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Bihar Politics: चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने शुरू की एक नई योजना! अशोक चौधरी बोले- अगले 2 साल में...
राज्य ब्यूरो, पटना। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने सोमवार को विधानपरिषद में बताया कि विभाग के पास पांच हजार 495 पुल-पुलियों के निर्माण का प्रस्ताव है।
इनमें 600 पुलों का निर्माण इस वित्तीय वर्ष में पूरा होना है, जबकि 400 पुलों का निर्माण अगले वर्ष में किया जाएगा। वह सर्वेश कुमार के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब दे रहे थे।
मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्कता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सेतु योजना की शुरुआत की गई है। इसके लिए जिलों के प्रभारी मंत्री के माध्यम से प्रस्तावित पुलों की संख्या मांगी गई है।
इसके तहत सिर्फ दरभंगा जिले में 210 पुल-पुलियों का निर्माण किया जाना है। डॉ. अजय कुमार सिंह और राजीव कुमार के तारांकित प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि सुपौल जिले में 156 पुल-पुलिया बनाए जाएंगे जबकि खगडि़या में 170 पथों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
चुनाव से पहले दुरुस्त होंगी ग्रामीण सड़कें, हटेगा अतिक्रमण- राज्य के सभी जिलों की ग्रामीण सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
- इसके लिए अप्रैल में पथ निर्माण के अलावा गृह विभाग के सचिव के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनाई जाएगी।
- विधानपरिषद में डॉ. संजीव कुमार सिंह के प्रश्न के जवाब में मंत्री अशोक चौधरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले ग्रामीण सड़कों के गड्ढों को भरकर दुरुस्त करने का टास्क रखा गया है।
- वहीं, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अब्दुल बारी सिद्दीकी के ध्यानाकर्षण के उत्तर में बताया कि मनरेगा में अनियमितता की जांच का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है।
सोमवार को बिहार विधानसभा में सरकार की ओर से चालू वित्तीय 2024-25 के लिए 11,187 करोड़ 14 लाख 17 हजार रुपये का पेश तृतीय अनुपूरक बजट पारित हो गया।
इससे पहले उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा की दूसरी पाली में बिहार विनियोग विधेयक, 2025 पेश किया।
विपक्ष के बहिष्कार के उपरांत विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने उक्त विधेयक को सत्तापक्ष के बहुमत के आधार पर मंजूरी दी।
इससे पहले उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में कहा कि 2024-25 के लिए 11187 करोड़ का तृतीय अनुपूरक बजट है।
इसमें वार्षिक स्कीम मद में 9237 करोड़ और स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय में 1949 करोड़ प्रविधान किया गया है। वहीं, राज्य स्कीम मद में सबसे अधिक 4974 करोड़ का प्रविधान किया गया है।
इसमें सबसे अधिक राशि मेडिकल कालेज अस्पताल, एनएनएम और जीएनएम स्कूल के निर्माण पर खर्च की जाएगी। जबकि केंद्रांश और राज्यांश मिलकार सबसे अधिक राशि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 2293 करोड़ आवंटित किया गया है।
उन्होंने कहा कि वार्षिक स्कीम मध्य में केंद्रीय प्रायोजित स्कीम के तहत केंद्र का 1229 करोड़ और राज्य का 3034 करोड़ यानी कुल 4263 करोड़ प्रविधान किया गया है।
केंद्रीय प्रायोजित स्कीम में पीएम आवास योजना में 951 करोड़ केंद्र का अंश और राज्यांश 1340 करोड़ है। इसके अलावे आंगनबाड़ी पोषण-2 में 71.41 करोड़, वृद्धा अवस्था पेंशन के लिए 61.09 करोड़ आवंटित किया गया है।
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Bihar Jobs: 10000 से अधिक पदों पर भर्ती, 1 तक करें आवेदन; 14 अप्रैल से शुरू हो सकती है परीक्षा
जागरण संवाददाता, पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (Bihar Minister Mangal Pandey) की पहल पर बिहार तकनीकी सेवा आयोग 10 हजार से अधिक पदों पर युद्धस्तर पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया संपादित कर रहा है।
सोमवार को आयोग ने कीट संग्रहकर्ता, लैब-ईसीजी व एक्स-रे टेक्निशियन, ओटी असिस्टेंट के अलावा 3500 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए संभावित परीक्षा तिथि जारी कर दी है।
14 अप्रैल से शुरू हो सकती है परीक्षादो से तीन पालियों में परीक्षा संभावित है। इससे स्वास्थ्य विभाग व गृह विभाग कारा में स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। आयोग के प्रभारी सचिव के पत्रानुसार 01-2025 कीट संग्रहकर्ता पद के लिए परीक्षा की संभावित तिथि 14 अप्रैल से है।
वहीं, 02-2025 प्रयोगशाला तकनीशियन, 03-2025 शल्य कक्ष सहायक, 04-2025 ईसीजी टेक्नीशियन एवं 05-2025 एक्स-रे टेक्नीशियन की परीक्षा 26 अप्रैल से होगी।
06-2025 से 18-2025 विज्ञापन संख्या से विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की परीक्षा की संभावित तिथि 27 अप्रैल घोषित की गई है।
एक अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन:स्वास्थ्य विभाग में 3500 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों समेत 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की जानी है। पैरा मेडिकल के अधिसंख्य पदों पर 1 अप्रैल तक बीटीएससी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
पदनाम पदों की संख्या संभावित परीक्षा तिथि कीट संग्रहकर्ता 35 14 अप्रैल से लैब टेक्निशियन 2969 26 अप्रैल से शल्य कक्ष सहायक 1683 26 अप्रैल से ईसीजी टेक्निशियन 242 26 अप्रैल से एक्सरे टेक्निशियन 1240 26 अप्रैल से रेडियोलॉजिस्ट 184 27 अप्रैल से मनोरोग चिकित्सक 14 27 अप्रैल से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ 542 27 अप्रैल से फिजिशियन 306 27 अप्रैल से पैथोलॉजिस्ट 75 27 अप्रैल से शिशु रोग विशेषज्ञ 617 27 अप्रैल से ऑर्थोपेडिक्स 124 27 अप्रैल से ईएनटी 83 27 अप्रैल से चर्म रोग विशेषज्ञ 86 27 अप्रैल से एनेस्थेटिस्ट 988 27 अप्रैल से जनरल सर्जन 542 27 अप्रैल से माइक्रोबायोलॉजिस्ट 19 27 अप्रैल से नेत्र रोग विशेषज्ञ 43 27 अप्रैल सेये भी पढ़ें- Bihar Jobs 2025: खुशखबरी! नीतीश सरकार ने 4500 पदों पर निकाली भर्ती, ऑनलाइन होगा एग्जाम
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Bihar Jobs: बिहार में नौकरियों की भरमार, नीतीश सरकार ने कर दी एक और बड़ी घोषणा; इस विभाग में होने जा रही भर्ती
राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि राज्य के सरकारी विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए 7279 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति जल्द होगी।
इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेज दी गई है। इसी तरह अनुकंपा के आधार पर 6481 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
वे सोमवार को बिहार विधानसभा में चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत शिक्षा विभाग के तृतीय अनुपूरक बजट 1532 करोड़ 32 लाख 96 हजार रुपये पर हुए चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब दे रहे थे।
हालांकि, विपक्ष ने सरकार के उत्तर का बहिष्कार किया। विपक्ष की गैरमौजूदगी में सदन में अनुपूरक बजट पारित हुआ।
12 केंद्रीय विद्यालयों को जमीन उपलब्ध कराएगी सरकारशिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 50 केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें ऐसे 12 केंद्रीय विद्यालय हैं जिनके पास अपनी जमीन नहीं है।
ऐसे केंद्रीय विद्यालयों को बिहार सरकार द्वारा जमीन उपलब्ध करायी जाएगी। 358 प्रखंडों में डिग्री महाविद्यालय खोलने हेतु शिक्षा विभाग के स्तर से जल्द ही सारी प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
वहीं नौ डिग्री महाविद्यालय पहले से स्थापित करने की प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि इस साल अप्रैल में ही सभी बच्चों को पोशाक की राशि दी जाएगी।
यूनाइटेड नेशंस ने साइकिल माडल को अपनायाशिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा की मुख्यधारा से बालक-बालिकाओं को जोड़ने के लिए 2006-07 में पोशाक योजना शुरू की थी।
इससे स्कूली शिक्षा से बच्चों को जोड़ने में अभूतपूर्व कामयाबी मिली। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2008 में नौवीं कक्षा की लड़कियों के लिए साइकिल योजना शुरू की।
वर्ष 2010 में लड़कों के लिए भी साइकिल योजना शुरू की गई। बिहार में साइकिल योजना लागूृ किए जाने के बाद लड़कियों की पढ़ाई के प्रति बढ़े तेजी से रुझान हुआ।
इससे नारी शिक्षा को बढ़ावा देने और नारी सशक्तीकरण में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ। बिहार की साइकिल योजना पर अमेरिका के एक प्रोफेसर ने अध्ययन किया और यूनाइटेड नेशंस को अपनी रिपोर्ट दी।
यूनाइटेड नेशंस ने लड़कियों को शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ाने में साइकिल योजना की भूमिका की प्रशंसा की। इतना ही नहीं, यूनाइटेड नेशंस ने इस माडल के आधार पर अफ्रीका के जाम्बिया और कुछ अन्य देश में लड़कियों में शिक्षा के प्रति रुचि जगाने हेतु साइकिल स्कीम को लागू कराते हुए धनराशि भी उपलब्ध कराया।
इस साल से 29 हजार सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा होगी शुरूमंत्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में तकनीकी शिक्षा से बच्चों को जोड़ा जा रहा है। इस वर्ष से कक्षा छह से आठ के 29 हजार मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर की पढ़ाई प्रारंभ करायी जाएगी, ताकि हमारे बच्चों को शुरू से कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध हो।
सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर लैब की भी स्थापना की जा रही है। प्रोजेक्ट टेस्ट लर्निंग से बच्चों की पढ़ाई में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
विधायकों की अनुशंसा पर 563 विद्यालयों को जीर्णोद्धारमंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग के स्तर से हर विधायक से उनके क्षेत्र के दस-दस सरकारी विद्यालयों के जीर्णोद्धार के लिए सूची मांगी गई थी।
प्राप्त सूची के आधार पर विभाग द्वारा 563 विद्यालयों का जीर्णोद्धार कार्य कराया जा चुका है। शेष विद्यालयों को जीर्णोद्धार प्रक्रियाधीन है।
शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी- 2005 से पहले शिक्षा का बजट चार हजार करोड़ से कुछ अधिक था
- 2025-26 में शिक्षा का बजट 60,964.87 करोड रुपये है
- राज्य के सरकारी विद्यालयों में 44 प्रतिशत महिला शिक्षक कार्यरत
- 2002 में राज्य में साक्षरता दर 47.5 प्रतिशत थी, 2023 में 80 प्रतिशत साक्षरता
- 2001 में 34 प्रतिशत महिलाएं थीं साक्षर, आज 74 प्रतिशत महिलाएं शिक्षित
- 2005 में उच्च शिक्षा में 1500 करोड़ बजट था, आज 5643 करोड़ का बजट
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राज्य ब्यूराे, पटना। बिहार का विधानसभा बजट सत्र चल रहा है। इस दौरान सदन में पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर जमकर हमलावर हो रहे हैं।
श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह विधानसभा में सोमवार काे अख्तरूल ईमान द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण में शब्दों पर उलझ गए। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें कहा कि आप अपना उत्तर पढ़िए, तब वह अपने जवाब पर केंद्रित हुए।
दरअसल, अख्तरूल ईमान का प्रश्न बिहार से बाहर जाकर काम करने वाले मजदूरों से संबंधित था। उन्होंने इसे मजदूरों का बिहार से पलायन कहा था। उनके प्रश्न में एक जिक्र था कि अगर बिहारी मजदूर बाहर मरते हैं तो उनके लाश को लाने की क्या व्यवस्था है?
श्रम संसाधन मंत्री ने दिया जवाबश्रम संसाधन मंत्री ने कहा कि बिहार के मजदूर अगर बाहर के राज्य में काम करने जाते हैं तो यह पलायन नहीं। उसका नाम-पता तो यहीं का है। देश के किसी राज्य में कोई भी काम कर सकता है। पलायन तो कश्मीरी पंडिताें का था। इसी तरह उन्होंने लाश शब्द पर आपत्ति की और कहा कि लाश नहीं, पार्थिव शरीर कहिए।
श्रम संसाधन मंत्री ने कहा कि बिहारी मजदूर अगर किसी दूसरे राज्य में किसी दुर्घटना में मरते हैं तो उनके पार्थिव शरीर को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है। दिल्ली स्थित बिहार भवन में राज्य सरकार ने इसके लिए अधिकारी तैनात कर रखे हैं।
पटना के नियोजन भवन और दिल्ली के बिहार भवन के लिए टोल फ्री नंबर काम करता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इसके लिए 86 लाख रुपए की व्यवस्था की गयी है।
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Bihar Weather: भीषण गर्मी झेलने के लिए हो जाएं तैयार, 33 डिग्री के पार पहुंचा पारा; अभी और बढ़ेगी मुश्किल
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather: प्रदेश में पछुआ हवा के कारण मौसम शुष्क रहेगा। अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में थोड़ी वृद्धि की संभावना है, जबकि 72 घंटों में अधिकतम में तीन से चार डिग्री व न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री वृद्धि की संभावना है। पछुआ के कारण सुबह-शाम मौसम शुष्क होने के साथ गुलाबी ठंड का प्रभाव बना रहेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में इराक के आसपास और दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में स्थित है। हालांकि, इसका प्रभाव प्रदेश के ऊपर कुछ खास नहीं पड़ेगा। थोड़ा असर पड़ सकता है।
बांका में दर्ज हुआ सबसे कम न्यूनतम तापमानबीते 24 घंटों के दौरान पटना समेत 25 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस, जबकि 11.9 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
बक्सर में 33 डिग्री के पार पहुंचा पारापटना का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 33.5 डिग्री सेल्सियस के साथ बक्सर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
बीते 24 घंटों के दौरान दरभंगा, खगड़िया, मधेपुरा, सुपौल, फारबिसगंज को छोड़ कर पटना सहित जिलों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
प्रदेश का अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस से लेकर 32.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस से 18.7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पटना सहित आसपास इलाकों का मौसम शुष्क बना रहा।
प्रमुख शहरों का तापमान शहर अधिकतम(तापमान डिग्री सेल्सियस में)न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 31.2 17.0 गया 32.3 13.6 भागलपुर 30.5 15.7 मुजफ्फरपुर 29.0 18.2 बक्सर : गेंहू की फसल पर मौसम की मार, किसानों की बढ़ी चिंता
जिले में गेहूं की फसल पर मौसम की प्रतिकूलता का खतरा मंडरा रहा है। तेज धूप और बढ़ते तापमान से फसल को नुकसान हो रहा है, जिसके चलते बाली का आकार छोटा रह रहा है और दाने पुष्ट नहीं हो पाएंगे। इससे उत्पादन में कमी और दानों का वजन घटने की आशंका है, जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
मेहनत और खर्च के बावजूद प्रकृति का मिजाज फसल के पक्ष में नहीं दिख रहा। 20 दिसंबर के बाद बोई गई फसलों पर इसका असर ज्यादा होगा और उत्पादन में 25 प्रतिशत तक की गिरावट संभव है।
तेज धूप से गेहूं के दाने असमय पक रहे हैं, बाली छोटी रह रही है, और सूर्य की तपिश में फसल जल्द सूख रही है, जिससे दाने पतले हो जाएंगे। किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में पटवन करें और पोटैशियम क्लोराइड का छिड़काव करें ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
डॉ. देवकरण, कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख
दिसंबर के अंतिम सप्ताह या उसके बाद बोई गई फसलों पर प्रभाव अधिक होगा, जबकि बाली पूरी तरह लग चुके खेतों में प्रति एकड़ एक किलो पोटैशियम क्लोराइड को 100 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव जरूरी है।
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कक्षा एक से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा आज से, शिक्षा विभाग ने टीचरों और छात्रों के लिए जारी की नई गाइडलाइन
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के करीब 71 हजार सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों के पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों की वार्षिक परीक्षा सोमवार से शुरू होगी।
दो पाली में संचालित होनेवाली यह परीक्षा 20 मार्च तक चलेगी। पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों की मौखिक परीक्षा होगी, जबकि तीसरी से आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं की लिखित परीक्षा होगी।
कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए शिक्षक अपने स्कूल में वीक्षण कार्य नहीं करेंगे। प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष भी होंगे। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच संकुल स्तर पर होगी।
शिक्षा विभाग के निर्देश के मुताबिक, परीक्षा के दौरान उपस्थित बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसे जाएंगे। जिस पाली में जिन बच्चों की परीक्षा होगी, उस पाली में वही बच्चे आएंगे।
शेष बच्चे अपने घर में रह कर परीक्षा की तैयारी करेंगे। परीक्षा के निरीक्षण की भी व्यवस्था रहेगी। परीक्षा कक्ष में दो परीक्षार्थियों के बीच कम-से-कम दो फीट की दूरी रहेगी।
बच्चों को प्रश्न समझने में दिक्कत होगी तो उन्हें वीक्षक सहयोग करेंगे। तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों की लिखित परीक्षा बुकलेट (प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका) में ली जाएगी।
10 मार्च को पहली पाली में इन सब्जेक्ट की परीक्षा10 मार्च को पहली पाली में तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों की पर्यावरण अध्ययन-सामाजिक विज्ञान एवं दूसरी पाली में पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों की भाषा (हिंदी-उर्दू) की मौखिक परीक्षा होगी।
11 मार्च को पहली पाली में तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों की हिंदी व उर्दू एवं दूसरी पाली में तीसरी से आठवीं कक्षा के अहिंदी भाषी बच्चों की हिंदी की परीक्षा होगी।
12 मार्च को पहली पाली में तीसरी से पांचवीं कक्षा के बच्चों की गणित एवं दूसरी पाली में छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों की गणित की परीक्षा होगी।
17 मार्च को अंग्रेजी की परीक्षा- 17 मार्च को पहली पाली में तीसरी से पांचवीं कक्षा के बच्चों की अंग्रेजी एवं दूसरी पाली में छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों की अंग्रेजी की परीक्षा होगी।
- 18 मार्च को छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों की पहली पाली में विज्ञान एवं दूसरी पाली में गणित की परीक्षा होगी।
- 19 मार्च को पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों की पहली पाली में गणित एवं दूसरी पाली में अंग्रेजी की मौखिक परीक्षा होगी। पहली एवं दूसरी कक्षा के बच्चों की मौखिक परीक्षा विद्यालय के वर्ग शिक्षक द्वारा ली जाएगी।
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अब कक्षा 1 से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा की बारी, आ गई डेट; यहां देखें पूरा शेड्यूल
IND vs NZ: भारत की तूफानी जीत पर बिहार में अनोखा जश्न, 2 बड़े शहरों की सड़कों पर दिखा अद्भुत नजारा; Photos
जागरण टीम पटना/ मुजफ्फरपुर। India Win Champions Trophy: दुबई में रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेला गया।
पटना में तिरंगे के साथ लोगों ने मनाया जश्न। (जागरण)
चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के बाद पूरे देश के साथ बिहार में भी जश्न का माहौल रहा।
भारत की जीत पर लोगों में दिखी खुशी। (जागरण)
चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत को जीत मिलते ही बिहार का आसमान रंग-बिरंगी लाइटों और पटाखों से गूंज उठा।
भारत की जीत पर गूंज गईं गलियां, झूम उठा पटनाछुट्टी के दिन रविवार की दोपहर से पटना के खेल प्रेमी टीवी एवं मोबाइल पर नजरें गड़ा कर बैठ गए थे। घंटों की प्रतीक्षा का परिणाम रात 9 बजकर 49 मिनट पर जैसे ही आया, पटना में जमकर पटाखे छूटे। चैंपियंस ट्रॉफी अपने पास आने पर शांत रहने वाली गलियां तालियों से गूंज उठीं।
पटना के डाकबंगला चौराहे पर जश्न मनाते लोग।
भारत की जीत पर देर रात आराम फरमाने वाले राजधानीवासी खुशी से झूम उठे। रात्रि के अंधेरे में तिरंगा चमका।
तिरंगे और ट्रॉफी के साथ मनाया जश्न।
पटना के बोरिंग रोड, आर ब्लाक, नेहरू पथ, राजीव नगर, पाटलिपुत्रा कॉलोनी आदि इलाकों से भारत माता की जय, वंदे मातरम का उद्घोष सुनाई देता रहा।
जमकर की गई आतिशबाजी।
कभी कप्तान रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर की जय-जय हुई तो कभी कुलदीप और वरुण चक्रवर्ती के लिए तालियां बजीं।
जश्न मनाने को लेकर चौराहे पर उमड़ी लोगों की भीड़।
केएल राहुल और रवींद्र जडेजा की जोड़ी ने जैसे ही एक ओवर पहले लक्ष्य हासिल किया, शहर का नजारा ही बदल गया। खेल प्रेमियों ने भारत की जीत का जश्न एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर मनाया।
जडेजा के विजयी चौका लगाते ही खुशी से झूम उठा शहर, होली के साथ मनी दीपावलीवहीं, दूसरी ओर मुजफ्फरपुर में भी लोगों ने खूब जश्न मनाया। चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में जैसे ही रविंद्र जडेजा ने विजयी चौका लगाया, शहर खुशी से झूम उठा। लोग घरों से निकल सड़क पर उतर आए। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर रंग-गुलाल एवं आतिशबाजी के साथ लोगों ने जीत का जश्न मनाया।
जीत का जश्न मनाते क्रिकेट प्रेमी। (जागरण)
कल्याणी चौक पर देखते-देखते जीत के जश्न में शामिल होने सैकड़ों लोग जुट गए। एक-दूसरे को अबीर लगाकर टीम इंडिया के विश्व चैंपियन बनने की बधाई दी। राज केशरी ने कहा कि मित्रों के साथ मिलकर उन्होंने सुबह में ही जीत का जश्न मनाने के लिए रंग-गुलाल के साथ पटाखे जुटा लिए थे।
लोगों ने जमकर खेली होली। (जागरण)
उनको उम्मीद थी कि भारत चैंपियन बनेगा। इसलिए टीम की जीत के साथ सबने जमकर जश्न मनाया। वहीं सूतापट्टी, कलमबाग चौक, सिकंदरपुर चौक पर जमकर आतिशबाजी हुई।
लोगों ने तिरंगा के साथ जीत का जश्न मनाया। कई उत्साही युवा भारत माता की जयकारा लगाते हुए सड़कों पर दौड़ते नजर आए। वहीं, भारतीय टीम की जीत पर जिला क्रिकेट संघ के सचिव अंशु कुमार, पूर्व खिलाड़ी नरेंद्र शर्मा, आमोद दत्ता, नीरज कुमार, सन्नी वर्मा आदि ने टीम इंडिया को जीत की बधाई दी।
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Bihar News: सिंगला कंपनी पर GST चोरी का आरोप, पटना में 3 ठिकानों पर हुई छापामारी; सामने आया करोड़ों का घालमेल!
जागरण संवाददाता, पटना। निर्माण क्षेत्र की बड़ी कंपनी सिंगला के तीन ठिकानों पर सेंट्रल जीएसटी महानिदेशालय की अलग-अलग तीन टीमों ने छापेमारी की।
इसमें करीब तीन करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी की जानकारी मिली। मामले में सीजीएसटी के अधिकारियों के दवाब पर निर्माण कंपनी के अधिकारियों ने 50 लाख रुपये से अधिक की राशि भी जमा कराई।
मामले में जांच व कार्रवाई जारी है। अब सीजीएसटी महानिदेशालय की टीम कंपनियों के अधिकारियों को नोटिस भेजकर शेष राशि जमा कराने व आवश्यक जानकारी मांगेगी।
बताया जाता है कि सीजीएसटी महानिदेशालय की टीम ने पटना के दो तथा हाथीदह में एक जगह पर टैक्स चोरी को लेकर छापामारी की।
निर्माण कंपनी पर अधिकारी काफी दिनों से नजर बनाए हुए थे। इसमें अधिकारियों को सेंट्रल जीएसटी की चोरी की जानकारी हाथ लगी थी।
यहां हुई छापामारी- इसके बाद सेंट्रल जीएसटी महानिदेशालय की टीम ने सिंगला के पटना में बोरिंग रोड स्थित पुष्पांजलि पैलेस स्थित अपार्टमेंट के फ्लैट में बने कार्यालय, पास स्थित गेस्ट हाउस एवं हाथीदह में औंता-सिमरिया गंगा ब्रिज के कार्यालय में एक साथ छापामारी की।
- इसमें गड़बड़ी को लेकर काफी पेपर भी बरामद किए गए। बताया जाता है कि सिंगला पर तीन करोड़ से अधिक के टैक्स चोरी की देनदारी बन रही थी। इसमें 50 लाख से अधिक राशि निर्माण कंपनी की ओर से जमा कराई गई।
उधर, पटना में एसएसपी अवकाश कुमार शनिवार की आधी रात में शहर के बाहर पुलिस पेट्रोलिंग का निरीक्षण करने निकले।
दीदारगंज, फतुहा, दनियावां के बाद शाहजहापुर थाना पहुंचे। थानों में मौजूद पुलिस पदाधिकारी, मालखाना और संसाधनों का हाल जाना।
साथ थाने में कितने आईओ ने ई-साक्ष्य एप पर केस से संबंधित तथ्यों को अपलोड कर रहे इसके बारे में भी जाना। स्थलीय जांच कर दनियावा और फतुहा में पास ट्रकों की वजह से जाम के पीछे वजह भी पता किए।
यहां नया टोल बना है। टोल से बचने के लिए कई ट्रक चालक दूसरे मार्ग से मुख्य मार्ग की तरफ आ रहे है। उन्होंने मौके पर मौजूद फतुहा एसडीपीओ और थानाध्यक्ष को इससे निजात के लिए आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया।
चारों थाना क्षेत्रों में वह रात करीब साढ़े दस बजे से रात दो बजे तक मौजूद रहे। सड़कों पर थाना पुलिस और डायल-112 की गाड़ी भी दिखी। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को चौकसी और बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
साथ ही गाड़ी में बैठे रहने की बजाए, वहां चेकिंग करने के साथ ही हर समय अलर्ट रहने को कहा। इसके पूर्व वह कोतवाली और राजीव नगर थाने का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
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Patna News: नियोजित शिक्षकों को लेकर CM नीतीश ने कर दिया एक और बड़ा एलान, अब केवल 86 हजार...
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि राज्य में सरकारी शिक्षकों की कुल संख्या अब 5 लाख 65 हजार 427 हाे गयी है। बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उत्तीर्ण 51.389 शिक्षकों को आज अलग-अलग जिलों में नियुक्ति पत्र दिया गया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी स्थित गांधी मैदान में 10 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और कई आला अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी शिक्षकों से वह कहना चाहते हैं कि वे अच्छे से बच्चों को पढ़ाएं और उनका विकास करें। सभी बच्चे मन लगाकर पढ़ें और पढ़ाई में किसी तरह की बाधा नहीं हो इस पर लोग विशेष ध्यान रखें।
लोक सेवा आयोग ने बेहतर ढंग से की नियुक्तियांबिहार लोक सेवा आयोग और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को निर्धारित समय पर बेहतर ढंग से पूरा किया है। इसके लिए वह उन्हें धन्यवाद देते हैं। हर वर्ष राज्य सरकार बजट का लगभग 22 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करती है। इसे और भी बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में शिक्षकों की काफी कमी थी। इस कारण वर्ष 2006-07 में पंचायत और नगर निकायों के माध्यम से बड़े पैमाने पर नियोजित शिक्षकों को नियुक्त किया गया। इनकी कुल संख्या 3.68 लाख है। इनमें 28 हजार नियोजित शिक्षक बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा में उत्तीर्ण होकर सरकारी शिक्षक बन गए।
शेष 3.40 शिक्षक नियोजित शिक्षक बन गए। इस पर हमने तय किया कि इन्हें बीपीएससी की परीक्षा नहीं देनी है। उन्हें अलग से परीक्षा देकर सरकारी शिक्षक बनने के लिए पांच अवसर दिए जाएंगे।
अब तक दो लाख शिक्षकों के लिए सक्षमता परीक्षा का आयोजन हो चुका है। सक्षमता परीक्षा के पहले चरण में 1.87 लाख, 818 नियोजित शिक्षक उत्तीर्ण हुए। वहीं, दूसरी सक्षमता परीक्षा में 66 हजार 143 उत्तीर्ण हुए। अब केवल 86 हजार 39 नियोजित शिक्षक बच गए हैं। इन्हें तीन मौके और दिए जाएंगे।
सभी के उत्थान को लेकर काम कर रही सरकारमुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने आरंभ से ही सभी के उत्थान के लिए काम किया है। बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए और कई स्कूलों में नए वर्ग कक्ष बनाए गए। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सभी पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय खोले गए।
लड़के-लड़कियों के लिए 2006-07 में पोशाक योजना शुरू की गयी। वर्ष 2008 में नौवीं क्लास की लड़कियों के लिए साइकिल योजना शुरू की गयी। वर्ष 2010 में लड़कों के लिए भी साइकिल योजना शुरू की गयी। ग्रेजुएट होने पर लड़कियों को अब 25 हजार की जगह 50 हजार दिए जा रहे।
वहीं, 12 वीं पास होने पर 10 हजार रुपये की जगह 25 हजार रुपये दिए जा रहे। लड़कियां अब अच्छे ढंग से पढ़ रही हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि तथा शिक्षा विभाग के सचिव अजय यादव भी मौजूद थे।
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राज्य ब्यूरो, पटना। पार्टी के प्रदेश कार्यालय के समक्ष रविवार को धरना देकर राजद ने सरकार से आरक्षण में वृद्धि से संबंधित कानून को प्रभावी बनाने की मांग की।
धरना में मुख्य वक्ता विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहे। ताल ठोकते हुए उन्होंने कहा कि हम तमिलनाडु की तर्ज पर 65 प्रतिशत आरक्षण को नौवीं अनुसूची में सम्मिलित कराकर ही दम लेंगे।
महागठबंधन सरकार ने आरक्षण-सीमा को 49.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत किया था। इसे नौवीं अनुसूची में सम्मिलित करने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया था। भाजपा और केंद्र सरकार द्वारा कोई पहल नहीं हुई।
इस कारण पिछड़ा, अति-पिछड़ा, अनुसूचित जाति-जनजाति को लगभग 16 प्रतिशत आरक्षण से वंचित होना पड़ रहा है। ऐसे में इन वर्गों को अब तक लगभग 50 हजार नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है।
नियुक्ति-पत्र देने का आइडिया हमारा था- तेजस्वीतेजस्वी ने कहा कि गांधी मैदान में नियुक्ति-पत्र देने का आइडिया हमारा था। उसकी नकल कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 51389 नियुक्ति-पत्र दिए हैं।
हालांकि, इसमें पिछड़ा, अति-पिछड़ा, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की 8222 नौकरियां सरकार खा गई। यह अन्याय है। आरक्षण का मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय में है।
वकील के माध्यम से राजद इस मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है। सड़क से सदन तक संघर्ष हो रहा है। हमारा संकल्प और प्रण है कि किसी भी कीमत पर आरक्षण को समाप्त नहीं होने देंगे।
अब्दुल बारी सिद्दिकी, शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद, सारिका पासवान, अरुण यादव, प्रमोद कुमार सिन्हा, रितु जायसवाल, अनिल कुमार साधु, भाई अरुण आदि धरना में उपस्थित रहे।
अध्यक्षता पटना के जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक दीनानाथ सिंह यादव ने की। मंच संचालन पटना महानगर अध्यक्ष महताब आलम ने किया।
हमने मुख्यमंत्री को दो बार चिट्ठी लिखी- तेजस्वी- तेजस्वी ने कहा कि हमारे समय में जो 3.5 लाख नियुक्तियां बकाया थीं, उसे ही आज ये लोग बांट रहे। बीपीएससी अभ्यर्थियों के मामले में न्याय के लिए हमने मुख्यमंत्री को दो बार चिट्ठी लिखी, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला।
- लगता है कि उन्हें कुर्सी छोड़ जनहित के किसी दूसरे मामले से मतलब ही नहीं रहा। बिहार में गरीबी, पलायन, मंहगाई पर चर्चा नहीं हो रही।
उधर, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने रविवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जमीन हड़प कर नौकरी देने वाले युवाओं का हितैषी होने का दावा कर रहे।
वहीं नीतीश कुमार की दूरदर्शी नीतियों के कारण बिहार मे सरकारी व निजी क्षेत्रों में निरंतर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। रविवार को 51 हजार से अधिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया।
इसके लिए वह मुख्यमंत्री को बधाई देते हैं। जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में अब तक लगभग 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है।
नीतीश कुमार का लक्ष्य है कि 2025 के चुनाव के पहले 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध करा देंगे। इसके अलावा 38 लाख रोजगार सृजन की दिशा में भी सरकार तेजी से अग्रसर है।
शिक्षक नियुक्ति की सबसे खास बात यह है कि कुल चयनित प्रारंभिक शिक्षकाें में 56 फीसद महिलाएं हैं। ये आंकड़े राज्य में महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश कर रहे।
राजद पर हमला बोलते हुए जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिन लोगों ने अपने शासनकाल में नौकरी देने के बजाए जंगल राज स्थापित कि.वे अब झूठा श्रेय बटोरकर जनता को बरगलाने की कोशिश कर रहे।
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Patna News: मिथिला को बाढ़ से मिलेगा छुटकारा, नीतीश सरकार का नया प्लान तैयार; कमला बराज पर आया नया अपडेट
राज्य ब्यूरो, पटना। नेपाल सीमा पर अवस्थित जयनगर में अत्याधुनिक कमला बराज का निर्माण कार्य तेज गति से जारी है। जल संसाधन विभाग की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लगभग 56 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
इससे मिथिला को कमला नदी की बाढ़ से सुरक्षा के साथ मधुबनी जिला के बड़े परिक्षेत्र में नहरों के जरिए सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।
कमला वीयर सिंचाई योजना के अंतर्गत जयनगर में वर्ष 1974-75 में 292.50 मीटर लंबे वीयर का निर्माण कराया गया था। 2019 में 13 जुलाई को कमला में अप्रत्याशित बाढ़ की स्थिति बनी। उससे हुए नुकसान के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा स्थल निरीक्षण किया।
उनके निर्देश पर कमला वीयर से लगभग सौ मीटर डाउन-स्ट्रीम में 550 मीटर लंबे आधुनिक बराज के निर्माण की योजना तैयार की गई। इस योजना को वर्ष 2020 में स्वीकृति मिली और वर्ष 2021 में इसका कार्य प्रारंभ हुआ था।
कमला बराज का निर्माण होने से मधुबनी जिले के जयनगर, कलुआही, बासोपट्टी, लदनिया, खजौली और हरलाखी प्रखंडों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा।
इस बराज में ऑटोमेटिक गेट लगाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को नियंत्रित तरीके से सिंचाई हेतु जल उपलब्ध हो सकेगा। कमला वीयर सिंचाई योजना का कृष्य कमांड क्षेत्र (सीसीए) वर्तमान में 28384 हेक्टेयर है। कमला बराज का निर्माण पूरा होने और नहरों के पुनर्स्थापन के बाद इसका सीसीए बढ़कर 29559 हेक्टेयर हो जाएगा।
इस बराज के निर्माण से मिथिला बाढ़ से सुरक्षा के साथ जयनगर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस तरह यह परियोजना बाढ़ प्रबंधन में सुधार, क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ाने और विकास को गति देने की दिशा में एक बड़ी पहल है।
कंगन घाट से दीदारगंज के बीच बन रहे पुल का निर्माण जल्द पूरा करें : नीतीशवहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को जेपी गंगा पथ के तहत कंगन घाट से दीदारगंज के बीच निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा करें। इस मौके पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को यह जानकारी दी कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा।
इस महीने के अंत तक निर्माण कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। साइट मैप के माध्यम से अधिकारियों ने जेपी गंगा पथ परियोजना के तहत रेलवे से हस्तांतरित जमीन पर पटना साहिब से पटना घाट पथ के निर्माण कार्य के बारे में भी जानकारी दी।
दीदारगंज- बख्तियारपुर-मोकामा पथ के चौड़ीकरण योजना के बारे में भी मुख्यमंत्री को बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपी गंगा पथ का निर्माण दीदारगंज तक हो जाने से बिहारशरीफ, मोकामा और बेगूसराय तक जाने में समय की बचत होगी। लोगों को पटना शहर और पटना के बाहर कहीं भी आने-जाने में सहूलियत होगी।
सीएम ने कहा कि गंगा पथ परियोजना अपने आप में अद्भुत है। इससे यातायात में गतिशीलता आएगी और सहूलियत होगी।
निरीक्षण में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि, विशेष कार्य अधिकारी गोपाल सिंह, पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष शीर्षत कपिल अशोक भी मौजूद थे।
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विकाश चन्द्र पाण्डेय, पटना। इस बार जन सुराज पार्टी (जसुपा) के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) को आगे कर तेजस्वी यादव को उस राघोपुर में ही घेरे रखने की रणनीति बनाई जा रही, जहां से विधानसभा के पिछले दो चुनाव वे जीत चुके हैं।
जसुपा की यह रणनीति अभी प्रारंभिक चरण मेंं है, फिर भी राजद सजग हो गया है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) इसकी परिकल्पना मात्र से ही प्रफुल्लित हो रहा।
महागठबंधन में नेतृत्व को लेकर सर्व-सम्मति बन गई है, यह कहना जल्दबाजी होगी। अलबत्ता राजद में तेजस्वी को कोई चुनौती नहीं।
अब तो पार्टी के नाम-निशान पर भी उनका अधिकार सुप्रीमो लालू प्रसाद के बराबर हो गया है। मुख्यमंत्री पद के लिए वे राजद से एकमात्र चेहरा हैं।
पिछले चुनावों में पार्टी का प्रचार अभियान भी उन्हीं के बूते रहा है। ऐसे में तेजस्वी अगर अपने ही विधानसभा क्षेत्र में घिर जाते हैं तो विरोधी दलों के लिए शेष बिहार में राजद से लड़ाई और सहज हो जाएगी।
राजनीतिक गलियारे मेंं आकलन है कि इसी रणनीति के अंतर्गत पीके को राघोपुर के मैदान में उतारने का प्रयास है।
विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक अभ्यर्थियों से जसुपा अभी आवेदन ले रही। पीके स्वयं बता चुके हैं कि किसी कार्यकर्ता ने राघोपुर से उनके नाम का प्रस्ताव किया है।
पार्टी प्रवक्ता विवेक कुमार का कहना है कि जाति-संप्रदाय के दलदल मेंं धकेल दी गई बिहार की राजनीति मेंं पीके एक स्वच्छ विकल्प हैं।
उनकी उपस्थिति मात्र से ही पार्टियां बेकल हैं। वे जिस मैदान में होंगे, वहां से बाजी मारेंगे। हालांकि, अभी यह तय नहीं कि पीके चुनाव लड़ेंगे या नहीं और लड़ेंगे भी तो राघोपुर या किसी दूसरे क्षेत्र से!
राघोपुर का सामाजिक समीकरण इस दियारे में राजद को अपनी संभावना के लिए आश्वस्त करता है। हालांकि, 2010 में जदयू के सतीश कुमार यहां पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को मात दे चुके हैं।
उस चुनाव परिणाम से जसुपा व राजग का आकलन है कि राजद का यह यदुवंशी किला भी अभेद्य नहीं। लगभग 30 प्रतिशत यादव और 21 प्रतिशत राजपूत के साथ यहां अनुसूचित जाति में 12 प्रतिशत पासवान और आठ प्रतिशत रविदास मतदाता हैं।
इस भरोसे तेजस्वी यहां स्वयं को सुरक्षित पाते हैं। हालांकि, राजपूत और अनुसूचित जाति के मतोंं मेंं विभाजन की गुंजाइश के साथ अति-पिछड़ा वर्ग के भरोसे विरोधी खेमा भी उत्साहित है।
विधानसभा के पिछले चुनाव में लोजपा को मिले 24947 वोट इस उत्साह को कुछ और बढ़ा देते हैं। फिर भी राजद का भरोसा कायम है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन की प्रतिक्रिया कुछ ऐसी ही है।
वे कहते हैं कि पीके भी जानते हैं कि राघोपुर में क्या हश्र होना है। वहां से चुनाव लड़ने की चर्चा सुर्खियों में बने रहने का उनका एक इवेंट है।
राघोपुर में तेजस्वी के वोटों में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी के वोट घटे हैं। रही बात लोजपा की, तो उसे जितने वोट मिले, उससे अधिक मतों (38174) के अंतर से तेजस्वी पिछली बार विजयी रहे हैं।
ऐसा है राघोपुर का समीकरण- 30 प्रतिशत यादव, 21 प्रतिशत राजपूत और 20 प्रतिशत अनुसूचित जाति के मतदाता
- 06 दशक से यादव समाज से विधायक, इनमें दो बार लालू और एक बार राबड़ी भी
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Bihar News: भूमि सुधार विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए आ गया नया आदेश, सभी DM को मिली अहम जिम्मेदारी
राज्य ब्यूरो, पटना। अब जिलाधिकारी देखेंगे कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपने लिए निर्धारित स्थान पर बैठ रहे हैं या नहीं।
अगर इधर-उधर बैठ कर काम करते पाए गए तो सख्त कार्रवाई होगी। विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख कर कहा है कि वे औचक निरीक्षण कर इसे देखें।
क्योंकि पूर्व में जारी कई निर्देशों के बावजूद कुछ हिस्से से यह सूचना आ रही है कि राजस्व कर्मचारी निजी मकान में नाजायज कार्यालय बनाए हुए हैं। दलालों के माध्यम से विभागीय कार्य करवा रहे हैं।
अंचल अधिकारी का डोंगल एवं लैपटाप का उपयोग दलालों द्वारा करने की भी सूचना मिली है। पत्र में कहा गया है कि यह किसी भी परिस्थिति में सरकारी सेवक के आचरण के अनुकूल नहीं माना जा सकता है।
अपर समाहर्ता एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता को भी औचक निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। पत्र में कहा गया है कि हल्का कर्मचारियों के लिए निर्धारित कार्यालय पंचायत सरकार भवन, राजस्व कचहरी भवन या सामृुदायिक भवन की सूची जिला राजस्व शाखा में संधारित किया जाए।
सूची के अनुरूप शत- प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए कि हल्का कर्मचारियों द्वारा सरकारी कार्यों एवं दायित्वों का निर्वहन अपने निर्धारित स्थान से ही किया जा रहा है।
यदि राजस्व कर्मचारी को एक से अधिक हल्का का प्रभार दिया गया है तो अंचलाधिकारी रोस्टर का निर्धारण करते हए राजस्व कर्मचारी को निर्धारित स्थान पर कार्य करने के लिए निर्देश देंगे।
प्रमाण पत्र प्राप्त करें- जिलाधिकारियों को कहा गया है कि वे अंचलाधिकारी से प्रमाण पत्र प्राप्त करें कि यथा निर्धारित स्थान से भिन्न किसी भी हल्के में समानान्तर हल्का कार्यालय नहीं चल रहा है।
- जमाबंदी पंजी एवं अन्य राजस्व अभिलेखों को अधिसूचित कार्यालय में ही रखा जाए। राजस्व कर्मचारी राजस्व अभिलेखों की स्कैन्ड साफ्ट कापी अपने लैपटाप में रखेंगे।
- किसी भी परिस्थिति में यदि कोई राजस्व अभिलेख भौतिक रूप से हल्का कार्यालय अथवा किसी भी कर्मी के पास पाया जाता है तो इस संबंध में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, भभुआ में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत पात्र लाभुकों को आवास योजना का लाभ देने के लिए बीते 10 जनवरी से सभी पंचायत में सर्वे का कार्य किया जा रहा है।
सर्वे कार्य करने के लिए सभी प्रखंडों में सर्वेयर की नियुक्ति की गई है। सर्वेयर घर-घर पहुंच कर पात्र लोगों की पहचान कर रहे हैं।
इस संबंध में एमआइएस पदाधिकारी सुधीर कुमार पांडेय ने बताया कि सात मार्च तक 49722 लोगों को चिह्नित कर लिया गया है।
इसमें महिला पुरुष दोनों शामिल हैं। पीएम आवास योजना के लिए चिह्नित लोगों में से 683 ऐसे लोग हैं जिनके पास आवास बनाने के लिए भूमि नहीं है।
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Nitish Kumar: बिहार में और बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, अब नीतीश सरकार ने कर दिया ये बड़ा एलान
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का कार्य निरंतर जारी है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं और सेवाएं मिले इसके लिए राज्य मुख्यालय से लेकर जिला तक में सेवाओं की बेहतरी के काम हो रहे हैं।
इसी कड़ी में अब सरकार ने एंबुलेंस सेवा को और मजबूत करने के लिए 600 से अधिक नई एंबुलेंस खरीदने की योजना स्वीकृत की है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में वर्तमान में डायल सेवा 102 के लिए 838 बेसिक लाइफ सेविंग एंबुलेंस मरीजों की जान बचाने में लगी है।
इनके अलावा 562 एडवांस लाइफ सेविंग एंबुलेंस भी मरीजों की जान बचाने में दिन-रात सड़कों पर दौड़ रही हैं। इनके अलावा राज्य सरकार की अनुदान योजना से भी 670 निजी एंबुलेंस मरीजों को सेवा देने में जुटी है।
निजी एंबुलेंस को यदि छोड़ दिया जाए तो सरकार के स्तर पर दोनों स्तर की सेवाओं को जोड़कर 1400 एंबुलेंस अपनी सेवाएं दे रही हैं। अब सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाकर 2029 करने का निर्णय लिया है।
खरीदी जाएगी 629 नई एंबुलेंसएंबुलेंस के इस अंतर को समाप्त करने के लिए फिलहाल 629 नई एंबुलेंस खरीदी जाएगी। प्रस्ताव को स्वीकृति भी मिल चुकी है। सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार राज्य धारित 211 बेसिक लाइफ सेविंग एंबुलेंस, एजेंसी धारित 404 बेसिक लाइफ सेविंग एंबुलेंस, जबकि 14 एडवांस लाइफ सेविंग एबुलेंस की खरीद की जाएगी।
उद्यान निर्माण समेत सौंदर्यीकरण कार्य का प्रमुख ने किया उद्घाटनवहीं, दूसरी ओर सिवान प्रखंड के असांव स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय परिसर में उद्यान निर्माण समेत अन्य सौंदर्यीकरण कार्य का शनिवार की शाम प्रमुख राधा देवी व प्रधानाध्यापक जाहिद हुसैन अंसारी द्वारा फीता काटकर उद्घाटन किया गया।
प्रमुख ने बताया कि षष्टम वित्त आयोग योजना के तहत छह लाख रुपये की लागत से पार्क उद्यान समेत सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया है। उन्होंने बताया कि तीन साल में मेरे द्वारा लगातार प्रखंड क्षेत्र में सड़क, नाला, चारदीवारी, पेवर ब्लाक, पीसीसी सड़क, छठघाट, कब्रिस्तान समेत आदि विकास कार्य कराए गए हैं।
क्षेत्र में विकास कार्य करना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक और छात्र- छात्राओं ने प्रमुख को माला पहनाकर स्वागत किया।
इस मौके पर प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि पवन कुमार यादव, शिक्षक वशिष्ठ नारायण यादव, आत्मानंद पाठक, निरुपमा देवी, सुमिता देवी, रानी कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, अच्छेलाल राम, हीरालाल साह आदि उपस्थित थे।
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राज्य ब्यूरो,पटना। बिहार इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके पहले विभिन्न विभागों में ट्रांसफर-पोस्टिंग का सिलसिला जारी है। रविवार को अवकाश के दिन भी यह सिलसिला जारी रहा और दो आईपीएस सहित 108 डीएसपी के तबादले कर दिए गए। गृह विभाग की तरफ से तबादले की अधिसूचना जारी कर दी गई है। बिहार में चुनाव से पहले इन तबादलों को काफी अहम माना जा रहा है।
अधिसूचना के अनुसार आईपीएस अधिकारी और गृह रक्षा वाहिनी के समादेष्टा राजीव रंजन-1 को बिहार का एसपी (विधि-व्यवस्था) बनाया गया है। एआईजी कल्याण विशाल शर्मा को अपर निदेशक सह सहायक राज्य अग्निशमन पदाधिकारी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अधिसूचना के अनुसार राजगीर पुलिस अकादमी, अपराध अनुसंधान विभाग, ट्रैफिक विभाग,निगरानी अन्वेषण विभाग में नए डीएसपी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा मुंगेर, लखीसराय, पटना, भागलपुर के कहलगांव, मोतिहारी, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस समेत कई अनुमंडल और विभागों में नए डीएसपी तैनात किए गए हैं।
45 डीएसपी के तबादले की लिस्ट जारीकामिनी बाला को अपर पुलिस अधीक्षक विशेष स्वाभिमान विशेष सशस्त्र बल पुलिस बल बाल्मीकि नगर बगहा से अपर पुलिस अधीक्षक बनाकर बिहार पुलिस अकादमी राजगीर भेजा गया है। प्रितीश कुमार का तबादला महनार,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सोनपुर सारण के तौर पर किया गया है। सुनीता कुमारी को अपर पुलिस अधीक्षक अपराध अनुसंधान विभाग पटना बनाया गया है।
आलोक कुमार सिंह की यातायात पटना की जिम्मेदारी दी गई है। अजय प्रसाद का पदस्थापन पुलिस अधीक्षक अपराध अनुसंधान विभाग पटना में किया गया है। कुमार सागर का ट्रांसफर पुलिस अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना में किया गया है।
सुरभ सुमन का तबादला पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा बिहार पटना में किया गया है। अनिल कुमार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी खड़कपुर मुंगेर बनाया गया है। चंदन कुमार का ट्रांसफर सिवान किया गया है। नवल किशोर को सारण से मोतिहारी भेजा गया है, उन्हें पुलिस अधीक्षक यातायात मोतिहारी बनाया गया है।
अभिषेक आनंद को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर मुंगेर का बनाया गया है। राजेश कुमार का मुंगेर से तबादला करके उन्हें पुलिस उपाधीक्षक विशेष कार्य बल बिहार पटना में पदस्थापित किया गया है। अजीत प्रताप सिंह चौहान को पुलिस अधिक उपाधीक्षक साइबर क्राइम लखीसराय भेजा गया है।
शिवानंद सिंह को पुलिस उपाधीक्षक नगर व्यवस्था मध्य पटना की जिम्मेदारी दी गई है। कल्याण आनंद को डिहरी से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कहलगांव भागलपुर बनाया गया है। संजीव कुमार को पुलिस उपाधीक्षक विशेष शाखा बिहार पटना में बनाया गया है।
बसंती टुडू को सारण से पुलिस उपाधीक्षक दहेज निरोध एवं महिला कोषांग अपराध अनुसंधान विभाग बिहार पटना में भेजा गया है। संजीव कुमार को पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय मोतिहारी भेजा गया है। अमरेंद्र कुमार को बिहार भेजा गया है।
ट्रांसफर वाली लिस्ट में इनका भी नामओमप्रकाश सिंह, संतोष कुमार, सुमन कुमार शर्मा, पूनम कुमारी, नवीन कुमार, रामदुलार प्रसाद, सर्वेश्वर सिंह, कुमारी दुर्गा शक्ति, राजू कुमार सिंह, विपिन कुमार शर्मा, विनोद कुमार, सियाराम यादव, अनुराग कुमार, अभिषेक कुमार, प्रवीण कुमार, अजीत कुमार, स्वीटी सिंह, सुचित्रा कुमारी।
होली से पहले हुए इन तबादलों में ज्यादातर अधिकारियों को पटना भेजा गया है। तबादले की लिस्ट में शामिल नाम में सबसे ज्यादा ट्रांसफर पटना के लिए हुए हैं।
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PM Modi Bihar Visit: अप्रैल में बिहार आएंगे पीएम मोदी, 12 लाख सरकारी नौकरी की देंगे सौगात
राज्य ब्यूरो, पटना। PM Modi Bihar Visit: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष इसकी तैयारियों में जुट गया है। इसी क्रम में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल में बिहार आएंगे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएम के बिहार दौरे के बारे में जानकारी दी। इससे पहले पीएम फरवरी महीने में बिहार के भागलपुर आए थे, इस दौरान उन्होंने कई योजनाओं की सौगात दी।
बिहटा एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे पीएम मोदीउपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल में बिहार आएंगे, उनसे बिहार आने का आग्रह किया गया है। पीएम पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन और बिहटा एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे। कुछ नई योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन भी पीएम मोदी करेंगे।
प्रदेश में 38 लाख रोजगार दिए जाएंगे- सम्राट चौधरी भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के लिए पीएम-सीएम प्रतिबद्ध हैं।
- 2027 तक 4 घंटे में लोग पटना आ सकेंगे। इस अवधि तक 50 लाख लोगों को सेट करने की तैयारी है। इसमें 12 लाख सरकारी नौकरी और 38 लाख रोजगार दिए जाएंगे।
राजद पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के कारण ही मंडल आयोग पारित हुआ। अतिपिछडों को आरक्षण दिया। राजद और कांग्रेस द्वारा इसका विरोध किया जा रहा था।
बजट की योजनाओं को सराहाबिहार का बजट किसान, नौजवानों के हित में है। 2005 के पहले बिहार खटारा स्थिति में था, अब बिहार की स्थिति बदल रही है। प्रखंडों में तरकारी आउटलेट खोले जाएंगे। दलहन की खरीदारी होगी। सभी प्रखंड व अनुमंडल में कोल्ड स्टोरेज बनाया जाएगा।
300 से अधिक डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। वेंडिंग जोन बनेगा। पिंक बस चलाई जाएगी, इसमें केवल महिला ही सफर करेंगी। पटना में जिम ऑन व्हील खुलेंगे।
300 अतिरिक्त हेल्थ सेंटर खुलेंगे। पीपीपी मॉडल से मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। गुड़ का सेंटर ऑफ एक्सेलेंस बनेगा। डेटा सेंटर बनाया जाएगा। नीतीश सरकार में बिहार को समृद्ध बनाया जा रहा है।
24 फरवरी को भागलपुर आए पीएम मोदीइस साल फरवरी महीने में भी पीएम मोदी बिहार के भागलपुर आए थे। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई पीएम किसान योजना की 19वीं किस्त जारी की।
इसके साथ ही कई विकास योजनाओं का उद्घाटन भी किया। इस दौरान पीएम के साथ कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी के कई दिग्गज नेता भी मौजूद रहे।
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Bihar News: पटना में बर्ड फ्लू की पुष्टि से हड़कंप, मारी गईं 35 मुर्गियां; बचाव के लिए रखें ये सावधानियां
जागरण संवाददाता, पटना। Bird Flu: देश के कई राज्यों, प्रदेश के जहानाबाद जिले के बाद अब बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा ए (H5N1) वायरल राजधानी पटना भी पहुंच चुका है। शनिवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) पूर्वी के परिसर में एहतियात बरतते हुए 35 मुर्गियों को सुरक्षित तरीके से मारा गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
सिविल सर्जन ने दिए ये आदेशसिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा प्रभारियों को अपने क्षेत्र में पक्षियों की असामान्य मृत्यु होने पर तत्काल उसकी जानकारी जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत कुमार सिंह को देने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा रोकथाम के लिए गाइडलाइन भी जारी की गई है। सिविल सर्जन ने आमजन से भी असामान्य रूप से पक्षियों की मृत्यु की सूचना नजदीकी अस्पताल में देने की अपील की है।
क्या है मामलाआइसीएआर पूर्वी स्थित पोल्ट्री फार्म में 27 फरवरी को असामान्य तरीके से मुर्गियों की मृत्यु हुई थी। 28 फरवरी को निदेशक ने इनके नमूने जांच के लिए भोपाल भिजवाने के साथ प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी को निस्तारित कराया था।
भोपाल से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू के कारण मुर्गियों की मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद फार्म में रखी 35 से अधिक मुर्गियों को शुक्रवार को प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मार दिया गया। इसके अलावा एनिमल हसबैंड्री कार्यालय के सभी ब्लॉक ऑफिस को सेनेटाइज किया गया।
तीन किलोमीटर के दायरे में खांसी-बुखार रोगियों की निगरानीभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पोल्ट्री फार्म में एवियन एंफ्लुएंजा की पुष्टि के बाद इसके तीन किलोमीटर के दायरे में खास निगरानी बरती जा रही है।
बुखार-खांसी एवं वैसे व्यक्ति जो सात दिन के अंदर किसी मृत पक्षी के संपर्क में आए हों और खांसी बुखार हो तो इसकी जानकारी आइडीएसपी सेल को उपलब्ध कराने को कहा गया है। चिह्नित मरीजों के नमूनों की आरएमआरआइ में जांच कराई जाएगी।
दिखे ये लक्षण तो अस्पताल में सूचना दे कराएं जांच- महामारी पदाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि बर्ड फ्लू पक्षियों में होने वाला अत्यंत संक्रामक रोग है। संक्रमित पक्षी के संपर्क में आने से यह रोग मनुष्यों में भी फैल सकता है।
- सांस लेने में तकलीफ, तेज बुखार, शरीर में तेज दर्द, जुकाम, नाक बहना, आंखें लाल होना या जलन, निमोनिया आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं।
- इसके अलावा बीमार मुर्गियों या अस्वाभाविक रूप से मृत पक्षियों के सीधे संपर्क में नहीं आने को कहा गया है। छूना ही पड़े तो दस्ताने व मास्क आदि का इस्तेमाल करें। बीमार पक्षियों के पंख, म्यूकस या बीट को न छूएं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो बर्ड फ्लू के दौरान चिकन और अंडे खाना पूरी तरह से सुरक्षित है। इन्हें खाने से किसी तरह की कोई समस्या नहीं है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि बनाते और खाते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि चिकन और अंडे अच्छी तरह से पकाए गए हों।
अंडा और चिकन खाते समय निम्न बातों का ध्यान जरूर रखेंठीक से पकाने के बाद सुरक्षित पर सावधानी जरूरी- बर्ड फ्लू की आशंका अंडे या चिकन को अच्छे से पकाकर खाने पर खत्म हो जाती है, लेकिन इसके लिए कई सावधानियां बरतना जरूरी है।
- कच्चे अंडे या चिकेन को छूने के बाद साबुन व गर्म पानी से हाथ ठीक से धोएं। उबले-तले अंडे सुरक्षित लेकिन हाफ फ्राई या आधे उबले अंडे बीमारी का कारण बन सकते हैं।
- कच्चा चिकन जहां-जहां संपर्क में आया हो उसे अच्छे से साफ कर लें। 165-175 फारेनहाइड तक के तापमान में पकाने के बाद यह सुरक्षित हो जाता है।
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Bihar News: बच्चों की शिक्षा के लिए मुकेश सहनी ने बिहार वासियों से की अपील, कहा- हम भी गरीब के घर...
राज्य ब्यूरो, पटना। विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के संस्थापक मुकेश सहनी ने शुक्रवार को लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी अपने बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए सपने देखिए। जब सपने देखेंगे तभी उसे पूरा करने के लिए प्रयास करेंगे। वह शनिवार को वैशाली जिला के भगवानपुर प्रखंड के पट्टी बंधू राय में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
अधिकार के लिए करेंगे संघर्ष- मुकेश सहनी ने कहा कि जब बच्चे शिक्षित हो जाएंगे तो वे अपना अधिकार समझेंगे और उसे लेने के लिए संघर्ष करेंगे।
- उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि हम भी गरीब के घर में ही पैदा हुए थे, लेकिन संघर्ष कर मुंबई में मुकाम बनाया।
- वहां अच्छी जिंदगी जी रहे थे, लेकिन हमें अपने समाज की चिंता सताने लगी। हम बिहार की धरती पर अपने समाज के लिए संघर्ष करने पहुंच गए।
सहनी ने कहा कि आज लोग चांद पर घर बनाने की सोच रहे हैं, लेकिन हमारे समाज के लोगों के लिए जमीन पर भी घर नहीं है। आज निषाद के आरक्षण के लिए हम लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों में यह आरक्षण है।
इसके लिए हम सबको आने वाली पीढ़ी के लिए लड़ना होगा। अगर हम पहले जाग गए होते तो निषाद को आरक्षण मिल गया होता। आज सभी जातियों के लोग कलेक्टर मिल जाएंगे, लेकिन निषाद का बेटा नहीं मिलेगा।
गया : शैक्षिक सत्र शुरू होते ही बच्चों को किताब उपलब्ध कराने में जुटा शिक्षा विभागजिले में 2919 प्रारंभिक विद्यालय हैं, जहां पहली से आठवीं कक्षा में 58, 725 छात्र-छात्रा नामांकित हैं। इनका शैक्षिक सत्र अप्रैल माह से शुरू होगी। इसके पूर्व शिक्षा विभाग सभी बच्चों को निशुल्क में कोर्स की किताबों के साथ स्टूडेंट डायरी उपलब्ध कराने में जुटा है।
बीआरसी में सुरक्षित रखी किताबेंनगर निगम सहित 24 प्रखंड संसाधन केंद्र में दूसरी कक्षा के हिन्दी भाषी बच्चों के लिए 48,510 सेट , उर्दू भाषी बच्चों के लिए 424 सेट एवं विभिन्न तरह के 1327 सेट किताबें आई है।
वहीं चौथी कक्षा के हिन्दी भाषी बच्चों के लिए 54,507 सेट, उर्दू भाषी बच्चों के लिए 742 तो विभिन्न तरह के 1826 सेंट किताबें आई है, जो सभी बीआरसी में प्लास्टिक के बोरे में सुरक्षित रखी है।
अप्रैल में बांटी जाएंगी किताबेंपहली से आठवीं कक्षा के बच्चों के वार्षिक परीक्षा 20 मार्च हो समाप्त हो जाएगी। उसके बाद उत्तर पुस्तिका की मूल्यांकन होगा। परीक्षा परिणाम का ग्रेडिंग प्रकाशित होने के बाद बच्चों का नामांकन दूसरे कक्षा में किया जाएगा।
इन सारी प्रक्रिया को पूरा करने में मार्च माह समाप्त हो जाएगी। अप्रैल माह प्रारंभ होते ही बच्चों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। उसके पहले सभी बच्चों के हाथ में किताबें दी जाएंगी।
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Bihar Weather: बिहार में अगले 72 घंटे में फिर बदलने वाला है मौसम, IMD के अलर्ट से बढ़ी लोगों की परेशानी
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather: प्रदेश के मौसम में इन दिनों तेजी से बदलाव जारी है। पछुआ के कारण मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार 72 घंटों के दौरान अधिकतम व न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस वृद्धि की संभावना है। पछुआ के कारण सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव बना रहने के आसार हैं।
सोमवार को बादल छाए रहने के आसारसोमवार को पटना व आसपास के इलाकों में शाम के समय आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। पछुआ की गति में कमी आने के कारण पटना सहित अधिसंख्य भागों के न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा। बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम व अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई।
शनिवार को हुआ तापमान में इजाफापटना के न्यूनतम तापमान में शनिवार को सामान्य से 1.3 डिग्री वृद्धि के साथ 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि, 11.2 डिग्री सेल्सियस के साथ औरंगाबाद में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
राजधानी के अधिकतम तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 32.6 डिग्री सेल्सियस के साथ खगड़िया में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
पटना सहित सभी जिलों में बढ़ा पाराशनिवार को पटना सहित सभी जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना व आसपास इलाकों का मौसम शुष्क बने होने के साथ सामान्य बना रहा।
प्रमुख शहरों के तापमान में हुई वृद्धिवैशाली के अधिकतम तापमान में 2.9 डिग्री, गया में 2.6 डिग्री, शेखपुरा में 2.8 डिग्री, बांका में 2.6 डिग्री, भागलपुर में 2.5 डिग्री, मुजफ्फरपुर में 2.2 डिग्री, भोजपुर में तीन डिग्री, सासाराम में 2.9 डिग्री।
औरंगाबाद में 2.6 डिग्री, नालंदा में 3.3 डिग्री, कटिहार में 1.3 डिग्री, समस्तीपुर में 2.4 डिग्री, मधेपुरा में 1.2 डिग्री, दरभंगा में 1.4 डिग्री, सुपौल में 1.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों का तापमान शहर अधिकतम(तापमान डिग्री सेल्सियस में) न्यूनतम(तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 30.6 16.8 गया 31.6 13.4 भागलपुर 30.3 15.0Traffic Police: बदल जाएगा बिहार का ट्रैफिक सिस्टम, होने जा रहा ये बड़ा काम; 58 करोड़ रुपये होंगे खर्च
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सभी जिलों में ट्रैफिक पुलिस को नए संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। यातायात व्यवस्था को सृदृढ़ करने के लिए बड़ी संख्या में बॉडी वार्न कैमरे, रोड बैरिकेड्स, डायवर्जन साइन बोर्ड आदि की खरीद होगी।
इतना ही नहीं, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को हेलमेट, एलईडी बैटन, रेनकोट आदि दिए जाएंगे। इन उपकरणों पर करीब 58 करोड़ 62 लाख की राशि खर्च की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव को गृह विभाग ने स्वीकृति दे दी है। इनमें 35 करोड़ की राशि राज्य स्कीम मद से खर्च होगी, जबकि शेष 23 करोड़ 62 लाख की राशि का व्यय बिहार सड़क सुरक्षा निधि से किया जाएगा।
7216 बॉडी वार्न कैमरों की होगी खरीदविभागीय जानकारी के अनुसार, सर्वाधिक 26 करोड़ 69 लाख की राशि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले बॉडी वार्न कैमरे पर खर्च की जाएगी। इससे 7216 बॉडी वार्न कैमरों की खरीद होगी।
यह बॉडी वार्न कैमरे सभी जिलों के ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान वर्दी के ऊपर लगाना अनिवार्य होगा, ताकि ई-चालान समेत अन्य गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जा सके। इससे ई-चालान की व्यवस्था में पारदर्शिता भी आएगी।
अभी पटना समेत कुछ प्रमुख शहरों में ही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को बॉडी वार्न कैमरा उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों के लिए सात हजार से अधिक ट्रैफिक हेलमेट, 7749-7749 रिफ्लेक्टिव जैकेट और रेनकोट की भी खरीद की जाएगी। करीब 5954 एलईडी बैटन भी खरीदा जाएगा।
सड़कों पर लगेंगे ब्लिंकर्स-बैरिकेड्ससड़क सुरक्षा के अंतर्गत सड़कों पर जगह-जगह साइनबोर्ड भी लगाए जाएंगे। इसके लिए दो हजार डायवर्जन साइन बोर्ड खरीदे जाएंगे। जनता को माइकिंग के जरिए जागरूक करने के लिए सौ वाट के 130 पब्लिक एड्रेस सिस्टम की भी खरीद की जाएगी।
आवश्यकतानुसार सड़कों या लेन को घेरने और बंद करने के लिए 5200 रोड बैरिकेड की भी खरीद होगी। इसके साथ ही स्टील के 2600 फोल्डेबल बैरिकेड भी खरीदे जाएंगे।
सड़कों पर रात के समय चमकने वाले 15 हजार 600 ब्लिंकर्स की खरीद पर भी करीब 3 करोड़ 74 लाख की राशि खर्च की जाएगी। कार के डैशबोर्ड पर लगाए जाने वाले 130 कैमरों की खरीद की भी स्वीकृति दी गई है।
इनकी होगी खरीद- 7216 - बाडी वार्न कैमरा
- 7749 - रेन कोट
- 7749 - रिफ्लेक्टिव जैकेट
- 7392 - ट्रैफिक हेलमेट
- 5954 - एलईडी बैटन
- 5200 - रोड बैरिकेड्स
- 2600 - फोल्डेबल बैरिकेड्स
- 2000 - डायवर्जन साइन बोर्ड
- 15,600 - ब्लिंकर्स
- 2000 - प्लास्टिक सुरक्षा कोण
- 130 - कार डैशबोर्ड कैमरा
- 130 - पब्लिक एड्रेस सिस्टम
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