों का अतिक्रमणमुक्त रहना जरूरी है। इसमें कोई व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- गठित की गई टीमें शहर कीकी मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाएगी, सड़कों पर अवैध व्यावसायिक गतिविधि करने वालों पर कार्रवाई करेगी तथा सुगम यातायात प्रबंधन करेगी।
- प्रत्येक टीम में दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों सहित महिला बल, पुलिस बल एवं लाठी बल को भी तैनात किया गया है।
- नगर निकायों से क़ार्यपालक पदाधिकारियों, नगर प्रबंधकों, मुख्य सफाई निरीक्षकों, कर्मियों वीडियोग्राफर को लगाया गया है। डेडिकेटेड फालोअप टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी।
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Patna Airport: पटना एयरपोर्ट को लेकर आ गया एक और अपडेट, रविशंकर प्रसाद ने दी नई जानकारी
जागरण संवाददाता, पटना। जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के प्रथम चरण का निर्माण कार्य एक माह में पूरा हो जाएगा। यात्रियों को सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करूंगा की टर्मिनल भवन का उद्घााटन करें। यह जानकारी पटना साहिब सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद सोमवार को पटना हवाई अड्डे का निर्माणाधीन नये इन्टीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग भवन का निरीक्षण करने के दौरान दी।
उनके साथ पथ निर्माण मंत्री निति नवीन सहित अन्य पदाधिकारी, जीएम प्रोजेक्ट जयदीप गांगुली, एयरपोर्ट निदेशक उमाशंकर, टर्मिनल मैनेजर आनंद सत्संगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
लाखों यात्रियों को होगी सुविधारविशंकर प्रसाद ने बताया कि नए टर्मिनल भवन बिहार के लिए बड़ी सौगात होगी। बिहार के लाखों यात्रियों को इस एयरपोर्ट के कायाकल्प से बेहतर सुविधा मिलेगी।
अनुमानित 14 सौ करोड़ की लागत से नए टर्मिनल भवन एवं यात्रि सुविधाओं का कार्य हो रहा है। उड़ान स्कीम के अंतर्गत पटना के अलावा बिहटा, पूर्णिया, भागलपुर में भी नए एयरपोर्ट का निर्माण प्रस्तावित है तथा भागलपुर एवं राजगीर में दो नए ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की घोषणा इस नए बजट में भी की जा चुकी है।
निरीक्षण के दौरान रविशंकर प्रसाद ने प्रोजेक्ट मैनेजर से आग्रह किया कि कुछ ऐसी दृश्य को दर्शाया जाए जो बिहार के विरासत और परंपरा का प्रतिबिंब हो। किसी भी स्थिति में एक माह तक निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाए। प्रयास हो कि अप्रैल माह के अंत तक सभी कार्य पूर्ण जाएं।
पटना एयरपोर्ट की खास बात- बता दें कि पटना एयरपोर्ट बिहार का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है। यह हवाई अड्डा 254 एकड़ के विशाल भूभाग में फैला हुआ है और इसकी स्थापना 1973 में हुई थी।
- हवाई अड्डे में सुचारू उड़ान संचालन सुनिश्चित करने के लिए कई आधुनिक संचार और नेविगेशन सिस्टम हैं। हवाई अड्डे पर बुनियादी ढांचे के उन्नयन की योजना बनाई गई है।
- इसमें रनवे का विस्तार, एक नए यात्री टर्मिनल भवन और एटीसी टॉवर का निर्माण, कार्गो सुविधाएं और कैट-1 आईएलएस की स्थापना शामिल होगी।
- पटना हवाईअड्डे से कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटें चलती हैं। यहां से आप दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बैंगलोर, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे और कई अन्य शहरों के लिए फ्लाइट ले सकते हैं।
- पटना से दिल्ली के लिए हवाई किराया लगभग चार हजार रुपये से शुरू होता है। यह किराया कभी कभी अधिक भी होता है। वहीं, पटना से मुंबई का किराया फिलहाल सात हजार रुपये तक ऑनलाइन दिखाता है।
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