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Bihar Politics: दिल्ली में लहराया भगवा, अब बिहार पर टिकी भाजपा की नजर; 225 सीटों का टारगेट सेट
रमण शुक्ला, पटना। दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Vidhan Sabha Chunav) में परचम लहराने के बाद अब भाजपा की नजर बिहार पर टिक गई है। पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार बिहार में सूक्ष्म प्रबंधन के साथ बिहार को साधने की जुगत में जुट गए हैं। संगठन को सुदृढ़ करके बिहार में सत्ता प्राप्त करने के लिए भाजपा आने वाले दिनों में कई नवाचार करने की तैयारी में है।
इसकी शुरुआत पहली बार 50 प्रतिशत से अधिक संगठनात्मक जिलों में जिलाध्यक्ष का दायित्व पिछड़ा-अतिपिछड़ा समाज के कार्यकर्ताओं को नेतृत्व देकर कर दी है। भाजपा के 52 संगठनात्मक जिलों में से 46 जिलों में अध्यक्ष का निर्वाचन पूरा कर लिया गया है। इसमें 25 से अधिक जिलों में भाजपा ने पहली बार पिछड़ा-अतिपिछड़ा समाज के कार्यकर्ताओं को जिलाध्यक्ष बनाया है।
225 सीटों का टारगेटपार्टी की आगे की रणनीति भी पिछड़ी जातियों की सोशल इंजीनियरिंग को आगे करके 2025 के विधानसभा चुनाव में 225 सीटों पर विजय का मार्ग प्रशस्त करने की है। इसी तरह का समीकण पार्टी ने बूथ से लेकर मंडल एवं जिला संगठन के अन्य पदों पर वंचित समाज के कार्यकर्ताओं को आगे करने की तैयार की है।
वहीं, संभव है कि अब गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ भी भाजपा नेतृत्व बढ़े हुए मनोबल के साथ सीटों के बंटवारे पर मोलभाव करेगी।
दरअसल, पार्टी स्थापना के 45 वर्ष में भाजपा हिंदी पट्टी की सभी राज्यों में अपने दमपर सत्ता प्राप्त कर चुकी, लेकिन एक मात्र बिहार ही ऐसा राज्य हैं जहां अभी तक कांग्रेस छोड दूसरे कई दलों को कंधे पर बैठाकर मुख्यमंत्री बनाती रही। इस लंबे कालखंड में भाजपा ने लालू यादव एवं नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए समर्थन दिया। अगर 1980 से पहले के दशक की बात करें तो जनसंघ (वर्तमान में भाजपा) काल में लोकनायक कर्पूरी ठाकुर एवं राम सुंदर दास को समर्थन देकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया।
मोदी-शाह युग स्वर्णिमप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पिछले एक दशक की बात करें तो बिहार के सत्ता में हनक और हस्सेदारी जरूरी बढ़ी है। विधानसभा अध्यक्ष एवं विधान परिषद सभापति की कुर्सी के साथ दो दो उपमुख्यमंत्री बनाने में भाजपा सफल रही। हालांकि इस दौरान कई प्रयोग एवं उतार चढ़ाव से भाजपा नेतृत्व जूझना पड़ा।
अब भाजपा के लिए अरसे बाद अनुकूल स्थिति बनती दिख रही है। दिल्ली की जीत में बिहार के मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जा रही है। इससे बिहार भाजपा के पक्ष में माहौल बनने की संभवना भी प्रबल हो गई है। इससे पहले केंद्रीय बजट में भी मोदी सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता में बिहार को रखा है। अब 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहार के सर्वाधिक संख्या वाले मतदाता वर्ग को किसानों को उपहार देने स्वयं आ रहे हैं।
इससे पहले भाजपा 12 फरवरी को संत रविदास जयंती पर पटना में बड़ा आयोजन करने जा रही है। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि वृहद स्तर मनाने की तैयारी है। लक्ष्य जाति आधार गणना के आंकड़ों को आधार बनाकर अति-पिछड़ा वर्ग के 36 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति के लगभग 20 प्रतिशत एक मुश्त मतदाताओं को साधने की है।
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Bihar News: बिहार के CBSE स्कूलों में दिखेगा बड़ा बदलाव, एक कक्षा में अब बैठेंगे सिर्फ इतने स्टूडेंट
जागरण संवाददाता, पटना। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एक क्लास के एक सेक्शन में छात्रों की संख्या निर्धारित कर दी है। अब कक्षा 1 से 12 वीं की प्रति सेक्शन में 40 विद्यार्थी ही पढ़ सकेंगे।
यह बदलाव आने वाले नए सत्रों से लागू किया जाएगा। सीबीएसई की ओर से जारी नियमावली में कहा गया है कि अब तीन वर्षों तक अनिवार्य रूप से कक्षा 1 के एक सेक्शन में 40 विद्यार्थियों का ही दाखिला होगा।
बोर्ड की ओर से जल्द ही स्कूल एफिलिएशन री-इंजीनियर्ड ऑटोमेशन सिस्टम (सारस) का नया वर्जन लांच किया जाएगा। इसके माध्यम से सत्र 2026-27 के लिए स्कूलों को एफिलिएशन विभिन्न कैटेगरी में दिया जाएगा। बोर्ड के सचिव हिमांशु गुप्ता ने कहा कि सारस के नए वर्जन के माध्यम से स्कूल सेक्शन बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
एप से पढ़ाई कर बेहतर कर रहे जिले के 34 स्कूलों के बच्चेवहीं जिले के सरकारी स्कूलों में ऐप से पढ़ाई कर रहे कक्षा चार से आठ तक बच्चों में काफी सुधार हुआ है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के पहल पर वर्तमान में जिले के 34 स्कूलों में वर्ग के अतिरिक्त एजुकेशन ऐप से पढ़ाई कराई जा रही है।
जिला शिक्षा कार्यालय के रिपोर्ट के अनुसार एजुकेशन ऐप से पढ़ाई करने पर विद्यार्थियों की हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय के पाठ्यक्रम को समझने और सवालों को हल करने में 60 प्रतिशत तक प्रगति हुई है।
इसमें जूनियर वर्ग के बच्चों में अक्षरों को पहचानने, रीडिंग और सही शब्द लिखने की क्षमता में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, कक्षा पांचवीं से आठवीं के बच्चों में गणित विषय में भी जोड़, घटाना, डिवाइड, मल्टिप्लाई के सही जवाब लिखने में भी 70 प्रतिशत तक प्रगति दर्ज की गई है।
इसके अलावा गणित के पाठ्यक्रम के सवालों को हल करने में भी 40 प्रतिशत बच्चों की रिपोर्ट बेहतर दर्ज की गई है। 34 स्कूलों की ओर से जिला शिक्षा कार्यालय को मिले रिपोर्ट के अनुसार ऐप और इंटरैक्टिव पढ़ाई से विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि भी बढ़ी है। इंटरैक्टिव क्लॉस में बच्चों की उपस्थिति 90 प्रतिशत तक दर्ज की गई है।
प्रोग्रेस रिपोर्ट बेहतर होने पर 65 स्कूलों में शुरू होगी ऐप से पढ़ाईविद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन और फीडबैक लेने के बाद 65 नए स्कूलों का चयन किया गया है। फिलहाल वैसे स्कूलों का चयन एजुकेशन ऐप से पढ़ाने के लिए किया गया है, जहां आईसीटी लैब की व्यवस्था है।
इन 65 स्कूलों के बच्चों को एजुकेशनल इनिशिएटिव्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से ऐप के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। माइंड स्पार्क नामक एप के माध्यम से 30 से 40 मिनट का शैक्षणिक सेशन प्रतिदिन आयोजित कराया जाएगा। इसमें विषय के शिक्षक और कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर भी मौजूद रहेंगे।
प्रत्येक स्कूलों को मिलेगा 8 से 10 टैबलेटएजुकेशन ऐप से पढ़ाई में सहूलियत को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को एजुकेशनल इनिशिएटिव्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से प्रत्येक स्कूलों में आठ से 10 टैबलेट भी मुहैया कराई जाएगी। चयनित स्कूलों की ओर से एजेंसी को स्कूलों के सभी शिक्षकों की सूची और विषय और नाम के साथ उपलब्ध कराई जाएगी।
सभी शिक्षकों का माइंड स्पार्क एप पर अपना लॉगिन आईडी और पासवार्ड होगा। बच्चों को पढ़ाने के साथ ही माइंड स्पार्क की टीम शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करेगी। एजुकेशनल ऐप से पढ़ाई से होने वाले फायदे और बच्चों की प्रगति की रिपोर्ट प्रतिदिन स्कूल प्रबंधकों को जिला शिक्षा कार्यालय में मुहैया कराना होगा।
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NEET UG 2025: नीट यूजी टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया में फिर बदलाव, NTA ने जारी किया इंफॉर्मेशन बुलेटिन
जागरण संवाददाता, पटना। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी 2025 के लिए टाई-ब्रेकिंग पद्धति में एक बार फिर बदलाव किया है। इसको लेकर एनटीए ने इंफॉर्मेशन बुलेटिन जारी कर दिया है। इसके तहत एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति परीक्षा में समान अंक प्राप्त करने वाले दो या दो से अधिक उम्मीदवारों के बीच टाई को ‘यादृच्छिक प्रक्रिया’ (रेंडम प्रक्रिया) के माध्यम से हल करेगी।
नीट यूजी परीक्षा में यदि दो या अधिक अभ्यर्थी समान अंक या प्रतिशत अंक प्राप्त करते हैं, तो एनटीए टाई को हल करने के लिए जीव विज्ञान-वनस्पति विज्ञान और प्राणि विज्ञान में उच्च अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को पहले रखेगी। इसके बाद भी अगर अंक एक ही रहा तो रसायन विज्ञान में उच्च अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता मिलेगा।
इससे भी हल नहीं निकलता है तो भौतिकी में उच्च अंक प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को आगे रखा जाएगा। इसके बाद परीक्षा में सभी विषयों में गलत उत्तरों और सही उत्तरों की संख्या का कम अनुपात वाला उम्मीदवार को रैंक में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद जीव विज्ञान में गलत उत्तरों और सही उत्तरों की संख्या के कम अनुपात वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।
- रसायन विज्ञान में गलत उत्तरों और सही उत्तरों की संख्या के कम अनुपात वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।
- भौतिकी में गलत उत्तरों और सही उत्तरों की संख्या के कम अनुपात वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।
- अगर इन सभी मामले के बाद भी हल नहीं निकलता है तो एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के मार्गदर्शन में रेंडम प्रक्रिया के माध्यम से हल किया जाएगा।
पिछले साल एनटीए ने टाइ-ब्रेकिंग विधि से आवेदन संख्या और आयु मानदंड हटा दिए थे, इसके तहत नीट अखिल भारतीय रैंक का फैसला उन मामलों में किया जाता था, जहां उम्मीदवारों ने सभी वर्गों में समान अंक प्राप्त किये थे। एनटीए ने टाई को हल करने के लिए सात-चरणीय विधि का उपयोग किया था।
इस साल, एनटीए ने मौजूदा मानदंड समाप्त होने पर टाई को हल करने के लिए एक अतिरिक्त नियम जोड़ा है। एनटीए ने कहा कि एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति (रेंडम प्रक्रिया) के माध्यम से टाई को हल करेगी।
चार मई को आयोजित होगी परीक्षा:परीक्षा चार मई को पेन और पेपर फॉर्मेट में आयोजित की जाएगी। पात्रता मानदंड पूरा करने वाले छात्रों को सात मार्च तक आवेदन करना होगा।
संशोधित नीट यूजी परीक्षा पैटर्न 2025 के अनुसार, प्रश्न पत्र में तीन भाग होंगे- भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान. प्रश्न पत्र में 180 अनिवार्य प्रश्न होंगे जिन्हें उम्मीदवारों को तीन घंटे में हल करना होगा। परीक्षा कुल 720 अंकों के लिए आयोजित की जाएगी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य सरकार ने प्रदेश में संचालित सरकारी फार्मेसी मेडिकल कॉलेज और संस्थानों के अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने फार्मेसी कॉलेजों के अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव सौंपा था। मानदेय बढने के बाद शिक्षकों को प्रति क्लास एक हजार रुपये के स्थान पर डेढ़ हजार रुपये मानदेय मिलेंगे।
राज्य सरकार विकसित बिहार के सात निश्चयों में शामिल 'अवसर बढ़े, आगे बढ़े' निश्चय के अंतर्गत प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के संसाधन मुहैया कराने के इरादे से काम कर रही है।
5 जिलों में फार्मेसी कॉलेज की स्थापनाइसके तहत प्रदेश क पांच जिलों सिवान, सासाराम, बांका, नालंदा एवं समस्तीपुर में एक-एक फार्मेसी कॉलेज की स्थापना की है। इन सभी फार्मेसी कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र भी प्रारंभ हो चुके हैं। फिलहाल इन संस्थानों में नियमित नियुक्ति नहीं हो पाई है।
नियमित नियुक्ति के लिए बन रही नियमावलीविभाग के अनुसार नियमित नियुक्ति की नियमावली का गठन किया जा रहा है, लेकिन संस्थानों में पठन-पाठन बाधित न हो और यहां पढने वाले छात्रों की कक्षाएं नियमित हो इसके लिए विभाग ने पठन-पाठन का जिम्मा वैकल्पिक रूप से अतिथि शिक्षकों को सौंपा है।
सरकार ने बढ़ाया मानदेयअतिथि शिक्षकों को फिलहाल सरकार की ओर से मानदेय के रूप में प्रति कक्षा एक हजार रुपये दिए जा रहे थे। यह राशि महीने में अधिकतम 35 हजार रुपये निर्धारित थी, जिसमें अब वृद्धि कर दी गई है।
मानदेय में वृद्धि के बाद अतिथि शिक्षकों को प्रति कक्षा 1500 रुपये दिए जाएंगे। यह राशि महीने में अधिकतम 50 हजार रुपये निर्धारित कर दी गई है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है।
बेगूसराय : टीएलएम मेला में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षक हुए पुरस्कृतपूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नौला एवं पर्रा संकुल में संकुल स्तरीय टीएलएम मेला का आयोजन किया गया। नौला संकुल का राजकीयकृत गांधी स्मारक प्लस टू विद्यालय नौलागढ़ में टीएलएम मेला का आयोजन किया गया। इसमें संकुलाधीन कुल आठ विद्यालयों ने हिस्सा लिया।
इसकी अध्यक्षता एचएम सह संकुल संचालक रोहित कुमार ने की और संचालन शिक्षक पुष्कर कुमार ने किया। इसमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय संस्कृत नौलागढ़ की शिक्षिका गौरी कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
शिक्षकों को किया गया सम्मानित।
वहीं दूसरे स्थान पर मध्य विद्यालय नौलागढ़ की शिक्षिका वर्षा कुमारी रहीं, जबकि तीसरे स्थान पर नवीन प्राथमिक विद्यालय, रामनगर नौला की शिक्षिका जिज्ञासा भारती रहीं।
कार्यक्रम के अंत में बीडीओ पंकज कुमार शक्तिधर, बीपीआरओ विभा रानी, बीआरपी रामानंद सिंह सहित अन्य अतिथियों ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया
पर्रा संकुल का उत्क्रमित हाईस्कूल पर्रा में एचएम सह संकुल संचालक मनोज कुमार झा की देखरेख में टीएलएम मेला का आयोजन किया गया। इसमें संकुल के विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी शिक्षकों के बीच बीईओ स्नेहलता वर्मा ने शील्ड, प्रशस्ति पत्र एवं कलम प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।
इसमें प्रथम पुरस्कार उत्क्रमित हाईस्कूल पर्रा के राजीव कुमार को, द्वितीय पुरस्कार मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर की सेजल सिंह को, जबकि तृतीय पुरस्कार एनपीएस सरौंजा दशईतर के मो. इरशाद अंसारी को मिला।
मौके पर बीआरपी खुशदिल कुमार, मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर के एचएम शंकर महतो, शिक्षक नीरज कुमार, शशि कुमार सहित कई शिक्षक मौजूद थे।
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जागरण संवाददाता, पटना। प्रदेश का मौसम पछुआ के प्रभाव से शुष्क बना हुआ है। उत्तरी भागों में हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाए रहने की संभावना है। जबकि पटना सहित शेष जिलों का मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार 72 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस वृद्धि होने के साथ धीरे-धीरे ठंड का प्रभाव कम हो जाएगा।
बांका रहा सबसे ठंडापछुआ की गति में कमी आने के कारण मौसम सामान्य बने रहने की संभावना है। रविवार को पटना सहित 21 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 6.8 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका सबसे ठंडा रहा।
वहीं पटना का अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस व 28.3 डिग्री सेल्सियस के साथ औरंगाबाद में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
इन जिलों में गिरा पाराछपरा, पुपरी व पूर्णिया को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। उत्तरी भागों में हल्के कोहरे का प्रभाव बना रहा, जबकि पटना सहित अन्य जिलों के मौसम शुष्क बना रहा।
वर्षा में कमी सामान्य से अधिक तापमान
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि इस माह में सामान्य से कम वर्षा की संभावना है। वहीं, अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बने होने के कारण ठंड में कमी आने के साथ गर्मी में वृद्धि की संभावना है।
मौसम में असामान्य बदलाव के कारण मुख्य तौर पर रबी फसलों पर इसका असर पड़ने की संभावना है। फरवरी के अंत तक तापमान में काफी होने पर जन जीवन के साथ कृषि पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
प्रमुख शहरों के तापमान में वृद्धि
औरंगाबाद के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री, डेहरी के अधिकतम तापमान में 2.2 डिग्री, बक्सर के अधिकतम तापमान में 3.7 डिग्री, अरवल के अधिकतम तापमान में 2.1 डिग्री, नालंदा के अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री।
गया के अधिकतम तापमान में 1.9 डिग्री, मधुबनी के अधिकतम तापमान में 3.2 डिग्री, किशनगंज के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री, भागलपुर के अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री, जमुई के अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री, पूसा के अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों का तापमान
- पटना- पटना में आज का अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- मुजफ्फरपुर- मुजफ्फरपुर में आज का अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- भागलपुर- भागलपुर में आज का अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- गया- गया में आज का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने को लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सुविधा आमजन को सहजता और सुलभता से मिल सके इसके लिए राज्य सरकार के आदेश पर राज्य में नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 794 स्वास्थ्य उप केंद्रों का निर्माण चल रहा है।
इनमें से बड़ी संख्या में निर्माण कार्य हो भी चुके हैं। शेष काम जल्द से जल्द पूरा हो सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक अरब से ज्यादा की राशि स्वीकृत की है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पूर्व स्वास्थ्य समिति की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और 15वें वित्त आयोग से मिली राशि के साथ ही राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली अंतर राशि से 123 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 130 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 794 स्वास्थ्य उप केंद्र के निर्माण का निर्णय लिया गया था।
इन योजनाओं की कुल लागत 1754.99 करोड़ थी। इसमें राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली अंतर राशि भी शामिल थी। अब सरकार ने इन अस्पतालों के लिए अंतर राशि 1 अरब 5 करोड़ रुपये के आसपास स्वीकृत कर दी है।
बता दें कि उक्त योजनाओं के निर्माण कार्य की निविदा बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम ने की थी। योजनाओं के निर्माण का काम आधारभूत संरचना निगम एवं भवन निर्माण विभाग के स्तर पर किया जा रहा है। सभी परियोजनाओं में चार दीवार, वर्षा जल संचय तथा सौर उर्जा का प्रविधान किया गया है।
निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 500 से अधिक जरूरतमंदों का किया गया चिकित्सीय परीक्षणदूसरी ओर सारण नगर पंचायत के जयगोविन्द उच्च विद्यालय परिसर में रविवार को स्वर्गीय केदार महाराज के पुण्यस्मृति में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन रोटरी क्लब ऑफ पटना शक्ति एवं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के सौजन्य से किया गया।
इसका उद्घाटन रोटरी की अध्यक्षा वंदना सिन्हा, इंडियन ऑयल के सेल्स मैनजर राहुल काल सहित रोटरी सदस्य जय प्रकाश टोडी, रवि खयाल सहित उपस्थित चिकित्सकों द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया।
इस अवसर पर जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पटना एवं आईजीआईएमएस पटना तथा पीएमसीएच पटना के प्रसिद्ध चिकित्सकों द्वारा 500 से अधिक मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
उक्त आयोजन में जनरल फिजिसियन एचओडी मेडिसिन डॉ. अखिलेश कुमार, नेत्र चिकित्सक डॉ. रामानुज सिंह, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. जुनैद आलम सहित कई विभागों के वरीय चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों को निःशुल्क परामर्श और दवा दी।
स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में प्रह्लाद महाराज, अतुल कौशिक उर्फ विकास महाराज, प्रो. कन्हैया सिंह एवं विधान पार्षद प्रतिनिधि तनुज सौरभ कृष्णा सिंह, संजय मालाकार ने महती भूमिका निभाई।
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जागरण संवाददाता, पटना। किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के तत्वावधान में उन्हें बेबी कॉर्न उत्पादन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कृषि विशेषज्ञों की राय है कि रबी की फसलों को काटने के बाद किसान खेतों को खाली न छोड़ें। उसमें तत्काल बेबी कॉर्न की फसल लगा दें। जहां बेबी कॉर्न लगाना संभव नहीं हो वहां पर मक्का या मूंग की फसल लगाई जा सकती है।
किसानों की आय बढ़ाने का हो रहा प्रयासआत्मा के उप परियोजना निदेशक वृजेन्द्र मणि का कहना है कि आत्मा की ओर से किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।
इसके लिए जरूरी है कि किसान फसल चक्र अपनाएं। ऐसे में खेतों को खाली रखने से किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान होगा।
अगर किसान फसल चक्र अपनाएं तो उनकी आय में तीस से चालीस प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। गर्मी के दिनों में प्राय: किसान रबी की फसल काटने के बाद खेतों को खाली छाेड़ देते हैं।
इस तरह से भी बढ़ सकती है आय- अगर किसान उस समय मूंग की फसल खेतों में लगा दे तो उससे कम लागत में अच्छी पैदावार हो सकती है। फसलों की पैदावार बढ़ने से किसानों की आय बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।
- विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के दिनों में सब्जी की मांग काफी बढ़ जाती है। अगर सिंचाई की सुविधा हो तो किसान गर्मी के दिनों में सब्जी की फसल आसानी से लगा सकते हैं।
भभुआ में कृषि विभाग किसानों के खेतों की मिट्टी के स्वास्थ्य की जांच प्रयोगशाला में निशुल्क कर रहा है। मिट्टी के स्वास्थ्य जांच के उपरांत मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार अब तक 6671 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया गया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 में सभी प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत 10300 मिट्टी के नमूनों की जांच करने का लक्ष्य मिला हुआ है।
प्रयोगशाला में 9934 खेतों की मिट्टी का नमूना प्राप्त हुआ है। प्राप्त लक्ष्य के अनुसार अभी तक 6671 खेतों के मिट्टी के नमूनों की जांच का कार्य पूरा कर लिया गया है।
साथ ही किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी उपलब्ध करा दिया गया है। सहायक निदेशक रसायन नईम नोमानी ने बताया कि किसानों के खेतों की मिट्टी के नमूनों को एकत्रित कर प्रयोगशाला में नि:शुल्क जांच की जाती है।
यह जांच 12 पैरामीटर की होती है। इससे खेतों की मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी है इसके बारे में जानकारी मिल जाती है। जिसे किसानों को बताया जाता है। कमी को दूर करने के लिए भी किसानों को उपाय बताए जाते हैं।
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Bihar Crime News: संपत्ति विवाद के चलते चलते खून संघर्ष, वैशाली में बड़े भाई तो कैमूर में छोटे भाई की हत्या
जागरण टीम, पटना। बिहार में लगातार कई दिनों हत्या जैसी वारदात रुकने का नाम नहीं ले रही है। संपत्ति विवाद में भी आए दिन मर्डर की जानकारी मिलती है।
अब आलम यह है कि सगे भाई भी संपत्ति को लेकर हत्या करने से हिचक नहीं रहे। गत शनिवार की रात से लेकर रविवार की सुबह तक क्रमश: वैशाली के लालगंज के जलालपुर एवं कैमूर जिले के के सोनहन के तरहनी में ऐसी ही दो घटनाएं हुईं।
बड़े भाई व भाभी की जमकर पिटाई कर दीजलालपुर में एक मंदबुद्धि भाई को संपत्ति का हिस्सा हड़पने पर तुले युवक संजीत शुक्ला ने इसका विरोध करने पर बड़े भाई व भाभी की जमकर पिटाई कर दी।
इससे बड़े भाई सुभाष शुक्ला की मौत हो गई और भाभी प्रियंका देवी का पैर टूट गया। चीख पुकार सुनकर जुटे पड़ोसियों ने लालगंज थाने को सूचित किया और घटना के बाद फरार आरोपित की पत्नी चंचल देवी को पुलिस के हवाले कर दिया।
सदर एसडीपीओ गोपाल मंडल ने बताया कि स्वर्गीय बंगाली शुक्ला के तीन पुत्र हैं। इनमें एक मंदबुद्धि है, उसी के हिस्से की संपत्ति के विवाद में हत्या हुई है। पुलिस उसकी पत्नी से पूछताछ कर उसका ठिकाना पता कर रही है, शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
छोटे भाई को मार दी गोली- इधर, कैमूर जिले के सोनहन थाना क्षेत्र के तरहनी गांव में रविवार की सुबह मकान बनाने को मिट्टी खोदाई करा रहे युवक को उसके बड़े भाई ने रोका।
- वह नहीं माना तो उसने राइफल से छोटे भाई 45 वर्षीय संजय सिंह व भतीजे जयप्रकाश सिंह को गोली मार दी। जिससे छोटे भाई की मौत हो गई। भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया।
- एसपी हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि स्व. भज्जुराम सिंह के बड़े पुत्र आरोपित दिलीप सिंह, उसकी पत्नी मीना देवी और उसके दो पुत्र आनंद प्रकाश व राजा बाबू को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना में प्रयुक्त राइफल, 15 कारतूस व दो खोखा बरामद किया गया है। मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। घायल की पीठ में गोली लगी है, सदर अस्पताल से उसे बाहर रेफर किया गया है।
झगड़े की शुरुआत में आरोपित दिलीप सिंह का पुत्र हाथ में पिस्टल लेकर चाचा व चचेरे भाई को गोली मारने की धमकी दे रहा था। पिस्टल भी जब्त किया जाएगा। घटना के बाद पहुंची स्थानीय पुलिस के सामने भी आरोपितों ने फायरिंग की है।
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GST Amnesty Scheme: कारोबारियों को मिल रही बड़ी राहत, 31 मार्च 2025 तक कर सकते हैं आवेदन; यहां पढ़ें सब कुछ
राज्य ब्यूरो, पटना। Gst Amnesty Scheme 2025: वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के दौरान नोटिस प्राप्त कारोबारियों के लिए जीएसटी विभाग द्वारा संचालित एमनेस्टी योजना बड़ी राहत लेकर आई है।
इस योजना के अंतर्गत कारोबारियों को केवल बकाया टैक्स जमा करना होगा, जबकि ब्याज और जुर्माने से पूरी तरह छूट मिलेगी।
जीएसटी माफी स्कीम के लिए पंजीकृत कारोबारी अब 31 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि जीएसटी की शुरुआत से लेकर अभी तक के विवादों के समाधान के लिए यह योजना लाई गई है।
इसके अंतर्गत 2017-18 से 2019-20 के बीच के कर विवाद में कर की राशि का भुगतान करने से ब्याज और पेनाल्टी से छूट दी जा रही है।
वाणिज्य-कर विभाग को आशा है कि इस स्कीम से कर विवाद का समाधान होगा और सरकार को लगभग एक हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं कारोबारियों को भी ब्याज और पेनाल्टी से मुक्ति मिल जाएगी।
नए सत्र से पॉलिटेक्निक संस्थानों में नवाचार और उद्यमिता की होगी पढ़ाईवहीं दूसरी ओर राज्य के सभी 48 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में नये शैक्षणिक सत्र से नवाचार और उद्यमिता के बारे में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाएगा। इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है। इससे करीब 42 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने नवाचार और उद्यमिता की पढ़ाई के साथ-साथ ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल को भी उद्योग सेक्टर से जोड़े जाने का निर्देश प्राचार्यों को दिया है। उद्यमिता एवं नवाचार को बढ़ावा देने हेतु राज्य के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों को भी निर्देश दिया गया है।
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आईआईटी, पटना एवं बीएचयू, वाराणसी के प्राध्यापकों एवं औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की मदद से पॉलिटेक्निक संस्थानों के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
इसके लिए प्रत्येक पॉलिटेक्निक संस्थान में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल को औद्योगिक सेक्टर से जोड़ने की कार्यवाही शुरू की जा रही है।
इन विशेषज्ञों द्वारा छात्र-छात्राओं को संवाद कौशल, साक्षात्कार कौशल और प्रजेंटेशन कौशल के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा लागू बिहार स्टार्टअप पॉलिसी के तहत नये उद्यम लगाने के आइडिया पर काम किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं को स्वतंत्र उद्यम लगाने की प्रेरणा मिल सके।
प्रत्येक पॉलिटेक्निक में होगा स्टार्टअप सेलविभाग द्वारा सभी पॉलिटेक्निक संस्थान और इंजीनियरिंग कॉलेज को स्टार्टअप सेल बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके माध्यम से निरंतर छात्र-छात्राओं को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसमें उद्योग विभाग से भी मदद ली जाएगी। छात्र-छात्राओं को उनके स्टार्टअप को लेकर आइडिया स्टेज और बिजनेस मॉडल के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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Bihar Politics: छोटी-छोटी कड़ियों को जोड़ने में जुटा राजद, 2025 के चुनाव को लेकर ऐसी है पार्टी की रणनीति
जागरण संवाददाता, पटना। पिछड़ा व अति-पिछड़ा वर्ग पर केंद्रित हो चुकी बिहार की राजनीति मेंं इन दिनों कम जनसंख्या वाली जातियों को साधने का उपक्रम चल रहा है।
लोकसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ यह उपक्रम विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत रैलियों-सभाओं के माध्यम से आगे बढ़ रहा। ऐसी ही एक रैली (तेली हुंकार रैली) रविवार को राजद विधायक रणविजय साहू के नेतृत्व में हुई।
यहां हुआ राजद को नुकासन- तैलिक समाज के बीच कभी राजद की गहरी पैठ हुआ करती थी। बाद में यह समाज बहुलता में भाजपा का पक्षधर हो गया।
- ऐसी ही कई दूसरी जातियां भी हैं, जिनकी प्रतिबद्धता स्थायी रूप से किसी एक दल के साथ नहीं रही है। समय और संयोग के आधार पर इनका रुख बदलता रहा है, लेकिन जीत-हार में भूमिका निर्णायक होती है।
कभी माय (मुसलमान-यादव) समीकरण के साथ जुड़कर ये जातियां राजद को दमदार बनाए हुए थीं। इनके बिदकने-बिखरने से उसका वर्चस्व कमजोर पड़ गया। अब एक बार फिर इन्हें जोड़ने की पहल हो रही।
बिहार में कुछ जातियों की दलीय प्रतिबद्धता है तो कई तटस्थ हैं। चुनावी काल में इन तटस्थ जातियों को जोड़ने-तोड़ने के उपक्रम का बढ़ जाना स्वाभाविक है।
लोकसभा चुनाव मेंं राजद को मिली सफलता में यह प्रयोग महत्वपूर्ण कारक रहा है। पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित कुशवाहा समाज उसके लिए प्रतिबद्ध नहीं माना जाता, लेकिन टिकट के बंटवारे में महत्व मिला।
बदले में राजद को एक सीट मिल गई। उसके चार सांसदों मेंं से एक अभय कुशवाहा इसी समाज से हैं। राजद ने इस उपकार का बदला लोकसभा में अभय को पार्टी का नेता बनाकर चुकाया और अंदरखाने तय किया कि विधानसभा चुनाव में यह क्रम आगे बढ़ेगा।
सरकार की गणना के अनुसार, बिहार में अति-पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या 36 प्रतिशत है। इसमें तैलिक समाज की हिस्सेदारी सर्वाधिक (2.81 प्रतिशत) है।
रविवार की रैली वस्तुत: समाज की थी, इसीलिए दलीय बाध्यता को दरकिनार कर जुटान हुआ। इसके बावजूद मुख्य वक्ता विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहे, जो पूरे भाषण के दौरान एक-दूसरे (राजद और तैलिक समाज) के सहयोग से आगे बढ़ने का आह्वान करते रहे।
पांच-छह प्रतिशत अतिरिक्त मत जुटाने के फिराक में राजदपुराने दिनों के साथ-संबंध की दुहाई देते हुए कुछ ऐसा ही आह्वान उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती समारोह मेंं भी किया था। जननायक इसी समाज के प्रतिनिधि चेहरा थे।
जनसंख्या में डेढ़ प्रतिशत से कुछ अधिक की हिस्सेदारी वाला नाई समाज उस पचपनिया का अंश है, जो मिथिलांचल और पूर्वी भाग में विधानसभा की तीन दर्जन से अधिक सीटों के समीकरण को प्रभावित करता है।
इस बार राजद की मंशा पिछले चुनाव की तुलना में पांच-छह प्रतिशत अतिरिक्त मत जुटाने का है, ताकि तटस्थ मतदाताओं के रुख से प्रभावित होने वाली सीटों पर जीत की संभावना प्रबल हो।
2020 में महागठबंधन को राजग के बराबर ही वोट मिले थे, लेकिन सीटों में 15 का अंतर हो गया। 37.26 प्रतिशत वोट के बूते राजग 125 सीटें पा गया, जबकि 37.23 प्रतिशत वोट और 110 सीटें लेकर महागठबंधन सत्ता से दूर रह गया।
आगे अतिरिक्त मतों को जोड़कर सत्ता से इस दूरी को पाटा जा सकता है। बड़ी जनसंख्या वाली जातियों की राजनीतिक प्रतिबद्धताएं हैं, लिहाजा संभावना छोटे समूहों के बीच ही बची है।
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Bihar: 'मेरा जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ...', बिहार के राज्यपाल ने अचानक क्यों कह दी ऐसी बात
एजेंसी, (पीटीआई) पटना। बिहार के राज्यपाल आज पटना पहुंचे। पटना पहुंच कर उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। पटना में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि कोई भी ऐसा काम जिससे यह चेतना बढ़े कि मैं इस कम्यूनिटी में पैदा हुआ हूं, इस कास्ट में पैदा हुआ हूं। इससे आगे चलकर समाज में तनाव बढ़ते हैं।
इस दौरान पत्रकार ने पूछा कि जो लोग आपके मुस्लिम होने को लेकर चर्चा करते हैं क्या आपको उससे दुख होता है? इस सवाल पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि मैंने कहा कि 'जाति चेतना' उस समुदाय या जाति के प्रति जागरूकता है जिसमें मैं पैदा हुआ हूं...
उन्होंने आगे बताया कि जबकि मेरा जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ और मेरी आस्था मुस्लिम परिवार में है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में, चाहे मैं संसद सदस्य, मंत्री या राज्यपाल के रूप में रहूं, मुझे भारत के नागरिक के रूप में देखा जाता है, किसी विशिष्ट समुदाय के सदस्य के रूप में नहीं।
इसलिए मैं जिम्मेदारियों को पूरा करते समय अपने समुदाय और जाति पर ध्यान नहीं देता हूं।
सात फरवरी को महाकुंभ पहुंचे थे बिहार के राज्यपालबिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान 7 फरवरी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि भारत की संस्कृति का सनातन आदर्श एक आत्मता है।
उन्होंने कहा कि अब तक 40 करोड़ लोग यहां आ चुके हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसे देखना किसी सौभाग्य से कम नहीं। वहीं महाकुंभ पहुंचे बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने शुक्रवार को संगम भ्रमण के दौरान भारत की सनातन संस्कृति को महान बताया।
राज्यपाल ने कहा कि यहां सारे भेदभाव खत्म हो जाते हैं। हमारी संस्कृति कहती है कि किसी भी व्यक्ति को उसके दिव्य रूप में देखों। मानव ही माधव का रूप है और यहां ये सब नज़र आता है।
महाकुंभ पहुंचकर राज्यपाल ने कहा था कि भारत की सनातन संस्कृति का मूल आदर्श एकात्मता है, जहां सभी भेद समाप्त हो जाते हैं। यहां मौजूद लोग एक-दूसरे को भले ही न जानते हों लेकिन फिर भी सब एकजुट होकर इस आयोजन में भाग ले रहे हैं।
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क्या दिल्ली की तरह बिहार में भी BJP को होगा फायदा? तेजस्वी ने दिया क्लियर कट जवाब, बोले- '...समझना पड़ेगा'
पीटीआई, पटना। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। इसमें भाजपा ने भारी बहुमत से अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को हराया है। भाजपा की जीत की चर्चा देश भर हो रही है।
दिल्ली चुनाव में तख्तापलट वाले नतीजे के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष की तरफ से लगातार नए बयान सामने आ रहे हैं।
बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी दिल्ली चुनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इसके साथ, उन्होंने इस बात को पूरी तरह से नकार दिया है कि दिल्ली चुनाव के नतीजों का बिहार में असर देखने को मिलेगा।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दिल्ली चुनाव पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे ऊपर होती है।
भाजपा करीब 26 साल बाद दिल्ली की सत्ता में आई है। उम्मीद है कि जनता से किए गए वादे पूरे किए जाएंगे और जुमलेबाजी नहीं होगी।
तेजस्वी ने चुनाव को लेकर दिया जवाबवहीं, जब राजद नेता से यह पूछा गया कि क्या बिहार विधानसभा चुनाव में भी दिल्ली चुनाव को देखते हुए भाजपा और एनडीए गठबंधन को फायदा मिलेगा? तो इस बात को तेजस्वी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया।
तेजस्वी ने कहा कि बिहार बिहार है, इसको समझना पड़ेगा। बता दें कि बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
चुनाव को लेकर तैयारी तेज- बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी अभी से ही तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी लगातार प्रगति यात्रा के तहत जनता के बीच जा रहे हैं।
- बिहार में 2005 से लगातार नीतीश कुमार सीएम के पद पर काबिज हैं। हालांकि, इस अवधि के दौरान कुछ समय के लिए उन्होंने जीतन राम मांझी को भी सत्ता सौंप दी थी। जिन्हें बाद में हटाया गया।
सत्ता में आने पर माई-बहिन मान योजना के तहत सभी को 2500 रुपये देंगे। 200 यूनिट बिजली नि:शुल्क तथा वृद्धा पेंशन सहित अन्य को 1500 रुपये कर देंगे। एक बार मौका दीजिए।
मेरे पिता लालू प्रसाद साहु समाज के बहुत कुछ किए हैं। इस समाज के लोगों को एमएलसी बनाने का कार्य किए। रणविजय साहु को राष्ट्रीय जनता का प्रधान सचिव बनाया है।
प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव रविवार को मिलर हाई स्कूल मैदान में बिहार तैलिक साहू सभा की हुंकार रैली में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए तेली समाज के तीन प्रतिशत वोट बैंक को अपने पाले में करने का प्रयास किया।
नीतीश कुमार को लेकर तेजस्वी ने दिया बयानइतना कहते ही रैली में बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, तेजस्वी जैसा हो नारा से गूंज उठा। प्रतीपक्ष के नेता ने कहा कि भाजपा को भाजपा को रोकने के लिए बड़ी पार्टी होने के बाद भी दो बार नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया।
चाहते तो भाजपा से मिलकर मुख्यमंत्री बन सकते हैं। बार-बार पलटी मारके नीतीश चाचा मुख्यमंत्री के पद पर चिपके हुए हैं। चौक-चौराहे पर पोस्टर लगाकर प्रदर्शित कराए हैं कि रोजगार मतलब नीतीश कुमार।
चाचा जी 17 वर्ष में भाजपा के साथ रहकर नौकरी नहीं दे सके। कहते थे कि 10 लाख नौकरी के लिए अपने बाप के यहां से पैसा लाएगा। हम उनके साथ सिर्फ 17 माह रहकर पांच लाख नौकरी दिला दिए।
इच्छा शक्ति रहने पर सबकुछ संभव है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में चरम पर अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ गया है। हत्याएं हो रही है। प्रखंड कार्यालयों, थाना में बिना रिश्वत का कार्य नहीं हो रहा है।
मुख्यमंत्री के प्रगति यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आमजन से नहीं मिलते हैं। अधिकारी जहां चाहते हैं, वहीं जाते हैं। प्रगति यात्रा पर दो अरब 25 करोड़ खर्च कर चुके हैं।
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Bihar Land Survey: जमीन मालिकों के लिए बड़ी खबर, ब्यौरा जमा करने को लेकर जारी हुई नई एडवाइजरी; पढ़ें पूरी डिटेल
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Land Survey: भूमि सर्वेक्षण को लेकर स्व घोषणा में आम लोगों की समस्या के समाधान को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नई एडवाइजरी जारी की है। भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने यह पत्र जारी किया है।
स्वघोषणा जमा करने में आम लोगों को हो रही परेशानी की वजह से नई एडवाइजरी जारी की गई है। रैयतों को कहा गया है वो अपनी जमीन का ब्यौरा यानी स्वघोषणा अंचल स्थित शिविर कार्यालय में जाकर जमा करें। सर्वर में हो रहे बदलावों की वजह से फिलहाल ऑनलाइन माध्यम से स्वघोषणा की अपलोडिंग बंद है।
22 फरवरी तक सर्वर को लेकर काम किए जाने की संभावना है। उसके बाद पहले की तरह ऑनलाइन अपलोडिंग होगी।
सर्वे निदेशालय राज्य के सभी नौ प्रमंडलों के लिए अलग-अलग सर्वर बना रहा है। भागलपुर, पूर्णिया एवं मुंगेर का सर्वर अलग किया जा चुका है। जल्द ही अन्य प्रमंडलों का अलग सर्वर काम करने लगेगा।
अभी तक 78 लाख स्वघोषणा जमाइस साल मार्च तक स्वघोषणा जमा किए जाएंगे। अभी तक 78 लाख रैयतों ने स्वघोषणा जमा किया है। सर्वर के ठीक होने पर इसमें और तेजी आएगी। विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह द्वारा किस्तवार शुरू करने के लिए फरवरी का अंतिम सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है।
शुक्रवार को हुई 18 जिलों में भूमि सर्वे के कार्यों की समीक्षा में बंदोबस्त पदाधिकारियों से जिलावार विशेष सर्वेक्षण नक्शों की उपलब्धता की जानकारी ली गई। इसमें पता चला कि जिलों में एसएस नक्शा उपलब्ध कराया गया है किंतु अधिकांश जिलों में सभी मौजों के नक्शों की आपूर्ति नहीं की गई है।
नक्शा उपलब्ध कराने का निर्देशसभी हवाई एजेंसियों को 15 फरवरी तक द्वितीय चरण के सभी मौजों में विशेष सर्वेक्षण का नक्शा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप कमलेश कुमार सिंह ने सभी हवाई एजेंसियों से उनके द्वारा जिलों में उपलब्ध कराए गए ईटीएस मशीन की भी जानकारी मांगी है।
हवाई एजेंसियों द्वारा बताया गया कि जिन जिलों में प्रथम चरण के 89 अंचलों में भूमि सर्वे चल रहा है, वहां से मशीनों को मंगाया जाएगा।
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BSEB Inter Exam 2025: इंटर परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने लिया एक और बड़ा फैसला, अब से हर जिले में होगा ये काम
राज्य ब्यूरो, पटना। 17 फरवरी से राज्य में होने वाली इंटरमीडिएट परीक्षा की मानीटरिंग में शिक्षा विभाग ने हर जिले के लिए अधिकारियों के नेतृत्व में उड़नदस्तों की तैनाती की है।
शिक्षा विभाग के उड़नदस्तों में मुख्यालयों के अधिकारियों को लगाया गया है, जो कदाचार मुक्त परीक्षा के आयोजन में औचक निरीक्षण भी करेंगे।
परीक्षा संबंधी अपनी रिपोर्ट भेजेंगेये अधिकारी परीक्षा संबंधी अपनी रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों को भेजेंगे। शिक्षा विभाग के निदेशक एवं अपर सचिव सुबोध कुमार चौधरी द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
विभागीय आदेश में कहा गया है कि उड़नदस्ते का नेतृत्व करने वाले अधिकारी परीक्षा समाप्त होने तक संबंधित जिला मुख्यालय में कैंप करेंगे।
इन अधिकारियों का यह भी होगा कामप्रत्येक दिन वह अपने वरीय पदाधिकारी को परीक्षा के संबंध में एक रिपोर्ट देंगे। कोषागार से प्रश्न पत्रों को ले जाने के दौरान वह स्वयं वहां पर स्वयं उपस्थित रहेंगे।
दैनिक प्रतिवेदन में इसका जिक्र भी करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस एवं दंडाधिकारी संबंधित परीक्षा केंद्रों पर ससमय उपस्थित हों, यह भी सुनिश्चित करेंगे।
परीक्षा केंद्रों के भ्रमण के दौरान प्रतिनियुक्त होमगार्ड एवं अन्य कर्मी के कार्यकलाप संदिग्ध रहने पर उसी जिले के वरीय पदाधिकारियों को जानकारी देंगे।
पटना में इंटर परीक्षा के छठे दिन चार निष्कासित- इंटर की परीक्षा के छठे दिन पूरे राज्य चार छात्र निष्कासित किए गए, वहीं दो छात्र को दूसरी की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया।
- बक्सर से एक, वैशाली से दो और खगड़िया से ए परीक्षार्थी निष्कासित किए गए। जबकि वैशाली और मधेपुरा से एक-एक परीक्षार्थी को दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया।
भोजपुर जिले में चल रहा है इंटर परीक्षा के दौरान शनिवार को 945 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को कुल दोनों पालियों में 39958 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी जिसमें से 39013 परीक्षार्थी उपस्थित हुए और रिकॉर्ड सबसे ज्यादा 945 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
पहली पाली में 262 और दूसरी पाली में 683 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। परीक्षा की पहली पाली में 18613 परीक्षार्थियों के बदले 18351 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इस प्रकार 262 परीक्षार्थी गायब रहे।
अनुपस्थित रहने वालों में आरा अनुमंडल क्षेत्र के परीक्षा केन्द्रों से 247, जगदीशपुर से नौ और पीरो अनुमंडल क्षेत्र के छह परीक्षार्थी शामिल थे। दूसरी पाली में 21345 परीक्षार्थियों के बदले 20662 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
इस प्रकार 683 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जिसमें से आरा सदर अनुमंडल क्षेत्र के 639, जगदीशपुर और पीरो के 22-22 परीक्षार्थी परीक्षा नहीं दिए।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में बालू समेत अन्य लघु खनिजों के अवैध खनन पर रोक के लिए खान एवं भू-तत्व विभाग निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में जिलों में तैनात खनन पदाधिकारियों, खान निरीक्षकों को अवैध खनन पर रोक के साथ ही इनके परिवहन, भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करने, नियमित जांच अभियान चलाने के साथ ही अन्य कई जिम्मेदारियां दी गई है।
इस महीने के अंत तक आएगी रिपोर्टविभाग ने कुछ महीने पहले खान निरीक्षकों के कार्य के आधार पर उनके मूल्यांकन का निर्णय लिया था। संभावना है कि इस महीने के अंत तक खान निरीक्षकों की मूल्यांकन रिपोर्ट आ जाएगी जिसमें उनकी रैंकिंग भी होगी।
खान एवं भू-तत्व विभाग की ओर से सभी जिलों के खनिज कार्यालयों को खनन पदाधिकारी, खान निरीक्षकों का मूल्यांकन प्रतिवेदन भेजा गया है।
2-3 दिनों में दर्ज करा सकते हैं आपत्तिइसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि यदि इस मूल्यांकन पर किसी पदाधिकारी को आपत्ति है तो दो से तीन दिनों के अंदर अपनी आपत्ति दर्ज कराएं।
इससे उस पर विचार कर यथासंभव आपत्ति के बिंदुओं को शामिल किया जा सके। इसके बाद खान निरीक्षकों की रैंकिंग रिपोर्ट जारी की जाएगी।
खराब प्रदर्शन करने वालों पर एक्शनविभाग के अनुसार खान निरीक्षकों का मूल्यांकन नवंबर, दिसंबर और जनवरी के कार्यों के आधार पर हो रहा है। जिसे अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। विभाग का निर्णय है कि मूल्यांकन के क्रम में खनन पदाधिकारियों, खान निरीक्षकों की रैंकिंग रिपोर्ट जारी होगी।
सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पांच पदाधिकारियों को चिह्नित कर जहां उन पर कार्रवाई होगी। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।
आरा: रॉयल्टी जमा नहीं करने पर प्राथमिकी दर्ज करने का अल्टीमेटमभोजपुर जिले में खनन विभाग का जनवरी माह तक रॉयल्टी जमा नहीं करने वाले 35 भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। खनन विभाग ने जिले के बड़े बकायदार 35 ईंट भट्ठा मालिकों को दो सप्ताह के अंदर रॉयल्टी जमा करने का नोटिस थमाया है।
ऐसा नहीं करने पर सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए नीलामवाद की कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
मालूम हो भोजपुर जिले में लगभग 186 ईंट भट्ठा खनन विभाग के पास पंजीकृत होने के साथ संचालित हैं। इनमें से अब तक 71 ईंट भट्ठा की रॉयल्टी जमा हो गया है।
इसके अलावा लगभग 80 ईंट भट्ठा कागजी प्रक्रिया पूरा करने के दौर में शामिल है। 35 ईंट भट्टा को कई बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी अब तक रॉयल्टी जमा नहीं की गई है।
इन सभी के पास प्रति भट्टा 1,28,750 रुपये की दर से कुल लगभग 48 लाख से ज्यादा की रॉयल्टी बकाया हो गई है। खनन विभाग ने विगत सप्ताह इन सभी को नोटिस जारी कर दिया है।
बकायदारों की लिस्ट में सबसे ज्यादा संख्या सहार प्रखंड क्षेत्र के भट्ठा मालिकों की है। इसके बाद बड़हरा, तरारी, उदवंतनगर सेमत कई प्रखंडों के भट्ठा मालिक शामिल हैं। खनन विभाग की इस कार्रवाई के बाद समय पर रॉयल्टी जमा नहीं करने वाले भट्ठा मालिकों में हड़कंप मच गया है।
डीएम के निर्देश मिलने के बाद समय पर रॉयल्टी नहीं देने वालों के खिलाफ प्राथमिकी के साथ नीलामवाद की जल्द ही कार्रवाई शुरू होगी।
राजेश कुशवाहा, जिला खनन पदाधिकारी
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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार वासियों को केंद्र सरकार जल्द ही एक और बड़ी सौगात देने जा रही है। माना जा रहा है कि एकसाथ दो एक्सप्रेस-वे की सौगात मिल सकती है।
बिहार के दो एक्सप्रेस वे के एलायनमेंट (मार्गरेखन) पर इसी महीने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) की मुहर लग जाएगी।
रक्सौल-हल्दिया और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे के लिए प्रस्तावित एलायनमेंट पर एमओआरटीएच की एलायनमेंट कमेटी को इस माह निर्णय लेना है। दोनों एक्सप्रेस वे तीन-तीन राज्यों से बिहार को तीव्र संपर्कता मिलेगी।
रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे के प्रस्तावित एलायनमेंट में बिहार के इन जिलों को लाभरक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे को आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा। इस सड़क से न सिर्फ बिहार को पश्चिम बंगाल स्थित हल्दिया पोर्ट की सीधी संपर्कता हासिल होगी बल्कि हल्दिया पोर्ट से नेपाल के लिए होने वाले कारोबार को भी गति मिलेगी।
रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे छह लेन में बनना है और इसकी लंबाई 650 किमी है। इस सड़क के एलायनमेंट में बिहार का पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सारण, पटना, नालंदा, शेखपुरा, जमुई और बांका जिला शामिल है।
बांका से यह एक्सप्रेस वे झारखंड की ओर बढ़ जाएगा और फिर हल्दिया तक जाएगा। बिहार के नौ जिले इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं। इस लिहाज से यह विशेष रूप से बिहार में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
एनएचएआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एलायनमेंट पर मुहर लगने के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ होगी।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे का बड़ा हिस्सा बिहार से होकर गुजर रहा- गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे के प्रस्तावित एलायनमेंट का ड्राफ्ट भी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एलायनमेंट कमेटी के पास पहुंच चुका है।
- प्रस्तावित एलायनमेंट के तहत इस एक्सप्रेस वे का बड़ा हिस्सा बिहार से होकर गुजर रहा। गोरखपुर के रिंग रोड से यह शुरू हो रहा।
- वहां से यह पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया व किशनगंज जिला होते हुए पश्चि्म बंगाल को पहुंचेगा। यह सड़क भी तीन जिले क्रमश: यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल को आपस में जोड़ रही।
हाल ही में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोकामा-मुंगेर ग्रीन फील्ड फोरलेन सड़क के एलायनेंट को अपनी मंजूरी प्रदान की है। इस प्रोजेक्ट का मामला भी अब जमीन अधिग्रहण की ओर बढ़ा है। इस सड़क को बन जाने से लोगों को काफी सहूलियत होगी।
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Bihar Weather: पछुआ से लुढ़का पटना सहित 30 शहरों का तापमान, अब पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई टेंशन
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: सर्द पछुआ हवा के प्रवाह से पटना समेत 30 शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। 6.0 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जबकि राजधानी का न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री गिरावट के साथ 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते छह दिनों के दौरान पटना के न्यूनतम तापमान तीन डिग्री की कमी आई है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रवाह के कारण रात्रि के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में सुबह-शाम ठंड का प्रभाव बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी इलाकों से आगे की ओर बढ़ा है। इसके कारण ठंड का प्रभाव बना रहा है।
तापमान में इजाफा होने के आसारहालांकि, अब मौसम में बदलाव की संभावना है। हवा की गति में कमी आने के कारण दो दिनों के दौरान तापमान में वृद्धि होने से ठंड का असर कम होने के आसार है।
शनिवार को पटना सहित 21 शहरों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस,लजबकि 25.9 डिग्री सेल्सियस के साथ शेखपुरा प्रदेश में सबसे गर्म स्थान रहा।
प्रमुख शहरों के तापमान में गिरावटजमुई के न्यूनतम तापमान में 4.4 डिग्री की गिरावट, बांका में 4.3 डिग्री की गिरावट, बक्सर के तापमान में 1.9 डिग्री की गिरावट, मधेपुरा के तापमान में 2.7 डिग्री की गिरावट, पुपरी के तापमान में 3.3 डिग्री की गिरावट, मोतिहारी के तापमान में 2.4 डिग्री की गिरावट, औरंगाबाद के तापमान में 0.6 डिग्रीकी गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, डेहरी के तापमान में 1.5 डिग्री की गिरावट, पूसा के तापमान में तीन डिग्री की गिरावट, भागलपुर के तापमान में 1.9 डिग्री की गिरावट, पूर्णिया के तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट, कटिहार के तापमान में 1.9 डिग्री की गिरावट, बेगूसराय के तापमान में 1.1 डिग्री की गिरावट, मधुबनी के तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान- पटना- पटना में आज का अधिकतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- मुजफ्फरपुर- मुजफ्फरपुर में आज का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- भागलपुर- भागलपुर में आज का अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- गया- गया में आज का अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
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Patna: सीनियर एडवोकेट और टाइपिस्ट ने महिला वकील के साथ कर दिया गंदा काम, पीड़िता बोली- एक ने 2 साल तक...
जागरण संवाददाता, पटना। महिला वकील को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने दो साल से शादी का झांसा देकर टाइपिस्ट पर यौन शोषण और सीनियर वकील के खिलाफ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
पीड़िता की शिकायत पर एसके पुरी थाने की पुलिस ने टाइपिस्ट और सीनियर वकील के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है।
एसके पुरी थानेदार ने केस दर्ज कर बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता पटना की रहने वाली है। कुछ साल पूर्व प्रशिक्षण के लिए वह सीनियर अधिवक्ता के पास जाती थी। उसने आरोप लगाया है कि मौका देखकर सीनियर वकील उसके साथ छेड़छाड़ करते थे।
सीनियर वकील की हरकतों से तंग आकर पीड़िता ने टाइपिस्ट से मिलकर अपनी आपबीती बताई। इस बीच टाइपिस्ट उसका साथ देने के बहाने दोस्ती कर लिया। फिर शादी का झांसा दिया और पीड़िता को अगल-अलग स्थान पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
जब पीड़िता टाइपिस्ट पर शादी का दबाव बनाने लगी, तो वह मुकर गया। इसके बाद मामला थाने तक पहुंचा है।
दो नाबालिग छात्राओं के साथ कट्टा दिखाकर दुष्कर्म करने का प्रयासवहीं दूसरी ओर चैनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में दो नाबालिग छात्राओं के साथ गांव के ही दो युवकों के द्वारा दुष्कर्म करने की कोशिश की गई। विरोध करने पर मारपीट एवं गोली मारने की धमकी दी गई।
पूरा मामला लगभग डेढ़ माह पहले का है। मामले को लेकर दोनों नाबालिग छात्राओं द्वारा चैनपुर थाने में लिखित आवेदन देते हुए शिकायत की गई। इसके बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
दिए गए आवेदन में छात्रा ने बताया है कि 20 दिसंबर 2024 की शाम चार बजे अपने घर में अपने चचेरी बहन के साथ बात कर रही थी। मुख्य दरवाजा बंद था। जबकि परिवार के सभी सदस्य खेत की तरफ गए हुए थे।
उन्हें अकेला पाकर गांव के ही विकास कुमार एवं परम सिंह दोनों दरवाजा तोड़कर घर में घुस गए। विकास सिंह ने इसके साथ जबकि परमा सिंह ने चचेरी बहन के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। शोर मचाने की स्थिति में दोनों लोगों के द्वारा कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई और मुंह बंद करने को कहा गया।
तभी कुछ देर बाद मां पहुंच गई तो दोनों लोग मौके से भाग निकले। इसके बाद पूरी जानकारी घर के स्वजनों को पीड़ित छात्राओं के द्वारा दी गई।
केस करने पर जान से मारने की दी धमकीजब दूसरे दिन चैनपुर थाना में शिकायत करने के लिए वह अपने मां के साथ आने लगी तो विकास कुमार, परमा सिंह, जगदीश सिंह और कुंती देवी आदि लोगों के द्वारा रोड पर छेंक कर गाली गलौज करते हुए लाठी-डंडे से मारपीट करने लगी और केस करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
इस मारपीट के बाद छात्रा परिवार के साथ वापस घर लौट आई। कुछ दिन बाद चैनपुर थाने में आकर जब इस पूरी बात की जानकारी दी गई तो थाने के माध्यम से महिला थाना में जाकर शिकायत करने की बात कही गई।
पीड़िता ने बताया कि जब हम लोग शिकायत को लेकर महिला थाना पहुंचे तो वहां पर शिकायत नहीं दर्ज की गई। जहां से वापस फिर चैनपुर थाना पहुंचे। इसके बाद मामले को लेकर चैनपुर थाने में शिकायत की गई है।
इस संबंध में प्रभारी थानाध्यक्ष प्रभात कुमार ने बताया कि दो नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास एवं मारपीट के मामले को लेकर प्राप्त आवेदन पर प्राथमिकी करने के उपरांत दोनों छात्राओं का मेडिकल जांच करते हुए न्यायालय में बयान दर्ज कराया गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के पांच आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है, वहीं एक आईपीएस को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। गृह विभाग ने शनिवार की देर शाम इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
अभी तक यातायात के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) का पद संभाल रहे सुधांशु कुमार को अब राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) एवं आधुनिकीकरण के एडीजी की नई जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ ही वह यातायात एडीजी की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। वहीं रेल आईजी पी कन्नन को आईजी आधुनिकीकरण का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इनका हुआ तबादलागृह विभाग ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) स्तर के पांच आईपीएस अधिकारियों का भी ट्रांसफर किया है।
- मोतिहारी सदर के एसडीपीओ-1 रहे शिखर चौधरी को सारण का ग्रामीण एसपी बनाया गया है।
- अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) में सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) रहीं दीक्षा को पटना नगर का एसडीपीओ-1 बनाया गया है।
- सारण के एएसपी (परीक्ष्यमान) मोहिबुल्लाह अंसारी को मोतिहारी के पकड़ीदयाल का नया एसडीपीओ बनाया गया है।
- नालंदा की एएसपी (परीक्ष्यमान) दिव्यांजली जायसवाल को बगहा के रामनगर का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बनाया गया है।
- गया के एएसपी (परीक्ष्यमान) शिवम धाकड़ को मोतिहारी सदर का एसडीपीओ-1 बनाया गया है।
बिहार पुलिस में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक बड़े पैमाने पर बड़ा तबादला किया जा सकता है। एक ही पुलिस क्षेत्र या रेंज में आठ साल या इससे अधिक समय से पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों का प्रमुखता से तबादला किया जाएगा।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने इसके संबंध में सभी क्षेत्रीय आईजी और डीआईजी को पत्र लिखकर ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तलब की है।
पुलिस मुख्यालय के कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सभी आईजी-डीआईजी अपने क्षेत्राधीन कार्यरत सिपाही से लेकर पुलिस निरीक्षक स्तर तक के ऐसे पुलिसकर्मी की कोटिवार सूची दें जिनकी क्षेत्रावधि आठ वर्ष या इससे अधिक हो गई है।
गृह जिले में नहीं होगी पोस्टिंगपुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों के स्थानांतरण को लेकर मुख्यालय ने वर्ष 2022 में नया आदेश जारी किया था। इसके अंतर्गत सेवानिवृत्ति की निकटता का आधार छोड़कर किसी भी पदाधिकारी एवं कर्मी का पदस्थापन उनके गृह जिला में नहीं किया जाएगा।
अगर किसी जिले या क्षेत्र में कोई पदाधिकारी पहले काम कर चुका है, तो दोबारा उसका तबादला उस जिले या क्षेत्र में नहीं होगा, चाहे वह कार्यकाल कितना भी छोटा क्यों न हो। इसमें सिपाही से इंस्पेक्टर तक के पदस्थापन की एक निश्चित समयसीमा तय की गई है।
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Delhi Chunav Result: दिल्ली चुनाव में हारकर भी जीत गई JDU! बुरारी में हुआ ये फायदा, यहां जानिए खास बात
राज्य ब्यूरो, पटना। दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। दिल्ली में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज की है। दिल्ली को पूर्व सीएम केजरीवाल तो नई दिल्ली सीट से चुनाव ही हार गए।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार भी बिहार के किसी दल का खाता नहीं खुल पाया। जदयू की उपलब्धि यह रही कि पांच साल के भीतर उसके वोट में 45 हजार से अधिक की वृद्धि हुई।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में लोजपा (रा) का भी खाता खुलने से रह गया। एनडीए घटक के रूप में भाजपा ने जदयू और लोजपा (रा) को एक एक सीट दी थी।
बुरारी सीट पर हारे जदयू प्रत्याशीदोनों ऐसी सीटें हैं, जिन पर लंबे समय से आम आदमी पार्टी का कब्जा है। बुरारी विधानसभा सीट पिछली बार भी जदयू को मिली थी। 2020 और 2025 के विधानसभा चुनाव में शैलेंद्र कुमार ही जदयू उम्मीदवार बने।
वह जदयू दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष भी हैं। 2020 में जदयू को केवल 51 हजार वोटों पर संतोष करना पड़ा था। लेकिन विधानसभा चुनाव 2025 में यह आंकड़ा 96 हजार को पार कर गया है।
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री डॉ. अशोक चौधरी के अलावा सरकार के कई मंत्रियों, सांसदों, विधायकों एवं प्रदेश स्तरीय नेताओं ने बुरारी में जदयू के लिए वोट मांगा था।
लोजपा (रा) को देवली विधानसभा क्षेत्र में 50 हजार वोट मिला। वहां से जीते आप उम्मीदवार को 86 हजार से अधिक वोट मिला। 2020 में यह सीट भाजपा के हिस्से में थी। तब उसके उम्मीदवार को 42 हजार वोट मिले थे।
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